Tag: BCCI

  • पहली बार भारत में टी20 सीरीज की मेजबानी करेगा अफगानिस्तान, अरुण जेटली स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें

    पहली बार भारत में टी20 सीरीज की मेजबानी करेगा अफगानिस्तान, अरुण जेटली स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने भारत और अफगानिस्तान के बीच प्रस्तावित तीन मैचों की टी20 सीरीज की तारीखों पर मुहर लगा दी है। इस सीरीज के सभी मुकाबले दिल्ली के अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे। दोनों टीमों के बीच पहला टी20 मुकाबला 13 सितंबर को होगा, जबकि दूसरा मैच 15 सितंबर और तीसरा मुकाबला 17 सितंबर को खेला जाएगा। इस सीरीज के साथ भारत और अफगानिस्तान की टीमें तीनों फॉर्मेट में एक-दूसरे के खिलाफ द्विपक्षीय मुकाबला करती नजर आएंगी।

    इस सीरीज की सबसे खास बात यह है कि अफगानिस्तान पहली बार भारत की जमीन पर टी20 सीरीज में भारतीय टीम की मेजबानी करेगा। दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं और अफगानिस्तान क्रिकेट ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान तेजी से बनाई है। उसके कई खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट फैंस के बीच काफी लोकप्रिय हैं और आईपीएल में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं।

    बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने सीरीज को लेकर कहा कि बोर्ड अफगानिस्तान में क्रिकेट के विकास का समर्थन करने और उसके खिलाड़ियों को उच्च स्तर पर मुकाबला करने के अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने द्विपक्षीय सीरीज को दोनों टीमों के लिए नियमित रूप से मजबूत विपक्षी टीमों के खिलाफ खेलने और महत्वपूर्ण अनुभव हासिल करने का माध्यम बताया। उन्होंने भारत में अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड का स्वागत करते हुए दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों को और मजबूत करने की बात कही।

    बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने भी इस सीरीज को दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत और अफगानिस्तान के बीच पिछले कुछ वर्षों में कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले हैं। अफगानिस्तान के खिलाड़ी भारत में क्रिकेट फैंस के बीच भी काफी लोकप्रिय हैं। सैकिया ने 2018 में भारत की ओर से अफगानिस्तान को उसके ऐतिहासिक पहले टेस्ट के लिए मेजबानी देने को दोनों देशों के क्रिकेट सफर का अहम पड़ाव बताया।

    सैकिया के मुताबिक भारत ने हाल ही में जून में अफगानिस्तान की टेस्ट और वनडे सीरीज के लिए मेजबानी की थी। अब तीन मैचों की टी20 सीरीज के साथ दोनों टीमें क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में आमने-सामने होंगी। ऐसे में सितंबर में होने वाली यह सीरीज दोनों टीमों के खिलाड़ियों के लिए अपनी तैयारियों को परखने का अच्छा मौका होगी।

    अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मीरवाइज अशरफ ने भी सीरीज को अफगानिस्तान क्रिकेट के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत में द्विपक्षीय सीरीज की मेजबानी करना अफगानिस्तान क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि है और बीसीसीआई के सहयोग को वह काफी महत्व देते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सीरीज क्रिकेट के साथ-साथ व्यावसायिक और तकनीकी स्तर पर भी दोनों देशों के लिए नए अवसर पैदा करेगी।

    भारत और अफगानिस्तान के बीच मुकाबले पिछले कुछ वर्षों में खासे प्रतिस्पर्धी रहे हैं। अफगानिस्तान की टीम अपनी स्पिन गेंदबाजी और आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर भारतीय टीम को कई बार कड़ी चुनौती दे चुकी है। ऐसे में दिल्ली की पिच और परिस्थितियों में होने वाले तीनों मुकाबलों में क्रिकेट फैंस को रोमांचक टक्कर देखने की उम्मीद है। तीन मैचों की यह सीरीज दोनों देशों के बीच क्रिकेट रिश्तों को नई मजबूती देने के साथ खिलाड़ियों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित करने का बड़ा मंच बनेगी।

    मैचों की तारीख

    पहला टी20: 13 सितंबर 2026
    दूसरा टी20: 15 सितंबर 2026
    तीसरा टी20: 17 सितंबर 2026
    स्थान: अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम, दिल्ली

  • भारत बांग्लादेश क्रिकेट मैच, BCCI टीम इंडिया, बांग्लादेश क्रिकेट टीम, ढाका क्रिकेट स्टेडियम, भारत बांग्लादेश सीरीज

    भारत बांग्लादेश क्रिकेट मैच, BCCI टीम इंडिया, बांग्लादेश क्रिकेट टीम, ढाका क्रिकेट स्टेडियम, भारत बांग्लादेश सीरीज

    नई दिल्ली ।भारत और बांग्लादेश के बीच सितंबर 2026 में प्रस्तावित वनडे और टी20 सीरीज को लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है। भारतीय क्रिकेट टीम इस दौरे पर जाएगी या नहीं, इसका अंतिम फैसला फिलहाल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के हाथ में नहीं है। बांग्लादेश में मौजूदा परिस्थितियों और खिलाड़ियों की सुरक्षा से जुड़े सवालों को देखते हुए बीसीसीआई ने इस मामले में भारत सरकार की मंजूरी को जरूरी बताया है।

    प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार भारतीय टीम को बांग्लादेश दौरे पर तीन वनडे और तीन टी20 मुकाबले खेलने हैं। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड इस सीरीज को आयोजित करने को लेकर लगातार प्रयास कर रहा है और उसने भारतीय बोर्ड के सामने दौरे को लेकर अपनी तैयारी भी जाहिर की है। दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड के बीच इस विषय पर बातचीत जारी है, लेकिन भारतीय टीम की यात्रा को लेकर अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है।

    बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, बोर्ड सुरक्षा से जुड़े किसी भी मामले में अपने स्तर पर अंतिम फैसला नहीं लेना चाहता। ऐसे में भारत सरकार के संबंधित विभागों से बातचीत की जाएगी और सरकारी मंजूरी मिलने के बाद ही दौरे पर आगे बढ़ने का निर्णय लिया जाएगा। खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा को बोर्ड की प्राथमिकता माना जा रहा है।

    बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने 29 अगस्त से 15 सितंबर के बीच प्रस्तावित व्हाइट बॉल सीरीज के लिए समय भी निर्धारित रखा है। इस अवधि में तीन वनडे और तीन टी20 मैच कराने की योजना है। हालांकि, भारतीय टीम के दौरे की पुष्टि सरकार की सुरक्षा समीक्षा और मंजूरी पर निर्भर करेगी। अगर अनुमति मिलती है तो निर्धारित अवधि में सीरीज आयोजित की जा सकती है।

    इस पूरे मामले में भारत के विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सुरक्षा परिस्थितियों का आकलन करने के बाद सरकार की ओर से बीसीसीआई को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं। इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि भारतीय खिलाड़ी बांग्लादेश की राजधानी ढाका जाएंगे या दौरा आगे के लिए टाल दिया जाएगा।

    इस सीरीज का इतिहास भी मौजूदा स्थिति को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। भारत और बांग्लादेश के बीच यह दौरा मूल रूप से 2024 में प्रस्तावित था। उस समय बांग्लादेश में सरकार विरोधी प्रदर्शनों और बाद में हुए राजनीतिक बदलाव के कारण दोनों देशों के बीच परिस्थितियां बदल गई थीं। इसी पृष्ठभूमि में प्रस्तावित क्रिकेट दौरे को आगे के लिए स्थगित कर दिया गया था।

    अब 2026 में इस सीरीज को दोबारा आयोजित करने की योजना सामने आई है। हालांकि, पहले की परिस्थितियों और वर्तमान सुरक्षा स्थिति को देखते हुए भारतीय पक्ष किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं करना चाहता। क्रिकेट बोर्ड के लिए खिलाड़ियों की सुरक्षा से समझौता नहीं करना प्राथमिकता है।

    अगर भारत सरकार दौरे को मंजूरी देती है तो अगस्त के अंत और सितंबर के दौरान दोनों टीमों के बीच सीमित ओवरों की सीरीज देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर, सुरक्षा कारणों से अनुमति नहीं मिलने की स्थिति में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का प्रस्तावित कार्यक्रम प्रभावित होगा।

    फिलहाल दोनों क्रिकेट बोर्ड के बीच संपर्क बना हुआ है और अंतिम निर्णय के लिए सरकारी स्तर पर सुरक्षा आकलन का इंतजार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में सरकार के रुख के बाद ही भारत-बांग्लादेश सीरीज के आयोजन और भारतीय टीम के दौरे को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • बुमराह की जगह टीम इंडिया में जगह बनाने वाले आकिब नबी, जानिए कितनी है उनकी अनुमानित नेटवर्थ

    बुमराह की जगह टीम इंडिया में जगह बनाने वाले आकिब नबी, जानिए कितनी है उनकी अनुमानित नेटवर्थ

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम में पहली बार जगह बनाने वाले जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी इन दिनों चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। श्रीलंका दौरे के लिए घोषित भारतीय टेस्ट टीम में उन्हें चोटिल जसप्रीत बुमराह के स्थान पर शामिल किया गया है। इस चयन के साथ ही उनके क्रिकेट करियर के अलावा उनकी कमाई और नेटवर्थ को लेकर भी दिलचस्पी बढ़ गई है। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2026 की शुरुआत तक आकिब नबी की अनुमानित कुल संपत्ति 10 से 15 करोड़ रुपये के बीच आंकी गई है।

    आकिब नबी पिछले कई वर्षों से घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2018 से जम्मू-कश्मीर के लिए घरेलू क्रिकेट खेलना शुरू किया और 2020 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया। लगातार मेहनत और शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने खुद को देश के उभरते तेज गेंदबाजों में शामिल किया।

    उनके करियर में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब आईपीएल 2026 की नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 8.40 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। इस बड़ी बोली ने उन्हें सीजन के सबसे चर्चित अनकैप्ड खिलाड़ियों में जगह दिलाई। आईपीएल अनुबंध के बाद उनकी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई और क्रिकेट जगत में उनकी पहचान तेजी से मजबूत हुई।

    घरेलू क्रिकेट में भी आकिब का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। रणजी ट्रॉफी 2025-26 सीजन में उन्होंने सबसे अधिक 60 विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। इसी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें राष्ट्रीय टीम के लिए मजबूत दावेदार माना जाने लगा था। अब भारतीय टेस्ट टीम में चयन के साथ उनका सपना भी पूरा हो गया है।

    आंकड़ों पर नजर डालें तो आकिब नबी अब तक 43 प्रथम श्रेणी मुकाबले खेल चुके हैं। इन मैचों की 71 पारियों में उन्होंने 162 विकेट हासिल किए हैं। इसके अलावा 36 लिस्ट-ए मैचों में उनके नाम 56 विकेट दर्ज हैं। टी20 प्रारूप में उन्होंने 39 मुकाबलों में 43 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की है।

    आईपीएल में उन्हें अभी सीमित अवसर मिले हैं। अपने पहले आईपीएल सीजन में उन्होंने पांच मुकाबले खेले, हालांकि इन मैचों में उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। इसके बावजूद फ्रेंचाइजी और चयनकर्ताओं ने उनकी प्रतिभा और घरेलू प्रदर्शन पर भरोसा जताया, जिसका परिणाम अब भारतीय टीम में चयन के रूप में सामने आया है।

    आईपीएल अनुबंध के बाद आकिब नबी की लोकप्रियता में भी तेजी से इजाफा हुआ है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, क्रिकेट के अलावा उन्हें विज्ञापन और ब्रांड एंडोर्समेंट के अवसर भी मिलने लगे हैं, जिससे उनकी आय के स्रोत बढ़े हैं। हालांकि उनके वाहन संग्रह या अन्य निजी संपत्तियों को लेकर अभी विस्तृत सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

    भारतीय टीम में चयन आकिब नबी के करियर का अब तक का सबसे बड़ा पड़ाव माना जा रहा है। श्रीलंका दौरे पर अच्छा प्रदर्शन उनके लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में स्थायी जगह बनाने का अवसर होगा। यदि वह इस मौके का पूरा फायदा उठाने में सफल रहते हैं तो आने वाले समय में उनकी पेशेवर पहचान के साथ-साथ उनकी कमाई और ब्रांड वैल्यू में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है।

  • गौतम गंभीर की टीम में बड़ा बदलाव रयान टेन डोशेट ने छोड़ा असिस्टेंट कोच का पद फील्डिंग कोच टी दिलीप का कार्यकाल भी खत्म

    गौतम गंभीर की टीम में बड़ा बदलाव रयान टेन डोशेट ने छोड़ा असिस्टेंट कोच का पद फील्डिंग कोच टी दिलीप का कार्यकाल भी खत्म


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम को श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही फील्डिंग कोच टी दिलीप का कार्यकाल भी समाप्त हो गया है और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने उनके अनुबंध का नवीनीकरण नहीं करने का फैसला लिया है। इस बदलाव ने मुख्य कोच गौतम गंभीर के नेतृत्व वाले सपोर्ट स्टाफ में महत्वपूर्ण परिवर्तन कर दिया है।

    रयान टेन डोशेट पिछले दो वर्षों से भारतीय टीम के साथ जुड़े हुए थे। इस दौरान उन्होंने बल्लेबाजी और रणनीतिक तैयारियों में अहम भूमिका निभाई। गौतम गंभीर के करीबी सहयोगियों में शामिल टेन डोशेट ने इंग्लैंड दौरे के दौरान ही अपने इस्तीफे की जानकारी बीसीसीआई को दे दी थी। रिपोर्ट्स के अनुसार अब वह दोबारा नाइट राइडर्स समूह के साथ नई जिम्मेदारी निभा सकते हैं।

    बीसीसीआई ने फील्डिंग कोच टी दिलीप का अनुबंध भी आगे नहीं बढ़ाया है। उनके स्थान पर सुभदीप घोष को नया फील्डिंग कोच नियुक्त किया गया है। बोर्ड का मानना है कि नए विश्व टेस्ट चक्र और आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों को देखते हुए सपोर्ट स्टाफ में बदलाव जरूरी था।

    रयान टेन डोशेट का कार्यकाल भारतीय क्रिकेट के लिए कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों और कुछ चुनौतीपूर्ण दौर का गवाह रहा। उनके कार्यकाल में भारत ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में उल्लेखनीय सफलता हासिल की लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम को कुछ कठिन दौर से भी गुजरना पड़ा। इसके बावजूद डोशेट को खिलाड़ियों के साथ बेहतर तालमेल और रणनीतिक सोच के लिए जाना जाता रहा।

    अब भारतीय टीम की नजर 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज पर है। इस दौरे पर शुभमन गिल टीम की कप्तानी करेंगे जबकि कोचिंग स्टाफ में हुए बदलावों के बीच खिलाड़ियों के सामने नई परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की चुनौती भी होगी।

    बीसीसीआई और टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि नए सपोर्ट स्टाफ के साथ टीम अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखेगी। श्रीलंका दौरा नए कोचिंग संयोजन की पहली बड़ी परीक्षा होगा और क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर रहेंगी कि इन बदलावों का टीम के प्रदर्शन पर कितना प्रभाव पड़ता है।

  • 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, पहला इंटरनेशनल अर्धशतक मां, परिवार और कोच को किया समर्पित

    15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, पहला इंटरनेशनल अर्धशतक मां, परिवार और कोच को किया समर्पित


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में ऐसी धमाकेदार पारी खेली, जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने 19 गेंदों में 50 रन ठोककर न सिर्फ टीम इंडिया को शानदार शुरुआत दिलाई, बल्कि कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। मैच के बाद वैभव ने अपनी इस यादगार पारी को अपनी मां, परिवार, कोच और उन सभी लोगों को समर्पित किया, जिन्होंने उनके कठिन समय में उनका साथ दिया।

    हरारे में खेले गए मुकाबले में वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने केवल 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और 19 गेंदों की पारी में 4 चौके तथा 4 छक्के लगाए। इस प्रदर्शन के साथ वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।

    15 साल 118 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर वैभव ने इंग्लैंड के लुई ब्रूस का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 16 साल 56 दिन की उम्र में टी20 इंटरनेशनल फिफ्टी लगाई थी। इतना ही नहीं, वैभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए। उन्होंने नेपाल के कुशल मल्ला का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने 2020 में 15 साल 340 दिन की उम्र में यह कारनामा किया था।

    बीसीसीआई द्वारा साझा किए गए वीडियो में वैभव ने कहा कि करियर की शुरुआत में ऐसी पारियां आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देती हैं। उन्होंने बताया कि बल्लेबाजी के दौरान वह पूरी तरह अपनी लय में थे और अपनी स्वाभाविक खेल शैली पर भरोसा करते हुए शॉट्स लगाए। उन्होंने कहा कि यह अर्धशतक उनके परिवार, कोच और उन सभी लोगों के लिए है, जिन्होंने हर परिस्थिति में उनका हौसला बढ़ाया।

    मैच के दौरान अर्धशतक पूरा करने के बाद वैभव ने दोनों हाथों से सिर के ऊपर ‘ए’ का निशान बनाया। इस खास सेलिब्रेशन के बारे में उन्होंने खुलासा किया कि यह उनकी मां आरती को समर्पित था। वहीं, ‘थंब्स अप’ का इशारा उन्होंने भारतीय बल्लेबाज रिंकू सिंह के साथ हुई बातचीत से प्रेरित होकर किया।

    हरारे का मैदान वैभव के लिए लगातार यादगार साबित हो रहा है। इसी वर्ष उन्होंने आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों पर 175 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी। इससे पहले सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ 68 रन बनाकर भारत को रिकॉर्ड छठा अंडर-19 विश्व कप खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

    हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ पिछली टी20 सीरीज में उन्हें तीन मौकों पर बड़ी पारी खेलने का अवसर नहीं मिला, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले ही मैच में उन्होंने शानदार वापसी कर अपनी प्रतिभा का परिचय दे दिया। वैभव ने कहा कि हरारे का माहौल उन्हें पसंद है, लेकिन वह इसे हल्के में नहीं लेते। उनका लक्ष्य हर मैच में टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करना और अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देना है।

    15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रिकॉर्डतोड़ अर्धशतक लगाकर वैभव सूर्यवंशी ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक और बड़ा सितारा मिल चुका है।

  • रिंकू सिंह की वापसी तय, वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी निगाहें, जिम्बाब्वे दौरे पर बदली नजर आएगी टीम इंडिया

    रिंकू सिंह की वापसी तय, वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी निगाहें, जिम्बाब्वे दौरे पर बदली नजर आएगी टीम इंडिया

    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का आगाज गुरुवार (23 जुलाई) से हरारे स्पोर्ट्स क्लब में हो रहा है। इंग्लैंड दौरा खत्म होने के सिर्फ तीन दिन बाद भारतीय टीम एक बार फिर मैदान पर उतरने जा रही है। वहीं जिम्बाब्वे ने भी हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ अपनी घरेलू सीरीज समाप्त की है।

    करीब दो साल पहले भारत ने जिम्बाब्वे का दौरा किया था। तब टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद युवा टीम को पहले मुकाबले में हार मिली थी, लेकिन इसके बाद लगातार चार मैच जीतकर भारत ने सीरीज अपने नाम कर ली थी। इस बार भी टीम इंडिया युवा खिलाड़ियों के साथ नए प्रयोग करने उतरेगी।

    कप्तानी और टीम पर दबाव
    श्रेयस अय्यर की परीक्षा: इस सीरीज का सबसे बड़ा दबाव कप्तान श्रेयस अय्यर पर रहेगा। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे को मिलाकर उनकी कप्तानी में भारत लगातार सात टी20 मुकाबले नहीं जीत पाया है। श्रेयस अय्यर पहले सात टी20 मैचों में जीत हासिल न करने वाले दुनिया के सिर्फ चौथे फुल मेंबर कप्तान बने हैं।

    जिम्बाब्वे का प्रदर्शन: सिकंदर रजा की कप्तानी वाली टीम इसी साल टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी टीमों को हरा चुकी है। हालांकि हालिया फॉर्म उनकी चिंता बढ़ाती है, क्योंकि टीम अपने पिछले छह टी20 मुकाबलों में से पांच हार चुकी है।

    हेड-टू-हेड आंकड़े
    दोनों टीमों के बीच अब तक 14 टी20 मुकाबले हुए हैं, जिनमें:

    भारत की जीत: 11 मैच

    जिम्बाब्वे की जीत: 03 मैच

    हरारे की पिच और मौसम
    पिच का हाल: हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच पर हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए वनडे मुकाबलों में कोई भी टीम 250 रन नहीं बना सकी थी। जिम्बाब्वे की सर्दियों में नई गेंद से तेज गेंदबाजों को नमी का फायदा मिलने की उम्मीद है।

    मौसम: मौसम साफ रहने का अनुमान है। तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है।

    वैभव सूर्यवंशी पर फिर होंगी निगाहें
    15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर भारतीय टीम के सबसे चर्चित खिलाड़ी होंगे। इंग्लैंड दौरे पर उनका प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा था, लेकिन हरारे उनके लिए खास मैदान है। इसी मैदान पर उन्होंने अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में 80 गेंदों पर 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी।

    रिंकू की वापसी और 3 खिलाड़ियों का हो सकता है डेब्यू
    भारतीय बल्लेबाजी क्रम में रिंकू सिंह की वापसी लगभग तय मानी जा रही है। वहीं तेज गेंदबाज अशोक शर्मा, मयंक यादव, बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर हर्ष दुबे, विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह और तेज गेंदबाज यश ठाकुर पहली बार भारत के लिए टी20 खेलने की दौड़ में हैं।

    डेब्यू की संभावना: संभावना है कि अशोक शर्मा, हर्ष दुबे और यश ठाकुर को पहले मैच में डेब्यू का मौका मिले।

    विशेष आंकड़ा: भारत के लिए जिम्बाब्वे में अब तक 22 खिलाड़ियों ने टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया है। यह भारत के बाहर किसी एक देश में सबसे ज्यादा डेब्यू का दूसरा आंकड़ा है।

    अभिषेक शर्मा की चुनौती: अभिषेक शर्मा 2026 में टी20 क्रिकेट में 9 बार शून्य पर आउट हो चुके हैं, जो एक कैलेंडर वर्ष में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा है।

    दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11
    भारत की संभावित XI:

    अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे/रवि बिश्नोई, अशोक शर्मा/मयंक यादव, यश ठाकुर, प्रिंस यादव।

    जिम्बाब्वे की संभावित XI:

    ब्रायन बेनेट, वेस्ली मधेवेरे, तदिवानाशे मारुमानी (विकेटकीपर)/तफादज़वा त्सिगा, डियोन मायर्स, सिकंदर रजा (कप्तान), रयान बर्ल, मिल्टन शुम्बा, ब्रैड इवांस, न्यूमैन न्यामहुरी, रिचर्ड नगारवा, ब्लेसिंग मुज़रबानी।

    दोनों टीमों का टी20 स्क्वाड
    भारतीय टीम का स्क्वाड:

    अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, श्रेयस अय्यर (कप्तान), शिवम दुबे, रिंकू सिंह, सूर्यांश शेडगे, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव, वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह, हर्ष दुबे, रवि बिश्नोई।

    जिम्बाब्वे टीम का स्क्वाड:

    ब्रायन बेनेट, तदिवानाशे मारुमानी (विकेटकीपर), डियोन मायर्स, सिकंदर रजा (कप्तान), रयान बर्ल, ब्रैड इवांस, वेलिंगटन मसाकाद्जा, वेस्ली मधेवेरे, मिल्टन शुम्बा, रिचर्ड नगारवा, तनाका चिवांगा, ब्लेसिंग मुजरबानी, बेन करन, तफादजवा त्सिगा, न्यूमैन न्यामहुरी।

  • हरारे में वापसी को तैयार वैभव सूर्यवंशी, कहा- प्रक्रिया पर भरोसा है, बड़ी पारी खेलने की कोशिश करूंगा

    हरारे में वापसी को तैयार वैभव सूर्यवंशी, कहा- प्रक्रिया पर भरोसा है, बड़ी पारी खेलने की कोशिश करूंगा


    नई दिल्ली ।  भारत और जिम्बाब्वे के बीच 23 जुलाई से हरारे में शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज से पहले युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन और तैयारी को लेकर भरोसा जताया है। इंग्लैंड के खिलाफ हालिया टी20 सीरीज में लगातार तीन मैचों में बड़ी पारी नहीं खेल पाने के बावजूद वैभव ने कहा कि क्रिकेट में फॉर्म का ऊपर-नीचे होना सामान्य बात है और उनका पूरा ध्यान प्रक्रिया पर कायम रहने तथा टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर है।

    बीसीसीआई टीवी से बातचीत में वैभव ने कहा कि पिछले चार महीनों में उनके क्रिकेट करियर में कई उतार-चढ़ाव आए हैं, लेकिन यही खेल की प्रकृति है। उन्होंने कहा कि वह अपनी तैयारियों पर पूरा भरोसा रखते हैं और कोचिंग स्टाफ से उन्हें लगातार सही मार्गदर्शन और अभ्यास का पूरा सहयोग मिल रहा है। इससे उनका आत्मविश्वास मजबूत हुआ है।

    वैभव ने हरारे स्पोर्ट्स क्लब को अपने करियर का बेहद खास मैदान बताया। उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले इसी मैदान पर भारत ने अंडर-19 विश्व कप का फाइनल जीता था, जो उनके जीवन का अविस्मरणीय पल है। उसी मैदान पर फिर से भारत की सीनियर टीम का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलना उनके लिए गर्व की बात है।

    युवा बल्लेबाज ने कहा कि हरारे की पिच और परिस्थितियों की उन्हें अच्छी समझ है, क्योंकि अंडर-19 विश्व कप के दौरान यहां कई मुकाबले खेल चुके हैं। उनका मानना है कि उस टूर्नामेंट से मिले अनुभव का फायदा अब इस टी20 सीरीज में मिलेगा और वह उसी आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेंगे।

    उन्होंने कहा कि अभ्यास के दौरान जिस तरह की तैयारी की है, उसी पर भरोसा रखते हुए अपने स्वाभाविक खेल को जारी रखेंगे। उनका लक्ष्य व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान देना है। वैभव ने उम्मीद जताई कि हरारे में उनका पिछला शानदार प्रदर्शन इस बार भी उन्हें बड़ी पारी खेलने का आत्मविश्वास देगा।

    गौरतलब है कि अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों में 175 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। अब क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें एक बार फिर हरारे में उनकी बल्लेबाजी पर टिकी होंगी।

  • घरेलू क्रिकेट में जानबूझकर नो-बॉल और खतरनाक बीमर फेंकने वाले गेंदबाज होंगे पूरे मैच से निलंबित

    घरेलू क्रिकेट में जानबूझकर नो-बॉल और खतरनाक बीमर फेंकने वाले गेंदबाज होंगे पूरे मैच से निलंबित

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने आगामी 2026-27 घरेलू क्रिकेट सत्र के औपचारिक शुभारंभ से पूर्व खेल परिस्थितियों और नियमों में कई युगांतकारी परिवर्तनों की घोषणा की है। मेरिलबोन क्रिकेट क्लब द्वारा वैश्विक क्रिकेट नियमों में किए गए संशोधनों के अनुपालन में बोर्ड ने घरेलू प्रतियोगिताओं को अधिक पारदर्शी, अनुशासित और प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से नए प्रावधान लागू किए हैं। इन संशोधनों के तहत अनुशासनहीनता और अनुचित खेल भावना पर लगाम कसने के लिए कड़े दंडात्मक प्रावधान शामिल किए गए हैं। नए दिशानिर्देशों का सर्वाधिक प्रभाव गेंदबाजों, खेल के संचालन, अंतिम ओवरों के निष्पादन तथा विकेटकीपरों की तकनीकी भूमिका पर पड़ेगा। बोर्ड ने इन अद्यतन नियमावलियों की विस्तृत जानकारी सभी राज्य क्रिकेट संघों, मैच रेफरी और अंपायरों को औपचारिक रूप से प्रेषित कर दी है।

    नए नियमों के अंतर्गत सबसे कठोर प्रावधान अनुचित गेंदबाजी प्रथाओं को रोकने के संदर्भ में किया गया है। यदि कोई भी गेंदबाज जानबूझकर फ्रंट फुट नो-बॉल फेंकता हुआ या बल्लेबाज के शरीर को निशाना बनाते हुए खतरनाक बीमर डालता हुआ पाया जाता है, तो अंपायर उसे केवल वर्तमान पारी से ही नहीं, बल्कि पूरे मैच से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर देंगे। पूर्ववर्ती व्यवस्था के तहत ऐसे मामलों में गेंदबाज को केवल उस विशिष्ट पारी में गेंदबाजी करने से रोका जाता था और वह मैच में क्षेत्ररक्षण के साथ-साथ अगली पारी में गेंदबाजी के लिए पात्र रहता था। बोर्ड का मानना है कि इस कदम से खेल में दुर्भावनापूर्ण व्यवहार पर पूर्ण विराम लगेगा और मैदान पर खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

    प्रथम श्रेणी एवं बहु-दिवसीय मैचों के संचालन को लेकर भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण नीतिगत संशोधन किया गया है। अब दिन के अंतिम ओवर के दौरान यदि किसी भी गेंद पर विकेट का पतन होता है, तो खेल को उस समय स्थगित करने के बजाय ओवर की शेष गेंदों का खेल पूरा कराया जाएगा। इसके तहत नए बल्लेबाज को मैदान पर आकर अंतिम गेंदों का सामना करना अनिवार्य होगा, जिससे दिन के निर्धारित ओवरों की शत-प्रतिशत पूर्ति संभव हो सकेगी। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य समय के अपव्यय को रोकना और खेल की निरंतरा को बनाए रखना है।

    सीमित ओवरों के प्रारूप में कप्तानों और विकेटकीपरों की सहूलियत तथा तकनीकी स्पष्टता के लिए भी विशेष रियायतें दी गई हैं। एकदिवसीय मैचों में अब ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान कप्तान मैदान के भीतर प्रवेश कर अपने खिलाड़ियों के साथ सामरिक रणनीतियों पर सीधा विचार-विमर्श कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, विकेटकीपरों द्वारा दस्तानों की स्थिति को लेकर उत्पन्न होने वाले तकनीकी विवादों को समाप्त करने के लिए यह स्पष्ट किया गया है कि गेंदबाज द्वारा गेंद छोड़ने के सटीक क्षण तक ही दस्ताने स्टंप्स के पीछे होना अनिवार्य है। बोर्ड का यह समग्र प्रयास भारतीय घरेलू क्रिकेट के ढांचे को पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय मानकों के समकक्ष स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

  • विदेशी सरजमीं पर लगातार सीरीज गंवाने के बाद बैकफुट पर भारतीय क्रिकेट टीम: 'ऑल इज वेल' के दावे के बीच बोर्ड और मुख्य कोच के फैसलों पर तीखी बहस

    विदेशी सरजमीं पर लगातार सीरीज गंवाने के बाद बैकफुट पर भारतीय क्रिकेट टीम: 'ऑल इज वेल' के दावे के बीच बोर्ड और मुख्य कोच के फैसलों पर तीखी बहस


    नई दिल्ली।
    विदेशी सरजमीं पर भारतीय क्रिकेट टीम के हालिया निराशाजनक प्रदर्शन ने खेल प्रेमियों और खेल विश्लेषकों को चिंता में डाल दिया है। आयरलैंड के खिलाफ मिली झटकों भरी हार के बाद इंग्लैंड दौरे पर भी टी20 और वनडे सीरीज में भारतीय टीम को पराजय का सामना करना पड़ा है। लगातार मिल रही असफलताओं के बावजूद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई का रवैया बेहद शांत नजर आ रहा है। बोर्ड की ओर से दिए जा रहे ‘ऑल इज वेल’ के बयानों पर अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर टीम प्रबंधन और मुख्य कोच से इस हार का हिसाब कब मांगा जाएगा।

    भारतीय टीम का हालिया विदेशी दौरा कई मोर्चों पर कमजोरियों को उजागर कर चुका है। आयरलैंड जैसी अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाने वाली टीम के खिलाफ उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाना और फिर इंग्लैंड की मजबूत टीम के सामने पूरी तरह पस्त हो जाना, भारतीय क्रिकेट के गिरते स्तर की ओर इशारा करता है। विशेषकर इंग्लैंड दौरे पर खेली गई टी20 और वनडे सीरीज में न तो भारतीय बल्लेबाजी में गहराई दिखी और न ही गेंदबाजी आक्रमण में वह धार नजर आई, जिसके लिए भारतीय टीम जानी जाती है। महत्वपूर्ण मौकों पर टीम के सीनियर और युवा खिलाड़ियों दोनों ने ही निराश किया है।

    टीम प्रबंधन के फैसलों और रणनीति पर लगातार उंगलियां उठ रही हैं। मुख्य कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल में टीम के रणनीतिक बदलावों को लेकर तीखी आलोचना हो रही है। प्लेयिंग इलेवन के चयन में लगातार किए जा रहे प्रयोग, खिलाड़ियों के बल्लेबाजी क्रम में बार-बार बदलाव और फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों को नजरअंदाज करने की नीति टीम के संतुलन को बिगाड़ रही है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि मैदान पर सही समय पर सही फैसले न ले पाने के कारण टीम को बार-बार हार का मुंह देखना पड़ रहा है।

    इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अधिक ध्यान खींचने वाली बात बीसीसीआई का रुख है। अमूमन किसी बड़े दौरे पर हार के बाद बोर्ड सख्त रुख अपनाता है और समीक्षा बैठकें आयोजित करता है, लेकिन इस बार बोर्ड की ओर से सब कुछ सामान्य दिखाने की कोशिश की जा रही है। बोर्ड के अधिकारियों की यह चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। खेल जगत में यह चर्चा तेज है कि जब तक प्रबंधन और कोचिंग स्टाफ की जवाबदेही तय नहीं की जाएगी, तब तक प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद करना बेमानी होगा।

    भारतीय टीम के इस लचर प्रदर्शन से प्रशंसकों में भारी निराशा व्याप्त है। सोशल मीडिया से लेकर खेल के मंचों तक मुख्य कोच की कार्यप्रणाली और कप्तान के फैसलों की कड़ी समीक्षा की मांग की जा रही है। आगामी बड़ी प्रतियोगिताओं और दौरों को देखते हुए यदि समय रहते इन कमियों को दूर नहीं किया गया, तो भारतीय क्रिकेट को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। अब देखना यह होगा कि क्या बीसीसीआई वाकई समीक्षा बैठक बुलाकर कड़े कदम उठाता है या फिर ‘ऑल इज वेल’ के आवरण में इन असफलताओं को ढका जाता रहेगा।

  • हिटमैन' के एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास की खबरों को बीसीसीआई ने किया खारिज; सचिव देवजीत सैकिया ने भविष्य की योजनाओं पर दी बड़ी प्रतिक्रिया

    हिटमैन' के एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास की खबरों को बीसीसीआई ने किया खारिज; सचिव देवजीत सैकिया ने भविष्य की योजनाओं पर दी बड़ी प्रतिक्रिया

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा के एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की सोशल मीडिया और विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चल रही अटकलों पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने पूरी तरह से विराम लगा दिया है। बीसीसीआई के संयुक्त सचिव देवजीत सैकिया ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि रविवार को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के विरुद्ध होने वाला सीरीज का निर्णायक मुकाबला रोहित शर्मा के वनडे करियर का अंतिम मैच कतई नहीं होगा। बोर्ड की इस त्वरित प्रतिक्रिया के बाद स्टार बल्लेबाज के भविष्य को लेकर लगाई जा रही तमाम तरह की मनगढ़ंत कयासबाजियों पर पूरी तरह से रोक लग गई है।

    क्रिकेट जगत में यह प्रशासनिक स्पष्टीकरण उस समय आया जब कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि उनतालीस वर्षीय पूर्व कप्तान इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम एकदिवसीय मैच के बाद इस प्रारूप को हमेशा के लिए अलविदा कह सकते हैं। बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी ने इन खबरों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि चयन समिति या बोर्ड के भीतर रोहित शर्मा के अंतिम मैच को लेकर ऐसी कोई भी आधिकारिक चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह भारतीय एकदिवसीय टीम के एक नियमित और अत्यंत महत्वपूर्ण सदस्य हैं और जब तक वह खेल के प्रति प्रतिबद्ध हैं, तब तक देश का प्रतिनिधित्व करते रहेंगे।

    इस प्रकार के विवादों और अफवाहों की शुरुआत मुख्य रूप से तब हुई जब खेल गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि राष्ट्रीय चयन समिति और मुख्य कोच गौतम गंभीर वर्ष 2027 में होने वाले आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप की तैयारियों के मद्देनजर टीम में एक बड़े बदलाव की योजना बना रहे हैं। इसके तहत सीमित ओवरों के क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देकर एक दीर्घकालिक ‘ट्रांजिशन फेज’ की शुरुआत करने की बात कही जा रही थी। इसी रणनीतिक बदलाव की खबरों के बीच रोहित शर्मा के संन्यास की खबरों को जोड़कर देखा जाने लगा, जिसे अब बोर्ड ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

    इसके साथ ही, जारी द्विपक्षीय सीरीज के शुरुआती मुकाबलों में रोहित शर्मा के बल्ले से बड़ी पारियां न निकलने के कारण भी आलोचकों ने उनके स्थान पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। हालांकि, बीसीसीआई ने संन्यास की खबरों का खंडन करके खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया है, लेकिन रणनीतिक रूप से बोर्ड अधिकारी भी वर्ष 2027 के आगामी विश्व कप में उनकी निश्चित भागीदारी को लेकर कोई भी पक्का आश्वासन देने से बचते नजर आए। इसका अर्थ यह निकाला जा रहा है कि बोर्ड वर्तमान प्रदर्शन के आधार पर ही भविष्य की योजनाओं को आकार देगा।

    वर्तमान में भारत और इंग्लैंड के मध्य खेली जा रही तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुकी है, जहां दोनों टीमें बराबरी पर हैं। रविवार को लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाले इस अत्यंत महत्वपूर्ण और खिताबी मुकाबले में रोहित शर्मा भारतीय टीम के लिए पारी की शुरुआत करने मैदान पर उतरेंगे। क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह राहत की बात है कि टीम इंडिया के सबसे आक्रामक बल्लेबाजों में से एक ‘हिटमैन’ बिना किसी मानसिक दबाव के मैदान पर अपनी स्वाभाविक खेल शैली का प्रदर्शन कर सकेंगे, क्योंकि बोर्ड ने उनके भविष्य को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है।