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  • पश्चिम बंगाल में नई सरकार का कामकाज शुरू…. CM शुभेंदु ने मंत्रियों को बांटे विभाग

    पश्चिम बंगाल में नई सरकार का कामकाज शुरू…. CM शुभेंदु ने मंत्रियों को बांटे विभाग


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में प्रचंड जीत के बाद नई बीजेपी सरकार (New BJP government) ने राज्य में प्रशासनिक कामकाज को तेजी से पटरी पर लाने की कोशिश शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Chief Minister Shubhendu Adhikari) ने भी सोमवार को मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया. गृह, वित्त और कर्मचारियों ​अधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग से जुड़े कार्मिक जैसे महत्वपूर्ण विभाग मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने पास रखे हैं।


    दिलीप घोष:

    बीजेपी के वरिष्ठ नेता और खड़गपुर सदर से विधायक दिलीप घोष को ग्रामीण विकास, पंचायती राज और पशु संसाधन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. यह विभाग राज्य में ग्रामीण प्रशासन और जमीनी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है।


    अशोक कीर्तनिया:

    बनगांव उत्तर के विधायक अशोक कीर्तनिया को खाद्य विभाग का प्रभार दिया गया है. पश्चिम बंगाल की राजनीति में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का बड़ा महत्व रहा है, ऐसे में यह विभाग भी काफी अहम माना जा रहा है. यह विभाग राज्य भर में पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के जरिए खाद्य सामग्री के वितरण और कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की देखरेख करेगा।


    खुदिराम टुडू:

    रानीबांध विधायक खुदिराम टुडू को पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग सौंपा गया है. इसे आदिवासी और पिछड़े वर्गों के बीच बीजेपी की पकड़ मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. यह मंत्रालय पूरे बंगाल में पिछड़े समुदायों के लिए कल्याणकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और सामाजिक विकास कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित करता है.


    अग्निमित्रा पॉल:

    आसनसोल उत्तर की विधायक और पार्टी में प्रमुख महिला चेहरा अग्निमित्रा पॉल को महिला एवं बाल विकास विभाग और नगर विकास विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वह शुभेंदु कैबिनेट की इकलौती महिला मंत्री हैं. महिलाओं के लिए कल्याणकारी कार्यक्रमों के संचालन और महिला सुरक्षा के पहलों को बढ़ावा देने के अलावा शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के लिहाज से अग्निमित्रा को मिले दोनों विभाग भाजपा सरकार के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं.


    निशीथ प्रमाणिक:

    माथाभांगा विधायक निशीथ प्रमाणिक को खेल और युवा कल्याण के साथ-साथ उत्तर बंगाल के विकास का प्रभार दिया गया है. यह पोर्टफोलियो महत्वपूर्ण है क्योंकि हालिया चुनाव में भी भाजपा ने उत्तरी बंगाल में अपना मजबूत आधार बनाए रखा और उसका लक्ष्य इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करना है.


    मंत्रिमंडल के जरिए साधा समीकरण

    नई कैबिनेट में शामिल नेताओं का चयन राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर किया गया है. दिलीप घोष लंबे समय तक पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रहे और राज्य में पार्टी का संगठन खड़ा करने में उनकी अहम भूमिका रही.

    अग्निमित्रा पॉल को कैबिनेट में जगह देकर बीजेपी महिला वोटरों को साधने की कोशिश कर रही है, जबकि खुदीराम टुडू और अशोक कीर्तनिया के जरिए आदिवासी और मतुआ समुदाय तक पहुंच मजबूत करने की रणनीति दिखाई दे रही है. वहीं निशीथ प्रमाणिक के जरिए बीजेपी ने मंत्रिमंडल में युवा प्रतिनिधित्व को जगह दी है.


    चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत

    बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 294 में से 207 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई. इस प्रचंड बहुमत ने नई सरकार को बिना किसी गठबंधन दबाव के अपनी नीतियां लागू करने की ताकत दी है.


    पहली कैबिनेट बैठक में 5 बड़े फैसले

    नई सरकार ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक में ही कई केंद्रीय योजनाओं को राज्य में लागू करने का ऐलान किया. इनमें आयुष्मान भारत, पीएम जन आरोग्य योजना, पीएम श्री, विश्वकर्मा योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और उज्ज्वला योजना शामिल हैं.

    शुभेंदु सरकार ने बंगाल में भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू करने, सरकारी नौकरियों की अधिकतम आयु सीमा में 5 साल की बढ़ोतरी और आईएएस अधिकारियों को केंद्र सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल करने जैसे प्रशासनिक सुधारों से जुड़े फैसले लिए हैं.


    सुशासन और पारदर्शिता पर रहेगा जोर

    कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि उनकी सरकार ‘सुशासन और पारदर्शिता’ को प्राथमिकता देगी. उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि पिछली सरकार के दौरान शुरू की गईं कल्याणकारी योजनाएं जारी रहेंगी, लेकिन लाभार्थियों का सत्यापन सख्ती से किया जाएगा ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो. मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश सीमा से लगे जिलों में बीएसएफ को फेंसिंग के लिए लैंड ट्रांसफर की प्रक्रिया को भी 45 दिनों के भीतर पूरा करने का निर्देश अधिकारियों को दिया।

  • बच्चों के दिल तक पहुंचने का आसान तरीका, पैरेंट्स अपनाएं ये 5 खास बातें, रिश्ते में बढ़ेगा भरोसा और अपनापन

    बच्चों के दिल तक पहुंचने का आसान तरीका, पैरेंट्स अपनाएं ये 5 खास बातें, रिश्ते में बढ़ेगा भरोसा और अपनापन

    नई दिल्ली । आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में बच्चों और माता-पिता के बीच भावनात्मक दूरी बढ़ना एक आम समस्या बनती जा रही है। पढ़ाई का दबाव, मोबाइल और डिजिटल दुनिया में बढ़ता समय, साथ ही व्यस्त दिनचर्या के कारण कई बच्चे अपने मन की बातें खुलकर नहीं कह पाते। धीरे-धीरे यह दूरी रिश्तों में खामोशी और गलतफहमियां पैदा करने लगती है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि पैरेंट्स अपने बच्चों के साथ ऐसा रिश्ता बनाएं, जहां वे बिना डर और झिझक अपनी हर भावना साझा कर सकें।

    विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों के साथ मजबूत रिश्ता बनाने की शुरुआत उनकी बातों को ध्यान से सुनने से होती है। अक्सर माता-पिता बच्चों की बात पूरी सुने बिना ही प्रतिक्रिया देने लगते हैं, जिससे बच्चे खुद को अनदेखा महसूस करते हैं। अगर बच्चे को यह एहसास हो कि उसकी बातों को गंभीरता से सुना जा रहा है, तो उसका भरोसा धीरे-धीरे मजबूत होने लगता है।

    इसके अलावा बच्चों के साथ व्यवहार करते समय बहुत ज्यादा सख्ती या हर बात पर आलोचना करने से बचना चाहिए। जब बच्चे को लगता है कि उसकी हर गलती पर उसे डांटा जाएगा, तब वह अपनी बातें छिपाने लगता है। ऐसे समय में जरूरत होती है समझदारी और धैर्य की, ताकि बच्चा खुलकर अपनी परेशानियां बता सके।

    पैरेंट्स और बच्चों के रिश्ते को मजबूत बनाने में साथ बिताया गया समय भी बेहद अहम माना जाता है। दिनभर की व्यस्तता के बीच अगर माता-पिता कुछ समय सिर्फ बच्चों के लिए निकालें, उनके साथ खेलें, बातचीत करें या छोटी-छोटी गतिविधियों में शामिल हों, तो इससे भावनात्मक जुड़ाव काफी बढ़ता है। बच्चे ऐसे समय को बेहद खास मानते हैं और इससे उनका आत्मविश्वास भी मजबूत होता है।

    विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि बच्चों के साथ दोस्त जैसा रिश्ता बनाना जरूरी है। जब बच्चा अपने माता-पिता को केवल अनुशासन सिखाने वाला नहीं बल्कि भरोसेमंद साथी मानने लगता है, तब वह अपने मन की बातें आसानी से साझा करता है। इससे बच्चे के अंदर सुरक्षा और अपनापन दोनों की भावना विकसित होती है।

    बच्चों की भावनाओं को समझना और उन्हें महत्व देना भी एक मजबूत रिश्ते की सबसे जरूरी कड़ी है। कई बार बच्चों की छोटी-छोटी बातें बड़ों को मामूली लग सकती हैं, लेकिन वही बातें उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसे में उनकी भावनाओं को नजरअंदाज करने के बजाय उन्हें समझना और सपोर्ट करना बेहद जरूरी होता है।

  • MP: भोपाल में पुलिस ने अपने ही विभाग के कांस्टेबल और एक FRV ड्राइवर को रिश्वत लेते दबोचा

    MP: भोपाल में पुलिस ने अपने ही विभाग के कांस्टेबल और एक FRV ड्राइवर को रिश्वत लेते दबोचा


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक दुर्लभ मामला सामने आया है, जिसमें आरोपी और कार्रवाई करने वाली टीम, दोनों एक ही विभाग के हैं. पुलिस विभाग (Police Department.) के भीतर ही चले इस ‘क्लीनअप ऑपरेशन’ (‘Cleanup Operation’) में एक कांस्टेबल और एक FRV ड्राइवर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

    पूरा मामला एक मकान मालिक और किरायेदार के बीच चल रहे आपसी विवाद से शुरू हुआ था. आरोप है कि जब फरियादी किरायेदार मदद के लिए पुलिस के पास पहुंचा, तो कोहेफिजा थाने में तैनात कांस्टेबल यशपाल तोमर ने उसके पक्ष में कार्रवाई करने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की।


    कमिश्नर तक पहुंची बात

    किरायेदार ने इस भ्रष्टाचार की शिकायत सीधे पुलिस कमिश्नर से कर दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर ने तत्काल जांच और कार्रवाई के आदेश दिए. कमिश्नर के निर्देश पर एसीपी अनिल वाजपेयी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया: जैसे ही कांस्टेबल और एफआरवी ड्राइवर ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, एसीपी की टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।


    कोहेफिजा थाना अब जांच के दायरे में

    इस घटना ने पूरे थाने की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. कमिश्नर के सख्त रुख के बाद अब कोहेफिजा थाने के अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. यह देखा जा रहा है कि क्या इस वसूली रैकेट में अन्य सीनियर या जूनियर अधिकारी भी शामिल थे।

  • MP: भोपाल के होटल में हिंदू युवती के साथ पकड़ाया मुस्लिम युवक, हिंदू संगठनों ने जमकर पीटा, गोबर पोता

    MP: भोपाल के होटल में हिंदू युवती के साथ पकड़ाया मुस्लिम युवक, हिंदू संगठनों ने जमकर पीटा, गोबर पोता


    भोपाल।
    भोपाल (Bhopal) में एक बार फिर हिंदू युवती (Hindu girl) और मुस्लिम युवक (Muslim youth) को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. मामला गोविंदपुरा थाना क्षेत्र (Govindpura police station area.) के गौतम नगर (Gautam Nagar) स्थित प्राईड इन होटल का है, जहां हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने एक हिंदू युवती और मुस्लिम युवक को होटल के कमरे में पकड़ लिया. इसके बाद मौके पर जमकर हंगामा हुआ और युवक के साथ मारपीट की गई. घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


    युवक की पिटाई के बाद लगाया गोबर और पोती स्याही

    जानकारी के मुताबिक हिंदू संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि होटल में एक हिंदू युवती और मुस्लिम युवक ठहरे हुए हैं. इसके बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता होटल पहुंच गए. आरोप है कि कार्यकर्ता सीधे युवक-युवती के कमरे तक पहुंचे और दोनों को बाहर निकालकर सड़क पर ले आए. इस दौरान युवक के साथ लात-घूंसों से मारपीट की गई. इतना ही नहीं, युवक को अर्धनग्न कर उसके चेहरे पर गोबर और स्याही भी पोती गई. मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा.

    घटना की सूचना मिलते ही गोविंदपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस युवक और युवती को थाने लेकर पहुंची, जहां दोनों से पूछताछ की गई. हालांकि काफी देर तक चले घटनाक्रम के बाद भी किसी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।


    एक दूसरे को पहले से जानते थे युवक-युवती

    पुलिस के अनुसार युवक की पहचान आरिफ खान के रूप में हुई है. पुलिस का कहना है कि आरिफ के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज रह चुके हैं. उस पर अड़ीबाजी, ब्लैकमेलिंग और मोबाइल चोरी जैसे आरोप लग चुके हैं. वहीं युवती भोपाल के अयोध्या नगर इलाके की रहने वाली बताई जा रही है. पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे और पहले भी रिलेशनशिप में रह चुके हैं।

    मामले को लेकर थाना प्रभारी अवधेश सिंह तोमर ने बताया कि पुलिस ने सभी पक्षों को समझाइश देकर छोड़ दिया है. किसी भी पक्ष ने कोई मामला दर्ज नहीं कराया है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने सभी लोगों को चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसा कोई कार्य न करें, जिससे सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था प्रभावित हो।

  • नया ग्रामीण रोजगार कानून 2026: गांवों में रोजगार की कानूनी गारंटी और नई व्यवस्था की पूरी डिटेल

    नया ग्रामीण रोजगार कानून 2026: गांवों में रोजगार की कानूनी गारंटी और नई व्यवस्था की पूरी डिटेल

    नई दिल्ली । ग्रामीण रोजगार और विकास व्यवस्था को नए ढांचे में लाने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम की जानकारी साझा की है। विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम 2025 के नाम से तैयार यह नया कानून 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को अधिक सुरक्षित, संगठित और पारदर्शी बनाना बताया जा रहा है।

    इस व्यवस्था के तहत ग्रामीण परिवारों को हर वर्ष 125 दिनों तक अकुशल कार्य का कानूनी अधिकार दिया जाएगा। यह बदलाव ग्रामीण मजदूरों को स्थिर आय और नियमित रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। साथ ही गांवों में सार्वजनिक संपत्तियों के निर्माण को भी इस योजना का अहम हिस्सा बनाया गया है।

    नई व्यवस्था पूरे देश में एक साथ लागू की जाएगी और सभी राज्यों को इसके अनुसार अपनी कार्ययोजना तैयार करनी होगी। पहले से चल रहे विकास कार्यों को भी इसी ढांचे के तहत जारी रखा जाएगा ताकि किसी भी स्तर पर काम बाधित न हो।

    रोजगार मांगने की प्रक्रिया को भी सरल रखा गया है। ग्रामीण परिवार ग्राम पंचायत के माध्यम से रोजगार की मांग कर सकेंगे और इसके बाद 15 दिनों के भीतर उन्हें काम उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। यदि तय समय में रोजगार नहीं मिलता है तो बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी शामिल किया गया है, जिससे श्रमिकों को आर्थिक सहारा मिल सके।

    मजदूरी भुगतान को सीधे बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था की गई है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। भुगतान में देरी होने पर अतिरिक्त मुआवजे का भी प्रावधान रखा गया है, ताकि श्रमिकों के अधिकार सुरक्षित रहें। काम की उपस्थिति दर्ज करने के लिए आधुनिक डिजिटल प्रणाली का उपयोग किया जाएगा।

    कार्यस्थलों पर बुनियादी सुविधाओं जैसे पीने का पानी, छाया और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी अनिवार्य की गई है, ताकि श्रमिकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके। कृषि कार्यों के व्यस्त समय में राज्यों को अस्थायी रूप से काम रोकने की अनुमति भी दी गई है।

    इस पूरे सिस्टम में ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक जिम्मेदारियों का स्पष्ट विभाजन किया गया है, जिससे योजना का क्रियान्वयन सुचारू रूप से हो सके। वित्तीय व्यवस्था में भी केंद्र और राज्यों के बीच तय अनुपात के अनुसार फंडिंग की जाएगी।

    कुल मिलाकर यह नया कानून ग्रामीण रोजगार प्रणाली को अधिक मजबूत, आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जिससे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ने और जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

  • PM मोदी ने की गुजरातियों की तारीफ, वडोदरा में बोले- यहां समाज समय की दिशा को जल्दी पहचानता है

    PM मोदी ने की गुजरातियों की तारीफ, वडोदरा में बोले- यहां समाज समय की दिशा को जल्दी पहचानता है


    वडोदरा।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) सोमवार को गुजरात (Gujarat) के वडोदरा शहर में थे, जहां उन्होंने पटेल समुदाय द्वारा निर्मित ‘सरदार धाम हॉस्टल’ (Sardar Dham Hostel) का उद्घाटन किया और इसके बाद एक सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया संकट (West Asia crisis) के कारण उपजे वैश्विक तेल संकट के बीच एकबार फिर लोगों से ईंधन और खाने के तेल की खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन एवं इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक उपयोग करने और सोने की खरीद कुछ समय के लिए टालने की अपील की। साथ ही उन्होंने एक बार फिर लोगों से आग्रह किया कि जहां संभव हो वहां घर से काम करने की कोविड-कालीन व्यवस्था को अपनाएं और विदेश यात्रा को भी सीमित करें। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने गुजरात की धरती और यहां के लोगों की जमकर तारीफ की और इसे भविष्य को पहचानने वाली धरती बताया।

    अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि ‘गुजरात की एक बहुत बड़ी विशेषता रही है, कि यहां समाज हमेशा समय की दिशा को जल्दी पहचानता है। परिवर्तन को अवसर में बदलना, नई संभावनाओं को अपनाना और भविष्य की तैयारी समय रहते शुरू करना ये गुजरात की कार्य संस्कृति का हिस्सा रहा है। आज जब दुनिया फ्यूचर टेक्नोलॉजीज की ओर बढ़ रही है, तब गुजरात भी नई गति के साथ आगे बढ़ रहा है। सेमीकंडक्टर मैन्यूफैक्चरिंग, एयरोस्पेस, एडवांस इंजीनियरिंग, ग्रीन एनर्जी, फाइनेंशियल सर्विसेस हर क्षेत्र में गुजरात अपनी नई पहचान बना रहा है।’


    ‘ग्लोबल सप्लाई चेन का बड़ा केंद्र बनाने की कोशिश’

    आगे उन्होंने कहा, ‘साणंद में मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर्स बन रहे हैं, केयर्न सेमीकंडक्टर प्लांट में भी प्रोडक्शन शुरू हो चुका है, धोलेरा और सूरत में भी नए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स आगे बढ़ रहे हैं। हमारा भारत और हमारा गुजरात ग्लोबल सप्लाई चेन का बड़ा केंद्र बने, हम इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।’


    पीएम ने बताया वडोदरा में हो रहे कितने काम

    आगे उन्होंने वडोदरा का जिक्र करते हुए कहा, ‘आने वाले समय में वडोदरा की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होगी। आज यहां बने मेट्रो कोचेज दूसरे देशों तक निर्यात हो रहे हैं। सांवली में आधुनिक रेल सिस्टम कोचेज का निर्माण हो रहा है। इंजीनियरिंग, हैवी मशीनरी, कैमिकल्स और फार्मा, पावर इक्विपमेंट्स और MSME, ऐसे कई सेक्टर्स में आज वडोदरा मैन्यूफेक्चरिंग का मजबूत केंद्र बन चुका है। यहां की गतिशक्ति यूनिवर्सिटी ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक की फील्ड में प्रोफेशनल्स तैयार कर रही है, अब एयरोस्पेस सेक्टर में भी वडोदरा नई पहचान बनाने जा रहा है। यहां एयरक्राफ्ट मैन्यूफेक्चरिंग प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है।


    ‘भारत भी दुनिया पर पड़ रहे असर से अछूता नहीं’

    इसके बाद उन्होंने पश्चिम एशिया संकट का जिक्र करते हुए कहा, ‘साथियों गुजरात और देश में विकास के प्रयासों के बीच एक और विषय संवेदनशील होता जा रहा है, पिछले कुछ वर्षों में दुनिया लगातार अस्थिर परिस्थितियों से गुजर रही है। पहले कोरोना का संकट, फिर वैश्विक आर्थिक चुनौतियां और अब पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, इन सारी परिस्थितियों का असर लगातार पूरी दुनिया पर पड़ रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। जब हमने मिलकर कोरोना के संकट का मुकाबला कर लिया तो इस संकट से भी अवश्य पार पा जाएंगे।’


    वेकेशन और वेडिंग के लिए विदेश जाने से बचने को कहा

    आगे उन्होंने उच्च व उच्च मध्यमवर्गीय लोगों की छुट्टियां मनाने व डेस्टिनेशन वेडिंग (यानी शादी के लिए किसी खास जगह पर जाने) के लिए विदेश जाने की आदत का जिक्र करते हुए कहा कि, ‘जैसे ही छुट्टियां शुरू होती हैं, बच्चों के हाथों में विदेश जाने के टिकट थमा दिए जाते हैं। आजकल विदेश यात्रा का चलन है। अक्सर ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ का चलन भी बढ़ रहा है। यहां ऐसे कई लोग हैं जो अब मुझे निमंत्रण नहीं भेजते, पहले वे ऐसा करते थे क्योंकि वे अपनी शादियां विदेश में करते थे, लेकिन अब उन्होंने यह सिलसिला बंद कर दिया है।

    आगे पीएम ने कहा, ‘विदेश में ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ का यह चलन तेजी से बढ़ रहा है, हालांकि, इस बात पर भी गौर करें कि इसमें काफी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। खुद से यह सवाल पूछें, क्या भारत के भीतर ऐसी कोई जगह नहीं है जहां हम अपनी छुट्टियां बिता सकें, जहां हम अपने बच्चों को अपने इतिहास के बारे में पढ़ाएं, जहां हम अपने स्थानों पर गर्व महसूस कर सकें? यह बेहद जरूरी है कि हम अपनी छुट्टियां यहीं भारत में ही मनाएं और तो और जहां तक शादियों की बात है, मैं नहीं मानता हूं कि हमारे लिए अपने भारत से ज्यादा सुंदर या पवित्र जगह कोई और हो सकती है। जब हम यहां पर शादी करते हैं तो पूर्वजों की मिट्टी भी हमें आशीर्वाद देती है। वेडिंग के लिए भी भारत में अनेक स्थान हैं, उन्हें हम चुनें।’


    ‘पाटीदार भाइयों को शादी के लिए खास सलाह’

    आगे प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैं तो आप सब पाटीदार भाइयों को तो कहूंगा आपको तो अब शादी ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर जाकर करना चाहिए। आपकी हर शादी में सरदार साहब खुद आशीर्वाद देने के लिए मौजूद रहेंगे। वहीं पर आपने, जैसे हरिद्वार व ऋषिकेश में आप शांति के लिए जगह बना रहे हैं ना, वैसे ही आप ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ में शादी के लिए जगह बना दीजिए। जैसे हाल के वर्षों में सरदार साहब के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और हमारा एकता नगर पर्यटन का इतना बड़ा केंद्र बनकर उभरा है कि हम यह तय कर सकते हैं कि हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को वहां लेकर जाएं।’

  • साबुन छोड़िए, अपनाइए देसी पेस्ट: 10 मिनट में टैनिंग कम, स्किन बने मुलायम और चमकदार

    साबुन छोड़िए, अपनाइए देसी पेस्ट: 10 मिनट में टैनिंग कम, स्किन बने मुलायम और चमकदार


    नई दिल्ली। नहाने में साबुन की जगह नारियल तेल, बेसन, नींबू, दूध और ईनो से बना देसी पेस्ट स्किन की टैनिंग कम करने, डेड स्किन हटाने और ड्राइनेस दूर करने में मदद कर सकता है। लेकिन इसे सावधानी से इस्तेमाल करना जरूरी है।

     देसी नहाने वाले पेस्ट का ट्रेंड क्या है?
    आजकल सोशल मीडिया पर एक देसी स्किन केयर नुस्खा काफी चर्चा में है जिसमें साबुन की जगह प्राकृतिक और किचन में मिलने वाली चीजों से बना पेस्ट इस्तेमाल किया जाता है। दावा किया जाता है कि यह पेस्ट 10 मिनट में स्किन को साफ, चमकदार और टैनिंग-फ्री बनाने में मदद कर सकता है।

    पेस्ट में क्या-क्या चीजें मिलती हैं?
    इस घरेलू मिश्रण में आमतौर पर ये सामग्री शामिल होती है:

    बेसन
    नारियल तेल
    दूध
    नींबू
    ईनो
    इन सभी चीजों को मिलाकर एक हल्का गाढ़ा पेस्ट तैयार किया जाता है जिसे नहाने से पहले शरीर पर लगाया जाता है।

    कैसे काम करता है यह पेस्ट?
    नारियल तेल स्किन को नमी देता है और रूखापन कम करता है। बेसन हल्के स्क्रब की तरह डेड स्किन हटाने में मदद करता है। नींबू में मौजूद विटामिन सी टैनिंग और दाग-धब्बों को हल्का करने में सहायक माना जाता है। दूध स्किन को सॉफ्ट और मॉइश्चराइज रखने में मदद करता है। यह सभी मिलकर त्वचा को साफ और फ्रेश लुक देने का दावा करते हैं।

     इस्तेमाल करने का तरीका
    पेस्ट को तैयार करके हल्के हाथों से पूरे शरीर पर लगाया जाता है और लगभग 10 मिनट तक छोड़ दिया जाता है। इसके बाद हल्के पानी से धो दिया जाता है। इसे हफ्ते में 1 से 2 बार इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।

    सावधानियां जरूर रखें
    यह जरूरी है कि इसे पूरे शरीर पर लगाने से पहले पैच टेस्ट किया जाए। कुछ लोगों को नींबू या ईनो से जलन या एलर्जी हो सकती है। बहुत सेंसिटिव स्किन, बच्चों या जिनकी त्वचा पर घाव या रैशेज हों उन्हें इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अगर जलन महसूस हो तो तुरंत धो लेना चाहिए।

    यह देसी नहाने वाला पेस्ट स्किन को प्राकृतिक तरीके से साफ और सॉफ्ट बनाने में मदद कर सकता है, लेकिन यह हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं है। सही मात्रा, सावधानी और स्किन टाइप के अनुसार इस्तेमाल करने पर ही इससे फायदा मिल सकता है।

  • 2026–2027 का सूर्य ग्रहण: 2027 क्यों कहलाएगा ‘सदी का सबसे खास नजारा’? जानें पूरी सच्चाई

    2026–2027 का सूर्य ग्रहण: 2027 क्यों कहलाएगा ‘सदी का सबसे खास नजारा’? जानें पूरी सच्चाई



    नई दिल्ली। खगोल विज्ञान के अनुसार 2026 और 2027 के बीच दो महत्वपूर्ण पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने को मिलेंगे, लेकिन इनमें 2 अगस्त 2027 का सूर्य ग्रहण सबसे ज्यादा चर्चा में है। इसका कारण इसकी असाधारण लंबी अवधि और बड़े भौगोलिक क्षेत्र में दिखाई देना है, जो इसे बेहद दुर्लभ खगोलीय घटना बनाता है।

    12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण
    यह पूर्ण सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड और उत्तरी स्पेन जैसे क्षेत्रों से दिखाई देगा। इस दौरान चंद्रमा सूर्य को कुछ मिनटों के लिए ढक लेगा और आकाश में शाम जैसा नजारा बन सकता है। इसकी कुल अवधि लगभग 2 मिनट से कुछ ज्यादा होगी, इसलिए यह एक सामान्य लेकिन आकर्षक पूर्ण ग्रहण माना जा रहा है।

    2 अगस्त 2027 का सूर्य ग्रहण क्यों खास है?
    2 अगस्त 2027 को लगने वाला सूर्य ग्रहण 21वीं सदी के सबसे लंबे पूर्ण सूर्य ग्रहणों में से एक होगा। मिस्र के लक्सर जैसे स्थानों पर यह लगभग 6 मिनट से अधिक समय तक चलेगा। इतनी लंबी अवधि में सूर्य पूरी तरह ढक जाएगा और दिन में कुछ समय के लिए गहरा अंधेरा छा जाएगा।

    खगोलविदों के अनुसार ऐसा लंबा पूर्ण सूर्य ग्रहण बहुत दुर्लभ होता है और इसके बाद इतना लंबा ग्रहण 2114 तक देखने को नहीं मिलेगा। यही वजह है कि इसे “Eclipse of the Century” यानी सदी का सबसे खास खगोलीय नजारा कहा जा रहा है।

    देखने में क्या होगा अंतर?
    2026 ग्रहण: छोटा, लेकिन सुंदर सूर्यास्त के समय यूरोप में दिखाई देगा

    2027 ग्रहण: लंबा, गहरा और अफ्रीका–मध्य पूर्व में व्यापक रूप से दिखेगा

    वैज्ञानिकों के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य का कोरोना (बाहरी चमकदार आवरण) साफ दिखाई देता है, जो इसे बेहद आकर्षक बनाता है।

    दोनों ग्रहण महत्वपूर्ण हैं, लेकिन 2027 का सूर्य ग्रहण अपनी लंबी अवधि और व्यापक दृश्यता के कारण बेहद दुर्लभ और ऐतिहासिक माना जा रहा है। यही कारण है कि खगोल प्रेमियों के लिए यह घटना किसी “सदी के शो” से कम नहीं होगी।

  • गर्मियों में हेल्दी रहने के लिए बदलें खानपान, हाई-प्रोटीन फूड देगा एनर्जी और फिटनेस

    गर्मियों में हेल्दी रहने के लिए बदलें खानपान, हाई-प्रोटीन फूड देगा एनर्जी और फिटनेस

    नई दिल्ली । गर्मी का मौसम शुरू होते ही शरीर को स्वस्थ और फिट बनाए रखना कई लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है। तेज धूप, पसीना और लगातार थकान के कारण शरीर जल्दी कमजोर महसूस करने लगता है। ऐसे समय में केवल व्यायाम या जिम पर ध्यान देना काफी नहीं होता, बल्कि सही डाइट सबसे अहम भूमिका निभाती है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर खानपान संतुलित और पौष्टिक रखा जाए, तो गर्मियों में भी शरीर को एक्टिव, हल्का और फिट बनाए रखना आसान हो सकता है।

    दिन की शुरुआत हमेशा ऐसे भोजन से करनी चाहिए जो शरीर को पर्याप्त ऊर्जा दे और लंबे समय तक भूख महसूस न होने दे। सुबह के समय प्रोटीन और हेल्दी फैट से भरपूर चीजों का सेवन शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है। बादाम, अंडे और हल्के पौष्टिक खाद्य पदार्थ शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ-साथ पूरे दिन एनर्जी बनाए रखने में मदद करते हैं। इससे मेटाबॉलिज्म बेहतर रहता है और बार-बार कुछ खाने की इच्छा भी कम होती है।

    दोपहर के भोजन में हल्का और आसानी से पचने वाला खाना लेना बेहतर माना जाता है। गर्मियों में ज्यादा तला-भुना या भारी भोजन शरीर को सुस्त बना सकता है। इसलिए हरी सब्जियां, सलाद और प्रोटीन से भरपूर भोजन को अधिक फायदेमंद माना जाता है। खीरा, टमाटर और पत्तेदार सब्जियां शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करती हैं, जबकि प्रोटीन शरीर की ताकत बनाए रखने का काम करता है। ऐसा भोजन दिनभर शरीर को फ्रेश और हल्का महसूस कराने में मदद करता है।

    शाम के समय अक्सर शरीर में थकान महसूस होने लगती है और ऊर्जा कम होने लगती है। ऐसे समय में हेल्दी स्नैक्स लेना जरूरी माना जाता है। दही, योगर्ट, चिया सीड्स या हल्के पौष्टिक विकल्प शरीर को तुरंत ऊर्जा देने के साथ-साथ पेट को भी स्वस्थ बनाए रखते हैं। गर्मियों में ऐसे खाद्य पदार्थ शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाने में मदद करते हैं और लंबे समय तक एक्टिव बनाए रखते हैं।

    रात के भोजन को हमेशा हल्का लेकिन पोषण से भरपूर रखना चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक रात में ऐसा खाना लेना चाहिए जो जल्दी पच जाए और शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी मिल सकें। प्रोटीन और फाइबर से भरपूर डिनर वजन नियंत्रण में मदद करता है और शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में भी सहायक होता है। इसके अलावा यह शरीर की थकान कम करने और अगले दिन के लिए ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है।

    फिटनेस बनाए रखने के लिए खानपान के साथ-साथ पर्याप्त पानी पीना भी बेहद जरूरी है। गर्मियों में शरीर में पानी की कमी जल्दी हो जाती है, इसलिए नियमित रूप से पानी और तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। हल्की एक्सरसाइज, योग और रोजाना वॉक जैसी आदतें भी शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लोग अपने डेली रूटीन में छोटे-छोटे हेल्दी बदलाव करें, तो गर्मियों में भी आसानी से फिट और ऊर्जावान बना रह सकते हैं।

  • बड़ा मंगल: भक्ति, सेवा और आस्था का पावन पर्व

    बड़ा मंगल: भक्ति, सेवा और आस्था का पावन पर्व



    नई दिल्ली। बड़ा मंगल हिंदू धर्म में भगवान हनुमान जी को समर्पित एक अत्यंत पवित्र और लोकप्रिय पर्व है। यह विशेष रूप से ज्येष्ठ माह के मंगलवारों को मनाया जाता है। उत्तर भारत, खासकर उत्तर प्रदेश के लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में इस पर्व को बड़े उत्साह, श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस दिन मंदिरों में भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिलता है और जगह-जगह भंडारों का आयोजन होता है।

    बड़ा मंगल क्यों मनाया जाता है?
    बड़ा मंगल मनाने का मुख्य उद्देश्य भगवान Hanuman जी की आराधना करना और उनके आशीर्वाद से जीवन में शक्ति, साहस और संकटों से मुक्ति प्राप्त करना है।

    मान्यता है कि हनुमान जी संकटमोचक हैं और उनकी पूजा करने से:

    जीवन के कष्ट दूर होते हैं

    भय और नकारात्मकता समाप्त होती है

    आत्मविश्वास और साहस बढ़ता है

    मंगल ग्रह से जुड़े दोषों का प्रभाव कम होता है

    जीवन में सुख, शांति और सफलता मिलती है

    बड़ा मंगल की शुरुआत और इतिहास
    बड़ा मंगल की परंपरा बहुत पुरानी मानी जाती है, हालांकि इसका कोई एक निश्चित ऐतिहासिक प्रमाणित आरंभ नहीं मिलता। यह परंपरा मुख्य रूप से अवध क्षेत्र से जुड़ी हुई है।

    ऐसा माना जाता है कि, यह परंपरा कई सौ वर्ष पुरानी हैमुगल काल और अवध के नवाबों के समय में यह परंपरा और अधिक लोकप्रिय हुईलखनऊ में हनुमान मंदिरों में इस दिन विशेष पूजा का आयोजन शुरू हुआ। धीरे-धीरे यह परंपरा पूरे उत्तर भारत में फैल गई। समय के साथ यह पर्व केवल पूजा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक सेवा का भी प्रतीक बन गया।

    बड़ा मंगल की परंपराएं और आयोजन
    बड़ा मंगल के दिन देशभर में विशेष धार्मिक और सामाजिक आयोजन किए जाते हैं:

    1. विशेष पूजा और आरती
    हनुमान मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगती है। हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और आरती का पाठ किया जाता है।

    2. भंडारे और लंगर
    इस दिन सबसे खास परंपरा भंडारे की होती है, जिसमें हजारों लोगों को मुफ्त भोजन कराया जाता है। यह सेवा भावना का प्रतीक है।

    3. सेवा कार्य
    भक्त गरीबों, जरूरतमंदों और राहगीरों की सेवा करते हैं, जो इस पर्व की सबसे सुंदर विशेषता है।

    4. भक्ति और जुलूस
    कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और धार्मिक जुलूस निकाले जाते हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है।

    बड़ा मंगल का सामाजिक महत्व
    बड़ा मंगल केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सेवा भावना का भी प्रतीक है। यह दिन लोगों को जोड़ने का कार्य करता है और समाज में दया, करुणा और सहयोग की भावना को बढ़ाता है।इस दिन अमीर-गरीब का भेद मिट जाता है और सभी लोग एक साथ सेवा और भक्ति में शामिल होते हैं।

    बड़ा मंगल का आधुनिक महत्व
    आज के समय में भी बड़ा मंगल की परंपरा उतनी ही मजबूत है। बदलते समय के साथ डिजिटल माध्यमों से भी भक्ति कार्यक्रम साझा किए जाते हैंबड़े स्तर पर भंडारों का आयोजन होता हैयुवा पीढ़ी भी इस परंपरा से जुड़ रही हैयह पर्व आधुनिक समाज में भी आस्था और सेवा का संतुलन बनाए हुए है।बड़ा मंगल हमें यह संदेश देता है कि सच्ची भक्ति केवल पूजा-पाठ में नहीं, बल्कि सेवा, करुणा और मानवता में निहित है। हनुमान जी की आराधना हमें जीवन में शक्ति, साहस और सकारात्मकता प्रदान करती है।यह पर्व हर साल भक्तों को यह याद दिलाता है कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और मानवता की सेवा ही सच्ची पूजा है।