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  • मई में बीएफएसआई फंड्स ने निवेशकों को दिया सबसे बेहतर रिटर्न, फिर भी लार्ज-कैप योजनाओं में बरकरार रहा एसआईपी निवेशकों का मजबूत भरोसा

    मई में बीएफएसआई फंड्स ने निवेशकों को दिया सबसे बेहतर रिटर्न, फिर भी लार्ज-कैप योजनाओं में बरकरार रहा एसआईपी निवेशकों का मजबूत भरोसा


    नई दिल्ली ।
    भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग में मई महीने के दौरान निवेशकों के व्यवहार और विभिन्न फंड श्रेणियों के प्रदर्शन ने एक दिलचस्प तस्वीर पेश की है। जहां कुछ विशेष थीमैटिक और माइक्रो-कैप फंड्स ने निवेशकों को आकर्षक रिटर्न दिया, वहीं निवेश का सबसे बड़ा प्रवाह अपेक्षाकृत सुरक्षित और स्थिर माने जाने वाले लार्ज-कैप फंड्स की ओर जारी रहा। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि निवेशक बेहतर रिटर्न की तलाश के साथ-साथ जोखिम प्रबंधन को भी प्राथमिकता दे रहे हैं।

    मई के दौरान बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा क्षेत्र पर आधारित बीएफएसआई थीमैटिक फंड्स ने शानदार प्रदर्शन किया। इस श्रेणी ने लगभग 5.5 प्रतिशत का रिटर्न दिया, जिससे यह महीने की सबसे चर्चित निवेश श्रेणियों में शामिल रही। इन फंड्स में बड़ी संख्या में प्रमुख बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के शेयर शामिल होने के कारण निवेशकों को सकारात्मक रिटर्न प्राप्त हुआ। बेहतर प्रदर्शन के चलते इस श्रेणी में उल्लेखनीय निवेश भी दर्ज किया गया।

    इसी अवधि में माइक्रो-कैप फंड्स ने लगभग 5.7 प्रतिशत का रिटर्न देकर सभी प्रमुख श्रेणियों में शीर्ष स्थान हासिल किया। हालांकि रिटर्न के मामले में यह सबसे आगे रहे, लेकिन निवेशकों की ओर से इन फंड्स में अपेक्षाकृत सीमित निवेश देखने को मिला। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि माइक्रो-कैप कंपनियों में जोखिम अधिक होने के कारण अधिकांश निवेशक अभी भी सावधानी बरत रहे हैं।

    स्मॉल-कैप और मिड-कैप फंड्स ने भी सकारात्मक प्रदर्शन किया। स्मॉल-कैप योजनाओं ने निवेशकों को संतोषजनक रिटर्न दिया और इनमें अच्छा निवेश प्रवाह बना रहा। वहीं मिड-कैप फंड्स में भी मजबूत निवेश देखा गया, हालांकि रिटर्न अपेक्षाकृत सीमित रहा। यह दर्शाता है कि निवेशक मध्यम और दीर्घकालिक विकास की संभावनाओं को देखते हुए इन श्रेणियों में अपनी हिस्सेदारी बनाए हुए हैं।

    दिलचस्प तथ्य यह रहा कि मई में सबसे कम रिटर्न देने वाली प्रमुख श्रेणी लार्ज-कैप फंड्स रही, लेकिन निवेश के मामले में यही वर्ग सबसे आगे रहा। इन फंड्स में हजारों करोड़ रुपये का निवेश दर्ज किया गया, जो अन्य कई श्रेणियों की तुलना में कहीं अधिक था। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार इसका मुख्य कारण व्यवस्थित निवेश योजना यानी एसआईपी के माध्यम से होने वाला नियमित निवेश है, जो बड़ी और स्थापित कंपनियों पर आधारित योजनाओं में लगातार प्रवाहित होता रहता है।

    फ्लेक्सी-कैप फंड्स ने भी निवेशकों का भरोसा बनाए रखा। विभिन्न बाजार पूंजीकरण वाली कंपनियों में निवेश की स्वतंत्रता के कारण ये योजनाएं निवेशकों को विविधीकरण का लाभ देती हैं। इसी वजह से इन फंड्स में भी उल्लेखनीय निवेश दर्ज किया गया और इनका प्रदर्शन स्थिर बना रहा।

    मई के दौरान एसआईपी निवेश ने एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया। देशभर के करोड़ों निवेशकों ने नियमित निवेश के माध्यम से बाजार में अपनी भागीदारी बनाए रखी। सक्रिय एसआईपी खातों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो यह संकेत देती है कि भारतीय निवेशक अब दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण के लिए व्यवस्थित निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।

    भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग का कुल प्रबंधनाधीन संपत्ति आधार भी मजबूत स्तर पर बना हुआ है। बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बड़ी मात्रा में खरीदारी कर बाजार को स्थिरता प्रदान की। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि घरेलू निवेशकों की भागीदारी अब भारतीय शेयर बाजार की मजबूती का महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में निवेशकों का ध्यान प्रदर्शन और स्थिरता दोनों पर केंद्रित रहेगा। ऐसे में लार्ज-कैप, फ्लेक्सी-कैप और मजबूत सेक्टोरल फंड्स निवेशकों की पसंद बने रह सकते हैं, जबकि उच्च जोखिम लेने वाले निवेशक माइक्रो और स्मॉल-कैप अवसरों पर भी नजर बनाए रखेंगे।

  • स्विट्जरलैंड बैठक टली, ईरान–अमेरिका के बीच नई बातचीत की तैयारी तेज

    स्विट्जरलैंड बैठक टली, ईरान–अमेरिका के बीच नई बातचीत की तैयारी तेज


    नई दिल्ली । मध्य-पूर्व की राजनीति में एक बार फिर बड़ी कूटनीतिक हलचल देखने को मिल रही है जहां ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित वार्ता फिलहाल टल गई है। स्विट्जरलैंड में होने वाली दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों की बैठक को स्थगित कर दिया गया है हालांकि ईरानी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि बातचीत की प्रक्रिया अभी रुकी नहीं है और जल्द ही नई बैठक की योजना पर काम चल रहा है।

    ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई के अनुसार अगले चरण की बातचीत को लेकर मध्यस्थों के माध्यम से लगातार परामर्श जारी है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत के लिए नई तारीखों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है और परिस्थितियों के अनुकूल होते ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान का कहना है कि प्रस्तावित समझौते की आगे की प्रक्रिया कुछ महत्वपूर्ण शर्तों पर निर्भर करती है। इनमें क्षेत्रीय संघर्षों का अंत सैन्य गतिविधियों में कमी और आर्थिक प्रतिबंधों से राहत जैसे मुद्दे शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा ईरान की ओर से यह भी कहा गया है कि तेल निर्यात और फ्रीज की गई संपत्तियों से जुड़े मामलों पर भी चर्चा आवश्यक है।

    बयान में यह भी संकेत दिया गया है कि हालिया बातचीत का उद्देश्य किसी अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर करना था लेकिन कुछ प्रक्रियात्मक बदलावों और हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के चलते बैठक को फिलहाल आगे बढ़ाना पड़ा।

    ईरानी पक्ष का दावा है कि हाल के दिनों में क्षेत्रीय स्तर पर कुछ अहम समझौतों और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर हुए हैं जिसके बाद मौजूदा बैठक की आवश्यकता पर दोबारा विचार किया गया है। हालांकि कूटनीतिक चैनल सक्रिय बने हुए हैं और बातचीत की संभावनाएं अभी भी पूरी तरह खुली हैं।

    इस बीच क्षेत्रीय तनाव भी चर्चा में बना हुआ है जहां ईरान और पश्चिमी देशों के बीच पिछले कुछ समय से स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। ऐसे में इस नई वार्ता को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें टिकी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह बातचीत आगे बढ़ती है तो यह न सिर्फ ईरान–अमेरिका संबंधों के लिए बल्कि पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र की स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

  • अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद से शेयर बाजार में लौटी मजबूती, लगातार दूसरे सप्ताह निफ्टी और सेंसेक्स ने दिखाई दमदार बढ़त

    अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद से शेयर बाजार में लौटी मजबूती, लगातार दूसरे सप्ताह निफ्टी और सेंसेक्स ने दिखाई दमदार बढ़त

    नई दिल्ली । वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कमी की उम्मीद और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भारतीय शेयर बाजार को सप्ताहभर सकारात्मक दिशा प्रदान की। निवेशकों के बीच बढ़े भरोसे का असर यह रहा कि प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स लगातार दूसरे सप्ताह बढ़त दर्ज करने में सफल रहे। हालांकि सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिली, लेकिन पूरे सप्ताह का प्रदर्शन निवेशकों के लिए उत्साहजनक रहा।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती कूटनीतिक गतिविधियों ने वैश्विक निवेशकों की चिंताओं को कुछ हद तक कम किया। इससे ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता में राहत मिली और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सकारात्मक माहौल बना। इसी का लाभ भारतीय बाजार को भी मिला, जहां निवेशकों ने चुनिंदा क्षेत्रों में जमकर खरीदारी की।

    सप्ताह के दौरान निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ने मजबूत प्रदर्शन किया। हालांकि अंतिम कारोबारी सत्र में आईटी शेयरों में बिकवाली और निवेशकों द्वारा मुनाफा वसूली के कारण बाजार पर दबाव देखने को मिला। इसके बावजूद पूरे सप्ताह का रुख सकारात्मक बना रहा और प्रमुख सूचकांक उल्लेखनीय बढ़त के साथ बंद हुए। इससे यह संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा अभी भी बाजार में कायम है।

    कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने भी बाजार को महत्वपूर्ण समर्थन दिया। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा कीमतों में गिरावट का सीधा असर उन अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ता है जो बड़े पैमाने पर तेल आयात करती हैं। भारत के लिए यह स्थिति महंगाई नियंत्रण, व्यापार संतुलन और आर्थिक स्थिरता के लिहाज से सकारात्मक मानी जाती है। इसी कारण निवेशकों ने कई क्षेत्रों में सक्रियता दिखाई।

    सप्ताह के दौरान भारतीय मुद्रा में भी मजबूती दर्ज की गई। डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति बेहतर होने से विदेशी निवेशकों के दृष्टिकोण में सुधार देखा गया। वित्तीय बाजारों में मुद्रा की स्थिरता को निवेश के लिए अनुकूल संकेत माना जाता है और इसका असर शेयर बाजार की धारणा पर भी दिखाई दिया।

    क्षेत्रवार प्रदर्शन की बात करें तो उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु, रियल एस्टेट, फार्मा और रक्षा क्षेत्र के शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। विशेष रूप से रक्षा क्षेत्र में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही और इस क्षेत्र ने सप्ताह के दौरान उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की। मजबूत ऑर्डर बुक, दीर्घकालिक विकास संभावनाएं और सरकारी नीतिगत समर्थन इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।

    इसके विपरीत सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र दबाव में रहा। वैश्विक स्तर पर तकनीकी सेवाओं की मांग को लेकर जारी चिंताओं और कमजोर कारोबारी अनुमानों के कारण आईटी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। इससे संबंधित सूचकांक सप्ताह के सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों में शामिल रहा।

    मौद्रिक नीति के मोर्चे पर भी निवेशकों की नजरें बनी हुई हैं। प्रमुख वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा अपनाए जा रहे सतर्क रुख के कारण ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। वहीं भारत में भी नीति निर्माताओं का दृष्टिकोण फिलहाल संतुलित और सावधानीपूर्ण माना जा रहा है।

    आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर मानसून की प्रगति, कृषि क्षेत्र की गतिविधियों, महंगाई के आंकड़ों और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर रहेगी। विशेष रूप से खरीफ फसलों की बुआई और ग्रामीण मांग से जुड़े संकेत बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक तनाव में और कमी आती है तथा कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित बनी रहती हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल आगे भी जारी रह सकता है। हालांकि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक आंकड़ों पर निवेशकों की सतर्क निगाह बनी रहेगी।

  • राजेश खन्ना–अंजू ब्रेकअप की अनसुनी दास्तान, सीक्रेट पार्टी बनी रिश्ते के टूटने की वजह

    राजेश खन्ना–अंजू ब्रेकअप की अनसुनी दास्तान, सीक्रेट पार्टी बनी रिश्ते के टूटने की वजह


    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के पहले सुपरस्टार कहे जाने वाले राजेश खन्ना की निजी जिंदगी हमेशा से ही चर्चा और गॉसिप का हिस्सा रही है। उनकी और अभिनेत्री अंजू महेंद्रू की सात साल लंबी रिलेशनशिप एक वक्त पर फिल्मी दुनिया की सबसे चर्चित प्रेम कहानियों में से एक मानी जाती थी लेकिन यह रिश्ता जितनी तेजी से जुड़ा उतनी ही नाटकीय परिस्थितियों में टूट भी गया।

    कई किताबों और रिपोर्ट्स में इस बात का जिक्र मिलता है कि उनके रिश्ते में दरार की सबसे बड़ी वजह एक सीक्रेट पार्टी बनी थी जो खंडाला में आयोजित की गई थी। कहा जाता है कि राजेश खन्ना ने यह पार्टी अपने बेहद करीबी दोस्तों के लिए रखी थी जिसमें अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार के कुछ सदस्य भी शामिल थे। खास बात यह थी कि इस पार्टी के बारे में अंजू महेंद्रू को कोई जानकारी नहीं दी गई थी।

    जानकारी के मुताबिक यह आयोजन बेहद निजी रखा गया था और राजेश खन्ना ने अपने स्टाफ तक को सख्त हिदायत दी थी कि इसकी भनक बाहर न जाए। लेकिन किसी तरह अंजू महेंद्रू को इस पार्टी के बारे में पता चल गया और वह सीधे खंडाला पहुंच गईं। बताया जाता है कि जब वह वहां पहुंचीं तब तक पार्टी को तुरंत एक दूसरे होटल में शिफ्ट कर दिया गया था ताकि स्थिति को संभाला जा सके।

    इस पूरे घटनाक्रम ने दोनों के रिश्ते में गहरी खाई पैदा कर दी। अंजू महेंद्रू बेहद आहत होकर वापस लौट गईं और इसके बाद उनके और राजेश खन्ना के बीच दूरी बढ़ती चली गई। कहा जाता है कि इसी दौरान राजेश खन्ना का झुकाव डिंपल कपाड़िया की ओर बढ़ने लगा था जिससे रिश्ते की स्थिति और भी जटिल हो गई।

    घटनाओं के बाद यह भी बताया जाता है कि अंजू महेंद्रू और राजेश खन्ना के बीच बातचीत पूरी तरह खत्म होने की कगार पर पहुंच गई थी। अंजू की नाराजगी इतनी गहरी थी कि उन्होंने काका के प्रति कठोर रुख अपनाया और संपर्क तोड़ने का फैसला कर लिया। वहीं दूसरी ओर राजेश खन्ना ने भी इस रिश्ते से आगे बढ़ने का मन बना लिया था।

    इसी दौर में राजेश खन्ना ने डिंपल कपाड़िया से शादी का फैसला किया जिसने पूरे फिल्म इंडस्ट्री को चौंका दिया। उनकी शादी साल 1973 में हुई और इसके बाद वह एक नई पारिवारिक जिंदगी में प्रवेश कर गए। हालांकि यह रिश्ता भी लंबे समय तक स्थिर नहीं रह सका और 1982 में दोनों अलग हो गए।

    इस पूरी कहानी को आज भी बॉलीवुड के सबसे चर्चित और भावनात्मक किस्सों में से एक माना जाता है जहां एक सीक्रेट पार्टी ने एक लंबी प्रेम कहानी का अंत कर दिया और भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नई कहानी की शुरुआत कर दी।

  • कीमती धातुओं में जोरदार गिरावट: सोना हुआ 2,800 रुपये सस्ता, चांदी में 10 हजार रुपये से ज्यादा की कमी ने बढ़ाई खरीदारी की उम्मीद

    कीमती धातुओं में जोरदार गिरावट: सोना हुआ 2,800 रुपये सस्ता, चांदी में 10 हजार रुपये से ज्यादा की कमी ने बढ़ाई खरीदारी की उम्मीद

    नई दिल्ली । देशभर के सर्राफा और बुलियन बाजार में इस सप्ताह कीमती धातुओं की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे उपभोक्ताओं को राहत मिली है। सप्ताह भर के कारोबार के दौरान सोने और चांदी दोनों में लगातार कमजोरी देखने को मिली, जिसके परिणामस्वरूप सोना हजारों रुपये सस्ता हुआ जबकि चांदी में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों और वैश्विक निवेशकों की बदलती रणनीतियों का सीधा प्रभाव इन धातुओं की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।

    ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में सप्ताह भर के दौरान करीब 2,800 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई। इसी तरह 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के भाव में भी उल्लेखनीय कमी देखने को मिली। लगातार गिरते दामों ने उन उपभोक्ताओं को राहत दी है जो शादी-विवाह, निवेश या आभूषण खरीदारी के लिए उचित अवसर का इंतजार कर रहे थे।

    बाजार में सोने की कीमतों ने सप्ताह के दौरान कई उतार-चढ़ाव भी देखे। शुरुआती दिनों में जहां भाव अपेक्षाकृत ऊंचे स्तर पर बने रहे, वहीं सप्ताह के अंत तक लगातार बिकवाली के दबाव ने कीमतों को नीचे ला दिया। कारोबारियों के अनुसार निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने में अपनी कुछ हिस्सेदारी कम की, जिससे बाजार में कमजोरी बढ़ी।

    सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सप्ताह भर में चांदी के दाम में 10,000 रुपये से अधिक की कमी देखने को मिली। औद्योगिक मांग और निवेश गतिविधियों से प्रभावित होने वाली चांदी में आई यह गिरावट बाजार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जानकारों का कहना है कि चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव अक्सर सोने की तुलना में अधिक होता है और मौजूदा गिरावट उसी प्रवृत्ति को दर्शाती है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। वैश्विक स्तर पर सोना और चांदी दोनों कमजोर रुख के साथ कारोबार कर रहे हैं। आर्थिक नीतियों, ब्याज दरों और डॉलर की मजबूती ने निवेशकों के रुझान को प्रभावित किया है। जब डॉलर मजबूत होता है तो आमतौर पर सोना और चांदी जैसी धातुओं की मांग पर दबाव पड़ता है, क्योंकि अन्य मुद्राओं में इनकी खरीद अपेक्षाकृत महंगी हो जाती है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति से जुड़े संकेत भी कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी या लंबे समय तक उच्च स्तर पर बने रहने की संभावना से निवेशकों का झुकाव अन्य वित्तीय साधनों की ओर बढ़ सकता है। यही कारण है कि हाल के दिनों में बुलियन बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा है।

    हालांकि बाजार विश्लेषकों का यह भी मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए गिरावट के दौर को अवसर के रूप में देखा जा सकता है। सोना और चांदी परंपरागत रूप से सुरक्षित निवेश माने जाते हैं और आर्थिक अनिश्चितता के समय इनकी मांग फिर बढ़ सकती है। ऐसे में मौजूदा स्तरों पर खरीदारी को लेकर निवेशकों की रुचि भी बढ़ने की संभावना है।

    सर्राफा कारोबारियों के अनुसार आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घटनाक्रम, डॉलर की चाल और ब्याज दरों से जुड़े संकेतों पर बाजार की नजर बनी रहेगी। यदि वैश्विक परिस्थितियों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता है तो कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फिलहाल, कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट ने खरीदारों को राहत और निवेशकों को नए अवसर तलाशने का मौका जरूर दिया है।

  • आमिर खान प्रोडक्शन की नई डॉक्यूमेंट्री में दिखेगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की संघर्ष भरी कहानी

    आमिर खान प्रोडक्शन की नई डॉक्यूमेंट्री में दिखेगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की संघर्ष भरी कहानी


    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा और ओटीटी की दुनिया में सामाजिक और वास्तविक जीवन पर आधारित कहानियों के लिए पहचाने जाने वाले आमिर खान प्रोडक्शन ने एक और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की शुरुआत कर दी है। इस बार प्रोडक्शन हाउस ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री बनाने का ऐलान किया है। यह प्रोजेक्ट न केवल उनकी व्यक्तिगत यात्रा को सामने लाएगा बल्कि उनके संघर्ष और उपलब्धियों को भी विस्तार से दर्शाएगा।

    सूत्रों के अनुसार इस डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग पहले ही शुरू हो चुकी है। टीम ने ओडिशा के उस छोटे से गांव में भी शूटिंग की है जहां से राष्ट्रपति मुर्मू का जीवन प्रारंभ हुआ था। इस डॉक्यूमेंट्री में स्थानीय कलाकारों को भी शामिल किया गया है ताकि कहानी को अधिक वास्तविक और जमीनी रूप दिया जा सके।

    फिल्म का निर्देशन स्वाति चक्रवर्ती कर रही हैं जिन्होंने पहले भी आमिर खान के साथ रूबरू रोशनी जैसी चर्चित डॉक्यूमेंट्री पर काम किया था। इस बार भी उन्होंने एक ऐसी कहानी को चुना है जो प्रेरणा और सामाजिक बदलाव का संदेश देती है।

    डॉक्यूमेंट्री में द्रौपदी मुर्मू के बचपन से लेकर उनके राजनीतिक और सामाजिक जीवन तक की पूरी यात्रा को दिखाया जाएगा। इसमें यह भी बताया जाएगा कि किस तरह उन्होंने एक आदिवासी पृष्ठभूमि से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने का ऐतिहासिक सफर तय किया। यह कहानी उनके संघर्ष उनके समर्पण और समाज के लिए किए गए कार्यों को गहराई से उजागर करेगी।

    इसके साथ ही डॉक्यूमेंट्री में उनके निजी जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को भी शामिल किया जाएगा। उनके जीवन के कठिन दौर और चुनौतियों को भी ईमानदारी के साथ प्रस्तुत किया जाएगा ताकि दर्शक उनकी वास्तविक यात्रा को समझ सकें।

    एक विशेष हिस्सा उस ऐतिहासिक क्षण पर केंद्रित होगा जब उन्हें देश के राष्ट्रपति पद के लिए चुना गया था। यह पल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जाता है और डॉक्यूमेंट्री में इसे विस्तार से दिखाया जाएगा।

    आमिर खान प्रोडक्शन पहले भी कई ऐसी कहानियां लेकर आया है जो समाज में सकारात्मक प्रभाव छोड़ती हैं। इस प्रोडक्शन की पहचान ही ऐसी फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री से है जो वास्तविक घटनाओं पर आधारित होती हैं और दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती हैं।

    इसके अलावा प्रोडक्शन हाउस एक और बड़े प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहा है जो 1947 के ऐतिहासिक विभाजन पर आधारित फिल्म है। इस फिल्म में कई बड़े कलाकार नजर आएंगे और यह एक भव्य ऐतिहासिक ड्रामा होगा।

    कुल मिलाकर द्रौपदी मुर्मू पर बन रही यह डॉक्यूमेंट्री न केवल उनके जीवन को उजागर करेगी बल्कि देश की नई पीढ़ी को यह संदेश भी देगी कि संघर्ष और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी ऊंचाई तक पहुंचा जा सकता है।

  • लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 2 करोड़ की फिरौती, दिल्ली से सिवनी तक पहुंची जांच, मोबाइल नंबर से खुला एमपी कनेक्शन

    लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 2 करोड़ की फिरौती, दिल्ली से सिवनी तक पहुंची जांच, मोबाइल नंबर से खुला एमपी कनेक्शन


    नई दिल्ली ।
    लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर दिल्ली के एक व्यापारी से 2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। तकनीकी जांच के दौरान इस मामले का कनेक्शन मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से जुड़ने के बाद दिल्ली पुलिस की विशेष टीम जांच के लिए सिवनी पहुंची। फिलहाल पुलिस साइबर एंगल से मामले की गहन पड़ताल कर रही है और कॉल से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार दिल्ली के एक कारोबारी को व्हाट्सएप कॉल के जरिए धमकी दी गई थी। कॉल करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताते हुए 2 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की। व्यापारी को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई थी। घटना के बाद व्यापारी ने पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।

    जांच के दौरान पुलिस ने कॉल में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर की तकनीकी ट्रैकिंग की। प्रारंभिक जांच में पता चला कि संबंधित नंबर मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के एक युवक के नाम पर पंजीकृत है। इसी जानकारी के आधार पर दिल्ली पुलिस की टीम स्थानीय पुलिस के सहयोग से सिवनी पहुंची और संबंधित युवक से पूछताछ की।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक युवक का नाम सुनील सतनामी बताया जा रहा है। हालांकि अब तक की जांच में उसके सीधे तौर पर फिरौती मांगने या किसी संगठित आपराधिक गतिविधि में शामिल होने के प्रमाण नहीं मिले हैं। पुलिस ने युवक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसके डिजिटल डेटा की जांच की जा रही है।

    जांच एजेंसियों का मानना है कि संभव है किसी तीसरे व्यक्ति ने अनाधिकृत तरीके से युवक के मोबाइल नंबर का उपयोग किया हो या फिर सिम कार्ड का दुरुपयोग किया गया हो। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए साइबर विशेषज्ञ कॉल डिटेल रिकॉर्ड, इंटरनेट प्रोटोकॉल लॉग, व्हाट्सएप गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं।

    पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कॉल वास्तव में किस लोकेशन से की गई थी और क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है। हाल के वर्षों में कुख्यात गैंगों के नाम का इस्तेमाल कर व्यापारियों, डॉक्टरों और उद्योगपतियों से फिरौती मांगने के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें कई बार अपराधियों ने फर्जी पहचान और इंटरनेट आधारित कॉलिंग प्लेटफॉर्म का सहारा लिया है।

    मध्य प्रदेश और दिल्ली पुलिस के बीच समन्वय बनाकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर तकनीकी पहलू की जांच की जा रही है और जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाएगा।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यदि जरूरत पड़ी तो जांच का दायरा अन्य राज्यों तक भी बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि धमकी भरी व्हाट्सएप कॉल किसने की, मोबाइल नंबर का उपयोग कैसे हुआ और क्या इसके पीछे कोई संगठित आपराधिक नेटवर्क सक्रिय है।

    मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जल्द महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।

  • सांवेर के पोस्टरों से गायब दिखे कैलाश विजयवर्गीय, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले इंदौर की राजनीति में तेज हुई अटकलें

    सांवेर के पोस्टरों से गायब दिखे कैलाश विजयवर्गीय, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले इंदौर की राजनीति में तेज हुई अटकलें

    मध्य प्रदेश: की राजनीति में पोस्टर और होर्डिंग्स लंबे समय से राजनीतिक संदेशों और शक्ति प्रदर्शन का माध्यम रहे हैं। इंदौर जिले के सांवेर विधानसभा क्षेत्र में एक बड़े सरकारी कार्यक्रम से पहले सामने आए पोस्टरों ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। कार्यक्रम के प्रचार के लिए लगाए गए स्वागत पोस्टरों और होर्डिंग्स में कई प्रमुख नेताओं की तस्वीरें शामिल हैं, लेकिन प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री और इंदौर की राजनीति के प्रभावशाली चेहरे कैलाश विजयवर्गीय की तस्वीर दिखाई नहीं देने से विभिन्न तरह की अटकलें लगाई जाने लगी हैं।

    सांवेर क्षेत्र में आयोजित होने वाले भूमि पूजन और लोकार्पण कार्यक्रम को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के शामिल होने की संभावना ने इसे और अधिक चर्चा में ला दिया है। आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में बड़े स्तर पर प्रचार सामग्री लगाई गई है, जिनमें शीर्ष नेतृत्व और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है।

    राजनीतिक हलकों में चर्चा का मुख्य कारण यह है कि इंदौर और मालवा क्षेत्र की राजनीति में कैलाश विजयवर्गीय का प्रभाव लंबे समय से स्थापित माना जाता है। संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए किसी बड़े आयोजन के पोस्टरों में उनकी अनुपस्थिति को सामान्य घटना के रूप में नहीं देखा जा रहा है। यही कारण है कि स्थानीय राजनीतिक विश्लेषक और कार्यकर्ता इस घटनाक्रम के अलग-अलग अर्थ निकालने में जुटे हुए हैं।

    यह कार्यक्रम कैबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट के विधानसभा क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा है। वर्ष 2020 के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद भाजपा में शामिल हुए तुलसीराम सिलावट ने सांवेर क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ को लगातार मजबूत किया है। क्षेत्र में विकास कार्यों और जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। ऐसे में उनके विधानसभा क्षेत्र में आयोजित इस बड़े कार्यक्रम के पोस्टरों को लेकर उठी चर्चा राजनीतिक महत्व प्राप्त कर चुकी है।

    भाजपा के भीतर चल रहे संभावित समीकरणों और स्थानीय नेतृत्व की भूमिका को लेकर भी राजनीतिक पर्यवेक्षक विभिन्न दृष्टिकोण सामने रख रहे हैं। हालांकि पार्टी की ओर से अब तक इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कई लोग इसे आयोजन संबंधी तकनीकी या प्रचार सामग्री तैयार करने में हुई सामान्य चूक मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक संकेतों के रूप में भी देख रहे हैं।

    दिलचस्प बात यह है कि कार्यक्रम स्थल पर मंच व्यवस्था में कैलाश विजयवर्गीय के नाम की सीट आरक्षित होने की जानकारी सामने आई है। इससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि वे कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। ऐसे में पोस्टरों से तस्वीर का गायब होना और मंच पर उनके लिए स्थान निर्धारित होना, दोनों पहलुओं ने चर्चा को और अधिक रोचक बना दिया है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बड़े सार्वजनिक आयोजनों में पोस्टर और होर्डिंग्स केवल प्रचार का माध्यम नहीं होते, बल्कि वे राजनीतिक संदेश और संगठनात्मक प्राथमिकताओं को भी प्रतिबिंबित करते हैं। यही कारण है कि नेताओं की मौजूदगी या अनुपस्थिति को लेकर अक्सर राजनीतिक अर्थ निकाले जाते हैं।

    फिलहाल सांवेर में पोस्टर पॉलिटिक्स को लेकर शुरू हुई यह चर्चा इंदौर की राजनीति में नई बहस का विषय बन गई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कार्यक्रम के दौरान नेताओं की मौजूदगी और पार्टी की ओर से आने वाली संभावित प्रतिक्रिया इस पूरे घटनाक्रम को किस दिशा में ले जाती है।

  • इछावर में दर्दनाक सड़क हादसा: स्कूल परीक्षा के लिए निकली छात्रा गंभीर घायल, मोबाइल लॉक होने से परिजनों तक पहुंचने में मुश्किल

    इछावर में दर्दनाक सड़क हादसा: स्कूल परीक्षा के लिए निकली छात्रा गंभीर घायल, मोबाइल लॉक होने से परिजनों तक पहुंचने में मुश्किल

    मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र में शनिवार सुबह एक गंभीर सड़क दुर्घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया। परीक्षा देने स्कूल जा रही एक छात्रा और उसे बाइक से ले जा रहा युवक अज्ञात वाहन की टक्कर का शिकार हो गए। हादसा इतना भीषण था कि दोनों सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आसपास के लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।

    जानकारी के अनुसार छात्रा जिला मुख्यालय स्थित शासकीय एक्सीलेंस स्कूल में परीक्षा देने जा रही थी। वह एक युवक के साथ बाइक पर सवार होकर निर्धारित परीक्षा केंद्र की ओर बढ़ रही थी। इसी दौरान मोगराराम जोड़ के समीप उनकी बाइक को एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक असंतुलित हो गई और दोनों सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दुर्घटना के बाद वाहन चालक मौके पर रुके बिना फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दोनों घायलों को प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराते हुए जिला अस्पताल भिजवाया। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति भी बनी रही।

    अस्पताल में चिकित्सकों ने दोनों घायलों का परीक्षण किया। जांच में छात्रा के सिर सहित शरीर के विभिन्न हिस्सों में गंभीर चोटें पाई गईं। उसकी स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उसे भोपाल रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार छात्रा की हालत नाजुक बनी हुई है और उसका उपचार विशेषज्ञों की निगरानी में जारी है। वहीं बाइक चला रहे युवक का भी अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।

    दुर्घटना के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती घायलों की पहचान और उनके परिजनों तक सूचना पहुंचाने की बन गई है। छात्रा के पास से एक मोबाइल फोन मिला है, लेकिन उसमें स्क्रीन लॉक लगा होने के कारण पुलिस संपर्क नंबर प्राप्त नहीं कर पा रही है। इससे परिजनों तक तुरंत सूचना पहुंचाने में कठिनाई आ रही है। अधिकारियों ने उपलब्ध अन्य दस्तावेजों और सुरागों के आधार पर पहचान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    पुलिस को छात्रा के पास से एक प्रवेश पत्र भी मिला है। दस्तावेज में दर्ज जानकारी के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि छात्रा नसरुल्लागंज क्षेत्र की रहने वाली हो सकती है। इसी आधार पर संबंधित क्षेत्रों में संपर्क स्थापित करने और परिवार की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं घायल युवक की भी पूरी पहचान अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। हालांकि उसके हाथ पर ‘गणेश’ नाम अंकित होने के कारण पुलिस को कुछ सुराग मिलने की उम्मीद है।

    प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रों और संबंधित थानों को भी सूचना भेजी है ताकि दोनों घायलों के परिजनों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके। साथ ही दुर्घटना को अंजाम देने वाले अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश भी तेज कर दी गई है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के बढ़ते खतरे को उजागर करता है। परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए निकली छात्रा का इस तरह दुर्घटना का शिकार होना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास घायलों की पहचान या दुर्घटना से जुड़ी कोई जानकारी हो तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें, जिससे जांच को आगे बढ़ाने और परिजनों तक सूचना पहुंचाने में मदद मिल सके।

  • भोपाल में JEE अभ्यर्थी रहस्यमय परिस्थितियों में लापता, मोबाइल और जरूरी सामान घर पर छोड़कर निकला, पुलिस की तलाश जारी

    भोपाल में JEE अभ्यर्थी रहस्यमय परिस्थितियों में लापता, मोबाइल और जरूरी सामान घर पर छोड़कर निकला, पुलिस की तलाश जारी

    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे एक छात्र के अचानक लापता हो जाने का मामला सामने आया है। छात्र के रहस्यमय परिस्थितियों में घर से गायब होने के बाद परिजनों की चिंता बढ़ गई है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और छात्र की तलाश के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

    जानकारी के अनुसार लापता छात्र कृष धाकड़ पिछले करीब दो वर्षों से भोपाल में रहकर संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) की तैयारी कर रहा था। वह ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कर रहा था और शहर के कोलार रोड क्षेत्र में अपने रिश्तेदारों के साथ रह रहा था। परिवार के अनुसार उसकी पढ़ाई नियमित रूप से चल रही थी और हाल के दिनों में किसी विशेष परेशानी या विवाद की जानकारी सामने नहीं आई थी।

    परिजनों का कहना है कि बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात लगभग तीन बजे के आसपास कृष घर से बाहर निकल गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि वह अपना मोबाइल फोन, निजी दस्तावेज और अन्य आवश्यक सामान घर पर ही छोड़ गया। सुबह जब परिवार के सदस्यों ने उसे घर में नहीं पाया तो पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई।

    छात्र के अचानक लापता होने की खबर मिलने के बाद स्थानीय पुलिस सक्रिय हो गई। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने छात्र के कमरे, उसके सामान और आसपास के क्षेत्र की जानकारी एकत्रित की। चूंकि छात्र का मोबाइल फोन घर पर ही मिला है, इसलिए उसकी लोकेशन या कॉल रिकॉर्ड के आधार पर तत्काल कोई सुराग नहीं मिल सका। यही वजह है कि जांच एजेंसियां अब अन्य तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही हैं।

    पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने का काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों का प्रयास है कि यह पता लगाया जा सके कि छात्र घर से निकलने के बाद किस दिशा में गया और उसके बाद उसकी गतिविधियां क्या रहीं। इसके अलावा आसपास के इलाकों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों की भी जांच की जा रही है ताकि छात्र की मौजूदगी से जुड़ा कोई सुराग मिल सके।

    परिवार के सदस्य लगातार छात्र के परिचितों, मित्रों और रिश्तेदारों से संपर्क कर रहे हैं। हालांकि अब तक ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आई है जिससे उसके संभावित ठिकाने का पता चल सके। छात्र के अचानक बिना मोबाइल और आवश्यक सामान के घर छोड़ने की घटना ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। यही कारण है कि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों पर अक्सर शैक्षणिक दबाव और भविष्य को लेकर मानसिक तनाव भी रहता है। हालांकि वर्तमान मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी, क्योंकि जांच प्रारंभिक चरण में है और पुलिस सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

    पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। यदि किसी व्यक्ति को छात्र के संबंध में कोई जानकारी मिलती है या वह कहीं दिखाई देता है तो तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचित करने का अनुरोध किया गया है। प्रशासन का कहना है कि छात्र की सुरक्षित बरामदगी उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए सभी आवश्यक संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।

    फिलहाल परिवार छात्र के सकुशल लौटने की उम्मीद लगाए हुए है, जबकि पुलिस जांच को लगातार आगे बढ़ा रही है। मामले से जुड़े हर संभावित सुराग की जांच की जा रही है और अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही छात्र के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकेगी।