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  • पंजाब में कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल: ड्यूटी पर जा रहे ASI जोगा सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, हमलावर फरार

    पंजाब में कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल: ड्यूटी पर जा रहे ASI जोगा सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, हमलावर फरार


    नई दिल्ली । पंजाब के मजीठा इलाके में रविवार सुबह हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। ड्यूटी पर जा रहे पंजाब पुलिस के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर जोगा सिंह की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद इलाके में भय और तनाव का माहौल बन गया है।
    शुरुआती जानकारी के अनुसार, जोगा सिंह सुबह करीब छह बजे अपने स्कूटर पर अमृतसर की ओर ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे। बताया जा रहा है कि जैसे ही वह मजीठा के पास पहुंचे, तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया और बेहद करीब से फायरिंग कर दी। अचानक हुए इस हमले में उन्हें दो गोलियां लगीं, जिनमें एक छाती और दूसरी कमर के पास लगी। गंभीर रूप से घायल होने के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर तेजी से मौके से फरार हो गए।

    इस वारदात की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई। फॉरेंसिक टीम ने मौके से अहम साक्ष्य जुटाए हैं और खाली कारतूस भी बरामद किए गए हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा।

    मृतक ASI जोगा सिंह लंबे समय से पुलिस विभाग में सेवाएं दे रहे थे और अपने शांत स्वभाव तथा ईमानदार कार्यशैली के लिए जाने जाते थे। उनके अचानक हुए निधन से परिवार के साथ-साथ पुलिस महकमे में भी शोक की लहर दौड़ गई है। गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोगों ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह खुलेआम पुलिस अधिकारी की हत्या होना कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है।

    घटना के बाद पुलिस ने इलाके में बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और सीमावर्ती इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों को जल्द पकड़ लिया जाएगा और इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हत्या के पीछे की असली वजह साफ नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस निजी रंजिश, आपराधिक गतिविधियों और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

    इस घटना ने एक बार फिर राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस कर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोगों के बीच भी डर का माहौल देखने को मिल रहा है। लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस अब इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने में जुटी हुई है ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कानून के कठघरे में खड़ा किया जा सके।

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  • आंधी के आसार के बीच तपिश बरकरार, ग्वालियर में बढ़ी मुश्किलें

    आंधी के आसार के बीच तपिश बरकरार, ग्वालियर में बढ़ी मुश्किलें


    मध्यप्रदेश। ग्वालियर शहर इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है, जहां तापमान लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। रविवार को सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया। सुबह 5:30 बजे जहां तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, वहीं मात्र तीन घंटे के भीतर यानी 8:30 बजे तक यह बढ़कर 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि दिन चढ़ने के साथ गर्मी और भी अधिक तीव्र रूप ले रही है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो इस सीजन के सबसे गर्म दिनों में से एक रहा। वहीं रविवार को न्यूनतम तापमान भी 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे रातों में भी राहत नहीं मिल पा रही है। लगातार बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।

    हवाओं में नमी की कमी के कारण गर्मी और अधिक तीखी महसूस की जा रही है। लोगों को अधिक प्यास लग रही है और पानी की खपत में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दोपहर के समय स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि शहर की प्रमुख सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग केवल अत्यंत आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

    मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि शाम के समय आंधी चलने की संभावना है, लेकिन इससे तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। विभाग का अनुमान है कि अगले एक सप्ताह तक गर्मी से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है और पारा और भी बढ़ सकता है।

    भीषण गर्मी का असर न केवल इंसानों पर बल्कि पशु-पक्षियों पर भी देखने को मिल रहा है। ग्वालियर चिड़ियाघर में जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। उनकी डाइट में पानी से भरपूर फल और सब्जियां बढ़ाई गई हैं, साथ ही बाड़ों में पर्याप्त पानी और ठंडक की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। कुल मिलाकर, ग्वालियर में गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है और आने वाले दिनों में राहत की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

  • ग्वालियर में किराएदार पर रेप का आरोप, घर में बुलाकर की वारदात

    ग्वालियर में किराएदार पर रेप का आरोप, घर में बुलाकर की वारदात


    मध्यप्रदेश।  ग्वालियर शहर के झांसी रोड थाना क्षेत्र स्थित नाका चंद्रवदनी इलाके में उस समय सनसनी फैल गई जब एक शादीशुदा महिला के साथ उसके ही पड़ोसी किराएदार द्वारा दुष्कर्म किए जाने का गंभीर मामला सामने आया। यह घटना न केवल इलाके में भय का माहौल पैदा कर गई है, बल्कि किराएदार और मकान मालिक के बीच बने भरोसे के रिश्ते पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।

    पुलिस के अनुसार, 29 वर्षीय पीड़िता अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहती है और घरों में खाना बनाने का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती है। उसी मकान के दूसरे हिस्से में विजय सोनी नाम का युवक भी किराए पर रहता था। एक ही मकान में रहने के कारण दोनों परिवारों के बीच सामान्य मेल-जोल था और इसी भरोसे का आरोपी ने गलत फायदा उठाया।

    पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में बताया गया कि शनिवार रात आरोपी विजय सोनी ने उसे किसी काम का बहाना बनाकर अपने कमरे में बुलाया। महिला बिना किसी शक के वहां पहुंच गई, लेकिन थोड़ी ही देर में हालात बदल गए। बातचीत के दौरान आरोपी ने अचानक महिला के साथ जबरदस्ती शुरू कर दी।

    जब महिला ने विरोध किया और खुद को बचाने की कोशिश की तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की, थप्पड़ मारा और उसका मुंह दबाकर उसे चुप करा दिया। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने करीब रात 1:30 बजे से लेकर तड़के 4 बजे के बीच लगातार उसके साथ दुष्कर्म किया।

    घटना के बाद भी आरोपी का क्रूर व्यवहार खत्म नहीं हुआ। जब महिला अपने कमरे में जाने लगी तो उसे रोककर धमकाया गया कि अगर उसने किसी को इस घटना के बारे में बताया या पुलिस में शिकायत की तो उसे जान से मार दिया जाएगा। इस धमकी से डरी महिला किसी तरह सुबह अपने पति को पूरी घटना बताने में सफल रही।

    इसके बाद पीड़िता अपने पति के साथ झांसी रोड थाने पहुंची और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी विजय सोनी के खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। वहीं वारदात के बाद से आरोपी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश और भय का माहौल है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • ठगी के आरोप में अनोखा फैसला, पड़ोसी युवक से कराई गई शादी

    ठगी के आरोप में अनोखा फैसला, पड़ोसी युवक से कराई गई शादी


    मध्यप्रदेश।  ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र के नाका चंद्रवदनी इलाके में शादी के नाम पर बड़े ठगी गिरोह का खुलासा हुआ है। एक निजी अस्पताल में काम करने वाले रतन शर्मा को गरीब परिवार की लड़की बताकर शादी के लिए फंसाया गया, जबकि दुल्हन पहले से शादीशुदा निकली।
    सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जिस व्यक्ति ने खुद को भाई बताकर कन्यादान कराया, वही दुल्हन का असली पति निकला।

    7 मई को हुई शादी, 7 लाख रुपए खर्च कर बनाया गया फर्जी रिश्ता
    पीड़ित रतन शर्मा की शादी 7 मई 2026 को पाटनकर चौराहा स्थित एक होटल में हिंदू रीति-रिवाज से कराई गई थी। इस शादी में करीब 7 लाख रुपए खर्च हुए। शादी से पहले 27 अप्रैल को गोद भराई की रस्म भी कराई गई, जिसमें आरोपी खुद को लड़की का भाई बताकर शामिल हुआ।

    फर्जी परिवार ने निभाई रस्में, कन्यादान भी निकला धोखा
    शादी में दुल्हन की मां बनकर आरोपी की मां माया देवी ने कन्यादान किया, जबकि अन्य सदस्य भी नकली रिश्तेदार बनकर मौजूद रहे। शादी के बाद दुल्हन को ससुराल लाया गया और सब कुछ सामान्य लग रहा था।

    व्हाट्सऐप चैट से खुला राज, असली पति निकला पड़ोसी का साथी
    शक होने पर जब रतन ने पत्नी का मोबाइल चेक किया तो व्हाट्सऐप चैट से पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। पता चला कि कन्यादान कराने वाला सोनू उर्फ अजय चौहान ही दुल्हन का असली पति है और दोनों ने पहले ही आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह कर लिया था।

    जेवर और नकदी लूटने की साजिश का आरोप
    पीड़ित परिवार का कहना है कि यह पूरा गिरोह शादी के बहाने जेवर और नकदी ठगने की साजिश में था। मामले का खुलासा होने पर दुल्हन को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    7 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
    पुलिस ने दुल्हन राधा उर्फ दीक्षा, उसके असली पति सोनू उर्फ अजय चौहान सहित 7 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह पहले भी इसी तरह की ठगी कर चुका है, और अब सभी आरोपियों की तलाश की जा रही है।

    फर्जी शादी गिरोह पर उठे सवाल
    इस घटना ने एक बार फिर शादी के नाम पर हो रही ठगी और संगठित गिरोहों की सक्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

  • नेत्र और त्वचा दान के साथ देहदान अभियान ने दिखाई नई दिशा

    नेत्र और त्वचा दान के साथ देहदान अभियान ने दिखाई नई दिशा


    मध्यप्रदेश।  मध्यप्रदेश की इंदौर नगरी एक बार फिर मानवता की मिसाल बनकर सामने आई है। शहर में 11 मई से 20 मई के बीच 10 दिनों में 9 लोगों ने देहदान कर समाज को प्रेरित किया है।

    इनमें रमेश बिल्लोरे, जीवनसिंह गिल, शंकरलाल यादव, महेंद्र केकरे, हेमलता नाहर, रामचंद्र जैसवानी, शैला चौरड़िया, शिशुपाल जुनेजा और हेमंत चौहान जैसे नाम शामिल हैं। इन सभी मामलों में परिजनों ने मृत्यु के बाद अपने प्रियजनों के शरीर को मेडिकल शिक्षा और शोध कार्य के लिए समर्पित कर दिया।

    देहदान से पहले नेत्र और त्वचा दान, कई लोगों को मिला नया जीवन
    देहदान से पहले सभी मामलों में नेत्र और त्वचा दान भी किया गया, जिससे जरूरतमंद मरीजों को नई रोशनी और जीवन का सहारा मिला। यह पहल मानव सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसके बाद देह को मेडिकल कॉलेजों और शोध संस्थानों को सौंपा गया, ताकि भविष्य के डॉक्टरों को अध्ययन में सहायता मिल सके।

    देहदान में पुलिस का ‘गार्ड ऑफ ऑनर’, सम्मान के साथ अंतिम विदाई
    मध्यप्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार सभी देहदानों के दौरान पुलिस द्वारा ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया, जिससे दिवंगतों को सम्मानजनक विदाई दी गई। हालांकि एक मामले में शैला चौरड़िया के परिजनों ने सादगी को प्राथमिकता देते हुए यह सम्मान लेने से इनकार किया।

    मेडिकल संस्थानों और संगठनों की अहम भूमिका
    इस पूरी प्रक्रिया में एमजीएम मेडिकल कॉलेज, श्री अरविंदो मेडिकल कॉलेज, इंडेक्स मेडिकल कॉलेज, एम वाय अस्पताल, शंकरा आई बैंक, एमके इंटरनेशनल आई बैंक सहित कई संस्थानों ने सहयोग दिया। सामाजिक संगठन मुस्कान ग्रुप सहित अन्य संस्थाओं ने भी लगातार जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को देहदान के लिए प्रेरित किया।

    एक दशक में 350 से अधिक देहदान, बढ़ी सामाजिक जागरूकता
    इंदौर में पिछले 10 वर्षों में 350 से अधिक देहदान दर्ज किए गए हैं। हाल ही में ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ की व्यवस्था लागू होने के बाद देहदान की संख्या में तीन गुना वृद्धि देखी गई है। अब देहदान और अंगदान करने वाले परिवारों को राष्ट्रीय पर्वों जैसे 26 जनवरी और 15 अगस्त पर भी सम्मानित करने की योजना है।

    मानवता का संदेश
    देहदान केवल एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि यह मानव सेवा, संवेदनशीलता और समाज के प्रति समर्पण का प्रतीक बन चुका है। इंदौर का यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
  • कॉकरोच जनता पार्टी’ पर भड़के रैपर सैंटी शर्मा, बोले- देश को इंटरनेट ड्रामा नहीं, असली मुद्दों पर बहस चाहिए

    कॉकरोच जनता पार्टी’ पर भड़के रैपर सैंटी शर्मा, बोले- देश को इंटरनेट ड्रामा नहीं, असली मुद्दों पर बहस चाहिए

    नई दिल्ली । सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ट्रेंड को लेकर अब विवाद और भी गहरा गया है। इस पूरे मामले में चर्चित रैपर और गीतकार सैंटी शर्मा ने खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस वायरल ट्रेंड को गंभीर राजनीतिक आंदोलन मानने से इनकार करते हुए इसे “इंटरनेट ड्रामा” करार दिया है। साथ ही उन्होंने इसके पीछे काम कर रहे लोगों और उनके इरादों पर भी सवाल उठाए हैं।

    सैंटी शर्मा का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की भावनाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी बिना किसी तथ्य की जांच किए इंटरनेट पर चल रहे ट्रेंड्स को आंख बंद करके फॉलो करने लगी है, जो समाज और देश दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है। उनके मुताबिक, किसी भी आंदोलन या विचारधारा को समझने से पहले उसकी पृष्ठभूमि और उद्देश्य को जानना बेहद जरूरी है।

    रैपर ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि असली सामाजिक मुद्दों पर काम करने के बजाय सोशल मीडिया के जरिए केवल नैरेटिव तैयार किया जा रहा है। सैंटी शर्मा ने कहा कि अगर कोई खुद को राष्ट्रवादी बताता है, तो उसे रोजगार, शिक्षा, विकास, तकनीक और राष्ट्रीय एकता जैसे विषयों पर काम करना चाहिए, न कि केवल इंटरनेट पर आक्रोश फैलाना चाहिए।

    उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को उग्र विरोध और सड़क राजनीति की ओर धकेलना सही नहीं है। सैंटी शर्मा के अनुसार लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल की आलोचना की जा सकती है, लेकिन देश को केवल विरोध और गुस्से की राजनीति से आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लगातार नफरत और भड़काऊ माहौल तैयार करने से समाज में अस्थिरता बढ़ती है और इससे देश के विकास पर असर पड़ता है।

    सैंटी शर्मा ने सोशल मीडिया पर सक्रिय कुछ संदिग्ध अकाउंट्स को लेकर भी चिंता जाहिर की। उनका कहना है कि कई बार ऐसे ट्रेंड्स को बाहरी ताकतों और देश विरोधी सोच रखने वाले अकाउंट्स से भी समर्थन मिलता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी वायरल अभियान का हिस्सा बनने से पहले उसकी सच्चाई को जरूर परखें।

    इस पूरे विवाद के बाद लोग यह जानना भी चाहते हैं कि आखिर सैंटी शर्मा कौन हैं। मध्य प्रदेश के रतलाम से आने वाले सैंटी शर्मा का असली नाम गणेश शर्मा है। उन्होंने देसी हिप-हॉप और रैप म्यूजिक की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। साल 2014 के आसपास उन्होंने अपने संगीत करियर की शुरुआत की थी। शुरुआती दौर में उनके स्वतंत्र गानों ने युवाओं के बीच अच्छी लोकप्रियता हासिल की। बाद में उन्होंने कमर्शियल म्यूजिक की दुनिया में भी कदम रखा और कई चर्चित रैप ट्रैक्स दिए।

    अपने अनोखे अंदाज और बेबाक बयानों की वजह से सैंटी शर्मा अक्सर चर्चा में रहते हैं। इससे पहले भी वह कई विवादित मुद्दों पर अपनी राय रख चुके हैं। हाल ही में उन्होंने संगीत इंडस्ट्री से जुड़े एक विवाद में भी खुलकर प्रतिक्रिया दी थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी काफी चर्चा हुई थी।

    फिलहाल, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर दिया गया उनका बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ लोग उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल उठाने वाला बयान बता रहे हैं। हालांकि सैंटी शर्मा का साफ कहना है कि भारत को इंटरनेट पर फैलने वाले आक्रोश से ज्यादा रचनात्मक बहस और समाधान आधारित सोच की जरूरत है।

  • सड़क हादसे के बाद भिड़े दो पक्ष, लात-घूंसे चले, पुलिस जांच में जुटी

    सड़क हादसे के बाद भिड़े दो पक्ष, लात-घूंसे चले, पुलिस जांच में जुटी


    मध्यप्रदेश। इंदौर के तुकोगंज थाना क्षेत्र स्थित रेसकोर्स रोड के पास शनिवार देर रात दो बाइकों की टक्कर के बाद मामला अचानक हिंसक हो गया। टक्कर के बाद दोनों पक्षों के युवक आपस में भिड़ गए और सड़क पर ही लात-घूंसे चलने लगे।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद रॉन्ग साइड से बाइक टकराने को लेकर शुरू हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। काफी देर तक सड़क पर हंगामा चलता रहा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अब वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।

    गंग वाल बस स्टैंड पर शराबी युवकों का हंगामा, बैरिकेड तोड़कर भागने की कोशिश
    इसी दौरान इंदौर के गंगवाल बस स्टैंड इलाके में शनिवार देर रात पुलिस द्वारा शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। करीब डेढ़ बजे गुजरात नंबर की एक कार में सवार चार युवकों ने अचानक बैरिकेड तोड़कर भागने की कोशिश की।

    हालांकि पुलिस ने पीछा कर कुछ दूरी पर ही कार को रोक लिया और सभी युवकों को पकड़ लिया। मौके पर थाना प्रभारी और पुलिस बल पहुंचा और युवकों को थाने ले जाया गया। इस दौरान युवकों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए हंगामा किया और आरोप लगाया कि उन्हें गलत तरीके से रोका गया है। कुछ लोगों ने इस घटना का वीडियो भी बनाया, लेकिन बाद में जब शराब पीकर वाहन चलाने की पुष्टि हुई तो वे वहां से हट गए।

    पुलिस ने सभी आरोपियों को छत्रीपुरा थाने भेजकर उनके खिलाफ शराब पीकर वाहन चलाने और प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्रवाई की है।इंदौर में एक ही रात में दो अलग-अलग घटनाओं सड़क पर मारपीट और नशे में वाहन चलाने ने सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब दोनों मामलों की विस्तृत जांच में जुटी है।

  • जन्मदिन मनाने जा रहे दोस्तों की कार पलटी, सांवरिया सेठ यात्रा बनी हादसा

    जन्मदिन मनाने जा रहे दोस्तों की कार पलटी, सांवरिया सेठ यात्रा बनी हादसा


    मध्यप्रदेश। उज्जैन जिले में इंदौर रोड पर शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें जन्मदिन और धार्मिक यात्रा पर निकले दोस्तों का सफर मातम में बदल गया। सांवरिया सेठ के दर्शन के लिए इंदौर से रवाना हुए 8 युवकों की कार नाराखेड़ा क्षेत्र में अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

    जानकारी के अनुसार, सभी युवक 25 तारीख को जन्मदिन मनाने और दर्शन करने के उद्देश्य से इंदौर से रवाना हुए थे। लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र में पहुंचते ही यह भीषण हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि सड़क पर अंधेरा था और आगे एक मृत गाय पड़ी हुई थी, साथ ही निर्माण कार्य भी चल रहा था। इसी दौरान चालक ने वाहन को साइड में लेने की कोशिश की, जिससे कार संतुलन खो बैठी और पलट गई।

    हादसे में ग्राम मांगलिया लसुड़िया मोरी निवासी 18 वर्षीय विशाल परिहार की मौत हो गई। विशाल इंदौर की एक कैफे में शेफ के रूप में काम करता था और अपने परिवार का सहारा था। उसके परिवार में एक बहन और बड़ा भाई है, जो वर्तमान में जेल में बंद बताया जा रहा है। पिता पचोर के रहने वाले हैं, जबकि परिवार इंदौर में रह रहा है।

    इस दुर्घटना में निलेश, पीयूष, चंदन, जीवन, ओम, आयुष और मिलन घायल हुए हैं। इनमें से निलेश और पीयूष की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर कर दिया गया है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को अस्पताल भिजवाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और रात के समय हाईवे पर सावधानी की जरूरत को उजागर करता है, जहां छोटी सी चूक भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन जाती है।

  • इंदौर में दंपती के शव मिलने से सनसनी, हत्या के बाद आत्महत्या की आशंका

    इंदौर में दंपती के शव मिलने से सनसनी, हत्या के बाद आत्महत्या की आशंका


    मध्यप्रदेश। इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र के मेघदूत नगर में रविवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक दंपती के शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पहले पति ने अपनी पत्नी की हत्या की और फिर जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

    घटना का खुलासा उस समय हुआ जब सुबह घर से लगातार एक मासूम बच्ची के रोने की आवाज आ रही थी। पड़ोसियों को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां पति-पत्नी दोनों मृत अवस्था में पाए गए।

    पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान हल्के वीर पटेल और उनकी पत्नी रोशनी के रूप में हुई है। दंपती की एक छोटी बेटी भी है, जो घटना के समय घर में मौजूद थी। हल्के वीर पटेल पीथमपुर की एक पेस्टिसाइड कंपनी में कार्यरत था और परिवार मूल रूप से होशंगाबाद का रहने वाला बताया जा रहा है।

    जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था। पुलिस के मुताबिक पत्नी के कथित प्रेम संबंध पीथमपुर निवासी सतीश साहू से थे, जिसकी जानकारी पति को हो गई थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा था।

    बताया जा रहा है कि घटना से एक दिन पहले भी हल्के वीर अपने एक रिश्तेदार के साथ सतीश साहू से मिलने गया था। इसके बाद रविवार सुबह यह दर्दनाक घटना सामने आई।

    पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें पति ने पत्नी पर धोखा देने और दूसरे व्यक्ति से संबंध होने का आरोप लगाया है। नोट में यह भी लिखा गया है कि दोनों ने जहर खाकर जान दी है और बेटी की जिम्मेदारी उसकी साली को दी जाए। साथ ही संपत्ति बेटी के 18 वर्ष की होने पर उसे सौंपने की बात भी लिखी गई है।

    हालांकि पुलिस जांच में एक अहम सवाल भी सामने आया है। सुसाइड नोट में जहर खाने की बात लिखी गई है, लेकिन पत्नी रोशनी के गले पर चोट के निशान मिले हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि उसकी गला घोंटकर हत्या की गई हो सकती है।

    पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल यह मामला घरेलू विवाद, शक और रिश्तों में तनाव से जुड़ा एक गंभीर अपराध बनकर सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया है।

  • इंदौर में पानी संकट पर बवाल, ‘पानी दो-पानी दो’ के नारे लगाकर चक्काजाम

    इंदौर में पानी संकट पर बवाल, ‘पानी दो-पानी दो’ के नारे लगाकर चक्काजाम


    मध्यप्रदेश। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में भीषण गर्मी के बीच पानी की किल्लत अब जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। शहर के कई वार्डों और कॉलोनियों में हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि लोग पिछले चार दिनों से नहाने तक के लिए पानी नहीं जुटा पा रहे हैं। इसी के विरोध में शुक्रवार को कई इलाकों में जोरदार प्रदर्शन और चक्काजाम देखने को मिला।

    पालदा चौराहे पर कांग्रेस पार्षद कुणाल सोलंकी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में रहवासी सड़क पर उतर आए और “पानी दो-पानी दो” के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम प्रशासन, टैंकर व्यवस्था और नर्मदा लाइन की धीमी सप्लाई को लेकर नाराजगी जताई। इस दौरान सड़क पर लंबा जाम लग गया और कई घंटों तक सिटी बसों में यात्री फंसे रहे।

    इसी तरह दीनदयाल उपाध्याय चौराहा और सुखलिया जोन-5 क्षेत्र में भी स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कई इलाकों में पहले जो निःशुल्क पानी वितरण व्यवस्था थी, उसे बंद कर दिया गया है, जिससे संकट और बढ़ गया है। लोगों को अब मजबूरी में महंगे दामों पर पानी खरीदना पड़ रहा है।

    वार्ड-27 में पार्षद राजू भदौरिया के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। यहां भी महापौर और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। लोगों का कहना है कि पानी की आपूर्ति नियमित नहीं है और टैंकर भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं कराए जा रहे।

    इससे पहले भी कांग्रेस ने शहर के सभी 22 जोनल कार्यालयों पर पानी संकट को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। कई इलाकों में लोग सड़कों पर उतरकर चक्काजाम और धरना दे चुके हैं। हाल ही में बड़ी संख्या में लोग “पानी दो-पानी दो” के नारे लगाते हुए पैदल विधायक रमेश मेंदोला के निवास तक पहुंच गए थे, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ गया था।

    वर्तमान स्थिति में सबसे बड़ी समस्या यह है कि कई वार्डों में नर्मदा लाइन की सप्लाई अब तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाई है। स्थानीय पार्षद कुणाल सोलंकी ने बताया कि नगर निगम से टैंकरों की कमी के कारण पानी वितरण व्यवस्था चरमराई हुई है और लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें प्रभावित हो रही हैं।

    प्रदर्शन के दौरान कुछ देर के लिए हालात तनावपूर्ण भी रहे, लेकिन एंबुलेंस को रास्ता देकर प्रदर्शनकारियों ने मानवता का परिचय दिया और उसे तुरंत निकलने दिया गया। फिलहाल शहर में जल संकट को लेकर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है और प्रशासन पर तत्काल समाधान का दबाव भी तेज हो गया है।