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  • सलमान हैं बैड बॉय, शाहरुख जेंटलमैन-अरशद वारसी ने शेयर की दोनों स्टार्स की पर्सनैलिटी

    सलमान हैं बैड बॉय, शाहरुख जेंटलमैन-अरशद वारसी ने शेयर की दोनों स्टार्स की पर्सनैलिटी


    नई दिल्ली।बॉलीवुड के दो बड़े सुपरस्टार्स शाहरुख खान और सलमान खान हमेशा से ही अपने फैंस के बीच चर्चा का विषय रहे हैं। दोनों की पर्सनैलिटी और एक्टिंग स्टाइल काफी अलग है लेकिन दोनों ही स्टार्स को लोग बेहद पसंद करते हैं। अब अभिनेता अरशद वारसी जिन्होंने दोनों स्टार्स के साथ काम किया है ने उनके व्यवहार और पर्सनैलिटी पर खुलकर अपनी राय साझा की है।

    हाल ही में लल्लनटॉप के साथ बातचीत में अरशद ने कहा कि शाहरुख खान एक जेंटलमैन हैं। उन्होंने बताया कि शाहरुख का थिएटर बैकग्राउंड उन्हें बेहद प्रोफेशनल और पॉजिटिव बनाता है। अरशद ने कहा शाहरुख अपना काम अच्छे से जानते हैं। उनके पास पुरानी स्कूल थिएटर की वाइब है और सारी लाइनें उनके दिमाग में रहती हैं। वह सबसे पोलाइट और गिविंग एक्टर हैं। मैंने कभी उन्हें ऊंची आवाज में नहीं देखा है। मुझे वह बहुत पसंद हैं। यहां तक कि सुहाना और आर्यन की परवरिश भी उन्होंने बहुत अच्छे तरीके से की है। वह काफी अच्छे बच्चे हैं।अरशद ने आगे कहा कि उन्होंने फिल्म किंग में शाहरुख के साथ काम करने का मौका तुरंत मान लिया क्योंकि वह उनके काम और प्रोफेशनलिज्म के बहुत बड़े फैन हैं। उन्होंने शाहरुख की विनम्रता की भी तारीफ की और कहा कि बॉलीवुड के स्टार्स में शाहरुख हमेशा लास्ट हैं और इसके बाद कोई नहीं।

    वहीं सलमान खान के बारे में अरशद ने बताया कि वह एक अलग तरह के स्टार हैं। उन्होंने कहा सलमान बैड बॉय हैं। वह उन लोगों में से हैं जो दिखने में गुड लुकिंग वाले बैड बॉय होते हैं। शाहरुख जेंटलमैन हैं थोड़े सोफिस्टिकेटेड लेकिन दोनों में कुछ गलत नहीं है। सलमान की पर्सनैलिटी थोड़ी अलग है। आप उनका ऑरा पब्लिक में देख सकते हैं लेकिन पर्सनली घर में वह काफी अलग हैं। वह खूब जोक्स मारते हैं और काफी फनी हैं। उनका पूरा परिवार भी बहुत मजेदार है। सबका सेंस ऑफ ह्यूमर काफी अच्छा है।अरशद ने अपने इंटरव्यू में यह भी साझा किया कि दोनों स्टार्स की तुलना नहीं की जा सकती क्योंकि दोनों की पर्सनैलिटी और अंदाज अलग है। शाहरुख की विनम्रता और प्रोफेशनलिज्म उन्हें एक आदर्श जेंटलमैन बनाता है जबकि सलमान की मजाकिया और फनी पर्सनैलिटी उन्हें लोगों के बीच बैड बॉय के रूप में पेश करती है।

    अरशद वारसी की अपकमिंग फिल्में

    अरशद जल्द ही फिल्म किंग में नजर आने वाले हैं जिसमें शाहरुख खान सुहाना खान दीपिका पादुकोण और जयदीप अहलावत भी हैं। यह फिल्म फिलहाल अंडर प्रोडक्शन है और 2026 में रिलीज होगी। इसके अलावा अरशद वारसी वेलकम टू द जंगल में भी दिखाई देंगे जिसमें अक्षय कुमार संजय दत्त परेश रावल और सुनील शेट्टी जैसे बड़े कलाकार हैं। यह फिल्म भी अगले साल रिलीज होने वाली है।अरशद के इन बयानों से दोनों खान स्टार्स के फैंस में चर्चा छिड़ गई है। उनके अनुसार शाहरुख और सलमान दोनों ही अपने तरीके से बेहतरीन कलाकार हैं लेकिन पर्सनैलिटी और काम करने के अंदाज में दोनों पूरी तरह अलग हैं।
  • अवतार 3 का धमाल जारी: 10वें दिन तक बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई

    अवतार 3 का धमाल जारी: 10वें दिन तक बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई


    नई दिल्ली।जेम्स कैमरून की ब्लॉकबस्टर फ्रेंचाइजी अवतार के पिछले दोनों पार्ट्स ने दर्शकों और क्रिटिक्स से जबरदस्त रिस्पॉन्स पाया। इसी सफलता के बाद जेम्स ने तीसरी कड़ी अवतार: फायर एंड एश Avatar:Fire and Ash पेश की। पिछले पार्ट्स की सफलता और ग्लोबल फैनबेस के चलते दर्शकों में तीसरे पार्ट को लेकर उत्साह और क्रेज पहले से ज्यादा था।

    अवतार 3 को 19 दिसंबर को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज किया गया। यह फिल्म केवल अंग्रेजी में ही नहीं, बल्कि हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ में भी रिलीज हुई। अपनी साई-फाई थीम, शानदार विजुअल इफेक्ट्स और एडवेंचर के कारण फिल्म ने रिलीज के तुरंत बाद दर्शकों का ध्यान खींचा।फिल्म ने इंडिया में ओपनिंग डे पर 19 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। जबकि इसका प्रोडक्शन बजट लगभग 40 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, अवतार: फायर एंड एश ने दर्शकों के प्यार के दम पर पहले 10 दिनों में शानदार कमाई कर दिखाई। Sacnilk की अर्ली रिपोर्ट के मुताबिक, 10वें दिन तक फिल्म ने 10.75 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की। अब तक का टोटल इंडियन बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 137.65 करोड़ रुपये हो गया है।

    डे वाइज कलेक्शन

    दिन कलेक्शन (रुपए करोड़ में)
    डे 1 19
    डे 2 22.5
    डे 3 25.75
    डे 4 9
    डे 5 9.25
    डे 6 10.65
    डे 7 13.35
    डे 8 7.65
    डे 9 9.75
    डे 10 10.75फिल्म की लगातार कमाई और दर्शकों की रुचि यह दर्शाती है कि अवतार 3 को इंडियन ऑडियंस ने काफी पसंद किया।

    टक्कर और प्रतियोगिता

    रिलीज के समय रणवीर सिंह की धुरंधर और बाद में कार्तिका आर्यन की तू मेरी मैं तेरा जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर चुनौती पेश की। इसके बावजूद, अवतार: फायर एंड एश ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए रखी। विशेष रूप से अंग्रेजी के अलावा पांच अन्य भाषाओं में रिलीज होने से फिल्म ने ज्यादा दर्शकों तक अपनी पहुंच बनाई।

    दर्शकों और समीक्षकों की प्रतिक्रिया

    टीजर और फिल्म दोनों ने ही दर्शकों के बीच उत्सुकता और उत्साह बढ़ाया। ग्लोबल फैनबेस और ब्लॉकबस्टर फ्रेंचाइजी होने के कारण फिल्म ने कई शहरों में सिनेमाघरों में टिकट की भारी बिक्री देखी। आलोचकों ने फिल्म की विजुअल इफेक्ट्स, स्टोरीलाइन और एक्टिंग की भी तारीफ की।

    बॉक्स ऑफिस का भविष्य
    10वें दिन के कलेक्शन और लगातार बढ़ते दर्शक आंकड़ों को देखते हुए माना जा रहा है कि फिल्म अगले कुछ हफ्तों में और भी बड़ा टोटल कलेक्शन कर सकती है। यह साबित करता है कि अच्छी कहानी, शानदार विजुअल्स और मजबूत फैनबेस के साथ कोई भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा सकती है।
  • बैटल ऑफ गलवान में सलमान खान की मोटी फीस, गोविंदा और चित्रांगदा की सैलरी का भी खुलासा

    बैटल ऑफ गलवान में सलमान खान की मोटी फीस, गोविंदा और चित्रांगदा की सैलरी का भी खुलासा

    नई दिल्ली।बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने अपने 60वें जन्मदिन के खास मौके पर फैंस को बड़ा तोहफा दिया था। इस दिन उनकी अपकमिंग फिल्म बैटल ऑफ गलवान का टीजर रिलीज किया गयाजिसने सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा बटोरी। टीजर में सलमान खान को एक भारतीय सेना के अधिकारी के रूप में दिखाया गयाजहां दमदार डायलॉग्स और देशभक्ति से भरपूर बैकग्राउंड म्यूजिक ने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए।टीजर के साथ ही फिल्म की रिलीज डेट का भी ऐलान किया गयाजिससे फैंस का उत्साह और बढ़ गया। बताया जा रहा है कि बैटल ऑफ गलवान को 250 से 300 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट में बनाया जा रहा है। इसी बीच अब फिल्म की स्टारकास्ट की फीस को लेकर रिपोर्ट्स सामने आई हैंजिसने इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है।

    सलमान खान की फीस ने चौंकाया

    रिपोर्ट्स के मुताबिकसलमान खान इस फिल्म के लिए सबसे ज्यादा फीस लेने वाले कलाकार हैं। आमतौर पर सलमान अपनी फिल्मों के लिए 100 से 150 करोड़ रुपये तक चार्ज करते हैं। बताया जा रहा है कि बैटल ऑफ गलवान के लिए उन्होंने करीब 110 करोड़ रुपये की फीस ली है। हालांकिमेकर्स या सलमान की ओर से इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।फिल्म के लिए सलमान खान ने खुद को पूरी तरह बदल लिया है। सूत्रों के अनुसारउन्होंने कई महीनों तक कड़ी ट्रेनिंग ली और सख्त वर्कआउट रूटीन फॉलो कियाताकि एक आर्मी ऑफिसर के किरदार में पूरी तरह फिट नजर आ सकें। उनकी इस मेहनत और स्टारडम को देखते हुए मेकर्स ने उन्हें बड़ी रकम दी है।

    गोविंदा को मिला उम्मीद से ज्यादा

    बैटल ऑफ गलवान में सलमान खान के साथ गोविंदा भी अहम भूमिका में नजर आने वाले हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि गोविंदा आमतौर पर एक फिल्म के लिए करीब 5 से 6 करोड़ रुपये की फीस लेते हैं। लेकिन इस फिल्म में उनकी फीस बढ़ाकर लगभग 8 करोड़ रुपये कर दी गई है।हालांकिगोविंदा का किरदार फिल्म में क्या होगाइस बारे में फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। बावजूद इसकेलंबे समय बाद सलमान खान और गोविंदा को एक ही फिल्म में देखने को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह है।

    चित्रांगदा सिंह की फीस और किरदार

    फिल्म में सलमान खान के अपोजिट चित्रांगदा सिंह भी नजर आएंगी। रिपोर्ट्स के अनुसारफिल्म में उन्हें सलमान के किरदार के लव इंटरेस्ट के रूप में दिखाया जाएगा। स्टारकास्ट में सबसे कम फीस चित्रांगदा को मिली है। बताया जा रहा है कि उन्हें इस फिल्म के लिए करीब 1 करोड़ रुपये दिए गए हैं।सूत्रों का कहना है कि सलमान खान ने सालों पहले चित्रांगदा सिंह के साथ काम करने का वादा किया था। बैटल ऑफ गलवान के जरिए सलमान ने अपना वह पुराना वादा पूरा किया है।

    बजट और उम्मीदें

    भारी बजटदमदार स्टारकास्ट और देशभक्ति की थीम के चलते बैटल ऑफ गलवान को लेकर दर्शकों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। टीजर के बाद से ही फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हैं। अब देखना होगा कि रिलीज के बाद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर क्या कमाल दिखाती है।
  • फिल्म इंडस्ट्री में हलचल: अक्षय खन्ना को लेकर डायरेक्टर का बयान वायरल..

    फिल्म इंडस्ट्री में हलचल: अक्षय खन्ना को लेकर डायरेक्टर का बयान वायरल..


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता अक्षय खन्ना इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म धुरंधर को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में उन्होंने रहमान डकैत का दमदार और यादगार किरदार निभाया है जिसे दर्शकों और समीक्षकों दोनों से सराहना मिल रही है। हालांकि इसी बीच एक और खबर ने फैंस को चौंका दिया है। दृश्यम 3 से अक्षय खन्ना के बाहर होने की रिपोर्ट्स सामने आई हैं साथ ही यह भी कहा जारहा है कि फिल्म के मेकर्स इस मामले में लीगल एक्शन पर विचार कर रहे हैं।इन्हीं विवादों के बीच अब अक्षय खन्ना से जुड़ा एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह इंटरव्यू फिल्म सेक्शन 375 के लेखक और डायरेक्टर मनीष गुप्ता का है जिसमें उन्होंने अक्षय खन्ना के साथ काम करने के अपने अनुभव को लेकर कई चौंकाने वाले दावे किए थे।

    मनीष गुप्ता ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में कहा था कि सेक्शन 375 केवल एक लिखित स्क्रिप्ट तक सीमित नहीं थी बल्कि फिल्म के कोर्टरूम ड्रामा से जुड़े कई अहम सीन उन्होंने खुद शूट किए थे। उनका आरोप था कि फिल्म के निर्माण के दौरान उन्हें उनके काम का पूरा श्रेय नहीं दिया गया। मनीष के मुताबिक प्रोड्यूसर और अक्षय खन्ना के दबाव के चलते उन्हें सिर्फ कहानी लेखक का क्रेडिट मिला जबकि निर्देशन में भी उनका बड़ा योगदान था।डायरेक्टर ने यह भी दावा किया था कि अक्षय खन्ना के व्यवहार की वजह से फिल्म के प्रोड्यूसर असहज स्थिति में थे। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में अक्षय खन्ना को जरूरत से ज्यादा सिर पर बैठा लिया गया है जबकि वह किसी बड़े सुपरस्टार की कैटेगरी में नहीं आते।

    इंटरव्यू में मनीष गुप्ता ने अक्षय खन्ना के स्वभाव को लेकर काफी कड़ी बातें कहीं। उन्होंने कहा था कि अपने पूरे करियर में उन्होंने जितने भी लोगों के साथ काम किया है उनमें अक्षय खन्ना सबसे ज्यादा मुश्किल व्यक्ति रहे हैं। उनके मुताबिक अक्षय बेहद जिद्दी सनकी और अपने ही नियमों पर चलने वाले इंसान हैं। सेट पर हर चीज उनके हिसाब से होनी चाहिए और वह किसी की सलाह या बात सुनने को तैयार नहीं रहते।मनीष ने आरोप लगाया कि अक्षय खन्ना का व्यवहार अक्सर अपमानजनक होता था और वह अपने आसपास काम करने वाले लोगों को नीचा दिखाते थे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि एक अच्छा अभिनेता होना और एक अच्छा इंसान होना-ये दोनों अलग बातें हैं। उनके अनुसार अक्षय खन्ना एक बेहतरीन अभिनेता जरूर हैं लेकिन एक इंसान के तौर पर उनके साथ काम करना बेहद कठिन अनुभव रहा।

    डायरेक्टर ने यह भी कहा था कि इंडस्ट्री में कई लोग अक्षय खन्ना को लीड रोल देने से बचते हैं क्योंकि उन्हें उनके स्वभाव और काम करने के तरीके की जानकारी है। इसके बावजूद उन्होंने सेक्शन 375 में अक्षय को अहम भूमिका दी लेकिन बदले में उन्हें निराशा हाथ लगी।गौरतलब है कि यह इंटरव्यू करीब तीन महीने पुराना है जब धुरंधर रिलीज नहीं हुई थी। फिल्म की सफलता के बाद यह वीडियो फिर से सामने आया है और सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। फिलहाल अक्षय खन्ना की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

  • बुध गोचर 2025: बुध ग्रह 29 दिसंबर को करेंगे धनु राशि में प्रवेश बनेगा बुधादित्य योग..

    बुध गोचर 2025: बुध ग्रह 29 दिसंबर को करेंगे धनु राशि में प्रवेश बनेगा बुधादित्य योग..


    ग्वालियर। वर्ष 2025 के अंतिम गोचर की घड़ी नजदीक आ रही है और इस बार बुध ग्रह 29 दिसंबर को धनु राशि में प्रवेश करने वाले हैं। बुध ग्रह का यह गोचर विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बुधादित्य योग का निर्माण करेगा जो कई राशियों के लिए लाभकारी साबित होगा। बुध ग्रह को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है और इसका प्रभाव बुद्धि निर्णय क्षमता व्यापार और नौकरी पर गहरा असर डालता है।

    बुध ग्रह और उसका महत्व


    बुध ग्रह सौरमंडल का सबसे छोटा ग्रह है और सूर्य के सबसे करीब रहने वाला ग्रह है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध का प्रभाव हमारे विचार संवाद व्यापार और निर्णय क्षमता पर पड़ता है। जब बुध अपनी वक्री गति में होता है या किसी विशेष राशि में प्रवेश करता है तो इसका असर सभी राशियों पर पड़ता है। बुध का गोचर जीवन में नए अवसर ज्ञान और फैसले लेने की क्षमता में सुधार ला सकता है।इस बार बुध 29 दिसंबर को सुबह 7 बजकर 14 मिनट पर गुरु की राशि धनु में प्रवेश करेंगे। धनु राशि एक अग्नि तत्व की राशि है जो ऊर्जावान और आत्मविश्वास से भरी होती है। बुध का इस राशि में प्रवेश बुधादित्य योग का निर्माण करेगा जो विशेष रूप से मेष सिंह धनु और कुंभ राशि के जातकों के लिए शुभ रहेगा।

    बुधादित्य योग का प्रभाव
    बुधादित्य योग तब बनता है जब बुध और सूर्य एक ही राशि में होते हैं। इस योग के प्रभाव से बुध के सभी सकारात्मक गुण जैसे बुद्धिमत्ता व्यापारिक निर्णय की क्षमता संचार कौशल में वृद्धि होती है। इस योग के प्रभाव से विशेष रूप से मेष सिंह धनु और कुंभ राशि के जातकों को नए अवसर और सफलता मिलने के योग हैं।

    राशियों पर प्रभाव

    मेष राशि:
    बुध का गोचर मेष राशि के जातकों के लिए शुभ साबित हो सकता है। यह समय आपकी सोच और निर्णय क्षमता को तेज़ करेगा जिससे कार्य में सफलता मिल सकती है। विशेष रूप से करियर और नौकरी के मामले में आप बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

    सिंह राशि:
    सिंह राशि के जातकों के लिए यह गोचर लाभकारी रहेगा। बुधादित्य योग उनके लिए व्यवसाय और व्यापार में अच्छे अवसर लेकर आएगा। साथ ही यह समय शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में भी उन्नति का है।

    धनु राशि:
    धनु राशि के जातकों के लिए यह गोचर अपने आप में खास होगा क्योंकि बुध इसी राशि में प्रवेश कर रहे हैं। यह समय आपके जीवन में स्थिरता और सफलता का संकेत दे रहा है। करियर के लिहाज से यह समय अनुकूल रहेगा और आपको हर क्षेत्र में उन्नति के अवसर मिलेंगे।

    कुंभ राशि:
    कुंभ राशि के जातकों के लिए भी बुध का गोचर एक सकारात्मक प्रभाव डालेगा। आपकी सोच में स्पष्टता आएगी और जो भी निर्णय आप लेंगे वे सही साबित होंगे। इसके अलावा यह समय आपके व्यक्तिगत जीवन में भी खुशी और संतुलन लाने वाला है।

    ज्योतिषाचार्य का परामर्श


    ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि बुध का गोचर सभी राशियों पर असर डालता है लेकिन मेष सिंह धनु और कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय खास रूप से लाभकारी रहेगा। बुध के इस गोचर के दौरान यदि कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना है या नए व्यापार की शुरुआत करनी है तो यह समय शुभ रहेगा।

    इसके अलावा जो लोग शिक्षा और मानसिक विकास के क्षेत्र में प्रयासरत हैं उनके लिए भी यह समय अनुकूल होगा। बुध के इस गोचर के दौरान कुछ उपाय जैसे हरे रंग की वस्तुएं धारण करना या बुध ग्रह को प्रसन्न करने के लिए बुद्धि वर्धक मंत्रों का जाप करना फायदेमंद साबित हो सकता है।
    2025 के अंत में बुध ग्रह का गोचर न केवल ज्योतिषीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि यह विभिन्न राशियों के लिए नई संभावनाओं और अवसरों का संकेत भी है। मेष सिंह धनु और कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ रहेगा। इस दौरान बुधादित्य योग से उन्हें न केवल मानसिक शांति मिलेगी बल्कि जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्ति का मार्ग भी प्रशस्त होगा।

  • श्री खरे वैश्य समाज ने बिलासपुर में जिला संयोजक के रूप में जगदीश प्रसाद गुप्ता की नियुक्ति की

    श्री खरे वैश्य समाज ने बिलासपुर में जिला संयोजक के रूप में जगदीश प्रसाद गुप्ता की नियुक्ति की


    नई दिल्ली:अखिल भारतीय श्री खरे वैश्य समाज ने छत्तीसगढ़ में अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। समाज की राष्ट्रीय टीम ने हाल ही में बिलासपुर जिले के लिए श्री जगदीश प्रसाद गुप्ता को जिला संयोजक नियुक्त करने की औपचारिक घोषणा की है। श्री गुप्ता ने अपने जीवन का अधिकांश समय कृषि विभाग में कार्यरत रहते हुए सेवा भाव के साथ बिताया है और सामाजिक क्षेत्र में भी लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

    समाज की ओर से जारी जानकारी के अनुसारयह नियुक्ति मुख्य रूप से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनानेसमाज के सदस्यों को एक साझा मंच पर जोड़ने और सामाजिक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है। राष्ट्रीय नेतृत्व का मानना है कि श्री गुप्ता के प्रशासनिक अनुभव और सामाजिक समझ से बिलासपुर जिले में समाज की गतिविधियों को नई दिशा और गति मिलेगी।श्री खरे वैश्य समाज की राष्ट्रीय टीम ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया यहीं समाप्त नहीं होगी। आने वाले समय में जिला स्तरीय टीम के अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों की घोषणा भी की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य एक समन्वित और सशक्त कार्यकारिणी का गठन करना है, जिसमें समाज के सभी वर्ग-युवा, महिला, वरिष्ठ नागरिक और पेशेवर-सक्रिय रूप से जुड़े।

    घोषणा के बाद बिलासपुर जिले के समाजजनों में उत्साह देखा गया। कई सदस्यों ने इसे संगठन के लिए सकारात्मक और दूरगामी कदम बताया। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में समाज के सामाजिक शैक्षणिक और सेवा से जुड़े कार्यक्रमों में तेजी आएगी। संगठन का उद्देश्य केवल विस्तार नहीं है बल्कि आपसी सहयोग, सामाजिक एकता और जरूरतमंदों की सहायता को भी प्राथमिकता देना है।समाज ने बिलासपुर जिले के सभी सदस्यों से अपील की है कि वे आगामी बैठकों और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाएं। इसके लिए जानकारी और संपर्क के लिए मोबाइल नंबर 9399362152 उपलब्ध कराया गया है। समाज ने जोर दिया है कि अधिक से अधिक लोग सक्रिय होकर संगठन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में योगदान दें।

    अखिल भारतीय श्री खरे वैश्य समाज देशभर में समाज के हितों के संरक्षण, सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन और सामाजिक विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। बिलासपुर जिले में नई जिम्मेदारी के साथ संगठन को उम्मीद है कि स्थानीय स्तर पर समाज की आवाज और प्रभावी रूप से सामने आएगी। संगठन की योजना है कि एकजुटता और सामूहिक प्रयास के माध्यम से आने वाले वर्षों में विभिन्न योजनाओं को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया जाए।श्री गुप्ता की नियुक्ति से बिलासपुर में न केवल संगठन की सक्रियता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय समुदायों में सामाजिक समन्वय और सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। समाज की गतिविधियों में भागीदारी के जरिए युवा वर्ग और अन्य सदस्य संगठन की विकास योजनाओं का हिस्सा बन सकेंगे।इस प्रकार, बिलासपुर में श्री गुप्ता की नई जिम्मेदारी से समाज की संरचना मजबूत होगी और स्थानीय स्तर पर सामाजिक एकता, सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन में नई ऊर्जा आएगी।

  • साल 2025 का आखिरी धमाका: मॉडर्न डायग्नोस्टिक का IPO 31 दिसंबर से खुलेगा, निवेश से पहले जान लें पूरी डिटेल

    साल 2025 का आखिरी धमाका: मॉडर्न डायग्नोस्टिक का IPO 31 दिसंबर से खुलेगा, निवेश से पहले जान लें पूरी डिटेल


    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार के लिए साल 2025 आईपीओ के लिहाज से बेहद शानदार रहा है। अब इस साल के आखिरी पड़ाव पर निवेश का एक और मौका सामने आया है। हेल्थकेयर सेक्टर की कंपनी मॉडर्न डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च सेंटर Modern Diagnostic and Research Centre अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम IPO लेकर आ रही है। यह इस साल का आखिरी और नए साल की शुरुआत करने वाला आईपीओ होगा।

    IPO का शेड्यूल और साइज

    मॉडर्न डायग्नोस्टिक का आईपीओ निवेश के लिए 31 दिसंबर 2025 को खुलेगा और निवेशक 2 जनवरी 2026 तक इसमें बोली लगा सकेंगे। कंपनी इस इश्यू के जरिए बाजार से 36.89 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। खास बात यह है कि यह आईपीओ पूरी तरह से ‘फ्रेश इश्यू’ Fresh Issue पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि आईपीओ से मिलने वाली पूरी राशि सीधे कंपनी के पास जाएगी और इसका इस्तेमाल कंपनी के विस्तार और कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत कंपनी कुल 41 लाख नए शेयर जारी करेगी।

    प्राइस बैंड और निवेश की सीमा

    कंपनी ने अपने शेयरों के लिए 85 रुपये से 90 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। चूंकि यह SME सेगमेंट का आईपीओ है, इसलिए इसमें लॉट साइज सामान्य आईपीओ की तुलना में काफी बड़ा रखा गया है।मॉडर्न डायग्नोस्टिक आईपीओ का एक लॉट 1600 शेयरों का है।कंपनी के निर्देशों के अनुसार, निवेशकों को कम से कम 2 लॉट के लिए आवेदन करना होगा।इस लिहाज से, एक रिटेल निवेशक को कम से कम 2,88,000 रुपये का निवेश करना होगा।यह आईपीओ बीएसई एसएमई BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होगा, जो छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसायों के लिए एक विशेष एक्सचेंज सेगमेंट है।

    ग्रे मार्केट प्रीमियम GMP की स्थिति

    निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण जीएमपी Grey Market Premium फिलहाल शांत नजर आ रहा है। बाजार विशेषज्ञों और ‘इन्वेस्टर गेन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, Modern Diagnostic IPO का जीएमपी आज जीरो ₹0 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। इसका मतलब है कि फिलहाल ग्रे मार्केट में इस शेयर को लेकर कोई अतिरिक्त हलचल या प्रीमियम नहीं देखा जा रहा है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे सब्सक्रिप्शन की तारीख करीब आएगी, बाजार की धारणा में बदलाव हो सकता है।

    कंपनी का प्रोफाइल और भविष्य

    1985 में स्थापित हुई यह कंपनी पिछले करीब चार दशकों से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में अपनी पहचान बनाए हुए है। कंपनी मुख्य रूप से पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी सेवाएं प्रदान करती है। इनके पोर्टफोलियो में टेस्ट पैकेज, होम कलेक्शन और ऑनलाइन रिपोर्टिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। वर्तमान में कंपनी का नेटवर्क काफी मजबूत है:कुल 21 सेंटर का संचालन। इनमें 18 लैब और 3 डायग्नोस्टिक सेंटर शामिल हैं।कंपनी के पास एक बड़ा ‘इंस्टीट्यूशनल कस्टमर’ बेस है, जो इसकी आय का एक मुख्य स्रोत है।

    प्रबंधन और रजिस्ट्रार
    इस पब्लिक इश्यू के प्रबंधन की जिम्मेदारी बीलाइन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गई है, जो बुक रनिंग लीड मैनेजर की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, आईपीओ के लिए MUFG Intime India को आधिकारिक रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है, जो अलॉटमेंट और रिफंड की प्रक्रिया को संभालेंगे।हेल्थकेयर सेक्टर में लगातार बढ़ती मांग और कंपनी के पुराने अनुभव को देखते हुए, लंबी अवधि के निवेशक इसे अपनी वॉचलिस्ट में रख सकते हैं। हालांकि, SME आईपीओ में जोखिम और लिक्विडिटी की स्थिति को ध्यान में रखना अनिवार्य है।
  • बांग्लादेश में हिंदुओं पर ईशनिंदा के आरोपों से बढ़ी हिंसा, ह्यूमन राइट्स रिपोर्ट में हुई चेतावनी

    बांग्लादेश में हिंदुओं पर ईशनिंदा के आरोपों से बढ़ी हिंसा, ह्यूमन राइट्स रिपोर्ट में हुई चेतावनी


    नई दिल्ली:बांग्लादेश में ईशनिंदा के आरोपों के तहत हिंदू समुदाय पर हमलों की घटनाओं में तेजी देखी जा रही है। मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स कांग्रेस फॉर बांग्लादेश माइनॉरिटीज HRCBM की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, जून से दिसंबर 2025 के बीच कम से कम 71 हमले दर्ज किए गए। यह रिपोर्ट इस बात की ओर इशारा करती है कि ये घटनाएं अलग-थलग नहीं हैं, बल्कि एक लगातार चल रहे पैटर्न का हिस्सा हैं।

    रिपोर्ट में बताया गया कि हिंसा बांग्लादेश के 30 से अधिक जिलों में हुई। इनमें रंगपुर, चांदपुर, चटगांव, दिनाजपुर, लालमोनिरहाट, सुनामगंज, खुलना, कुमिल्ला, गाजीपुर, टांगाइल और सिलहट जैसे जिले शामिल हैं। मानवाधिकार संगठन का कहना है कि इतने व्यापक इलाके में बार-बार इस तरह की घटनाओं का होना अल्पसंख्यक समुदाय की प्रणालीगत असुरक्षा को दर्शाता है।रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अक्सर सोशल मीडिया या निजी बातचीत में किसी व्यक्ति पर ईशनिंदा का आरोप लगाया जाता है। इसके बाद पुलिस कार्रवाई होती है, भीड़ इकट्ठा हो जाती है और हिंसा फैलती है। अक्सर हिंसा सिर्फ आरोपी तक सीमित नहीं रहती, बल्कि हिंदू मोहल्लों के घर, मंदिर और दुकानों को भी निशाना बनाया जाता है।

    विशेष चिंता की बात यह है कि हिंसा में नाबालिग भी शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 90 फीसदी से ज्यादा आरोपी हिंदू थे, जिनमें 15 से 17 साल के नाबालिग भी शामिल थे। उदाहरण के लिए, 27 जुलाई 2025 को रंगपुर के बेटगारी यूनियन में एक 17 वर्षीय लड़के की गिरफ्तारी के बाद भीड़ ने कम से कम 22 हिंदू घरों में तोड़फोड़ की।एचआरसीबीएम के मुताबिक, कई मामलों में सोशल मीडिया खासतौर से फेसबुक का इस्तेमाल आरोपों के लिए हुआ। कई बार अकाउंट हैक पाए गए और पोस्ट की सच्चाई साबित नहीं हो सकी। इसके बावजूद पुलिस ने भीड़ के दबाव में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच पूरी होने से पहले ही FIR दर्ज कर दी जाती थी।

    शिक्षण संस्थानों में भी इसका असर पड़ा। कई कॉलेज और यूनिवर्सिटी छात्रों को निलंबित किया गया, उन्हें कॉलेज से निकाल दिया गया और कुछ को पुलिस रिमांड में भेजा गया। रिपोर्ट में साइबर सिक्योरिटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों की संख्या भी उल्लेखनीय बताई गई है।रिपोर्ट में कई मौतों का भी जिक्र है। 18 दिसंबर 2025 को मयमनसिंह में 30 वर्षीय हिंदू युवक को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और शव को जला दिया। खुलना में एक नाबालिग पर कथित तौर पर सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में हमला किया गया। इन घटनाओं ने कानून व्यवस्था और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

    भारत ने भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर गंभीर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय MEA ने हालात को लगातार जारी दुश्मनी करार दिया और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग की।एचआरसीबीएम की रिपोर्ट साफ करती है कि बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यक विशेषकर हिंदू समुदाय लगातार असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। राजनीतिक अस्थिरता के इस दौर में रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और बांग्लादेश सरकार दोनों से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

  • बिहार में भीषण ट्रेन हादसा मालगाड़ी के पटरी से उतरने से 34 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन प्रभावित

    बिहार में भीषण ट्रेन हादसा मालगाड़ी के पटरी से उतरने से 34 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन प्रभावित


    बिहार । शनिवार रात बिहार के झाझा–जसीडीह रेलखंड पर एक भीषण ट्रेन हादसा हुआ जिससे रेलवे परिचालन पूरी तरह से बाधित हो गया। टेलवा बाजार हाल्ट के पास पुल संख्या 676 पर एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई जिससे न केवल मालगाड़ियों बल्कि एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों के मार्ग पर भी असर पड़ा। इस हादसे ने रेलवे सिस्टम को हिलाकर रख दिया और करीब 34 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ।

    हादसे का विवरण

    रात के वक्त हुआ यह हादसा तब हुआ जब मालगाड़ी पुल से गुजर रही थी और अचानक उसके डिब्बे पटरी से उतर गए। घटना के बाद रेलवे विभाग ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया लेकिन इस दुर्घटना के कारण ट्रैक पूरी तरह से जाम हो गया और यातायात बाधित हो गया। हादसे के कारण अप लाइन की 22214 पटना–शालीमार दुरंतो एक्सप्रेस को घंटों झाझा स्टेशन पर रोक दिया गया। ट्रेन को लंबी देरी के बाद गया–किऊल रेलखंड के रास्ते वापस भेजा गया। इस घटना के कारण कई एक्सप्रेस ट्रेनें भी विभिन्न स्टेशनों पर खड़ी रहीं जिनमें जमुई और मननपुर स्टेशनों पर खड़ी ट्रेनें शामिल थीं।रेलवे विभाग ने इन ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजने का निर्णय लिया लेकिन यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रेनें कई घंटों तक खड़ी रही और इस दौरान यात्री अपनी यात्रा में भारी विलंब का सामना करते रहे।

    कई जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों का प्रभावित होना

    इस हादसे के कारण लगभग 34 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ा जो इस रूट से गुजरने वाली थीं। इनमें से कई ट्रेनों के मार्ग को बदला गया और यात्रियों को भारी असुविधा हुई। खासकर उन यात्रियों के लिए यह बहुत कठिन था जिनकी ट्रेनें स्थगित या मार्ग बदलने के बाद भी घंटों तक नहीं चल पाईं।रेलवे अधिकारियों ने कहा कि जैसे ही ट्रैक पर काम पूरा होगा ट्रेनें फिर से सामान्य रूप से चलने लगेंगी। हालांकि घटना के कारण ट्रेन परिचालन में देरी होने से रेलवे विभाग को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है।

    रेलवे द्वारा राहत कार्य की शुरुआत

    हादसे के बाद रेलवे अधिकारियों ने तत्परता से राहत कार्य शुरू कर दिया। रेलवे कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे और प्रभावित ट्रैक को सुधारने के लिए काम शुरू किया। वहीं ट्रेनों के मार्ग को बदलने और यात्रियों की सहायता के लिए रेलवे के कंट्रोल रूम द्वारा त्वरित निर्णय लिए गए।
    रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना स्थल पर राहत कार्य तेज़ी से चल रहा है और जल्द ही ट्रैक को बहाल किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यात्रीगणों को वैकल्पिक मार्गों से भेजने के लिए रेलवे द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे ताकि लोगों को अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

    यात्री परेशान

    इस हादसे ने यात्रियों को भारी परेशानी में डाल दिया। कई यात्री ट्रेन के रुकने और मार्ग बदलने के कारण घंटों तक अपनी यात्रा में देरी का सामना कर रहे थे। सोशल मीडिया पर भी यात्रियों ने अपनी परेशानियों का उल्लेख किया जिसमें देर से ट्रेन चलने जानकारी के अभाव और अधिक समय तक खड़े रहने का जिक्र किया गया।कई यात्रियों ने रेलवे की सेवाओं में सुधार की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके और यात्रियों को सुरक्षित और समय पर अपनी यात्रा पूरी करने का मौका मिले। बिहार के झाझा–जसीडीह रेलखंड पर हुए इस भीषण ट्रेन हादसे ने न केवल ट्रेन यातायात को प्रभावित किया बल्कि यात्रियों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। रेलवे ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया लेकिन इस घटना के बाद यह भी स्पष्ट है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए रेलवे को और अधिक सुरक्षा उपायों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

  • टीम इंडिया में बड़े बदलाव की आहट: न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से ऋषभ पंत की छुट्टी तय, ईशान किशन की होगी 'तूफानी' वापसी!

    टीम इंडिया में बड़े बदलाव की आहट: न्यूजीलैंड वनडे सीरीज से ऋषभ पंत की छुट्टी तय, ईशान किशन की होगी 'तूफानी' वापसी!


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के घरेलू सत्र 2025-26 का समापन करीब है और इसी बीच टीम इंडिया के सामने न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम की चुनौती है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज 13 जनवरी से होने जा रहा है। हालांकिभारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI ने अभी तक आधिकारिक तौर पर स्क्वॉड का ऐलान नहीं किया हैलेकिन क्रिकेट गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को वनडे टीम से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। उनकी जगह घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने वाले विस्फोटक बल्लेबाज ईशान किशन की वापसी लगभग तय मानी जा रही है।

    ऋषभ पंत: मौके मिलेपर भुना नहीं पाए


    ऋषभ पंत के लिए पिछला कुछ समय वनडे क्रिकेट में संघर्षपूर्ण रहा है। पंत को हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए स्क्वॉड में शामिल किया गया थालेकिन विडंबना यह रही कि उन्हें पूरी सीरीज के दौरान एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। पंत ने अपना आखिरी वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच 7 अगस्त 2024 को श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेला था। तब से वह छोटे फॉर्मेट में अपनी उस लय को नहीं पा सके हैं जिसके लिए वे जाने जाते हैं। चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के लिए अब पंत का ‘फॉर्म और बैलेंस’ चिंता का विषय बना हुआ हैजिसके चलते उन्हें इस सीरीज से ड्रॉप करने की तैयारी की जा रही है।

    ईशान किशन: घरेलू क्रिकेट में मचाया कोहराम


    दूसरी ओरईशान किशन ने अपने हालिया प्रदर्शन से चयनकर्ताओं के दरवाजे पर जोर-शोर से दस्तक दी है। ईशान किशन ने लगभग दो साल से भारत के लिए कोई वनडे मैच नहीं खेला है (आखिरी बार 11 अक्टूबर 2023बनाम अफगानिस्तान)। लेकिन पिछले कुछ महीनों में उनके बल्ले से निकले रनों ने सबको चौंका दिया है।ईशान ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बनकर अपनी टीम झारखंड को पहला खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी आक्रामकता यहीं नहीं रुकी; विजय हजारे ट्रॉफी में 24 दिसंबर को कर्नाटक के खिलाफ उन्होंने महज 33 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया। यह किसी भी भारतीय द्वारा लिस्ट ए क्रिकेट में दूसरा सबसे तेज शतक है। उनके इसी प्रचंड फॉर्म के कारण उन्हें पहले ही न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली 5 मैचों की टी20 सीरीज के लिए चुना जा चुका है।

    रणनीतिक बदलाव और किशन की उपयोगिता


    ईशान किशन के आने से टीम इंडिया को थ्री-इन-वन विकल्प मिलता है। किशन न केवल केएल राहुल के लिए एक मजबूत बैकअप विकेटकीपर साबित होंगेबल्कि वह एक बेहतरीन बैकअप ओपनर की भूमिका भी निभा सकते हैं। साथ हीमिडिल ऑर्डर में तेजी से रन बनाने की उनकी काबिलियत टीम को मध्यक्रम में वह लचीलापन Flexibility प्रदान करती हैजिसकी तलाश कप्तान और कोच को काफी समय से है।बीसीसीआई से जुड़े सूत्रों का कहना है कि टीम मैनेजमेंट अब 2025-26 के आगामी घरेलू असाइनमेंट को ध्यान में रखते हुए टीम में संतुलन बनाना चाहता है। ईशान किशन का बाएं हाथ का बल्लेबाज होना और टॉप से लेकर मिडिल ऑर्डर तक कहीं भी फिट हो जानाउनके पक्ष में सबसे बड़ा तर्क है।

    कब होगा टीम का ऐलान?


    इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसारचयन समिति इस हफ्ते के अंत तक न्यूजीलैंड सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर सकती है। इस सीरीज को चैंपियंस ट्रॉफी और आगामी महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों की तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है। यदि ईशान किशन को मौका मिलता हैतो यह उनके वनडे करियर को दोबारा पटरी पर लाने का सुनहरा अवसर होगा। वहींऋषभ पंत के लिए यह एक संकेत होगा कि उन्हें अपनी फॉर्म और फिटनेस पर दोबारा काम करने की जरूरत है।क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब बीसीसीआई के आधिकारिक ऐलान पर टिकी हैंजो यह तय करेगा कि क्या युवा जोश ईशान अनुभवी फिनिशर पंत पर भारी पड़ेगा।