Blog

  • ईरान के राष्ट्रपति ने पोप लियो का किया धन्यवाद, अमेरिका-इजराइल हमलों के विरोध पर जताई सराहना, ट्रंप से बढ़ा विवाद

    ईरान के राष्ट्रपति ने पोप लियो का किया धन्यवाद, अमेरिका-इजराइल हमलों के विरोध पर जताई सराहना, ट्रंप से बढ़ा विवाद



    नई दिल्ली। तेहरान में एक बड़ा कूटनीतिक बयान सामने आया है, जहां ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने ईसाइयों के सबसे बड़े धर्मगुरु पोप लियो XIV को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि पोप ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों के खिलाफ जो नैतिक और निष्पक्ष रुख अपनाया है, वह सराहनीय है।

    ईरानी राष्ट्रपति के मुताबिक, पोप लियो ने लगातार ईरान पर हुए हमलों की आलोचना की है और इन्हें मानवता के खिलाफ बताया है। पेजेश्कियान ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हुए ईरान पर हमले किए गए, तब पोप ने सही और न्यायपूर्ण आवाज उठाई, जिसके लिए ईरान उनका आभारी है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, पोप लियो XIV ने अमेरिका और इजराइल के सैन्य हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए कहा था कि इससे आम नागरिकों और बच्चों की मौत हो रही है, जो बेहद दुखद है। उन्होंने युद्ध के बजाय शांति और बातचीत की अपील की है। इसी रुख को लेकर उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी तनातनी देखने को मिली थी।

    ईरानी राष्ट्रपति ने अपने बयान में यह भी कहा कि इन हमलों में कई मासूम लोगों की जान गई, जिनमें दक्षिणी ईरान के मीनाब शहर के एक स्कूल के बच्चे भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और कानून के शासन को सीधी चुनौती देती है।

    इस बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने भी अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था अब एक ही शक्ति के भरोसे नहीं चल सकती। उन्होंने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया अब बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जहां किसी एक देश का दबदबा टिकाऊ नहीं है।

    कुल मिलाकर, पोप लियो के बयान और ईरान के समर्थन ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नया तनाव और बहस पैदा कर दी है, जिसमें अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता नजर आ रहा है

  • श्मशान घाट में मिली महिला को मां बनाकर की सेवा, मरते वक्त मिले आशीर्वाद से बदल गई सुदेश लहरी की किस्मत जानें, पूरी कहानी

    श्मशान घाट में मिली महिला को मां बनाकर की सेवा, मरते वक्त मिले आशीर्वाद से बदल गई सुदेश लहरी की किस्मत जानें, पूरी कहानी



    नई दिल्ली। देश के मशहूर कॉमेडियन और सिंगर सुदेश लहरी आज जिस मुकाम पर हैं, वहां तक पहुंचने की कहानी बेहद संघर्ष और भावनाओं से भरी हुई है। कभी इतनी गरीबी थी कि स्कूल जाने तक के पैसे नहीं थे, और गुजारे के लिए ढाबे पर बर्तन धोने से लेकर जूते-चप्पल बनाने और सब्जी बेचने तक का काम करना पड़ा। लेकिन उनकी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया, जिसने सबकुछ बदल दिया।

    दरअसल, हाल ही में टीवी शो ‘लाफ्टर शेफ्स 3’ में कृष्णा अभिषेक ने सुदेश लहरी से जुड़ा एक भावुक किस्सा सुनाया, जिसने सभी को भावुक कर दिया। बताया गया कि एक बार सुदेश लहरी किसी अंतिम संस्कार में शामिल होने श्मशान घाट पहुंचे थे, जहां उन्होंने एक बेहद दुखद स्थिति देखी।

    श्मशान घाट में उन्होंने एक कोने में एक महिला को बैठा हुआ देखा, जिसके शरीर पर घाव थे और वह बेहद तकलीफ में थी। यह दृश्य देखकर सुदेश लहरी से रहा नहीं गया। उस समय उनकी खुद की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं थी, लेकिन उन्होंने इंसानियत दिखाते हुए उस महिला को अपने साथ ले जाने का फैसला किया।

    घर लाकर उन्होंने उस महिला को अपनी मां की तरह रखा और पूरी श्रद्धा और सेवा भाव से उसकी देखभाल की। बताया जाता है कि सुदेश लहरी ने उस समय ढाबे पर काम करके और छोटे-मोटे काम करके जीवन चलाया, लेकिन उस महिला की सेवा में कोई कमी नहीं आने दी।

    कहा जाता है कि जब उस महिला की मृत्यु हुई, तो उसने सुदेश लहरी को आशीर्वाद दिया कि “तेरा कभी बुरा नहीं होगा और तू जीवन में बहुत सफल होगा।” इसी घटना के बाद सुदेश लहरी की किस्मत बदलने लगी और उन्हें मुंबई से बड़े मौके मिलने लगे।

    इसके बाद सुदेश लहरी ने अपने जीवन में पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने ‘द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज’ जैसे शो से पहचान बनाई और धीरे-धीरे इंडस्ट्री में अपनी मजबूत जगह बना ली।

    सुदेश लहरी का संघर्ष यहीं खत्म नहीं हुआ था। उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि बचपन में इतनी गरीबी थी कि वह कभी स्कूल तक नहीं जा पाए। परिवार की हालत ऐसी थी कि घर तक बिक गया था। उन्होंने फैक्ट्री में काम किया, चाय-नाश्ता बेचा और जूते बनाने तक का काम किया।

    आज वही सुदेश लहरी भारतीय कॉमेडी इंडस्ट्री का बड़ा नाम हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी नेट वर्थ करोड़ों में है और वह एक शो के लिए लाखों रुपये फीस लेते हैं। मुंबई में उनका अपना घर भी है और वह लगातार टीवी, स्टेज शोज और फिल्मों में सक्रिय हैं।

    सुदेश लहरी की यह कहानी इस बात का उदाहरण है कि कठिन परिस्थितियां भी इंसान की मेहनत, इंसानियत और लगन के आगे हार जाती हैं।

  • चिपचिपी त्वचा से परेशान? जानिए ऑयली स्किन के लिए असरदार देखभाल

    चिपचिपी त्वचा से परेशान? जानिए ऑयली स्किन के लिए असरदार देखभाल


    नई दिल्ली । ऑयली स्किन यानी तैलीय त्वचा गर्मी और बारिश के मौसम में और ज्यादा चिपचिपी हो जाती है। इसके कारण चेहरे पर अतिरिक्त तेल, पोर्स बंद होना और मुंहासों की समस्या बढ़ सकती है। लेकिन कुछ आसान आदतें अपनाकर इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।

    1. डाइट में तेल और जंक फूड कम करें
    बहुत ज्यादा तला-भुना, बटर, चीज, केक, पेस्ट्री और फास्ट फूड ऑयली स्किन को बढ़ा सकते हैं। इसलिए हल्का और हेल्दी खाना लें।

    2. शरीर को हाइड्रेट रखे
    दिनभर में 8–10 गिलास पानी जरूर पिएं। पानी शरीर को डिटॉक्स करता है और स्किन में एक्स्ट्रा ऑयल बनने की समस्या कम करता है।

    3. विटामिन और जिंक का ध्यान रखें
    विटामिन B2 और जिंक की कमी से भी ऑयली स्किन और एक्ने बढ़ सकते हैं। हरी सब्जियां, काबुली चना और हेल्दी फूड्स डाइट में शामिल करें।

    4. सोने से पहले मेकअप जरूर हटाएं
    मेकअप लगाकर सोने से पोर्स बंद हो जाते हैं और बैक्टीरिया बढ़ते हैं, जिससे स्किन ऑयली और खराब हो सकती है।

    5. मिट्टी (क्ले) फेस पैक इस्तेमाल करें
    हफ्ते में 1 बार क्ले फेस पैक लगाने से अतिरिक्त तेल कम होता है और स्किन साफ रहती है।

    6. वजन को कंट्रोल में रखें
    ओवरवेट होने से भी हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो ऑयली स्किन की समस्या बढ़ा सकते हैं।

    7. हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं
    फल, हरी सब्जियां और फाइबर वाली डाइट लें। कब्ज और खराब डाइजेशन भी स्किन प्रॉब्लम को बढ़ा सकते हैं।

  • तमिल स्टार रवि मोहन का बड़ा दावा: एक्स-वाइफ पर काला जादू और प्रताड़ना के आरोप, प्रेस कॉन्फ्रेंस में फूट-फूटकर रोए

    तमिल स्टार रवि मोहन का बड़ा दावा: एक्स-वाइफ पर काला जादू और प्रताड़ना के आरोप, प्रेस कॉन्फ्रेंस में फूट-फूटकर रोए



    नई दिल्ली। तमिल फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता रवि मोहन (जयम रवि) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। शनिवार, 16 मई को उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी निजी जिंदगी और तलाक विवाद को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान वह भावुक हो गए और रोते हुए अपनी बात रखी।

    रवि मोहन ने अपनी एक्स-वाइफ आरती और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शादी के बाद से ही उनकी जिंदगी काफी कठिन हो गई थी। उन्होंने दावा किया कि उन पर मानसिक दबाव बनाया गया और उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा।

    ‘मुझे बच्चों से मिलने नहीं दिया जा रहा’
    अभिनेता ने कहा कि उन्हें अपने बच्चों से मिलने नहीं दिया जा रहा है, जो उनके लिए सबसे दर्दनाक बात है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बच्चों की सुरक्षा के नाम पर उन पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं और उन्हें परिवार से अलग किया गया है।

    ‘काला जादू किया जा रहा है’ – रवि मोहन
    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रवि मोहन ने यह भी आरोप लगाया कि उनके ऊपर काला जादू किया जा रहा है और यह सिलसिला पहले भी चल चुका है और अब भी जारी है। उन्होंने कहा कि इस वजह से उनकी सेहत और मानसिक स्थिति पर भी असर पड़ा है।

    आत्महत्या की कोशिश का भी किया दावा
    भावुक होते हुए रवि मोहन ने दावा किया कि उन्होंने खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी और अपनी कलाई काट ली थी। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद उन्होंने काम करना नहीं छोड़ा और अगले दिन शूटिंग पर भी पहुंचे थे।


    ‘फिल्मों से लूंगा ब्रेक, तलाक के बाद वापसी करूंगा’
    अभिनेता ने यह भी ऐलान किया कि वह फिलहाल फिल्मों से ब्रेक ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक उनका निजी जीवन और तलाक का मामला पूरी तरह सुलझ नहीं जाता, तब तक वह अभिनय नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वह पहले अपनी जिंदगी को ठीक करेंगे और फिर ही इंडस्ट्री में वापसी करेंगे।

    2009 में हुई थी शादी, 2024 से अलग रह रहे हैं
    रवि मोहन और आरती की शादी साल 2009 में हुई थी और उनके दो बेटे हैं। दोनों साल 2024 से अलग रह रहे हैं। पिछले कुछ समय से उनके तलाक को लेकर कानूनी प्रक्रिया भी चल रही है। इस बीच उनका नाम सिंगर केनिशा फ्रांसिस के साथ भी जोड़ा गया था, हालांकि उन्होंने इससे इनकार किया था।

    निजी जीवन में बढ़ा तनाव
    पहले दिए गए इंटरव्यू में रवि मोहन ने कहा था कि उन्हें शादी में घुटन महसूस होने लगी थी और उनके पास अलग होने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। उन्होंने कहा था कि वह अपने फैसले पर अडिग हैं और अब केवल आगे बढ़ना चाहते हैं।

  • मौसम 17 मई: 19 राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट, 80 km/h तक हवाएं; IMD ने जारी किया बड़ा अपडेट

    मौसम 17 मई: 19 राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट, 80 km/h तक हवाएं; IMD ने जारी किया बड़ा अपडेट


    नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 17 मई के लिए देश के मौसम को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक, अगले 12 से 24 घंटों में देश के 19 राज्यों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

    IMD ने बताया कि मध्य उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में निचले स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जबकि दक्षिणी राजस्थान के ऊपर भी एक और वायु परिसंचरण बना हुआ है। इन्हीं मौसमी सिस्टम के कारण देश के बड़े हिस्से में मौसम तेजी से बदल रहा है।


    इन राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट
    मौसम विभाग के अनुसार बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा, नागालैंड, सिक्किम, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, पंजाब, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में मध्यम से भारी बारिश और तेज आंधी का अनुमान है।

    इन राज्यों में कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने और वज्रपात की भी चेतावनी दी गई है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

    दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश का मौसम
    दिल्ली में 17 मई को मौसम शुष्क और गर्म रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। लू चलने की भी संभावना है।

    उत्तर प्रदेश में भी ज्यादातर जिलों में भीषण गर्मी और लू का असर रहेगा। नोएडा, आगरा, मथुरा, कानपुर, वाराणसी, लखनऊ और आसपास के इलाकों में दिन के समय तेज गर्म हवाएं परेशान कर सकती हैं। लखनऊ में तापमान 42 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है।

    बिहार और झारखंड में भारी बारिश की चेतावनी
    बिहार में गया, पटना, भागलपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और अन्य जिलों में तेज बारिश और आंधी की संभावना है। कई जगहों पर बिजली गिरने का खतरा भी जताया गया है।

    झारखंड में रांची, धनबाद, बोकारो, दुमका और अन्य जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है।

    उत्तराखंड और हिमाचल में मौसम बदलेगा
    उत्तराखंड के नैनीताल, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, चंपावत और अन्य क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है। वहीं हिमाचल प्रदेश में बादल छाए रहने और तेज हवा चलने की संभावना है।

    पश्चिम और दक्षिण भारत का हाल
    राजस्थान और पंजाब में भीषण गर्मी और लू का असर जारी रहेगा। कुछ जगहों पर धूल भरी आंधी चल सकती है। वहीं केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।

    IMD के अनुसार देश का मौसम इस समय दो हिस्सों में बंटा हुआ है—एक तरफ कई राज्यों में बारिश और आंधी का असर, तो दूसरी तरफ उत्तर भारत के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

  • बदायूं: निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक से गिरा सांड, दर्दनाक मौत; लापरवाही पर उठे सवाल

    बदायूं: निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक से गिरा सांड, दर्दनाक मौत; लापरवाही पर उठे सवाल


    बदायूं । बदायूं के किसरुआ गांव में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां निर्माणाधीन ओवरहेड पानी की टंकी पर चढ़े एक आवारा सांड की गिरकर मौत हो गई। यह पूरी घटना आसपास मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    जानकारी के मुताबिक, गांव में जल निगम की ओर से ओवरहेड पानी की टंकी का निर्माण कार्य चल रहा था। टंकी का ढांचा लगभग 60 से 70 फीट की ऊंचाई तक बन चुका था, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। इसी दौरान शनिवार तड़के एक आवारा सांड किसी तरह खुली सीढ़ियों के रास्ते टंकी के ऊपरी हिस्से तक पहुंच गया।

    सांड को इतनी ऊंचाई पर देखकर गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। लोगों ने उसे सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश की। कुछ लोगों ने हरा चारा दिखाकर उसे नीचे लाने का प्रयास किया, जबकि अन्य लोग आवाज लगाकर उसे शांत करने की कोशिश करते रहे।

    काफी देर तक सांड टंकी पर इधर-उधर घूमता रहा, लेकिन इसी दौरान वह नीचे उतरने लगा। बताया जा रहा है कि उतरते समय उसका संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 40 फीट की ऊंचाई से सीधे जमीन पर गिर पड़ा। गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

    घटना के बाद मौके पर सन्नाटा पसर गया और ग्रामीण इस दर्दनाक हादसे को लेकर चर्चा करते नजर आए। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    स्थानीय लोगों ने जल निगम और संबंधित विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि निर्माण स्थल पर सुरक्षा घेरा और उचित बैरिकेडिंग होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था।

    फिलहाल इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

  • सीएम योगी से झगड़ लूंगा, पर आपको मंत्री बनवा दूंगा,अखिलेश पर ओमप्रकाश राजभर का तीखा पलटवार

    सीएम योगी से झगड़ लूंगा, पर आपको मंत्री बनवा दूंगा,अखिलेश पर ओमप्रकाश राजभर का तीखा पलटवार



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिली है। सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर बेहद सख्त और व्यंग्यात्मक अंदाज में हमला बोला है। यह पूरा विवाद अखिलेश यादव के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के बंटवारे पर सवाल उठाए थे।

    अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि यूपी में नए मंत्रियों के नाम तय होने के बाद भी उनके विभागों का बंटवारा नहीं किया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि सरकार में मंत्रालयों और विभागों के बंटवारे में देरी की वजह अंदरूनी खींचतान और कमीशन का विवाद है। अखिलेश ने यह भी कहा था कि नए मंत्री सिर्फ “दर्शक दीर्घा” में बैठे नजर आ रहे हैं और फैसलों का इंतजार कर रहे हैं।

    इसके जवाब में ओमप्रकाश राजभर ने पहले अवधी भाषा में एक तीखा पोस्ट किया और फिर उसे हिंदी में भी साझा किया। उन्होंने अखिलेश यादव पर निजी और राजनीतिक दोनों तरह के तंज कसे। राजभर ने कहा कि अखिलेश के भाई के निधन के बाद उन्हें कुछ समय तक राजनीति से दूर रहकर शोक मनाना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय वे लगातार राजनीतिक बयान दे रहे हैं।

    राजभर ने अपने पोस्ट में लिखा कि अखिलेश “परिवार में गमी” के बावजूद राजनीति कर रहे हैं और दूसरों के घर की चिंता कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश को कम से कम तेरहवीं तक राजनीति से दूरी बनाए रखनी चाहिए थी।

    बात यहीं नहीं रुकी। ओमप्रकाश राजभर ने आगे व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर अखिलेश यादव को मंत्री पद की इतनी इच्छा है, तो वे सुभासपा जॉइन कर लें। उन्होंने दावा किया कि वह खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी झगड़ लेंगे, लेकिन अखिलेश को किसी न किसी विभाग का मंत्री जरूर बनवा देंगे।

    उन्होंने यह भी कहा कि बेगाने मंत्रिमंडल में अखिलेश “दीवाने” बन रहे हैं और बिना वजह सरकार के फैसलों पर टिप्पणी कर रहे हैं।

    इस पूरे विवाद ने यूपी की सियासत में एक बार फिर गरमाहट बढ़ा दी है। जहां अखिलेश यादव सरकार पर निशाना साध रहे हैं, वहीं ओमप्रकाश राजभर उनके बयानों का कड़ा और चुटीला जवाब दे रहे हैं।

  • भारतीय एथलेटिक्स में नया नाम, सावन बरवाल का संघर्ष और सफलता की कहानी

    भारतीय एथलेटिक्स में नया नाम, सावन बरवाल का संघर्ष और सफलता की कहानी


    नई दिल्ली। भारत में लंबे समय तक मैराथन और लंबी दूरी की दौड़ को क्रिकेट जैसे लोकप्रिय खेलों की तरह पहचान नहीं मिल पाई, लेकिन हिमाचल प्रदेश के धावक Sawan Barwal ने अपनी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से इस सोच को बदलने की कोशिश की है। हाल ही में उन्होंने देश का 48 साल पुराना राष्ट्रीय मैराथन रिकॉर्ड तोड़कर भारतीय एथलेटिक्स में नया इतिहास रच दिया।

    हिमाचल की जोगिंदर नगर की पहाड़ियों से निकलकर भारतीय सेना में एथलीट बनने तक का उनका सफर आसान नहीं रहा। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, सीमित सुविधाओं और संसाधनों की कमी के बावजूद सावन ने लगातार अभ्यास और अनुशासन के बल पर खुद को शीर्ष स्तर के धावकों में स्थापित किया।

    अपने सफर पर बात करते हुए सावन कहते हैं कि पहाड़ों में पले-बढ़े होने से उन्हें सहनशक्ति और मानसिक मजबूती मिली। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षण ने उनकी क्षमता को निखारा और बाद में प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की।

    उन्होंने बताया कि शुरुआती दिनों में संसाधनों की कमी एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन बाद में जब उन्हें एक्सीलेंस सेंटर में बेहतर ट्रेनिंग, रिकवरी और न्यूट्रिशन की सुविधाएं मिलीं तो उनका प्रदर्शन और बेहतर हुआ। सेना में शामिल होने के बाद उन्हें स्थिरता और पेशेवर माहौल मिला, जिससे उनका करियर आगे बढ़ा।

    सावन के अनुसार, लंबी दूरी की दौड़ सिर्फ शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक खेल भी है। हर दिन लक्ष्य तय करना, समय के अनुसार प्रशिक्षण लेना और लगातार सुधार की कोशिश ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। वे कहते हैं कि “हमें ट्रेनिंग की रुकावटों को तोड़ना होगा” और लगातार अनुशासन बनाए रखना ही सफलता की कुंजी है।

    उनके करियर में परिवार का भी अहम योगदान रहा है। उनके बड़े भाई ने आर्थिक रूप से सहायता कर उन्हें स्पोर्ट्स शूज़, स्पाइक्स और अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए। यह सहयोग उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ, खासकर उस समय जब वे आर्थिक रूप से स्थिर नहीं थे।

    चोट और कठिन दौरों पर बात करते हुए सावन ने स्वीकार किया कि 2023 में लगी गंभीर चोट के बाद छह से सात महीने तक उनका करियर अनिश्चितता में रहा। उस समय उन्होंने खुद पर संदेह भी किया, लेकिन धैर्य और निरंतर प्रयास ने उन्हें वापसी का रास्ता दिखाया। सावन का मानना है कि भारत में अब लंबी दूरी की दौड़ को पहले की तुलना में ज्यादा पहचान मिल रही है। युवाओं की भागीदारी बढ़ी है और मैराथन में प्रतिस्पर्धा का स्तर भी लगातार ऊपर जा रहा है।

    उनकी कहानी यह साबित करती है कि सही लक्ष्य, मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर अभ्यास से कोई भी एथलीट राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकता है।

  • गोरखपुर के रेस्टोरेंट में छाई ‘रोबो दीदी’, टेबल तक पहुंचा रहीं खाना, ग्राहक बोले- मजा आ गया!

    गोरखपुर के रेस्टोरेंट में छाई ‘रोबो दीदी’, टेबल तक पहुंचा रहीं खाना, ग्राहक बोले- मजा आ गया!




    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक रेस्टोरेंट इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां ग्राहकों को खाना परोसने का काम कोई वेटर या वेट्रेस नहीं, बल्कि एक रोबोट कर रहा है। रामगढ़ ताल इलाके के नौका विहार स्थित सोबो रेस्टोरेंट में ‘रोबो दीदी’ नाम की यह रोबोट वेट्रेस लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

    रेस्टोरेंट में आने वाले ग्राहक ‘रोबो दीदी’ को देखकर काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। यह रोबोट टेबल तक जाकर खाना सर्व करती है, ग्राहकों का हालचाल पूछती है और जरूरत का सामान पहुंचाती है। खासकर बच्चे और महिलाएं इसके साथ सेल्फी लेने में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

    रेस्टोरेंट के मालिक निखिल ने बताया कि उन्हें यह आइडिया चंडीगढ़ से मिला था। पहले चीन से ऐसे रोबोट मंगाने की योजना थी, लेकिन ज्यादा खर्च और तकनीकी दिक्कतों के कारण उन्होंने हैदराबाद की एक कंपनी से संपर्क किया। वहीं से इस रोबोट को तैयार कराकर गोरखपुर लाया गया।

    उन्होंने बताया कि फिलहाल ‘रोबो दीदी’ का इस्तेमाल 20 फीसदी क्षमता के साथ किया जा रहा है। इसे रिमोट और डिवाइस दोनों के जरिए कंट्रोल किया जा सकता है। रेस्टोरेंट प्रबंधन का कहना है कि रोबोट आने के बाद ग्राहकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है और लोग खासतौर पर इसे देखने पहुंच रहे हैं।

    रेस्टोरेंट की मैनेजर सुकन्या के मुताबिक, ‘रोबो दीदी’ को फॉरवर्ड, लेफ्ट और राइट जैसे कमांड देकर कंट्रोल किया जाता है। यह ग्राहकों से बातचीत भी करती है और उनके ऑर्डर टेबल तक पहुंचाती है। लोगों को इसका अंदाज काफी पसंद आ रहा है।

    रेस्टोरेंट पहुंचे ग्राहकों का कहना है कि यह उनके लिए बिल्कुल नया अनुभव है। कई लोगों ने इसे तकनीक और मनोरंजन का शानदार मेल बताया। सोशल मीडिया पर भी ‘रोबो दीदी’ के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे रेस्टोरेंट की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने सराहा भारतीय मूल के लोगों का क्रिकेट योगदान

    प्रधानमंत्री मोदी ने सराहा भारतीय मूल के लोगों का क्रिकेट योगदान


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड दौरे के दौरान वहां के क्रिकेट विकास में भारतीय समुदाय के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय खिलाड़ियों ने नीदरलैंड क्रिकेट को नई पहचान दी है और यह खेल देशों को जोड़ने का मजबूत माध्यम बन रहा है।

     प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपने विदेश दौरे के दौरान नीदरलैंड में क्रिकेट और प्रवासी भारतीय समुदाय के योगदान को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि खेल, खासकर क्रिकेट, आज वैश्विक स्तर पर देशों को जोड़ने और आपसी संबंध मजबूत करने का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है।

    पीएम मोदी ने अपने संबोधन में नीदरलैंड क्रिकेट में भारतीय मूल के खिलाड़ियों और प्रवासी समुदाय की भूमिका की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि Netherlands की क्रिकेट टीम ने पिछले कुछ वर्षों में तेजी से प्रगति की है और इसमें भारतीय समुदाय का योगदान उल्लेखनीय रहा है।

    उन्होंने हाल ही में आयोजित ICC Men’s T20 World Cup 2026 का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने इस टूर्नामेंट की मेजबानी की थी और नीदरलैंड की टीम ने अपने प्रदर्शन से क्रिकेट जगत को प्रभावित किया। भारत जहां विश्व चैंपियन बना, वहीं नीदरलैंड ने कई बड़े मुकाबलों में मजबूत चुनौती पेश की।

    नीदरलैंड टीम ने ग्रुप स्टेज में भारत, अमेरिका और पाकिस्तान जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ संघर्षपूर्ण प्रदर्शन किया। हालांकि टीम को अधिकांश मैचों में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन हर मुकाबले में उसने अपनी प्रतिस्पर्धी क्षमता से क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान खींचा।

    इससे पहले भी ICC Cricket World Cup 2023 में नीदरलैंड ने शानदार प्रदर्शन कर दुनिया को चौंकाया था। दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश जैसी मजबूत टीमों को हराकर उसने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था।

    नीदरलैंड क्रिकेट टीम में भारतीय मूल के कई खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्होंने टीम को मजबूती दी है। ऑफ स्पिनर Aryan Dutt सबसे प्रमुख नामों में से एक हैं। वह अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई वनडे और टी20 मैच खेल चुके हैं और अपनी गेंदबाजी से टीम को अहम सफलताएं दिला चुके हैं।

    इसके अलावा Teja Nidamanuru और Vikramjit Singh जैसे खिलाड़ी भी नीदरलैंड क्रिकेट का अहम हिस्सा हैं। इन खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर टीम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि नीदरलैंड क्रिकेट में भारतीय समुदाय की बढ़ती भागीदारी आने वाले वर्षों में टीम को और मजबूत बनाएगी। वहीं पीएम मोदी की टिप्पणी को “क्रिकेट डिप्लोमेसी” के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें खेल के जरिए देशों के बीच संबंधों को नई दिशा मिल रही है।

    क्रिकेट अब सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और कूटनीतिक पुल बन चुका है, जो भारत और नीदरलैंड जैसे देशों को और करीब ला रहा है।