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  • बांग्लादेश में हिन्दुओं पर फिर हमले…. मुस्लिम युवक की हत्या के बाद फूंके अल्पसंख्यकों के घर और दुकानें

    बांग्लादेश में हिन्दुओं पर फिर हमले…. मुस्लिम युवक की हत्या के बाद फूंके अल्पसंख्यकों के घर और दुकानें


    ढाका।
    बांग्लादेश (Bangladesh) के उत्तर-पश्चिमी जिले रंगपुर (Northwestern district Rangpur) और पश्चिमी जिले कुश्तिया (Western district Kushtia) में शनिवार को भारी हिंसा और तनाव की खबरें सामने आईं। एक मुस्लिम आध्यात्मिक गुरु की हत्या के बाद भड़की भीड़ ने रंगपुर में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के घरों और दुकानों को निशाना बनाया। हैरानी की बात यह है कि मृतक के परिजनों द्वारा हिंदुओं का हाथ होने से इनकार किए जाने के बावजूद भीड़ ने इस समुदाय पर हमला बोल दिया। पुलिस इसे मुख्य मामले से ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी साजिश करार दे रही है।

    ढाका से लगभग 300 किलोमीटर दूर रंगपुर के दासपारा बाजार इलाके में शनिवार को एक मुस्लिम आध्यात्मिक गुरु रकीब हसन की बेरहमी से हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच के अनुसार, हसन की हत्या कथित तौर पर एक ड्रग तस्कर मोहम्मद मोमिन ने पुरानी रंजिश के चलते की थी।

    हालांकि, हत्या के कुछ ही घंटों बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया। एक उग्र भीड़ ने दासपारा बाजार में स्थित हिंदुओं के घरों और दुकानों पर हमला बोल दिया। स्थानीय समाचार पत्र ‘प्रथम आलो’ के अनुसार, इस क्षेत्र में हिंदू समुदाय के लगभग सौ से अधिक परिवार रहते हैं। चश्मदीदों का कहना है कि हमलावरों ने तोड़फोड़ के साथ-साथ लूटपाट की भी कोशिश की।


    ध्यान भटकाने के लिए हुए हमले

    रंगपुर के पुलिस कमिश्नर मोहम्मद मजीद अली ने मीडिया को बताया कि पुलिस असली हत्यारों की तलाश कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदू समुदाय के खिलाफ हुई हिंसा एक तीसरे पक्ष की साजिश है ताकि पुलिस का ध्यान रकीब हसन की हत्या के मामले से भटकाया जा सके। उन्होंने कहा, “हमने उन लोगों की पहचान कर ली है जिन्होंने हिंदू घरों और दुकानों में तोड़फोड़ की है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

    सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मृतक रकीब की मां नूरजहां बेगम ने स्वयं बयान दिया कि इस हत्या में हिंदू समुदाय का कोई हाथ नहीं है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “हमारा हिंदुओं साथ कोई विवाद नहीं है। हम सिर्फ अपने बेटे के असली हत्यारों की गिरफ्तारी चाहते हैं।”


    इस्लाम के अपमान का आरोप

    रंगपुर की घटना के समांतर ही ढाका से 200 किलोमीटर पश्चिम में स्थित कुश्तिया जिले में भी हिंसा की एक बड़ी वारदात हुई। यहां एक स्कूल शिक्षक और आध्यात्मिक हस्ती शमीम रजा जहांगीर की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई। उन पर इस्लाम के अपमान का आरोप लगाया गया था। दौलतपुर थाना पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने न केवल जहांगीर की जान ली, बल्कि उनके कम से कम सात अनुयायियों को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया। उग्र भीड़ ने जहांगीर के आश्रम को भी आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने बताया कि जहांगीर को इससे पहले 2021 में भी कट्टरपंथी संगठनों की शिकायतों पर विवादास्पद गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में कोर्ट के आदेश पर उन्हें रिहा कर दिया गया था।


    स्थिति संभालने की कोशिश

    इन दोहरे हमलों के बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रंगपुर और कुश्तिया में भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) की तैनाती की है। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।

    बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के आंकड़े डराने वाले हैं। ‘बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद’ द्वारा हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार, इस साल 1 जनवरी से 31 मार्च के बीच देश में सांप्रदायिक हिंसा की 133 घटनाएं दर्ज की गई हैं। मानवाधिकार संगठनों ने सरकार से अपील की है कि वे कट्टरपंथी तत्वों पर नकेल कसें और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

  • बांग्लादेश में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत… संकट में भारत ने की मदद… 5000 टन अतिरिक्त Diesel भेजा

    बांग्लादेश में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत… संकट में भारत ने की मदद… 5000 टन अतिरिक्त Diesel भेजा


    ढाका।
    पश्चिम एशिया (West Asia.) में चल रहे संघर्ष के कारण बांग्लादेश (Bangladesh.) में पेट्रोल-डीजल का भारी संकट मंडरा रहा है। इस बीच भारत ने पड़ोसी देश की मदद करते हुए 5,000 टन अतिरिक्त डीजल (5,000 Tonnes Additional Diesel) की सप्लाई की है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने शुक्रवार रात इस बात की पुष्टि की। बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) के महाप्रबंधक (वाणिज्यिक) मो. मुर्शेद हुसैन आजाद ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि भारत से 5,000 टन अतिरिक्त डीजल बांग्लादेश पहुंच गया है।

    इस नई खेप के साथ, बांग्लादेश को हाल के दिनों में भारत से कुल 15,000 टन डीजल मिल चुका है। 28 मार्च को 6,000 टन अतिरिक्त डीजल भेजने के लिए पंपिंग की प्रक्रिया की जाएगी। भारत ने आगामी अप्रैल माह में 40,000 टन डीजल की आपूर्ति करने का प्रस्ताव रखा है, जिसे बांग्लादेश सरकार ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया है।

    कैसे पहुंच रहा है डीजल?
    इस डीजल की सप्लाई असम स्थित ‘नुमालीगढ़ रिफाइनरी’ से की जा रही है। यह ईंधन ‘भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन’ के जरिए बांग्लादेश के पारबतीपुर डिपो तक भेजा जाता है। साल 2024 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ हुए बड़े जन आंदोलन के बाद इस मैत्री पाइपलाइन का संचालन रोक दिया गया था।

    हाल ही में फरवरी में हुए आम चुनावों के बाद, जब तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार ने सत्ता संभाली, तो इस पाइपलाइन को फिर से बहाल कर दिया गया। फिर से शुरू होने के बाद से अब तक इसी पाइपलाइन के माध्यम से 15,000 टन डीजल भेजा जा चुका है।

    बांग्लादेश में डीजल की मांग और आयात की स्थिति
    ऊर्जा विशेषज्ञ एजाज अहमद ने बांग्लादेश की ऊर्जा जरूरतों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की वार्षिक डीजल मांग 40 लाख टन है, जो पूरी तरह से आयात पर निर्भर है। विदेशों से आयात होने वाले कच्चे तेल में से केवल 5 लाख टन को ही बांग्लादेश की ‘ईस्टर्न रिफाइनरी’ में रिफाइन किया जा सकता है। बाकी की जरूरत पूरी करने के लिए सीधा रिफाइंड डीजल ही आयात करना पड़ता है। अपनी डीजल आपूर्ति के लिए बांग्लादेश मुख्य रूप से भारत, सिंगापुर और मध्य पूर्व पर निर्भर है।

  • बांग्लादेश से यूनुस के जाते ही सुधरने लगे रिश्ते…. अगले महीने भारत आएंगे विदेश मंत्री रहमान

    बांग्लादेश से यूनुस के जाते ही सुधरने लगे रिश्ते…. अगले महीने भारत आएंगे विदेश मंत्री रहमान


    नई दिल्ली।
    बांग्लादेश (Bangladesh) में मुहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार का शासन खत्म होने ही भारत बांग्लादेश (India-Bangladesh) के रिश्ते पटरी पर लौटने लगे हैं। इसकी शुरुआत बांग्लादेश के विदेश मंत्री (Foreign Minister) की भारत यात्रा से हो सकती है। मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान (Foreign Minister Khalilur Rahman) अगले महीने भारतीय राजधानी की एक संक्षिप्त यात्रा पर आ सकते हैं। यह इसीलिए अहम है क्योंकि ढाका में तारिक रहमान की सरकार बनने के बाद बांग्लादेशी विदेश मंत्री की यह पहली विदेश यात्रा होगी।

    यह खबर ऐसे समय में सामने आई है जब दोनों ही देश संबंधों में आए भारी तनाव के बाद रिश्तों को दोबारा मजबूत बनाने की कोशिशें कर रही हैं। सूत्रों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि रहमान 8 अप्रैल को मॉरीशस में होने वाले हिंद महासागर सम्मेलन में जाते समय नई दिल्ली में रुक सकते हैं। दिलचस्प बात यह भी है कि रहमान यूनुस सरकार का भी हिस्सा रह चुके हैं और वे तब पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसके बाद प्रधानमंत्री तारिक रहमान (Prime Minister Tariq Rahman) के मंत्रिमंडल में उनका नाम काफी चौंकाने वाला कदम था।

    इससे पहले भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने पिछले महीने ढाका में रहमान से मुलाकात की थी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से उन्हें जल्द से जल्द भारत आने का निमंत्रण दिया था। हालांकि प्रधानमंत्री तारिक रहमान की पहली विदेश यात्रा के बारे में ढाका की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। सूत्रों का मानना है कि इस बात की संभावना कम है कि तारिक रहमान पहले दौरे पर भारत या चीन जाएंगे।

    इसकी वजह यह है कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) सरकार ने यह संकेत दिए हैं कि उसकी विदेश नीति किसी भी क्षेत्रीय शक्ति के पक्ष में नहीं होगी। सूत्रों के मुताबिक बांग्लादेशी प्रधानमंत्री भूटान या मालदीव की यात्रा कर सकते हैं। सूत्रों ने बताया, “प्रधानमंत्री रहमान इस क्षेत्र के भीतर मजबूत संबंध बनाना चाहते हैं और उन क्षेत्रीय नेताओं के प्रति अपना आभार भी व्यक्त करना चाहते हैं जो उनके शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे।”

  • सलमान आगा ने रन आउट विवाद पर खेल भावना का पाठ पढ़ाया

    सलमान आगा ने रन आउट विवाद पर खेल भावना का पाठ पढ़ाया



    नई दिल्ली। पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज सलमान आगा ने बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे वनडे में अपने विवादित रन आउट के बाद खेल भावना (sportsman spirit) पर जोर देते हुए नया संदेश दिया। पारी के 39वें ओवर में बांग्लादेश के कप्तान मेहदी हसन मिराज गेंदबाजी कर रहे थे। चौथी गेंद पर मोहम्मद रिजवान का शॉट सीधे नॉन स्ट्राइकर एंड पर खड़े सलमान आगा की ओर गया। मिराज ने गेंद उठाई और देखा कि सलमान अभी क्रीज के बाहर थे, इसके बाद उन्होंने तुरंत रन आउट के लिए अंपायर से अपील की। थर्ड अंपायर ने नियम के तहत उन्हें आउट करार दिया।

    घटना के बाद सलमान आगा ने कहा कि वे समझते हैं कि मिराज ने नियम के दायरे में ही सही काम किया। लेकिन अगर उन्हें मौका मिलता, तो वे नियम से ऊपर खेल भावना को चुनते। उन्होंने कहा, “यह बस उस पल की गरमा-गरमी थी। मैं हमेशा नियम का पालन करता हूं, लेकिन खेल में स्थिति चाहे जैसी भी हो, खेल भावना सबसे ऊपर होनी चाहिए।”

    सलमान ने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा, “जो मेहदी ने किया, वह नियम के दायरे में सही है। अगर उन्हें लगता है कि यह सही है, तो यह सही है। लेकिन मेरे नजरिए से, मैं चीजें अलग तरह से करता। मैं हमेशा खेल भावना को प्राथमिकता दूंगा।” उनके इस बयान ने साबित किया कि क्रिकेट में सिर्फ नियमों का पालन ही नहीं बल्कि खेल भावना की भी उतनी ही अहमियत है।

    सलमान आगा का यह दृष्टिकोण खिलाड़ियों और फैन्स के लिए सीखने योग्य है। उन्होंने यह संदेश दिया कि खेल में जीत और हार महत्वपूर्ण है, लेकिन खेल भावना और ईमानदारी सबसे ऊपर होनी चाहिए। फैन्स ने उनके इस बयान को सराहा और इसे क्रिकेट के लिए सकारात्मक संदेश माना। यह घटना याद दिलाती है कि नियम के भीतर खेलते हुए भी खिलाड़ी खेल की आत्मा को हमेशा कायम रख सकते हैं।

    इस तरह सलमान आगा ने अपने रन आउट विवाद को अवसर में बदलते हुए खेल भावना की मिसाल पेश की। उनके बयान ने यह स्पष्ट कर दिया कि क्रिकेट में सम्मान और ईमानदारी हमेशा जीत से ऊपर हैं।

  • बांग्लादेश में नई सरकार आने के बाद भी हिंदुओं पर हमले जारी… फिर हुई दो की हत्या

    बांग्लादेश में नई सरकार आने के बाद भी हिंदुओं पर हमले जारी… फिर हुई दो की हत्या


    ढाका।
    बांग्लादेश (Bangladesh) में अल्पसंख्यकों (Minorities) के लिए हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। नई सरकार (New government) आने के बाद भी हिंदुओं और हिंदू मंदिरों (Hindu Temples) पर हमले का सिलसिला नहीं रुका है। पिछले एक हफ्ते में अलग-अलग घटनाओं में दो हिंदुओं की हत्या हो चुकी है। वहीं, चार अन्य लोग, जिसमें एक पुजारी भी शामिल है, मंदिर के बाहर बम धमाके में घायल हो गए हैं। बांग्लादेश के दक्षिणपंथी ग्रुप, जातियो हिंदुओ मोहाजोतो ने इसकी जानकारी दी है। 6 मार्च और 7 मार्च को बोगुरा और कॉक्स बाजार में दो व्यक्तियों की हत्या कर दी गई, जबकि 8 मार्च को चुमिल्ला शहर में पूजा के दौरान एक हिंदु मंदिर पर क्रूड बम फेंके गए, जिससे काफी डर फैल गया।


    मंदिर पर हमले की पुष्टि

    बांग्लादेश समाचार की एक रिपोर्ट में कालीगाछ टाला काली मंदिर पर हमले की पुष्टि की है। कोतवाली मॉडल पुलिस स्टेशन के प्रभारी तौहीदुल अनवर ने बताया कि पुरोहित केशोब चक्रवर्ती, साथ ही अन्य दो लोगों को अस्पताल में उपचार मिला। मंदिर समिति के अध्यक्ष सजोल कुमार चंदा ने कहाकि धमाका धार्मिक समारोह के दौरान हुआ। सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर एक नकाबपोश व्यक्ति को धमाके से थोड़ी देर पहले मंदिर में प्रवेश करते और एक बैग छोड़ते हुए दिखाया गया। घायल पुजारी केशब चक्रवर्ती ने बताया कि बम विस्फोट के बाद, मेरे सामने एक सफेद चीज गिरी…बाद में, धुआं देखकर, दूसरों ने मुझे बताया कि यह एक बम था।


    क्षेत्र में फैल गई घबराहट

    विस्फोट के बाद क्षेत्र में घबराहट फैल गई। पहले धमाके के बाद, हमलावरों ने कथित तौर पर नजदीकी बौद्ध मंदिर और एक निजी ऑफिस के पास दो और साधारण बम फोड़ दिए। मेट्रोपॉलिटन पूजा उत्सव फ्रंट के संयोजक श्यामल कृष्ण ने स्थल का दौरा किया और जिम्मेदारों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया।

    उन्होंने कहाकि जो लोग शांतिपूर्ण वातावरण को भंग करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें जल्दी गिरफ्तार किया जाना चाहिए। घटना के बाद पुलिस अधिकारियों, जिनमें कुमिला के पुलिस अधीक्षक मोहम्मद अनीसुज्जमान भी शामिल थे, ने स्थल का दौरा किया और जांच में सहायता के लिए एक एंटी बम स्क्वॉड को बुलाया गया।

  • बंगाल में पकड़े गए बांग्लादेश के दो आरोपी, युवा नेता हादी की हत्या में बताए जा रहे शामिल

    बंगाल में पकड़े गए बांग्लादेश के दो आरोपी, युवा नेता हादी की हत्या में बताए जा रहे शामिल


    कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सीमा के पास पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इन पर बांग्लादेश के युवा नेता और सामाजिक कार्यकर्ता शरिफ उस्मान हादी की हत्या में शामिल होने का आरोप है।

    पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बोंगांव सीमा क्षेत्र में छापेमारी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ा। पुलिस के मुताबिक आरोपी भारत में छिपे हुए थे और मौका मिलते ही वापस बांग्लादेश भागने की योजना बना रहे थे।

    गुप्त सूचना के बाद हुई कार्रवाई

    पुलिस को सूचना मिली थी कि बांग्लादेश में गंभीर अपराध करने के बाद दो लोग अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए हैं। इसके बाद STF ने बोंगांव इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया।

    7 और 8 मार्च की रात छापेमारी कर दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी पहचान राहुल उर्फ फैसल करीम मसूद और आलमगीर हुसैन के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों पर हत्या और वसूली जैसे गंभीर अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं।

    मेघालय सीमा से भारत में घुसे

    जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी मेघालय सीमा के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे। इसके बाद वे अलग-अलग जगहों पर घूमते रहे और अंत में पश्चिम बंगाल के बोंगांव इलाके में पहुंच गए।

    पुलिस को शक है कि वे कुछ समय तक सीमा के पास छिपे रहने के बाद फिर से बांग्लादेश भागने की योजना बना रहे थे।

    ढाका में हुई थी गोली मारकर हत्या

    जानकारी के अनुसार 12 दिसंबर को ढाका के बिजयनगर इलाके में शरिफ उस्मान हादी पर उस समय हमला किया गया था जब वह रिक्शा से यात्रा कर रहे थे। हमलावरों ने करीब से गोली चलाई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

    बेहतर इलाज के लिए 15 दिसंबर को उन्हें एयर एंबुलेंस से सिंगापुर भेजा गया, लेकिन 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई।

    हत्या के बाद ढाका में प्रदर्शन

    हादी की मौत के बाद ढाका में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। उनके समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग की थी। उस समय मोहम्मद यूनुस ने इस घटना के बाद राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया था।

    बताया जाता है कि हादी को फरवरी 2026 के राष्ट्रीय चुनाव में ढाका-8 सीट से संभावित उम्मीदवार माना जा रहा था।

    आगे की जांच जारी

    पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे और भारत में आने के बाद आरोपियों ने किन लोगों से संपर्क किया।

  • Super Sunday: आज दो बड़े मैच खेलेगी टीम इंडिया.. बांग्लादेश को लड़कियां और SA को लड़के सिखाएंगे सबक

    Super Sunday: आज दो बड़े मैच खेलेगी टीम इंडिया.. बांग्लादेश को लड़कियां और SA को लड़के सिखाएंगे सबक


    नई दिल्ली।
    क्रिकेट फैन्स (Cricket fans) के लिए संडे सच में सुपर होने वाला है. एक ही दिन में टीम इंडिया (Team India) दो बड़े मुकाबलों में मैदान पर उतर रही है. पहले एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट (Asia Cup Rising Stars Tournament) के फाइनल में भारतीय महिला टीम (Indian Women’s Team) बांग्लादेश से भिड़ेगी, और उसके बाद टी20 विश्व कप 2026 (T20 World Cup 2026) में भारतीय पुरुष टीम का सामना दक्षिण अफ्रीका से होगा। यानी दिन की शुरुआत महिला टीम के खिताबी मुकाबले से होगी और शाम को नजरें टी20 विश्व कप के सुपर-8 मुकाबले पर टिकी रहेंगी।


    पहले बांग्लादेश से खिताबी जंग

    एशिया कप राइजिंग स्टार्स के फाइनल में भारत और बांग्लादेश की महिला टीमें आमने-सामने होंगी. पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने संतुलित प्रदर्शन किया है. बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में टीम ने मजबूती दिखाई है, जिसके दम पर वह फाइनल तक पहुंची है. बांग्लादेश की टीम भी कम नहीं आंकी जा सकती. उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में वह हमेशा चुनौती पेश करती है. ऐसे में फाइनल मुकाबला रोमांचक होने की पूरी उम्मीद है. भारतीय महिला टीम की कोशिश होगी कि वह दबाव के इस मुकाबले में संयम बनाए रखे और ट्रॉफी अपने नाम करे. दोनों टीमों के इस टूर्नामेंट के सफर पर अगर नजर डालें तो बांग्लादेश ने अपने 3 में से 3 मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई है. वहीं, भारत ने 3 में से 2 मैच जीते हैं और फाइनल में उसे जगह मिली है। भारत और बांग्लादेश के बीच ये फाइनल मैच बैंकॉक में दोपहर 2 बजे से खेला जाएगा।


    शाम को साउथ अफ्रीका से सुपर-8 की टक्कर

    महिला टीम के बाद बारी होगी पुरुष टीम की. टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 चरण में भारत का मुकाबला दक्षिण अफ्रीका से होगा. कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में भारतीय टीम अब तक टूर्नामेंट में शानदार लय में दिखी है. ग्रुप स्टेज में टीम ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए सुपर-8 में जगह बनाई. दक्षिण अफ्रीका की टीम भी संतुलित है और बड़े मैचों में कड़ी टक्कर देने के लिए जानी जाती है. ऐसे में यह मुकाबला सेमीफाइनल की राह तय करने में अहम साबित हो सकता है। भारतीय बल्लेबाजी क्रम से तेज शुरुआत की उम्मीद होगी, जबकि गेंदबाजों को मध्य ओवरों में नियंत्रण बनाकर रखना होगा. टीम मैनेजमेंट संतुलित संयोजन के साथ मैदान पर उतरने की तैयारी में है. मुकाबला अहमदाबाद में शाम 7 बजे से शुरू होगा।


    डबल जीत की उम्मीद

    एक ही दिन में दो बड़े मुकाबले होने से क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह चरम पर है. अगर भारतीय महिला टीम बांग्लादेश को हराकर खिताब जीतती है और पुरुष टीम दक्षिण अफ्रीका को सुपर-8 में मात देती है, तो यह “सुपर संडे” यादगार बन सकता है. फैन्स की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या टीम इंडिया दोनों मोर्चों पर जीत दर्ज कर डबल डोज दे पाएगी।

  • बंगाल में CAA लागू करने के लिए मोदी सरकार ने बनाई विशेष समिति, विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा कदम

    बंगाल में CAA लागू करने के लिए मोदी सरकार ने बनाई विशेष समिति, विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा कदम



    कोलकाता। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। यह कदम 2024 में अधिसूचित CAA नियमों के तहत बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    समिति का काम अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों के नागरिकता आवेदन की जांच और मंजूरी देना है। यह सुनिश्चित करेगी कि सभी आवेदन पूरी तरह से सही हों और आवेदक नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 6B के अनुसार पात्र हों।

    समिति में शामिल अधिकारी
    केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार समिति का गठन इस प्रकार हुआ है:
    अध्यक्ष: डिप्टी रजिस्ट्रार जनरल, जनगणना कार्य निदेशालय, पश्चिम बंगाल

    प्रमुख सदस्य:
    सब्सिडियरी इंटेलिजेंस ब्यूरो (SIB) का उप सचिव स्तर का अधिकारी
    क्षेत्रीय विदेशी पंजीकरण अधिकारी (FRRO) द्वारा नामित अवर सचिव स्तर का अधिकारी
    राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), पश्चिम बंगाल का अवर सचिव स्तर का अधिकारी
    पश्चिम बंगाल के पोस्ट मास्टर जनरल या उनके द्वारा नामित डाक अधिकारी

    विशेष आमंत्रित सदस्य:
    पश्चिम बंगाल सरकार का प्रमुख सचिव (गृह) या अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) कार्यालय का प्रतिनिधि
    रेलवे के क्षेत्रीय मंडल रेल प्रबंधक (DRM) का प्रतिनिधि

    नागरिकता पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
    नियम 11A के तहत, अफगानिस्तान, बांग्लादेश या पाकिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी या ईसाई समुदाय के लोग जो 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आए थे, नागरिकता के लिए पात्र हैं। इन आवेदकों को अपना आवेदन इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा करना होगा।

    राजनीतिक परिप्रेक्ष्य और मतुआ समुदाय
    यह कदम पश्चिम बंगाल की राजनीति में संवेदनशील है।

    मतुआ समुदाय: बांग्लादेश से आए लाखों मतुआ और बंगाली हिंदू लंबे समय से भारतीय नागरिकता की प्रतीक्षा कर रहे हैं और यह उनका बड़ा वोट बैंक है।

    टीएमसी का रुख: सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) का कहना है कि CAA लागू होने से मतुआ समुदाय के वोटिंग अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी ने समुदाय से CAA शिविरों से दूर रहने की अपील की है, जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया है कि वह बंगाल में CAA लागू नहीं होने देंगी।

    गृह मंत्रालय का उद्देश्य इस सशक्त समिति के माध्यम से पश्चिम बंगाल में CAA से जुड़ी भ्रम और लंबित आवेदनों के गतिरोध को दूर करना है।

  • तारिक रहमान का शपथग्रहण कल…. ओम बिरला होंगे शामिल, PM मोदी नहीं जाएंगे बांगलादेश

    तारिक रहमान का शपथग्रहण कल…. ओम बिरला होंगे शामिल, PM मोदी नहीं जाएंगे बांगलादेश

    ढाका। बांग्लादेश (Bangladesh.) के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान (Tariq Rahman.) के शपथग्रहण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi.) नहीं जाएंगे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला (Lok Sabha Speaker Om Birla) को भारत बांग्लादेश भेज रहा है। उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी होंगे। यह समारोह 17 फरवरी को ढाका के राष्ट्रीय संसद भवन के साउथ प्लाजा में आयोजित होगा।

    एक खबर में सूत्रों के हवाले से बताया कि यह प्रतिनिधिमंडल भारत-बांग्लादेश के गहरे और स्थायी दोस्ती को रेखांकित करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रण मिला था, लेकिन वे मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से द्विपक्षीय वार्ता और दिल्ली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समिट की तैयारी के कारण नहीं जा पा रहे।

    हाल ही में बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने भारी जीत दर्ज की। तारिक रहमान 17 साल के निर्वासन के बाद दिसंबर 2025 में लंदन से वापस लौटे थे, अब प्रधानमंत्री पद संभालने जा रहे हैं। उनके पिता जिया उर रहमान बीएनपी के संस्थापक थे और मां खालिदा जिया पूर्व प्रधानमंत्री रही हैं। 2008 में भ्रष्टाचार के आरोपों में देश छोड़ने वाले रहमान ने चुनाव में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया। यह चुनाव 2024 के छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना के सत्ता से बेदखल होने के बाद पहला था। रहमान ने जीत के बाद राष्ट्रीय एकता का आह्वान किया और कहा कि वे लोकतंत्र, कानून व्यवस्था और आर्थिक स्थिरता को मजबूत करेंगे।


    भारत के साथ कैसे होंगे रिश्ते

    प्रधानमंत्री मोदी ने 13 फरवरी को तारिक रहमान को फोन पर बधाई दी और उन्हें लोकतंत्र की रक्षा करने वाले सभी बलिदानों को याद किया। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने 13 देशों के नेताओं को आमंत्रित किया, जिसमें चीन, पाकिस्तान, सऊदी अरब और मलेशिया जैसे देश शामिल हैं। भारत की ओर से उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला दोनों देशों के बीच नई शुरुआत का प्रतीक है। बीएनपी ने हमेशा भारत के साथ संतुलित संबंधों पर जोर दिया है और रहमान ने कहा है कि वे किसी एक देश पर अत्यधिक निर्भरता नहीं रखेंगे, बल्कि व्यापक अंतरराष्ट्रीय साझेदारी बनाएंगे।

    यह शपथ ग्रहण समारोह बांग्लादेश में लोकतंत्र की वापसी का प्रतीक माना जा रहा है। तारिक रहमान ने युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने, भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती और रोजगार सृजन का वादा किया है। भारत के लिए बांग्लादेश एक अहम पड़ोसी है और दोनों देश साझा इतिहास, संस्कृति व सीमा से जुड़े हैं। ओम बिरला और विक्रम मिस्री की उपस्थिति से व्यापार, सुरक्षा, जल संसाधन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई गति मिलने की उम्मीद है। दोनों देश मिलकर क्षेत्रीय स्थिरता और समृद्धि के लिए काम करेंगे, जो दक्षिण एशिया के भविष्य के लिए अहम है।

  • बांग्लादेश में BNP की ऐतिहासिक विजय…. जमात-ए-इस्लामी की जीत से बढ़ी भारत की चिंता, सीमावर्ती राज्यों में अलर्ट

    बांग्लादेश में BNP की ऐतिहासिक विजय…. जमात-ए-इस्लामी की जीत से बढ़ी भारत की चिंता, सीमावर्ती राज्यों में अलर्ट


    ढाका।
    बांग्लादेश (Bangladesh) में पिछले दो दशकों के राजनीतिक गतिरोध (Political Deadlock) को तोड़ते हुए, तारिक रहमान (Tariq Rahman.) के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) (Bangladesh Nationalist Party – BNP) ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर आम चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। 297 घोषित सीटों में से 212 पर कब्जा कर BNP ने दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। इस जीत के साथ ही 20 साल बाद देश में BNP की वापसी हुई है। हालांकि, इस चुनावी परिणाम ने भारत की सुरक्षा एजेंसियों और सरकारों की चिंता बढ़ा दी है। इसका मुख्य कारण जमात-ए-इस्लामी और उसके 11 सहयोगियों द्वारा 77 सीटों पर दर्ज की गई शानदार जीत है।

    भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि जमात-ए-इस्लामी ने जिन सीटों पर जीत हासिल की है, उनमें से एक बड़ा हिस्सा पश्चिम बंगाल और असम की सीमा से लगे बांग्लादेशी जिलों में स्थित है। सेंटर फॉर स्टडीज इन सोशल साइंसेज के प्रोफेसर मैदुल इस्लाम ने इस स्थिति का विश्लेषण करते हुए बताया कि शेख हसीना की अवामी लीग के चुनाव से बाहर होने के बाद मुकाबला मूल रूप से जमात और BNP के बीच था।

    प्रोफेसर इस्लाम ने कहा, “BNP की जीत यह संकेत देती है कि बांग्लादेश में स्वतंत्र पहचान और राष्ट्रवाद का मुद्दा अभी भी जनता के लिए महत्वपूर्ण है। जमात ने 1971 के मुक्ति संग्राम के इतिहास को चुनौती देने की कोशिश की, जो व्यर्थ साबित हुई। हालांकि, जनमत संग्रह यह भी संकेत देता है कि अब 1972 के संविधान में संशोधन के प्रयास किए जाएंगे।”


    भारत के सीमावर्ती राज्य हाई अलर्ट पर

    जमात की चुनावी ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने पश्चिम बंगाल के छह जिलों जलपाईगुड़ी, मालदा, मुर्शिदाबाद, नदिया, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना से लगी सीमा के साथ-साथ असम के सिलचर से लगे क्षेत्रों में अपना प्रभुत्व फिर से स्थापित कर लिया है। सुरक्षा जानकारों का मानना है कि यह स्थिति भारत के सीमा सुरक्षा बल (BSF) और खुफिया एजेंसियों के लिए चुनौती बन सकती है। सीमा के वे हिस्से जहां कंटीली तारें नहीं लगी हैं, वे लंबे समय से मानव तस्करी और तस्करी के लिए उपयोग किए जाते रहे हैं। इस फैसले के बाद भारत को हाई अलर्ट पर रखा गया है।


    अल्पसंख्यकों की चिंता

    राजनीतिक विज्ञान की प्रोफेसर पांचाली सेन ने कहा कि जमात-ए-इस्लामी ने भारत के प्रति अपनी सार्वजनिक मुद्रा को नरम किया है और पड़ोसी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों के लिए खुलापन दिखाया है, लेकिन भारत के लिए सुरक्षा और आतंकवाद एक प्रमुख चिंता बनी रहनी चाहिए। प्रोफेसर सेन ने जोर देकर कहा, “बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा, जिन पर पहले ही हमले हो चुके हैं, भारतीय सरकार की प्राथमिकता सूची में होनी चाहिए। चूंकि भारत ने इस फैसले का स्वागत किया है, दिल्ली ढाका के साथ राजनयिक संबंध बनाए रखने और क्षेत्र में शक्ति संतुलन सुनिश्चित करने के लिए एक सतर्क नीति अपना सकती है।”


    आतंकवाद का खतरा

    खुफिया विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) जैसे आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों पर अभी कोई भी भविष्यवाणी करना जल्दबाजी होगी। JMB ने भारत में भी अपना नेटवर्क स्थापित किया है। अधिकारी ने कहा, “भारत में आतंकवादी समूहों के रूप में सूचीबद्ध छह बांग्लादेशी संगठनों में से JMB ने हाल के वर्षों में सबसे अधिक वृद्धि दिखाई है। 2020 और 2025 के बीच पश्चिम बंगाल और कोलकाता में एक दर्जन से अधिक JMB ऑपरेटरों को गिरफ्तार किया गया है। ये तत्व उन संगठनों की ओर देखते हैं जो जमात का समर्थन करते हैं।”

    दिसंबर 2025 में पश्चिम बंगाल और असम के विभिन्न हिस्सों से 2016 में गिरफ्तार किए गए JMB के पांच सदस्यों को कोलकाता की एक अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेज (IED) के घटक जब्त किए गए थे।