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  • महोबा में महाफर्जीवाड़ा: जिंदा दिव्यांग को कागजों में मृत दिखाकर 4.5 बीघा जमीन हड़पी, राजस्व विभाग पर गंभीर सवाल

    महोबा में महाफर्जीवाड़ा: जिंदा दिव्यांग को कागजों में मृत दिखाकर 4.5 बीघा जमीन हड़पी, राजस्व विभाग पर गंभीर सवाल


    नई दिल्ली। Mahoba में एक चौंकाने वाला जमीन घोटाला सामने आया है, जहां एक जीवित दिव्यांग युवक को कागजों में मृत घोषित कर उसकी 4.5 बीघा जमीन फर्जी दस्तावेजों के जरिए हड़प ली गई। मामला चरखारी कोतवाली क्षेत्र के सूपा गांव का बताया जा रहा है।

    पीड़ित जहीर अहमद, जो मानसिक रूप से दिव्यांग हैं, के नाम दर्ज जमीन को कथित तौर पर राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से दूसरे व्यक्ति के नाम कर दिया गया। आरोप है कि इसी गांव के कुछ लोगों ने समान नाम वाले एक मृत व्यक्ति के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर यह पूरा फर्जीवाड़ा किया।

    कैसे हुआ पूरा फर्जीवाड़ा?
    जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने मृत जहीर अहमद उर्फ जहीर खान के मृत्यु प्रमाण पत्र का इस्तेमाल करते हुए जीवित जहीर अहमद की जमीन को अपने नाम ट्रांसफर करा लिया। इस प्रक्रिया में लेखपाल और कानूनगो की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि रिकॉर्ड में पीड़ित की पत्नी और तीन बेटों का भी जिक्र कर दिया गया, जबकि वह अविवाहित हैं।

    खुलासा कैसे हुआ?
    पूरा मामला तब सामने आया जब पीड़ित के परिजन जमीन की खतौनी निकलवाने पहुंचे। दस्तावेजों में अलग नाम देखकर परिवार के होश उड़ गए। शिकायत और विरोध के बाद प्रशासन ने जल्दबाजी में रिकॉर्ड सुधार कर जमीन दोबारा जहीर अहमद के नाम दर्ज कर दी।

    जांच के आदेश
    मामले की शिकायत जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से की गई है। प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और संबंधित एसडीएम को जांच सौंपी गई है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगाा। 

  • इंदौर में बैंक कर्मचारी पर धोखाधड़ी का आरोप: खातों से लाखों रुपये गायब

    इंदौर में बैंक कर्मचारी पर धोखाधड़ी का आरोप: खातों से लाखों रुपये गायब


    इंदौर । इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में स्थित बीजलपुर की आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा में कार्यरत एक कर्मचारी पर बड़ा वित्तीय घोटाले का आरोप सामने आया है। शिकायत के अनुसार बैंक कर्मचारी विष्णु शर्मा ने एक महिला और उसके देवर के खातों से बिना अनुमति लाखों रुपए निकाल लिए। पीड़िता द्रोपती बाई पति हीरालाल वर्मा ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उनके देवर सत्यनारायण के बैंक खाते से लगातार अवैध लेन-देन किया और उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई।

    एटीएम जारी कर खुद ही रख लिया, फिर निकाली रकम
    आरोपों के मुताबिक, बैंक कर्मचारी ने पहले सत्यनारायण के नाम पर एटीएम कार्ड जारी कराया और उसे अपने पास ही रख लिया। इसके बाद 3 अगस्त से 14 अगस्त 2025 के बीच एटीएम ट्रांजैक्शन और ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए खाते से लाखों रुपए निकाल लिए गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि खाताधारक को इस पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं थी कि उसके नाम से एटीएम कार्ड जारी हो चुका है।

    ओटीपी लेकर महिला के खाते से भी उड़ाए पैसे
    शिकायत में यह भी सामने आया है कि 16 सितंबर 2025 को आरोपी द्रोपती बाई के घर पहुंचा और कहा कि बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है। इसी बहाने उसने ओटीपी हासिल कर लिया और उनके खाते से करीब 4 लाख 85 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसी तरह देवर सत्यनारायण के खाते से भी करीब 4 लाख 89 हजार रुपए निकाले जाने का आरोप है, जिससे कुल धोखाधड़ी की रकम लाखों में पहुंच गई है।

     खाता खुलवाने के बहाने शुरू हुई धोखाधड़ी
    पीड़िता के अनुसार आरोपी पहले सत्यनारायण की दुकान पर खाता खुलवाने के लिए पहुंचा था। वहीं से उसके संपर्क में आया और धीरे-धीरे बैंकिंग प्रक्रिया के नाम पर पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। आरोप यह भी है कि कुछ रकम भूपेंद्र नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर की गई, जिससे मामले की जटिलता और बढ़ गई है।

     पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी
    राजेंद्र नगर पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी बैंक कर्मचारी से पूछताछ शुरू कर दी गई है। पुलिस अब पूरे ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड और बैंकिंग प्रक्रिया की गहन जांच कर रही है। फिलहाल यह मामला बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा और ग्राहक डेटा की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

  • इंदौर में हड़कंप: ऑफिस में भीषण आग से लाखों का नुकसान, जांच शुरू

    इंदौर में हड़कंप: ऑफिस में भीषण आग से लाखों का नुकसान, जांच शुरू


    नई दिल्ली । इंदौर के लसूडिया क्षेत्र स्थित बेलमोर्ट पार्क के मेंटेनेंस ऑफिस में बुधवार तड़के अचानक आग लग गई। सुबह करीब 5 बजे गार्ड ने ऑफिस से धुआं निकलते देखा, जिसके बाद तुरंत आसपास के लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैल गई।

    सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कई दमकल वाहनों की मदद से आग पर काबू पाया गया। फायर ब्रिगेड के एएसआई सुशील कुमार दुबे के अनुसार आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट इसकी वजह हो सकता है। इस हादसे में ऑफिस में रखे सभी दस्तावेज, फर्नीचर और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

    खंडवा रोड पर सब्जी दुकान जलकर राख
    इसी दिन सुबह खंडवा रोड स्थित अनुराधा नगर में भी एक सब्जी की दुकान में आग लग गई। दुकान बबली पति प्रीतम सिंह की बताई जा रही है। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा सामान जल गया। दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर करीब 1000 लीटर पानी डालकर आग पर काबू पाया। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।

    रेडिसन चौराहे के पास फर्नीचर बिल्डिंग में आग
    तीसरी घटना इंदौर के रेडिसन चौराहे के पास स्थित महिदपुर वाला फर्नीचर की बिल्डिंग में हुई, जहां सातवें माले पर आग लग गई। यह घटना सुबह करीब 10:30 बजे की है। सूचना मिलते ही दमकल की टीमें मात्र 15 मिनट में मौके पर पहुंच गईं और कर्मचारियों की मदद से आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि आग के दौरान पूरे भवन में घना धुआं फैल गया, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस के अनुसार विजयनगर और खजराना थाना क्षेत्र की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रित किया गया।

    लगातार आग की घटनाओं से बढ़ी चिंता
    इंदौर में एक ही दिन में तीन अलग-अलग जगहों पर आग लगने की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में अधिकतर मामलों में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, जिससे बिजली व्यवस्था और वायरिंग की जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

  • यूपी में सपा सरकार बनी तो पहले 90 दिन में ये करेंगे: अखिलेश यादव का बड़ा प्लान

    यूपी में सपा सरकार बनी तो पहले 90 दिन में ये करेंगे: अखिलेश यादव का बड़ा प्लान



    नई दिल्ली। अखिलेश यादव ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि अगर राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो पहले 90 दिनों के भीतर कई अहम फैसले लिए जाएंगे। उन्होंने यह बात PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) ऑडिट को लेकर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही।इस बैठक में Dimple Yadav और Shivpal Singh Yadav समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

    90 दिन में क्या होगा प्लान?
    अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार बनने पर सबसे पहले 69,000 शिक्षक भर्ती मामले में “न्याय” दिलाने का काम किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि 90 दिनों के भीतर जातिगत जनगणना कराने की दिशा में कदम उठाया जाएगा।

    आरक्षण और भर्ती को लेकर आरोप
    प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार आरक्षण व्यवस्था में गड़बड़ी कर रही है और भर्तियों में PDA वर्ग के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने 69,000 शिक्षक भर्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि इसमें आरक्षण नियमों का सही पालन नहीं हुआ।

    बीजेपी पर तीखा हमला
    सपा प्रमुख ने कहा कि आरक्षण को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और इसे उन्होंने “संवैधानिक अधिकारों पर हमला” बताया। उन्होंने दावा किया कि PDA समाज को नौकरियों से वंचित किया जा रहा है और इसे लेकर सपा सरकार बनने पर सख्त कदम उठाएगी।

    सपा का दावा: नई नीति का रोडमैप तैयार
    अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी ने PDA आरक्षण और सामाजिक न्याय को लेकर एक विस्तृत डॉक्यूमेंट तैयार किया है, जिसे भविष्य की सरकार में लागू किया जाएगा

  • सरकारी नौकरी का सुनहरा अवसर: बीईएल में प्रोजेक्ट इंजीनियर और एफओई पदों पर वैकेंसी

    सरकारी नौकरी का सुनहरा अवसर: बीईएल में प्रोजेक्ट इंजीनियर और एफओई पदों पर वैकेंसी


    नई दिल्ली ।  सरकारी क्षेत्र में नौकरी की तैयारी कर रहे इंजीनियरिंग युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर सामने आया है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने विभिन्न परियोजना स्थलों के लिए प्रोजेक्ट इंजीनियर और फील्ड ऑपरेशन इंजीनियर सहित कुल 56 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के जरिए तकनीकी क्षेत्र से जुड़े योग्य उम्मीदवारों को देश की प्रतिष्ठित कंपनी में काम करने का मौका मिलेगा। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से शुरू हो चुकी है और इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित अंतिम तिथि तक आवेदन कर सकते हैं।

    जारी अधिसूचना के अनुसार कुल रिक्त पदों में फील्ड ऑपरेशन इंजीनियर के 25 और प्रोजेक्ट इंजीनियर-I के 31 पद शामिल हैं। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में स्थित विभिन्न परियोजना स्थलों पर की जाएगी। यह भर्ती अस्थायी आधार पर की जा रही है, लेकिन इसमें मिलने वाला अनुभव और तकनीकी एक्सपोजर उम्मीदवारों के करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास संबंधित इंजीनियरिंग शाखाओं में डिग्री होना अनिवार्य है। इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर साइंस, सूचना प्रौद्योगिकी सहित कई तकनीकी विषयों के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा कुछ पदों के लिए एमसीए और उच्च तकनीकी योग्यता रखने वाले उम्मीदवार भी पात्र माने गए हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों के पास संबंधित क्षेत्र में दो से पांच वर्षों तक का अनुभव होना भी जरूरी होगा।

    आयु सीमा की बात करें तो प्रोजेक्ट इंजीनियर पद के लिए अधिकतम आयु 32 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि फील्ड ऑपरेशन इंजीनियर पद के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष रखी गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी। आयु की गणना निर्धारित तिथि के आधार पर की जाएगी।

    भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों का चयन शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा। सबसे पहले आवेदन पत्रों की जांच कर योग्य उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा, जिसके बाद आगे की चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अंतिम चयन मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा।

    सैलरी की बात करें तो चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतन के साथ अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी। फील्ड ऑपरेशन इंजीनियर पद पर चयनित अभ्यर्थियों को शुरुआती वेतन लगभग 60 हजार रुपये प्रतिमाह तक मिल सकता है, जबकि प्रोजेक्ट इंजीनियर पद के लिए शुरुआती सैलरी करीब 40 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित की गई है। इसके अलावा अन्य भत्ते और सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

    आवेदन शुल्क ऑनलाइन माध्यम से जमा करना होगा। अलग-अलग पदों के अनुसार शुल्क तय किया गया है, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग वर्ग के उम्मीदवारों को शुल्क में छूट प्रदान की गई है। तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए यह भर्ती एक बेहतरीन अवसर मानी जा रही है।

  • AI क्रांति से भारत में नौकरी बाजार में बड़ा बदलाव, कंपनियों को चाहिए अब विशेषज्ञ और फ्लेक्सिबल वर्कफोर्स

    AI क्रांति से भारत में नौकरी बाजार में बड़ा बदलाव, कंपनियों को चाहिए अब विशेषज्ञ और फ्लेक्सिबल वर्कफोर्स


    नई दिल्ली ।
      भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का प्रभाव अब केवल तकनीक तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह देश के रोजगार बाजार और ऑफिस संस्कृति को भी तेजी से बदल रहा है। हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट ने यह संकेत दिया है कि भारत AI आधारित नौकरियों और तकनीकी प्रतिभा के मामले में दुनिया के प्रमुख देशों में तेजी से अपनी जगह मजबूत कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2019 की तुलना में AI से जुड़ी जॉब पोस्टिंग लगभग छह गुना तक बढ़ चुकी हैं, जो देश में तकनीकी बदलाव की नई तस्वीर पेश करती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि मशीन लर्निंग, जेनरेटिव AI और एमएल ऑप्स जैसे क्षेत्रों में कंपनियों की बढ़ती दिलचस्पी ने रोजगार बाजार में बड़ा बदलाव पैदा किया है। अब कंपनियां पारंपरिक कर्मचारियों के बजाय ऐसे पेशेवरों की तलाश कर रही हैं जो तेजी से बदलती तकनीक के साथ काम कर सकें और नई चुनौतियों के अनुरूप खुद को ढाल सकें। यही वजह है कि AI स्किल्स रखने वाले युवाओं की मांग लगातार बढ़ती जा रही है।

    रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत धीरे-धीरे वैश्विक AI टैलेंट और AI कार्यान्वयन केंद्र के रूप में उभर रहा है। दुनिया भर में AI में निवेश तेजी से बढ़ रहा है और इसका सीधा लाभ भारतीय तकनीकी क्षेत्र को मिल रहा है। कंपनियां अब भारत को केवल आउटसोर्सिंग हब के रूप में नहीं बल्कि इनोवेशन और एडवांस टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट के केंद्र के रूप में देखने लगी हैं।

    AI के विस्तार का असर केवल नौकरियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ऑफिस स्पेस और कार्यस्थल की संरचना में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले वर्षों में भारत के नॉलेज-इकोनॉमी ऑफिस स्पेस में करोड़ों वर्ग फुट की अतिरिक्त मांग पैदा हो सकती है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि AI आधारित टीमें अधिक सहयोगात्मक और विशेषज्ञता आधारित होती हैं, जिन्हें आधुनिक और लचीले कार्यस्थलों की आवश्यकता होती है।

    कंपनियां अब ‘कोर प्लस फ्लेक्स’ मॉडल को तेजी से अपना रही हैं। इस मॉडल में स्थायी ऑफिस के साथ-साथ फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस का उपयोग किया जाता है ताकि कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं और अधिक लचीलापन मिल सके। यही कारण है कि फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस सेक्टर में भी तेज विस्तार देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में कंपनियां अगले कुछ वर्षों में अपने कार्यस्थलों को अधिक आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की योजना पर काम कर रही हैं।

    रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि AI आधारित भर्ती आने वाले समय में फ्लेक्स सीट लीजिंग की मांग को काफी बढ़ा सकती है। इससे रियल एस्टेट और कॉर्पोरेट इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को भी नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    भारत ने पहले भी तकनीकी बदलावों को रोजगार और आर्थिक विकास के अवसरों में बदलने की क्षमता दिखाई है। अब AI के दौर में भी देश उसी दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। तेजी से बढ़ती AI नौकरियां इस बात का संकेत हैं कि आने वाले समय में भारत वैश्विक तकनीकी अर्थव्यवस्था में और अधिक मजबूत भूमिका निभा सकता है।

  • सरकारी कंपनी में करियर बनाने का सुनहरा समय: बामर लॉरी दे रही है 62 युवाओं को नौकरी का मौका

    सरकारी कंपनी में करियर बनाने का सुनहरा समय: बामर लॉरी दे रही है 62 युवाओं को नौकरी का मौका


    नई दिल्ली । 
    भारत सरकार के प्रतिष्ठित उपक्रम बामर लॉरी एंड कंपनी लिमिटेड ने युवाओं के लिए रोजगार का एक बड़ा अवसर प्रस्तुत किया है। कंपनी ने अलग-अलग विभागों में एग्जीक्यूटिव ट्रेनी के कुल 62 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती अभियान के जरिए इंजीनियरिंग और एमबीए की पढ़ाई पूरी कर चुके योग्य उम्मीदवारों को सरकारी क्षेत्र में शानदार करियर बनाने का मौका मिलेगा। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक अभ्यर्थी 9 जून तक अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। युवाओं के बीच इस भर्ती को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है क्योंकि इसमें अच्छी सैलरी के साथ भविष्य में बेहतर करियर ग्रोथ की भी संभावना है।

    इस भर्ती में ग्रेजुएट इंजीनियरिंग और एमबीए से जुड़े विभिन्न पद शामिल किए गए हैं। इंजीनियरिंग कैटेगरी में मैकेनिकल, केमिकल, फूड टेक्नोलॉजी, आईटी और लेदर टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों के लिए पद निर्धारित किए गए हैं। वहीं एमबीए और समकक्ष योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों के लिए सेल्स एंड मार्केटिंग, ऑपरेशंस, आईटी मैनेजमेंट, सप्लाई चेन मैनेजमेंट, एचआर, लॉजिस्टिक्स और आईटी फाइनेंस जैसे विभागों में अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। इससे साफ है कि भर्ती प्रक्रिया में तकनीकी और प्रबंधन दोनों क्षेत्रों के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जा रही है।

    आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में नियमित और पूर्णकालिक बीई, बीटेक, एमबीए, पीजी डिप्लोमा या पीजी डिग्री न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों के साथ होना अनिवार्य है। कंपनी ने आयु सीमा भी तय की है, जिसके अनुसार इंजीनियरिंग श्रेणी के उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 25 वर्ष और एमबीए श्रेणी के लिए 27 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट भी प्रदान की जाएगी। ऐसे में योग्य युवा समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

    भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक बनाया गया है। उम्मीदवारों का चयन कंप्यूटर आधारित परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन, समूह चर्चा, समूह कार्य, व्यक्तिगत साक्षात्कार और मेडिकल परीक्षण के आधार पर किया जाएगा। अंतिम चयन मेरिट सूची के आधार पर होगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं को चुनना है ताकि कंपनी को बेहतर मानव संसाधन मिल सके।

    चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतनमान भी दिया जाएगा। शुरुआती सैलरी 40 हजार रुपए प्रतिमाह से शुरू होकर 1 लाख 40 हजार रुपए तक पहुंच सकती है। इसके अलावा कर्मचारियों को अन्य भत्ते और सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। यही कारण है कि यह भर्ती युवाओं के लिए बेहद खास मानी जा रही है। सरकारी क्षेत्र में स्थायी और सुरक्षित नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह अवसर काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

    आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क जमा करना होगा, जबकि एससी, एसटी, दिव्यांग, पूर्व सैनिक और ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों को शुल्क में छूट दी गई है। उम्मीदवारों को आवेदन करते समय सभी जरूरी दस्तावेज सही प्रारूप में अपलोड करने होंगे ताकि आवेदन निरस्त न हो।

    देशभर के हजारों युवा इस भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे थे और अब उनके पास सरकारी क्षेत्र में अपने सपनों को साकार करने का बेहतरीन मौका है। योग्य उम्मीदवारों को सलाह दी जा रही है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि किसी तकनीकी परेशानी से बचा जा सके।

  • नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए राहत, सेंट्रल बैंक एजीएम भर्ती में आवेदन का मिला एक और मौका

    नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए राहत, सेंट्रल बैंक एजीएम भर्ती में आवेदन का मिला एक और मौका

    नई दिल्ली। बैंकिंग सेक्टर में उच्च पद पर नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। सेंट्रल बैंक में असिस्टेंट जनरल मैनेजर यानी एजीएम के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। पहले जहां आवेदन प्रक्रिया 17 मई को समाप्त होने वाली थी, वहीं अब इच्छुक अभ्यर्थी 25 मई तक अपना आवेदन जमा कर सकेंगे। इस फैसले से उन उम्मीदवारों को बड़ा फायदा मिलेगा जो किसी कारणवश तय समय सीमा के भीतर आवेदन नहीं कर पाए थे। बैंक की ओर से यह भर्ती विशेषज्ञ श्रेणी के अंतर्गत की जा रही है, जिसमें जोखिम प्रबंधन, वित्त एवं लेखा, डिजिटल जोखिम और क्रेडिट जैसे महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं।

    इस भर्ती अभियान के तहत कुल 15 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें जोखिम प्रबंधन, अनुपालन, परिसंपत्ति देयता प्रबंधन, डिजिटल रिस्क एंड एनालिटिक्स, वित्त एवं लेखा तथा क्रेडिट ऑफिसर जैसे अहम पद शामिल किए गए हैं। बैंकिंग क्षेत्र में अनुभव रखने वाले और वित्तीय प्रबंधन में विशेषज्ञता रखने वाले उम्मीदवारों के लिए यह भर्ती बेहद खास मानी जा रही है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से जारी है और उम्मीदवारों को निर्धारित तिथि से पहले अपना फॉर्म भरना अनिवार्य होगा।

    शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो अलग-अलग पदों के लिए अलग पात्रताएं तय की गई हैं। जोखिम प्रबंधन और अनुपालन से जुड़े पदों के लिए उम्मीदवारों के पास सांख्यिकी, अर्थशास्त्र, डेटा साइंस, वित्त या बैंकिंग प्रबंधन में डिग्री अथवा पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा होना आवश्यक है। वहीं डिजिटल जोखिम और विश्लेषण पद के लिए गणित, सांख्यिकी, आईटी या कंप्यूटर साइंस से संबंधित डिग्री मांगी गई है। वित्त एवं लेखा विभाग के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंसी से जुड़े योग्य उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा क्रेडिट ऑफिसर पद के लिए बैंकिंग, वित्त, क्रेडिट मैनेजमेंट या चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट जैसी योग्यताओं को अनिवार्य रखा गया है।

    भर्ती प्रक्रिया में केवल शैक्षणिक योग्यता ही नहीं बल्कि संबंधित क्षेत्र का अनुभव भी अहम भूमिका निभाएगा। उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 33 वर्ष और अधिकतम आयु 45 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट भी प्रदान की जाएगी। चयन प्रक्रिया ऑनलाइन परीक्षा, इंटरव्यू और दस्तावेज सत्यापन के जरिए पूरी की जाएगी। माना जा रहा है कि परीक्षा और इंटरव्यू जून महीने में आयोजित किए जा सकते हैं।

    वेतनमान की बात करें तो चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक सैलरी दी जाएगी। असिस्टेंट जनरल मैनेजर पद पर नियुक्त अभ्यर्थियों को प्रतिमाह लगभग 1.20 लाख रुपए से लेकर 1.35 लाख रुपए तक वेतन मिलेगा। इसके साथ अन्य भत्तों और सुविधाओं का लाभ भी दिया जाएगा, जिससे यह भर्ती बैंकिंग क्षेत्र की सबसे आकर्षक नौकरियों में शामिल हो गई है।

    आवेदन शुल्क सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 850 रुपए निर्धारित किया गया है, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांगजन और महिला उम्मीदवारों को रियायती शुल्क के रूप में 175 रुपए का भुगतान करना होगा। आवेदन करते समय उम्मीदवारों को अपने सभी जरूरी दस्तावेज सही प्रारूप और निर्धारित आकार में अपलोड करने होंगे। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भविष्य की जरूरत के लिए आवेदन पत्र का प्रिंट सुरक्षित रखना भी जरूरी माना गया है।

  • रूस ने शुरू किया परमाणु हमले का महाअभ्यास, 65 हजार सैनिक और 140 फाइटर जेट शामिल; यूक्रेन ने जताई कड़ी आपत्ति

    रूस ने शुरू किया परमाणु हमले का महाअभ्यास, 65 हजार सैनिक और 140 फाइटर जेट शामिल; यूक्रेन ने जताई कड़ी आपत्ति



    नई दिल्ली। व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व में रूस ने बेलारूस के साथ मिलकर एक बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास शुरू किया है, जिसे परमाणु तैयारी से जुड़ा अभ्यास बताया जा रहा है। इस अभ्यास में लगभग 65 हजार सैनिक, 140 फाइटर जेट, 200 रॉकेट लॉन्चर और कई युद्धपोतों को शामिल किया गया है।

    यह अभ्यास रूस और बेलारूस की संयुक्त सैन्य क्षमता को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है, जिसमें टैक्टिकल न्यूक्लियर हथियारों की तैनाती और उनके संचालन का भी अभ्यास शामिल है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अभ्यास में इस्कंदर मिसाइल सिस्टम और अन्य परमाणु क्षमता वाले हथियारों का भी परीक्षण किया जा रहा है।

    अभ्यास में क्या-क्या शामिल?
    रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस सैन्य अभ्यास में भारी संख्या में सैन्य उपकरण शामिल किए गए हैं, जिनमें मिसाइल सिस्टम, फाइटर जेट, युद्धपोत और पनडुब्बियां शामिल हैं। इस अभ्यास का उद्देश्य सैनिकों को परमाणु और रणनीतिक युद्ध परिस्थितियों के लिए तैयार करना बताया गया है।

    यूक्रेन की तीखी प्रतिक्रिया
    Ukraine ने रूस के इस कदम की कड़ी निंदा की है। यूक्रेन का कहना है कि बेलारूस में परमाणु हथियारों की तैनाती और इस तरह का अभ्यास अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है।

    यूक्रेन ने इसे परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के सिद्धांतों के खिलाफ बताया है और कहा है कि इससे यूरोप में तनाव और बढ़ सकता है।

    बढ़ता रूस-नाटो तनाव
    विशेषज्ञों के अनुसार, यह अभ्यास ऐसे समय पर हो रहा है जब रूस और पश्चिमी देशों के बीच पहले से ही यूक्रेन युद्ध को लेकर तनाव चरम पर है। रूस इसे अपनी सुरक्षा जरूरत बता रहा है, जबकि नाटो और यूक्रेन इसे उकसाने वाली कार्रवाई मान रहे हैं।

    इस सैन्य अभ्यास ने एक बार फिर यूरोप में बड़े युद्ध के खतरे को लेकर चिंता बढ़ा दी है, हालांकि अभी किसी भी पक्ष ने सीधे टकराव की बात नहीं कही है।

  • अमेरिकी F-35 को हमने मार गिराया’, ईरान का बड़ा दावा; अमेरिका को दी नई चेतावनी

    अमेरिकी F-35 को हमने मार गिराया’, ईरान का बड़ा दावा; अमेरिका को दी नई चेतावनी


    नई दिल्ली। Abbas Araghchi ने दावा किया है कि ईरान की सेना ने युद्ध के दौरान अमेरिका के अत्याधुनिक Lockheed Martin F-35 Lightning II लड़ाकू विमान को मार गिराया। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वाला ईरान दुनिया का पहला देश बन गया है।

    तेहरान में दिए गए बयान में अराघची ने अमेरिकी कांग्रेस की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ संघर्ष में कई सैन्य विमानों के नुकसान को स्वीकार किया है। ईरानी विदेश मंत्री ने इसे तेहरान के पुराने दावों की पुष्टि बताया और कहा कि युद्ध में ईरान की सैन्य क्षमता दुनिया के सामने आ चुकी है।

    अमेरिकी रिपोर्ट में क्या कहा गया?
    13 मई को प्रकाशित अमेरिकी कांग्रेस की संस्था Congressional Research Service (CRS) की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के साथ संघर्ष के दौरान अमेरिका के करीब 42 सैन्य विमान नष्ट हुए या क्षतिग्रस्त हुए। रिपोर्ट में कहा गया कि वास्तविक संख्या इससे अधिक भी हो सकती है क्योंकि कई जानकारियां अब भी गोपनीय हैं।

    रिपोर्ट में स्ट्राइक ईगल फाइटर जेट और स्पेशल ऑपरेशन एयरक्राफ्ट को नुकसान पहुंचने का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि अमेरिकी रक्षा विभाग ने अब तक आधिकारिक तौर पर F-35 गिराए जाने की पुष्टि नहीं की है।

    ईरान ने दी नई चेतावनी
    अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि अमेरिकी कांग्रेस की रिपोर्ट ने साबित कर दिया है कि ईरान की सेना ने आधुनिक अमेरिकी तकनीक को चुनौती दी है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अगर दोबारा युद्ध शुरू हुआ तो दुनिया “और बड़े सरप्राइज” देखेगी।

    ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ में बढ़ा तनाव
    रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ “Operation Epic Fury” नाम से 40 दिनों तक संयुक्त हवाई अभियान चलाया था। यह अभियान 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ था।

    सीआरएस ने अपनी रिपोर्ट अमेरिकी रक्षा विभाग, अमेरिकी सेंट्रल कमांड और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार की है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ईरान अभियान पर अमेरिका का सैन्य खर्च बढ़कर 29 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया है कि ईरानी सेना ने युद्ध के दौरान अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान को मार गिराया। अमेरिकी कांग्रेस की एक रिपोर्ट में भी ईरान संघर्ष में अमेरिकी सैन्य विमानों के नुकसान का जिक्र किया गया है, जिससे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है।
    हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के दावों और अमेरिकी रिपोर्ट के बीच अब भी कई तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। इसके बावजूद इस बयान ने मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ा दिया है।