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  • समर्थन मूल्य पर सात मार्च तक होगा गेहूं उपार्जन के लिये पंजीयन

    समर्थन मूल्य पर सात मार्च तक होगा गेहूं उपार्जन के लिये पंजीयन


    भोपाल! 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में गेहूं का उपार्जन के लिये पंजीयन 7 फरवरी से आरंभ हो गया है, यह 7 मार्च तक जारी रहेगा। प्रदेश में 3186 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं। गेहूं का समर्थन मूल्य गत वर्ष से 160 रुपए अधिक है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सकारात्मक संदेश मिला है। प्रदेश में मातृ मृत्यु दर 173 से घटकर 142 और शिशु मृत्यु दर 41 से घटकर 37 हो गई है। टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम में मध्यप्रदेश देश के 5 शीर्ष राज्यों में शामिल है। सिकल सेल उन्मूलन के लिए प्रदेश में व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। आयुष्मान योजना के माध्यम से उपचार में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। एयर एंबुलेंस सेवा और राहवीर योजना के क्रियान्वयन में भी निरंतर प्रगति हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले हुए वंदे मातरम के सामूहिक गान के बाद, अपने संबोधन में यह जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आहवान किया कि सभी जिलों में विक्रमोत्सव और गुड़ी पड़वा का पर्व उल्लास और उत्साह से मनाया जाए। उन्होंने कहा कि इसके तत्काल बाद प्रदेश में जल गंगा अभियान आरंभ हो जाएगा जो 3 महीने तक जारी रहेगा। उन्होंने मंत्रीगण को अपने-अपने जिलों में अभियान की गतिविधियों के व्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश को नक्सलियों से मुक्त करने के उपलक्ष में 9 फरवरी को बालाघाट में आयोजित कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाकौशल क्षेत्र की कृषि कैबिनेट बालाघाट में की जाएगी, जो पूरे क्षेत्र को विकास की मुख्य धारा में लाने के संकल्प का प्रतीक होगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश को रेल के क्षेत्र में सिंगरौली जबलपुर ट्रेन की सौगात प्राप्त होने वाली है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रेस्क्यू सेंटर और जू एक साथ विकसित करने की योजना है, इसके अंतर्गत जबलपुर और उज्जैन में गतिविधियां आरंभ हुई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जहां अभयारण्य हैं वहां रेस्क्यू सेंटर की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य जीव पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिये पर्यटन, वन और संस्कृति विभाग समन्वित रूप से कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में चीतों के परिवार में वृद्धि की बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया मैं विलुप्त हो रही वन्य प्रजाति पुनर्जीवित हो रही है। प्रदेश में चीतों की संख्या 35 हो गई है। उन्होंने बताया कि जल्द ही और भी खुशखबरी मिलेगी। उन्होंने बताया कि इंदौर जू से भी व्हाइट टाइगर की संख्या में वृद्धि का शुभ समाचार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव से प्रदेश में वन्य जीवों के पुनर्स्थापना के संबंध में हुई चर्चा के परिणाम स्वरूप अब प्रदेश में जंगली भैंसा भी लाए जा रहे हैं। साथ ही बोत्सवाना से 8 चीते 28 फरवरी को प्रदेश में लाऐ जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि धान का समर्थन मूल्य 2369 रुपए रखा गया है, जो पिछली बार की एमएसपी से अधिक है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 51 लाख 74 हजार मीट्रिक टन धान का उत्पादन हुआ। प्रदेश में 8 लाख 59 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया, जिसमें से 7 लाख 89 हजार से अधिक किसानों ने स्पॉट बुकिंग कर धान उत्पादन में अपना योगदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा इस वर्ष प्रदेश में गेहूं की पर्याप्त पैदावार होने की संभावना है, राज्य सरकार के पास भंडारण की समुचित व्यवस्था है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंत्रीगण अपने-अपने क्षेत्र में वस्त्र उद्योग इकाई स्थापना की संभावनाओं को भी देखें तथा मूलभूत आवश्यकता वाले रोजगारपरक टेक्सटाइल यूनिटों की अपने-अपने क्षेत्रों में स्थापना के लिए प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत दिवस हुई उनकी हरिद्वार यात्रा के संबंध में भी जानकारी दी।

  • राजपाल यादव: कॉमेडी किंग की मुश्किल राह, जेल की सलाखों के पीछे और करोड़ों का कर्ज

    राजपाल यादव: कॉमेडी किंग की मुश्किल राह, जेल की सलाखों के पीछे और करोड़ों का कर्ज


    नई दिल्ली । बॉलीवुड में अपनी अद्भुत कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को लोटपोट करने वाले अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों अपने जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। भूल भुलैया के छोटा पंडित हों या हंगामा के राजा हर किरदार से घर-घर में पहचान बनाने वाले इस कलाकार को हाल ही में दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा है। यह पूरा मामला साल 2010 का है जब राजपाल ने अपनी फिल्म अता पता लापता के निर्देशन के लिए 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही और यह कर्ज समय के साथ बढ़ता चला गया। आज ब्याज समेत यह राशि 9 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है जिसे चुकाने में असमर्थता जताने के बाद कानून का शिकंजा उन पर कस गया है।

    राजपाल यादव की इस गिरफ्तारी ने फिल्म इंडस्ट्री में उनकी फीस और आर्थिक स्थिति को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं। ताज्जुब की बात यह है कि दशकों का अनुभव और हर बड़ी फिल्म का हिस्सा होने के बावजूद मुख्य अभिनेताओं की तुलना में उनकी फीस काफी कम है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार वरुण धवन की फिल्म बेबी जॉन के लिए राजपाल को केवल 1 करोड़ रुपये मिले जो मुख्य अभिनेता की फीस का महज 4 प्रतिशत था। पिछले दो-तीन वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो उन्होंने कटहल और ड्रीम गर्ल 2 जैसी फिल्मों के लिए करीब 1-1 करोड़ रुपये लिए जबकि भूल भुलैया 3 जैसी बड़ी फ्रेंचाइजी के लिए उन्हें 2 से 3 करोड़ रुपये के बीच भुगतान किया गया। औसतन उनकी एक फिल्म की कमाई 1 से 2 करोड़ रुपये के आसपास ही रहती है।

    आर्थिक तंगी और जेल की खबरों के बीच राजपाल यादव का आने वाला फिल्मी कैलेंडर काफी व्यस्त नजर आ रहा है। 2025 और 2026 में उनके पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं जो उनके करियर को फिर से पटरी पर ला सकते हैं। अक्षय कुमार के साथ उनकी केमिस्ट्री हमेशा सुपरहिट रही है और आने वाले समय में वे भूत बंगला 10 अप्रैल 2026 और मल्टी-स्टारर फिल्म वेलकम टू द जंगल 26 जून 2026 में कॉमेडी का तड़का लगाते दिखेंगे। इसके अलावा विवश टैक्सी में भूत है और सामाजिक मुद्दे पर आधारित फिल्म काम चालू है जैसी फिल्में भी कतार में हैं।

    वर्तमान में जब राजपाल तिहाड़ जेल में हैं फिल्म जगत के उनके साथी जैसे सोनू सूद और गुरमीत चौधरी उनके समर्थन में आगे आए हैं। राजनीतिक गलियारों से तेज प्रताप यादव ने भी उनकी मदद का हाथ बढ़ाया है। फैंस को उम्मीद है कि वह जल्द ही इन कानूनी उलझनों से बाहर निकलेंगे और अपनी कॉमेडी से एक बार फिर सिनेमाघरों में हंसी के ठहाके गूंजने पर मजबूर कर देंगे।

  • महाकाल वन मेला "समृद्ध वन, खुशहालजन थीम पर 11 से 16 फरवरी तक

    महाकाल वन मेला "समृद्ध वन, खुशहालजन थीम पर 11 से 16 फरवरी तक


    उज्‍जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन में बुधवार को शाम 4 बजे दशहरा मैदान, सेठी नगर उज्जैन में वन मेले का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एम.एफ.पी. पार्क द्वारा निर्मित प्राकृतिक “होली रंग गुलाल” एवं “महाकाल स्मृति उपहार” का विमोचन करेंगे। साथ ही वन विभाग की एक नवीन पहल “महाकाल वन प्रसादम” का भी शुभारंभ करेंगे। महाकाल वन मेला “समृद्ध वन, खुशहालजन” थीम पर आधारित होगा, जो 11 से 16 फरवरी 2026 तक चलेगा। महाकाल की नगरी उज्जैन में वन मेले का आयोजन पहली बार किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव वन विभाग की प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन करेंगे। साथ ही वन मंडलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक, जिला यूनियन दक्षिण पन्ना एवं वन रक्षक, जिला यूनियन दक्षिण पन्ना को प्रशस्ति-पत्र प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में वन, पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप सिंह अहिरवार, अपर मुख्य सचिव वन एवं प्रशासक, मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ श्री अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही.एन. अंबाडे और प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश राज्य लघु वनोपज संघ डॉ. समिता राजौरा उपस्थित रहेंगे।

    मेले में प्रदेश के वनवासियों द्वारा एकत्र की जाने वाली अकाष्ठीय वनोपज के प्रदर्शन, संरक्षण, संवर्धन, प्रसंस्करण एवं विपणन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मेले का आयोजन किया जा रहा है। वन मेला प्रदेश की समृद्ध जैव विविधता के वैभव को प्रदर्शित करने का एक सशक्त माध्यम है। अकाष्ठीय वनोपज संग्राहक, वन धन केन्द्रों, प्राथमिक लघु वनोपज समितियाँ, व्यापारीगण, हर्बल और आयुर्वेदिक उद्योग के प्रतिनिधि इस आयोजन में भाग लेंगे और अपने उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय करेंगे। वनों में उपलब्ध अकाष्ठीय वनोपज व्यापक तौर पर ग्रामीण आजीविका का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रदेश में अकाष्ठीय वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो लाखों लोगों की आजीविका से जुड़ा हुआ है।

    वन मेले में लगभग 250 भव्य एवं आकर्षक स्टॉल्स लगाये जा रहे हैं, जिसमें 16 स्टॉल्स विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी के लिये, 76 स्टॉल्स प्राथमिक लघु वनोपज समितियों एवं वन धन केन्द्रों के लिये, एक भव्य स्टॉल विंध्य हर्बल्स के लिये, 5 स्टॉल्स लघु वनोपज के जीवंत प्रदर्शन के लिये, ओपीडी (नि:शुल्क चिकित्सीय परामर्श) के लिये 50 स्टॉल्स आरक्षित रखे गये हैं। इसके अलावा 76 स्टॉल्स निजी क्षेत्र के स्टॉल धारकों के लिये और 16 स्टॉल्स फूड जेन के लिये रखे गये हैं। मेले में किड्स जोन, व्हील चेयर्स, गोल्फ कार्ट, सिटिंग एरिया, वॉटर पाइंट, सेल्फी पाइंट की सुविधाएँ भी आगंतुकों को उपलब्ध रहेंगी। मेले में क्रेता-विक्रेता सम्मेलन, आयुर्वेर्दिक डॉक्टर्स एवं परम्परागत वैद्यों द्वारा नि:शुल्क चिकित्सीय परामर्श, ज्ञानवर्धक सांस्कृतिक कार्यक्रम और परम्परागत भोज्य पदार्थों की उपलब्धता रहेगी।

    वन मेले में चीता परिवार एवं डायनासोर का विशाल स्कल्पचर, वरिष्ठ नागरिकों के लिये व्हील-चेयर एवं गोल्फ कॉर्ट की सुविधा, ओपीडी में उपचार कराने वाले लोगों के लिये पृथक से बैठक व्यवस्था, महाकाल मंदिर से मेला परिसर तक नि:शुल्क बस सुविधा, बच्चों के लिये आकर्षक एवं मजेदार किड्स जोन की सुविधा, फूड जोन में बाँधवगढ़ का गोंडी व्यंजन, छिंदवाड़ा का वन भोज रसोई और अलीराजपुर का दाल पानिया आकर्षण का विशेष केन्द्र रहेगा।

  • Greater Noida में बड़े पैमाने पर चल रहा धर्मांतरण का खेल… हिन्दुओं को लालच देकर बनाया जा रहा ईसाई

    Greater Noida में बड़े पैमाने पर चल रहा धर्मांतरण का खेल… हिन्दुओं को लालच देकर बनाया जा रहा ईसाई


    ग्रेटर नोएडा।
    गौतम बुद्ध नगर जिले (Gautam Buddha Nagar District) में धर्मांतरण (Conversion.) के लिए लोगों को प्रलोभन देकर उकसाने का मामला पिछले पन्द्रह साल से चल रहा है। दादरी (Dadri) से इसकी शुरुआत हुई जो धीरे-धीरे कस्बे से निकलकर शहर की ओर बढ़ रहा है। हिंदू संगठनों का कहना है कि पुलिस इसमें कार्रवाई करती है लेकिन, इसकी जड़ तक नहीं पहुंच पाती। इससे यह मामला अब बड़े स्तर पर पहुंच गया है।


    15 साल से चल रहा धर्मांतरण का रैकेट

    दादरी कस्बे के गौतमपुरी मोहल्ले में करीब पन्द्रह साल पहले ईसाई धर्म के लोग दूसरे धर्म के लोगों को प्रलोभन देने के लिए रविवार को प्रार्थना सभा कराते थे। एक हिंदू संगठन से जुड़े पदाधिकारी ने बताया कि मोहल्ले में सार्वजनिक स्थल पर चोरी छिपे सभा आयोजित की जाती थी, लेकिन इस धर्मांतरण को लेकर लोग जागरुक नहीं थे। कोई विरोध भी नहीं करता था। एक लाख रुपये का प्रलोभन देकर धर्म के प्रति लोगों को उकसाया जाता था। उसे दौरान कुछ लोगों ने इसकी शिकायत भी की थी। पुलिस मौके पर पहुंचती थी। इसके बाद धर्म परिवर्तन कराने वाले लोग वहां से भाग जाते थे।


    सेक्टर डेल्टा दो में भी ऐसा मामला सामने आया था

    सेक्टर डेल्टा-2 में हिंदू परिवार की महिला को ईसाई धर्म अपनाने के लिए लालच देने पहुंचीं महिलाओं समेत चार के खिलाफ केस दर्ज किया गया। सभी आरोपी घर में हिंदू परिवार की महिला को धन का लालच देकर धर्मांतरण का दबाव बना रहे थे।

  • देश में पांच साल में गड्ढों में गिरने से 9 हजार 109 लोगों की मौत… रोजाना 6 लोगों ने गंवाई जान

    देश में पांच साल में गड्ढों में गिरने से 9 हजार 109 लोगों की मौत… रोजाना 6 लोगों ने गंवाई जान


    नई दिल्ली।
    सड़क परिवहन मंत्रालय (Ministry of Road Transport) के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2019 से 2023 के बीच देश में सड़कों पर बने गड्ढों (Potholes Roads) के कारण हुए सड़क हादसों (Road Accidents) में 9,109 लोगों की मौत हुई थी.यह आंकड़ा साल दर साल बढ़ता ही जा रहा है.वर्ष 2022 में जहां ऐसे हादसों में 1,856 लोगों की मौत हुई, वहीं 2023 में यह आंकड़ा बढ़ कर 2,161 तक पहुंच गया.यानी उस साल रोजाना औसतन छह लोगों की मौत हुई थी.उसके बाद का आंकड़ा फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

    यह गड्ढे दोपहिया वाहनों और पैदल चलने वालों के लिए सड़क हादसे की सबसे प्रमुख वजह बन गए हैं.मानसून में यह समस्या बेहद गंभीर हो जाती है.बीते सप्ताह दिल्ली के जनकपुरी इलाके में जल बोर्ड की ओर से खोदे गए गड्ढे में गिरकर कमल नामक 25 वर्ष के एक युवक की मौत हो गई थी।

    अदालतों की फटकार भी बेअसर

    बंबई हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने बीते साल अक्तूबर में इन मौतों से संबंधित एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद ऐसे मामलों में मृतकों के परिजनों को कम से कम छह लाख मुआवजा देने का निर्देश दिया था.इससे पहले जुलाई 2018 में भी सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे ही एक मामले की सुनवाई करते हुए टिप्पणी की थी कि सड़कों पर बने गड्ढों के कारण होने वाले हादसों से साफ है कि इनके लिए जिम्मेदार अधिकारी सही तरीके से अपनी ड्यूटी नहीं निभा रहे हैं. शीर्ष अदालतों की टिप्पणी और फटकार के बावजूद यह समस्या कम होने की बजाय बढ़ती ही जा रही है।

    परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि सड़कों पर बने गड्ढे दोपहिया वाहनों के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं.सड़कों की मरम्मत के लिए जिम्मेदार नगर निगम, लोक निर्माण विभाग या नगरपालिकाएं अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाती.क्यों बनते हैं सड़कों पर गड्ढे?लेकिन आखिर सड़कों पर ऐसे गड्ढे क्यों हो जाते हैं और समय पर इनकी मरम्मत के उपाय क्यों नहीं किए जाते?

    इस सवाल पर लोक निर्माण विभाग के एक पूर्व इंजीनियर समरेश भट्टाचार्य डीडब्ल्यू से कहते हैं, “मानसून के सीजन में सड़कों पर पानी भरना और रिसना इसका एक प्रमुख कारण है.ज्यादातर मामलों में सड़कों पर भरे पानी को निकालने के लिए ड्रेनेज सिस्टम ठीक नहीं होता. उस दौरान भारी वाहनों के गुजरने के कारण सड़कों पर गड्ढे बन जाते हैं.इसके अलावा सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल भी दूसरी बड़ी वजह है”समरेश का कहना है कि कई बार बिजली और जल निगम जैसे विभाग भी सड़कों पर गड्ढे खोदकर उनको जस का तस छोड़ देते हैं.विभिन्न विभागों के बीच तालमेल की कमी इस समस्या को और गंभीर बना देती है.उनके मुताबिक, कोई बड़ा हादसा होने के बाद राजनीतिक तौर पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो जाता है और तमाम विभाग अपना पल्ला झाड़ने लगते हैं.

    मुआवजे की कोई गारंटी नहीं

    एक गैर-सरकारी संगठन के संयोजक मोहम्मद तस्लीम डीडब्ल्यू से कहते हैं, “हाल की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि गड्ढों के कारण रोजाना 19 सड़क हादसे होते हैं और इनमें औसतन छह लोगों की मौत हो जाती है.इसके अलावा कई लोग गंभीर रूप से घायल होकर जीवन भर के लिए अपाहिज हो जाते हैं.ऐसे लोगों का कोई आंकड़ा नहीं है” उनके मुताबिक, ऐसे हादसों में वाहनों को होने वाले नुकसान का भी कोई आंकड़ा कहीं नहीं मिलता. क्या ऐसे हादसों से प्रभावित लोगों को कानूनी तौर पर मुआवजा मिल सकता है?

    कलकत्ता हाईकोर्ट के एक एडवोकेट दीपक कुमार डीडब्ल्यू से कहते हैं, “सैद्धांतिक तौर पर प्रभावित लोग या उनके परिजन मुआवजे के हकदार हैं.लेकिन न्याय का रास्ता लंबा और जटिल है और उसके बाद भी जीत की कोई गारंटी नहीं है.कानूनी खामियों का फायदा उठा कर अक्सर तमाम विभाग एक-दूसरे पर अंगुली उठा कर बच निकलते हैं”हादसों को कैसे रोका जाएपरिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ जगह एआई तकनीक वाले कैमरे से सड़कों पर बने गड्ढों का पता लगा कर उनकी मरम्मत का काम जरूर किया जा रहा है लेकिन यह नाकाफी है.समरेश कहते हैं कि ऐसे हादसों पर अंकुश लगाने के लिए विभागों की जवाबदेही तय करनी होगी और तय समय सीमा के भीतर गड्ढों की मरम्मत नहीं करने की स्थिति में उन पर भारी जुर्माना लगाना होगा.वहीं मोहम्मद तस्लीम का कहना है कि समस्या तकनीक या पैसों की नहीं बल्कि इच्छाशक्ति और सोच की है.जब तक संबंधित विभागों का रवैया लापरवाह रहेगा, ऐसे हादसे बढ़ते ही रहेंगे.सड़क जैसे आधारभूत ढांचे के प्रबंधन पर गंभीरता से ध्यान दिया जाने की जरूरत है।

  • टीना अंबानी ने 40 हजार करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस ED के सामने पेश होने से किया इन्कार

    टीना अंबानी ने 40 हजार करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस ED के सामने पेश होने से किया इन्कार


    मुम्बई।
    बिजनेसमैन अनिल अंबानी (Businessman Anil Ambani) की पत्नी टीना अंबानी (Tina Ambani) ने आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश होने से इनकार कर दिया है। ईडी लगभग 40,000 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामलों (Money laundering cases) की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी इस मामले में टीना अंबानी को नया समन जारी करेगी। प्रवर्तन निदेशालय ने अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (ADAG) और उससे जुड़ी संस्थाओं से जुड़े 40,000 करोड़ रुपये के कथित बैंकिंग और कॉर्पोरेट घोटाले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।

    एक खबर में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि SIT का नेतृत्व संघीय जांच एजेंसी की मुख्यालय जांच इकाई (HIU) में अतिरिक्त निदेशक स्तर के अधिकारी कर रहे हैं और इसमें आधा दर्जन अन्य जांचकर्ता शामिल हैं। यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा ADAG के खिलाफ मामलों की समीक्षा करने के बाद उठाया गया है। पिछले सप्ताह, सर्वोच्च न्यायालय ने ईडी को एक SIT गठित करने का निर्देश दिया था जो मामले में निष्पक्ष, स्वतंत्र, त्वरित और निष्पक्ष जांच करेगी। अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को कथित सांठगांठ, मिलीभगत और साजिश की जांच करने और अपनी जांच को तार्किक निष्कर्ष तक ले जाने के लिए कहा था।

    ईडी पिछले साल से अनिल अंबानी और उनकी रिलायंस समूह की कंपनियों की जांच कर रहा है। अब तक एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत तीन प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ECIRs) दर्ज की हैं। इसके अलावा, 12,000 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क भी की गई है। अनिल अंबानी से पिछले साल उनकी समूह की कंपनियों के कथित बैंक ऋण अनियमितताओं के लिए ईडी द्वारा पूछताछ की गई थी। कंपनी के एक पूर्व शीर्ष कार्यकारी और RCOM के पूर्व अध्यक्ष, पुनीत गर्ग को हाल ही में एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किया गया है। अनिल अंबानी समूह की कंपनियों ने अतीत में किसी भी गलत काम से इनकार किया है।

  • टी20 वर्ल्ड कप के बीच बीमार हुए अभिषेक शर्मा…. अस्पताल में कराया भर्ती, टीम इंडिया की टेंशन बढ़ी

    टी20 वर्ल्ड कप के बीच बीमार हुए अभिषेक शर्मा…. अस्पताल में कराया भर्ती, टीम इंडिया की टेंशन बढ़ी


    नई दिल्ली।
    टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup) के बीच टीम इंडिया (Team India) के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) को लेकर बुरी खबर सामने आ रही है। पेट में इनफेक्शन (Stomach Infection) के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। भारत का अगला टी20 मुकाबला 12 फरवरी को नामीबिया के खिलाफ है। इस मैच में अभिषेक शर्मा का खेलना मुश्किल दिखाई दे रहा है। यूएई के खिलाफ पहले मैच के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) और तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने भी बताया था कि अभिषेक शर्मा के पेट में दिक्कत चल रही है। अभिषेक शर्मा यूएसए के खिलाफ पहले मुकाबले में गोल्डन डक पर आउट हुए थे।

    अभिषेक शर्मा को पेट में संक्रमण हुआ है और उन्हें बुखार भी है। रविवार को मुख्य कोच गौतम गंभीर के घर हुए टीम डिनर में भी उनकी तबीयत ठीक नहीं लग रही थी। वह थोड़ी देर में ही वहां से चले गए थे। सोमवार को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंगलवार को भी वह वहीं भर्ती रहे। फिलहाल टीम प्रबंधन उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अगर अभिषेक फिट नहीं हुए तो संजू सैमसन, ईशान किशन के साथ ओपनिंग करेंगे।


    अभिषेक शर्मा की जगह संजू सैमसन को मिल सकता है मौका

    अभिषेक शर्मा का नामीबिया के खिलाफ मुकाबला खेलना मुश्किल नजर आ रहा है। ऐसे में ईशान किशन के साथ ओपनिंग करने का मौका संजू सैमसन को मिल सकता है। संजू सैमसन का चयन टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में बतौर ओपनर ही हुआ था, मगर न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में बुरी तरह फेल होने के बाद वह बैकअप ओपनर बन गए।

    अगर नामीबिया के खिलाफ उन्हें खेलने का मौका मिलता है तो वह इसे बुनाना चाहेंगे। वहीं अभिषेक शर्मा के बाहर होने के बाद तेजी से रन बनाने का दबाव ईशान किशन पर होगा, जो इस समय जबरदस्त फॉर्म में हैं। ईशान किशन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ बल्ले से खूब तबाही मचाई थी।


    क्या पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले फिट हो पाएंगे अभिषेक शर्मा?

    इंडिया वर्सेस पाकिस्तान ‘महामुकाबला’ 15 फरवरी को कोलंबो में खेला जाना है। अभी इस मैच को 4 दिन बाकी है। ऐसे में यह कहना मुश्किल होगा कि अभिषेक शर्मा पाकिस्तान के खिलाफ खेल पाएंगे या नहीं। देखना होगा कि अस्पताल से डिस्चार्ज होकर अभिषेक शर्मा की फिटनेस कैसी है और वह पाकिस्तान के खिलाफ मैच के लिए फिट भी हैं या नहीं।

  • US में H1B वीजा स्कीम को पूरी तरह बंद करने की तैयारी, रिपब्लिकन प्रतिनिधि ने पेश किया नया बिल

    US में H1B वीजा स्कीम को पूरी तरह बंद करने की तैयारी, रिपब्लिकन प्रतिनिधि ने पेश किया नया बिल


    वाशिंगटन।
    एक रिपब्लिकन प्रतिनिधि ग्रेग स्ट्यूबी (Republican Representative Greg Steube) ने अमेरिका (America) में H1B वीजा योजना (H1B Visa Scheme) को खत्म करने के लिए एक नया विधेयक (New Bill) सोमवार को पेश किया है। उन्होंने कहा कि यह योजना अमेरिकी नागरिकों के बजाय विदेशी कामगारों को ज्यादा प्राथमिकता देती है। इससे स्थानीय लोगों को नुकसान होता है। स्ट्यूबी ने इस विधेयक की घोषणा की। इसका सबसे ज्यादा असर भारतीयों पर पड़ेगा।

    इस प्रस्तावित कानून का नाम ‘एंडिंग एक्सप्लॉइटेटिव इम्पोर्टेड लेबर एग्जेम्प्शंस एक्ट’ है, जिसे संक्षेप में एक्साइल एक्ट कहा जा रहा है। इस विधेयक के जरिये आव्रजन और राष्ट्रीयता अधिनियम में बदलाव करने का प्रस्ताव है, ताकि H1B वीजा योजना को पूरी तरह बंद किया जा सके। स्ट्यूब ने कहा कि अमेरिकी नागरिकों की भलाई और समृद्धि के बजाय विदेशी कामगारों को प्राथमिकता देना हमारे मूल्यों और राष्ट्रीय हितों को कमजोर करता है। हमारे कर्मचारियों और युवाओं को H1B वीजा प्रोग्राम से लगातार बेघर किया जा रहा है। साथ ही उनको उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा।

    उन्होंने कहा कि हम अपने बच्चों के लिए अमेरिकी सपने को तब तक सुरक्षित नहीं रख सकते जब तक हम उनका हिस्सा गैर-नागरिकों को देते रहेंगे। इसलिए मैं काम करने वाले अमेरिकियों को फिर से प्राथमिकता देने के लिए एक्साइल बिल पेश कर रहा हूं।


    विधेयक में क्या है?

    स्ट्यूबी के कार्यालय के मुताबिक (एक्साइल एक्ट) H1B वीजा प्रोग्राम को पूरी तरह से खत्म करने के लिए आव्रजन और राष्ट्रीयता अधिनियम के सेक्शन 214(जी)(1)(ए) में बदलाव करेगा। साल 2027 से हर वित्तीय वर्ष में H1B वीजा की संख्या शून्य कर दी जाएगी।


    क्या है H1B वीजा?

    H1B वीजा अमेरिका का एक नॉन-इमिग्रेंट वर्क वीजा है। इसके तहत अमेरिकी कंपनियों को तकनीक, इंजीनियरिंग, चिकित्सा और वित्त जैसे विशेष क्षेत्रों में विदेशी कर्मचारियों को नौकरी देने की अनुमति मिलती है।


    योजना की शुरुआत इसलिए हुई

    H1B वीजा योजना को शुरू इसलिए किया गया था ताकि विशेष योग्यता वाले विदेशी विशेषज्ञ अमेरिका में काम कर सकें। समय के साथ यह भारत और चीन जैसे देशों के पेशेवरों के लिए अमेरिका में काम करने का बड़ा रास्ता बन गई, लेकिन नौकरियों, वेतन और आव्रजन नीति को लेकर यह लगातार राजनीतिक बहस का विषय भी बनी हुई है।


    भारतीय पेशेवर पर सीधा असर

    H1B वीजा का सबसे ज्यादा इस्तेमाल भारतीय प्रोफेशनल्स अमेरिका में काम और रहने के लिए करते हैं। आधिकारिक दावे के मुताबिक H1B वीजा पाने वालों में 70 प्रतिशत से ज्यादा भारतीय हैं और इनमें बड़ी संख्या युवा कर्मचारियों की है। इस वजह से संसद में पेश इस बिल का असर सीधे तौर पर भारतीय आईटी और टेक प्रोफेशनल्स पर पड़ सकता है।


    अभी परीक्षा बाकी है

    H1B वीजा खत्म करने से जुड़ा यह विधेयक फिलहाल अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधिसभा में पेश किया गया है। अभी इस पर न तो बहस हुई है और न ही मतदान की कोई समयसीमा तय की गई है। विधेयक को अब संबंधित हाउस कमेटी के पास भेजा जाएगा। कमेटी यह फैसला करेगी कि इस पर औपचारिक सुनवाई होगी या नहीं। प्रतिनिधिसभा से पास होने के बाद विधेयक अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट में जाएगा।


    सरकार ने वीजा फीस बढ़ाई

    ट्रंप सरकार ने पिछले साल 21 सितंबर से H1B वीजा फीस बढ़ाकर 1 लाख डॉलर (करीब 88 लाख रुपए) कर दी है। व्हाइट हाउस के मुताबिक यह बढ़ी हुई फीस सिर्फ वन टाइम है, जो आवेदन के समय चुकानी होगी। इससे पहले वीजा के 5.5 से 6.7 लाख रुपए लगते थे। यह तीन साल के लिए मान्य होता था।

  • Rajasthan: दौसा में भीषण सड़क हादसा…. तेज रफ्तार कार ट्रेलर में घुसी, शादी से लौट रहे 6 दोस्तों की मौत

    Rajasthan: दौसा में भीषण सड़क हादसा…. तेज रफ्तार कार ट्रेलर में घुसी, शादी से लौट रहे 6 दोस्तों की मौत


    दौसा।
    राजस्थान के दौसा (Dausa, Rajasthan) में मंगलवार रात एक भयानक हादसा हो गया। एनएच-2 पर एक तेज रफ्तार कार (High Speed Car) ने नियंत्रण खोने के बाद ट्रेलर में टक्कर मार दी। भीषण हादसे में छह दोस्तों (Six Friends) की मौत हो गई। सभी एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे।

    हादसा जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर कैलाई गांव के पास रात करीब 11 बजे हुआ। तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार कर सामने से आ रहे ट्रेलर में जा घुसी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह ट्रेलर में फंस गया और उसे क्रेन की मदद से बाहर निकालना पड़ा। कार में सवार सभी 6 युवक दौसा जिले के कालाखो गांव के रहने वाले थे। वे आभानेरी गांव में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे।

    समारोह से लौटते समय जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर उनकी कार तेज गति में थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार अचानक अनियंत्रित हुई, डिवाइडर पार कर गई और दूसरी लेन में सामने से आ रहे ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही सिकंदरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। कार में फंसे युवकों को बाहर निकालने के लिए क्रेन मंगवाई गई। कड़ी मशक्कत के बाद कार को ट्रेलर से अलग किया गया और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।


    चार की सिकंदरा अस्पताल में और दो की दौसा में मौत

    सिकंदरा अस्पताल में डॉक्टरों ने चार युवकों को मृत घोषित कर दिया। दो अन्य गंभीर रूप से घायल युवकों को प्राथमिक उपचार के बाद दौसा जिला अस्पताल रेफर किया गया। इनमें से एक युवक ने दौसा में दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे को गंभीर हालत में जयपुर के एसएमएस अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई। इस तरह हादसे में कुल छह युवकों की जान चली गई।


    23 से 26 साल के सभी दोस्त

    मृतकों की पहचान समय सिंह (25) पुत्र राम सिंह योगी, लोकेश (24) पुत्र गोवर्धन योगी, दिलखुश (24) पुत्र बनवारी योगी, मनीष (23) पुत्र हरिमोहन योगी, अंकित (26) पुत्र लालाराम बैरवा और नवीन (23) के रूप में हुई है।


    हादसे के बाद मचा कोहरा

    घटना के बाद गांव में शोक की लहर फैल गई। एक साथ छह युवकों की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। देर रात ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंच गए। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिए गए।

  • Maha Shivratri पर इस बार बन रहे कई दुर्लभ संयोग… जानिए पूजा-जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त और विधि

    Maha Shivratri पर इस बार बन रहे कई दुर्लभ संयोग… जानिए पूजा-जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त और विधि


    नई दिल्ली।
    महाशिवरात्रि (Maha Shivratri) हिंदू धर्म का एक अत्यंत पावन पर्व (Holy Festival) है, जिसका भक्त पूरे साल इंतजार करते हैं. साल 2026 में महाशिवरात्रि (Maha Shivratri 2026) 15 फरवरी, रविवार को मनाई जाएगी. इस बार तिथि को लेकर कुछ लोगों के मन में भ्रम था कि व्रत 15 को रखा जाए या 16 फरवरी को, लेकिन शास्त्रों के अनुसार 15 फरवरी को ही पर्व मनाना उचित रहेगा. फाल्गुन मास (Phalguna Month) के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि इस बार 15 फरवरी शाम 5 बजकर 5 मिनट बजे से शुरू होकर 16 फरवरी शाम 5 बजकर 35 मिनट तक रहेगी. चूंकि, निशीथकाल (मध्य रात्रि) में चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी की रात को ही रहेगी, इसलिए इसी दिन महाशिवरात्रि मनाना शास्त्रसम्मत है.


    महाशिवरात्रि पर पूजा का सही समय क्या है?

    अगर आप मंदिर में जलाभिषेक करने जा रहे हैं तो दिन में किसी भी समय जा सकते हैं. लेकिन यदि रुद्राभिषेक करना चाहते हैं तो रात्रि का समय सबसे उत्तम माना गया है।
    प्रथम पहर: शाम 7 बजे से 9 बजे तक
    द्वितीय पहर: रात 10 बजे से 12 बजे तक
    तृतीय पहर: रात 1 बजे से 3 बजे तक
    चतुर्थ पहर: सुबह 4 बजे से 6 बजे तक
    यदि चारों पहर संभव न हो, तो कम से कम एक पहर में रुद्राभिषेक अवश्य करें.


    महाशिवरात्रि 2026 शुभ संयोग (Maha Shivratri 2026 Shubh Sanyog)

    महाशिवरात्रि इस बार बहुत ही विशेष मानी जा रही है. दरअसल इस दिन शिव योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, प्रीति योग, आयुष्मान योग, सौभाग्य योग, शोभन योग, साध्य योग, शुक्ल योग, ध्रुव योग, व्यतिपात और वरियान योग का भी प्रभाव बना रहेगा.

    महाशिवरात्रि 2026 जलाभिषेक शुभ मुहूर्त (Maha Shivratri 2026 Jalabhishek Muhurat)
    इस बार महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए दिनभर कई शुभ मुहूर्त मिलेंग, जिनमें भक्त पूजा-अर्चना कर सकते हैं. पहला मुहूर्त सुबह 8 बजकर 24 मिनट से शुरू होकर 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा. इसके बाद दूसरा मुहूर्त सुबह 9 बजकर 48 मिनट से 11 बजकर 11 मिनट तक का रहेगा.

    तीसरा मुहूर्त अमृत सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा, जो सुबह 11 बजकर 11 मिनट से 12 बजकर 35 मिनट तक का रहेगा, जिसमें जल चढ़ाना अत्यंत फलदायी रहेगा. जो श्रद्धालु शाम को पूजा करना चाहते हैं, वे 6 बजकर 11 मिनट से 7 बजकर 47 मिनट के बीच अभिषेक कर सकते हैं. इन सभी मुहूर्तों में श्रद्धा और सच्चे मन से शिवलिंग पर जल अर्पित करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है.


    रुद्राभिषेक में क्या चढ़ाएं?

    भगवान शिव को जल, गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, बेलपत्र, शमी पत्र, भस्म, चंदन और मौसमी फल अर्पित किए जाते हैं. कई लोग पार्थिव शिवलिंग बनाकर भी अभिषेक करते हैं. शिवलिंग पर जल चढ़ाने का विशेष महत्व है. मान्यता है कि जल हमारे भावों को धारण करता है. जब हम सच्चे मन से जल अर्पित करते हैं, तो हमारे मन की सकारात्मक ऊर्जा भी ईश्वर तक पहुंचती है और नकारात्मकता धीरे-धीरे कम होने लगती है.


    महाशिवरात्रि पर जरूर करें ये उपाय

    अगर जीवन में आर्थिक परेशानी है, आय कम है या मेहनत के अनुसार फल नहीं मिल रहा, तो महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखें. सुबह स्नान के बाद शिव मंदिर जाकर गंगाजल से अभिषेक करें. ”ऊं नमः शिवाय” मंत्र का जाप करते हुए 11 बेलपत्र चढ़ाएं. दिन भर श्रद्धा से व्रत रखें. शाम को रुद्राभिषेक कराएं और कम से कम 11 माला ”ऊं नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें. नियमित रूप से मंत्र जाप जारी रखने से धीरे-धीरे आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है.


    तनाव और डिप्रेशन दूर करने का उपाय

    अगर मन में तनाव, नकारात्मकता या बेचैनी रहती है, तो महाशिवरात्रि पर गंगाजल और कच्चे दूध से अभिषेक करें. 11 बेलपत्र अर्पित करें और प्रतिदिन 108 बार ”ऊं नमः शिवाय” का जाप शुरू करें. नियमित मंत्र जाप से मन को शांति मिलती है और सकारात्मक सोच विकसित होती है.