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  • Dry Skin Care Tips : गर्मियों में भी ड्राई स्किन की खास देखभाल जरूरी, इन घरेलू उपायों से पाएं मुलायम और निखरी त्वचा

    Dry Skin Care Tips : गर्मियों में भी ड्राई स्किन की खास देखभाल जरूरी, इन घरेलू उपायों से पाएं मुलायम और निखरी त्वचा


    नई दिल्ली। अक्सर यह माना जाता है कि ड्राई स्किन की समस्या सिर्फ सर्दियों में होती है, लेकिन हकीकत इससे अलग है। गर्मियों में भी तेज धूप, पसीना, धूल-मिट्टी और गलत स्किन केयर रूटीन के कारण त्वचा और ज्यादा रूखी और बेजान हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, हर मौसम में त्वचा को नमी (moisture) की जरूरत होती है, और अगर इसकी अनदेखी की जाए तो स्किन में खिंचाव, खुजली और डलनेस जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं।

    गर्मियों में कई लोग गर्म पानी से नहाने या ज्यादा केमिकल युक्त ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने लगते हैं, जिससे स्किन की प्राकृतिक नमी खत्म हो जाती है। यही कारण है कि ड्राई स्किन वालों को इस मौसम में भी विशेष देखभाल की जरूरत होती है।

    नारियल तेल से मिलेगी गहरी नमी

    ड्राई स्किन के लिए नारियल तेल बेहद फायदेमंद माना जाता है। नहाने के बाद या रात में सोने से पहले त्वचा पर हल्के हाथों से नारियल तेल लगाने से स्किन में नमी लॉक हो जाती है और रूखापन कम होता है।

    एलोवेरा जेल से त्वचा बनेगी मुलायम

    एलोवेरा जेल त्वचा के लिए नेचुरल मॉइश्चराइजर की तरह काम करता है। इसे चेहरे पर 5 से 10 मिनट तक हल्के हाथों से मसाज करने के बाद धोने से स्किन सॉफ्ट और फ्रेश नजर आती है। इसके बाद मॉइश्चराइजर लगाना और भी बेहतर परिणाम देता है।

    एवोकाडो मास्क से मिलेगा ग्लो

    एवोकाडो में मौजूद विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को गहराई से पोषण देते हैं। इसका फेस मास्क लगाने से ड्राई स्किन में सुधार आता है और चेहरा प्राकृतिक रूप से चमकदार दिखता है।

    नहाने के पानी में तेल मिलाना है फायदेमंद

    अगर नहाने के पानी में थोड़ा सा नारियल या बादाम तेल मिला लिया जाए तो त्वचा लंबे समय तक हाइड्रेट रहती है। इससे स्किन की ड्राइनेस काफी हद तक कम हो जाती है।

    ग्लिसरीन से मिलेगी रातभर की केयर

    सोने से पहले चेहरे पर ग्लिसरीन की हल्की परत लगाने से त्वचा की डैमेज सेल्स की मरम्मत होती है और सुबह स्किन ज्यादा मुलायम महसूस होती है।

    ड्राई स्किन की देखभाल सिर्फ क्रीम लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सही दिनचर्या और प्राकृतिक उपाय अपनाकर भी इसे स्वस्थ रखा जा सकता है। गर्मियों में नियमित देखभाल से त्वचा न सिर्फ रूखेपन से बचती है, बल्कि प्राकृतिक निखार भी बनाए रखती है।

  • BJP विधायक प्रीतम लोधी पर गिरेगी गाज! 3 दिन में जवाब तलब, खंडेलवाल ने भेजा नोटिस

    BJP विधायक प्रीतम लोधी पर गिरेगी गाज! 3 दिन में जवाब तलब, खंडेलवाल ने भेजा नोटिस



    मध्य प्रदेश शिवपुरी मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर संगठनात्मक अनुशासन का मुद्दा सुर्खियों में आ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने शिवपुरी जिले के पिछोर से विधायक प्रीतम लोधी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की ओर से जारी किया गया है, जिसमें विधायक से तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
    जारी पत्र में पार्टी ने स्पष्ट किया है कि हाल के दिनों में विधायक प्रीतम लोधी का आचरण “अत्यंत आपत्तिजनक” पाया गया है और यह पार्टी की अनुशासनात्मक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं माना जा रहा है। भाजपा ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल जवाब तलब किया है और साफ संकेत दिया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो संगठनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    यह नोटिस 22 अप्रैल 2026 को जारी किया गया है और इसकी प्रतिलिपि पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को भी भेजी गई है। इससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि भाजपा नेतृत्व इस पूरे मामले को केवल औपचारिकता नहीं मान रहा, बल्कि इसे अनुशासन से जुड़ा गंभीर विषय मानकर आगे बढ़ रहा है।
    हालांकि, नोटिस में किसी विशेष बयान या घटना का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे हाल के बयानों और सार्वजनिक गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाकर संगठन में अनुशासन और एकरूपता बनाए रखना चाहता है।
    भाजपा के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, पार्टी लंबे समय से सार्वजनिक मंचों पर दिए जा रहे विवादित बयानों और अनुशासनहीन गतिविधियों को लेकर सतर्क है। इसी क्रम में यह कार्रवाई एक संदेश के तौर पर भी देखी जा रही है कि पार्टी लाइन से बाहर जाकर बयानबाजी या आचरण को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
    इस नोटिस के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। विपक्ष भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, जबकि भाजपा के भीतर इसे अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामान्य हिस्सा बताया जा रहा है।
    अब सभी की निगाहें विधायक प्रीतम लोधी के जवाब पर टिकी हैं। उनका स्पष्टीकरण यह तय करेगा कि मामला यहीं समाप्त हो जाता है या आगे किसी बड़ी संगठनात्मक कार्रवाई की दिशा में बढ़ता है।
  • बंगाल में डबल इंजन सरकार पर सीएम योगी का दावा, विकास और बदलाव का किया आह्वान..

    बंगाल में डबल इंजन सरकार पर सीएम योगी का दावा, विकास और बदलाव का किया आह्वान..


    नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल और तेज हो गया है। चकदहा में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की मौजूदा सरकार और राजनीतिक स्थिति को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने नदिया जिले की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि चैतन्य महाप्रभु की वैष्णव परंपरा की पहचान रही है और अब यहां बदलाव की संभावनाएं दिख रही हैं।

    अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी ने विकास के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की तुलना करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार बनने पर विकास की गति तेज होती है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में पिछले वर्षों में बड़े पैमाने पर उद्योगों का विस्तार हुआ है और रोजगार के अवसर बढ़े हैं, जबकि पश्चिम बंगाल में औद्योगिक गतिविधियों में गिरावट देखी गई है। उन्होंने कहा कि विकास और निवेश के लिए स्थिर शासन जरूरी है।

    सीएम योगी ने अपने भाषण में सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बंगाल की भूमि हमेशा से आध्यात्मिक और साहित्यिक योगदान के लिए जानी जाती रही है और इसे अपनी मूल पहचान को और मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए आगे बढ़ने की जरूरत है।

    राजनीतिक टिप्पणी के दौरान उन्होंने राज्य में कानून व्यवस्था और प्रशासन को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि विकास तभी संभव है जब सुरक्षा और सुशासन मजबूत हों। उन्होंने यह भी कहा कि जनता को ऐसे विकल्प पर विचार करना चाहिए जो स्थिरता और विकास सुनिश्चित कर सके।

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विभिन्न ऐतिहासिक और सांस्कृतिक हस्तियों का भी उल्लेख किया और कहा कि बंगाल की धरती ने देश को कई महान योगदान दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन परंपराओं को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी जनता की है।

    सभा के दौरान उन्होंने स्थानीय प्रत्याशी के समर्थन में मतदान की अपील की और कहा कि आने वाले समय में राज्य में विकास और बदलाव की नई दिशा तय हो सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस तरह के बयानों से चुनावी माहौल और अधिक गर्म हो गया है और आने वाले दिनों में प्रचार अभियान और तेज होने की संभावना है।

  • रिंकू सिंह और प्रिया सरोज की शादी की तारीख को लेकर चर्चा तेज, काशी दर्शन के बाद बढ़ेगी हलचल

    रिंकू सिंह और प्रिया सरोज की शादी की तारीख को लेकर चर्चा तेज, काशी दर्शन के बाद बढ़ेगी हलचल


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेटर Rinku Singh और उनकी मंगेतर Priya Saroj हाल ही में Varanasi पहुंचे। दोनों ने यहां आकर प्रसिद्ध Kashi Vishwanath Temple में पूजा-अर्चना की और भगवान शिव का आशीर्वाद लिया।

    बाबा विश्वनाथ के दर्शन और गंगा आरती में हुए शामि
    मंदिर में करीब आधे घंटे बिताने के बाद रिंकू और प्रिया ने काशी के घाटों का आनंद लिया। शाम को दोनों Dashashwamedh Ghat पहुंचे, जहां उन्होंने भव्य गंगा आरती में हिस्सा लिया। दोनों ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “काशी, महादेव की धरती और गंगा का पावन संग।”

    जून में हो सकती है शादी, होटल ताज में फेरे की चर्चा
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिंकू सिंह और प्रिया सरोज की शादी जून के पहले हफ्ते में हो सकती है। यह भी खबर सामने आ रही है कि शादी Taj Hotel Varanasi में हो सकती है। कहा जा रहा है कि दोनों उसी होटल में रुके थे, जिससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने शादी की तैयारियों का जायजा भी लिया।

    IPL 2026 के बीच काशी पहुंचे रिंकू
    रिंकू सिंह इस समय Kolkata Knight Riders के लिए Indian Premier League 2026 खेल रहे हैं और टीम के उपकप्तान हैं। KKR का अगला मुकाबला Lucknow Super Giants के साथ लखनऊ में होना है।

    कौन हैं प्रिया सरोज?
    प्रिया सरोज उत्तर प्रदेश की मछलीशहर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी की सांसद हैं। वह राजनीति में तेजी से उभरता हुआ चेहरा मानी जाती हैं और अब रिंकू सिंह के साथ अपने रिश्ते को लेकर भी चर्चा में हैं।

    रिंकू सिंह का क्रिकेट करियर
    रिंकू सिंह भारत के लिए वनडे और टी20 इंटरनेशनल में डेब्यू कर चुके हैं। उन्होंने अब तक 2 वनडे और 45 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। वह 2018 से IPL में खेल रहे हैं और शुरुआत से ही कोलकाता नाइट राइडर्स का हिस्सा हैं। रिंकू सिंह और प्रिया सरोज की वाराणसी यात्रा ने उनकी शादी की खबरों को और हवा दे दी है। हालांकि अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जून में शादी और वाराणसी में फेरे की चर्चाएं लगातार तेज होती जा रही हैं।

  • Earth Day 2026: धरती बचाने के लिए Bhopal के लोग कर रहे हैं खास प्रयास, जानिए कैसे मना रहे हैं पृथ्वी दिवस

    Earth Day 2026: धरती बचाने के लिए Bhopal के लोग कर रहे हैं खास प्रयास, जानिए कैसे मना रहे हैं पृथ्वी दिवस


    भोपाल। आज पूरी दुनिया 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस के रूप में मना रही है, जो पर्यावरण संरक्षण और जलवायु संतुलन का सबसे बड़ा वैश्विक प्रतीक बन चुका है। वर्ष 1970 में अमेरिका से शुरू हुआ यह अभियान आज 190 से अधिक देशों तक फैल चुका है और हर साल लाखों लोग इसमें भाग लेकर धरती को बचाने का संकल्प लेते हैं। इस आंदोलन की शुरुआत अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने की थी, जिन्होंने बढ़ते प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के खिलाफ एक जनजागरण की नींव रखी थी।
    पहले ही वर्ष में इस अभियान को अभूतपूर्व समर्थन मिला था, और समय के साथ यह एक वैश्विक आंदोलन बन गया। आज पृथ्वी दिवस केवल एक प्रतीकात्मक आयोजन नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का एक सक्रिय मंच है। जलवायु परिवर्तन, प्लास्टिक प्रदूषण, वनों की कटाई और जल संकट जैसे मुद्दों पर अब दुनिया भर में गंभीर चर्चा हो रही है।
    भोपाल में भी पृथ्वी दिवस को लेकर लोगों में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। शहर के स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कई जगहों पर पौधारोपण अभियान चलाया गया, जिसमें छात्रों और नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। लोगों ने “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियानों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
    भोपाल के पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि शहर को हरित और स्वच्छ बनाए रखने के लिए छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। प्लास्टिक का कम उपयोग, जल संरक्षण, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना और अधिक से अधिक पेड़ लगाना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। कई स्वयंसेवी संगठनों ने झीलों और पार्कों की सफाई अभियान भी चलाया, ताकि शहर की प्राकृतिक सुंदरता को बनाए रखा जा सके।
    शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों ने पोस्टर, निबंध प्रतियोगिता और रैली के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। बच्चों ने “धरती बचाओ, जीवन बचाओ” जैसे नारों के साथ लोगों को जागरूक करने की कोशिश की।
    विशेषज्ञों का मानना है कि पृथ्वी दिवस का असली उद्देश्य केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि जीवनशैली में स्थायी बदलाव लाना है। यदि हर व्यक्ति रोजमर्रा के जीवन में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाए, तो जलवायु संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
    आज जब दुनिया जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है, ऐसे में पृथ्वी दिवस एक बार फिर यह याद दिलाता है कि धरती की सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। भोपाल समेत पूरे देश में लोग इस संदेश को अपनाकर एक हरित और स्वच्छ भविष्य की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
  • सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार को मिला बढ़ावा, एपीवाई में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज..

    सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार को मिला बढ़ावा, एपीवाई में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज..


    नई दिल्ली: दिल्ली में केंद्र सरकार द्वारा संचालित अटल पेंशन योजना ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जहां इस योजना के तहत कुल नामांकन संख्या 9 करोड़ के पार पहुंच गई है। यह आंकड़ा देश में सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ती जागरूकता और सरकारी योजनाओं के प्रति लोगों के भरोसे को दर्शाता है। विशेष रूप से वित्त वर्ष 2025-26 में नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो अब तक के किसी भी एक वर्ष में सबसे अधिक बताई जा रही है।

    अटल पेंशन योजना को वर्ष 2015 में इस उद्देश्य के साथ शुरू किया गया था कि देश के नागरिकों को वृद्धावस्था में एक सुनिश्चित आय का सहारा मिल सके। यह योजना मुख्य रूप से असंगठित क्षेत्र के कामगारों और कम आय वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, ताकि वे रिटायरमेंट के बाद आर्थिक रूप से सुरक्षित रह सकें। इस योजना के तहत लाभार्थियों को 60 वर्ष की आयु के बाद निश्चित मासिक पेंशन प्रदान की जाती है, जो उनकी चुनी गई राशि पर आधारित होती है।

    योजना के अंतर्गत 18 से 40 वर्ष की आयु के नागरिक इसमें शामिल हो सकते हैं, जिससे उन्हें लंबी अवधि तक योगदान करने और भविष्य के लिए पेंशन सुनिश्चित करने का अवसर मिलता है। इस व्यवस्था में सरकार की ओर से एक मजबूत संरचना तैयार की गई है, जो पेंशन फंड प्रबंधन के माध्यम से योजना को स्थिर और प्रभावी बनाती है।

    अटल पेंशन योजना की एक विशेषता यह भी है कि यह केवल व्यक्तिगत सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार की सुरक्षा को भी ध्यान में रखती है। लाभार्थी की मृत्यु के बाद पेंशन का लाभ उनके जीवनसाथी को मिलता है, और दोनों की अनुपस्थिति में संचित राशि नामित व्यक्ति को वापस की जाती है। इससे यह योजना सामाजिक सुरक्षा के व्यापक दायरे को कवर करती है।

    पिछले एक दशक में इस योजना के विस्तार में बैंकों, डाक विभाग और अन्य वित्तीय संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विभिन्न स्तरों पर जागरूकता अभियानों और जनसंपर्क प्रयासों के माध्यम से योजना को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पहुंचाया गया है। इसके साथ ही डिजिटल माध्यमों और बहुभाषी जानकारी ने भी इसके प्रसार में अहम योगदान दिया है।

    वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार इस योजना की बढ़ती लोकप्रियता का मुख्य कारण इसकी सरल संरचना और सुनिश्चित लाभ है, जो आम नागरिकों को भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। विशेष रूप से उन वर्गों के लिए यह योजना महत्वपूर्ण साबित हुई है, जिनके पास रिटायरमेंट के बाद स्थायी आय का कोई साधन नहीं होता।

    सरकारी प्रयासों के तहत इस योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ सकें। इसके साथ ही वित्तीय जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर अभियान चलाए जा रहे हैं, जिससे लोगों को बचत और भविष्य की सुरक्षा के महत्व को समझाया जा सके।

  • भोपाल में फर्जी नौकरी घोटाला: एम्स में भर्ती का झांसा देकर लाखों की ठगी, पुलिस ने दर्ज की FIR

    भोपाल में फर्जी नौकरी घोटाला: एम्स में भर्ती का झांसा देकर लाखों की ठगी, पुलिस ने दर्ज की FIR


    भोपाल। राजधानी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का एक और मामला सामने आया है। एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक नर्सिंग छात्रा से 50 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। करीब एक साल पुराने इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा आरोपी अब भी फरार है।
    मामला बागसेवनिया थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, सीहोर जिले की रहने वाली प्रिया राठौर (30) ने भोपाल से नर्सिंग की पढ़ाई की है और वर्तमान में एक निजी अस्पताल में नर्स के रूप में कार्यरत है। पीड़िता का परिचय सीहोर के ही रहने वाले मुकुल त्यागी और अमर छावा नाम के दो युवकों से था, जो भोपाल में निजी कार्य करते थे।
    आरोप है कि करीब डेढ़ साल पहले दोनों युवकों ने पीड़िता से संपर्क कर दावा किया कि उनकी एम्स भोपाल में अच्छी पहचान है और वे आसानी से वहां नौकरी लगवा सकते हैं। इस भरोसे में फंसाकर उन्होंने नौकरी दिलाने के एवज में पैसे की मांग की।
    विश्वास में आकर युवती ने दोनों को 50 हजार रुपये नकद दे दिए। शुरुआत में आरोपियों ने उसे आश्वासन दिया कि जल्द ही नियुक्ति पत्र मिल जाएगा, लेकिन समय बीतने के साथ वे लगातार टालमटोल करने लगे। लंबे समय तक इंतजार करने के बाद भी जब कोई नौकरी या ऑफर लेटर नहीं मिला तो पीड़िता को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ।
    इसके बाद उसने मामले की शिकायत बागसेवनिया थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद दोनों आरोपियों मुकुल त्यागी और अमर छावा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।
    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में कार्रवाई करते हुए अमर छावा को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरा आरोपी मुकुल त्यागी अभी फरार है। उसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
    पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से नौकरी दिलाने का झांसा देकर पैसे ऐंठे। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इसी तरह उन्होंने अन्य लोगों को भी ठगा तो नहीं है।
    यह मामला एक बार फिर नौकरी के नाम पर हो रही साइबर और ऑफलाइन ठगी को उजागर करता है, जिसमें लोग आसानी से बड़े संस्थानों में नौकरी का सपना दिखाकर ठगे जा रहे हैं।
  • इंदौर में शादी समारोह में बवाल, मंडप में घुसकर युवकों ने बारातियों पर किया हमला

    इंदौर में शादी समारोह में बवाल, मंडप में घुसकर युवकों ने बारातियों पर किया हमला


    इंदौर। शहर के तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में एक शादी समारोह उस समय अफरा-तफरी में बदल गया जब कुछ युवक आपस में झगड़ते हुए सीधे मंडप में घुस आए और वहां मौजूद बरातियों पर हमला कर दिया। घटना में करीब 6 लोग घायल हो गए, जबकि पूरे समारोह में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
    यह घटना 21 अप्रैल की रात करीब 2 बजे ग्राम माचला की है, जहां मनीषा नामक युवती के विवाह की रस्में चल रही थीं। परिवार और रिश्तेदार फेरे की तैयारियों में जुटे थे, तभी अचानक कुछ युवक आपस में विवाद करते हुए शादी के मंडप में घुस आए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले तो उन्होंने हंगामा किया और फिर परिजनों द्वारा बाहर जाने के कहने पर मामला और बिगड़ गया।
    परिजनों का आरोप है कि जब उन्हें शांत रहने और मंडप से बाहर जाने के लिए कहा गया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते हाथ-मुक्कों और डंडों से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से शादी स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।
    हमले में जगराम बंजारा (50), उनके समधी लक्ष्मण बंजारा (70), गंगाबाई, जगदीश, कलाबाई और पुरकिया उर्फ प्रेम घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। राहत की बात यह रही कि गंभीर चोटें नहीं होने पर सभी को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
    टीआई देवेन्द्र मरकाम के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। मामले में साहिल कोटिया, मोनू मिथोरिया और अमन कोटिया सहित अन्य साथियों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी है।
    परिजनों ने बताया कि आरोपी नशे की हालत में थे और आपसी झगड़े के बाद गुस्से में शादी समारोह में घुस आए। विरोध करने पर उन्होंने जान से मारने की धमकी भी दी और मौके से फरार हो गए।
    इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। जिस शादी में खुशियों का माहौल था, वह कुछ ही मिनटों में हिंसा और दहशत में बदल गया। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
  • फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी चर्चाओं में इन दिनों अक्षय कुमार और साउथ के लोकप्रिय अभिनेता राणा दग्गुबाती की संभावित

    फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी चर्चाओं में इन दिनों अक्षय कुमार और साउथ के लोकप्रिय अभिनेता राणा दग्गुबाती की संभावित


    नई दिल्ली ।  फिल्म जगत में इन दिनों अक्षय कुमार और साउथ के मशहूर अभिनेता राणा दग्गुबाती की संभावित नई फिल्म को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि दोनों कलाकार एक बड़े बजट की हिस्टोरिकल थ्रिलर में एक साथ नजर आ सकते हैं। हालांकि इस प्रोजेक्ट को लेकर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इससे जुड़ी खबरों ने दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है।

    सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार इस फिल्म का निर्देशन चंदू मोंडेती करेंगे, जो अपनी ऐतिहासिक और रहस्यमयी कहानियों के लिए जाने जाते हैं। माना जा रहा है कि फिल्म की कहानी प्राचीन और रहस्यमयी घटनाओं पर आधारित होगी, जिसमें उज्जैन जैसे ऐतिहासिक स्थानों की पृष्ठभूमि भी दिखाई जा सकती है। इस तरह की थीम के कारण यह प्रोजेक्ट एक अलग सिनेमाई अनुभव देने की क्षमता रखता है।

    फिल्म को लेकर यह भी चर्चा है कि इसे बड़े स्तर पर तैयार किया जाएगा और इसे पैन इंडिया रिलीज के रूप में पेश किया जा सकता है। इस प्रोजेक्ट से जुड़े प्रोडक्शन स्तर पर भी बड़े नामों की भागीदारी की बात सामने आ रही है, जिससे फिल्म का स्केल और भी बड़ा माना जा रहा है। अक्षय कुमार और राणा दग्गुबाती की जोड़ी पहली बार बड़े पर्दे पर साथ नजर आ सकती है, जिससे यह प्रोजेक्ट और खास बन जाता है।

    इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि फिल्म में किसी अन्य बड़े कलाकार का विशेष कैमियो रोल भी शामिल हो सकता है, हालांकि इस बारे में अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में फिल्म से जुड़ी हर नई जानकारी को लेकर लगातार उत्सुकता बनी हुई है।

    अक्षय कुमार की बात करें तो वह हाल ही में कई अलग-अलग जॉनर की फिल्मों में सक्रिय रहे हैं और लगातार नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। वहीं राणा दग्गुबाती भी साउथ फिल्म इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं और बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनते रहे हैं।

  • इंदौर में राजनीतिक हंगामा: भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर देश का अपमान करने का आरोप लगाया

    इंदौर में राजनीतिक हंगामा: भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर देश का अपमान करने का आरोप लगाया


    इंदौर। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए कथित विवादित बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। खड़गे के बयान में प्रधानमंत्री को लेकर की गई तीखी टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है। इंदौर में आयोजित भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग में पहुंचे वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और इसे न केवल प्रधानमंत्री बल्कि पूरे देश का अपमान करार दिया।
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने खड़गे के बयान को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष से इस तरह की भाषा की अपेक्षा नहीं की जा सकती। खंडेलवाल के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व स्तर पर सबसे लोकप्रिय नेताओं में शामिल हैं और उनके प्रति इस तरह की टिप्पणी कांग्रेस की मानसिकता को उजागर करती है।
    उन्होंने कहा कि कांग्रेस विकास और जनहित के मुद्दों से भटक चुकी है और केवल बयानबाजी के सहारे राजनीति करना चाहती है। वहीं छत्तीसगढ़ भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव ने भी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष लगातार जनकल्याणकारी योजनाओं का विरोध करता रहा है और अब प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणियां कर रहा है।
    गोवा भाजपा अध्यक्ष दामोदर दादू नाइक ने तो खड़गे के बयान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उम्र के इस पड़ाव पर कांग्रेस अध्यक्ष का इस तरह का बयान राजनीतिक हताशा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पर अपमानजनक टिप्पणी करना कांग्रेस की पुरानी आदत बन चुकी है और इसे किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
    मध्य प्रदेश के मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भी कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि यह बयान कांग्रेस के असली “चाल, चरित्र और चेहरा” को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सत्ता से बाहर होने की बौखलाहट में कांग्रेस नेता मर्यादा भूल चुके हैं। वहीं कैबिनेट मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि यह केवल प्रधानमंत्री का नहीं बल्कि पूरे देश का अपमान है।
    भाजपा नेताओं ने एक स्वर में मांग की कि कांग्रेस को इस बयान पर देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में असहमति का अधिकार है, लेकिन व्यक्तिगत हमले और अमर्यादित भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती।
    गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब खड़गे के बयान विवादों में आए हों। इससे पहले भी वे प्रधानमंत्री को लेकर कई बार तीखी टिप्पणियां कर चुके हैं, जिनमें उनकी तुलना ‘रावण’, ‘जहरीला सांप’ और ‘झूठों के सरदार’ जैसे शब्दों से की गई थी। इसी वजह से भाजपा लगातार कांग्रेस पर हमलावर रही है।
    इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है और दोनों दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।