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  • इंग्लैंड वनडे सीरीज से पहले विराट कोहली की फिटनेस पर नजर, चयन से पहले होगा अहम टेस्ट, हार्दिक ने भी बढ़ाई तैयारी

    इंग्लैंड वनडे सीरीज से पहले विराट कोहली की फिटनेस पर नजर, चयन से पहले होगा अहम टेस्ट, हार्दिक ने भी बढ़ाई तैयारी

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली आगामी वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम के चयन से पहले खिलाड़ियों की फिटनेस सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बनकर सामने आई है। टीम प्रबंधन और चयन समिति की निगाहें विशेष रूप से अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली और स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की शारीरिक स्थिति पर टिकी हुई हैं। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धता भारतीय टीम के संतुलन और रणनीति के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

    भारतीय क्रिकेट टीम को जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है। इस सीरीज को आगामी अंतरराष्ट्रीय अभियानों की तैयारी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में चयनकर्ताओं की कोशिश है कि पूरी तरह फिट और मैच के लिए तैयार खिलाड़ियों को ही टीम में शामिल किया जाए। इसी कारण अंतिम टीम चयन से पहले कुछ प्रमुख खिलाड़ियों की मेडिकल और फिटनेस रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

    विराट कोहली को लेकर सबसे अधिक चर्चा हो रही है। अनुभवी बल्लेबाज पिछले कुछ समय से चोट से उबरने की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। आईपीएल के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले कोहली को टूर्नामेंट के अंतिम चरण में हैमस्ट्रिंग से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम से दूर रहना पड़ा और पुनर्वास प्रक्रिया अपनानी पड़ी।

    वर्तमान में कोहली अपनी फिटनेस पर विशेष ध्यान दे रहे हैं और वापसी की तैयारी में जुटे हुए हैं। टीम चयन से पहले उनकी फिटनेस का विस्तृत आकलन किया जाएगा। क्रिकेट बोर्ड के विशेषज्ञ यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वे पूरी तरह स्वस्थ हों और बिना किसी जोखिम के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर सकें। फिटनेस परीक्षण में सफल रहने की स्थिति में उनके इंग्लैंड दौरे के लिए चयन की संभावना मजबूत मानी जा रही है।

    दूसरी ओर हार्दिक पांड्या की स्थिति पर भी चयनकर्ताओं की पैनी नजर बनी हुई है। चोट के कारण हाल के मुकाबलों से बाहर रहे हार्दिक ने अब प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। शुरुआती चरण में वह हल्के अभ्यास सत्रों में हिस्सा ले रहे हैं और उनकी गतिविधियों पर मेडिकल टीम लगातार निगरानी रख रही है। आने वाले दिनों में उनके अभ्यास की तीव्रता बढ़ाई जाएगी ताकि यह आकलन किया जा सके कि वे प्रतिस्पर्धी क्रिकेट के लिए कितने तैयार हैं।

    भारतीय टीम के लिए हार्दिक का महत्व केवल एक बल्लेबाज या गेंदबाज तक सीमित नहीं है। वह टीम को दोनों विभागों में संतुलन प्रदान करते हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी मौजूदगी टीम संयोजन को अधिक मजबूत बनाती है। यही कारण है कि चयनकर्ता उनकी फिटनेस को लेकर किसी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहते और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

    क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ सीरीज में अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। विराट कोहली का अनुभव और बल्लेबाजी क्षमता भारतीय शीर्ष क्रम को मजबूती देती है, जबकि हार्दिक पांड्या का ऑलराउंड प्रदर्शन टीम को अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराता है। ऐसे में दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धता टीम इंडिया के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाएगी।

    चयन समिति आने वाले दिनों में खिलाड़ियों की मेडिकल रिपोर्ट, फिटनेस स्तर और अभ्यास सत्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेगी। इसके बाद ही इंग्लैंड वनडे सीरीज के लिए अंतिम टीम की घोषणा की जाएगी। भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें भी अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या विराट कोहली और हार्दिक पांड्या पूरी तरह फिट होकर टीम में वापसी कर पाते हैं या नहीं।

    फिलहाल संकेत यही हैं कि दोनों खिलाड़ी अपनी वापसी को लेकर गंभीरता से तैयारी कर रहे हैं। यदि फिटनेस संबंधी सभी मानकों पर वे खरे उतरते हैं तो इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम को अनुभव, संतुलन और मजबूती का बड़ा फायदा मिल सकता है।

  • श्री चरणी और शेफाली की फिरकी में उलझा नीदरलैंड, भारत ने 209 रन बनाकर दर्ज की टूर्नामेंट की लगातार दूसरी जीत

    श्री चरणी और शेफाली की फिरकी में उलझा नीदरलैंड, भारत ने 209 रन बनाकर दर्ज की टूर्नामेंट की लगातार दूसरी जीत

    नई दिल्ली। महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। टूर्नामेंट के अपने दूसरे मुकाबले में भारत ने नीदरलैंड को 95 रनों के बड़े अंतर से हराकर अपनी लगातार दूसरी जीत दर्ज की। बुधवार को लीड्स के मैदान पर खेले गए इस एकतरफा मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर 209 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में नीदरलैंड की पूरी टीम 17.3 ओवरों में महज 114 रनों पर ही सिमट गई।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने बेहद आक्रामक और मजबूत शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने डच गेंदबाजों की जमकर खबर ली और पहले विकेट के लिए 90 से अधिक रनों की बेहतरीन साझेदारी की। शेफाली वर्मा ने शानदार फॉर्म दिखाते हुए मात्र 32 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, हालांकि वह 38 गेंदों में 55 रन बनाकर हीदर साइगर्स का शिकार बनीं। दूसरी छोर पर जमीं उप-कप्तान स्मृति मंधाना ने भी कप्तानी पारी खेली और 47 गेंदों में 11 चौकों और एक छक्के की मदद से 74 रनों की धुआंधार पारी खेली।

    मध्यक्रम में जेमिमा रोड्रिग्स ने 14 गेंदों में 23 रनों का उपयोगी योगदान दिया, जबकि यास्तिका भाटिया सिर्फ 3 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। अंतिम ओवरों में ऋचा घोष और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टीम के स्कोर को 200 के पार पहुँचाया। भारतीय टीम का यह स्कोर महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में उसका अब तक का सर्वोच्च स्कोर है, जबकि विश्व कप इतिहास में यह किसी भी टीम द्वारा बनाया गया तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बन गया है। नीदरलैंड की ओर से गेंदबाजी करते हुए कैरोलीन डी लैंग ने दो विकेट चटकाए, जबकि आइरिस विलिंग, हीदर साइगर्स और मायरेथ वैन डेन रॉड को एक-एक सफलता मिली।

    210 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी नीदरलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सधे हुए आक्रमण के सामने शुरू से ही दबाव में नजर आई। सलामी बल्लेबाज हीदर साइगर्स ने 21 रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन भारतीय तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा ने उन्हें स्मृति मंधाना के हाथों कैच कराकर नीदरलैंड को पहला झटका दिया। इसके बाद डच टीम की पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने के कारण नीदरलैंड की टीम कभी भी आवश्यक रन रेट के करीब नहीं पहुंच सकी। फीबी मोलकेन्बोर और स्टेयर कैलिस के सस्ते में आउट होने के बाद कप्तान बैबेट डी लीड और रॉबिन रिज्क भी क्रीज पर ज्यादा देर नहीं टिक सकीं।

    भारत की इस ऐतिहासिक जीत में गेंदबाजों की भूमिका बेहद अहम रही। युवा सनसनी श्री चरणी ने अपनी फिरकी का जादू बिखेरते हुए नीदरलैंड के चार बल्लेबाजों को आउट कर डच बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। बल्लेबाजी में कमाल दिखाने वाली शेफाली वर्मा ने गेंद से भी अपना हुनर दिखाया और शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा नंदनी शर्मा को दो और अनुभवी स्पिनर दीप्ति शर्मा को एक सफलता मिली। पाकिस्तान को हराने के बाद नीदरलैंड पर मिली इस धमाकेदार जीत से भारतीय महिला टीम का आत्मविश्वास शीर्ष पर है और उसने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है।

  • अपमान किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं', सोशल मीडिया पर छवि धूमिल करने के खिलाफ थाने पहुंचे पूर्व कप्तान सौरव गांगुली

    अपमान किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं', सोशल मीडिया पर छवि धूमिल करने के खिलाफ थाने पहुंचे पूर्व कप्तान सौरव गांगुली

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली ने अपनी सामाजिक व पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाए जाने के खिलाफ सख्त कानूनी रुख अख्तियार कर लिया है। सोशल मीडिया पर लगातार उनके खिलाफ की जा रही अपमानजनक और भ्रामक टिप्पणियों से आहत होकर पूर्व दिग्गज क्रिकेटर ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया है। सौरव गांगुली ने कोलकाता के ठाकुरपुकुर थाने में इस संबंध में एक औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। अपनी शिकायत में उन्होंने स्पष्ट तौर पर आरोप लगाया है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इंटरनेट मीडिया पर उनके खिलाफ बेहद आपत्तिजनक, भ्रामक और मानहानिकारक कंटेंट फैलाकर आम जनता के बीच उनकी साफ-सुथरी साख को धूमिल करने की गहरी साजिश रची जा रही है।

    पूर्व कप्तान द्वारा पुलिस को सौंपी गई शिकायत में मुख्य रूप से ‘सौरव गांगुली फैंस’ (Sourav Ganguly Fans) नाम के एक बेहद लोकप्रिय फेसबुक पेज का विशेष उल्लेख किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस फेसबुक पेज पर वर्तमान में ३६ लाख से भी अधिक फॉलोअर्स जुड़े हुए हैं और इस मंच के संचालक इसे सौरव गांगुली का आधिकारिक फैन पेज होने का दावा करते हैं। शिकायत पत्र के मुताबिक, इसी बड़े मंच का दुरुपयोग करते हुए पिछले कुछ समय से लगातार ऐसे पोस्ट पब्लिश किए जा रहे हैं, जो आम लोगों के बीच गांगुली की छवि को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहे हैं। गांगुली ने अपनी शिकायत के साथ इस फेसबुक पेज के लिंक्स, कुछ स्क्रीनशॉट्स और इससे जुड़ी एक खेल वेबसाइट की अहम जानकारियां भी साक्ष्य के तौर पर पुलिस प्रशासन से साझा की हैं।

    सार्वजनिक जीवन में आलोचना और व्यक्तिगत मानहानि के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए सौरव गांगुली ने अपने आवेदन में बेहद गंभीर बातें कही हैं। उन्होंने साफ शब्दों में लिखा है कि एक पब्लिक फिगर होने के नाते वह इस बात को अच्छी तरह समझते हैं कि लोगों की अलग-अलग राय होना और आलोचनाएं मिलना सार्वजनिक जीवन का ही एक स्वाभाविक हिस्सा होता है। लेकिन, किसी की प्रतिष्ठा को जानबूझकर ठेस पहुंचाने के इरादे से झूठी, अपमानजनक और दुर्भावनापूर्ण बातें फैलाना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता। गांगुली ने जोर देकर कहा है कि अपनी साख की रक्षा के लिए और इस तरह की भ्रामक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए आरोपियों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कानूनी कार्रवाई किया जाना बेहद अनिवार्य हो गया है।

    इस हाई-प्रोफाइल मामले पर कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष की तरफ से शिकायत मिलने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। पुलिस प्रशासन के मुताबिक, गांगुली की लिखित अर्जी के आधार पर संबंधित फेसबुक पेज के एडमिन और उससे जुड़े संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और साइबर सेल की मदद से पूरे मामले की गहनता से तकनीकी जांच की जा रही है। इस कानूनी विवाद के बीच, हाल ही में राजनीतिक गलियारों में उड़े एक बड़े बवंडर पर भी सौरव गांगुली ने अपनी चुप्पी तोड़ी है, जिसमें दावा किया जा रहा था कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गांगुली के जरिए सांसद यूसुफ पठान को इस्तीफा देने का संदेश भिजवाया था।

    इस पूरे सियासी विवाद को पूरी तरह से सिरे से खारिज करते हुए सौरव गांगुली और सांसद यूसुफ पठान दोनों ने ही इसे पूरी तरह से काल्पनिक, फर्जी और मनगढ़ंत करार दिया है। पूर्व कप्तान ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री की तरफ से उन्हें ऐसा कोई भी संदेश देने के लिए कभी नहीं कहा गया और न ही उनकी इस विषय पर यूसुफ पठान से कोई बातचीत हुई है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे घटनाक्रम और सोशल मीडिया पेज के जरिए फैलाई जा रही नकारात्मकता के पीछे छिपे वास्तविक चेहरों की पहचान करने में जुट गई है, ताकि इस प्रतिष्ठित खिलाड़ी की मानहानि करने वालों को कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके।

  • दीप्ति शर्मा के 'पंजे' और मंधाना के अर्धशतक से उड़ी पाकिस्तानी टीम, भारतीय महिला टीम की ऐतिहासिक और एकतरफा जीत

    दीप्ति शर्मा के 'पंजे' और मंधाना के अर्धशतक से उड़ी पाकिस्तानी टीम, भारतीय महिला टीम की ऐतिहासिक और एकतरफा जीत

    नई दिल्ली। आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने अभियान की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की है। बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारतीय टीम ने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 64 रनों के बड़े अंतर से पराजित किया। इस एकतरफा जीत के साथ ही भारत ने टूर्नामेंट में अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी है। मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में पाकिस्तान के सामने 171 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था, जिसके जवाब में पाकिस्तानी टीम महज 106 रनों पर ढेर हो गई।

    भारतीय टीम की इस शानदार और ऐतिहासिक जीत में सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने मुख्य भूमिका निभाई। स्मृति मंधाना ने पाकिस्तानी गेंदबाजों की जमकर खबर लेते हुए 44 गेंदों पर 68 रनों की बेहद प्रभावशाली पारी खेली, जिसमें नौ आकर्षक चौके और दो गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। मध्यक्रम में कप्तान हरमनप्रीत कौर ने सूझबूझ का परिचय देते हुए 36 रन बनाए, जबकि अंतिम ओवरों में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने महज 17 गेंदों पर ताबड़तोड़ 34 रन कूटकर भारतीय टीम के स्कोर को एक सम्मानजनक और मजबूत स्थिति तक पहुंचाया। पाकिस्तान की ओर से कप्तान फातिमा सना और सादिया इकबाल ने जरूर कुछ सफलताएं हासिल कीं, लेकिन वे भारतीय बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने में नाकाम रहीं।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और भारतीय गेंदबाजों के सटीक आक्रमण के सामने उनकी बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। पाकिस्तान की तरफ से केवल सलामी बल्लेबाज मुनीबा अली ही भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना कर सकीं, जिन्होंने 35 गेंदों में 41 रनों का योगदान दिया। उनके अलावा आलिया रियाज ने 18 रन, गुल फिरोजा और आयशा जफर ने 12-12 रन बनाए। टीम की बाकी सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी छूने में पूरी तरह नाकाम रहीं और पूरी टीम 17 ओवरों में ही पवेलियन लौट गई।

    भारत की इस ऐतिहासिक गेंदबाजी प्रदर्शन की कमान दीप्ति शर्मा के हाथों में रही, जिन्होंने अपनी फिरकी के जाल में पाकिस्तानी बल्लेबाजों को ऐसा उलझाया कि उन्होंने अकेले ही 5 विकेट चटकाकर विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी। दीप्ति के इस घातक स्पेल के अलावा श्री चरणी ने बेहतरीन लाइन-लेंथ से गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट अपने नाम किए, जबकि सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने भी पार्ट-टाइम स्पिनर के तौर पर 1 विकेट हासिल किया। इस मैच की खास बात यह रही कि पाकिस्तानी टीम के कुल 9 विकेट भारतीय स्पिन गेंदबाजों के खाते में गए, जबकि एक बल्लेबाज मुनीबा अली रन आउट होकर पवेलियन लौटीं।

    इस शानदार जीत के बाद भारतीय महिला टीम का मनोबल सातवें आसमान पर है और टीम अब अपने अगले मुकाबले में 17 जून को नीदरलैंड्स का सामना करने के लिए मैदान पर उतरेगी। भारतीय टीम आज तक विमेंस टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम नहीं कर सकी है, जहां उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन साल 2020 में उपविजेता के रूप में रहा था। इस बार हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय टीम का एकमात्र लक्ष्य पहली बार विश्व विजेता बनकर इतिहास रचना है, जिसकी शुरुआत उन्होंने चिर-प्रतिद्वंद्वी पर एकतरफा जीत दर्ज करके कर दी है।

  • श्रीलंका दौरे के लिए घोषित हुई जूनियर टीम इंडिया, विकेटकीपर-बल्लेबाज अन्वय द्रविड़ को मिली जगह

    श्रीलंका दौरे के लिए घोषित हुई जूनियर टीम इंडिया, विकेटकीपर-बल्लेबाज अन्वय द्रविड़ को मिली जगह

    नई दिल्ली ।  भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ‘द वॉल’ के नाम से मशहूर पूर्व महान कप्तान राहुल द्रविड़ के परिवार से एक और प्रतिभावान खिलाड़ी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी दस्तक दे दी है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की जूनियर चयन समिति ने अगले महीने से शुरू होने वाले श्रीलंका दौरे के लिए भारत की पुरुष अंडर-19 टीम का आधिकारिक तौर पर एलान कर दिया है। इस घोषित टीम में राहुल द्रविड़ के छोटे बेटे अन्वय द्रविड़ को पहली बार भारतीय अंडर-19 वनडे टीम में शामिल किया गया है। 17 वर्षीय युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज को घरेलू क्रिकेट के आयु वर्ग में लगातार बेहतरीन खेल दिखाने का यह सबसे बड़ा पुरस्कार मिला है।

    शरत श्रीधरन की अगुवाई वाली जूनियर राष्ट्रीय चयन समिति ने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली तीन वनडे मैचों की सीरीज और दो मल्टी-डे मुकाबलों के लिए दो अलग-अलग टीमों का चयन किया है। आगामी दौरा 4 जुलाई 2026 से श्रीलंका के हंबनटोटा मैदान पर शुरू होने जा रहा है। मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ से जुड़े होनहार खिलाड़ी यशवर्धन सिंह चौहान को चयनकर्ताओं ने इस महत्वपूर्ण दौरे के लिए वनडे टीम की कप्तानी सौंपकर उन पर बड़ा भरोसा जताया है, जबकि लक्ष्य रायचंदानी को टीम का उपकप्तान नियुक्त किया गया है। राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजरें इस दौरे के माध्यम से युवा खिलाड़ियों की क्षमता को परखने पर टिकी हैं।

    अन्वय द्रविड़ को मुख्य रूप से 15 सदस्यीय वनडे टीम में बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज शामिल किया गया है, जहां उनके साथ रजत बघेल दूसरे विकेटकीपर के विकल्प के रूप में मौजूद रहेंगे। अन्वय के बड़े भाई समित द्रविड़ भी कर्नाटक की अंडर-19 टीम की तरफ से घरेलू क्रिकेट खेल चुके हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर जूनियर टीम इंडिया की नीली जर्सी पहनने का मौका पाने वाले अन्वय अपने परिवार के पहले युवा सदस्य बन गए हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी रूप से सक्षम इस युवा खिलाड़ी में अपने पिता की तरह लंबी और धैर्यपूर्ण पारियां खेलने की अद्भुत क्षमता मौजूद है।

    घरेलू स्तर पर अन्वय द्रविड़ के हालिया आंकड़ों पर नजर डालें तो वे लगातार चयनकर्ताओं के रडार पर बने हुए थे। हाल ही में आयोजित हुई वीनू मांकड़ ट्रॉफी में उन्होंने कर्नाटक अंडर-19 टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी संभालते हुए टीम को क्वार्टर फाइनल तक पहुंचाने में मुख्य भूमिका अदा की थी। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की छह पारियों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने 220 रन बनाए थे। टूर्नामेंट के दौरान हिमाचल प्रदेश के खिलाफ एक बेहद दबाव वाले मैच की दूसरी पारी में उन्होंने नाबाद 82 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली थी, जिसने राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर मजबूती से आकर्षित किया था। इससे पूर्व वे अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में भी शानदार शतक जमा चुके हैं।

    भारतीय क्रिकेट बोर्ड के राष्ट्रीय चयनकर्ता इस आगामी श्रीलंका दौरे को वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले अंडर-19 विश्व कप की तैयारियों के शुरुआती रोडमैप के रूप में देख रहे हैं। चूंकि अन्वय द्रविड़ की उम्र वर्तमान में केवल 17 वर्ष है, इसलिए वे दो साल बाद होने वाले अगले आईसीसी अंडर-19 विश्व कप में खेलने के लिए पूरी तरह पात्र रहेंगे। ऐसे में श्रीलंका की चुनौतीपूर्ण पिचों और उपमहाद्वीपीय परिस्थितियों में मिलने वाला यह अंतर्राष्ट्रीय अनुभव उनके क्रिकेट कौशल को और अधिक निखारने में बेहद गेम-चेंजर साबित हो सकता है। भारतीय जूनियर टीम जून के अंतिम सप्ताह में पड़ोसी देश श्रीलंका के लिए उड़ान भरेगी।

    प्रतियोगिता के तय कार्यक्रम के अनुसार, भारत और श्रीलंका के बीच पहला वनडे मैच 4 जुलाई को हंबनटोटा में खेला जाएगा, जिसके बाद दूसरा और तीसरा वनडे क्रमशः 6 और 9 जुलाई को इसी मैदान पर आयोजित होगा। सीमित ओवरों की यह सीरीज समाप्त होने के बाद दोनों देशों के बीच गॉल और कोलंबो के ऐतिहासिक मैदानों पर चार दिवसीय मल्टी-डे मैच खेले जाएंगे। भारतीय क्रिकेट के फैंस के साथ-साथ तमाम विश्लेषकों की निगाहें अब यशवर्धन सिंह चौहान की कप्तानी और विकेट के पीछे तथा आगे अन्वय द्रविड़ के प्रदर्शन पर टिकी रहने वाली हैं।

  • श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय महिला अंडर-19 टीम का ऐलान, भाविका अहिरे को सौंपी गई कप्तानी

    श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय महिला अंडर-19 टीम का ऐलान, भाविका अहिरे को सौंपी गई कप्तानी


    नई दिल्ली।भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने श्रीलंका के खिलाफ प्रस्तावित अंडर-19 महिला टी20 और वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीमों की घोषणा कर दी है। आगामी सीरीज के लिए युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज भाविका अहिरे को दोनों प्रारूपों में टीम की कप्तानी सौंपी गई है। वहीं, महाक नरवासे को उपकप्तान की जिम्मेदारी दी गई है।

    यह सीरीज भारतीय महिला क्रिकेट के उभरते सितारों के लिए अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकती है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय महिला क्रिकेट की जूनियर संरचना ने कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार किया है, जिन्होंने आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ यह दौरा खिलाड़ियों के विकास और चयनकर्ताओं के मूल्यांकन की दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।

    चयनकर्ताओं ने टी20 और वनडे दोनों टीमों में कई खिलाड़ियों पर भरोसा कायम रखा है। ईरा जाधव, ईश्वरी अवसरे, पूर्वा सिवाच, कुमारी पालक, काश्वी कंडीकुप्पा, गौरी गोयल, जान्हवी वीरकर और अनादि तागड़े जैसे खिलाड़ियों को दोनों प्रारूपों में मौका मिला है। इससे टीम में संतुलन और निरंतरता बनाए रखने का प्रयास दिखाई देता है।

    बीसीसीआई का मानना है कि इस तरह की अंतरराष्ट्रीय सीरीज युवा खिलाड़ियों को बड़े मंच पर खेलने का अनुभव देती हैं। साथ ही उन्हें दबाव में प्रदर्शन करने और प्रतिस्पर्धी क्रिकेट की चुनौतियों को समझने का अवसर भी मिलता है। आगामी अंडर-19 महिला विश्व कप और भविष्य की सीनियर भारतीय टीम को ध्यान में रखते हुए यह सीरीज चयनकर्ताओं के लिए भी महत्वपूर्ण होगी।

    टी20 टीम में कप्तान भाविका अहिरे के अलावा ईरा जाधव, तनिष्का शर्मा, ईश्वरी अवसरे, अवनी चावड़ा, महतो निधि, पूर्वा सिवाच, कुमारी पालक, महाक नरवासे, काश्वी कंडीकुप्पा, मनियार मैत्री, गौरी गोयल, जान्हवी वीरकर, अनादि तागड़े और के दीक्षा को शामिल किया गया है।

    वहीं वनडे टीम में भाविका अहिरे, ईरा जाधव, दीया यादव, ईश्वरी अवसरे, वी प्रतीक्षा, महतो निधि, पूर्वा सिवाच, कुमारी पालक, महाक नरवासे, काश्वी कंडीकुप्पा, विधि परमार, गौरी गोयल, जान्हवी वीरकर, अनादि तागड़े और के दीक्षा को जगह मिली है।

    टी20 सीरीज के सभी मुकाबले चेन्नई में खेले जाएंगे। पहला टी20 22 जून, दूसरा 24 जून और तीसरा मुकाबला 27 जून को आयोजित होगा। इसके बाद दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज पुडुचेरी में खेली जाएगी। वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 30 जून, दूसरा 3 जुलाई और तीसरा 6 जुलाई को होगा।

    क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह सीरीज भारतीय महिला क्रिकेट के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। युवा खिलाड़ियों के पास अपनी प्रतिभा साबित करने और राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित करने का सुनहरा अवसर होगा।

  • दांबुला ट्राई-सीरीज में अफगानिस्तान के खिलाफ मैदान पर उतरेगी इंडिया-ए, वैभव सूर्यवंशी के आईपीएल वाले तूफानी अंदाज का फैंस को इंतजार

    दांबुला ट्राई-सीरीज में अफगानिस्तान के खिलाफ मैदान पर उतरेगी इंडिया-ए, वैभव सूर्यवंशी के आईपीएल वाले तूफानी अंदाज का फैंस को इंतजार

    नई दिल्ली। श्रीलंका की धरती पर आयोजित की जा रही ए-टीमों की त्रिकोणीय एकदिवसीय सीरीज का रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया है। प्रतियोगिता के महत्वपूर्ण मुकाबले में आज इंडिया-ए की टीम का सामना अफगानिस्तान-ए के साथ होने जा रहा है। इस मुकाबले को लेकर क्रिकेट जगत में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि भारतीय टीम में घरेलू और आईपीएल स्तर के कई उभरते हुए सितारे शामिल हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की चयन समिति ने इस दौरे पर युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में खुद को परखने का एक बड़ा मंच प्रदान किया है, जहां सभी की निगाहें भारत की नई ओपनिंग जोड़ी और टीम के रणनीतिक प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं।

    मैच के मुख्य आकर्षण भारत के 15 वर्षीय युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी बने हुए हैं, जिन्होंने हाल ही में समाप्त हुए इंडियन प्रीमियर लीग के 2026 सीजन में अपनी बल्लेबाजी से तहलका मचा दिया था। राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए इस बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी आक्रामक शैली का लोहा मनवाया था। उन्होंने सीजन के 16 मैचों में सर्वाधिक 776 रन बनाकर प्रतिष्ठित ऑरेंज कैप अपने नाम की थी। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 237.30 का रहा था, जो टी-20 क्रिकेट के इतिहास में किसी भी शीर्ष क्रम के बल्लेबाज के लिए बेहद असाधारण माना जाता है। उनके इसी फॉर्म को देखते हुए अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले इस मैच में भारतीय फैंस को एक बार फिर बड़ी पारियों और आतिशी बल्लेबाजी की उम्मीद है।

    हालांकि इस ट्राई-सीरीज के पहले मुकाबले में श्रीलंका-ए के खिलाफ खेलते हुए भारतीय शीर्ष क्रम पूरी तरह लड़खड़ा गया था। उस मैच में वैभव सूर्यवंशी महज 14 रन बनाकर पवेलियन लौट गए थे, जिससे टीम इंडिया को शुरुआती झटके लगे थे। लेकिन क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि एक या दो पारियों की विफलता इस युवा खिलाड़ी के आत्मविश्वास को कम नहीं कर सकती। तकनीकी रूप से सक्षम और लंबी पारियां खेलने में माहिर सूर्यवंशी अपनी पुरानी गलतियों से सीख लेकर इस मुकाबले में नई शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दांबुला की पिच आमतौर पर शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद करती है, जिससे भारतीय ओपनर्स के संयम और शॉट चयन की कड़ी परीक्षा होगी।

    दूसरी ओर विपक्षी टीम अफगानिस्तान-ए को हल्के में आंकना भारतीय टीम के लिए बड़ी भूल साबित हो सकता है। अफगानी टीम के पास कई ऐसे विश्वस्तरीय स्पिनर्स और तेज गेंदबाज मौजूद हैं जो किसी भी मजबूत बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं। विशेषकर सीमित ओवरों के क्रिकेट में अफगानिस्तान की ए-टीम ने पिछले कुछ समय में बेहतरीन खेल दिखाया है। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों को रन बनाने के लिए क्रीज पर समय बिताना होगा और पावरप्ले का बुद्धिमानी से इस्तेमाल करना होगा। कप्तान और टीम प्रबंधन ने मैच से पहले रणनीति को लेकर लंबी चर्चा की है, जिसमें मध्यक्रम को मजबूती देने और अंत के ओवरों में तेजी से रन बटोरने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

    इस त्रिकोणीय श्रृंखला में आगे की राह तय करने के लिहाज से भारत के लिए यह मुकाबला जीतना बेहद अनिवार्य माना जा रहा है। युवा खिलाड़ियों के पास खुद को राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजरों में बनाए रखने का यह सबसे बेहतरीन अवसर है। यदि वैभव सूर्यवंशी और उनके साथी बल्लेबाज आज के मैच में अफगानिस्तान के गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ एक बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रहते हैं, तो भारतीय टीम की स्थिति सीरीज में काफी मजबूत हो जाएगी। पूरे देश के क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें आज दोपहर शुरू होने वाले इस हाई-वोल्टेज मुकाबले के लाइव स्कोरकार्ड और भारतीय टीम के प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं।

  • ऋतुराज गायकवाड़ के बल्ले से निकला दम तो युवा वैभव सूर्यवंशी रहे फ्लॉप: जानिए क्यों तिलक वर्मा की धीमी बल्लेबाजी पर उठ रहे हैं तीखे सवाल

    ऋतुराज गायकवाड़ के बल्ले से निकला दम तो युवा वैभव सूर्यवंशी रहे फ्लॉप: जानिए क्यों तिलक वर्मा की धीमी बल्लेबाजी पर उठ रहे हैं तीखे सवाल

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के भविष्य के सितारों से सजी इंडिया ‘ए’ ने दांबुला के मैदान पर मेजबान श्रीलंका ‘ए’ को 8 विकेट के बड़े अंतर से मात देकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन तो किया, लेकिन इस एकतरफा जीत के बाद भी टीम मैनेजमेंट और सेलेक्टर्स के चेहरे पर पूरी तरह से संतुष्टि के भाव नजर नहीं आ रहे हैं। इस मुकाबले में मिली शानदार कामयाबी के बावजूद कुछ ऐसी तकनीकी और रणनीतिक कमियां उजागर हुई हैं, जिसके कारण इस जीत के मायने क्रिकेट पंडितों को थोड़े अधूरे और चिंताजनक लग रहे हैं। टीम का शीर्ष क्रम और मध्यक्रम आगामी बड़े दौरों के लिहाज से अभी भी पूरी तरह लय में नजर नहीं आ रहा है।

    मैच के सकारात्मक पहलुओं की बात करें तो कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने एक बार फिर अपनी क्लास और बेहतरीन फॉर्म का परिचय दिया। उन्होंने श्रीलंका के गेंदबाजी आक्रमण के सामने सूझबूझ और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन बनाते हुए टीम की जीत की मजबूत नींव रखी और दमदार बल्लेबाजी की। ऋतुराज की इस कप्तानी पारी के दम पर ही भारत ने मेजबान टीम द्वारा दिए गए लक्ष्य को बेहद आसानी से महज दो विकेट खोकर हासिल कर लिया। ऋतुराज का यह प्रदर्शन उन्हें मुख्य राष्ट्रीय टीम के दरवाजे खटखटाने के लिए एक बार फिर सबसे मजबूत दावेदार के रूप में पेश करता है।

    हालांकि, इस चमकीली पारी के दूसरी तरफ युवा और होनहार सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का फ्लॉप होना टीम के लिए एक बड़ा झटका रहा। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर इंडिया ‘ए’ की जर्सी पहनने वाले वैभव इस महत्वपूर्ण मुकाबले में पूरी तरह से असहज नजर आए और बिना कोई बड़ा योगदान दिए बेहद सस्ते में पवेलियन लौट गए। उनके जल्दी आउट होने के कारण पावरप्ले में टीम को जो आक्रामक शुरुआत मिलनी चाहिए थी, वह नहीं मिल सकी। वैभव की इस असफलता ने आगामी मैचों के लिए ओपनिंग स्लॉट की स्थिरता पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिया है।

    जीत के रास्ते में सबसे ज्यादा हैरान करने वाला पहलू मध्यक्रम के बल्लेबाज तिलक वर्मा की बल्लेबाजी शैली रही। टी20 और आधुनिक सीमित ओवरों के क्रिकेट के इस दौर में जहां बल्लेबाज पहली ही गेंद से कड़ा प्रहार करने की कोशिश करते हैं, वहीं तिलक वर्मा ने मैदान पर कछुआ गति से बल्लेबाजी की। उनके बल्ले से रनों की गति इतनी धीमी थी कि एक समय पर मजबूत स्थिति में दिख रही भारतीय टीम पर भी अनावश्यक दबाव बनता हुआ दिखने लगा था। तिलक की इस अत्यधिक रक्षात्मक और धीमी अप्रोच को देखकर कमेंटेटर्स और क्रिकेट विश्लेषक भी हैरान रह गए, क्योंकि वे अपनी आक्रामक और बेखौफ बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं।

    यही कारण है कि दांबुला में मिली इस 8 विकेट की बड़ी जीत के बाद भी भारतीय क्रिकेट प्रेमियों और जानकारों को यह सफलता पूरी तरह से संपूर्ण नहीं लग रही है। आगामी समय में होने वाली मुख्य अंतरराष्ट्रीय श्रृंखलाओं और टीम इंडिया के कड़े शेड्यूल को देखते हुए ‘ए’ टीम के खिलाड़ियों से केवल मैच जीतने की ही नहीं, बल्कि आधुनिक क्रिकेट के मापदंडों के अनुरूप प्रभावी खेल दिखाने की उम्मीद की जाती है। यदि वैभव सूर्यवंशी की निरंतरता और तिलक वर्मा के स्ट्राइक रेट की समस्या का जल्द समाधान नहीं तलाशा गया, तो आने वाले मैचों में टीम को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

  • अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टीम इंडिया ने रचा स्वर्णिम इतिहास, अफगानिस्तान को हराकर विश्व रिकॉर्ड बनाने वाला बना पहला देश

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टीम इंडिया ने रचा स्वर्णिम इतिहास, अफगानिस्तान को हराकर विश्व रिकॉर्ड बनाने वाला बना पहला देश

    नई दिल्ली। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक ऐसा ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित कर दिया है, जिसके आसपास फिलहाल दुनिया की कोई भी बड़ी क्रिकेट टीम नजर नहीं आती है। न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर स्टेडियम में खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में भारत ने अफगानिस्तान को पारी और 300 रनों के बेहद शर्मनाक अंतर से शिकस्त दे दी। इस विशाल जीत के साथ ही भारतीय टीम ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में एक नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करा लिया है, जहां क्रिकेट की महाशक्तियां मानी जाने वाली ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी टीमें भारत के आसपास भी नहीं ठहरती हैं।

    यह मुकाबला जीतने के साथ ही अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम का बिना हारे लगातार 15 मैच खेलने का अनोखा सिलसिला पूरा हो चुका है। भारतीय टीम ने साल 2010 से लेकर 2026 तक के सफर में अफगानिस्तान के खिलाफ सभी प्रारूपों को मिलाकर कुल 15 मुकाबले खेले हैं, जिनमें से 12 मैचों में टीम इंडिया ने एकतरफा जीत हासिल की है। इस सफर के दौरान भारतीय टीम को एक भी मैच में हार का सामना नहीं करना पड़ा है, जिसने भारत को विश्व क्रिकेट इतिहास की सबसे लंबी अजेय स्ट्रीक का मालिक बना दिया है।

    इस वैश्विक सूची पर नजर डालें तो भारत के बाद दूसरे नंबर पर न्यूजीलैंड की टीम मौजूद है, जिसने आयरलैंड के खिलाफ लगातार 13 मुकाबलों में जीत दर्ज की थी। वहीं युगांडा ने नाइजीरिया के खिलाफ लगातार 13 मैच जीते थे। भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए इन 15 मुकाबलों के इतिहास में केवल एक मैच साल 2023 के टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान बारिश की भेंट चढ़ा था, जबकि दो बेहद रोमांचक मुकाबले टाई पर समाप्त हुए थे। इनमें से पहला टाई मुकाबला साल 2018 के एशिया कप के दौरान दुबई में खेला गया वनडे मैच था, जिसमें महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में विपक्षी टीम ने भारत को कड़ी टक्कर दी थी।

    इसके बाद साल 2024 में बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में दोनों देशों के बीच खेला गया द्विपक्षीय टी20 मुकाबला क्रिकेट इतिहास के सबसे रोमांचक मैचों में शुमार हो गया था, जहां एक ही मैच में दो बार सुपर ओवर का ड्रामा देखने को मिला था। उस ऐतिहासिक मैच में कप्तान रोहित शर्मा के शानदार 121 रनों और रिंकू सिंह की आतिशी पारी के दम पर भारत ने विशाल स्कोर खड़ा किया था, जिसे अफगानिस्तान ने बराबर कर दिया था। अंततः रवि बिश्नोई की घातक गेंदबाजी के दम पर भारत ने वह दोहरा सुपर ओवर मुकाबला अपने नाम किया था।

    क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप यानी टेस्ट मैच में अफगानिस्तान को बेहद बुरी तरह रौंदकर भारत ने साफ कर दिया है कि खेल के हर फॉर्मेट में उसकी बादशाहत क्यों कायम है। मुल्लांपुर स्टेडियम की पिच पर भारतीय गेंदबाजों और बल्लेबाजों के संयुक्त प्रदर्शन ने विपक्षी टीम को मैच के किसी भी सत्र में संभलने का मौका नहीं दिया। भारतीय क्रिकेट के इस स्वर्णिम दौर में यह नया विश्व रिकॉर्ड खिलाड़ियों की निरंतरता और टीम के मजबूत बेंच स्ट्रेंथ को दर्शाता है, जिसने देश के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

  • 'अगर सचिन क्रिकेट के भगवान हैं, तो वैभव हो सकते हैं भगवान का बेटा': पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत का बड़ा बयान, टीम मैनेजमेंट को दी खास सलाह

    'अगर सचिन क्रिकेट के भगवान हैं, तो वैभव हो सकते हैं भगवान का बेटा': पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत का बड़ा बयान, टीम मैनेजमेंट को दी खास सलाह

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है, जहां मात्र 15 वर्ष की आयु में एक युवा बल्लेबाज ने अपनी असाधारण प्रतिभा के दम पर सीनियर राष्ट्रीय टीम का दरवाजा खटखटाया है। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में अपने बल्ले से रनों का अंबार लगाने वाले युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी को चयनकर्ताओं ने आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए घोषित भारतीय टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में शामिल कर लिया है। इस चयन के साथ ही वैभव के पास मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का दशकों पुराना ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ने का एक बेहद सुनहरा अवसर आ गया है।

    यदि वैभव सूर्यवंशी को आगामी दौरों पर किसी भी मुकाबले में भारत की ओर से खेलने का अवसर प्राप्त होता है, तो वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन जाएंगे। इस अभूतपूर्व प्रतिभा को लेकर भारतीय क्रिकेट जगत में भारी उत्साह देखा जा रहा है। पूर्व भारतीय कप्तान और राष्ट्रीय चयन समिति के पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने वैभव की जमकर सराहना की है। उन्होंने अपने आधिकारिक डिजिटल मंच पर बयान देते हुए यहां तक कह दिया कि यदि सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान माना जाता है, तो वैभव सूर्यवंशी में क्रिकेट के भगवान का बेटा बनने की पूरी क्षमता दिखाई देती है।

    पूर्व मुख्य चयनकर्ता श्रीकांत ने हालांकि टीम प्रबंधन को एक बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी सलाह भी दी है। उनका मानना है कि इस युवा खिलाड़ी के चयन में उम्र कोई बाधा नहीं है क्योंकि उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन और रनों के आधार पर टीम में जगह बनाई है। इसके बावजूद, टीम मैनेजमेंट को उन्हें अंतिम एकादश (प्लेइंग XI) में शामिल करने की जल्दबाजी से बचना चाहिए। श्रीकांत के अनुसार, वैभव को आगामी तीन वर्षों के लिए 16 सदस्यीय मुख्य टीम में स्थान की गारंटी दी जानी चाहिए, ताकि वे बिना किसी मानसिक दबाव के वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ रहकर खेल की बारीकियों को सीख सकें और खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए पूरी तरह परिपक्व कर सकें।

    क्रिकेट समीक्षकों के अनुसार, वैभव का यह फास्ट्रैक चयन उनके आईपीएल 2026 के अविश्वसनीय प्रदर्शन का परिणाम है, जहां उन्होंने पूरे सीजन में कुल 776 रन बनाकर प्रतिष्ठित ‘ऑरेंज कैप’ पर अपना अधिकार जमाया था। अपने करियर के दूसरे ही सीजन में यह कीर्तिमान रचने वाले वे दुनिया के सबसे युवा बल्लेबाज बने। इतना ही नहीं, इस 15 वर्षीय खब्बू बल्लेबाज ने एक ही आईपीएल सीजन में कुल 72 गगनचुंबी छक्के जड़कर वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल के बरसों पुराने ऐतिहासिक रिकॉर्ड को भी नेस्तनाबूद कर दिया था, जिसने चयनकर्ताओं को उन्हें सीनियर टीम में शामिल करने के लिए मजबूर किया।

    भारतीय टीम का आगामी आयरलैंड दौरा 26 जून से आधिकारिक तौर पर शुरू होने जा रहा है, जिसके तुरंत बाद टीम को इंग्लैंड के खिलाफ भी सीमित ओवरों की श्रृंखला खेलनी है। इसके अतिरिक्त, चयनकर्ताओं ने दूरगामी सोच का परिचय देते हुए वैभव सूर्यवंशी को आगामी एशियन गेम्स के लिए घोषित भारतीय क्रिकेट दल में भी स्थान दिया है। वर्तमान में शीर्ष क्रम में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा जैसे आक्रामक सलामी बल्लेबाजों की मौजूदगी के बीच, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम प्रबंधन इस युवा खिलाड़ी को कब और किस तरह अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदार्पण करने का ऐतिहासिक अवसर प्रदान करता है।