Blog

  • शरीर को अंदर से मजबूत बनाती है लौकी, गर्मियों में जरूर करें डाइट में शामिल!

    शरीर को अंदर से मजबूत बनाती है लौकी, गर्मियों में जरूर करें डाइट में शामिल!


    नई दिल्ली। भारतीय रसोई में कई ऐसी सब्जियां मौजूद हैं, जिन्हें हम अक्सर साधारण समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। Lauki (लौकी) भी उन्हीं में से एक है। भले ही इसका स्वाद हर किसी को पसंद न आए, लेकिन सेहत के लिहाज से यह किसी वरदान से कम नहीं है। खासतौर पर गर्मियों के मौसम में यह शरीर को ठंडक देने, हाइड्रेट रखने और अंदर से संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो सही मात्रा और सही तरीके से इसका सेवन शरीर को कई बीमारियों से बचाने में मदद कर सकता है।

    वजन घटाने में कारगर

    अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो लौकी को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। इसमें पानी की मात्रा बहुत अधिक और कैलोरी बेहद कम होती है। इसे खाने से पेट जल्दी भर जाता है, जिससे ओवरईटिंग की संभावना कम हो जाती है। साथ ही इसमें मौजूद फाइबर धीरे-धीरे पचता है, जिससे लंबे समय तक भूख नहीं लगती। सुबह खाली पेट लौकी का जूस पीने से मेटाबॉलिज्म बेहतर होने की बात भी कई शोधों में सामने आई है।

    पाचन तंत्र को बनाती है मजबूत

    लौकी पाचन के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है। इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर आंतों में पानी को सोखकर मल को नरम बनाता है, जिससे कब्ज की समस्या कम होती है। इसकी ठंडी तासीर पेट की जलन और एसिडिटी को शांत करने में मदद करती है। नियमित सेवन से गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याएं धीरे-धीरे कम हो सकती हैं और पाचन तंत्र सुचारू रूप से काम करता है।

    दिल की सेहत के लिए लाभकारी

    लौकी में पोटैशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। जब ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है, तो दिल पर दबाव कम पड़ता है। इसके अलावा इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद कर सकते हैं, जिससे हृदय रोगों का खतरा घटता है।

    ब्लड शुगर को रखे नियंत्रित

    डायबिटीज के मरीजों के लिए भी लौकी एक अच्छी डाइट का हिस्सा हो सकती है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, यानी यह खून में शुगर लेवल को तेजी से नहीं बढ़ाती। साथ ही फाइबर कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को धीमा करता है, जिससे ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है।

    त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद

    लौकी में विटामिन C, जिंक और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो त्वचा और बालों के लिए बेहद जरूरी होते हैं। यह शरीर को अंदर से हाइड्रेट रखती है, जिससे त्वचा में नमी बनी रहती है और वह ग्लोइंग दिखती है। साथ ही यह बालों की जड़ों को मजबूत बनाकर हेयर फॉल को कम करने में मदद करती है।

    शरीर को करती है डिटॉक्स

    लौकी का नियमित सेवन शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। इसमें मौजूद पानी और प्राकृतिक यौगिक शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने की प्रक्रिया को तेज करते हैं। यह लिवर और किडनी के कार्य को सपोर्ट करती है, जिससे शरीर की सफाई बेहतर होती है। गर्मियों में लौकी का जूस पीने से शरीर का तापमान संतुलित रहता है और थकान भी कम महसूस होती है।

    सही तरीके से करें सेवन

    हालांकि लौकी बेहद फायदेमंद है, लेकिन इसका सेवन हमेशा ताजी और कड़वाहट रहित सब्जी के रूप में ही करना चाहिए। कड़वी लौकी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है, इसलिए इसका जूस या सब्जी बनाने से पहले स्वाद जरूर जांच लें।

  • पंजाब और उत्तर प्रदेश में लगातार बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसलें व्यापक स्तर पर भारी प्रभावित हुईं,

    पंजाब और उत्तर प्रदेश में लगातार बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसलें व्यापक स्तर पर भारी प्रभावित हुईं,


    नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में हो रही बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर रबी की मुख्य फसल गेहूं को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में खेतों में जलभराव की स्थिति बन चुकी है, जिससे फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है।

    पंजाब के साहिबजादा अजीत सिंह नगर के खरड़ इलाके में लगातार हो रही बारिश से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्थानीय किसानों ने बताया कि उनके खेतों में जलभराव की वजह से 10 से 12 एकड़ फसल प्रभावित हो चुकी है और यदि बारिश अगले कुछ दिनों तक जारी रही तो नुकसान और बढ़ सकता है। संगरूर के किसानों का कहना है कि तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण करीब 70 प्रतिशत फसल खराब हो गई है। जमीन लीज पर लेने वाले किसानों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर है क्योंकि फसल बर्बाद होने के बावजूद उन्हें जमीन का किराया देना पड़ रहा है।

    बरनाला में भी ओलावृष्टि और लगातार बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। किसान हरदीप सिंह ने बताया कि बहुत बड़ा नुकसान हुआ है, वहीं लखबीर सिंह ने कहा कि फसलें पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं और स्थिति बेहद चिंताजनक है। किसानों का कहना है कि बिना किसी मदद के वे इस नुकसान की भरपाई नहीं कर पाएंगे और सरकार से त्वरित मुआवजे की आवश्यकता है।

    उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में भी बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने तबाही मचा दी है। यहां खड़ी फसलें गिर गई हैं और कट चुकी फसल भी पानी में भीगकर खराब हो गई है। एक किसान ने बताया कि उसकी गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, साथ ही सरसों की फसल भी नष्ट हो गई है। अन्य किसानों ने कहा कि सारी फसलें पानी में गिरकर खराब हो गई हैं और यदि सरकार से कोई सहायता मिलती है तो उन्हें कुछ राहत मिल सकती है।

    कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि रबी की फसल को भारी नुकसान पहुंचा रही है। किसान आर्थिक दबाव में हैं और कई परिवार कर्ज में डूबने की स्थिति में हैं। स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकारों से किसानों को त्वरित मुआवजा देने और राहत कार्यों को शीघ्र प्रभावी बनाने की अपील की जा रही है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद मंगल पांडे के बलिदान दिवस पर किया श्रद्धांजलि

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद मंगल पांडे के बलिदान दिवस पर किया श्रद्धांजलि


    भोपाल। स्वतंत्रता सेनानी शहीद मंगल पांडे के बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ. यादव ने कहा कि मंगल पांडे ने 1857 की क्रांति की ज्वाला को जगाया और अंग्रेजों के साम्राज्य को चुनौती दी। उनका साहस और निर्भीकता हर भारतीय के स्वाभिमान को जगाने वाली थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंगल पांडे का बलिदान सिर्फ स्वतंत्रता की लड़ाई का प्रतीक नहीं बल्कि आज भी राष्ट्रहित में कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित रहने का संदेश देता है।

    डॉ. यादव ने जनता से अपील की कि वीरों के जीवन और उनके बलिदान को याद रखें और उनकी तरह देश के प्रति निष्ठावान और जिम्मेदार बने। उन्होंने कहा कि मंगल पांडे जैसे अमर सपूतों की वीरता हमें यह सिखाती है कि कठिन परिस्थितियों में भी देश और संविधान के प्रति सम्मान और समर्पण बनाए रखना चाहिए।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद मंगल पांडे के योगदान को गौरवपूर्ण बताया और कहा कि उनकी कहानी आज के युवा को साहस, आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति का मार्गदर्शन देती है। पूरे प्रदेश में उनके बलिदान दिवस का महत्व बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया।

  • पंजाब और उत्तर प्रदेश में लगातार बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसलें व्यापक स्तर पर भारी प्रभावित हुईं, जिससे किसानों की मेहनत पानी में चली गई।

    पंजाब और उत्तर प्रदेश में लगातार बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसलें व्यापक स्तर पर भारी प्रभावित हुईं, जिससे किसानों की मेहनत पानी में चली गई।


    नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में हो रही बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर रबी की मुख्य फसल गेहूं को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में खेतों में जलभराव की स्थिति बन चुकी है, जिससे फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है।

    पंजाब के साहिबजादा अजीत सिंह नगर के खरड़ इलाके में लगातार हो रही बारिश से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्थानीय किसानों ने बताया कि उनके खेतों में जलभराव की वजह से 10 से 12 एकड़ फसल प्रभावित हो चुकी है और यदि बारिश अगले कुछ दिनों तक जारी रही तो नुकसान और बढ़ सकता है। संगरूर के किसानों का कहना है कि तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण करीब 70 प्रतिशत फसल खराब हो गई है। जमीन लीज पर लेने वाले किसानों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर है क्योंकि फसल बर्बाद होने के बावजूद उन्हें जमीन का किराया देना पड़ रहा है।

    बरनाला में भी ओलावृष्टि और लगातार बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। किसान हरदीप सिंह ने बताया कि बहुत बड़ा नुकसान हुआ है, वहीं लखबीर सिंह ने कहा कि फसलें पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं और स्थिति बेहद चिंताजनक है। किसानों का कहना है कि बिना किसी मदद के वे इस नुकसान की भरपाई नहीं कर पाएंगे और सरकार से त्वरित मुआवजे की आवश्यकता है।

    उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में भी बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने तबाही मचा दी है। यहां खड़ी फसलें गिर गई हैं और कट चुकी फसल भी पानी में भीगकर खराब हो गई है। एक किसान ने बताया कि उसकी गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, साथ ही सरसों की फसल भी नष्ट हो गई है। अन्य किसानों ने कहा कि सारी फसलें पानी में गिरकर खराब हो गई हैं और यदि सरकार से कोई सहायता मिलती है तो उन्हें कुछ राहत मिल सकती है।

    कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि रबी की फसल को भारी नुकसान पहुंचा रही है। किसान आर्थिक दबाव में हैं और कई परिवार कर्ज में डूबने की स्थिति में हैं। स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकारों से किसानों को त्वरित मुआवजा देने और राहत कार्यों को शीघ्र प्रभावी बनाने की अपील की जा रही है।

  • बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में आयुष शेट्टी का बड़ा उलटफेर, ली शि फेंग को हराया!

    बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में आयुष शेट्टी का बड़ा उलटफेर, ली शि फेंग को हराया!


    नई दिल्ली। चीन के निंगबो में खेले जा रहे Badminton Asia Championships में भारत के युवा शटलर Ayush Shetty ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ा उलटफेर कर दिया। उन्होंने दूसरे राउंड में जगह बनाने के लिए चीन के स्टार खिलाड़ी Li Shi Feng को सीधे गेम में हराकर सबको चौंका दिया। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि ली शि फेंग 2023 के All England Open चैंपियन रह चुके हैं और दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों में गिने जाते हैं।

    51 मिनट में दर्ज की दमदार जीत

    निंगबो ओलंपिक स्पोर्ट्स सेंटर में खेले गए इस मुकाबले में आयुष शेट्टी ने बेहतरीन नियंत्रण और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने 51 मिनट तक चले मैच में 21-13, 21-16 से जीत हासिल की। यह मुकाबला आयुष और ली शि फेंग के बीच पहला आमना-सामना था, जिसमें भारतीय खिलाड़ी ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और अपने प्रतिद्वंद्वी को वापसी का मौका नहीं दिया।

    अगला मुकाबला और भी चुनौतीपूर्ण

    इस जीत के बाद आयुष शेट्टी का आत्मविश्वास काफी बढ़ा होगा। अब वह क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के लिए चीनी ताइपे के Chi Yu Jen से भिड़ेंगे, जो विश्व रैंकिंग में टॉप-20 में शामिल हैं। यह मुकाबला आयुष के लिए एक और बड़ी परीक्षा साबित होगा।

    पहले भी कर चुके हैं बड़े उलटफेर

    आयुष शेट्टी के लिए यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने ऊंची रैंकिंग वाले खिलाड़ी को हराया हो। पिछले साल उन्होंने यूएस ओपन के सेमीफाइनल में दुनिया के नंबर-6 खिलाड़ी Chou Tien Chen को हराकर सबको चौंका दिया था। इसके बाद उन्होंने कनाडा के Brian Yang को हराकर खिताब भी अपने नाम किया था। इससे साफ है कि आयुष बड़े मंच पर दबाव में भी शानदार प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं।

    मिक्स्ड डबल्स में भारत की मिली-जुली शुरुआत

    मिक्स्ड डबल्स में भारत की शीर्ष जोड़ी Dhruv Kapila और Tanisha Crasto ने अपने अभियान की जीत के साथ शुरुआत की। उन्होंने थाईलैंड की जोड़ी फुवानत होरबानलुएकिट और बेन्यापा एम्सार्ड को 21-14, 11-21, 21-15 से हराया।
    हालांकि अन्य भारतीय जोड़ियों को हार का सामना करना पड़ा। Ashith Surya और Amrutha Pramuthesh मलेशिया की जोड़ी से हार गए, जबकि Rohan Kapoor और Gadde Ruthvika Shivani को भी शिकस्त झेलनी पड़ी।

    सिंधु-लक्ष्य पर रहेंगी निगाहें

    टूर्नामेंट में आगे भारतीय फैंस की नजरें दिग्गज खिलाड़ियों पर रहेंगी। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता PV Sindhu अपने अभियान की शुरुआत मलेशिया की वोंग लिंग चिंग के खिलाफ करेंगी। वहीं Lakshya Sen भी पुरुष एकल में उतरेंगे।
    इसके अलावा उन्नति हुड्डा, मालविका बंसोड़ और तन्वी शर्मा भी महिला एकल में चुनौती पेश करेंगी, जबकि HS Prannoy वियतनाम के गुयेन हाई डांग के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगे।

    भारत के लिए बड़ी उम्मीद

    आयुष शेट्टी की इस जीत ने टूर्नामेंट में भारत की उम्मीदों को नई उड़ान दी है। युवा खिलाड़ी जिस आत्मविश्वास के साथ खेल रहे हैं, उससे आने वाले मुकाबलों में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

  • बारिश के बीच RR का जलवा, जायसवाल-सूर्यवंशी ने दिलाई MI पर 27 रन की जीत

    बारिश के बीच RR का जलवा, जायसवाल-सूर्यवंशी ने दिलाई MI पर 27 रन की जीत


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के 13वें मुकाबले में Rajasthan Royals ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Mumbai Indians को 27 रन से हरा दिया। गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया यह मुकाबला बारिश से प्रभावित रहा, लेकिन छोटे फॉर्मेट में भी राजस्थान की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ने कमाल कर दिया। इस जीत के साथ राजस्थान रॉयल्स ने सीजन में लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए अंकतालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया, जबकि मुंबई इंडियंस को एक और हार झेलनी पड़ी और टीम सातवें पायदान पर बनी हुई है।

    देर से शुरू हुआ मैच, 11-11 ओवर का बना मुकाबला

    बारिश के कारण मुकाबले की शुरुआत में काफी देरी हुई और पहली गेंद रात 10:10 बजे फेंकी गई। ओवरों में कटौती के चलते मैच को 11-11 ओवर का कर दिया गया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी राजस्थान रॉयल्स ने आक्रामक शुरुआत करते हुए मुंबई के गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया।

    ओपनिंग जोड़ी ने मचाया तूफान

    राजस्थान के सलामी बल्लेबाज Yashasvi Jaiswal और Vaibhav Suryavanshi ने पहले ही ओवर से आक्रामक रुख अपनाया। दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए सिर्फ 5 ओवर में 80 रन जोड़ दिए, जिससे टीम को मजबूत नींव मिल गई। वैभव सूर्यवंशी ने 14 गेंदों में 39 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 5 छक्के और 1 चौका शामिल रहा। वहीं जायसवाल ने शानदार लय बरकरार रखते हुए 32 गेंदों में नाबाद 77 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और 4 छक्के शामिल थे।

    मध्यक्रम ने निभाई अहम भूमिका

    दो विकेट जल्दी गिरने के बाद जायसवाल ने पारी को संभाला और कप्तान Riyan Parag के साथ 19 गेंदों में 37 रन की अहम साझेदारी की। रियान पराग ने 10 गेंदों में 20 रन बनाए। इसके बाद Shimron Hetmyer के साथ जायसवाल ने तेज रन बटोरते हुए टीम को 3 विकेट पर 150 रन तक पहुंचाया।

    मुंबई की शुरुआत फिर रही खराब

    151 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने पहले ही ओवर में Ryan Rickelton (8) का विकेट गंवा दिया। इसके बाद Rohit Sharma (5) और Suryakumar Yadav (6) भी जल्दी पवेलियन लौट गए। लगातार विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई और 46 रन तक 5 विकेट गंवा चुकी थी।

    रदरफोर्ड-धीर ने जगाई उम्मीद, लेकिन नहीं मिला साथ

    मुश्किल हालात में Sherfane Rutherford और Naman Dhir ने संघर्ष जरूर किया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 17 गेंदों में 47 रन की साझेदारी कर टीम को 93 रन तक पहुंचाया। हालांकि, यह साझेदारी टूटते ही मुंबई की उम्मीदें भी खत्म हो गईं। दोनों बल्लेबाजों ने 25-25 रन बनाए, लेकिन टीम 11 ओवर में 9 विकेट पर 123 रन ही बना सकी।

    गेंदबाजों ने जीत पर लगाई मुहर

    राजस्थान रॉयल्स की ओर से गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। Nandre Burger, Sandeep Sharma और Ravi Bishnoi ने 2-2 विकेट झटके, जबकि Jofra Archer और Tushar Deshpande को 1-1 सफलता मिली।

    राजस्थान की दावेदारी मजबूत

    इस जीत के साथ राजस्थान रॉयल्स ने यह साफ कर दिया है कि वह इस सीजन में खिताब की प्रबल दावेदार है। वहीं मुंबई इंडियंस को अब अपनी कमजोरियों पर जल्द काम करने की जरूरत है, नहीं तो आगे का सफर और मुश्किल हो सकता है।

  • अल फलाह यूनिवर्सिटी मामले में ईडी का बड़ा एक्शन, 39.45 करोड़ की संपत्ति कुर्क

    अल फलाह यूनिवर्सिटी मामले में ईडी का बड़ा एक्शन, 39.45 करोड़ की संपत्ति कुर्क


    नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच में बड़ी कार्रवाई करते हुए अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी से जुड़ी 39.45 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कर ली हैं। कार्रवाई में दिल्ली स्थित आवास, फरीदाबाद की जमीन और बैंक खातों को शामिल किया गया है।

    ईडी का आधिकारिक बयान

    ईडी ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि यह कार्रवाई छात्रों से कथित धोखाधड़ी और धनशोधन के मामले में की गई है।

    एजेंसी के अनुसार संपत्तियां धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत अटैच की गई हैं, ताकि इनके लेन-देन पर रोक लगाई जा सके।

    किन संपत्तियों पर लगी रोक

    कुर्क की गई संपत्तियों में शामिल हैं:

    जामिया नगर, ओखला (दिल्ली) स्थित रिहायशी मकान
    फरीदाबाद के गांव धौज में यूनिवर्सिटी कैंपस से लगी कृषि भूमि
    जवाद अहमद सिद्दीकी और अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के बैंक खाते
    डीमैट होल्डिंग्स और फिक्स्ड डिपॉजिट
    कुल अटैचमेंट 183.54 करोड़ तक पहुंचा

    ईडी के मुताबिक इस मामले में अब तक कुल 183.54 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। एजेंसी ने कहा कि जांच जारी है और आगे भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

  • मध्यप्रदेश में रेल क्रांति, डबल इंजन सरकार का नया कीर्तिमान, 5,200 किमी तक बढ़ी ट्रैक लंबाई

    मध्यप्रदेश में रेल क्रांति, डबल इंजन सरकार का नया कीर्तिमान, 5,200 किमी तक बढ़ी ट्रैक लंबाई


    भोपाल। मध्यप्रदेश में पिछले दो सालों में रेल सेवाओं और बुनियादी ढांचे का विस्तार अभूतपूर्व रूप से हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अथक प्रयासों और केंद्र सरकार के सहयोग के कारण प्रदेश अब भारत का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क बन चुका है। राज्य में रेलवे ट्रैक की कुल लंबाई बढ़कर 5,200 किलोमीटर हो गई है, जो देश के कुल रेल नेटवर्क का 7.6 प्रतिशत है। बेहतर रेल संपर्क से राज्य के दूर दराज़ इलाक़ों को भी राजधानी और अन्य बड़े शहरों से जोड़ा जा रहा है।

    रेलवे बजट में पिछले वर्षों के मुकाबले भारी वृद्धि हुई है। इस वर्ष 15,188 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं जबकि पिछले वर्ष यह राशि 14,745 करोड़ रुपये थी। वर्ष 2009 से 2014 के बीच केवल 632 करोड़ रुपये वार्षिक बजट थे। वर्तमान में राज्य में 1,18,379 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न रेल परियोजनाएँ अलग अलग चरणों में चल रही हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जबलपुर गोंदिया रेलवे लाइन और इंदौर मनमाड रेलवे लाइन के दोहरीकरण तथा अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं को मंजूरी दी। राज्य में रेल लाइनों का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण भी पूरा हो चुका है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कटनी दक्षिण, नर्मदापुरम, ओरछा, सिवनी, शाजापुर और श्रीधाम स्टेशनों का पुनर्विकास जारी है। इसके अलावा पूरे राज्य में 80 स्टेशनों को अपग्रेड किया जा रहा है। यात्रियों के लिए 3,163 करोड़ रुपये की आधुनिक सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं।

    वंदे भारत ट्रेनें भी मध्यप्रदेश के लिए वरदान साबित हुई हैं। भोपाल नई दिल्ली, इंदौर नागपुर, भोपाल रीवा और खजुराहो बनारस के मार्ग पर वंदे भारत सेवा चल रही है। इंदौर और भोपाल में मेट्रो ट्रेनें शहरी आबादी को बड़ी राहत दे रही हैं। रायसेन ज़िले के उमरिया गाँव में 1,800 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक रेल कोच निर्माण इकाई बनाई जा रही है, जिससे लगभग 5,000 लोगों को रोजगार मिलेगा।

    जबलपुर गोंदिया रेल लाइन के दोहरीकरण से महाकौशल क्षेत्र में आर्थिक बदलाव आएगा। पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। इंदौर मनमाड रेल लाइन 18,036 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है। इन परियोजनाओं से मध्यप्रदेश के लिए बड़े आर्थिक लाभ की उम्मीद है।

    यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नई ट्रेन सेवाएँ शुरू की गई हैं। रीवा से पुणे, जबलपुर से रायपुर और ग्वालियर से बेंगलुरु ट्रेनें चल रही हैं। केंद्रीय मंत्रीमंडल ने मुंबई और इंदौर के बीच 309 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन को भी मंजूरी दी है। यह परियोजना महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के छह जिलों को कनेक्ट करेगी और लगभग 1,000 गांवों तथा 30 लाख लोगों को लाभान्वित करेगी।

    मध्यप्रदेश में वर्ष 2014 से 2025 तक 2,651 किलोमीटर नई रेल पटरियाँ बिछाई गई हैं, जबकि 2009 से 2014 के बीच यह केवल 145 किलोमीटर थी। वर्तमान में 4,740 किमी के रेल प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनकी अनुमानित लागत 89,543 करोड़ रुपये है। अब तक 2,092 किमी पर काम पूरा हो चुका है, जिस पर 41,401 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

    मध्यप्रदेश में इन प्रोजेक्ट्स से न केवल बेहतर कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाएँ सुनिश्चित होंगी बल्कि आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। डबल इंजन सरकार की यह पहल राज्य को देश के प्रमुख रेल हब में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

  • हार्दिक पांड्या का बड़ा बयान: वैभव की बल्लेबाजी में दिखती है निडरता

    हार्दिक पांड्या का बड़ा बयान: वैभव की बल्लेबाजी में दिखती है निडरता


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के 13वें मुकाबले में Rajasthan Royals ने दमदार प्रदर्शन करते हुए Mumbai Indians को 27 रन से हरा दिया। गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में बारिश के चलते मैच 11-11 ओवर का कर दिया गया था, लेकिन इस छोटे फॉर्मेट में भी राजस्थान के बल्लेबाजों ने मुंबई के गेंदबाजों पर पूरी तरह दबदबा बनाए रखा। मैच के बाद मुंबई इंडियंस के कप्तान Hardik Pandya ने हार को स्वीकार करते हुए अपनी टीम की कमजोरियों पर खुलकर बात की और साथ ही राजस्थान के युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi की जमकर तारीफ की।

    “वैभव को खेलते देखना शानदार अनुभव”

    हार्दिक पांड्या ने वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए कहा, “जिस तरह से वैभव ने बल्लेबाजी की, उसे देखना बेहद दिलचस्प था। उसकी निडरता, उसके शॉट्स और खेलने का अंदाज कमाल का है। ऐसे खिलाड़ी भविष्य के लिए काफी अहम होते हैं। मैं उसे शुभकामनाएं देता हूं कि वह अपनी गलतियों से सीखता रहे और लगातार आगे बढ़े।” हार्दिक के इस बयान से साफ है कि वैभव ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से विपक्षी कप्तान को भी प्रभावित किया।

    हार की असली वजह- गेंदबाजी की नाकामी

    हार्दिक पांड्या ने मैच के बाद हार का ठीकरा बल्लेबाजों पर नहीं, बल्कि गेंदबाजों पर फोड़ा। उन्होंने साफ कहा कि टीम की गेंदबाजी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। “मुझे लगता है कि हमने वैसी गेंदबाजी नहीं की जैसी हमें करनी चाहिए थी। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की, लेकिन हमारे गेंदबाजों को जिम्मेदारी लेनी होगी। एक यूनिट के तौर पर हम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। मैं बल्लेबाजों को दोष नहीं दूंगा, यह पूरी तरह गेंदबाजी की असफलता थी,” हार्दिक ने स्वीकार किया।

    “कुछ सही गेंदें होतीं, तो मैच बदल सकता था”

    हार्दिक ने आगे कहा कि टी20 क्रिकेट में छोटी-छोटी चीजें बड़ा फर्क पैदा करती हैं। “अगर आप 27 रन के अंतर को देखें, तो यह सिर्फ कुछ सही गेंदों का मामला है। अगर हम पांच अच्छी गेंदें डालते और कुछ छक्के रोक लेते, तो मैच का नतीजा अलग हो सकता था। टी20 में हमेशा सही लाइन-लेंथ और दबाव बनाना जरूरी होता है,” उन्होंने समझाया।

    राजस्थान के ओपनर्स ने मचाया तूफान

    मैच में मुंबई इंडियंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन Yashasvi Jaiswal और वैभव सूर्यवंशी की जोड़ी ने इस फैसले को पूरी तरह गलत साबित कर दिया। दोनों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और पहले विकेट के लिए सिर्फ 5 ओवर में 80 रन जोड़ दिए। वैभव ने 14 गेंदों में 39 रन बनाए, जिसमें 5 छक्के शामिल थे, जबकि जायसवाल ने 32 गेंदों पर नाबाद 77 रन की शानदार पारी खेली। कप्तान Riyan Parag ने भी 10 गेंदों पर 20 रन का योगदान दिया, जिससे राजस्थान ने 3 विकेट पर 150 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया।

    मुंबई की बल्लेबाजी फिर रही नाकाम

    151 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत बेहद खराब रही। रिकल्टन, रोहित शर्मा, Suryakumar Yadav और खुद हार्दिक पांड्या जल्दी आउट हो गए, जिससे टीम दबाव में आ गई। हालांकि Naman Dhir (25 रन) और Sherfane Rutherford (25 रन) ने कुछ संघर्ष जरूर किया, लेकिन टीम 11 ओवर में 123 रन ही बना सकी और 27 रन से मैच हार गई।

    गेंदबाजों ने दिलाई जीत

    राजस्थान की ओर से Jofra Archer और Tushar Deshpande ने 1-1 विकेट लिया, जबकि Nandre Burger, Sandeep Sharma और Ravi Bishnoi ने 2-2 विकेट झटके। वहीं शानदार पारी के लिए जायसवाल को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

  • मानती वारंट पर रोक लगने के बाद अब उन्हें 13 अप्रैल को आयोग में पेश होने की जरूरत नहीं।

    मानती वारंट पर रोक लगने के बाद अब उन्हें 13 अप्रैल को आयोग में पेश होने की जरूरत नहीं।


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को पान मसाला विज्ञापन मामले में राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जयपुर जिला उपभोक्ता आयोग-II द्वारा उनके खिलाफ जारी जमानती वारंट पर कोर्ट ने रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद अब सलमान खान को 13 अप्रैल को उपभोक्ता आयोग के सामने पेश होने की जरूरत नहीं है। यह तारीख पहले अंतिम मौका के रूप में निर्धारित की गई थी, और अगर वह पेश नहीं होते तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा सकता था।

    यह मामला योगेंद्र सिंह बडियाल द्वारा दायर शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने राजश्री पान मसाला और इसके ब्रांड एंबेसडर सलमान खान पर गुमराह करने वाले विज्ञापन चलाने का आरोप लगाया था। इन उत्पादों का प्रचार ‘केसर-युक्त इलायची’ और ‘केसर-युक्त पान मसाला’ के रूप में किया गया था। 6 जनवरी 2026 को उपभोक्ता आयोग ने इन विज्ञापनों पर अंतरिम रोक लगा दी थी, लेकिन 9 जनवरी को जयपुर, कोटा और अन्य शहरों में होर्डिंग्स लगे पाए जाने के कारण आयोग ने इसका उल्लंघन माना।

    कोर्ट ने इस मामले में कहा कि मशहूर हस्ती होने का अर्थ यह नहीं है कि कोई कानून से ऊपर हो। आयोग ने बार-बार पेश न होने को न्याय व्यवस्था के प्रति जनता के भरोसे को कमजोर करने वाला बताया। आयोग ने सलमान खान के खिलाफ पहले चार बार जमानती वारंट जारी किए, लेकिन उन्हें तामील नहीं कराया जा सका। हालिया सुनवाई में आयोग ने इस पर नाराजगी जताई और सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

    सलमान खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर.पी. सिंह, जी.एस. बाफना, दिवेश शर्मा, वरुण सिंह और शिवांग्शु नवल ने अदालत में दलीलें पेश कीं। जस्टिस अनूप सिंघी की बेंच ने सुनवाई के बाद सलमान खान और अन्य याचिकाकर्ताओं के पक्ष में राहत देने का आदेश दिया। कोर्ट के इस आदेश से सलमान खान पर फिलहाल आयोग के समक्ष पेश होने का दबाव कम हुआ है।

    इस मामले में उपभोक्ता संरक्षण कानून और विज्ञापन नियमों की संवेदनशीलता उजागर हुई है। न्यायपालिका ने स्पष्ट किया कि ब्रांड एंबेसडर या कोई मशहूर हस्ती होने के बावजूद कानून से ऊपर नहीं है और नियमों का पालन करना अनिवार्य है। इस फैसले से अदालत ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों में कानूनी प्रक्रिया का पालन अनिवार्य रहेगा।