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  • अन्नामलाई का बड़ा दावा- अमित शाह ने दिल्ली आने को कहा था, मैंने ठुकराया ऑफर; मेकेदातु और भ्रष्टाचार पर भी बरसे

    अन्नामलाई का बड़ा दावा- अमित शाह ने दिल्ली आने को कहा था, मैंने ठुकराया ऑफर; मेकेदातु और भ्रष्टाचार पर भी बरसे


    नई दिल्ली । तमिलनाडु की राजनीति में पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई के एक बयान ने नई चर्चा छेड़ दी है। अन्नामलाई ने दावा किया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें दिल्ली बुलाकर पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी संभालने और लंबे समय तक राजधानी में रहने को कहा था। हालांकि उन्होंने यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया और तमिलनाडु में रहकर लोगों के बीच काम करने का फैसला किया। अन्नामलाई ने कहा कि उनके लिए राज्य में रहकर जनता के मुद्दों पर काम करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

    अन्नामलाई के मुताबिक अमित शाह ने उनसे दिल्ली आकर जिम्मेदारी संभालने और करीब तीन साल से अधिक समय तक वहां रहने को कहा था। उन्होंने अमित शाह से स्पष्ट तौर पर कहा कि यह उनके लिए सही नहीं रहेगा। इसके बाद उन्होंने तमिलनाडु में ही रहकर सामाजिक और राजनीतिक बदलाव के लिए काम करने का फैसला किया। अन्नामलाई ने यह भी कहा कि वह बीजेपी के भीतर रहें या पार्टी से बाहर हों लेकिन जिन सिद्धांतों पर अमित शाह के साथ काम किया है उन्हें हमेशा अपने काम में आगे बढ़ाते रहेंगे।

    उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब तमिलनाडु बीजेपी में उनकी भूमिका और भविष्य को लेकर लगातार चर्चाएं होती रही हैं। अन्नामलाई अब वी द लीडर आंदोलन से भी जुड़े हैं और राज्य की राजनीति में सक्रिय बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य तमिलनाडु के लोगों के हितों के लिए काम करना और सामाजिक बदलाव की दिशा में अपनी भूमिका निभाना है।

    मेकेदातु बांध परियोजना को लेकर भी अन्नामलाई ने अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर उन्होंने हमेशा आवाज उठाई है। उनका दावा है कि जब वह बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष थे तब भी तमिलनाडु बीजेपी ने मेकेदातु परियोजना का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु के लोगों को पीने का पानी मिलना चाहिए लेकिन इसके लिए तमिलनाडु के हितों की अनदेखी नहीं की जा सकती।

    अन्नामलाई ने कहा कि जब किसी परियोजना का असर दो राज्यों पर पड़ता है तो दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को साथ बैठकर बातचीत करनी चाहिए और ऐसा समाधान निकालना चाहिए जिससे दोनों पक्षों के हितों का ध्यान रखा जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताते हुए कहा कि वह ईमानदार नेता हैं और गलत काम नहीं करते।

    तमिलनाडु सरकार पर निशाना साधते हुए अन्नामलाई ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सरकार को कम से कम एक साल काम करने का अवसर दिया जाना चाहिए और उसके बाद उसके प्रदर्शन का आकलन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ठीक से काम नहीं करती है तो वह सबसे पहले सवाल उठाएंगे। साथ ही उन्होंने लोगों से जल्दबाजी में हंगामा करने के बजाय सरकार को काम करने का मौका देने की अपील की।

    हालांकि अन्नामलाई ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार रोकने के दावों के बावजूद कुछ जगहों पर रिश्वतखोरी फिर शुरू हो गई है। उन्होंने दावा किया कि कुछ मंत्रियों के खिलाफ उनके पास कथित ऑडियो सबूत भी हैं। अन्नामलाई ने मुख्यमंत्री को चेतावनी देते हुए कहा कि वह एक साल बाद मुद्दा उठाने से पहले ही सरकार को आगाह कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि मुख्यमंत्री वास्तव में भ्रष्टाचार खत्म करना चाहते हैं तो उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके मंत्री भी उसी नीति पर चलें।

    अन्नामलाई के बयान ने एक तरफ बीजेपी में उनकी भूमिका को लेकर चर्चा बढ़ा दी है तो दूसरी तरफ तमिलनाडु की राजनीति में उनके अगले कदम पर भी निगाहें टिक गई हैं। दिल्ली की जिम्मेदारी को ठुकराकर राज्य में सक्रिय रहने का उनका दावा आने वाले समय में उनकी राजनीतिक रणनीति के लिए कितना अहम साबित होगा यह देखना दिलचस्प होगा।

  • संसद की तस्वीर बनी सियासत का केंद्र, टीएमसी सांसद की मौजूदगी से ममता बनर्जी पर उठे सवाल

    संसद की तस्वीर बनी सियासत का केंद्र, टीएमसी सांसद की मौजूदगी से ममता बनर्जी पर उठे सवाल


    नई दिल्ली । संसद की कैंटीन में हुई एक सामान्य मुलाकात की तस्वीर ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय और आसनसोल से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ एक ही टेबल पर भोजन करते नजर आए। तस्वीर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में दोनों नेताओं के भाजपा से नजदीकियां बढ़ने और संभावित दलबदल की अटकलें शुरू हो गईं। हालांकि टीएमसी नेताओं ने इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए इसे संसद परिसर की सामान्य सामाजिक मुलाकात बताया है।

    तस्वीर वायरल होने के बाद सबसे पहले सौगत रॉय ने पूरे घटनाक्रम पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि संसद की कैंटीन में वे पहले से बैठे थे, बाद में अमित शाह और भाजपा के अन्य नेता उसी मेज पर आकर बैठे और कुछ ही देर में वहां से चले गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दौरान किसी तरह की राजनीतिक बातचीत नहीं हुई। उनका कहना था कि भाजपा की ओर से संपर्क किए जाने की चर्चा निराधार है और वास्तविकता यह है कि उनकी पार्टी उन नेताओं से संपर्क कर रही है जो एनडीए में चले गए हैं, ताकि उन्हें वापस लाया जा सके।

    दूसरी ओर शत्रुघ्न सिन्हा ने भी तस्वीर को लेकर उठे विवाद को अनावश्यक बताया। उन्होंने कहा कि जेपी नड्डा उनके पुराने मित्र हैं और संसद में साथ बैठकर भोजन करना कोई असामान्य बात नहीं है। उन्होंने दोहराया कि इस मुलाकात का राजनीति या पार्टी बदलने जैसी किसी संभावना से कोई संबंध नहीं है।

    टीएमसी के अन्य नेताओं ने भी तस्वीरों को लेकर चल रही चर्चाओं को खारिज किया। सांसद कल्याण बनर्जी और विधायक कुणाल घोष ने कहा कि संसद या विधानसभा जैसे सार्वजनिक स्थानों पर अलग-अलग दलों के नेताओं का मिलना-जुलना सामान्य प्रक्रिया है। ऐसी तस्वीरों को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि विचारधारा और राजनीतिक प्रतिबद्धता किसी तस्वीर से तय नहीं होती।

    हालांकि पार्टी के भीतर से अलग स्वर भी सुनाई दिए। टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने तस्वीरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने तस्वीरों को ध्यान से देखा है और संभव है कि इसके पीछे कोई रणनीति हो। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से उनका कोई संबंध नहीं है और राजनीति में इस तरह की गतिविधियां होती रहती हैं।

    इस पूरे घटनाक्रम के बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हाल के दिनों में राज्य की राजनीति में कई नेताओं के दल बदलने और राजनीतिक समीकरण बदलने की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में संसद की कैंटीन में सामने आई यह तस्वीर भी चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि फिलहाल न तो सौगत रॉय और न ही शत्रुघ्न सिन्हा ने भाजपा में शामिल होने जैसी किसी संभावना के संकेत दिए हैं।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद के भीतर अलग-अलग दलों के नेताओं के बीच सामाजिक संबंध और औपचारिक मुलाकातें लोकतांत्रिक व्यवस्था का सामान्य हिस्सा हैं। इसलिए केवल एक तस्वीर के आधार पर किसी राजनीतिक निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। आने वाले दिनों में यदि इस घटनाक्रम पर कोई नया राजनीतिक घटनाक्रम सामने आता है, तभी इन अटकलों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

  • ग्लासगो में भारत का दमदार प्रदर्शन, गुलवीर ने रचा इतिहास, हरजिंदर ने जीता सिल्वर; अमित शाह ने दी शुभकामनाएं

    ग्लासगो में भारत का दमदार प्रदर्शन, गुलवीर ने रचा इतिहास, हरजिंदर ने जीता सिल्वर; अमित शाह ने दी शुभकामनाएं


    नई दिल्ली । ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में इतिहास रचने वाले गुलवीर सिंह और महिला वेटलिफ्टिंग के 69 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतने वाली हरजिंदर कौर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बधाई देते हुए उनके प्रदर्शन की सराहना की है। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियों को भारत के खेल इतिहास में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर गुलवीर सिंह को शुभकामनाएं देते हुए लिखा कि कॉमनवेल्थ गेम्स की 10,000 मीटर दौड़ में भारत के लिए पहला पदक जीतना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि गुलवीर की यह सफलता देश के युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी और आने वाले वर्षों में भारतीय एथलेटिक्स को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगी।

    गुलवीर सिंह ने ग्लासगो में बारिश के बीच बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में शानदार दौड़ लगाई। राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी भारतीय धावक पूरे मुकाबले में शीर्ष धावकों के साथ बने रहे और अंतिम लैप में जबरदस्त गति दिखाते हुए 27 मिनट 49.78 सेकंड का समय निकालकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स की 10,000 मीटर स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। इससे पहले उनके नाम एशियन गेम्स का कांस्य पदक और एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप के दो स्वर्ण पदक भी दर्ज हैं।

    वहीं महिला वेटलिफ्टिंग में हरजिंदर कौर ने भी भारत का गौरव बढ़ाया। उन्होंने 69 किलोग्राम वर्ग में कुल 227 किलोग्राम भार उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। स्नैच राउंड में हरजिंदर ने 101 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 126 किलोग्राम वजन उठाते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक कनाडा की शार्लेट सिमोन्यू ने 240 किलोग्राम कुल वजन उठाकर जीता, जबकि ऑस्ट्रेलिया की नया फीबे हेमन ने 218 किलोग्राम के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

    हरजिंदर की उपलब्धि पर अमित शाह ने कहा कि वेटलिफ्टिंग में भारत का पदक जीतने का सिलसिला लगातार जारी है। उन्होंने लिखा कि यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण और संघर्ष का परिणाम है तथा भविष्य में भी उनसे ऐसे ही उत्कृष्ट प्रदर्शन की उम्मीद है।

    कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग हमेशा से भारत के सबसे मजबूत खेलों में शामिल रही है और इस बार भी भारतीय खिलाड़ियों ने इस परंपरा को कायम रखा है। दूसरी ओर एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह का ऐतिहासिक पदक यह संकेत देता है कि अब भारत लंबी दूरी की दौड़ जैसी चुनौतीपूर्ण स्पर्धाओं में भी विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

    गुलवीर सिंह और हरजिंदर कौर की इन उपलब्धियों ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के अभियान को नई मजबूती दी है। दोनों खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से देशवासियों में उत्साह है और भारतीय दल से आगामी मुकाबलों में भी पदकों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

  • धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अमित शाह बोले- BJP में पद नहीं, देश और छात्रों का हित सर्वोपरि

    धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अमित शाह बोले- BJP में पद नहीं, देश और छात्रों का हित सर्वोपरि


    नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में किसी भी पद से अधिक महत्व देश, युवाओं और विद्यार्थियों के हित का है। उन्होंने कहा कि प्रधान का इस्तीफा इसी सोच और संगठन की कार्यशैली का प्रतीक है।

    अमित शाह ने शनिवार देर रात सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण राष्ट्र, युवा पीढ़ी और छात्र हैं। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इसी सिद्धांत को दर्शाता है।

    छात्रों के हित में लिया गया फैसला
    धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को देशभर में चल रहे छात्र आंदोलनों और NEET पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहा था कि यह निर्णय छात्रों के भविष्य की रक्षा और जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन का कथित तौर पर राष्ट्रविरोधी ताकतों द्वारा दुरुपयोग रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।

    पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई के लिए सरकार प्रतिबद्ध
    अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुधार लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम सराहनीय हैं और इससे NEET में सफल विद्यार्थियों के साथ न्याय सुनिश्चित होगा।

    प्रधान के कार्यकाल की उपलब्धियों का किया उल्लेख
    गृह मंत्री ने धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री के रूप में किए गए कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन, मातृभाषाओं में परीक्षाओं को बढ़ावा देने, पीएम श्री स्कूलों के विस्तार, डिजिटल शिक्षा को प्रोत्साहन, कौशल विकास और उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करने में प्रधान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी और छात्र-केंद्रित बनाने के लिए भी कई अहम पहल कीं। अमित शाह के अनुसार उनका कार्यकाल विकसित भारत के लक्ष्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिचायक रहा।

  • अब कैब ड्राइवर ही होंगे मालिक! गुजरात में लॉन्च हुई 'भारत टैक्सी', जानिए क्या है इसकी खासियत

    अब कैब ड्राइवर ही होंगे मालिक! गुजरात में लॉन्च हुई 'भारत टैक्सी', जानिए क्या है इसकी खासियत


    गांधीनगर। भारत के कैब सेक्टर में एक नई शुरुआत करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गुजरात में सहकारी मॉडल पर आधारित ‘भारत टैक्सी’ सेवा का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य टैक्सी चालकों और यात्रियों दोनों को शोषण से मुक्त कर एक ऐसा मॉडल विकसित करना है, जिसमें ड्राइवर केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि कंपनी के मालिक और भागीदार भी हों।

    अमित शाह ने कहा कि ‘भारत टैक्सी’ देश का पहला ऐसा राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसका मालिकाना हक सीधे तौर पर इसे संचालित करने वाले ड्राइवरों के पास होगा। उन्होंने बताया कि इस पहल के साथ करीब 7 लाख ड्राइवर साझेदार इस व्यवस्था का हिस्सा बने हैं और यही इसके वास्तविक मालिक एवं शेयरधारक भी होंगे।

    सहकारी मॉडल पर आधारित नई सोच

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि इस मॉडल का उद्देश्य सेवा देने वाले ‘सारथी’ और ग्राहकों, दोनों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि सहकारी ढांचे के माध्यम से ड्राइवरों को आर्थिक भागीदारी के साथ सम्मान, सुरक्षा और मालिकाना हक भी मिलेगा। उनका कहना था कि ‘भारत टैक्सी’ का पूरा कॉन्सेप्ट इसी सोच पर आधारित है कि मेहनत करने वाला व्यक्ति ही अपने काम का असली मालिक बने।

    कई शहरों में सफल रहा ट्रायल
    गृह मंत्री ने बताया कि इस सेवा का कई शहरों में सफल परीक्षण किया जा चुका है। ट्रायल के सकारात्मक परिणामों के बाद अब इसे गुजरात में औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया है। फिलहाल राज्य के सभी प्रमुख शहरों में ‘भारत टैक्सी’ सेवा शुरू कर दी गई है।

    कई संस्थाओं के साथ हुआ समझौता
    इस परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन, अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, गुजरात स्टेट कोऑपरेटिव बैंक, राज्य ट्रैफिक पुलिस तथा प्रमुख एयरपोर्ट और रेलवे प्राधिकरणों के साथ कई महत्वपूर्ण समझौते (एमओयू) भी किए गए हैं। इन साझेदारियों का उद्देश्य यात्रियों को सुविधाजनक, सुरक्षित और एकीकृत परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

    ड्राइवरों और यात्रियों दोनों को मिलेगा लाभ

    सरकार का मानना है कि ‘भारत टैक्सी’ से ड्राइवरों की आय बढ़ेगी, उन्हें बेहतर सामाजिक सुरक्षा मिलेगी और वे अपने काम के वास्तविक हिस्सेदार बनेंगे। वहीं यात्रियों को पारदर्शी किराया, विश्वसनीय सेवा और बेहतर अनुभव मिलेगा। विशेषज्ञ इसे भारत के सहकारी आंदोलन और डिजिटल मोबिलिटी सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं। यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो भविष्य में इसे अन्य राज्यों में भी विस्तार दिया जा सकता है, जिससे देश के कैब सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और सेवा गुणवत्ता दोनों में सुधार आने की उम्मीद है।

  • नक्सलवाद के बाद अब घुसपैठ पर फोकस अमित शाह तय कर सकते हैं नई डेडलाइन

    नक्सलवाद के बाद अब घुसपैठ पर फोकस अमित शाह तय कर सकते हैं नई डेडलाइन


    नई दिल्ली । देश में आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार लगातार सक्रिय नजर आ रही है। नक्सलवाद के खिलाफ लंबे समय तक चले अभियान को निर्णायक सफलता मिलने के बाद अब सरकार का ध्यान अवैध घुसपैठ की चुनौती पर केंद्रित हो गया है। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस मुद्दे पर व्यापक रणनीति तैयार कर रहे हैं और इसके लिए समयबद्ध लक्ष्य तय किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

    गृह मंत्रालय का मानना है कि किसी भी बड़े अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्पष्ट समय सीमा और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक होता है। इसी सोच के तहत अवैध घुसपैठ की पहचान, निगरानी और कार्रवाई के लिए मिशन मोड में काम करने की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस दिशा में एक स्पष्ट डेडलाइन निर्धारित की जा सकती है, जिससे सभी राज्यों और सुरक्षा एजेंसियों के प्रयासों को एकीकृत किया जा सके।

    गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पहले नक्सलवाद के खिलाफ भी समयबद्ध रणनीति अपनाई थी। इसके तहत सुरक्षा बलों और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वित कार्रवाई की गई थी। अब उसी मॉडल को सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर लागू करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।

    सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई स्तरों पर कदम उठाए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के आसपास होने वाले अवैध निर्माण और अतिक्रमणों की पहचान के निर्देश दिए गए हैं। सीमा से जुड़े संवेदनशील इलाकों में जमीन उपयोग और जनसंख्या संरचना में होने वाले बदलावों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए संबंधित एजेंसियां विस्तृत सर्वेक्षण और समीक्षा कार्य कर रही हैं।

    सुरक्षा एजेंसियां आधुनिक तकनीकों का भी व्यापक उपयोग कर रही हैं। सीमा क्षेत्रों में थर्मल कैमरे, सेंसर, रडार और ड्रोन जैसी तकनीकों की मदद से निगरानी बढ़ाई गई है। विशेष रूप से संवेदनशील सीमाई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के प्रयास जारी हैं। सीमा बाड़बंदी और अन्य बुनियादी सुरक्षा परियोजनाओं को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

    अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वाले लोगों की पहचान और कार्रवाई के लिए सरकार कथित रूप से तीन स्तरीय रणनीति पर काम कर रही है। इसमें पहचान, हिरासत और कानूनी प्रक्रिया के तहत निष्कासन जैसे चरण शामिल हैं। इस पूरी प्रक्रिया की नियमित निगरानी और समीक्षा भी की जा रही है ताकि अभियान प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सके।

    हाल के महीनों में गृह मंत्री अमित शाह विभिन्न राज्यों के दौरे कर सुरक्षा व्यवस्था और सीमा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों की समीक्षा कर चुके हैं। राज्य सरकारों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि अवैध घुसपैठ की चुनौती से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों के साझा प्रयास बेहद महत्वपूर्ण होंगे।

    आने वाले समय में यदि इस अभियान के लिए औपचारिक समय सीमा तय की जाती है तो यह देश की सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा नीति में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा। फिलहाल सरकार और सुरक्षा एजेंसियां इस दिशा में रणनीतिक स्तर पर तैयारियों को आगे बढ़ा रही हैं।

  • स्मार्ट पुलिसिंग की मिसाल बना हरियाणा: CrPIS सिस्टम को मिला राष्ट्रीय मंच पर सम्मान, बढ़ी प्रदेश की प्रतिष्ठा

    स्मार्ट पुलिसिंग की मिसाल बना हरियाणा: CrPIS सिस्टम को मिला राष्ट्रीय मंच पर सम्मान, बढ़ी प्रदेश की प्रतिष्ठा


    नई दिल्ली ।हरियाणा पुलिस ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता और तकनीकी नवाचार का परिचय देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अपराध जांच और अपराधियों की पहचान की प्रक्रिया को अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विकसित की गई CrPIS यानी क्राइम एंड क्रिमिनल पर्सोनल इंफॉर्मेशन सिस्टम को देशभर में सराहना मिली है। इस उपलब्धि ने हरियाणा पुलिस को स्मार्ट और तकनीक आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में ला खड़ा किया है।

    नई दिल्ली में आयोजित 26वें अखिल भारतीय फिंगरप्रिंट सम्मेलन के दौरान हरियाणा राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो द्वारा विकसित इस अत्याधुनिक प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया। अपराध नियंत्रण और जांच प्रक्रिया को नई दिशा देने वाली इस प्रणाली की सफलता को देखते हुए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ने हरियाणा पुलिस को सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस प्रदान कर सम्मानित किया।

    CrPIS प्रणाली का विकास रिकॉर्ड समय में किया गया और इसे प्रभावी रूप से लागू भी किया गया। यही वजह रही कि राष्ट्रीय स्तर पर इसकी विशेष चर्चा हुई। यह प्रणाली अपराधियों और अपराध से जुड़ी सूचनाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण करने के साथ-साथ संदिग्धों की पहचान और जांच प्रक्रिया को अधिक तेज, सटीक और प्रभावशाली बनाने में मदद करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे जांच एजेंसियों को अपराधों की गुत्थियां सुलझाने में काफी आसानी होगी और अपराध नियंत्रण की दिशा में भी महत्वपूर्ण परिणाम सामने आएंगे।

    सम्मेलन के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस अत्याधुनिक प्रणाली का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर देशभर से पहुंचे पुलिस अधिकारियों, फॉरेंसिक विशेषज्ञों और सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने हरियाणा पुलिस की इस पहल की खुलकर सराहना की। विशेषज्ञों ने इसे तकनीक आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

    हरियाणा पुलिस लगातार डिजिटल और वैज्ञानिक जांच प्रणाली को मजबूत करने के लिए नए प्रयोग कर रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व और पुलिस महानिदेशक के मार्गदर्शन में राज्य में स्मार्ट पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए कई तकनीकी परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। CrPIS की सफलता भी इसी दूरदर्शी सोच और नवाचार की संस्कृति का परिणाम मानी जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक दौर में अपराधों का स्वरूप लगातार बदल रहा है। ऐसे में पारंपरिक जांच पद्धतियों के साथ-साथ तकनीकी साधनों का उपयोग बेहद जरूरी हो गया है। CrPIS जैसी प्रणाली न केवल जांच की गति बढ़ाएगी बल्कि अपराधियों के डेटा का व्यवस्थित प्रबंधन कर कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगी।

    राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान हरियाणा पुलिस के लिए गौरव का विषय है। साथ ही यह देशभर की पुलिस एजेंसियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। CrPIS की सफलता ने साबित कर दिया है कि नवाचार, तकनीक और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से पुलिसिंग को अधिक सक्षम और जनहितकारी बनाया जा सकता है। आने वाले समय में यह प्रणाली अपराध जांच और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर सकती है।

  • स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट अंतिम चरण में…. अमित शाह बोले- घुसपैठियों और तस्करों की खैर नहीं

    स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट अंतिम चरण में…. अमित शाह बोले- घुसपैठियों और तस्करों की खैर नहीं


    अगरतला।
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने शुक्रवार को कहा कि सरकार का स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट (Smart Border Project) अंतिम चरण में है और नया सुरक्षा ग्रिड मॉडर्न तकनीक, स्थानीय प्रशासन व सीमा पर तैनात सैनिकों को शामिल करेगा। शाह ने त्रिपुरा (Tripura) के लंकामुरा बॉर्डर (Lankamura Border) आउटपोस्ट में बीएसएफ जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि जहां भी बल के जवान तैनात हैं, वहां हम स्मार्ट बॉर्डर बनाएंगे। उन्होंने कहा, ‘स्मार्ट बॉर्डर जल्द ही नए सुरक्षा ग्रिड के साथ शुरू किए जाएंगे जिसमें अत्याधुनिक तकनीक, स्थानीय प्रशासन और सीमा सैनिक शामिल होंगे।

    गृह मंत्री ने कहा, ‘देश में 7-8 जगहों पर स्मार्ट बॉर्डर की अवधारणा को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। मैं केंद्रीय गृह सचिव और बीएसएफ महानिदेशक से अनुरोध करता हूं कि वे सीमा क्षेत्रों का दौरा करें और बातचीत करें। ‘ उन्होंने कहा कि हर सीमा की अपनी चुनौतियां हैं। मानव तस्करी, हथियारों की तस्करी से लेकर नशीले पदार्थों की सप्लाई तक; लेकिन बीएसएफ के जवान इन चुनौतियों का सामना पूरी शिद्दत से करते हैं।


    स्मार्ट बॉर्डर पर क्या बोले अमित शाह

    अमित शाह ने बताया कि जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक, गांव के पटवारी और सरपंच भी इस ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक सीमा क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन को इस अवधारणा में शामिल नहीं किया जाता, तब तक सीमाओं को वाकई अभेद्य नहीं बनाया जा सकता और सीमा सुरक्षा को अलग-थलग कल्पना करना कभी सफल नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हमें सीमाओं से नकली नोटों, मानव तस्करी और ड्रग्स तस्करी को रोकना होगा। ’


    119 किमी नई फेंसिंग लगाने को मंजूरी

    गृह मंत्री ने कहा, ‘सीमा फेंसिंग के आधुनिकीकरण के लिए हमने लगभग 650 किलोमीटर पुरानी (15 वर्ष से अधिक पुरानी) फेंसिंग के एक हिस्से को बदलने के लिए 119 किलोमीटर नई फेंसिंग लगाने को मंजूरी दी है।’ गृह मंत्री ने आगे कहा कि बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात जवानों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के कई प्रोजेक्ट (बिजली आपूर्ति, हरित ऊर्जा पहल और सुरक्षित पीने का पानी) न केवल शुरू किए गए हैं बल्कि पूरे भी कर दिए गए हैं। शाह ने मई में नई दिल्ली में कहा था कि सरकार अगले वर्ष तक तकनीक से लैस स्मार्ट बॉर्डर परियोजना शुरू करेगी, जिससे पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ 6000 किलोमीटर लंबी सीमा को अभेद्य बनाया जाएगा। देश की जनसांख्यिकी बदलने की साजिश को विफल किया जाएगा।

  • अन्नामलाई के अगले कदम पर सस्पेंस, जन्मदिन से पहले तमिलनाडु BJP में इस्तीफों का दौर

    अन्नामलाई के अगले कदम पर सस्पेंस, जन्मदिन से पहले तमिलनाडु BJP में इस्तीफों का दौर


    नई दिल्ली । तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष K. Annamalai को लेकर हो रही है। उनके राजनीतिक भविष्य पर उठ रहे सवालों ने न केवल भारतीय जनता पार्टी बल्कि पूरे राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। अटकलें हैं कि अन्नामलाई जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं, जिसके संकेत उनके हालिया बयानों और समर्थकों की गतिविधियों से मिल रहे हैं।

    चर्चा इस बात की भी है कि अपने 42वें जन्मदिन के अवसर पर अन्नामलाई कोई महत्वपूर्ण घोषणा कर सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घोषणा उनके भविष्य की दिशा तय कर सकती है। हालांकि अभी तक उन्होंने सार्वजनिक रूप से किसी नए राजनीतिक दल या मंच की घोषणा नहीं की है।

    सूत्रों के अनुसार, हाल ही में अन्नामलाई ने Amit Shah से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद आधिकारिक रूप से कोई जानकारी सामने नहीं आई, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे उनके भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण बैठक माना जा रहा है। इससे पहले उनके इस्तीफे की खबरों ने भी जोर पकड़ा था।

    अन्नामलाई का राजनीतिक सफर काफी तेज रहा है। पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे अन्नामलाई ने 2020 में पुलिस सेवा छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। इसके कुछ ही महीनों बाद उन्हें तमिलनाडु भाजपा की कमान सौंप दी गई। उनके नेतृत्व में पार्टी का जनाधार बढ़ा और राज्य में भाजपा की राजनीतिक सक्रियता को नई पहचान मिली।

    हालांकि बाद में पार्टी नेतृत्व ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर Nainar Nagendran को जिम्मेदारी सौंप दी। इसके साथ ही भाजपा ने AIADMK के साथ अपने पुराने गठबंधन को भी पुनर्जीवित किया। इसके बाद से अन्नामलाई की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

    राजनीतिक सस्पेंस को और बढ़ाने का काम उनके समर्थकों द्वारा लगाए गए पोस्टरों ने किया है। कोयंबटूर और मदुरै समेत कई शहरों में लगे पोस्टरों में अन्नामलाई को एक स्वतंत्र राजनीतिक चेहरे के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इनमें भाजपा के शीर्ष नेताओं की तस्वीरों का न होना भी चर्चाओं का विषय बना हुआ है।

    इस बीच पार्टी के अंदर भी बेचैनी दिखाई दे रही है। अन्नामलाई के भविष्य को लेकर फैल रही अटकलों के बाद कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चिंता जाहिर की है। खबरें हैं कि भाजपा के कुछ पदाधिकारियों ने इस्तीफा भी दिया है, जिससे संगठन में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।

    फिलहाल सभी की निगाहें अन्नामलाई के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि वह भाजपा में बने रहते हैं तो यह पार्टी के लिए राहत की खबर होगी, लेकिन यदि वे अलग राजनीतिक राह चुनते हैं तो तमिलनाडु की राजनीति में एक नए समीकरण की शुरुआत हो सकती है।

  • भारत की युवा एथलेटिक्स शक्ति का जलवा, अंडर-20 चैंपियनशिप में 19 पदकों के साथ शानदार प्रदर्शन

    भारत की युवा एथलेटिक्स शक्ति का जलवा, अंडर-20 चैंपियनशिप में 19 पदकों के साथ शानदार प्रदर्शन



    नई दिल्ली। 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में भारतीय युवा खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 19 पदक (10 स्वर्ण, 5 रजत और 4 कांस्य) जीतकर देश का नाम रोशन किया। इस प्रदर्शन की देशभर में सराहना हो रही है और इसे भारत की उभरती खेल प्रतिभा का मजबूत संकेत माना जा रहा है।

    भारत के प्रदर्शन पर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने भी खिलाड़ियों को बधाई दी और इसे देश की “अदम्य खेल क्षमता का प्रतीक” बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह उपलब्धि आने वाले समय में हजारों युवा एथलीटों को प्रेरित करेगी। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी भारतीय दल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदर्शन खिलाड़ियों के दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता का प्रमाण है।

    आखिरी दिन भारत का दमदार प्रदर्शन
    प्रतियोगिता के अंतिम दिन भारत ने तीन स्वर्ण पदक जीतकर अपने अभियान का शानदार समापन किया।
    मुस्कान ने 5000 मीटर दौड़ में 16:53.08 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता
    मोगली वेंकटराम रेड्डी ने 800 मीटर दौड़ में 1:48.27 का समय निकालकर गोल्ड हासिल किया
    नीरू पाठक की भूमिका से 4×400 मीटर रिले टीम ने भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया
    रिले इवेंट में रिकॉर्ड प्रदर्शन

    भारतीय महिला 4×400 मीटर रिले टीम ने 3:38.07 सेकंड का समय निकालकर नया मीट रिकॉर्ड बनाया। वहीं पुरुषों की 4×400 मीटर रिले टीम ने भी पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए मजबूत प्रदर्शन किया, हालांकि उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। महिला 4×100 मीटर रिले टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता।

    भारत की बढ़ती एथलेटिक्स ताकत
    विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रदर्शन भारत में युवा एथलेटिक्स की बढ़ती गहराई और बेहतर प्रशिक्षण प्रणाली का संकेत है। खासकर ट्रैक और फील्ड इवेंट्स में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पहले की तुलना में काफी मजबूत हुई है।