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  • आज का पंचांग: बसंत पंचमी पर सरस्वती वंदना का शुभ संयोग..

    आज का पंचांग: बसंत पंचमी पर सरस्वती वंदना का शुभ संयोग..


    नई दिल्ली :आज शुक्रवार 23 जनवरी 2026 को माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के साथ बसंत पंचमी का पावन पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन ज्ञान विद्या संगीत और कला की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बसंत पंचमी से ऋतुओं के परिवर्तन की शुरुआत होती है और जीवन में नई ऊर्जा सृजनशीलता और सकारात्मकता का प्रवेश होता है। सूर्य उत्तरायण में स्थित है और शिशिर ऋतु का प्रभाव बना हुआ है जिससे आज के दिन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

    तिथि वार और संवत
    आज माघ शुक्ल पंचमी तिथि रात्रि 1 बजकर 47 मिनट तक रहेगी इसके बाद षष्ठी तिथि का आरंभ होगा।
    वार शुक्रवार है।
    विक्रम संवत 2082
    शक संवत 1947
    राष्ट्रीय मिति माघ 03
    हिजरी तारीख शब्बन 03 1447
    सौर मास माघ मास प्रविष्टे 10

    नक्षत्र योग और करण
    दिन की शुरुआत पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में होगी जो दोपहर 2 बजकर 33 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र आरंभ होगा।
    योग की बात करें तो परिधि योग अपराह्न 3 बजकर 59 मिनट तक रहेगा इसके पश्चात शिव योग का शुभ संयोग बनेगा।
    करण बव करण दोपहर 2 बजकर 8 मिनट तक रहेगा इसके बाद कौलव करण प्रभावी होगा।

    चंद्रमा की स्थिति
    चंद्रमा सुबह 8 बजकर 34 मिनट तक कुंभ राशि में रहेगा इसके बाद गुरु की राशि मीन में प्रवेश करेगा। इससे भावनात्मक संतुलन आध्यात्मिक झुकाव और रचनात्मक सोच में वृद्धि देखी जा सकती है। बसंत पंचमी पर चंद्रमा का मीन राशि में गोचर सरस्वती आराधना के लिए विशेष शुभ माना गया है।

    सूर्य समय
    सूर्योदय सुबह 7 बजकर 13 मिनट
    सूर्यास्त शाम 5 बजकर 52 मिनट

    आज के पर्व
    बसंत पंचमी
    श्री पंचमी
    सरस्वती पूजा
    लक्ष्मी पूजन
    आज विद्यारंभ पुस्तक पूजन और पीले वस्त्र धारण करने की परंपरा विशेष रूप से मानी जाती है।

    शुभ मुहूर्त
    ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:11 से 6:04
    विजय मुहूर्त दोपहर 2:08 से 2:52
    गोधूलि बेला शाम 5:42 से 6:08
    निशीथ काल रात्रि 11:54 से 12:47

    अशुभ समय
    राहुकाल सुबह 10:30 से 12:00
    गुलिक काल सुबह 7:30 से 9:00
    यमगंड दोपहर 3:30 से 4:30
    दुर्मुहूर्त सुबह 9:06 से 9:50
    पंचक पूरे दिन प्रभावी रहेगा।

    अमृत काल
    सुबह 9:53 से 11:13 तक

    धार्मिक दृष्टि से आज का दिन पूजा साधना और शुभ संकल्प के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की आराधना से बुद्धि विवेक स्मरण शक्ति और विद्या में वृद्धि होने का विश्वास किया जाता है।

    आज शुक्रवार 23 जनवरी 2026 को माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के साथ बसंत पंचमी का पावन पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन ज्ञान विद्या संगीत और कला की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बसंत पंचमी से ऋतुओं के परिवर्तन की शुरुआत होती है और जीवन में नई ऊर्जा सृजनशीलता और सकारात्मकता का प्रवेश होता है। सूर्य उत्तरायण में स्थित है और शिशिर ऋतु का प्रभाव बना हुआ है जिससे आज के दिन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

    तिथि वार और संवत
    आज माघ शुक्ल पंचमी तिथि रात्रि 1 बजकर 47 मिनट तक रहेगी इसके बाद षष्ठी तिथि का आरंभ होगा।
    वार शुक्रवार है।
    विक्रम संवत 2082
    शक संवत 1947
    राष्ट्रीय मिति माघ 03
    हिजरी तारीख शब्बन 03 1447
    सौर मास माघ मास प्रविष्टे 10

    नक्षत्र योग और करण
    दिन की शुरुआत पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में होगी जो दोपहर 2 बजकर 33 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र आरंभ होगा।
    योग की बात करें तो परिधि योग अपराह्न 3 बजकर 59 मिनट तक रहेगा इसके पश्चात शिव योग का शुभ संयोग बनेगा।
    करण बव करण दोपहर 2 बजकर 8 मिनट तक रहेगा इसके बाद कौलव करण प्रभावी होगा।

    चंद्रमा की स्थिति
    चंद्रमा सुबह 8 बजकर 34 मिनट तक कुंभ राशि में रहेगा इसके बाद गुरु की राशि मीन में प्रवेश करेगा। इससे भावनात्मक संतुलन आध्यात्मिक झुकाव और रचनात्मक सोच में वृद्धि देखी जा सकती है। बसंत पंचमी पर चंद्रमा का मीन राशि में गोचर सरस्वती आराधना के लिए विशेष शुभ माना गया है।

    सूर्य समय
    सूर्योदय सुबह 7 बजकर 13 मिनट
    सूर्यास्त शाम 5 बजकर 52 मिनट

    आज के पर्व
    बसंत पंचमी
    श्री पंचमी
    सरस्वती पूजा
    लक्ष्मी पूजन
    आज विद्यारंभ पुस्तक पूजन और पीले वस्त्र धारण करने की परंपरा विशेष रूप से मानी जाती है।

    शुभ मुहूर्त
    ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:11 से 6:04
    विजय मुहूर्त दोपहर 2:08 से 2:52
    गोधूलि बेला शाम 5:42 से 6:08
    निशीथ काल रात्रि 11:54 से 12:47

    अशुभ समय
    राहुकाल सुबह 10:30 से 12:00
    गुलिक काल सुबह 7:30 से 9:00
    यमगंड दोपहर 3:30 से 4:30
    दुर्मुहूर्त सुबह 9:06 से 9:50
    पंचक पूरे दिन प्रभावी रहेगा।

    अमृत काल
    सुबह 9:53 से 11:13 तक

    धार्मिक दृष्टि से आज का दिन पूजा साधना और शुभ संकल्प के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की आराधना से बुद्धि विवेक स्मरण शक्ति और विद्या में वृद्धि होने का विश्वास किया जाता है।

  • बुजुर्गों को समर्पित 'संध्या छाया': मुख्यमंत्री डॉ. यादव कल करेंगे अत्याधुनिक वृद्धाश्रम का लोकार्पण

    बुजुर्गों को समर्पित 'संध्या छाया': मुख्यमंत्री डॉ. यादव कल करेंगे अत्याधुनिक वृद्धाश्रम का लोकार्पण


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी में बुजुर्गों के सम्मानजनक और सुविधापूर्ण जीवन की दिशा में शनिवार को एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 24 जनवरी को प्रातः 11 बजे भोपाल के पॉश इलाके पत्रकार कॉलोनी लिंक रोड नंबर 3 में नवनिर्मित सशुल्क वृद्धाश्रम संध्या छाया का भव्य लोकार्पण करेंगे। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा तैयार किया गया यह वृद्धाश्रम आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस है, जिसे विशेष रूप से उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो सशुल्क आधार पर एक सुरक्षित और संभ्रांत वातावरण में रहना चाहते हैं।

    लोकार्पण का यह कार्यक्रम केवल एक भवन के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह सामाजिक सरोकारों का एक बड़ा संगम बनेगा। इसी मंच से मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य स्तरीय स्पर्श मेला-2026 की विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत कर उनकी प्रतिभा का सम्मान करेंगे। साथ ही प्रदेश के लाखों बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए राहत की खबर यह है कि मुख्यमंत्री एक सिंगल क्लिक के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन के हितग्राहियों के खातों में 327 करोड़ रुपये की विशाल राशि सीधे अंतरित DBT करेंगे।

    इस गरिमामयी समारोह में शासन और प्रशासन के कई दिग्गज शामिल होंगे। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण तथा उद्यानिकी मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय और स्थानीय विधायक श्री भगवान दास सबनानी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।

    संध्या छाया वृद्धाश्रम का निर्माण इस सोच के साथ किया गया है कि ढलती उम्र में बुजुर्गों को न केवल आवास, बल्कि स्वास्थ्य मनोरंजन और आध्यात्मिक शांति का परिवेश भी मिले। यह केंद्र राजधानी में वरिष्ठ नागरिक सेवा का एक मॉडल बनकर उभरेगा। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर पत्रकार कॉलोनी क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और विभाग ने लोकार्पण समारोह को लेकर सभी आवश्यक प्रबंध पूर्ण कर लिए हैं।

  • बसंत पंचमी पर विद्या की अधिष्ठात्री मां सरस्वती की आराधना

    बसंत पंचमी पर विद्या की अधिष्ठात्री मां सरस्वती की आराधना


    नई दिल्ली :आज देशभर में बसंत पंचमी का पर्व श्रद्धा आस्था और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व विद्या ज्ञान वाणी और विवेक की देवी मां सरस्वती की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी तिथि को मां सरस्वती का पृथ्वी पर प्राकट्य हुआ था। इसलिए इस दिन की गई पूजा आराधना और दान को अत्यंत फलदायी बताया गया है।

    इस वर्ष बसंत पंचमी पर ज्योतिषीय दृष्टि से भी शुभ संयोग बना हुआ है। पंचमी तिथि पूरे दिन प्रभावी है और चंद्रमा का संचार गुरु की राशि मीन में हो रहा है। ऐसे में ज्ञान और बुद्धि के कारक ग्रहों का यह योग सरस्वती साधना के लिए विशेष फल प्रदान करने वाला माना जा रहा है। मान्यता है कि इस योग में मां सरस्वती की आराधना करने से स्मरण शक्ति तेज होती है और शिक्षा कला लेखन व संगीत जैसे क्षेत्रों में प्रगति के मार्ग खुलते हैं।देशभर के विद्यालयों शिक्षण संस्थानों मंदिरों और घरों में सरस्वती पूजन का आयोजन किया गया है। विद्यार्थी अपने अध्ययन उपकरण पुस्तकों और वाद्य यंत्रों को मां सरस्वती के चरणों में समर्पित कर विद्या में सफलता की कामना कर रहे हैं। कलाकार और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोग भी इस दिन विशेष रूप से मां सरस्वती की उपासना करते हैं।

    प्रयागराज में माघ मेले का प्रमुख स्नान पर्व
    तीर्थराज प्रयागराज में बसंत पंचमी माघ मेले का प्रमुख स्नान पर्व माना जाता है। गंगा यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। साधु संतों के सान्निध्य में वेद पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान कर ज्ञान और सद्बुद्धि की कामना की। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

    पूजन की परंपरा और धार्मिक महत्व
    धार्मिक ग्रंथों के अनुसार बसंत पंचमी के दिन प्रातः स्नान कर स्वच्छ और पीले वस्त्र धारण कर पूजा करना शुभ माना जाता है। पीला रंग बसंत ऋतु उल्लास और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। पूजा में पीले पुष्प अक्षत धूप दीप और पीले मिष्ठान अर्पित किए जाते हैं। कई स्थानों पर भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण राधा के पूजन की भी परंपरा है।

    शिक्षा संस्कृति और चेतना का पर्व
    बसंत पंचमी को बच्चों के विद्यारंभ संस्कार से भी जोड़ा जाता है। इस दिन छोटे बच्चों को पहली बार अक्षर ज्ञान कराया जाता है। धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार शुद्ध मन सात्त्विक आचरण और संयम के साथ की गई आराधना से मां सरस्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यही कारण है कि बसंत पंचमी को केवल धार्मिक पर्व नहीं बल्कि शिक्षा संस्कृति और चेतना के जागरण का दिन माना जाता है।

  • बसंत पंचमी पर मीन राशि में प्रवेश करेगा चंद्रमा, तीन राशियों पर बरसेगी मां सरस्वती की कृपा

    बसंत पंचमी पर मीन राशि में प्रवेश करेगा चंद्रमा, तीन राशियों पर बरसेगी मां सरस्वती की कृपा


    नई दिल्ली :ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन भावनाओं और बुद्धि का कारक ग्रह माना गया है। इसकी चाल भले ही तेज हो लेकिन इसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर गहरा और त्वरित होता है। इस वर्ष बसंत पंचमी के पावन अवसर पर चंद्रमा एक महत्वपूर्ण राशि परिवर्तन करने जा रहा है। 23 जनवरी 2026 की सुबह 8 बजकर 34 मिनट पर चंद्रमा शनि की राशि कुंभ से निकलकर गुरु की राशि मीन में प्रवेश करेगा।

    ज्योतिषीय दृष्टि से यह गोचर बेहद शुभ माना जा रहा है क्योंकि मीन राशि ज्ञान आध्यात्म और रचनात्मकता की प्रतीक मानी जाती है। बसंत पंचमी स्वयं विद्या और ज्ञान की देवी मां सरस्वती को समर्पित पर्व है और ऐसे में चंद्रमा का मीन राशि में प्रवेश विशेष फलदायी माना जा रहा है। इस गोचर का प्रभाव खासतौर पर शिक्षा कला लेखन संगीत शोध और करियर से जुड़े लोगों पर सकारात्मक रूप से दिखाई देगा।ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस चंद्र गोचर से तीन राशियों पर मां सरस्वती की विशेष कृपा बनी रहेगी। इन राशियों के जातकों को मानसिक स्पष्टता नई सोच और आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

    वृषभ राशि
    वृषभ राशि के जातकों के लिए चंद्रमा का यह गोचर लाभ भाव में होगा। इससे आय में वृद्धि और करियर में सकारात्मक बदलाव के योग बन रहे हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों से प्रशंसा मिल सकती है और कुछ लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी भी मिल सकती है। व्यापार से जुड़े जातकों के लिए यह समय नए सौदे और लाभ के अवसर लेकर आ सकता है। विद्यार्थियों की एकाग्रता बढ़ेगी और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को नई पहचान मिल सकती है।

    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि के जातकों के लिए चंद्रमा पंचम भाव में गोचर करेगा जो शिक्षा बुद्धि और प्रेम का भाव माना जाता है। इस दौरान मानसिक स्पष्टता बढ़ेगी और लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। करियर में भी स्थितियां अनुकूल रहेंगी और यात्रा से लाभ के योग बनेंगे।

    धनु राशि
    धनु राशि के जातकों के लिए चंद्रमा चतुर्थ भाव में प्रवेश करेगा जो सुख परिवार और मानसिक शांति का कारक है। पारिवारिक जीवन में सौहार्द बना रहेगा और माता पिता का सहयोग मिलेगा। करियर में भी सकारात्मक बदलाव संभव हैं। शिक्षा कला और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को मान सम्मान मिलने के योग हैं। मां सरस्वती की कृपा से सीखने की क्षमता और एकाग्रता में वृद्धि होगी।कुल मिलाकर बसंत पंचमी पर होने वाला यह चंद्र गोचर ज्ञान बुद्धि और प्रगति का मार्ग प्रशस्त करने वाला सिद्ध हो सकता है।

  • पन्ना टाइगर रिजर्व के पास खौफ: वन्यजीव के हमले में 12 साल के मासूम की मौत, ग्रामीणों में भारी दहशत

    पन्ना टाइगर रिजर्व के पास खौफ: वन्यजीव के हमले में 12 साल के मासूम की मौत, ग्रामीणों में भारी दहशत

    पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है, जहाँ टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र से सटे एक गांव में वन्यजीव के जानलेवा हमले ने एक मासूम की जान ले ली। शुक्रवार की सुबह ग्राम जरधोवा में उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब 12 साल के एक बच्चे पर किसी अज्ञात शिकारी वन्यजीव ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं।

    यह दुखद घटना पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र की सीमा से लगे जरधोवा गांव की है। बताया जा रहा है कि बच्चा सुबह जब गांव के बाहरी हिस्से के पास था, तभी झाड़ियों में छिपे किसी हिंसक जानवर ने उस पर झपट्टा मार दिया। शोर सुनकर जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब तक वन्यजीव बच्चे को लहूलुहान कर जंगल की ओर भाग चुका था। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस प्रशासन की टीमें सक्रिय हो गई हैं।

    वन अधिकारी अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं और बारीकी से साक्ष्य जुटा रहे हैं। विभाग के विशेषज्ञों द्वारा मौके पर मिले पगमार्क की जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हमला तेंदुए ने किया है, बाघ ने या किसी अन्य जंगली जानवर ने। वन अधिकारियों का कहना है कि हमले की परिस्थितियों का आकलन किया जा रहा है और हमलावर जानवर की पहचान के लिए गश्त बढ़ा दी गई है।

    इस घटना ने एक बार फिर ‘इंसान और वन्यजीव’ के बीच बढ़ते संघर्ष को उजागर कर दिया है। पन्ना टाइगर रिजर्व के करीब स्थित गांवों में जंगली जानवरों की हलचल अक्सर देखी जाती है, लेकिन इस जानलेवा हमले ने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। ग्रामीण प्रशासन से सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों को जंगल की सीमा की ओर न जाने और समूह में रहने की सख्त हिदायत दी है।

  • रायपुर में शब्दों का महाकुंभ: 'आदि से अनादि तक' थीम के साथ रायपुर साहित्य उत्सव 2026 शुरू

    रायपुर में शब्दों का महाकुंभ: 'आदि से अनादि तक' थीम के साथ रायपुर साहित्य उत्सव 2026 शुरू

    रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर आज से देश भर के जाने-माने शब्द-साधकों और बुद्धिजीवियों के जमावड़े का केंद्र बन गई है। शुक्रवार को बसंत पंचमी के पावन और शुभ अवसर पर रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का भव्य आगाज हुआ। आदि से अनादि तक की बेहद गहरी और प्रासंगिक केंद्रीय थीम पर आधारित इस तीन दिवसीय साहित्यिक महाकुंभ का शुभारंभ अतिथियों द्वारा ज्ञान की देवी मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

    नया रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन के खुले और कलात्मक वातावरण में आयोजित यह महोत्सव अपनी ऐतिहासिकता और आधुनिकता के संगम के कारण पहले ही दिन चर्चा में आ गया है। 23 जनवरी से शुरू होकर 25 जनवरी तक चलने वाले इस महोत्सव में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और देश की व्यापक साहित्यिक परंपराओं का अद्भुत मेल देखने को मिल रहा है। आयोजन स्थल की सजावट और साहित्यिक सत्रों की रूपरेखा ने राजधानी के साहित्यिक प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित किया है।

    इस तीन दिवसीय उत्सव की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें देशभर से 120 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार दिग्गज कवि, मर्मज्ञ लेखक अनुभवी पत्रकार, प्रखर शिक्षाविद और चिंतक सहभागिता कर रहे हैं। उद्घाटन सत्र के दौरान वक्ताओं ने आदि से अनादि तक विषय की प्रासंगिकता पर चर्चा करते हुए कहा कि साहित्य ही वह सेतु है जो हमारी आदिम जड़ों को अनंत भविष्य से जोड़ता है।

    अगले दो दिनों तक पुरखौती मुक्तांगन के विभिन्न मंचों पर कविता पाठ, कहानी चर्चा, वैचारिक विमर्श छत्तीसगढ़ी साहित्य का भविष्य और पत्रकारिता की चुनौतियों जैसे विषयों पर गहन संवाद होगा। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के मंच न केवल स्थापित लेखकों को जगह देते हैं, बल्कि नए उभरते रचनाकारों को भी एक नई दृष्टि प्रदान करते हैं। वसंत की बयार के बीच शुरू हुए इस उत्सव ने रायपुर को साहित्यिक चेतना से सराबोर कर दिया है।

  • बैतूल छात्रवृत्ति घोटाला: पुलिस के हत्थे चढ़ा तीसरा आरोपी, 'गांव की बेटी योजना' में हुआ था बड़ा गबन

    बैतूल छात्रवृत्ति घोटाला: पुलिस के हत्थे चढ़ा तीसरा आरोपी, 'गांव की बेटी योजना' में हुआ था बड़ा गबन


    बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाले करीब डेढ़ करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में पुलिस ने आज एक और बड़ी सफलता हासिल की है। ‘गांव की बेटी योजना’ के तहत छात्राओं के हक की राशि डकारने वाले इस जालसाजी मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान प्रकाश बंजारे के रूप में हुई है, जो जिले के प्रतिष्ठित जेएच कॉलेज जयवंती हक्सर कॉलेज में सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदस्थ था।

    यह पूरा मामला सरकारी खजाने में सेंधमारी और उन बेटियों के भविष्य से खिलवाड़ का है, जिनके लिए सरकार प्रोत्साहन राशि भेजती है। जांच के दौरान सामने आया कि यह घोटाला करीब 1 करोड़ 44 लाख 65 हजार रुपये का है। आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से दस्तावेजों में हेरफेर कर ‘गांव की बेटी योजना’ के लिए आवंटित राशि का गबन किया। प्रकाश बंजारे पर आरोप है कि उसने पद का दुरुपयोग करते हुए इस वित्तीय अनियमितता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सरकारी धन को अवैध रूप से ठिकाने लगाने में मदद की।

    बैतूल पुलिस इस मामले में पहले ही दो आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। विभाग के भीतर चल रहे इस सिंडिकेट का भंडाफोड़ होने के बाद से ही पुलिस की टीमें कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई थीं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी प्रकाश से पूछताछ में इस घोटाले के कुछ और बड़े नामों और बैंक खातों की जानकारी सामने आ सकती है, जहाँ गबन की गई राशि ट्रांसफर की गई थी। इस गिरफ्तारी के बाद जेएच कॉलेज और शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। छात्राओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं में इतने बड़े स्तर पर सेंधमारी ने प्रशासनिक सतर्कता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब यह पड़ताल कर रही है कि क्या इस घोटाले की जड़ें कॉलेज प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों तक भी फैली हुई हैं। फिलहाल, प्रकाश बंजारे की गिरफ्तारी को इस करोड़ों के घोटाले के खुलासे में एक अहम कड़ी माना जा रहा है।

  • इंदौर में मौत का तांडव: दूषित पानी ने ली 26वीं जान, भागीरथपुरा में हाहाकार

    इंदौर में मौत का तांडव: दूषित पानी ने ली 26वीं जान, भागीरथपुरा में हाहाकार


    इंदौर। स्वच्छता में देश का सिरमौर रहने वाला इंदौर शहर इन दिनों एक भीषण जल-त्रासदी के दौर से गुजर रहा है। शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के सेवन से हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को इस जानलेवा जल संकट ने एक और बुजुर्ग की बलि ले ली, जिससे क्षेत्र में अब तक मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 26 हो गया है। प्रशासन की तमाम कोशिशों और दावों के बीच लगातार हो रही ये मौतें अब शहर की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।

    ताजा मामला 63 वर्षीय बद्री प्रसाद का है, जो पिछले कई दिनों से मौत और जिंदगी के बीच संघर्ष कर रहे थे। बताया जा रहा है कि दूषित पानी के कारण उन्हें गंभीर उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी, जिसके बाद 17 जनवरी को उन्हें अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बद्री प्रसाद पहले से ही टीबी की बीमारी से जूझ रहे थे और दूषित पानी के संक्रमण ने उनके शरीर को इतना कमजोर कर दिया कि शुक्रवार को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मृत्यु की खबर फैलते ही भागीरथपुरा क्षेत्र में मातम के साथ-साथ प्रशासन के खिलाफ आक्रोश और गहरा गया है।

    क्षेत्र में हालात अभी भी बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, फिलहाल अरविंदो अस्पताल में 10 और मरीज भर्ती हैं, जो दूषित पानी के दुष्प्रभाव से जूझ रहे हैं। इनमें से एक मरीज की स्थिति अत्यंत नाजुक बताई जा रही है, जिसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि भर्ती मरीजों में से 8 ऐसे हैं जो पहले से ही किसी न किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं, जिससे उन पर संक्रमण का असर अधिक घातक साबित हो रहा है।

    लगातार हो रही इन मौतों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है, लेकिन जमीन पर स्थिति अब भी बेकाबू नजर आ रही है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जल निकासी और पाइपलाइनों में लीकेज की समस्या को समय रहते ठीक नहीं किया गया, जिसका खामियाजा अब निर्दोष लोगों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है। भागीरथपुरा की गलियों में अब भी डर का साया है और लोग नल से आने वाले पानी की हर बूंद को संदेह की नजर से देख रहे हैं।

  • आरजीपीवी सुसाइड केस: वार्डन की 'नैतिक पुलिसिंग' ने ली छात्रा की जान? कैंपस में भारी आक्रोश

    आरजीपीवी सुसाइड केस: वार्डन की 'नैतिक पुलिसिंग' ने ली छात्रा की जान? कैंपस में भारी आक्रोश


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी स्थित प्रतिष्ठित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय आरजीपीवी का परिसर गुरुवार को उस वक्त सन्न रह गया, जब बीटेक प्रथम वर्ष की एक होनहार छात्रा सव्याश्री मुनागला 19 का शव उसके हॉस्टल के कमरे में फंदे से झूलता पाया गया। यह केवल एक आत्महत्या का मामला नहीं रह गया है, बल्कि हॉस्टल प्रबंधन की संवेदनशीलता और ‘नैतिक पुलिसिंगl पर एक बड़ा सवालिया निशान बनकर उभरा है। इस घटना के बाद से पूरे कैंपस में हड़कंप मचा हुआ है और साथी छात्र-छात्राओं में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
     
    प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका सव्याश्री आरजीपीवी के यूआईटी परिसर स्थित गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी। घटना की जड़ में वार्डन द्वारा की गई कथित प्रताड़ना को बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों और सीनियर छात्रों का आरोप है कि कुछ दिन पूर्व वार्डन ने सव्याश्री को किसी युवक के साथ देख लिया था। इसके बाद वार्डन ने न केवल छात्रा को कड़ी फटकार लगाई, बल्कि मर्यादाओं को ताक पर रखकर उसका वीडियो भी बना लिया। आरोप है कि वार्डन ने वह वीडियो छात्रा के परिजनों को भेज दिया, जिसके बाद से सव्याश्री गहरे मानसिक तनाव और लोक-लाज के भय में जी रही थी।

    गुरुवार को जब सव्याश्री अपने कमरे से बाहर नहीं निकली, तो सहेलियों ने उसे आवाज दी। कोई जवाब न मिलने पर जब दरवाजा खोला गया, तो अंदर का दृश्य भयावह था। छात्रा ने अपने ही दुपट्टे से फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली थी। घटना की खबर फैलते ही कैंपस में तनाव फैल गया। सीनियर छात्र आर्यमन देशमुख ने सीधे तौर पर वार्डन को इस मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वीडियो बनाकर परिजनों को भेजना और छात्रा को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना मानसिक प्रताड़ना की पराकाष्ठा थी। बदनामी के इसी डर ने एक उभरते करियर को असमय खत्म कर दिया।

    घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हॉस्टल और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। हालांकि, छात्रों की मांग है कि वार्डन के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कोई सुसाइड नोट छोड़ा गया है। यह दुखद घटना शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन के नाम पर होने वाले उत्पीड़न और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनहीनता को एक बार फिर कटघरे में खड़ा करती है।

  • CM विजयन ने दिल खोलकर की PM मोदी की तारीफ, जानें केरल में ऐसा क्या हुआ

    CM विजयन ने दिल खोलकर की PM मोदी की तारीफ, जानें केरल में ऐसा क्या हुआ



    नई दिल्ली :
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को तिरुवनंतपुरम में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करने के साथ-साथ नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। इस कार्यक्रम में केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि यह केरल के विकास के लिए बहुत बड़ा दिन है। मुख्यमंत्री विजयन ने कहा, ‘यह बहुत गर्व और खुशी की बात है कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘ईश्वर के अपने देश’ केरल में स्वागत करता हूं। प्रधानमंत्री ने केरल आकर कई ऐसे प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए हैं जो राज्य के विकास में बहुत मदद करेंगे।
    विजयन ने जताया पीएम मोदी आभार
    विजयन ने आगे कहा
    इनमें CSIR-NIIST इनोवेशन हब का शिलान्यास, पूजप्पुरा हेड पोस्ट ऑफिस बिल्डिंग का उद्घाटन, PM SVANIDHI योजना का शुभारंभ शामिल है, जिसके तहत एक लाख लाभार्थियों को मदद मिलेगी। यहां लाभार्थियों को क्रेडिट कार्ड सौंपे जा रहे हैं और लोन के चेक दिए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री द्वारा 3 नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों और एक पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई है। ये केरल के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।’ विजयन ने प्रधानमंत्री का आभार जताया और कहा, ‘यह राज्य सरकार के लिए संतुष्टि का एक बहुत खुशनुमा पल है, क्योंकि हम लंबे समय से केंद्र सरकार से इन प्रोजेक्ट्स के लिए मंजूरी मांग रहे थे।’

    पीएम ने केरल को दी 4 ट्रेनों की सौगात
    केरल के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री को इन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने के लिए दिल से धन्यवाद देता हूं। उम्मीद है कि यह सहयोग और अच्छी नीयत केरल के साथ आगे भी जारी रहेगी। मैं आशा करता हूं कि केरल की अन्य महत्वपूर्ण मांगों को भी समय पर पूरा किया जाएगा और प्रधानमंत्री यह सुनिश्चित करेंगे कि वे तय समय में लागू हो जाएं।’ बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने 4 नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई, जिनमें 3 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें नागरकोइल-मंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस तिरुवनंतपुरम-तंबरम अमृत भारत एक्सप्रेस और तिरुवनंतपुरम-चार्लपल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। इसके साथ ही त्रिशूर-गुरुवायूर पैसेंजर ट्रेन भी शुरू की गई। ये ट्रेनें केरल को तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से बेहतर जोड़ेंगी।

    PM ने केरल को दिए और भी कई गिफ्ट
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके अलावा PM SVANIDHI योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स के लिए क्रेडिट कार्ड लॉन्च किया गया और एक लाख लाभार्थियों को लोन दिए गए। उन्होंने CSIR-NIIST इनोवेशन, टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप हब का शिलान्यास रखा गया, जो विज्ञान और इनोवेशन को बढ़ावा देगा। इस मौके पर पूजप्पुरा हेड पोस्ट ऑफिस का नया भवन भी उद्घाटित किया गया, जो बेहतर पोस्टल और बैंकिंग सेवाएं देगा। बता दें कि पुथिरिकंडम मैदान में हुए इस कार्यक्रम में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, अन्य मंत्री और अधिकारी मौजूद थे।