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  • ऑपरेशन सिंदूर में चीन की एंट्री? पाकिस्तान को मिली टेक्निकल मदद और रियल-टाइम इनपुट के दावों से हड़कंप

    ऑपरेशन सिंदूर में चीन की एंट्री? पाकिस्तान को मिली टेक्निकल मदद और रियल-टाइम इनपुट के दावों से हड़कंप



    नई दिल्ली। चीन की ओर से पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मदद देने के दावे ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। चीनी सरकारी मीडिया के एक इंटरव्यू के हवाले से कहा जा रहा है कि इंजीनियरों ने पाकिस्तान को तकनीकी सपोर्ट और रियल-टाइम इनपुट दिए थे। हालांकि इन दावों पर आधिकारिक स्तर पर पूरी तरह स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट और चीनी टीवी इंटरव्यू में दावा किया गया है कि चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के एक इंजीनियर ने पाकिस्तान में तकनीकी सहायता की बात स्वीकार की है। कहा गया कि टीम का काम J-10CE जैसे लड़ाकू विमानों और उनके सिस्टम को ऑपरेशनल रूप से तैयार रखना था। यह भी दावा है कि पाकिस्तान ने चीन में बने J-10CE फाइटर जेट्स का इस्तेमाल किया, जिन्हें AVIC की सहयोगी कंपनियां बनाती हैं। इसी दौरान रियल-टाइम डेटा सपोर्ट और सैटेलाइट इनपुट देने जैसे आरोप भी सामने आए हैं।

    भारत की ओर से पहले ही यह कहा जा चुका है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने पाकिस्तान को तकनीकी और रणनीतिक स्तर पर मदद दी थी। भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने भी इस बात का जिक्र किया था कि संघर्ष के दौरान चीन ने अपने नेटवर्क और सिस्टम के जरिए क्षेत्रीय गतिविधियों पर नजर रखी और पाकिस्तान को जानकारी उपलब्ध कराई। वहीं चीन ने पहले इन आरोपों को खारिज किया था, लेकिन अब आए इंटरव्यू और रिपोर्ट्स ने इस मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान और चीन के बीच रक्षा सहयोग पहले से ही काफी गहरा है और J-10CE जैसे एडवांस फाइटर जेट्स इसकी बड़ी मिसाल हैं। पाकिस्तान पहले से ही चीन से बड़े पैमाने पर हथियार आयात करता रहा है और हाल के वर्षों में यह निर्भरता और बढ़ी है। इसी बीच चीन द्वारा नए स्टील्थ फाइटर जेट J-35 को पाकिस्तान को देने की चर्चा ने भी क्षेत्रीय सैन्य समीकरणों पर बहस तेज कर दी है।

    रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ऑपरेशन के दौरान चीन ने अपने तकनीकी और सैटेलाइट नेटवर्क का इस्तेमाल कर स्थिति पर नजर रखी, जिसे कुछ विशेषज्ञ “लाइव लैब” रणनीति के तौर पर देख रहे हैं। हालांकि इन सभी दावों पर अभी तक पूर्ण अंतरराष्ट्रीय स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, जिससे इस मुद्दे पर बहस और तेज हो गई है।

  • CSK में कैसे हुई अश्विन की एंट्री? पूर्व स्पिनर ने सुनाया दिलचस्प किस्सा

    CSK में कैसे हुई अश्विन की एंट्री? पूर्व स्पिनर ने सुनाया दिलचस्प किस्सा


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने आईपीएल करियर और शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे एक घरेलू टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन और सही समय पर मिले अवसर ने उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स में जगह दिलाई।

    अश्विन ने बताया कि 2009 की आईपीएल नीलामी के दौरान जब चेन्नई सुपर किंग्स ने श्रीलंकाई दिग्गज मुथैया मुरलीधरन को टीम में शामिल किया था, तब उन्हें लगा था कि टीम में जगह बनाना उनके लिए बेहद मुश्किल हो जाएगा। उस समय टी20 क्रिकेट में स्पिनरों की भूमिका को लेकर भी काफी संदेह था।

    उन्होंने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि चेन्नई के चेपॉक मैदान पर एक अहम घरेलू मैच के दौरान उन्होंने 6 विकेट झटके थे। इस प्रदर्शन ने उनके करियर की दिशा बदल दी। उस मैच में मौजूद काशी विश्वनाथन और पूर्व भारतीय क्रिकेटर क्रिस श्रीकांत ने उनके खेल की तारीफ की थी और यहीं से उनका नाम चयनकर्ताओं की नजर में आया।

    अश्विन ने बताया कि उनके गुरु रहे दिवंगत वीबी चंद्रशेखर ने उनके करियर में अहम भूमिका निभाई। चंद्रशेखर ने उनका खेल पिछले कई वर्षों से देखा था और उनके टैलेंट को पहचानते हुए सीएसके से जोड़ने में मदद की। इसके बाद उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स का कॉन्ट्रैक्ट मिला और यहीं से उनके आईपीएल सफर की शुरुआत हुई।

    अश्विन ने यह भी कहा कि जब उन्हें बाद में सीएसके में दोबारा खेलने का मौका मिला, तो उनका सपना था कि वे अपने करियर का अंत उसी टीम के साथ करें, जहां से शुरुआत हुई थी। उन्होंने चेपॉक स्टेडियम में अपने आईपीएल करियर के अंत की भी इच्छा जताई थी, लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका।

    अपने करियर पर नजर डालते हुए अश्विन ने कहा कि सीएसके ने उन्हें एक पहचान दी और शुरुआती अवसर ने उनके पूरे क्रिकेट जीवन की दिशा तय की। उन्होंने यह भी माना कि सही समय पर मिले मौके और मार्गदर्शन ने उन्हें एक सफल अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनने में मदद की।

  • IPL 2026: DC vs KKR – टॉस जीतकर केकेआर ने चुनी गेंदबाजी, दिल्ली ने किए 2 बदलाव

    IPL 2026: DC vs KKR – टॉस जीतकर केकेआर ने चुनी गेंदबाजी, दिल्ली ने किए 2 बदलाव


    नई दिल्ली। अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे आईपीएल 2026 के 51वें मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स (DC) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) आमने-सामने हैं। टॉस के दौरान केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने जीत हासिल करते हुए पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया।
    टॉस जीतने के बाद अजिंक्य रहाणे ने कहा कि पिच को पढ़ना आसान नहीं है और पिछले कुछ मैचों में विकेट के व्यवहार को देखते हुए पहले गेंदबाजी करना बेहतर विकल्प रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि टीम ने इस मुकाबले के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया है।
    दूसरी ओर दिल्ली कैपिटल्स ने अपनी टीम में दो अहम बदलाव किए हैं। विपराज निगम को करुण नायर की जगह शामिल किया गया है, जबकि मुकेश कुमार को नटराजन के स्थान पर मौका मिला है। कप्तान अक्षर पटेल ने कहा कि दिल्ली की पिच पर पहले बल्लेबाजी करना फायदेमंद रहता है, लेकिन टीम संतुलन को देखते हुए तीन स्पिनरों के साथ उतर रही है।
    दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है क्योंकि टीम को प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए हर हाल में जीत जरूरी है। अब तक खेले गए 10 मैचों में दिल्ली ने 4 जीत और 6 हार दर्ज की हैं। टीम का बल्लेबाजी क्रम निरंतर प्रदर्शन नहीं कर पाया है, जबकि गेंदबाजी में भी स्थिरता की कमी दिखी है।
    वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रदर्शन भी इस सीजन मिश्रित रहा है। 9 मैचों में केवल 3 जीत के साथ टीम अंक तालिका में नीचे है, हालांकि पिछले तीन मुकाबलों में लगातार जीत ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया है। रिंकू सिंह और वरुण चक्रवर्ती इस समय अच्छी फॉर्म में नजर आ रहे हैं, जबकि गेंदबाजी में भी टीम ने सुधार दिखाया है।
    केकेआर की प्लेइंग इलेवन में सुनील नरेन, कैमरून ग्रीन और अन्य प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं, जो टीम को मजबूत संतुलन प्रदान कर रहे हैं। दिल्ली की टीम में केएल राहुल, अक्षर पटेल और मिचेल स्टार्क जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं, जो मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।
    अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या केकेआर की जीत की लय जारी रहती है या दिल्ली कैपिटल्स प्लेऑफ की उम्मीदों को जिंदा रखने में सफल होती है।
  • शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकती है कई गंभीर समस्याएं, जानें इसके संकेत और बचाव

    शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकती है कई गंभीर समस्याएं, जानें इसके संकेत और बचाव


    नई दिल्ली। शरीर का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता है, इसलिए इसका संतुलन बनाए रखना अच्छे स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है, तो इसे डिहाइड्रेशन कहा जाता है, जो धीरे-धीरे कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं का कारण बन सकता है।

    पानी की कमी का सबसे पहला असर शरीर की ऊर्जा पर पड़ता है। व्यक्ति को लगातार थकान, कमजोरी और सुस्ती महसूस हो सकती है। कई मामलों में ध्यान केंद्रित करने में भी दिक्कत आने लगती है, जिससे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो सकते हैं।

    त्वचा पर भी डिहाइड्रेशन का सीधा असर दिखाई देता है। पानी की कमी से त्वचा रूखी, बेजान और डल हो सकती है। साथ ही होंठ फटने और आंखों के नीचे काले घेरे बढ़ने की समस्या भी देखी जा सकती है।

    पाचन तंत्र पर भी इसका असर पड़ता है। पर्याप्त पानी न पीने से कब्ज, पेट भारी लगना और अपच जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। पानी आंतों के सुचारू कामकाज में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए इसकी कमी पाचन को धीमा कर देती है।

    इसके अलावा, शरीर में पानी की कमी से सिरदर्द और चक्कर आने की समस्या भी हो सकती है। गंभीर स्थिति में डिहाइड्रेशन रक्तचाप को प्रभावित कर सकता है, जिससे स्वास्थ्य जोखिम बढ़ जाता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। आमतौर पर 7-8 गिलास पानी रोजाना पीने की सलाह दी जाती है, हालांकि यह व्यक्ति की उम्र, मौसम और शारीरिक गतिविधि पर निर्भर करता है।

    पानी की कमी से बचने के लिए सिर्फ सादा पानी ही नहीं, बल्कि नारियल पानी, फलों का जूस और पानी से भरपूर फल जैसे तरबूज, खीरा और संतरा भी डाइट में शामिल करना फायदेमंद होता है।

    गर्मियों के मौसम में पसीना ज्यादा निकलने के कारण डिहाइड्रेशन का खतरा और बढ़ जाता है, इसलिए इस दौरान विशेष रूप से पानी का सेवन बढ़ाना चाहिए।

    सही मात्रा में पानी पीना न केवल शरीर को हाइड्रेट रखता है, बल्कि त्वचा, पाचन और संपूर्ण स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।

  • शर्मिला टैगोर और रवींद्रनाथ टैगोर के बीच क्या है रिश्ता? बेटी सोहा अली खान ने बताया पूरा सच

    शर्मिला टैगोर और रवींद्रनाथ टैगोर के बीच क्या है रिश्ता? बेटी सोहा अली खान ने बताया पूरा सच


    नई दिल्ली। बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर का सरनेम हमेशा चर्चा का विषय रहा है। कई लोग अक्सर यह सवाल करते रहे हैं कि क्या उनका सीधा संबंध महान साहित्यकार और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर से है। इस जिज्ञासा पर अब उनकी बेटी और अभिनेत्री सोहा अली खान ने विस्तार से जानकारी दी है।
    सोहा अली खान ने बताया कि टैगोर परिवार का रिश्ता रवींद्रनाथ टैगोर के विस्तृत वंश से जुड़ा हुआ है, लेकिन यह कोई सीधा पिता-पुत्र या नजदीकी रक्त संबंध नहीं है। दरअसल, शर्मिला टैगोर का संबंध टैगोर परिवार की उस शाखा से है, जो ऐतिहासिक रूप से बंगाल के प्रतिष्ठित टैगोर वंश का हिस्सा रही है। इस वंश में कला, साहित्य और संस्कृति से जुड़े कई महान व्यक्तित्व शामिल रहे हैं।
    सोहा ने यह भी बताया कि रवींद्रनाथ टैगोर के परिवार की कई पीढ़ियों में अलग-अलग शाखाएं विकसित हुईं, जिनमें से कुछ कला और संस्कृति के क्षेत्र में आगे बढ़ीं। शर्मिला टैगोर का सरनेम उसी व्यापक सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा माना जाता है, न कि रवींद्रनाथ टैगोर के सीधे वंश का।
    रवींद्रनाथ टैगोर भारतीय साहित्य के सबसे महान नामों में से एक हैं, जिन्होंने न केवल ‘गीतांजलि’ जैसी अमर रचनाएं दीं, बल्कि भारत और बांग्लादेश के राष्ट्रगान भी लिखे। ऐसे में उनके नाम से जुड़ी किसी भी विरासत को लेकर लोगों की उत्सुकता स्वाभाविक है। इसी वजह से शर्मिला टैगोर के नाम को लेकर भी अक्सर सवाल उठते रहे हैं।
    सोहा अली खान ने यह भी कहा कि उनके परिवार में सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत बहुत मजबूत रही है, लेकिन हर पीढ़ी ने अपनी अलग पहचान बनाई है। शर्मिला टैगोर ने भी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अलग मुकाम हासिल किया, जबकि उनका सरनेम ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा भर है।
    गौरतलब है कि शर्मिला टैगोर भारतीय सिनेमा की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में से हैं जिन्होंने अपने दौर में ग्लैमर और क्लासिक सिनेमा दोनों में संतुलन बनाए रखा। वहीं सोहा अली खान भी अपने इंटरव्यू और पॉडकास्ट के जरिए परिवार, रिश्तों और विरासत पर खुलकर बात करती रही हैं।
    इस खुलासे के बाद यह साफ हो जाता है कि टैगोर सरनेम एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, न कि किसी सीधे पारिवारिक रिश्ते का प्रमाण।

  • सीढ़ियों पर बैठकर रो रही थीं मोना कपूर, श्रीदेवी-बोनी कपूर की जुदाई के बीच का दर्दनाक किस्सा आया सामने

    सीढ़ियों पर बैठकर रो रही थीं मोना कपूर, श्रीदेवी-बोनी कपूर की जुदाई के बीच का दर्दनाक किस्सा आया सामने


    नई दिल्ली।  बॉलीवुड की चर्चित फिल्म ‘जुदाई’ (1997) आज भी अपने दमदार कहानी और सुपरहिट गानों के लिए याद की जाती है। अनिल कपूर, श्रीदेवी और उर्मिला मातोंडकर स्टारर इस फिल्म को राज कंवर ने डायरेक्ट किया था, जबकि इसके निर्माता बोनी कपूर थे। लेकिन इसी फिल्म से जुड़ा एक ऐसा भावुक किस्सा सामने आया है, जिसने इंडस्ट्री के अंदरूनी रिश्तों की एक अलग ही तस्वीर पेश की है।

    फिल्म का मशहूर गाना ‘मुझे एक पल चैन ना आए’ उस दौर में काफी लोकप्रिय हुआ था, जिसे जसपिंदर नरूला ने अपनी आवाज दी थी। हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में जसपिंदर ने इस गाने की रिकॉर्डिंग के समय का एक बेहद इमोशनल अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि वह समय उनके लिए जितना पेशेवर था, उतना ही भावनात्मक रूप से जटिल भी था।

    जसपिंदर नरूला के अनुसार, उसी दौरान बोनी कपूर और श्रीदेवी की नजदीकियां चर्चा में थीं और इसी बीच बोनी कपूर की पहली पत्नी मोना शौरी कपूर निजी तौर पर बेहद कठिन दौर से गुजर रही थीं। सिंगर ने बताया कि बाद में उनकी मोना कपूर से अच्छी दोस्ती हो गई थी और उन्होंने उस समय के दर्द को उनके साथ साझा किया था।

    जसपिंदर ने बताया कि मोना कपूर ने उनसे कहा था कि जब वह स्टूडियो में यह गाना रिकॉर्ड कर रही थीं, तब उनकी निजी जिंदगी टूटने की कगार पर थी। उन्होंने भावुक होकर कहा था कि “जब अंदर गाना रिकॉर्ड हो रहा था, तब बाहर उनका घर टूट रहा था।” इस दौरान वह स्टूडियो की सीढ़ियों पर बैठकर रोती रहीं।

    सिंगर के मुताबिक, यह वही दौर था जब उन्हें इस पूरी स्थिति की सच्चाई का पता चला था। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके लिए भी बेहद भावनात्मक था, क्योंकि संगीत रिकॉर्डिंग के दौरान खुशी और दर्द दोनों एक साथ महसूस हो रहे थे।

    जसपिंदर ने यह भी बताया कि मोना कपूर ने उनसे कहा था कि उस समय उनके जीवन में भावनात्मक उथल-पुथल इतनी ज्यादा थी कि वह खुद को संभाल नहीं पा रही थीं। बावजूद इसके, जीवन आगे बढ़ता रहा और समय के साथ सब कुछ बदलता गया।

    इस खुलासे ने एक बार फिर फिल्म ‘जुदाई’ से जुड़े उस दौर की निजी कहानियों को सामने ला दिया है, जो पर्दे के पीछे काफी जटिल और भावनात्मक थीं। जहां एक तरफ फिल्म और उसके गाने सफलता के नए कीर्तिमान बना रहे थे, वहीं दूसरी ओर कई निजी रिश्ते टूटने की कगार पर थे।

    यह किस्सा न सिर्फ बॉलीवुड के उस दौर की सच्चाई को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि ग्लैमर और सफलता के पीछे कई बार गहरे दर्द और व्यक्तिगत संघर्ष छिपे होते हैं।

  • ऋषि कपूर की मौत के बाद गहरे डिप्रेशन में चली गई थीं नीतू कपूर, शराब और नींद की दिक्कतों का किया खुलासा

    ऋषि कपूर की मौत के बाद गहरे डिप्रेशन में चली गई थीं नीतू कपूर, शराब और नींद की दिक्कतों का किया खुलासा


    नई दिल्ली। बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री नीतू कपूर ने अपने जीवन के सबसे कठिन दौर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि पति ऋषि कपूर के निधन के बाद वह गहरे मानसिक तनाव और डिप्रेशन में चली गई थीं। यह वह समय था जब उनके जीवन में खालीपन और दर्द इतना बढ़ गया था कि वह सामान्य जीवन जीने में भी असमर्थ हो गई थीं।
    नीतू कपूर ने बताया कि ऋषि कपूर के जाने के बाद वह कई दिनों तक ठीक से सो नहीं पाई थीं। लगातार नींद की कमी और मानसिक तनाव के चलते उनकी हालत बिगड़ने लगी थी। इसी दौरान वह शराब पर निर्भर होने लगी थीं, जिससे उनकी स्थिति और ज्यादा गंभीर हो गई थी। उन्होंने स्वीकार किया कि वह उस समय खुद को संभाल नहीं पा रही थीं और यह दौर उनके लिए बेहद कठिन था।
    उन्होंने यह भी बताया कि स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि उन्हें मेडिकल मदद लेनी पड़ी। रात के करीब 11 बजे डॉक्टर उनके घर आते थे और उन्हें नींद लाने के लिए इंजेक्शन दिया जाता था। यह सिलसिला लगभग 10 दिनों तक चला। इसके बाद धीरे-धीरे उनकी स्थिति में सुधार आने लगा।
    नीतू कपूर ने कहा कि उस समय वह खुद को मानसिक रूप से बहुत कमजोर महसूस कर रही थीं और उन्हें अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा था। इसी बीच फिल्ममेकर करण जौहर ने उन्हें सलाह दी कि उन्हें दोबारा काम पर लौटना चाहिए। उनका मानना था कि काम पर वापसी करने से नीतू कपूर को भावनात्मक सहारा मिलेगा और वह धीरे-धीरे सामान्य जीवन में लौट पाएंगी।
    इसके बाद नीतू कपूर ने फिल्म ‘जुग-जुग जियो’ से वापसी की। हालांकि इस फिल्म के रिलीज होने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा। लोगों ने उन्हें इस बात के लिए आलोचना की कि पति के निधन के कुछ समय बाद ही उन्होंने काम शुरू कर दिया। इस पर नीतू कपूर ने कहा कि लोगों को उनके दर्द और मानसिक स्थिति की जानकारी नहीं थी, इसलिए वे गलत धारणा बना बैठे।
    नीतू कपूर ने कहा कि वह फिल्म इंडस्ट्री में इसलिए लौटीं क्योंकि उन्हें खुद को दोबारा मजबूत बनाना था। काम उनके लिए थेरेपी की तरह था, जिससे वह धीरे-धीरे अपने दर्द से बाहर निकल सकीं। उन्होंने यह भी बताया कि ऋषि कपूर के साथ बिताए गए वर्षों ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया, लेकिन उनके जाने के बाद जीवन को फिर से संभालना आसान नहीं था।
    गौरतलब है कि नीतू कपूर ने ऋषि कपूर से शादी के बाद लंबे समय तक फिल्मों से दूरी बना ली थी। उन्होंने 1980 में शादी की थी और 1983 में उनकी आखिरी फिल्म ‘गंगा मेरी मां’ रिलीज हुई थी। इसके बाद उन्होंने लगभग 26 साल का लंबा ब्रेक लिया और 2009 में ‘लव आज कल’ से वापसी की।
    आज नीतू कपूर न सिर्फ एक अनुभवी अभिनेत्री के रूप में काम कर रही हैं, बल्कि अपनी निजी जिंदगी के अनुभवों से भी लोगों को प्रेरित कर रही हैं। उनका यह खुलासा यह दिखाता है कि ग्लैमर की दुनिया के पीछे भी कई गहरे और भावनात्मक संघर्ष छिपे होते हैं।

  • रूस-यूक्रेन के बीच सीजफायर….. ट्रंप ने लिया क्रेडिट… बोले- 3 दिन सभी सैन्य गतिविधियों पर रहेगी रोक

    रूस-यूक्रेन के बीच सीजफायर….. ट्रंप ने लिया क्रेडिट… बोले- 3 दिन सभी सैन्य गतिविधियों पर रहेगी रोक


    वाशिंगटन।
    रूस और यूक्रेन (Russia and Ukraine) में फरवरी, 2022 से ही लड़ाई जारी है. दोनों देश अब सीजफायर पर सहमत हो गए हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने यह युद्ध रुकवाने का क्रेडिट लेते हुए यह ऐलान किया है कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग में 9 से 11 मई तक तीन दिन सीजफायर रहेगा.सीजफायर के दौरान सभी सैन्य गतिविधियों पर रोक रहेगी।

    अमेरिकी राष्ट्रपति के दावे की क्रेमलिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्डोमिर जेलेंस्की (Ukrainian President Volodymyr Zelensky) ने पुष्टि कर दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर इस सीजफायर का ऐलान किया. अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह घोषणा करते हुए प्रसन्न हूं कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में तीन दिन (9, 10 और 11 मई) सीजफायर रहेगा।

    उन्होंने अपने ट्रूथ सोशल पोस्ट में लिखा है कि रूस में यह जश्न विजय दिवस के लिए है और यूक्रेन के लिए भी, क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध के समय वह भी इसका हिस्सा था. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी ऐलान किया कि दोनों देश एक-दूसरे के एक हजार कैदियों की अदला-बदली करने पर भी सहमत हो गए हैं।


    रूस के ड्रोन हमलों से यूक्रेन में तबाही की तस्वीरें

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस सीजफायर का क्रेडिट लेते हुए कहा है कि यह अनुरोध सीधे मेरी ओर से किया गया था. उन्होंने अपना सीजफायर का अनुरोध स्वीकार करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्डोमिर जेलेंस्की की तारीफ भी की. ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पोस्ट में यह उम्मीद भी जताई है कि यह सीजफायर लंबे, घातक और कठिन लड़ाई के अंत की शुरुआत साबित होगा.

    उन्होंने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद की सबसे बड़ी लड़ाई खत्म करने के लिए बातचीत चल रही है और हम हर रोज समाधान के और करीब पहुंच रहे हैं. क्रेमलिन ने ट्रंप के दावे की पुष्टि कर दी है. आईएफक्स के मुताबिक क्रेमलिन ने कहा है कि रूस ने ट्रंप की ओर से प्रस्तावित सीजफायर पर सहमति जताई है.

    क्रेमलिन की ओर से यह भी कहा गया है कि रूस ने इस बात के लिए भी सहमति दे दी है कि युद्धबंदियों की अदला-बदली की जाएगी. वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्डोमिर जेलेंस्की ने भी ट्रंप के ऐलान की पुष्टि करते हुए कहा है कि रूस के साथ एक हजार कैदियों की अदला-बदली की जाएगी.

  • Ghaziabad: सर्विस सेंटर में गैस सिलेंडर और AC कंप्रेसर में ब्लास्ट… भीषण आग लगने से जले कई वाहन, एक बुजुर्ग की मौत

    Ghaziabad: सर्विस सेंटर में गैस सिलेंडर और AC कंप्रेसर में ब्लास्ट… भीषण आग लगने से जले कई वाहन, एक बुजुर्ग की मौत


    गाजियाबाद।
    गाजियाबाद (Ghaziabad) से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां पटेल नगर में एयरकंडीशनर (AC) सर्विस सेंटर (Air Conditioner (AC) Service Center) में रखे गैस सिलेंडर (Gas Cylinder) और एसी कंप्रेसर में ब्लास्ट होने से आज तड़के भीषण आग लगी। आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग तीन मंजिला मकान में फैल गई। कई वाहन जल गए। फायर टेंडर ने मौके पर पहुंचकर बड़ी मशक्कत के बाद आग को काबू किया।

    इस दर्दनाक हादसे में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की जान चली गई, जबकि सर्विस सेंटर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। घटना कमिश्नरेट गाजियाबाद के पटेल नगर स्थित प्लॉट नंबर एफ-87 ‘ऑन स्पॉट एयरकंडीशनर सर्विस सेंटर’ की है।


    तीन मंजिला पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया

    जानकारी के अनुसार, रात लगभग 03:05 बजे कंट्रोल रूम को सर्विस सेंटर में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। देखते ही देखते आग ने तीन मंजिला पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि सर्विस सेंटर के भीतर रखे एसी के अंदर भरी जाने वाली गैस के सिलेंडरों और कंप्रेसरों में एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए। सर्विस सेंटर घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित है और आग इतनी भीषण थी की आस पास के घरों में फैलने की संभावना बनी हुई थी।


    फायर टेंडर्स के साथ मौके पर पहुंचे

    सूचना मिलते ही फायर स्टेशन कोतवाली से अग्निशमन अधिकारी अपनी टीम और फायर टेंडर्स के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं विकराल आग को देखते हुए फायर स्टेशन वैशाली, साहिबाबाद और मोदीनगर से भी गाड़ियो को घटना स्थल पर बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया। फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई से आसपास के दर्जनों घरों को जलने से बचा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।


    कितना नुकसान हुआ?

    परिसर के अंदर खड़ी 02 कारें और 10 मोटरसाइकिलें जलकर खाक हो गईं। आग और धमाकों के कारण तीन मंजिला इमारत को भी काफी नुकसान पहुंचा है। आग बुझने के बाद जब सर्च ऑपरेशन चलाया गया, तो ग्राउंड फ्लोर पर एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान 80 वर्षीय त्रिलोकी नाथ के रूप में हुई है। यह सर्विस सेंटर ओंकार तोमर नाम के व्यक्ति का बताया जा रहा है।

    आग किस वजह से लगी फिलहाल इसका पता लगाया जा रहा है। चूंकि इमारत में एसी के अंदर भरी जाने वाली गैस के सिलेंडर थे इस वजह से आग काफी तेजी से फैली। गैस सिलेंडरों के फटने ने स्थिति को और अधिक विकराल बना दिया।

  • MP: इंदौर में BJP नेता को थप्पड़ मारना महिला पुलिस अधिकारी को पड़ा महंगा, हंगामे के बाद 3 सस्पेंड

    MP: इंदौर में BJP नेता को थप्पड़ मारना महिला पुलिस अधिकारी को पड़ा महंगा, हंगामे के बाद 3 सस्पेंड


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के कार्यकर्ताओं ने एक व्यस्त चौराहे को जाम कर दिया. यह विरोध प्रदर्शन तब हुआ जब एक महिला ट्रैफिक पुलिस अधिकारी (Female Traffic Police Officer) ने कथित तौर पर पार्टी के एक नेता को थप्पड़ मार दिया था. इस घटना के बाद पुलिस बल के तीन कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।

    BJP नेता वीरेंद्र शेंडगे ने पत्रकारों को बताया कि यह घटना तब हुई जब वह अपने दोपहिया वाहन पर थे और महू नाका चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल के हरे से लाल होने से पहले उसे पार करने की कोशिश कर रहे थे। शेंडगे ने दावा किया कि एक महिला पुलिस अधिकारी ने उन पर गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करने का आरोप लगाते हुए उन्हें थप्पड़ मार दिया।

    शेंडगे, जो यहां BJP के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 4 के प्रभारी हैं, ने कहा, “मैं अपने मोबाइल फोन पर बात नहीं कर रहा था. जब मैंने अपनी बात रखने की कोशिश की और थप्पड़ मारे जाने पर आपत्ति जताई, तो ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया.” बाद में, BJP कार्यकर्ताओं ने शेंडगे के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस के खिलाफ नारे लगाए, जिसमें उन्होंने पुलिस पर मनमानी करने का आरोप लगाया. कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं को सड़क जाम करने के लिए पुलिस बैरिकेड्स का इस्तेमाल करते हुए भी देखा गया।

    सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) सुप्रिया चौधरी ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस थाने की प्रभारी राधा यादव को कथित लापरवाही के आरोप में फील्ड ड्यूटी से हटाकर पुलिस उपायुक्त (DCP) कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है, जबकि सूबेदार (सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी) लक्ष्मी धार्वे और कांस्टेबल शेखर गावड़े को निलंबित कर दिया गया है। ACP शिवेंदु जोशी ने बताया कि घटना के संबंध में CCTV फुटेज की जांच की जा रही है और विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।