धुरंधर के सामने फीकी पड़ी कपिल की कॉमेडी
पहले पार्ट की सफलता भी काम नहीं आई
स्टारकास्ट और निर्देशन
आगे की कमाई पर टिकी निगाहें

धुरंधर के सामने फीकी पड़ी कपिल की कॉमेडी
पहले पार्ट की सफलता भी काम नहीं आई
स्टारकास्ट और निर्देशन
आगे की कमाई पर टिकी निगाहें

सिद्धू ने साझा किए मस्ती भरे पल
शुक्रवार को नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर प्रियंका चोपड़ा के साथ बिताए गए मज़ेदार पलों की तस्वीरें साझा कीं। तस्वीरों में दोनों कलाकारों को ज़ोर-ज़ोर से हँसते, गर्मजोशी से बातचीत करते और साथ में डांस करते हुए देखा जा सकता है।
तस्वीरें साझा करते हुए सिद्धू ने कैप्शन में लिखा, “ग्रेस हमेशा रहेगा, लेकिन खूबसूरती कमाल कर देगी… खूबसूरती और ग्रेस बेहतरीन।”
लुक और एनर्जी: तस्वीरों में प्रियंका हल्के सफेद और नीले फ्लोरल आउटफिट में बेहद आकर्षक और सादे लुक में नज़र आईं। वहीं, नवजोत सिंह सिद्धू पेस्टल कुर्ता-पायजामा, चेक्ड ब्लेज़र और अपनी खास पगड़ी में पूरी ऊर्जा के साथ नाचते दिखे। दोनों की केमिस्ट्री और जोश ने शो के सेट पर एक अलग ही रौनक भर दी।
12 घंटे का तूफानी मुंबई दौरा
बताया जा रहा है कि प्रियंका चोपड़ा यह खास एपिसोड शूट करने के लिए विशेष रूप से न्यूयॉर्क से मुंबई आईं थीं और 12 घंटे से भी कम समय में शूटिंग पूरी करके वापस लौट गईं। सालों बाद किसी कॉमेडी शो के सेट पर देसी गर्ल को इस तरह की मस्ती करते देखना उनके फैंस के लिए एक बड़ा सरप्राइज और उत्साह का विषय बन गया है।
वर्क फ्रंट पर व्यस्तता
प्रोफेशनल फ्रंट पर प्रियंका चोपड़ा काफी व्यस्त हैं:
भारतीय सिनेमा में वापसी: वह जल्द ही एसएस राजामौली की बहुप्रतीक्षित तेलुगु फिल्म ‘वाराणसी’ से भारतीय सिनेमा में वापसी करने जा रही हैं। इस फिल्म में महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन भी मुख्य भूमिकाओं में होंगे, जो संक्रांति 2027 में रिलीज़ होने वाली है।
हॉलीवुड प्रोजेक्ट्स: इसके अलावा, प्रियंका हॉलीवुड फिल्म ‘द ब्लफ’ और अपनी हिट वेब सीरीज़ ‘सिटाडेल’ के दूसरे सीज़न में भी नज़र आएंगी।

फ्लाइट का किराया
वियतनाम जाने के लिए फ्लाइट का खर्च भी बहुत कम है। दिल्ली से हनोई (Vietnam का प्रमुख शहर) की फ्लाइट का किराया ऑफ सीजन में सिर्फ 8,000 से 10,000 रुपये के बीच हो सकता है। इस तरह, आने-जाने का खर्च कुल मिलाकर 16,000 से 20,000 रुपये तक आता है। इतना कम बजट में विदेश यात्रा करना वाकई एक शानदार मौका है!
वियतनाम की करेंसी
वियतनाम की करेंसी वियानी डोंग (VND) है, और भारत के एक रुपये के बदले आपको करीब 291.03 वियानी डोंग मिलते हैं। इसका मतलब है कि यहां आपका भारतीय रुपया ज्यादा ताकतवर है, और आप अपनी यात्रा का भरपूर आनंद ले सकते हैं।
होटल का खर्च
हनोई में रहने के लिए होटल या गेस्ट हाउस का खर्च भी काफी सस्ता है। यहां पर आपको एक रात का ठहराव 1,500 से 2,500 रुपये तक में मिल सकता है। इस हिसाब से, अगर आप चार दिन के लिए रुकते हैं, तो होटल का कुल खर्च 6,000 से 10,000 रुपये तक हो सकता है।
खाना-पीना
वियतनाम में खाने का खर्च भी बहुत कम है। अगर आप स्ट्रीट फूड पसंद करते हैं, तो एक अच्छा और स्वादिष्ट भोजन 150 से 200 रुपये में मिल सकता है। वहीं, रेस्तरां में खाना खाने पर बिल 400 से 600 रुपये तक आ सकता है। कुल मिलाकर चार दिन में खाने-पीने का खर्च लगभग 4,000 से 5,000 रुपये तक हो सकता है।
ट्रांसपोर्ट का खर्च
वियतनाम में लोकल ट्रांसपोर्ट भी बेहद सस्ता है। यहां की टैक्सी और उबर सेवाओं का किराया प्रति दिन 300 से 500 रुपये तक हो सकता है। अगर आप मोटरसाइकिल रेंट पर लेना चाहते हैं, तो वह भी आसानी से उपलब्ध है। इस प्रकार, 4-5 दिनों का ट्रांसपोर्ट खर्च लगभग 1,500 से 2,500 रुपये तक आ सकता है।
शॉपिंग और बाजार
वियतनाम की शॉपिंग भी किफायती है। यहां के हनोई ओल्ड क्वार्टर नाइट मार्केट, बेन थान मार्केट और होई एन नाइट मार्केट में आपको बहुत अच्छे और सस्ते कपड़े मिल सकते हैं। इसलिए अगर आप शॉपिंग के शौक़ीन हैं, तो वियतनाम में खरीदारी भी मजेदार होगी, और खर्च भी बहुत कम आएगा।
कुल मिलाकर खर्च
अगर आप वियतनाम 4-5 दिनों के लिए जाते हैं, तो फ्लाइट, होटल, खाना, ट्रांसपोर्ट और शॉपिंग मिलाकर आपका कुल खर्च लगभग 40,000 रुपये हो सकता है। इस बजट में आप एक शानदार विदेश यात्रा का आनंद ले सकते हैं।
वियतनाम, अपने कम खर्च और अद्भुत पर्यटन स्थलों के कारण एक बेहतरीन बजट डेस्टिनेशन बन चुका है। यहां आप शानदार सेंट्रल हनोई, हलॉन्ग बे, हो ची मिन्ह सिटी, और अन्य जगहों का भ्रमण कर सकते हैं। यदि आपके पास एक सीमित बजट है, तो वियतनाम आपके लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन हो सकता है।
तो अब इंतजार किस बात का? पैक करें अपनी बैग और वियतनाम की इस किफायती यात्रा का आनंद लें!

मौत से पहले अतहर हुसैन का दर्दनाक बयान
मृतक मोहम्मद अतहर हुसैन ने 7 दिसंबर को रिकॉर्ड कराए अपने बयान में बताया कि उन्हें सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वे मुस्लिम थे। उनकी आपबीती के कुछ अंश:
धर्म की पहचान: “4-5 लोगों ने घेरकर मारपीट की और मुझे एक कमरे में ले गए। वहाँ पैंट उतारकर चेक किया गया कि मैं मुस्लिम हूँ या नहीं।”
असहनीय यातना: धर्म की पुष्टि होने के बाद, हमलावरों ने उन्हें गर्म रॉड, स्टील के रॉड, लाठी-डंडे और ईंटों से बुरी तरह पीटा।
अमानवीय कृत्य: “किसी ने प्लायर से मेरे कान काटे, उंगलियां तोड़ीं, और नाखून तक उखाड़ लिए। मुझ पर चढ़कर गला दबाया गया, जिससे मेरे मुँह से खून आने लगा।”
प्राइवेट पार्ट पर हमला: उन्होंने बताया कि हमलावरों ने उनके प्राइवेट पार्ट की जाँच की, वहाँ रॉड डाला गया और पेट्रोल डाला गया। गर्म लोहे की रॉड से शरीर के कई हिस्सों को दागा गया, जिससे चमड़ी निकल गई।
लूटपाट: रोह थाना क्षेत्र के भट्ठापर गाँव से लौटते समय, नशे में धुत 6-7 युवकों ने नाम पूछने के बाद उनसे 8,000 रुपये लूट लिए। बाद में हमलावरों की संख्या 15-20 तक हो गई थी।
पुलिस कार्रवाई और एफआईआर
अतहर हुसैन की मौत के बाद उनकी पत्नी शबनम परवीन ने 10 नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है, जिसमें अब हत्या की धाराएँ भी जोड़ी गई हैं।
नामजद आरोपी: सत्यनारायण कुमार, मंटू यादव, सोनू कुमार, सतीश कुमार, सिकंदर यादव, रामस्वरूप यादव, रंजन कुमार, विपुल कुमार, सचिन कुमार, और सुगन यादव।
गिरफ्तारी: रोह थाना पुलिस ने अब तक चार आरोपियों – सोनू कुमार, रंजन कुमार, और श्री कुमार सहित – को गिरफ्तार कर लिया है। शेष आरोपियों की तलाश जारी है।
पोस्टमॉर्टम: मृतक का पोस्टमॉर्टम मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में कराया गया।
चोरी का आरोप: यह भी सामने आया है कि 5 दिसंबर को ही सिकंदर यादव ने मो. अतहर पर घर में घुसकर सोने के कंगन, मंगलसूत्र और अन्य सामान चोरी करने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के चलते डायल 112 अतहर की तलाश में थी, और पुलिस ने उन्हें देर रात कमरे से घायल अवस्था में बरामद कर अस्पताल पहुँचाया था।
मृतक का परिचय
मोहम्मद अतहर हुसैन मूल रूप से बिहारशरीफ के गगनदीवान के रहने वाले थे, लेकिन नवादा जिले के रोह थाना क्षेत्र के बरुई गाँव में अपने ससुराल में रहकर कपड़े फेरी का काम करते थे। उनकी मौत के बाद उनकी साइकिल और कपड़े का कोई पता नहीं चल पाया है।
क्या आप इस मामले से संबंधित कोई और जानकारी जानना चाहेंगे, या मैं आपके लिए नवादा क्षेत्र की अन्य खबरें देख सकता हूँ?

2. रश्मिका मंदाना
रश्मिका मंदाना के लिए 2025 काफी शानदार रहा। इस साल उनकी 6 फिल्में रिलीज हुईं, जिनमें ‘छावा’, ‘सिकंदर’, ‘थामा’, ‘कुबेरा’, ‘किंगडम’ और ‘द गर्लफ्रेंड’ शामिल हैं। उनकी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया और उनके अभिनय को भरपूर सराहा गया।
3. शाहरुख खान
शाहरुख खान भी 2025 में चर्चा में रहे। इस साल उन्होंने मेट गाला 2025 में अपनी पहली उपस्थिति दर्ज की, जहां से उनकी छवि ग्लोबल स्टार के रूप में और भी मजबूत हुई। इसके अलावा, उन्हें इस साल पहला नेशनल अवॉर्ड भी मिला, जिससे उनकी प्रतिष्ठा और भी बढ़ गई।
4. धर्मेंद्र
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र ने इस साल दुनिया को अलविदा कह दिया। हालांकि, उनकी मौत से पहले उनकी मृत्यु की अफवाहें फैलने लगी थीं, जिससे उनके फैंस में गुस्सा और मायूसी का माहौल था। धर्मेंद्र का निधन फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी क्षति थी, और उनके फैंस ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
5. कल्याणी प्रियदर्शन
साउथ एक्ट्रेस कल्याणी प्रियदर्शन की फिल्म ‘लोका चैप्टर 1’ इस साल रिलीज हुई, जिसमें उन्होंने सुपरगर्ल के किरदार से सभी का ध्यान आकर्षित किया। उनकी इस फिल्म की सफलता और अभिनय ने उन्हें बॉलीवुड के साथ-साथ साउथ फिल्म इंडस्ट्री में भी एक मजबूत पहचान दिलाई।
6. ऋषभ शेट्टी
ऋषभ शेट्टी ने इस साल अपनी फिल्म ‘कांतारा चैप्टर 1’ के साथ बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई की। फिल्म ने इस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की लिस्ट में अपनी जगह बनाई। उनकी एक्टिंग ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया और वह इस साल के प्रमुख चर्चित सितारों में शुमार हो गए।
7. आमिर खान
आमिर खान भी 2025 में चर्चाओं में रहे। तीन साल बाद उनकी फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ रिलीज हुई, जिसे दर्शकों ने बेहद पसंद किया। फिल्म में उनकी एक्टिंग ने सभी का दिल जीता, और यह फिल्म इस साल की बड़ी हिट फिल्मों में शामिल हो गई।
इस साल कई ऐसे सितारे रहे जिन्होंने अपनी कला और अभिनय से न केवल बॉलीवुड में, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाई। 2025 में इन सितारों की चर्चा ने फिल्म इंडस्ट्री को एक नई दिशा दी है।

बीजेपी पर हमला:
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बीजेपी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी में बड़े फैसले दिल्ली से होते हैं और जमीनी नेताओं की राय की कोई अहमियत नहीं है, हालांकि उनके पास 60 साल का राजनीतिक अनुभव है। इस बयान के साथ उन्होंने कांग्रेस में वापसी की संभावना को पूरी तरह से नकारा किया।
प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ, सिद्धू पर प्रहार:
हालांकि, अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की और कहा कि मोदी जी का पंजाब के प्रति विशेष स्नेह है। वहीं, नवजोत कौर सिद्धू पर तीखा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि सिद्धू को राजनीति छोड़कर क्रिकेट कमेंट्री पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। अमरिंदर ने सिद्धू और उनकी पत्नी को ‘अस्थिर’ करार दिया।
अकाली दल से गठबंधन की जरूरत पर जोर:
पंजाब की राजनीतिक स्थिति पर बोलते हुए, अमरिंदर सिंह ने बीजेपी को मजबूत बनाने के लिए शिरोमणि अकाली दल (SAD) के साथ गठबंधन करने की सलाह दी। उनका मानना था कि बिना गठबंधन के पंजाब में सरकार बनाना मुश्किल है।
‘आप’ सरकार पर तीखा हमला:
आम आदमी पार्टी (AAP) पर भी अमरिंदर सिंह ने करारा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब अब सबसे खराब दौर से गुजर रहा है और मुख्यमंत्री भगवंत मान केवल टीवी पर चुटकुले सुनाते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में असली फैसले दिल्ली से किए जा रहे हैं और मान केवल नाममात्र के मुख्यमंत्री हैं। इसके अलावा, अमरिंदर ने पंजाब को ‘भिखारी राज्य’ करार दिया, जो मुफ्त योजनाओं की वजह से बर्बाद हो गया है।
बीजेपी-अकाली गठबंधन पर प्रतिक्रिया:
अमरिंदर सिंह के बीजेपी और अकाली दल के गठबंधन के सुझाव पर बीजेपी नेताओं ने खारिज कर दिया और कहा कि पार्टी अकेले पंजाब में चुनाव लड़ेगी। हालांकि, अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने इस सुझाव का समर्थन किया और कहा कि बीजेपी पंजाब में अकेले सरकार नहीं बना सकती।
AAP का पलटवार:
आम आदमी पार्टी ने अमरिंदर सिंह के ‘भिखारी राज्य’ वाले आरोपों पर तीखा पलटवार किया। ‘आप’ के नेताओं ने अमरिंदर सिंह पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कहा कि उनकी सरकार के दौरान खनन और केबल माफिया फल-फूल रहे थे। ‘आप’ ने यह भी कहा कि पंजाब की जनता ने पिछले भ्रष्ट शासन के खिलाफ खड़े होकर ‘आप’ को बहुमत दिया।
कांग्रेस और ‘आप’ का तंज:
कांग्रेस और ‘आप’ ने कैप्टन के बीजेपी और अकाली दल के गठबंधन सुझाव पर तंज कसते हुए कहा कि दोनों दल अकेले ही इतने कमजोर हैं कि उनका गठबंधन भी किसी असरदार बदलाव का कारण नहीं बनेगा।
इस तरह, कैप्टन अमरिंदर सिंह के हमले और उनके सुझावों पर विभिन्न दलों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। पंजाब की राजनीतिक स्थिति में यह बयान एक नई बहस का आगाज कर सकते हैं।

हालांकि, आईसीसी और जियो स्टार ने एक संयुक्त बयान जारी करते हुए इन अफवाहों को पूरी तरह से नकारा किया। दोनों ने पुष्टि की कि उनकी ब्रॉडकास्टिंग डील पूरी तरह से बरकरार है और जियो स्टार अगले आईसीसी इवेंट्स, जिसमें टी20 वर्ल्ड कप 2026 भी शामिल है, का प्रसारण बिना किसी रुकावट के करेगा। जियो स्टार ने यह भी बताया कि वह भारत में अपने कॉन्ट्रैक्ट में निर्धारित सभी दायित्वों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इसके अलावा, दोनों संगठनों ने उन खबरों का खंडन किया जिनमें यह कहा गया था कि जियो स्टार को भारी घाटा हुआ है और आईसीसी ने नए मीडिया पार्टनर के लिए 2.4 बिलियन डॉलर की मांग की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बड़ी कंपनियों जैसे सोनी स्पोर्ट्स, नेटफ्लिक्स, और अमेज़न प्राइम वीडियो ने प्रसारण अधिकारों के लिए ज्यादा पैसे की वजह से मना कर दिया था।
आईसीसी और जियो स्टार के इस स्पष्ट बयान के बाद, भारतीय क्रिकेट फैंस को अब किसी भी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। वे 2026 टी20 वर्ल्ड कप और अन्य आगामी ICC इवेंट्स का प्रसारण बिना किसी समस्या के देख सकेंगे।

जनरल चौहान एयर फोर्स अकादमी, डुंडीगल में दिसंबर 2025 की संयुक्त दीक्षांत परेड के दौरान युवा सैन्य अधिकारियों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा, “युद्ध केवल बयानबाज़ी और दिखावे से नहीं जीते जाते, बल्कि तैयारी, सही फैसलों और उनका ज़मीन पर लागू करने से जीते जाते हैं।” यह टिप्पणी पाकिस्तान के झूठे दावों के संदर्भ में थी, जहां ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारी नुकसान के बावजूद पाकिस्तान ने अपनी जीत का दावा किया था।
सीडीएस ने आगे कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में अस्थिरता इसलिए बढ़ रही है क्योंकि वहां के संस्थान कमजोर हैं और निर्णय जल्दबाजी में लिए जाते हैं। इसके विपरीत, भारत की ताकत उसकी मजबूत संस्थाएं, लोकतांत्रिक व्यवस्था और पेशेवर सोच वाले सशस्त्र बलों में है।
उन्होंने भारतीय सेना की तारीफ करते हुए कहा कि अनुशासन और जिम्मेदारी के प्रति समर्पण ही देश की सुरक्षा का मुख्य आधार है। नए अधिकारियों से उन्होंने अपील की कि वे इस मजबूत परंपरा के संरक्षक बनें और हर स्थिति में सतर्क और तैयार रहें।
जनरल चौहान ने अंत में युवा अधिकारियों से कहा कि वे खुद को उदाहरण के रूप में पेश करें। उनका मानना था कि सतर्कता, तैयारी और पेशेवर रवैया ही किसी भी सैन्य अधिकारी की सफलता की कुंजी है, चाहे वह युद्ध का समय हो या शांति का।
यह बयान पाकिस्तान को एक कड़ा संदेश था, और यह स्पष्ट कर दिया कि भारत की सैन्य शक्ति केवल बातों में नहीं, बल्कि असलियत में उस शक्ति को जमीन पर लागू करने में है।

उत्तर प्रदेश और बिहार: कोहरे ने रोकी रफ्तार
उत्तर प्रदेश और बिहार में घना कोहरा सबसे बड़ी मुसीबत बनकर सामने आया है। यूपी के लखनऊ गोरखपुर सहित करीब 30 जिलों में विजिबिलिटी 10 मीटर तक सिमट गई। शनिवार सुबह सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर कोहरे के कारण कई वाहन आपस में भिड़ गए जिसमें एक महिला घायल हो गई। बिहार में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। समस्तीपुर में तापमान 7.9 डिग्री तक गिर गया जो इस सीजन का सबसे कम बताया जा रहा है। बेगूसराय और बक्सर में जीरो विजिबिलिटी दर्ज की गई जहां सड़कों पर 100 मीटर दूर देखना भी मुश्किल हो गया। पटना समेत 8 शहरों में शनिवार सुबह घना कोहरा छाया रहा।
उत्तराखंड: माइनस तापमान झरने और नाले जमे
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में सर्दी ने सबसे कठोर रूप ले लिया है। चमोली जिले की नीती घाटी में तापमान माइनस 10 डिग्री तक पहुंच गया जिससे नदी-नाले और झरने जम गए हैं। मौसम विभाग ने रविवार से उत्तरकाशी चमोली और पिथौरागढ़ में बारिश के साथ हल्की बर्फबारी की संभावना जताई है।बर्फबारी के बाद इन इलाकों में तापमान 2 से 3 डिग्री और गिर सकता है। वहीं हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति चंबा और कुल्लू जिलों में भी बर्फबारी के आसार बने हुए हैं।उत्तर भारत में सर्दी कोहरा और बर्फबारी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मौसम विभाग की चेतावनियों के बीच लोगों को सतर्क रहने अनावश्यक यात्रा से बचने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।

राज कपूर ने 1930 के दशक में एक बाल कलाकार के रूप में सिनेमा में कदम रखा और 1948 में मात्र 24 वर्ष की आयु में आरके स्टूडियो की स्थापना की। यह वही स्टूडियो था, जहां से उन्होंने कई फिल्में बनाई, जिनमें ‘आवारा’ (1951) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूम मचाई।
उन्होंने अपनी फिल्मों में चार्ली चैपलिन के ‘द ट्रैम्प’ के किरदार को निभाकर एक अलग ही छाप छोड़ी। राज कपूर ने सिनेमा में अपनी कड़ी मेहनत, अनोखी दिशा और नायक के रूप में जो स्थान बनाया, उसे आज भी याद किया जाता है।
राज कपूर की सबसे बड़ी पहचान उनके अवार्ड्स और सम्मान से भी है। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और 11 फिल्मफेयर पुरस्कार मिल चुके हैं। साथ ही, भारत सरकार ने 1971 में उन्हें पद्म भूषण और 1987 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया।
राज कपूर के बारे में कुछ दिलचस्प बातें:
उनका असली नाम रणबीर राज कपूर था, लेकिन उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘क्लैप बॉय’ के रूप में की थी।
1951 में आई फिल्म ‘आवारा’ में कपूरों की तीन पीढ़ियों ने काम किया, जो एक अद्वितीय पहल थी।
उन्होंने 1948 में अपनी उम्र के महज 24 साल में आरके फिल्म्स की स्थापना की, जो भारतीय सिनेमा की एक अहम हिस्सा बन गया।
राज कपूर ने फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ को 244 मिनट लंबा बनाया, जो भारतीय सिनेमा का एक ऐतिहासिक प्रयोग था।
अपने जीवन के आखिरी दिनों में भी, राज कपूर फिल्म ‘मेंहदी’ पर काम कर रहे थे, जो बाद में उनके बेटों रणधीर और ऋषि कपूर ने पूरी की। राज कपूर के योगदान से भारतीय सिनेमा हमेशा के लिए समृद्ध हुआ है और उनकी फिल्मों की धरोहर हमेशा जीवित रहेगी।