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  • आईएसआई से जुड़े जासूसी नेटवर्क का बड़ा भंडाफोड़, 53 खातों में पहुंचा विदेशी पैसा, एनआईए करेगी गहन जांच

    आईएसआई से जुड़े जासूसी नेटवर्क का बड़ा भंडाफोड़, 53 खातों में पहुंचा विदेशी पैसा, एनआईए करेगी गहन जांच

    गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के कौशांबी क्षेत्र से उजागर हुए जासूसी नेटवर्क ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। आईएसआई से जुड़े इस मामले में अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जांच की कमान संभालने जा रही है। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच पत्राचार शुरू हो चुका है।

    विदेशी फंडिंग का बड़ा नेटवर्क सामने आया
    एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ है कि इस नेटवर्क से जुड़े लोगों के 53 बैंक खातों में करीब 1.27 करोड़ रुपये विदेश से भेजे गए। ये खाते पंजाब, पश्चिम बंगाल और बिहार में संचालित हो रहे थे। इनमें सबसे अधिक रकम बिहार के भागलपुर से जुड़े खाते में ट्रांसफर की गई।

    रेलवे गतिविधियों की रिकॉर्डिंग भेजी गई विदेश
    जांच एजेंसियों को पता चला है कि सोनीपत रेलवे स्टेशन पर लगे कैमरे के जरिए ट्रेनों की आवाजाही की करीब आठ घंटे की वीडियो रिकॉर्डिंग तैयार कर पाकिस्तान भेजी गई। तकनीकी जांच में इस बात की पुष्टि होने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

    कई देशों तक फैला नेटवर्क
    इस जासूसी गिरोह के तार सिर्फ पाकिस्तान तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि यूके, मलेशिया और सऊदी अरब तक जुड़े पाए गए हैं। शुरुआती जांच कौशांबी थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी, जिसमें एसआईटी, खुफिया एजेंसियों और अन्य सुरक्षा संगठनों ने मिलकर काम किया।

    अब तक 29 संदिग्ध हिरासत में
    गाजियाबाद और हापुड़ से अब तक 29 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें छह नाबालिग भी शामिल हैं। इस नेटवर्क का खुलासा 14 मार्च को सुहैल मलिक और साने इरम समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हुआ। इसके बाद 20 और 21 मार्च को अन्य संदिग्ध पकड़े गए, जबकि 24 मार्च को दिल्ली, शामली और कौशांबी से तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया।

    सोशल मीडिया से हुई भर्ती और संपर्क
    जांच में सामने आया है कि गिरोह का मुख्य सदस्य समीर उर्फ शूटर ने 2023 में हथियारों के साथ अपने फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए थे। इन्हीं पोस्ट को देखकर सुहैल मलिक और नौशाद अली ने उससे संपर्क किया। बाद में उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर पाकिस्तान में बैठे सरफराज के निर्देश पर अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

    दो साल से सक्रिय था नेटवर्क, बड़ी साजिश की थी तैयारी
    जांच एजेंसियों के अनुसार, यह जासूसी नेटवर्क करीब दो साल से सक्रिय था। पाकिस्तान में बैठा सरफराज भारत में एक मजबूत जासूसी तंत्र तैयार कर रहा था, जिसका मकसद संवेदनशील जानकारियां जुटाकर भविष्य में बड़ी साजिश को अंजाम देना था। आरोपियों के मोबाइल फोन से कई संदिग्ध चैट, फोटो और वीडियो बरामद हुए हैं, जिनकी जांच जारी है।

    एनआईए करेगी आगे की विस्तृत जांच
    डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के मुताबिक, जासूसी से जुड़े सबूतों के साथ-साथ मनी ट्रेल की भी गहन जांच की जा रही है। विदेशी फंडिंग के कई अहम सुराग मिलने के बाद अब इस पूरे मामले की जांच एनआईए को सौंपने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

  • युद्ध का नया चेहरा: यूक्रेन के रोबोटों के सामने रूसी सैनिकों ने डाले हथियार, जेलेंस्की का बड़ा दावा

    युद्ध का नया चेहरा: यूक्रेन के रोबोटों के सामने रूसी सैनिकों ने डाले हथियार, जेलेंस्की का बड़ा दावा

    कीव। रूस-यूक्रेन युद्ध अब ऐसे दौर में पहुंच चुका है, जहां विज्ञान-कथा जैसी बातें हकीकत बनती नजर आ रही हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि उनकी सेना के ग्राउंड रोबोटिक सिस्टम और ड्रोन ने मिलकर एक रूसी सैन्य ठिकाने पर कब्जा कर लिया।

    रोबोटों के आगे झुके दुश्मन सैनिक
    सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस पूरे ऑपरेशन में यूक्रेन का कोई भी सैनिक सीधे तौर पर शामिल नहीं था। दुश्मन सैनिकों को रोबोटिक सिस्टम्स के सामने आत्मसमर्पण करना पड़ा। माना जा रहा है कि दुनिया के किसी भी युद्ध में इस तरह की यह पहली घटना है। हालांकि ऑपरेशन की लोकेशन का खुलासा नहीं किया गया है।

    भविष्य की जंग का संकेत
    अगर जेलेंस्की का दावा सही साबित होता है, तो यह युद्ध के बदलते स्वरूप का बड़ा उदाहरण बन सकता है। उनके सलाहकार अलेक्जेंडर कामिशिन के अनुसार आने वाले समय में अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल युद्ध की रणनीति को पूरी तरह बदल सकते हैं। फिलहाल यूक्रेन अपनी करीब 30 प्रतिशत पैदल सेना को रोबोट से बदलने की क्षमता रखता है।

    बिना सैनिक नुकसान के ऑपरेशन सफल
    राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि यह पूरा मिशन पूरी तरह मानव रहित प्लेटफॉर्म के जरिए अंजाम दिया गया। इस दौरान किसी भी यूक्रेनी सैनिक की जान जोखिम में नहीं पड़ी और बिना किसी नुकसान के दुश्मन के ठिकाने पर कब्जा कर लिया गया।

    हजारों मिशन पूरे कर चुके रोबोट
    जेलेंस्की के मुताबिक यूक्रेन के रेटेल टर्मिट, अर्दल और जमी जैसे रोबोटिक सिस्टम्स ने पिछले तीन महीनों में 22,000 से अधिक मिशनों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। उन्होंने बताया कि जहां पहले सैनिकों को खतरनाक इलाकों में भेजा जाता था, अब वहां रोबोट तैनात किए जा रहे हैं, जिससे हजारों सैनिकों की जान बचाई जा रही है।

  • श्रीशैलम का रहस्यमयी मंदिर: जहां ज्योतिर्लिंग बदलता है रंग और दिव्य सर्प करता है सुरक्षा

    श्रीशैलम का रहस्यमयी मंदिर: जहां ज्योतिर्लिंग बदलता है रंग और दिव्य सर्प करता है सुरक्षा


    नई दिल्ली । भारत के प्राचीन मंदिरों में कई ऐसे स्थान हैं जो रहस्यों और आस्था से भरे हुए हैं। ऐसा ही एक अद्भुत मंदिर आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम में स्थित है, जिसे श्री भ्रामरांबा मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर कहा जाता है। यह पवित्र धाम नल्लमाला की पहाड़ियों और कृष्णा नदी के किनारे बसा हुआ है। यह स्थान ज्योतिष और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है। यहां भगवान शिव को मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग और माता शक्ति को भ्रामरांबा शक्ति पीठ के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि यहां पुरुष और स्त्री ऊर्जा का दिव्य संगम देखने को मिलता है, जो इस स्थान को और भी विशेष बनाता है।

    ज्योतिर्लिंग का बदलता रंग

    श्रीशैलम के इस पवित्र ज्योतिर्लिंग के बारे में कहा जाता है कि यह दिन के अलग-अलग समय पर अपना रंग बदलता है। सुबह यह हल्का सफेद दिखाई देता है, दोपहर में पीला और शाम को इसमें लालिमा झलकती है। लोककथाओं के अनुसार, महाभारत काल में पांडवों ने अपने वनवास के दौरान यहां पांच गुप्त शिवलिंगों की स्थापना की थी।

    मल्लिकार्जुन नाम की पौराणिक कथा
    मल्लिकार्जुन नाम के पीछे एक रोचक कथा प्रचलित है। कहा जाता है कि देवी पार्वती ने शिवलिंग पर मल्लिका चमेली के फूल अर्पित किए थे, जिससे वह शिवलिंग सुरक्षित रहा और भगवान शिव प्रकट हुए। तभी से भगवान को मल्लिकार्जुन नाम से जाना जाता है और उन्हें चमेली के फूल चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई।

    दिव्य सर्प करता है मंदिर की रक्षा
    लोक मान्यताओं के अनुसार 16वीं सदी से एक दिव्य नाग अंपला इस मंदिर की रक्षा करता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यह सर्प अदृश्य रूप में मंदिर की परिक्रमा करता है और भक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। इसे नाग देवता का स्वरूप माना जाता है।

    दक्षिण कैलाश के रूप में प्रसिद्ध धाम
    प्राचीन ग्रंथों में इस पवित्र स्थल को दक्षिण कैलाश के नाम से वर्णित किया गया है। एक मान्यता यह भी है कि माता पार्वती ने यहां भौंरे का रूप धारण कर तपस्या की थी, जिसके कारण उन्हें भ्रामरांबा नाम से पूजा जाता है। साथ ही एक लोककथा यह भी प्रचलित है कि मंदिर के प्रवेश द्वार पर भगवान गणेश एक अदृश्य लेखा-जोखा रखते हैं, जिसमें हर भक्त के कर्म दर्ज होते हैं। मान्यता है कि यहां साधना करने से व्यक्ति की चंद्र-शक्ति और सूर्य-ऊर्जा में संतुलन आता है और जीवन में आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है।

  • हार के बाद खुलासा: KKR की नाकामी पर कप्तान अंजिक्य रहाणे का बड़ा बयान

    हार के बाद खुलासा: KKR की नाकामी पर कप्तान अंजिक्य रहाणे का बड़ा बयान

    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) का खराब प्रदर्शन जारी है। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ 32 रन की हार के बाद टीम को इस सीजन में चौथी हार झेलनी पड़ी, जबकि एक मैच बारिश के कारण बेनतीजा रहा। इस हार के बाद कप्तान अजिंक्य रहाणे ने टीम की असफलता की असली वजह साफ तौर पर बताई।
    रहाणे ने बल्लेबाजी को बताया सबसे बड़ी कमजोरी
    मैच के बाद रहाणे ने माना कि KKR की हार की सबसे बड़ी वजह बल्लेबाजी रही। उन्होंने कहा कि गेंदबाजों ने शानदार वापसी करते हुए CSK को 200 रन से नीचे रोक दिया, जो इस पिच पर अच्छा प्रयास था। लेकिन बल्लेबाजी यूनिट इसका फायदा नहीं उठा पाई।
    पावरप्ले में धीमी शुरुआत बनी हार की वजह
    KKR की पारी की सबसे बड़ी समस्या पावरप्ले में धीमी शुरुआत रही। टीम शुरुआती ओवरों में सिर्फ 36-37 रन ही बना सकी, जिससे रनचेज का दबाव लगातार बढ़ता गया। रहाणे के मुताबिक बल्लेबाजों को न तो मोमेंटम मिला और न ही कोई साझेदारी बन पाई, जो हार का मुख्य कारण बना।
    गेंदबाजों की तारीफ, लेकिन बल्लेबाजों पर सवाल
    जहां कप्तान ने गेंदबाजों के प्रदर्शन की सराहना की, वहीं बल्लेबाजी यूनिट पर सीधा सवाल उठाया। उनका कहना था कि जब गेंदबाजों ने टीम को मुकाबले में बनाए रखा, तब बल्लेबाजों को जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी।
    टीम का मनोबल बनाए रखने की अपील
    लगातार हार के बावजूद रहाणे ने खिलाड़ियों से सकारात्मक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह कठिन समय है, लेकिन टीम को हर मैच में सुधार करते हुए आगे बढ़ना होगा और आत्मविश्वास बनाए रखना होगा।
    कार्तिक त्यागी की जमकर तारीफ
    हार के बीच रहाणे ने युवा तेज गेंदबाज कार्तिक त्यागी की विशेष तारीफ की। उन्होंने कहा कि त्यागी लगातार मेहनत कर रहे हैं और 148 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे हैं, जो टीम के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
    CSK की रणनीति और मजबूत गेंदबाजी
    दूसरी ओर CSK के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने टीम की जीत पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि टीम धीरे-धीरे अपनी लय में आ रही है और खिलाड़ी अपने रोल को बेहतर तरीके से समझ रहे हैं। गेंदबाज नूर अहमद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट झटके और KKR की रनचेज को पूरी तरह रोक दिया।
    KKR का लगातार गिरता प्रदर्शन
    इस हार के साथ KKR का सीजन बेहद खराब चल रहा है। टीम 5 में से 4 मैच हार चुकी है, जबकि एक मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया है। लगातार खराब प्रदर्शन ने टीम की प्लेऑफ उम्मीदों को भी मुश्किल में डाल दिया है।

  • वैशाख अमावस्या पर रहेगा पंचक का प्रभाव, रखें विशेष सावधानी, भूलकर भी न करें ये काम

    वैशाख अमावस्या पर रहेगा पंचक का प्रभाव, रखें विशेष सावधानी, भूलकर भी न करें ये काम


    नई दिल्ली। अमावस्या तिथि पितरों की पूजा और आत्मिक शुद्धि के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन स्नान और दान करने से पुण्य लाभ प्राप्त होता है। लेकिन इस बार वैशाख अमावस्या पर पंचक का प्रभाव भी रहेगा, जिससे यह समय ज्योतिषीय दृष्टि से अधिक संवेदनशील माना जा रहा है। मान्यताओं के अनुसार इस दौरान की गई गलतियां जीवन में बाधाएं, अशांति और परेशानियां बढ़ा सकती हैं।

    17 अप्रैल को अमावस्या, पहले से चल रहे हैं पंचक

    17 अप्रैल 2026 को वैशाख अमावस्या मनाई जाएगी। पंचक 13 अप्रैल 2026 की तड़के सुबह से शुरू होकर 17 अप्रैल को दोपहर 12:02 बजे समाप्त होंगे। ऐसे में अमावस्या का स्नान-दान और पितृ कर्म पंचक के प्रभाव में संपन्न होंगे।

    इन कार्यों से बचना माना गया आवश्यक
    ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में कुछ कार्यों से बचना बेहद जरूरी है। जैसे कि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन या जनेऊ जैसे मांगलिक कार्य टालने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा दक्षिण दिशा की यात्रा से बचना भी शुभ माना गया है।

    लकड़ी, निर्माण और खरीदारी में बरतें सावधानी
    पंचक के दौरान लकड़ी या ज्वलनशील वस्तुओं की खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा पलंग या बिस्तर जैसी वस्तुएं खरीदना भी अशुभ माना जाता है। इसी तरह घर के निर्माण की शुरुआत या छत डालने का काम भी इस समय नहीं करना चाहिए।

    रात के समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह

    अमावस्या की रात को नकारात्मक शक्तियों की सक्रियता की मान्यता के चलते सुनसान जगहों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही बुजुर्गों और पितरों के सम्मान का विशेष ध्यान रखने की बात कही गई है, क्योंकि इस दिन इसका उल्लंघन अत्यंत अशुभ माना जाता है।

    शुभ फल पाने के लिए किए जाने वाले उपाय
    इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण और दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है। पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना और गंगाजल का छिड़काव करना भी सकारात्मक ऊर्जा और बाधाओं से बचाव के उपाय के रूप में बताया गया है।

  • ‘धुरंधर’ की रिकॉर्ड तोड़ कमाई, भारतीय सिनेमा में नया माइलस्टोन

    ‘धुरंधर’ की रिकॉर्ड तोड़ कमाई, भारतीय सिनेमा में नया माइलस्टोन

    नई दिल्ली। रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइज ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है, जिसे अब तक किसी भी भारतीय फिल्म सीरीज़ ने हासिल नहीं किया था। ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ की संयुक्त कमाई अब दुनियाभर में 3000 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है, जिससे यह भारत की पहली ऐसी फिल्म फ्रेंचाइज बन गई है जिसने यह ऐतिहासिक आंकड़ा छुआ है।
    ‘धुरंधर 2’ का दमदार बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन
    ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘धुरंधर 2’ ने रिलीज के 27 दिनों में भारत में करीब 1094.58 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया है। वहीं इसका इंडिया ग्रॉस कलेक्शन 1310.40 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वर्ल्डवाइड स्तर पर फिल्म ने अब तक लगभग 1718.62 करोड़ रुपये की कमाई की है।
    फिल्म अभी भी सिनेमाघरों में बनी हुई है और लगातार कमाई कर रही है, जिससे इसके आंकड़ों में और बढ़ोतरी की संभावना है।
    पहले पार्ट ने भी किया था शानदार प्रदर्शन
    फ्रेंचाइज का पहला पार्ट ‘धुरंधर’, जो 5 दिसंबर 2025 को रिलीज हुआ था, उसने भी बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन किया था। फिल्म ने वर्ल्डवाइड करीब 1307.35 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था, जबकि भारत में इसका नेट कलेक्शन 840.20 करोड़ रुपये रहा था।
    कुल मिलाकर 3000 करोड़ क्लब में एंट्री
    दोनों फिल्मों की कमाई को जोड़ने पर ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइज का कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन 3025.97 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसी के साथ यह भारतीय सिनेमा की पहली फ्रेंचाइज बन गई है जिसने 3000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया है।
    ‘बाहुबली’, ‘पुष्पा’ और ‘KGF’ को पीछे छोड़ा
    इस रिकॉर्ड के साथ ‘धुरंधर’ ने भारतीय सिनेमा की कई ब्लॉकबस्टर फ्रेंचाइज जैसे ‘बाहुबली’, ‘पुष्पा’ और ‘KGF’ को पीछे छोड़ दिया है। इंडस्ट्री में इसे अब तक का सबसे बड़ा बॉक्स ऑफिस मील का पत्थर माना जा रहा है।
    आदित्य धर का निर्देशन और स्टारकास्ट
    फिल्म का निर्देशन आदित्य धर ने किया है और इसे एक हाई-ऑक्टेन स्पाई-थ्रिलर के तौर पर पेश किया गया है। फिल्म में रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में हैं, जबकि आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, राकेश बेदी, सारा अर्जुन समेत कई कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं।

  • आध्यात्मिक अनुभव या चमत्कार? Akshay Kumar ने बताया वैष्णो देवी का खास किस्सा

    आध्यात्मिक अनुभव या चमत्कार? Akshay Kumar ने बताया वैष्णो देवी का खास किस्सा

     नई दिल्ली। बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार ने एक इंटरव्यू में अपने बचपन से जुड़ा एक ऐसा किस्सा साझा किया, जिसे वह आज भी एक आध्यात्मिक अनुभव मानते हैं। यह घटना उनके जन्म और माता-पिता की वैष्णो देवी यात्रा से जुड़ी है, जिसे वे एक तरह का “चमत्कार” बताते हैं।
    माता-पिता की मन्नत से हुआ था अक्षय का जन्म
    अक्षय कुमार के मुताबिक, उनके माता-पिता ने माता वैष्णो देवी के दरबार में संतान की मन्नत मांगी थी। उन्होंने प्रार्थना की थी कि उन्हें एक बच्चा मिले और कहा था कि वह बच्चा थोड़ा शरारती स्वभाव का हो। इस मन्नत के कुछ समय बाद ही अक्षय कुमार का जन्म हुआ।
    एक साल बाद फिर वैष्णो देवी पहुंचे थे माता-पिता
    अक्षय ने बताया कि जब वह लगभग एक साल के थे, तो उनके माता-पिता माता वैष्णो देवी का आभार व्यक्त करने के लिए दोबारा कटरा यात्रा पर गए। लेकिन इसी यात्रा के दौरान एक ऐसी घटना घटी, जिसने परिवार को गहरे संकट में डाल दिया।
    बुखार और बेहोशी की हालत में पहुंचा बच्चा
    कटरा पहुंचते ही अक्षय कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तेज बुखार हो गया, जो 103 से बढ़कर 104 डिग्री तक पहुंच गया। उस समय क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाएं भी सीमित थीं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। डॉक्टरों ने तक सलाह दी कि बच्चे को तुरंत दिल्ली ले जाया जाए।
    मां के विश्वास ने बदली कहानी
    हालात बेहद चिंताजनक होने के बावजूद अक्षय की मां ने यात्रा रोकने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर माता रानी ने यह बच्चा दिया है, तो वही उसे संभालेंगी। परिवार ने यात्रा जारी रखी और मंदिर तक पहुंचा।
    मंदिर में हुआ बदलाव, जिसे बताया चमत्कार
    अक्षय के अनुसार, मंदिर में पूजा और दर्शन के दौरान ही उनकी तबीयत में अचानक सुधार होने लगा। जब एक व्यक्ति ने उनके पिता से कहा कि बच्चा मुस्कुरा रहा है, तो परिवार ने देखा कि सच में उनके चेहरे पर मुस्कान आ गई थी। बुखार भी अचानक सामान्य हो गया।

  • करोड़ों के मालिक Salman Khan फिर भी रहते हैं सादगी से, 22 साल पुराना खुलासा

    करोड़ों के मालिक Salman Khan फिर भी रहते हैं सादगी से, 22 साल पुराना खुलासा


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान आज इंडस्ट्री के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा फीस लेने वाले एक्टर्स में से एक हैं। एक फिल्म के लिए करोड़ों रुपये चार्ज करने और रियलिटी शो बिग बॉस से सालाना भारी कमाई के बावजूद सलमान खान आज भी मुंबई के एक साधारण दो बेडरूम के अपार्टमेंट में रहते हैं। उनके इस फैसले को लेकर अक्सर फैंस हैरान रहते हैं, लेकिन इसके पीछे उनकी अपनी सोच और जीवनशैली का बड़ा कारण है।
    साधारण जीवन जीना पसंद करते हैं सलमान खान
    सलमान खान कई इंटरव्यू में बता चुके हैं कि उन्हें अपने परिवार के बेहद करीब रहना पसंद है। वे अपने माता-पिता के साथ समय बिताना ज्यादा जरूरी मानते हैं, इसलिए उन्होंने कभी बड़े और आलीशान घर की तरफ खास ध्यान नहीं दिया। उनका मानना है कि उन्हें ज्यादा लग्जरी की जरूरत नहीं है।
    22 साल पुराना बयान बना चर्चा का कारण
    साल 2004 में फिल्म ‘मुझसे शादी करोगी’ के सेट पर दिए गए एक इंटरव्यू में सलमान खान ने अपने छोटे घर में रहने की असली वजह बताई थी। उन्होंने कहा था कि वे आज भी दो बेडरूम के अपार्टमेंट में इसलिए रहते हैं क्योंकि अगर भविष्य में उनका काम नहीं चला, तो उनके पास कम से कम एक सुरक्षित घर तो रहेगा। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कहा था कि उन्हें ज्यादा जरूरत नहीं है, बस एक साइकिल काफी है।
    उनका यह बयान अब फिर से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग उनकी सादगी पर चर्चा कर रहे हैं।
    फिल्मों को लेकर भी रखी थी बेबाक राय
    इसी इंटरव्यू में सलमान खान ने अपनी कुछ सुपरहिट फिल्मों जैसे ‘तेरे नाम’ और ‘करण अर्जुन’ पर भी मजाकिया अंदाज में बात की थी। उन्होंने कहा था कि कई बार उन्हें लगता है कि इन फिल्मों में उन्होंने ज्यादा कुछ खास नहीं किया, बल्कि पूरी मेहनत डायरेक्टर और टीम की थी। फिर भी दर्शकों ने उनके किरदारों को खूब पसंद किया।
    सलमान का कहना था कि कभी-कभी कम मेहनत के बावजूद तारीफ मिल जाती है, जबकि कई बार पूरी मेहनत के बाद भी उतनी सराहना नहीं मिलती।
    वर्क फ्रंट पर क्या चल रहा है?
    फिलहाल सलमान खान कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। उनकी आने वाली फिल्म ‘मातृभूमि’ चर्चा में है, जिसकी कुछ शूटिंग दोबारा की गई है। इसके अलावा वे एक एक्शन फिल्म में भी नजर आएंगे, जिसे साउथ के मशहूर निर्देशक वामशी पेडिपल्ली बना रहे हैं और दिल राजू इसका निर्माण कर रहे हैं। इस फिल्म में नयनतारा के भी उनके साथ नजर आने की संभावना है और इसे अगले साल ईद पर रिलीज करने की तैयारी है।

  • अंडमान सागर में पलटी बांग्लादेशियों-रोहिंग्याओं से भरी नाव… 250 लोगों के डूबने की आशंका

    अंडमान सागर में पलटी बांग्लादेशियों-रोहिंग्याओं से भरी नाव… 250 लोगों के डूबने की आशंका


    पोर्ट ब्लेयर।
    संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने मंगलवार को बताया कि अंडमान सागर (Andaman Sea.) में बांग्लादेशी नागरिकों (Bangladeshi citizens) और रोहिंग्या शरणार्थियों (Rohingya refugees) को ले जा रही एक नाव पलटने से बच्चों समेत करीब 250 लोगों के लापता होने की आशंका है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) ने एक बयान में कहा, “यह नाव (ट्रॉलर) दक्षिणी बांग्लादेश के टेकनाफ से रवाना हुई थी और मलेशिया जा रही थी। बताया जा रहा है कि तेज़ हवाओं, समुद्र में उफान और नाव में क्षमता से ज़्यादा लोगों के होने के कारण यह डूब गई।” नाव पर सवार लोगों के डूबने की आशंका जताई जा रही है।

    म्यांमार के सताए हुए मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय, रोहिंग्या के हज़ारों लोग हर साल अपने देश में हो रहे दमन और गृहयुद्ध से बचने के लिए समुद्र के रास्ते अपनी जान जोखिम में डालकर भागते हैं। अक्सर वे कामचलाऊ नावों का इस्तेमाल करते हैं। नाव पर सवार रोहिंग्या लोग संभवतः बांग्लादेश के कॉक्स बाज़ार में बने विशाल शिविरों से निकल रहे थे। इन शिविरों में दस लाख से ज़्यादा ऐसे शरणार्थी रहते हैं, जिन्हें म्यांमार के पश्चिमी राज्य रखाइन से भागने पर मजबूर होना पड़ा था। ये लोग यहाँ बेहद खराब हालात में गुज़ारा करते हैं।


    नाव में 280 लोग सवार थे

    रखाइन राज्य में सेना और ‘अराकान आर्मी’ (एक जातीय अल्पसंख्यक विद्रोही समूह) के बीच इलाके पर कब्ज़े को लेकर ज़बरदस्त लड़ाई होती रही है। इस ताज़ा घटना के पीछे की सही वजहें अभी साफ नहीं हैं, लेकिन शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस नाव में 280 लोग सवार थे और यह 4 अप्रैल को बांग्लादेश से रवाना हुई थी। UNHCR के बयान में कहा गया, “यह दुखद घटना लंबे समय से चले आ रहे विस्थापन के गंभीर नतीजों और रोहिंग्या लोगों के लिए किसी स्थायी समाधान के न होने को दर्शाती है।”


    पिछले साल भी दो नाव डूबी थी

    बयान में यह भी कहा गया कि यह घटना “म्यांमार में विस्थापन की मूल वजहों को दूर करने और ऐसे हालात बनाने के लिए तुरंत ज़रूरी प्रयासों की याद दिलाती है, ताकि रोहिंग्या शरणार्थी अपनी मर्ज़ी से, सुरक्षित और सम्मान के साथ अपने घर लौट सकें।” अंडमान सागर म्यांमार, थाईलैंड और मलय प्रायद्वीप के पश्चिमी तटों के साथ-साथ फैला हुआ है। पिछले साल UNHCR ने बताया था कि मई महीने में म्यांमार के तट के पास दो नाव दुर्घटनाओं में समुद्र में 427 रोहिंग्या लोगों के मारे जाने की आशंका थी।

  • ईरान युद्ध से धीमी हुई विश्व की आर्थिक गति… IMF ने घटाया वृद्धि दर का अनुमान.. महंगाई बढ़ने का आशंका

    ईरान युद्ध से धीमी हुई विश्व की आर्थिक गति… IMF ने घटाया वृद्धि दर का अनुमान.. महंगाई बढ़ने का आशंका


    वॉशिंगटन।
    अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) (International Monetary Fund (IMF) ने मंगलवार को कहाकि ईरान युद्ध (Iran War) ने इस वर्ष विश्व की आर्थिक गति (World Economic Dynamics) को धीमा कर दिया है। इसके चलते 2025 की तुलना में वृद्धि दर में गिरावट आने की आशंका है। आईएमएफ ने वैश्विक वृद्धि के अपने अनुमान को घटाकर 2026 के लिए 3.1 फीसदी कर दिया है। इससे पहले जनवरी महीने में इसके 3.3 फीसदी रहने की संभावना जताई गई थी। यह 2025 में अनुमानित 3.4 प्रतिशत वृद्धि से धीमी होगी।

    बढ़ गईं तेल और गैस की कीमतें
    ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों, ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने और पड़ोसी देशों में तेल रिफाइनरियों और अन्य ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर जवाबी हमलों के कारण दुनिया भर में तेल एवं गैस की कीमतों में तेजी आई है। इसके परिणामस्वरूप, आईएमएफ ने इस साल वैश्विक मुद्रास्फीति के अपने अनुमान को बढ़ाकर 4.4 फीसदी कर दिया है, जबकि जनवरी में इसके 3.8 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया था। वहीं 2025 के लिए यह 4.1 फीसदी था।


    युद्ध पहले तक सब सही था

    युद्ध से पहले तक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संरक्षणवादी नीतियों के बावजूद विश्व अर्थव्यवस्था ने आश्चर्यजनक रूप से मजबूती दिखाई थी। इन नीतियों ने दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और कभी आयात के लिए लगभग पूरी तरह से खुला बाजार रहे अमेरिका के चारों ओर आयात कर की दीवार खड़ी कर दी थी। लेकिन इससे नुकसान कम हुआ। इसका एक कारण यह भी था कि पिछले साल ट्रंप द्वारा घोषित शुल्क मूल रूप से कम थे।


    क्या बोले आईएमएफ चीफ

    डेटा केंद्रों और कृत्रिम मेधा में भारी निवेश के साथ प्रौद्योगिकी क्षेत्र में तेजी और बढ़ती उत्पादकता ने भी विश्व अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दिया। आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री पियरे-ओलिवियर गौरिंचास ने मुद्राकोष के नवीनतम विश्व आर्थिक परिदृश्य के साथ ब्लॉग पोस्ट में लिखा कि पश्चिम एशिया में युद्ध ने इस गति को रोक दिया है। गौरिंचास ने लिखा कि आईएमएफ का यह मानना था कि फारस की खाड़ी में संघर्ष अल्पकालिक होगा और इस वर्ष ऊर्जा की कीमतों में 19 फीसदी की हल्की वृद्धि होगी।

    उन्होंने आगे चेताया कि हालांकि इससे कहीं अधिक खराब हो सकते हैं। एक सीरियस सिनैरियो में, जिसमें ऊर्जा संकट अगले साल तक जारी रहता है और केंद्रीय बैंकों को मुद्रास्फीति से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ता है, वैश्विक वृद्धि 2026 और 2027 में घटकर दो फीसदी हो सकती है। उन्होंने कहाकि अस्थायी युद्धविराम की हाल की खबरों के बावजूद, कुछ नुकसान पहले ही हो चुका है और आगे के जोखिम अभी भी बहुत अधिक हैं।


    अमेरिका का क्या हाल

    आईएमएफ ने इस साल अमेरिका की वृद्धि दर के अपने अनुमान को थोड़ा घटाकर 2.3 फीसदी कर दिया है। मुद्राकोष के अनुमान के अनुसार, यूरो मुद्रा साझा करने वाले 21 यूरोपीय देश इस साल सामूहिक रूप से 1.1 फीसदी की वृद्धि हासिल करेंगे, जो 2025 के 1.4 फीसदी से कम है। यूरोप प्राकृतिक गैस की बढ़ती कीमतों से बुरी तरह प्रभावित है। सबसे ज्यादा प्रभावित होने की संभावना उन कर्ज में डूबे गरीब देशों की है जो ऊर्जा आयात करते हैं और सरकारी खर्च और कर राहत बढ़ाकर अपनी अर्थव्यवस्थाओं को सहारा देने में असमर्थ हैं।

    रूस पर ज्यादा असर नहीं
    इस संघर्ष से उभरने वाले एक प्रमुख देश रूस है, जो ऊर्जा निर्यातक होने के नाते उच्च कीमतों से लाभान्वित होगा। 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद प्रतिबंधों से बुरी तरह प्रभावित रूसी अर्थव्यवस्था के लिए आईएमएफ ने अपने अनुमान को बढ़ाकर 1.1 फीसदी कर दिया है, जो अभी भी मामूली है।