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  • अब कैब ड्राइवर ही होंगे मालिक! गुजरात में लॉन्च हुई 'भारत टैक्सी', जानिए क्या है इसकी खासियत

    अब कैब ड्राइवर ही होंगे मालिक! गुजरात में लॉन्च हुई 'भारत टैक्सी', जानिए क्या है इसकी खासियत


    गांधीनगर। भारत के कैब सेक्टर में एक नई शुरुआत करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गुजरात में सहकारी मॉडल पर आधारित ‘भारत टैक्सी’ सेवा का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य टैक्सी चालकों और यात्रियों दोनों को शोषण से मुक्त कर एक ऐसा मॉडल विकसित करना है, जिसमें ड्राइवर केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि कंपनी के मालिक और भागीदार भी हों।

    अमित शाह ने कहा कि ‘भारत टैक्सी’ देश का पहला ऐसा राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसका मालिकाना हक सीधे तौर पर इसे संचालित करने वाले ड्राइवरों के पास होगा। उन्होंने बताया कि इस पहल के साथ करीब 7 लाख ड्राइवर साझेदार इस व्यवस्था का हिस्सा बने हैं और यही इसके वास्तविक मालिक एवं शेयरधारक भी होंगे।

    सहकारी मॉडल पर आधारित नई सोच

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि इस मॉडल का उद्देश्य सेवा देने वाले ‘सारथी’ और ग्राहकों, दोनों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि सहकारी ढांचे के माध्यम से ड्राइवरों को आर्थिक भागीदारी के साथ सम्मान, सुरक्षा और मालिकाना हक भी मिलेगा। उनका कहना था कि ‘भारत टैक्सी’ का पूरा कॉन्सेप्ट इसी सोच पर आधारित है कि मेहनत करने वाला व्यक्ति ही अपने काम का असली मालिक बने।

    कई शहरों में सफल रहा ट्रायल
    गृह मंत्री ने बताया कि इस सेवा का कई शहरों में सफल परीक्षण किया जा चुका है। ट्रायल के सकारात्मक परिणामों के बाद अब इसे गुजरात में औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया है। फिलहाल राज्य के सभी प्रमुख शहरों में ‘भारत टैक्सी’ सेवा शुरू कर दी गई है।

    कई संस्थाओं के साथ हुआ समझौता
    इस परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन, अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, गुजरात स्टेट कोऑपरेटिव बैंक, राज्य ट्रैफिक पुलिस तथा प्रमुख एयरपोर्ट और रेलवे प्राधिकरणों के साथ कई महत्वपूर्ण समझौते (एमओयू) भी किए गए हैं। इन साझेदारियों का उद्देश्य यात्रियों को सुविधाजनक, सुरक्षित और एकीकृत परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

    ड्राइवरों और यात्रियों दोनों को मिलेगा लाभ

    सरकार का मानना है कि ‘भारत टैक्सी’ से ड्राइवरों की आय बढ़ेगी, उन्हें बेहतर सामाजिक सुरक्षा मिलेगी और वे अपने काम के वास्तविक हिस्सेदार बनेंगे। वहीं यात्रियों को पारदर्शी किराया, विश्वसनीय सेवा और बेहतर अनुभव मिलेगा। विशेषज्ञ इसे भारत के सहकारी आंदोलन और डिजिटल मोबिलिटी सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं। यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो भविष्य में इसे अन्य राज्यों में भी विस्तार दिया जा सकता है, जिससे देश के कैब सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और सेवा गुणवत्ता दोनों में सुधार आने की उम्मीद है।

  • नक्सलवाद के बाद अब घुसपैठ पर फोकस अमित शाह तय कर सकते हैं नई डेडलाइन

    नक्सलवाद के बाद अब घुसपैठ पर फोकस अमित शाह तय कर सकते हैं नई डेडलाइन


    नई दिल्ली । देश में आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार लगातार सक्रिय नजर आ रही है। नक्सलवाद के खिलाफ लंबे समय तक चले अभियान को निर्णायक सफलता मिलने के बाद अब सरकार का ध्यान अवैध घुसपैठ की चुनौती पर केंद्रित हो गया है। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस मुद्दे पर व्यापक रणनीति तैयार कर रहे हैं और इसके लिए समयबद्ध लक्ष्य तय किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

    गृह मंत्रालय का मानना है कि किसी भी बड़े अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्पष्ट समय सीमा और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक होता है। इसी सोच के तहत अवैध घुसपैठ की पहचान, निगरानी और कार्रवाई के लिए मिशन मोड में काम करने की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस दिशा में एक स्पष्ट डेडलाइन निर्धारित की जा सकती है, जिससे सभी राज्यों और सुरक्षा एजेंसियों के प्रयासों को एकीकृत किया जा सके।

    गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पहले नक्सलवाद के खिलाफ भी समयबद्ध रणनीति अपनाई थी। इसके तहत सुरक्षा बलों और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वित कार्रवाई की गई थी। अब उसी मॉडल को सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर लागू करने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।

    सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई स्तरों पर कदम उठाए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के आसपास होने वाले अवैध निर्माण और अतिक्रमणों की पहचान के निर्देश दिए गए हैं। सीमा से जुड़े संवेदनशील इलाकों में जमीन उपयोग और जनसंख्या संरचना में होने वाले बदलावों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए संबंधित एजेंसियां विस्तृत सर्वेक्षण और समीक्षा कार्य कर रही हैं।

    सुरक्षा एजेंसियां आधुनिक तकनीकों का भी व्यापक उपयोग कर रही हैं। सीमा क्षेत्रों में थर्मल कैमरे, सेंसर, रडार और ड्रोन जैसी तकनीकों की मदद से निगरानी बढ़ाई गई है। विशेष रूप से संवेदनशील सीमाई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के प्रयास जारी हैं। सीमा बाड़बंदी और अन्य बुनियादी सुरक्षा परियोजनाओं को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

    अवैध रूप से देश में प्रवेश करने वाले लोगों की पहचान और कार्रवाई के लिए सरकार कथित रूप से तीन स्तरीय रणनीति पर काम कर रही है। इसमें पहचान, हिरासत और कानूनी प्रक्रिया के तहत निष्कासन जैसे चरण शामिल हैं। इस पूरी प्रक्रिया की नियमित निगरानी और समीक्षा भी की जा रही है ताकि अभियान प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सके।

    हाल के महीनों में गृह मंत्री अमित शाह विभिन्न राज्यों के दौरे कर सुरक्षा व्यवस्था और सीमा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों की समीक्षा कर चुके हैं। राज्य सरकारों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि अवैध घुसपैठ की चुनौती से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों के साझा प्रयास बेहद महत्वपूर्ण होंगे।

    आने वाले समय में यदि इस अभियान के लिए औपचारिक समय सीमा तय की जाती है तो यह देश की सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा नीति में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा। फिलहाल सरकार और सुरक्षा एजेंसियां इस दिशा में रणनीतिक स्तर पर तैयारियों को आगे बढ़ा रही हैं।

  • स्मार्ट पुलिसिंग की मिसाल बना हरियाणा: CrPIS सिस्टम को मिला राष्ट्रीय मंच पर सम्मान, बढ़ी प्रदेश की प्रतिष्ठा

    स्मार्ट पुलिसिंग की मिसाल बना हरियाणा: CrPIS सिस्टम को मिला राष्ट्रीय मंच पर सम्मान, बढ़ी प्रदेश की प्रतिष्ठा


    नई दिल्ली ।हरियाणा पुलिस ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता और तकनीकी नवाचार का परिचय देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अपराध जांच और अपराधियों की पहचान की प्रक्रिया को अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विकसित की गई CrPIS यानी क्राइम एंड क्रिमिनल पर्सोनल इंफॉर्मेशन सिस्टम को देशभर में सराहना मिली है। इस उपलब्धि ने हरियाणा पुलिस को स्मार्ट और तकनीक आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में ला खड़ा किया है।

    नई दिल्ली में आयोजित 26वें अखिल भारतीय फिंगरप्रिंट सम्मेलन के दौरान हरियाणा राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो द्वारा विकसित इस अत्याधुनिक प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया। अपराध नियंत्रण और जांच प्रक्रिया को नई दिशा देने वाली इस प्रणाली की सफलता को देखते हुए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ने हरियाणा पुलिस को सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस प्रदान कर सम्मानित किया।

    CrPIS प्रणाली का विकास रिकॉर्ड समय में किया गया और इसे प्रभावी रूप से लागू भी किया गया। यही वजह रही कि राष्ट्रीय स्तर पर इसकी विशेष चर्चा हुई। यह प्रणाली अपराधियों और अपराध से जुड़ी सूचनाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण करने के साथ-साथ संदिग्धों की पहचान और जांच प्रक्रिया को अधिक तेज, सटीक और प्रभावशाली बनाने में मदद करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे जांच एजेंसियों को अपराधों की गुत्थियां सुलझाने में काफी आसानी होगी और अपराध नियंत्रण की दिशा में भी महत्वपूर्ण परिणाम सामने आएंगे।

    सम्मेलन के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस अत्याधुनिक प्रणाली का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर देशभर से पहुंचे पुलिस अधिकारियों, फॉरेंसिक विशेषज्ञों और सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने हरियाणा पुलिस की इस पहल की खुलकर सराहना की। विशेषज्ञों ने इसे तकनीक आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

    हरियाणा पुलिस लगातार डिजिटल और वैज्ञानिक जांच प्रणाली को मजबूत करने के लिए नए प्रयोग कर रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व और पुलिस महानिदेशक के मार्गदर्शन में राज्य में स्मार्ट पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए कई तकनीकी परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। CrPIS की सफलता भी इसी दूरदर्शी सोच और नवाचार की संस्कृति का परिणाम मानी जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक दौर में अपराधों का स्वरूप लगातार बदल रहा है। ऐसे में पारंपरिक जांच पद्धतियों के साथ-साथ तकनीकी साधनों का उपयोग बेहद जरूरी हो गया है। CrPIS जैसी प्रणाली न केवल जांच की गति बढ़ाएगी बल्कि अपराधियों के डेटा का व्यवस्थित प्रबंधन कर कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगी।

    राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान हरियाणा पुलिस के लिए गौरव का विषय है। साथ ही यह देशभर की पुलिस एजेंसियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है। CrPIS की सफलता ने साबित कर दिया है कि नवाचार, तकनीक और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से पुलिसिंग को अधिक सक्षम और जनहितकारी बनाया जा सकता है। आने वाले समय में यह प्रणाली अपराध जांच और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर सकती है।

  • स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट अंतिम चरण में…. अमित शाह बोले- घुसपैठियों और तस्करों की खैर नहीं

    स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट अंतिम चरण में…. अमित शाह बोले- घुसपैठियों और तस्करों की खैर नहीं


    अगरतला।
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने शुक्रवार को कहा कि सरकार का स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट (Smart Border Project) अंतिम चरण में है और नया सुरक्षा ग्रिड मॉडर्न तकनीक, स्थानीय प्रशासन व सीमा पर तैनात सैनिकों को शामिल करेगा। शाह ने त्रिपुरा (Tripura) के लंकामुरा बॉर्डर (Lankamura Border) आउटपोस्ट में बीएसएफ जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि जहां भी बल के जवान तैनात हैं, वहां हम स्मार्ट बॉर्डर बनाएंगे। उन्होंने कहा, ‘स्मार्ट बॉर्डर जल्द ही नए सुरक्षा ग्रिड के साथ शुरू किए जाएंगे जिसमें अत्याधुनिक तकनीक, स्थानीय प्रशासन और सीमा सैनिक शामिल होंगे।

    गृह मंत्री ने कहा, ‘देश में 7-8 जगहों पर स्मार्ट बॉर्डर की अवधारणा को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। मैं केंद्रीय गृह सचिव और बीएसएफ महानिदेशक से अनुरोध करता हूं कि वे सीमा क्षेत्रों का दौरा करें और बातचीत करें। ‘ उन्होंने कहा कि हर सीमा की अपनी चुनौतियां हैं। मानव तस्करी, हथियारों की तस्करी से लेकर नशीले पदार्थों की सप्लाई तक; लेकिन बीएसएफ के जवान इन चुनौतियों का सामना पूरी शिद्दत से करते हैं।


    स्मार्ट बॉर्डर पर क्या बोले अमित शाह

    अमित शाह ने बताया कि जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक, गांव के पटवारी और सरपंच भी इस ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक सीमा क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन को इस अवधारणा में शामिल नहीं किया जाता, तब तक सीमाओं को वाकई अभेद्य नहीं बनाया जा सकता और सीमा सुरक्षा को अलग-थलग कल्पना करना कभी सफल नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हमें सीमाओं से नकली नोटों, मानव तस्करी और ड्रग्स तस्करी को रोकना होगा। ’


    119 किमी नई फेंसिंग लगाने को मंजूरी

    गृह मंत्री ने कहा, ‘सीमा फेंसिंग के आधुनिकीकरण के लिए हमने लगभग 650 किलोमीटर पुरानी (15 वर्ष से अधिक पुरानी) फेंसिंग के एक हिस्से को बदलने के लिए 119 किलोमीटर नई फेंसिंग लगाने को मंजूरी दी है।’ गृह मंत्री ने आगे कहा कि बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात जवानों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के कई प्रोजेक्ट (बिजली आपूर्ति, हरित ऊर्जा पहल और सुरक्षित पीने का पानी) न केवल शुरू किए गए हैं बल्कि पूरे भी कर दिए गए हैं। शाह ने मई में नई दिल्ली में कहा था कि सरकार अगले वर्ष तक तकनीक से लैस स्मार्ट बॉर्डर परियोजना शुरू करेगी, जिससे पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ 6000 किलोमीटर लंबी सीमा को अभेद्य बनाया जाएगा। देश की जनसांख्यिकी बदलने की साजिश को विफल किया जाएगा।

  • अन्नामलाई के अगले कदम पर सस्पेंस, जन्मदिन से पहले तमिलनाडु BJP में इस्तीफों का दौर

    अन्नामलाई के अगले कदम पर सस्पेंस, जन्मदिन से पहले तमिलनाडु BJP में इस्तीफों का दौर


    नई दिल्ली । तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष K. Annamalai को लेकर हो रही है। उनके राजनीतिक भविष्य पर उठ रहे सवालों ने न केवल भारतीय जनता पार्टी बल्कि पूरे राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। अटकलें हैं कि अन्नामलाई जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं, जिसके संकेत उनके हालिया बयानों और समर्थकों की गतिविधियों से मिल रहे हैं।

    चर्चा इस बात की भी है कि अपने 42वें जन्मदिन के अवसर पर अन्नामलाई कोई महत्वपूर्ण घोषणा कर सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घोषणा उनके भविष्य की दिशा तय कर सकती है। हालांकि अभी तक उन्होंने सार्वजनिक रूप से किसी नए राजनीतिक दल या मंच की घोषणा नहीं की है।

    सूत्रों के अनुसार, हाल ही में अन्नामलाई ने Amit Shah से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद आधिकारिक रूप से कोई जानकारी सामने नहीं आई, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे उनके भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण बैठक माना जा रहा है। इससे पहले उनके इस्तीफे की खबरों ने भी जोर पकड़ा था।

    अन्नामलाई का राजनीतिक सफर काफी तेज रहा है। पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे अन्नामलाई ने 2020 में पुलिस सेवा छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। इसके कुछ ही महीनों बाद उन्हें तमिलनाडु भाजपा की कमान सौंप दी गई। उनके नेतृत्व में पार्टी का जनाधार बढ़ा और राज्य में भाजपा की राजनीतिक सक्रियता को नई पहचान मिली।

    हालांकि बाद में पार्टी नेतृत्व ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर Nainar Nagendran को जिम्मेदारी सौंप दी। इसके साथ ही भाजपा ने AIADMK के साथ अपने पुराने गठबंधन को भी पुनर्जीवित किया। इसके बाद से अन्नामलाई की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

    राजनीतिक सस्पेंस को और बढ़ाने का काम उनके समर्थकों द्वारा लगाए गए पोस्टरों ने किया है। कोयंबटूर और मदुरै समेत कई शहरों में लगे पोस्टरों में अन्नामलाई को एक स्वतंत्र राजनीतिक चेहरे के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इनमें भाजपा के शीर्ष नेताओं की तस्वीरों का न होना भी चर्चाओं का विषय बना हुआ है।

    इस बीच पार्टी के अंदर भी बेचैनी दिखाई दे रही है। अन्नामलाई के भविष्य को लेकर फैल रही अटकलों के बाद कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चिंता जाहिर की है। खबरें हैं कि भाजपा के कुछ पदाधिकारियों ने इस्तीफा भी दिया है, जिससे संगठन में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।

    फिलहाल सभी की निगाहें अन्नामलाई के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि वह भाजपा में बने रहते हैं तो यह पार्टी के लिए राहत की खबर होगी, लेकिन यदि वे अलग राजनीतिक राह चुनते हैं तो तमिलनाडु की राजनीति में एक नए समीकरण की शुरुआत हो सकती है।

  • भारत की युवा एथलेटिक्स शक्ति का जलवा, अंडर-20 चैंपियनशिप में 19 पदकों के साथ शानदार प्रदर्शन

    भारत की युवा एथलेटिक्स शक्ति का जलवा, अंडर-20 चैंपियनशिप में 19 पदकों के साथ शानदार प्रदर्शन



    नई दिल्ली। 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में भारतीय युवा खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 19 पदक (10 स्वर्ण, 5 रजत और 4 कांस्य) जीतकर देश का नाम रोशन किया। इस प्रदर्शन की देशभर में सराहना हो रही है और इसे भारत की उभरती खेल प्रतिभा का मजबूत संकेत माना जा रहा है।

    भारत के प्रदर्शन पर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने भी खिलाड़ियों को बधाई दी और इसे देश की “अदम्य खेल क्षमता का प्रतीक” बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह उपलब्धि आने वाले समय में हजारों युवा एथलीटों को प्रेरित करेगी। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी भारतीय दल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदर्शन खिलाड़ियों के दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता का प्रमाण है।

    आखिरी दिन भारत का दमदार प्रदर्शन
    प्रतियोगिता के अंतिम दिन भारत ने तीन स्वर्ण पदक जीतकर अपने अभियान का शानदार समापन किया।
    मुस्कान ने 5000 मीटर दौड़ में 16:53.08 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता
    मोगली वेंकटराम रेड्डी ने 800 मीटर दौड़ में 1:48.27 का समय निकालकर गोल्ड हासिल किया
    नीरू पाठक की भूमिका से 4×400 मीटर रिले टीम ने भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया
    रिले इवेंट में रिकॉर्ड प्रदर्शन

    भारतीय महिला 4×400 मीटर रिले टीम ने 3:38.07 सेकंड का समय निकालकर नया मीट रिकॉर्ड बनाया। वहीं पुरुषों की 4×400 मीटर रिले टीम ने भी पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए मजबूत प्रदर्शन किया, हालांकि उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। महिला 4×100 मीटर रिले टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता।

    भारत की बढ़ती एथलेटिक्स ताकत
    विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रदर्शन भारत में युवा एथलेटिक्स की बढ़ती गहराई और बेहतर प्रशिक्षण प्रणाली का संकेत है। खासकर ट्रैक और फील्ड इवेंट्स में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पहले की तुलना में काफी मजबूत हुई है।

  • राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से की भेंट, पंजाब से जुड़े मुद्दों पर केंद्र से सहयोग का आग्रह

    राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से की भेंट, पंजाब से जुड़े मुद्दों पर केंद्र से सहयोग का आग्रह

    नई दिल्ली । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से राज्यसभा सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने शनिवार को नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच पंजाब से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। मुलाकात को राज्य के विकास, जनकल्याण और कानून-व्यवस्था की स्थिति को मजबूत करने के संदर्भ में अहम माना जा रहा है। हरभजन सिंह ने इस मुलाकात की जानकारी स्वयं साझा करते हुए बताया कि उन्होंने केंद्र सरकार से पंजाब के हितों की रक्षा और विकास कार्यों को गति देने के लिए सहयोग की अपील की है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब हरभजन सिंह के राजनीतिक रुख को लेकर भी चर्चा बनी हुई है और उनकी यह मुलाकात राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    हरभजन सिंह भारतीय क्रिकेट टीम के एक सफल और अनुभवी खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने अपनी गेंदबाजी से देश को कई महत्वपूर्ण जीत दिलाने में योगदान दिया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और राज्यसभा सांसद के रूप में पंजाब के मुद्दों को उठाने का कार्य किया। हाल के वर्षों में वे पंजाब से जुड़े विभिन्न सामाजिक और प्रशासनिक विषयों पर सक्रिय रूप से अपनी राय रखते रहे हैं। अमित शाह से उनकी यह मुलाकात ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य में सुरक्षा व्यवस्था, विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को लेकर केंद्र और राज्य के बीच समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।

    सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान पंजाब की वर्तमान परिस्थितियों, कानून-व्यवस्था की चुनौतियों और विकास परियोजनाओं को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। हरभजन सिंह ने राज्य के हितों को प्राथमिकता देने की बात रखते हुए केंद्र से सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब के विकास के लिए मजबूत समन्वय और प्रभावी नीतियों की आवश्यकता है, जिससे आम जनता को सीधे लाभ मिल सके। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी विभिन्न मुद्दों को ध्यान से सुना और आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।

    यह मुलाकात इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि राजनीतिक हलकों में हरभजन सिंह के हालिया रुख को लेकर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। पंजाब में कुछ राजनीतिक समूहों द्वारा इस मुलाकात को लेकर अलग-अलग राय व्यक्त की जा रही है, जबकि समर्थक इसे विकास के दृष्टिकोण से एक सकारात्मक कदम मान रहे हैं। राज्यसभा सांसद के रूप में हरभजन सिंह लगातार पंजाब से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय मंच पर उठाने का प्रयास कर रहे हैं और यह मुलाकात भी उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है।

    कुल मिलाकर यह बैठक पंजाब की राजनीति और विकास के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखी जा रही है, जिसमें केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया गया है।

  • यूसीसी पर अमित शाह का बड़ा बयान, बोले- वनवासियों की परंपराओं से नहीं होगी छेड़छाड़, धर्मांतरण पर भी दी सख्त चेतावनी

    यूसीसी पर अमित शाह का बड़ा बयान, बोले- वनवासियों की परंपराओं से नहीं होगी छेड़छाड़, धर्मांतरण पर भी दी सख्त चेतावनी

    नई दिल्ली ।यूनिफॉर्म सिविल कोड और जनजातीय समाज को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा बयान देते हुए वनवासी समाज को आश्वस्त करने की कोशिश की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर जो आशंकाएं फैलाई जा रही हैं, उनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है और जनजातीय समुदाय की परंपराओं, अधिकारों तथा सांस्कृतिक पहचान पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ेगा। उनके इस बयान के बाद यूसीसी को लेकर चल रही बहस को नया आयाम मिल गया है।

    एक बड़े जनजातीय सांस्कृतिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि समाज में एक भ्रम फैलाया जा रहा है कि यूसीसी लागू होने के बाद जनजातीय समुदाय अपनी संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली से वंचित हो जाएगा। उन्होंने इस धारणा को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि वनवासी समाज के अधिकारों और परंपराओं की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में उनके सांस्कृतिक मूल्यों के साथ हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि जहां-जहां यूसीसी लागू किया गया है, वहां जनजातीय समाज को विशेष प्रावधानों के तहत अलग रखा गया है। उनके अनुसार इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्थानीय परंपराएं, सामाजिक ढांचे और सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित बनी रहे। उन्होंने वनवासी समाज से अपील करते हुए कहा कि उन्हें किसी भी प्रकार की आशंका या भ्रम में आने की आवश्यकता नहीं है।

    इस दौरान गृह मंत्री ने धर्मांतरण के विषय पर भी स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपने धर्म और परंपरा के अनुसार सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है। लेकिन लालच, दबाव या किसी अन्य माध्यम से धर्म परिवर्तन कराना स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने लोगों से अपनी सांस्कृतिक जड़ों और मूल पहचान की रक्षा करने का संदेश भी दिया।

    अपने संबोधन के दौरान उन्होंने भारतीय परंपराओं और धार्मिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए वनवासी समाज और सनातन संस्कृति के ऐतिहासिक संबंधों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय सभ्यता में जनजातीय समाज की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है और सामाजिक एकता की भावना को मजबूत करने में उनका योगदान विशेष रहा है।

    इसके अलावा उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में विकास और बदलाव को लेकर भी कई बातें रखीं। उन्होंने कहा कि अब दूरस्थ और वन क्षेत्रों में विकास के नए अवसर पैदा हो रहे हैं और सरकार इन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के जरिए जनजातीय समाज को आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

    यूसीसी और जनजातीय अधिकारों को लेकर दिया गया यह बयान राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में यह विषय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बना रह सकता है, क्योंकि इससे कानून, संस्कृति और सामाजिक संरचना जैसे कई महत्वपूर्ण पहलू जुड़े हुए हैं।

  • अमित शाह का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ प्लान: घुसपैठ पर कड़ा संदेश, सुरक्षा होगी हाई-टेक

    अमित शाह का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ प्लान: घुसपैठ पर कड़ा संदेश, सुरक्षा होगी हाई-टेक

    नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए एक बड़े और महत्वाकांक्षी “स्मार्ट बॉर्डर” प्लान की घोषणा की है। इस योजना का उद्देश्य पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ लगी लगभग 6,000 किलोमीटर लंबी सीमा को तकनीक आधारित और पूरी तरह अभेद्य बनाना है।

    नई दिल्ली में सीमा सुरक्षा बल (Border Security Force) द्वारा आयोजित वार्षिक रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान में बोलते हुए अमित शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार देश से हर घुसपैठिए को खोजकर बाहर करेगी। उन्होंने कहा कि भारत की सीमाओं पर अब किसी भी प्रकार की अवैध घुसपैठ या जनसांख्यिकीय बदलाव की साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    गृह मंत्री ने बताया कि “स्मार्ट बॉर्डर” परियोजना के तहत सीमा सुरक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा। इसमें ड्रोन, रडार, हाई-टेक कैमरे, सेंसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी प्रणाली का उपयोग किया जाएगा, जिससे सीमा पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता लगाया जा सकेगा। उनका कहना था कि पारंपरिक सुरक्षा प्रणाली अब बदलते खतरे के हिसाब से पर्याप्त नहीं है।

    अमित शाह ने कहा कि भारत की सीमाओं को इस समय कई तरह के खतरों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें घुसपैठ, ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी, नकली मुद्रा, मवेशियों की अवैध आवाजाही और संगठित अपराध शामिल हैं। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बताया।

    गृह मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल घुसपैठ रोकना नहीं, बल्कि उन सभी घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर भेजना भी है, जो अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बताया।

    उन्होंने सीमा सुरक्षा बल के जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम करना होगा ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों को पहले से पहचानना और उसके अनुसार रणनीति बनाना बेहद जरूरी है।

    अमित शाह ने यह भी दावा किया कि 2014 के बाद देश की सुरक्षा नीति में बड़ा बदलाव आया है और सरकार ने आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत की सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाए।

    इस योजना के तहत केंद्र सरकार आने वाले समय में सीमा सुरक्षा से जुड़े राज्यों और एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाएगी। इसके अलावा सीएपीएफ जवानों के कल्याण और नशा तस्करी के खिलाफ बड़े अभियान की भी तैयारी की जा रही है।

    कुल मिलाकर, “स्मार्ट बॉर्डर” योजना को सरकार की एक बड़ी सुरक्षा रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जिसका लक्ष्य आधुनिक तकनीक के जरिए भारत की सीमाओं को और अधिक मजबूत और सुरक्षित बनाना है।

  • हीटवेव और बाढ़ से निपटने के लिए अमित शाह ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग… दिए ये निर्देश

    हीटवेव और बाढ़ से निपटने के लिए अमित शाह ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग… दिए ये निर्देश


    नई दिल्ली।
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने रविवार को दिल्ली में एक हाई लेवल मीटिंग (High Level Meeting.) में देश में संभावित बाढ़ और हीट वेव (Floods and Heat Waves) से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमें ‘जीरो कैजुअल्टी डिजास्टर मैनेजमेंट’ के लिए काम करना होगा.

    मीटिंग में देश के हर राज्य में बाढ़ संकट प्रबंधन टीमों (FCMT) के गठन, हीटवेव से कृषि क्षेत्र को होने वाले नुकसान को न्यूनतम रखने और मौसम संबंधी योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर फोकस किया गया।

    इसके साथ ही भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और सेंट्रल वाटर कमीशन के मौसम और बाढ़ संबंधी पूर्वानुमान के समय को 3 दिन से बढ़ाकर 7 दिन करने की बात भी कही गई।


    एनडीएमए के दिशानिर्देशों का पालन

    गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया कि आपदाओं को लेकर नेशनल डिज़ास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) द्वारा जारी दिशानिर्देशों के पालन की राज्य, जिला और नगरपालिका स्तर पर नियमित समीक्षा की जानी चाहिए।

    जल संचय और चेक डैम परियोजनाओं के जरिए जलस्तर सुधारने और जल संरक्षण की संभावनाओं को बढ़ाने पर जोर दिया गया. इसके अलावा कैम्पा फंड का इस्तेमाल पर्यावरण संतुलन के लिए किए जा रहे प्रयासों को और प्रभावी बनाने के लिए कहा गया है.

    साथ ही, कम से कम 60 जोखिम वाली झीलों के लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित करने की योजना पर काम करने के निर्देश दिए हैं. सभी राज्यों में स्टेट-लेवल इंटीग्रेटेड रिज़र्वॉयर ऑपरेशंस लागू करने पर भी जोर दिया गया. मौसम संबंधी पूर्वानुमानों और चेतावनियों का व्यापक और प्रभावी प्रचार-प्रसार की बात भी कही गई.