बस्तर की आस्था पर प्रहार: मां दंतेश्वरी मंदिर में देर रात सेंधमारी, मुख्य द्वार का ताला तोड़ अंदर घुसे चोर


जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग की अधिष्ठात्री देवी और लाखों लोगों की अटूट आस्था का केंद्र मां दंतेश्वरी मंदिर में चोरी की एक दुस्साहसिक वारदात सामने आई है। 24 जनवरी की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए मुख्य फाटक का ताला तोड़ दिया और भीतर प्रवेश कर गए। इस घटना ने न केवल मंदिर की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं बल्कि पूरे बस्तर संभाग के श्रद्धालुओं में आक्रोश और शोक की लहर पैदा कर दी है।

घटना का खुलासा शनिवार सुबह उस वक्त हुआ जब मंदिर के पुजारी और प्रबंधन समिति के सदस्य नित्य पूजन के लिए मंदिर पहुंचे। मुख्य द्वार को क्षतिग्रस्त और ताले टूटे देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। मंदिर के गर्भगृह और आसपास के कमरों की स्थिति को देखते हुए प्राथमिक रूप से इसे चोरी का प्रयास माना जा रहा है, हालांकि चोरों ने मंदिर की पवित्रता को भारी ठेस पहुंचाई है।

चोरी गई सामग्री को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट के सदस्य फिलहाल मां दंतेश्वरी के आभूषणों, मुकुट और दान पेटी की राशि का मिलान करने में जुटे हैं। मुख्य पुजारी ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि मंदिर में कई प्राचीन और बहुमूल्य सामग्रियां हैं, जिनका आकलन करने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि चोर अपने साथ क्या-क्या ले जाने में सफल रहे। पुलिस ने पूरे परिसर की घेराबंदी कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

बस्तर पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और डॉग स्क्वाड की भी मदद ली जा रही है ताकि अपराधियों का सुराग लगाया जा सके। जगदलपुर के नागरिकों में इस घटना को लेकर गहरा गुस्सा है, क्योंकि मां दंतेश्वरी का मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक पहचान का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है। प्रशासन ने जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।