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  • बारिश के मौसम में चिपचिपी त्वचा से पाएं राहत, मुल्तानी मिट्टी, बेसन और खीरे से करें स्किन की नेचुरल केयर

    बारिश के मौसम में चिपचिपी त्वचा से पाएं राहत, मुल्तानी मिट्टी, बेसन और खीरे से करें स्किन की नेचुरल केयर

    नई दिल्ली ।मानसून का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन हवा में बढ़ी नमी और उमस त्वचा, खासकर ऑयली स्किन वाले लोगों के लिए कई परेशानियां लेकर आती है। इस दौरान चेहरे पर अतिरिक्त तेल जमा होने लगता है, जिससे त्वचा चिपचिपी महसूस होती है। साथ ही पिंपल्स, ब्लैकहेड्स और रोमछिद्र बंद होने जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। ऐसे में त्वचा की नियमित देखभाल और सही घरेलू उपाय अपनाकर इन समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

    ऑयली स्किन की देखभाल के लिए मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल का फेस पैक एक लोकप्रिय घरेलू विकल्प माना जाता है। मुल्तानी मिट्टी अतिरिक्त तेल और गंदगी को सोखने में मदद करती है, जबकि गुलाब जल त्वचा को ठंडक और ताजगी प्रदान करता है। इसे तैयार करने के लिए दो चम्मच मुल्तानी मिट्टी में आवश्यकतानुसार गुलाब जल मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। इस मिश्रण को चेहरे पर लगभग 15 मिनट तक लगाकर रखें और सूखने के बाद ठंडे पानी से धो लें। सप्ताह में एक या दो बार इसका उपयोग किया जा सकता है।

    बेसन और दही का फेस पैक भी त्वचा की सफाई और देखभाल के लिए पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। बेसन त्वचा की सतह पर जमी गंदगी और अतिरिक्त तेल हटाने में मदद करता है, जबकि दही में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा को मुलायम बनाए रखने में सहायक माना जाता है। इसके लिए दो चम्मच बेसन में एक चम्मच ताजा दही मिलाकर पेस्ट तैयार करें। चाहें तो इसमें एक चुटकी हल्दी भी मिलाई जा सकती है। इसे चेहरे पर 15 मिनट तक लगाने के बाद हल्के हाथों से मसाज करते हुए धो लें।

    खीरा और एलोवेरा जेल का फेस पैक भी मानसून में त्वचा को ठंडक और नमी प्रदान करने के लिए उपयोगी माना जाता है। आधे खीरे को पीसकर उसमें एक चम्मच एलोवेरा जेल मिलाएं और तैयार मिश्रण को चेहरे पर 15 से 20 मिनट तक लगाकर रखें। इसके बाद सामान्य पानी से चेहरा धो लें। यह फेस पैक त्वचा को ताजगी देने के साथ अतिरिक्त तेल कम करने में भी मदद कर सकता है।

    घरेलू फेस पैक के साथ-साथ त्वचा की नियमित देखभाल भी बेहद जरूरी है। दिन में दो बार हल्के फेसवॉश से चेहरा साफ करना, ऑयल-फ्री मॉइस्चराइजर का उपयोग करना और मौसम चाहे कोई भी हो, सनस्क्रीन लगाना त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और संतुलित आहार लेना भी त्वचा की प्राकृतिक चमक बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है, इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे का असर भी अलग-अलग हो सकता है। पहली बार किसी फेस पैक का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करना चाहिए। यदि त्वचा पर लालपन, जलन, खुजली या एलर्जी जैसी समस्या दिखाई दे तो उसका उपयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए। लगातार मुंहासे, संक्रमण या अन्य गंभीर त्वचा संबंधी समस्याओं की स्थिति में त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।

  • स्किन केयर का नया सुपरफूड बना रोज़मेरी वॉटर जानिए कैसे दूर कर सकता है डलनेस ऑयली स्किन और मुंहासों की परेशानी

    स्किन केयर का नया सुपरफूड बना रोज़मेरी वॉटर जानिए कैसे दूर कर सकता है डलनेस ऑयली स्किन और मुंहासों की परेशानी


    नई दिल्ली । इन दिनों प्राकृतिक स्किन केयर का चलन तेजी से बढ़ रहा है और लोग ऐसे उपायों की तलाश में हैं जो बिना ज्यादा केमिकल के त्वचा को स्वस्थ और दमकता हुआ बनाए रखें। इसी वजह से रोज़मेरी वॉटर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। रोज़मेरी एक सुगंधित जड़ी बूटी है जिसका उपयोग लंबे समय से सौंदर्य और हर्बल देखभाल में किया जाता रहा है। इसमें पाए जाने वाले प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट और सूजन कम करने वाले गुण त्वचा की देखभाल में मददगार माने जाते हैं। नियमित और सही तरीके से उपयोग करने पर यह चेहरे को ताजगी देने और त्वचा की प्राकृतिक चमक बनाए रखने में सहायक हो सकता है।

    रोज़मेरी वॉटर का सबसे बड़ा लाभ यह माना जाता है कि यह त्वचा पर जमा धूल मिट्टी और अतिरिक्त तेल को हटाने में मदद कर सकता है। दिनभर प्रदूषण और धूप के संपर्क में रहने से त्वचा अपनी चमक खोने लगती है। ऐसे में चेहरे की सफाई के बाद रोज़मेरी वॉटर का उपयोग करने से त्वचा अधिक ताजा और साफ महसूस हो सकती है। कई लोग इसे प्राकृतिक फेस मिस्ट या टोनर के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं।

    रोज़मेरी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में सहायक माने जाते हैं। इससे त्वचा की प्राकृतिक चमक बनाए रखने में मदद मिल सकती है। यदि त्वचा बेजान और थकी हुई दिखाई देती है तो नियमित स्किन केयर रूटीन में रोज़मेरी वॉटर को शामिल करना लाभदायक हो सकता है। हालांकि इसके प्रभाव व्यक्ति की त्वचा के प्रकार और देखभाल की आदतों पर भी निर्भर करते हैं।

    ऑयली स्किन वाले लोगों के लिए भी रोज़मेरी वॉटर उपयोगी माना जाता है। यह त्वचा पर अतिरिक्त तेल को संतुलित रखने में मदद कर सकता है जिससे चेहरा लंबे समय तक फ्रेश महसूस होता है। इसके साथ ही जिन लोगों को हल्की सूजन या लालिमा की समस्या रहती है उनके लिए भी यह आरामदायक महसूस हो सकता है। फिर भी यदि त्वचा बहुत संवेदनशील है या किसी प्रकार की एलर्जी की समस्या है तो उपयोग से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर परीक्षण करना बेहतर माना जाता है।

    रोज़मेरी वॉटर का इस्तेमाल करना भी आसान है। सबसे पहले चेहरे को किसी सौम्य फेस वॉश से साफ करें। इसके बाद कॉटन की मदद से या स्प्रे बोतल के जरिए रोज़मेरी वॉटर चेहरे पर लगाएं। इसे प्राकृतिक रूप से सूखने दें और फिर अपनी पसंद का मॉइस्चराइजर लगाएं। दिन में एक या दो बार इसका उपयोग किया जा सकता है। यदि इसे घर पर तैयार करना हो तो रोज़मेरी की पत्तियों को पानी में उबालकर ठंडा करें और छानकर साफ बोतल में भरकर फ्रिज में कुछ दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

    हालांकि यह याद रखना जरूरी है कि केवल किसी एक प्राकृतिक उपाय से सभी त्वचा संबंधी समस्याओं का समाधान संभव नहीं होता। संतुलित आहार पर्याप्त पानी नियमित नींद और धूप से बचाव भी स्वस्थ त्वचा के लिए उतने ही महत्वपूर्ण हैं। यदि लगातार मुंहासे गंभीर एलर्जी या किसी त्वचा रोग की समस्या बनी हुई है तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।

    प्राकृतिक स्किन केयर अपनाने वाले लोगों के लिए रोज़मेरी वॉटर एक अच्छा विकल्प हो सकता है। सही तरीके से उपयोग और नियमित दिनचर्या के साथ यह त्वचा को ताजगी देने स्वस्थ बनाए रखने और प्राकृतिक निखार बढ़ाने में सहायक साबित हो सकता है।

  • हेयर फॉल कम करने के लिए अपनाएं घरेलू नुस्खा, नारियल तेल में बरगद की छाल मिलाकर करें इस्तेमाल; जानें सही तरीका

    हेयर फॉल कम करने के लिए अपनाएं घरेलू नुस्खा, नारियल तेल में बरगद की छाल मिलाकर करें इस्तेमाल; जानें सही तरीका

    नई दिल्ली । आज की व्यस्त जीवनशैली, बढ़ते प्रदूषण, असंतुलित खान-पान, तनाव और रासायनिक उत्पादों के अत्यधिक इस्तेमाल के कारण बालों का झड़ना और टूटना एक आम समस्या बन गया है। ऐसे में कई लोग प्राकृतिक और घरेलू उपायों की ओर रुख कर रहे हैं। इन्हीं पारंपरिक उपायों में बरगद की छाल और नारियल तेल का मिश्रण भी शामिल है, जिसे लंबे समय से बालों की देखभाल के लिए उपयोग किया जाता रहा है। माना जाता है कि यह मिश्रण स्कैल्प को पोषण देने और बालों की जड़ों को मजबूत बनाने में सहायक हो सकता है।

    इस घरेलू मिश्रण को तैयार करने के लिए सबसे पहले बरगद की सूखी छाल या जटा को अच्छी तरह साफ कर धूप में पूरी तरह सुखाया जाता है। इसके बाद इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर या हल्का कूटकर लगभग 200 से 250 मिलीलीटर नारियल तेल में धीमी आंच पर 15 से 20 मिनट तक पकाया जाता है। जब छाल का अर्क तेल में अच्छी तरह मिल जाए तो गैस बंद कर दी जाती है। ठंडा होने के बाद तेल को छानकर साफ और सूखी कांच की बोतल में सुरक्षित रखा जा सकता है।

    इस तेल का उपयोग सप्ताह में एक या दो बार किया जा सकता है। हल्का गुनगुना करने के बाद इसे स्कैल्प और बालों की जड़ों में धीरे-धीरे मालिश करते हुए लगाया जाता है। तेल लगाने के बाद इसे कम से कम 30 मिनट से एक घंटे तक बालों में रहने देना चाहिए। कई लोग इसे रातभर लगाकर अगली सुबह हल्के शैम्पू से बाल धोना भी पसंद करते हैं।

    नारियल तेल को लंबे समय से बालों की देखभाल के लिए उपयोग किया जाता रहा है। यह बालों को नमी प्रदान करने, रूखापन कम करने और टूटने से बचाने में सहायक माना जाता है। वहीं, पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार बरगद की छाल में ऐसे प्राकृतिक गुण पाए जाते हैं जो स्कैल्प को स्वस्थ बनाए रखने और बालों की जड़ों को पोषण देने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इन दावों की पुष्टि के लिए व्यापक वैज्ञानिक शोध अभी सीमित हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि केवल किसी एक घरेलू उपाय पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, तनाव नियंत्रण और नियमित बालों की देखभाल भी स्वस्थ बालों के लिए जरूरी है। यदि बाल अत्यधिक झड़ रहे हों, स्कैल्प में संक्रमण, खुजली या अन्य गंभीर समस्या हो, तो घरेलू नुस्खों के बजाय त्वचा एवं बाल विशेषज्ञ से सलाह लेना अधिक उचित रहता है।

    इस मिश्रण का पहली बार उपयोग करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करना चाहिए, ताकि किसी संभावित एलर्जी या त्वचा की प्रतिक्रिया का पता चल सके। यदि तेल लगाने के बाद लालपन, जलन, खुजली या किसी प्रकार की असुविधा महसूस हो तो इसका उपयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए। स्कैल्प पर घाव, संक्रमण या किसी गंभीर त्वचा रोग की स्थिति में बिना चिकित्सकीय सलाह के ऐसे घरेलू उपाय अपनाने से बचना चाहिए।

    पारंपरिक घरेलू नुस्खे कई लोगों के लिए उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन इनके परिणाम व्यक्ति की त्वचा, बालों की प्रकृति और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए इन्हें संतुलित जीवनशैली और उचित हेयर केयर रूटीन के साथ अपनाना अधिक लाभकारी माना जाता है।

  • हूती संकट के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर फोकस, सऊदी दौरे पर NSA डोवल ने तेज की रणनीतिक कवायद

    हूती संकट के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर फोकस, सऊदी दौरे पर NSA डोवल ने तेज की रणनीतिक कवायद


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा को लेकर सक्रिय रणनीति अपनाई है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोवल ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन रहमान से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को मजबूत बनाने पर चर्चा की।

    ईरान से जुड़े तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट की आशंकाओं के बीच भारत के लिए कच्चे तेल की निर्बाध आपूर्ति अहम मुद्दा बन गई है। इसी कारण डोवल की सऊदी यात्रा में ऊर्जा सुरक्षा प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रही।

    सऊदी से बढ़ी भारत की तेल निर्भरता
    वर्तमान में भारत के कुल कच्चे तेल आयात का करीब 17 प्रतिशत हिस्सा सऊदी अरब से आता है। होर्मुज मार्ग प्रभावित होने के बाद सऊदी अरब ने बाब-अल-मंदेब मार्ग के जरिए भारत को तेल भेजना जारी रखा। हालांकि अब यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा इस समुद्री मार्ग को भी बाधित करने की चेतावनी दिए जाने से नई चुनौती सामने आ गई है। इसी संभावित संकट से निपटने के लिए भारत कूटनीतिक और रणनीतिक स्तर पर सक्रिय हो गया है।

    क्या है ‘डोवल डॉक्ट्रिन’?
    राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े जटिल मामलों में अजित डोवल की कार्यशैली को अक्सर ‘डोवल डॉक्ट्रिन’ के रूप में देखा जाता है। डोवल कई बार कह चुके हैं कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में केवल निर्णय लेना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उन फैसलों को सही साबित करना अधिक महत्वपूर्ण होता है। इसी सोच के तहत भारत पश्चिम एशिया में अपने रणनीतिक संबंधों को लगातार मजबूत कर रहा है।

    ऑपरेशन राहत बना था मिसाल
    साल 2015 में यमन गृहयुद्ध के दौरान भारत ने ‘ऑपरेशन राहत’ चलाकर लगभग 4,741 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला था। इसके साथ ही करीब 2 हजार विदेशी नागरिकों को भी वहां से बाहर निकालने में मदद की गई थी। उस समय हूती गुट से भारत के औपचारिक संबंध नहीं थे, लेकिन अजित डोवल के नेतृत्व में भारतीय खुफिया एजेंसियों ने बैक-चैनल संवाद स्थापित किया। खुफिया तंत्र ने भारतीय नागरिकों के ठिकानों और सुरक्षित निकासी मार्गों की जानकारी जुटाई, जबकि नौसेना और वायुसेना ने अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

    हूती गुट से संवाद की रणनीति
    ऑपरेशन राहत के बाद भी भारत ने हूती गुट को आधिकारिक मान्यता नहीं दी, लेकिन यमन को भेजी जाने वाली मानवीय सहायता जारी रखी। खाद्य सामग्री और दवाओं के रूप में भेजी जाने वाली राहत का एक हिस्सा हूती प्रभाव वाले क्षेत्रों तक भी पहुंचता रहा है। माना जाता है कि यही मानवीय पहल भविष्य में संवाद की संभावनाओं को बनाए रखने में सहायक हो सकती है।

    भारतीय नौसेना भी सतर्क
    भारत की नौसेना के 2 से 4 युद्धपोत लगातार यमन के आसपास के समुद्री क्षेत्र में गश्त करते रहते हैं। ऐसे में यदि समुद्री मार्गों पर कोई खतरा पैदा होता है, तो भारत तेल आपूर्ति की सुरक्षा के लिए नौसैनिक सहयोग भी बढ़ा सकता है।

    रक्षा सहयोग भी बढ़ सकता है
    ऊर्जा सहयोग के साथ-साथ भारत और सऊदी अरब रक्षा क्षेत्र में भी साझेदारी मजबूत करने पर विचार कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी अरब उन छह देशों में शामिल है जिन्होंने भारत की ‘अस्त्र’ मिसाइल में रुचि दिखाई है। भारतीय वायुसेना के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अस्त्र मिसाइल का सफल इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद इंडोनेशिया ने भी इस स्वदेशी मिसाइल की खरीद का समझौता किया है और अब सऊदी अरब भी इसमें दिलचस्पी दिखा रहा है।

    चाणक्य नीति से जोड़कर देखा जा रहा सहयोग
    विशेषज्ञ इस रणनीतिक सहयोग की तुलना आचार्य चाणक्य की ‘समाश्रय नीति’ से भी करते हैं। इस नीति के अनुसार मित्र देशों के साथ केवल कूटनीतिक और आर्थिक ही नहीं, बल्कि सैन्य सहयोग भी विकसित किया जाना चाहिए, ताकि दोनों देशों के हित सुरक्षित रह सकें।

    डोवल को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान
    राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए अजित डोवल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। 1 अगस्त को पुणे में आयोजित समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उन्हें यह सम्मान प्रदान करेंगे।

    1983 में शुरू हुए इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से देश और समाज के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित किया जाता है। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और समाजवादी चिंतक एस. एम. जोशी जैसी हस्तियों को भी यह सम्मान मिल चुका है।

  • NEET मुद्दे पर देशभर में तेज हुआ आंदोलन, शहर-शहर सड़कों पर उतरी कांग्रेस, जंतर-मंतर पर CJP का धरना जारी

    NEET मुद्दे पर देशभर में तेज हुआ आंदोलन, शहर-शहर सड़कों पर उतरी कांग्रेस, जंतर-मंतर पर CJP का धरना जारी


    नई दिल्ली। शिक्षा व्यवस्था और NEET परीक्षा से जुड़े कथित घोटाले को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब राष्ट्रीय स्तर पर फैलता नजर आ रहा है। जंतर-मंतर से शुरू हुए आंदोलन में अब छात्रों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों के साथ कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल भी शामिल हो गए हैं। संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और राहुल गांधी की हिरासत के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है।

    जंतर-मंतर से शुरू होकर कई राज्यों तक पहुंचा आंदोलन
    दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ प्रदर्शन अब कई राज्यों में फैल चुका है। प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इस दौरान कई स्थानों पर धक्का-मुक्की और लाठीचार्ज की स्थिति बनी तथा कई लोगों को हिरासत में लिया गया। सोशल मीडिया पर घायल छात्रों के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद इस मुद्दे पर देशभर में चर्चा तेज हो गई।

    राहुल गांधी की हिरासत के बाद बढ़ा सियासी तापमान
    मंगलवार शाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी को प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया। इसके बाद कांग्रेस ने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। वहीं, सरकार का कहना है कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है।

    संसद में भी गूंजा मामला
    संसद के मानसून सत्र में भी NEET और शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा प्रमुखता से उठा। विपक्ष ने परीक्षा प्रणाली और प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा। जवाब में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्रों का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है और प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना नियमों के विरुद्ध है।

    बारिश के बीच भी जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारी
    बुधवार सुबह दिल्ली में बारिश के बावजूद जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की संख्या पहले से अधिक दिखाई दी। आयोजकों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

    अहमदाबाद सहित कई शहरों में प्रदर्शन
    दिल्ली के अलावा अहमदाबाद में करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। वहीं हैदराबाद, मुंबई, प्रयागराज सहित कई शहरों में भी प्रदर्शन आयोजित किए गए, जिनमें विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया।

    प्रीति जिंटा ने दी प्रतिक्रिया
    बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने कहा कि छात्रों का समर्थन करना और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उचित है, लेकिन यह भी जरूरी है कि शांतिपूर्ण आंदोलन का दुरुपयोग देशविरोधी तत्व न कर सकें। उन्होंने सोशल मीडिया पर बढ़ती नफरत और विभाजनकारी माहौल पर भी चिंता जताई।

    राज्यसभा में चर्चा की मांग
    आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सदन का कामकाज स्थगित कर NEET-UG पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली की कथित विफलता, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई और सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर चर्चा कराने की मांग की है।

    आंदोलन जारी रखने का ऐलान
    जंतर-मंतर पर धरना दे रहे आयोजकों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं कांग्रेस ने भी राहुल गांधी की हिरासत के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज करने के संकेत दिए हैं।

  • अगले 6 महीने इन 3 राशियों पर रहेगा शनि का प्रभाव, साढ़ेसाती के दौरान बरतनी होगी विशेष सावधानी

    अगले 6 महीने इन 3 राशियों पर रहेगा शनि का प्रभाव, साढ़ेसाती के दौरान बरतनी होगी विशेष सावधानी


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में शनि देव को कर्मों का फल देने वाला और न्याय का देवता माना गया है। शनि की चाल सबसे धीमी होने के कारण उनका प्रभाव भी लंबे समय तक बना रहता है। जब शनि किसी राशि के बारहवें, प्रथम और दूसरे भाव से गोचर करते हैं, तो इस अवधि को शनि की साढ़ेसाती कहा जाता है। इसे व्यक्ति के धैर्य, अनुशासन और कर्मों की परीक्षा का समय माना जाता है।

    ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आने वाले महीनों में मेष, कुंभ और मीन राशि के जातकों को धन, स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। आइए जानते हैं इन तीनों राशियों पर साढ़ेसाती का क्या प्रभाव रहेगा और कब इससे राहत मिलेगी।

    मेष राशि
    मेष राशि के जातकों पर साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। इस दौरान आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लेने की जरूरत होगी। अनावश्यक खर्च बजट बिगाड़ सकते हैं और कुछ लोगों पर कर्ज का दबाव भी बढ़ सकता है। स्वास्थ्य के लिहाज से मानसिक तनाव, सिरदर्द, आंखों की परेशानी और अनिद्रा जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। इसलिए सेहत को लेकर लापरवाही न बरतें। पंचांग के अनुसार, मेष राशि के जातकों को 31 मई 2032 को साढ़ेसाती से पूरी तरह मुक्ति मिलेगी।

    कुंभ राशि
    कुंभ राशि वालों पर इस समय साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। पंचांग के अनुसार, 3 जून 2027 को शनि के पूर्ण राशि परिवर्तन के साथ यह प्रभाव समाप्त हो जाएगा। इस अवधि में आर्थिक लेन-देन में सावधानी रखने की जरूरत है। रुका हुआ धन मिलने में देरी हो सकती है या उधार दिया गया पैसा समय पर वापस न मिले। पारिवारिक और कार्यस्थल पर गलतफहमियां भी बढ़ सकती हैं। ऐसे में वाणी और क्रोध पर नियंत्रण रखना लाभकारी माना गया है।

    मीन राशि
    मीन राशि के जातकों पर इस समय साढ़ेसाती का दूसरा और सबसे प्रभावशाली चरण चल रहा है। इस दौरान करियर और स्वास्थ्य दोनों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। व्यापार में साझेदारों के साथ मतभेद हो सकते हैं, जबकि नौकरीपेशा लोगों की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से सीने से जुड़ी समस्याएं या मौसमी बीमारियां परेशान कर सकती हैं। साथ ही सामाजिक और पेशेवर जीवन में अपनी छवि एवं व्यवहार को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। द्रिक पंचांग के अनुसार, मीन राशि के जातकों को 8 अगस्त 2029 को साढ़ेसाती से पूरी तरह राहत मिलेगी।

    साढ़ेसाती के दौरान क्या करें?
    ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, शनि का प्रभाव हमेशा प्रतिकूल नहीं होता। यह समय व्यक्ति को अनुशासन, परिश्रम और जिम्मेदारी का महत्व सिखाता है। नियमित पूजा-पाठ, जरूरतमंदों की सहायता, संयमित जीवनशैली, खर्चों पर नियंत्रण और धैर्य बनाए रखने से साढ़ेसाती के संभावित दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

  • एमपी में आज 15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी, अगले चार दिन तेज बारिश के आसार

    एमपी में आज 15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी, अगले चार दिन तेज बारिश के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले 36 घंटों से प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र के अनुसार, आगामी चार दिनों तक प्रदेश में तेज बारिश का दौर बना रहेगा। बुधवार को उज्जैन, धार, गुना समेत 15 जिलों के लिए भारी और अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी भोपाल में भी रात से लगातार रिमझिम बारिश हो रही है।

    चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट
    मौसम विभाग ने शिवपुरी, गुना, सागर और डिंडौरी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है। वहीं श्योपुर, अशोकनगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, धार और बड़वानी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

    इन जिलों में भी बारिश का दौर रहेगा जारी
    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    बारिश बढ़ने से सुधरे आंकड़े
    लगातार हुई बारिश का असर प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर भी दिखाई दिया है। एक ही दिन की बारिश से प्रदेश का कुल वर्षा घाटा 3 प्रतिशत कम हो गया है। सोमवार तक जहां मध्य प्रदेश में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, वहीं मंगलवार को यह घटकर 14 प्रतिशत रह गई।

    मौसम विभाग के अनुसार, अब तक प्रदेश में 286.8 मिमी (11.3 इंच) वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस अवधि तक 335.3 मिमी (13.2 इंच) बारिश होनी चाहिए थी। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 11 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।

    41 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश
    प्रदेश के 41 जिलों में अब भी औसत से कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में निवाड़ी को छोड़कर लगभग सभी जिलों में वर्षा सामान्य से कम रही है। वहीं 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम विशेषज्ञ ने क्या कहा
    मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में मानसून फिलहाल सक्रिय अवस्था में है। यदि बंगाल की खाड़ी से नमी की आपूर्ति और मौजूदा मौसमीय तंत्र बने रहते हैं, तो प्रदेश के मध्य हिस्सों में आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश जारी रह सकती है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति जल संसाधनों और कृषि के लिए लाभदायक होगी, हालांकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव और यातायात संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं।

  • बुधवार को करें श्रीगणेश की विशेष आराधना, हर बाधा होगी दूर, घर में आएगी सुख, शांति और समृद्धि

    बुधवार को करें श्रीगणेश की विशेष आराधना, हर बाधा होगी दूर, घर में आएगी सुख, शांति और समृद्धि


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में बुधवार का दिन प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश को समर्पित माना जाता है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और बुद्धि के देवता कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो श्रद्धालु बुधवार के दिन पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करता है उसके जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और उसे सुख समृद्धि धन वैभव तथा सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले भगवान गणेश का स्मरण करने की परंपरा भी इसी कारण से चली आ रही है क्योंकि उनकी कृपा के बिना कोई भी कार्य पूर्ण नहीं माना जाता।

    बुधवार की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ हरे या हल्के रंग के वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थान की साफ-सफाई कर भगवान गणेश की प्रतिमा या चित्र को स्थापित करें। पूजा में दूर्वा घास लाल पुष्प सिंदूर चंदन धूप दीप अक्षत और मोदक या बेसन के लड्डू अवश्य अर्पित करें क्योंकि यह भगवान गणेश को अत्यंत प्रिय माने जाते हैं। इसके बाद शुद्ध घी का दीपक जलाकर भगवान गणेश का ध्यान करें और उनके मंत्रों का जाप करें।

    पूजा के दौरान गणपति अथर्वशीर्ष गणेश चालीसा अथवा ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि समय कम हो तो श्रद्धा पूर्वक भगवान गणेश का नाम स्मरण और आरती करना भी लाभकारी माना जाता है। पूजा के बाद परिवार के सभी सदस्यों में प्रसाद वितरित करें और जरूरतमंद लोगों को भोजन या हरे रंग की वस्तुओं का दान करें। इससे पुण्य फल की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुधवार का संबंध बुध ग्रह से भी माना जाता है। जिन लोगों की कुंडली में बुध ग्रह कमजोर होता है उन्हें इस दिन भगवान गणेश की पूजा के साथ हरे मूंग हरी सब्जियां या हरे वस्त्र का दान करना चाहिए। इससे बुध ग्रह मजबूत होता है और शिक्षा व्यापार नौकरी तथा वाणी से जुड़े क्षेत्रों में सफलता मिलने लगती है। विद्यार्थियों के लिए भी बुधवार का दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि भगवान गणेश की कृपा से स्मरण शक्ति और एकाग्रता बढ़ती है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुधवार के दिन किसी भी प्रकार के झूठ छल कपट और क्रोध से दूर रहना चाहिए। इस दिन विवाद करने से बचना चाहिए और जितना संभव हो मधुर वाणी का प्रयोग करना चाहिए। भगवान गणेश विनम्रता और सद्भाव से प्रसन्न होते हैं इसलिए मन में सकारात्मक विचार रखते हुए उनकी आराधना करना सबसे अधिक फलदायी माना गया है।

    यदि लंबे समय से कोई कार्य अटका हुआ है आर्थिक परेशानियां बनी हुई हैं या करियर और व्यापार में लगातार बाधाएं आ रही हैं तो बुधवार के दिन भगवान गणेश के मंदिर जाकर दूर्वा और मोदक अर्पित करें। इसके साथ गरीबों की सहायता करें और गौ सेवा का संकल्प लें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से विघ्न दूर होते हैं और सफलता के नए मार्ग खुलते हैं।

    बुधवार की नियमित पूजा न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है बल्कि व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास सकारात्मक सोच और उन्नति के नए अवसर भी लेकर आती है। भगवान श्रीगणेश की कृपा से परिवार में सुख शांति बनी रहती है और हर शुभ कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण होता है।

  • Aaj Ka Rashifal 22 July 2026: कुंभ-मीन को अचानक धन लाभ, सिंह-कन्या के करियर में सफलता के नए अवसर

    Aaj Ka Rashifal 22 July 2026: कुंभ-मीन को अचानक धन लाभ, सिंह-कन्या के करियर में सफलता के नए अवसर


    नई दिल्ली । 22 जुलाई 2026, बुधवार का दिन कई राशियों के लिए आर्थिक लाभ, करियर में प्रगति और पारिवारिक खुशियां लेकर आया है। जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल।

    आज का राशिफल – 22 जुलाई 2026

    मेष (Aries)
    आज नई शुरुआत के लिए दिन शुभ है। साझेदारी में शुरू किया गया काम लाभ देगा। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी और परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा।

    वृषभ (Taurus)
    करियर में उन्नति के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापारियों के लिए विदेश से जुड़े अवसर बनेंगे। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा और नई खरीदारी संभव है।

    मिथुन (Gemini)
    आज आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। नौकरी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए समय अनुकूल रहेगा। अनुभवी लोगों की सलाह लाभदायक होगी।

    कर्क (Cancer)
    परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। नौकरी में पदोन्नति और आय बढ़ने के योग हैं। संतान से शुभ समाचार मिल सकता है। रिश्तों में मिठास बनी रहेगी।

    सिंह (Leo)
    करियर में नई उपलब्धियां हासिल होंगी। नौकरी और व्यवसाय दोनों में सफलता मिलेगी। इंजीनियरिंग, कला और व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर प्राप्त होंगे। पुराने मित्र से मुलाकात संभव है।

    कन्या (Virgo)
    आज बड़ी व्यावसायिक डील मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार और ससुराल पक्ष से सहयोग मिलेगा। अधिक काम के कारण थकान महसूस हो सकती है।

    तुला (Libra)
    मेहनत का पूरा फल मिलेगा। ऑफिस में वरिष्ठ अधिकारी आपके काम की सराहना करेंगे। व्यापार में लाभ होगा। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा।

    वृश्चिक (Scorpio)
    दिन मिला-जुला रहेगा। वकीलों और कानूनी क्षेत्र से जुड़े लोगों को सफलता मिल सकती है। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और बाहर का भोजन करने से बचें। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें।

    धनु (Sagittarius)
    आज अधिकांश कार्य सफल होंगे। कार्यस्थल पर सम्मान मिल सकता है। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और पारिवारिक माहौल सुखद रहेगा।

    मकर (Capricorn)
    बड़े फैसले सोच-समझकर लें। संपत्ति और निवेश से जुड़े मामलों में जल्दबाजी न करें। कारोबार में विशेषज्ञ की सलाह लाभ देगी। खानपान का विशेष ध्यान रखें।

    कुंभ (Aquarius)
    आज अचानक धन लाभ के प्रबल योग हैं। व्यापार में बड़ा फायदा मिल सकता है। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। निवेश करते समय सावधानी बरतें और वाणी पर संयम रखें।

    मीन (Pisces)
    व्यापार में सफलता और आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताएंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा और पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है।

  • डीजीपी ने भारतीय पुलिस सेवा में नियुक्त अधिकारियों को लगाई रैंक

    डीजीपी ने भारतीय पुलिस सेवा में नियुक्त अधिकारियों को लगाई रैंक


    भोपाल
    । भारत सरकार, गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार भारतीय पुलिस सेवा (चयन सूची-2025) के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य पुलिस सेवा के सात अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (मध्यप्रदेश कैडर) में नियुक्त किया गया है। इसी क्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय, भोपाल में अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा की रैंक लगाई।

    इस दौरान डीजीपी  कैलाश मकवाणा ने सभी अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि आपकी समर्पित एवं निष्ठापूर्ण सेवा का प्रतिफल है। प्रदेश में कानून एवं शांति व्यवस्था बरकरार रखने में आपने उत्कृष्ट कार्य किया है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि भविष्य में भी आप प्रदेश की प्रगति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय देंगे। आप अपनी कार्यप्रणाली एवं व्यवहार को ऐसा रखें कि वह अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बने।

    उन्होंने कहा कि समय पर योग्य अधिकारियों को अवसर प्रदान किया जाना सदैव सरकार की प्राथमिकता रही है, जिसका परिपालन करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा में नियुक्त किया गया है।

    डीजीपी  मकवाणा ने पुलिस मुख्यालय में  निमिषा पाण्डेय,  मलय जैन,  अमित सक्सेना, मनीषा पाठक सोनी, श्रीमती सुमन गुर्जर,  सब्यसाची सराफ तथा समर वर्मा को भारतीय पुलिस सेवा की रैंक लगाई।

    उल्लेखनीय है कि भारत सरकार, गृह मंत्रालय द्वारा दिनांक 17 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार भारतीय पुलिस सेवा (चयन सूची-2025) के इन अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा में परिवीक्षा पर नियुक्त करते हुए मध्यप्रदेश कैडर आवंटित किया गया है। भारतीय पुलिस सेवा (परिवीक्षा) नियम, 1954 के प्रावधानों के अनुसार सभी अधिकारी एक वर्ष की परिवीक्षा अवधि पूर्ण करेंगे तथा निर्धारित इंडक्शन प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।