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  • तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में तूफानी तेजी सेंसेक्स 800 अंक उछला निफ्टी 24550 के पार

    तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में तूफानी तेजी सेंसेक्स 800 अंक उछला निफ्टी 24550 के पार


    नई दिल्ली। मंगलवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए मजबूत तेजी लेकर आया, जहां निवेशकों के बीच उत्साह और भरोसा दोनों में बढ़ोतरी देखने को मिली। पूरे दिन के कारोबार में बाजार ने सकारात्मक रुख बनाए रखा और प्रमुख सूचकांक लगातार ऊंचाई की ओर बढ़ते नजर आए। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने इस तेजी को और मजबूती दी।

    कारोबार के दौरान सेंसेक्स में करीब 800 अंकों की तेज बढ़त दर्ज की गई और यह 79 हजार 296 के स्तर के आसपास पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए 24 हजार 550 के पार कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार की इस तेजी ने निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल बनाया और खरीदारी का रुझान बढ़ा।

    इस उछाल का सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट रही। ब्रेंट क्रूड के दाम 94 से 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गए, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई को लेकर चिंताएं कुछ कम हुईं। तेल की कीमतों में नरमी से कंपनियों की लागत घटने की उम्मीद बढ़ी, जिसका असर सीधे तौर पर शेयर बाजार पर देखने को मिला।

    इसके साथ ही एशियाई बाजारों में आई मजबूती ने भी भारतीय बाजार को सहारा दिया। एशिया के प्रमुख बाजारों में सकारात्मक रुझान देखने को मिला, जिससे निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी और घरेलू बाजार में भी खरीदारी तेज हो गई। वैश्विक स्तर पर स्थिरता के संकेतों ने भारतीय निवेशकों का भरोसा मजबूत किया।

    सेक्टोरल स्तर पर देखें तो बैंकिंग शेयरों ने बाजार की तेजी में सबसे अहम भूमिका निभाई। बड़े निजी बैंकों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिससे निफ्टी बैंक इंडेक्स में करीब डेढ़ प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। वित्तीय शेयरों में आई इस तेजी ने पूरे बाजार को ऊपर उठाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

    रियल्टी सेक्टर ने आज सबसे बेहतर प्रदर्शन किया और इसमें करीब तीन प्रतिशत के आसपास की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा मेटल, ऑटो, इंफ्रास्ट्रक्चर और पीएसयू बैंक सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। इससे यह साफ संकेत मिला कि बाजार में व्यापक स्तर पर निवेशकों की भागीदारी बनी हुई है और तेजी केवल कुछ ही सेक्टरों तक सीमित नहीं है।

    आईटी सेक्टर ने भी आज मजबूती दिखाई और शुरुआती कमजोरी से उबरकर इसमें सुधार देखने को मिला। प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि कुछ इंश्योरेंस शेयरों में हल्की कमजोरी देखने को मिली, लेकिन इसका असर पूरे बाजार पर सीमित रहा।

    बाजार के आंकड़ों के अनुसार अधिकतर शेयरों में तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों के बीच सकारात्मक भावना और मजबूत हुई। वोलैटिलिटी इंडेक्स में गिरावट यह संकेत देती है कि बाजार में घबराहट कम हुई है और निवेशक अधिक आत्मविश्वास के साथ ट्रेडिंग कर रहे हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी का 24 हजार 300 के ऊपर बने रहना बाजार के लिए मजबूत संकेत है। आने वाले समय में 24 हजार 450 से 24 हजार 500 का स्तर महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस माना जा रहा है, जबकि नीचे की ओर 24 हजार 150 से 24 हजार 200 का स्तर सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है। हालांकि वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक घटनाक्रम बाजार की दिशा पर असर डाल सकते हैं।

  • सोने में फिर जोरदार उछाल चांदी की कीमत गिरी बाजार में बढ़ी हलचल 10 ग्राम गोल्ड ₹1.52 लाख के पार

    सोने में फिर जोरदार उछाल चांदी की कीमत गिरी बाजार में बढ़ी हलचल 10 ग्राम गोल्ड ₹1.52 लाख के पार


    नई दिल्ली: देश के सर्राफा बाजार में आज फिर कीमती धातुओं के दामों में उतार चढ़ाव देखने को मिला है। निवेशकों और ग्राहकों के लिए यह बदलाव एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। आज के ताजा कारोबार में सोने की कीमत में बढ़ोतरी दर्ज की गई है जबकि चांदी के भाव में गिरावट आई है, जिससे बाजार में हल्की अस्थिरता का माहौल देखा जा रहा है।

    आज 24 कैरेट सोने की कीमत में मामूली लेकिन महत्वपूर्ण बढ़त देखने को मिली है। ताजा आंकड़ों के अनुसार 10 ग्राम सोना बढ़कर लगभग ₹1,52,155 के स्तर पर पहुंच गया है। इससे पहले इसके दाम थोड़े कम थे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार और घरेलू मांग में बदलाव के चलते इसमें उछाल देखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि शादी और त्योहारी सीजन की मांग के कारण भी सोने की कीमतों पर असर पड़ रहा है।

    दूसरी ओर चांदी के बाजार में गिरावट दर्ज की गई है। एक किलो चांदी का भाव घटकर लगभग ₹2,50,063 के आसपास पहुंच गया है। पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में इसमें कुछ सौ रुपये की कमी आई है। चांदी की कीमतों में यह गिरावट औद्योगिक मांग और वैश्विक बाजार के दबाव के कारण बताई जा रही है। हालांकि जानकारों का कहना है कि चांदी की कीमतें अक्सर ज्यादा उतार चढ़ाव दिखाती हैं क्योंकि इसका उपयोग निवेश के साथ साथ उद्योगों में भी बड़े पैमाने पर होता है।

    देश के प्रमुख शहरों में सोने के भाव में थोड़ा अंतर देखने को मिला है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, लखनऊ, जयपुर और अन्य बड़े शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग समान स्तर पर बनी हुई है, जो ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेंड कर रही है। वहीं चेन्नई जैसे शहरों में यह दर थोड़ी अधिक दर्ज की गई है। यह अंतर स्थानीय टैक्स और परिवहन लागत के कारण देखा जाता है।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय संकेतों, डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों में बदलाव से प्रभावित होती हैं। जब वैश्विक अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं, जिससे इसकी कीमत में बढ़ोतरी होती है। इसी तरह चांदी की कीमतें भी वैश्विक मांग और औद्योगिक उपयोग पर निर्भर करती हैं।

    निवेशकों के लिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सोना खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच करना बेहद जरूरी है। हमेशा हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए, जिससे उसकी गुणवत्ता और असली होने की पुष्टि हो सके। इसके साथ ही खरीदारी से पहले बाजार भाव की सही जानकारी लेना भी आवश्यक माना जाता है ताकि किसी प्रकार का नुकसान न हो।

    वहीं चांदी की खरीदारी में भी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है क्योंकि बाजार में नकली धातुओं की संभावना बनी रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार सरल परीक्षण जैसे चुंबक परीक्षण, बर्फ परीक्षण और कपड़े से रगड़कर जांच जैसी विधियों से इसकी शुद्धता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

  • NCP प्रमुख शरद पवार की तबीयत पर अपडेट, डॉक्टरों की निगरानी में हालत स्थिर..

    NCP प्रमुख शरद पवार की तबीयत पर अपडेट, डॉक्टरों की निगरानी में हालत स्थिर..


    नई दिल्ली
    /मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रमुख और वरिष्ठ नेता शरद पवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार उन्हें नियमित स्वास्थ्य जांच और मेडिकल फॉलो-अप के लिए अस्पताल में लाया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है और उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
    अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार यह भर्ती किसी आपात स्थिति के कारण नहीं है बल्कि यह उनके नियमित स्वास्थ्य परीक्षण का हिस्सा है। उनकी उम्र को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर इस तरह की जांच की जाती है ताकि स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा सके।

    पिछले कुछ समय से शरद पवार के स्वास्थ्य को लेकर हल्की चिंताएं सामने आती रही हैं। इससे पहले भी वे अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं और कुछ स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उनका इलाज हुआ था। इनमें सांस लेने में हल्की परेशानी और शरीर में कमजोरी जैसी स्थितियां शामिल रही हैं।

    डॉक्टरों की सलाह के अनुसार उन्हें आराम करने और अपनी दिनचर्या में संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता बताई गई है ताकि किसी भी प्रकार का अतिरिक्त दबाव उनकी सेहत पर न पड़े। इसके बावजूद वे राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय बने हुए हैं और लगातार विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं।

    हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति भी चर्चा में रही थी, जहां उनकी शारीरिक स्थिति को लेकर लोगों की नजरें उन पर टिकी थीं। इसके बाद से ही उनकी सेहत को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई थी।

    इस बीच उनके समर्थकों और राजनीतिक सहयोगियों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार उनकी स्थिति नियंत्रण में है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।

  • Hair Care Tips: झड़ते बालों से छुटकारा पाने और ग्रोथ बढ़ाने के लिए अपनाएं ये असरदार उपाय

    Hair Care Tips: झड़ते बालों से छुटकारा पाने और ग्रोथ बढ़ाने के लिए अपनाएं ये असरदार उपाय


    नई दिल्ली। बालों को प्राकृतिक तरीके से लंबा, घना और मजबूत बनाना चाहते हैं। तब आपको नीचे दिए गए इन टिप्स को अच्छे से जाना और समझना चाहिए। ताकि आपके बाल काफी मजबूत बने रहें। आपके घर के रसोई में ही ऐसी कई चीज होती है जिनका इस्तेमाल करके आप अपने बालों को अच्छा बना सकती हैं तो चलिए उनके बारे में जानते हैं और उससे जुड़ा उपाय करते हैं।

    मेथी दाना का कमाल
    आपके लिए मेथी दाना एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। बालों की देखभाल में मेथी का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है, क्योंकि इसमें मौजूद पोषक तत्व बालों को जड़ों से पोषण देने में मदद करते हैं।अगर आप इसे नियमित रूप से अपने हेयर केयर रूटीन में शामिल करते हैं, तो कुछ ही हफ्तों में इसका असर साफ नजर आने लगता है। आइए जानते हैं इस असरदार मेथी हेयर पैक को बनाने और इस्तेमाल करने का सही तरीका।

    मेथी दाने से बने हेयर पैक
    मेथी दाने का हेयर पैक बनाने के लिए सबसे पहले आपको दो चम्मच मेथी दानों को पानी में कुछ घंटों के लिए भिगो दें। जब ये अच्छे से नरम हो जाएं, तो इन्हें मिक्सर में डालकर एक स्मूद पेस्ट बना लें।

    अब इस पेस्ट को एक बाउल में निकालें और इसमें तीन चम्मच दही मिलाएं। दोनों चीजों को अच्छी तरह मिक्स करें, ताकि एक क्रीमी और स्मूद पेस्ट तैयार हो जाए। यह मिश्रण बालों के लिए बेहद फायदेमंद होता है और इसे नियमित रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है।

    लगाने का सही तरीका
    तैयार किए गए इस पेस्ट को बालों और स्कैल्प पर अच्छी तरह लगाएं, जैसे आप कोई हेयर मास्क लगाते हैं। ध्यान रखें कि यह पैक जड़ों तक पहुंचे, तभी इसका पूरा लाभ मिलेगा।

    इसे लगभग 30 मिनट तक बालों में लगा रहने दें, ताकि इसके पोषक तत्व बालों में अच्छी तरह अवशोषित हो सकें। इसके बाद सामान्य पानी और हल्के शैंपू से बाल धो लें। और अच्छा रिजल्ट देखने के लिए आप कोई से हफ्ते में दो-तीन बार करना चाहिए।

  • भारत की ये खूबसूरत जगहें कैमरे में कैद करने लायक, Photography के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन

    भारत की ये खूबसूरत जगहें कैमरे में कैद करने लायक, Photography के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन


    नई दिल्ली। भारत एक सुंदर देश है। जहां के हर कौने में सुंदरता फैली हुई है। जहाँ हर राज्य में ऐसी खूबसूरत जगहें हैं जो फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं हैं। अगर आप अपने कैमरे से बेहतरीन यादें कैद करना चाहते हैं, तो भारत की ये जगहें आपके लिए परफेक्ट हैं।चलिए आज हम आपको बताते हैं कि आप अपने कैमरे में भारत की किन किन जगहों की सुंदरता को कैद कर सकते हैं।

    जयपुर
    सबसे पहले बात करें जयपुर की, जिसे ‘पिंक सिटी’ कहा जाता है। यहाँ के महल, हवेलियाँ और किले फोटोग्राफी के लिए बेहद शानदार बैकग्राउंड देते हैं। खासकर हवा महल और आमेर किला हर फ्रेम को शाही बना देते हैं।

    ऋषिकेश
    ऋषिकेश भारत का एक पवित्र शहर है। यह भारत के उत्तराखंड राज्य में स्थित है। और गंगा के घाटों पर शाम का दृश्य कोईइ भी फोटोग्राफर छोड़ना नहीं चाहेगा। ऋषिकेश फोटोग्राफी के लिए भारत की सबसे खूबसूरत और शांत जगहों में से एक है। यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य, गंगा नदी और पहाड़ों का संगम हर फोटोग्राफर को आकर्षित करता है।लक्ष्मण झूला और राम झूला जैसे प्रसिद्ध स्थान यहां की पहचान हैं, जहाँ से गंगा का नजारा बेहद शानदार दिखता है। सुबह और शाम का समय यहां फोटोग्राफी के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है, जब सूरज की रोशनी पानी पर सुनहरी चमक बिखेरती है।

    मनाली, हिमाचल प्रदेश
    मनाली भारत के सबसे खूबसूरत पहाड़ी स्टेशनों में से एक है आप यहां आकर फोटोग्राफी के लिए कई दृश्यों को देख सकते हैं जो आपका दिल खुश कर देगीं।यहां पर आपको ऐसे कई नजारे देखेंगे जो आप अपने कैमरे में कैद जरूर करना चाहेंगे।

    डल झील, कश्मीर
    कश्मीर के हर नजारे काफी खूबसूरत होते हैं लेकिन डल झील की बात ही खास है। डल झील कश्मीर में स्थित हैं। डल झील को देखकर आपका रोम-रोम खिल उठेगा।यहां आकर यहां की सुंदर तस्वीरो को कैद कर फिल्मी झरोखों की तरह संभाल सकते हैं। यहां फोटोग्राफी का अनुभव शानदार होगा।

  • खड़गे के बयान से सियासी भूचाल मोदी को बताया ‘आतंकवादी’ भाजपा ने EC से की सख्त कार्रवाई की मांग

    खड़गे के बयान से सियासी भूचाल मोदी को बताया ‘आतंकवादी’ भाजपा ने EC से की सख्त कार्रवाई की मांग


    नई दिल्ली। तमिलनाडु में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान ने देश की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदर्भ में तीखी टिप्पणी करते हुए एक शब्द का प्रयोग किया, जिसे लेकर राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया है। इस बयान के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है और मामला अब चुनाव आयोग तक पहुंच गया है।

    भाजपा नेताओं ने इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि देश के प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद के लिए इस तरह की भाषा का प्रयोग न केवल आपत्तिजनक है बल्कि यह राजनीतिक संस्कृति को भी नुकसान पहुंचाता है। भाजपा का कहना है कि चुनावी माहौल में इस तरह की टिप्पणियां जनता को गुमराह करने और माहौल को बिगाड़ने का काम करती हैं।

    इस मामले को लेकर भाजपा ने औपचारिक रूप से चुनाव आयोग से शिकायत दर्ज कराते हुए मांग की है कि इस बयान का संज्ञान लिया जाए और आवश्यक कार्रवाई की जाए। पार्टी नेताओं का आरोप है कि विपक्ष चुनावी हार के डर से इस तरह की भाषा का सहारा ले रहा है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में असहमति का अधिकार है लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर इस तरह की टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती।

    इस विवाद में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह बयान किसी भावनात्मक प्रतिक्रिया का परिणाम नहीं बल्कि सोच समझकर दिया गया राजनीतिक संदेश है। उनके अनुसार विपक्ष लगातार प्रधानमंत्री और सरकार पर व्यक्तिगत हमले कर रहा है जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

    वहीं भाजपा के एक अन्य नेता प्रदीप भंडारी ने भी इस बयान की आलोचना करते हुए कहा कि यह बयान देश की जनता और लोकतंत्र दोनों का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार चुनावी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहा है।

    विवाद बढ़ने के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनके शब्दों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। उनके अनुसार उनका आशय किसी व्यक्ति विशेष पर हमला करना नहीं था बल्कि केंद्र सरकार की नीतियों और विपक्ष के प्रति कथित दबाव की राजनीति को उजागर करना था। उन्होंने कहा कि सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्षी दलों को दबाने का प्रयास कर रही है और यही बात उन्होंने अपने बयान में कही थी।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे जैसे चुनाव नजदीक आते हैं वैसे वैसे राजनीतिक बयानबाजी और तेज होती जाती है। उनका कहना है कि इस तरह के विवाद अक्सर चुनावी माहौल को प्रभावित करते हैं और कई बार वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाकर व्यक्तिगत आरोप प्रत्यारोप को बढ़ावा देते हैं।

    इस पूरे विवाद ने चुनावी चर्चा का केंद्र बदल दिया है और अब राजनीतिक दल एक दूसरे पर आरोप लगाने में जुट गए हैं। फिलहाल यह मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।

  • एलोवेरा जेल के साइड इफेक्ट्स: किन लोगों के लिए हो सकता है नुकसानदायक, जानें जरूरी सावधानियां

    एलोवेरा जेल के साइड इफेक्ट्स: किन लोगों के लिए हो सकता है नुकसानदायक, जानें जरूरी सावधानियां


    नई दिल्ली। एलोवेरा जेल को स्किन और बालों की देखभाल के लिए एक प्राकृतिक और सुरक्षित उपाय माना जाता है। यह त्वचा को ठंडक देने, जलन कम करने और बालों को पोषण देने में मदद करता है। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, यह जरूरी नहीं कि एलोवेरा हर व्यक्ति के लिए समान रूप से सुरक्षित हो। कुछ लोगों को इसके इस्तेमाल में सावधानी बरतनी चाहिए।

    त्वचा पर एलर्जी वाले लोग रहें सावधान

    जिन लोगों की त्वचा संवेदनशील है या जिन्हें एलर्जी की समस्या रहती है, उन्हें एलोवेरा जेल का उपयोग करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करना चाहिए। कुछ मामलों में इससे खुजली, लालिमा या जलन हो सकती है।

    डायबिटीज के मरीजों के लिए सावधानी

    विशेषज्ञों के अनुसार, एलोवेरा शरीर के ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकता है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन या उपयोग डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।

    गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं

    गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को एलोवेरा जेल या इसके किसी भी आंतरिक उपयोग से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि यह हार्मोन और शरीर पर असर डाल सकता है।

    त्वचा रोग या खुले घाव में न लगाएं

    जिन लोगों को गंभीर त्वचा रोग, संक्रमण या खुले घाव हैं, उन्हें बिना सलाह के एलोवेरा जेल का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे संक्रमण बढ़ने का खतरा हो सकता है।

    सही उपयोग से ही मिलेगा लाभ

    एलोवेरा जेल प्राकृतिक जरूर है, लेकिन इसका सही और सीमित उपयोग ही फायदेमंद होता है। बाजार में उपलब्ध शुद्ध और प्रमाणित उत्पादों का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

  • खरगे के बयान से गरमाई सियासत, पीएम मोदी पर टिप्पणी के बाद दी सफाई, बीजेपी ने घेरा

    खरगे के बयान से गरमाई सियासत, पीएम मोदी पर टिप्पणी के बाद दी सफाई, बीजेपी ने घेरा


    नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक बयान ने मंगलवार को राजनीतिक माहौल को गरमा दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित टिप्पणी की, जिसके बाद तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

    दरअसल, चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खरगे ने AIADMK और भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी को ‘आतंकवादी’ कह दिया। इस बयान के सामने आते ही बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताई और कांग्रेस पर प्रधानमंत्री का अपमान करने का आरोप लगाया।

    खरगे ने अपने बयान में कहा कि AIADMK, जो अन्नादुरई की विचारधारा का दावा करती है, वह मोदी के साथ कैसे जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी समानता और न्याय में विश्वास नहीं करती और इस तरह का गठबंधन लोकतंत्र को कमजोर करता है। साथ ही उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की तारीफ करते हुए उन्हें बीजेपी के खिलाफ मजबूती से खड़े होने वाला नेता बताया।

    बयान पर सफाई
    विवाद बढ़ने के बाद खरगे ने अपनी टिप्पणी पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया है। उनके मुताबिक, उन्होंने पीएम मोदी को ‘आतंकवादी’ नहीं कहा, बल्कि यह कहना चाहा कि वे राजनीतिक दलों और लोगों को डराने का काम करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ED, IT और CBI जैसी संस्थाओं का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।

    बीजेपी का पलटवार
    बीजेपी ने इस बयान को लेकर कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस लगातार प्रधानमंत्री का अपमान करती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक पीएम मोदी के खिलाफ कई बार आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया जा चुका है और इसके लिए कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए।
  • आंखों की समस्या केवल थकान नहीं पित्त असंतुलन भी हो सकता है कारण, जानें देखभाल के सरल उपाय

    आंखों की समस्या केवल थकान नहीं पित्त असंतुलन भी हो सकता है कारण, जानें देखभाल के सरल उपाय

    नई दिल्ली: आज की आधुनिक जीवनशैली में आंखों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। लंबे समय तक मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल स्क्रीन के उपयोग के कारण आंखों में भारीपन, जलन और पानी आने जैसी परेशानियां आम हो गई हैं। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह समस्या सुबह उठते ही अधिक महसूस हो तो इसे केवल थकान मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, बल्कि यह शरीर के अंदरूनी असंतुलन का संकेत भी हो सकता है।

    आयुर्वेद के अनुसार आंखों की सेहत केवल बाहरी कारणों पर निर्भर नहीं करती बल्कि शरीर के भीतर मौजूद पित्त संतुलन से भी गहराई से जुड़ी होती है। पित्त शरीर में गर्मी और ऊर्जा का संतुलन बनाए रखने का कार्य करता है, लेकिन जब यह असंतुलित हो जाता है तो शरीर में अत्यधिक गर्मी उत्पन्न होने लगती है। इसका सीधा प्रभाव आंखों पर पड़ता है जिससे जलन, सूखापन और भारीपन जैसी समस्याएं सामने आती हैं।

    दैनिक जीवन की कई आदतें इस असंतुलन को बढ़ाने में भूमिका निभाती हैं। देर तक स्क्रीन देखना, नींद पूरी न होना, तनावपूर्ण दिनचर्या और अनियमित खानपान शरीर में पित्त को प्रभावित करते हैं। आयुर्वेद में माना गया है कि आंखें शरीर के पित्त से जुड़ी होती हैं और पित्त रक्त से जुड़ा होता है। रक्त का संबंध पाचन और लिवर से होता है, ऐसे में जब पाचन और लिवर पर दबाव बढ़ता है तो इसका असर आंखों की सेहत पर भी दिखाई देता है।

    इस समस्या से राहत पाने के लिए जीवनशैली में कुछ बदलाव करना बेहद जरूरी है। रात में हल्का और संतुलित भोजन करने से पाचन तंत्र पर दबाव कम होता है और शरीर को आराम मिलता है। सुबह उठते ही ठंडे पानी से आंखों को धोने से आंखों की थकान कम होती है और ताजगी महसूस होती है। दिन में दो बार त्रिफला जल से आंखों की सफाई करना भी आंखों के लिए फायदेमंद माना जाता है क्योंकि यह प्राकृतिक रूप से आंखों को ठंडक और आराम प्रदान करता है।

    इसके अलावा खीरा या ककड़ी का उपयोग आंखों पर करने से सूजन और जलन में राहत मिलती है। लगातार स्क्रीन पर काम करने से बचना और बीच-बीच में आंखों को आराम देना भी जरूरी है। डिजिटल आदतों में संतुलन लाना आंखों की सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

    आहार का भी आंखों की सेहत पर गहरा प्रभाव पड़ता है। विटामिन ए, सी और ई से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे आंवला, गाजर, अनार, पपीता, शकरकंद, कद्दू, दूध और अंडे आंखों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। ये पोषक तत्व न केवल आंखों की रोशनी को बेहतर बनाते हैं बल्कि थकान और जलन को भी कम करते हैं।

    शरीर के भीतर होने वाले बदलावों को समझना और सही जीवनशैली अपनाना आंखों की लंबी उम्र और बेहतर स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।

  • सीजफायर की डेडलाइन नजदीक, अमेरिका-ईरान के बीच 24 घंटे में तय होगा जंग या बातचीत का रास्ता

    सीजफायर की डेडलाइन नजदीक, अमेरिका-ईरान के बीच 24 घंटे में तय होगा जंग या बातचीत का रास्ता

    नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच लागू सीजफायर 22 अप्रैल को खत्म होने जा रहा है, और ऐसे में दोनों देशों के लिए आने वाले 24 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं। इस दौरान यह साफ हो सकता है कि हालात युद्ध की ओर बढ़ेंगे या कूटनीतिक बातचीत से समाधान निकलेगा।

    अमेरिका की ओर से बातचीत के लिए डेलिगेशन के पाकिस्तान जाने को लेकर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है। सोमवार को खबरें आई थीं कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल जल्द इस्लामाबाद पहुंच सकता है, लेकिन बाद में ये खबरें गलत साबित हुईं। सीजफायर की समयसीमा खत्म होने से पहले अगर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बनती है, तो एक बार फिर संघर्ष शुरू होने की आशंका है। फिलहाल यह भी तय नहीं है कि इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच कोई बैठक होगी या नहीं।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, जेडी वेंस मंगलवार को पाकिस्तान के लिए रवाना हो सकते हैं। वहीं Bloomberg से बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सीजफायर अमेरिकी समयानुसार बुधवार रात 8 बजे तक लागू रहेगा। इस हिसाब से दोनों देशों के पास गुरुवार सुबह तक निर्णय लेने का समय होगा।

    दूसरी ओर, ईरान ने साफ किया है कि उसकी कोई भी आधिकारिक या अनौपचारिक टीम बातचीत के लिए पाकिस्तान नहीं गई है। सरकारी मीडिया के अनुसार, इस तरह की सभी खबरें गलत हैं। ईरान का कहना है कि वह धमकियों के माहौल में बातचीत नहीं करेगा और जब तक अमेरिका अपना रुख नहीं बदलता, तब तक वार्ता आगे नहीं बढ़ेगी।

    बातचीत में अड़चन क्यों?
    ईरान के बातचीत से पीछे हटने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। The New York Times की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप की आक्रामक और दबाव वाली रणनीति ने हालात को जटिल बना दिया है। ट्रंप अक्सर सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर बड़े दावे करते हैं, जिनका ईरान खंडन कर देता है।
    ईरान के बातचीत से पीछे हटने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। The New York Times की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप की आक्रामक और दबाव वाली रणनीति ने हालात को जटिल बना दिया है। ट्रंप अक्सर सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर बड़े दावे करते हैं, जिनका ईरान खंडन कर देता है।

    ट्रंप जहां तेजी से समझौता करना चाहते हैं, वहीं ईरान धैर्य के साथ लंबी रणनीति अपनाए हुए है। ट्रंप का दावा है कि वह ईरान के साथ बराक ओबामा से बेहतर परमाणु समझौता करेंगे, लेकिन ईरान का कहना है कि अमेरिका भरोसेमंद नहीं है, क्योंकि एक सरकार समझौता करती है और दूसरी उसे तोड़ देती है।

    ईरान की चेतावनी
    ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गलिबाफ ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि युद्ध फिर से शुरू होता है, तो ईरान नए तरीकों से जवाब देगा। उन्होंने संकेत दिया कि युद्धविराम के दौरान ईरान ने अपनी सैन्य तैयारियों को मजबूत किया है, जिसमें मिसाइल और ड्रोन क्षमता भी शामिल है। ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी तरह के दबाव या थोपे गए शर्तों को स्वीकार नहीं करेगा। अब नजर इस बात पर है कि सीजफायर खत्म होने के बाद हालात टकराव की ओर बढ़ते हैं या कूटनीति से कोई रास्ता निकलता है।