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  • नीतीश कुमार का राज्यसभा नामांकन: अमित शाह ने स्वागत किया, JDU कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा

    नीतीश कुमार का राज्यसभा नामांकन: अमित शाह ने स्वागत किया, JDU कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा


    नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा सदस्य के लिए नामांकन दाखिल किया। उनके साथ बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, उपेन्द्र कुशवाहा और शिवेश कुमार भी मौजूद रहे। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कार्यक्रम में शिरकत की और नीतीश कुमार के लंबे और भ्रष्टाचार-मुक्त राजनीतिक सफर की सराहना की। शाह ने कहा कि नीतीश का कार्यकाल बिहार के इतिहास में स्वर्णिम पृष्ठ के रूप में लिखा जाएगा और उन्होंने बिहार को जंगलराज से मुक्त करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने बिहार की सड़कों और ग्रामीण विकास में भी योगदान दिया और अपनी राजनीतिक यात्रा में किसी तरह के भ्रष्टाचार का आरोप कभी नहीं लगा।

    नामांकन के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि राज्यसभा में जाने के बावजूद वे बिहार की नई सरकार को हर तरह से सहयोग देंगे। उन्होंने अपने संसदीय जीवन के महत्व और जनता के प्रति जिम्मेदारी पर जोर दिया। नीतीश के इस ऐलान के बाद तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में महाराष्ट्र मॉडल लागू किया गया है और बीजेपी ने नीतीश को हाईजैक कर दिया। उनका कहना था कि सहयोगी पार्टी को ताकत से दबाकर नीतीश को राज्यसभा भेजा गया।

    नीतीश के राज्यसभा नामांकन की खबर मिलते ही सुबह से ही JDU कार्यकर्ता उनके मुख्यमंत्री आवास पर इकट्ठा होने लगे। कार्यकर्ताओं ने अपने नेता के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि वे नीतीश कुमार को कहीं नहीं जाने देंगे। इस दौरान CM हाउस के बाहर भावुक दृश्य देखने को मिले और कई कार्यकर्ता रोते हुए नजर आए। कार्यकर्ताओं ने बीजेपी कोटे के मंत्रियों सुरेंद्र मेहता, JDU MLC संजय गांधी और JDU विधायक प्रेम मुखिया को भी CM हाउस से बाहर निकाल दिया।

    JDU कार्यालय में भी नाराज कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की और हंगामा किया। कई जिलों जैसे बेगूसराय और नालंदा में नीतीश के राज्यसभा जाने का विरोध हुआ। कार्यकर्ताओं ने ललन सिंह, विजय चौधरी, संजय झा मुर्दाबाद के नारे लगाए, जिसके कारण JDU ऑफिस का गेट बंद कर दिया गया। जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि नीतीश कुमार के योगदान की चर्चा दशकों तक होती रहेगी और कार्यकर्ताओं के लिए यह फैसला सहज रूप से अपनाना मुश्किल है, लेकिन वे इसे स्वीकार करेंगे।

    अमित शाह ने इस अवसर पर कहा कि नीतीश कुमार 2005 से बिहार के मुख्यमंत्री रहे और अब लंबे अरसे के बाद राज्यसभा सांसद के रूप में राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश कर रहे हैं। शाह ने उनके प्रशासनिक कौशल, सादगी और बिहार में विकास कार्यों के लिए किए गए योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार के हर गांव और घर में बिजली पहुंचाई और पीएम मोदी के नेतृत्व में सभी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाया।

    नीतीश कुमार ने भी अपने पोस्ट में कहा कि संसदीय जीवन के लिए उनका सपना है कि वे दोनों सदनों का अनुभव लें और बिहार के विकास के लिए काम करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं और जनता से अपील की कि वे बिहार की नई सरकार को सहयोग दें और पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखें।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राज्यसभा के लिए नीतीश का नामांकन और JDU कार्यकर्ताओं का गुस्सा बिहार में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। यह घटना न केवल राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है, बल्कि आगामी दिनों में बिहार की सियासत में हलचल और बढ़ सकती है।

    नीतीश कुमार का यह कदम उनके समर्थकों और आलोचकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। राज्यसभा में जाने के साथ ही वे राष्ट्रीय स्तर पर फिर से सक्रिय भूमिका निभाएंगे, वहीं कार्यकर्ताओं का विरोध और नाराजगी बीजेपी और JDU के बीच संबंधों की जटिलता को भी दर्शाता है।

  • BJP के मिशन 2027 की हरिद्वार से होगी शुरुआत, अमित शाह 7 मार्च को करेंगे शंखनाद

    BJP के मिशन 2027 की हरिद्वार से होगी शुरुआत, अमित शाह 7 मार्च को करेंगे शंखनाद


    देहरादून।
    भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) मिशन 2027 का बिगुल हरिद्वार (Haridwar) से फूंकने जा रही है। इसीलिए पार्टी ने विशेष रणनीति के तहत सरकार के चार साल पर आयोजित किए जा रहे जश्न के कार्यक्रमों की शुरूआत हरिद्वार से करने का निर्णय लिया है। सात मार्च को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) मिशन 2027 के लिए रोडमैप तय करेंगे।


    हरिद्वार ही क्यों चुना

    दरअसल, 2022 के विधानसभा चुनावों में हरिद्वार से भाजपा बुरी तरह पिछड़ गई थी। राज्य की सत्ता में लौटने के बावजूद हरिद्वार में भाजपा का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और 11 विधानसभा सीटों में से पार्टी महज तीन सीटों पर सिमट कर रह गई। लोकसभा चुनावों में पार्टी ने हरिद्वार में अपने प्रदर्शन को सुधारा। लेकिन पार्टी की असल परीक्षा अभी विधानसभा चुनावों में होनी है। इसीलिए भाजपा ने हरिद्वार पर विशेष फोकस शुरू कर दिया है। पिछले दिनों हुई पार्टी कोर ग्रुप की बैठक में हारी हुई सीटों पर फोकस करने का निर्णय लिया गया था।


    अमित शाह की शीर्ष नेताओं संग बैठक

    जिसके लिए सबसे पहले हरिद्वार को चुना गया है। सरकार के चार साल पर आयोजित होने वाले जश्न के कार्यक्रमों की शुरूआत भी इसी रणनीति के तहत हरिद्वार से की जा रही है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सात मार्च को हरिद्वार में विशाल जनसभा को संबोधित करने के साथ ही संगठन के शीर्ष नेताओं के साथ भी बैठक करेंगे। जिसमें आगामी रणनीति पर मुहर लगाई जाएगी।


    हार के बावजूद कांग्रेस का अच्छा रहा प्रदर्शन

    हरिद्वार में 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा जहां सिर्फ तीन सीटों पर सिमट गई वहीं कांग्रेस ने पांच सीटें जीत ली थी। बाद में हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने मंगलौर सीट भी अपने कब्जे में कर ली। इस समय कांग्रेस के पास हरिद्वार जिले की ज्वालापुर, भगवानपुर, झबरेड़ा, पिरान कलियर, मंगलौर और हरिद्वार ग्रामीण सीटों को मिलाकर कुल छह विधायक हैं। इसके अलावा हरिद्वार में एक सीट बसपा और एक निर्दलीय ने जीती थी।


    हरिद्वार में सिर्फ तीन सीटें जीती थी

    2022 के विधानसभा चुनावों में हरिद्वार में भाजपा सिर्फ तीन सीटों को जीत पाई थी। उनमें हरिद्वार, बीएचईएल रानीपुर और रुड़की हैं। जबकि अन्य सीटों पर कांग्रेस, बसपा और निर्दलीय उम्मीदवार जीतकर आए हैं।

  • दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से बैठक: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बजट और प्रशासनिक मुद्दों पर जताई कड़ी अपील

    दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से बैठक: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बजट और प्रशासनिक मुद्दों पर जताई कड़ी अपील

    नई दिल्ली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, जिसमें दोनों ने राजनीतिक और प्रशासनिक मामलों पर विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में राज्य सरकार के बजट संबंधी बकाया राशि को समय पर जारी करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। चालू वित्त वर्ष में केंद्र से प्रदेश को कुल 44,000 करोड़ रुपए मिलने हैं, लेकिन जनवरी तक मात्र 9,500 करोड़ रुपए ही जारी किए जा सके हैं। इसी मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्रियों से आग्रह किया कि बची हुई राशि 31 मार्च से पहले राज्य सरकार को उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रदेश में विकास कार्य और योजनाएं समय पर पूरी हो सकें।

    इसके अलावा मुख्यमंत्री ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से सौजन्य भेंट की। इस दौरान प्रदेश में संगठनात्मक सुधार और आगामी नियुक्तियों पर चर्चा हुई। इसी क्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी दिल्ली में मुलाकात की। इस बैठक में नर्मदा परियोजना के वैज्ञानिक अध्ययन और बलिदानी वीरनारी कार्यक्रम के संबंध में भी चर्चा की गई।

    मुख्यमंत्री का यह दिल्ली दौरा वित्तीय और प्रशासनिक मामलों के साथ-साथ संगठनात्मक सुधार और प्रदेश के विकास लक्ष्यों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्रीय मंत्रियों और अन्य अधिकारियों से संवाद के जरिए प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि बकाया राशि समय पर मिले और विकास योजनाएं बाधा रहित ढंग से लागू हो सकें। इस दौरे में प्रशासनिक मामलों, बजट वितरण और संगठनात्मक स्थिरता के मुद्दों पर फोकस किया गया।

  • कैसे नक्सल मुक्त हुआ मध्य प्रदेश? DGP कैलाश मकवाना ने खोला रणनीति का राज, इन नेताओं को दिया श्रेय

    कैसे नक्सल मुक्त हुआ मध्य प्रदेश? DGP कैलाश मकवाना ने खोला रणनीति का राज, इन नेताओं को दिया श्रेय


    इंदौर। मध्य प्रदेश को नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त घोषित किए जाने के बाद पुलिस महानिदेशक DGP लाश मकवाना का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने इस उपलब्धि को मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति केंद्र सरकार के स्पष्ट निर्देश और सुरक्षा एजेंसियों के समन्वित अभियान का परिणाम बताया।

    डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए नक्सलवाद लंबे समय से एक गंभीर चुनौती रहा है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में जिस रणनीतिक ढंग से कार्रवाई की गई उससे प्रदेश में नक्सल नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने में सफलता मिली। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah की ओर से स्पष्ट निर्देश थे कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करना है। इन्हीं निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में अभियान को तेज किया गया।

    डीजीपी ने यह भी बताया कि जब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मुद्दे पर मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाई तब पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने योजनाबद्ध तरीके से अभियान चलाया। लगातार सर्च ऑपरेशन संवेदनशील इलाकों में विशेष बल की तैनाती खुफिया तंत्र की मजबूती और तकनीक आधारित निगरानी से नक्सल गतिविधियों पर निर्णायक प्रहार किया गया।

    कैलाश मकवाना के अनुसार इस सफलता के पीछे केवल पुलिस कार्रवाई ही नहीं बल्कि अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल भी अहम रहा। वन क्षेत्र सीमावर्ती जिलों और पहले से चिन्हित संवेदनशील इलाकों में संयुक्त ऑपरेशन चलाए गए। स्थानीय स्तर पर विश्वास बहाली के प्रयास ग्रामीणों के साथ संवाद और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन ने भी नक्सल संगठनों की जड़ें कमजोर कीं।

    उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल सुरक्षा बलों की नहीं बल्कि पूरे शासन-प्रशासन की सामूहिक कोशिश का परिणाम है। प्रदेश में जिन क्षेत्रों को पहले नक्सल प्रभावित माना जाता था वहां अब शांति का वातावरण है और विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

    डीजीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि अब फोकस केवल नक्सल गतिविधियों को खत्म करने तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि शांति और विकास को स्थायी बनाए रखने पर रहेगा। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी सामुदायिक पुलिसिंग और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दोबारा किसी भी प्रकार की उग्र गतिविधियां पनपने न पाएं।

  • T20 वर्ल्डकप: भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराया, ईशान किशन की धुआंधार पारी, सहवाग बोले फुल कंबल कुटाई

    T20 वर्ल्डकप: भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराया, ईशान किशन की धुआंधार पारी, सहवाग बोले फुल कंबल कुटाई


    नई दिल्ली । भारत ने टी20 वर्ल्डकप में रविवार को पाकिस्तान को 61 रन से हराकर धमाकेदार जीत दर्ज की। मैच में ईशान किशन ने सिर्फ 40 गेंदों पर 77 रन की तूफानी पारी खेलकर टीम की मजबूत शुरुआत दिलाई और प्लेयर ऑफ़ द मैच चुने गए। इस पारी ने न सिर्फ टीम इंडिया को दबदबे में रखा बल्कि फैंस को भी रोमांचित कर दिया।

    पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने मैच के बाद मजाकिया अंदाज में इसे फुल कंबल कुटाई बताया। सोशल मीडिया पर दिल्ली पुलिस ने भी हल्के फुल्के अंदाज में लिखा गलत जगह यू टर्न लोगे तो यूं ही मुंह की खाओगे।

    भारत की जीत पर क्रिकेट जगत और सेलिब्रिटी भी रिएक्ट हुए। सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट किया कि पावरप्ले से भारत ने मुकाबला अपने कब्जे में ले लिया। ईशान किशन की धमाकेदार बल्लेबाजी और भारतीय गेंदबाजों की सटीक लाइन लेंथ ने पाकिस्तान को दबाव में रखा और अंत तक टीम इंडिया ने मैच पर पूर्ण नियंत्रण बनाए रखा।

    केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि टीम ने दबाव के मैच में बेहतरीन प्रदर्शन किया और जीत अपने नाम की। उन्होंने लिखा कि फॉर्मेट बदलते हैं मैदान बदलते हैं तारीखें बदलती हैं लेकिन भारत पाकिस्तान मुकाबलों में जीत का पैटर्न अक्सर वही रहता है। इस जीत के साथ भारत की टीम न केवल ग्रुप स्टेज में अपने आत्मविश्वास को बढ़ाएगी बल्कि टी20 वर्ल्डकप में पाकिस्तान के खिलाफ परंपरा के अनुसार दबदबे को कायम रखेगी।

  • भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को बीमारू से ब्रेक थ्रू राज्य बनाया अमित शाह

    भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को बीमारू से ब्रेक थ्रू राज्य बनाया अमित शाह


    नई दिल्ली।लखनऊ में यूपी दिवस के अवसर पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में ऐतिहासिक परिवर्तन देखा है जो कभी लेबर सोर्स स्टेट के रूप में पहचाना जाता था वही प्रदेश आज देश की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है यह परिवर्तन भाजपा सरकार की नीतियों और नेतृत्व का परिणाम है

    अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस सपा और बसपा के शासनकाल में उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य बनाकर रखा गया था लेकिन भाजपा सरकार ने प्रदेश को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए ब्रेक थ्रू राज्य के रूप में स्थापित किया है उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश विकसित भारत के संकल्प का मजबूत स्तंभ बन रहा है

    कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर शुरू की गई सरदार पटेल औद्योगिक योजना का शुभारंभ किया उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए एक सुनियोजित रोडमैप तैयार किया गया है आने वाले समय में प्रदेश का हर जिला रोजगार से युक्त होगा और युवाओं को अपने ही राज्य में सम्मानजनक आजीविका मिलेगी

    अमित शाह ने कहा कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश को मजदूर भेजने वाला राज्य कहा जाता था लेकिन आज वही प्रदेश देश की आर्थिक प्रगति का इंजन बन रहा है यह परिवर्तन हर उत्तर भारतीय के लिए गर्व का विषय है उन्होंने दोहराया कि भाजपा सरकार ने विकास को गांव गांव तक पहुंचाया है
    उन्होंने एक जिला एक उत्पाद योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा के घोषणा पत्र में इस योजना को शामिल किया गया था आज यह योजना न केवल उत्तर प्रदेश में सफल हुई है बल्कि पूरे देश के लिए मॉडल बन चुकी है इस योजना से कारीगरों युवाओं महिलाओं और माताओं को रोजगार के नए अवसर मिले हैं

    गृह मंत्री ने प्रेरणा स्थल का भी विशेष उल्लेख किया और कहा कि यह स्थल राष्ट्र की चेतना को जागृत करने वाला केंद्र बनेगा उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उपमुख्यमंत्रियों की सराहना करते हुए कहा कि जिस स्थान पर कभी कूड़े का पहाड़ था वहां आज एक भव्य प्रेरणादायी स्थल विकसित किया गया हैअमित शाह ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान नेताओं की स्मृति में बना यह स्थल आने वाली पीढ़ियों को दशकों तक दिशा देता रहेगा उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में उत्तर प्रदेश निर्णायक भूमिका निभाने जा रहा है

    कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार हर वर्ष एक लाख युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण उपलब्ध करा रही है जिसमें अनुदान की भी व्यवस्था है अब तक एक लाख से अधिक युवा इस योजना का लाभ उठा चुके हैंअंत में अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल भौगोलिक ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से भी देश की आत्मा है और वर्ष 2047 में जब भारत आजादी की शताब्दी मनाएगा तब उत्तर प्रदेश पूर्ण विकसित राज्य के रूप में देश का मजबूत आधार बनेगा

  • साबरमती हॉस्टल के बाहर लगे नारे हेट स्पीच में आए, छात्र संघ और ABVP के बीच जुबानी जंग, प्रशासन ने दिल्ली पुलिस को शिकायत दी

    साबरमती हॉस्टल के बाहर लगे नारे हेट स्पीच में आए, छात्र संघ और ABVP के बीच जुबानी जंग, प्रशासन ने दिल्ली पुलिस को शिकायत दी


    नई दिल्ली। जेएनयू के साबरमती हॉस्टल के बाहर कुछ छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भड़काऊ नारे लगाए जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की। यह घटना 5 जनवरी 2020 की हिंसक रात की छठी बरसी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुई।

    जेएनयू प्रशासन ने इसे सुप्रीम कोर्ट की अवमानना और विश्वविद्यालय के कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन माना। सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट में कहा गया कि लगभग 30-35 छात्र इस नारेबाजी में शामिल थे, जिसमें प्रमुख नाम आदिति मिश्रा, गोपिका बाबू, सुनील यादव, दानिश अली, साद आजमी, मेहबूब इलाही, कनिष्क, पाकीजा खान और शुभम शामिल हैं।

    प्रशासन ने दिल्ली पुलिस के वसंत कुंज थाने को शिकायत पत्र भेजकर FIR दर्ज करने और मामले की गहन जांच की मांग की। पत्र में उल्लेख है कि सुरक्षा अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद थे और नारे जानबूझकर और दोहराए गए, जो सामान्य अभिव्यक्ति नहीं बल्कि सुनियोजित कदाचार दिखाते हैं।

    छात्र संघ अध्यक्ष ने कहा कि यह कोई विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि 5 जनवरी की हिंसक रात और ABVP के कथित हमले को याद करने के लिए एक सभा थी। उन्होंने हिंसा और भड़काऊ विचारधारा की निंदा की और कहा कि नारों को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

    वहीं, ABVP ने कड़ा विरोध जताया। दिल्ली के अध्यक्ष मयंक पांचाल ने कहा कि नारे लगाने वाले छात्रों की मानसिकता हिंदुओं और हिंदू धर्म के खिलाफ है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने बताया कि अब तक कोई औपचारिक शिकायत प्रशासन की ओर से प्राप्त नहीं हुई है।

    जेएनयू प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विरोध प्रदर्शन और हेट स्पीच के बीच अंतर बहुत बारीक होता है। विश्वविद्यालय के कोड ऑफ कंडक्ट के तहत इस तरह की नारेबाजी पूरी तरह से प्रतिबंधित है, क्योंकि यह शैक्षणिक माहौल और परिसर की सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है। प्रशासन ने सभी छात्रों से अपील की है कि वे परिसर में शांति बनाए रखें और विवादास्पद गतिविधियों से दूर रहें, ताकि भविष्य में किसी भी कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
  • केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह असम पहुंचे, हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री ने किया स्वागत

    केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह असम पहुंचे, हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री ने किया स्वागत


    गुवाहाटी।
    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज गुवाहाटी पहुंचे।। गृहमंत्री का लोकप्रिय गोपीनाथ बरदलै अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा ने गर्मजोशी से स्वागत किया। हवाई अड्डे से गृह मंत्री सीधे हेलीकॉप्टर के जरिए श्रीमंत शंकरदेव के जन्म स्थान बटद्रबा थान के लिए रवाना हुए। वहां वो भव्य सांस्कृतिक प्रकल्प का उद्घाटन करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने अमित शाह को असम की पुण्यभूमि का आत्मिक शुभचिंतक बताते हुए कहा कि उनकी यह यात्रा राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री असम की विरासत और विकास से जुड़े कई अहम परियोजनाओं को प्रदेशवासियों को समर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि अमित शाह की यह यात्रा असम के लिए विकास और सांस्कृतिक नवजागरण के एक नए दौर की शुरुआत करेगी।

  • अमित शाह कल करेंगे ग्वालियर व्यापार मेला का उद्घाटन शिल्प और संस्कृति का संगम

    अमित शाह कल करेंगे ग्वालियर व्यापार मेला का उद्घाटन शिल्प और संस्कृति का संगम


    ग्वालियर । ग्वालियर व्यापार मेला जो मध्य भारत का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक मेला माना जाता है 25 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में इस मेले का उद्घाटन होने वाला है जो व्यापारियों और सैलानियों के लिए एक खास अवसर बनेगा। मेला प्राधिकरण और प्रशासन ने उद्घाटन की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है और अब इस मेला के उद्घाटन का इंतजार है।

    इस वर्ष का मेला पहले से भी ज्यादा खास होगा क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगमन से व्यापारियों और स्थानीय लोगों का उत्साह दोगुना हो गया है। सुरक्षा और स्वागत की भव्य तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
    मेले में इस बार विभिन्न सेक्टरों की छटा देखने को मिलेगी ऑटोमोबाइल क्षेत्र में शोरूम सजाए जा रहे हैं और बड़ी संख्या में लोग वाहन खरीदारी की योजना बना रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में नए गैजेट्स और घरेलू उपकरणों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनेगी।

    इसके साथ ही झूला सेक्टर और फूड जोन में रोमांच और स्वाद का तड़का होगा। हाई-टेक झूले युवाओं के लिए तैयार हैं जबकि फूड जोन में राजस्थानी पंजाबी और दक्षिण भारतीय व्यंजन भी स्वादिष्ट रूप से परोसे जाएंगे। मेला न केवल व्यापार बल्कि कला और संस्कृति का भी केंद्र बनेगा जहां 1 जनवरी से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन शुरू होगा।
    जनवरी के महीने में पहलवानी का भी आयोजन होगा। 19-20 जनवरी को जिला स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता और 23-25 जनवरी को राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता होगी जो खेल प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी।

    व्यापारी भी इस वर्ष मेला में उत्साहित हैं। पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दुकान आवंटन के बाद उत्तर प्रदेश राजस्थान दिल्ली जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में व्यापारी ग्वालियर आ रहे हैं। हस्तशिल्प और फर्नीचर सेक्टर में इस बार ऐसी अनोखी कलाकृतियां देखने को मिलेंगी जो पहले कभी नहीं आईं। ग्वालियर व्यापार मेला इस बार एक बेहतरीन अनुभव देने वाला है जिसमें व्यापार कला संस्कृति और खेल का जबरदस्त मिश्रण देखने को मिलेगा।

  • अमित शाह 24 दिसंबर को ग्वालियर आएंगे, सुरक्षा के कड़े इंतजाम, ट्रैफिक डायवर्जन

    अमित शाह 24 दिसंबर को ग्वालियर आएंगे, सुरक्षा के कड़े इंतजाम, ट्रैफिक डायवर्जन


    ग्वालियर । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 24 दिसंबर को ग्वालियर का दौरा करेंगे। कार्यक्रम के अनुसार.अमित शाह रात करीब नौ बजे ग्वालियर विमानतल पर उतरेंगे और होटल ताज ऊषा किरण पैलेस के लिए रवाना होंगे। अगले दिन25 दिसंबर को.वे सुबह 11:50 बजे कार्यक्रम स्थल के लिए निकलेंगे। इस दौरे के दौरान शहर की सड़कों पर वीवीआइपी मूवमेंट रहेगा.जिसके कारण कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा।
    पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर दी है और सुरक्षा व्यवस्था के तहत 4500 जवान तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा ऊंची इमारतों पर स्नाइपर भी तैनात होंगे और कार्यक्रम स्थल से लेकर होटल तक कड़ी सुरक्षा रहेगी। शहर में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। भिंड और मालनपुर से आने वाले वाहन विशेष मार्गों से ग्वालियर प्रवेश करेंगे। विभिन्न क्षेत्रों से शहर में आने और जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई है।

    अमित शाह ग्वालियर में अभ्युदय एमपी ग्रोथ समिट का शुभारंभ करेंगे.जिसमें 2 लाख करोड़ के निवेश और उद्योगों के शिलान्यास की घोषणा की जाएगी। यह कार्यक्रम मेला ग्राउंड पर होगा और इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और अन्य प्रदेश मंत्रीगण भी मौजूद रहेंगे। इस आयोजन में ग्वालियर-चंबल अंचल के एक लाख से अधिक लोग शामिल होने की संभावना है और यह प्रदेश में उद्योग-निवेश के लिए किए गए प्रयासों को प्रदर्शित करेगा।