Blog

  • महाकाल मंदिर में भक्तों को मिलेगा 24 घंटे लड्डू प्रसाद हरसिद्धि धर्मशाला में नया काउंटर स्थापित

    महाकाल मंदिर में भक्तों को मिलेगा 24 घंटे लड्डू प्रसाद हरसिद्धि धर्मशाला में नया काउंटर स्थापित


    उज्जैन । उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में अब भक्तों को भगवान महाकाल का लड्डू प्रसाद 24 घंटे मिल सकेगा। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने इस सुविधा को देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंदिर की समिति ने हरसिद्धि धर्मशाला के बाहर नया प्रसाद विक्रय काउंटर स्थापित करने का निर्णय लिया है जो अब भक्तों को दिन और रात के किसी भी समय महाकाल के लड्डू प्रसाद की प्राप्ति का अवसर देगा।

    वर्तमान समय में महाकाल मंदिर के अंदर स्थित प्रसाद काउंटर से सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक ही लड्डू प्रसाद मिलता है। इसके बाद इन काउंटरों से प्रसाद विक्रय बंद हो जाता है। इस समय सीमा को ध्यान में रखते हुए महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने एक नया काउंटर स्थापित करने का निर्णय लिया है जिससे भक्तों को दिन-रात किसी भी समय लड्डू प्रसाद मिल सकेगा।

    काउंटर से बिकेंगे रागी और बेसन के लड्डू

    नए काउंटर पर दोनों प्रकार के लड्डू प्रसाद बिकेंगे जिनमें एक है रागी के लड्डू और दूसरा है बेसन के लड्डू। दोनों लड्डू की कीमत 400 रुपये प्रति किलो तय की गई है। रागी और बेसन के लड्डू महाकाल के भक्तों के बीच काफी लोकप्रिय हैं और इनकी विशेष धार्मिक महत्वता भी है। यह प्रसाद भक्तों को न केवल धार्मिक आशीर्वाद प्रदान करता है बल्कि उनका अनुभव भी अद्वितीय बनाता है।

    काउंटर हरसिद्धि धर्मशाला के सामने स्थित होगा जहां भक्त यात्रा के दौरान या दर्शन के बाद इस प्रसाद का सेवन कर सकेंगे। मंदिर समिति के अधिकारियों का कहना है कि इस नए काउंटर से भक्तों की सुविधा में वृद्धि होगी और उन्हें महाकाल का प्रसाद प्राप्त करने में कोई रुकावट नहीं आएगी।

    24 घंटे प्रसाद विक्रय की व्यवस्था

    महाकाल मंदिर के सभी वर्तमान प्रसाद काउंटर मंदिर के पट खुलने और बंद होने के समय के अनुसार काम करते हैं। अर्थात जब मंदिर का पट बंद होता है तब प्रसाद विक्रय भी बंद हो जाता है। लेकिन अब नया काउंटर इस व्यवस्था से अलग होगा क्योंकि यह 24 घंटे चालू रहेगा और भक्त किसी भी समय यहां से प्रसाद प्राप्त कर सकेंगे।

    इस पहल के साथ ही मंदिर प्रशासन का उद्देश्य भक्तों को सुविधा प्रदान करना और महाकाल के लड्डू प्रसाद का प्रसार अधिक से अधिक लोगों तक करना है। मंदिर प्रबंध समिति के एक अधिकारी ने बताया कि इस काउंटर का उद्घाटन जल्द ही किया जाएगा और यह भक्तों के लिए एक और नई सेवा प्रदान करेगा।

    महाकाल महालोक और मंगलनाथ मंदिर में भी काउंटर

    महाकाल मंदिर परिसर के अलावा श्री महाकाल महालोक और मंगलनाथ मंदिर में भी लड्डू प्रसाद काउंटर खोले गए हैं। इन काउंटरों से भी लड्डू प्रसाद का विक्रय किया जाता है लेकिन ये काउंटर मंदिर के पट खुलने और बंद होने के समय के अनुसार काम करते हैं। इसलिए इस नए काउंटर के माध्यम से भक्तों को 24 घंटे प्रसाद मिल सकेगा जो एक स्वागत योग्य पहल है।

    महाकाल मंदिर समिति द्वारा उठाया गया यह कदम महाकाल के भक्तों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा क्योंकि अब वे किसी भी समय लड्डू प्रसाद का स्वाद ले सकेंगे। यह पहल न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा में वृद्धि करेगी बल्कि महाकाल मंदिर के प्रति श्रद्धा और विश्वास को भी मजबूत बनाएगी।

  • MP: पाकिस्तानी पति-पति का पारिवारिक विवाद पहुंचा इंदौर HC, पत्नी ने लगाई पति को वापस भेजने की गुहार

    MP: पाकिस्तानी पति-पति का पारिवारिक विवाद पहुंचा इंदौर HC, पत्नी ने लगाई पति को वापस भेजने की गुहार


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) में पारिवारिक विवाद का एक बेहद खास मामला सुनवाई के लिए आया है, जिसमें पति-पत्नी दोनों पाकिस्तान (Husband and Wife Pakistani) के रहने वाले हैं, हालांकि पति बीते कुछ सालों से भारत में रह रहा है। अब इस कपल ने पारिवारिक सुलह के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। दरअसल इस हिंदू जोड़े की शादी साल 2020 में पाकिस्तान में हुई थी, और शादी के कुछ समय बाद से ही यह दोनों अलग-अलग देशों में रह रहे हैं। इस दौरान सुलह-समझौते की तमाम कोशिशें नाकाम होने के बाद दोनों के बीच विवाद का यह मुद्दा मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय पहुंच गया है। महिला ने पति पर आरोप लगाया है कि वह दूसरी शादी करने की तैयारी कर रहा है, वहीं पति का कहना है कि उसकी पत्नी उससे धन ऐंठने के लिए यह सब कर रही है।


    पत्नी का आरोप- पति करने जा रहा दूसरी शादी

    प्राप्त जानकारी के अनुसार पाकिस्तानी महिला निकिता देवी (28) ने उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में रिट याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता निकिता पाकिस्तान के कराची शहर की रहने वाली है। उसने अपने पति विक्रम कुमार नागदेव (35) पर बिना तलाक दिए दूसरी शादी की तैयारी करने का आरोप लगाया है और अदालत से उसे भारत से वापस पाकिस्तान भेजने की गुहार लगाई है।


    लॉन्ग टर्म वीजा पर इंदौर में रह रहा पाकिस्तानी शख्स

    अधिकारियों के मुताबिक पति-पत्नी पाकिस्तान के नागरिक हैं और उनकी शादी 26 जनवरी 2020 को वहां के सिंध प्रांत में हुई थी। फिलहाल महिला का पति लंबी अवधि के वीजा (LTV) के आधार पर इंदौर में रह रहा है। पाकिस्तानी महिला ने याचिका में आरोप लगाया है कि उसके पति ने उसे छोड़ दिया है और वह भारत में रहने वाली एक महिला से मार्च 2026 में गैरकानूनी तौर पर दूसरी शादी की तैयारी कर रहा है।

    याचिकाकर्ता के वकील दिनेश रावत ने गुरुवार को बताया कि पाकिस्तान में अपने मायके में रह रही निकिता ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत याचिका दायर की है जिस पर अगले हफ्ते सुनवाई हो सकती है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 226 उच्च न्यायालयों को मौलिक अधिकारों और अन्य कानूनी अधिकारों के मामलों में अलग-अलग रिट (औपचारिक आदेश) जारी करने की शक्ति देता है।


    महिला की गुहार- पति उठा रहा बेजा फायदा

    पाकिस्तानी महिला के वकील ने बताया, ‘मेरी मुवक्किल ने याचिका में उच्च न्यायालय से गुहार लगाई है कि कानूनी जटिलताओं का बेजा फायदा उठा रहे उनके पति को भारत में दूसरी शादी करने से रोका जाए और वापस पाकिस्तान भेज दिया जाए।’


    पति बोला- वह अपनी मर्जी से पाकिस्तान लौटी थी

    उधर, निकिता के पति ने अपनी पत्नी के आरोपों को खारिज किया है। नागदेव ने कहा, ‘पाकिस्तान में शादी के बाद हम भारत आ गए थे। इसके थोड़े समय बाद मेरी पत्नी अपनी मर्जी से पाकिस्तान लौट गई थी। वह भारत आने या आपसी सहमति से तलाक लेने को राजी नहीं हुई। मैंने अपने समुदाय की पंचायतों के जरिए भी पारिवारिक विवाद सुलझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी।’


    शख्स ने कहा- अब पत्नी को तलाक देना चाहता हूं

    शख्स ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी पारिवारिक विवाद के बहाने उससे धन ऐंठने की कोशिश कर रही है। नागदेव का कहना है कि वह एलटीवी के आधार पर इंदौर में रह रहा है और तमाम भारतीय कानूनों का पालन कर रहा है। उसने कहा, ‘अब मैं अपनी पत्नी को तलाक देना चाहता हूं। उसने मुझे देश-विदेश में बदनाम करके मानसिक रूप से परेशान कर दिया है।’


    सिंधी पारिवारिक परामर्श केंद्र भी पहुंचा था मामला

    पाकिस्तानी दंपति का यह पारिवारिक विवाद उच्च न्यायालय से पहले, इंदौर के ‘सिंधी पंच मध्यस्थता एवं विधिक परामर्श केंद्र’ पहुंचा था, लेकिन वहां कोई समझौता नहीं हो सका। केंद्र के प्रमुख और सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कोडवानी ने बताया, ‘मेरी कई कोशिशों के बाद भी दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौता नहीं हो सका। इसके बाद मैंने जिला प्रशासन के सामने पेश अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की कि नागदेव को वापस पाकिस्तान भेज दिया जाना चाहिए क्योंकि वह और उसकी पत्नी दोनों पाकिस्तानी नागरिक हैं तथा उनके पारिवारिक विवाद का न्याय क्षेत्र पाकिस्तान है।’

    मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी कहलाने वाले इंदौर में लंबी अवधि के वीजा (एलटीवी) या रेजिडेंशियल परमिट के आधार पर सिंधी हिंदू समुदाय के उन शरणार्थियों की बड़ी आबादी रहती है जो कथित प्रताड़ना के चलते पाकिस्तान से पलायन कर भारत आए हैं।

  • US को भारत का ऑफर पसंद है तो उसे तुरंत कर देना चाहिए FTA पर साइन: पीयूष गोयल

    US को भारत का ऑफर पसंद है तो उसे तुरंत कर देना चाहिए FTA पर साइन: पीयूष गोयल


    नई दिल्ली।
    केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री (Minister of Commerce and Industry) पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने गुरुवार को कहा कि अगर वॉशिंगटन (Washington) को भारत का ऑफर (India’s offer) पसंद है, तो अमेरिका ((America) को भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (Free trade agreements- FTA) पर तुरंत साइन कर देने चाहिए. पीयूष गोयल ने ट्रंप प्रशासन की ओर से भारत के प्रस्ताव की सराहना किए जाने का स्वागत किया, लेकिन भारत-अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित इस ट्रेड डील पर साइन होने की कोई समयसीमा बताने से इनकार कर दिया.

    पीयूष गोयल अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जैमिसन ग्रीर की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका को भारत की ओर से ‘अब तक का सबसे अच्छा ऑफर’ मिला है. उन्होंने कहा, ‘अगर वे खुश हैं, तो उन्हें तुरंत साइन कर देना चाहिए.’ उन्होंने भारत के प्रस्ताव के बारे में बताने से मना कर दिया.

    ‘भारत-US में ट्रेड डील जल्द…’, अब ट्रंप के अधिकारी बोले- दोनों हैं अच्छे दोस्त
    मंत्री ने बताया कि ट्रेड डील पर अब तक पांच दौर की बातचीत हो चुकी है और वर्तमान में भारत आए अमेरिका के डिप्टी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव रिक स्विट्जर की यात्रा किसी नए दौर की बातचीत के लिए नहीं है, बल्कि एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझने के लिए है.

    ‘डेडलाइन के दबाव में डील नहीं होनी चाहिए’
    पीयूष गोयल हाल के महीनों में चिली, इजरायल और न्यूजीलैंड समेत कई देशों के साथ FTA पर काम कर रहे हैं. इस बीच, जब उनसे मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन की उस टिप्पणी पर सवाल पूछा गया कि यह डील अगले साल मार्च तक साइन हो जाएगी, तो गोयल ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है और वे किसी समयसीमा पर टिप्पणी नहीं करना चाहते. उन्होंने कहा, ‘डील तभी होती है जब दोनों पक्षों को फायदा हो. डेडलाइन के दबाव में समझौता नहीं होना चाहिए.’

  • कर्नाटक के बाद अब पंजाब कांग्रेस में घमासान…. सक्रिए हुए राहुल गांधी

    कर्नाटक के बाद अब पंजाब कांग्रेस में घमासान…. सक्रिए हुए राहुल गांधी


    चंडीगढ़।
    कांग्रेस (Congress) में आंतरिक कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। कर्नाटक (Karnataka) के बाद अब पंजाब इकाई (Punjab Congress) में नेताओं के बीच तनातनी जारी है। खबर है कि हालात संभालने के लिए कांग्रेस आलाकमान सक्रिय हो गया है। कहा जा रहा है कि सांसद राहुल गांधी (MP Rahul Gandhi) ने भी इस संबंध में बैठक बुलाई थी। हालांकि, इस संबंध में कांग्रेस की तरफ से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है।

    कांग्रेस की निलंबित नेता नवजोत कौर सिद्धू के बयान के बाद कांग्रेस की पंजाब इकाई में तनाव बढ़ गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि हालात काबू में करने के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। सूत्रों ने कहा है कि राहुल गांधी ने पंजाब मामलों के प्रभारी समेत कई बड़े नेताओं के साथ बैठक की है। उन्होंने बताया है कि कांग्रेस नेतृत्व जारी संसद सत्र के दौरान संकट बढ़ने नहीं देना चाहता।

    नवजोत कौर सिद्धू बनाम राजा अमरिंदर सिंह वडिंग
    नवजोत कौर ने बुधवार को कहा कि वह और उनके पति हमेशा पार्टी के साथ रहेंगे। कौर कांग्रेस की पंजाब इकाई के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी हैं। कौर ने कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पर भी तीखा हमला करते हुए उन पर पार्टी को ‘बर्बाद’ करने का आरोप लगाया। कौर ने बुधवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘हम कांग्रेस के साथ हैं और हमेशा रहेंगे, और हम अपने पंजाब राज्य को जीतेंगे और इसे अपने विनम्र, प्रिय और त्याग के प्रतीक गांधी परिवार को उपहार स्वरूप देंगे।’

    कौर ने वडिंग पर निशाना साधते हुए कहा कि 70 ‘कुशल, ईमानदार और वफादार’ नेता उनके संपर्क में हैं, ‘जिन्हें आपने (वडिंग) कांग्रेस पार्टी से अलग कर दिया है और जो कांग्रेस टिकट के लिए योग्य विजयी उम्मीदवार हैं।’ उन्होंने अपने पोस्ट में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ‘आप पंजाब की 70 प्रतिशत सीटों को बर्बाद करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जहां आपने पहले ही अप्रभावी लोगों को फर्जी टिकट दे दिए हैं, इसके बावजूद कांग्रेस पंजाब में जीत हासिल करेगी।’

    कौर ने वडिंग पर निशाना साधते हुए कहा, ‘टिकट बेचने के आरोप में आपको गुजरात से निकाल दिया गया था और आपने वहां महंगी गाड़ियां, जमीनें और मेट्रो खरीदीं। क्या आप आईटी की व्याख्या सुनने के लिए तैयार हैं? राजा वडिंग, अपने उन कुत्तों का इस्तेमाल मत करो जिन्हें आपकी वजह से टिकट मिले हैं।’ उन्होंने कहा, ‘आप लगातार कांग्रेस पार्टी के खिलाफ काम क्यों कर रहे हैं और उम्मीदवारों को हराकर उन्हें अन्य पार्टियों में शामिल होने के लिए मजबूर क्यों कर रहे हैं?’

    बड़े समर्थन का दावा
    नवजोत कौर ने मंगलवार को दावा किया कि उन्हें कांग्रेस की पंजाब इकाई के 70 प्रतिशत और AICC के 90 प्रतिशत लोगों का समर्थन प्राप्त है। अपने निलंबन को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कौर ने कहा कि नोटिस एक ऐसे व्यक्ति की ओर से आया है, जिनके पास कोई मान्यता नहीं है और ऐसे कई नोटिस जारी किए जाते रहे हैं।

    रंधावा बोले- कोर्ट में बात करेंगे
    500 करोड़ रुपए में सीएम की कुर्सी वाले बयान के बाद भी नवजोत कौर सिद्धू लगातार कांग्रेस नेताओं पर संगीन आरोप लगाती रही। उन्होंने पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा पर नशा तस्करों से संबंध होने और बेहिसाब प्रोपर्टी बनाने के आरोप लगाए हैं। रंधावा ने कहा कि अब हम कोर्ट में बात करेंगे। अब तो मेरी पगड़ी का सवाल है। राजनीति में ऐसी बातें होती रहती हैं, इसमें नया कुछ नहीं है। लेकिन यह सच है कि मेरे माता-पिता का नवजोत सिद्धू के माता-पिता से दोस्ताना रिश्ता था। इस तरह के आरोप लगाना शर्मनाक है। यह तो सिर्फ सिद्धू ही बता सकते हैं कि उन्होंने अपनी पत्नी से ऐसी बातें कही थीं या उनकी पत्नी खुद ही ऐसा कह रही हैं। उन्होंने कहा कि अब तो वो कोर्ट में ही सिद्धू को जवाब देंगे।

  • उज्जैन बनेगी देश की पहली सर्पमित्र नगरी सांपों के संरक्षण के लिए विशेष प्रयास जारी

    उज्जैन बनेगी देश की पहली सर्पमित्र नगरी सांपों के संरक्षण के लिए विशेष प्रयास जारी


    उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले को अब देश की पहली सर्पमित्र नगरी के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पहल का ऐलान किया है जिसका मुख्य उद्देश्य सांपों के संरक्षण के साथ-साथ समाज में इनके प्रति जागरूकता बढ़ाना है। महाकाल की नगरी उज्जैन को सांपों का संरक्षण करने वाली पहली नगरी के रूप में स्थापित किया जा रहा है जहां सांपों के जीवन को बचाने और उनके प्राकृतिक आवासों की रक्षा करने के लिए व्यापक प्रयास किए जाएंगे ।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि सांप भगवान शिव के गले का हार हैं और इन्हें सुरक्षित करना महाकाल की नगरी का कर्तव्य बनता है। उनका मानना है कि सांपों को लेकर समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना बेहद जरूरी है ताकि न तो सांप किसी इंसान को नुकसान पहुंचाएं और न ही इंसान सांपों को नुकसान पहुंचाए। उनके इस दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने कई कदम उठाने की योजना बनाई है।

    प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता फैलाना

    उज्जैन में इस पहल के तहत अब तक 100 से ज्यादा विद्यार्थियों को हायर सेकंडरी स्कूलों में सांपों से सुरक्षित और मित्रवत तरीके से व्यवहार करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में सांपों के प्रति डर को कम करना और उनके संरक्षण के महत्व को समझाना है। आगामी चरणों में इस अभियान का विस्तार किया जाएगा जिसमें डॉक्टरों हेल्थ वर्कर्स किसानों और पंचायत सचिवों को भी सांपों के सुरक्षित संरक्षण के तरीके सिखाए जाएंगे।

    यह पहल उज्जैन में सांपों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उनके संरक्षण के लिए जरूरी कदमों को लागू करेगी। सांपों के अलावा इस पहल में अन्य वन्य जीवों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके परिणामस्वरूप न सिर्फ सांपों को बचाया जाएगा बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन भी बना रहेगा।

    सांपों के संरक्षण के लिए तैयार की गई योजनाएं

    उज्जैन को सर्प संरक्षण के लिए नोडल जिला बनाने का निर्णय लिया गया है जिसका मतलब है कि इस जिले में सांपों के संरक्षण के लिए अलग-अलग योजनाओं का निर्माण किया जाएगा। इन योजनाओं में सांपों के प्राकृतिक आवासों को संरक्षित करना उनकी प्रजनन दर बढ़ाना और उन्हें उपयुक्त वातावरण प्रदान करना शामिल होगा। इसके अलावा किसानों को जागरूक किया जाएगा ताकि वे कृषि कार्यों के दौरान सांपों को नुकसान न पहुंचाएं और उनके प्राकृतिक आवासों में हस्तक्षेप न करें।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सांपों के संरक्षण के लिए उठाए गए कदम केवल उनके अस्तित्व को बचाने के लिए नहीं हैं बल्कि इस पहल से पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और जैव विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। उनका मानना है कि सांपों और मनुष्यों के बीच मित्रवत संबंध स्थापित करके हम पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ कर सकते हैं जिससे समग्र पर्यावरण की रक्षा हो सकेगी।

    सांपों के संरक्षण से पर्यावरण संतुलन

    सांपों का पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण स्थान है। वे छोटे कीटों और अन्य जीवों का शिकार करते हैं जिससे प्राकृतिक संसाधनों का संतुलन बना रहता है। सांपों की उपस्थिति से कीटों की संख्या नियंत्रित रहती है जिससे कृषि क्षेत्र में कीटों के हमले की संभावना कम होती है और कृषि उत्पादकता भी बढ़ती है। यदि सांपों का संरक्षण सही तरीके से किया जाए तो यह पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के लिए लाभकारी साबित होगा।

    इसके साथ ही सांपों के संरक्षण से स्थानीय समुदायों में पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ेगी। लोग अब सांपों को एक खतरनाक प्राणी के रूप में नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र के हिस्से के रूप में देखेंगे। इस तरह की जागरूकता से समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक नया दृष्टिकोण विकसित होगा।

    सीएम डॉ. मोहन यादव की पहल का प्रभाव

    सीएम डॉ. मोहन यादव की यह पहल न केवल सांपों के संरक्षण के लिए है बल्कि यह पूरे राज्य और देश के पर्यावरण के लिए एक बड़ी क्रांतिकारी बदलाव का संकेत देती है। उनके इस कदम से उज्जैन की पहचान एक पर्यावरण मित्र नगरी के रूप में होगी जो सांपों और अन्य वन्य जीवों के संरक्षण में अपनी भूमिका निभाएगी। यह कदम उन लोगों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनेगा जो पर्यावरणीय संरक्षण की दिशा में काम कर रहे हैं।

    यह पहल उज्जैन को एक मिसाल बना सकती है जहां समाज और वन्य जीवों के बीच सामंजस्यपूर्ण संबंध स्थापित किया जा सकता है जिससे न केवल सांपों का संरक्षण होगा बल्कि पूरे पर्यावरण का संतुलन भी बनाए रखा जा सकेगा।

  • Ind vs SA: दूसरे टी-20 में हार के बाद कप्तान सूर्यकुमार ने मानी गलती, बोले- यह सीखने का प्रोसेस

    Ind vs SA: दूसरे टी-20 में हार के बाद कप्तान सूर्यकुमार ने मानी गलती, बोले- यह सीखने का प्रोसेस


    नई दिल्ली।
    सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) की अगुवाई वाली भारतीय टीम (Indian team) को दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में 51 रनों से हार झेलनी पड़ी। दक्षिण अफ्रीका ने मुल्लांपुर के मैदान पर 213/4 का स्कोर खड़ा किया और भारत को 162 रनों पर समेट दिया। विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत निराशाजनक रही। उपकप्तान शुभमन गिल (Vice-captain Shubman Gill) पहले ओवर में बगैर खाता खोले आउट हो गए। अभिषेक शर्मा ने 8 गेंदों में 17 जबकि अक्षर पटेल ने 21 गेंदों में 21 रन बनाए। वहीं, सूर्यकुमार चार गेंदों में 5 रन ही जुटा सके। भारत ने 67 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे, जिससे टीम उबर नहीं पाई। सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) ने जिम्मेदारी से बल्लेबाजी नहीं करने का अपना ‘गुनाह’ कबूल किया है। उन्होंने साथ ही शुभमन को भी नहीं बख्शा।

    सूर्यकुमार ने करारी हार के बाद कहा, ”हमने पहले बॉलिंग की और हम ज्यादा कुछ नहीं कर सकते थे। हमें अच्छी वापसी करनी चाहिए थी। हमने पहले बॉलिंग की और फिर बाद में उन्हें (दक्षिण अफ्रीका के बॉलर्स) एहसास हुआ कि इस विकेट पर लेंथ कितनी अहम है। यह सीखने का प्रोसेस है। बस सीखो और आगे बढ़ो। थोड़ी ओस भी थी और हमारा प्लान काम नहीं कर रहा था। हमारे पास दूसरा प्लान होना चाहिए था। लेकिन कोई बात नहीं। जैसा कि मैंने कहा, यह सीखने का प्रोसेस है। हमने सीखा कि उन्होंने दूसरी पारी में कैसे बॉलिंग की। हमने उससे सीखा और हम अगले मैच में उसपर अमल करने की कोशिश करेंगे।” सूर्या ने मुल्लांपुर में टॉस जीतकर दक्षिण अफ्रीका को बल्लेबाजी के लिए उतारा था।


    तिलक की फिफ्टी गई बेकार, द. अफ्रीका ने दूसरे टी20 में भारत को थमाई हार

    कप्तान ने आगे कहा, ”मुझे लगता है कि मैं, शुभमन अच्छी शुरुआत दे सकते थे क्योंकि हम हर मर्तबा अभिषेक पर निर्भर नहीं कर सकते। जिस तरह से वह बैटिंग कर रहा है, उसका दिन खराब हो सकता है। मुझे, शुभमन और कुछ दूसरे बल्लेबाजों को जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी। मुझे लगता है कि यह एक स्मार्ट चेज होता। शुभमन पहली गेंद पर आउट हो गए। लेकिन मुझे वो जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी, थोड़ी देर तक बैटिंग करनी चाहिए थी। हम आने वाले अगले मैच में बेहतर करने का प्रयास करेंगे। हमने पिछले मैच में सोचा था कि अक्षर पटेल ने लंबे फॉर्मेट में बहुत अच्छी बैटिंग की है। और हम चाहते थे कि वह आज भी उसी तरह बैटिंग करें। बदकिस्मती से ऐसा नहीं हुआ। हालांकि, उन्होंने अच्छी बैटिंग की।” तीसरे टी20 मैच रविवार को धर्मशाला में आयोजित होगा।

  • Ind vs SA: दक्षिण अफ्रीका ने रचा इतिहास… भारत के खिलाफ जीत में ऑस्ट्रेलिया को पछाड़ बनी नंबर-1 टीम

    Ind vs SA: दक्षिण अफ्रीका ने रचा इतिहास… भारत के खिलाफ जीत में ऑस्ट्रेलिया को पछाड़ बनी नंबर-1 टीम

    नई दिल्ली। इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका (India vs South Africa) 5 मैच की टी20 सीरीज (T20 series) का दूसरा मुकाबला गुरुवार को न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादविन्द्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, मुल्लांपुर में खेला गया था। इस मैच में मेहमान टीम ने जोरदार वापसी करते हुए भारत (India) को 51 रनों से धूल चटाई और सीरीज में 1-1 की बराबरी की। साउथ अफ्रीका (South Africa) की इस जीत के हीरो उनके सलामी बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक (Opening batsman Quinton de Kock) रहे, जिन्होंने 90 रनों की शानदार पारी खेल भारत के साथ 214 रनों का टारगेट रखने में अहम भूमिका निभाई। साउथ अफ्रीका के इस स्कोर के सामने टीम इंडिया पूरे 20 ओवर भी नहीं टिक पाई और 162 रनों पर ढेर हो गई। साउथ अफ्रीका ने भारत के खिलाफ इस जीत के साथ इतिहास रच दिया।

    साउथ अफ्रीका अब भारत के खिलाफ टी20 क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टीम बन गई है। जी हां, यह उनकी टी20 क्रिकेट में भारत के खिलाफ 13वीं जीत थी। भारत के खिलाफ सबसे ज्यादा टी20 मैच जीतने वाली टीमों की इस लिस्ट में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी टीमों को पछड़कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ अभी तक 12-12 मैच जीते हैं।


    T20I में भारत के खिलाफ सबसे ज्यादा जीत

    13 – साउथ अफ्रीका (33 मैच)*
    12 – ऑस्ट्रेलिया (37 मैच)
    12 – इंग्लैंड (29 मैच)
    10 – न्यूजीलैंड (25 मैच)
    10 – वेस्टइंडीज (30 मैच)


    5 ऐसे कप्तान जिनकी अगुवाई में भारत नहीं हारा एक भी T20I मैच, सहवाग भी लिस्ट में

    बात मैच की करें तो, सूर्यकुमार यादव ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया था। उनके इस फैसले को क्विंटन डी कॉक ने पहले 6 ओवर में ही गलत साबित कर दिया था, जब साउथ अफ्रीका ने 1 विकेट के नुकसान पर 53 रन बोर्ड पर लगा दिए थे। डी कॉक 46 गेंदों पर 5 चौकों और 7 गगनचुंबी छक्कों के साथ 90 रनों की पारी खेल एक छोर से तबाही मचाते रहे, वहीं दूसरे छोर पर एडन मारक्रम (29), डोनोवन फरेरा (30) और डेविड मिलर (20) ने आकर छोटी मगर शानदार पारियां खेल उनका साथ दिया। साउथ अफ्रीका निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 213 रन बोर्ड पर लगाने में कामयाब रहा।

    214 के टारगेट का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत बेहद खराब रही। शुभमन गिल पहले ही ओवर में गोल्डन डक पर आउट हुए वहीं अभिषेक शर्मा भी उनके पीछे-पीछे 8 गेंदों पर 17 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। वहीं कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी एक बार फिर निराश किया। पावरप्ले खत्म होने के बाद भारत का स्कोर 3 विकेट के नुकसान पर 51 रन था। नंबर-5 पर आए तिलक वर्मा ने जरूर एक छोर को संभालते हुए 34 गेंदों पर 2 चौकों और 5 छक्कों की मदद से 62 रनों की पारी खेली, मगर उन्हें दूसरे छोर से किसी का साथ नहीं मिला। इस बार हार्दिक पांड्या भी अपना जलवा बिखेरने में नाकामयाब रहे। ओटनील बार्टमैन ने 4 विकेट के साथ साउथ अफ्रीका के स्टार बॉलर रहे। भारतीय टीम 19.1 ओवर में 162 के स्कोर पर सिमट गई।

  • धर्मशाला में आज पहुंचेगी भारत-दक्षिण अफ्रीका टीमें: तीसरे T20 से पहले कल अलग-अलग स्लॉट में प्रैक्टिस, ऑफलाइन टिकटों की बिक्री शुरू

    धर्मशाला में आज पहुंचेगी भारत-दक्षिण अफ्रीका टीमें: तीसरे T20 से पहले कल अलग-अलग स्लॉट में प्रैक्टिस, ऑफलाइन टिकटों की बिक्री शुरू

    नई दिल्ली। भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीमें पांच मैचों की टी-20 सीरीज के तीसरे मुकाबले के लिए आज धर्मशाला पहुंचने वाली हैं। चंडीगढ़ से खिलाड़ी चार्टर प्लेन के जरिए गगल एयरपोर्ट आएंगे जहां से दोनों टीमें सीधे होटल में चेक-इन करेंगी और आराम करेंगी। बीसीसीआई ने मुकाबले से एक दिन पहले होने वाले अभ्यास सत्रों का कार्यक्रम जारी कर दिया है। दक्षिण अफ्रीका की टीम 13 दिसंबर को शाम 4:30 बजे से 7:30 बजे तक नेट्स पर अभ्यास करेगी जबकि टीम इंडिया का सेशन रात 7:30 बजे से 10 बजे तक रहेगा।

    इधर धर्मशाला स्टेडियम में आज से ऑफलाइन टिकटों की बिक्री शुरू हो गई है। टिकट 1500 रुपए में उपलब्ध हैं और प्रत्येक आधार कार्ड पर अधिकतम दो टिकट जारी किए जाएंगे ताकि ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगाई जा सके। इससे पहले ऑनलाइन सबसे सस्ती टिकट 1750 रुपए की थी। सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है और चंडीगढ़ में भारत की 51 रन से हार के बाद यह तीसरा मैच दोनों टीमों के लिए बढ़त तय करने का अहम मौका है। HPCA ने भी मैच के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और हिमालय की गोद में बसे विश्व के सबसे खूबसूरत स्टेडियमों में से एक धर्मशाला फिर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेजबानी के लिए तैयार है।

  • क्रिसमस की अनसुनी कहानी 25 दिसंबर को मसीह के जन्म का उत्सव सैंटा और क्रिसमस ट्री की परंपरा का रहस्य

    क्रिसमस की अनसुनी कहानी 25 दिसंबर को मसीह के जन्म का उत्सव सैंटा और क्रिसमस ट्री की परंपरा का रहस्य


    नई दिल्ली । क्रिसमस जो हर साल 25 दिसंबर को प्रभु यीशु मसीह के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है दुनिया भर में उत्साह और उल्लास के साथ एक धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार न केवल यीशु मसीह के जन्म का प्रतीक है बल्कि सैंटा क्लॉज और क्रिसमस ट्री जैसी सदियों पुरानी परंपराओं का भी संगम है। आइए जानते हैं कैसे 25 दिसंबर को यीशु के जन्म का दिन घोषित किया गया और क्रिसमस की इन परंपराओं की जड़ें कहाँ से जुड़ी हैं।

    25 दिसंबर ही क्यों इतिहास और रोमन कनेक्शन

    हालाँकि यीशु मसीह के जन्म की सटीक तारीख अज्ञात है लेकिन 25 दिसंबर को इसे मनाने की शुरुआत एक ऐतिहासिक निर्णय के तहत हुई थी। यह तारीख सबसे पहले इतिहासकार सेक्सटस जूलियस अफ्रीकानस ने 221 ईस्वी में यीशु के जन्मदिन के रूप में घोषित की थी। यह निर्णय आगे चलकर एक परंपरा बन गया जो आज तक कायम है।

    रोमन संस्कृति में 25 दिसंबर को ‘सूर्य के जन्म’ का दिन माना जाता था जब सर्दियों का मौसम समाप्त हो जाता और दिन फिर से लंबे होने लगते थे। शुरुआती ईसाईयों ने इस दिन को चुना ताकि यह मूर्तिपूजक त्योहारों से मेल खा सके और उनके धर्म का प्रचार करना आसान हो। इसके अलावा एक और मान्यता है कि माता मैरी 25 मार्च को गर्भवती हुई थीं और ठीक नौ महीने बाद 25 दिसंबर को यीशु का जन्म बैथलहम में हुआ था। इस तरह यह तारीख धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी गई।

    सैंटा क्लॉज का असली रूप तुर्की के संत निकोलस

    क्रिसमस पर बच्चों को उपहार देने वाले सैंटा क्लॉज की कहानी प्रभु यीशु के जन्म के लगभग 300 साल बाद शुरू हुई। सैंटा क्लॉज का असली नाम संत निकोलस था जो तुर्की के एक दयालु संत थे। संत निकोलस गरीबों जरूरतमंदों और बीमारों की गुप्त रूप से मदद करते थे और उन्हें उपहार देते थे। उनकी दयालुता और दान का प्रभाव इतना बढ़ा कि समय के साथ उनका रूप सफेद दाढ़ी वाले लाल कपड़े पहने उत्तरी ध्रुव में रहने वाले सैंटा क्लॉज के रूप में बदल गया। उनकी परंपरा से ही बच्चों को उपहार देने की परंपरा जुड़ी हुई है।

    क्रिसमस ट्री और घंटियाँ उत्सव की रौनक

    क्रिसमस पर क्रिसमस ट्री सजाना इस पर्व की सबसे खास परंपरा है। लोग घरों को रंग-बिरंगी रोशनियों से सजाते हैं और केक काटकर खुशियाँ बांटते हैं। चर्चों में विशेष प्रार्थनाएँ होती हैं और यीशु की माता मैरी और पिता जोसेफ के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाता है। इसके साथ ही चर्च की घंटियाँ बजाकर त्योहार का उल्लास बढ़ाया जाता है। इस दौरान बच्चों के लिए यह त्योहार किसी जादू से कम नहीं होता क्योंकि वे बेसब्री से सैंटा क्लॉज का इंतजार करते हैं।

    मिडनाइट मास आधी रात की प्रार्थना की परंपरा

    क्रिसमस के सबसे पवित्र क्षणों में से एक है मिडनाइट मास जिसे आधी रात की प्रार्थना या पूजा भी कहा जाता है। यह परंपरा प्रभु यीशु के जन्म के समय को समर्पित है। मिडनाइट मास 24 दिसंबर की रात से शुरू होती है और 25 दिसंबर की मध्यरात्रि को समाप्त होती है। माना जाता है कि यीशु मसीह का जन्म ठीक मध्यरात्रि को बैथलहम में हुआ था और यह मास उसी पवित्र क्षण का जश्न मनाने के लिए आयोजित किया जाता है।

    मिडनाइट मास के दौरान विशेष क्रिसमस कैरल भजन गाए जाते हैं जिनमें सबसे प्रसिद्ध साइलेंट नाइट और ओ होली नाइट शामिल हैं। इस समय चर्च में रंग-बिरंगी मोमबत्तियाँ जलती हैं और वातावरण श्रद्धा से भरा होता है। कैथोलिक और कुछ अन्य ईसाई संप्रदायों में इस मास के दौरान पवित्र यूखरिस्त प्रभु भोज का आयोजन भी होता है।

    क्रिसमस झाँकी संत फ्रांसिस की परंपरा

    क्रिसमस झाँकी या गोशाला का दृश्य इस त्योहार की सबसे मार्मिक परंपराओं में से एक है जो प्रभु यीशु के साधारण और विनम्र जन्म को दर्शाती है। इसकी शुरुआत संत फ्रांसिस ऑफ असिसी ने 1223 में इटली के ग्रेसियो गांव में की थी। संत फ्रांसिस ने ‘जीवित झाँकी’ बनाई जिसमें असली लोग और जानवरों को शामिल किया। इस परंपरा ने समय के साथ दुनिया भर में जगह बनाई और आज घरों और चर्चों में छोटी-छोटी झाँकियाँ सजाई जाती हैं जिसमें मुख्य पात्रों के रूप में शिशु यीशु मैरी जोसेफ चरवाहे और तीन ज्ञानी पुरुष शामिल होते हैं।

    क्रिसमस केवल प्रभु यीशु मसीह के जन्म का उत्सव नहीं है बल्कि यह दया प्रेम और समर्पण की परंपराओं का प्रतीक भी है। सैंटा क्लॉज की कहानी क्रिसमस ट्री की सजावट मिडनाइट मास और क्रिसमस झाँकी जैसी परंपराएँ इस दिन को खास बनाती हैं। यह त्योहार हमें जीवन में खुशी बांटने प्यार फैलाने और एक दूसरे के प्रति सम्मान व्यक्त करने की प्रेरणा देता है।

  • पोस्ट ऑफिस की MIS स्कीम हर महीने मिलेगा ₹5550 रुपये का फिक्स ब्याज जानें कितने रुपये का करना होगा निवेश

    पोस्ट ऑफिस की MIS स्कीम हर महीने मिलेगा ₹5550 रुपये का फिक्स ब्याज जानें कितने रुपये का करना होगा निवेश



    नई दिल्ली ।
    भारत का डाक विभाग अपनी विभिन्न बचत योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को सुरक्षित और लाभकारी निवेश विकल्प प्रदान करता है। इनमें से एक बेहद आकर्षक योजना है पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम निवेशकों को हर महीने फिक्स ब्याज के रूप में निश्चित राशि प्रदान करती है। इस योजना में एक बार निवेश करने पर आपको लगातार हर महीने ब्याज मिलेगा जो सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर होता है। आज हम आपको इसी योजना के बारे में विस्तार से बताएंगे जिसमें आप हर महीने ₹5550 का फिक्स ब्याज पा सकते हैं।

    क्या है पोस्ट ऑफिस की MIS स्कीम

    पोस्ट ऑफिस की MIS स्कीम एक प्रकार की मंथली इनकम योजना है जिसमें एक बार निवेश करने के बाद आपको निश्चित ब्याज के रूप में नियमित आय मिलती रहती है। यह स्कीम खासतौर पर उन निवेशकों के लिए फायदेमंद है जो नियमित रूप से आय चाहते हैं जैसे कि रिटायरमेंट के बाद आय या अन्य वित्तीय जरूरतों के लिए।

    इस स्कीम के तहत 7.4 प्रतिशत का सालाना ब्याज दर दिया जाता है जो मासिक आधार पर भुगतान किया जाता है। यह योजना 5 साल की अवधि के लिए होती है और मैच्योरिटी पर आपके द्वारा किए गए निवेश का पूरा पैसा आपके बैंक खाते में वापस ट्रांसफर कर दिया जाता है।

    MIS स्कीम में कितना निवेश करें

    पोस्ट ऑफिस की MIS स्कीम में निवेश की शुरूआत केवल ₹1000 से होती है। आप इस स्कीम में एकमुश्त निवेश करके हर महीने ब्याज प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि इस स्कीम में निवेश की एक अधिकतम सीमा भी है।सिंगल अकाउंट में आप 9 लाख रुपये तक का निवेश कर सकते हैं।
    जॉइंट अकाउंट में आप अधिकतम 15 लाख रुपये तक का निवेश कर सकते हैं। इस खाते में आप अधिकतम 3 व्यक्तियों को जोड़ सकते हैं।

    9 लाख रुपये के निवेश पर हर महीने मिलेगा ₹5550 ब्याज
    अगर आप पोस्ट ऑफिस की MIS स्कीम में ₹9 लाख का एकमुश्त निवेश करते हैं तो आपको हर महीने ₹5550 का फिक्स ब्याज मिलेगा। यह ब्याज राशि सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर होगी और आप इसे अपनी आवश्यकता अनुसार उपयोग कर सकते हैं। यह स्कीम खासतौर पर उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है जिन्हें नियमित आय की जरूरत होती है।

    स्कीम की विशेषताएं

    सिर्फ एक बार निवेश MIS स्कीम में आपको केवल एक बार निवेश करना होता है जिसके बाद आपको हर महीने ब्याज मिलता रहता है।सुरक्षित निवेश यह सरकारी स्कीम है इसलिए इसमें आपका पैसा पूरी तरह से सुरक्षित होता है।7.4% का ब्याज दर पोस्ट ऑफिस इस स्कीम पर 7.4 प्रतिशत सालाना ब्याज दे रहा है जो अन्य निवेश विकल्पों की तुलना में बेहतर है।आसान निवेश प्रक्रिया इस स्कीम में खाता खोलने के लिए आपको केवल पोस्ट ऑफिस का बचत खाता खोलना होता है।मंथली ब्याज ब्याज की राशि हर महीने आपके बैंक खाते में ट्रांसफर होती है जिसे आप किसी भी उद्देश्य के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

    पोस्ट ऑफिस के अन्य विकल्प

    पोस्ट ऑफिस की MIS स्कीम के अलावा डाक विभाग अन्य कई प्रकार की बचत योजनाएं भी चलाता है जैसे टर्म डिपॉजिट रिकरिंग डिपॉजिट पब्लिक प्रोविडेंट फंड  सुकन्या समृद्धि योजना और स्कीम्ड सेविंग्स अकाउंट। इन योजनाओं के तहत भी अच्छा ब्याज मिलता है और यह पूरी तरह से सरकारी सुरक्षा के तहत होते हैं।

    पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम एक बेहतरीन निवेश विकल्प है जो उन लोगों के लिए है जो नियमित आय प्राप्त करना चाहते हैं। इस स्कीम में निवेश करने पर आपको हर महीने ₹5550 का फिक्स ब्याज मिलेगा यदि आप ₹9 लाख का एकमुश्त निवेश करते हैं। यह स्कीम सुरक्षित लाभकारी और सरल है और इसके जरिए आप अपनी वित्तीय स्थिति को बेहतर बना सकते हैं। यदि आप सुरक्षित और लंबी अवधि के निवेश की तलाश में हैं तो पोस्ट ऑफिस की MIS स्कीम एक आदर्श विकल्प हो सकती है।