Blog

  • मध्य यूरोप के इस देश में लड़कियों के हिजाब पहनने पर लगा वैन… संसद में पास हुआ बिल

    मध्य यूरोप के इस देश में लड़कियों के हिजाब पहनने पर लगा वैन… संसद में पास हुआ बिल


    वियना।
    मध्य यूरोप (Central Europe) में स्थित ऑस्ट्रिया ( Austria, located) में हाल ही में हिजाब पर प्रतिबंध लगाने वाले बिल को मंजूरी मिल गई है। ऑस्ट्रियाई सांसदों ने गुरुवार को 14 साल से कम उम्र की लड़कियों के स्कूलों में हेडस्कार्फ़ पर बैन लगाने वाले कानून के पक्ष में भारी बहुमत से समर्थन दिया है। इससे पहले ऑस्ट्रिया की सरकार ने इस साल की शुरुआत में इस बैन का प्रस्ताव दिया था। सरकार ने तर्क दिया है कि इसका मकसद लड़कियों को उत्पीड़न से बचाना है।

    सरकार ने बताया कि नए नियम सितंबर में नए वार्षिक सत्र की शुरुआत के साथ पूरी तरह से लागू हो जाएंगे। इसके बाद कुछ समय तक शिक्षकों, माता-पिता और बच्चों को नए नियमों के बारे में जागरूक किया जाएगा। इस दौरान नियम तोड़ने पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा। हालांकि बार-बार नियमों का पालन न करने पर, माता-पिता को 150 से 800 यूरो यानी करीब 175-930 डॉलर तक का जुर्माना देना होगा। सरकार ने कहा है कि इस नए कानून से लगभग 12,000 लड़कियां प्रभावित होंगी।

    बता दें कि इससे पहले 2019 में भी देश ने प्राइमरी स्कूलों में हेडस्कार्फ़ पर बैन लगा दिया था। हालांकि संवैधानिक अदालत ने इस फैसले को रद्द कर दिया था। अब एक बार फिर इस तरह के कानून को लागू करने की खबर सामने आने के बाद मानवाधिकार समूहों और विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि यह कानून मुस्लिमों के प्रति भेदभावपूर्ण है और सामाजिक विभाजन को और गहरा कर सकता है।

    वहीं बिल पेश करते समय सरकार ने कहा है कि इस तरह के पर्दे से लड़कियों की आजादी छिनती है। बिल पेश कर रहीं मंत्री ने कहा, “जब किसी लड़की को… यह कहा जाता है कि उसे पुरुषों की नजर से खुद को बचाने के लिए अपने शरीर को छिपाना होगा, तो यह कोई धार्मिक रिवाज नहीं, बल्कि उत्पीड़न है।”

    मंत्री ने कहा कि यह बैन हिजाब और बुर्का सहित इस्लामी पर्दे के सभी रूपों पर लागू होगा। एक अन्य सांसद यानिक शेट्टी ने कहा कि हेडस्कार्फ सिर्फ कपड़ों का एक टुकड़ा नहीं है बल्कि इसके जरिए लड़कियों को सेक्सुअलाइज किया जाता है।

  • इस मुस्लिम देश की सुरक्षा एजेंसी ने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता को किया गिरफ्तार

    इस मुस्लिम देश की सुरक्षा एजेंसी ने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता को किया गिरफ्तार


    तेहरान।
    ईरान की सुरक्षा एजेंसियों (Iranian Security Agencies) ने शुक्रवार को 2023 की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नर्गेस मोहम्मदी (Peace Prize laureate Narges Mohammadi ) को हिरासत में ले लिया है। यह जानकारी शुक्रवार को मोहम्मदी के फाउंडेशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी है। जानकारी के मुताबिक मोहम्मदी को एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान गिरफ्तार किया गया है। फाउंडेशन ने बताया कि उन्हें आज सुबह सुरक्षा और पुलिस बलों ने जबरन हिरासत में ले लिया। हालांकि ईरान की तरफ से इस बारे में अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक नर्गेस मोहम्मदी ईरान के वकील खोसरो अलीकोर्दी की याद में आयोजित समारोह में शामिल हुई थीं, जिनकी इस महीने की शुरुआत में मौत हो गई थी। तभी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। बता दें कि 45 वर्षीय अलीकोर्दी उन वकीलों में से एक थे जो संवेदनशील मामलों को संभालते थे, जिनमें 2022 में हुए देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार लोगों की पैरवी भी शामिल थी। बीते 5 दिसंबर को उनके दफ्तर से उनका शव बरामद हुआ था। कई मानवाधिकार संगठनों ने उनकी मौत की जांच की मांग की है।

    इससे पहले मोहम्मदी को दिसंबर 2024 में जेल से अस्थायी रिहाई मिली थी। 53 वर्षीय नर्गेस मोहम्मदी को आखिरी बार नवंबर 2021 में गिरफ्तार किया गया था और उन्होंने पिछले एक दशक का अधिकांश समय जेल में बिताया है। 2023 में ओस्लो में आयोजित समारोह में उनके जुड़वां बच्चों ने उनकी ओर से नोबेल पुरस्कार ग्रहण किया था।

  • छग के वरिष्ठ BJP नेता ने ताड़का’ और ‘सुरसा’ से की बंगाल की CM ममता बनर्जी की तुलना

    छग के वरिष्ठ BJP नेता ने ताड़का’ और ‘सुरसा’ से की बंगाल की CM ममता बनर्जी की तुलना


    रायपुर।
    छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) (Bharatiya Janata Party -BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर (Ajay Chandrakar) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) पर की गई टिप्पणी के लिए आलोचना की। उन्होंने बनर्जी की तुलना रामायण में वर्णित राक्षसी ‘ताड़का’ और ‘सुरसा’ से करते हुए कहा कि उनका राजनीतिक अंत निश्चित है। चंद्राकर ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि बनर्जी को भाजपा या उसके नेतृत्व के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

    जब उनसे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की ओर से शाह पर की गई टिप्पणी के बारे में पूछा गया, तब उन्होंने कहा, ‘वह बंगाल के लिए ताड़का और सुरसा हैं। किसी देश के गृह मंत्री पर टिप्पणी करने से पहले सोचना चाहिए। बंगाल को उन्होंने (ममता ने) क्या दिया-यह सोचना चाहिए। माननीय गृह मंत्री ने कहा है कि घुसपैठिये इस देश का प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तय नहीं कर सकते। ममता जी धमकी नहीं दे सकतीं। वह जमाना लद गया। वह कांग्रेस को धमकी दे सकती हैं कि ‘इंडिया’ गठबंधन का नेतृत्व मैं करुंगी। भाजपा या भाजपा नेतृत्व को किसी तरह के अपशब्द कहने का उनको कोई अधिकार नहीं है। वह खुद ‘ताड़का’ और ‘सुरसा’ जैसी हैं, जिसका (राजनीतिक) वध निश्चित है।’

    पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 में होने वाले हैं। गुरुवार को पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के कृष्णानगर में एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया था कि शाह मतदाता सूचियों से ‘डेढ़ करोड़ नाम’ हटाने की कोशिशों को सीधे तौर पर निर्देशित कर रहे हैं। ममता ने चेतावनी दी कि अगर मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान एक भी पात्र मतदाता का नाम हटाया गया, तो वह अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगी।

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा था, ‘देश का गृहमंत्री खतरनाक है। उनकी आंखों में यह साफ दिखता है। एक आंख में ‘दुर्योधन’ दिखता है, और दूसरी में ‘दु:शासन’।’ बनर्जी ने आरोप लगाया कि 2026 के विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले एसआईआर का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘वे वोटों के लिए इतने भूखे हैं कि उन्होंने अब एसआईआर शुरू कर दिया है। अगर किसी पात्र व्यक्ति का नाम कट गया, तो मैं तब तक धरना दूंगी, जब तक नाम जुड़ नहीं जाता। पश्चिम बंगाल में कोई निरुद्ध केंद्र नहीं बनेगा।’

  • MP: इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम की दो सहेलियों की हुई पेशी, चेहरा छुपाकर पहुंची कोर्ट

    MP: इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम की दो सहेलियों की हुई पेशी, चेहरा छुपाकर पहुंची कोर्ट


    इंदौर।
    राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuvanshi) की दो करीबी सहेलियां गुरुवार को शिलॉन्ग कोर्ट (Shillong Court) में पेश हुईं। इंदौर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video conferencing) के जरिए हुई इस सुनवाई में अदालत ने दोनों युवतियों पर सवालों की झड़ी लगा दी। अदालत की सख्त निगरानी में हुए इस बयान दर्जीकरण से केस एक बार फिर उबाल पर आ गया है।

    दीपांशी और प्रियांशी दोनों सोनम के भाई गोविंद की फैक्ट्री में कंप्यूटर का काम करती हैं। ई-सेवा पोर्टल के जरिए सुनवाई में जुड़ीं इन युवतियों को कोर्ट ने सीधे-सीधे सोनम के व्यवहार, स्वभाव और उसके पिछले चाल-चलन पर जवाब देने को कहा। सूत्रों के मुताबिक, अदालत ने पहले सोनम की पहचान कराई, फिर तीखे शब्दों में पूछा—’हत्या से पहले सोनम का रवैया कैसा था? क्या तुम राजा को जानती थीं?’ दीपांशी का बयान कोर्ट ने दर्ज कर लिया, जबकि प्रियांशी से अगली सुनवाई में पूछताछ होगी। दोनों युवतियाँ बिना मीडिया से आंख मिलाए कोर्ट परिसर से निकल गईं।

    सरकारी वकील ने दोनों की पेशी की मांग की थी, जिसके लिए 27 नवंबर को नोटिस जारी हुआ। यह दूसरा नोटिस था, पहले नोटिस पर दोनों कोर्ट पहुंचने तक की हिम्मत नहीं जुटा सकी थीं।


    खाई में मिला था राजा का शव

    11 मई को सोनम से शादी करने वाले इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी 20 मई को हनीमून पर मेघालय रवाना हुए थे। 22 मई को वे सोहरा घूमने निकले और 24 मई से परिवार का संपर्क उनसे टूट गया। 27 मई को सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ, बारिश के कारण एक दिन रुका और 2 जून को खाई से राजा का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा हुआ कि राजा की हत्या पेड़ काटने वाले तेज हथियार से की गई थी। इसके बाद पुलिस सोनम की तलाश में पागलों की तरह दौड़ी और 9 जून को वह यूपी के गाजीपुर के एक ढाबे पर मिली। वहीं से केस की परतें खुलती गईं और पुलिस ने कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें से तीन जमानत पर बाहर हैं।


    790 पन्नों की चार्जशीट

    6 सितंबर को मेघालय पुलिस की एसआईटी ने शिलॉन्ग कोर्ट में 790 पन्नों की चार्जशीट पेश की। इसमें साफ-साफ लिखा है कि राजा की हत्या में सोनम, उसके बॉयफ्रेंड राज कुशवाह और तीन अन्य सीधे शामिल हैं। पांचों आरोपी अभी न्यायिक हिरासत में हैं।


    विपिन रघुवंशी का दर्दनाक आरोप

    शिलॉन्ग रवाना होने से पहले राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मैंने ही राजा और सोनम के लापता होने की शिकायत की थी। अभी तक हमें चार्जशीट नहीं मिली, इसलिए हत्या का असली मोटिव छुपा हुआ है। लेकिन जितना समझ पा रहा हूं राज और सोनम ने प्यार नहीं, हवस के लिए मेरे भाई की हत्या की। लोग प्यार में कुर्बानी देते हैं, लेकिन इन दोनों ने अपनी वासना पूरी करने के लिए उसे मार डाला।

    बता दें, राजा की लाश 2 जून को शिलॉन्ग में मिली थी और केस के पाँच आरोपी अभी जेल में बंद हैं। एसआईटी 790 पेज में पूरी साजिश कोर्ट को सौंप चुकी है।

  • Chhattisgarh: 6 महिला समेत 33 लाख के इनामी 10 नक्सलियों ने किया सरेंडर, सौंपे हथियार

    Chhattisgarh: 6 महिला समेत 33 लाख के इनामी 10 नक्सलियों ने किया सरेंडर, सौंपे हथियार


    सुकमा।
    छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग (Naxal-affected Bastar region) में सुरक्षाबलों को शुक्रवार उस वक्त बेहद अहम कामयाबी मिली जब सुकमा में छह महिलाओं समेत कुल दस माओवादियों ने आत्मसमर्पण (10 Maoists including six women surrendered) करते हुए हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों पर कुल 33 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इस घटना के बाद बस्तर में शांति और स्थायी विकास स्थापित करने के लिए संचालित ‘पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन’ पहल को महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है।

    सरेंडर करने वाले कैडरों में से, माओवादियों के कंपनी प्लाटून कमांडर मिदियम भीमा (30) पर 8 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इसके अलावा गंगा कुंजम (22), लेकम रामा, ताती सोनी (32) और शांति सोढ़ी (21) पर 5-5 लाख रुपए का इनाम था, जबकि माडवी नवीन (20), माडवी रुकनी (24), ओयम मांगली (22), पोडियम मांगी (20) और माडवी गंगी (19) पर 1-1 लाख रुपए का इनाम था।

    सुकमा पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सरेंडर करने के दौरान इन कैडरों ने सुरक्षा बलों के सामने 1 AK-47, 2 SLR राइफलें, 1 पॉइन्ट 303 राइफल, 1 स्टेन गन और 1 BGL लॉन्चर सहित कई हथियार जमा किए। पुनर्वास कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने इसे क्षेत्र में विश्वास निर्माण और शांति स्थापना के लिए महत्वपूर्ण संकेत बताया।

    आत्मसमर्पण करने वालों में पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) बटालियन नंबर 1 के प्लाटून कमांडर, दरभा डिवीजन के दो एरिया कमेटी सदस्य, PLGA की दो मिलिट्री प्लाटूनों के PPMC सदस्य, गोल्लापल्ली LOS के दो सदस्य और तीन पार्टी सदस्य शामिल हैं। सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि केवल साल 2025 में ही अब तक जिले में 263 माओवादी कैडर आत्मसमर्पण कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह बढ़ता आत्मविश्वास बताता है कि क्षेत्र तेजी से शांति और विकास की ओर बढ़ रहा है।

    बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पत्तिलिंगम ने कहा कि यह पुनर्वास दर्शाता है कि माओवादी विचारधारा अपना प्रभाव खो रही है और लोग शांति, सम्मान और प्रगति का मार्ग चुन रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 11 महीनों में बस्तर रेंज में 1514 से अधिक माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। कार्यक्रम के दौरान वायान वाटिका में आत्मसमर्पित कैडरों द्वारा पौधारोपण भी किया गया, जो उनके नए जीवन और शांतिपूर्ण भविष्य की प्रतीकात्मक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय समुदाय, प्रशासन और सुरक्षा बलों की उपस्थिति ने पुनर्वास प्रक्रिया को और सुदृढ़ किया।

  • उत्तर प्रदेश राजनीति में हलचल: नए डिप्टी सीएममंत्री विस्तार और पंकज सिंह सहित चर्चित चेहरों की मंत्री पद की दौड़

    उत्तर प्रदेश राजनीति में हलचल: नए डिप्टी सीएममंत्री विस्तार और पंकज सिंह सहित चर्चित चेहरों की मंत्री पद की दौड़


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों बड़े बदलाव की आहट सुनाई दे रही है। बीजेपी में संगठनात्मक फेरबदलनए डिप्टी सीएम की संभावनाएं और योगी सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। ऐसे में यह बदलाव आगामी राजनीतिक समीकरणों को नया आकार दे सकते हैं।

    सूत्रों के मुताबिकबीजेपी की ओर से उत्तर प्रदेश को नया डिप्टी सीएम मिलने की संभावना जताई जा रही हैऔर इस रेस में सबसे मजबूत नाम साध्वी निरंजन ज्योति का है। उनके नाम को जातीय और सामाजिक समीकरणों के मद्देनज़र सबसे उपयुक्त माना जा रहा है। यदि उन्हें उप मुख्यमंत्री बनाया जाता हैतो यह पार्टी के भीतर नए संतुलन और संगठनात्मक ऊर्जा का संकेत हो सकता है।

    योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएँ भी तेज हो गई हैंजिसमें 6 नए चेहरों को शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। उत्तर प्रदेश कैबिनेट में अभी 54 मंत्री हैंजबकि अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। इन नई नियुक्तियों में क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा। मंत्रिमंडल में बदलाव केवल नए चेहरों की एंट्री तक सीमित नहीं रहेगा। कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी की भी संभावना जताई जा रही हैताकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले नेताओं को मौका मिल सके। पार्टी नेतृत्व प्रदर्शन आधारित मूल्यांकन के आधार पर संभावित मंत्रियों की सूची तैयार कर रहा है।

    इस बीचकुछ समाजवादी पार्टी के बागी विधायकों को भी मंत्री पद मिल सकता हैजो पार्टी के भीतर राजनीतिक रणनीति के हिस्से के रूप में देखी जा रही है। प्रमुख नामों में पूजा पाल और मनोज पांडेय शामिल हैं। इसके अलावाबीजेपी के वरिष्ठ नेता महेंद्र सिंह का नाम भी चर्चा में है। पंकज सिंहजो नोएडा के विधायक हैंको भी इस बार मंत्री बनाए जाने की संभावना है। उनका संगठनात्मक अनुभवक्षेत्रीय पकड़ और केंद्रीय नेतृत्व के साथ उनकी विश्वसनीयता उन्हें इस महत्वपूर्ण भूमिका के लिए एक मजबूत दावेदार बनाती है।

    यूपी बीजेपी अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी के मंत्रिमंडल में शामिल होने की भी पूरी संभावना हैक्योंकि वह पार्टी संगठन में लंबे समय से सक्रिय हैं। उनके मंत्री पद पर शामिल होने से सरकार और संगठन के बीच तालमेल मजबूत हो सकता है। इस मंत्रिमंडल विस्तार के दौरानबीजेपी अपने सहयोगी दलों को भी उचित हिस्सेदारी देने का विचार कर रही है। राष्ट्रीय लोकदल और अपना दल के नेताओं को भी मंत्री बनाने की चर्चा हैजिससे NDA के भीतर साझेदारी और संतुलन को मजबूत किया जा सके। यूपी बीजेपी अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा है कि संगठन एक बड़ी जिम्मेदारी हैऔर संगठनात्मक बदलावों की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उनके बयान से यह स्पष्ट है कि जल्द ही अहम फैसले लिए जाएंगे।

  • बॉबी देओल और अक्षय खन्ना की धमाकेदार कमबैकधुरंधर और एनिमल में नेगेटिव रोल में हुए वायरलफैंस की मांग Humraaz 2 की

    बॉबी देओल और अक्षय खन्ना की धमाकेदार कमबैकधुरंधर और एनिमल में नेगेटिव रोल में हुए वायरलफैंस की मांग Humraaz 2 की


    नई दिल्ली । 2025 बॉलीवुड के लिए कमबैक साल साबित हो रहा हैऔर इस बार की ताजा चर्चा का केंद्र बने हैं दो बड़े सितारे बॉबी देओल और अक्षय खन्ना। दोनों ने अपने-अपने फिल्मों में नेगेटिव शेड्स में इतनी शानदार परफॉर्मेंस दी कि लीड हीरो भी इनके सामने फीके पड़ गए। बॉबी देओल ने एनिमल में एक दमदार कमबैक किया और अपने किरदार जमाल कुडू के आइकॉनिक डांस से सोशल मीडिया पर सुर्खियाँ बटोरी। वहीं अक्षय खन्ना ने धुरंधर में डकैत रहमान का किरदार निभाया और FA9LA गाने पर धमाकेदार एंट्री लीजिसे फैंस द्वारा खूब वायरल किया जा रहा है।

    इन दोनों सितारों की जबरदस्त वापसी ने दर्शकों को 2002 की सुपरहिट फिल्म हमराज की याद दिला दी। बॉबी और अक्षय की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को लेकर सोशल मीडिया पर हलचल मची हुई हैऔर फैंस ने Humraaz 2 की डिमांड तेज़ कर दी है। कुछ यूज़र्स ने तो यह भी कहा कि अब्बास-मस्तान को Humraaz 2 बनानी चाहिएक्योंकि अब्बास-मस्तान की फिल्म में इन दोनों की जोड़ी हमेशा से बेहतरीन रही है।

    अक्षय खन्ना ने अपनी स्क्रीन प्रेज़ेंस से रणवीर सिंह को भी ओवरशैडो कर दिया। धुरंधर में उनका किरदार रहमान डकैत किसी भी स्टेज पर सामने आने के बाद सभी की नजरें उन पर ही थम गईं। खासकर उनका FA9LA सॉन्ग वायरल हो रहा हैऔर कहा जा रहा है कि अक्षय ने इस सीन को खुद कोरियोग्राफ किया था।

    बॉबी देओल और अक्षय खन्ना की जोड़ी को दर्शकों ने 2002 की हमराज और Naqaab जैसी फिल्मों में पसंद किया थाऔर अब उनकी वापसी ने एक नई उम्मीद जगा दी है। हालांकिमेकर्स की तरफ से Humraaz 2 पर कोई आधिकारिक अपडेट नहीं हैलेकिन फैंस की डिमांड और एक्साइटमेंट को देखकर यह तय है कि अगर ऐसी कोई फिल्म बनती है तो वह एक ब्लॉकबस्टर साबित हो सकती है।

  • भारत को घर पर मिली बड़ी हारबुमराह को लगे 4 छक्के और अर्शदीप का 13 गेंदों वाला ओवर टी-20 में टूटे कई रिकॉर्ड

    भारत को घर पर मिली बड़ी हारबुमराह को लगे 4 छक्के और अर्शदीप का 13 गेंदों वाला ओवर टी-20 में टूटे कई रिकॉर्ड


    नई दिल्ली । मुल्लांपुर स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने भारत को 51 रन से हराकर सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली। पहले बल्लेबाजी करते हुए साउथ अफ्रीका ने 213 रन बनाए। भारतइन रन का पीछा करते हुए 191 ओवर में 162 रन पर ऑलआउट हो गयाऔर इस हार के साथ भारत को अपने घरेलू मैदान पर टी-20 क्रिकेट में सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले4 अक्टूबर 2022 को इंदौर में साउथ अफ्रीका ने भारत को 49 रन से हराया था।

    बुमराह को पहली बार पड़ी 4 छक्के

    इस मैच में एक और दिलचस्प मोमेंट आया जब जसप्रीत बुमराह को अपने टी-20 अंतरराष्ट्रीय करियर में पहली बार एक पारी में 4 छक्के लगे। यह उनके 82वें टी-20 मैच का हिस्सा था। इससे पहले बुमराह के खिलाफ कभी एक पारी में तीन से अधिक छक्के नहीं लगे थेऔर उनका पिछला सबसे खराब रिकॉर्ड 2016 में वेस्टइंडीज के खिलाफ थाजब उन्हें तीन छक्के पड़े थे।

    अर्शदीप सिंह का 13 गेंदों वाला ओवर

    अर्शदीप सिंह ने इस मैच में एक नया रिकॉर्ड बनाया जब उन्होंने एक ओवर में 13 गेंद फेंकीं। साउथ अफ्रीका की पारी के 11वें ओवर में अर्शदीप ने 7 वाइड गेंदें फेंकीजिसके चलते उनका ओवर 13 गेंदों का हो गया। यह रिकॉर्ड फुल मेंबर देशों के मैचों में अब तक का सबसे लंबा ओवर था। इससे पहले2024 में अफगानिस्तान के नवीन-उल-हक ने जिम्बाब्वे के खिलाफ एक ओवर में 13 गेंदें फेंकी थीं।

    भारत ने डालीं 16 वाइड गेंदें

    भारत के गेंदबाजों ने इस मैच में 16 वाइड गेंदें डालींजो टी-20 इंटरनेशनल इतिहास में भारत का दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन था। इससे पहले2009 में मोहाली में श्रीलंका के खिलाफ भारत ने 17 वाइड फेंकी थींजो अब भी सबसे खराब रिकॉर्ड है। 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ भी भारत ने 16 वाइड डाली थींऔर 2007 में डरबन में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 15 वाइड डाली थीं।

    तिलक वर्मा का छक्का रिकॉर्ड

    इस मैच में भारतीय युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 27 छक्के लगाकर भारतीय बल्लेबाजों के बीच सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड बनाया। इस सूची में दूसरे स्थान पर सूर्यकुमार यादव हैंजिन्होंने 25 छक्के लगाए हैंजबकि तीसरे स्थान पर संजू सैमसन हैंजिनके नाम 19 छक्के हैं।

    डी कॉक का 50+ स्कोर

    साउथ अफ्रीका के विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक ने भारत के खिलाफ पांचवीं बार 50 से अधिक रन बनाए। उन्होंने केवल 12 पारियों में यह उपलब्धि हासिल कीजो भारत के खिलाफ सबसे तेजी से 50+ स्कोर बनाने का रिकॉर्ड है। इससे पहले निकोलस पूरन और जोस बटलर ने इसे करने में 20 और 24 पारियां ली थीं। डी कॉक का यह प्रदर्शन भारत के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हुआ।

    साउथ अफ्रीका का छक्का रिकॉर्ड

    साउथ अफ्रीका ने इस मैच में 15 छक्के लगाएजो भारत के खिलाफ उनके टी-20 इंटरनेशनल में दूसरे सबसे ज्यादा छक्के थे। इससे पहले2022 में इंदौर में उन्होंने भारत के खिलाफ 16 छक्के लगाए थे। इस मैच में साउथ अफ्रीका का छक्का लगाने का प्रदर्शन उनकी बल्लेबाजी शक्ति को दर्शाता हैऔर यह भारत के गेंदबाजों के लिए एक कड़ा संदेश था।

    भारत की यह हार एक कड़ा संदेश है कि घरेलू मैदान पर भी एक मजबूत टीम को हराना आसान नहीं होता। भारतीय टीम को अपनी गेंदबाजी में सुधार करना होगाखासकर वाइड बॉल्स और गेंदबाजों की लय को लेकर। वहींबुमराह को भी अपनी लय में लौटने की आवश्यकता हैजबकि युवा खिलाड़ियों जैसे तिलक वर्मा को सकारात्मक प्रदर्शन जारी रखना होगा। साउथ अफ्रीका ने इस मैच में सभी विभागों में शानदार प्रदर्शन कियाऔर उन्होंने भारत को साबित किया कि उन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता।

  • अखिलेश यादव का 40,000 रुपये देने का वादा: अयोध्या की महिलाओं ने की ये बड़ी बात

    अखिलेश यादव का 40,000 रुपये देने का वादा: अयोध्या की महिलाओं ने की ये बड़ी बात


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनावों से पहले नेताओं के घोषणाएं और वादे चर्चा का विषय बन जाते हैं। हाल ही में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महिलाओं को सालाना 40,000 रुपये देने का वादा किया है। उन्होंने इसे बीजेपी के बिहार चुनाव में दिए गए 10,000 रुपये के वादे का जवाब बताया। इस घोषणा पर अयोध्या की महिलाओं की क्या राय है, यह जानने के लिए यूपी Tak की टीम ने गांव में जाकर उनकी प्रतिक्रिया ली।

    महिलाओं ने की उम्मीदें जाहिर

    अयोध्या के ग्रामीण इलाकों की महिलाओं ने इस योजना पर अपनी राय दी और अपनी उम्मीदों का इज़हार किया। एक स्थानीय महिला सुंदर कली ने कहा, अखिलेश यादव का यह प्रस्ताव अच्छा है, हम लोग मजदूरी करते हैं, इससे अच्छा होगा कि हमें पैसा मिले। अभी सरकार की तरफ से हमें कुछ नहीं मिलता, केवल मजदूरी करते हैं। अगर अखिलेश यादव देंगे तो ठीक है, नहीं तो हम अपना काम करते रहेंगे।

    विकास की उम्मीदें भी बनीं मुद्दा

    वहीं कश्मीरा देवी ने कहा, हम लोग मजदूरी करके अपना पेट पालते हैं। अगर सरकार कुछ मदद करेगी तो अच्छा रहेगा, लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं मिली है। सरकार बढ़िया नहीं काम कर रही है, जो विकास करेगा हम उसके साथ रहेंगे। विमला देवी ने भी कहा, समाजवादी सरकार के समय पेंशन मिलती थी और सड़कें बनती थीं। अब कुछ नहीं मिल रहा है। हमें विकास और रोजगार दोनों चाहिए।

    महिलाओं की मांग-पैसा नहीं, विकास और रोजगार भी चाहिए

    ममता नाम की महिला ने कहा, यह अच्छा है कि पैसा मिलेगा, इससे हमारी रोज़ी-रोटी में मदद होगी। गरीब बच्चों को भी फायदा होगा, लेकिन सिर्फ पैसा नहीं, हमें काम भी चाहिए। अगर पैसा मिलेगा तो वोट देंगे, नहीं मिला तो कोई बात नहीं। वहीं अन्य महिलाओं ने भी इस योजना का स्वागत किया, लेकिन साफ किया कि अगर वादा पूरा नहीं हुआ तो वे वोट नहीं देंगी।

    योगी सरकार से तुलना

    महिलाओं ने योगी सरकार की योजनाओं के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि उन्हें विधवा पेंशन के रूप में 2,000 रुपये मिलते हैं, लेकिन इसके बावजूद गांव में विकास की कमी महसूस हो रही है। रोज़मर्रा की सुविधाओं और रोजगार के मामले में उन्हें अभी भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

    समाजवादी पार्टी और बीजेपी का मुकाबला

    अखिलेश यादव का यह वादा महिलाओं के बीच उम्मीद और नाखुशी का मिश्रित असर छोड़ रहा है। हालांकि, उनका कहना है कि वे सिर्फ पैसे के लिए नहीं, बल्कि स्थिरता, रोजगार और विकास के लिए भी वोट देंगे। यह साफ है कि महिलाएं अपनी जिंदगी में सुधार और अपने गांव के विकास को भी उतना ही महत्व देती हैं जितना कि चुनावी वादों को।

  • सोने के दाम में हल्की बढ़ोतरी.चांदी हुई सस्ती.जानें प्रमुख शहरों में कीमतें.

    सोने के दाम में हल्की बढ़ोतरी.चांदी हुई सस्ती.जानें प्रमुख शहरों में कीमतें.


    नई दिल्ली । सोने और चांदी के दाम में आज 12 दिसंबर हल्की-फुल्की उथल-पुथल देखने को मिली है। जहां सोने के दाम में मामूली बढ़ोतरी हुई.वहीं चांदी के दाम में गिरावट आई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने की फरवरी कॉन्ट्रैक्ट एक्सपायरी में 0.10 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,32,599 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार हुआ। वहीं.चांदी की मार्च एक्सपायरी कॉन्ट्रैक्ट में 0.50% की गिरावट आई और वह 1,97,951 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी।

    गुरुवार को चांदी का नया रिकॉर्ड

    गुरुवार को चांदी ने इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह पहली बार 1,98,000 रुपये के पार पहुंची और 1,98,814 रुपये प्रति किलो तक चली गई। चांदी ने 5.33% की उछाल के साथ 1,98,799 रुपये पर बंद किया। वहीं.सोने की कीमतों में भी 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 1,32,469 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।

    कीमतों में वृद्धि का कारण

    सोने और चांदी की कीमतों में यह वृद्धि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से बेंचमार्क ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती के बाद आई। इसके साथ ही.फेड चेयरमैन ने अगले साल एक और कटौती का संकेत दिया.जिससे निवेशकों में उत्साह और अधिक बढ़ गया। इन निर्णयों से बाजार में सकारात्मक माहौल बना.जिसने कीमती धातुओं की कीमतों को ऊंचा किया।

    देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें

    शुक्रवार को देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में हल्की उतार-चढ़ाव देखी गई। चेन्नई 24 कैरेट सोना 1,33,640 रुपये प्रति 10 ग्राम.22 कैरेट सोना 1,22,500 रुपये प्रति 10 ग्राम
    मुंबई.कोलकाता.बैंगलोर.हैदराबाद.केरल.पुणे 24 कैरेट सोना 1,32,660 रुपये प्रति 10 ग्राम.22 कैरेट सोना 1,21,600 रुपये प्रति 10 ग्राम
    दिल्ली 24 कैरेट सोना 1,32,810 रुपये प्रति 10 ग्राम.22 कैरेट सोना 1,21,750 रुपये प्रति 10 ग्राम
    वडोदरा.अहमदाबाद 24 कैरेट सोना 1,32,710 रुपये प्रति 10 ग्राम. 22 कैरेट सोना 1,21,650 रुपये प्रति 10 ग्राम

    आज सोने और चांदी की कीमतों में मामूली बदलाव आया है। जहां सोने में हल्की बढ़ोतरी देखी गई.वहीं चांदी में गिरावट आई है। निवेशक और सोने-चांदी के खरीदार इसे ध्यान में रखते हुए अपने निवेश निर्णय ले सकते हैं। यदि आप भी सोने और चांदी में निवेश करने की सोच रहे हैं.तो वर्तमान मूल्य में उतार-चढ़ाव के बावजूद यह एक उपयुक्त समय हो सकता है।