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  • रोहित शर्मा के भविष्य पर उठे सवालों के बीच विराट कोहली को रविचंद्रन अश्विन की बड़ी चेतावनी, बोले- लगातार प्रदर्शन नहीं रहा तो किसी की जगह सुरक्षित नहीं

    रोहित शर्मा के भविष्य पर उठे सवालों के बीच विराट कोहली को रविचंद्रन अश्विन की बड़ी चेतावनी, बोले- लगातार प्रदर्शन नहीं रहा तो किसी की जगह सुरक्षित नहीं

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट में वरिष्ठ खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। रोहित शर्मा के वनडे करियर को लेकर सामने आ रही अटकलों के बीच पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने विराट कोहली को लेकर भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उनका मानना है कि मौजूदा दौर में किसी भी खिलाड़ी की जगह केवल उसकी लोकप्रियता या पिछले रिकॉर्ड के आधार पर सुरक्षित नहीं रह सकती। टीम में बने रहने के लिए लगातार उच्च स्तर का प्रदर्शन करना सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है।

    हाल के दिनों में भारतीय टीम के भविष्य और 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। माना जा रहा है कि टीम प्रबंधन आने वाले वर्षों के लिए युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसी क्रम में रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर भी कई तरह की अटकलें सामने आई हैं। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन क्रिकेट जगत में इस विषय पर लगातार चर्चा जारी है।

    इसी पृष्ठभूमि में रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि विराट कोहली इस समय शानदार फॉर्म में हैं और उनकी बल्लेबाजी पहले से कहीं अधिक प्रभावशाली दिखाई दे रही है। उन्होंने माना कि कोहली का अनुभव और निरंतरता भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक क्रिकेट में किसी भी खिलाड़ी को अपनी जगह बनाए रखने के लिए लगातार प्रदर्शन करना ही होगा। यदि प्रदर्शन में लंबी गिरावट आती है तो परिस्थितियां किसी के लिए भी बदल सकती हैं।

    विराट कोहली का हालिया वनडे रिकॉर्ड भी उनकी बेहतरीन लय की पुष्टि करता है। इस वर्ष खेले गए मुकाबलों में उन्होंने लगातार उपयोगी पारियां खेलते हुए टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनका औसत और स्ट्राइक रेट दोनों ही संतुलित और प्रभावशाली रहे हैं। यही कारण है कि उन्हें भारतीय बल्लेबाजी की सबसे मजबूत कड़ी माना जा रहा है। अश्विन का भी मानना है कि यदि कोहली इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखते हैं तो वह आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में टीम के लिए अहम भूमिका निभाते रहेंगे।

    अश्विन ने केवल प्रदर्शन की बात ही नहीं की, बल्कि चयन प्रक्रिया को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी को टीम से बाहर करना चयनकर्ताओं का अधिकार है, लेकिन जिन खिलाड़ियों ने लंबे समय तक देश के लिए योगदान दिया है, उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। यदि किसी वरिष्ठ खिलाड़ी को भविष्य की योजनाओं में शामिल नहीं किया जा रहा है तो उसे स्पष्ट रूप से इसकी जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि किसी तरह की अनिश्चितता या भ्रम की स्थिति पैदा न हो।

    भारतीय क्रिकेट फिलहाल बदलाव के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। एक ओर युवा खिलाड़ियों को तैयार करने की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर अनुभवी खिलाड़ियों का अनुभव भी टीम के लिए अमूल्य है। ऐसे में चयनकर्ताओं के सामने संतुलन बनाए रखने की चुनौती पहले से अधिक बड़ी हो गई है। टीम प्रबंधन को भविष्य की योजनाओं और वर्तमान प्रदर्शन के बीच उचित तालमेल स्थापित करना होगा।

    रविचंद्रन अश्विन का यह बयान केवल विराट कोहली तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भारतीय क्रिकेट में बदलती चयन प्रक्रिया और बढ़ती प्रतिस्पर्धा का संकेत भी समझा जा रहा है। आने वाले महीनों में टीम चयन से जुड़े फैसले यह तय करेंगे कि भारत 2027 विश्व कप की दिशा में किस रणनीति के साथ आगे बढ़ता है और अनुभवी खिलाड़ियों तथा नई प्रतिभाओं के बीच किस प्रकार संतुलन स्थापित किया जाता है।

  • रोहित शर्मा की फॉर्म पर उठे सवालों के बीच बैटिंग कोच सितांशु कोटक का बड़ा बयान, बोले- इतने बड़े खिलाड़ी पर दबाव जैसी कोई बात नहीं

    रोहित शर्मा की फॉर्म पर उठे सवालों के बीच बैटिंग कोच सितांशु कोटक का बड़ा बयान, बोले- इतने बड़े खिलाड़ी पर दबाव जैसी कोई बात नहीं

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ जारी वनडे सीरीज में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा की बल्लेबाजी लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। शुरुआती दो मुकाबलों में बड़ी पारी नहीं खेल पाने के बाद उनके प्रदर्शन और भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। इसी बीच भारतीय टीम के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने रोहित शर्मा का खुलकर समर्थन किया है। उनका कहना है कि रोहित जैसे अनुभवी और सफल खिलाड़ी पर किसी भी तरह का दबाव होने की बात सही नहीं है और कुछ मैचों के आधार पर उनके प्रदर्शन का आकलन करना उचित नहीं होगा।

    कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सितांशु कोटक ने कहा कि रोहित शर्मा विश्व क्रिकेट के सबसे सफल बल्लेबाजों में शामिल हैं। उन्होंने माना कि पिछले दो मैचों में रोहित बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन इससे उनकी क्षमता पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता। कोटक के अनुसार, दूसरे वनडे में भी रोहित अच्छी लय में दिखाई दे रहे थे और ऐसा लग रहा था कि वह बड़ी पारी खेलेंगे, लेकिन एक गलती के कारण उन्हें अपना विकेट गंवाना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम प्रबंधन इस स्थिति को लेकर किसी प्रकार की चिंता नहीं कर रहा है।

    इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में रोहित शर्मा ने 47 गेंदों का सामना करते हुए 26 रन बनाए। वह शुरुआत में संभलकर खेलते नजर आए, लेकिन अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। मौजूदा वर्ष में वनडे क्रिकेट में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। उन्होंने इस साल खेले गए आठ मुकाबलों में 241 रन बनाए हैं, जिसमें केवल एक अर्धशतक शामिल है। यही कारण है कि उनकी फॉर्म को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

    रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हाल के दिनों में ऐसी खबरें सामने आई हैं कि भारतीय टीम के चयनकर्ता अब वनडे टीम के लिए लंबी अवधि की योजना पर काम कर रहे हैं। इसी क्रम में यह भी दावा किया गया है कि युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर कोई घोषणा नहीं की गई है और टीम प्रबंधन की ओर से भी कोई औपचारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

    चयन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल का नाम भी लगातार सामने आ रहा है। घरेलू और सीमित अवसरों में प्रभावशाली प्रदर्शन के बावजूद उन्हें वनडे टीम में नियमित मौका नहीं मिल पाया है। माना जा रहा है कि भविष्य की टीम तैयार करने की रणनीति के तहत चयनकर्ता युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने के विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। हालांकि अंतिम निर्णय चयन समिति और टीम प्रबंधन की रणनीति पर ही निर्भर करेगा।

    फिलहाल भारतीय टीम की पूरी प्राथमिकता इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने पर है। ऐसे में टीम प्रबंधन का मानना है कि रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ी का अनुभव और नेतृत्व अभी भी टीम के लिए महत्वपूर्ण है। आगामी मुकाबलों में सभी की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि रोहित अपनी फॉर्म में वापसी कर आलोचनाओं का जवाब बल्ले से देते हैं या नहीं। साथ ही चयन और भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर भी आने वाले दिनों में स्थिति अधिक स्पष्ट होने की संभावना है।

  • विराट कोहली ने कार्डिफ में बल्ले से मचाई धूम, 65 रन की शानदार पारी के साथ तोड़े कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड, भारत को भी दिलाई बड़ी उपलब्धि

    विराट कोहली ने कार्डिफ में बल्ले से मचाई धूम, 65 रन की शानदार पारी के साथ तोड़े कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड, भारत को भी दिलाई बड़ी उपलब्धि

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 66 गेंदों में 65 रन बनाए। उनकी इस पारी में आठ चौके शामिल रहे। हालांकि वह शतक तक नहीं पहुंच सके, लेकिन उनकी यह अर्धशतकीय पारी कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने के लिए पर्याप्त साबित हुई। लंबे समय बाद लय में दिखे कोहली ने एक बार फिर साबित किया कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनका अनुभव और निरंतरता आज भी भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत है।

    कार्डिफ का मैदान विराट कोहली के लिए पहले भी खास रहा है और इस बार भी उन्होंने यहां यादगार प्रदर्शन किया। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने इंग्लैंड की धरती पर सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने इस मामले में राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। इंग्लैंड में वर्ष 2011 से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे कोहली अब तीनों प्रारूपों को मिलाकर यहां सबसे अधिक रन बनाने वाले भारतीय खिलाड़ी बन चुके हैं।

    इस मुकाबले में बनाया गया अर्धशतक इंग्लैंड में विराट कोहली का 19वां अर्धशतक रहा। इसके साथ ही वह इंग्लैंड में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले विदेशी बल्लेबाज भी बन गए। उन्होंने इस उपलब्धि के साथ ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ को पीछे छोड़ दिया। कोहली के नाम इंग्लैंड में अब तीन शतक और 19 अर्धशतक दर्ज हैं, जो उनकी निरंतरता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाते हैं।

    मैच के दौरान विराट कोहली ने कप्तान रोहित शर्मा के साथ एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। दोनों खिलाड़ियों ने दूसरे विकेट के लिए उपयोगी साझेदारी करते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में भारत के लिए 8000 से अधिक रनों की साझेदारी पूरी कर ली। इस उपलब्धि के साथ रोहित और विराट की जोड़ी भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे सफल साझेदारियों में शामिल हो गई। उन्होंने इस मामले में सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ की प्रसिद्ध जोड़ी को पीछे छोड़ते हुए नया स्थान हासिल किया।

    विराट कोहली का यह प्रदर्शन ऐसे समय आया है जब पिछले मुकाबले में वह बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके थे। पहले वनडे में वह केवल पांच रन बनाकर आउट हो गए थे, जिसके बाद उनकी फॉर्म को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। कार्डिफ में खेली गई यह संयमित और जिम्मेदार पारी उन सभी सवालों का जवाब मानी जा रही है। उन्होंने शुरुआत में धैर्य दिखाया और बाद में मौके मिलने पर आकर्षक स्ट्रोक्स भी लगाए।

    वनडे क्रिकेट में विराट कोहली का रिकॉर्ड पहले से ही बेहद शानदार रहा है। वह इस प्रारूप में सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में भी शीर्ष स्थानों पर बने हुए हैं। कार्डिफ में खेली गई यह पारी उनके करियर की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गई, जिसने साबित किया कि बड़े मुकाबलों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनका अनुभव टीम के लिए कितना अहम है। भारतीय टीम को भी इस प्रदर्शन से आगे की श्रृंखला के लिए आत्मविश्वास मिला है और उम्मीद रहेगी कि विराट आगामी मुकाबलों में भी इसी तरह की निरंतरता बनाए रखेंगे।

  • विराट कोहली की वापसी से बढ़ी ताकत, लेकिन कुलदीप यादव और वॉशिंगटन सुंदर के बीच फंसा प्लेइंग-11 का पेच

    विराट कोहली की वापसी से बढ़ी ताकत, लेकिन कुलदीप यादव और वॉशिंगटन सुंदर के बीच फंसा प्लेइंग-11 का पेच

    नई दिल्ली । टी20 श्रृंखला में 0-4 की एकतरफा और निराशाजनक हार का सामना करने के बाद, भारतीय क्रिकेट टीम अब एक नई शुरुआत के इरादे से मैदान पर उतरने के लिए तैयार है। इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला का पहला मुकाबला बर्मिंघम के प्रतिष्ठित एजबेस्टन मैदान पर खेला जाना है। इस मुकाबले में भारतीय टीम प्रबंधन का मुख्य उद्देश्य न केवल एक शानदार जीत दर्ज करना होगा, बल्कि खेल के इस प्रारूप में अपनी बादशाहत को पुनः साबित करना भी होगा। मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल के लिए यह मुकाबला रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे टी20 श्रृंखला की गलतियों को दोहराने से बचना चाहेंगे।

    इस श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में कई सीनियर खिलाड़ियों की वापसी हुई है, जिससे टीम का संतुलन काफी मजबूत नजर आ रहा है। रोहित शर्मा और पूर्व कप्तान विराट कोहली जैसे अनुभवी दिग्गजों की मौजूदगी से बल्लेबाजी क्रम को अत्यधिक स्थिरता मिलेगी। सलामी जोड़ी के रूप में रोहित शर्मा और कप्तान शुभमन गिल पारी की शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वहीं, पिछले कुछ समय से मध्यक्रम में विकल्प के तौर पर देखे जा रहे यशस्वी जायसवाल इस श्रृंखला का हिस्सा नहीं हैं, जिसके चलते विराट कोहली का अपने पसंदीदा नंबर-3 स्थान पर खेलना पूरी तरह तय माना जा रहा है। कोहली की वापसी के कारण ईशान किशन को इस मैच में अंतिम एकादश से बाहर बैठना पड़ सकता है।

    भारतीय टीम का मध्यक्रम इस प्रारूप में काफी अनुभवी और विश्वसनीय दिखाई दे रहा है। नंबर-4 पर श्रेयस अय्यर और नंबर-5 पर विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल की जगह लगभग पक्की मानी जा रही है। हालांकि, मुख्य कोच गौतम गंभीर के रणनीतिक दृष्टिकोण को देखते हुए केएल राहुल के बल्लेबाजी क्रम में परिस्थितियों के अनुसार लचीलापन देखा जा सकता है। बाएं हाथ के हरफनमौला खिलाड़ी अक्षर पटेल को टीम में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, जिन्हें बल्लेबाजी में गहराई प्रदान करने के लिए नंबर-5 या नंबर-6 पर प्रमोट किया जा सकता है। उनकी मौजूदगी से दाएं हाथ के बल्लेबाजों की अधिकता वाले मध्यक्रम को एक अच्छा संतुलन मिलेगा।

    तेज गेंदबाजी विभाग की बात करें तो अनुभवी तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की लंबे समय बाद एकदिवसीय टीम में वापसी हो रही है। वह वर्ष 2023 के एकदिवसीय विश्व कप फाइनल के बाद पहली बार इस प्रारूप में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। बुमराह के साथ तेज गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा के कंधों पर होगी। इंग्लैंड की सीम और स्विंग के अनुकूल परिस्थितियों में यह तिकड़ी भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकती है। हार्दिक पंड्या और नीतीश कुमार रेड्डी की चोट के कारण अनुपलब्धता ने टीम प्रबंधन के लिए ऑलराउंडर के विकल्प को थोड़ा सीमित कर दिया है, जिसके कारण शिवम दुबे को अंतिम एकादश में शामिल किया जाना तय माना जा रहा है।

    टीम प्रबंधन के सामने सबसे बड़ी दुविधा स्पिन विभाग के चयन को लेकर खड़ी हो गई है। कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव मध्य ओवरों में विकेट निकालने की अपनी बेजोड़ क्षमता के लिए जाने जाते हैं, लेकिन उनकी कमजोर बल्लेबाजी टीम की निचली क्रम की गहराई को प्रभावित करती है। यदि भारत कुलदीप और शिवम दुबे दोनों को खिलाता है, तो टीम की बल्लेबाजी केवल नंबर-7 तक ही सीमित रह जाएगी। ऐसे में दूसरे विकल्प के रूप में वॉशिंगटन सुंदर का नाम सामने आ रहा है, जो आक्रामक ऑफ-स्पिन गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में बल्लेबाजी को मजबूती प्रदान कर सकते हैं। कोच गौतम गंभीर के पिछले निर्णयों को देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि वह बल्लेबाजी की गहराई को प्राथमिकता दे सकते हैं, जिससे सुंदर का पलड़ा थोड़ा भारी नजर आता है।

  • टी20 सीरीज में आयरलैंड के हाथों 0-2 से पिटी भारतीय टीम, निराशाजनक प्रदर्शन के बाद हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर निशाने पर

    टी20 सीरीज में आयरलैंड के हाथों 0-2 से पिटी भारतीय टीम, निराशाजनक प्रदर्शन के बाद हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर निशाने पर

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम को विदेशी सरजमीं पर एक बड़ा झटका लगा है, जहां आयरलैंड के खिलाफ खेली गई दो मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में उसे 0-2 से क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा है। इस चौंकाने वाली और निराशाजनक हार के बाद वैश्विक क्रिकेट जगत में भारतीय टीम के प्रदर्शन की भारी आलोचना हो रही है। इसी कड़ी में आइसलैंड क्रिकेट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक बेहद तंजिया पोस्ट साझा की है, जिसने भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों और प्रबंधन की चोट पर नमक छिड़कने का काम किया है। आइसलैंड क्रिकेट ने सीधे तौर पर भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर की कोचिंग क्षमताओं पर निशाना साधा है।

    सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे इस बयान में आइसलैंड क्रिकेट ने व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा कि उनकी अपनी कोचिंग टीम में गौतम गंभीर को नियुक्त करने की कोई योजना नहीं है। पोस्ट में आगे लिखा गया कि गंभीर में निश्चित रूप से एक अलग तरह की प्रतिभा है, क्योंकि स्टार खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम को लेकर आयरलैंड जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीम के खिलाफ इस तरह के परिणाम देना वाकई एक असाधारण और विशिष्ट काबिलियत को दर्शाता है। इस तीखे कटाक्ष के बाद क्रिकेट गलियारों में भारतीय टीम के रणनीतिक स्तर और कोचिंग स्टाफ की जवाबदेही को लेकर बहस तेज हो गई है।

    श्रृंखला के घटनाक्रम की बात करें तो बेलफास्ट में खेले गए पहले मुकाबले में भारत को 34 रनों की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। इसके बाद रविवार को खेले गए दूसरे और अंतिम मैच में, जो कि बारिश से प्रभावित रहा, आयरलैंड ने सूझबूझ का परिचय देते हुए भारतीय टीम को रोमांचक मोड़ पर महज एक रन से पराजित कर दिया। हालांकि पूरी सीरीज के दौरान भारतीय गेंदबाजों ने अपेक्षाकृत अनुशासित और सराहनीय प्रदर्शन किया, लेकिन बल्लेबाजों के निराशाजनक रवैये ने टीम की लुटिया डुबो दी। दोनों ही मुकाबलों में भारतीय बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह ताश के पत्तों की तरह बिखरता नजर आया।

    इस सीरीज में टीम इंडिया की अगुवाई कर रहे कार्यवाहक कप्तान श्रेयस अय्यर और हाल ही में समाप्त हुए टी20 विश्व कप 2026 में ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ रहे विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन जैसे स्थापित खिलाड़ी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। पूरे दौरे पर इन प्रमुख बल्लेबाजों का बल्ला पूरी तरह खामोश रहा, जिसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। इस हार के साथ ही श्रेयस अय्यर भारत के ऐसे दूसरे कप्तान बन गए हैं, जिन्हें अपनी कप्तानी के शुरुआती दोनों टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में पराजय का स्वाद चखना पड़ा है। इस लचर प्रदर्शन के बाद चयनकर्ताओं और टीम संयोजन पर भी सवाल उठने लगे हैं।

    इस करारी हार के झटके से उबरने के लिए भारतीय टीम के पास बेहद कम समय है, क्योंकि उसके सामने अगली बड़ी चुनौती इंग्लैंड की है। भारतीय दल इसी सप्ताह पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए इंग्लैंड का दौरा करने वाला है। इस दौरे का पहला मुकाबला 1 जुलाई को चेस्टर-ले-स्ट्रीट के रिवरसाइड ग्राउंड पर खेला जाएगा। इसके बाद आगामी मैच क्रमशः 4, 7, 9 और 11 जुलाई को ओल्ड ट्रैफर्ड, नॉटिंघम, ब्रिस्टल और साउथेम्प्टन में आयोजित होने हैं। कप्तान श्रेयस अय्यर और मुख्य कोच गौतम गंभीर के लिए इंग्लैंड का यह दौरा अपनी रणनीतियों को सुधारने और साख बचाने के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण होने जा रहा है।

  • अभ्यास सुविधाओं की कमी के बीच भी चमके वैभव सूर्यवंशी, बेलफास्ट नेट सेशन में शानदार बल्लेबाजी ने बढ़ाईं टीम इंडिया की उम्मीदें

    अभ्यास सुविधाओं की कमी के बीच भी चमके वैभव सूर्यवंशी, बेलफास्ट नेट सेशन में शानदार बल्लेबाजी ने बढ़ाईं टीम इंडिया की उम्मीदें


    नई दिल्ली ।
    आयरलैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला के पहले मुकाबले से पहले बेलफास्ट में भारतीय क्रिकेट टीम का अभ्यास सत्र कुछ शुरुआती तकनीकी अव्यवस्थाओं के कारण चर्चा में रहा। हालांकि इन चुनौतियों का खिलाड़ियों की तैयारियों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। टीम प्रबंधन की त्वरित पहल के बाद अभ्यास सुविधाओं में आवश्यक सुधार किए गए, जिसके बाद पूरा सत्र सामान्य रूप से संपन्न हुआ। इस दौरान सबसे अधिक चर्चा युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की रही, जिन्होंने अपने पहले सीनियर टीम नेट सेशन में बेहतरीन बल्लेबाजी कर सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

    अभ्यास की शुरुआत में एक नेट पर गेंदबाज के पीछे साइटस्क्रीन उपलब्ध नहीं होने से बल्लेबाजों को गेंद को स्पष्ट रूप से देखने में परेशानी हुई। भारतीय टीम के सहयोगी स्टाफ ने इस समस्या को तुरंत आयोजकों के सामने रखा। शिकायत मिलते ही संबंधित अधिकारियों ने व्यवस्था में जरूरी बदलाव किए और कुछ ही समय में अभ्यास की परिस्थितियां पूरी तरह सामान्य हो गईं। इसके बाद खिलाड़ियों ने बिना किसी रुकावट के अपने निर्धारित अभ्यास कार्यक्रम को पूरा किया।

    व्यवस्था बहाल होने के बाद नेट्स में सबसे ज्यादा निगाहें 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पर रहीं। सीनियर भारतीय टीम के साथ अपने पहले अभ्यास सत्र में उन्होंने पूरी सहजता और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। लंबे नेट सेशन के दौरान उन्होंने सीधे ड्राइव, कवर ड्राइव, पुल और आक्रामक स्ट्रोक्स के जरिए अपनी तकनीकी क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कम उम्र के बावजूद उनकी बल्लेबाजी में संयम, संतुलन और परिस्थितियों के अनुरूप खेलने की समझ साफ दिखाई दी।

    आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव पहले ही भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में अपनी जगह बना चुके हैं। बेलफास्ट के अभ्यास सत्र में भी उन्होंने उसी लय को कायम रखते हुए टीम प्रबंधन, साथी खिलाड़ियों और मौजूद क्रिकेट प्रेमियों को प्रभावित किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बार सीनियर टीम का हिस्सा बनने के बावजूद उनके व्यवहार और बल्लेबाजी में किसी प्रकार का दबाव नजर नहीं आया, जिसने उनके मानसिक संतुलन को भी रेखांकित किया।

    अभ्यास के दौरान मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भी वैभव के साथ कुछ समय बिताया और उन्हें खेल के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया। युवा खिलाड़ियों को भविष्य के लिए तैयार करने की टीम प्रबंधन की रणनीति के तहत यह संवाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गंभीर लगातार खिलाड़ियों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में शांत रहने और अपनी स्वाभाविक खेल शैली पर भरोसा बनाए रखने की सलाह देते रहे हैं, जिसका सकारात्मक प्रभाव युवा खिलाड़ियों पर भी दिखाई दे रहा है।

    बेलफास्ट में भारतीय टीम का अभ्यास देखने स्थानीय भारतीय समुदाय भी बड़ी संख्या में पहुंचा। वैभव सूर्यवंशी को लेकर दर्शकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रशंसकों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और ऑटोग्राफ लिए। युवा बल्लेबाज की बढ़ती लोकप्रियता इस बात का संकेत भी है कि घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में उनकी उपलब्धियों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलानी शुरू कर दी है।

    पहले टी20 मुकाबले से पहले आयोजित यह अभ्यास सत्र भारतीय टीम के लिए केवल तकनीकी तैयारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवा प्रतिभाओं के आत्मविश्वास और भविष्य की संभावनाओं का भी परिचायक बना। वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन से यह संकेत दिया कि बड़े मंच की चुनौतियां उनके आत्मविश्वास को प्रभावित नहीं कर रहीं। अब आगामी मुकाबलों में सभी की नजरें इस युवा बल्लेबाज पर रहेंगी कि वह नेट्स में दिखाई गई अपनी लय को मैच के दौरान कितनी प्रभावी बल्लेबाजी में बदल पाते हैं।

  • वैभव सूर्यवंशी के लिए इंग्लैंड दौरे पर विशेष व्यवस्था, भारतीय ड्रेसिंग रूम में कपड़े बदलने की नहीं होगी अनुमति

    वैभव सूर्यवंशी के लिए इंग्लैंड दौरे पर विशेष व्यवस्था, भारतीय ड्रेसिंग रूम में कपड़े बदलने की नहीं होगी अनुमति

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी आगामी इंग्लैंड दौरे पर पहली बार सीनियर टीम का हिस्सा बनने जा रहे हैं। महज 15 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय टीम में चयनित होने के कारण वह लगातार चर्चा में हैं। हालांकि इस दौरे से पहले उनके लिए एक विशेष व्यवस्था किए जाने की जानकारी सामने आई है। इंग्लैंड में होने वाली टी-20 श्रृंखला के दौरान वैभव भारतीय टीम के साथ रहेंगे, लेकिन उन्हें टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ चेंजिंग रूम साझा करने की अनुमति नहीं होगी।

    यह निर्णय किसी अनुशासनात्मक कारण से नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लागू सुरक्षा नियमों के तहत लिया गया है। चूंकि वैभव अभी 16 वर्ष से कम आयु के हैं, इसलिए उन पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की सेफगार्डिंग पॉलिसी लागू होगी। इसी नीति के तहत उनके लिए प्रत्येक मैच स्थल पर अलग चेंजिंग रूम और विशेष सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी।

    हालांकि युवा बल्लेबाज टीम की रणनीतिक बैठकों, अभ्यास सत्रों और ड्रेसिंग रूम की अन्य गतिविधियों का हिस्सा बने रहेंगे। उन्हें टीम के माहौल में पूरी तरह शामिल रखा जाएगा, लेकिन कपड़े बदलने और निजी सुविधाओं के उपयोग के लिए अलग व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। इस कदम का उद्देश्य नाबालिग खिलाड़ियों की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करना है।

    सेफगार्डिंग पॉलिसी अंतरराष्ट्रीय खेलों में कम उम्र के खिलाड़ियों के संरक्षण के लिए बनाई गई है। इसके तहत शारीरिक, मानसिक और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है। यह नीति सुनिश्चित करती है कि युवा खिलाड़ी किसी भी प्रकार के दबाव, असहजता या संभावित दुर्व्यवहार से सुरक्षित रहें और उन्हें स्वस्थ खेल वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

    वैभव सूर्यवंशी के मामले में भी यही नियम लागू किए जा रहे हैं। क्रिकेट प्रशासन का मानना है कि इतनी कम उम्र में सीनियर स्तर पर पहुंचने वाले खिलाड़ियों को विशेष देखभाल और सहयोग की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि उनके माता-पिता को भी इस विदेशी दौरे के दौरान साथ रहने की अनुमति दी गई है। इससे युवा खिलाड़ी को नए माहौल में मानसिक और भावनात्मक समर्थन मिलेगा।

    भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों का मानना है कि वैभव को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के माहौल में धीरे-धीरे ढालना जरूरी है। ऐसे में परिवार की मौजूदगी उनके आत्मविश्वास और प्रदर्शन दोनों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। बोर्ड यह सुनिश्चित करना चाहता है कि क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर कदम रखते समय युवा खिलाड़ी पर अनावश्यक दबाव न बने।

    वैभव सूर्यवंशी के लिए यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्हें पहली बार भारतीय टी-20 टीम में शामिल किया गया है और इस दौरे पर उन्हें आयरलैंड तथा इंग्लैंड के खिलाफ कुल सात अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का हिस्सा बनने का अवसर मिल सकता है। पहले भारत आयरलैंड के खिलाफ दो टी-20 मैच खेलेगा, जिसके बाद इंग्लैंड के विरुद्ध पांच मैचों की श्रृंखला खेली जाएगी।

    क्रिकेट जगत की नजरें अब इस युवा प्रतिभा पर टिकी हैं। कम उम्र में राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने वाले वैभव से बड़ी उम्मीदें की जा रही हैं। इंग्लैंड दौरे पर लागू विशेष सुरक्षा व्यवस्थाएं यह भी दर्शाती हैं कि आधुनिक खेल प्रशासन युवा खिलाड़ियों के विकास के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को भी समान महत्व दे रहा है। ऐसे में यह दौरा वैभव सूर्यवंशी के क्रिकेट करियर का एक महत्वपूर्ण और यादगार अध्याय साबित हो सकता है।

  • वनडे विश्व कप 2027 में रोहित शर्मा और विराट कोहली के खेलने पर सस्पेंस बरकरार, बीसीसीआई ने रणनीतिक फैसलों को सार्वजनिक करने से किया इनकार

    वनडे विश्व कप 2027 में रोहित शर्मा और विराट कोहली के खेलने पर सस्पेंस बरकरार, बीसीसीआई ने रणनीतिक फैसलों को सार्वजनिक करने से किया इनकार

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट जगत में इस समय सबसे बड़ा और यक्ष प्रश्न यही बना हुआ है कि क्या स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा और दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली वर्ष 2027 में होने वाले आगामी वनडे विश्व कप में भारतीय टीम का हिस्सा होंगे या नहीं। आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में खिताबी जीत दर्ज करने के बाद से ही इन दोनों सीनियर खिलाड़ियों के वनडे क्रिकेट में भविष्य को लेकर लगातार कयास लगाए जा रहे हैं। इसी बीच भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने इस संवेदनशील मुद्दे पर अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, उनके इस बयान ने स्थिति को स्पष्ट करने के बजाय सस्पेंस को और अधिक बढ़ा दिया है क्योंकि उन्होंने साफ कर दिया है कि टीम की रणनीतियों से जुड़ी चर्चाएं पूरी तरह आंतरिक होती हैं।

    क्रिकेट बोर्ड के सचिव ने एक साक्षात्कार के दौरान स्पष्ट किया कि भारतीय क्रिकेट टीम के भविष्य, खिलाड़ियों की भूमिकाओं और आगामी विश्व कप की रूपरेखा को लेकर बोर्डरूम के भीतर नियमित तौर पर समीक्षा की जाती है। चयन समिति, क्रिकेट सलाहकार समिति, मुख्य कोच और कोचिंग स्टाफ के साथ-साथ खुद खिलाड़ियों के बीच भी एक मजबूत संवाद प्रणाली स्थापित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि टीम से जुड़े सभी बड़े और महत्वपूर्ण फैसले इसी निरंतर चलने वाली प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं। लेकिन जब उनसे सीधे तौर पर इन दोनों पूर्व कप्तानों के अगले विश्व कप में खेलने की संभावनाओं को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने रणनीतिक चर्चाओं का हवाला देते हुए इस पर सीधा जवाब देने से साफ तौर पर परहेज किया।

    बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, किसी भी बड़े टूर्नामेंट की दूरगामी रणनीतियों और सीनियर खिलाड़ियों के चयन संबंधी विचारों को मीडिया या आम जनता के सामने समय से पहले प्रकट करना उचित नहीं होता है। यह एक गोपनीय प्रशासनिक ढांचा है और इन पर चर्चा बोर्ड के आंतरिक दायरे में ही रहनी चाहिए। इस रहस्यमयी रुख से यह साफ जाहिर होता है कि बीसीसीआई फिलहाल इन दोनों दिग्गज बल्लेबाजों के भविष्य के रोडमैप को लेकर कोई भी जल्दबाजी में सार्वजनिक बयान या संकेत देने के मूड में नजर नहीं आ रहा है, जिससे क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच उत्सुकता चरम पर पहुंच गई है।

    दूसरी ओर, रोहित शर्मा और विराट कोहली विभिन्न मंचों पर इस बात के स्पष्ट संकेत दे चुके हैं कि वे खेल के इस पारंपरिक सीमित ओवरों के प्रारूप में अपनी सेवाएं जारी रखना चाहते हैं और उनकी नजरें अगले विश्व कप पर टिकी हुई हैं। चैंपियंस ट्रॉफी की ऐतिहासिक सफलता के बाद भी दोनों ही दिग्गजों ने वनडे क्रिकेट खेलते रहने की इच्छा व्यक्त की थी। हालांकि, मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और मुख्य कोच गौतम गंभीर की अगुवाई वाले प्रबंधन ने भी अब तक इस विषय पर कोई आधिकारिक या ठोस आश्वासन मीडिया के सामने प्रस्तुत नहीं किया है। ऐसे में आने वाले समय में इन दोनों सीनियर खिलाड़ियों का व्यक्तिगत प्रदर्शन और उनकी शारीरिक फिटनेस ही इस पूरी तस्वीर को साफ करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगी।

    मध्य प्रदेश। इसी बीच बोर्ड के सचिव ने राजनीतिक और कूटनीतिक परिस्थितियों के कारण स्थगित हुए भारत के पड़ोसी देशों के दौरों और द्विपक्षीय श्रृंखलाओं पर भी बोर्ड की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड किसी भी अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के आयोजन या विदेशी दौरों को लेकर पूरी तरह से भारत सरकार की गृह और विदेश नीतियों का अनुसरण करता है। खेल संस्था का राजनीति से कोई प्रत्यक्ष सरोकार नहीं है और सरकार की ओर से मिलने वाले दिशा-निर्देशों के आधार पर ही खेल से जुड़े कार्यक्रम तय किए जाते हैं। बहरहाल, वर्तमान में भारतीय टीम अफगानिस्तान के खिलाफ जारी घरेलू वनडे श्रृंखला में बेहतर प्रदर्शन कर रही है और खेल प्रेमी आगामी समय में रोहित-विराट के भविष्य पर आने वाले हर मोड़ पर नजरें गड़ाए हुए हैं।

  • इंग्लैंड वनडे सीरीज से पहले विराट कोहली की फिटनेस पर नजर, चयन से पहले होगा अहम टेस्ट, हार्दिक ने भी बढ़ाई तैयारी

    इंग्लैंड वनडे सीरीज से पहले विराट कोहली की फिटनेस पर नजर, चयन से पहले होगा अहम टेस्ट, हार्दिक ने भी बढ़ाई तैयारी

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली आगामी वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम के चयन से पहले खिलाड़ियों की फिटनेस सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बनकर सामने आई है। टीम प्रबंधन और चयन समिति की निगाहें विशेष रूप से अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली और स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की शारीरिक स्थिति पर टिकी हुई हैं। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धता भारतीय टीम के संतुलन और रणनीति के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

    भारतीय क्रिकेट टीम को जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलनी है। इस सीरीज को आगामी अंतरराष्ट्रीय अभियानों की तैयारी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में चयनकर्ताओं की कोशिश है कि पूरी तरह फिट और मैच के लिए तैयार खिलाड़ियों को ही टीम में शामिल किया जाए। इसी कारण अंतिम टीम चयन से पहले कुछ प्रमुख खिलाड़ियों की मेडिकल और फिटनेस रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

    विराट कोहली को लेकर सबसे अधिक चर्चा हो रही है। अनुभवी बल्लेबाज पिछले कुछ समय से चोट से उबरने की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। आईपीएल के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले कोहली को टूर्नामेंट के अंतिम चरण में हैमस्ट्रिंग से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम से दूर रहना पड़ा और पुनर्वास प्रक्रिया अपनानी पड़ी।

    वर्तमान में कोहली अपनी फिटनेस पर विशेष ध्यान दे रहे हैं और वापसी की तैयारी में जुटे हुए हैं। टीम चयन से पहले उनकी फिटनेस का विस्तृत आकलन किया जाएगा। क्रिकेट बोर्ड के विशेषज्ञ यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वे पूरी तरह स्वस्थ हों और बिना किसी जोखिम के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी कर सकें। फिटनेस परीक्षण में सफल रहने की स्थिति में उनके इंग्लैंड दौरे के लिए चयन की संभावना मजबूत मानी जा रही है।

    दूसरी ओर हार्दिक पांड्या की स्थिति पर भी चयनकर्ताओं की पैनी नजर बनी हुई है। चोट के कारण हाल के मुकाबलों से बाहर रहे हार्दिक ने अब प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। शुरुआती चरण में वह हल्के अभ्यास सत्रों में हिस्सा ले रहे हैं और उनकी गतिविधियों पर मेडिकल टीम लगातार निगरानी रख रही है। आने वाले दिनों में उनके अभ्यास की तीव्रता बढ़ाई जाएगी ताकि यह आकलन किया जा सके कि वे प्रतिस्पर्धी क्रिकेट के लिए कितने तैयार हैं।

    भारतीय टीम के लिए हार्दिक का महत्व केवल एक बल्लेबाज या गेंदबाज तक सीमित नहीं है। वह टीम को दोनों विभागों में संतुलन प्रदान करते हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी मौजूदगी टीम संयोजन को अधिक मजबूत बनाती है। यही कारण है कि चयनकर्ता उनकी फिटनेस को लेकर किसी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहते और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

    क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ सीरीज में अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। विराट कोहली का अनुभव और बल्लेबाजी क्षमता भारतीय शीर्ष क्रम को मजबूती देती है, जबकि हार्दिक पांड्या का ऑलराउंड प्रदर्शन टीम को अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराता है। ऐसे में दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धता टीम इंडिया के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाएगी।

    चयन समिति आने वाले दिनों में खिलाड़ियों की मेडिकल रिपोर्ट, फिटनेस स्तर और अभ्यास सत्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेगी। इसके बाद ही इंग्लैंड वनडे सीरीज के लिए अंतिम टीम की घोषणा की जाएगी। भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें भी अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या विराट कोहली और हार्दिक पांड्या पूरी तरह फिट होकर टीम में वापसी कर पाते हैं या नहीं।

    फिलहाल संकेत यही हैं कि दोनों खिलाड़ी अपनी वापसी को लेकर गंभीरता से तैयारी कर रहे हैं। यदि फिटनेस संबंधी सभी मानकों पर वे खरे उतरते हैं तो इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम को अनुभव, संतुलन और मजबूती का बड़ा फायदा मिल सकता है।

  • श्री चरणी और शेफाली की फिरकी में उलझा नीदरलैंड, भारत ने 209 रन बनाकर दर्ज की टूर्नामेंट की लगातार दूसरी जीत

    श्री चरणी और शेफाली की फिरकी में उलझा नीदरलैंड, भारत ने 209 रन बनाकर दर्ज की टूर्नामेंट की लगातार दूसरी जीत

    नई दिल्ली। महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। टूर्नामेंट के अपने दूसरे मुकाबले में भारत ने नीदरलैंड को 95 रनों के बड़े अंतर से हराकर अपनी लगातार दूसरी जीत दर्ज की। बुधवार को लीड्स के मैदान पर खेले गए इस एकतरफा मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर 209 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में नीदरलैंड की पूरी टीम 17.3 ओवरों में महज 114 रनों पर ही सिमट गई।

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने बेहद आक्रामक और मजबूत शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने डच गेंदबाजों की जमकर खबर ली और पहले विकेट के लिए 90 से अधिक रनों की बेहतरीन साझेदारी की। शेफाली वर्मा ने शानदार फॉर्म दिखाते हुए मात्र 32 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, हालांकि वह 38 गेंदों में 55 रन बनाकर हीदर साइगर्स का शिकार बनीं। दूसरी छोर पर जमीं उप-कप्तान स्मृति मंधाना ने भी कप्तानी पारी खेली और 47 गेंदों में 11 चौकों और एक छक्के की मदद से 74 रनों की धुआंधार पारी खेली।

    मध्यक्रम में जेमिमा रोड्रिग्स ने 14 गेंदों में 23 रनों का उपयोगी योगदान दिया, जबकि यास्तिका भाटिया सिर्फ 3 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। अंतिम ओवरों में ऋचा घोष और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टीम के स्कोर को 200 के पार पहुँचाया। भारतीय टीम का यह स्कोर महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में उसका अब तक का सर्वोच्च स्कोर है, जबकि विश्व कप इतिहास में यह किसी भी टीम द्वारा बनाया गया तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बन गया है। नीदरलैंड की ओर से गेंदबाजी करते हुए कैरोलीन डी लैंग ने दो विकेट चटकाए, जबकि आइरिस विलिंग, हीदर साइगर्स और मायरेथ वैन डेन रॉड को एक-एक सफलता मिली।

    210 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी नीदरलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सधे हुए आक्रमण के सामने शुरू से ही दबाव में नजर आई। सलामी बल्लेबाज हीदर साइगर्स ने 21 रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन भारतीय तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा ने उन्हें स्मृति मंधाना के हाथों कैच कराकर नीदरलैंड को पहला झटका दिया। इसके बाद डच टीम की पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने के कारण नीदरलैंड की टीम कभी भी आवश्यक रन रेट के करीब नहीं पहुंच सकी। फीबी मोलकेन्बोर और स्टेयर कैलिस के सस्ते में आउट होने के बाद कप्तान बैबेट डी लीड और रॉबिन रिज्क भी क्रीज पर ज्यादा देर नहीं टिक सकीं।

    भारत की इस ऐतिहासिक जीत में गेंदबाजों की भूमिका बेहद अहम रही। युवा सनसनी श्री चरणी ने अपनी फिरकी का जादू बिखेरते हुए नीदरलैंड के चार बल्लेबाजों को आउट कर डच बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। बल्लेबाजी में कमाल दिखाने वाली शेफाली वर्मा ने गेंद से भी अपना हुनर दिखाया और शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा नंदनी शर्मा को दो और अनुभवी स्पिनर दीप्ति शर्मा को एक सफलता मिली। पाकिस्तान को हराने के बाद नीदरलैंड पर मिली इस धमाकेदार जीत से भारतीय महिला टीम का आत्मविश्वास शीर्ष पर है और उसने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है।