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  • दिल्ली में ईवी क्रांति! सरकार ने तैयार की EV पॉलिसी 2.0, चार्जिंग और बैटरी रीसाइक्लिंग में बड़े बदलाव

    दिल्ली में ईवी क्रांति! सरकार ने तैयार की EV पॉलिसी 2.0, चार्जिंग और बैटरी रीसाइक्लिंग में बड़े बदलाव


    नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने EV पॉलिसी 2.0 का मसौदा तैयार कर लिया है। नई पॉलिसी का फोकस चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बैटरी रीसाइक्लिंग, और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर होगा।

    बैटरी रीसाइक्लिंग: पहली बार पूरी व्यवस्था

    नई पॉलिसी के तहत ईवी बैटरी की रीसाइक्लिंग पर खास जोर दिया गया है। ईवी बैटरी आमतौर पर 8 साल तक चलती है और उसके बाद सुरक्षित निपटान चुनौती बन जाता है। दिल्ली सरकार ने राजधानी में पहली बार बैटरी जमा करने और रीसाइक्लिंग की पूरी व्यवस्था बनाने की योजना बनाई है।

    चार्जिंग स्टेशन: हर कोने में सुविधा

    सरकार ने 2030 तक 5,000 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन लगाने का लक्ष्य रखा है। हर स्टेशन पर 4-5 चार्जिंग पॉइंट होंगे। स्टेशन शॉपिंग मार्केट, मल्टी लेवल पार्किंग, RWAs, सरकारी ऑफिस और मुख्य मार्गों के किनारे लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य दिल्ली के हर कोने में भरोसेमंद और आसान चार्जिंग नेटवर्क तैयार करना है।

    नई छोटी ईवी वैन: लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के लिए

    संकरी गलियों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में चलाने के लिए नई छोटी ईवी वैन की योजना है, जो 7 यात्रियों और 1 ड्राइवर के साथ चलेगी। इसके साथ ही ई-रिक्शा संचालन के लिए तय रूट बनाए जाएंगे।

    पॉलिसी लागू होने के बाद बदलाव

    राजधानी में प्रदूषण में कमी

    सार्वजनिक परिवहन की सुविधा में सुधार

    ईवी सेक्टर में निवेश और रोजगार में वृद्धि

    चार्जिंग और बैटरी रीसाइक्लिंग नेटवर्क का विस्तार

    नई ईवी वैन से रोजमर्रा की यात्रा आसान और साफ-सुथरी

    नई पॉलिसी 31 दिसंबर के बाद लागू की जाएगी। पहली ईवी पॉलिसी 2020 में लागू हुई थी, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के कारण अब इसे अधिक व्यापक और प्रभावशाली बनाया गया है।

  • हुमायूं कबीर का ‘धमाका’: CM ममता पर सीधा हमला, बंगाल की राजनीति में भूचाल

    हुमायूं कबीर का ‘धमाका’: CM ममता पर सीधा हमला, बंगाल की राजनीति में भूचाल


    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ खुला मोर्चा खोलते हुए घोषणा की कि वह 2026 विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी के सामने सीधी चुनौती पेश करेंगे।

    कबीर ने दावा किया कि न तो टीएमसी और न ही बीजेपी बहुमत पा पाएंगी। उन्होंने कहा कि उनकी नई पार्टी 135 सीटों पर चुनाव लड़कर किंगमेकर बनेगी और सत्ता की चाबी उनके हाथ में होगी। “अगला मुख्यमंत्री हमारी पार्टी के समर्थन के बिना शपथ नहीं ले पाएगा,” कबीर ने कहा।

    22 दिसंबर को नई पार्टी की घोषणा

    कबीर ने बताया कि 22 दिसंबर को वह अपनी नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च करेंगे। उनका लक्ष्य चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाना और बंगाल की सियासत में नई शक्ति के रूप में उभरना है।

    टीएमसी का पलटवार

    टीएमसी ने कबीर के दावों को निराधार बताया। प्रदेश महासचिव अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि कबीर की बातें केवल राजनीतिक हताशा का संकेत हैं और उनके पास कोई वास्तविक जनाधार नहीं है। टीएमसी का कहना है कि जनता अपने निर्णय में समर्थ है और किसी भी दावे को सत्ता में बदलने की संभावना कम है।

    राजनीति में नया ताप

    हुमायूं कबीर के दावे और नई पार्टी की घोषणा ने बंगाल की राजनीति में नया ताप ला दिया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कबीर क्या वास्तव में बंगाल की राजनीति में नई शक्ति के रूप में उभर पाएंगे या टीएमसी का अनुमान सही साबित होगा।

  • रणवीर की ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस हिट, ऋतिक रोशन ने राजनीतिक पहलुओं पर उठाए सवाल

    रणवीर की ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस हिट, ऋतिक रोशन ने राजनीतिक पहलुओं पर उठाए सवाल


    नई दिल्ली। रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर’ ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया है। फिल्म की कहानी और सिनेमैटिक प्रस्तुति की सुपरस्टार ऋतिक रोशन ने खुले दिल से तारीफ़ की, लेकिन इसके राजनीतिक संदेश पर उन्होंने असहमति जताई।

    ऋतिक ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि उन्हें फिल्म की कहानी और स्क्रीन प्रेजेंटेशन शानदार लगी, लेकिन राजनीति से जुड़े पहलुओं पर वे सहमत नहीं हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।

    फिल्म को पहले ही अक्षय कुमार और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी सराहा। अक्षय ने इसे “बेहतरीन कहानी और शानदार प्रस्तुति” बताया, जबकि स्मृति ने इसे देश की सुरक्षा में लगे लोगों की भावनाओं को दिखाने वाली फिल्म करार दिया।

    ‘धुरंधर’ की कहानी पाकिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ भारतीय ऑपरेशनों पर आधारित है। रणवीर सिंह ने भारतीय अंडरकवर एजेंट की भूमिका निभाई है, जबकि आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, अक्षय खन्ना और अन्य दिग्गज कलाकार फिल्म को और प्रभावी बनाते हैं।

    फिल्म की सफलता को देखते हुए मेकर्स ने ‘धुरंधर 2’ की तैयारी भी शुरू कर दी है, जो अगले साल 19 मार्च को रिलीज़ होगी।

    हालांकि, फिल्म केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रही। इसके राजनीतिक पहलुओं को लेकर सोशल मीडिया और फिल्म जगत में बहस तेज है। ऋतिक रोशन की संतुलित प्रतिक्रिया ने इस बहस में नया आयाम जोड़ दिया है।

  • रतलाम कलेक्ट्रेट में हाई वोल्टेज ड्रामा: कोर्ट ने प्रेमिका को नारी निकेतन भेजा, प्रेमी अस्पताल में भर्ती

    रतलाम कलेक्ट्रेट में हाई वोल्टेज ड्रामा: कोर्ट ने प्रेमिका को नारी निकेतन भेजा, प्रेमी अस्पताल में भर्ती


    रतलाम । रतलाम कलेक्ट्रेट (Ratlam Collectorate)में मंगलवार को प्रेमी-प्रेमिका(boyfriend girlfriend) का ऐसा हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ कि पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई. मामला तब शुरू हुआ जब स्टेशन रोड थाना पुलिस एक 19 साल के युवक और उसकी 19 वर्षीय प्रेमिका को अपर कलेक्टर(Additional Collector) कोर्ट में लेकर पहुंची. युवती के परिवार ने उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई थी, जिसके बाद पुलिस दोनों को ढूंढकर कलेक्ट्रेट लाई.

    कोर्ट में पता चला कि युवक सिर्फ 19 साल का है. प्रेमी-प्रेमिका दोनों ने 2 दिसंबर को लव मैरिज की थी, लेकिन उम्र के कारण कोर्ट ने शादी की वैधता पर सवाल उठाए. युवती की इच्छा जानने के बाद एडीएम शालिनी श्रीवास्तव ने उसे उज्जैन नारी निकेतन भेजने का आदेश दे दिया.

    प्रेमी-प्रेमिका का हाई वोल्टेज ड्रामा
    फैसला सुनते ही युवक और उसके परिजन विरोध में खड़े हो गए. जब नारी निकेतन की गाड़ी युवती को लेने पहुंची, तब भी युवक ने कोर्ट परिसर में जमकर हंगामा किया. वह बार-बार अपनी पत्नी को अपने साथ भेजने की मांग करता रहा. एक घंटे तक समझाइश का दौर चलता रहा, मगर युवक शांत नहीं हुआ.

    लगातार रोने-चिल्लाने और तनाव के चलते अचानक युवक की तबीयत बिगड़ गई. वह बेहोश होकर गिर पड़ा, जिसके बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उसे जिला अस्पताल भिजवाया. फिलहाल युवक का इलाज रतलाम के सरकारी अस्पताल में चल रहा है.

    कोर्ट ने प्रेमिका को नारी निकेतन भेजा
    युवक के परिजनों का कहना है कि दोनों ने अपनी मर्जी से शादी की है और प्रशासन को युवती को नारी निकेतन भेजने की जरूरत नहीं थी. वे चाहते हैं कि उनकी बहू जल्द से जल्द वापस घर आए. अपर कलेक्टर शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की गई है और युवती की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे नारी निकेतन भेजा गया है.

  • इस साल चांदी 2 लाख के पार? रिटर्न में सोने को भी पीछे छोड़ रही है सिल्वर

    इस साल चांदी 2 लाख के पार? रिटर्न में सोने को भी पीछे छोड़ रही है सिल्वर


    नई दिल्ली। इस साल चांदी(Silver) ने निवेशकों को चौंकाते हुए सोने(gold) से भी ज्यादा रिटर्न दिया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल चांदी की कीमतों में 114% से अधिक की भारी बढ़ोतरी हुई है, जबकि सोने में 68% का उछाल देखने को मिला है। एक तरफ सोना 1 लाख 30 हजार प्रति 10 ग्राम के पार निकल गया है। वहीं, चांदी ने बुधवार को 1,92,000 प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। उम्मीद जताई जा रही है कि साल 2025 के खत्म होने से पहले चांदी दो लाख रुपये प्रति किलो के आंकड़े को पार कर सकती है।
    जानकारों ने कहा, बुधवार को सोने में मामूली बढ़त हुई, जिसे अमेरिकी डॉलर के नरम होने और फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में कटौती की पक्की उम्मीदों से सहारा मिला। बाजार के सतर्क रुख के साथ ही वैश्विक अनिश्चितताओं ने भी कीमती धातुओं को और बढ़ावा दिया।

    वायदा बाजार में चांदी 1.53 प्रतिशत बढ़कर 61.60 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड पर पहुंच गई। मंगलवार को, यह धातु 2.66 डॉलर बढ़कर 60.82 डॉलर प्रति औंस के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थी। पिछले दो कारोबारी सत्रों में इसमें 5.91 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

    मांग अधिक उत्पादन कम
    एक साल में चांदी के दाम दोगुने हो गए हैं। चांदी की मांग अधिक है, लेकिन उत्पादन कम। इसके साथ ही उद्योग क्षेत्रों में चांदी की मांग पिछले कुछ सालो में बढ़ी है। बदलती तकनीकी ने चांदी की खपत को बढ़ाया है। सोलर, इलेक्ट्रिक गाड़ियों में अब चांदी का उपयोग बढ़ने लगा है जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक कारों की मांग बढ़ेगी, वैसे-वैसे उपयोग और चांदी की मांग बढ़ेगी।

    किस वजह से लगातार कीमतें बढ़ रहीं
    दरअसल, दुनिया भर में बढ़ते तनाव, संघर्ष और अनिश्चितता ने सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश के तौर पर और आकर्षक बना दिया है। निवेशक शेयर मार्केट की बजाय इनमें निवेश कर रहे हैं। इसके साथ ही अमेरिकी टैरिफ के आर्थिक प्रभावों को लेकर पैदा हुई चिंताओं ने भी कीमतों को सहारा दिया है। इसके अलावा, दुनिया भर के सेंट्रल बैंक की तरफ से सोने-चांदी की लगातार खरीदारी से बाजार में इन धातुओं की मांग बनी हुई है। वहीं, ईटीएफ में भी भारी मात्रा में पैसा आ रहा है, जिससे कीमतों में तेजी आ रही है।
    क्या दो लाख के आंकड़े को पार कर पाएगी चांदी?

    बाजार के जानकारों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस साल चांदी दो लाख रुपये के आंकड़े को पार कर पाएगी? विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल के आखिर तक पर चांदी दो लाख रुपये के भाव को पार कर सकती है। इतना ही नहीं यह 20026 में 2.10 से 2.25 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक भी पहुंच सकती है।

    एक झटके में चांदी के दाम 11,500 रुपये उछले
    अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों से बढ़ी मजबूत घरेलू मांग के बीच बुधवार को दिल्ली में चांदी की कीमतों में लगभग दो महीनों में एक दिन की सबसे बड़ी तेजी आई। चांदी के दाम 11,500 रुपये बढ़कर 1,92,000 रुपये प्रति किलोग्राम के नए शिखर पर पहुंच गई। वहीं, सोने की कीमत 800 रुपये बढ़कर 1,32,400 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई।

    इससे पहले, चांदी की कीमत में इतनी बड़ी एक दिन की बढ़ोतरी इस वर्ष 10 अक्टूबर को दर्ज की गई थी, जब चांदी के दाम 8,500 रुपये बढ़े थे। इसके बाद दाम 1,71,500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गए थे।

    ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, इस साल अब तक चांदी की कीमतों में 31 दिसंबर, 2024 को 89,700 रुपये प्रति किलोग्राम से 1,02,300 रुपये या 114.04 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। मंगलवार को पहली बार 60 डॉलर प्रति औंस से ऊपर जाने के बाद चांदी एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई और बढ़त को और बढ़ाया।

    कारोबारी अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती, मांग में तेजी, आपूर्ति में लगातार कमी और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड में बढ़ते निवेश पर दांव लगा रहे हैं ताकि चांदी की रैली को बढ़ावा मिल सके।

  • इंदौर में रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी यातायात व्यवस्था में बदलाव फूटी कोठी से महूनाका तक रहेगा बंद

    इंदौर में रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी यातायात व्यवस्था में बदलाव फूटी कोठी से महूनाका तक रहेगा बंद


    इंदौर । इंदौर में भगवान रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी शुक्रवार 15 दिसंबर को अल सुबह तड़के तीन बजे से शुरू होगी। इस दौरान शहर के पश्चिमी क्षेत्र में भक्तों की एक बड़ी संख्या यात्रा में भाग लेगी। यह प्रभातफेरी रणजीत हनुमान मंदिर से शुरू होकर द्रविड़ नगर रणजीत हनुमान रोड महूनाका चौराहा अन्नपूर्णा रोड महावर नगर उषा नगर चौराहा दशहरा मैदान के पास स्थित गंगेश्वर महादेव मंदिर नरेंद्र तिवारी मार्ग आदित्य नर्सिंग होम होते हुए पुनः रणजीत हनुमान मंदिर पर समाप्त होगी। यात्रा के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों से यातायात प्रभावित रहेगा जिससे प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए हैं।

    यातायात बंद रहेगा परिवर्तित मार्गों का उपयोग करें

    प्रभातफेरी के दौरान शहर में यातायात को सुचारू बनाने के लिए पुलिस ने महूनाका चौराहा और फूटी कोठी के बीच के मार्ग को तड़के तीन बजे से बंद करने का निर्णय लिया है। ऐसे में जो वाहन चालक फूटी कोठी चौराहा से रणजीत हनुमान मंदिर होते हुए महूनाका चौराहा आना-जाना करना चाहते हैं उन्हें इस समय के दौरान ये मार्ग बंद होने के कारण यात्रा मार्गों को परिवर्तित करना होगा। वाहन चालक फूटी कोठी चौराहा से चंदन नगर चौराहा और गंगवाल चौराहा होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंच सकते हैं।

    इसी तरह यदि किसी को जूनी इंदौर भंवरकुआं की ओर जाना है तो वे गोपुर चौराहा और चाणक्यपुरी चौराहा से अपने मार्ग पर आगे बढ़ सकते हैं। यात्रा के दौरान जब प्रभातफेरी अन्नपूर्णा रोड पर पहुंचेगी तो अन्नपूर्णा रोड और महूनाका चौराहा के बीच भी यातायात बंद रहेगा। ऐसे में यात्री लालबाग से केसरबाग रोड का उपयोग करके अपनी यात्रा जारी रख सकते हैं।

    पार्किंग व्यवस्था
    पार्किंग की विशेष व्यवस्था भी की गई है ताकि यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालु अपने वाहन सुरक्षित स्थानों पर पार्क कर सकें। कलेक्ट्रेट चौराहा से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन लालबाग परिसर में पार्क कर यात्रा में शामिल हो सकते हैं। गंगवाल की ओर से आने वाले वाहन चालक सराफा स्कूल एमओजी लाइन और शासकीय स्कूल एमओजी लाइन परिसर में अपने वाहन खड़े कर सकते हैं। अन्नपूर्णा से आने वाले यात्री दशहरा मैदान में पार्किंग कर यात्रा में शामिल हो सकते हैं।

    प्रशासन की अपील

    प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे दिए गए परिवर्तित मार्गों का पालन करें और निर्धारित पार्किंग स्थानों पर ही अपने वाहन खड़े करें। इससे यातायात व्यवस्था में सुगमता रहेगी और यात्रा में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सकेगा। प्रशासन ने यह भी कहा है कि यात्रियों को यात्रा के मार्गों में कोई परेशानी न हो इसके लिए आवश्यक व्यवस्था की गई है और प्रशासन का प्रयास है कि सभी श्रद्धालु अपनी यात्रा आराम से पूरी कर सकें।

    रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी हर साल श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाई जाती है। यह एक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम है जो इंदौर शहर की धार्मिक आस्था का प्रतीक है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु शहर भर में फैले मार्गों पर प्रभातफेरी में शामिल होते हैं। प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाएं यह सुनिश्चित करने के लिए हैं कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े और आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

    यात्रा की सफलता के लिए सहयोग की अपील

    प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यातायात व्यवस्था में सहयोग करें ताकि इस महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जा सके।

  • हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी को दी चुनौती, 2026 विधानसभा चुनाव में नई पार्टी से लड़ेंगे

    हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी को दी चुनौती, 2026 विधानसभा चुनाव में नई पार्टी से लड़ेंगे


    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल (West Bengal)में बाबरी मस्जिद (Babri Masjid)की नींव रख चुके विधायक हुमायूं कबीर(Humayun Kabir) ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी(Mamata Banerjee) को चुनौती दी है। उन्होंने बुधवार को कहा है कि वह अगले विधानसभा चुनाव में सीएम बनर्जी की पार्टी के खिलाफ उम्मीदवार उतारने जा रहे हैं। राज्य में 2026 में चुनाव होने हैं। इससे पहले वह दावा कर चुके हैं कि बनर्जी 2026 में सीएम नहीं बन पाएंगी। तृणमूल कांग्रेस ने कबीर को निलंबित कर दिया है।

    मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘मैं 22 दिसंबर को एक नई पार्टी का ऐलान करूंगा। मैं ममता बनर्जी की पार्टी के खिलाफ उम्मीदवारों को उतारूंगा। जो भी मुख्यमंत्री बनेगा, उसे ऐसा करने के लिए हुमायूं कबीर का समर्थन लेना पड़ेगा।’ उन्होंने पहले भी कहा था कि वह अगले चुनाव में पश्चिम बंगाल में किंगमेकर बनकर सामने आएंगे।

    सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को कबीर ने दावा किया कि 2026 में न तो सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और न ही भारतीय जनता पार्टी अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा छू पाएगी। कबीर ने कहा कि उनका अनुमान है कि 294 सदस्यीय विधानसभा में कोई भी पार्टी 148 सीटों का आंकड़ा पार नहीं कर पाएगी।

    उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘चुनाव के बाद मैं किंगमेकर बनूंगा। मेरे समर्थन के बिना कोई भी सरकार नहीं बना सकता।’ कबीर ने कहा, ‘मैंने कहा है कि मैं 135 सीटों पर चुनाव लड़ूंगा। आप देखेंगे कि मैं जो पार्टी बनाऊंगा, वह इतनी सीटें जीतेगी कि जो भी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा, उसे मेरी पार्टी के विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी।’

    TMC ने उड़ाया मजाक
    टीएमसी ने कबीर के इस दावे का मजाक उड़ाया था। सीएम बनर्जी की अगुवाई वाली पार्टी के प्रदेश महासचिव अरूप चक्रवर्ती ने कहा, ‘हुमायूं कबीर दिवास्वप्न देख रहे हैं। सरकार बनाने की बात करने से पहले उन्हें अपनी जमानत बचाने की कोशिश करनी चाहिए। ऐसे निराधार दावे उनकी राजनीतिक हताशा को ही उजागर करते हैं।’

  • कनाडा में भारतीय मूल का युवक गिरफ्तार, महिला डॉक्टरों के सामने अश्लील हरकतों के आरोप में हुई कार्रवाई

    कनाडा में भारतीय मूल का युवक गिरफ्तार, महिला डॉक्टरों के सामने अश्लील हरकतों के आरोप में हुई कार्रवाई


    नई दिल्ली । कनाडा (Canada)के मिसिसॉगा शहर(Mississauga City) में एक 25 वर्षीय भारतीय मूल के युवक को गिरफ्तार किया गया है। उस पर कई मेडिकल क्लीनिकों (Medical clinics)में महिला स्टाफ, विशेषकर महिला डॉक्टरों के सामने खुद को अश्लील रूप से प्रदर्शित करने के आरोप लगे हैं। इस मामले की पुष्टि पील रीजनल पुलिस (PRP) ने की है।

    पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान वैभव के रूप में हुई है। जांचकर्ताओं का कहना है कि वैभव बीते कई महीनों से मिसिसॉगा के अलग-अलग मेडिकल सेंटर और क्लीनिकों में बार-बार पहुंचता था। वह नकली मेडिकल समस्याएं बताकर महिला डॉक्टरों से अनुचित शारीरिक संपर्क करवाने की कोशिश करता था।

    PRP ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि 12 डिवीजन क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशंस ब्यूरो (CIB) ने इंडीसेंट एक्ट जांच के सिलसिले में ब्रैम्पटन निवासी एक व्यक्ति को गिरफ्तार और चार्ज किया है।

    झूठी पहचान भी करता था इस्तेमाल
    पुलिस ने आरोप लगाया है कि वैभव ने कई बार महिला मेडिकल स्टाफ के सामने खुद को नंगा कर दिया और कई मौकों पर नकली पहचान भी अपनाई। जांच में सामने आया है कि वह कभी-कभी आकाशदीप सिंह नाम का इस्तेमाल करता था, ताकि डॉक्टरों को धोखे में रख सके।

    PRP के अनुसार- आरोपी ने कई बार मेडिकल कंडीशन का नाटक किया ताकि महिला डॉक्टर उसकी शरीर की अनुचित तरीके से जांच करें। कुछ मामलों में उसने झूठी पहचान का भी इस्तेमाल किया। वैभव को 4 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया और वह फिलहाल हिरासत में है। उसकी बेल (जमानत) हियरिंग अभी पेंडिंग है।

    कई गंभीर आरोप दर्ज
    सार्वजनिक स्थान पर अशोभनीय हरकत
    किसी लाभ के उद्देश्य से पहचान धोखाधड़ी
    पहचान दस्तावेज का अवैध कब्जा
    पहचान चोरी

    पुलिस को अन्य पीड़ितों की तलाश
    जांचकर्ताओं का मानना है कि ऐसी और भी महिलाएं हो सकती हैं जो इस आरोपी की हरकतों का शिकार हुई हों, लेकिन अब तक आगे नहीं आईं। पुलिस ने कहा- जो भी व्यक्ति इस मामले से जुड़ी कोई भी जानकारी रखता है, वह 12 डिवीजन CIB से 905-453-2121, एक्सटेंशन 1233 पर संपर्क करे। पील रीजनल पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि इस तरह की घटनाओं की रिपोर्ट करने में हिचकिचाएं नहीं, ताकि जांच आगे बढ़ सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके।

  • लोकसभा में राहुल गांधी और अमित शाह के बीच तीखी तकरार, गृह मंत्री बोले- इस तरह से नहीं चलेगी संसद

    लोकसभा में राहुल गांधी और अमित शाह के बीच तीखी तकरार, गृह मंत्री बोले- इस तरह से नहीं चलेगी संसद


    नई दिल्ली । लोकसभा(Lok Sabha) में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह(Home Minister Amit Shah) ने बुधवार को विपक्ष पर देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर झूठ फैलाने का आरोप लगाया। इसके साथ ही, उन्होंने नेता विपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi)द्वारा अतीत में हरियाणा विधानसभा चुनाव के संदर्भ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके वोट चोरी के लगाए गए आरोपों पर भी जवाब दिया। इस पर राहुल गांधी और अमित शाह के बीच तीखी तकरार देखने को मिली। राहुल गांधी ने सदन में खड़े होकर अमित शाह को प्रेस कॉन्फ्रेंस पर डिबेट करने का चैलेंज दे दिया। इसके बाद अमित शाह भी भड़क गए और कहा कि संसद इस तरह से नहीं चलेगी। मेरे बोलने का क्रम मैं तय करूंगा।

    अमित शाह के भाषण के दौरान राहुल गांधी को जवाब देने का मौका दिया गया। उन्होंने कहा, ”मेरा कल एक सवाल था कि मुख्य चुनाव आयुक्त को फुल इम्युनिटी दी जाएगी। इसके पीछे की जो सोच थी, वह हमें बताएं। हरियाणा की जो बात थी, इन्होंने एक उदाहरण लिया, वहां पर अनेक उदाहरण हैं। 19 लाख वहां के फेक वोटर्स हैं। एक्चुअली, मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर डिबेट करते हैं। अमित शाह जी, मैं आपको चैलेंज करता हूं कि मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर डिबेट करें।”

    ‘इस तरह से संसद नहीं चलेगी’
    इस पर अमित शाह ने नाराजगी जताते हुए कहा, ”पहली बात मैं साफ करना चाहता हूं कि 30 साल से विधानसभा और संसद में चुनकर आया हूं। मुझे लंबा अनुभव है संसदीय प्रणाली का। विपक्ष के नेता कहते हैं, पहले मेरी बात का जवाब दीजिए, मैं सुनना चाहता हूं।” अमित शाह ने नाराजगी जताते हुए कहा, ‘’मेरे बोलने का क्रम मैं तय करूंगा। इस तरह से संसद नहीं चलेगी। उनकी हर बात का जवाब दूंगा, लेकिन मेरे भाषण का क्रम वो तय नहीं कर सकते, मैं करूंगा, क्योंकि मैं बोल रहा हूं।” इस पर राहुल गांधी ने खड़े होकर कहा कि यह डिफेंसिव जवाब है, यह घबराया हुआ जवाब है और डरा हुआ है। सच्चा जवाब नहीं है।

    ‘मैं उकसावे में नहीं आऊंगा, बल्कि…’
    इस पर अमित शाह ने जवाब दिया कि मैं उनके उकसावे पर नहीं आऊंगा, बल्कि अपने विषय पर बोलूंगा। मैंने इतना ही कहा कि मैं अपने भाषण का क्रम मैं ही तय करूंगा और यह हर वक्ता का अधिकार है। उनका भी है, मेरा भी है। अमित शाह ने चुनाव सुधारों पर चर्चा पर जवाब देते हुए यह भी कहा कि संविधान का अनुच्छेद 327 निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची बनाने का पूर्ण अधिकार देता है। गृह मंत्री ने कहा, ‘‘मैं सदन और देश की जनता को कहना चाहता हूं कि क्या घुसपैठिए तय करेंगे कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कौन होगा।’’ शाह ने कहा कि यह एसआईआर मतदाता सूची के शुद्धिकरण की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि विदेशी नागरिकों को भारत में मतदान करने का अधिकार नहीं दिया जा सकता।

  • दिल्ली हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत, 4 मिमी कम हाइट वाले उम्मीदवार भी बन सकते हैं CAPF कमांडर

    दिल्ली हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत, 4 मिमी कम हाइट वाले उम्मीदवार भी बन सकते हैं CAPF कमांडर


    नई दिल्ली । दिल्ली हाईकोर्ट(Delhi High Court) ने केंद्रीय सशस्त्र(Central Armed Forces) पुलिस बल (सीएपीएफ) भर्ती से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में उम्मीदवार को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि महज 0.4 सेंटीमीटर कम लंबाई होने के आधार पर किसी योग्य उम्मीदवार को चयन प्रक्रिया से बाहर करना अनुचित और अवैध है।

    हाईकोर्ट ने कहा कि 164.6 सेंटीमीटर लंबाई को 165 सेंटीमीटर माना जाना चाहिए। जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की बेंच ने कहा कि भर्ती नियमों के मुताबिक, 0.5 सेंटीमीटर से कम का अंतर नजरअंदाज किया जाना चाहिए। वहीं, 0.5 सेंटीमीटर या उससे अधिक होने पर लंबाई को एक मान लिया जाता है। इसलिए उम्मीदवार की 164.6 सेंटीमीटर की लंबाई को सीधे 165 सेंटीमीटर माना जाना चाहिए था।

    बेंच ने अपने आदेश में कहा कि सीएपीएफ भर्ती के लिए मेडिकल जांच टेस्ट को लेकर जारी दिशानिर्देश में भी कहा गया है कि 0.5 सेंटीमीटर से कम लंबाई के अंतर को नजरअंदाज किया जाएगा। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया था कि सीएपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट पद के लिए आवेदन के दौरान उसकी लंबाई 164.6 सेंटीमीटर नापी गई, जिसके कारण उसे अयोग्य घोषित कर दिया गया।

    हाईकोर्ट ने इसे प्रथम दृष्टया गलत मानते हुए उम्मीदवार को आगे की चयन प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति दे दी है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि भर्ती के अन्य चरणों को उम्मीदवार को स्वयं पास करना होगा, तभी अंतिम नियुक्ति पर निर्णय लिया जाएगा।

    हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया
    इस मामले में याचिका को प्रथम दृष्टया उम्मीदवार के पक्ष में पाते हुए हाईकोर्ट की बेंच ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। यह आदेश सीएपीएफ भर्ती प्रक्रिया में मेडिकल मानकों के लागू होने के तरीके पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। भविष्य में कई और अभ्यर्थियों को ऐसे मामलों में बड़ी राहत मिल सकती है।