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  • अमेरिका को NATO से निकालो, US कांग्रेस में पेश हुआ बिल

    अमेरिका को NATO से निकालो, US कांग्रेस में पेश हुआ बिल

    बिल को पेश करते हुए कहा है कि यह सैन्य गठबंधन अब भी कोल्ड वॉर की मानसिकता से गुजर रहा है और इससे अमेरिकी टैक्सपेयर्स के ट्रिलियन डॉलर बर्बाद हो रहे हैं।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक केंटकी के सांसद थॉमस मैसी ने बीते मंगलवार को यह बिल कांग्रेस में पेश किया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि NATO उस वक्त बनाया गया था, जब सोवियत यूनियन मौजूद था, लेकिन अब वह खतरा खत्म हो चुका है।

    मैसी ने कहा, “अमेरिका को NATO से बाहर निकलना चाहिए और उस पैसे को अपने देश की सुरक्षा पर लगाना चाहिए, ना कि सोशलिस्ट देशों पर। NATO की वजह से अमेरिकी टैक्सपेयर्स के ट्रिलियन डॉलर खर्च हुए हैं और इससे अमेरिका के वैश्विक जंगों में उलझने का भी जोखिम बना रहता है।” सांसद ने कहा कि अमेरिका पूरी दुनिया के लिए सुरक्षा कवच नहीं बन सकता, खासकर तब जब अमीर देश अपनी खुद की रक्षा पर खर्च नहीं करना चाहते।”

    जानकारी के मुताबिक अगर यह बिल संसद से पास हो जाता है, तो अमेरिकी सरकार को औपचारिक रूप से NATO को सूचित करना होगा कि वह सदस्यता खत्म कर रही है। साथ ही, अमेरिका से NATO के बजट में जाने वाला पैसा भी रोक दिया जाएगा।
    पहले भी उठी है मांग

    इससे पहले रिपब्लिकन सीनेटर माइक ली ने भी पिछले साल इस तरह की साल उठाई थी। माइक ली ने कहा था कि NATO में बने रहना अब अमेरिका की रणनीतिक जरूरतों से मेल नहीं खाता।वहीं पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके कई रिपब्लिकन सहयोगी लंबे समय से NATO पर यह आरोप लगाते रहे हैं कि अमेरिका इस गठबंधन में अपनी हिस्सेदारी से कई गुना ज्यादा पैसा खर्च करता है।

  • तानसेन समरोह 2025: 114 कलाकारों द्वारा लाइव पेंटिंग 10 राष्ट्रीय स्तर के चित्रकारों का योगदान

    तानसेन समरोह 2025: 114 कलाकारों द्वारा लाइव पेंटिंग 10 राष्ट्रीय स्तर के चित्रकारों का योगदान


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आयोजित होने वाला विश्व प्रसिद्ध अखिल भारतीय तानसेन समारोह इस बार एक विशेष आकर्षण लेकर आ रहा है। 15 दिसंबर से शुरू होने वाले इस महोत्सव में संगीत के साथ कला का अनूठा संगम देखने को मिलेगा क्योंकि इस बार चार दिन तक सजीव चित्रांकन का आयोजन किया जाएगा।

    सजीव चित्रांकन 114 कलाकारों का हुनर

    तानसेन समारोह के दौरान 114 कलाकार लाइव पेंटिंग करेंगे जिसमें 10 राष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध चित्रकार भी शामिल होंगे। ये कलाकार अपनी कला के माध्यम से तानसेन की धरोहर और भारतीय संगीत को कैनवास पर उकेरेंगे। इस दौरान विभिन्न राज्य संस्थानों और विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी इस कला के अद्भुत प्रदर्शन का हिस्सा बनेंगे।

    राष्ट्रीय कलाकारों का योगदान

    सजीव चित्रांकन में शामिल 10 राष्ट्रीय कलाकारों में भोपाल से आलोक भावसार पुणे से नवनाथ क्षीरसागर कोल्हापुर से अरुण सुतार जयपुर से कृष्ण कुमार कुंडारा भुवनेश्वर से रघुनाथ साहू भोपाल से दुर्गा बाई व्यास दिल्ली से सुमित्रा अहलावत मुंबई से निशिकांत पलांदे उदयपुर से मदीप शर्मा और महाराष्ट्र से संदीप अहीर जैसे कलाकार शामिल होंगे। इन सभी कलाकारों का कार्य समारोह में एक अलग रंग भरने वाला है जो तानसेन की संगीत धरोहर से प्रेरित होगा।

    इसके अलावा ग्वालियर के 30 स्थानीय कलाकार राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय और ललित कला संस्थान ग्वालियर के 50 छात्र-छात्राएं और अन्य ललित कला संस्थानों के 24 कलाकार भी इस सजीव चित्रांकन के कार्य में योगदान देंगे। यह चित्रांकन 18 दिसंबर तक तानसेन समाधि स्थल पर सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक दर्शकों के लिए खुला रहेगा।

    तानसेन समारोह की प्रदर्शनी चित्रों का अनोखा संग्रह

    तानसेन समरोह के दौरान एक विशेष चित्र प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी जिसमें 76 कलाकारों की पेंटिंग को प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी तानसेन समारोह की प्रस्तुतियों पर आधारित होगी और सुबह 10 बजे से रात तक खुली रहेगी जिससे संगीत और कला प्रेमियों को एक साथ दोनों का आनंद मिल सकेगा।

    समारोह के अन्य आकर्षण

    तानसेन समारोह की शुरुआत के एक दिन पहले 14 दिसंबर को इंटक मैदान में “पूर्व रंग गमक” कार्यक्रम होगा जिसमें सूफी गायिका जसपिंदर नरूला अपनी प्रस्तुति देंगी। इसके बाद 19 दिसंबर को तानसेन समारोह की सुबह की सभा बेहट और शाम की सभा गूजरी महल में होगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से ग्वालियर के लोग और पर्यटक संगीत और कला के अद्भुत संगम का अनुभव कर सकेंगे।

    तानसेन समारोह 2025 न केवल संगीत बल्कि कला का भी उत्सव साबित होने जा रहा है जहां कलाकारों के लाइव पेंटिंग और प्रदर्शनी के जरिए तानसेन की धरोहर को न केवल संगीत प्रेमियों बल्कि कला प्रेमियों के लिए भी प्रस्तुत किया जाएगा। यह आयोजन ग्वालियर के सांस्कृतिक परिदृश्य में एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

  • ग्वालियर में विशेष गहन पुनरीक्षण: मतदाताओं के लिए बीएलओ से संपर्क करने का अंतिम मौका

    ग्वालियर में विशेष गहन पुनरीक्षण: मतदाताओं के लिए बीएलओ से संपर्क करने का अंतिम मौका


    ग्वालियर । ग्वालियर जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची के अंतिम आंकड़े तैयार किए जा रहे हैं। हालांकि अब भी कुछ मतदाता हैं जिन्होंने अपना फार्म अभी तक जमा नहीं किया है। ऐसे मतदाताओं के लिए अब एक अंतिम अवसर दिया गया है। यदि आप ग्वालियर में रहते हैं और आपका फार्म अभी तक जमा नहीं हुआ है तो आप अपने बीएलओ बूथ लेवल ऑफिसर से संपर्क कर फार्म जमा कर सकते हैं।

    ग्वालियर जिले में पिछले कुछ दिनों में 14 हजार मतदाताओं का पता चलने के बाद उनके फार्म डिजिटाइज्ड कर दिए गए हैं। बीएलओ पिछले दो दिनों से अपने बूथों पर बैठकर काम कर रहे हैं और इस प्रक्रिया को पूरा कर रहे हैं। इसके बावजूद अभी भी 2 लाख 70 हजार नाम ऐसे हैं जो मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं। यह वे लोग हैं जिनका रिकार्ड नहीं मिल पाया या वे अनुपस्थित हैं मृत हैं या शिफ्ट हो चुके हैं।

    आखिरी अवसर फार्म जमा करने के लिए संपर्क करें

    ग्वालियर जिले में कुल 16 लाख 49 हजार फार्म डिजिटाइज्ड किए जा चुके हैं लेकिन इस सूची में कुछ नाम अब भी छूटे हुए हैं। इस समय में बीएलओ द्वारा पुनः वाचन किया जा रहा है और मतदाता संपर्क कर अपने फार्म जमा कर सकते हैं। अगर आपने अपना फार्म घर पर प्राप्त किया है और अभी तक उसे जमा नहीं किया है तो कृपया बीएलओ से तुरंत संपर्क करें। इसके अलावा इस दौरान बीएलओ और बीएलए द्वारा बैठकें आयोजित की जा रही हैं ताकि उन मतदाताओं का डेटा अपडेट किया जा सके जो अभी तक सूची में नहीं शामिल हो पाए हैं।

    विधानसभा निर्वाचन की तैयारियां और समय सीमा

    भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर  के कार्य के लिए सात दिन का अतिरिक्त समय और बढ़ा दिया गया है। अब बीएलओ को अधिक समय मिलेगा ताकि वे उन मतदाताओं को सूची में शामिल कर सकें जो अभी तक अनमैप हैं। यह सात दिनों की अवधि बीएलओ को सूची में बदलाव करने अनमैप मतदाताओं का डेटा अपडेट करने और फार्म जमा करने के लिए दी गई है।

    ग्वालियर जिले में विशेष प्रयास जारी

    ग्वालियर जिले में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य बड़े पैमाने पर चल रहा है। जिले के 1679 बूथों पर बीएलओ बैठे हुए हैं और यहां से मतदाता संपर्क कर अपने फार्म जमा कर सकते हैं। यदि आपको किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो तो आप कलेक्ट्रेट कार्यालय या अन्य संबंधित अधिकारियों से भी संपर्क कर सकते हैं।

    अनमैप मतदाताओं का आंकड़ा घटाने की चुनौती

    ग्वालियर जिले में अभी दो लाख से ज्यादा मतदाता ऐसे हैं जिनका नाम सूची में शामिल नहीं हो पाया है। इन अनमैप मतदाताओं को सही तरीके से सूची में शामिल करने के लिए बीएलओ को चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि सात दिनों के इस अतिरिक्त समय के दौरान बीएलओ इस आंकड़े को कम करने में सक्षम हो सकते हैं। यह समय अनमैप मतदाताओं का डेटा पूरी तरह से अपडेट करने के लिए है।

    ग्वालियर जिले के मतदाताओं के लिए यह आखिरी अवसर है कि वे अपने फार्म जमा करें और मतदाता सूची में नाम सुनिश्चित करें। बीएलओ से संपर्क कर फार्म जमा करें और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। निर्वाचन आयोग ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए बीएलओ को अतिरिक्त समय दिया है जिससे किसी भी मतदाता को कोई समस्या न हो।

  • शीतकालीन छुट्टियों के लिए गोवा जाने के इच्छुक यात्रियों के लिए रेलवे ने शुरू की स्पेशल ट्रेन

    शीतकालीन छुट्टियों के लिए गोवा जाने के इच्छुक यात्रियों के लिए रेलवे ने शुरू की स्पेशल ट्रेन


    रायपुर । इस शीतकालीन छुट्टियों में अगर आप गोवा जाने का प्लान बना रहे हैं तो अब आपके लिए रेलवे ने एक नई सुविधा शुरू की है। रेलवे 20 दिसंबर से बिलासपुर–मडगांव के बीच साप्ताहिक शीतकालीन स्पेशल ट्रेन चलाएगा ताकि यात्रियों को छुट्टियों में गोवा पहुंचने में कोई कठिनाई न हो। यह ट्रेन हर शनिवार को चलेगी और चार फेरे करेगी।

    विमान सेवाओं में अनिश्चितता के कारण रेलवे ने यह कदम उठाया है जिससे गोवा जाने वाले यात्रियों को एक आरामदायक और विश्वसनीय विकल्प मिल सके। रेलवे का यह कदम विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए राहत देने वाला है जो विमान सेवाओं में हो रही अनिश्चितता के कारण यात्रा की योजना में बदलाव कर रहे थे।

    शीतकालीन स्पेशल ट्रेन का समय और मार्ग

    यह शीतकालीन स्पेशल ट्रेन 20 दिसंबर 27 दिसंबर 3 जनवरी और 10 जनवरी को बिलासपुर से मडगांव के लिए चलेगी जो प्रत्येक शनिवार को निर्धारित है। वहीं मडगांव से बिलासपुर के लिए यह ट्रेन 22 29 दिसंबर और 5 तथा 12 जनवरी को सोमवार को चलेगी। ट्रेन की संख्या 08241 बिलासपुर–मडगांव और 08242 मडगांव–बिलासपुर होगी।

    इस ट्रेन के माध्यम से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी क्योंकि इस ट्रेन में 18 कोच की व्यवस्था की गई है जिसमें विभिन्न श्रेणियों की सीटें और सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही ट्रेन में पर्याप्त संख्या में सीटें उपलब्ध हैं जो यात्रियों की बढ़ी हुई मांग को पूरा करने में सहायक होगी।

    वाणिज्यिक ठहराव और कोच की सुविधा

    इस ट्रेन का वाणिज्यिक ठहराव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख स्टेशनों जैसे बिलासपुर भाटापारा रायपुर दुर्ग राजनांदगांव गोंदिया और नागपुर पर होगा। इन स्टेशनों पर ट्रेन रुकने से यात्रियों को आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव होगा।

    इसके अलावा शीतकालीन स्पेशल ट्रेन में यात्रियों की विभिन्न जरूरतों के हिसाब से कोच की व्यवस्था की गई है। ट्रेन में एक एसएलआरडी तीन सामान्य दो स्लीपर दो एसी-III इकोनामी आठ एसी-III एक एसी-II और जनरेटर कार सहित कुल 18 कोच की सुविधा उपलब्ध है। यह कोच विभिन्न यात्री वर्गों के लिए उपयुक्त हैं जिससे यात्रियों को यात्रा के दौरान आराम और सुविधा का अनुभव होगा।

    रेलवे की यह पहल क्यों है महत्वपूर्ण

    वर्तमान में विमान सेवाओं में अनिश्चितता और टिकट की उच्च कीमतों के कारण यात्रा की योजना बनाना मुश्किल हो गया था। ऐसे में रेलवे की यह पहल यात्रियों के लिए एक राहत की बात है। विशेष रूप से शीतकालीन छुट्टियों के दौरान गोवा जाने के इच्छुक यात्रियों के लिए यह एक उत्तम विकल्प साबित हो सकता है।

    इसके अलावा रेलवे का यह कदम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी योगदान दे रहा है क्योंकि यात्रा के लिए कम से कम संसाधनों का उपयोग होता है। ट्रेन से यात्रा करने से यात्री जल्दी और सुरक्षित रूप से अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं साथ ही यह एक किफायती और सुरक्षित विकल्प भी है।

    इस शीतकालीन सीजन में गोवा जाने की योजना बनाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे द्वारा शुरू की गई शीतकालीन स्पेशल ट्रेन एक बेहतरीन विकल्प है। रेलवे का यह कदम न केवल यात्रियों की यात्रा को आरामदायक बनाएगा बल्कि उन्हें एक सुविधाजनक और विश्वसनीय यात्रा अनुभव भी प्रदान करेगा।

  • दिल्ली-NCR के प्रदूषण ने बदली बॉक्सिंग की तारीखें: अब 4 जनवरी से ग्रेटर नोएडा में शुरू होगी नेशनल चैंपियनशिप, पहली बार साथ होंगे पुरुष और महिला वर्ग

    दिल्ली-NCR के प्रदूषण ने बदली बॉक्सिंग की तारीखें: अब 4 जनवरी से ग्रेटर नोएडा में शुरू होगी नेशनल चैंपियनशिप, पहली बार साथ होंगे पुरुष और महिला वर्ग


    नई दिल्ली /दिल्ली-एनसीआर में लगातार खराब होती एयर क्वॉलिटी लोगों के स्वास्थ्य के साथ-साथ खेल आयोजनों के शेड्यूल पर भी असर डाल रही है। इसी कारण नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप- जिसे पहले 31 दिसंबर 2025 से 6 जनवरी 2026 के बीच कराया जाना था- अब नई तारीखों के साथ अगले वर्ष 4 से 10 जनवरी 2026 तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित की जाएगी। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया BFI ने उत्तर भारत में लागू प्रदूषण नियंत्रण नियमों को देखते हुए यह निर्णय लिया है। चैंपियनशिप का आयोजन ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी में ही होगा- जहां तैयारी पहले से ही लगभग पूरी की जा चुकी है। बीएफआई अधिकारियों ने जानकारी दी कि सरकार द्वारा 31 दिसंबर 2025 तक अनिवार्य किए गए पॉल्यूशन कंट्रोल उपायों के चलते तारीखें बदलनी पड़ी हैं- लेकिन आयोजन स्थल- मैच शेड्यूल और तकनीकी इंतजामों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा। केवल तारीखों में परिवर्तन हुआ है ताकि खिलाड़ी एक बेहतर और सुरक्षित वातावरण में मुकाबलों में हिस्सा ले सकें।

    इस बार की चैंपियनशिप कई मायनों में खास रहने वाली है। पहली बार बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया पुरुष और महिला दोनों वर्गों की नेशनल चैंपियनशिप को एक साथ आयोजित कर रहा है। इससे देशभर के टॉप मुक्केबाज एक ही मंच पर नजर आएंगे और बॉक्सिंग प्रेमियों को एक ही स्थान पर दोनों श्रेणियों के रोमांचक मुकाबले देखने का मौका मिलेगा। यह न केवल खेल प्रेमियों के लिए खास अवसर है- बल्कि खिलाड़ियों के लिए भी यह वातावरण प्रेरणादायक अहम होगा- जहां वे देश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों से मुकाबला कर अपनी क्षमता का मूल्यांकन कर सकेंगे। दोनों वर्गों में 10-10 वेट कैटेगरीज रखी गई हैं और सभी मुकाबले वर्ल्ड बॉक्सिंग के तकनीकी व प्रतियोगिता नियमों के अनुसार खेले जाएंगे। बीएफआई ने स्पष्ट किया है कि पूरे आयोजन में अंतरराष्ट्रीय स्तर की व्यवस्था की जाएगी- ताकि खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रतियोगिता जैसा अनुभव मिल सके।

    इस बार सर्विसेज टीम पुरुष वर्ग में डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में उतर रही है। उसका जोर लगातार दूसरी बार खिताब जीतकर अपना दबदबा बरकरार रखने पर रहेगा। वहीं महिला वर्ग में रेलवे की टीम अपने खिताब की रक्षा के उद्देश्य से मैदान में उतरने जा रही है। दोनों टीमों की तैयारी जोर-शोर से चल रही है और वे अपनी-अपनी श्रेणी में मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं। हरियाणा- जो लंबे समय से भारतीय बॉक्सिंग का मजबूत केंद्र रहा है- इस चैंपियनशिप में भी कई प्रतिभाशाली मुक्केबाज उतारने जा रहा है। राज्य के कई खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है- इसलिए इस टूर्नामेंट में उनकी मौजूदगी इसे और प्रतिस्पर्धी बना देगी।

    देशभर की बॉक्सिंग यूनिट्स इस आयोजन में हिस्सा लेंगी- जिसमें अनुभवी खिलाड़ियों के साथ कई उभरते हुए युवा भी अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए तैयार हैं। यह चैंपियनशिप आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयारियों और चयन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बॉक्सिंग फेडरेशन आशा कर रहा है कि यह संयुक्त आयोजन भारतीय बॉक्सिंग की मजबूत तस्वीर पेश करेगा और खिलाड़ियों को एक बेहतर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगा। नई तारीखों के साथ अब तैयारियां और भी तेज हो गई हैं। प्रदूषण की वजह से भले ही शेड्यूल आगे बढ़ा हो- लेकिनआयोजकों का कहना है कि इससे खिलाड़ियों को तैयारी के लिए कुछ अतिरिक्त समय मिल जाएगा- जिसक लाभ उन्हें रिंग में प्रदर्शन के दौरान मिलेगा। ग्रेटर नोएडा का आधुनिक ढांचा और विश्वविद्यालय का विशाल परिसर इस आयोजन को सफल बनाने के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।कुल मिलाकर- नई तारीखों के साथ यह नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप और भी खास बनकर सामने आ रही है। पुरुष और महिला दोनों वर्गों के मुकाबले एक ही मंच पर देखना दर्शकों और खिलाड़ियों-दोनों के लिए यादगार अनुभव साबित होगा।

  • RBI New Rules: लोन लिमिट पर बैंक अब नहीं कर सकेंगे मनमानी, ग्राहकों की मंजूरी जरूरी

    RBI New Rules: लोन लिमिट पर बैंक अब नहीं कर सकेंगे मनमानी, ग्राहकों की मंजूरी जरूरी


    नई दिल्ली।
    बैंक और लोन ऐप (Banks and Loan apps) अब अपनी मर्जी से लोन की लिमिट को नहीं बढ़ा सकेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने स्पष्ट किया कि ग्राहक की लिखित मंजूरी के बाद ही लोन सीमा को बढ़ाया जा सकता है। बैंकों की लोन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आरबीआई ने नए दिशा-निर्देश (RBI New Rules) जारी किए हैं। रिजर्व बैंक ने डेटा संरक्षण को लेकर साफ किया है कि बिना ग्राहक की मंजूरी के उसका डाटा थर्ड पार्टी से साझा नहीं किया जा सकता।

    गौरतलब है कि बैंकों द्वारा अपनी मर्जी से लोन सीमा बढ़ाए जाने को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। छोटी धनराशि वाले कर्ज को लेकर शिकायतें सबसे अधिक थीं। उदाहरण के लिए अगर किसी ग्राहक ने 20 हजार का लोन मंजूर कराया और तय किस्तों पर ग्राहक द्वारा लोन चुकाया जा रहा है तो कुछ बैंक और लोन ऐप आखिरी किस्त आने से पहले बिना स्वीकृति ग्राहक के खाते में 10 हजार रुपये का लोन जारी कर देते हैं। बैंक इसके पीछे अच्छी साख का तर्क देते हैं। ग्राहक इसे लौटाना चाहे तो बैंक आनाकानी करते हैं और ग्राहक पर जुर्माना लगाया जाता है।

    कर्ज लेने वाले ग्राहकों की एफडी या बचत ब्लॉक न करें
    आरबीआई के नए नियमों के तहत बैंक कर्ज को किसी सावधि जमा यानी एफडी, बचत खाते या सुरक्षा योजना से लिंक नहीं कर सकते। बैंकों को लेकर शिकायत थी कि छोटे ऋण जारी करते वक्त गारंटी के तौर पर ग्राहक की एफडी, खाते या अन्य सुरक्षा योजना को लिंक किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में जब तक ऋण पूरा अदा नहीं होता है या कोई किस्त जमा नहीं जाती है तो बैंक ग्राहक को एफडी तोड़ने की इजाजत नहीं देते।

    आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि घर के खर्च और आय का आकलन बैंकों के लिए करना जरूरी है, लेकिन ऋण के बदले एफडी, खाते या किसी अन्य सुरक्षा को लिंक नहीं किया जा सकता। जरूरत का डेटा ही ले सकेंगे बैंक : कर्ज सेवा प्रदाता कंपनियों के लिए नए सख्त नियम जारी किए गए हैं। नियमों में डेटा कलेक्शन से लेकर उसकी स्टोरेज, थर्ड-पार्टी शेयरिंग और सभी डिजिटल लेंडिंग ऐप्स की रिपोर्टिंग तक के प्रावधान शामिल हैं। मोबाइल की फाइल, फोटो, कॉन्टैक्ट्स, कॉल लॉग आदि किसी भी संवेदनशील डेटा तक पहुंच नहीं होगी। कैमरा, माइक्रोफोन, लोकेशन जैसी सुविधाओं का केवल एक बार उपयोग केवाईसी के लिए ही किया जा सकेगा।

    ग्राहकों के हित में अनिवार्य नियम
    – बैंकों को दस्तावेज सत्यापित ई-मेल व एसएमएस पर देने होंगे।
    – धनराशि ऐप या एजेंट नहीं सीधे ग्राहक के खाते में जाएगी।
    – समय से पहले बिना जुर्माने कर्ज चुकाने का अवसर देना होगा।
    – रिकवरी एजेंट की जानकारी ग्राहक को पहले से भेजनी होगी।
    – कोई तीसरी पार्टी पैसे के लेनदेन को नियंत्रित नहीं कर सकती।

  • अरबपतियों की सूची में मस्क की नंबर वन कुर्सी से टला खतरा, लैरी एलिसन ने दूसरा स्थान भी खोया

    अरबपतियों की सूची में मस्क की नंबर वन कुर्सी से टला खतरा, लैरी एलिसन ने दूसरा स्थान भी खोया


    वाशिंगटन।
    टेक शेयरों (Tech stocks) में गिरावट के कारण दुनिया के टॉप-10 अरबपतियों (World’s Top 10 Billionaires) की लिस्ट में उथल-पुथल देखने को मिल रही है। कभी मस्क की अरबपति नंबर वन की कुर्सी के खतरा बन रहे लैरी एलिसन (Larry Ellison) से अरबपति नंबर 2 की कुर्सी छिन गई है। गुरुवार को एलिसन 24.9 अरब डॉलर गंवाने वाले टॉप लूजर रहे। इनकी कंपनी ओरेकल के शेयर 10 पर्सेंट से अधिक लुढ़क गए। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स (Bloomberg Billionaires Index) में अब दूसरे नंबर पर लैरी पेज आ गए हैं। हालांकि, इन्हें भी 5.73 अरब डॉलर की चोट पहुंची है।

    कुछ दिन पहले दूसरे नंबर पर रहे गूगल अल्फाबेट के को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन अब पांचवें नंबर पर हैं। टेस्ला के एलन मस्क पहले नंबर पर काबिज हैं। भारत के मुकेश अंबानी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। अडानी 84.3 अरब डॉलर के साथ अब भी वह 20वें स्थान पर हैं।

    साल 2025 के सबसे बड़े गेनर
    इस साल के सबसे बड़े गेनर्स अब लैरी पेज हैं। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक उनकी दौलत में इस साल अबतक 100 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। वहीं, दूसरे नंबर पर सर्गेई ब्रिन हैं, जिनकी दौलत इस साल 91.3 अरब डॉलर बढ़ी है। लैरी एलिसन की कमाई अब 65.6 अरब डॉलर पर पहुंच गई है।

    दुनिया टॉप-10 अमीर
    ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक एलन मस्क अभी भी दुनिया के सबसे बड़े रईस हैं। उनकी कुल संपत्ति 462 अरब डॉलर है और इसमें गुरुवार को 3.27अरब डॉलर का नुकसान हुआ। इस साल अबतक इनकी संपत्ति 29.4 अरब डॉलर बढ़ी है। दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति लैरी पेज को गुरुवार को 5.7 अरब डॉलर का नुकसान हुआ और इनकी कुल संपत्ति 268 अरब डॉलर हो गई है।

    लैरी एलिसन को गुरुवार को 24.9 अरब डॉलर का बड़ा झटका लगा। अब 258 अरब डॉलर के साथ एलिसन दुनिया के अरबपतियों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं। वहीं अमेजन के जेफ बेजोस की संपत्ति 1.17 अरब डॉलर गिरकर 253 अरब डॉलर हो गई। इसके बावजूद उन्हें एक पायदान का फायदा हुआ है। बेजोस अब 5वें से चौथे स्थान पर हैं। इनका नेटवर्थ 253 अरब डॉलर है।

    सर्गेई ब्रिन की दौलत में 5.29 अरब डॉलर की गिरावट हुई और अब उनके पास 250 अरब डॉलर का नेटवर्थ है। ये ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स में 5वें स्थान पर आ गए हैं। मार्क जुकरबर्ग की संपत्ति में 934 मिलियन डॉलर का इजाफा हुआ। अब इनका नेटवर्थ 231 अरब डॉलर हो गया है। दुनिया के अमीरों की लिस्ट में जुकरबर्ग छठे स्थान पर हैं। सातवें स्थान पर फ्रांस के बर्नार्ड अर्नाल्ट हैं। इनकी संपत्ति में 2.86 अरब डॉलर का इजाफा हुआ और उनके पास 202 अरब डॉलर का नेटवर्थ है।

    स्टीव बाल्मर ने 1.84 अरब डॉलर कमाए। इनका नेटवर्थ अब 168 अरब डॉलर हो गया है। ये 8वें पोजीशन पर हैं। एनवीडिया के मालिक जेनसेंग हुआंग को 2.38 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। अब इनके पास 157 अरब डॉलर की संपत्ति है और ये दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 9वें पायदान पर आ गए हैं। इस साल इनकी संपत्ति में 43 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। माइकल डेल एक बार फिर टॉप-10 में आ गए हैं। अब उनके पास 157 अरब डॉलर की दौलत है।

  • MP: IAS संतोष वर्मा पर एक्शन…. सीएम के निर्देश पर पदों से हटाया, बर्खास्तगी की तैयारी

    MP: IAS संतोष वर्मा पर एक्शन…. सीएम के निर्देश पर पदों से हटाया, बर्खास्तगी की तैयारी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने ‘मर्यादाविहीन’ टिप्पणियों (‘Indecent’ comments.) से चर्चा में आए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी संतोष वर्मा (IAS Santosh Verma) पर ‘डबल ऐक्शन’ लिया है। राज्य सरकार ने एक ओर जहां संतोष वर्मा को कृषि विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी पद से हटा (Removed post Deputy Secretary Agriculture Department) दिया है। वहीं, केंद्र सरकार को एक प्रस्ताव भेजकर संतोष वर्मा को आईएएस सेवा से बर्खास्त करने की भी सिफारिश की है। उन पर फर्जी तरीके से आईएएस में प्रमोशन पाने का आरोप है।

    एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, इसके साथ ही मध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग (जीडीए) ने संतोष वर्मा को कृषि विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी पद से हटाकर बिना विभाग और बिना कार्य के जीडीए से ‘अटैच’ कर दिया है।


    क्या है विवाद

    दरअसल, संतोष वर्मा ने 23 नवंबर को भोपाल में एक कार्यक्रम में एक विवादित बयान देते हुए कहा था, ‘‘जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान न कर दे तब तक आरक्षण मिलना चाहिए।’’ उनके इस बयान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ और फिर ब्राह्मण समाज में आक्रोश फैल गया। वर्मा की इस टिप्पणी के बाद से प्रदेश ही नहीं देशभर में उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही थी।

    यही नहीं, संतोष वर्मा की टिप्पणी से आक्रोशित 65 ब्राह्मण संगठन एकजुट हो गए और उन्होंने शुक्रवार को मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन करने और 14 दिसंबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान कर दिया और साथ ही कहा कि इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश बंद की तैयारी की जाएगी।


    हाईकोर्ट पर भी थी टिप्पणी

    इस बीच, संतोष वर्मा की एक और टिप्पणी ने उस वक्त आग में घी डालने का काम किया जब उन्होंने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह कहा कि ‘‘एसटी वर्ग के बच्चों को सिविल जज कोई और नहीं, बल्कि हाईकोर्ट नहीं बनने दे रहा है… यही हाईकोर्ट है, जिससे हम संविधान के पालन की गारंटी मांगते हैं।’’

    उनकी इस टिप्पणी से जुड़ा वीडियो सामने आते ही विवाद और भड़क गया और सरकार पर दबाव बढ़ा। इसके बाद एक बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संतोष वर्मा प्रकरण का संज्ञान लेते हुए जीएडी को सख्त कारवाई के निर्देश दिए। बयान में कहा गया कि संतोष वर्मा ने राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए प्रमोशन फर्जी और जाली आदेश तैयार कर लिया और उनके खिलाफ विभिन्न अदालतों में आपराधिक प्रकरण लंबित है।

    बयान में कहा गया, “फर्जी दस्तावेजों और धोखाधड़ी के आधार पर ली गई आईएएस की पदोन्नति गलत है। अतः आईएएस से बर्खास्त करने का प्रस्ताव केन्द्र शासन को प्रेषित किया जा रहा है।” इसके कुछ देर बाद ही सरकार ने गुरुवार को केंद्र को यह प्रस्ताव भेज दिया। सरकार ने कहा कि वर्मा के विरुद्ध जाली और फर्जी दस्तावेज के आधार पर संनिष्ठा प्रमाण पत्र प्राप्त करने के आरोप के लिए विभागीय जांच अंतिम स्तर पर है और वर्तमान प्रकरण में उनके द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र का प्रस्तुत जबाव संतोषजनक नहीं है।

    सरकार ने कहा कि उनके द्वारा सतत मर्यादा विहीन बयान जारी किए जा रहे हैं, अतः उन्हें ‘चार्जशीट’ जारी करने का निर्णय लिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार आईएएस अधिकारियों को सस्पेंड तो कर सकती हैं, लेकिन उन्हें बर्खास्त नहीं कर सकती क्योंकि यह शक्ति केन्द्र सरकार के पास होती है, जो राष्ट्रपति के द्वारा हस्ताक्षर किए जाने के बाद लागू होती है।

    अधिकारियों का कहना है, “MP सरकार ने MP कैडर के IAS अधिकारी संतोष वर्मा को एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के डिप्टी सेक्रेटरी के पद से हटा दिया है, क्योंकि यह पाया गया कि वह धोखाधड़ी से IAS अधिकारी बने थे।” “संतोष वर्मा के खिलाफ जाली और मनगढ़ंत दस्तावेजों के आधार पर कथित तौर पर इंटीग्रिटी सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए डिपार्टमेंटल जांच अपने आखिरी स्टेज में है।”

    “मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी मध्य प्रदेश के IAS अधिकारी संतोष वर्मा के ब्राह्मण समुदाय की बेटियों के बारे में दिए गए विवादित बयान पर संज्ञान लिया। उन्होंने GAD को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।”

  • SIR को चुनौती…. SC बोला- वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर क्या आंखें मूंद ले चुनाव आयोग?

    SIR को चुनौती…. SC बोला- वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर क्या आंखें मूंद ले चुनाव आयोग?


    नई दिल्ली।
    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (Special in-depth review-SIR) को लेकर जारी अधिसूचना में ‘माइग्रेशन’ शब्द की व्याख्या केवल देश के भीतर के प्रवासन तक सीमित नहीं मानी जा सकती, बल्कि इसमें सीमा पार प्रवासन भी शामिल हो सकता है। अदालत ने यह टिप्पणी उन याचिकाओं की सुनवाई के दौरान की जिनमें बिहार में SIR को चुनौती देते हुए आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग (Election Commission- ECI) नागरिकता पर संदेह के आधार पर लोगों को मतदाता सूची से हटाकर मताधिकार छीन रहा है।

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि SIR कोई नियमित प्रक्रिया नहीं है और बिहार में यह 2003 के बाद पहली बार किया जा रहा है। कोर्ट ने पूछा, “क्या चुनाव आयोग मतदाता सूची की शुचिता बनाए रखने के लिए किसी ‘शुद्धिकरण और छंटनी’ की प्रक्रिया नहीं अपना सकता? यदि गड़बड़ियां मिलें तो क्या आयोग को आंख मूंद लेनी चाहिए?”

    मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा, “माइग्रेशन ट्रांस-कंट्री भी हो सकता है। यह केवल देश के भीतर का प्रवासन नहीं है। आजीविका और अन्य कारणों से लोग विदेशी सीमाएं पार करते हैं। ‘ब्रेन ड्रेन’ भी प्रवासन ही है।”

    पीठ की यह टिप्पणी वरिष्ठ अधिवक्ता राजू रामचंद्रन के उस तर्क के जवाब में आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि चुनाव आयोग नागरिकता की जांच करना चाहता था, तो उसे 24 जून के आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख करना चाहिए था। आदेश में SIR का आधार केवल “तेजी से शहरीकरण” और “शिक्षा व आजीविका के लिए बार-बार होने वाला जनसंख्या का स्थानांतरण” बताया गया था।


    BLO के संदेह पर नाम हटाना खतरनाक— याचिकाकर्ता

    रामचंद्रन ने दलील दी कि SIR को विदेशी नागरिकों की पहचान से जोड़ना असंवैधानिक है, क्योंकि नागरिकता की जांच के लिए पहले से वैधानिक प्रक्रिया मौजूद है। उन्होंने कहा, “सिर्फ बूथ लेवल ऑफिसर के संदेह पर किसी को मतदाता सूची से हटाना बेहद खतरनाक है।” कोर्ट ने जवाब दिया कि उनकी टिप्पणियां अंतिम निष्कर्ष नहीं हैं बल्कि मुद्दे पर बेहतर तर्कों के लिए एक प्रयास हैं।

    याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया ‘गलत संदेह’ पर आधारित है और बड़े पैमाने पर मतदाताओं को अयोग्य घोषित करने की कोशिश है। रामचंद्रन ने कहा, “ECI का कर्तव्य मतदाता को सक्षम बनाना है, निष्क्रिय करना नहीं।” उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के बाद नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में SIR को लागू करना “कॉपी-पेस्ट” जैसा है, जो चुनाव आयोग की “मस्तिष्क-प्रक्रिया की कमी” दर्शाता है।

    अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर के लिए तय की है, जब चुनाव आयोग अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया देगा। अगले सप्ताह उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, पुदुचेरी और पश्चिम बंगाल में SIR को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर भी सुनवाई होगी।

  • MP: सतना में बुजुर्ग की दिलेरी… सीने में गोली लगने बाद भी हमलावर का कृत्रिम पैर और कट्टा छीना

    MP: सतना में बुजुर्ग की दिलेरी… सीने में गोली लगने बाद भी हमलावर का कृत्रिम पैर और कट्टा छीना


    सतना।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के सतना जिले (Satna district) में गुरुवार की रात एक ऐसी सनसनीखेज वारदात हुई, जिसकी कहानी किसी फिल्म की पटकथा (Film script) जैसी लगती है। यहां एक 60 वर्षीय बुजुर्ग ने गोली लगने के बावजूद वो दिलेरी दिखाई, जिसे सुनकर पुलिस भी दंग रह गई है। बिजली विभाग के कर्मचारी (Electricity department employees) को एक दिव्यांग बदमाश ने सीने में गोली मार दी। खून से लथपथ होने के बाद भी बुजुर्ग ने हार नहीं मानी और हमलावर से भिड़ गए। छीना-झपटी में उन्होंने हमलावर का कृत्रिम पैर और कट्टा छीन लिया, जिसके बाद बदमाश लंगड़ाते हुए भाग निकला।


    ड्यूटी से घर लौटते वक्त किया हमला

    बिजली विभाग के घायल कर्मचारी की पहचान रामनरेश बर्मन (60 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अमदरा थाना क्षेत्र के नौगांव के निवासी हैं और सतना के प्रेम नगर स्थित विद्युत विभाग कार्यालय में चपरासी हैं। उन्होंने बताया कि गुरुवार शाम जब वह ड्यूटी खत्म करके ट्रेन पकड़ने के लिए पैदल स्टेशन की ओर जा रहे थे, और जैसे ही वह पटरी किनारे चलते हुए प्रेम नगर अंडरब्रिज के पास पहुंचे, तभी अंधेरे में छिपे एक दिव्यांग व्यक्ति ने उन्हें रोका और कट्टे से फायर कर दिया। गोली सीधे उनके बाएं सीने में लगी।


    मौत सामने थी, पर नहीं टूटा हौसला

    गोली लगते ही रामनरेश के शरीर से खून बहने लगा, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और गजब की जीवटता दिखाई। वे गिरने के बजाय हमलावर पर टूट पड़े। इसके बाद दोनों के बीच जमकर गुत्थम-गुत्था हुई और इस दौरान दिव्यांग हमलावर जमीन पर गिर गया। रामनरेश ने मौका देखते ही उसका नकली पैर खींच लिया और हाथ से कट्टा भी छीन लिया। अपना पैर और हथियार छिनता देख हमलावर घबरा गया और एक पैर से लंगड़ाते हुए मौके से फरार हो गया।


    झोले में नकली पैर और कट्टा लेकर थाने पहुंचे

    इस खौफनाक घटना और सीने में गोली लगी होने के बावजूद रामनरेश बर्मन झोले में हमलावर का नकली पैर और कट्टा भरकर सीधे सिटी कोतवाली पहुंचे। उनके एक हाथ में हमलावर का कृत्रिम पैर था और दूसरे हाथ में कट्टा था। यह दृश्य देखकर पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए है। पुलिस ने तत्काल उन्हें वाहन से जिला अस्पताल भेज दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे और घायल के बयान लिए।


    आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

    उधर सतना सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि रामनरेश बर्मन जो कि विद्युत विभाग में चपरासी के पद पदस्थ हैं। वह रोज की तरह ड्यूटी खत्म करके ट्रेन से घर जाने के लिए निकले थे तभी रास्ते पर अंधेरे में एक अज्ञात व्यक्ति आया और आकर रामनरेश पर कट्टे से फायर कर दिया। पुलिस ने कहा कि फायर करने वाला व्यक्ति विकलांग था उसका नकली पैर भी वहीं छूट गया है। आगे उन्होंने कहा कि हो सकता है अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाश ने लूट के इरादे से गोली मारी होगी। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला पंजीबद्ध कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।