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  • शहडोल हादसा ,क्रेटा कार में गांजा मिला खेत के कुएं, में मिली तीन लाशें

    शहडोल हादसा ,क्रेटा कार में गांजा मिला खेत के कुएं, में मिली तीन लाशें


    शहडोल । मध्यप्रदेश के शहडोल जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहां अवैध नशे के कारोबार से जुड़े तीन युवकों की मौत ने पूरे इलाके को दहला दिया। यह घटना जैतपुर थाना क्षेत्र में हुई जहां पुलिस से बचने की कोशिश में तीनों युवक भागते हुए एक कुएं में गिर गए और डूबने से उनकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार घटना की शुरुआत देर रात हुई जब डायल 112 की पुलिस टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान कामता कॉलेज तिराहे के पास एक दुर्घटनाग्रस्त सफेद क्रेटा कार खड़ी दिखाई दी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो कार में कोई मौजूद नहीं था लेकिन तलाशी लेने पर उसमें से करीब 5 किलो से अधिक गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मादक पदार्थ को जब्त किया और आगे की कार्रवाई के लिए लौट गई।

    हालांकि असली घटना का खुलासा अगले दिन सुबह हुआ जब पास के खेत में स्थित एक कुएं में तीन शव तैरते हुए मिले। यह खेत किसान कन्हैया लाल यादव का बताया जा रहा है। जैसे ही ग्रामीणों ने कुएं में लाशें देखीं इलाके में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद एक एक कर तीनों शवों को कुएं से बाहर निकाला गया। मृतकों की पहचान रोहित शर्मा निवासी बुढार तनुज शुक्ला निवासी शहडोल और सचिन सिंह बघेल निवासी बुढार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रोहित शर्मा पहले से ही गांजा तस्करी के मामलों में कुख्यात रहा है।

    प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि पुलिस की गाड़ी देखकर कार सवार युवकों ने भागने की कोशिश की। तेज रफ्तार के कारण उनकी कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद घायल अवस्था में तीनों युवक अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों की ओर भागे। लेकिन घबराहट और रात के अंधेरे में उन्हें सामने मौजूद कुआं दिखाई नहीं दिया और वे सीधे उसमें गिर गए। घायल होने के कारण वे खुद को बचा नहीं सके और कुएं से बाहर निकलने में असफल रहे जिससे तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    इस मामले में एसडीओपी विकास पाण्डेय ने बताया कि देर रात एक दुर्घटनाग्रस्त कार से गांजा बरामद हुआ था और उसी कार में सवार तीन युवक भागने के दौरान कुएं में गिर गए जिससे उनकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस तस्करी के नेटवर्क में और कौन कौन लोग शामिल थे। यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि अवैध नशे के कारोबार का अंजाम कितना खतरनाक हो सकता है जहां कानून से बचने की कोशिश कभी कभी सीधे मौत तक ले जाती है।

  • अजाक्स में वर्चस्व की लड़ाई तेज, मामला RSS प्रमुख Mohan Bhagwat तक पहुंचा

    अजाक्स में वर्चस्व की लड़ाई तेज, मामला RSS प्रमुख Mohan Bhagwat तक पहुंचा


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) के भीतर चल रही वर्चस्व की लड़ाई अब बड़ा विवाद बन चुकी है। यह टकराव इतना बढ़ गया है कि मामला मोहन भागवत तक पहुंच गया है। संगठन के भीतर दो गुट आमने-सामने हैं और एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
    संघ प्रमुख से हस्तक्षेप की मांग
    पूर्व अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया के समर्थक गुट ने संघ प्रमुख को लिखित शिकायत भेजी है। संगठन महामंत्री गौतम पाटिल ने आरोप लगाया कि कुछ लोग बाहरी हस्तक्षेप के जरिए अजाक्स पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रहे हैं। खासतौर पर सुरेन्द्र मिश्रा और मुकेश मौर्य पर संगठन में दखल देने के आरोप लगाए गए हैं।
    सदस्यता और गबन के आरोप
    शिकायत में मुकेश मौर्य पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए हैं। दावा किया गया कि करीब ₹17.95 लाख की सदस्यता राशि में गड़बड़ी हुई, जिसमें से ₹12.95 लाख का हिसाब नहीं दिया गया। यह भी कहा गया कि नियमों के अनुसार केवल सरकारी कर्मचारी ही सदस्य बन सकते हैं, जबकि मौर्य एक निजी संस्थान से जुड़े बताए गए हैं।
    फर्जी कार्यकारिणी और कब्जे का आरोप
    गौतम पाटिल ने आरोप लगाया कि जुलाई 2023 में फर्जी बैठकों के आधार पर एक नकली कार्यकारिणी तैयार कर उसे पंजीयन के लिए पेश किया गया। साथ ही, अजाक्स भवन पर कब्जा करने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में इसे धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात जैसी गंभीर श्रेणी का मामला बताया गया है।
    मौर्य का पलटवार
    दूसरी ओर मुकेश मौर्य ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कंसोटिया और उनके समर्थक ट्रस्ट बनाकर संगठन की संपत्ति हड़पना चाहते हैं। मौर्य के अनुसार, उनके प्रांताध्यक्ष बनने के बाद ही विवाद खड़ा किया गया।
    उन्होंने यह भी कहा कि वे विरोधी गुट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे और आरोप लगाया कि संगठन कार्यालय को घेरकर दबाव बनाया जा रहा है।
    बढ़ता विवाद, सियासी रंग
    इस पूरे विवाद ने अब राजनीतिक और सामाजिक रंग ले लिया है। अजाक्स जैसे बड़े कर्मचारी संगठन में आंतरिक संघर्ष से न सिर्फ संगठन की साख प्रभावित हो रही है, बल्कि प्रदेश की सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ सकता है।
  • शिवपुरी आश्रम कांड: अनाथ बच्चियों से दरिंदगी के गुनहगार पिता-पुत्री, खौफ और न्याय की पूरी कहानी

    शिवपुरी आश्रम कांड: अनाथ बच्चियों से दरिंदगी के गुनहगार पिता-पुत्री, खौफ और न्याय की पूरी कहानी


     शिवपुरी, मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में साल 2016 में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया था। एक सुरक्षित पनाहगाह माने जाने वाले ‘माधव बाल आश्रम’ में अनाथ बच्चियों के साथ जो दरिंदगी हो रही थी, उसका खुलासा तब हुआ जब दो साहसी नाबालिग लड़कियां वहां से भाग निकलीं। यह कहानी केवल एक अपराध की नहीं, बल्कि उस विश्वासघात की है जो एक शिक्षित समाज के रक्षक कहलाने वाले लोगों ने अनाथ और बेसहारा बच्चियों के साथ किया।

    इस खौफनाक दास्तां की शुरुआत 1 अक्टूबर 2016 को हुई, जब आश्रम से 15 और 16 साल की दो लड़कियां लापता हो गईं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें अशोकनगर से बरामद तो कर लिया, लेकिन उनके चेहरों पर पसरा डर किसी बड़ी अनहोनी की गवाही दे रहा था। बाल कल्याण समिति (CWC) की देखरेख में जब इन बच्चियों की काउंसलिंग हुई, तो जो सच बाहर आया उसने प्रशासन के पैरों तले जमीन खिसका दी। बच्चियों ने बताया कि रात के खाने में उन्हें नशीला पदार्थ दिया जाता था, जिसके बाद उनके साथ हैवानियत होती थी। सुबह जब वे जागती थीं, तो उनके शरीर में दर्द और रक्तस्राव के निशान होते थे, लेकिन बेहोशी के कारण उन्हें कुछ स्पष्ट याद नहीं रहता था।

    जांच के घेरे में सबसे पहले आश्रम की डायरेक्टर शैला अग्रवाल आईं। जब पुलिस ने अन्य बच्चियों की काउंसलिंग की कोशिश की, तो शैला ने बहाने बनाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस संदिग्ध व्यवहार ने पुलिस के शक को यकीन में बदल दिया। आश्रम में छापेमारी के दौरान CWC के शिकायत बॉक्स ने जुल्म की परतों को खोलना शुरू किया। ग्वालियर से आई काउंसलर्स की टीम के सामने 10 से 17 साल की 6 बच्चियों ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि आश्रम में रहने वाले 77 वर्षीय रिटायर्ड प्रोफेसर के.एन. अग्रवाल, जिन्हें वे ‘बाबा’ कहती थीं, उनके साथ दुष्कर्म और अश्लील हरकतें करते थे।

    बच्चियों के बयानों में एक और नाम प्रमुखता से उभरा—’बुआ’ यानी शैला अग्रवाल। बच्चियां शैला से इस कदर डरी हुई थीं कि उन्हें लगता था कि अगर उन्होंने कुछ भी कहा तो शैला उन्हें जान से मार देगी। मेडिकल रिपोर्ट ने भी बच्चियों के साथ हुए दुष्कर्म की पुष्टि कर दी। इसके बाद 17 नवंबर 2016 को पुलिस ने के.एन. अग्रवाल और उनकी बेटी शैला अग्रवाल के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया। गिरफ्तारी के डर से आरोपी प्रोफेसर फरार हो गया था, जिसे बाद में पुलिस की तीन टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया।

    कानूनी लड़ाई करीब डेढ़ साल तक चली। 7 मई 2018 को शिवपुरी की विशेष अदालत ने इस मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत ने 77 वर्षीय के.एन. अग्रवाल को अनाथ बच्चियों के साथ दुष्कर्म, मारपीट और धमकाने का दोषी पाया। वहीं, उनकी बेटी शैला अग्रवाल को इस घिनौने अपराध में बराबर का भागीदार मानते हुए दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। हालांकि, सबूतों के अभाव में एक अन्य आरोपी क्लर्क को बरी कर दिया गया।

    इस मामले में नया मोड़ जनवरी 2024 में आया। सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर अपील पर सुनवाई करते हुए अदालत ने के.एन. अग्रवाल की बढ़ती उम्र और लगभग 7 साल जेल में बिताने के आधार पर उनकी सजा को अंतिम फैसले तक निलंबित कर दिया। फिलहाल पिता-पुत्री दोनों जमानत पर बाहर हैं, लेकिन हाईकोर्ट में उनकी याचिका पर अंतिम निर्णय अभी लंबित है। यह मामला आज भी मध्य प्रदेश के सबसे चर्चित और संवेदनशील क्राइम फाइल्स में गिना जाता है, जो समाज में मौजूद सफेदपोश अपराधियों के असली चेहरे को उजागर करता है।

  • एमपी बोर्ड रिजल्ट 2026 में बेटियों का दबदबा 10वीं में प्रतिभा 12वीं में खुशी ने मारी बाजी

    एमपी बोर्ड रिजल्ट 2026 में बेटियों का दबदबा 10वीं में प्रतिभा 12वीं में खुशी ने मारी बाजी


    भोपाल । मध्यप्रदेश बोर्ड परीक्षा 2026 के नतीजों ने इस बार शानदार रिकॉर्ड कायम किया है और एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि मेहनत और लगन से सफलता जरूर मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जैसे ही 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित किए वैसे ही छात्रों और अभिभावकों में खुशी की लहर दौड़ गई। इस बार के रिजल्ट में खास बात यह रही कि टॉपर्स की सूची में छात्राओं ने बाजी मारी और लगभग हर वर्ग में अपना दबदबा कायम रखा।

    10वीं कक्षा में पन्ना जिले की प्रतिभा सोलंकी ने इतिहास रचते हुए 500 में से 499 अंक हासिल किए और पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। उनका यह प्रदर्शन न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय बन गया है।

    वहीं 12वीं की बात करें तो कॉमर्स संकाय में भोपाल की खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने संयुक्त रूप से टॉप किया। दोनों ने 500 में से 494 अंक हासिल किए और प्रदेश में पहला स्थान साझा किया। इसके अलावा अन्य विषयों में भी छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।

    आर्ट्स स्ट्रीम में मुरैना की श्रुति तोमर और छतरपुर के आकाश अहिरवार ने 489 अंकों के साथ टॉप किया। गणित समूह में सीहोर के श्लोक प्रजापति ने 493 अंक हासिल कर पहला स्थान पाया। कृषि संकाय में शिवपुरी की तुलसी राजावत और चंचल कुशवाह ने 493 अंक के साथ टॉप किया जबकि होम साइंस में छतरपुर की शाइस्ताह कुरैशी ने 485 अंक हासिल किए। जीव विज्ञान में इंदौर की तन्वी कुमावत ने 492 अंकों के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया।

    इस साल हायर सेकंडरी परीक्षा 10 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक आयोजित की गई थी जिसमें करीब 6 लाख 89 हजार से अधिक छात्र शामिल हुए। परिणामों में 76.01 प्रतिशत नियमित छात्र पास हुए जबकि प्राइवेट परीक्षार्थियों का पास प्रतिशत 30.60 रहा। यह बीते 16 वर्षों में सबसे बेहतर परिणाम माना जा रहा है।

    रिजल्ट के आंकड़ों पर नजर डालें तो छात्राओं ने एक बार फिर छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया है। मेरिट सूची में कुल 221 छात्रों ने जगह बनाई जिनमें 158 छात्राएं और 63 छात्र शामिल हैं। सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत 80.43 रहा जबकि निजी स्कूलों का प्रतिशत 69.6 दर्ज किया गया।

    जिलेवार प्रदर्शन में झाबुआ ने सबसे अधिक 93.23 प्रतिशत पास प्रतिशत हासिल किया जबकि अनूपपुर दूसरे स्थान पर रहा। इस बार एक खास बदलाव यह भी किया गया है कि पूरक परीक्षा की जगह द्वितीय अवसर परीक्षा का प्रावधान किया गया है। जो छात्र असफल हुए हैं या अपने अंक सुधारना चाहते हैं वे 7 मई 2026 से शुरू होने वाली परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

    रिजल्ट देखने के लिए छात्र आधिकारिक वेबसाइट mpbse nic in और mpresults nic in पर जाकर अपना परिणाम चेक कर सकते हैं। वेबसाइट स्लो या क्रैश होने की स्थिति में छात्र SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए MPBSE10 या MPBSE12 के साथ अपना रोल नंबर टाइप कर 56263 पर भेजना होगा। इसके अलावा डिजिलॉकर और मोबाइल ऐप के जरिए भी परिणाम आसानी से देखा जा सकता है।

    कुल मिलाकर इस साल का रिजल्ट न केवल बेहतर रहा बल्कि इसने शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक संकेत भी दिए हैं। खासतौर पर छात्राओं का प्रदर्शन यह दिखाता है कि वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं।

  • हाईवे पर हंगामा: RTO बैरियर पर नकाबपोशों की दबंगई, ड्राइवर से मारपीट

    हाईवे पर हंगामा: RTO बैरियर पर नकाबपोशों की दबंगई, ड्राइवर से मारपीट


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में स्थित सिकंदरा आरटीओ बैरियर पर अवैध वसूली को लेकर बड़ा बवाल सामने आया है। तीर्थयात्रियों से भरी एक बस को रोककर नकाबपोश लोगों ने एंट्री के नाम पर पैसे मांगे और विरोध करने पर ड्राइवर के साथ बेरहमी से मारपीट की। घटना के बाद यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा और रातभर हाईवे जाम रहा।
    2 हजार रुपए की ‘एंट्री’ को लेकर विवाद
    राजस्थान के सिरोही से 9 राज्यों की तीर्थ यात्रा कर लौट रही बस 14 अप्रैल की रात करीब 1:30 बजे सिकंदरा चेक पॉइंट पहुंची। बस ड्राइवर लाखाराम के मुताबिक, वहां मौजूद नकाबपोश दो लोगों ने ₹2000 की एंट्री मांगी। ड्राइवर ने कागज पूरे होने की बात कहकर पैसे देने से इनकार किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।
    बस से खींचकर की गई पिटाई
    आरोप है कि विरोध करने पर ड्राइवर को बस से नीचे खींच लिया गया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। इस हमले में ड्राइवर की आंख में गंभीर चोट आई। बीच-बचाव करने आए साथी प्रकाश रावल को भी पीटा गया। इतना ही नहीं, बस में सवार महिलाओं के साथ अभद्रता किए जाने के भी आरोप लगे हैं।
     यात्रियों का फूटा गुस्सा, रातभर जाम
    घटना से नाराज यात्रियों ने बस को हाईवे पर आड़ा खड़ा कर दिया और जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते सड़क जाम हो गई और पूरी रात यातायात बाधित रहा। सुबह करीब 7 बजे प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद जाम खुल पाया।
     ‘मामला दबाने’ का आरोप
    ड्राइवर ने चेक पॉइंट प्रभारी सुमन दीक्षित पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने मामला दबाने के लिए ₹1 लाख तक का ऑफर दिया। हालांकि प्रभारी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बस का परमिट अधूरा था और स्टाफ की ओर से कोई मारपीट नहीं की गई।
     बार-बार सामने आ रहे विवाद
    बताया जा रहा है कि सिकंदरा बैरियर पर पिछले 8 महीनों में यह पांचवीं बड़ी घटना है। इससे पहले भी यहां फर्जी रसीद, मारपीट और आत्महत्या की कोशिश जैसे मामले सामने आ चुके हैं। आरोप है कि ‘चेक पॉइंट’ के नाम पर अवैध वसूली का खेल लगातार जारी है।
    पुलिस ने दर्ज की FIR
    पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसे विवाद रोकने के लिए परिवहन विभाग निजी लोगों के दखल पर रोक लगाने की तैयारी कर रहा है।

  • प्यार, धोखा और शोषण: शिवपुरी में लिव-इन रिलेशन का चौंकाने वाला मामला

    प्यार, धोखा और शोषण: शिवपुरी में लिव-इन रिलेशन का चौंकाने वाला मामला


    नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्किन केयर सिर्फ सुंदर दिखने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह हेल्थ का अहम हिस्सा बन चुका है। बढ़ते प्रदूषण, अनियमित खान-पान और तनाव के कारण लोगों की त्वचा पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। ऐसे में स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखने के लिए सही देखभाल बेहद जरूरी हो गई है।
    सनस्क्रीन से आयुर्वेद तक बढ़ा ट्रेंड
    भारत में स्किन केयर ट्रेंड तेजी से बदल रहे हैं। पहले जहां लोग सिर्फ फेस वॉश या क्रीम तक सीमित रहते थे, वहीं अब सनस्क्रीन, सीरम और नैचुरल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल बढ़ गया है। खासतौर पर UV किरणों से बचाव के लिए सनस्क्रीन को डेली रूटीन का जरूरी हिस्सा माना जा रहा है। इसके अलावा आयुर्वेदिक और हर्बल प्रोडक्ट्स जैसे एलोवेरा, हल्दी और चंदन भी फिर से लोकप्रिय हो रहे हैं।
    लाइफस्टाइल का सीधा असर त्वचा पर
    स्किन एक्सपर्ट्स के अनुसार, खराब लाइफस्टाइल त्वचा की सबसे बड़ी दुश्मन है। देर रात तक जागना, जंक फूड खाना और पानी कम पीना त्वचा को डल और बेजान बना देता है। वहीं नियमित एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद और संतुलित आहार त्वचा को अंदर से स्वस्थ बनाते हैं।
    हाइड्रेशन और डाइट का रखें ध्यान
    त्वचा को हेल्दी रखने के लिए दिनभर में पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। इसके अलावा फलों और हरी सब्जियों का सेवन स्किन को जरूरी पोषण देता है। विटामिन C, E और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर डाइट स्किन को चमकदार बनाए रखने में मदद करती है।
    बेसिक स्किन केयर रूटीन अपनाएं
    एक अच्छा स्किन केयर रूटीन अपनाना बेहद जरूरी है। इसमें क्लेंज़िंग, मॉइश्चराइजिंग और सन प्रोटेक्शन शामिल होना चाहिए। हफ्ते में 1-2 बार स्क्रब और फेस मास्क का इस्तेमाल भी फायदेमंद रहता है।
    नेचुरल उपाय भी कारगर
    घरेलू उपाय भी स्किन केयर में काफी असरदार साबित होते हैं। जैसे दही, बेसन, शहद और गुलाब जल का इस्तेमाल त्वचा को साफ और मुलायम बनाता है। हालांकि, किसी भी नए प्रोडक्ट या उपाय को अपनाने से पहले स्किन टाइप को समझना जरूरी है।

  • बिना अनुमति प्रतिमा स्थापना पर बवाल, हटाने की अपील के विरोध में प्रदर्शन

    बिना अनुमति प्रतिमा स्थापना पर बवाल, हटाने की अपील के विरोध में प्रदर्शन


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के दिनारा थाना क्षेत्र स्थित छितीपुर गांव में एक खेल मैदान अब विवाद का केंद्र बन गया है। यहां शासकीय मैदान के बीच अचानक बिना प्रशासनिक अनुमति एक मूर्ति स्थापित किए जाने से माहौल तनावपूर्ण हो गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन मामला शांत होने के बजाय और उलझ गया।

    खेल मैदान के बीच रखी गई मूर्ति, ग्रामीणों की भीड़ जुटी

    जानकारी के अनुसार, छितीपुर गांव का यह मैदान स्थानीय युवाओं के लिए क्रिकेट और अन्य खेल गतिविधियों का मुख्य केंद्र है। इसी मैदान के बीच अज्ञात लोगों द्वारा मूर्ति रख दी गई। जैसे ही यह खबर गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण खासतौर पर बहुजन समाज की महिलाएं मौके पर पहुंच गईं और मूर्ति के समर्थन में जुट गईं।

    पुलिस की अपील ठुकराई, धरने पर बैठे ग्रामीण

    मौके पर पहुंची दिनारा थाना पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने बताया कि किसी भी सार्वजनिक या सरकारी जमीन पर मूर्ति स्थापित करने के लिए प्रशासन से अनुमति लेना जरूरी होता है। साथ ही, मैदान के बीच मूर्ति होने से खेल गतिविधियां प्रभावित होंगी।
    हालांकि, पुलिस की समझाइश का ग्रामीणों पर कोई असर नहीं पड़ा। इसके विरोध में ग्रामीण मूर्ति के चारों ओर बैठकर धरने पर बैठ गए और हटाने से साफ इनकार कर दिया।

    तनावपूर्ण माहौल, प्रशासन सतर्क

    घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्क है।

    अधिकारियों को दी गई सूचना, निर्देश का इंतजार

    दिनारा थाना प्रभारी रविन्द्र सिंह ने बताया कि शासकीय भूमि पर अज्ञात लोगों द्वारा मूर्ति रखी गई है। मामले की सूचना अनुविभागीय अधिकारी (SDO) को दे दी गई है और उनके निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    छितीपुर गांव का यह मामला अब प्रशासन और ग्रामीणों के बीच टकराव का रूप लेता दिख रहा है। एक ओर नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी है, तो दूसरी ओर स्थानीय लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। ऐसे में प्रशासन के अगले कदम पर सभी की नजर टिकी हुई है।

  • ‘धुरंधर’ का बॉक्स ऑफिस धमाका: Ranveer Singh ने ‘बाहुबली’, ‘पुष्पा’, ‘KGF’ को छोड़ा पीछे

    ‘धुरंधर’ का बॉक्स ऑफिस धमाका: Ranveer Singh ने ‘बाहुबली’, ‘पुष्पा’, ‘KGF’ को छोड़ा पीछे


    नई दिल्ली।  Ranveer Singh की फिल्म ‘धुरंधर 2’ (Dhurandhar 2) अपने 26वें दिन के पड़ाव पर पहुंच चुकी है। इतने दिनों में इस फिल्म ने कमाल किया है। लोगों ने फिल्म को काफी ज्यादा पसंद किया है। केवल इस पार्ट को नहीं बल्कि इसके पहले पार्ट को भी। फिल्म देखने के बाद लोग फिल्म की काफी तारीफ करते हुए नजर आए यहां तक की कई बड़े-बड़े सेलेब्स में भी इस फिल्म की काफी तारीफ की है। फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड तोड़ दिए है और हर दिन फिल्म की कमाई तेजी से आगे बढ़ रही है।

    3000 करोड़ के पार पहुंची दोनों पार्ट
    धुरंधर’ के दोनों पार्ट ने मिलकर करीब 3000 करोड़ रुपये की कमाई कर डाली है। दोनों हिस्सों की कमाई मिला दें तो ये वर्ल्डवाइड 3000 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुकी है। ‘धुरंधर’ ने जहां सिनेमाघरों में 1300 करोड़ से अधिक की कमाई के साथ अपना प्रदर्शन थामा था और देश की सबसे अधिक कमाई करने वाली चौथी फिल्म बनी थी, वहीं ‘धुरंधर 2’ ने ग्लोबल लेवल पर अब तक 1700 करोड़ से अधिक की कमाई कर चुकी है।

    वहीं ‘धुरंधर 2’ ने ग्लोबल लेवल पर अब तक 1700 करोड़ से अधिक की कमाई कर चुकी है। वहीं भारतीय बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म ने अब तक 1000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। इस फिल्म के दोनों हिस्सों को मिला दें तो इसने ग्लोबल लेवल पर 3000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है।

    इस फिल्म की कास्ट की बात करें तो, Ranveer Singh के अलावा इस फिल्म में Akshaye Khanna, R. Madhavan, Arjun Rampal, Sanjay Dutt, Sara Arjun, Rakesh Bedi और Vikas Navlakha सहित कई लोग नजर आएं।

    इन फिल्मों को दी मात
    खास बात यह है कि ‘धुरंधर 2’ अभी सिनेमाघरों में चल रही है। इस तरह से ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी ने अब कमाई के मामले में बाकी अन्य फ्रेंचाइजी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है। इनमें ‘बाहुबली’, ‘पुष्पा’ और ‘केजीएफ’ जैसी बड़ी फ्रेंचाइजी फिल्में शामिल हैं।

  • डिप्टी सीएम से सीएम तक का सफर: Samrat Choudhary की नई जिम्मेदारी और बढ़ी तनख्वाह

    डिप्टी सीएम से सीएम तक का सफर: Samrat Choudhary की नई जिम्मेदारी और बढ़ी तनख्वाह


    नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Samrat Choudhary ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभाल ली है। करीब दो दशकों बाद सत्ता का समीकरण बदलता नजर आ रहा है और इसे ‘सम्राट युग’ की शुरुआत माना जा रहा है। सम्राट चौधरी को भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से नेता चुना गया, जिसके बाद उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश किया। उनके मुख्यमंत्री बनने के साथ ही राज्य की राजनीति में नई दिशा की उम्मीद जताई जा रही है।

    सैलरी और भत्तों में बदलाव
    मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी सैलरी में भी बढ़ोतरी हुई है। अब उन्हें हर महीने करीब 2 लाख 15 हजार रुपये वेतन मिलेगा। इससे पहले डिप्टी सीएम के तौर पर उनकी आय कम थी, लेकिन अब राज्य के शीर्ष पद पर पहुंचने के बाद उन्हें यह नई सैलरी और भत्ते मिलेंगे। अगर देश के अन्य मुख्यमंत्रियों से तुलना करें तो सैलरी के मामले में बिहार मध्यम स्तर पर आता है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री को सबसे ज्यादा वेतन मिलता है दिल्ली और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी बिहार से ज्यादा सैलरी पाते हैं Yogi Adityanath (उत्तर प्रदेश CM) को करीब 3.65 लाख रुपये प्रति माह मिलते हैं

    बंगला और सुरक्षा
    मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी को पटना में VVIP सरकारी आवास मिलेगा। इसके साथ ही उनकी सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। अब उनके पास हाई लेवल सुरक्षा, सरकारी वाहन और पूरा काफिला होगा। मुख्यमंत्री को सरकारी काम के लिए मुफ्त हवाई और रेल यात्रा की सुविधा मिलती है। इसके अलावा उन्हें और उनके परिवार को बेहतर मेडिकल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। Samrat Choudhary के मुख्यमंत्री बनने से बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अपने कार्यकाल में राज्य को किस दिशा में आगे बढ़ाते हैं।

  • 10वीं-12वीं का इंतजार खत्म: MP Board रिजल्ट जारी, जानिए चेक करने का आसान तरीका

    10वीं-12वीं का इंतजार खत्म: MP Board रिजल्ट जारी, जानिए चेक करने का आसान तरीका


    नई दिल्ली।मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं का रिजल्ट 2026 (MP Board Result 2026) जारी कर दिया है। बोर्ड ने आज 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे परिणाम घोषित किए, जिसका इंतजार लाखों छात्रों को था।

    इस साल करीब 16 लाख से ज्यादा छात्र बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हुए थे। रिजल्ट जारी होते ही आधिकारिक वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक देखने को मिला, जिसके चलते छात्रों को थोड़ी दिक्कत भी हो सकती है। ऐसे में वैकल्पिक तरीकों से रिजल्ट चेक करना बेहतर विकल्प माना जा रहा है।

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    ऐसे चेक करें MP Board Result 2026
    छात्र अपना रिजल्ट कई तरीकों से आसानी से देख सकते हैं।

    सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in या mpresults.nic.in पर जाएं
    “MP Board 10th/12th Result 2026” लिंक पर क्लिक करें
    अपना रोल नंबर और एप्लीकेशन नंबर दर्ज करें
    स्क्रीन पर आपका रिजल्ट दिखाई देगा, जिसे डाउनलोड भी कर सकते हैं
    इसके अलावा DigiLocker ऐप और UMANG प्लेटफॉर्म के जरिए भी डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड की जा सकती है।

    SMS और अन्य तरीकों से भी मिलेगा रिजल्ट
    अगर वेबसाइट स्लो हो जाए तो छात्र SMS के जरिए भी अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। इसके लिए मोबाइल से तय फॉर्मेट में मैसेज भेजना होता है, जिसके बाद रिजल्ट फोन पर ही मिल जाता है।

    रिजल्ट में छात्र का नाम, रोल नंबर, विषयवार अंक, कुल प्रतिशत और पास/फेल स्टेटस जैसी जानकारी दी जाती है।

    बोर्ड ने इस साल एक और बड़ा बदलाव किया है। अब सप्लीमेंट्री परीक्षा की जगह “सेकंड मेन एग्जाम” का विकल्प दिया गया है, जिससे छात्र अपने नंबर सुधार सकते हैं।

    कुल मिलाकर, MP Board का रिजल्ट छात्रों के लिए एक अहम मोड़ होता है, जो उनके आगे के करियर की दिशा तय करता है। ऐसे में सभी छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने रिजल्ट की जानकारी ध्यान से जांचें और आगे की योजना सही तरीके से बनाएं।