Tag: BCCI

  • क्रिकेट की जीत…IND vs PAK मैच को लेकर राजीव शुक्ला ने ICC की जमकर की तारीफ

    क्रिकेट की जीत…IND vs PAK मैच को लेकर राजीव शुक्ला ने ICC की जमकर की तारीफ


    नई दिल्ली । टी-20 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाला मैच अब तय है। बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इसकी पुष्टि की है। पहले बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों से भारत में खेलने से इनकार किया था, जिसके बाद पाकिस्तान ने भी बहिष्कार की धमकी दी थी। हालांकि, आईसीसी की मध्यस्थता और पाकिस्तान सरकार की मंजूरी के बाद यह विवाद सुलझ गया है। शुक्ला ने इसे ‘क्रिकेट की जीत’ बताया है।
    टी-20 विश्व कप में 15 फरवरी को कोलंबो में भारत के साथ मैच खेलने के लिए पाकिस्तान तैयार हो गया है, लेकिन इसकी आधिकारिक घोषणा आज होगी। इस बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला का रिएक्शन सामने आया है।उन्होंने आईसीसी के प्रयासों की सराहना की और ये पुष्टि की है कि टी20 विश्व कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला हाई-वोल्टेज मुकाबला अब तय कार्यक्रम के अनुसार कोलंबो में खेला जाएगा।

    Rajeev Shukla ने IND vs PAK मैच को लेकर क्या कहा?

    दरअसल, बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने 10 फरवरी को पत्रकारों से बात करते हुए इसे “क्रिकेट की जीत” करार दिया। उन्होंने कहा कि आईसीसी ने जिस तरह से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के साथ बातचीत कर बीच का रास्ता निकाला है, वह काबिले तारीफ है।
    पूरा विवाद समझेंये पूरा मामला बीसीसीआई के बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 के लिए टीम से रिलीज करने का केकेआर को आदेश दिया था, जिसके बाद बांग्लादेश की सरकार ने ये फैसला लिया कि उनकी नेशनल टीम टी-20 विश्व कप के लिए भारत नहीं आएगी।

    बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने मैच भारत से बाहर कराने की आईसीसी से मांग की थी। आईसीसी द्वारा इस मांग को ठुकराए जाने और बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर करने के बाद, पाकिस्तान ने एकजुटता दिखाते हुए भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार की धमकी दी थी। हालांकि, अब ये मामला सुलझ गया है।

    पाकिस्तान सरकार ने दी हरी झंडी

    सोमवार को पाकिस्तान सरकार ने अपनी टीम को भारत के खिलाफ मैदान में उतरने का औपचारिक निर्देश दिया। पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को आईसीसी और अन्य हितधारकों के साथ हुई चर्चा की जानकारी दी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने इस दौरान श्रीलंका के राष्ट्रपति से भी बातचीत की।

    पाकिस्तान के अपने फैसले से यू-टर्न के बाद राजीव शुक्ला ने ये विश्वास भी जताया कि यह विश्व कप एक बड़ी सफलता साबित होगा। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की चिंताओं को भी सुना गया है और उनके बोर्ड को कुछ राहत दी गई है, जिससे वे भी अब संतुष्ट हैं।अब सबकी निगाहें 15 फरवरी पर टिकी हैं, जब कोलंबो में डिफेंडिंग चैंपियन भारत का सामना अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगा।

  • बीसीसीआई केंद्रीय अनुबंध 2025-26: रोहित-कोहली ग्रेड बी में, ग्रेड ए+ श्रेणी खत्म, जेमिमा रोड्रिग्स को ग्रेड-ए में पदोन्नति

    बीसीसीआई केंद्रीय अनुबंध 2025-26: रोहित-कोहली ग्रेड बी में, ग्रेड ए+ श्रेणी खत्म, जेमिमा रोड्रिग्स को ग्रेड-ए में पदोन्नति


    नई दिल्ली।
    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) (Board of Control for Cricket in India – BCCI) ने 2025-26 सत्र के लिए खिलाड़ियों की केंद्रीय अनुबंध सूची (Central Contract List.) जारी कर दी है। इस बार सबसे बड़ा बदलाव यह रहा कि ए+ श्रेणी को पूरी तरह हटा दिया गया है और अब अनुबंध तीन ग्रेड – ए, बी और सी – में बांटे गए हैं। कुल 30 खिलाड़ियों को केंद्रीय अनुबंध मिला है।

    इस सूची में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) को ग्रेड बी में रखा गया है। शीर्ष ग्रेड ए में शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह और रविंद्र जडेजा को जगह मिली है।


    ग्रेड बी में बड़े नाम

    ग्रेड बी में कुल 11 खिलाड़ी शामिल हैं। कोहली और रोहित के अलावा केएल राहुल, ऋषभ पंत, हार्दिक पांड्या, मोहम्मद सिराज, सूर्यकुमार यादव, श्रेयस अय्यर, कुलदीप यादव, यशस्वी जायसवाल और वॉशिंगटन सुंदर को इस श्रेणी में रखा गया है। वॉशिंगटन सुंदर को प्रमोशन मिला है, जबकि कुछ खिलाड़ी इस ग्रेड में बरकरार हैं।


    ग्रेड सी में युवा खिलाड़ियों पर जोर

    ग्रेड सी में 15 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। अक्षर पटेल को ग्रेड बी से नीचे लाकर इसी श्रेणी में रखा गया है। इस ग्रेड में तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, संजू सैमसन, शिवम दुबे, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, ध्रुव जुरेल, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, नितीश कुमार रेड्डी, अभिषेक शर्मा, रवि बिश्नोई और ऋतुराज गायकवाड़ जैसे नाम शामिल हैं। साई सुदर्शन इस सूची में नए खिलाड़ी के रूप में जुड़े हैं।


    इन खिलाड़ियों को नहीं मिला अनुबंध

    पिछले सत्र की तुलना में मोहम्मद शमी, ईशान किशन, रजत पाटीदार, मुकेश कुमार और सरफराज खान इस बार केंद्रीय अनुबंध से बाहर हो गए हैं। नई अनुबंध सूची से साफ है कि बीसीसीआई अब प्रदर्शन और भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों को प्राथमिकता दे रहा है। साथ ही युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की रणनीति पर भी जोर है।

    इधर, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स को 2025-26 सत्र के लिए बीसीसीआई के केंद्रीय अनुबंध में ग्रेड-ए में पदोन्नत किया गया है। 25 वर्षीय जेमिमा पिछले एक साल में टीम की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में रही हैं और 2025 विश्व कप में भारत की खिताबी जीत में उनकी भूमिका अहम रही। सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी नाबाद 127 रनों की पारी खास तौर पर यादगार रही। ग्रेड-ए में जेमिमा अब कप्तान हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा के साथ शामिल हो गई हैं। यह श्रेणी बोर्ड के सर्वोच्च अनुबंध स्तर को दर्शाती है।


    अनुबंध सूची का विस्तार

    इस बार महिला केंद्रीय अनुबंध सूची का दायरा बढ़ाया गया है। 2024-25 में जहां 16 खिलाड़ी शामिल थीं, वहीं 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 21 हो गई है। हालांकि, चोटों के कारण लंबे समय तक बाहर रहीं श्रेयंका पाटिल और पूजा वस्त्राकर को इस सूची में जगह नहीं मिली, जबकि दोनों ने हाल ही में डब्ल्यूपीएल में वापसी की थी।


    ग्रेड-बी में सबसे ज्यादा बदलाव

    ग्रेड-बी श्रेणी में कई बदलाव देखने को मिले। रेणुका ठाकुर, शेफाली वर्मा और ऋचा घोष ने अपनी जगह बरकरार रखी है। वहीं स्नेह राणा, राधा यादव, उमा छेत्री, अरुंधति रेड्डी और अमनजोत कौर को ग्रेड-सी से प्रमोशन मिला है। प्रतिका रावल और क्रांति गौड़ को भी नए तौर पर इस ग्रेड में शामिल किया गया है।


    ग्रेड-सी में नए चेहरे

    ग्रेड-सी में युवा खिलाड़ियों को तरजीह दी गई है। पिछली सूची की नौ खिलाड़ियों में से सिर्फ यास्तिका भाटिया अपनी जगह बचा पाईं। नई सूची में हरलीन देओल, काश्वी गौतम, जी. कमलिनी, वैष्णवी शर्मा, तेजल हसबनिस और बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी को शामिल किया गया है। ये चयन हालिया अंतरराष्ट्रीय मौकों और भविष्य की तैयारी को ध्यान में रखकर किए गए हैं। बीसीसीआई की यह सूची साफ संकेत देती है कि महिला क्रिकेट में प्रदर्शन, फिटनेस और भविष्य की संभावनाओं को आधार बनाकर खिलाड़ियों को आगे बढ़ाया जा रहा है।

  • T20 वर्ल्ड कप 2026: IND vs PAK मैच को लेकर पाकिस्तान की तीन शर्तें, क्‍या भारत मानेगा?

    T20 वर्ल्ड कप 2026: IND vs PAK मैच को लेकर पाकिस्तान की तीन शर्तें, क्‍या भारत मानेगा?


    नई दिल्ली। आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच को लेकर विवाद अभी भी जारी है। पाकिस्तान ने फिलहाल मैच में हिस्सा लेने से इनकार किया है, हालांकि यह अब तक आईसीसी को आधिकारिक रूप से लिखित नहीं बताया गया।

    आईसीसी इस हाईवोल्टेज मुकाबले को कराने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। 8 फरवरी को आईसीसी अधिकारियों और PCB चीफ मोहसिन नकवी की बैठक हुई, जिसमें बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष भी मौजूद थे।

    पाकिस्तान की तीन डिमांड

    जानकारों के अनुसार, पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच में हिस्सा लेने के लिए तीन बड़ी डिमांड आईसीसी के सामने रखीं:अधिक रेवेन्यू शेयर: टूर्नामेंट में होने वाली कमाई में पाकिस्तान को अधिक हिस्सा चाहिए।बाइलेटरल क्रिकेट बहाली: भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज फिर से शुरू की जाए।खिलाड़ियों का हाथ मिलाना: टूर्नामेंट के दौरान भारतीय और पाकिस्तानी खिलाड़ियों को एक-दूसरे से हाथ मिलाना होगा।

    भारत नहीं मानेगा ये मांग

    इन तीन डिमांड्स में से दूसरी शर्त, यानी बाइलेटरल क्रिकेट शुरू करने की मांग, भारत कभी स्वीकार नहीं करेगा। भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी द्विपक्षीय सीरीज 2012 में खेली गई थी। राजनीतिक तनाव और पिछले साल पहलगाम हमला के बाद भारत का पाकिस्तान के प्रति रुख और भी सख्त हो गया है। इसी वजह से एशिया कप 2025 से टीम इंडिया ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाना भी बंद कर दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान की बाकी दो डिमांड रेवेन्यू शेयर बढ़ाना और हाथ मिलाना पूरी की जा सकती हैं, लेकिन द्विपक्षीय सीरीज का फिर से शुरू होना फिलहाल असंभव लगता है।

  • BCCI अध्यक्ष चुनाव: गोविंद गोयल ने किया बड़ा दावा, चैंबर बनेगा व्यापारियों की आवाज पार्किंग से लॉजिस्टिक हब तक फोकस

    BCCI अध्यक्ष चुनाव: गोविंद गोयल ने किया बड़ा दावा, चैंबर बनेगा व्यापारियों की आवाज पार्किंग से लॉजिस्टिक हब तक फोकस



    भोपाल। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (BCCI) के 1 फरवरी को अध्यक्ष सहित चुनाव होंगे, जबकि 2 फरवरी को नतीजे घोषित होंगे। चुनाव प्रचार में अब तेजी आ गई है और उन्नति पैनल के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार गोविंद गोयल शहर के बाजारों, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के बीच सक्रिय संपर्क में हैं।
    गोयल का दावा है कि उनकी अध्यक्षता में चैंबर सिर्फ एक संस्था नहीं, बल्कि व्यापारियों की सशक्त आवाज बनेगा।

    गोयल ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर व्यापारियों को चैंबर की भविष्य की दिशा से अवगत कराया है। उनके संकल्प पत्र में पुराने शहर के बाजारों की पार्किंग समस्या का स्थायी समाधान प्रमुख रूप से शामिल है। इसके लिए मैकेनाइज्ड और मल्टीलेवल पार्किंग विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है।

    साथ ही गोयल ने भोपाल को राष्ट्रीय स्तर का लॉजिस्टिक हब बनाने, थोक फार्मा और मेडिकल ट्रेड का केंद्र विकसित करने, और बैरागढ़ को टेक्सटाइल हब के रूप में ब्रांडिंग करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए चैंबर को उनके लिए “लड़ने वाली संस्था” बनाया जाएगा।

    गोयल ने कहा कि वे पिछले पांच दशकों से व्यापार, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय हैं और हमेशा व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए आगे बढ़ते रहे हैं। उन्होंने सराफा व्यापारियों की समस्याओं और ट्रांसपोर्टर्स पर लगे 123 करोड़ रुपये के जुर्माने जैसे मुद्दों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है।

    उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर व्यापारियों ने उन्हें मौका दिया तो वह पूरे जोश और ऊर्जा के साथ काम करेंगे और व्यापारिक चुनौतियों के समाधान के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे।

    उन्नति पैनल की पूरी टीम
    उन्नति पैनल में अध्यक्ष गोविंद गोयल, उपाध्यक्ष अरविंद जैन, आदित्य जैन मन्या, अमित गोयल, महामंत्री विनोद जैन (MPT), मंत्री अजय देवनानी, संजीव जैन, सुनील जैन, कोषाध्यक्ष प्रदीप सेवानी, सह कोषाध्यक्ष हेमंत अग्रवाल, अतिरिक्त कोषाध्यक्ष अमित कुमार बिंदल शामिल हैं।

    कार्यकारिणी के लिए दीपक दुबे, राजेश गुप्ता, अमित जैन, कृष्ण गोपाल मुखरैया, मनोज कुमार साहू, कमल भंडारी, सचिन जैन, तेजेंद्र चावला, अनिल मिश्रा, अखिलेश मित्तल, वात्सायन जैन, भरत गुप्ता, आदित्य सिंघई, सुलभ मित्तल, जवाहर कोटवानी, स्मिथ जैन और अभिषेक जैन उम्मीदवार हैं।

    पहली बार टेंडर वोटिंग, 22 वोट डाले गए
    इस बार चैंबर चुनाव में पहली बार टेंडर वोटिंग और उम्मीदवारों के फोटो वाले मतपत्र का प्रावधान किया गया है।

    मुख्य चुनाव अधिकारी एडवोकेट पी.सी. कोठारी ने बताया कि 1 फरवरी को अनुपलब्ध रहने वाले मतदाताओं के लिए टेंडर वोटिंग की सुविधा दी गई, जिसमें 22 वोट डाले गए।

    चुनाव के लिए लगभग 170 सदस्यों की टीम तैनात की गई है। वोटिंग और काउंटिंग पॉलीटेक्निक कॉलेज चौराहा स्थित मानस भवन में होगी। गोविंद गोयल के सामने पूर्व अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली भी अध्यक्ष पद के उम्मीदवार हैं, जिन्होंने अपना घोषणा पत्र जारी किया है।

  • अब घरेलू क्रिकेट का ग्लैमर बढ़ेगा: BCCI ने लाइव मैचों की संख्या बढ़ाने का ऐलान

    अब घरेलू क्रिकेट का ग्लैमर बढ़ेगा: BCCI ने लाइव मैचों की संख्या बढ़ाने का ऐलान

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के घरेलू टूर्नामेंट में अंतरराष्ट्रीय स्टार्स की भागीदारी बढ़ने के साथ ही दर्शकों की मांग भी बढ़ी है। हालिया विजय हजारे ट्रॉफी में जब टीम इंडिया के दिग्गज विराट कोहली और रोहित शर्मा खेल रहे थे, तब भी उनके मैचों का लाइव प्रसारण नहीं हुआ, जिससे फैंस में निराशा और नाराजगी देखने को मिली।

    अब BCCI ने इस मुद्दे पर साफ संकेत दे दिए हैं कि वह घरेलू क्रिकेट की ब्रॉडकास्ट नीति में बदलाव करने जा रहा है। बोर्ड के सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पहले घरेलू मैचों के लाइव प्रसारण को लेकर कोई सवाल नहीं उठता था, लेकिन अब दर्शक और मीडिया दोनों ही यह मांग कर रहे हैं कि इंटरनेशनल खिलाड़ियों के मैच लाइव दिखाए जाएं।

    BCCI के पास फिलहाल 100 घरेलू मैचों का टेलीकास्ट कॉन्ट्रैक्ट है, जिसे अगले सीजन से बढ़ाने की योजना है। सैकिया ने स्पष्ट किया कि जब घरेलू क्रिकेट में शीर्ष खिलाड़ी नियमित रूप से खेल रहे हैं, तो दर्शक भी इन मैचों को लाइव देखना चाहते हैं। इसलिए बोर्ड 100 मैचों की सीमा बढ़ाकर अधिक मैचों का टेलीकास्ट कराएगा और इसके लिए ब्रॉडकास्ट पार्टनर्स के साथ मिलकर काम कर रहा है।

    देवजीत सैकिया ने घरेलू क्रिकेट में इंटरनेशनल खिलाड़ियों की भागीदारी के फायदे भी बताए। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों को देश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिलता है और इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। ड्रेसिंग रूम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ रहकर युवा खिलाड़ी खेल को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं और सीखते हैं।

    हालांकि यह बदलाव कब लागू होगा, इसकी आधिकारिक घोषणा BCCI अगले सीजन की शुरुआत से पहले कर सकता है। लेकिन यह साफ है कि BCCI घरेलू क्रिकेट को और अधिक प्रोफेशनल और दर्शक-केंद्रित बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे स्टार खिलाड़ियों की वजह से घरेलू क्रिकेट में दर्शकों की रुचि बढ़ी है, और BCCI भी घरेलू मैचों के लाइव प्रसारण की संख्या बढ़ाकर इस मांग को पूरा करने की तैयारी कर रहा है।

  • क्या आप इंडिया के लिए खेलने के काबिल हैं?ईशान किशन ने कमबैक की दास्तां सुनाई, 76 रनों की धमाकेदार पारी से किया सबका दिल जीत

    क्या आप इंडिया के लिए खेलने के काबिल हैं?ईशान किशन ने कमबैक की दास्तां सुनाई, 76 रनों की धमाकेदार पारी से किया सबका दिल जीत


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले टीम इंडिया में वापसी करने वाले ईशान किशन ने अपने करियर की सबसे बड़ी चुनौती खुद से सवाल पूछनाकी कहानी दुनिया के सामने रखी। दो साल से ज्यादा समय तक टीम इंडिया से बाहर रहने के बाद, उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में लगातार रन बनाकर खुद को फिर से टीम में जगह दिलाई। और अब, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में उन्होंने 76 रनों की धुआंधार पारी खेलकर वापसी को और यादगार बना दिया। इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।

    ईशान ने मैच के बाद बताया कि उन्होंने खुद से एक सवाल पूछा थाक्या मैं इंडिया के लिए खेलने के काबिल हूँ? क्या मैं यह फिर से कर सकता हूँ?उनका जवाब साफ था हाँ, वह कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में रन बनाना जारी रखा और इसी भरोसे के साथ मैदान पर उतरे।

    ईशान ने कहा कि उन्हें मैच के दौरान शुरुआत से ही गेंद कनेक्ट होती रही और उन्होंने खुद पर भरोसा रखा। उन्होंने बताया कि जब वे अच्छे शॉट्स खेलते रहे, तो उन्हें विश्वास था कि वे टीम के लिए बड़ा स्कोर बना सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि डोमेस्टिक क्रिकेट में रन बनाना उनके लिए इसलिए जरूरी था ताकि वह खुद के सवालों का जवाब दे सकें और अपने आत्मविश्वास को वापस पा सकें।

    ईशान ने अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा, मैंने खुद से पूछा कि क्या मैं यह फिर से कर सकता हूँ? और मुझे इसका साफ जवाब मिला। अगर मैं आउट भी हो जाता, तो भी मैं सिर्फ अच्छा क्रिकेट खेलना चाहता था।

    इस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत के सामने 209 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे टीम इंडिया ने ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के अर्धशतकों की मदद से 15.2 ओवर में 7 विकेट से हासिल कर लिया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने सीरीज में मजबूती दिखाई और ईशान की पारी ने वापसी को पूरी तरह से सफल बना दिया।

  • IPL 2026 से पहले BCCI ने की मेगा डील, Google की AI कंपनी Gemini देगी हर साल 90 करोड़

    IPL 2026 से पहले BCCI ने की मेगा डील, Google की AI कंपनी Gemini देगी हर साल 90 करोड़


    नई दिल्ली। IPL 2026 से पहले BCCI ने एक बड़ी और ब्लॉकबस्टर स्पॉन्सरशिप डील की है। गूगल के AI प्लेटफॉर्म Gemini ने BCCI के साथ 3 साल के लिए स्पॉन्सरशिप करार किया है, जिसकी कुल कीमत करीब 270 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस डील के तहत BCCI को हर साल लगभग 90 करोड़ रुपये मिलेंगे, जिससे IPL की ग्लोबल ब्रांड वैल्यू और भी मजबूत हुई है। यह डील क्रिकेट और टेक्नोलॉजी के बीच बढ़ते कनेक्शन को भी दर्शाती है और IPL में AI कंपनियों की बढ़ती दिलचस्पी साफ दिख रही है।

    AI कंपनियों की क्रिकेट में दिलचस्पी बढ़ती जा रही है।

    इससे पहले गूगल के ही एक प्रतिद्वंद्वी AI प्लेटफॉर्म ChatGPT को महिला प्रीमियर लीग (WPL) का स्पॉन्सर बनाया गया था, यानी अब भारत की पुरुष और महिला दोनों बड़ी टी20 लीग में AI कंपनियों की मौजूदगी दर्ज हो चुकी है। WPL के साथ ChatGPT की साझेदारी की घोषणा के समय BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा था कि ऐसे ग्लोबल टेक ब्रांड्स के जुड़ने से फैंस का अनुभव बेहतर होगा और महिला क्रिकेट को भी मजबूती मिलेगी।

    Gemini और ChatGPT जैसे AI प्लेटफॉर्म्स आज भारत में सिर्फ प्रोफेशनल काम तक सीमित नहीं रह गए हैं, आम लोग भी इन्हें बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे हैं।

    क्रिकेट एनालिसिस, कंटेंट क्रिएशन और डिजिटल एक्सपीरियंस के लिहाज से ये प्लेटफॉर्म बहुत अहम बनते जा रहे हैं, इसलिए AI कंपनियां भारतीय क्रिकेट फैंस के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए मोटी रकम खर्च करने को तैयार हैं।

    IPL 2026 की शुरुआत टी20 वर्ल्ड कप 2026 के खत्म होने के बाद होगी। यह वर्ल्ड कप 7 फरवरी से 8 मार्च तक भारत और श्रीलंका में खेला जाएगा और इसके बाद 26 मार्च से IPL 2026 के मैच शुरू होंगे। फाइनल मुकाबला 31 मई को खेला जाएगा, हालांकि अभी तक पूरा शेड्यूल आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है, माना जा रहा है कि फरवरी में इसकी घोषणा हो सकती है।

  • ICC का बांग्लादेश को अल्टीमेटम, भारत में वर्ल्ड कप खेलो या टूर्नामेंट से रहो बाहर; 21 जनवरी आखिरी तारीख

    ICC का बांग्लादेश को अल्टीमेटम, भारत में वर्ल्ड कप खेलो या टूर्नामेंट से रहो बाहर; 21 जनवरी आखिरी तारीख

    नई दिल्ली । आगामी टी20 विश्व कप 2026 को लेकर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ICC और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड BCB के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ICC ने बांग्लादेश को साफ शब्दों में अल्टीमेटम दे दिया है कि उसे भारत में अपने निर्धारित मैच खेलने को लेकर 21 जनवरी तक अंतिम फैसला करना होगा। तय समयसीमा तक सहमति न देने की स्थिति में बांग्लादेश की विश्व कप भागीदारी पर खतरा मंडरा सकता है।

    भारत में खेलने से BCB का इनकार
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार को ICC का एक प्रतिनिधिमंडल ढाका पहुंचा, जहां BCB अधिकारियों के साथ अहम बैठक हुई। इस बैठक में बांग्लादेश बोर्ड ने टी20 विश्व कप खेलने की इच्छा तो जताई, लेकिन भारत में मैच खेलने पर सहमति नहीं दी। BCB ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने मैच किसी अन्य देश में कराने की मांग रखी और वैकल्पिक स्थल के तौर पर श्रीलंका का नाम सुझाया।हालांकि ICC ने स्पष्ट कर दिया कि ग्रुप C में शामिल बांग्लादेश को तय कार्यक्रम के अनुसार मुंबई और कोलकाता में ही अपने मुकाबले खेलने होंगे।

    तीन हफ्तों से चल रहा है विवाद
    यह विवाद पिछले करीब तीन हफ्तों से चल रहा है। मामला तब गरमाया जब BCCI ने कोलकाता नाइट राइडर्स को मुस्ताफिजुर रहमान को स्क्वॉड से हटाने को कहा। इसके बाद BCB ने ICC को पत्र लिखकर सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और चेतावनी दी कि उनकी मांगें न मानी गईं तो वे टूर्नामेंट से हट सकते हैं। यह मुद्दा पहली बार 4 जनवरी को सामने आया था।

    ग्रुप बदलने की मांग भी खारिज
    ICC ने बांग्लादेश की ग्रुप बदलने की मांग को भी सिरे से खारिज कर दिया है। BCB चाहता था कि उसकी ग्रुपिंग आयरलैंड के साथ बदली जाए, क्योंकि आयरलैंड के सभी मैच श्रीलंका में होने हैं। ICC ने साफ किया कि टूर्नामेंट शेड्यूल में किसी भी तरह का बदलाव संभव नहीं है और भारत में बांग्लादेश टीम की सुरक्षा को लेकर कोई खतरा नहीं है।ICC अब 21 जनवरी तक BCB के अंतिम फैसले का इंतजार करेगा। अगर बांग्लादेश टूर्नामेंट से हटता है, तो ICC मौजूदा रैंकिंग के आधार पर किसी दूसरी टीम को मौका देगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसी स्थिति में स्कॉटलैंड को विश्व कप में जगह मिल सकती है।

    पाकिस्तान का बांग्लादेश को समर्थन
    इस बीच एक और अहम मोड़ तब आया, जब खबरें सामने आईं कि अगर बांग्लादेश का विवाद नहीं सुलझता है तो पाकिस्तान भी अपनी भागीदारी पर पुनर्विचार कर सकता है। बताया जा रहा है कि बांग्लादेश सरकार ने सुरक्षा मुद्दे को लेकर पाकिस्तान से संपर्क किया था, जिस पर पाकिस्तान ने समर्थन का भरोसा दिया।इसके अलावा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्डPCB ने ICC को औपचारिक रूप से यह भी बताया है कि यदि श्रीलंका उपलब्ध नहीं होता, तो वह बांग्लादेश के विश्व कप मैचों की मेजबानी के लिए तैयार है।अब सबकी नजरें 21 जनवरी पर टिकी हैं जब यह तय होगा कि बांग्लादेश भारत में खेलेगा या टी20 विश्व कप से बाहर हो जाएगा।

  • T20 वर्ल्ड कप 2026: बांग्लादेश ने भारतीय मूल ICC अधिकारी को वीजा न देकर विवाद खड़ा किया

    T20 वर्ल्ड कप 2026: बांग्लादेश ने भारतीय मूल ICC अधिकारी को वीजा न देकर विवाद खड़ा किया


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की तरफ से उठाए जा रहे कदम लगातार विवादों का कारण बन रहे हैं। ताजा विवाद तब सामने आया जब बांग्लादेश ने भारतीय मूल के एक वरिष्ठ ICC अधिकारी को वीजा देने से इनकार कर दिया। यह कदम क्रिकेट जगत में बेहद असहज और शर्मनाक माना जा रहा है और ICC तथा बांग्लादेश के बीच तनाव और बढ़ गया है।

    बांग्लादेश की ओर से यह मांग की जा रही है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 में उसके भारत में होने वाले चार ग्रुप मैचों को श्रीलंका में शिफ्ट किया जाए।

    भारत और श्रीलंका इस टूर्नामेंट के सह-मेजबान हैं, लेकिन टूर्नामेंट शुरू होने में समय कम होने के कारण शेड्यूल में बदलाव करना मुश्किल माना जा रहा है।

    ICC ने इस मसले को सुलझाने के लिए दो वरिष्ठ अधिकारियों को बांग्लादेश भेजा था। इनमें से एक भारतीय मूल का अधिकारी भी था। लेकिन बांग्लादेश सरकार ने उसे वीजा देने में देरी की और अंततः वीजा नहीं दिया। नतीजतन ICC का प्रतिनिधिमंडल अधूरा रह गया और केवल एंटी करप्शन यूनिट एवं सिक्योरिटी प्रमुख एंड्रयू एफग्रेव ही ढाका पहुंच सके।

    ICC अधिकारियों का यह दौरा मुख्य रूप से सुरक्षा चिंताओं को दूर करने और BCB को आश्वस्त करने के लिए था कि भारत में बांग्लादेशी टीम को किसी भी तरह का खतरा नहीं है। ICC का मानना है कि भारत में सभी टीमों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरे में ICC अधिकारी BCB के साथ-साथ बांग्लादेश के युवा और खेल मंत्रालय के पदाधिकारियों से भी चर्चा कर रहे थे।

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश के चार मैच भारत में तय हैं

    कोलकाता के ईडन गार्डन्स में तीन और मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में एक। हाल में बांग्लादेश में हिंदू युवकों की हत्या के विरोध में भारत में विरोध-प्रदर्शन और कुछ विवादित घटनाओं के बाद BCB ने भारत में मैचों को कराने पर असमर्थता जताई और शिफ्ट करने की मांग उठाई।

    अब ICC के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह टूर्नामेंट की निष्पक्षता, सुरक्षा और शेड्यूल को बनाए रखते हुए इस विवाद को कैसे सुलझाता है। अगर यह विवाद समय रहते नहीं सुलझा तो T20 वर्ल्ड कप 2026 की छवि और आयोजन व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

  • बांग्लादेश की मैच रिशेड्यूलिंग पर BCCI लगाएगा ब्रेक? भारत सरकार का रोल कितना अहम, 5 पॉइंट्स में समझिए

    बांग्लादेश की मैच रिशेड्यूलिंग पर BCCI लगाएगा ब्रेक? भारत सरकार का रोल कितना अहम, 5 पॉइंट्स में समझिए

    नई दिल्ली। मुस्ताफिजुर रहमान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सिर्फ एक खिलाड़ी या एक टीम तक सीमित नहीं रहा है. यह मामला धीरे-धीरे इंटरनेशनल क्रिकेट और भारत-बांग्लादेश रिश्तों से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने साफ शब्दों में कहा है कि वह भारत में सुरक्षित महसूस नहीं करता और इसलिए उसने ICC से मांग की है कि T20 वर्ल्ड कप 2026 में उसके मैच भारत की जगह श्रीलंका में कराए जाएं. इस मांग के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या BCCI इस रिशेड्यूलिंग को रोक सकता है और भारत सरकार की इसमें क्या भूमिका होगी.

    ICC की चुप्पी ने बढ़ाया सस्पेंस

    अब तक इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की तरफ से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ICC चेयरमैन जय शाह ने शेड्यूल पर दोबारा विचार करने के संकेत दिए हैं, लेकिन जब तक ICC की तरफ से लिखित या आधिकारिक फैसला सामने नहीं आता, तब तक यह साफ नहीं है कि बांग्लादेश की मांग मानी जाएगी या नहीं. अगले कुछ दिनों में ICC, BCCI और BCB के बीच बैठक हो सकती है, जिसके बाद तस्वीर साफ होने की उम्मीद है.

    BCCI के अधिकार कितने मजबूत हैं?

    T20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन भारत और श्रीलंका की मेजबानी में हो रहा है. ऐसे में भारत में होने वाले मैचों की ग्राउंड लेवल की जिम्मेदारी BCCI के पास है. स्टेडियम, सिक्योरिटी, टिकटिंग, होटल और ट्रैवल जैसे सारे इंतजाम BCCI देख रही है. अगर ऐन मौके पर मैच दूसरी जगह शिफ्ट होते हैं तो इससे लॉजिस्टिक्स और रेवेन्यू दोनों पर असर पड़ेगा. ऐसे में BCCI के पास यह कहने का पूरा अधिकार है कि अब शेड्यूल बदलना आसान नहीं है.

    भारत सरकार की एंट्री क्यों अहम है

    यह मामला अब सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा. बांग्लादेश सरकार पहले ही IPL 2026 के टेलीकास्ट पर रोक लगाने जैसा सख्त कदम उठा चुकी है. ऐसे में वर्ल्ड कप मैचों की रिशेड्यूलिंग का फैसला दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों को भी प्रभावित कर सकता है. BCCI किसी भी बड़े फैसले से पहले भारत सरकार से सलाह ले सकती है. हाल ही में पूर्व बांग्लादेशी पीएम खालिदा जिया का निधन हो गया था. उसके बाद भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर उनके अंतिम संस्कार पर बांग्लादेश पहुंचे थे. उस दौरान दोनों ही तरफ से एक पॉजिटिव मैसेज गया था. इसलिए विदेश नीति और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार का रुख बेहद अहम होगा.

    ICC बांग्लादेश पर एक्शन ले सकता है?

    क्रिकेट इतिहास में ऐसे कई उदाहरण हैं, जब किसी टीम ने सुरक्षा कारणों से मैच खेलने से इनकार किया और उसे नुकसान उठाना पड़ा. 1996 और 2003 वर्ल्ड कप में ऐसा हो चुका है, जहां मैच न खेलने वाली टीमों को अंक गंवाने पड़े थे. यहां तक कि 2016 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया था. ऐसे में अगर बांग्लादेश मैच खेलने से इनकार करता है तो ICC कार्रवाई कर सकता है, हालांकि भारत-पाकिस्तान मैचों के उदाहरण के चलते फैसला आसान नहीं होगा.

    बाकी टीमों की परेशानी भी बनेगी मुद्दा

    अगर बांग्लादेश के मैच भारत से हटाकर श्रीलंका किए जाते हैं तो उसके ग्रुप की बाकी टीमों को भी दिक्कत होगी. उन्हें भारत और श्रीलंका के बीच बार-बार सफर करना पड़ेगा, जो टाइट शेड्यूल में मुश्किल है। ऐसे में दूसरी टीमें भी आपत्ति जता सकती हैं.

    कुल मिलाकर, बांग्लादेश की मांग को मानना ICC के लिए आसान फैसला नहीं है. इसमें BCCI, भारत सरकार, दूसरी टीमें और करोड़ों फैंस सभी के हित जुड़े हुए हैं.