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  • मिडिल ईस्ट संकट पर टिप्पणी बनी चर्चा का कारण, केजरीवाल के बयान पर विपक्ष और यूजर्स ने उठाए सवाल

    मिडिल ईस्ट संकट पर टिप्पणी बनी चर्चा का कारण, केजरीवाल के बयान पर विपक्ष और यूजर्स ने उठाए सवाल


    नई दिल्ली । देश की मौजूदा आर्थिक और वैश्विक परिस्थितियों को लेकर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय चर्चा का केंद्र बन गई जब आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अंतरराष्ट्रीय हालात पर टिप्पणी करते हुए एक ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक और सोशल मीडिया दोनों ही स्तर पर बहस छेड़ दी।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और मध्य पूर्व की स्थिति का उल्लेख करते हुए बार-बार “इराक-अमेरिका युद्ध” का जिक्र किया। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उनकी जानकारी को लेकर सवाल उठाए और कहा कि वर्तमान वैश्विक तनाव का संदर्भ अलग घटनाओं से जुड़ा है।

    इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रिया देखने को मिली, जहां इसे तथ्यात्मक त्रुटि के रूप में देखा गया। कई लोगों का कहना है कि इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर बयान देने से पहले पूरी जानकारी और तथ्यात्मक समझ होना जरूरी है, खासकर जब मामला अंतरराष्ट्रीय संबंधों और वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ा हो।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने सरकार से देश की आर्थिक स्थिति को लेकर पारदर्शिता की मांग भी की। उन्होंने कहा कि जनता को यह बताया जाना चाहिए कि वर्तमान समय में अर्थव्यवस्था किस स्थिति में है और आने वाले समय में इसके क्या प्रभाव हो सकते हैं। उनका कहना था कि देश के सामने आने वाली चुनौतियों को छुपाया नहीं जाना चाहिए, बल्कि स्पष्ट रूप से साझा किया जाना चाहिए।

    उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि सरकार की ओर से कठोर आर्थिक कदम उठाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है, तो इसके पीछे वास्तविक कारण क्या हैं और इसका सबसे अधिक प्रभाव किन वर्गों पर पड़ेगा। उन्होंने मध्यम वर्ग पर पड़ने वाले संभावित दबाव को लेकर भी चिंता जताई।

    हालांकि, उनके भाषण का बड़ा हिस्सा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और आर्थिक प्रभावों पर केंद्रित था, लेकिन इराक-अमेरिका संबंधी संदर्भ के बार-बार उल्लेख ने पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस की दिशा बदल दी। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई और कई लोगों ने इसे तथ्यात्मक रूप से गलत बताया।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सार्वजनिक मंचों पर दिए गए बयानों का प्रभाव व्यापक होता है और ऐसे में किसी भी अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर टिप्पणी करते समय सावधानी और सटीक जानकारी बेहद जरूरी होती है। खासकर जब मुद्दा वैश्विक राजनीति और आर्थिक स्थिरता से जुड़ा हो, तो गलत संदर्भ से विवाद और भ्रम दोनों पैदा हो सकते हैं।

  • महोबा में शादी की खुशियां मातम में बदलीं: ट्रक ने दुल्हन के दो भाइयों को रौंदा, मौके पर दर्दनाक मौत

    महोबा में शादी की खुशियां मातम में बदलीं: ट्रक ने दुल्हन के दो भाइयों को रौंदा, मौके पर दर्दनाक मौत


    नई दिल्ली। महोबा के पसवारा गांव के पास तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को रौंद दिया, जिससे दुल्हन के सगे भाई और ममेरे भाई की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। दोनों युवक शादी समारोह के लिए जनरेटर में डीजल लेने जा रहे थे, तभी यह भीषण हादसा हो गया।

    जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के प्रकाश बम्हौरी गांव निवासी संतोष प्रजापति की बेटी की शादी की तैयारियां चल रही थीं। हमीरपुर के देव गांव से बारात आनी थी और घर में रस्में पूरी हो रही थीं। इसी दौरान दुल्हन का भाई रामनरेश (22) और उसका ममेरा भाई नवाब (19) बाइक से डीजल लेने महोबा जा रहे थे।

    पसवारा गांव के पास पहुंचते ही तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रामनरेश दूर जा गिरा, जबकि नवाब ट्रक के पहियों में फंस गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चालक ने वाहन रोकने के बजाय रफ्तार और बढ़ा दी, जिससे नवाब सड़क पर घिसटता हुआ बुरी तरह कुचल गया।

    हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार ने आरोपी चालक पर सख्त कार्रवाई और आर्थिक सहायता की मांग की है।

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, ट्रक को कब्जे में लेकर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच जारी है।

  • आगरा में यमुना हादसा: घाट पर नहाने उतरे छह युवक-युवतियां और किशोर डूबे, चार की मौत से मचा कोहराम

    आगरा में यमुना हादसा: घाट पर नहाने उतरे छह युवक-युवतियां और किशोर डूबे, चार की मौत से मचा कोहराम

    नई दिल्ली। आगरा के बल्केश्वर घाट पर मंगलवार सुबह यमुना नदी में नहाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया, जिसमें छह युवक-युवतियां और एक किशोर डूब गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से पांच लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन इलाज के दौरान तीन की मौत हो गई, जबकि दो घंटे की मशक्कत के बाद किशोर का शव भी बरामद हुआ।

    जानकारी के अनुसार, तेज गर्मी के चलते सभी लोग यमुना में नहाने उतरे थे, तभी अचानक गहरे पानी में चले जाने से एक के बाद एक सभी डूबने लगे। घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचाकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।

    रेस्क्यू टीम ने कड़ी मेहनत के बाद पांच लोगों को बाहर निकाला और उन्हें एसएन अस्पताल भेजा गया, जहां कान्हा, महक और रिया की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं 11 वर्षीय विक्की का शव बाद में यमुना से बरामद किया गया।

    घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सबसे दर्दनाक दृश्य तब सामने आया जब विक्की का शव बाहर निकाला गया और उसके पिता बिलख पड़े। उन्होंने बताया कि चार बेटियों के बाद बड़ी मन्नत से मिला एक बेटा भी हादसे में खो दिया।

    डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।

  • भारत ने दिखाई आर्थिक मजबूती की मिसाल: संकट के समय भी लगातार आगे बढ़ रही अर्थव्यवस्था, बोले पीयूष गोयल

    भारत ने दिखाई आर्थिक मजबूती की मिसाल: संकट के समय भी लगातार आगे बढ़ रही अर्थव्यवस्था, बोले पीयूष गोयल


    नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर चल रहे आर्थिक और भू-राजनीतिक संकटों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती दिखा रही है। इसी संदर्भ में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत ने हर चुनौती के समय खुद को पहले से अधिक मजबूत बनाकर दुनिया के सामने एक भरोसेमंद अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया है।

    नई दिल्ली में आयोजित एक बड़े बिजनेस समिट को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत की आर्थिक नींव स्थिर और मजबूत बनी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के विभिन्न देश अब भारत की क्षमता और स्थिरता पर अधिक विश्वास जता रहे हैं, जो देश की बढ़ती आर्थिक ताकत का संकेत है।

    उन्होंने अपने संबोधन में यह स्पष्ट किया कि केवल सरकार के प्रयासों से आर्थिक प्रगति संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए उद्योग जगत, व्यापार क्षेत्र और आम नागरिकों के बीच मजबूत सहयोग आवश्यक है। उनका मानना है कि जब सभी हिस्से मिलकर काम करते हैं, तभी देश की आर्थिक गति और अधिक मजबूत होती है।

    पीयूष गोयल ने भारतीय उद्योगों से यह भी अपील की कि वे घरेलू आपूर्तिकर्ताओं और स्थानीय उत्पादन को प्राथमिकता दें। उनके अनुसार, बदलते वैश्विक माहौल में आत्मनिर्भरता केवल एक नीति नहीं बल्कि आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी औद्योगिक क्षमता को भीतर से मजबूत करना होगा, ताकि बाहरी निर्भरता कम हो सके।

    उन्होंने अंतरराष्ट्रीय उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई विकसित देश अपने घरेलू उद्योगों को प्राथमिकता देकर मजबूत औद्योगिक नेटवर्क तैयार कर चुके हैं। भारत को भी इसी दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है, जहां उद्योग एक-दूसरे का समर्थन करें और देश के भीतर मजबूत सप्लाई चेन विकसित हो।

    मंत्री ने यह भी कहा कि आज की परिस्थितियों में सामान्य व्यापारिक सोच से आगे बढ़ने की जरूरत है। वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए भारत को अपनी रणनीति को और अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना होगा। उनका कहना था कि यह केवल एक विकल्प नहीं बल्कि भविष्य की जरूरत है।

    उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत की आर्थिक मजबूती केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस विश्वास का परिणाम है जो दुनिया अब भारत पर जता रही है। विभिन्न वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश ने उत्पादन, निवेश और विकास के क्षेत्र में लगातार प्रगति दिखाई है।

  • महोबा में युवती ने सल्फास खाकर दी जान देने की कोशिश, हालत गंभीर, हायर सेंटर रेफर

    महोबा में युवती ने सल्फास खाकर दी जान देने की कोशिश, हालत गंभीर, हायर सेंटर रेफर


    नई दिल्ली। महोबा कोतवाली क्षेत्र के पचपहरा गांव में एक 23 वर्षीय युवती द्वारा सल्फास का सेवन कर आत्महत्या का प्रयास करने का मामला सामने आया है। गंभीर हालत में परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।

    जानकारी के अनुसार, वीरसिंह की पुत्री पिंकी यादव ने यह कदम उठाया, हालांकि उसने ऐसा क्यों किया, इस बारे में अभी स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। परिजनों ने भी घटना के पीछे की वजह बताने से इनकार कर दिया है, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है।

    अस्पताल प्रशासन के मुताबिक युवती की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उसे विशेषज्ञ उपचार की जरूरत है। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है।

    कोतवाली प्रभारी मनीष पांडेय ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। फिलहाल कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

  • महोबा में तेज रफ्तार डंपर का कहर, दो ममेरे भाइयों की दर्दनाक मौत, चालक फरार

    महोबा में तेज रफ्तार डंपर का कहर, दो ममेरे भाइयों की दर्दनाक मौत, चालक फरार



    नई दिल्ली। महोबा में तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार दो ममेरे भाइयों को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया, जबकि पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के लवकुशनगर क्षेत्र के ग्राम प्रकाश बम्हौरी निवासी 21 वर्षीय रामनरेश अपने 19 वर्षीय ममेरे भाई नवाब के साथ महोबा डीजल लेने आए थे। दोनों मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे बाइक से वापस अपने गांव लौट रहे थे।

    इसी दौरान शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पसवारा के पास स्थित इंडस वैली पब्लिक स्कूल के समीप तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। दोनों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था, जिससे सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

    घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    प्रभारी निरीक्षक शहर कोतवाली मनीष पांडेय ने बताया कि डंपर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया है, जिसकी तलाश के लिए टीम लगाई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • शिवपुरी में दो दर्दनाक मौतें: करंट लगने और जहरीला पदार्थ खाने से हड़कंप

    शिवपुरी में दो दर्दनाक मौतें: करंट लगने और जहरीला पदार्थ खाने से हड़कंप


    नई दिल्ली । शिवपुरी के राजा की मुड़ेरी गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। 65 वर्षीय डोंगर सिंह तोमर अपने घर के बाहर बैठे थे, तभी अचानक बिजली का तार टूटकर उन पर गिर गया। टूटे हुए तार में करंट प्रवाहित हो रहा था, जिससे बुजुर्ग गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही बेहोश हो गए। परिजन तुरंत उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद सिरसौद थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में बिजली लाइन की स्थिति और रखरखाव पर सवाल उठ रहे हैं।

    जहरीली दवा खाने से दूसरी मौत
    इसी दिन दूसरी घटना शिवपुरी के सर्किट हाउस रोड क्षेत्र की है, जहां 50 वर्षीय सरवन पाल ने जहरीली दवा का सेवन कर लिया। परिजन उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि सरवन पाल ने यह कदम किन कारणों से उठाया। पुलिस मामले को आत्महत्या के एंगल से भी जांच रही है। कोतवाली थाना पुलिस ने इस संबंध में भी मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस जांच में जुटी, कारणों की तलाश जारी
    दोनों ही मामलों में पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवा लिया है और जांच शुरू कर दी है।
    एक तरफ जहां बिजली हादसे में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ जहरीले पदार्थ के सेवन का कारण अभी रहस्य बना हुआ है।

    शिवपुरी की ये दोनों घटनाएं क्षेत्र में शोक का माहौल छोड़ गई हैं। एक तरफ तकनीकी लापरवाही से हादसा, तो दूसरी तरफ संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

  • चित्रकूट विश्वविद्यालय में भव्य दीक्षा समारोह, 2377 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां, रामभद्राचार्य ने दिया प्रेरक संदेश

    चित्रकूट विश्वविद्यालय में भव्य दीक्षा समारोह, 2377 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां, रामभद्राचार्य ने दिया प्रेरक संदेश


    नई दिल्ली। चित्रकूट स्थित जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय में नवम दीक्षा समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें कुल 2377 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इस अवसर पर दिव्यांग विद्यार्थियों की उपलब्धियों की विशेष सराहना की गई और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को प्रेरणादायक बताया गया।

    समारोह में 140 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, 6 विद्यार्थियों को कुलाधिपति पदक तथा 50 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के आजीवन कुलाधिपति जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने की।

    मुख्य अतिथि नरेंद्र कश्यप ने दिव्यांग विद्यार्थियों की मेहनत और सफलता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय समाज में प्रेरणा का केंद्र बन रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय के विकास और वैश्विक पहचान दिलाने के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।

    इस अवसर पर सुहास एलवाई और अजीत कुमार को मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। समारोह में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों की बड़ी संख्या मौजूद रही।

    अपने संबोधन में रामभद्राचार्य ने कहा कि सच्ची दीक्षा वही है, जो व्यक्ति को केवल ज्ञान ही नहीं देती, बल्कि उसे राष्ट्र और समाज के उत्थान के लिए प्रेरित भी करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में अनुशासन, सेवा और समर्पण को अपनाने का आह्वान किया।

  • उज्जैन में बड़ा विवाद: यादव समाज से परिवार निष्कासित, सामाजिक गतिविधियों पर लगी रोक

    उज्जैन में बड़ा विवाद: यादव समाज से परिवार निष्कासित, सामाजिक गतिविधियों पर लगी रोक


    नई दिल्ली । उज्जैन जिले की बड़नगर तहसील के ग्राम बंगरेड में यह पूरा विवाद एक शादी समारोह से शुरू हुआ। डॉक्टर विष्णु प्रसाद यादव के यहां आयोजित कार्यक्रम में समाज की ओर से चंदा और धर्मशाला किराए को लेकर असहमति सामने आई। समाज द्वारा ₹5100 की बजाय ₹11,000 की राशि तय किए जाने पर वॉट्सऐप ग्रुप में चर्चा शुरू हुई। इसी दौरान नरेंद्र यादव ने सुझाव दिया कि यदि किसी से गलती हुई है तो उसे स्वीकार कर राशि वापस कर देनी चाहिए।

     टिप्पणी के बाद बढ़ा विवाद, फोन पर गाली-गलौज का आरोप
    पीड़ित नरेंद्र यादव का आरोप है कि उनकी इस टिप्पणी के बाद कुछ लोगों ने नाराजगी जताई। इसके बाद समाज के एक पंच के भाई ईश्वरलाल यादव ने उन्हें फोन कर अपशब्द कहे और समाज छोड़ने तक की बात कही। नरेंद्र यादव का कहना है कि उन्होंने यह पूरी बात समाज के ग्रुप में भी साझा की, लेकिन किसी सदस्य ने उनका समर्थन नहीं किया।

     सामाजिक बहिष्कार और निष्कासन का संदेश
    आरोप है कि बिना किसी निष्पक्ष बैठक और बिना उनका पक्ष सुने ही समाज के वॉट्सऐप ग्रुप में उनके परिवार को निष्कासित करने का संदेश जारी कर दिया गया। इसके बाद उनके परिवार को गांव के सामाजिक कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों में शामिल होने से रोक दिया गया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।

     प्रशासन तक पहुंचा मामला, पहले भी की गई शिकायत
    नरेंद्र यादव ने बताया कि उन्होंने पहले भी एसपी कार्यालय में शिकायत दी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
    बाद में समाज की बैठक जरूर हुई, लेकिन उसमें उन्हें शामिल नहीं किया गया। बैठक में केवल चंदे की राशि वापस कर मामले को समाप्त मान लिया गया।

    न्याय की मांग और गंभीर आरोप
    पीड़ित का आरोप है कि धर्मशाला किराए और चंदे में कथित अनियमितताओं का विरोध करने पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और सामाजिक रूप से अलग-थलग कर दिया गया। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

     धर्म परिवर्तन की चेतावनी से बढ़ा मामला
    नरेंद्र यादव ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला और समाज में उनका सम्मान वापस नहीं किया गया, तो वे परिवार सहित धर्म परिवर्तन करने और अदालत जाने पर विचार करेंगे।

     प्रशासन की प्रतिक्रिया
    जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत को जांच में ले लिया है। अधिकारियों ने कहा है कि पूरे मामले की जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    यह मामला सामाजिक संगठनों में आंतरिक विवाद, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ते तनाव और सामाजिक बहिष्कार जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करता है। प्रशासन की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • करियर में नहीं होता कोई दबाव: पलक तिवारी बोलीं- मां श्वेता तिवारी हमेशा दिल की सुनने की सलाह देती हैं

    करियर में नहीं होता कोई दबाव: पलक तिवारी बोलीं- मां श्वेता तिवारी हमेशा दिल की सुनने की सलाह देती हैं

    नई दिल्ली । बॉलीवुड और डिजिटल एंटरटेनमेंट की दुनिया में तेजी से अपनी पहचान बना रहीं पलक तिवारी इन दिनों अपने नए प्रोजेक्ट्स को लेकर चर्चा में हैं। हालांकि इस बार उनकी चर्चा केवल प्रोफेशनल लाइफ तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने अपनी निजी जिंदगी और खासकर अपनी मां श्वेता तिवारी के साथ रिश्ते को लेकर भी खुलकर बात की है।

    पलक ने बताया कि उनकी मां ने कभी भी उनके करियर को नियंत्रित करने की कोशिश नहीं की। उन्होंने हमेशा उन्हें अपने फैसले खुद लेने की आजादी दी है। उनके अनुसार, एक कलाकार का सफर व्यक्तिगत होता है और हर इंसान अपनी सोच और अनुभवों के आधार पर अपने लिए रास्ता चुनता है।

    उन्होंने कहा कि उनकी और उनकी मां की पीढ़ी और अनुभव पूरी तरह अलग हैं। जिस दौर में उनकी मां ने इंडस्ट्री में काम किया, वह आज के समय से काफी अलग था। इसलिए दोनों की सोच और काम को देखने का नजरिया भी अलग है। इसके बावजूद दोनों के बीच आपसी समझ और सम्मान हमेशा बना रहता है।

    पलक के मुताबिक, उनकी मां केवल एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाती हैं। वह उन्हें सुझाव जरूर देती हैं, लेकिन कभी किसी फैसले के लिए मजबूर नहीं करतीं। उन्होंने बताया कि जब भी वह किसी नए प्रोजेक्ट पर विचार करती हैं, तो उनकी मां केवल इतना पूछती हैं कि क्या वह काम उन्हें अंदर से सही महसूस हो रहा है या नहीं।

    उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मां का मानना है कि अभिनय केवल पेशा नहीं बल्कि एक भावनात्मक जुड़ाव है। अगर कलाकार किसी किरदार या कहानी से खुद को जोड़ नहीं पाता, तो उसका प्रदर्शन भी पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पाता। यही वजह है कि उन्हें हमेशा अपने दिल की सुनने की सलाह दी जाती है।

    पलक ने स्वीकार किया कि इंडस्ट्री में कदम रखना उनके लिए आसान नहीं था, क्योंकि लोगों की उम्मीदें पहले से ही काफी ज्यादा थीं। लेकिन उन्होंने खुद की पहचान अलग तरीके से बनाने की कोशिश की और हर फैसले को अपनी समझ से लिया।

    उन्होंने कहा कि किसी भी कलाकार के लिए आत्मविश्वास और स्वतंत्र सोच बेहद जरूरी होती है। जब इंसान अपने फैसले खुद लेता है, तो वह अपनी सफलता और असफलता दोनों को बेहतर तरीके से समझ पाता है। यही सोच उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देती है।

    मां-बेटी के इस रिश्ते की सबसे खास बात यही है कि इसमें भरोसा और स्वतंत्रता दोनों मौजूद हैं। पलक मानती हैं कि परिवार का समर्थन किसी भी कलाकार के लिए बहुत जरूरी होता है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है अपनी पहचान खुद बनाना।

    आज पलक तिवारी धीरे-धीरे इंडस्ट्री में अपनी जगह मजबूत कर रही हैं और उनके विचार यह दिखाते हैं कि वह केवल स्टार किड की पहचान तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि अपने दम पर एक अलग मुकाम हासिल करना चाहती हैं।