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  • MP हाईकोर्ट का कड़ा प्रहार: निजी बाइक और कारों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर लगी रोक ओला-उबर और रैपिडो की बढ़ी मुश्किलें

    MP हाईकोर्ट का कड़ा प्रहार: निजी बाइक और कारों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर लगी रोक ओला-उबर और रैपिडो की बढ़ी मुश्किलें


    इंदौर : मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने परिवहन नियमों और सुरक्षा मानकों को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़ा फैसला सुनाया है, जिसका असर पूरे प्रदेश की यातायात व्यवस्था और हजारों युवाओं की कमाई पर पड़ना तय है। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में आदेश जारी किया है कि निजी दो पहिया बाइक और चार पहिया कार वाहनों का पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में व्यावसायिक उपयोग पूरी तरह से गैरकानूनी है। हाईकोर्ट का यह फैसला उन एग्रीगेटर कंपनियों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है जो निजी वाहनों के जरिए टैक्सी सेवाएं संचालित कर रही हैं।

    अदालत ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान पाया कि ओला, उबर और रैपिडो जैसी नामी कंपनियां नियमों को ताक पर रखकर निजी नंबर प्लेट वाली गाड़ियों को कमर्शियल वाहनों की तरह इस्तेमाल कर रही हैं। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि ये वाहन बिना किसी वैध कमर्शियल लाइसेंस और अनिवार्य परमिट के यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह ले जा रहे हैं। कानून की नजर में यह न केवल मोटर व्हीकल एक्ट का खुला उल्लंघन है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से भी एक गंभीर जोखिम है। कमर्शियल परमिट न होने की स्थिति में दुर्घटना के समय यात्रियों को बीमा और अन्य कानूनी सुरक्षा मिलने में भी बड़ी बाधा आती है।

    हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और परिवहन विभाग को इस मामले में कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिया है कि कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। कोर्ट ने मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66 का हवाला देते हुए याद दिलाया कि बिना वैध परमिट के किसी भी निजी वाहन का व्यावसायिक उपयोग दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। प्रशासन को आदेश दिया गया है कि वे सड़कों पर अवैध रूप से चल रही ऐसी बाइक-टैक्सी सेवाओं पर तत्काल लगाम लगाएं और उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई करें।

    गौरतलब है कि इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे महानगरों में रैपिडो और ओला जैसी सेवाओं का जाल काफी फैल चुका है। बड़ी संख्या में कॉलेज जाने वाले छात्र और नौकरीपेशा युवा अपनी निजी बाइक के जरिए पार्ट-टाइम काम करके कमाई कर रहे हैं। कम खर्च और ट्रैफिक से बचने के लिए आम जनता भी इन सेवाओं को काफी पसंद करती रही है। लेकिन हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद, निजी वाहनों के जरिए यह “पार्ट-टाइम” कमाई अब कानूनी दायरे में अवैध मानी जाएगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस आदेश के बाद अब परिवहन विभाग को उन निजी वाहन मालिकों के खिलाफ अभियान चलाना होगा जो ऐप के जरिए सवारियां ढो रहे हैं। अब यदि किसी को टैक्सी सेवा देनी है, तो उसे अनिवार्य रूप से अपने वाहन का कमर्शियल रजिस्ट्रेशन (पीली नंबर प्लेट) कराना होगा और विधिवत परमिट प्राप्त करना होगा। यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा और पंजीकृत कमर्शियल टैक्सी चालकों के हितों की रक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

  • राजधानी भोपाल में पानी और गोमांस का विस्फोट कांग्रेस का ISBT निगम कार्यालय घेराव रावण रूपी पुतला दहन

    राजधानी भोपाल में पानी और गोमांस का विस्फोट कांग्रेस का ISBT निगम कार्यालय घेराव रावण रूपी पुतला दहन


    भोपाल में बीते एक महीने से गोमांस मिलने और गंदे पानी की सप्लाई को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच सोमवार 9 फरवरी को कांग्रेस ने बड़ा आंदोलन छेड़ दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ISBT स्थित नगर निगम कार्यालय का घेराव कर नगर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस नेता रविंद्र साहू झूमरवाला ने किया। इस दौरान महापौर मालती राय और एमआईसी सदस्यों को राजधानी की अव्यवस्था का जिम्मेदार ठहराते हुए रावण रूपी पुतला दहन किया गया।

    प्रदर्शन के दौरान माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। कांग्रेस कार्यकर्ता निगम कार्यालय में प्रवेश करने की कोशिश करते नजर आए जिस पर पुलिस से धक्का मुक्की भी हुई। कार्यकर्ताओं के हाथों में महापौर का 11 सिर वाला बड़ा कटआउट था। इसमें एक सिर महापौर का जबकि शेष दस सिर उन अफसरों और जनप्रतिनिधियों के बताए गए जिन्हें कांग्रेस ने गोमांस और दूषित पानी के संकट का जिम्मेदार बताया।

    कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भोपाल में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। शहर के कई इलाकों में पानी की सप्लाई में सीवेज मिल रहा है जिससे आम नागरिकों की सेहत खतरे में है। उन्होंने कहा कि जिस तरह इंदौर में दूषित पानी पीने से 33 लोगों की मौत हो चुकी है उसी तरह भोपाल में भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। कई इलाकों में सीवेज और पानी की लाइनें साथ साथ बिछी हैं और लीकेज के कारण गंदा पानी सीधे घरों तक पहुंच रहा है।

    कांग्रेस का कहना है कि वार्ड कार्यालयों में होने वाली जल सुनवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। लोगों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। कुछ मामलों में तो नाले के पानी को भी पीने योग्य बताकर जनता को गुमराह किया गया। हाल ही में एक मीडिया जांच में वार्ड कर्मचारी द्वारा नाली के पानी को पीने योग्य बताने का मामला सामने आने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

    गोमांस मामले को लेकर भी कांग्रेस ने नगर निगम और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस नेता रविंद्र साहू ने कहा कि स्लॉटर हाउस में गोमांस मिलने के मामले में केवल छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया गया है जबकि असली जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि स्लॉटर हाउस से जुड़ा प्रस्ताव खुद एमआईसी की बैठक में पारित हुआ था फिर भी महापौर और एमआईसी सदस्यों को बचाया जा रहा है।

    गोमांस मामले की शुरुआत 24 दिसंबर 2025 को हुई जब जहांगीराबाद थाना प्रभारी मान सिंह चौधरी ने एफआईआर दर्ज की। इसमें 17 दिसंबर को कंटेनर नंबर यूपी 15 जेटी 4286 में मांस मिलने का जिक्र किया गया। 18 दिसंबर को वेटनरी अस्पताल जहांगीराबाद में 265 क्विंटल मांस के सैंपल लिए गए जबकि शेष मांस कंटेनर चालक को सुपुर्द कर दिया गया। बाद में मथुरा की फोरेंसिक लैब जांच में मांस के गोवंशीय होने की पुष्टि हुई।

    इस खुलासे के बाद हिंदूवादी संगठनों ने अरेरा हिल्स थाने के सामने प्रदर्शन किया और पुलिस ने जिंसी स्थित आधुनिक स्लॉटर हाउस में दस्तावेज जब्त किए। कांग्रेस का कहना है कि यह पूरा मामला प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक संरक्षण का नतीजा है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

  • गुढ़ इंडस्ट्रियल एरिया के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता, 16 करोड़ की जल प्रदाय योजना जल्द पूरी करने के निर्देश

    गुढ़ इंडस्ट्रियल एरिया के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता, 16 करोड़ की जल प्रदाय योजना जल्द पूरी करने के निर्देश


    भोपाल । उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा जिले के गुढ़ स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की और इस क्षेत्र के औद्योगिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के महत्व पर जोर दिया। बैठक में उन्होंने नगर परिषद गुढ़ और औद्योगिक क्षेत्र गुढ़ में चल रही महत्वाकांक्षी जल प्रदाय योजना को शीघ्र क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। यह परियोजना 16 करोड़ की लागत से बनाई जा रही है, लेकिन अब तक केवल 7 करोड़ का कार्य ही पूरा हो सका है। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कहा कि इस योजना को जल्द पूरा किया जाए ताकि नगर परिषद को 5 एमएलडी और औद्योगिक क्षेत्र को 5 एमएलडी जल उपलब्ध हो सके। प्रोजेक्ट के पूरा होने से गुढ़ क्षेत्र की जल प्रदाय व्यवस्था मजबूत होगी और औद्योगिक क्षेत्र के विकास को भी बल मिलेगा।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी औद्योगिक क्षेत्र के समुचित विकास के लिए बिजली, पानी, सड़क और ड्रेनेज जैसी मूलभूत सेवाओं का सुदृढ़ होना अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गुढ़ इंडस्ट्रियल एरिया के विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और बिजली, सड़क, जल एवं अन्य आवश्यक सेवाओं के विस्तार के लिए तत्काल और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने उच्च अधिकारियों को नियमित समीक्षा करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त न करने का निर्देश दिया।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गुढ़ इंडस्ट्रियल एरिया का समग्र विकास न केवल रीवा जिले की औद्योगिक पहचान को मजबूत करेगा, बल्कि इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उद्योगों की स्थापना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों प्रकार के रोजगार बढ़ेंगे, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने का निर्देश भी दिया, ताकि विकास कार्यों में तेजी आए और समय पर लक्ष्य हासिल हो सके।

    बैठक में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम एमपीआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री चंद्रमौली शुक्ला सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र के विकास को लेकर स्पष्ट संदेश दिया कि गुढ़ इंडस्ट्रियल एरिया में कार्यों की गति बढ़ानी होगी और योजनाओं को समय पर पूर्ण करना अनिवार्य है।

  • उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने फायर सेफ्टी को प्राथमिकता देते हुए मेडिकल कॉलेज के मरम्मत कार्य जल्द पूर्ण करने के दिए निर्देश

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने फायर सेफ्टी को प्राथमिकता देते हुए मेडिकल कॉलेज के मरम्मत कार्य जल्द पूर्ण करने के दिए निर्देश


    भोपाल । उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक कर विभागीय योजनाओं, निर्माण कार्यों और मानव संसाधन से जुड़ी प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के कार्यों में समयबद्धता और गुणवत्ता दोनों का ध्यान रखना आवश्यक है, ताकि जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। इसी कड़ी में उन्होंने श्याम शाह मेडिकल कॉलेज, रीवा में फायर सेफ्टी से संबंधित लंबित मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही कॉलेज में आवश्यक नवीन कार्यों की स्वीकृति के लिए सभी औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने को कहा, ताकि कोई भी सुरक्षा संबंधी चूक न रहे और कॉलेज में सेवाओं का सुचारू संचालन हो सके।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों में फायर सेफ्टी एक संवेदनशील विषय है और इसे किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने निर्देश दिए कि फायर सेफ्टी से जुड़े सभी मुद्दों की सूची तैयार कर, मरम्मत और नवीनीकरण कार्य जल्द से जल्द शुरू किए जाएं। साथ ही, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता और कार्य की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

    इसके अलावा उन्होंने 16 जिला चिकित्सालयों और क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉकों के लिए आवश्यक पदों की स्वीकृति संबंधी प्रस्ताव को प्राथमिकता से तैयार करने और समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर कैबिनेट अनुमोदन हेतु प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस संबंध में उन्होंने कहा कि मानव संसाधन की कमी से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित होती है, इसलिए समय रहते पदों की स्वीकृति और भर्ती प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाना चाहिए।

    उप मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों में फर्नीचर और अन्य आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों के साथ-साथ उपकरणों और संसाधनों की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण है, ताकि कॉलेजों का संचालन शुरू होते ही मरीजों और छात्रों को सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए और कहा कि किसी भी तरह की देरी स्वास्थ्य सेवा के विस्तार में बाधा बन सकती है।

    बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, आयुक्त श्री धनराजु एस सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सभी योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा होती रहे और समय-समय पर आवश्यक सुधार किए जाएं, ताकि विभागीय लक्ष्य समय पर हासिल हो सकें।

  • तेज प्रताप के वैवाहिक रिश्तों वाले बयान पर JDU का पहला रिएक्शन, निशाने पर तेजस्वी यादव क्यों?

    तेज प्रताप के वैवाहिक रिश्तों वाले बयान पर JDU का पहला रिएक्शन, निशाने पर तेजस्वी यादव क्यों?


    नई दिल्ली । सियासी गलियारे में एक बार फिर लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की चर्चा है. बीते रविवार 08 फरवरी, 2026 को सोशल मीडिया पर यह चर्चा शुरू हो गई थी कि तेज प्रताप यादव को बेटी हुई है. अनुष्का यादव ने एक बच्ची को जन्म दिया है. केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सार्वजनिक रूप से बधाई भी दे दी थी. इसके बाद तेज प्रताप ने रात में 8:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इन दावों को उन्होंने खारिज कर दिया. साफ कहा कि अनुष्का से उनका कोई संबंध नहीं है. बेटी होने की बात को भी अफवाह बताया. कोर्ट जाने की बात कही. इन सबके बीच जेडीयू का रिएक्शन आया है. निशाने पर तेजस्वी यादव रहे.
    आरजेडी के नेताओं-कार्यकर्ताओं को दी सलाह
    राजीव रंजन ने कहा, “कहीं न कहीं जो पार्टी का निराशाजनक प्रदर्शन हुआ है आरजेडी बहुत मुश्किल से 25 सीटें जीत पाई है. दरअसल दो अंकों में भी पहुंच पाना यह सिलसिला जारी रहेगा तो आने वाले वर्षों में उनके लिए और मुश्किल हो जाएगी. इसलिए जरूर आरजेडी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को सोचना होगा कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आरजेडी कैसे गुमनामी के अंधेरे में जाने से बच सके.

    तेज प्रताप यादव के बयान के बाद भले सियासत शुरू हो गई है लेकिन अब देखना होगा कि इस पर आगे क्या कुछ होता है. बता दें कि अनुष्का का ही मामला जब सामने आया था तो तेज प्रताप यादव को पार्टी से उनके पिता लालू यादव ने निष्कासित कर दिया था. परिवार से तेज प्रताप को अलग होना पड़ा. इसके बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाई. महुआ से 2025 में चुनाव लड़े लेकिन हार गए.

  • रिंकू सिंह की शादी को लेकर आई बड़ी खबर, IPL 2026 के बाद प्रिया सरोज के संग लेंगे सात फेरे

    रिंकू सिंह की शादी को लेकर आई बड़ी खबर, IPL 2026 के बाद प्रिया सरोज के संग लेंगे सात फेरे


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह जल्द ही मैदान के बाहर अपनी जिंदगी की एक नई शुरुआत करने वाले हैं। उत्तर प्रदेश के जौनपुर से समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज के साथ उनका विवाह अब जून 2026 में होने जा रहा है। इंटरनेशनल क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम के कारण शादी की तारीख पहले कई बार बदली, लेकिन अब परिवार ने जून की तारीख फाइनल की है। परिजनों के अनुसार, क्रिकेट सीजन खत्म होने के बाद ही शादी रखने का फैसला लिया गया, ताकि रिंकू सिंह को ज्यादा से ज्यादा समय मिल सके।

    लखनऊ में हुई थी हाई-प्रोफाइल सगाई
    रिंकू सिंह और प्रिया सरोज दोनों की सगाई 8 जून 2025 को लखनऊ में हुई थी। यह आयोजन राजनीतिक और खेल जगत के बड़े नामों की मौजूदगी के कारण सुर्खियों में रहा। इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, के अलावा कई सांसद और विधायक शामिल हुए थे। सगाई के बाद पहले शादी की तारीख 18 नवंबर 2025 तय की गई थी, लेकिन व्यस्त क्रिकेट शेड्यूल के चलते इसे टालना पड़ा। इसके बाद फरवरी 2026 का विकल्प सामने आया, मगर उसी दौरान T20 वर्ल्ड कप और फिर IPL का आयोजन होने के कारण योजना फिर बदलनी पड़ी।

    रिसेप्शन अलीगढ़ में संभव

    रिंकू सिंह के बड़े भाई सोनू सिंह के मुताबिक, शादी कहां होगी, इस पर अंतिम फैसला जल्द लिया जाएगा। फिलहाल लखनऊ और वाराणसी को संभावित स्थलों के तौर पर देखा जा रहा है। शादी के बाद अलीगढ़ में एक भव्य रिसेप्शन आयोजित होने की संभावना है, जिसमें राजनीति, क्रिकेट, फिल्म जगत और समाजसेवा से जुड़ी कई जानी-मानी हस्तियों के शामिल होने की चर्चा है।

    IPL ने बदली किस्मत

    रिंकू सिंह को देशभर में पहचान IPL 2023 के दौरान मिली, जब उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ यश दयाल की गेंदों पर लगातार पांच छक्के जड़कर सनसनी मचाई थी। इसके बाद वह टीम इंडिया में जगह बनाने में कामयाब रहे। अब क्रिकेट के इस चमकते सितारे और राजनीति से जुड़े परिवार के इस रिश्ते पर फैंस और सियासी गलियारों दोनों की नजरें टिकी हुई हैं।

  • करन के कसी यॉर्कर ने नेपाल का सपना तोड़ा, इंग्लैंड ने 4 रन से जीता रोमांचक मुकाबला

    करन के कसी यॉर्कर ने नेपाल का सपना तोड़ा, इंग्लैंड ने 4 रन से जीता रोमांचक मुकाबला


    नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप 2026 के पांचवें मुकाबले में वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड और नेपाल के बीच जबरदस्त रोमांचक मुकाबला हुआ। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड ने जैकब बेथेल55 और कप्तान हैरी ब्रूक53 की आक्रामक पारियों की बदौलत 20 ओवर में 7 विकेट पर 184 रन का मजबूत स्कोर बनाया। बेथेल ने अपने टी20 विश्व कप डेब्यू पर 35 गेंदों में चार चौके और चार छक्के की मदद से अर्धशतक जड़ा, जबकि ब्रूक ने 32 गेंदों में चार छक्के और तीन चौके लगाकर टीम को आगे बढ़ाया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 71 रन की अहम साझेदारी कर इंग्लैंड की पारी को मजबूती दी।

    नेपाल की तरफ से शेर मल्ला ने फिल सॉल्ट1 को अपने दूसरे ओवर की पहली गेंद पर ही कैच आउट कर टीम को पहला सफलता दिलाई। इसके बाद नंदन यादव ने जोस बटलर 26 का विकेट लिया, जबकि संदीप लामिछाने ने टॉम बैंटन को एलबीडब्ल्यू आउट कर इंग्लैंड को तीसरी सफलता दिलाई। हालांकि इंग्लैंड ने कमजोर शुरुआत के बावजूद अंत में जोरदार बल्लेबाजी की और अंतिम तीन ओवरों में 45 रन जोड़कर 184 का लक्ष्य सेट किया। विल जैक्स ने 18 गेंदों में 39* रन बनाकर पारी को मजबूती दी। नेपाल के गेंदबाजों ने अनुशासन दिखाया, लेकिन इंग्लैंड की आक्रामक बल्लेबाजी के सामने वे ज्यादा टिक नहीं सके।

    जवाब में नेपाल की शुरुआत भी आक्रामक रही। कुशल भुर्तेल ने 17 गेंदों में 29 रन बनाए, लेकिन 6वें ओवर में विल जैक्स को कैच थमा बैठे। पहले झटके के बाद कप्तान रोहित पौडेल39 और दीपेंद्र सिंह ऐरी39 ने तीसरे विकेट के लिए 82 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर पारी को संभाला। 14वें ओवर में पौडेल ने अनुभवी राशिद खान पर जबरदस्त हमला किया और स्विच-हिट के जरिए शानदार शॉट खेला। लेकिन ड्रिंक्स ब्रेक के बाद नेपाल की लय टूट गई और 15वें ओवर में ऐरी गलत शॉट खेलकर आउट हो गए। इसके बाद पौडेल भी लियाम डॉसन की गेंद पर कैच हो गए।

    अंतिम ओवरों में लोकेश बाम ने 20 गेंदों में नाबाद 39 रन बनाकर नेपाल को जीत के बेहद करीब पहुंचा दिया। उन्होंने 18वें ओवर में जॉफ्रा आर्चर पर दो छक्के और 19वें ओवर में ल्यूक वुड पर लगातार दो चौके लगाए। लेकिन आखिरी ओवर में नेपाल को 10 रन चाहिए थे, और सैम करन की कसी हुई यॉर्कर ने नेपाल की उम्मीदों को तोड़ दिया। नेपाल इस ओवर में सिर्फ 5 रन ही जोड़ सका और मैच 4 रन से हार गया। इंग्लैंड की जीत में सैम करन की नर्वस फिनिश और कसी गेंदबाजी निर्णायक साबित हुई। नेपाल ने दिल जीतने वाला प्रदर्शन किया, लेकिन अनुभव और दबाव के सामने वह 184 का पीछा नहीं कर पाया।

  • मल्टीप्लेक्स के शोर में भी बुलंद है इन सिनेमाघरों की गूंज: भारत के वो आइकोनिक सिंगल स्क्रीन थिएटर जो आज भी हैं शान की विरासत

    मल्टीप्लेक्स के शोर में भी बुलंद है इन सिनेमाघरों की गूंज: भारत के वो आइकोनिक सिंगल स्क्रीन थिएटर जो आज भी हैं शान की विरासत


    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा केवल तीन घंटे का मनोरंजन नहीं बल्कि एक गहरा भावनात्मक अनुभव रहा है। एक वह भी दौर था जब बड़े पर्दे पर अपने पसंदीदा नायक को देखने के लिए लोग किसी त्यौहार की तरह सज-धजकर सिनेमाघरों का रुख करते थे। उस जमाने में ‘सिंगल स्क्रीन थिएटर’ इस अनुभव की आत्मा हुआ करते थे। आज भले ही मल्टीप्लेक्स संस्कृति और चमचमाते मॉल्स ने हर शहर में अपनी पैठ बना ली है लेकिन सिनेमा की वह पुरानी और गौरवशाली विरासत आज भी कुछ ऐतिहासिक थिएटरों के रूप में जिंदा है। हाल ही में आमिर खान और जावेद अख्तर जैसे दिग्गजों ने देश में थिएटरों की घटती संख्या पर चिंता व्यक्त की लेकिन इसके बावजूद भारत में कुछ ऐसेआइकोनिक थिएटर मौजूद हैं जो समय की धूल को पछाड़कर आज भी सीना ताने खड़े हैं।

    इस सूची में राजस्थान की गुलाबी नगरी जयपुर काराज मंदिर सबसे ऊपर आता है। साल 1976 में निर्मित यह थिएटर अपनी वास्तुकला के कारण ‘एशिया का गौरव’ कहा जाता है। इसकी भव्यता किसी शाही महल जैसी है जहाँ बड़े-बड़े झूमर और दीवारों पर की गई बारीक नक्काशी आज भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती है। यहाँ फिल्म देखना महज एक शो नहीं बल्कि एक राजसी अनुभव की तरह है। वहीं मायानगरी मुंबई कामराठा मंदिर तो भारतीय सिनेमा के इतिहास का एक अभिन्न अंग बन चुका है। ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ DDLJ को पिछले तीन दशकों से लगातार चलाने के कारण इसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है। सस्ती टिकट और आम आदमी से जुड़ाव इसे आज भी मुंबई की जान बनाए हुए है।

    राजधानी दिल्ली की बात करें तो कनॉट प्लेस कारीगल सिनेमा इतिहास के पन्नों में दर्ज है। 1932 में बना यह हॉल राज कपूर का पसंदीदा था जहाँ उनकी फिल्मों के भव्य प्रीमियर हुआ करते थे। यहाँ तक कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भी यहाँ सिनेमा देखने आया करते थे। दिल्ली में ही स्थितडिलाइट सिनेमा अपने विंटेज लुक और मॉडर्न साउंड सिस्टम के मेल के लिए मशहूर है। इसी तरह मुंबई कालिबर्टी सिनेमा जो 1947 में भारत की आजादी के साल बनकर तैयार हुआ अपनी आर्ट-डेको शैली और ‘मुगल-ए-आजम’ जैसी फिल्मों के साथ जुड़ी अपनी यादों के लिए प्रसिद्ध है।

    कोलकाता कामेट्रो सिनेमा और बेंगलुरु काएवरेस्ट टॉकीज भी इसी कड़ी के मजबूत स्तंभ हैं। 1935 में बना मेट्रो सिनेमा अपनी भव्य सीढ़ियों और ब्रिटिश कालीन फर्नीचर के जरिए दर्शकों को बीते जमाने की याद दिलाता है। ये थिएटर केवल ईंट और पत्थर की इमारतें नहीं हैं बल्कि ये उस दौर के गवाह हैं जब सिनेमा देखना एक साझा सामाजिक उत्सव होता था। मल्टीप्लेक्स के दौर में भी इन सिंगल स्क्रीन्स का टिके रहना यह साबित करता है कि विरासत को आधुनिकता कभी पूरी तरह खत्म नहीं कर सकती।

  • सलमान खान की 'बैटल ऑफ गलवान' पर बड़ा अपडेट: रीशूट के चलते टली रिलीज, अब इस खास मौके पर सिनेमाघरों में मचेगा तहलका

    सलमान खान की 'बैटल ऑफ गलवान' पर बड़ा अपडेट: रीशूट के चलते टली रिलीज, अब इस खास मौके पर सिनेमाघरों में मचेगा तहलका


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के सुल्तान सलमान खान के प्रशंसक इन दिनों उनकी आने वाली फिल्म बैटल ऑफ गलवान को लेकर काफी उत्साहित हैं, लेकिन ताजा खबरों ने उनके इंतजार को थोड़ा और लंबा कर दिया है। काफी समय से चर्चा थी कि यह फिल्म इसी साल अप्रैल के महीने में बड़े पर्दे पर दस्तक देगी, मगर अब ताजा रिपोर्ट्स संकेत दे रही हैं कि फिल्म की रिलीज डेट को आगे खिसकाया जा सकता है। दरअसल, इसके पीछे की वजह कोई क्लैश या विवाद नहीं, बल्कि मेकर्स की फिल्म को ‘परफेक्ट’ बनाने की चाहत है।

    सूत्रों के मुताबिक, फिल्म के निर्देशक अपूर्व लखिया और खुद सलमान खान ने फिल्म के कुछ खास हिस्सों को देखने के बाद यह महसूस किया कि कहानी को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए कुछ दृश्यों की दोबारा शूटिंग की जानी चाहिए। यह फैसला फिल्म की गुणवत्ता और उसकी भावनात्मक गहराई को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। सलमान खान और निर्देशक दोनों का मानना है कि चूंकि यह फिल्म एक बेहद संवेदनशील और देशभक्ति से ओत-प्रोत विषय पर आधारित है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की कमी की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। इसी ‘परफेक्शन’ के चक्कर में शूटिंग का शेड्यूल थोड़ा बढ़ गया है और यही वजह है कि अप्रैल में फिल्म का सिनेमाघरों में आना अब मुश्किल लग रहा है।

    फिल्म की नई शूटिंग प्रक्रिया 9 फरवरी से मुंबई की मशहूर गोल्डन टबैको फैक्ट्री में शुरू होने जा रही है। बताया जा रहा है कि इस शेड्यूल के दौरान उन महत्वपूर्ण दृश्यों को फिल्माया जाएगा जिन्हें और बेहतर बनाने की योजना बनाई गई है। फरवरी के अंत तक इस रीशूट के काम को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तुरंत बाद पोस्ट-प्रोडक्शन और एडिटिंग का काम युद्ध स्तर पर शुरू होगा। निर्देशक अपूर्व लखिया फिल्म के हर फ्रेम पर बारीकी से ध्यान दे रहे हैं ताकि गलवान घाटी के संघर्ष की वीरता को दर्शक महसूस कर सकें।

    हालाँकि, पहले चर्चा थी कि फिल्म 17 अप्रैल को रिलीज होगी, लेकिन अब नई रणनीति के तहत मेकर्स इसे साल के सबसे बड़े राष्ट्रीय अवसर यानी ‘स्वतंत्रता दिवस’ के आसपास रिलीज करने पर विचार कर रहे हैं। अगस्त का महीना फिल्म के विषय के लिहाज से सबसे सटीक माना जा रहा है। भले ही रिलीज टलने से फैंस थोड़े मायूस हों, लेकिन खबरों की मानें तो 17 अप्रैल को मेकर्स फैंस के लिए फिल्म से जुड़ा कोई बड़ा सरप्राइज या धमाकेदार टीजर रिलीज कर सकते हैं। कुल मिलाकर, सलमान खान एक बार फिर अपनी इस फिल्म के जरिए बॉक्स ऑफिस पर बड़ा धमाका करने की तैयारी में हैं बस इसके लिए दर्शकों को थोड़ा धैर्य और दिखाना होगा।

  • घर में ही मिला भारत का दुश्मन, पाकिस्तान के लिए करता था जासूसी; ISI को भेजी सेना की गोपनीय जानकारी

    घर में ही मिला भारत का दुश्मन, पाकिस्तान के लिए करता था जासूसी; ISI को भेजी सेना की गोपनीय जानकारी


    नई दिल्ली । पंजाब के अमृतसर से एक चिंताजनक खबर सामने आई हैजिसने देश की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने एक सीक्रेट ऑपरेशन के तहत अमृतसर में एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया हैजो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए भारतीय सेना की गोपनीय जानकारियां भेज रहा था। आरोपी की पहचान हरपाल सिंह के रूप में हुई हैजो अजनाला सेक्टर के सीमावर्ती इलाके का रहने वाला और पेशे से किसान बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।

    शुरुआती जांच में पता चला है कि हरपाल सिंह लगभग एक साल से ISI के संपर्क में था और नियमित रूप से भारतीय सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान को भेज रहा था। इस मामले की गहराई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी के कब्जे से एक सीडी और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। मोबाइल फोन में कुछ पाकिस्तान के नंबर भी मिले हैंजिससे उसकी पाकिस्तानी एजेंसी के साथ कनेक्शन की पुष्टि होती है।

    खुफिया इनपुट के आधार पर SSO ने अमृतसर के खालसा कॉलेज इलाके में नाकेबंदी की और हरपाल सिंह को दबोच लिया। 35 वर्षीय आरोपी अमृतसर जिले की तहसील अजनाला के सीमावर्ती इलाके का रहने वाला है। पहले से ही सुरक्षा एजेंसियों की नजर उसकी गतिविधियों पर बनी हुई थीइसलिए कार्रवाई तुरंत संभव हो पाई। तलाशी के दौरान मिली सीडी में सेना से संबंधित डाटा और सैन्य गतिविधियों की मूवमेंट से जुड़ी जानकारियां होने की बात सामने आई हैजो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर है।

    आरोपी के मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि वह किन-किन लोगों के संपर्क में था और किस अंतरराष्ट्रीय जासूसी नेटवर्क से जुड़ा था। मोबाइल की कॉल डिटेलचैटसोशल मीडिया और अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच की जाएगी ताकि पूरा नेटवर्क उजागर हो सके। पुलिस आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल करने की तैयारी कर रही हैताकि उससे विस्तार से पूछताछ की जा सके और मामले की गहराई से जांच हो सके।

    पंजाब के सीमावर्ती जिलों में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की जासूसी का जाल लगातार फैलता रहा है। अमृतसरपठानकोटफिरोजपुरफाजिल्का और गुरदासपुर से पहले भी कई ऐसे लोग पकड़े जा चुके हैंजो पैसों और अन्य लालच में फंसकर जासूसी नेटवर्क का हिस्सा बन गए। खासकर सीमा से सटे गांवों के लोग ISI की फंदेबाजी का शिकार बनते हैं।

    मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष के बाद से पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ गई है। लगातार जासूसों की गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि दुश्मन देश की साजिशें अभी भी जारी हैं। इसलिए सुरक्षा एजेंसियां सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर रही हैंताकि देश की सुरक्षा को किसी भी तरह का नुकसान न हो।