पार्टी में बदली जिम्मेदारियां
खामोश किया जा सकता है हराया नहीं
Z सिक्योरिटी में कैसा होता है सुरक्षा घेरा


शिकायत और वीडियो के आधार पर कार्रवाई
साढ़े चार घंटे तक चली पूछताछ, दर्ज हुए बयान
इस धारा में दर्ज हुआ केस

जानकारी के अनुसार भीमनगर निवासी 62 वर्षीय शकुंतला गुजरे का मंगलवार को निधन हो गया था। परिजनों ने नियमानुसार उनका अंतिम संस्कार शुरू कर दिया और स्थानीय मोक्षधाम में चिता भी तैयार कर दी गई थी। इसी दौरान अचानक स्थिति बदल गई।
महाराष्ट्र के सौसर क्षेत्र से पहुंची मृतका की बहन अंजली ने अंतिम दर्शन के दौरान शरीर पर कुछ संदिग्ध चोट के निशान देखे। इन निशानों को देखकर उन्होंने तुरंत हत्या की आशंका जताई और अंतिम संस्कार रोकने की मांग की। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को गंभीरता से लेते हुए चिता से शव को उतरवाया गया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत स्वाभाविक थी या इसके पीछे किसी प्रकार की साजिश या हिंसा शामिल है। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं पर गंभीरता से पड़ताल की जा रही है।
इस घटना ने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है और लोग इसे लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

मां की आंखों के सामने तड़पता रहा बेटा
मृतक की मां संतोष बाई ने जो मंजर बताया, वह दिल को झकझोर देने वाला है। उन्होंने कहा, “जैसे ही खबर मिली कि बेटे को मार रहे हैं, मैं दौड़कर मौके पर पहुंची। वह खून से लथपथ पड़ा था। मैंने उसे गोद में लिया और पल्लू से चेहरा साफ करने लगी।”
तड़पते हुए रामबाबू ने आखिरी सांसों में कहा- “मां, मुझे विशाल और हुकुम ने गोली मारी… फिर पत्थरों से मारा…” और इतना कहते ही उसकी आंखें हमेशा के लिए बंद हो गईं।
सुनसान रास्ते पर रची गई साजिश
घटना सोमवार (13 अप्रैल) रात करीब 10 बजे की है। रामबाबू गांव लौट रहे थे, तभी गांव से करीब 300 मीटर पहले सुनसान रास्ते पर आरोपियों ने पत्थर रखकर उनकी बाइक रुकवाई। जैसे ही उन्होंने गाड़ी धीमी की, सीने में गोली मार दी। गिरने के बाद भी हमलावर नहीं रुके और पत्थरों से लगातार हमला करते रहे।
पोस्टमॉर्टम में खुलासा हुआ कि गोली सीने को चीरते हुए आर-पार निकल गई थी, जबकि पत्थर के वार से उनका जबड़ा टूट गया, कान फट गया और सिर व आंख में गंभीर चोटें आईं।
जमीन विवाद बना हत्या की वजह
परिजनों के मुताबिक, इस खौफनाक हत्या के पीछे पुराना जमीन विवाद था। मृतक के भाई दीपक ने बताया कि चचेरा भाई हुकुम अपनी जमीन बेचते समय उनके खेत से रास्ता चाहता था, जिसे परिवार ने मना कर दिया था। तभी से रंजिश चल रही थी और आरोपियों ने बदला लेने की धमकी भी दी थी।
शादी की खुशियां मातम में बदलीं
घर में खुशियों का माहौल था। 24 अप्रैल को छोटे भाई दीपक की शादी होने वाली थी। 19 अप्रैल को माता पूजन और 25 को रिसेप्शन तय था। रामबाबू खुद शादी के कार्ड बांट रहे थे। लेकिन एक ही रात में खुशियां मातम में बदल गईं।
रामबाबू की पत्नी गर्भवती है और उनकी डेढ़ साल की बेटी भी है। इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।
गांव में दहशत, लोगों में गुस्सा
घटना के बाद गांव में सन्नाटा और दहशत का माहौल है। लोग खुलकर कुछ कहने से बच रहे हैं, लेकिन अंदर गुस्सा साफ झलक रहा है। घटनास्थल पर खून से सने पत्थर और बिखरे शादी के कार्ड इस दर्दनाक घटना की गवाही दे रहे हैं।

मौत से पहले VIDEO में बताई पूरी कहानी
जानकारी के मुताबिक, 2 अप्रैल की रात महिला घर पर अकेली थी, जबकि परिवार के बाकी सदस्य सुंदरकांड कार्यक्रम में गए हुए थे। इसी दौरान उसका रिश्तेदार महेंद्र चौहान घर पहुंचा और महिला को अकेला पाकर जबरदस्ती की। घटना के बाद महिला ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने साफ तौर पर महेंद्र चौहान को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया। इसके अलावा एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने वही बात दोहराई और ससुराल पक्ष को निर्दोष बताया।
मानसिक आघात में उठाया खौफनाक कदम
दुष्कर्म की घटना के बाद महिला गहरे मानसिक तनाव में चली गई। 8 अप्रैल को उसने जहरीला पदार्थ (सल्फास) खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस जांच में जुटी, आरोपी फरार
मामले की जानकारी मिलते ही Madhya Pradesh Police ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 64(1) के तहत केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए टीमें बनाई गई हैं।
सुसाइड नोट बना अहम सबूत
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें महिला ने स्पष्ट रूप से आरोपी को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। यह नोट और वीडियो जांच में अहम सबूत माने जा रहे हैं, जिनके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
कानून और समाज के सामने बड़ी चुनौती
इस तरह की घटनाएं न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि पीड़ितों को समय पर मानसिक और कानूनी सहायता मिलना कितना जरूरी है। अगर समय रहते मदद मिलती, तो शायद एक जान बचाई जा सकती थी।

12वीं परीक्षा परिणाम में झाबुआ जिले ने 93.23 प्रतिशत के उत्कृष्ट परिणाम के साथ पूरे मध्यप्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है और शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को भी दर्शाती है। वहीं 10वीं परीक्षा परिणाम में भी जिले ने 87.83 प्रतिशत के साथ प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
इस सफलता के बीच झाबुआ की छात्रा कु. सीमा भायडिया ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रानापुर की छात्रा सीमा ने प्रावीण्य सूची में प्रदेश स्तर पर पांचवां स्थान प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है।
इसी क्रम में पड़ोसी जिले अलीराजपुर ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। अलीराजपुर ने 10वीं परीक्षा में 92.14 प्रतिशत परिणाम हासिल कर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है जो इस क्षेत्र की शिक्षा के बढ़ते स्तर को दर्शाता है।
शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार आदिवासी बहुल जिलों का यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि सरकारी प्रयासों और शिक्षकों की मेहनत से शिक्षा के स्तर में लगातार सुधार हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों की बढ़ती भागीदारी और बेहतर परिणाम भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत हैं।इस ऐतिहासिक सफलता के बाद पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों व अभिभावकों को भी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस हो रहा है।

व्हाट्सएप कॉल और वॉइस मैसेज से मचा हड़कंप
क्राइम ब्रांच के अनुसार, बिल्डर विवेक दम्मानी के ऑफिस नंबर पर मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल रिसीव करने वाली महिला स्टाफ से आरोपी ने कहा “विवेक दम्मानी को बोल देना 5 करोड़ दे दे, नहीं तो बेटे को कहीं भी गोली मरवा दूंगा।” शुरुआत में इसे मजाक समझा गया, लेकिन कुछ देर बाद उसी नंबर से आए वॉइस मैसेज ने पूरे ऑफिस में दहशत फैला दी।
आरोपी ने यह भी दावा किया कि उसके पास बिल्डर और उनके बेटे की हर गतिविधि की लोकेशन है। इससे मामला और गंभीर हो गया और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई।
क्राइम ब्रांच अलर्ट, जांच शुरू
मामले की जानकारी मिलते ही Madhya Pradesh Police की क्राइम ब्रांच हरकत में आई। डीसीपी राजेश त्रिपाठी के मुताबिक, एफआईआर दर्ज कर ली गई है और कॉल व वॉइस मैसेज की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब मोबाइल नंबर और आईपी एड्रेस को ट्रैक कर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। साथ ही बिल्डर और उनके परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
‘हैरी बॉक्सर’ का नाम, लॉरेंस गैंग से जुड़ाव
जिस ‘हैरी बॉक्सर’ का नाम लेकर धमकी दी गई, उसे Lawrence Bishnoi gang का करीबी गुर्गा बताया जाता है। हालांकि पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं कोई स्थानीय बदमाश गैंग के नाम का इस्तेमाल कर डर फैलाने की कोशिश तो नहीं कर रहा।
पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां
इंदौर में यह पहला मामला नहीं है। कुछ समय पहले Tukoganj के बिल्डर संजय जैन को भी इसी तरह की धमकी मिली थी। उस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया था, लेकिन मुख्य साजिशकर्ता तक पहुंच नहीं पाई थी।
बढ़ते मामलों से बढ़ी चिंता
जानकारी के मुताबिक, मध्यप्रदेश में पिछले कुछ समय में Lawrence Bishnoi gang के नाम से फिरौती मांगने के 5 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। लगातार बढ़ती ऐसी घटनाओं ने कारोबारी वर्ग और आम लोगों में डर का माहौल बना दिया है।

कमरे में बंद कर की पिटाई, VIDEO ने खोली पोल
जानकारी के मुताबिक, घटना तुकोगंज स्थित रूस्तम के बगीचे इलाके की है। यहां एक फ्लैट में दो युवतियों ने अपनी ही एक नाबालिग सहेली को बुलाया और उसे कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद डंडों, लात-घूंसों से उसकी जमकर पिटाई की गई। आरोप है कि इस दौरान पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पुलिस हुई एक्टिव, जांच शुरू
वीडियो सामने आने के बाद Madhya Pradesh Police हरकत में आई है। एमआईजी थाना प्रभारी जितेंद्र यादव के अनुसार, उन्हें इस घटना की जानकारी मीडिया के जरिए मिली, जिसके बाद तुरंत जांच शुरू की गई। पुलिस ने वीडियो के आधार पर संबंधित पक्षों को थाने बुलाकर पूछताछ की है और आरोपियों की पहचान कर ली गई है।
सभी नाबालिग, शिकायत का इंतजार
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में मारपीट करने वाली और पीड़िता—सभी नाबालिग हैं। फिलहाल पीड़िता की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुरानी रंजिश बनी वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पीड़िता और आरोपी युवतियों के बीच पहले किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसी रंजिश के चलते उसे बहाने से फ्लैट पर बुलाया गया और फिर इस वारदात को अंजाम दिया गया।
पहले भी सामने आ चुके ऐसे मामले
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले Hiranagar इलाके में भी इसी तरह का एक मारपीट का वीडियो सामने आया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने शहर में कानून-व्यवस्था और युवाओं के व्यवहार को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

प्रतिभा की इस अभूतपूर्व सफलता ने न केवल उनके परिवार को गर्वित किया है बल्कि पूरे पन्ना जिले में खुशी और उत्साह का माहौल बना दिया है। जैसे ही उनके टॉप करने की खबर सामने आई, स्कूल में शिक्षक और सहपाठियों ने जश्न मनाया और बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया।
अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रतिभा ने बताया कि उनकी इस उपलब्धि के पीछे उनके माता-पिता और शिक्षकों का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन, अनुशासन और निरंतर मेहनत ही उनकी सफलता की कुंजी रही है।
शिक्षा जगत के जानकारों का कहना है कि प्रतिभा का यह प्रदर्शन अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। 499 अंक जैसे लगभग पूर्णांक हासिल करना यह दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन और लगन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। इस उपलब्धि के बाद जिले में खुशी की लहर है और स्थानीय लोग प्रतिभा को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दे रहे हैं।

यह घटना मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जब अचानक दुकान में आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि उसने देखते ही देखते तीन मंजिला मकान को भी अपनी चपेट में ले लिया। उस समय परिवार के सभी सदस्य ऊपर की मंजिल पर सो रहे थे, जिससे उन्हें संभलने का भी मौका नहीं मिल सका।
आग लगते ही पूरे मकान में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हालांकि, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि एक महिला बाहर नहीं निकल सकी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।
सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था और दुकान व मकान का बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो गया था।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य तकनीकी कारण की आशंका जताई जा रही है, लेकिन असली वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके में शोक का माहौल बना दिया है और स्थानीय लोग पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जता रहे हैं।