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  • दांबुला ट्राई-सीरीज में अफगानिस्तान के खिलाफ मैदान पर उतरेगी इंडिया-ए, वैभव सूर्यवंशी के आईपीएल वाले तूफानी अंदाज का फैंस को इंतजार

    दांबुला ट्राई-सीरीज में अफगानिस्तान के खिलाफ मैदान पर उतरेगी इंडिया-ए, वैभव सूर्यवंशी के आईपीएल वाले तूफानी अंदाज का फैंस को इंतजार

    नई दिल्ली। श्रीलंका की धरती पर आयोजित की जा रही ए-टीमों की त्रिकोणीय एकदिवसीय सीरीज का रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया है। प्रतियोगिता के महत्वपूर्ण मुकाबले में आज इंडिया-ए की टीम का सामना अफगानिस्तान-ए के साथ होने जा रहा है। इस मुकाबले को लेकर क्रिकेट जगत में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि भारतीय टीम में घरेलू और आईपीएल स्तर के कई उभरते हुए सितारे शामिल हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की चयन समिति ने इस दौरे पर युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में खुद को परखने का एक बड़ा मंच प्रदान किया है, जहां सभी की निगाहें भारत की नई ओपनिंग जोड़ी और टीम के रणनीतिक प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं।

    मैच के मुख्य आकर्षण भारत के 15 वर्षीय युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी बने हुए हैं, जिन्होंने हाल ही में समाप्त हुए इंडियन प्रीमियर लीग के 2026 सीजन में अपनी बल्लेबाजी से तहलका मचा दिया था। राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए इस बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी आक्रामक शैली का लोहा मनवाया था। उन्होंने सीजन के 16 मैचों में सर्वाधिक 776 रन बनाकर प्रतिष्ठित ऑरेंज कैप अपने नाम की थी। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 237.30 का रहा था, जो टी-20 क्रिकेट के इतिहास में किसी भी शीर्ष क्रम के बल्लेबाज के लिए बेहद असाधारण माना जाता है। उनके इसी फॉर्म को देखते हुए अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले इस मैच में भारतीय फैंस को एक बार फिर बड़ी पारियों और आतिशी बल्लेबाजी की उम्मीद है।

    हालांकि इस ट्राई-सीरीज के पहले मुकाबले में श्रीलंका-ए के खिलाफ खेलते हुए भारतीय शीर्ष क्रम पूरी तरह लड़खड़ा गया था। उस मैच में वैभव सूर्यवंशी महज 14 रन बनाकर पवेलियन लौट गए थे, जिससे टीम इंडिया को शुरुआती झटके लगे थे। लेकिन क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि एक या दो पारियों की विफलता इस युवा खिलाड़ी के आत्मविश्वास को कम नहीं कर सकती। तकनीकी रूप से सक्षम और लंबी पारियां खेलने में माहिर सूर्यवंशी अपनी पुरानी गलतियों से सीख लेकर इस मुकाबले में नई शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दांबुला की पिच आमतौर पर शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद करती है, जिससे भारतीय ओपनर्स के संयम और शॉट चयन की कड़ी परीक्षा होगी।

    दूसरी ओर विपक्षी टीम अफगानिस्तान-ए को हल्के में आंकना भारतीय टीम के लिए बड़ी भूल साबित हो सकता है। अफगानी टीम के पास कई ऐसे विश्वस्तरीय स्पिनर्स और तेज गेंदबाज मौजूद हैं जो किसी भी मजबूत बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं। विशेषकर सीमित ओवरों के क्रिकेट में अफगानिस्तान की ए-टीम ने पिछले कुछ समय में बेहतरीन खेल दिखाया है। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों को रन बनाने के लिए क्रीज पर समय बिताना होगा और पावरप्ले का बुद्धिमानी से इस्तेमाल करना होगा। कप्तान और टीम प्रबंधन ने मैच से पहले रणनीति को लेकर लंबी चर्चा की है, जिसमें मध्यक्रम को मजबूती देने और अंत के ओवरों में तेजी से रन बटोरने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

    इस त्रिकोणीय श्रृंखला में आगे की राह तय करने के लिहाज से भारत के लिए यह मुकाबला जीतना बेहद अनिवार्य माना जा रहा है। युवा खिलाड़ियों के पास खुद को राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजरों में बनाए रखने का यह सबसे बेहतरीन अवसर है। यदि वैभव सूर्यवंशी और उनके साथी बल्लेबाज आज के मैच में अफगानिस्तान के गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ एक बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रहते हैं, तो भारतीय टीम की स्थिति सीरीज में काफी मजबूत हो जाएगी। पूरे देश के क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें आज दोपहर शुरू होने वाले इस हाई-वोल्टेज मुकाबले के लाइव स्कोरकार्ड और भारतीय टीम के प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं।

  • ऋतुराज गायकवाड़ के बल्ले से निकला दम तो युवा वैभव सूर्यवंशी रहे फ्लॉप: जानिए क्यों तिलक वर्मा की धीमी बल्लेबाजी पर उठ रहे हैं तीखे सवाल

    ऋतुराज गायकवाड़ के बल्ले से निकला दम तो युवा वैभव सूर्यवंशी रहे फ्लॉप: जानिए क्यों तिलक वर्मा की धीमी बल्लेबाजी पर उठ रहे हैं तीखे सवाल

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के भविष्य के सितारों से सजी इंडिया ‘ए’ ने दांबुला के मैदान पर मेजबान श्रीलंका ‘ए’ को 8 विकेट के बड़े अंतर से मात देकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन तो किया, लेकिन इस एकतरफा जीत के बाद भी टीम मैनेजमेंट और सेलेक्टर्स के चेहरे पर पूरी तरह से संतुष्टि के भाव नजर नहीं आ रहे हैं। इस मुकाबले में मिली शानदार कामयाबी के बावजूद कुछ ऐसी तकनीकी और रणनीतिक कमियां उजागर हुई हैं, जिसके कारण इस जीत के मायने क्रिकेट पंडितों को थोड़े अधूरे और चिंताजनक लग रहे हैं। टीम का शीर्ष क्रम और मध्यक्रम आगामी बड़े दौरों के लिहाज से अभी भी पूरी तरह लय में नजर नहीं आ रहा है।

    मैच के सकारात्मक पहलुओं की बात करें तो कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने एक बार फिर अपनी क्लास और बेहतरीन फॉर्म का परिचय दिया। उन्होंने श्रीलंका के गेंदबाजी आक्रमण के सामने सूझबूझ और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन बनाते हुए टीम की जीत की मजबूत नींव रखी और दमदार बल्लेबाजी की। ऋतुराज की इस कप्तानी पारी के दम पर ही भारत ने मेजबान टीम द्वारा दिए गए लक्ष्य को बेहद आसानी से महज दो विकेट खोकर हासिल कर लिया। ऋतुराज का यह प्रदर्शन उन्हें मुख्य राष्ट्रीय टीम के दरवाजे खटखटाने के लिए एक बार फिर सबसे मजबूत दावेदार के रूप में पेश करता है।

    हालांकि, इस चमकीली पारी के दूसरी तरफ युवा और होनहार सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का फ्लॉप होना टीम के लिए एक बड़ा झटका रहा। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर इंडिया ‘ए’ की जर्सी पहनने वाले वैभव इस महत्वपूर्ण मुकाबले में पूरी तरह से असहज नजर आए और बिना कोई बड़ा योगदान दिए बेहद सस्ते में पवेलियन लौट गए। उनके जल्दी आउट होने के कारण पावरप्ले में टीम को जो आक्रामक शुरुआत मिलनी चाहिए थी, वह नहीं मिल सकी। वैभव की इस असफलता ने आगामी मैचों के लिए ओपनिंग स्लॉट की स्थिरता पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिया है।

    जीत के रास्ते में सबसे ज्यादा हैरान करने वाला पहलू मध्यक्रम के बल्लेबाज तिलक वर्मा की बल्लेबाजी शैली रही। टी20 और आधुनिक सीमित ओवरों के क्रिकेट के इस दौर में जहां बल्लेबाज पहली ही गेंद से कड़ा प्रहार करने की कोशिश करते हैं, वहीं तिलक वर्मा ने मैदान पर कछुआ गति से बल्लेबाजी की। उनके बल्ले से रनों की गति इतनी धीमी थी कि एक समय पर मजबूत स्थिति में दिख रही भारतीय टीम पर भी अनावश्यक दबाव बनता हुआ दिखने लगा था। तिलक की इस अत्यधिक रक्षात्मक और धीमी अप्रोच को देखकर कमेंटेटर्स और क्रिकेट विश्लेषक भी हैरान रह गए, क्योंकि वे अपनी आक्रामक और बेखौफ बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं।

    यही कारण है कि दांबुला में मिली इस 8 विकेट की बड़ी जीत के बाद भी भारतीय क्रिकेट प्रेमियों और जानकारों को यह सफलता पूरी तरह से संपूर्ण नहीं लग रही है। आगामी समय में होने वाली मुख्य अंतरराष्ट्रीय श्रृंखलाओं और टीम इंडिया के कड़े शेड्यूल को देखते हुए ‘ए’ टीम के खिलाड़ियों से केवल मैच जीतने की ही नहीं, बल्कि आधुनिक क्रिकेट के मापदंडों के अनुरूप प्रभावी खेल दिखाने की उम्मीद की जाती है। यदि वैभव सूर्यवंशी की निरंतरता और तिलक वर्मा के स्ट्राइक रेट की समस्या का जल्द समाधान नहीं तलाशा गया, तो आने वाले मैचों में टीम को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

  • अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टीम इंडिया ने रचा स्वर्णिम इतिहास, अफगानिस्तान को हराकर विश्व रिकॉर्ड बनाने वाला बना पहला देश

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टीम इंडिया ने रचा स्वर्णिम इतिहास, अफगानिस्तान को हराकर विश्व रिकॉर्ड बनाने वाला बना पहला देश

    नई दिल्ली। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक ऐसा ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित कर दिया है, जिसके आसपास फिलहाल दुनिया की कोई भी बड़ी क्रिकेट टीम नजर नहीं आती है। न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर स्टेडियम में खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में भारत ने अफगानिस्तान को पारी और 300 रनों के बेहद शर्मनाक अंतर से शिकस्त दे दी। इस विशाल जीत के साथ ही भारतीय टीम ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में एक नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करा लिया है, जहां क्रिकेट की महाशक्तियां मानी जाने वाली ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी टीमें भारत के आसपास भी नहीं ठहरती हैं।

    यह मुकाबला जीतने के साथ ही अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम का बिना हारे लगातार 15 मैच खेलने का अनोखा सिलसिला पूरा हो चुका है। भारतीय टीम ने साल 2010 से लेकर 2026 तक के सफर में अफगानिस्तान के खिलाफ सभी प्रारूपों को मिलाकर कुल 15 मुकाबले खेले हैं, जिनमें से 12 मैचों में टीम इंडिया ने एकतरफा जीत हासिल की है। इस सफर के दौरान भारतीय टीम को एक भी मैच में हार का सामना नहीं करना पड़ा है, जिसने भारत को विश्व क्रिकेट इतिहास की सबसे लंबी अजेय स्ट्रीक का मालिक बना दिया है।

    इस वैश्विक सूची पर नजर डालें तो भारत के बाद दूसरे नंबर पर न्यूजीलैंड की टीम मौजूद है, जिसने आयरलैंड के खिलाफ लगातार 13 मुकाबलों में जीत दर्ज की थी। वहीं युगांडा ने नाइजीरिया के खिलाफ लगातार 13 मैच जीते थे। भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए इन 15 मुकाबलों के इतिहास में केवल एक मैच साल 2023 के टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान बारिश की भेंट चढ़ा था, जबकि दो बेहद रोमांचक मुकाबले टाई पर समाप्त हुए थे। इनमें से पहला टाई मुकाबला साल 2018 के एशिया कप के दौरान दुबई में खेला गया वनडे मैच था, जिसमें महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में विपक्षी टीम ने भारत को कड़ी टक्कर दी थी।

    इसके बाद साल 2024 में बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में दोनों देशों के बीच खेला गया द्विपक्षीय टी20 मुकाबला क्रिकेट इतिहास के सबसे रोमांचक मैचों में शुमार हो गया था, जहां एक ही मैच में दो बार सुपर ओवर का ड्रामा देखने को मिला था। उस ऐतिहासिक मैच में कप्तान रोहित शर्मा के शानदार 121 रनों और रिंकू सिंह की आतिशी पारी के दम पर भारत ने विशाल स्कोर खड़ा किया था, जिसे अफगानिस्तान ने बराबर कर दिया था। अंततः रवि बिश्नोई की घातक गेंदबाजी के दम पर भारत ने वह दोहरा सुपर ओवर मुकाबला अपने नाम किया था।

    क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप यानी टेस्ट मैच में अफगानिस्तान को बेहद बुरी तरह रौंदकर भारत ने साफ कर दिया है कि खेल के हर फॉर्मेट में उसकी बादशाहत क्यों कायम है। मुल्लांपुर स्टेडियम की पिच पर भारतीय गेंदबाजों और बल्लेबाजों के संयुक्त प्रदर्शन ने विपक्षी टीम को मैच के किसी भी सत्र में संभलने का मौका नहीं दिया। भारतीय क्रिकेट के इस स्वर्णिम दौर में यह नया विश्व रिकॉर्ड खिलाड़ियों की निरंतरता और टीम के मजबूत बेंच स्ट्रेंथ को दर्शाता है, जिसने देश के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

  • 'अगर सचिन क्रिकेट के भगवान हैं, तो वैभव हो सकते हैं भगवान का बेटा': पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत का बड़ा बयान, टीम मैनेजमेंट को दी खास सलाह

    'अगर सचिन क्रिकेट के भगवान हैं, तो वैभव हो सकते हैं भगवान का बेटा': पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत का बड़ा बयान, टीम मैनेजमेंट को दी खास सलाह

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है, जहां मात्र 15 वर्ष की आयु में एक युवा बल्लेबाज ने अपनी असाधारण प्रतिभा के दम पर सीनियर राष्ट्रीय टीम का दरवाजा खटखटाया है। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में अपने बल्ले से रनों का अंबार लगाने वाले युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी को चयनकर्ताओं ने आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए घोषित भारतीय टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में शामिल कर लिया है। इस चयन के साथ ही वैभव के पास मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का दशकों पुराना ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ने का एक बेहद सुनहरा अवसर आ गया है।

    यदि वैभव सूर्यवंशी को आगामी दौरों पर किसी भी मुकाबले में भारत की ओर से खेलने का अवसर प्राप्त होता है, तो वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन जाएंगे। इस अभूतपूर्व प्रतिभा को लेकर भारतीय क्रिकेट जगत में भारी उत्साह देखा जा रहा है। पूर्व भारतीय कप्तान और राष्ट्रीय चयन समिति के पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने वैभव की जमकर सराहना की है। उन्होंने अपने आधिकारिक डिजिटल मंच पर बयान देते हुए यहां तक कह दिया कि यदि सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान माना जाता है, तो वैभव सूर्यवंशी में क्रिकेट के भगवान का बेटा बनने की पूरी क्षमता दिखाई देती है।

    पूर्व मुख्य चयनकर्ता श्रीकांत ने हालांकि टीम प्रबंधन को एक बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी सलाह भी दी है। उनका मानना है कि इस युवा खिलाड़ी के चयन में उम्र कोई बाधा नहीं है क्योंकि उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन और रनों के आधार पर टीम में जगह बनाई है। इसके बावजूद, टीम मैनेजमेंट को उन्हें अंतिम एकादश (प्लेइंग XI) में शामिल करने की जल्दबाजी से बचना चाहिए। श्रीकांत के अनुसार, वैभव को आगामी तीन वर्षों के लिए 16 सदस्यीय मुख्य टीम में स्थान की गारंटी दी जानी चाहिए, ताकि वे बिना किसी मानसिक दबाव के वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ रहकर खेल की बारीकियों को सीख सकें और खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए पूरी तरह परिपक्व कर सकें।

    क्रिकेट समीक्षकों के अनुसार, वैभव का यह फास्ट्रैक चयन उनके आईपीएल 2026 के अविश्वसनीय प्रदर्शन का परिणाम है, जहां उन्होंने पूरे सीजन में कुल 776 रन बनाकर प्रतिष्ठित ‘ऑरेंज कैप’ पर अपना अधिकार जमाया था। अपने करियर के दूसरे ही सीजन में यह कीर्तिमान रचने वाले वे दुनिया के सबसे युवा बल्लेबाज बने। इतना ही नहीं, इस 15 वर्षीय खब्बू बल्लेबाज ने एक ही आईपीएल सीजन में कुल 72 गगनचुंबी छक्के जड़कर वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल के बरसों पुराने ऐतिहासिक रिकॉर्ड को भी नेस्तनाबूद कर दिया था, जिसने चयनकर्ताओं को उन्हें सीनियर टीम में शामिल करने के लिए मजबूर किया।

    भारतीय टीम का आगामी आयरलैंड दौरा 26 जून से आधिकारिक तौर पर शुरू होने जा रहा है, जिसके तुरंत बाद टीम को इंग्लैंड के खिलाफ भी सीमित ओवरों की श्रृंखला खेलनी है। इसके अतिरिक्त, चयनकर्ताओं ने दूरगामी सोच का परिचय देते हुए वैभव सूर्यवंशी को आगामी एशियन गेम्स के लिए घोषित भारतीय क्रिकेट दल में भी स्थान दिया है। वर्तमान में शीर्ष क्रम में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा जैसे आक्रामक सलामी बल्लेबाजों की मौजूदगी के बीच, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम प्रबंधन इस युवा खिलाड़ी को कब और किस तरह अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदार्पण करने का ऐतिहासिक अवसर प्रदान करता है।

  • सूर्यकुमार यादव पर बड़ा खुलासा! पूर्व चयनकर्ता ने बताई पर्दे के पीछे की असली वजह

    सूर्यकुमार यादव पर बड़ा खुलासा! पूर्व चयनकर्ता ने बताई पर्दे के पीछे की असली वजह


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट में कप्तानी परिवर्तन के बाद सबसे अधिक चर्चा यदि किसी खिलाड़ी को लेकर हो रही है तो वह हैं सूर्यकुमार यादव। भारतीय टी20 टीम की कप्तानी से हटाए जाने और आयरलैंड, इंग्लैंड तथा एशियन गेम्स के लिए घोषित किसी भी टी20 स्क्वॉड में जगह नहीं मिलने के बाद यह माना जा रहा था कि चयनकर्ताओं ने उनसे आगे बढ़ने का फैसला कर लिया है। लेकिन अब टीम इंडिया के पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने इस पूरे मुद्दे को नई दिशा दे दी है।

    एमएसके प्रसाद का दावा है कि सूर्यकुमार यादव को टीम से बाहर नहीं किया गया है, बल्कि उन्हें आराम दिया गया है। उनके मुताबिक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और चयन समिति ने जसप्रीत बुमराह तथा हार्दिक पांड्या की तरह सूर्यकुमार को भी कुछ समय का ब्रेक दिया है, ताकि वह तरोताजा होकर टीम में वापसी कर सकें।

    प्रसाद ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि कोई भी बोर्ड या चयन समिति विश्व कप विजेता कप्तान को अगले ही अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में बाहर नहीं करती। उन्होंने कहा कि सूर्यकुमार यादव भारतीय क्रिकेट के बेहद महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं और उनकी गुणवत्ता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। उनके अनुसार इतने बड़े खिलाड़ी को केवल खराब फॉर्म के आधार पर पूरी तरह नजरअंदाज करना सही नहीं होगा।

    पूर्व चयनकर्ता ने कहा कि सूर्यकुमार, हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह लंबे समय तक आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। बुमराह आज भी दुनिया के नंबर-1 गेंदबाजों में गिने जाते हैं। ऐसे में इन खिलाड़ियों को समय-समय पर आराम देना टीम प्रबंधन की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि तीनों खिलाड़ी जल्द ही भारतीय टीम में फिर दिखाई देंगे।

    हालांकि दूसरी ओर चयनकर्ताओं के फैसले ने कई सवाल भी खड़े किए हैं। बीसीसीआई द्वारा घोषित आयरलैंड दौरे, इंग्लैंड दौरे और 2026 एशियन गेम्स की टी20 टीमों में सूर्यकुमार यादव का नाम शामिल नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि जसप्रीत बुमराह को एशियन गेम्स की टीम में जगह दी गई है, जबकि सूर्यकुमार पूरी तरह बाहर हैं। इसी वजह से कई क्रिकेट विशेषज्ञ इसे केवल आराम नहीं, बल्कि चयन संबंधी बड़ा फैसला मान रहे हैं।

    सूर्यकुमार यादव की हालिया फॉर्म भी चर्चा का विषय रही है। आईपीएल 2026 में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा और लगातार रन बनाने में उन्हें संघर्ष करना पड़ा। माना जा रहा है कि यही वजह चयनकर्ताओं के फैसले के पीछे प्रमुख कारण हो सकती है। वहीं उनकी बढ़ती उम्र भी भविष्य की योजनाओं को प्रभावित कर सकती है। 35 वर्षीय सूर्यकुमार के सामने अब युवा खिलाड़ियों की मजबूत चुनौती मौजूद है।

    इस बीच चयनकर्ताओं ने टी20 टीम की कमान श्रेयस अय्यर को सौंप दी है। अय्यर को भविष्य की टीम तैयार करने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि सूर्यकुमार के अनुभव और उपलब्धियों को देखते हुए उनकी वापसी की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।

    फिलहाल भारतीय क्रिकेट में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सूर्यकुमार यादव वास्तव में केवल आराम पर हैं या फिर यह भारतीय टी20 टीम में एक नए युग की शुरुआत है। आने वाले महीनों में उनका प्रदर्शन और चयनकर्ताओं की रणनीति इस सवाल का जवाब देगी।

  • आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे के लिए टीम इंडिया का सेलेक्शन, कप्तानी पर सस्पेंस खत्म होने की उम्मीद

    आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे के लिए टीम इंडिया का सेलेक्शन, कप्तानी पर सस्पेंस खत्म होने की उम्मीद


    नई दिल्ली। भारतीय टी20 क्रिकेट में आज एक नए युग की शुरुआत हो सकती है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चयन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आज प्रस्तावित है, जिसमें भारत की टी20 टीम और नए कप्तान को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। यह चयन आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के साथ-साथ आगामी एशियन गेम्स को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

    सूत्रों के अनुसार, टीम इंडिया के टी20 कप्तान पद में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार यादव की जगह अब श्रेयस अय्यर का नाम सबसे आगे चल रहा है। माना जा रहा है कि चयनकर्ताओं ने उनकी IPL में सफल कप्तानी और रणनीतिक क्षमता को देखते हुए उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए प्राथमिकता दी है। अय्यर ने अलग-अलग IPL टीमों को फाइनल तक पहुंचाकर अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की है, जिसमें कोलकाता नाइट राइडर्स को IPL 2024 की ट्रॉफी जिताना भी शामिल है।

    दूसरी ओर, सूर्यकुमार यादव के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हालिया मुकाबलों में उनका फॉर्म उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। पिछली कई पारियों में वह बड़ी पारी खेलने में असफल रहे हैं। साथ ही फिटनेस और उम्र से जुड़ी चिंताओं ने भी चयनकर्ताओं के फैसले को प्रभावित किया है। हालांकि उनकी कप्तानी में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीता था, लेकिन भविष्य की रणनीति को देखते हुए बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

    टीम चयन में एक और बड़ा नाम चर्चा में है-तिलक वर्मा, जिन्हें उपकप्तान बनाए जाने की संभावना है। वहीं, युवा प्रतिभाओं को भी मौका मिलने के संकेत हैं। मात्र 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में है, जिन्हें पहली बार भारतीय टीम में जगह मिल सकती है। इसके अलावा प्रिंस यादव और हर्ष दुबे जैसे नए खिलाड़ियों को भी टीम में शामिल किए जाने की चर्चा है।

    तेज गेंदबाजी विभाग को लेकर भी चयनकर्ताओं के सामने एक अहम सवाल है कि क्या अनुभवी गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद दोबारा टीम इंडिया में जगह दी जाए या नहीं।

    BCCI की चयन समिति, जिसकी अगुवाई अजीत अगरकर कर रहे हैं, इस बार भविष्य की योजनाओं और तत्काल प्रदर्शन के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रही है। 2028 ओलंपिक और टी20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए टीम के नए ढांचे पर विचार किया जा रहा है।

    आज की यह बैठक भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसके फैसले आने वाले वर्षों की टी20 रणनीति की दिशा तय कर सकते हैं।

  • रोहित शर्मा और विराट कोहली की फिटनेस पर नजर, सीरीज से पहले होगा जरूरी टेस्ट

    रोहित शर्मा और विराट कोहली की फिटनेस पर नजर, सीरीज से पहले होगा जरूरी टेस्ट


    नई दिल्ली ।  अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली की फिटनेस को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। टीम प्रबंधन ने संकेत दिए हैं कि दोनों खिलाड़ियों के खेलने को लेकर अंतिम फैसला फिटनेस टेस्ट और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।

    भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोएशेट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे बड़े खिलाड़ियों का टीम से बाहर या अंदर होना हमेशा चर्चा का विषय रहता है। उन्होंने बताया कि मेडिकल टीम दोनों खिलाड़ियों की स्थिति की समीक्षा कर रही है और अगले कुछ दिनों में उनकी उपलब्धता पर निर्णय लिया जाएगा।

    फिटनेस रिपोर्ट के बाद ही तय होगा भविष्य
    कोच डोएशेट ने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया में खिलाड़ियों की फिटनेस सबसे महत्वपूर्ण मानदंड है। उन्होंने कहा कि जैसे ही मेडिकल टीम अपनी रिपोर्ट देगी, उसके आधार पर आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी कि रोहित और कोहली सीरीज का हिस्सा होंगे या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि टीम प्रबंधन चाहता है कि सभी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मैचों में पूरी फिटनेस और सर्वश्रेष्ठ फॉर्म के साथ उतरें, ताकि टीम का प्रदर्शन प्रभावित न हो।

    वर्कलोड और आईपीएल को लेकर भी चर्चा
    सहायक कोच ने खिलाड़ियों के वर्कलोड और आईपीएल के दौरान चोटों के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी की स्थिति अलग होती है और इसे व्यक्तिगत रूप से देखा जाना चाहिए। डोएशेट के अनुसार, आईपीएल जैसे बड़े घरेलू टूर्नामेंट में खिलाड़ियों पर काफी दबाव रहता है, लेकिन टीम इंडिया के लिए जरूरी है कि जब खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय ड्यूटी पर आएं तो वे पूरी तरह फिट हों।

    हार्दिक पांड्या पर भी नजर, टीम संयोजन पर असर संभव
    अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए चुनी गई भारतीय टीम में रोहित शर्मा, विराट कोहली और हार्दिक पांड्या को शामिल किया गया है। हालांकि, फिटनेस को लेकर अनिश्चितता के कारण टीम संयोजन में बदलाव की संभावना भी बनी हुई है।

  • वैभव सूर्यवंशी को लेकर आकाश चोपड़ा ने खोले पत्ते, बताया चयन में क्या है सबसे बड़ी बाधा

    वैभव सूर्यवंशी को लेकर आकाश चोपड़ा ने खोले पत्ते, बताया चयन में क्या है सबसे बड़ी बाधा


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचने वाले युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi को भारतीय टी20 टीम में शामिल किए जाने की मांग लगातार उठ रही है। हालांकि पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर Aakash Chopra का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में वैभव को राष्ट्रीय टीम में जगह मिलने के लिए अभी कुछ समय इंतजार करना पड़ सकता है।

    आकाश चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा कि भारतीय टी20 टीम में ओपनिंग और टॉप ऑर्डर की जगहों के लिए पहले से ही कड़ा मुकाबला है। उनके अनुसार Sanju Samson और Abhishek Sharma लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे वैभव के लिए तत्काल अवसर बनना मुश्किल दिखाई देता है।

    चोपड़ा ने विशेष रूप से संजू सैमसन की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने टी20 विश्व कप 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन किया और टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे। ऐसे में उनकी जगह किसी युवा खिलाड़ी को मौका देना चयनकर्ताओं के लिए आसान फैसला नहीं होगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि अभिषेक शर्मा पिछले काफी समय से टी20 क्रिकेट में निरंतर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में गिने जा रहे हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन उनके स्थान पर भी बदलाव करने की जल्दी में नहीं होगा।

    हालांकि आकाश चोपड़ा ने वैभव की प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि 15 वर्षीय बल्लेबाज असाधारण क्षमता रखते हैं और भविष्य में भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारे बन सकते हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर पाने के लिए उन्हें थोड़ा धैर्य रखना होगा और लगातार प्रदर्शन जारी रखना होगा।

    आईपीएल 2026 में बनाया इतिहास
    वैभव सूर्यवंशी का आईपीएल 2026 सीजन बेहद शानदार रहा। उन्होंने 16 मैचों में 237 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। पूरे टूर्नामेंट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी चर्चा का विषय रही।

    इतना ही नहीं, वैभव ने टी20 दिग्गज Chris Gayle का एक बड़ा रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। उन्होंने एक सीजन में सबसे ज्यादा 72 छक्के लगाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। एलिमिनेटर और दूसरे क्वालिफायर में उनकी मैच जिताऊ पारियों ने उनकी लोकप्रियता और बढ़ा दी।

    अब श्रीलंका दौरे पर नजरें
    वैभव को श्रीलंका में होने वाली त्रिकोणीय श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। 9 जून से शुरू होने वाली इस प्रतियोगिता में उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है। यदि वे यहां भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं, तो निकट भविष्य में राष्ट्रीय टी20 टीम के दरवाजे उनके लिए और मजबूती से खुल सकते हैं।

    फिलहाल क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं, लेकिन टीम इंडिया में स्थायी जगह बनाने के लिए उन्हें अपने प्रदर्शन की निरंतरता बनाए रखनी होगी।

  • खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए नए नियम लागू, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

    खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए नए नियम लागू, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई


    नई दिल्ली । Board of Control for Cricket in India की भ्रष्टाचार-रोधी और सुरक्षा इकाई एसीएसयू ने Indian Premier League में बड़ा फैसला लेते हुए खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों के क्षेत्र यानी पीएमओए के अंदर स्मार्ट ग्लास और स्मार्ट गॉगल्स के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले खिलाड़ियों या सपोर्ट स्टाफ पर जुर्माना लगाया जाएगा।

    बीसीसीआई का यह फैसला ऐसे समय आया है जब एसीएसयू को जानकारी मिली कि कुछ कंपनियां खिलाड़ियों और टीम के सपोर्ट स्टाफ को हाई-टेक स्मार्ट चश्मों का प्रचार और बिक्री कर रही हैं। इन स्मार्ट डिवाइसों में एडवांस कम्युनिकेशन फीचर्स मौजूद हैं, जो टूर्नामेंट के सख्त भ्रष्टाचार-रोधी नियमों के लिए खतरा बन सकते हैं।

    एसीएसयू द्वारा जारी आंतरिक निर्देश के अनुसार इन स्मार्ट ग्लास में लाइव स्ट्रीमिंग, टेक्स्ट मैसेज भेजने और प्राप्त करने, ऑडियो-वीडियो कॉलिंग और मोबाइल डेटा या वाई-फाई के जरिए संचार जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। यही वजह है कि बोर्ड ने इन्हें ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग और कम्युनिकेशन डिवाइस की श्रेणी में रखा है।

    एसीएसयू ने सभी आईपीएल फ्रेंचाइजियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ मैच के दिन पीएमओए में प्रवेश करते समय अपने मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच और स्मार्ट गॉगल्स जैसे सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस सिक्योरिटी लाइजन ऑफिसर के पास जमा कराएं। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की लापरवाही या डिवाइस जमा न कराने की स्थिति में आर्थिक दंड लगाया जाएगा।

    बीसीसीआई के नियमों के मुताबिक पीएमओए को स्टेडियम के बाकी हिस्सों से पूरी तरह अलग और सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है। इस क्षेत्र में केवल खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ, मैच अधिकारियों और विशेष मान्यता प्राप्त सीमित लोगों को ही प्रवेश की अनुमति होती है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत यहां हर समय सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं।

    आईपीएल के भ्रष्टाचार-रोधी नियम पहले से ही इलेक्ट्रॉनिक संचार उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर बेहद सख्त रहे हैं। टीम मैनेजर को केवल ड्रेसिंग रूम क्षेत्र में फोन इस्तेमाल करने की अनुमति होती है, जबकि डगआउट में मोबाइल उपयोग प्रतिबंधित रहता है। वहीं टीम एनालिस्ट अपनी निर्धारित एनालिस्ट टेबल पर कंप्यूटर का उपयोग कर सकते हैं।

    बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण स्टेडियम पहुंचने पर बंद अवस्था में जमा कराने होंगे। इसके अलावा ड्रेसिंग रूम अटेंडेंट, कैटरिंग स्टाफ और मैच मैनेजर जैसे मान्यता प्राप्त स्टाफ को भी पीएमओए में किसी प्रकार का संचार उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

    क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच बीसीसीआई का यह कदम आईपीएल की पारदर्शिता और सुरक्षा बनाए रखने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बोर्ड किसी भी संभावित भ्रष्टाचार या गोपनीय जानकारी के लीक होने के खतरे को पूरी तरह खत्म करना चाहता है।

  • सुरक्षा और विवादों के चलते बेंगलुरु से छीना गया IPL फाइनल, अब नरेंद्र मोदी स्टेडियम में बजेगा IPL 2026 फाइनल का बिगुल

    सुरक्षा और विवादों के चलते बेंगलुरु से छीना गया IPL फाइनल, अब नरेंद्र मोदी स्टेडियम में बजेगा IPL 2026 फाइनल का बिगुल


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के प्लेऑफ और फाइनल मुकाबलों को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बड़ा फैसला लिया है। पहले जहां IPL 2026 का फाइनल बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में आयोजित होना था, वहीं अब इसे अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कराने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही इस बार प्लेऑफ मुकाबले भी एक ही शहर में नहीं बल्कि तीन अलग-अलग शहरों में खेले जाएंगे।
    बीसीसीआई के इस फैसले के पीछे कई अहम कारण बताए जा रहे हैं। बोर्ड के अनुसार बेंगलुरु में आयोजन को लेकर स्थानीय क्रिकेट एसोसिएशन और प्रशासन की कुछ शर्तें ऐसी थीं, जो बीसीसीआई के नियमों और संचालन व्यवस्था के अनुरूप नहीं थीं। इसके अलावा लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल चुनौतियां भी लगातार सामने आ रही थीं।
    सूत्रों के मुताबिक पिछले साल बेंगलुरु में हुई स्टाम्पीड जैसी घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बोर्ड इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहता था। बड़ी संख्या में दर्शकों की भीड़ और वीआईपी मूवमेंट को संभालना चुनौती माना जा रहा था। वहीं टिकट वितरण को लेकर सामने आए राजनीतिक और एमएलए टिकट विवाद ने भी माहौल को और संवेदनशील बना दिया।
    इन्हीं कारणों को देखते हुए बीसीसीआई ने फाइनल को अहमदाबाद शिफ्ट करने का फैसला लिया। नरेंद्र मोदी स्टेडियम पहले भी कई बड़े मुकाबलों और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की सफल मेजबानी कर चुका है। विशाल क्षमता, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत सुरक्षा प्रबंधन के कारण यह स्टेडियम बोर्ड की पहली पसंद बना हुआ है।
    इस बार आईपीएल प्लेऑफ का फॉर्मेट भी थोड़ा अलग नजर आएगा। बीसीसीआई ने मुकाबलों को तीन शहरों में बांटने का फैसला किया है ताकि किसी एक वेन्यू पर अत्यधिक दबाव न पड़े।
    क्वालिफायर-1 धर्मशाला में खेला जाएगा, जबकि एलिमिनेटर और क्वालिफायर-2 न्यू चंडीगढ़ में आयोजित होंगे। वहीं फाइनल मुकाबला अहमदाबाद में होगा। बोर्ड का मानना है कि मल्टी-सिटी मॉडल अपनाने से सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा और भीड़ प्रबंधन भी आसान होगा।
    यह फैसला आईपीएल के इतिहास में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि परंपरागत रूप से फाइनल मुकाबला अक्सर किसी प्रमुख फ्रेंचाइजी के होम ग्राउंड या तय केंद्रीय वेन्यू पर आयोजित किया जाता रहा है। लेकिन इस बार बीसीसीआई ने आयोजन की सुचारु व्यवस्था और सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
    अहमदाबाद लगातार बड़े क्रिकेट आयोजनों का केंद्र बनता जा रहा है। ऐसे में IPL 2026 का फाइनल वहां शिफ्ट होना इस बात का संकेत भी माना जा रहा है कि भविष्य में भी बड़े मुकाबलों के लिए इसी तरह के हाई-कैपेसिटी और हाई-सिक्योरिटी वेन्यू को प्राथमिकता दी जा सकती है।