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  • जबलपुर में गोहलपुर पुलिया का चौड़ीकरण: 80 फीट चौड़ी होगी, 3.50 करोड़ का प्रोजेक्ट जाम मुक्त आवागमन के लिए मंजूर

    जबलपुर में गोहलपुर पुलिया का चौड़ीकरण: 80 फीट चौड़ी होगी, 3.50 करोड़ का प्रोजेक्ट जाम मुक्त आवागमन के लिए मंजूर


    जबलपुर । जबलपुर में 7 किलोमीटर लंबे ओवरब्रिज के पास हर दिन यात्रियों को जाम का सामना करना पड़ता था। मुख्य वजह थी ओवरब्रिज के लगभग 100 मीटर आगे बनी गोहलपुर नाले की संकरी पुलिया, जो केवल 30 फीट चौड़ी थी। लंबी प्रतीक्षा और यातायात जाम को देखते हुए महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ ने बीते शनिवार को पुलिया का औचक निरीक्षण किया और क्षेत्रीय जनता की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए इसके चौड़ीकरण को हरी झंडी दे दी।

    नगर निगम प्रशासन ने बताया कि गोहलपुर पुलिया का चौड़ीकरण 3 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से किया जाएगा। वर्तमान 30 फीट चौड़ी पुलिया को बढ़ाकर 80 फीट चौड़ा किया जाएगा, जिससे यातायात में गति बढ़ेगी और दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा। महापौर ने कहा कि मार्च 2026 तक काम शुरू हो जाएगा और जुलाई 2026 तक इसे पूरा कर जनता को समर्पित किया जाएगा।

    पुलिया चौड़ीकरण से न केवल वाहनों का दबाव कम होगा, बल्कि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या और संकरे रास्ते से होने वाली असुविधा भी समाप्त होगी। यह प्रोजेक्ट शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

    इस पहल का राजनीतिक महत्व भी रहा है। कांग्रेस के क्षेत्रीय विधायक लखन घनघोरिया ने विधानसभा में इस पुलिया को लेकर सवाल उठाए थे और कहा था कि ओवरब्रिज तो बना दिया गया, लेकिन नाले के पुलिया पर ध्यान नहीं दिया गया। अब महापौर और नगर निगम प्रशासन ने इसे चुनौती मानते हुए समाधान के लिए ठोस कदम उठाए हैं।

    गोहलपुर पुलिया के चौड़ीकरण से कटनी-सिहोरा-पनागर-अधारताल की ओर जाने वाले यात्रियों को ढाई से तीन घंटे तक जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही स्थानीय व्यापार और आवागमन भी सुगम बनेगा।

    यह परियोजना शहर की यातायात प्रणाली में स्थायी सुधार लाने के साथ-साथ नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देने का उदाहरण भी है।

    नया चौड़ा पुल केवल वाहनों के लिए नहीं, बल्कि पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों के लिए भी सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करेगा। नगर निगम ने पुलिया के आसपास के मार्गों की सुरक्षा और व्यवस्थित निर्माण के लिए विशेष निगरानी रखने की बात कही है।

    इस तरह गोहलपुर पुलिया का चौड़ीकरण न केवल जबलपुर के सबसे लंबे ओवरब्रिज के आसपास के जाम की समस्या को समाप्त करेगा, बल्कि शहर की विकास योजना और नागरिक सुविधा में भी एक नया मील का पत्थर साबित होगा।

  • हर-हर महादेव की गूंज, ॐ का उच्चारण और भव्य ड्रोन शो: पीएम मोदी ने सोमनाथ की दिव्यता को किया प्रदर्शित, शौर्य यात्रा में शामिल हुए

    हर-हर महादेव की गूंज, ॐ का उच्चारण और भव्य ड्रोन शो: पीएम मोदी ने सोमनाथ की दिव्यता को किया प्रदर्शित, शौर्य यात्रा में शामिल हुए


    गुजरात सोमनाथ । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी गुजरात यात्रा के दूसरे दिन सोमनाथ मंदिर में दिव्य अनुभव का अनोखा प्रदर्शन किया। शनिवार शाम को पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर के परिसर में हर-हर महादेव की गूंज के साथ प्रवेश किया और उसके बाद पवित्र महाआरती में हिस्सा लिया। इस अवसर पर ॐ का उच्चारण और भव्य ड्रोन शो ने समां बांध दिया, जिसे पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर भी साझा किया।

    सोमनाथ स्वाभिमान पर्व और 1000 साल की यात्रा

    सोमनाथ मंदिर इस समय दो महत्वपूर्ण कारणों से चर्चा में है। एक तरफ, यह वर्ष 1026 में महमूद गजनवी द्वारा मंदिर पर हमले और इसके ध्वस्त होने के 1000 साल पूरे होने का समय है। दूसरी तरफ यह 11 मई 1951 को स्वतंत्र भारत में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की 75वीं वर्षगांठ भी है। पीएम मोदी ने इस खास मौके पर इस समारोह को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का नाम दिया।

    सोमनाथ की दिव्यता का उद्घाटन

    पीएम मोदी ने कहा सोमनाथ शाश्वत दिव्यता की एक ज्योति के रूप में खड़ा है। सोमनाथ की पावन धरा से निकला यह प्रकाशपुंज पूरे विश्व को भारत की सांस्कृतिक शक्ति का संदेश दे रहा है। उनके मुताबिक सोमनाथ सिर्फ एक मंदिर नहीं बल्कि यह हमारे समाज और संस्कृति की हिम्मत और गौरव का प्रतीक है।

    ड्रोन शो और आधुनिक तकनीक का संगम

    पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर परिसर में भव्य ड्रोन शो देखने का अनुभव साझा किया। इस अद्भुत शो में प्राचीन आस्थाओं के साथ आधुनिक तकनीक का तालमेल हर किसी को मंत्रमुग्ध कर गया। उन्होंने कहा कि सोमनाथ का यह प्रकाशपुंज पूरी दुनिया में भारत की सांस्कृतिक शक्ति का संदेश दे रहा है।

    ॐ का महत्व

    सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान पीएम मोदी ने ॐ का विशेष महत्व बताया। उन्होंने कहा, ॐ हमारे वेदों, शास्त्रों पुराणों उपनिषदों और वेदांत का सार है। ॐ ही ध्यान का मूल है, और योग का आधार है। ॐ ही साधना में साध्य है और ॐ ही शब्द ब्रह्म का स्वरूप है। पीएम मोदी ने इस दौरान 1000 सेकंड्स तक सामूहिक रूप से ओंकार नाद का उच्चारण किया जिससे माहौल में अद्भुत ऊर्जा का संचार हुआ।

    शौर्य यात्रा का आयोजन

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी यात्रा की शुरुआत शौर्य यात्रा से की, जो सोमनाथ के शंख सर्किल से शुरू हुई। इस यात्रा में पीएम मोदी ने डमरू बजाया और यात्रा एक किलोमीटर लंबी रही। इसके बाद उन्होंने सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना की।

    अगला कदम सार्वजनिक सभा

    इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सुबह 11 बजे सद्भावना ग्राउंड में सार्वजनिक सभा को संबोधित किया जहां उन्होंने अपने संदेशों और विचारों से उपस्थित जनसमूह को प्रेरित किया।

  • मैं नितेश राणे की जुबान काट दूंगा,’ अखिलेश यादव के नेता अबू आजमी के बिगड़े बोल, कहा- बौना सा मंत्री है, नेपाली दिखता है

    मैं नितेश राणे की जुबान काट दूंगा,’ अखिलेश यादव के नेता अबू आजमी के बिगड़े बोल, कहा- बौना सा मंत्री है, नेपाली दिखता है


    नई दिल्ली । समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र राज्य अध्यक्ष अबू आजमी ने महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे पर विवादित टिप्पणी की है। अबू आजमी ने राणे को बौना मंत्री और नेपाली बताते हुए धमकी दी कि अगर उन्हें ताकत मिले तो वह नितेश राणे की जुबान काट देंगे। अबू आजमी का यह बयान नितेश राणे के हालिया हिंदुत्व से जुड़ी टिप्पणियों और मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बयानबाजी पर आया है। आजमी ने राणे के बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा यह बौना मंत्री बोलता है कि मस्जिद में घुसकर मुसलमानों को मारूंगा। क्या हम हिंजड़े हैं क्या हमें मारेगा तू उन्होंने आगे कहा कि अगर उनके पास शक्ति हो तो वह इस बौने मंत्री की जुबान काट डालेंगे और उसे सबक सिखाएंगे।

    नितेश राणे के बयान पर प्रतिक्रिया

    नितेश राणे के हिंदुत्व और राष्ट्रवाद पर दिए गए बयान के बाद यह विवाद उठ खड़ा है। राणे ने कहा था कि वह हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के लिए काम कर रहे हैं और किसी भी प्रकार के धर्मनिरपेक्षता या ध्रुवीकरण के लिए नहीं। उन्होंने विशेष रूप से रामनवमी या हनुमान जयंती जैसे धार्मिक जुलूसों में पत्थरबाजी की घटनाओं पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि जब ईद और मुहर्रम शांतिपूर्वक मनाए जा सकते हैं, तो रामनवमी या हनुमान जयंती पर ऐसा क्यों होता है। राणे ने कहा था कि उनका किसी खास समुदाय से विरोध नहीं है, लेकिन जो लोग जिहाद करना चाहते हैं, उनके खिलाफ उनकी आपत्ति स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग वंदे मातरम नहीं बोलते उन्हें पाकिस्तान भेजा जाना चाहिए।

    अबू आजमी की कड़ी प्रतिक्रिया

    अबू आजमी ने नितेश राणे के इस बयान का विरोध करते हुए कहा कि राणे का यह बयान मुस्लिम समुदाय के खिलाफ भड़काऊ है। उन्होंने सवाल किया कि अगर राणे इतना बहादुर हैं तो क्यों नहीं मस्जिद में जाकर दिखाते हैं कि वह क्या कर सकते हैं। आजमी ने यह भी कहा कि राणे जैसे लोग यह कहते हैं कि अगर देश में रहना है तो वंदे मातरम बोलना होगा, लेकिन वह यह नहीं समझते कि हमें राम नवमी के दिन पानी लेकर खड़ा रहने का गर्व है।

    सपा नेता की भाषा पर सवाल


    आजमी का बयान, जो कि भारतीय राजनीति में एक नई कड़ी विवाद को जन्म दे सकता है, कई लोगों को आपत्ति दे रहा है। उनकी भाषा और बयानों में हिंसा की ओर इशारा करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कई नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे असहिष्णुता की ओर बढ़ने वाला कदम बताया है।

  • एनएसई का बड़ा IPO आने वाला, निवेशकों के लिए संकेत: सेबी से जल्द मिल सकता है NOC

    एनएसई का बड़ा IPO आने वाला, निवेशकों के लिए संकेत: सेबी से जल्द मिल सकता है NOC

    नई दिल्ली| नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का आईपीओ भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से जल्द ही नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) मिलने के करीब है। सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने शनिवार को चेन्नई में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि नियामक एनएसई को अप्रूवल देने की प्रक्रिया इस महीने के अंत तक पूरी कर सकता है। एनओसी मिलने के बाद एनएसई अपने पब्लिक इश्यू को बाजार में उतारने के लिए तैयार हो जाएगा, और लिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय एक्सचेंज के हाथ में होगा।

    डार्क फाइबर विवाद ने रोके एनएसई के रास्ते

    एनएसई का आईपीओ कई सालों से अटका हुआ था, जिसका मुख्य कारण 2010-2014 के बीच हुए तथाकथित डार्क फाइबर केस हैं। आरोप था कि कुछ हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडर्स को एनएसई के को-लोकेशन सर्वर तक खास एक्सेस दिया गया था, जिससे वे अन्य बाजार भागीदारों की तुलना में तेजी से ट्रेडिंग कर पाते थे। अप्रैल 2019 में, सेबी ने एनएसई को कथित गैर-कानूनी मुनाफे के रूप में 62.58 करोड़ रुपये लौटाने और कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को मार्केट से जुड़े पदों पर कार्य करने से रोकने का निर्देश दिया था। 2022 में एक्सचेंज पर 7 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था, जिसे बाद में सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल ने रद्द कर दिया।

    रिटेल निवेशकों की बड़ी भागीदारी

    एनएसई ने पिछले साल जुलाई में जानकारी दी थी कि लगभग 1.46 लाख रिटेल निवेशक उसके शेयरों में निवेश कर चुके हैं। ये शेयर ग्रे (अनलिस्टेड) मार्केट में हैं और हर निवेशक के पास की कीमत 2 लाख रुपये से कम है। इसके बावजूद रिटेल निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि आईपीओ के बाद इस हिस्सेदारी और बढ़ सकती है, क्योंकि निवेशकों को लंबे समय से एक्सचेंज के शेयर में संभावित मुनाफा नजर आ रहा है।

    एनएसई के लिए रास्ता अब साफ

    सेबी से एनओसी मिलने के बाद एनएसई को अपने पब्लिक इश्यू को समयबद्ध तरीके से लॉन्च करने का अधिकार मिलेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, आईपीओ के लिए निवेशक पहले से उत्साहित हैं और बाजार में इसकी मांग अच्छी रहने की संभावना है। लंबे समय से रुका यह आईपीओ न केवल एनएसई के लिए महत्वपूर्ण होगा, बल्कि भारतीय शेयर बाजार में भी नया उत्साह और रिटेल निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने में मदद करेगा।

  • दांव पड़ा उल्टाः ऑडी मालिक ने किया बीमा क्लेम लेकिन हो गया खेला, कोर्ट ने लाल किला ब्लास्ट पीड़ितों को फंड देने का सुनाया फैसला

    दांव पड़ा उल्टाः ऑडी मालिक ने किया बीमा क्लेम लेकिन हो गया खेला, कोर्ट ने लाल किला ब्लास्ट पीड़ितों को फंड देने का सुनाया फैसला


    नई दिल्ली । एक शख्स ने सेकंड हैंड ऑडी कार के चोरी होने का दावा करते हुए इंश्योरेंस क्लेम का आवेदन किया लेकिन अदालत ने उसे राहत देने के बजाय 50 हजार रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया। यह मामला कुछ खास था क्योंकि अदालत ने पाया कि इस दावे में एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला था जिसमें ऑटो डीलर, वादी और इंश्योरेंस कंपनी के कर्मचारियों के बीच साजिश थी। अदालत का मानना था कि इस मामले में बीमा पॉलिसी के तहत चोरी की गई ऑडी कार का दावा पूरी तरह से अवैध था और यह स्थिति दिल्ली में हुए पिछले साल के लाल किले के बम धमाके से जुड़ी हुई थी।

    क्या था पूरा मामला

    दिलबाग सोलंकी ने दावा किया था कि उसने 2020 में गुलशाद और इतखाब हुसैन से 29 लाख रुपये में एक सेकंड हैंड ऑडी कार खरीदी थी और इस पर उसने नैशनल इंश्योरेंस कंपनी से इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी। इसके बाद 22 जनवरी 2021 को कार चोरी हो गई और पुलिस ने इस मामले में अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल की जिसे अदालत ने मंजूर भी कर लिया। हालांकि इंश्योरेंस कंपनी ने यह दावा खारिज कर दिया यह कहते हुए कि कार के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य छुपाए गए थे और पॉलिसी में धोखाधड़ी की गई थी। इंश्योरेंस कंपनी ने यह तर्क भी दिया कि इस कार की हालत पहले खराब थी, यह गिरवी रखी हुई थी और कोविड लॉकडाउन के दौरान इसे रांची से दिल्ली ले जाने के किसी सबूत के बिना इसे संदिग्ध तरीके से ट्रांसफर किया गया था। इसके अलावा पॉलिसी पर वादी के साइन भी नहीं थे जो इसे अमान्य बनाता था।

    लाल किले बम धमाका और इसकी कड़ी

    अदालत ने इस मामले को लाल किले पर हुए बम धमाके से जोड़ते हुए कहा कि कुछ गाड़ियां, जिन्हें कार डीलरों के जरिए नकली नामों से खरीदी गई थीं को आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करने की साजिश थी। यह गाड़ियां दिल्ली में विस्फोट करने के लिए इस्तेमाल की जानी थीं लेकिन जांच एजेंसियों ने इस साजिश को विफल कर दिया। अदालत ने यह भी कहा कि जिस गाड़ी का दावा किया जा रहा था, वह कभी दिल्ली में दिखी ही नहीं, और चोरी होने का दावा दिल्ली में किया गया था।

    कोर्ट का आदेश

    अदालत ने इस मामले में गाड़ी मालिक पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और इंश्योरेंस कंपनी के दावे को खारिज कर दिया। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि इस धोखाधड़ी के मामले में संबंधित पक्षों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • IND vs NZ पहला वनडे: शुभमन गिल ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी, देखें प्लेइंग 11 और मैच अपडेट

    IND vs NZ पहला वनडे: शुभमन गिल ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी, देखें प्लेइंग 11 और मैच अपडेट


    नई दिल्ली ।भारत और न्यूजीलैंड के बीच 11 जनवरी को वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में पहला वनडे मैच शुरू हो गया है। इस मुकाबले में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। यह मैदान भारत और न्यूजीलैंड के लिए पहला मेंस इंटरनेशनल मैच हो रहा हैऔर दोनों टीमें नया साल 2026 जीत के साथ शुरू करने का लक्ष्य लेकर उतरी हैं। भारत की टीम रोहित शर्माविराट कोहली और श्रेयस अय्यर जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ मैदान पर हैजबकि कीवी टीम की कमान माइकल ब्रेसवेल के हाथ में है।

    टीम इंडिया ने टॉस जीतने के बाद गेंदबाजी का फैसला कियाजिससे पहले बल्लेबाजी करने के लिए न्यूजीलैंड मैदान पर उतरेगी। भारतीय प्लेइंग 11 में रोहित शर्माशुभमन गिल कप्तानविराट कोहलीश्रेयस अय्यरकेएल राहुल विकेटकीपररवींद्र जड़ेजावॉशिंगटन सुंदरहर्षित राणाकुलदीप यादवमोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा शामिल हैं। वहींन्यूजीलैंड की टीम में डेवोन कॉनवेहेनरी निकोल्सविल यंगडेरिल मिशेलग्लेन फिलिप्समिशेल हे विकेटकीपरमाइकल ब्रेसवेल कप्तान ज़ैकरी फाउल्क्सक्रिस्टियन क्लार्ककाइल जैमीसन और आदित्य अशोक मैदान पर हैं।भारत और न्यूजीलैंड के बीच अब तक कुल 120 वनडे मैच खेले जा चुके हैं। इसमें भारत ने 62 मैचों में जीत हासिल की हैजबकि कीवी टीम ने 50 मैच जीते हैं। 7 मुकाबले बिना परिणाम के रहे और 1 मैच टाई रहा। भारत की सरजमीं पर दोनों देशों के बीच अब तक 40 मैच हुए हैंजिनमें से भारत ने 31 मुकाबले जीतेकीवी टीम ने 8 में जीत दर्ज कीऔर 1 मैच अनरिजल्ट रहा। इससे साफ है कि होम टीम का पलड़ा हमेशा भारी रहा है।

    मैच का लाइव कवरेज स्टार स्पोर्ट्स चैनलों और जियोहॉटस्टार एप पर उपलब्ध होगा। मौसम भी भारतीय टीम के पक्ष में है। वडोदरा में दिन भर धूप रहने की संभावना है और बारिश का कोई खतरा नहीं हैजिससे मैच बिना किसी रुकावट के पूरा हो सकेगा।भारत और न्यूजीलैंड के पहले वनडे का यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए सीरीज में बढ़त बनाने का महत्वपूर्ण मौका है। भारतीय टीम नए साल 2026 में जीत के साथ शुरुआत करना चाहती है और कीवी टीम इसका सामना मजबूती से करेगी। टॉस जीतने के बाद गेंदबाजी का फैसला शुभमन गिल की रणनीति का हिस्सा हैजिससे शुरुआती विकेट लेकर न्यूजीलैंड को दबाव में लाया जा सके।

  • उज्जैन महाकाल की शरण में शिल्पा और शमिता शेट्टी: शयन आरती में हुईं शामिल, कहा- बाबा का बुलावा आया और हम दौड़े आए

    उज्जैन महाकाल की शरण में शिल्पा और शमिता शेट्टी: शयन आरती में हुईं शामिल, कहा- बाबा का बुलावा आया और हम दौड़े आए


    उज्जैन । फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्रियां शिल्पा शेट्टी और शमिता शेट्टी ने हाल ही में उज्जैन में स्थित भगवान महाकालेश्वर के मंदिर में दर्शन किए। दोनों बहनें महाकाल की दिव्य शयन आरती में शिरकत करने के लिए मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने भगवान महाकाल से आशीर्वाद प्राप्त किया।

    आरती के बाद शिल्पा शेट्टी ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि उनके लिए यह अवसर बहुत खास था। उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है जैसे बाबा ने हमें खुद बुलाया है, इसलिए हम सब कुछ छोड़कर दौड़े चले आए। यहाँ की ऊर्जा और शांति अद्भुत है। आज पहली बार शाम की आरती में शामिल होकर मुझे अपार शांति और संतोष मिला है।

    मंदिर प्रबंध समिति ने अभिनेत्रियों का स्वागत किया

    शिल्पा शेट्टी ने महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए मंदिर प्रबंधन का धन्यवाद किया और कहा कि वह जल्द ही फिर से यहां आना चाहेंगी। मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक ने दोनों बहनों का स्वागत किया और उनका सत्कार भी किया।

  • ईरान में विरोध पर कड़ा रुख: सजा-ए-मौत की चेतावनी, मरने वालों की संख्या 72 पहुंची

    ईरान में विरोध पर कड़ा रुख: सजा-ए-मौत की चेतावनी, मरने वालों की संख्या 72 पहुंची

    नई दिल्ली| ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुके हैं और हालात तेजी से विस्फोटक होते जा रहे हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए ईरानी सरकार ने बाहरी दुनिया से संपर्क तोड़ने के लिए इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय फोन लाइनों को पूरी तरह बंद कर दिया है। इसके बावजूद मानवाधिकार संगठनों से आ रही सूचनाएं बेहद चिंताजनक तस्वीर पेश कर रही हैं। देशभर में आर्थिक तंगी, महंगाई और दमनकारी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग अब सीधे धार्मिक सत्ता और शासन व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं।

    प्रदर्शनकारियों पर मौत की धमकी, ‘अल्लाह का शत्रु’ करार

    शनिवार को ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवहेदी आजाद ने सरकारी टेलीविजन पर सख्त बयान देते हुए प्रदर्शनकारियों को ‘मोहारेबेह’ यानी ‘अल्लाह के खिलाफ युद्ध’ का दोषी बताया। उन्होंने कहा कि जो भी इन प्रदर्शनों में शामिल है या प्रदर्शनकारियों की मदद कर रहा है, उसे ईरानी कानून के तहत मौत की सजा दी जाएगी। अटॉर्नी जनरल ने न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिना किसी देरी और नरमी के ऐसे लोगों के खिलाफ मुकदमे चलाए जाएं। सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के संकेतों के बाद माना जा रहा है कि देशभर में अब बड़ा और व्यापक क्रैकडाउन शुरू होने वाला है।

    मानवाधिकार संगठनों का दावा: 72 की मौत, 2300 से ज्यादा गिरफ्तार

    मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी (HRANA) के मुताबिक, अब तक कम से कम 72 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,300 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं, ईरानी मीडिया का दावा है कि गचसरन में बासिज बल के तीन सदस्य मारे गए हैं। इसके अलावा हमदान, बंदर अब्बास, गिलान और मशहद में भी सुरक्षा बलों के जवानों की मौत की खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं ने हालात को और तनावपूर्ण बना दिया है।

    अमेरिका का खुला समर्थन, ट्रंप प्रशासन की चेतावनी

    ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों को अमेरिका का खुला समर्थन मिल रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका ईरान के “बहादुर लोगों” के साथ खड़ा है। वहीं, अमेरिकी विदेश विभाग ने कड़ा संदेश देते हुए ईरान को चेतावनी दी है कि वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ ‘खेल’ न करे। विभाग ने कहा कि ट्रंप जो कहते हैं, उसका मतलब होता है और उसके नतीजे भी होते हैं।

    आर्थिक बदहाली से शुरू हुआ विद्रोह

    इन प्रदर्शनों की शुरुआत 28 दिसंबर 2025 को ईरान की चरमराती अर्थव्यवस्था के खिलाफ हुई थी। ईरानी मुद्रा रियाल गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर 14 लाख प्रति डॉलर तक पहुंच गई है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और परमाणु कार्यक्रम को लेकर जारी तनाव ने आम जनता की जिंदगी मुश्किल कर दी है। महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त जनता का गुस्सा अब खुलकर सड़कों पर है, जो धीरे-धीरे धार्मिक सत्ता के खिलाफ राजनीतिक विद्रोह का रूप ले चुका है।

  • दिल्ली में बुजुर्ग NRI दंपति से डिजिटल ठगी: ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर 14 करोड़ रुपये की ठगी

    दिल्ली में बुजुर्ग NRI दंपति से डिजिटल ठगी: ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर 14 करोड़ रुपये की ठगी

    नई दिल्ली । डिजिटल ठगी के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जिसमें बुजुर्ग NRI दंपति को 18 दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर ठगी का शिकार बनाया गया। यह मामला साइबर ठगी की गंभीरता को सामने लाता है। पीड़िता इंद्रा तनेजा और उनके पति ओम तनेजा ने बताया कि उन्हें 24 दिसंबर 2025 को खुद को TRAI अधिकारी बताने वाले ठग का फोन आया। कॉलर ने आरोप लगाया कि उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल आपत्तिजनक कॉल्स और मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है।ठगों ने दंपति को डराने के लिए लगातार दबाव बनाया और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया। इसके चलते 77 वर्षीय महिला ने 8 अलग-अलग ट्रांजेक्शन में 14 करोड़ रुपये RTGS के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। कॉलर ने हर बार नए बहाने और कानूनी तर्क प्रस्तुत किए, जिससे दंपति मानसिक रूप से दबाव में रहे और उन्होंने ठगों की मांगें मान ली।

    पीड़ित दंपति के अनुसार, वे 2015-16 में अमेरिका से रिटायर होकर भारत लौटे थे और समाज सेवा में जुड़े हुए हैं। उनके खातों में इतनी बड़ी राशि का अचानक ट्रांसफर होना, ठगों की योजनाबद्ध साजिश को उजागर करता है। इंद्रा तनेजा ने बताया कि ठगों ने उन्हें बार-बार फोन कर धमकाया और कानून का हवाला देते हुए डराया।10 जनवरी 2026 (शनिवार) को पीड़ित दंपति ने दक्षिण दिल्ली जिले के सीआर पार्क थाने में शिकायत दर्ज कराई और 1930 साइबर हेल्पलाइन पर भी मामला दर्ज कराया। दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने इस मामले में FIR दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि जांच में इस बात की पुष्टि की जा रही है कि किस तरह ठगों ने डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर दंपति को निशाना बनाया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की साइबर ठगी के मामले डिजिटल अरेस्ट और सरकारी पदों का डर दिखाकर किए जाते हैं, जिससे पीड़ित मानसिक दबाव में आकर बड़ी रकम ट्रांसफर कर देते हैं। पुलिस और साइबर सुरक्षा अधिकारी लगातार इस प्रकार के मामलों को रोकने और आम लोगों को सतर्क करने के लिए अभियान चला रहे हैं।दिल्ली पुलिस ने दंपति को सलाह दी है कि वे अपने बैंक खाते और ट्रांजेक्शन के विवरण को सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध कॉल पर विश्वास न करें। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल ठगी सिर्फ तकनीकी मामलों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि मानसिक दबाव और डर के जरिये भी बड़े आर्थिक नुकसान कर सकती है।

  • Census 2027: डिजिटल जनगणना से बदलेगा भारत का राजनीतिक, आर्थिक और नीतिगत भविष्य, हर घर–हर व्यक्ति का बनेगा रिकॉर्ड

    Census 2027: डिजिटल जनगणना से बदलेगा भारत का राजनीतिक, आर्थिक और नीतिगत भविष्य, हर घर–हर व्यक्ति का बनेगा रिकॉर्ड


    नई दिल्ली।
    भारत एक बार फिर इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ा है। अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रही Census 2027 न सिर्फ देश की 16वीं जनगणना होगी, बल्कि यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना के रूप में दर्ज होगी। इस बार गिनती केवल आबादी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हर घर, हर व्यक्ति और हर इलाके का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा, जो आने वाले वर्षों में देश की राजनीति, नीतियों और विकास की दिशा तय करेगा।

    इस ऐतिहासिक जनगणना में करीब 30 लाख (3 मिलियन) एंयूरेटर मैदान में उतरेंगे, जो Android और iOS आधारित मोबाइल ऐप के जरिए डेटा एकत्र करेंगे।

    पहली बार नागरिकों को सेल्फ-एंयूरेशन की सुविधा भी दी जाएगी, जिसमें लोग 15 दिन के भीतर खुद अपने परिवार और घर से जुड़ी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इससे न केवल प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि डेटा की सटीकता और पारदर्शिता भी पहले से कहीं ज्यादा बढ़ेगी।

    डिजिटल जनगणना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सरकारी योजनाएं कागजों तक सीमित न रहकर सही लोगों तक पहुंचेंगी। अब यह साफ तौर पर पता चलेगा कि किस जिले, गांव या शहरी वार्ड में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की सबसे ज्यादा जरूरत है। इससे संसाधनों का बेहतर बंटवारा होगा और योजनाओं की प्रभावशीलता जमीन पर दिखाई देगी।

    Census 2027 का असर केवल सामाजिक नहीं, बल्कि आर्थिक और राजनीतिक स्तर पर भी बेहद गहरा होगा। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी GDP अनुमानों के साथ जब जनगणना के आंकड़े जुड़ेंगे, तब यह स्पष्ट हो सकेगा कि आर्थिक विकास का असली लाभ आम नागरिक तक पहुंच रहा है या नहीं।

    यह डेटा सरकार को यह समझने में मदद करेगा कि किन क्षेत्रों में योजनाएं सफल रहीं और कहां सुधार की जरूरत है।

    राजनीतिक दृष्टि से देखें तो यह जनगणना बेहद निर्णायक साबित हो सकती है। इसके आधार पर भविष्य में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों के पुनर्निर्धारण (डिलिमिटेशन) का रास्ता साफ होगा। दक्षिण और पश्चिमी राज्यों में जन्म दर नियंत्रण की वजह से जनसंख्या स्थिर है, जबकि उत्तर, मध्य और पूर्वी राज्यों में आबादी तेजी से बढ़ी है। नए आंकड़ों के बाद संसदीय सीटों का संतुलन बदल सकता है, जिससे राजनीतिक शक्ति का केंद्र भी प्रभावित होगा। इसका सीधा असर चुनावी रणनीतियों, प्रतिनिधित्व और नीति निर्माण पर पड़ेगा।

    Census 2027 में केवल जनसंख्या नहीं, बल्कि घर की स्थिति, भाषा, धर्म, शिक्षा स्तर, रोजगार, व्यापार गतिविधियां, प्रवास, जन्म और मृत्यु दर जैसी अहम जानकारियां भी जुटाई जाएंगी।

    यह डेटा गांव से लेकर शहर और वार्ड स्तर तक उपलब्ध होगा, जिससे योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान पहले से कहीं ज्यादा सटीक हो सकेगी। स्कूल, अस्पताल, सड़क, पानी और बिजली जैसी सुविधाओं की योजना इसी डेटा के आधार पर बनाई जा सकेगी।

    हालांकि, इतनी बड़ी डिजिटल कवायद के साथ चुनौतियां भी कम नहीं हैं। ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट और स्मार्टफोन की उपलब्धता, तकनीकी प्रशिक्षण, डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता जैसे मुद्दे सरकार के सामने बड़ी परीक्षा होंगे। यह सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा कि डिजिटल प्रक्रिया के कारण कोई वर्ग या क्षेत्र पीछे न छूट जाए।

    इसके बावजूद, विशेषज्ञ मानते हैं कि Census 2027 भारत के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है। यह न केवल देश की सामाजिक विविधता और आर्थिक ताकत को सामने लाएगी, बल्कि नीति निर्माताओं को ठोस और विश्वसनीय डेटा देगी, जिसके आधार पर भविष्य की योजनाएं बनाई जा सकेंगी।

    कुल मिलाकर, Census 2027 सिर्फ आंकड़ों की गिनती नहीं, बल्कि भारत की असली तस्वीर सामने लाने की कवायद है। हर घर और हर व्यक्ति की जानकारी जब डिजिटल रूप में दर्ज होगी, तब नीतियां ज्यादा सटीक, न्यायसंगत और असरदार बनेंगी। यह जनगणना भारत की राजनीति, विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा देगी, जहां हर नागरिक की मौजूदगी नीति निर्माण में स्पष्ट रूप से नजर आएगी।