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  • MP सरकार का किसानों के हित में बड़ा फैसला… गेहूं खरीदी के लिए स्लॉट बुकिंग की डेडलाइन बढ़ाई

    MP सरकार का किसानों के हित में बड़ा फैसला… गेहूं खरीदी के लिए स्लॉट बुकिंग की डेडलाइन बढ़ाई


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने किसानों के हित में गेहूं खरीद (Purchasing wheat) के लिए स्लॉट बुकिंग (Slot Booking) की समय-सीमा बढ़ाकर 23 मई 2026 कर दी है ताकि कोई भी किसान एमएसपी के लाभ से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने सोमवार को यह घोषणा की। पहले इसकी अंतिम तिथि नौ मई थी। एक अधिकारी ने बताया कि यह फैसला इस उद्देश्य से लिया गया है कि समर्थन मूल्य योजना से कोई भी किसान वंचित न रह जाए।

    चना और मसूर की खरीद की डेडलाइन
    अधिकारी के अनुसार, दो मई तक राज्य में किसानों से 34.73 टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। साल 2026 के लिए मूल्य समर्थन योजना के तहत लगभग 600 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। चना और मसूर की खरीद की डेडलाइन 30 मार्च से 28 मई तक निर्धारित की गई है।

    सरकार ने चना के लिए 6.49 लाख टन और मसूर के लिए 6.01 लाख टन खरीद का लक्ष्य तय किया है, जबकि अरहर की 1.31 लाख टन खरीद का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीदी गई उपज का भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया जा रहा है।

    अधिकारी ने बताया कि किसानों की उपज की सुरक्षा के लिए खाद्यान्न भंडारण योजना के तहत लगभग 3.55 लाख टन क्षमता का भंडारण तैयार किया गया है। सामग्री भंडारण योजना के अंतर्गत 1.5 लाख टन क्षमता के आधुनिक गोदाम बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 1.1 लाख टन क्षमता वाले गोदामों का पंजीकरण पूरा हो चुका है।


    भूमि और फसल का होगा पूरा डिजिटल रिकॉर्ड

    सीएम मोहन यादव ने बताया कि ‘ई-विकास’ और ‘ई-किसान’ प्रणाली के जरिए किसानों को योजनाओं, बाजार भाव, मौसम और तकनीकी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराई जा रही है। एक अप्रैल से राज्य के सभी जिलों में लागू ई-किसान प्रणाली के तहत हर किसान को एक विशिष्ट आईडी दी जा रही है, जिसमें उसकी भूमि और फसल का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड होगा।


    हर खेत का किया जा रहा भू-टैगिंग

    किसान रजिस्ट्री के माध्यम से प्रत्येक खेत का भू-टैगिंग किया जा रहा है, जिससे फसल बीमा, नुकसान का आकलन और ड्रोन से छिड़काव में सुविधा होगी।


    1,000 से अधिक कृषि ड्रोन आपरेटरों को ट्रेनिंग

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में मध्य प्रदेश देश और दुनिया में अग्रणी है, जहां 53 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खेती हो रही है और 6,000 से अधिक संकुल बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि आधुनिक कृषि प्रणाली के तहत 1,000 से अधिक कृषि ड्रोन ऑपरेटरों को जैविक कीटनाशकों के छिड़काव के लिए प्रशिक्षित किया गया है।

  • बड़ा फैसला…. छह साल बाद सुप्रीम कोर्ट में बढ़ेगी जजों की संख्या…. कैबिनेट ने दी मंजूरी

    बड़ा फैसला…. छह साल बाद सुप्रीम कोर्ट में बढ़ेगी जजों की संख्या…. कैबिनेट ने दी मंजूरी


    नई दिल्ली।
    केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में जजों की संख्या को लेकर मंगलवार को अहम फैसला लिया। कैबिनेट ने SC में न्यायाधीशों की कुल संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने की मंजूरी दे दी। यह फैसला छह साल बाद लिया गया है, जब 2019 में इसे 31 से बढ़ाकर 33 किया गया था। सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद सुप्रीम कोर्ट को और मजबूत करना व न्याय प्रक्रिया को तेज (Justice Process Speeding up) करना है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में 92 हजार से ज्यादा मामले लंबित हैं।

    केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) ने बताया कि फिलहाल अदालत में 33 न्यायाधीश और एक मुख्य न्यायाधीश हैं। संसद के आगामी सत्र में इस संबंध में एक विधेयक पेश किया जाएगा। विधेयक के पारित होने के बाद मुख्य न्यायाधीश सहित सुप्रीम कोर्ट के जजों की कुल संख्या 38 हो जाएगी। यह फैसला न्यायालय में लंबित मामलों के बोझ को कम करने और न्याय प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से लिया गया है।


    SC में कुछ इस तरह बढ़ती गई जजों की संख्या

    सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम 1956 में मूल रूप से मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर 10 न्यायाधीशों का प्रावधान था। 1960 में इसे 13 और बाद में 17 किया गया। 1986 के संशोधन से संख्या 25 हो गई और 2009 में इसे 30 कर दिया गया। फिलहाल ताजा प्रस्ताव के बाद न्यायपालिका को मजबूत करने की दिशा में एक अहम उठाया गया है, जो देश के न्यायिक ढांचे को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक साबित होगा।

    भारत के संविधान में सुप्रीम कोर्ट की कुल संख्या तय नहीं है। अनुच्छेद 124(1) के तहत चीफ जस्टिस के अलावा अन्य जजों की संख्या संसद तय करती है। समय-समय पर बढ़ती मुकदमों की संख्या को देखते हुए इसमें बदलाव किया जाता है। इस बढ़ोतरी का मकसद लंबित मामलों के बोझ को कम करना है। हालांकि, कई विशेषज्ञ मानते हैं कि सिर्फ जजों की संख्या बढ़ाने से ही न्याय में देरी पूरी तरह दूर नहीं हो सकती।

  • रद्द हो सकती है सोनम रघुवंशी की जमानत…. मेघालय सरकार ने HC में दी चुनौती

    रद्द हो सकती है सोनम रघुवंशी की जमानत…. मेघालय सरकार ने HC में दी चुनौती


    इंदौर।
    राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) की हत्या की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी (Main accused Sonam Raghuvanshi) की जमानत अब कानूनी मुश्किलों में फंसती नजर आ रही है। मेघालय सरकार (Government of Meghalaya) ने इस जमानत को हाई कोर्ट (High Court) में चुनौती देते हुए इसे रद्द करने की मांग की है। राज्य सरकार का तर्क है कि मामला अत्यंत गंभीर है और सेशंस कोर्ट का फैसला न्याय प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। इससे पहले, निचली अदालत ने गिरफ्तारी प्रक्रिया में तकनीकी खामियों और दस्तावेजों में स्पष्टता की कमी के आधार पर सोनम रघुवंशी को जमानत दी थी। अब मेघालय हाईकोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सोनम रघुवंशी को नोटिस जारी किया है।


    सरकार बोली- सख्त रुख अपनाए कोर्ट

    मेघालय सरकार ने अपनी अर्जी में कहा है कि ईस्ट खासी हिल्स की सेशंस कोर्ट ने जो जमानत दी है। वह जुर्म की प्रकृति के हिसाब से सही नहीं है। इससे इंसाफ मिलने में दिक्कत आ सकती है। मेघालय सरकार का मानना है कि आरोप बहुत ही संगीन हैं और ऐसे मामलों में अदालत को सख्त रुख अपनाना चाहिए।

    गिरफ्तारी की प्रक्रिया में कुछ गलतियां
    27 अप्रैल को शिलॉन्ग में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ज्यूडिशियल) ने सोनम रघुवंशी को जमानत दे दी क्योंकि उनकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया में कुछ गलतियां थीं। लगभग एक साल बाद मिली इस जमानत के दौरान अदालत ने यह पाया कि गिरफ्तारी से जुड़े कागजों में जरूरी नियमों का पालन नहीं किया गया था।


    नहीं भरे गए थे चेक बॉक्स

    दस्तावेजों में चेकबॉक्स तक नहीं भरे गए थे और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के बारे में भी साफ तौर पर कुछ नहीं लिखा गया था। अदालत ने यह भी कहा था कि आरोपी को यह स्पष्ट रूप से अवगत नहीं कराया गया कि उसे किस गंभीर धारा में गिरफ्तार किया जा रहा है।


    सोनम रघुवंशी को नोटिस

    इसके अलावा, प्रारंभिक पेशी के दौरान विधिक सहायता की उपलब्धता को लेकर भी रिकॉर्ड में स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। मेघालय हाई कोर्ट ने मंगलवार को इस मामले में सोनम रघुवंशी को नोटिस जारी किया है। राज्य सरकार की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के लिए अगली तारीख निर्धारित की गई है।

    तकनीकी आधार पर दी गई बेल को बरकरार रखना उचित नहीं
    मेघालय सरकार का पक्ष है कि आरोपी को गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी थी और संबंधित दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत किए जा चुके हैं। ऐसे में केवल तकनीकी आधार पर दी गई जमानत को बरकरार रखना उचित नहीं होगा।

  • बाजार में बिकने वाला सिंथेटिक पनीर की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में केन्द्र सरकार

    बाजार में बिकने वाला सिंथेटिक पनीर की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में केन्द्र सरकार


    नई दिल्ली।
    सरकार (Government) बाजार (Market) में बिकने वाले सिंथेटिक पनीर (Synthetic Cheese) पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (Food Safety and Standards Authority of India- FSSAI) ने फैसला लिया है कि कम पोषण वाले और सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले दिखावटी पनीर को बाजार से पूरी तरह बाहर किया जाएगा। मामले से जुड़े दो अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

    इस मामले में बनी एक हाई लेवल कमेटी ने अक्टूबर 2025 में इस प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया था, जिसे मार्च 2026 की बैठक में आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। समिति का कहना था कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा डेयरी उत्पादक देश है, लेकिन इसके बावजूद बाजार में बड़ी मात्रा में सस्ता सिंथेटिक पनीर बेचा जा रहा है। यह असली पनीर जैसा दिखता और स्वाद में मिलता-जुलता होता है, जिससे आम ग्राहक के लिए पहचान करना मुश्किल हो जाता है और वह भ्रमित होता है।


    1,000 कंपनियों के पास सिंथेटिक पनीर बनाने के लाइसेंस

    इसी वजह से इसे बाजार से चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना बनाई जा रही है। वर्तमान में सिंथेटिक पनीर की बिक्री पर पूरी तरह रोक नहीं है। देश में करीब 1,000 ऐसी कंपनियां या कारोबारी हैं, जिनके पास इसे बनाने का लाइसेंस है। नई नीति के तहत अब नए लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे और मौजूदा कंपनियों को अपना स्टॉक खत्म करने और उत्पादन बंद करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा।


    इसलिए पड़ी जरूरत

    बीते कुछ समय से बाजार में ‘सिंथेटिक पनीर’ का चलन तेजी से बढ़ा है। यह एक सस्ता विकल्प है, जिसे ताजे दूध की बजाय मुख्यतः पाम ऑयल, मिल्क पाउडर, स्टार्च और इमल्सीफायर्स से बनाया जाता है। यह दिखने और बनावट में असली पनीर जैसा होता है, लेकिन इसकी गुणवत्ता और पोषण मूल्य दूध से बने पनीर की तुलना में काफी कम होता है। यह सिंथेटिक पनीर सस्ता होने के कारण कई रेस्तरां में उपयोग किया जाता है, जिससे उपभोक्ताओं को भ्रम होता है।

    लगातार बढ़ रहा बाजार: उत्तर भारत में खासतौर पर पनीर प्रोटीन का प्रमुख स्रोत माना जाता है। यही कारण है कि भारत का पनीर बाजार 10.8 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। मार्केट रिसर्च कंपनी आईएमएआरसी के अनुसार, वर्ष 2033 तक भारतीय पनीर बाजार के 22.1 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जिसकी वार्षिक वृद्धि दर 8.7% रहने की संभावना है।

    कीमत में भारी अंतर: अधिकारियों के अनुसार, असली ब्रांडेड पनीर की कीमत करीब 450 रुपये प्रति किलो तक होती है, जबकि खुले में बिकने वाला सिंथेटिक या बिना ब्रांड वाला पनीर 250 से 300 रुपये प्रति किलो तक बिकता है।


    स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ा

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सिंथेटिक पनीर में प्रोटीन की मात्रा बहुत कम और फैट बहुत ज्यादा होता है। इसके नियमित सेवन से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध पैदा हो सकता है, जो टाइप-2 डायबिटीज का कारण बन सकता है।

  • होर्मुज में फंसे जहाज निकालने के लिए US का बड़ा कदम….प्रोजेक्ट फ्रीडम पर लगाया अस्थायी ब्रेक

    होर्मुज में फंसे जहाज निकालने के लिए US का बड़ा कदम….प्रोजेक्ट फ्रीडम पर लगाया अस्थायी ब्रेक


    वाशिंगटन।
    अमेरिका और ईरान (America and Iran) के बीच जंग के बाद अब एक नया मोड़ आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में फंसे जहाजों को निकालने के लिए चलाए गए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ (‘Project Freedom’) को थोड़े समय के लिए रोक दिया है. साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत आगे बढ़ रही है और एक पक्का समझौता होने के करीब है. लेकिन नाकेबंदी जारी रहेगी. हालांकि, राष्ट्रपति के इस ऐलान के बाद तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।

    इन सब के बीच सबसे बड़ी बात है कि अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को खत्म करने का ऐलान किया है. अमेरिका के विदेश मंत्री मार्क रूबियो ने ये ऐलान किया है. उन्होंने साफ किया कि अब अमेरिका किसी नई लड़ाई की स्थिति नहीं चाहता और शांति का रास्ता अपनाना चाहता है।

    राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि पाकिस्तान और दूसरे देशों की मांग पर और अमेरिका की ‘जबरदस्त सैन्य सफलता’ के बाद दोनों पक्षों ने मिलकर यह ऑपरेशन थोड़े समय के लिए रोकने का फैसला किया।

    राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत एक ‘पूरे और आखिरी समझौते’ की तरफ बढ़ रही है और बहुत अच्छी प्रगति हुई है. यह रोकना दरअसल यह देखने के लिए किया गया है कि क्या यह समझौता आखिरकार हो सकता है.


    लेकिन नाकेबंदी जारी रहेगी

    यहां एक बहुत जरूरी बात है. राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कहा कि भले ही प्रोजेक्ट फ्रीडम रुक गया हो लेकिन होर्मुज की खाड़ी पर अमेरिका की नाकेबंदी पूरी तरह जारी रहेगी. यानी जहाजों को निकालने का काम रुका है लेकिन ईरान पर दबाव कम नहीं हुआ.


    डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी क्या दी?

    एक पत्रकार ने राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा कि ईरान को संघर्ष विराम यानी युद्ध रोकने के समझौते का उल्लंघन करने के लिए क्या करना होगा. राष्ट्रपति ट्रंप ने जवाब दिया कि तुम्हें पता चल जाएगा. उन्होंने कहा कि ईरान जानता है कि उसे क्या नहीं करना है. इसके बाद ट्रंप ने एक बड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि ईरान ने छोटी-छोटी नावों से छोटे-छोटे हथियारों से हमला किया था. और फिर उन्होंने कहा कि अब ईरान के पास कोई नाव ही नहीं बची. यानी राष्ट्रपति ट्रंप का सीधा इशारा था कि अमेरिका ने ईरान की नौसेना को इतना नुकसान पहुंचाया है कि उनके पास लड़ने के लिए कुछ बचा ही नहीं.


    ईरान के आम लोगों के बारे में डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?

    राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के लोग विरोध प्रदर्शन करना चाहते हैं लेकिन उनके पास बंदूकें नहीं हैं. फिर उन्होंने कहा कि अगर 2 लाख लोग प्रदर्शन कर रहे हों और 5 या 6 बीमार सोच वाले लोग बंदूक लेकर आ जाएं और उन्हें आंखों के बीच गोली मारने लगें तो बहुत कम लोग वहां खड़े रह पाएंगे.


    UN का ईरान को अल्टीमेटम

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र में एक अहम प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसमें ईरान को सख्त चेतावनी दी गई है। इस प्रस्ताव के मुताबिक, अगर ईरान जहाजों पर हमले नहीं रोकता, अवैध टोल वसूली बंद नहीं करता और समुद्र में लगाए गए माइंस की जानकारी साझा नहीं करता, तो उस पर प्रतिबंध या अन्य कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

  • Bihar: CM सम्राट चौधरी आज बिहारवासियों को दे सकते हैं बड़ी सौगात…. बुलाई कैबिनेट बैठक

    Bihar: CM सम्राट चौधरी आज बिहारवासियों को दे सकते हैं बड़ी सौगात…. बुलाई कैबिनेट बैठक


    पटना।
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Chief Minister Samrat Chaudhary) ने छह मई यानी आज शाम पांच बजे मुख्य सचिवालय में कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) बुलाई है। मंत्रिमंडल विस्तार से एक दिन पहले की यह बैठक खास होने वाली है। वह राज्यवासियों को बड़ी सौगात दे सकते हैं। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार को लेकर कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मुहर लगा सकते हैं। उनके साथ दोनों उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव, मुख्य सचिव और सभी विभागों के सचिव मौजूद रहेंगे।


    दूसरी कैबिनेट में क्या हुआ था?

    इससे पहले वाली कैबिनेट की बैठक 29 अप्रैल को हुई थी। इसमें सीएम सम्राट चौधरी ने 63 प्रस्तावों पर मुहर लगाई थी। इसमें उन्होंने पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर पटना जू करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई थी। गृह विभाग के आरक्षी शाखा की ओर से जानकारी दी गई कि सीएम सम्राट चौधरी ने भागलपुर, मुजफ्फरपुर, नालंदा एवं गयाजी में यातायात पुलिस के विभिन्न कोटियों में 485 पदों के सृजन एवं पूर्व से सृजित 1606 पदों को कर्णांकित करने की स्वीकृति प्रदान की थी। वही बिहार पुलिस अवर निरीक्षक एवं इसके समकक्ष सृजित 20937 पदों में से 50% पद प्रोन्नति के लिए चिन्हित करने की भी स्वीकृति प्रदान की गई थी।

  • West Bengal: ममता बनर्जी के आवास से हटाए बैरिकेड्स… अभिषेक के दफ्तर से भी हटाई सुरक्षा

    West Bengal: ममता बनर्जी के आवास से हटाए बैरिकेड्स… अभिषेक के दफ्तर से भी हटाई सुरक्षा


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal.) में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) (Trinamool Congress – TMC) की करारी हार और सत्ता से बेदखल होने के एक दिन बाद, दक्षिण कोलकाता (Kolkata) में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) के आवास के बाहर लगाए गए बैरिकेड्स मंगलवार को आंशिक रूप से हटा दिए गए. साथ ही उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) के ऑफिस से भी सुरक्षा हटा ली गई है. पुलिस का कहना है कि ये कदम आला अधिकारियों के निर्देश और सुरक्षा-व्यवस्था की नई समीक्षा के तहत उठाया गया है।

    जानकारी के अनुसार, ममता बनर्जी के 30बी हरिश चटर्जी स्ट्रीट स्थित आवास के आसपास सुबह से पुलिसकर्मी स्मार्ट बैरिकेड्स को हटाते नजर आए. हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन मौके पर मौजूद एक कोलकाता पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें सीनियर अधिकारियों के निर्देश पर ये कार्रवाई की है। अधिकारी ने कहा, ‘हमने सीनियर अधिकारियों के निर्देश पर काम किया है. कोई खास वजह नहीं बताई गई.’ आवास के पास पुलिस कियोस्क अभी-भी मौजूद है, लेकिन इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था आंशिक रूप से कम हो गई है.


    हाई सिक्योरिटी जोन में ढील

    ममता बनर्जी का निवास क्षेत्र अब तक एक उच्च-सुरक्षा क्षेत्र था, जहां वाहनों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रहती थी. स्थानीय निवासियों को भी अपने घरों तक पहुंचने के लिए पहचान पत्र दिखाना पड़ता था. बैरिकेड्स हटाने से अब इन प्रतिबंधों में काफी ढील मिल गई है. हालांकि, इलाके में एक पुलिस कियोस्क अभी भी मौजूद है, लेकिन सुरक्षाकर्मियों की भारी तैनाती अब काफी कम हो गई है।


    अभिषेक के ऑफिस से वापस ली सुरक्षा

    इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के कैमक स्ट्रीट स्थित ऑफिस से भी सुरक्षा हटा ली गई है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि परिसर से सुरक्षा बलों की वापसी हो चुकी है. ये कार्यालय पार्टी की महत्वपूर्ण गतिविधियों का केंद्र माना जाता रहा है, लेकिन सत्ता परिवर्तन के साथ ही यहां का सुरक्षा घेरा खत्म कर दिया गया है।


    नेताओं की सुरक्षा कवर की समीक्षा

    इसके अलावा कोलकाता पुलिस अब निवर्तमान टीएमसी सरकार के अन्य बड़े नेताओं की सुरक्षा की भी समीक्षा कर रही है. अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान आवश्यकताओं के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था का पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है. इस समीक्षा सूची में फिरहाद हकीम, अरूप विश्वास और सुजीत बोस जैसे कद्दावर नेताओं के नाम शामिल हैं. आने वाले दिनों में कई अन्य नेताओं की सुरक्षा में भी बदलाव किए जा सकते हैं.

    आपको बता दें कि हाल ही में संपन्न हुए बंगाल विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ टीएमसी को बीजेपी ने करारी शिकस्त देते हुए दो तिहाई से ज्यादा बहुमत हासिल किया है. बीजेपी ने 207 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि सत्तारूढ़ टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई है।

  • बंगाल में BJP की ऐतिहासिक जीत पर दुनियाभर से आ रही प्रतिक्रियाएं, ट्रंप ने भी PM मोदी को दी बधाई

    बंगाल में BJP की ऐतिहासिक जीत पर दुनियाभर से आ रही प्रतिक्रियाएं, ट्रंप ने भी PM मोदी को दी बधाई


    वॉशिंगटन।
    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) (Bharatiya Janata Party -BJP)) की ऐतिहासिक जीत के बाद देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को ऐतिहासिक और निर्णायक चुनावी जीत की बधाई दी है।

    व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने बातचीत में बताया कि हाल ही में फोन पर हुई बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी की सराहना की थी। उन्होंने कहा था कि भारत सौभाग्यशाली है कि उसका नेतृत्व आप जैसे नेता के हाथों में है। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को इस हालिया ऐतिहासिक और निर्णायक चुनावी जीत के लिए बधाई दी है।


    बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव

    भाजपा की इस जीत के साथ पहली बार पार्टी ने पश्चिम बंगाल में सत्ता हासिल की है। यह राज्य लंबे समय से ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस का गढ़ माना जाता था। इस चुनाव परिणाम के साथ ही राज्य में बनर्जी का करीब 15 साल का शासन समाप्त हो गया है। इसे पीएम मोदी के लिए एक बड़ी राजनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे उनका राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कद और मजबूत हुआ है।


    ‘यह नए युग की शुरुआत’

    जीत की घोषणा के बाद नई दिल्ली में समर्थकों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने इसे पश्चिम बंगाल के लिए नए युग की शुरुआत बताया था। उन्होंने कहा कि यह जनादेश भयमुक्त, विकासशील और विश्वास से भरे बंगाल की दिशा में एक निर्णायक कदम है। पीएम मोदी ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का उल्लेख करते हुए कहा “अब दशकों का इंतजार खत्म हुआ है और जनता ने उस विजन को साकार करने का अवसर भाजपा को दिया है।”


    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा भारत का प्रभाव

    इस ऐतिहासिक जीत और ट्रंप की बधाई को भारत की बढ़ती वैश्विक साख से भी जोड़कर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूती मिलेगी और वैश्विक राजनीति में भारत की भूमिका और प्रभावशाली होगी।

  • US: टेक्सास के कैरोलटन शहर में अंधाधुंध फायरिंग…. 2 की मौत और तीन घायल, हमलावर गिरफ्तार

    US: टेक्सास के कैरोलटन शहर में अंधाधुंध फायरिंग…. 2 की मौत और तीन घायल, हमलावर गिरफ्तार


    वॉशिंगटन।
    अमेरिका (America) के टेक्सास (Texas) राज्य में डलास के उत्तरी शहर कैरोलटन (Carrollton K-Town Plaza) में मंगलवार को एक व्यक्ति ने पांच लोगों पर गोलियां चला दीं। इस हिंसक घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हमलावर (Attacker) को गिरफ्तार (Arrested) कर लिया है।

    कैरोलटन पुलिस प्रमुख रॉबर्टो एरेडोंडो ने जानकारी दी कि यह कोई अचानक हुआ हमला नहीं था। हमलावर और पीड़ित एक-दूसरे को पहले से जानते थे। पुलिस का मानना है कि उनके बीच कोई व्यावसायिक संबंध था और वे किसी मीटिंग के लिए मिले थे। हालांकि, उस मुलाकात का असली मकसद अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

    यह घटना कैरोलटन के कोरियाटाउन इलाके में स्थित के टाउन प्लाजा में हुई, जो डलास से करीब 32.1 किलोमीटर दूर है। सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो में पुलिस अधिकारी हाथों में हथियार लिए प्लाजा की तलाशी लेते नजर आए। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ एफबीआई (FBI) और एक अन्य संघीय एजेंसी के अधिकारी भी जांच के लिए मौके पर पहुंचे।

  • गुण और कर्म से बनता है इंसान श्रेष्ठ: चाणक्य नीति में छिपा जीवन का मूल मंत्र

    गुण और कर्म से बनता है इंसान श्रेष्ठ: चाणक्य नीति में छिपा जीवन का मूल मंत्र


    नई दिल्ली।

    प्राचीन भारतीय दर्शन और नीति शास्त्र में चाणक्य नीति को जीवन को समझने और सही दिशा में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण आधार माना गया है। इस ग्रंथ में आचार्य चाणक्य ने इंसान के व्यवहार, सोच और कर्मों के आधार पर यह समझाया है कि एक अच्छा इंसान कौन होता है।

    चाणक्य के अनुसार, किसी व्यक्ति की श्रेष्ठता उसके बाहरी स्वरूप से नहीं बल्कि उसके अंदर मौजूद गुणों और उसके कार्यों से तय होती है। जो व्यक्ति अपने जीवन में धर्म, कर्तव्य और नैतिकता को समझकर आगे बढ़ता है, वही वास्तव में अच्छा इंसान कहलाता है।

    इस नीति शास्त्र में यह स्पष्ट किया गया है कि ज्ञान केवल पढ़ने या सुनने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे अपने जीवन में उतारना जरूरी है। जो व्यक्ति सही और गलत के अंतर को समझकर निर्णय लेता है और उसी के अनुसार व्यवहार करता है, वह समाज में सम्मान प्राप्त करता है।

    चाणक्य ने यह भी बताया है कि हर इंसान का एक निश्चित कर्तव्य होता है, जिसे निभाना उसका धर्म है। जिस प्रकार प्रकृति में हर तत्व का अपना स्वभाव होता है, उसी तरह मनुष्य का स्वभाव भी उसके कर्मों और जिम्मेदारियों से जुड़ा होता है। जब कोई व्यक्ति अपने कर्तव्यों को समझकर कार्य करता है, तभी उसका जीवन संतुलित और सफल बनता है।

    इसके अलावा चाणक्य नीति यह भी सिखाती है कि सही निर्णय लेने के लिए विवेक और अनुभव दोनों जरूरी हैं। जो व्यक्ति अपने कर्मों के परिणाम को समझकर आगे बढ़ता है, वही जीवन में स्थिरता और सफलता प्राप्त करता है।

    इस ग्रंथ में यह भी संदेश दिया गया है कि कर्तव्य से पीछे हटना कमजोरी है, जबकि अपने दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाना ही सच्ची मानवता है।

    इस प्रकार चाणक्य नीति के अनुसार अच्छा इंसान वही है जो अपने विचारों में स्पष्ट हो, कर्मों में ईमानदार हो और जीवन में धर्म तथा कर्तव्य को सर्वोपरि रखता हो। यही गुण उसे समाज में सम्मान और श्रेष्ठ स्थान दिलाते हैं।