बड़वानी। जिले में मंगलवार को भारतीय मजदूर संघ, मध्यप्रदेश के बैनर तले आउटसोर्स एवं ठेका कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम नायब तहसीलदार बाबू सिंह निनामा के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी रैली के रूप में पहुंचे और अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की।
आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं पर ठोस नीति की मांग
ज्ञापन में प्रदेश के विभिन्न विभागों, उद्योगों और संस्थाओं में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए एक ठोस और स्पष्ट नीति बनाने की मांग की गई है। संघ ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा और स्थायी सुविधाओं का अभाव झेलना पड़ रहा है, जिसे तुरंत दूर किया जाना चाहिए।
ज्ञापन में प्रदेश के विभिन्न विभागों, उद्योगों और संस्थाओं में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए एक ठोस और स्पष्ट नीति बनाने की मांग की गई है। संघ ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा और स्थायी सुविधाओं का अभाव झेलना पड़ रहा है, जिसे तुरंत दूर किया जाना चाहिए।
श्रम कानूनों के सख्त पालन की मांग
संघ ने अपने ज्ञापन में श्रम कानूनों के सख्त पालन पर जोर देते हुए कहा कि कानूनों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही मांग की गई कि 8 घंटे से अधिक कार्य करने पर अतिरिक्त भुगतान दिया जाए, वेतन हर महीने की 7 तारीख तक सुनिश्चित रूप से मिले और सभी कर्मचारियों को वेतन पर्ची उपलब्ध कराई जाए।
संघ ने अपने ज्ञापन में श्रम कानूनों के सख्त पालन पर जोर देते हुए कहा कि कानूनों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही मांग की गई कि 8 घंटे से अधिक कार्य करने पर अतिरिक्त भुगतान दिया जाए, वेतन हर महीने की 7 तारीख तक सुनिश्चित रूप से मिले और सभी कर्मचारियों को वेतन पर्ची उपलब्ध कराई जाए।
ईपीएफ, ईएसआई और समान वेतन की मांग
कर्मचारियों ने मांग की कि सभी आउटसोर्स कर्मियों को ईपीएफ और ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिले। इसके साथ ही समान कार्य के लिए समान वेतन का सिद्धांत लागू करने और बिचौलिया प्रथा को पूरी तरह समाप्त कर सीधे विभाग से भुगतान करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।
कर्मचारियों ने मांग की कि सभी आउटसोर्स कर्मियों को ईपीएफ और ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिले। इसके साथ ही समान कार्य के लिए समान वेतन का सिद्धांत लागू करने और बिचौलिया प्रथा को पूरी तरह समाप्त कर सीधे विभाग से भुगतान करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।
नौकरी सुरक्षा और सुविधाओं पर जोर
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि बिना जांच के किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं हटाया जाए और अनुभव के आधार पर वेतन वृद्धि दी जाए। साथ ही नियमित भर्ती प्रक्रियाओं में आउटसोर्स कर्मचारियों को अवसर देने, सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने और साप्ताहिक अवकाश देने की मांग की गई।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि बिना जांच के किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं हटाया जाए और अनुभव के आधार पर वेतन वृद्धि दी जाए। साथ ही नियमित भर्ती प्रक्रियाओं में आउटसोर्स कर्मचारियों को अवसर देने, सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने और साप्ताहिक अवकाश देने की मांग की गई।
62 वर्ष तक सेवा और बीमा सुविधा की मांग
संघ ने यह भी प्रस्ताव रखा कि कर्मचारियों को 62 वर्ष तक सेवा का अवसर दिया जाए। इसके अलावा 20 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा और कौशल विकास प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की भी मांग रखी गई, ताकि कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित और सशक्त बन सके।
संघ ने यह भी प्रस्ताव रखा कि कर्मचारियों को 62 वर्ष तक सेवा का अवसर दिया जाए। इसके अलावा 20 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा और कौशल विकास प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की भी मांग रखी गई, ताकि कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित और सशक्त बन सके।
प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की अपील
भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान केवल कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के हित में है। उन्होंने सरकार से जल्द ठोस निर्णय लेने की अपील की।
भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान केवल कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के हित में है। उन्होंने सरकार से जल्द ठोस निर्णय लेने की अपील की।
