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  • बस कंडक्टर रहते भी था रजनीकांत का जलवा, टिकट देने के अंदाज पर फिदा थे यात्री; स्ट्रगल के दिनों में भी कायम था थलाइवा का स्वैग

    बस कंडक्टर रहते भी था रजनीकांत का जलवा, टिकट देने के अंदाज पर फिदा थे यात्री; स्ट्रगल के दिनों में भी कायम था थलाइवा का स्वैग


    नई दिल्ली। साउथ सिनेमा के सुपरस्टार रजनीकांत को आज दुनिया भर में उनके खास अंदाज और जबरदस्त स्वैग के लिए जाना जाता है। फिल्मों में उनका चश्मा पहनने से लेकर सिक्का उछालने और उसे शानदार अंदाज में पकड़ने तक के स्टाइलिश मूव्स दर्शकों के बीच उनकी पहचान बन चुके हैं। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि उनका यह अंदाज सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं था। फिल्मी दुनिया में कदम रखने से कई साल पहले जब रजनीकांत बस कंडक्टर के तौर पर काम करते थे तब भी उनका अंदाज यात्रियों को खूब आकर्षित करता था। यही वजह थी कि कई लोग खास तौर पर उस बस में सफर करना पसंद करते थे जिसमें रजनीकांत कंडक्टर हुआ करते थे।

    रजनीकांत के संघर्ष के दिनों से जुड़ा यह किस्सा बताता है कि लोगों को आकर्षित करने की उनकी कला कितनी स्वाभाविक थी। बस में यात्रियों को टिकट देने का उनका अंदाज सामान्य कंडक्टरों से बिल्कुल अलग बताया जाता है। वह टिकट को सीधे यात्री के हाथ में देने के बजाय उसे खास स्टाइल में फ्लिप करके पहुंचाते थे। उनके इस छोटे से अंदाज में भी एक अलग तरह का आत्मविश्वास और मनोरंजन नजर आता था। यात्रियों के लिए टिकट लेना महज रोजमर्रा की प्रक्रिया नहीं रह जाता था बल्कि रजनीकांत का अंदाज उसे देखने लायक बना देता था।

    कहा जाता है कि रजनीकांत पैसे और सिक्के लौटाते समय भी अपने खास मूव्स दिखाते थे। अगर किसी यात्री से सिक्का लेना होता या उसे खुले पैसे वापस करने होते तो वह उसे सामान्य तरीके से देने के बजाय हवा में उछालकर अपने अंदाज में पकड़ते और फिर यात्री को सौंपते थे। उनकी यह कला धीरे धीरे यात्रियों के बीच चर्चा का विषय बन गई। कई लोग सिर्फ उनका स्टाइल देखने के लिए उनकी बस में बैठना पसंद करने लगे थे।

    रजनीकांत के बातचीत करने का अंदाज भी लोगों को पसंद आता था। वह यात्रियों से मजेदार बातें करते और अपने जिंदादिल व्यवहार से माहौल को खुशनुमा बनाए रखते थे। यही वजह थी कि धीरे धीरे बस के नियमित यात्रियों के बीच उनकी अलग पहचान बन गई। उस समय किसी ने शायद नहीं सोचा होगा कि यात्रियों का मनोरंजन करने वाला यही बस कंडक्टर आगे चलकर भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में शामिल होगा।

    रजनीकांत के इस पुराने अंदाज और उनके फिल्मी करियर के बीच एक दिलचस्प समानता भी देखने को मिलती है। फिल्मों में आने के बाद उनके वही स्टाइलिश मूव्स उनकी पहचान बन गए जिन्हें वह कथित तौर पर बस में टिकट देते समय इस्तेमाल किया करते थे। सिक्का उछालने से लेकर टिकट को अलग अंदाज में देने तक उनकी सहज शैली बाद में बड़े पर्दे पर उनके सिग्नेचर स्टाइल का हिस्सा बन गई।

    रजनीकांत की कहानी इस मायने में भी खास है कि उन्होंने बेहद सामान्य नौकरी से शुरुआत करके सिनेमा की दुनिया में अपनी अलग जगह बनाई। उनका सफर बताता है कि किसी व्यक्ति की प्रतिभा और व्यक्तित्व मुश्किल परिस्थितियों में भी अपनी पहचान बना सकते हैं। आज जिस स्वैग के लिए रजनीकांत को थलाइवा कहा जाता है उसकी झलक उनके संघर्ष के दिनों में भी दिखाई देती थी।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो रजनीकांत की आने वाली फिल्मों को लेकर फैंस के बीच काफी उत्साह है। उनकी चर्चित फिल्म जेलर 2 के अलावा अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स भी चर्चा में हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी रजनीकांत का स्टारडम बरकरार है और उनकी फिल्मों से दर्शकों को हमेशा की तरह जबरदस्त मनोरंजन की उम्मीद रहती है।

  • पेट साफ न होने से त्वचा पर पड़ता है बुरा असर कब्ज के कारण मुंहासे और दाग-धब्बे संभव

    पेट साफ न होने से त्वचा पर पड़ता है बुरा असर कब्ज के कारण मुंहासे और दाग-धब्बे संभव

    नई दिल्ली । मानव स्वास्थ्य में पाचन तंत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। हालिया चिकित्सीय अध्ययनों और मेडिकल रिपोर्टों से यह स्पष्ट हुआ है कि क्रोनिक कब्ज यानी लंबे समय से चली आ रही पेट की समस्या केवल पाचन तंत्र को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि त्वचा के स्वास्थ्य पर भी इसका सीधा असर पड़ता है।

    चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार पाचन तंत्र में गड़बड़ी होने पर शरीर में विषाक्त पदार्थ जमा होने लगते हैं। जब आंतें इन अपशिष्ट पदार्थों को प्रभावी ढंग से बाहर नहीं निकाल पातीं, तो शरीर अन्य माध्यमों से इन्हें बाहर करने का प्रयास करता है, जिससे त्वचा पर मुंहासे, दाग-धब्बे, काले घेरे और चकत्ते जैसी समस्याएं उभरने लगती हैं।

    ताइवान में किए गए एक व्यापक अध्ययन के आंकड़ों का हवाला देते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि कब्ज से पीड़ित व्यक्तियों में सामान्य लोगों की तुलना में एक्जिमा जैसी त्वचा संबंधी बीमारी विकसित होने का जोखिम दो गुना तक अधिक देखा गया है। हालांकि इसके सटीक कारणों पर शोध अभी जारी है।

    चिकित्सकों के मुताबिक आंत और त्वचा दोनों ही शरीर में बाह्य तत्त्वों और एलर्जी के खिलाफ सुरक्षा कवच का कार्य करते हैं। जब आंतों के सामान्य कामकाज में रुकावट आती है, तो इसका प्रतिकूल असर चेहरे की चमक और त्वचा की रंगत पर साफ दिखाई देने लगता है।

    दिल्ली, मुंबई और मध्य प्रदेश के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सकों का मानना है कि असंतुलित खानपान और आधुनिक जीवनशैली के कारण कब्ज की समस्या आम होती जा रही है। महिलाओं और पुरुषों दोनों में ही यह समस्या त्वचा की नई जटिलताओं को जन्म दे रही है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि इस प्रकार की समस्याओं से बचने के लिए आहार में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों, फलों और प्रोबायोटिक्स की मात्रा बढ़ानी चाहिए। भरपूर पानी का सेवन करने और नियमित दिनचर्या अपनाने से पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है जिससे त्वचा स्वस्थ बनी रहती है।

  • अमेरिका में साइक्लोस्पोरा संक्रमण से दो मौतें दूषित लेट्यूस और पत्तेदार सब्जियों के सेवन से बढ़ा खतरा

    अमेरिका में साइक्लोस्पोरा संक्रमण से दो मौतें दूषित लेट्यूस और पत्तेदार सब्जियों के सेवन से बढ़ा खतरा


    नई दिल्ली । हरी पत्तेदार सब्जियों और सलाद के सेवन को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। अमेरिका के मिशिगन में साइक्लोस्पोरा नामक सूक्ष्म परजीवी के प्रकोप से दो लोगों की मौत की खबर के बाद आंतों के इस संक्रमण को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता व्यक्त की जा रही है।

    स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार साइक्लोस्पोरियासिस एक आंतों का संक्रमण है जो साइक्लोस्पोरा नामक सूक्ष्म परजीवी के कारण होता है। यह परजीवी मुख्य रूप से दूषित पानी, फलों और कच्ची पत्तेदार सब्जियों के माध्यम से मानव शरीर में प्रवेश करता है।

    प्रारंभिक जांच में मैक्सिको से आपूर्ति किए गए आइसबर्ग लेट्यूस यानी सलाद के पत्ते को इस संक्रमण का मुख्य जरिया माना गया था। यद्यपि बाद की प्रयोगशाला जांच में कुछ विरोधाभासी परिणाम सामने आए, लेकिन महामारी विज्ञान के साक्ष्य इसी आपूर्ति श्रृंखला की ओर संकेत कर रहे हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह संक्रमण सामान्यतः जानलेवा नहीं होता, लेकिन इसके कारण मरीज को गंभीर दस्त, पेट दर्द, मतली, थकान और अत्यधिक निर्जलीकरण की समस्या हो सकती है। पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए यह स्थिति अधिक जोखिम भरी साबित हो सकती है।

    भारत में भी विशेषकर मानसून के मौसम में दूषित पानी और सब्जियों के जरिए इस प्रकार के परजीवी संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। दिल्ली, मुंबई और मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरी इलाकों के बाजारों में लेट्यूस और कच्ची सब्जियों की भारी मांग के चलते सावधानी बरतने की आवश्यकता जताई जा रही है।

    चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि ताजी सब्जियों का सेवन पूरी तरह बंद करने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन करना जरूरी है। कच्चे सलाद और सब्जियों को पकाने या खाने से पहले स्वच्छ पानी से अच्छी तरह धोना बेहद आवश्यक है।

    खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार होटलों, रेस्तरां और घरों में उपयोग किए जाने वाले सलाद पत्ता, बर्गर और रैप्स में इस्तेमाल होने वाली सब्जियों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। संक्रमण के लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सीय परामर्श लेने की सलाह दी गई है।

  • चिल मूड में नजर आए सुपरस्टार सलमान खान फैंस के बीच वायरल हुआ थिरकते हुए अनसीन वीडियो

    चिल मूड में नजर आए सुपरस्टार सलमान खान फैंस के बीच वायरल हुआ थिरकते हुए अनसीन वीडियो


    नई दिल्ली । 
    हिंदी सिनेमा के मशहूर अभिनेता सलमान खान का एक अनसीन वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे इस वीडियो में अभिनेता बेहद चिल मूड में नजर आ रहे हैं और अपने लोकप्रिय गाने ‘जीने के हैं चार दिन’ का मशहूर हुक स्टेप रिक्रिएट करते दिख रहे हैं।

    वीडियो क्लिप में सलमान खान नीले रंग की टी-शर्ट और डेनिम जींस के साथ ब्राउन जैकेट और फ्रेंच स्टाइल हैट पहने हुए दिखाई दे रहे हैं। उनके डांस मूव्स को देखकर वहां मौजूद लोग काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं और तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ा रहे हैं।

    हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह वीडियो कब और किस स्थान पर रिकॉर्ड किया गया है। वीडियो के समय और अवसर को लेकर इंटरनेट पर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। फैंस इस वीडियो पर लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और इसे खूब शेयर कर रहे हैं।

    मध्य प्रदेश सहित देशभर में सलमान खान के चाहने वालों के बीच यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर उनके इस अंदाज को काफी पसंद किया जा रहा है और प्रशंसक इसे पुरानी यादों से जोड़कर देख रहे हैं।

    आगामी प्रोजेक्ट्स की बात करें तो सलमान खान जल्द ही बड़े पर्दे पर एक पैन-इंडिया एक्शन फिल्म में नजर आने वाले हैं। इसके अलावा वे टेलीविजन के चर्चित रियलिटी शो के आगामी सीजन की मेजबानी के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं जिसका प्रसारण जल्द शुरू होने वाला है।

  • राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा एक्शन, 8 आरोपियों के 54 रिश्तेदार और करीबी जांच के घेरे में; संपत्तियों का मांगा गया पूरा ब्योरा

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा एक्शन, 8 आरोपियों के 54 रिश्तेदार और करीबी जांच के घेरे में; संपत्तियों का मांगा गया पूरा ब्योरा


    नई दिल्ली। अयोध्या राम मंदिर(Ayodhya Ram Mandir) के चढ़ावे में कथित चोरी और आर्थिक अनियमितताओं के मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों के बाद अब उनके रिश्तेदार और करीबी भी जांच एजेंसियों की नजर में आ गए हैं। अयोध्या पुलिस और एसआईटी ने लखनऊ में आरोपियों तथा उनसे जुड़े 54 लोगों की संपत्तियों की पड़ताल शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित आर्थिक अनियमितताओं से जुड़ी रकम का इस्तेमाल कहीं जमीन मकान फ्लैट या दूसरी अचल संपत्तियां खरीदने में तो नहीं किया गया।

    जानकारी के मुताबिक आठ नामजद आरोपियों के साथ उनके 54 रिश्तेदारों और करीबियों के नाम की सूची लखनऊ प्रशासन को भेजी गई है। अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की ओर से लखनऊ के जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में पिछले दो वर्षों के दौरान आरोपियों और उनके परिजनों के नाम दर्ज या नामांतरण की गई कृषि और गैर कृषि भूमि समेत दूसरी अचल संपत्तियों का विवरण मांगा गया है। पत्र के साथ क्षेत्राधिकारी अयोध्या की रिपोर्ट भी भेजी गई है, जिसमें संबंधित लोगों की संपत्तियों की विस्तृत जांच कराने का अनुरोध किया गया है।

    जांच का दायरा केवल राजस्व रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रखा गया है। लखनऊ की संबंधित तहसीलों के एसडीएम और निबंधन कार्यालयों के सब रजिस्ट्रारों से भी रिकॉर्ड जुटाए जा रहे हैं। इसके अलावा लखनऊ विकास प्राधिकरण, नगर निगम और आवास विकास परिषद से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि पिछले दो वर्षों में सूची में शामिल लोगों ने जमीन, मकान, फ्लैट या किसी अन्य अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री की है या नहीं।

    एसआईटी यह भी जोड़ने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों के कथित आर्थिक लेनदेन और संपत्तियों में हुई गतिविधियों के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं। जांच एजेंसियों की नजर इस बात पर है कि आरोपियों या उनके करीबियों की संपत्ति में हाल के वर्षों में अचानक या असामान्य बढ़ोतरी हुई है या नहीं। अगर रिकॉर्ड में कोई संदिग्ध लेनदेन सामने आता है तो वह मामले की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है।

    इस मामले में आठ प्रमुख आरोपियों के अलावा 54 रिश्तेदारों और करीबियों को जांच के दायरे में लाया गया है। सूची में शामिल लोगों के नाम और पते के आधार पर अलग-अलग विभागों से जानकारी जुटाई जा रही है। अयोध्या के साथ लखनऊ और दूसरे जिलों से जुड़े संपत्ति रिकॉर्ड भी जांचे जा रहे हैं। जांच एजेंसियां कथित गबन की रकम के संभावित इस्तेमाल और उसके स्रोत के बीच कड़ी तलाश रही हैं।

    इसी बीच आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के मामले में भी अदालत की कार्रवाई महत्वपूर्ण हो गई है। विवेचना के दौरान बंद किए गए पेंशन खाते को दोबारा खोलने के लिए आरोपी की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने विवेचक और सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी को 13 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है। अदालत ने बैंक खाते में आई धनराशि के सत्यापन से संबंधित रिपोर्ट और आवश्यक कार्रवाई पूरी कर आख्या पेश करने को कहा है।

    अदालत के आदेश के मुताबिक आरोपी के जेल जाने के बाद खाते में आई पेंशन राशि से जुड़े तथ्य भी जांच का हिस्सा हैं। अब विवेचक को बैंक रिकॉर्ड के सत्यापन से संबंधित स्थिति स्पष्ट करनी होगी। ऐसे में राम मंदिर दान चोरी मामले में एक तरफ एसआईटी आरोपियों और उनके करीबियों की संपत्तियों की जांच आगे बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ अदालत में बैंक खातों और धनराशि से जुड़े पहलुओं पर भी सुनवाई जारी है। आने वाले दिनों में संपत्ति और वित्तीय रिकॉर्ड से सामने आने वाले तथ्य इस मामले की जांच की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकते हैं।

  • दस साल के लंबे इंतजार के बाद शादी के बंधन में बंधे दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो

    दस साल के लंबे इंतजार के बाद शादी के बंधन में बंधे दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो

    नई दिल्ली ।अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपनी लंबे समय से साथी रही जॉर्जिना रोड्रिगेज के साथ विवाह कर लिया है। दोनों का विवाह समारोह पुर्तगाल के तटीय शहर कास्काइस में आयोजित किया गया। इस अत्यंत निजी सिविल सेरेमनी में परिवार के करीबी सदस्यों की मौजूदगी रही।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग एक दशक लंबे रिश्ते के बाद दोनों ने एक-दूसरे को जीवनसाथी चुना है। इस खास अवसर पर कपल के पांचों बच्चे भी मौजूद रहे। रोनाल्डो ने सोशल मीडिया के माध्यम से विवाह की अंगूठियों की तस्वीर साझा कर इस घटनाक्रम की पुष्टि की है।

    दोनों की पहली मुलाकात वर्ष 2016 में मैड्रिड में हुई थी जिसके बाद से वे लगातार साथ हैं। खेल जगत में इस बहुप्रतीक्षित विवाह को लेकर लंबे समय से अटकलें लगाई जा रही थीं। अगस्त 2025 में सगाई की घोषणा के बाद से ही इस समारोह का इंतजार किया जा रहा था।

    मध्य प्रदेश सहित भारत भर में फुटबॉल फैंस के बीच रोनाल्डो की शादी की खबर काफी चर्चा में बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी इस गोपनीय विवाह समारोह की पुष्टि की है। रोनाल्डो पूर्व में दिए साक्षात्कार में सादगीपूर्ण तरीके से विवाह करने की इच्छा जाहिर कर चुके थे।

    पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक यह आयोजन किसी भव्य पार्टी या दिखावे से पूरी तरह दूर रखा गया। केवल अति निकटतम लोगों की उपस्थिति में विवाह की औपचारिकताएं पूरी की गईं। 41 वर्षीय रोनाल्डो और 32 वर्षीय जॉर्जिना अब आधिकारिक तौर पर दंपति बन चुके हैं।

  • मिर्जापुर  मूवी का ट्रेलर जारी स्टारकास्ट की फीस में पंकज त्रिपाठी सबसे आगे..

    मिर्जापुर मूवी का ट्रेलर जारी स्टारकास्ट की फीस में पंकज त्रिपाठी सबसे आगे..

    नई दिल्ली । चर्चित वेब सीरीज मिर्जापुर के बड़े पर्दे पर रूपांतरण यानी मिर्जापुर द मूवी का आधिकारिक ट्रेलर जारी होने के साथ ही दर्शकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। फिल्म के ट्रेलर ने सोशल मीडिया पर आते ही व्यापक चर्चा हासिल कर ली है। इसके साथ ही फिल्म में काम कर रहे कलाकारों की फीस से जुड़ी जानकारियां भी सामने आने लगी हैं।

    फिल्म जगत के सूत्रों के अनुसार इस फीचर फिल्म में कालीन भैया की मुख्य भूमिका निभाने वाले अभिनेता पंकज त्रिपाठी सबसे महंगे कलाकार बनकर उभरे हैं। उन्होंने फीस के मामले में सीरीज के अन्य प्रमुख कलाकारों को पीछे छोड़ दिया है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक पंकज त्रिपाठी को इस बहुचर्चित किरदार के लिए बड़ी धनराशि का भुगतान किया गया है। वहीं मुन्ना भैया के रूप में वापसी कर रहे दिव्येंदु शर्मा और अन्य प्रमुख अभिनेताओं को भी उनके किरदारों के हिसाब से उचित पारिश्रमिक दिया गया है। फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में शामिल अली फजल और जितेंद्र कुमार जैसे कलाकारों की मौजूदगी भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

    यह फिल्म एक बड़े बजट के साथ तैयार की जा रही है जिसमें निर्माण मूल्य और दृश्य प्रभावों पर विशेष ध्यान दिया गया है। मध्य प्रदेश सहित देश भर के प्रमुख सिनेमा बाजार में इस फिल्म को लेकर वितरकों और सिनेमाघर मालिकों में काफी उत्सुकता देखी जा रही है।

    फिल्म का निर्माण देश के प्रतिष्ठित प्रोडक्शन घरानों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है। कहानी में वही पुरानी रंगबाजी और सत्ता की जंग देखने को मिलेगी जिसके लिए यह फ्रेंचाइजी पहचानी जाती है। इसमें पूर्व में समाप्त हो चुके कुछ लोकप्रिय किरदारों की भी वापसी दिखाई गई है।

    स्टारकास्ट में रवि किशन, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल और श्वेता त्रिपाठी जैसे अनुभवी कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। बहुप्रतीक्षित यह फिल्म आगामी सितंबर माह की शुरुआत में देशभर के सिनेमाघरों में एक साथ प्रदर्शित की जाएगी।

  • बॉक्स ऑफिस पर आवारापन 2 की जबरदस्त एडवांस बुकिंग ने सनी देओल की बंटवारा 1947 को पछाड़ा

    बॉक्स ऑफिस पर आवारापन 2 की जबरदस्त एडवांस बुकिंग ने सनी देओल की बंटवारा 1947 को पछाड़ा


    नई दिल्ली । 
    भारतीय सिनेमाघरों में इस सप्ताह दो प्रमुख फिल्मों आवारापन 2 और बंटवारा 1947 के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। दोनों फिल्मों की आधिकारिक एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी है और शुरुआती आंकड़ों ने फिल्म उद्योग के विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

    दर्शकों के रुझान के आधार पर जारी की गई शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार इमरान हाशमी अभिनीत आवारापन 2 ने अग्रिम टिकट बिक्री के मामले में शुरुआती बढ़त हासिल कर ली है। पुरानी यादों और लोकप्रिय संगीत के बल पर यह फिल्म दर्शकों को आकर्षित करने में सफल रही है।

    आंकड़ों के मुताबिक प्रमुख मल्टीप्लेक्स श्रृंखलाओं में आवारापन 2 ने हजारों टिकटों की बिक्री कर एक मजबूत ग्रॉस कलेक्शन दर्ज किया है। इसके विपरीत सनी देओल की मुख्य भूमिका वाली ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म बंटवारा 1947 की शुरुआती टिकट बिक्री धीमी गति से आगे बढ़ रही है।

    बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि रिलीज के पहले दिन आवारापन 2 दोहरे अंकों में शानदार ओपनिंग दर्ज कर सकती है। वहीं बंटवारा 1947 के लिए पहले दिन का अनुमानित कारोबार अपेक्षाकृत सीमित रहने की संभावना जताई जा रही है।

    हालांकि स्क्रीन वितरण और शो आवंटन के मामले में स्थिति अलग नजर आ रही है। वितरकों की रणनीतियों के कारण बंटवारा 1947 को देश के विभिन्न सिनेमाघरों में अधिक शो प्राप्त हो रहे हैं। मध्य प्रदेश सहित देश भर के प्रमुख सर्किटों में शो के समय को लेकर चर्चाएं जारी हैं।

    आवारापन 2 के निर्माताओं को शो की कम संख्या के बावजूद अग्रिम बुकिंग की मजबूत स्थिति से बड़ी राहत मिली है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि टिकट बिक्री की यह गति बनी रहती है तो रिलीज के करीब सिनेमाघर मालिक शो की संख्या में बदलाव कर सकते हैं।

    दूसरी ओर बंटवारा 1947 की टीम व्यापक प्रचार अभियान और मुख्य कलाकारों की लोकप्रियता के जरिए सिंगल स्क्रीन और स्पॉट बुकिंग से बड़े कारोबार की उम्मीद कर रही है। दोनों ही फिल्में अलग-अलग शैलियों की हैं जिसके चलते दर्शकों का वर्ग भी विभाजित दिखाई दे रहा है।

    रिलीज में अभी समय बाकी होने के कारण अंतिम आंकड़ों में फेरबदल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सिनेमा जगत की नजरें अब अंतिम चरण की अग्रिम बुकिंग और पहले दिन के कुल संग्रह पर टिकी हुई हैं।

  • हरियाली अमावस्या पर इन 4 चीजों का दान दिला सकता है विशेष पुण्य, शिव जी शनि देव और पितरों की कृपा पाने का माना जाता है शुभ अवसर

    हरियाली अमावस्या पर इन 4 चीजों का दान दिला सकता है विशेष पुण्य, शिव जी शनि देव और पितरों की कृपा पाने का माना जाता है शुभ अवसर


    नई दिल्ली। सावन मास में पड़ने वाली हरियाली अमावस्या को धार्मिक मान्यताओं में विशेष महत्व दिया जाता है। यह तिथि भगवान शिव की उपासना, पितरों के स्मरण और दान पुण्य के लिए शुभ मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को कुछ विशेष वस्तुओं का दान करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही शनि देव और पितरों का आशीर्वाद मिलने की भी धार्मिक मान्यता है। साल 2026 में हरियाली अमावस्या 12 अगस्त को पड़ रही है। इस अवसर पर भक्त स्नान के बाद भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं और पूर्वजों की स्मृति में तर्पण तथा दान जैसे धार्मिक कार्य कर सकते हैं।

    धार्मिक परंपराओं के अनुसार हरियाली अमावस्या के दिन सबसे पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद श्रद्धा भाव से भगवान शिव की पूजा और स्मरण किया जाता है। पूर्वजों की शांति और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए तर्पण आदि कर्म भी किए जाते हैं। इसके बाद जरूरतमंदों को दान देने की परंपरा है। मान्यता है कि सच्चे मन और बिना किसी दिखावे के किया गया दान अधिक पुण्यदायी होता है।

    इस दिन छतरी का दान करना शुभ माना जाता है। सावन का मौसम वर्षा से जुड़ा होता है इसलिए जरूरतमंद व्यक्ति को छतरी देना सेवा का भी एक सुंदर माध्यम हो सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जूते या चप्पल का दान भी किया जा सकता है। कहा जाता है कि ऐसे दान से पितरों की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है और जीवन में आने वाली बाधाओं से राहत की कामना की जाती है।

    हरियाली अमावस्या पर दूध या दही का दान करने की भी परंपरा बताई गई है। दूध भगवान शिव की पूजा से भी जुड़ा हुआ माना जाता है। श्रद्धालु अपनी क्षमता के अनुसार किसी जरूरतमंद को दूध, दही, चावल, आटा या चीनी जैसी उपयोगी खाद्य सामग्री का दान कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस तरह के दान से पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है और घर में सुख शांति तथा सकारात्मकता बनी रहती है।

    काली उड़द की दाल का दान भी इस दिन विशेष माना जाता है। ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं में काले रंग की कुछ वस्तुओं का संबंध शनि देव से जोड़ा जाता है। इसलिए हरियाली अमावस्या पर काली उड़द का दान करने को शनि की कृपा प्राप्त करने से भी जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि जीवन में लगातार आ रही बाधाओं और कार्यों में बनते बिगड़ते हालात के बीच श्रद्धा से किया गया दान मन को सकारात्मक भाव देता है।

    काले तिल का दान भी अमावस्या तिथि पर महत्वपूर्ण माना जाता है। पूर्वजों के नाम से काले तिल का दान करने और तर्पण में तिल के उपयोग की धार्मिक परंपरा रही है। मान्यता है कि इससे पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त होती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। हालांकि दान करते समय मात्रा से अधिक भावना को महत्वपूर्ण माना जाना चाहिए। अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी जरूरतमंद व्यक्ति को उपयोगी वस्तु देना सबसे बड़ा उद्देश्य होना चाहिए।

    हरियाली अमावस्या का संदेश केवल धार्मिक कर्मकांड तक सीमित नहीं है बल्कि सेवा, दया और जरूरतमंदों की सहायता से भी जुड़ा है। इसलिए इस दिन शिव पूजा और पितरों के स्मरण के साथ भोजन, वस्त्र या दैनिक जरूरत की वस्तुओं का दान भी किया जा सकता है। श्रद्धा और निस्वार्थ भाव से किया गया दान मन में संतोष और सकारात्मकता का भाव पैदा करता है।

  • नसीरुद्दीन शाह पर कंगना का पलटवार, ‘लोमड़ी’ कहकर साधा निशाना, पीयूष मिश्रा के समर्थन में उतरीं

    नसीरुद्दीन शाह पर कंगना का पलटवार, ‘लोमड़ी’ कहकर साधा निशाना, पीयूष मिश्रा के समर्थन में उतरीं


    नई दिल्ली। नसीरुद्दीन शाह और पीयूष मिश्रा के बीच चल रहे बयानबाजी के विवाद में अब अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत भी कूद पड़ी हैं। कंगना ने पीयूष मिश्रा के बयान का समर्थन करते हुए नसीरुद्दीन शाह पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने नसीरुद्दीन शाह को लोमड़ी तक कह दिया और कहा कि उन्हें गर्व है कि वह जिस देश की रोटी खाती हैं उसके लिए आवाज उठाती हैं और जरूरत पड़ने पर उसके लिए लड़ती हैं। कंगना की इस टिप्पणी के बाद बॉलीवुड से जुड़े इस विवाद ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है।

    दरअसल पूरा मामला छात्र आंदोलनों और फिल्म इंडस्ट्री की कथित चुप्पी से जुड़ा है। नसीरुद्दीन शाह ने छात्र प्रदर्शन के दौरान बॉलीवुड कलाकारों के छात्रों के समर्थन में खुलकर सामने नहीं आने पर सवाल उठाया था। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री की तुलना ऐसे कुत्ते से की थी जिसके मुंह में हड्डी हो और वह भौंक नहीं सकता। नसीरुद्दीन शाह की इस टिप्पणी के बाद पीयूष मिश्रा ने भी उन पर पलटवार किया और झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान उनकी चुप्पी को लेकर सवाल खड़े किए।

    अब कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर पीयूष मिश्रा के रुख का समर्थन करते हुए नसीरुद्दीन शाह को निशाने पर लिया। कंगना ने कहा कि आज के समय में किसी को कुत्ता कहना भी तारीफ माना जा सकता है क्योंकि कुत्ते अपनी वफादारी और मासूमियत के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि हर कोई किसी न किसी का कुत्ता है, लेकिन उन्हें इस बात पर गर्व है कि वह अपने देश के लिए बोलती हैं और उसकी रखवाली करती हैं।

    कंगना ने नसीरुद्दीन शाह पर निशाना साधते हुए आगे कहा कि नसीर साहब देश की रोटी खाते हैं लेकिन पड़ोसी देश के लिए लड़ते हैं। इसके बाद उन्होंने अपनी तुलना नसीरुद्दीन शाह से करते हुए कहा कि वह उनकी तरह लोमड़ी बनने के बजाय कुत्ता बनना पसंद करेंगी। कंगना की इस टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज होने की संभावना है और लोग अपने-अपने तरीके से इस विवाद पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

    इससे पहले पीयूष मिश्रा ने भी नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने झारखंड के छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए पूछा था कि अगर फिल्म इंडस्ट्री के कुछ कलाकार छात्रों के समर्थन में आवाज नहीं उठा रहे थे तो दूसरे कलाकार कहां थे। उन्होंने नसीरुद्दीन शाह के कुत्ते और हड्डी वाले बयान को आधार बनाकर उनसे ही सवाल किया कि जब छात्र विरोध कर रहे थे तब वे आवाज उठाने के लिए आगे क्यों नहीं आए।

    पीयूष मिश्रा ने अपने बयान में छात्र आंदोलनों के दौरान प्रदर्शनकारियों की प्राथमिकताओं पर भी टिप्पणी की थी। उन्होंने दिल्ली और मुंबई में हुए छात्र प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ छात्र विरोध प्रदर्शन से ज्यादा पिज्जा और बर्गर पर ध्यान दे रहे थे। उनके इस बयान ने भी विवाद को और हवा दी।

    अब कंगना रनौत के नसीरुद्दीन शाह पर सीधे हमले के बाद मामला और ज्यादा राजनीतिक तथा व्यक्तिगत रंग लेता दिखाई दे रहा है। एक तरफ जहां कंगना ने देश और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट किया है, वहीं दूसरी ओर नसीरुद्दीन शाह की पुरानी टिप्पणी को लेकर बहस जारी है। आने वाले दिनों में इस विवाद पर दोनों पक्षों की ओर से और बयान सामने आने की संभावना बनी हुई है।