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  • मरने का सीन करते-करते सच में दुनिया छोड़ गया यह एक्टर, सेट पर छा गया सन्नाटा

    मरने का सीन करते-करते सच में दुनिया छोड़ गया यह एक्टर, सेट पर छा गया सन्नाटा



    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के शुरुआती दौर के लोकप्रिय कॉमेडी एक्टर गोप ने अपनी अदाकारी से लाखों दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी, लेकिन उनकी जिंदगी का अंत इतना अप्रत्याशित था कि फिल्म इंडस्ट्री भी हैरान रह गई।

    कॉमेडी से बने दर्शकों के चहेते

    गोप अपने समय के उन चुनिंदा कलाकारों में से थे जिनकी स्क्रीन एंट्री ही लोगों को हंसा देती थी। उनकी कॉमिक टाइमिंग और अनोखे किरदार उन्हें खास बनाते थे। फिल्म “पतंगा” और अन्य कई फिल्मों में उन्होंने यादगार भूमिकाएं निभाईं। मशहूर गाना “मेरे पिया गए रंगून” भी उनकी फिल्म का हिस्सा रहा, जिसने उन्हें और लोकप्रिय बना दिया।

    फिल्मों में अनोखे किरदारों से छा गए

    गोप के किरदारों के नाम भी उतने ही मजेदार और यादगार थे जितना उनका अभिनय। “मक्खी चूस” में “मानिक लाल मक्खी चूस”, “पाकेटमार” में “उधार चंद डब्बू” और “तराना” में उनकी भूमिका ने दर्शकों को खूब हंसाया। उन्होंने कुछ फिल्मों में विलेन का रोल भी निभाया, लेकिन उसमें भी कॉमिक अंदाज बनाए रखा।

    याकूब के साथ बनी हिट जोड़ी

    गोप और अभिनेता याकूब की जोड़ी उस दौर की चर्चित जोड़ियों में से एक थी। दोनों ने साथ मिलकर कई फिल्मों में काम किया और दर्शकों को खूब मनोरंजन दिया।

    निजी जीवन और व्यक्तित्व

    गोप की निजी जिंदगी भी उतनी ही दिलचस्प थी। उन्होंने अभिनेत्री लतिका से विवाह किया था, जो एंग्लो-नेपाली मूल की थीं। शादी के लिए उन्होंने धर्म परिवर्तन भी किया था। कहा जाता है कि उनके निधन के बाद उनकी पत्नी बच्चों के साथ विदेश चली गई थीं।

    फिल्म ‘तीसरी आंख’ और वह दर्दनाक घटना

    सबसे चौंकाने वाली घटना उनकी अंतिम फिल्म “तीसरी आंख” की शूटिंग के दौरान हुई। एक सीन में उन्हें हार्ट अटैक का अभिनय करना था। उन्होंने बेहद वास्तविक अभिनय करते हुए गिरने का सीन किया। क्रू को लगा कि यह बेहतरीन परफॉर्मेंस है और “कट” बोलने के बाद भी वे नहीं उठे। बाद में पता चला कि गोप को सच में दिल का दौरा पड़ा था और उनकी मृत्यु हो चुकी थी।

    सेट पर तालियां, लेकिन लौट नहीं सके

    सबसे दुखद बात यह रही कि जिस सीन में उन्होंने मौत का अभिनय किया, उसी सीन के बाद लोग उनकी परफॉर्मेंस की तारीफ में तालियां बजाते रहे, जबकि वास्तव में वह इस दुनिया को अलविदा कह चुके थे।

    एक युग का अंत

    गोप का जाना फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा झटका था। दर्शक जो उन्हें हमेशा हंसते हुए देखते थे, उनकी अचानक हुई मृत्यु से गहरे सदमे में चले गए।

  • चारधाम यात्राः इंतजार की घड़ियां खत्म…. भक्तों के लिए खुले केदारनाथ धाम के पट

    चारधाम यात्राः इंतजार की घड़ियां खत्म…. भक्तों के लिए खुले केदारनाथ धाम के पट


    देहरादून।
    इंतजार की घड़ियां अब खत्म हो चुकी है। आज 22 अप्रैल 2026 को सुबह केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) के कपाट खोल दिए गए हैं। भगवान शिव (Lord Shiva.) के भक्तों के लिए आज का दिन बेहद ही खास है। मंदिर के द्वार खुलने से पहले ही धाम में भक्ति का माहौल बन गया। वहीं बीती शाम ही यहां पर ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर से बाबा केदार की चल विग्रह डोली पहुंचीं। बता दें कि ये परंपरा सदियों से चली आ रही है। हर साल 6 महीने के लिए बाबा केदार की इस डोली को ठंडी के दिनों में केदारनाथ धाम से ऊखीमठ ले जाया जाता है। मौसम सही होते ही इस डोली को वापस केदारनाथ लाया जाता है।

    आज सुबह से ही केदारनाथ में हर हर महादेव के जयकारों से साथ हजारों भक्त पहुंचते रहें। बता दें कि ये सिर्फ एक मंदिर या ज्योतिर्लिंग नहीं है बल्कि आस्था और विश्वास का अटूट केंद्र है। इसी वजह से केदारनाथ मंदिर का कपाट खुलना भक्तों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। आइए जानते हैं कि इस मंदिर से जुड़ी जानकारियां-


    इतने बजे खुले केदारनाथ मंदिर के कपाट

    आज सुबह 8 बजे शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रों और पूरे विधि-विधान के साथ बाबा केदारनाथ मंदिर के कपाट खोल दिए गए हैं। कपाट खुलने के खास मौके पर मंदिर को कई क्विंटल फूलों से बहुत ही सुंदर तरीके से सजाया गया जिससे इसकी भव्यता देखते ही बन रही है। कपाट खुलने के साथ ही मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं।


    भोग 25 अप्रैल से शुरू

    केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने के पहले दिन मंदिर में खास पूजा और आरती की गई। वहीं परंपरा के अनुसार नियमित भोग और पूरी तरह से तय दिनचर्या वाली पूजा 25 अप्रैल से शुरू होगी। यानी शुरुआती कुछ दिनों में यहां विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे। इसके बाद रोज की पूजा सामान्य तरीके से होती है।


    केदारनाथ से पहले किनके दर्शन करना जरूरी?

    मान्यता है कि केदारनाथ जाने से पहले भगवान भैरवनाथ के दर्शन करना जरूरी है। भैरवनाथ मंदिर केदारनाथ धाम के पास ही ऊंचाई पर स्थित है। कहा जाता है कि जब सर्दियों में केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद हो जाते हैं तब भैरवनाथ ही पूरे धाम की रक्षा करते हैं। उन्हें यहां का क्षेत्रपाल भी कहा जाता है। ऐसे में लोग केदारनाथ के दर्शन करने से पहले भैरवनाथ मंदिर में ही मत्था टेकते हैं। ऐसा माना जाता है कि भैरवनाथ के दर्शन के बिना केदारनाथ यात्रा अधूरी है। लोगों का मानना है कि भैरवनाथ मंदिर में दर्शन करने से केदारनाथ यात्रा सफल और सुरक्षित होती है।

    केदारनाथ मंदिर को भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि यहां पर मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है। ऐसे में यहां दर्शन करना बहुत ही शुभ माना जाता है। कपाट खुलते ही देश-विदेश से तमाम श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।


    कब खुलेंगे बद्रीनाथ के कपाट

    केदारनाथ के बाद अब सबकी नजरें भगवान विष्णु के पवित्र धाम बद्रीनाथ पर हैं। बद्रीनाथ धाम के कपाट कल यानी 23 अप्रैल 2026 को खुलेंगे। कपाट के खुलने का समय सुबह 6:15 बजे है। बता दें कि ये चारधाम यात्रा का सबसे अहम पड़ाव है। बद्रीनाथ को धरती का बैकुंठ यानी भगवान विष्णु का निवास स्थान कहा जाता है।

  • MP समेत पूरा उत्तर-पश्चिम भारत इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में… इन राज्यों में हीटवेव का अलर्ट

    MP समेत पूरा उत्तर-पश्चिम भारत इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में… इन राज्यों में हीटवेव का अलर्ट


    भोपाल।
    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 22 अप्रैल को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग रहेगा। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत (North-west and central India.) में भीषण गर्मी और लू (Extreme heat and heat wave.) का असर जारी रहेगा। पूर्वोत्तर, दक्षिण और कुछ पश्चिमी हिस्सों में बारिश व आंधी-तूफान की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। पहले बात उत्तर-पश्चिम भारत की करें तो राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में गर्मी का प्रकोप बना रहेगा। इन इलाकों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तक जा सकता है और लू चलने की संभावना है।

    IMD के अनुसार, खासतौर पर पश्चिमी राजस्थान (Western Rajasthan.) और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आज भी हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है। लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 24 घंटों के दौरान भी लगभग पूरे उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ने और लू चलने का अनुमान है। राजधानी लखनऊ में दिन का तापमान लगभग 42 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है, जबकि रात का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहने का अनुमान है।


    मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में गर्मी, कुछ इलाकों में बारिश

    मध्य भारत यानी मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh), छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में भी मौसम काफी गर्म रहेगा। यहां तापमान में और बढ़ोतरी के संकेत हैं। कई जगहों पर लू जैसी स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बादल छाने से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन यह राहत अस्थायी होगी और कुल मिलाकर गर्मी का असर बना रहेगा। वहीं, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मौसम का मिजाज थोड़ा अलग रहेगा। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों (जैसे- असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश) में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।


    असम में भारी बारिश जारी रहने की संभावना

    अधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, असम में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने भूस्खलन प्रभावित पहाड़ी क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने और जान-माल की हानि से बचने के लिए सावधानियां बरतने के लिए कहा है। इसमें कहा गया कि आने वाले दिनों में छिटपुट बारिश और आंधी चलने की संभावना है। सभी एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है। वहीं, दक्षिण भारत और तटीय इलाकों की बात करें तो केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा। इसके साथ ही कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। महाराष्ट्र और पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों में भी 22 अप्रैल को हल्की बारिश और आंधी की संभावना है, जिससे अस्थायी राहत मिलेगी लेकिन उमस बनी रहेगी।

  • MP: पीथमपुर में हजार्गो इंडस्ट्रीज में लगी भीषण आग… आसपास की दो फैक्ट्रियां भी चपेट में आई

    MP: पीथमपुर में हजार्गो इंडस्ट्रीज में लगी भीषण आग… आसपास की दो फैक्ट्रियां भी चपेट में आई


    धार।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के एक इंडस्ट्रियल एरिया (Industrial Area) में मंगलवार रात आग की भीषण घटना सामने आई है। जिस कंपनी से आग शुरू हुई उसमें खतरनाक औद्योगिक कचरा रखा था। साथ ही उसमें ई-कचरा की रीसाइक्लिंग (Recycling) भी होती है। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। जिला प्रशासन आग बुझाने की कोशिश कर रहा है।

    मंगलवार रात पीथमपुर इंडस्ट्रियल एरिया (Pithampur Industrial Area) में स्थित हजार्गो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड में भीषण आग लग गई। आग तेजी से आसपास की दो फैक्ट्रियों में भी फैल गई। आग के फैलाव को देखते हुए आसपास की यूनिट्स को तुरंत खाली कराना गया। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। जिला प्रशासन पानी और रेत का इस्तेमाल करके आग बुझाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, दूर से ही रुक-रुककर धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं।

    धार के पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने कहा कि यह कंपनी खतरनाक और गैर-खतरनाक औद्योगिक कचरे के निपटान के साथ ई-कचरा रीसाइक्लिंग में विशेषज्ञता रखती है। उन्होंने कहा कि साइट पर बड़ी मात्रा में जमा केमिकल्स के कारण आग लगी। प्रशासन कंपनी के प्रबंधन से संपर्क करने का प्रयास कर रहा है, ताकि यह पुष्टि की जा सके कि घटना के समय परिसर के भीतर कोई कर्मचारी मौजूद था या नहीं।

    एसपी ने बताया कि अब तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। आसपास के चॉल इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है। पुलिस ने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घटनास्थल के पास के रास्तों को बंद कर दिया है।

    उन्होंने कहा कि पीथमपुर थाने के सेक्टर 3 में ‘हजार्गो’ नाम की एक इंडस्ट्रियल वेस्ट डिस्पोजल कंपनी है। आग दूसरी कंपनी तक भी फैल गई है। फिलहाल यह आग इन्हीं दो कंपनियों तक सीमित है। दमकल की गाड़ियां लगातार आग बुझाने की कोशिश कर रही हैं। हम आग को और ज्यादा फैलने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। हमने आसपास के चॉल इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया है। अब तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

    उन्होंने आगे कहा कि आग बुझने के बाद विशेषज्ञों की टीम आग लगने के कारणों की जांच करेगी। हमने फिलहाल घटनास्थल के पास के रास्तों को बंद कर दिया है। लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की टीमें तैनात कर दी गई हैं और ट्रैफिक के लिए वैकल्पिक रास्ते बनाए गए हैं।

  • MCD: दिल्ली में आज BJP की अहम बैठक….मेयर-डिप्टी मेयर के नामों का हो सकता है ऐलान

    MCD: दिल्ली में आज BJP की अहम बैठक….मेयर-डिप्टी मेयर के नामों का हो सकता है ऐलान


    नई दिल्ली।
    एमसीडी (MCD) में महापौर (Mayor), उपमहापौर (Deputy Mayor) और सदन से चुने जाने वाले स्थायी समिति के सदस्यों के नामों का फैसला बुधवार को होने की संभावना है। इस संबंध में एमसीडी में सत्तारूढ़ भाजपा (Ruling BJP) की बुधवार को एक बैठक होगी। लिहाजा सभी की निगाहें बैठक पर टिकी हैं। भाजपा (BJP) ने इन पदों पर पार्षदों के नामों पर फैसला करने के लिए आठ सदस्यीय कमेटी बनाई है।

    प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा (Virendra Sachdeva) की अगुवाई में बनाई गई कमेटी में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Chief Minister Rekha Gupta), केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, सांसद व प्रदेश महामंत्री योगेंद्र चांदोलिया व कमलजीत सहरावत और विष्णु मित्तल, प्रदेश सहप्रभारी अल्का गुर्जर और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा शामिल हैं। हालांकि इनमें कई नेता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचार करने गए हैं। इस कारण वह विडियो एप के माध्यम से बैठक से जुड़ेंगे।

    पार्टी इस बार संतुलन और अनुभव दोनों को ध्यान में रखते हुए फैसपा लेने की तैयारी में है। महापौर और उपमहापौर जैसे अहम पदों के लिए वरिष्ठ पार्षदों के साथ-साथ पहली बार चुने गए पार्षद भी जोर-आजमाइश में लगे हैं। पिछले करीब 20 दिनों से संभावित उम्मीदवार अपने-अपने राजनीतिक आकाओं के चक्कर काट रहे हैं और समर्थन जुटाने में जुटे हैं।

    इस तरह भाजपा के भीतर इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प बना हुआ है। एक ओर अनुभवी पार्षद अपनी दावेदारी को मजबूत बता रहे हैं, वहीं नए चेहरे भी संगठन में अपनी सक्रियता और प्रदर्शन के आधार पर मौका मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पार्टी नेतृत्व के सामने चुनौती है कि ऐसा चेहरा चुना जाए जो न केवल संगठन में संतुलन बनाए रखे, बल्कि एमसीडी के कामकाज को भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सके।

    सदन से चुने जाने वाले भाजपा कोटे के दो सदस्यों के पद को लेकर भी खासी दिलचस्पी बनी हुई है। इन पदों पर चयन के जरिए पार्टी संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश कर सकती है, जिसमें क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों का भी ध्यान रखा जाएगा।

  • गंगा सप्तमी पर बनेगा गजकेसरी राजयोग, 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ, जानें क्या करें और क्या न करें

    गंगा सप्तमी पर बनेगा गजकेसरी राजयोग, 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ, जानें क्या करें और क्या न करें

    नई दिल्ली । गंगा सप्तमी का दिन हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस दिन मां गंगा की पूजा और गंगा स्नान से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इसी दिन राजा भागीरथ के तप से प्रसन्न होकर मां गंगा भगवान शिव की जटाओं से होते हुए पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। इस वर्ष गंगा सप्तमी 23 अप्रैल 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी।

    गंगा सप्तमी का धार्मिक महत्व
    धार्मिक ग्रंथों के अनुसार वैशाख शुक्ल सप्तमी के दिन मां गंगा का पृथ्वी पर आगमन हुआ था, इसलिए इस तिथि को गंगा सप्तमी कहा जाता है। इस दिन गंगा स्नान और पूजा का विशेष महत्व माना गया है, जिससे पापों का नाश और आत्मिक शुद्धि होती है।

    गंगा सप्तमी पर बनेगा गजकेसरी राजयोग
    इस वर्ष गंगा सप्तमी के दिन एक विशेष ज्योतिषीय संयोग बन रहा है। चंद्रमा अपनी ही राशि कर्क में गोचर करते हुए गजकेसरी राजयोग का निर्माण करेंगे। यह योग आर्थिक उन्नति, मानसिक शांति और सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जाता है।

    इन 4 राशियों को मिलेगा विशेष लाभ
    इस राजयोग का प्रभाव कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ रहने वाला है-
    मेष राशि: भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी, करियर में सफलता मिलेगी और धन लाभ के योग बनेंगे।
    कर्क राशि: चंद्रमा अपनी ही राशि में रहकर इस योग को और मजबूत करेंगे। इससे आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी।
    कन्या राशि: धन लाभ के अवसर बन सकते हैं और कोई शुभ समाचार मिलने की संभावना रहेगी।
    वृश्चिक राशि: निर्णय क्षमता मजबूत होगी, आत्मविश्वास बढ़ेगा और जीवन में सकारात्मकता आएगी।

    गंगा सप्तमी पर किन बातों का रखें ध्यान
    – गंगा स्नान के दौरान नदी या घाट पर गंदगी न फैलाएं, इससे पूजा का पुण्य कम हो सकता है।
    – इस दिन मन और शरीर दोनों की शुद्धि पर ध्यान दें। क्रोध, अपशब्द और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
    – गंगा स्नान को केवल औपचारिकता न बनाएं, बल्कि श्रद्धा और सच्चे भाव से पूजा करें।
    – गंगा जल का उपयोग सम्मानपूर्वक और सही स्थान पर ही करें।
    – दान-पुण्य अवश्य करें, क्योंकि इसके बिना गंगा स्नान का पूर्ण फल प्राप्त नहीं माना जाता।

    गंगा सप्तमी का यह दिन आध्यात्मिक शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का अवसर माना जाता है, खासकर जब इस दिन गजकेसरी राजयोग जैसा शुभ संयोग भी बन रहा हो।

  • MP: ग्वालियर में महिला का हाई-वोल्टेज ड्रामा…. 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर आत्मदाह की दी धमकी

    MP: ग्वालियर में महिला का हाई-वोल्टेज ड्रामा…. 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर आत्मदाह की दी धमकी


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में जनसुनवाई में आई एक महिला 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गई और हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर आत्मदाह करने की धमकी (Threatening commit suicide) देने लगी. कलेक्ट्रेट परिसर (Collectorate Complex) के पीछे स्थित पानी की टंकी पर चढ़ने से अचानक अफरा-तफरी मच गई. बताया गया कि महिला कलेक्टर जनसुनवाई में आई थी, 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद मांग रही थी।

    ग्वालियर में मंगलवार दोपहर एक महिला के हंगामे से कलेक्ट्रेट परिसर के पीछे अफरा-तफरी मच गई। करीब 3:30 बजे एक महिला पांच मंजिला (लगभग 60 फीट) ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गई और हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर आत्मदाह की धमकी देने लगी। महिला कलेक्टर की जनसुनवाई में आई थी और 20 लाख रुपए आर्थिक मदद मांग रही थी। शाम 6 बजे के करीब महिला को टंकी से नीचे उतार लिया गया।

    महिला भूरी बानो खान का कहना है कि उसके पति और दो बच्चों की मौत हो चुकी है, जिसके चलते वह आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी है। उसने जिला प्रशासन से 20 लाख रुपए की आर्थिक मदद की मांग की है। महिला ने चेतावनी दी थी कि यदि उसकी मांग पूरी नहीं की गई तो वह अपनी जान दे देगी।

    जानकारी के मुताबिक महिला मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में सहायता की मांग लेकर पहुंची थी। जब उसे तुरंत मदद नहीं मिली, तो उसने यह कदम उठा लिया और पेट्रोल की बोतल लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गई।

    पुलिस ने उसकी बात सुनने और उसकी डिमांड पूरे करने को लेकर उसे झांसा दिया था, महिला को मिलने पहले एक महिला कांस्टेबल उसके पास टंकी पर चढ़कर गई थी और उसे बातों में उलझाया। कुछ देर बाद दूसरी महिला पुलिसकर्मी ऊपर पहुंची थी और उसे समझाने का प्रयास किया था, लेकिन महिला नहीं मानी थी, जिस पर महिला पुलिसकर्मी ने महिला को समय रहते पकड़ लिया। उसके हाथ से पेट्रोल की बोतल चीन का नीचे फेंक दी थी।

    महिला बानो ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वह काफी दिनों से परेशान थी। उसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। वह उन्हें पालने में असमर्थ थी। उसके पति की मौत 4 साल पहले हो गई थी। वह ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रक चलाने का काम करता था। उसकी मौत की रिपोर्ट करने में बहोड़ापुर थाने गई थी, लेकिन वहां पर मौजूद महिला पुलिस कर्मी ने उसे पीटा और भगा दिया था।

    इसके बाद में कई बार एसपी ऑफिस शिकायत करने गई थी, लेकिन वहां भी उसकी कोई सुनवाई नहीं की गई। इसके बाद आर्थिक सहायता के लिए कई बार कलेक्ट कार्यालय की जनसंख्या में भी पहुंची, लेकिन वहां भी उसकी कोई मदद की नहीं की गई। महिला का कहना है कि उसे आर्थिक सहायता में प्रशासन से 20 लाख रुपए की मांग की थी। प्रशासन ने उसे कागज पर लिखकर दिया है कि 3 महीने के अंदर वह उसकी मांग पूरी कर देंगे।

  • बाबा बागेश्वर बोले- कई महिलाएं कर चुकी हैं उन्हें फंसाने की कोशिश… एक तो बालों में स्पाई कैमरा लगाकर आई थी

    बाबा बागेश्वर बोले- कई महिलाएं कर चुकी हैं उन्हें फंसाने की कोशिश… एक तो बालों में स्पाई कैमरा लगाकर आई थी


    छतरपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छतरपुर (Chhatarpur) स्थित बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के पीठाधीश्वर और बाबा बागेश्वर के नाम से प्रसिद्ध पंडित धीरेंद्र कृष्णे शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) ने एक बेहद सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया है कि कई महिलाएं उन्हें प्रेमजाल में फंसाने की कोशिश कर चुकी हैं, ताकि उन्हें ब्लैकमेल किया जा सके। एक टीवी इंटरव्यू में इससे जुड़ा एक एक किस्सा बताते हुए उन्होंने कहा कि एक बहनजी तो अपने बालों के जुड़े में स्पाई कैमरा तक लगाकर भी आ गई थी, हालांकि भगवान की कृपा से हम बच गए। हमें पहले ही उनकी गतिविधियों पर शक हो गया था। उस महिला ने हमारे चेलों के सामने ऐसा ढोंग किया था कि वह उस बहनजी को मीरा तक कहने लग गए थे।

    धीरेंद्र शास्त्री ने यह किस्सा एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में सुनाया। कार्यक्रम के दौरान उस घटना को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘भगवान की कृपा थी या कुछ गॉड गिफ्टेड हुआ था या यूं कह लीजिए हमारे पास एक संकेत आ गया था, जिसकी वजह से हम बच गए।’


    ‘हमारे चेलों को वो फ्री में नए-नए फोन दे रही थी’

    आगे उन्होंने कहा, ‘तो वह बहनजी लगभग एक महीने तक धाम में रूकी रहीं। वो बड़ा मेकअप लगाती थी, बड़ी लाली लगाती थीं। हमारे आसपास रहने वाले चेलों को वो फ्री में नए-नए फोन दे दिया करती थीं, ऐसे में वे उनके प्रशंसक बन गए। चेलों ने हमें बताया कि एक बहनजी आपकी बड़ी भक्त हैं, वो झोली-माला डालती हैं और तिलक लगाती हैं और बड़ा मेकअप करती हैं।’


    ‘ऐसी जगह बैठती थी कि हमारा ध्यान रोज उस पर जाए’

    धीरेंद्र शास्त्री बताया कि वह महिला हर रोज ऐसी जगह पर बैठती थी कि हमारा ध्यान उस पर चला जाए। उन्होंने कहा, ‘हम रोज निकलते थे, तो दरबार में वो सबसे आगे बैठी हुई दिखती थी। हर रोज बैठी दिखती थीं। वो हमेशा ऐसी जगह बैठती थीं कि हमारा ध्यान उनकी तरफ खींचा चला जाए। यह बात उन्हें देखकर समझ में आ जाती थी। लेकिन जब हमारे चेले मोबाइल की वजह से उनकी तारीफ करने लगे कि वो बड़ी मीराबाई हैं, हम समझ गए कि वो जाल बिछा रही हैं, हम तक पहुंचने की कोशिश में है।’

    ‘एक बार हमने उस बहनजी को हमसे मिलने बुलाया’
    बाबा बागेश्वर ने आगे कहा, ‘एक दिन जब हम भी बड़ी मस्ती में थे, तो हमने उनसे कहा कि बहनजी पधारो, इसके बाद हम उन्हें राम दरबार में लेकर गए, जहां रामजी विराजित हैं और वहां कैमरा भी लगा हुआ है। प्रायः लोगों को जब हमसे किसी विशेष मुद्दे पर समाधान लेना होता है तो हम उनसे वहीं बात करते हैं। वहां एक कैमरा भी लगा हुआ है।’

    ‘वो प्रेम वाली बड़ी-बड़ी बातें करने लगी’
    पंडित शास्त्री ने बताया, ‘हमने उन्हें वहां बुलाया और फिर हमने उसने धाम आने का कारण पूछा, तो उन्होंने वही बड़ी चाटुकारिता वाली बातें करते हुए कहा कि हमारा तो जीवन आपके प्रति ही अर्पित है, सब छोड़छाड़ के हम आ गए हैं, अब जीवन में आपके अलावा कुछ नहीं है। वही जो प्रेम वाली बड़ी बातें कि हम तुम्हारे लिए चांद तारे तोड़ लाएंगे। तो हम समझ गए, हमने कहा बहनजी क्षमा करो, आप गलत जगह आ गए हैं।


    ‘हमने कहा- आप जहां पढ़ रही वहां के हम प्रिंसिपल’

    आगे उन्होंने बताया, ‘फिर हमारी कुछ बातें हुईं, जिसमें हमने उनको बहुत अच्छी तरह से लताड़ा या यूं कह लीजिए कि सख्ती का प्रयोग भी किया। फिर हमने कहा कि, ‘आप जिस स्कूल में पढ़ी हैं वहां हम प्रिंसिपल हैं और ये जो आपका हेयर बक्कल है, जिसे उन्होंने आपने बड़े से जुड़े में फंसा रखा है। उसमें आपने स्पाई कैमरा छुपा रखा है।’

    किस्से का अंत करते हुए बाबा बागेश्वर ने कहा, ‘हमारी बात सुनने के बाद उन्होंने हमसे क्षमा मांगी और एक आदमी का नाम बताया, जिसने उन्हें भेजा था। उस आदमी से हम आज भी सावधान हैं। महिला ने जिस आदमी का नाम बताया वो भी कहीं धर्म जगत से जुड़े हुए व्यक्ति हैं, उस व्यक्ति से हम आज भी सावधान हैं।’

  • MP: कटनी में शादी समारोह के दौरान हिंसक झड़प….. पुलिस का बारातियों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज

    MP: कटनी में शादी समारोह के दौरान हिंसक झड़प….. पुलिस का बारातियों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज


    कटनी।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के कटनी जिले (Katni district) में सोमवार की रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक शादी समारोह के दौरान पुलिस और बारातियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। आरोप है कि पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज (Brutal lathicharge) की, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित करीब 14 लोग घायल हुए हैं। मंगलवार को पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में न्याय की गुहार लगाई।


    ​देरी से पहुंची थी बारात, चौराहे पर हुआ विवाद

    ​प्राप्त जानकारी के अनुसार, मैहर जिले के ग्राम अमदरा निवासी सीताराम बर्मन के परिवार की बारात कटनी के इंदिरा नगर आ रही थी। दूल्हे की गाड़ी रास्ते में खराब होने के कारण बारात करीब दो घंटे देरी से पहुंची। रात करीब 1:30 बजे जब बारात वधु पक्ष के घर से महज 50 मीटर की दूरी पर थी, तभी कुठला थाने की पुलिस और 112 वाहन मौके पर पहुंचे।

    ​शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी संवाद के बारातियों को धक्का देना शुरू कर दिया। जब बारातियों ने इसका विरोध किया, तो विवाद बढ़ गया। शुरुआती झड़प के बाद पुलिस वहां से चली गई, लेकिन कुछ देर बाद भारी बल के साथ वापस लौटी और कथित तौर पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया।

    ​दुल्हन के भाई और चाचा के हाथ टूटे, दूल्हा-दुल्हन को ले गए थाने
    ​पीड़ित पक्ष ने बताया कि पुलिस ने घर के अंदर घुसकर मारपीट की। इस दौरान बीच-बचाव करने आईं महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा गया। मारपीट में दुल्हन के भाई आकाश चौधरी और दूल्हे के चाचा सहित कई लोगों के हाथ फैक्चर हो गए हैं, वहीं कुछ के सिर में गंभीर चोटें आई हैं।

    ​हैरानी की बात यह रही कि पुलिस रात करीब 2:30 बजे दूल्हा, दुल्हन और दुल्हन के भाई को अपने साथ ले गई, जिसके कारण वैवाहिक रस्में बीच में ही रुक गईं। मंगलवार सुबह 4:00 बजे उन्हें छोड़ा गया, जिसके बाद शादी संपन्न हो सकी।


    बारातियों पर पुलिस ने बरसाईं लाठियां

    ​इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी लाठियां चलाते नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बाराती भी आक्रोश में बर्तन फेंकते और बहस करते दिखाई दे रहे हैं। घायलों में संजय, मनोज, आकाश, रमेश, सुमन बाई, राजकुमार, अजय और भगवती चौधरी शामिल हैं। इनमें से 8 लोगों को एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने एक्सरे और सीटी स्कैन की सलाह दी है।

    ​मंगलवार को एसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ितों ने आवेदन सौंपकर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने न केवल मारपीट की, बल्कि अभद्र गालियों का प्रयोग कर मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रख दिया।

    ये वीडियो मध्य प्रदेश के कटनी जिले के हैं। यहां एक शादी समारोह में पुलिस और बारातियों के बीच हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। पुलिस के लाठीचार्ज में महिलाओं, बच्चों सहित 14 लोगों के घायल होने की सूचना है।

    इस संबंध में सी.एस.पी. नेहा पच्चीसिया ने जानकारी देते हुए बताया कि कल इनका आपस में झगड़ा हुआ था, जिसके बाद डायल 112 को कॉल करके बुलाया गया। वहाँ मौजूद बहुत से लोग नशे की हालत में थे। जब पुलिस उन्हें समझा रही थी, उसी दौरान बारातियों की तरफ से पुलिसकर्मियों पर पथराव कर दिया गया। ​घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिन्होंने इस कृत्य में शामिल व्यक्तियों को चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निर्देशों के परिपालन में जब पुलिस बारात स्थल पहुँची, तब वहाँ मौजूद लोगों ने पत्थरबाजी और गाली-गलौज करते हुए पुलिस के साथ मारपीट कर दी। इस घटना में चार से पांच पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं।

  • मई में धार्मिक पर्वों की भरमार, बुद्ध पूर्णिमा से गंगा दशहरा तक जाने पूरी व्रत-त्योहार सूची

    मई में धार्मिक पर्वों की भरमार, बुद्ध पूर्णिमा से गंगा दशहरा तक जाने पूरी व्रत-त्योहार सूची

    नई दिल्ली । साल 2026 का मई महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है। इस महीने कई प्रमुख व्रत और त्योहार मनाए जाएंगे। खास बात यह है कि लगभग तीन साल में एक बार आने वाला अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) भी मई से शुरू हो रहा है। महीने की शुरुआत बुद्ध पूर्णिमा से होगी, जबकि आगे शनि जयंती, वट सावित्री व्रत और गंगा दशहरा जैसे महत्वपूर्ण पर्व पड़ेंगे। इसके साथ ही ग्रहों के गोचर के कारण यह महीना ज्योतिषीय रूप से भी विशेष माना जा रहा है।

    मई 2026 के प्रमुख व्रत-त्योहार
    1 मई 2026, शुक्रवार – कूर्म जयंती, बुद्ध पूर्णिमा, चण्डिका जयंती, चित्रा पूर्णिमा, वैशाख पूर्णिमा
    2 मई 2026, शनिवार – नारद जयंती, ज्येष्ठ माह का आरंभ
    5 मई 2026, मंगलवार – एकदंत संकष्टी
    9 मई 2026, शनिवार – कालाष्टमी, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी
    12 मई 2026, मंगलवार – तेलुगु हनुमान जयंती
    13 मई 2026, बुधवार – कृष्ण परशुराम द्वादशी, अपरा एकादशी
    14 मई 2026, गुरुवार – गुरु प्रदोष व्रत
    15 मई 2026, शुक्रवार – वृषभ संक्रांति, मासिक शिवरात्रि

    मध्य माह में बड़े पर्वों की श्रृंखला
    16 मई 2026, शनिवार – वट सावित्री व्रत, शनि जयंती, मासिक कार्तिगाई, दर्श अमावस्या, ज्येष्ठ अमावस्या
    17 मई 2026, रविवार – अधिक चंद्र दर्शन
    18 मई 2026, सोमवार – रोहिणी व्रत
    20 मई 2026, बुधवार – वरदा चतुर्थी
    21 मई 2026, गुरुवार – अधिक स्कंद षष्ठी
    23 मई 2026, शनिवार – अधिक मासिक दुर्गाष्टमी

    महीने के अंत में प्रमुख तिथियां
    25 मई 2026, सोमवार – गंगा दशहरा
    27 मई 2026, बुधवार – अधिक रामलक्ष्मण द्वादशी, पद्मिनी एकादशी
    28 मई 2026, गुरुवार – गुरु प्रदोष व्रत
    30 मई 2026, शनिवार – अधिक पूर्णिमा व्रत
    31 मई 2026, रविवार – ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा

    मई 2026 के प्रमुख ग्रह गोचर
    6 मई – यम ग्रह वक्री होंगे
    7 मई – बुध का भरणी नक्षत्र में गोचर
    8 मई – शुक्र का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर
    11 मई – मंगल का मेष राशि में गोचर, सूर्य का कृत्तिका नक्षत्र में गोचर
    13 मई – बुध का कृत्तिका नक्षत्र में गोचर
    14 मई – शुक्र का मिथुन राशि में गोचर
    15 मई – बुध वृषभ राशि में गोचर, सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश (वृषभ संक्रांति), शनि का रेवती नक्षत्र में गोचर
    19 मई – बुध का रोहिणी नक्षत्र में गोचर
    25 मई – बुध का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर
    29 मई – मंगल का भरणी नक्षत्र में गोचर, बुध का मिथुन राशि में गोचर
    31 मई – शुक्र का पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर

    अधिकमास का समय
    पंचांग के अनुसार, इस वर्ष अधिकमास 17 मई 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगा। यह ज्येष्ठ मास में पड़ रहा है, जिसके कारण इस बार जेठ का महीना 60 दिनों का रहेगा।