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  • प्रेमानंद महाराज की तबीयत में सुधार, दूर-दूर से पहुंचे भक्त बोले- ‘गुरुदेव स्वस्थ होने तक इंतजार करेंगे’

    प्रेमानंद महाराज की तबीयत में सुधार, दूर-दूर से पहुंचे भक्त बोले- ‘गुरुदेव स्वस्थ होने तक इंतजार करेंगे’




    नई दिल्ली। प्रेमानंद महाराज की तबीयत बिगड़ने के बाद देशभर से वृंदावन पहुंचे भक्त लगातार उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। पिछले 10 दिनों से पदयात्रा और सार्वजनिक दर्शन बंद होने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। भक्तों का कहना है कि उन्हें अपने गुरुदेव और राधारानी पर पूरा भरोसा है और वे स्वस्थ होकर फिर से भक्तों के बीच लौटेंगे।

    करीब 1400 किलोमीटर दूर Kolkata से वृंदावन पहुंचीं श्रद्धालु जूही भावनी ने कहा कि महाराज जी अभी दर्शन नहीं दे रहे हैं तो भी कोई बात नहीं, वे यहीं रुककर इंतजार करेंगी। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उन्हें विश्वास है कि राधारानी की कृपा से प्रेमानंद महाराज जल्द स्वस्थ होंगे और फिर भक्तों को आशीर्वाद देंगे। इसी तरह राजस्थान, असम, बिहार, हरियाणा और उत्तराखंड समेत कई राज्यों से भक्त वृंदावन पहुंच रहे हैं।

    हाल ही में प्रेमानंद महाराज का एक भावुक वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि “हम मिलें न मिलें, बोलें न बोलें, हम आप सबको बहुत प्यार करते हैं। चिंता मत करिए, खूब नाम जप करो।” इस संदेश के बाद भक्तों और शिष्यों में चिंता और भावुकता दोनों बढ़ गई। हालांकि आश्रम से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अब उनकी तबीयत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और वे केवल चुनिंदा शरणागत शिष्यों से ही मुलाकात कर रहे हैं।

    बताया जा रहा है कि प्रेमानंद महाराज लंबे समय से गंभीर किडनी बीमारी से जूझ रहे हैं। वर्ष 2006 में उन्हें पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज का पता चला था। उनकी दोनों किडनियां प्रभावित हैं और सप्ताह में दो से तीन बार डायलिसिस किया जाता है। वृंदावन स्थित उनके फ्लैट में ही डायलिसिस की विशेष व्यवस्था बनाई गई है। कई बार उनकी डायलिसिस प्रक्रिया 4 से 5 घंटे तक चलती है।

    Vrindavan स्थित केली कुंज आश्रम के सेवादारों ने ऑन कैमरा कुछ भी बोलने से इनकार किया, लेकिन ऑफ कैमरा उन्होंने बताया कि महाराज जी फिलहाल एकांत भजन और साधना में लीन हैं। उन्होंने भक्तों से अपील की कि महाराज जी के पूरे संदेश को ध्यान से सुनें और उनके भाव को समझें।

    राजस्थान के पाली से आए श्रद्धालु जालम सिंह ने कहा कि गुरुदेव शरीर से दूर हो सकते हैं, लेकिन उनके बताए मार्ग पर चलने से वे हर भक्त के हृदय में हमेशा मौजूद रहेंगे। वहीं असम से आए भक्त ओमप्रकाश ने कहा कि प्रेमानंद महाराज उनके लिए सर्वस्व हैं और सभी भक्त उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

    17 मई से प्रेमानंद महाराज की प्रसिद्ध रात्रि पदयात्रा भी स्थगित है। हर रोज हजारों श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए पहुंचते थे। सामान्य दिनों में करीब 20 हजार भक्त पदयात्रा में शामिल होते थे, जबकि बड़े आयोजनों में यह संख्या लाखों तक पहुंच जाती थी। हालांकि कुछ दिन पहले वे अपने आश्रम से निकलकर वराह घाट स्थित संत गोविंद शरण महाराज के दर्शन करने भी पहुंचे थे, जिससे भक्तों को उनके स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद मिली है।

    प्रेमानंद महाराज का जीवन भी बेहद प्रेरणादायक माना जाता है। कानपुर के अखरी गांव में जन्मे अनिरुद्ध कुमार पांडे ने महज 13 वर्ष की उम्र में घर छोड़ दिया था। बाद में वे वृंदावन पहुंचे और राधा-कृष्ण भक्ति में लीन होकर राधावल्लभी परंपरा के प्रमुख संतों में शामिल हो गए। आज देशभर में करोड़ों लोग उन्हें आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में मानते हैं।

  • दिग्गज अभिनेता रमाकांत दायमा ने कहा अलविदा, कला जगत में उनके योगदान को लंबे समय तक किया जाएगा याद

    दिग्गज अभिनेता रमाकांत दायमा ने कहा अलविदा, कला जगत में उनके योगदान को लंबे समय तक किया जाएगा याद


    नई दिल्ली । मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। अपनी दमदार अभिनय शैली और लंबे करियर के लिए पहचाने जाने वाले दिग्गज अभिनेता रमाकांत दायमा अब इस दुनिया में नहीं रहे। 85 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म और टीवी जगत में शोक का माहौल है। कई कलाकारों और उनके प्रशंसकों ने उनके जाने पर दुख व्यक्त किया है। वर्षों तक अभिनय की दुनिया में सक्रिय रहे रमाकांत दायमा ने अपने काम के जरिए दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाई थी।

    बताया जा रहा है कि रमाकांत दायमा पिछले लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे थे। उम्र संबंधी समस्याओं के कारण उनका स्वास्थ्य लगातार प्रभावित हो रहा था। मंगलवार सुबह उनके निधन की खबर सामने आई, जिसके बाद इंडस्ट्री से जुड़े लोगों में शोक की लहर फैल गई। उनके करीबियों और साथ काम कर चुके कलाकारों ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

    उनके साथ लंबे समय तक काम कर चुके कई कलाकारों ने उन्हें केवल एक अभिनेता नहीं बल्कि प्रेरणा देने वाला व्यक्तित्व बताया। उनके सहयोगी कलाकारों ने कहा कि रमाकांत दायमा सेट पर अपने अनुभव, सहज व्यवहार और सकारात्मक ऊर्जा के लिए जाने जाते थे। वह अपने काम के प्रति बेहद समर्पित थे और नए कलाकारों को हमेशा मार्गदर्शन देते थे। उनके व्यक्तित्व की यही विशेषता उन्हें सबसे अलग बनाती थी।

    उनके निधन के बाद कई कलाकारों ने उन्हें याद करते हुए भावुक संदेश साझा किए। श्रद्धांजलि देते हुए कलाकारों ने कहा कि रमाकांत दायमा जैसे लोग केवल अभिनय नहीं करते बल्कि अपने व्यवहार और व्यक्तित्व से भी लोगों के दिलों में जगह बना लेते हैं। उनके साथ बिताए गए पल और उनसे मिली सीख हमेशा याद रखी जाएगी। उनके जाने को इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।

    रमाकांत दायमा ने अपने लंबे करियर में फिल्मों, टेलीविजन और थिएटर के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया। उन्होंने कई चर्चित परियोजनाओं में अभिनय किया और अपने किरदारों के जरिए दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। उनकी अभिनय शैली में सहजता और गहराई दिखाई देती थी, जो दर्शकों को उनसे जोड़ने का काम करती थी। उन्होंने कई यादगार भूमिकाएं निभाईं और वर्षों तक मनोरंजन जगत में अपनी सक्रिय उपस्थिति बनाए रखी।

    अभिनय की दुनिया में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो केवल पर्दे तक सीमित नहीं रहते बल्कि अपने व्यवहार और व्यक्तित्व से भी लोगों की यादों का हिस्सा बन जाते हैं। रमाकांत दायमा उन्हीं कलाकारों में शामिल थे। उनके जाने से मनोरंजन जगत ने एक अनुभवी कलाकार, मार्गदर्शक और सम्मानित चेहरा खो दिया है। उनके अभिनय और योगदान को लंबे समय तक याद किया जाता रहेगा।

  • जोया अख्तर के प्रोडक्शन हाउस में बड़ी सेंध, फिल्मों और वेब सीरीज का सीक्रेट डेटा रखने वाली 66 हार्ड डिस्क गायब

    जोया अख्तर के प्रोडक्शन हाउस में बड़ी सेंध, फिल्मों और वेब सीरीज का सीक्रेट डेटा रखने वाली 66 हार्ड डिस्क गायब


    नई दिल्ली । मनोरंजन जगत से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने फिल्म इंडस्ट्री में डेटा सुरक्षा और कंटेंट सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। फिल्ममेकर Zoya Akhtar और Reema Kagti के प्रोडक्शन हाउस टाइगर बेबी फिल्म्स में बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। मुंबई स्थित कंपनी कार्यालय से फिल्मों और वेब सीरीज से जुड़ी अहम हार्ड डिस्क के गायब होने की खबर ने इंडस्ट्री में हलचल बढ़ा दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, गायब हार्ड डिस्क में कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का रॉ फुटेज, एडिटेड कंटेंट और बैकअप डेटा सुरक्षित था। मामले में पुलिस ने कंपनी से जुड़े एक कर्मचारी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

    बताया जा रहा है कि यह मामला उस समय सामने आया जब कार्यालय के कर्मचारियों को काम के दौरान एक विशेष हार्ड डिस्क की आवश्यकता पड़ी। संबंधित कर्मचारी से डिस्क मांगे जाने पर वह उसे उपलब्ध नहीं करा पाया, जिसके बाद कार्यालय में मौजूद रिकॉर्ड और स्टोरेज की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान कई हार्ड डिस्क अपने निर्धारित स्थान से गायब मिलीं। इससे कर्मचारियों का शक और गहरा गया और तत्काल कंपनी प्रबंधन को इसकी जानकारी दी गई।

    मामले की गंभीरता उस समय और बढ़ गई जब कार्यालय परिसर की अलमारी के भीतर कुछ जले हुए डिब्बे पाए गए। हालांकि वहां आग लगने जैसी कोई स्थिति या नुकसान के निशान नहीं मिले। इससे कर्मचारियों को आशंका हुई कि सबूत मिटाने या भ्रम पैदा करने की कोशिश की गई हो सकती है। इसके बाद कंपनी स्तर पर आंतरिक जांच शुरू की गई और मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

    पुलिस जांच के दौरान गिरफ्तार कर्मचारी से पूछताछ की गई, जिसमें कथित तौर पर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं। पूछताछ में आरोपी ने बीते कुछ महीनों में हार्ड डिस्क चोरी करने की बात स्वीकार की। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि चोरी किया गया डेटा किन लोगों तक पहुंचा और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।

    कंपनी के अनुसार कुल 119 हार्ड डिस्क में से 66 अब भी गायब हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 12 से 13 लाख रुपये बताई जा रही है। हालांकि वास्तविक चिंता इन हार्ड डिस्क की कीमत नहीं बल्कि उनमें मौजूद कंटेंट को लेकर है। बताया जा रहा है कि कई फिल्मों और वेब सीरीज से जुड़ी संवेदनशील सामग्री इन स्टोरेज डिवाइस में मौजूद थी। यदि यह डेटा किसी तरह सार्वजनिक होता है या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लीक होता है, तो इससे कंपनी को बड़ा आर्थिक और व्यावसायिक नुकसान हो सकता है।

    मनोरंजन उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि आज के डिजिटल दौर में कंटेंट केवल रचनात्मक संपत्ति नहीं बल्कि करोड़ों रुपये का निवेश भी होता है। किसी फिल्म या वेब सीरीज का डेटा समय से पहले लीक होना पूरे प्रोजेक्ट की व्यावसायिक रणनीति पर असर डाल सकता है। ऐसे मामलों ने प्रोडक्शन कंपनियों के भीतर डेटा सुरक्षा, डिजिटल निगरानी और कंटेंट संरक्षण के तरीकों को और मजबूत करने की जरूरत को सामने ला दिया है।

  • शादी के अगले दिन फरार हुई ‘लुटेरी दुल्हन’, लाखों के जेवर लेकर भागी, पुलिस ने घंटों में दबोचा

    शादी के अगले दिन फरार हुई ‘लुटेरी दुल्हन’, लाखों के जेवर लेकर भागी, पुलिस ने घंटों में दबोचा



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में फिल्मी अंदाज में ‘लुटेरी दुल्हन’ का मामला सामने आया है। शादी के अगले ही दिन दुल्हन लाखों रुपये के जेवर समेटकर फरार हो गई, लेकिन पुलिस ने तेजी दिखाते हुए कुछ ही घंटों में दुल्हन, उसकी मां और रिश्ता कराने वाली महिला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चोरी की गई ज्वेलरी भी बरामद कर ली है।

    मामला छपार थाना क्षेत्र के रामपुर गांव का है। पीड़ित मांगेराम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी मुलाकात घुमावटी गांव निवासी रविंद्र से हुई थी। रविंद्र ने उसके बेटे के लिए सोनाक्षी नाम की युवती का रिश्ता बताया। परिवार ने बातचीत के बाद रिश्ता तय कर दिया। आरोप है कि शादी तय कराने के नाम पर मोटी रकम भी ली गई थी।

    10 मई को हरिद्वार के एक मैरिज होम में दोनों की शादी हिंदू रीति-रिवाज से कराई गई। शादी में दुल्हन को सोने-चांदी के जेवर और अन्य सामान दिया गया। परिवार खुश था, लेकिन शादी के अगले ही दिन नई नवेली दुल्हन अचानक घर से गायब हो गई। जब परिजनों ने तलाश की तो पता चला कि घर में रखी ज्वेलरी भी गायब है। इसके बाद परिवार के होश उड़ गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

    छपार पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कथित लुटेरी दुल्हन सोनाक्षी, उसकी मां कामिनी और बिचौलिया महिला आशा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने चोरी की गई ज्वेलरी भी बरामद कर ली।

    प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह ऐसे परिवारों को निशाना बनाता था जिनके बेटों की शादी किसी कारण से नहीं हो पा रही थी या उम्र ज्यादा हो चुकी थी। पहले भरोसा जीतकर शादी तय कराई जाती थी और फिर शादी के एक-दो दिन बाद दुल्हन जेवर लेकर फरार हो जाती थी। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और यह भी जांच कर रही है कि अब तक कितने परिवार इस ठगी का शिकार बन चुके हैं।

  • धर्मेंद्र की याद में भावनाओं से भर उठा परिवार, पद्म विभूषण सम्मान के बाद ईशा देओल का संदेश वायरल

    धर्मेंद्र की याद में भावनाओं से भर उठा परिवार, पद्म विभूषण सम्मान के बाद ईशा देओल का संदेश वायरल

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किए जाने के बाद उनके परिवार के लिए यह क्षण गर्व के साथ-साथ भावनाओं से भी भरा हुआ नजर आया। इस विशेष अवसर पर परिवार की भावनाएं उस समय और गहरी हो गईं जब उनकी बेटी ईशा देओल ने अपने पिता को याद करते हुए एक भावुक संदेश साझा किया। उनकी बातों में पिता के प्रति सम्मान, प्यार और उनकी अनुपस्थिति का दर्द साफ दिखाई दिया। यही वजह है कि यह भावनात्मक संदेश लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

    भारतीय सिनेमा में अपने लंबे और शानदार योगदान के लिए धर्मेंद्र को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके परिवार के लिए गर्व का क्षण बनकर सामने आया। वर्षों तक बड़े पर्दे पर अपनी अभिनय प्रतिभा से दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले अभिनेता की उपलब्धियों को इस सम्मान के माध्यम से एक नई पहचान मिली। इस सम्मान ने एक बार फिर उनकी कला और योगदान की यादों को ताजा कर दिया।

    सम्मान समारोह के दौरान परिवार की ओर से यह सम्मान ग्रहण किया गया। इस खास मौके पर परिवार के सदस्यों की भावनाएं साफ नजर आईं। इसी बीच ईशा देओल ने अपने पिता को याद करते हुए एक ऐसा संदेश साझा किया जिसने लोगों को भावुक कर दिया। उन्होंने अपने शब्दों में उस कमी को व्यक्त किया जिसे परिवार आज भी महसूस करता है। उनके अनुसार यदि उनके पिता इस पल में मौजूद होते तो यह अवसर और भी खास बन जाता।

    अपने संदेश में उन्होंने एक ऐसी तस्वीर शब्दों के जरिए सामने रखने की कोशिश की जिसमें एक पिता की सहज मुस्कान, उत्साह और परिवार के साथ बिताए जाने वाले विशेष क्षणों की झलक दिखाई देती है। उन्होंने कल्पना की कि अगर वह इस सम्मान समारोह का हिस्सा होते तो अपने खास अंदाज में पूरे परिवार के साथ इस खुशी को साझा करते। इस भावुक अभिव्यक्ति ने लोगों को परिवार के निजी दर्द और भावनात्मक जुड़ाव से जोड़ दिया।

    धर्मेंद्र भारतीय फिल्म उद्योग के उन कलाकारों में शामिल रहे जिन्होंने कई दशकों तक अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। उन्होंने अपने करियर में अनेक यादगार किरदार निभाए और अपनी अलग पहचान बनाई। एक्शन से लेकर भावनात्मक भूमिकाओं तक, उन्होंने हर शैली में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उनकी फिल्मों और अभिनय शैली को आज भी दर्शक उतनी ही दिलचस्पी से याद करते हैं।

    उनकी लोकप्रियता केवल फिल्मों तक सीमित नहीं रही, बल्कि उनके व्यक्तित्व ने भी लोगों को प्रभावित किया। उनके काम और जीवन से जुड़ी कई यादें आज भी सिनेमा प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बनती हैं। यही कारण है कि उनके सम्मान से जुड़ी हर खबर लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ देती है।

    धर्मेंद्र की विरासत आज भी भारतीय सिनेमा में जीवित है। उनके द्वारा निभाए गए किरदार, उनके संवाद और उनकी फिल्में आज भी नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं। पद्म विभूषण के रूप में मिला यह सम्मान केवल एक कलाकार के योगदान का सम्मान नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के एक सुनहरे अध्याय को श्रद्धांजलि देने जैसा भी माना जा रहा है।

  • ढाई करोड़ की कार से 45 रुपये का गमला चोरी! सीएम योगी ने सुनाया लखनऊ का दिलचस्प किस्सा

    ढाई करोड़ की कार से 45 रुपये का गमला चोरी! सीएम योगी ने सुनाया लखनऊ का दिलचस्प किस्सा



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने मंगलवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने एक मजेदार लेकिन गंभीर उदाहरण देते हुए बताया कि लोग महंगी कारों में घूमते हैं, लेकिन नगर निगम द्वारा लगाए गए 45 रुपये के गमले तक चोरी कर ले जाते हैं। सीएम योगी की यह टिप्पणी सुनकर कार्यक्रम में मौजूद लोग भी मुस्कुरा उठे।

    दरअसल, मुख्यमंत्री लखनऊ नगर निगम के “स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ” अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने 413 करोड़ रुपये की विभिन्न जनकल्याणकारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। अपने संबोधन में उन्होंने साफ-सफाई और शहर की सुंदरता बनाए रखने में नागरिकों की जिम्मेदारी पर विशेष जोर दिया।

    सीएम योगी ने कहा कि शहर को साफ और सुंदर बनाए रखना सिर्फ नगर निगम, महापौर, पार्षद या सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घर का कूड़ा कूड़ेदान में डालें, प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें, नालियों में कचरा न फेंकें और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं।

    इसी दौरान मुख्यमंत्री ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि नगर निगम द्वारा लगाए गए गमलों को लोग चोरी कर ले जाते हैं। उन्होंने बताया, “हमने देखा कि एक बहुत महंगी कार आई और उसमें बैठे लोग 45 रुपये का गमला उठाकर ले गए। सीसीटीवी कैमरों में सब रिकॉर्ड हो गया। जितना पैसा उस कार में तेल भराने में लग रहा होगा, उतने में कई नए गमले आ जाते।”

    मुख्यमंत्री ने हंसते हुए कहा कि एक समय उनके मन में आया कि गमला चोरी करने वालों की तस्वीर चौराहे पर लगवा दी जाए, ताकि लोगों को समझ में आए कि छोटी लालच की वजह से शहर की सुंदरता को नुकसान पहुंचाना ठीक नहीं है।

    उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जो पैसा विकास कार्यों पर खर्च करती है, वह किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि जनता का पैसा होता है। इसलिए उसकी रक्षा करना और सही उपयोग सुनिश्चित करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के विजन के अनुसार जनता का पैसा जनता के हित में खर्च किया जा रहा है और इसी वजह से प्रदेश में विकास साफ दिखाई दे रहा है।

    सीएम योगी का यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में आ गया, जहां लोग इसे मजेदार अंदाज में साझा कर रहे हैं, लेकिन साथ ही सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और नागरिक जिम्मेदारी पर गंभीर संदेश भी बता रहे हैं।

  • नॉन-कोऑपरेशन विवाद के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आए रणवीर सिंह, वायरल हुआ नया अंदाज

    नॉन-कोऑपरेशन विवाद के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आए रणवीर सिंह, वायरल हुआ नया अंदाज


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता Ranveer Singh इन दिनों पेशेवर विवादों और फिल्मी चर्चाओं के कारण लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। फिल्म ‘डॉन 3’ से जुड़ी परिस्थितियों और फिल्म उद्योग से संबंधित संगठन के फैसले के बाद अभिनेता को लेकर चर्चाओं का बाजार लगातार गर्म है। इसी बीच अब एक बार फिर रणवीर सिंह सार्वजनिक रूप से नजर आए हैं और उनका नया अंदाज लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच अभिनेता की यह पहली सार्वजनिक मौजूदगी मानी जा रही है, जिसके बाद उनके वीडियो और तस्वीरें तेजी से चर्चा का विषय बन गई हैं।

    मुंबई एयरपोर्ट पर देर रात अभिनेता को देखा गया, जहां उनका लुक पहले से काफी अलग नजर आया। सफेद कुर्ता-पायजामा के साथ काले रंग का ओवरकोट पहने रणवीर ने अपने चेहरे को मास्क से कवर किया हुआ था। उनका पूरा व्यक्तित्व ऐसा दिखाई दे रहा था, जिसने लोगों को उनके आगामी प्रोजेक्ट और नए लुक को लेकर अटकलें लगाने पर मजबूर कर दिया। हालांकि उन्होंने मीडिया के कैमरों के सामने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और न ही बातचीत के लिए रुके, लेकिन उनकी चुप्पी और स्टाइल दोनों ने चर्चा को और बढ़ा दिया।

    रणवीर सिंह का फैशन और सार्वजनिक प्रस्तुतिकरण हमेशा से उनके व्यक्तित्व की पहचान रहा है। वह अक्सर अपने अलग और प्रयोगात्मक स्टाइल के कारण चर्चा में रहते हैं। इस बार भी उनका नया रूप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। कई लोगों ने इसे उनके आगामी किरदार से जोड़कर देखा, जबकि कुछ ने इसे विवादों के बीच उनकी संयमित सार्वजनिक उपस्थिति के तौर पर देखा।

    दरअसल, अभिनेता का नाम इन दिनों ‘डॉन 3’ को लेकर सामने आ रहे विवादों से जुड़ा हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म से जुड़े घटनाक्रम और परियोजना की दिशा को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आईं। बताया गया कि फिल्म की तैयारियों पर बड़े स्तर पर काम हो चुका था और प्री-प्रोडक्शन में भी भारी निवेश किया गया था। इसी बीच अभिनेता और फिल्म से जुड़ी परिस्थितियों ने मामले को और चर्चा में ला दिया।

    इसके बाद फिल्म उद्योग से जुड़े संगठन FWICE की ओर से अभिनेता के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किए जाने की खबरों ने भी मामला और गंभीर बना दिया। संगठन का कहना था कि इस विषय पर कई स्तरों पर संपर्क की कोशिशें की गईं, लेकिन अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। इसके बाद संगठन ने अपने स्तर पर कार्रवाई का निर्णय लिया। इस फैसले के बाद इंडस्ट्री में अभिनेता की आगामी परियोजनाओं को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई।

    हालांकि विवाद बढ़ने के बाद अभिनेता की टीम की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। टीम ने स्पष्ट किया कि रणवीर सिंह फिल्म जगत और उससे जुड़े सभी लोगों का सम्मान करते हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि उन्होंने इस विषय पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देने के बजाय संयम बनाए रखने का रास्ता चुना। टीम के अनुसार, अभिनेता का पूरा ध्यान फिलहाल अपने काम और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर केंद्रित है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर बनी हुई है कि आने वाले दिनों में यह विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है और रणवीर सिंह की अगली सार्वजनिक प्रतिक्रिया क्या होती है।

  • आकाश चोपड़ा का फूटा गुस्सा: खिलाड़ियों की पत्नियों और बच्चों को गाली देने वालों को बताया ‘घटिया बदमाश’

    आकाश चोपड़ा का फूटा गुस्सा: खिलाड़ियों की पत्नियों और बच्चों को गाली देने वालों को बताया ‘घटिया बदमाश’


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में Royal Challengers Bengaluru और Sunrisers Hyderabad के बीच खेले गए मुकाबले के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुए विवाद ने अब बड़ा रूप ले लिया है। मैच के दौरान Virat Kohli और Travis Head के बीच हुई तीखी बहस के बाद ट्रेविस हेड के परिवार को ऑनलाइन ट्रोलिंग और अपशब्दों का सामना करना पड़ रहा है। इस पूरे मामले पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर Aakash Chopra ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

    आकाश चोपड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन लोगों की तीखी आलोचना की, जो खिलाड़ियों की पत्नियों और बच्चों को निशाना बनाते हैं। उन्होंने लिखा कि जो लोग खिलाड़ियों के परिवारों को गाली देते हैं, वे “सबसे घटिया किस्म के बदमाश” हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को दोगला बताते हुए कहा कि ये वही लोग हैं जो अपने पसंदीदा खिलाड़ी या खुद के बारे में जरा सी आलोचना भी बर्दाश्त नहीं कर पाते।

    पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब आरसीबी और एसआरएच के मैच के बाद विराट कोहली और ट्रेविस हेड के बीच हाथ न मिलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में देखा गया कि मैच खत्म होने के बाद खिलाड़ी एक-दूसरे से हाथ मिला रहे थे, तभी ट्रेविस हेड ने विराट की ओर हाथ बढ़ाया, लेकिन विराट बिना प्रतिक्रिया दिए आगे बढ़ गए। इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों खिलाड़ियों के बीच तनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।

    इस वायरल वीडियो के बाद ट्रेविस हेड की पत्नी Jessica Head ने खुलासा किया कि उनके परिवार और करीबी लोगों को सोशल मीडिया पर लगातार अपमानजनक संदेश मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा व्यवहार पहले भी देखा जा चुका है, खासकर उन मौकों पर जब ऑस्ट्रेलिया ने बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स में भारत को हराया था।

    जेसिका हेड ने कहा कि खेल में जुनून होना स्वाभाविक है, लेकिन यह याद रखना जरूरी है कि खिलाड़ियों के पीछे असली इंसान और परिवार भी होते हैं। उन्होंने खेलों में बढ़ती ऑनलाइन नफरत और मानसिक स्वास्थ्य पर असर को लेकर चिंता जताई। उनके मुताबिक, अब समय आ गया है कि लोग सोशल मीडिया पर अपनी भाषा और व्यवहार को लेकर जिम्मेदारी समझें।

    क्रिकेट जगत में यह मुद्दा लगातार गंभीर होता जा रहा है। कई पूर्व खिलाड़ी और विशेषज्ञ पहले भी सोशल मीडिया ट्रोलिंग को लेकर चिंता जता चुके हैं। खिलाड़ियों के प्रदर्शन की आलोचना और निजी जिंदगी पर हमला, दोनों के बीच फर्क समझने की जरूरत बताई जा रही है।

  • ऑस्ट्रेलियाई स्टार मेग लैनिंग ने बदली राह: विक्टोरिया से अलग होकर फ्रीलांस क्रिकेट करियर पर फोकस

    ऑस्ट्रेलियाई स्टार मेग लैनिंग ने बदली राह: विक्टोरिया से अलग होकर फ्रीलांस क्रिकेट करियर पर फोकस


    नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान Meg Lanning ने अपने करियर को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए विक्टोरिया के साथ स्टेट कॉन्ट्रैक्ट नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया है। 2026-27 घरेलू सीजन से लैनिंग अब पूरी तरह फ्रीलांस क्रिकेटर के तौर पर दुनिया भर की फ्रेंचाइजी लीग्स में खेलती नजर आएंगी। महिला क्रिकेट में तेजी से बदलते दौर के बीच लैनिंग का यह कदम काफी अहम माना जा रहा है।

    2023 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी मेग लैनिंग की लोकप्रियता और मांग में कोई कमी नहीं आई है। 34 वर्षीय दिग्गज बल्लेबाज लगातार दुनिया की बड़ी टी20 लीग्स का हिस्सा बनी हुई हैं। भारत की महिला प्रीमियर लीग में वह UP Warriorz की कप्तानी कर रही हैं, जबकि इंग्लैंड की ‘द हंड्रेड’ प्रतियोगिता में Manchester Originals की कमान संभाल रही हैं। इसके अलावा उन्होंने इस साल इंग्लैंड के टी20 ब्लास्ट के लिए लंकाशायर के साथ भी करार किया है।

    हालांकि इंटरनेशनल क्रिकेट छोड़ने के बाद लैनिंग विक्टोरिया टीम से जुड़ी रहीं, लेकिन पिछले घरेलू सीजन में उनकी मौजूदगी बेहद सीमित रही। उन्होंने महिला नेशनल क्रिकेट लीग में केवल चार मुकाबले खेले और फिर अपना पूरा फोकस विदेशी फ्रेंचाइजी क्रिकेट पर लगा दिया। यही वजह रही कि अब उन्होंने स्टेट कॉन्ट्रैक्ट से पूरी तरह अलग होने का फैसला कर लिया।

    विमेंस बिग बैश लीग में भी लैनिंग का प्रदर्शन शानदार रहा था। Melbourne Stars के लिए खेलते हुए उन्होंने पिछले सीजन 479 रन बनाए और टूर्नामेंट की दूसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। इसके बावजूद फिलहाल उनके पास मेलबर्न स्टार्स का नया कॉन्ट्रैक्ट नहीं है, जिससे उनके अगले कदम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    क्रिकेट खेलने के साथ-साथ लैनिंग अब कोचिंग की भूमिका में भी खुद को तैयार कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीम के साथ डेवलपमेंट कोच के रूप में काम किया। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि आने वाले वर्षों में वह महिला क्रिकेट में मेंटर और कोच की भूमिका में भी बड़ी जिम्मेदारी निभा सकती हैं।

    क्रिकेट विक्टोरिया की महिला क्रिकेट प्रमुख कर्बी शॉर्ट ने लैनिंग के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि महिला क्रिकेट तेजी से बदल रहा है और खिलाड़ियों को अब दुनियाभर में नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने माना कि पिछले सीजन में विक्टोरिया टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा, लेकिन संगठन लंबी योजना के साथ टीम को फिर से मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

    विक्टोरिया टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है। लैनिंग के अलावा सह-उपकप्तान एला हेवर्ड भी टीम छोड़ चुकी हैं। पिछले सीजन टीम 12 मैचों में एक भी जीत दर्ज नहीं कर सकी थी। ऐसे में नए सीजन में टीम के पुनर्निर्माण की चुनौती और बड़ी हो गई है।

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    RCB को रहना होगा सतर्क: क्वालिफायर में गुजरात टाइटंस के ये 5 खिलाड़ी पलट सकते हैं पूरा मैच


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के पहले क्वालिफायर में मंगलवार को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच महामुकाबला खेला जाएगा। दोनों टीमें शानदार फॉर्म में हैं, लेकिन गुजरात टाइटंस के कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जो अकेले दम पर मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। बल्लेबाजी में साई सुदर्शन और शुभमन गिल की विस्फोटक जोड़ी से लेकर गेंदबाजी में कगिसो रबाडा और मोहम्मद सिराज की धार तक, जीटी के पास कई ऐसे हथियार हैं जो आरसीबी के फाइनल में पहुंचने के सपने को तोड़ सकते हैं।

    सबसे बड़ा खतरा इस समय साई सुदर्शन हैं। आईपीएल 2026 में उनका बल्ला जमकर बोल रहा है। सुदर्शन इस सीजन सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने हुए हैं और उन्होंने 14 मैचों में 638 रन ठोक दिए हैं। उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता और आक्रामकता दोनों नजर आई हैं। अगर आरसीबी को मुकाबले में वापसी करनी है, तो उन्हें शुरुआती ओवरों में सुदर्शन का विकेट निकालना बेहद जरूरी होगा।

    सुदर्शन के साथ कप्तान शुभमन गिल ने भी गुजरात को कई शानदार शुरुआत दिलाई हैं। गिल इस सीजन 616 रन बना चुके हैं और उनका स्ट्राइक रेट भी काफी आक्रामक रहा है। बड़ी पारियां खेलने की क्षमता रखने वाले गिल पावरप्ले में मैच का मोमेंटम पूरी तरह बदल सकते हैं। धर्मशाला की छोटी बाउंड्री और बल्लेबाजों के अनुकूल पिच पर गिल आरसीबी के गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं।

    मिडिल ऑर्डर में जोस बटलर गुजरात की सबसे बड़ी ताकत हैं। बड़े मैचों में उनका अनुभव टीम के काम आता है। बटलर इस सीजन 469 रन बना चुके हैं और कई बार मुश्किल परिस्थितियों में टीम को संभाल चुके हैं। अगर शुरुआती विकेट जल्दी गिरते हैं, तो बटलर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से आरसीबी पर दबाव बना सकते हैं।

    गेंदबाजी में कगिसो रबाडा गुजरात के तुरुप का इक्का हैं। उनकी तेज रफ्तार और उछाल भरी गेंदें किसी भी बल्लेबाजी क्रम को हिला सकती हैं। 24 विकेट लेकर रबाडा इस सीजन के सबसे सफल गेंदबाजों में शामिल हैं। धर्मशाला की परिस्थितियां तेज गेंदबाजों को मदद देती हैं और ऐसे में रबाडा आरसीबी के टॉप ऑर्डर के लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकते हैं।

    वहीं, मोहम्मद सिराज भी इस मुकाबले में खास भूमिका निभा सकते हैं। सिराज आरसीबी के पूर्व खिलाड़ी रहे हैं, इसलिए वह टीम के बल्लेबाजों की कमजोरियों को अच्छी तरह जानते हैं। नई गेंद से स्विंग और डेथ ओवरों में सटीक यॉर्कर डालने की उनकी क्षमता गुजरात को बढ़त दिला सकती है।

    कुल मिलाकर गुजरात टाइटंस के पास बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में ऐसे मैच विनर खिलाड़ी मौजूद हैं जो अकेले दम पर मुकाबला पलट सकते हैं। ऐसे में पहला क्वालिफायर बेहद रोमांचक और हाई-प्रेशर मुकाबला होने की उम्मीद है।