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  • हिमाचल के चम्बा में मूसलाधार बारिश ने मचाई तबाही… घर में घुसा मलबा…कई वाहन दबे

    हिमाचल के चम्बा में मूसलाधार बारिश ने मचाई तबाही… घर में घुसा मलबा…कई वाहन दबे


    चंबा।
    हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के चंबा जिले (Chamba district) में सोमवार रात मूसलाधार बारिश (Torrential Rain) ने भारी तबाही मचाई। बारिश की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसने व्यापक स्तर पर नुकसान पहुंचाया। इस प्राकृतिक आपदा के बावजूद, राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि, जिले के कई इलाकों में आवासीय घरों, व्यावसायिक दुकानों और निजी वाहनों को भारी क्षति पहुंची है।

    जिले के उदयपुर, घोलटी, नवोदय मार्ग और भरियाड जैसे क्षेत्रों में स्थिति विशेष रूप से गंभीर रही। इन इलाकों में भारी भूस्खलन हुआ, जिससे बड़ी मात्रा में मलबा सड़कों और आवासीय क्षेत्रों में आ गया। मलबे की चपेट में आकर करीब 12 वाहन दब गए।

    इन दबे हुए वाहनों में निजी कारें, मालवाहक ट्रक, दोपहिया बाइक और स्कूटियां शामिल थीं। भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित तडोली नाला भी बारिश के कारण उफान पर आ गया। नाले का बहाव इतना तेज था कि वह अपने साथ बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी का मलबा बहाकर लाया।


    संपत्ति और बुनियादी ढांचे को नुकसान

    तडोली नाले के तेज बहाव में आया मलबा और पत्थर एक स्टोर में घुस गए। इससे वह स्टोर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अतिरिक्त, आसपास के कई घरों में भी मलबा घुस गया, जिससे निवासियों को काफी परेशानी हुई। सुल्तानपुर नाले ने भी रौद्र रूप धारण कर लिया, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं।

    इस नाले के तेज बहाव में भी कई बाइक और स्कूटियां बहकर क्षतिग्रस्त हो गईं। भरियाड गांव में पानी का रुख अचानक बदल गया, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई। मलबा सीधे कई घरों तक पहुंच गया, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया।


    जनजीवन पर गहरा असर

    बारिश और नाले के उफान से उत्पन्न खतरे को देखते हुए कई परिवारों ने अपने मकान खाली कर दिए। इन प्रभावित परिवारों ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रातों-रात पड़ोसियों के घरों में शरण ली। यह विस्थापन अचानक आई आपदा के कारण हुआ।


    चमोली

    घरों में मलबा घुसने से लोगों की दैनिक दिनचर्या बाधित हुई। संपत्ति के नुकसान से आर्थिक चुनौतियां भी पैदा हुई हैं। स्थानीय निवासियों को अब अपने घरों की मरम्मत और सफाई का सामना करना पड़ेगा।

  • मध्य प्रदेश में बारिश को लेकर बड़ा अलर्ट अगले 24 घंटे में 8 जिलों में हो सकती है मूसलाधार बारिश कई इलाकों में बढ़ेगा जलभराव का खतरा

    मध्य प्रदेश में बारिश को लेकर बड़ा अलर्ट अगले 24 घंटे में 8 जिलों में हो सकती है मूसलाधार बारिश कई इलाकों में बढ़ेगा जलभराव का खतरा


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है और आने वाले तीन दिन प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी बारिश लेकर आ सकते हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार को आठ जिलों में हैवी रेन का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले चौबीस घंटे के दौरान चार इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है। राजधानी भोपाल में सुबह से ही रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो गया जिससे मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।

    मौसम विभाग के अनुसार सतना कटनी उमरिया मंडला डिंडौरी सिवनी रायसेन और बैतूल में भारी बारिश की आशंका है। इन इलाकों में प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को नदी नालों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा भोपाल सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर झाबुआ अलीराजपुर धार बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन उज्जैन नीमच मंदसौर रतलाम आगर मालवा शाजापुर देवास नर्मदापुरम हरदा ग्वालियर श्योपुर मुरैना भिंड दतिया शिवपुरी गुना अशोकनगर जबलपुर नरसिंहपुर छिंदवाड़ा पांढुर्णा बालाघाट रीवा सीधी सिंगरौली मऊगंज मैहर शहडोल अनूपपुर सागर पन्ना दमोह छतरपुर टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज वर्षा हो सकती है।

    प्रदेश में अब तक मानसून की स्थिति सामान्य से कमजोर बनी हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक मध्य प्रदेश में औसतन 336 दशमलव 7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जबकि इस समय तक लगभग 407 मिलीमीटर वर्षा हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक करीब 17 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा की कमी लगभग 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 15 प्रतिशत दर्ज की गई है।

    बारिश की कमी का असर प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिखाई दे रहा है। अनूपपुर बालाघाट छतरपुर छिंदवाड़ा दमोह डिंडौरी जबलपुर कटनी मैहर मंडला मऊगंज नरसिंहपुर निवाड़ी पांढुर्णा पन्ना रीवा सागर सतना सिवनी शहडोल सीधी सिंगरौली टीकमगढ़ उमरिया आगर मालवा अलीराजपुर अशोकनगर बड़वानी बैतूल दतिया धार गुना ग्वालियर हरदा झाबुआ खंडवा खरगोन मुरैना नर्मदापुरम नीमच रायसेन रतलाम शाजापुर श्योपुर शिवपुरी उज्जैन और विदिशा सहित कुल 48 जिलों में सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। दूसरी ओर भोपाल भिंड बुरहानपुर देवास इंदौर मंदसौर राजगढ़ और सीहोर ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से अधिक बारिश हुई है। इनमें देवास सबसे आगे है जहां सामान्य से लगभग 29 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र अब पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तट के करीब पहुंच चुका है। यह सिस्टम झारखंड और छत्तीसगढ़ से होते हुए मध्य भारत की ओर बढ़ेगा। इसके साथ मानसून ट्रफ भी सक्रिय बनी हुई है जिससे 28 जुलाई से 30 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है।

    मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने नदी नालों के पास न जाने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। लगातार सक्रिय हो रहे मानसूनी सिस्टम के कारण आने वाले दिनों में प्रदेश के जलाशयों का जलस्तर बढ़ने और खेती के लिए भी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • कैश में रूम रेंट चुकाते हैं तो रखें सबूत, रेंट रिसिप्ट और डिजिटल रिकॉर्ड से सुरक्षित रहेंगे आपके अधिकार

    कैश में रूम रेंट चुकाते हैं तो रखें सबूत, रेंट रिसिप्ट और डिजिटल रिकॉर्ड से सुरक्षित रहेंगे आपके अधिकार

    नई दिल्ली । भारत में आज भी बड़ी संख्या में लोग मकान का किराया नकद यानी कैश में चुकाते हैं, विशेषकर छोटे शहरों और कस्बों में यह व्यवस्था सामान्य मानी जाती है। हालांकि नकद में किराया देना कानून के विरुद्ध नहीं है, लेकिन यदि भुगतान का कोई लिखित प्रमाण नहीं रखा जाए तो भविष्य में कई प्रकार की कानूनी और वित्तीय परेशानियां सामने आ सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किरायेदारों को हर भुगतान के साथ रेंट रिसिप्ट अवश्य लेनी चाहिए, ताकि किसी भी विवाद की स्थिति में उनके पास पर्याप्त दस्तावेजी साक्ष्य मौजूद रहे।

    यदि किराया नकद में दिया जाता है और मकान मालिक उसकी रसीद जारी नहीं करता, तो बाद में यह साबित करना कठिन हो सकता है कि संबंधित महीने का किराया समय पर चुका दिया गया था। ऐसी स्थिति में हाउस रेंट अलाउंस (HRA) का दावा करने, कर संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने या मकान मालिक के साथ किसी विवाद में अपना पक्ष साबित करने में कठिनाई आ सकती है। इसलिए किराया भुगतान का स्पष्ट रिकॉर्ड रखना किरायेदार के हित में माना जाता है।

    मॉडल टेनेंसी एक्ट, 2021 लिखित किरायानामा और पारदर्शी भुगतान व्यवस्था को बढ़ावा देता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य मकान मालिक और किरायेदार दोनों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हालांकि किरायेदारी से जुड़े नियम अलग-अलग राज्यों में भिन्न हो सकते हैं, इसलिए स्थानीय कानूनों की जानकारी रखना भी आवश्यक है।

    रेंट रिसिप्ट केवल भुगतान की रसीद नहीं होती, बल्कि यह इस बात का आधिकारिक प्रमाण होती है कि मकान मालिक ने निर्धारित अवधि का किराया प्राप्त कर लिया है। सामान्य तौर पर इसमें किरायेदार और मकान मालिक का नाम, मकान का पता, किराया राशि, संबंधित माह, भुगतान की तारीख, भुगतान का तरीका और मकान मालिक के हस्ताक्षर जैसी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज होती है। यही विवरण भविष्य में किसी भी कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रिया में उपयोगी साबित हो सकते हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यदि संभव हो तो किराया डिजिटल माध्यमों जैसे यूपीआई, बैंक ट्रांसफर, आईएमपीएस, आरटीजीएस या चेक के जरिए देना अधिक सुरक्षित रहता है। डिजिटल भुगतान का बैंक रिकॉर्ड अपने आप तैयार हो जाता है, जिससे भुगतान का प्राथमिक प्रमाण उपलब्ध रहता है। हालांकि केवल बैंक स्टेटमेंट हमेशा यह साबित नहीं करता कि भेजी गई राशि किस महीने के किराए के लिए थी। इसलिए डिजिटल भुगतान के साथ भी रेंट रिसिप्ट लेना बेहतर माना जाता है।

    यदि कोई मकान मालिक रेंट रिसिप्ट देने से इनकार करता है, तो किरायेदार को विवाद बढ़ाने के बजाय लिखित माध्यम से रसीद की मांग करनी चाहिए। व्हाट्सएप संदेश, ईमेल, एसएमएस या लिखित आवेदन के माध्यम से की गई मांग भविष्य में उपयोगी साक्ष्य बन सकती है। साथ ही भुगतान की तारीख, राशि और संबंधित बातचीत का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखना चाहिए।

    कई बार किरायेदार शुरुआत में दस्तावेजों पर ध्यान नहीं देते और विवाद होने के बाद सबूत जुटाने की कोशिश करते हैं। ऐसी स्थिति में उनके लिए अपने दावों को साबित करना कठिन हो सकता है। इसलिए किरायानामा, भुगतान का रिकॉर्ड, रेंट रिसिप्ट और मकान मालिक के साथ हुई महत्वपूर्ण बातचीत को शुरू से ही सुरक्षित रखना समझदारी भरा कदम माना जाता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, पारदर्शी दस्तावेजी प्रक्रिया अपनाने से मकान मालिक और किरायेदार दोनों के हित सुरक्षित रहते हैं। नियमित रिकॉर्ड रखने की आदत न केवल कानूनी विवादों से बचाती है, बल्कि कर लाभ, वित्तीय दस्तावेजों और भविष्य की किसी भी प्रशासनिक आवश्यकता को पूरा करने में भी मददगार साबित होती है।

  • E20 पेट्रोल की कीमत पर बड़ा खुलासा किसानों से लेकर कच्चे तेल तक समझिए क्यों नहीं घट रहे पेट्रोल के दाम

    E20 पेट्रोल की कीमत पर बड़ा खुलासा किसानों से लेकर कच्चे तेल तक समझिए क्यों नहीं घट रहे पेट्रोल के दाम


    नई दिल्ली । देशभर में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण यानी E20 ईंधन की आपूर्ति तेज़ी से बढ़ाई जा रही है। सरकार का लक्ष्य आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करना और घरेलू स्तर पर तैयार होने वाले जैव ईंधन को बढ़ावा देना है। हालांकि आम लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब एथेनॉल भारत में ही तैयार होता है तो फिर E20 पेट्रोल सामान्य पेट्रोल से सस्ता क्यों नहीं मिलता। अब सरकार ने संसद में इस सवाल का विस्तृत जवाब देते हुए इसकी असली वजह स्पष्ट कर दी है।

    सरकार के मुताबिक मौजूदा परिस्थितियों में एथेनॉल कोई बहुत सस्ता ईंधन नहीं है। एथेनॉल का उत्पादन किसानों से खरीदे गए मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से किया जाता है। किसानों को उचित मूल्य देने की नीति के तहत सरकार एथेनॉल की खरीद तय दरों पर करती है। इसके अलावा परिवहन भंडारण और कर जैसे अतिरिक्त खर्च भी इसमें शामिल होते हैं। यही कारण है कि E20 पेट्रोल तैयार करने की कुल लागत सामान्य पेट्रोल के बराबर या कई बार उससे अधिक हो जाती है।

    सरकार ने यह भी बताया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत सामान्य स्तर पर रहती है तब एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की लागत में कोई बड़ी कमी नहीं आती। यदि भविष्य में कच्चे तेल की कीमतें बहुत अधिक बढ़ती हैं तब एथेनॉल मिश्रण आर्थिक रूप से अधिक लाभदायक साबित हो सकता है। इसलिए फिलहाल उपभोक्ताओं को कीमत के रूप में सीधी राहत नहीं मिल पा रही है।

    हालांकि सरकार का कहना है कि E20 पेट्रोल का सबसे बड़ा फायदा कीमत नहीं बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा है। पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने का मतलब है कि ईंधन का एक बड़ा हिस्सा अब देश में ही तैयार हो रहा है। इससे विदेशी कच्चे तेल पर निर्भरता कम होती है और वैश्विक संकट या युद्ध जैसी परिस्थितियों में ईंधन आपूर्ति पर असर कम पड़ता है। साथ ही किसानों को उनकी फसल का बेहतर बाजार मिलता है जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।

    सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पेट्रोल पंपों पर अलग से शुद्ध पेट्रोल E10 और E20 उपलब्ध कराना फिलहाल व्यावहारिक नहीं है। देश में एक लाख से अधिक पेट्रोल पंप हैं और हर स्थान पर तीन तरह का ईंधन रखने के लिए अलग भंडारण और वितरण व्यवस्था की जरूरत होगी। इससे लागत काफी बढ़ जाएगी और सप्लाई चेन को संभालना भी कठिन हो जाएगा। इसके अलावा एथेनॉल उत्पादन और वितरण नेटवर्क पर पहले ही बड़े पैमाने पर निवेश किया जा चुका है।

    माइलेज को लेकर भी सरकार ने स्थिति साफ की है। सरकार के अनुसार E20 ईंधन के उपयोग से कुछ वाहनों में लगभग तीन से पांच प्रतिशत तक माइलेज कम हो सकता है। हालांकि वास्तविक माइलेज केवल ईंधन पर निर्भर नहीं करता बल्कि वाहन की स्थिति ड्राइविंग शैली टायर का दबाव समय पर सर्विसिंग और एयर कंडीशनर के उपयोग जैसे कई अन्य कारकों से भी प्रभावित होता है।

    दुनिया के कई विकसित देशों में एथेनॉल मिश्रित ईंधन का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है। भारत भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है ताकि आयातित तेल पर खर्च कम हो और स्वदेशी जैव ईंधन के जरिए ऊर्जा क्षेत्र को अधिक आत्मनिर्भर बनाया जा सके। आने वाले समय में एथेनॉल उत्पादन बढ़ने और तकनीक बेहतर होने के साथ इसकी लागत में भी कमी आने की संभावना जताई जा रही है।

  • सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन बाजार में बन सकते हैं नए मौके निवेश से पहले जान लें एक्सपर्ट्स की अहम सलाह

    सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन बाजार में बन सकते हैं नए मौके निवेश से पहले जान लें एक्सपर्ट्स की अहम सलाह


    नई दिल्ली। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को शेयर बाजार की दिशा कई महत्वपूर्ण घरेलू और वैश्विक संकेतों से तय हो सकती है। निवेशकों की नजर विदेशी बाजारों की चाल कच्चे तेल की कीमतों विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीद बिक्री और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बनी रहेगी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो भारतीय शेयर बाजार में अच्छी शुरुआत देखने को मिल सकती है। वहीं वैश्विक स्तर पर किसी भी तरह की अनिश्चितता का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दे सकता है।

    हाल के दिनों में भारतीय शेयर बाजार में उतार चढ़ाव का दौर बना हुआ है। ऐसे माहौल में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय सोच समझकर निवेश करना चाहिए। खासतौर पर छोटे और नए निवेशकों के लिए यह समय धैर्य बनाए रखने का है। मजबूत कंपनियों के शेयरों में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करना अपेक्षाकृत बेहतर रणनीति मानी जा रही है।

    मंगलवार के कारोबार में बैंकिंग आईटी ऑटो एफएमसीजी फार्मा और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों पर निवेशकों की विशेष नजर रह सकती है। यदि इन क्षेत्रों की बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर आते हैं तो बाजार को मजबूती मिल सकती है। दूसरी ओर कमजोर नतीजे या नकारात्मक वैश्विक संकेत बाजार में दबाव भी बढ़ा सकते हैं।

    विदेशी संस्थागत निवेशकों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती हैं। यदि विदेशी निवेशकों की ओर से लगातार खरीदारी जारी रहती है तो बाजार में सकारात्मक माहौल बन सकता है। वहीं लगातार बिकवाली होने पर प्रमुख सूचकांकों पर दबाव देखने को मिल सकता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को केवल अफवाहों या सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट जानकारियों के आधार पर निवेश नहीं करना चाहिए। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति कारोबार की संभावनाओं और बाजार की मौजूदा परिस्थितियों का आकलन करना जरूरी है। जोखिम को कम करने के लिए निवेश को अलग अलग सेक्टरों में बांटना भी एक बेहतर रणनीति मानी जाती है।

    वैश्विक स्तर पर अमेरिकी बाजारों की चाल एशियाई बाजारों का प्रदर्शन डॉलर की मजबूती या कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतें भी भारतीय बाजार को प्रभावित कर सकती हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थिरता बनी रहती है तो घरेलू निवेशकों का भरोसा भी मजबूत हो सकता है। इसके अलावा रुपये की स्थिति भी विदेशी निवेश के प्रवाह को प्रभावित करती है।

    बाजार जानकारों का मानना है कि जिन निवेशकों का लक्ष्य लंबी अवधि का है उन्हें रोजाना होने वाले उतार चढ़ाव से घबराने की जरूरत नहीं है। अच्छी गुणवत्ता वाली कंपनियों में चरणबद्ध तरीके से निवेश करना लंबे समय में बेहतर परिणाम दे सकता है। वहीं अल्पकालिक कारोबार करने वाले निवेशकों को स्टॉप लॉस और जोखिम प्रबंधन के नियमों का पालन करना चाहिए।

    कुल मिलाकर मंगलवार का कारोबार कई महत्वपूर्ण संकेतों पर निर्भर रहेगा। बाजार में अवसर भी बन सकते हैं और उतार चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों को संयम धैर्य और सही रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए ताकि वे बदलते बाजार माहौल में बेहतर निवेश निर्णय ले सकें।

  • काला हिरण फिल्म पर दिल्ली हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी सलमान खान के पक्ष में आया बड़ा फैसला मेकर्स को मिली कड़ी फटकार

    काला हिरण फिल्म पर दिल्ली हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी सलमान खान के पक्ष में आया बड़ा फैसला मेकर्स को मिली कड़ी फटकार


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। अदालत ने विवादों में घिरी फिल्म काला हिरण द बैटल फॉर लेगेसी को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए फिल्म से जुड़े सभी प्रचार सामग्री और सोशल मीडिया लिंक तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के इस फैसले को सलमान खान के पक्ष में एक महत्वपूर्ण जीत माना जा रहा है क्योंकि अभिनेता ने फिल्म पर उनके व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की थी।

    सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म के निर्माता अमित जानी के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे निर्माता स्वयं को कानून से ऊपर समझ रहे हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि पिछली सुनवाई में किसी प्रकार का कठोर आदेश नहीं दिया गया था जिसका गलत संदेश लिया गया और अब उनका व्यवहार लगातार अस्वीकार्य होता जा रहा है। अदालत ने टिप्पणी की कि किसी भी नागरिक के साथ इस प्रकार का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।

    सलमान खान की ओर से पेश वकील ने अदालत में दलील दी कि काले हिरण शिकार मामले से जुड़े चार मामलों में से तीन में अभिनेता को पहले ही बरी किया जा चुका है जबकि चौथे मामले में सजा पर रोक लगी हुई है। ऐसे में इस फिल्म के जरिए पुराने विवाद को दोबारा उछालकर अभिनेता की छवि को नुकसान पहुंचाने और एक पूरे समुदाय को उनके खिलाफ प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। वकील ने इसे सलमान खान के व्यक्तित्व अधिकारों का सीधा उल्लंघन बताया।

    वहीं फिल्म निर्माता की ओर से अदालत में कहा गया कि फिल्म के टीजर में कहीं भी सलमान खान का प्रत्यक्ष रूप से नाम नहीं लिया गया है। बचाव पक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रचार सामग्री तैयार करने में किसी प्रकार की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया गया है और फिल्म सार्वजनिक रूप से उपलब्ध घटनाओं पर आधारित है।

    दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया कि फिल्म से जुड़े सभी संबंधित लिंक और प्रचार सामग्री हटाई जाए ताकि किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी का प्रसार रोका जा सके। अदालत का मानना था कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक ऐसे कंटेंट का सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रहना उचित नहीं है।

    गौरतलब है कि काला हिरण द बैटल फॉर लेगेसी की घोषणा के बाद से ही यह फिल्म लगातार विवादों में रही है। सलमान खान ने अदालत में कहा था कि फिल्म की कहानी और उसके प्रचार का तरीका लोगों की धारणा को प्रभावित कर सकता है और इससे उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंच सकता है। इसी आधार पर उन्होंने फिल्म के प्रदर्शन और प्रचार पर रोक लगाने की मांग की थी।

    दिल्ली हाईकोर्ट के इस ताजा आदेश के बाद फिल्म की रिलीज और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यह मामला केवल एक फिल्म तक सीमित नहीं है बल्कि कलाकारों के व्यक्तित्व अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कानूनी उदाहरण भी माना जा रहा है। आने वाले दिनों में अदालत की अगली सुनवाई इस विवाद की दिशा तय करेगी।

  • आवाज के जादूगर ही नहीं बड़े दिल वाले इंसान भी थे किशोर कुमार फीस लेने के बाद जो किया उसने जीत लिया हर किसी का दिल

    आवाज के जादूगर ही नहीं बड़े दिल वाले इंसान भी थे किशोर कुमार फीस लेने के बाद जो किया उसने जीत लिया हर किसी का दिल


    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के महान गायक और अभिनेता किशोर कुमार अपनी अनोखी गायकी बेहतरीन अभिनय और मस्तमौला स्वभाव के लिए हमेशा याद किए जाते हैं। उनकी जिंदगी से जुड़े कई ऐसे किस्से हैं जो आज भी लोगों को हैरान कर देते हैं। ऐसा ही एक किस्सा उनकी दरियादिली और बड़े दिल का है जिसने यह साबित कर दिया कि उनके लिए रिश्ते और इंसानियत पैसों से कहीं ज्यादा मायने रखते थे।

    यह घटना उस समय की है जब निर्देशक सुधाकर शर्मा अपनी फिल्म का निर्माण कर रहे थे। वह चाहते थे कि फिल्म का एक खास गीत किशोर कुमार अपनी आवाज में गाएं। सुधाकर शर्मा पहले कई वर्षों तक किशोर कुमार के साथ सहायक के रूप में काम कर चुके थे इसलिए उन्हें उम्मीद थी कि पुराने संबंधों को देखते हुए किशोर कुमार आसानी से तैयार हो जाएंगे।

    जब उन्होंने किशोर कुमार से फिल्म में गाना गाने का अनुरोध किया तो किशोर कुमार ने मुस्कुराते हुए कहा कि वह गीत जरूर गाएंगे लेकिन इसके लिए उन्हें पूरे 17 हजार रुपये फीस चाहिए और एक रुपया भी कम स्वीकार नहीं करेंगे। उस दौर में यह रकम काफी बड़ी मानी जाती थी। यह सुनकर सुधाकर शर्मा हैरान रह गए क्योंकि उन्हें लगा था कि वर्षों पुराने रिश्ते की वजह से फीस में रियायत मिल सकती है।

    इसके बावजूद उन्होंने किसी तरह रकम की व्यवस्था की और रिकॉर्डिंग की तैयारी पूरी की। तय समय पर किशोर कुमार स्टूडियो पहुंचे और पूरे मन से गीत रिकॉर्ड किया। बताया जाता है कि गीत की रिकॉर्डिंग पूरी होने के बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि जब इतने पैसे लिए हैं तो एक अंतरा और रिकॉर्ड करवा लो। स्टूडियो में मौजूद सभी लोग उनकी बात सुनकर मुस्कुरा उठे।

    रिकॉर्डिंग खत्म होने के बाद सुधाकर शर्मा ने 17 हजार रुपये किशोर कुमार को सौंप दिए। किशोर कुमार ने पैसे अपने पास रख लिए लेकिन जैसे ही वह स्टूडियो से निकलने लगे उन्होंने चुपचाप पूरी रकम वापस सुधाकर शर्मा को लौटा दी। इतना ही नहीं उन्होंने उनसे कहा कि किसी को भी यह मत बताना कि मैंने पैसे वापस कर दिए हैं। घर जाकर यह रकम अपनी पत्नी को दे देना क्योंकि फिल्म बनाना आसान काम नहीं होता और परिवार की जिम्मेदारियां भी साथ चलती हैं।

    किशोर कुमार का यह व्यवहार देखकर सुधाकर शर्मा भावुक हो गए। उन्हें समझ आ गया कि फीस मांगना शायद केवल उनकी आर्थिक स्थिति को समझने और उनकी मदद करने का एक तरीका था। बिना किसी दिखावे के सहायता करना किशोर कुमार की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक थी।

    किशोर कुमार ने अपने करियर में हजारों गीत गाए और राजेश खन्ना अमिताभ बच्चन देव आनंद ऋषि कपूर जैसे कई बड़े सितारों की आवाज बने। उन्हें आठ फिल्मफेयर पुरस्कार मिले और आज भी उनके गीत हर पीढ़ी के लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। लेकिन उनकी महानता केवल उनकी गायकी तक सीमित नहीं थी बल्कि उनके व्यक्तित्व में छिपी संवेदनशीलता और उदारता भी उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाती है।

    आज भी जब किशोर कुमार का नाम लिया जाता है तो उनकी अमर आवाज के साथ ऐसे प्रेरणादायक किस्से भी याद आते हैं जो बताते हैं कि असली महानता केवल सफलता से नहीं बल्कि बड़े दिल और नेक इंसानियत से हासिल होती है।

  • मंगलवार के दिन हनुमान जी को ये चीजें अर्पित करने से मिलती है विशेष कृपा संकट होते हैं दूर और खुलते हैं सफलता के द्वार

    मंगलवार के दिन हनुमान जी को ये चीजें अर्पित करने से मिलती है विशेष कृपा संकट होते हैं दूर और खुलते हैं सफलता के द्वार


    नई दिल्ली। हनुमान जी को अटूट भक्ति शक्ति और सेवा का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार का दिन उनकी विशेष पूजा के लिए समर्पित है। इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा करने से भय रोग शत्रु बाधा और आर्थिक परेशानियां दूर होने लगती हैं। कहा जाता है कि सच्चे मन से की गई आराधना से बजरंगबली अपने भक्तों के सभी कष्ट हर लेते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

    मंगलवार की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ लाल या केसरिया वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के मंदिर या हनुमान मंदिर में भगवान की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं। सरसों के तेल का दीपक जलाना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान राम नाम का स्मरण करें क्योंकि भगवान हनुमान को श्रीराम का नाम सबसे अधिक प्रिय है। श्रीराम का स्मरण करते हुए हनुमान चालीसा सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करने से विशेष फल प्राप्त होता है।

    हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अत्यंत प्रिय माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि सिंदूर अर्पित करने से बजरंगबली शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इसके साथ लाल फूल लाल चोला जनेऊ और तुलसी दल भी श्रद्धापूर्वक अर्पित किए जा सकते हैं। भोग में गुड़ और चना सबसे प्रिय माने जाते हैं। इसके अलावा बेसन के लड्डू बूंदी के लड्डू केले नारियल और मौसमी फल भी अर्पित किए जा सकते हैं। श्रद्धा और प्रेम से चढ़ाया गया प्रसाद भगवान अवश्य स्वीकार करते हैं।

    मंगलवार के दिन जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना बंदरों को गुड़ और चना खिलाना तथा गाय को रोटी खिलाना भी पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन किसी का अपमान नहीं करना चाहिए और क्रोध झूठ तथा नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए। सात्विक भोजन ग्रहण करना और ब्रह्मचर्य का पालन करना भी शुभ फलदायी माना गया है।

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में मंगल दोष हो या जिनके जीवन में बार बार बाधाएं आ रही हों उन्हें मंगलवार का व्रत और हनुमान पूजा विशेष लाभ देती है। यह पूजा आत्मविश्वास बढ़ाती है और मानसिक तनाव को कम करने में भी सहायक मानी जाती है। नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करने वाले भक्तों के जीवन में साहस धैर्य और सकारात्मकता का संचार होता है।

    धार्मिक मान्यता है कि भगवान हनुमान आज भी अपने भक्तों की पुकार सुनते हैं। यदि मंगलवार के दिन सच्ची श्रद्धा विश्वास और सेवा भाव से उनकी पूजा की जाए तो जीवन की कठिन से कठिन बाधाएं भी दूर हो सकती हैं। इसलिए इस पावन दिन भगवान श्रीराम का स्मरण करते हुए बजरंगबली की आराधना करें और उनकी प्रिय वस्तुएं अर्पित कर सुख शांति समृद्धि तथा सफलता का आशीर्वाद प्राप्त करें।

  • मां की एक सलाह ने बदल दी जिंदगी धर्मेंद्र नहीं चाहते थे कि हेमा मालिनी राजनीति में जाएं एक्ट्रेस ने सुनाया दिलचस्प किस्सा

    मां की एक सलाह ने बदल दी जिंदगी धर्मेंद्र नहीं चाहते थे कि हेमा मालिनी राजनीति में जाएं एक्ट्रेस ने सुनाया दिलचस्प किस्सा


    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा की ड्रीम गर्ल और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता हेमा मालिनी ने अपने राजनीतिक सफर को लेकर एक दिलचस्प खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया था तब उनके पति और दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र इसके पक्ष में नहीं थे। इसका कारण किसी राजनीतिक मतभेद से ज्यादा उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता थी। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में हेमा मालिनी ने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान होने वाली भारी भीड़ और लगातार हेलिकॉप्टर से यात्रा करना धर्मेंद्र को हमेशा परेशान करता था।

    हेमा मालिनी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की ओर से उन्हें अलग अलग राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए भेजा जाता था जहां हजारों लोगों की भीड़ उमड़ती थी। ऐसी परिस्थितियों को देखकर धर्मेंद्र हमेशा चिंतित रहते थे। वह बार बार उनसे सुरक्षित रहने की सलाह देते और पूछते कि क्या इतना जोखिम उठाना वास्तव में जरूरी है। चुनाव प्रचार के दौरान हेलिकॉप्टर से लगातार एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने पर भी उन्हें काफी चिंता रहती थी। हालांकि हेमा मालिनी का कहना है कि पार्टी की जिम्मेदारी होने के कारण उन्हें अपना दायित्व निभाना पड़ता था।

    उन्होंने बताया कि राजनीति की ओर उनका झुकाव वर्ष 1999 के लोकसभा चुनाव के दौरान शुरू हुआ जब उन्होंने अभिनेता और भाजपा नेता विनोद खन्ना के लिए चुनाव प्रचार किया था। उसी दौरान उन्होंने पहली बार इतनी बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन और स्नेह देखा। उन्होंने कहा कि जब भी चुनावी सभाओं में विशाल भीड़ उमड़ती थी तो उन्हें विश्वास ही नहीं होता था कि इतने लोग उन्हें देखने और सुनने आए हैं। लोगों का यह प्रेम उनके लिए बेहद भावुक और प्रेरणादायक अनुभव था।

    हेमा मालिनी ने यह भी बताया कि शुरुआत में उन्होंने राजनीति में आने के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया था। लेकिन उनकी मां ने उन्हें समझाया कि अब केवल अभिनय तक सीमित रहने के बजाय देश के लिए भी योगदान देने का समय आ गया है। उनकी मां ने उन्हें बताया कि भाजपा में अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी जैसे बड़े और सम्मानित नेता हैं तथा यह अवसर देश सेवा का माध्यम बन सकता है। मां की यह बात उनके मन को छू गई और उन्होंने राजनीति में सक्रिय होने का निर्णय ले लिया।

    एक्ट्रेस ने अपने पहले चुनाव से जुड़ा एक और रोचक प्रसंग साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने पार्टी के सामने स्पष्ट शर्त रखी थी कि यदि वह चुनाव लड़ेंगी तो केवल मथुरा लोकसभा सीट से ही लड़ेंगी क्योंकि वह भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य भक्त हैं और मथुरा से उनका विशेष आध्यात्मिक जुड़ाव है। बाद में पार्टी ने उनकी इच्छा का सम्मान किया और उन्हें मथुरा से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने इस दौरान दिवंगत नेताओं सुषमा स्वराज और अरुण जेटली के सहयोग को भी याद करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

    फिल्मी दुनिया में दशकों तक अपनी अभिनय प्रतिभा से दर्शकों का दिल जीतने वाली हेमा मालिनी आज राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में मनोरंजन और जनसेवा दोनों क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनका यह अनुभव बताता है कि परिवार की चिंताओं और व्यक्तिगत दुविधाओं के बावजूद यदि उद्देश्य स्पष्ट हो तो जीवन में नए रास्ते अपनाए जा सकते हैं।

  • सफलता के रास्ते में रुकावटें बन रही हैं परेशानी तो रोज करें इन शुभ मंत्रों का जाप मन मिलेगा शांत और बढ़ेगी सकारात्मक ऊर्जा

    सफलता के रास्ते में रुकावटें बन रही हैं परेशानी तो रोज करें इन शुभ मंत्रों का जाप मन मिलेगा शांत और बढ़ेगी सकारात्मक ऊर्जा


    नई दिल्ली । सनातन परंपरा में मंत्र जाप को केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आत्मिक शांति और मानसिक एकाग्रता का महत्वपूर्ण माध्यम माना गया है। प्राचीन ग्रंथों में वर्णित अनेक मंत्रों का नियमित और श्रद्धापूर्वक जाप करने से व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मन में विश्वास बढ़ता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान की आराधना के साथ मंत्रों का उच्चारण करने से मन शांत रहता है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति मिलती है। यही कारण है कि पूजा पाठ ध्यान और साधना में मंत्र जाप का विशेष महत्व बताया गया है।

    धार्मिक मान्यता है कि जब जीवन में बार बार बाधाएं आने लगें कार्य समय पर पूरे न हों या मन लगातार चिंता और अस्थिरता से घिरा रहे तब नियमित पूजा के साथ मंत्र जाप करना लाभकारी माना जाता है। मंत्रों के उच्चारण से मन एकाग्र होता है और व्यक्ति अपने लक्ष्य की ओर अधिक सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ता है। हालांकि किसी भी मंत्र का प्रभाव श्रद्धा अनुशासन और नियमित साधना पर आधारित माना गया है।

    यदि किसी कार्य में लगातार रुकावटें आ रही हों तो भगवान गणेश की आराधना को विशेष महत्व दिया जाता है। गणपति को विघ्नहर्ता कहा जाता है और धार्मिक मान्यता के अनुसार किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उनसे ही की जाती है। पूजा के दौरान भगवान गणेश को दूर्वा मोदक और लाल पुष्प अर्पित कर श्रद्धा के साथ श्री गणेशाय नमः मंत्र का 11 बार जाप करना शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इससे कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होने की प्रार्थना की जाती है और मन में नई ऊर्जा का संचार होता है।

    भाग्य और सकारात्मकता में वृद्धि की कामना रखने वाले श्रद्धालु विशेष मंत्रों का भी जाप करते हैं। धार्मिक परंपराओं में ॐ ऐं श्रीं भाग्योदयं कुरु कुरु श्रीं ऐं फट् मंत्र का 11 21 या 51 बार जाप करने की मान्यता है। कहा जाता है कि इस मंत्र का नियमित जाप व्यक्ति के भीतर आशावाद बढ़ाने और आत्मविश्वास मजबूत करने में सहायक माना जाता है। इसके साथ सात्विक जीवनशैली और अच्छे कर्मों को भी समान रूप से महत्वपूर्ण बताया गया है।

    यदि मन चिंता तनाव या अस्थिरता से घिरा हो तो भगवान शिव की उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है। प्रातःकाल शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित कर श्रद्धा के साथ शिव मंत्रों का जाप करने की परंपरा है। कई श्रद्धालु रुद्राक्ष की माला से मंत्रों का जप करते हैं जिससे ध्यान केंद्रित रखने में सहायता मिलती है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव की आराधना से मन को शांति धैर्य और संयम प्राप्त होता है।

    धर्माचार्यों का कहना है कि मंत्र जाप केवल शब्दों का उच्चारण नहीं बल्कि श्रद्धा अनुशासन और सकारात्मक भाव का अभ्यास है। यदि व्यक्ति नियमित रूप से पूजा ध्यान और सदाचार को अपने जीवन का हिस्सा बनाए तो मानसिक संतुलन मजबूत होता है और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता भी बढ़ती है। इसलिए मंत्र जाप के साथ अच्छे विचार सेवा भावना और सकारात्मक कर्मों को भी समान महत्व देना चाहिए क्योंकि यही जीवन को संतुलित और सफल बनाने का वास्तविक मार्ग माना गया है।