Blog

  • प्रेम प्रसंग से शुरू हुआ मर्डर केस अब पहुंचा राजनीति तक, आरोपी की तस्वीरों पर बवाल

    प्रेम प्रसंग से शुरू हुआ मर्डर केस अब पहुंचा राजनीति तक, आरोपी की तस्वीरों पर बवाल


    नरसिंहपुर —मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के चर्चित साईंखेड़ा हत्याकांड में अब राजनीतिक एंगल भी जुड़ गया है। हत्या के आरोपी अरुण पटेल की भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। तस्वीरों के सामने आने के बाद क्षेत्र में आरोपी की राजनीतिक पहुंच और रसूख को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
    वायरल  तस्वीरों में आरोपी अरुण पटेल, Darshan Singh Choudhary, Narendra Shivaji Patel और पूर्व मुख्यमंत्री Shivraj Singh Chouhan के साथ नजर आ रहा है। कुछ तस्वीरों में वह नेताओं को माला और गुलदस्ता भेंट करता दिखाई दे रहा है, जबकि एक फोटो सांसद के केबिन की बताई जा रही है। इन तस्वीरों के वायरल होने के बाद विपक्षी दलों और स्थानीय लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि, अब तक किसी भी भाजपा नेता की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
     प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
    पूरा मामला साईंखेड़ा थाना क्षेत्र से जुड़ा है। यहां राजस्थान निवासी पप्पू उर्फ वीर जाट की हत्या कर शव को बोरी में पैक कर रायसेन जिले की सीमा में नागन मोड़ सिरवारा ब्रिज के नीचे फेंक दिया गया था। बाड़ी पुलिस ने शव बरामद कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान मौके से मिले थैले, नोटबुक और हस्ताक्षरों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी रीना किरार का पहले अरुण पटेल से प्रेम संबंध था और अरुण ही उसका खर्च उठाता था। इसी बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए रीना की दोस्ती राजस्थान निवासी वीर जाट से हो गई और दोनों करीब आ गए। पुलिस के अनुसार अरुण पटेल को यह रिश्ता पसंद नहीं था। इसी रंजिश के चलते 29 अप्रैल को रीना किरार, अरुण पटेल और उनके साथियों ने मिलकर वीर जाट की हत्या कर दी।
    चार आरोपी गिरफ्तार, हथियार और वाहन जब्त
    पुलिस ने मामले में रीना किरार, अरुण पटेल, हरनाम सिंह और कन्हैया उर्फ अजय को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल बेसबॉल डंडा और एक चारपहिया वाहन भी बरामद किया गया है। इसके अलावा साईंखेड़ा स्थित आरोपी के घर को भी सील कर दिया गया है।
    सोशल मीडिया पर गरमाया मामला
    गिरफ्तारी के बाद जैसे ही आरोपी की नेताओं के साथ तस्वीरें सामने आईं, सोशल मीडिया पर मामला तेजी से वायरल हो गया। लोग आरोपी की राजनीतिक पहचान और प्रभाव को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। इस मामले में कांग्रेस नेता और तेंदूखेड़ा के पूर्व विधायक Sanjay Sharma ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और सरकार को संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।

  • अम्मा के बाद बिखरती AIADMK! क्या 2026 में खत्म हो जाएगी MGR-जयललिता की राजनीतिक विरासत?

    अम्मा के बाद बिखरती AIADMK! क्या 2026 में खत्म हो जाएगी MGR-जयललिता की राजनीतिक विरासत?

    नई दिल्ली ।तमिलनाडु की राजनीति में कभी बेहद मजबूत मानी जाने वाली All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam आज अपने सबसे कठिन दौर से गुजरती दिखाई दे रही है। 2026 विधानसभा चुनाव में मिली बड़ी हार के बाद पार्टी के भीतर लंबे समय से दबा असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि पार्टी एक और बड़े विभाजन की कगार पर खड़ी नजर आ रही है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या एमजीआर और J. Jayalalithaa द्वारा खड़ी की गई यह राजनीतिक विरासत अब बिखरने की ओर बढ़ रही है।

    चुनावी हार के बाद पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने मौजूदा नेतृत्व पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। पार्टी के भीतर एक बड़ा गुट खुलकर नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि मौजूदा रणनीति और फैसलों ने पार्टी को कमजोर कर दिया है, जिसका सीधा असर चुनावी परिणामों में दिखाई दिया। यही कारण है कि अब संगठन के भीतर दो अलग-अलग धड़े स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं।

    तमिलनाडु विधानसभा के हालिया सत्र के दौरान भी पार्टी के भीतर का मतभेद खुलकर सामने आ गया। विधायकों के अलग-अलग समूहों में दिखाई देने से यह साफ संकेत मिला कि अंदरूनी एकजुटता लगभग खत्म होती जा रही है। कुछ नेताओं ने खुले तौर पर मौजूदा नेतृत्व को अस्वीकार करते हुए नए चेहरे को आगे लाने की मांग की। इस घटनाक्रम ने पार्टी समर्थकों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam पहले भी कई बार आंतरिक संघर्षों का सामना कर चुकी है, लेकिन इस बार स्थिति पहले से कहीं ज्यादा गंभीर मानी जा रही है। पार्टी के संस्थापक M. G. Ramachandran और बाद में J. Jayalalithaa के नेतृत्व में संगठन ने तमिलनाडु की राजनीति में मजबूत पकड़ बनाई थी, लेकिन अब करिश्माई नेतृत्व की कमी साफ महसूस की जा रही है।

    विवाद की एक बड़ी वजह भविष्य की राजनीतिक रणनीति को लेकर भी बताई जा रही है। पार्टी के भीतर कुछ नेता बदलते राजनीतिक समीकरणों के अनुसार नई साझेदारी और गठबंधन की वकालत कर रहे हैं, जबकि दूसरा पक्ष पुराने ढर्रे पर आगे बढ़ना चाहता है। इसी टकराव ने संगठन के भीतर दूरी और बढ़ा दी है।

    चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद पार्टी के कई नेता खुलकर यह कह रहे हैं कि अगर समय रहते संगठन में बड़े बदलाव नहीं किए गए, तो पार्टी का जनाधार और कमजोर हो सकता है। समर्थकों के बीच भी निराशा का माहौल है क्योंकि वे लगातार पार्टी के भीतर बढ़ती खींचतान को देख रहे हैं।

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में यदि यह विवाद और गहराया, तो पार्टी के सामने पहचान और चुनाव चिन्ह तक का संकट खड़ा हो सकता है। फिलहाल पूरा तमिलनाडु इस राजनीतिक संघर्ष पर नजर बनाए हुए है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कोई नया नेतृत्व इस बिखरते संगठन को संभाल पाएगा या फिर यह संघर्ष पार्टी के इतिहास का सबसे बड़ा संकट साबित होगा।

  • IPL 2026: पहली बार आमने-सामने होंगी RCB और KKR, आंकड़ों में कोलकाता आगे

    IPL 2026: पहली बार आमने-सामने होंगी RCB और KKR, आंकड़ों में कोलकाता आगे


    नई दिल्ली। IPL 2026 का रोमांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। बुधवार शाम रायपुर के Shaheed Veer Narayan Singh International Stadium में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और Kolkata Knight Riders के बीच सीजन का बेहद अहम मुकाबला खेला जाएगा। मैच शाम 7:30 बजे शुरू होगा और दोनों टीमों के लिए इसकी अहमियत काफी ज्यादा है।
    Royal Challengers Bengaluru इस समय 14 अंकों के साथ अंकतालिका में शीर्ष पर बनी हुई है। टीम आज जीत हासिल कर प्लेऑफ का टिकट लगभग पक्का करना चाहेगी। दूसरी ओर कोलकाता के लिए यह मुकाबला अस्तित्व की लड़ाई जैसा है। एक और हार KKR को प्लेऑफ की दौड़ से लगभग बाहर कर सकती है।
     36वीं भिड़ंत, KKR का पलड़ा भारी
    दोनों टीमों के बीच अब तक 35 मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें कोलकाता ने 20 मैच जीते हैं, जबकि बेंगलुरु को 15 बार जीत मिली है। हालांकि पिछले सीजन का मुकाबला RCB ने अपने नाम किया था। इस सीजन दोनों टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी।
    कोहली पर फिर टिकी RCB की उम्मीदें
    RCB के लिए Virat Kohli शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने 11 मैचों में 379 रन बनाकर टीम की बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभाली हुई है। पिछले मैच में मुंबई के खिलाफ क्रुणाल पंड्या की शानदार फिफ्टी और आखिरी ओवर में Bhuvneshwar Kumar के सिक्स ने टीम को जीत दिलाई थी। हालांकि कप्तान Rajat Patidar की खराब फॉर्म टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। वे पिछले छह मैचों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके हैं।
     KKR की ताकत बनी गेंदबाजी
    KKR की सबसे बड़ी ताकत उसकी गेंदबाजी यूनिट है। Sunil Narine और Varun Chakravarthy की स्पिन जोड़ी शानदार लय में है। वहीं कार्तिक त्यागी, वैभव अरोड़ा और अनुकूल रॉय भी लगातार विकेट निकाल रहे हैं।
    कोलकाता ने लगातार चार मुकाबले जीतकर जबरदस्त वापसी की है। अगर रायपुर की पिच धीमी रही तो KKR के स्पिनर्स RCB के बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।
    पिच और मौसम रिपोर्ट
    रायपुर की पिच संतुलित मानी जा रही है। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को स्विंग और अतिरिक्त बाउंस मिल सकता है, जबकि बाद में बल्लेबाजी आसान होगी। यहां अब तक खेले गए IPL मुकाबलों में चेज करने वाली टीमों का रिकॉर्ड बेहतर रहा है। मौसम साफ रहेगा और बारिश की संभावना बेहद कम है। तापमान 33 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है।

    संभावित प्लेइंग-11


    RCB
    विराट कोहली, जैकब बेथेल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा, टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, सुयश शर्मा, रसिख सलाम।
    KKR
    अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अंगकृष रघुवंशी, कैमरन ग्रीन, रोवमन पॉवेल, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, अनुकूल रॉय, कार्तिक त्यागी, वरुण चक्रवर्ती, वैभव अरोड़ा।
  • . वीआईपी कल्चर में बदलाव! सीमित काफिले के साथ निकले मुख्यमंत्री, सादगी की नई मिसाल

    . वीआईपी कल्चर में बदलाव! सीमित काफिले के साथ निकले मुख्यमंत्री, सादगी की नई मिसाल


    नई दिल्ली। भोपाल प्रधानमंत्री Narendra Modi की पेट्रोल-डीजल के संयमित उपयोग की अपील का असर अब मध्यप्रदेश सरकार में साफ दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने अपने वीवीआईपी काफिले में चलने वाले वाहनों की संख्या घटाकर बड़ा संदेश दिया है। अब मुख्यमंत्री के काफिले में पहले की तरह 13 गाड़ियां नहीं, बल्कि सिर्फ 7 वाहन ही नजर आए।
    बुधवार को जब मुख्यमंत्री भोपाल से नरसिंहपुर के लिए रवाना हुए, तब वीआईपी रोड और एयरपोर्ट रोड पर उनका छोटा काफिला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। सरकार ने इसे ईंधन संरक्षण और सादगी की दिशा में अहम कदम बताया है।
    सीएम के इस फैसले के बाद प्रदेश सरकार के अन्य मंत्री और अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं। डिप्टी सीएम Rajendra Shukla ने भी अपने काफिले में न्यूनतम वाहनों के उपयोग का ऐलान किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि राष्ट्रहित में ईंधन बचत हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और विभागीय गतिविधियों में अनावश्यक वाहन उपयोग से बचा जाएगा।
    डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे कार पूलिंग, सार्वजनिक परिवहन और साझा वाहन व्यवस्था को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि ईंधन संरक्षण के साथ पर्यावरण सुरक्षा और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना भी जरूरी है, क्योंकि इससे आयातित रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी और स्वास्थ्य के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा।
    इधर, खेल एवं सहकारिता मंत्री Vishvas Sarang ने भी अपने सुरक्षा काफिले में बदलाव किया। वे केवल एक कार में स्टाफ के साथ मंत्रालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह आह्वान केवल ईंधन बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास है।
    मंत्री सारंग ने कहा कि हर नागरिक का दायित्व है कि वह पेट्रोल-डीजल की खपत कम करे। उन्होंने कार्यकर्ताओं और आम लोगों से भी अपील की कि अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें और ईंधन बचत को जनआंदोलन बनाएं।
    प्रदेश सरकार के इस कदम को प्रशासनिक सादगी और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में भी इसे पीएम मोदी की अपील पर तेज और प्रतीकात्मक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

  • रतलाम सड़क हादसा: ओवरलोड ऑटो पलटने से किशोरी की दबकर मौत, दो दिन पहले ही कटा था चालान

    रतलाम सड़क हादसा: ओवरलोड ऑटो पलटने से किशोरी की दबकर मौत, दो दिन पहले ही कटा था चालान


    नई दिल्ली। रतलाम मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में ओवरलोड वाहन एक बार फिर दर्दनाक हादसे की वजह बन गया। सैलाना क्षेत्र के सकरावदा गांव में बुधवार सुबह मजदूरों से भरा एक ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में 15 वर्षीय किशोरी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हो गए। इनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
    जानकारी के अनुसार, ऑटो रिक्शा (MP 43 K 2267) फूफीरुंडी गांव से करीब 25 से 30 मजदूरों को बैठाकर सैलाना की ओर जा रहा था। सुबह करीब 7:30 बजे सकरावदा के इमली चौक के पास मोड़ पर तेज रफ्तार और अत्यधिक भार के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते ऑटो सड़क पर पलट गया और उसमें सवार लोग उसके नीचे दब गए।
    हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण तुरंत दौड़कर पहुंचे और ऑटो के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला। इस हादसे में फूफीरुंडी निवासी 15 वर्षीय कविता खराड़ी की ऑटो के नीचे दबने से मौके पर ही मौत हो गई।
    घटना की सूचना मिलते ही एंबुलेंस और पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल सैलाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। हादसे में घायल कालीबाई मईड़ा और रेखा खराड़ी का अस्पताल में इलाज जारी है, जबकि अन्य को मामूली चोटें आई हैं।
    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दुर्घटनाग्रस्त ऑटो पर दो दिन पहले ही ओवरलोडिंग के मामले में 15 हजार रुपए का चालान किया गया था। इसके बावजूद चालक ने नियमों की अनदेखी करते हुए फिर क्षमता से अधिक मजदूरों को वाहन में बैठा लिया।
    सैलाना थाना प्रभारी पिंकी आकाश ने बताया कि चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हादसे के समय वाहन में कितने लोग सवार थे और सुरक्षा नियमों का कितना उल्लंघन किया गया।
    क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। इससे पहले 2 मई को भी करीब 50 मजदूरों से भरी बोलेरो खाई में गिर गई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन कुछ दिन कार्रवाई करता है, लेकिन बाद में ओवरलोड वाहनों पर नियंत्रण नहीं रह पाता। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ओवरलोडिंग पर प्रशासनिक सख्ती की जरूरत को उजागर करता है।

  • गुजरात टाइटंस की गेंदबाजी में रबाडा का दबदबा, सबा करीम ने बताया टीम का नेतृत्वकर्ता

    गुजरात टाइटंस की गेंदबाजी में रबाडा का दबदबा, सबा करीम ने बताया टीम का नेतृत्वकर्ता


    नई दिल्ली।  आईपीएल 2026 में मंगलवार को खेले गए मुकाबले में गुजरात टाइटंस (जीटी) ने सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) को हराकर अंकतालिका में पहला स्थान हासिल कर लिया है। जीटी की जीत में तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा की अहम भूमिका रही। भारतीय टीम के पूर्व विकेटकीपर सबा करीम ने रबाडा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह गुजरात की तेज गेंदबाजी के नेतृत्वकर्ता बन गए हैं।

    जियो हॉटस्टार पर सबा करीम ने कहा, “रबाडा बेहतरीन फॉर्म में हैं और जीटी की तेज गेंदबाजी के नेतृत्वकर्ता बन गए हैं। एसआरएच के खिलाफ उन्होंने अपनी ताकत का शानदार इस्तेमाल किया और पिच से अतिरिक्त बाउंस पैदा किया। वह पूरे स्पेल में शानदार दिखे। अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की विकेट के लिए जिस तरह से उन्होंने योजना बनाई, वह देखने में बहुत बढ़िया था। कुल मिलाकर, वह बाकी बॉलर्स के लिए टोन सेट करते हैं और गेंदबाजी की योजना का नेतृत्व करते हैं। अन्य गेंदबाज उन्हें फॉलो करते हैं। एसआरएच के खिलाफ रबाडा ने 4 ओवर में 28 रन देकर 3 विकेट लिए।

    रबाडा का पूरे सीजन में बेहतरीन प्रदर्शन रहा है। वह सीजन के दूसरे सफल गेंदबाज हैं और 12 मैचों में 21 विकेट ले चुके हैं। मैच पर नजर डालें तो टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात टाइटंस ने साई सुदर्शन के 61 और वाशिंगटन सुंदर के 50 रनों की मदद से गुजरात ने 5 विकेट पर 168 रन बनाए। 169 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी एसआरएच की बल्लेबाजी बिखर गई। टीम 14.5 ओवर में 86 रन पर सिमट गई और 82 रन से मैच हार गई।

    जीटी के लिए कगिसो रबाडा के अलावा जेसन होल्डर ने 4 ओवर में 20 रन देकर 3 विकेट लिए। प्रसिद्ध कृष्णा ने 3 ओवर में 23 रन देकर 2 विकेट लिए। सिराज और राशिद को 1-1 विकेट मिला। रबाडा प्लेयर ऑफ द मैच रहे।

  • Mohun Bagan Super Giant के पूर्व अध्यक्ष टूटू बोस नहीं रहे, नेताओं और खेल जगत ने जताया दुख

    Mohun Bagan Super Giant के पूर्व अध्यक्ष टूटू बोस नहीं रहे, नेताओं और खेल जगत ने जताया दुख



    नई दिल्ली। मोहन बागान फुटबॉल क्लब के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय फुटबॉल के सबसे प्रभावशाली खेल प्रशासकों में से एक टूटू बोस का कोलकाता में 78 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और मोहन बागान क्लब ने शोक व्यक्त किया है।

    मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने उनके निधन पर शोक जताते हुए एक्स पर लिखा, “मोहन बागान क्लब के पूर्व प्रेसिडेंट, पूर्व संसद सदस्य और सीनियर खेल प्रशासक स्वपन साधन बोस (टूटू बसु) के निधन से मुझे बहुत दुख हुआ है।”

    उन्होंने लिखा, “मोहन बागान क्लब और टूटू बसु एक-दूसरे के पूरक थे। कई सालों तक खेल प्रशासन में उनका असाधारण योगदान हमेशा यादगार रहेगा। उनका नेतृत्व, विजन और खेल के लिए सच्चा प्यार आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। मैं उनके दुखी परिवार, प्रियजनों, शुभचिंतकों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं सर्वशक्तिमान ईश्वर से उनकी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।”

    मोहन बागान सुपर जायंट ने सोशल मीडिया पर लिखा, “आपकी विरासत हमेशा मोहन बागान का हिस्सा रहेगी। रेस्ट इन पीस, टूटू बोस।”

    टूटू बोस का वास्तविक नाम स्वपन सदा बोस था। वह राज्यसभा के सांसद रहे थे। उनके नेतृत्व में भारतीय फुटबॉल ने बदलाव का दौर देखा। टूटू बोस पहली बार 1989-90 में मोहन बागान एसी के पोर्टफोलियो होल्डर बने। यह भारतीय क्लब फुटबॉल में सबसे लंबे अध्यक्षीय कार्यकाल में से एक रहा। उन्होंने फीफा क्लब टास्क फोर्स के सदस्य के रूप में भी काम किया, जिससे मोहन बागान और भारतीय फुटबॉल को वैश्विक प्रशासन चर्चाओं में एक आवाज मिली।

    खराब स्वास्थ्य की वजह से उन्होंने 2017 में अपना पद छोड़ दिया था। मई 2022 में, उन्हें फिर से अध्यक्ष चुना गया था। उनके नेतृत्व में मोहन बागान नेशनल टूर्नामेंट में टॉप दावेदार बना रहा। टीम ने अपनी ब्रांड वैल्यू और फैन एंगेजमेंट को बढ़ाया और आधुनिक फुटबॉल के हिसाब से खुद को ढालते हुए एक हेरिटेज क्लब के तौर पर अपनी पहचान बनाए रखी। अप्रैल 2025 में, टूटू बोस ने मोहन बागान में सभी पदों से आधिकारिक रूप से सेवानिवृत्ति ले ली थी।

  • बीएफआई के नए नियमों पर भड़के कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट मनोज कुमार

    बीएफआई के नए नियमों पर भड़के कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट मनोज कुमार


    नई दिल्ली।  कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीत चुके मुक्केबाज मनोज कुमार ने बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) के नए एथलीट मूल्यांकन नियम की पारदर्शिता पर सवाल उठाया है। इस नए सिस्टम के तहत 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2026 एशियन गेम्स के लिए मुक्केबाजों का चयन होना है।

    बॉक्सर मूल्यांकन के बारे में फेडरेशन के नए नोटिफिकेशन पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज ने मॉनिटरिंग प्रोसेस से पुराने खिलाड़ियों, अर्जुन अवॉर्डी, द्रोणाचार्य अवॉर्डी और ओलंपियन के न होने पर सवाल उठाए।

    मनोज कुमार ने एक्स पर लिखा, “पूरी चयन प्रक्रिया सिर्फ हेड कोच, जज और फेडरेशन तक ही सीमित है। पुराने अर्जुन अवॉर्डी, द्रोणाचार्य अवॉर्डी, ओलंपियन और सीनियर खिलाड़ियों को ऑब्जर्वर या चयन मॉनिटर के तौर पर क्यों शामिल नहीं किया गया?”

    ओलंपिक कांस्य पदक विजेता विजेंदर सिंह और कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण पदक विजेता अखिल कुमार जैसे अनुभवी नामों की मौजूदगी से यह प्रक्रिया और बेहतर हो सकती थी।

    उन्होंने कहा कि जब चयन प्रक्रिया में खिलाड़ियों के लिए पारदर्शिता और भरोसे की बात आती है, तो विजेंदर सिंह और अखिल कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी जरूर पक्की होनी चाहिए थी।

    बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) ने पहले 13 से 15 मई तक एनएस एनआईएस पटियाला में होने वाले एलीट नेशनल कैंपर्स के लिए एक बदले हुए मूल्यांकन नियम की घोषणा की थी।

    नए सिस्टम के तहत, मूल्यांकन ‘5-जज स्कोरिंग सिस्टम’ के आधार पर किया जाएगा। ऐसा बेहतर परिणाम के लिए किया गया है।

    मुक्केबाजी प्रतियोगिता के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के हिसाब से हर स्पैरिंग बाउट के खत्म होने के तुरंत बाद स्कोर की घोषणा की जाएगी।

    बीएफआई ने यह भी कहा कि पहले अपनाया गया मार्किंग सिस्टम मौजूदा मूल्यांकन में लागू नहीं होगा।

    बीएफआई ने रविवार को मुक्केबाजों पर स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग टेस्ट किए थे, जिन्हें अब रद्द कर दिया जाएगा। स्पोर्ट्स साइंस टेस्ट, भार प्रबंधन, स्वास्थ्य प्रबंधन और अटेंडेंस में पहले मिले स्कोर वापस ले लिए जाएंगे और उन्हें रद्द माना जाएगा।

    बीएफआई के सचिव प्रमोद कुमार ने कहा, “कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और दूसरी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए मुक्केबाजों का चयन एनएस एनआईएस में चल रहे एलीट नेशनल कैंपर्स का 13 मई से 15 मई तक किया जाएगा। इसमें मूल्यांकन नए नियम के आधार पर होगा।”

  • डिजिटल मूल्यांकन के साथ आया CBSE 12वीं का रिजल्ट, पिछले साल के मुकाबले कम रहा पास प्रशत

    डिजिटल मूल्यांकन के साथ आया CBSE 12वीं का रिजल्ट, पिछले साल के मुकाबले कम रहा पास प्रशत

    नई दिल्ली ।केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष देशभर में कुल पास प्रतिशत 85.20 दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम रहा। परिणामों में गिरावट के बावजूद इस बार परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया की सबसे बड़ी खासियत पहली बार लागू की गई पूरी तरह डिजिटल ‘ऑन स्क्रीन मार्किंग’ प्रणाली रही, जिसने शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी बदलाव की नई दिशा दिखाई है।

    इस वर्ष लाखों विद्यार्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया और बड़ी संख्या में छात्र सफल घोषित किए गए। बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार लड़कियों ने एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन करते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया। छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत लड़कों की तुलना में अधिक दर्ज किया गया, जिससे यह साफ हुआ कि बोर्ड परीक्षाओं में लगातार उनका प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है।

    इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से उत्तर पुस्तिकाओं की जांच पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की गई। ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली के तहत उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर परीक्षकों तक ऑनलाइन पहुंचाया गया। इससे कॉपियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजने की आवश्यकता समाप्त हो गई और मूल्यांकन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और व्यवस्थित बन सकी।

    नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह रहा कि अंक जोड़ने, डेटा अपलोड करने और परिणाम तैयार करने में होने वाली मानवीय गलतियों को काफी हद तक कम किया जा सका। डिजिटल प्रणाली के कारण परीक्षक केवल उत्तरों की गुणवत्ता और निर्धारित मूल्यांकन मानदंडों पर ध्यान केंद्रित कर पाए, जिससे निष्पक्षता और सटीकता दोनों में सुधार देखने को मिला।

    बोर्ड के अनुसार इस तकनीकी बदलाव से देश और विदेश में मौजूद संबद्ध स्कूलों के शिक्षक अपने स्थान से ही मूल्यांकन कार्य कर सके। इससे समय की बचत हुई और मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित ढंग से पूरी की जा सकी। शिक्षा क्षेत्र में इसे एक बड़े तकनीकी परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है।

    वहीं, क्षेत्रीय प्रदर्शन की बात करें तो कुछ क्षेत्रों में छात्रों ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर परिणाम दर्ज किए। खासतौर पर महानगरों और बड़े शैक्षणिक केंद्रों में विद्यार्थियों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। बड़ी संख्या में छात्रों ने उत्कृष्ट अंक हासिल किए, जिससे प्रतिस्पर्धा और भी मजबूत होती दिखाई दी।

    हालांकि इस बार पास प्रतिशत में गिरावट ने छात्रों और अभिभावकों के बीच चर्चा को भी बढ़ा दिया है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा पैटर्न, मूल्यांकन प्रक्रिया और प्रतिस्पर्धा के बढ़ते स्तर का असर परिणामों पर दिखाई दे सकता है।

    इसके बावजूद बोर्ड का कहना है कि नई डिजिटल प्रणाली भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, तेज और विश्वसनीय बनाने में मदद करेगी। आने वाले वर्षों में तकनीक आधारित मूल्यांकन को शिक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को अधिक निष्पक्ष परिणाम मिल सकेंगे।

  • भोपाल में तनाव: ताजुल मस्जिद के बाहर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

    भोपाल में तनाव: ताजुल मस्जिद के बाहर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले


    नई दिल्ली। भोपाल राजधानी भोपाल के गौतम नगर इलाके में हिंदू युवती के साथ होटल में मिले एक मुस्लिम युवक से मारपीट और धार्मिक टिप्पणी के मामले ने मंगलवार रात बड़ा तनाव पैदा कर दिया। वायरल वीडियो के विरोध में हजारों लोग Taj-ul-Masajid, पीरगेट और इमामीगेट इलाके में जमा हो गए। देर रात तक प्रदर्शन, नारेबाजी और पुलिस के साथ झड़प का माहौल बना रहा।
    स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। वहीं पुराने शहर के संवेदनशील इलाकों में धारा 144 लागू कर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
    जानकारी के अनुसार, 9 मई को गौतम नगर स्थित एक होटल में हिंदू संगठन से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने एक मुस्लिम युवक और हिंदू युवती को पकड़ लिया था। आरोप है कि युवक के साथ मारपीट की गई, उसके चेहरे पर स्याही और गोबर पोता गया तथा अर्धनग्न अवस्था में पुलिस के हवाले किया गया। इस दौरान धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली कथित टिप्पणियां भी की गईं, जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
    घटना के विरोध में मंगलवार दोपहर मुस्लिम समाज के लोग Taj-ul-Masajid के बाहर जुटे। बाद में शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी, विधायक Arif Masood और विधायक Atif Arif Aqueel ने पुलिस कमिश्नर संजय सिंह से मुलाकात कर आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की।
    रात करीब साढ़े आठ बजे प्रदर्शन और उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए आरोपियों पर एनएसए लगाने और बुल्डोजर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग कर रास्ते बंद किए और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।
    मोती मस्जिद क्षेत्र में कुछ युवकों द्वारा पुलिस पर पथराव किए जाने की भी सूचना सामने आई। पथराव में थाना तलैया का एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद पुलिस ने हालात संभालने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
    इधर, पूछताछ के दौरान युवती ने पुलिस को बताया कि वह पिछले करीब पांच वर्षों से युवक आरिफ खान के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही है और उसके साथ किसी प्रकार की जबरदस्ती नहीं हुई। युवती ने कहा कि वह युवक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहती।
    पुलिस के अनुसार, धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में थाना गोविंदपुरा में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है जबकि अन्य आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले में एक नाबालिग भी शामिल बताया गया है। शाहजहांनाबाद संभाग के एसीपी अनिल वाजपेयी ने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और संवेदनशील इलाकों में लगातार पुलिस गश्त की जा रही है।
    वहीं हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच ने भी बयान जारी कर कहा कि शहर का माहौल खराब नहीं किया जाना चाहिए और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना जरूरी है।