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  • भोपाल की मैपल ट्री सोसायटी में स्ट्रीट डॉग्स को लेकर हंगामा, रहवासियों ने किया प्रदर्शन; समस्या हल न हुई तो सड़क जाम की चेतावनी

    भोपाल की मैपल ट्री सोसायटी में स्ट्रीट डॉग्स को लेकर हंगामा, रहवासियों ने किया प्रदर्शन; समस्या हल न हुई तो सड़क जाम की चेतावनी



    भोपालभोपाल के करोंद इलाके में स्थित मैपल ट्री सोसायटी में गुरुवार देर रात स्ट्रीट डॉग्स की बढ़ती समस्या को लेकर रहवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। कॉलोनी के लोग बड़ी संख्या में सोसायटी के मुख्य गेट पर एकत्र हो गए और नगर निगम व प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा और लोगों को समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया गया।

    रहवासियों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से सोसायटी और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। इससे लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। खासकर बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा खतरे में हैं। लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में कई लोगों को कुत्तों ने काट लिया, जिसके बाद नगर निगम में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    प्रदर्शन के दौरान सोसायटी के लोग गेट पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। उनका कहना था कि प्रशासन को कई बार शिकायत देने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ डॉग लवर्स उनकी शिकायतों का विरोध करते हैं और उल्टा उनके खिलाफ थाने में झूठी शिकायतें दर्ज करवा देते हैं, जिससे लोग डर और दबाव में आ जाते हैं।

    सोसायटी के लोगों का कहना है कि आवारा कुत्ते अब राह चलते लोगों पर हमला कर रहे हैं। कई बार बच्चे खेलते समय इनका शिकार बन चुके हैं, जबकि बुजुर्गों के लिए सुबह-शाम टहलना भी मुश्किल हो गया है। रहवासियों का आरोप है कि डॉग लवर्स के दबाव के कारण प्रशासन और नगर निगम सख्त कदम नहीं उठा पा रहे हैं।

    मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया और भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायत संबंधित विभाग तक पहुंचाई जाएगी। पुलिस ने रहवासियों से कुछ समय देने की अपील की है।

    हालांकि प्रदर्शन कर रहे लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही स्ट्रीट डॉग्स की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे और जरूरत पड़ी तो सड़क जाम भी करेंगे। उनका कहना है कि सुरक्षा और बच्चों की जान से समझौता किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

  • भोपाल के बड़ा तालाब पर चला प्रशासन का एक्शन, सीमांकन में 100 से ज्यादा अतिक्रमण चिन्हित

    भोपाल के बड़ा तालाब पर चला प्रशासन का एक्शन, सीमांकन में 100 से ज्यादा अतिक्रमण चिन्हित



    भोपालभोपाल की पहचान माने जाने वाले बड़ा तालाब के किनारों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई एक बार फिर तेज हो गई है। करीब पांच दिन के ब्रेक के बाद गुरुवार को जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने सीमांकन अभियान दोबारा शुरू किया। बैरागढ़ तहसील की टीम लाउखेड़ी, बोरवन और बेहटा गांव पहुंची, जहां तालाब के 50 मीटर दायरे में जमीन की नापजोख कर वास्तविक सीमा तय की गई।

    सीमांकन के दौरान बेहटा क्षेत्र में कुछ स्थानीय लोगों ने एफटीएल (फुल टैंक लेवल) पॉइंट को लेकर आपत्ति जताई और टीम के साथ बहस भी हुई। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि यहां लाल निशान क्यों लगाए जा रहे हैं और इसकी अनुमति किसने दी है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सरकारी रिकॉर्ड और तय मानकों के अनुसार की जा रही है और टीम ने विरोध के बावजूद सर्वे जारी रखा।

    करीब चार घंटे चली इस कार्रवाई में 50 मीटर के प्रतिबंधित दायरे के भीतर 100 से ज्यादा अतिक्रमण चिन्हित किए गए। बोरवन गांव के बूढ़ागांव इलाके और बेहटा की झुग्गी बस्ती में सर्वे के दौरान कई झुग्गियां तालाब के निर्धारित दायरे में पाई गईं। इन स्थानों को चिह्नित करने के लिए टीम ने मौके पर लाल निशान लगाए, ताकि आगे की कार्रवाई के दौरान इन्हें आसानी से चिन्हित किया जा सके।

    इससे पहले 28 फरवरी को हलालपुरा इलाके के पास भी प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की थी, जहां तालाब किनारे बने एक गार्डन की बाउंड्रीवॉल और गोदाम को तोड़ा गया था। होली के कारण कुछ दिनों तक कार्रवाई धीमी रही, लेकिन अब प्रशासन ने इसे फिर से तेज कर दिया है।

    अधिकारियों के अनुसार फिलहाल सीमांकन का काम बैरागढ़ तहसील क्षेत्र में किया जा रहा है। अगले सप्ताह से कार्रवाई टीटी नगर सर्कल में भी शुरू होगी। टीटी नगर क्षेत्र को तालाब किनारे का सबसे प्राइम इलाका माना जाता है, जहां कई होटल, रेस्टोरेंट, सरकारी कार्यालय और आलीशान कॉलोनियां मौजूद हैं। यहां कई प्रभावशाली लोगों की जमीनें भी बताई जाती हैं।

    प्रशासन का कहना है कि सीमांकन पूरा होने के बाद तालाब के 50 मीटर दायरे में आने वाले सभी अतिक्रमणों की सूची तैयार की जाएगी और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इस अभियान से न सिर्फ तालाब की मूल सीमा स्पष्ट होगी बल्कि भोपाल के इस ऐतिहासिक जलस्रोत को बचाने की दिशा में भी बड़ा कदम साबित हो सकता है।

  • भोपाल में आज बीजेपी मास्टर ट्रेनर्स की ट्रेनिंग, 600 कार्यकर्ताओं को AI और सोशल मीडिया में किया जाएगा प्रशिक्षित

    भोपाल में आज बीजेपी मास्टर ट्रेनर्स की ट्रेनिंग, 600 कार्यकर्ताओं को AI और सोशल मीडिया में किया जाएगा प्रशिक्षित


    भोपाल। बीजेपी के दीनदयाल प्रशिक्षण महा अभियान के तहत आज शुक्रवार को राजधानी भोपाल के रवींद्र भवन में मध्य भारत प्रांत के 600 कार्यकर्ताओं को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा। ये प्रशिक्षित सदस्य आगे मंडल स्तर पर प्रशिक्षण देंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल और प्रदेश प्रभारी डॉ महेन्द्र सिंह मुख्य अतिथि होंगे।
    तीन प्रांतों में व्यापक प्रशिक्षण
    बीजेपी का यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तर्ज पर तीन प्रांतों मध्यभारत, महाकौशल और मालवा में आयोजित किया जाएगा। मध्यभारत प्रांत में भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के 25 जिलों के कार्यकर्ता 6 मार्च को प्रशिक्षण लेंगे। महाकौशल प्रांत में 7 मार्च को जबलपुर, छिंदवाड़ा, रीवा और शहडोल संभाग के 19 जिलों के कार्यकर्ता शामिल होंगे। मालवा प्रांत में 10 मार्च को इंदौर में 18 जिलों के कार्यकर्ता प्रशिक्षण लेंगे।

    तकनीकी दक्षता पर जोर
    इस प्रशिक्षण का लक्ष्य कार्यकर्ताओं को आधुनिक तकनीक के अनुरूप तैयार करना है। पार्टी का मानना है कि तकनीकी दक्षता व्यक्ति निर्माण से संगठन निर्माण और फिर राष्ट्र निर्माण में मदद करती है।

    AI और सोशल मीडिया प्रशिक्षण
    मंडल स्तर पर आयोजित 24 घंटे के प्रशिक्षण में AI, सोशल मीडिया, नमो ऐप और संगठन ऐप पर विशेष सत्र होंगे। कार्यकर्ताओं को यह सिखाया जाएगा कि तकनीक का इस्तेमाल करके पार्टी और सरकार की नीतियों और उपलब्धियों को जनता तक कैसे प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।

    राष्ट्रीय और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व
    महाअभियान के संचालन के लिए राष्ट्रीय टोली बनाई गई है। मध्य प्रदेश से पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और सांसद वी.डी. शर्मा को सह-संयोजक और कविता पाटीदार को सदस्य बनाया गया है। क्षेत्रीय प्रभारी के.सी. पटेल होंगे।

    प्रशिक्षण की संरचना
    डिजिटल कनेक्टिविटी: बूथ स्तर पर व्हाट्सऐप ग्रुप और डिजिटल संवाद के जरिए ‘मन की बात’ जैसी पहल को मजबूत किया जाएगा।
    शुल्क और रजिस्ट्रेशन: 100 रुपए डिजिटल शुल्क, जो संगठन से जोड़ने की प्रक्रिया है।
    सत्र: मंडल स्तर पर 7 सत्रों में 24 घंटे का प्रशिक्षण, बूथ स्तर पर 4 घंटे में 2 सत्र।

  • भोपाल में कल बिजली कटौती, 25 इलाकों में असर: विनीतकुंज, बंजारी-बर्रई में सप्लाई बाधित

    भोपाल में कल बिजली कटौती, 25 इलाकों में असर: विनीतकुंज, बंजारी-बर्रई में सप्लाई बाधित



    नई दिल्ली। होली की छुट्टियों के बाद राजधानी में शुक्रवार से बिजली लाइनों का मेंटेनेंस शुरू होगा। इसके चलते लगभग 25 इलाकों में 1 से 6 घंटे तक बिजली कटौती रहेगी। विभाग ने लोगों से जरूरी काम पहले निपटाने और बिजली के विकल्प सुनिश्चित करने की अपील की है।

    असर वाले इलाके और समय
    सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक: विनीतकुंज ए सेक्टर, सीआई हाइट्स, आइना बंगलो, राजहर्ष कॉलोनी, बंजारी डी सेक्टर और आसपास।
    सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक: बरेलागांव, आदर्श नगर, नई बस्ती, मीरपुर, जाट एरिया, कैम्प नंबर-12, सत्यम नगर, मथाई नगर, नंदा नगर और आसपास।
    सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक: वल्लभ भवन, एमएलए रेस्ट हाउस, मालवीय नगर, एमएलए क्वार्टर, देवकी नगर, गैस राहत, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और आसपास।
    दोपहर 2.30 से 3.30 बजे तक: बर्रई, कस्तूरी होम्स कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र।

    जानकारी और सुझाव
    बिजली कटौती मेंटेनेंस के चलते की जा रही है।
    लोग अपने जरूरी काम, घरेलू उपकरण और बिजली पर निर्भर सेवाओं को पहले से संभाल लें।
    विभाग ने कहा कि कटौती के दौरान बिजली आपातकालीन सेवाओं के लिए उपलब्ध रहेगी।
    भोपाल में कल 25 इलाकों में मेंटेनेंस के कारण 1 से 6 घंटे तक बिजली कटौती रहेगी। विनीतकुंज, बंजारी, बर्रई, मालवीय नगर और आसपास के क्षेत्र प्रभावित होंगे।

  • भोपाल में होली के दिन युवक की चाकू मारकर हत्या, शव ऑटो से फेंककर बदमाश फरार

    भोपाल में होली के दिन युवक की चाकू मारकर हत्या, शव ऑटो से फेंककर बदमाश फरार



    भोपाल  भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र में होली के दिन एक युवक की दर्दनाक हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया। 19 वर्षीय अरविंद मीणा, जो प्रताप नगर में रहता था और गारमेंट्स शॉप में सेल्समैन के रूप में काम करता था, बुधवार रात अपने दोस्तों के साथ होली खेलने के बाद घूमने निकला था। सूत्रों के अनुसार, वह अपने दोस्तों विशाल ठाकुर उर्फ भूरा और सचिन के साथ आखिरी बार देखा गया। रात के अज्ञात समय में अज्ञात बदमाशों ने उसे घेरकर चार चाकू वार किए और उसके बाद उसका शव बेस्ट प्राइस के पास 80 फीट रोड पर ऑटो से फेंककर फरार हो गए। शव अर्धनग्न हालत में मिला, जिसमें उसके ऊपरी हिस्से के कपड़े नहीं थे।

    घटना की जानकारी लगते ही मृतक के पिता हल्केराम मीणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उन्होंने सड़क किनारे भीड़ देखकर रुके और पास जाकर अपने बेटे का शव देखा। इस दर्दनाक दृश्य ने पूरे मोहल्ले के लोगों को स्तब्ध कर दिया। निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा ने बताया कि हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की पहचान के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और आसपास के लोगों से पूछताछ कर संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

    मृतक के मोहल्ले के लोग और परिचितों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे सड़क पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि जांच में देरी से समुदाय में असंतोष और आक्रोश बढ़ रहा है। मोहल्ले के लोग बताते हैं कि अरविंद मीणा एक मेहनती और शांत स्वभाव का युवक था, जिसने अपने परिवार का सहारा बनने के लिए मेहनत की थी।

    घटना ने इलाके में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर होली जैसे बड़े त्योहार के मौके पर। पुलिस ने आसपास के इलाकों में अतिरिक्त गश्त बढ़ा दी है और युवाओं को अशांति फैलाने से रोकने के लिए सतर्क रहने का निर्देश दिया है।

    परिजन और मोहल्ले वाले पुलिस से लगातार संपर्क में हैं और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस की प्राथमिक जांच से पता चला है कि हत्या की घटना व्यक्तिगत विवाद या आपराधिक मंशा के चलते हो सकती है, लेकिन सटीक कारण पोस्टमार्टम और जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

    यह घटना न केवल भोपाल के निशातपुरा इलाके में तनाव बढ़ा रही है, बल्कि होली जैसे खुशियों के त्योहार पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था की चुनौती को भी उजागर करती है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

  • भोपाल में नई आबकारी नीति लागू, शराब दुकानों को छोटे समूहों में बांटा गया

    भोपाल में नई आबकारी नीति लागू, शराब दुकानों को छोटे समूहों में बांटा गया


    नई दिल्ली। प्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति लागू कर दी है। इस नीति के तहत शराब दुकानों को बड़े ठेकेदारों के एकाधिपत्य से मुक्त कर छोटे-छोटे समूहों में बांटा गया है। भोपाल में कुल 87 शराब दुकानों को 20 ग्रुप्स में बांटा गया है, जिनके आवंटन की प्रक्रिया ई-टेंडर के जरिए की जा रही है।
    पहले की व्यवस्था और बदलाव:
    वित्तीय वर्ष 2025-26 में भोपाल की सभी दुकानों को सिर्फ 4 बड़े ग्रुप में बांटा गया था। इससे बड़े ठेकेदारों का दबदबा कायम था। इस बार नई नीति के तहत छोटे और नए लाइसेंसियों को भागीदारी का मौका मिलेगा। एकाधिपत्य समाप्त होने से पुराने ठेकेदारों में चिंता है और वे घाटे का प्रचार करके नए ठेकेदारों को हतोत्साहित करने की कोशिश कर रहे हैं।
    राजस्व और मुनाफा
    अंकड़ों के अनुसार, वर्तमान वर्ष 2025-26 में फरवरी के अंत तक प्रत्येक ग्रुप ने 50 करोड़ रुपए से अधिक मुनाफा कमाया है। इसके बावजूद बड़े ठेकेदार घाटे का प्रचार कर रहे हैं ताकि नए ठेकेदार सामने न आएं और भविष्य में बड़े ग्रुप बनाकर उनका एकाधिपत्य कायम रहे।
    ठेके की कीमतों में वृद्धि
    वित्तीय वर्ष 2024-25 में ठेके की नीलामी 1193 करोड़ रुपए से अधिक में हुई थी, जो टारगेट से 11% यानी 120 करोड़ रुपए ज्यादा थी। इस बार आरक्षित मूल्य 1432 करोड़ रुपए रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20% अधिक है।

    भोपाल के प्रमुख समूहों की कीमतें

    पिपलानी समूह: 4 दुकानें – पिपलानी, अयोध्या नगर, रत्नागिरी तिराहा और पटेल नगर। नई कीमत 127.77 करोड़ रुपए, पहले 106.48 करोड़ रुपए।बाग सेवनिया समूह: 121.89 करोड़ रुपए, पहले 101 करोड़ रुपए।

    नीति का लाभ
    छोटे समूह बनाए जाने से ज्यादा बोलीदाता सामने आएंगे, जिससे सरकार को सीधे राजस्व में फायदा होगा। आबकारी विभाग के अनुसार, नई व्यवस्था से सरकार को लगभग 238 करोड़ रुपए अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। टेंडर फाइनल होने के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।

    नई आबकारी नीति से न केवल बड़े ठेकेदारों का एकाधिपत्य समाप्त होगा, बल्कि छोटे और नए लाइसेंसियों को भी व्यवसाय में भागीदारी का अवसर मिलेगा। ई-टेंडर के जरिए आवंटन से पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकार को अतिरिक्त राजस्व का लाभ मिलेगा।

  • भोपाल के बड़े तालाब में महिला को गोताखोरों ने बचाया, निगम कर्मी बने असली देवदूत

    भोपाल के बड़े तालाब में महिला को गोताखोरों ने बचाया, निगम कर्मी बने असली देवदूत


    भोपाल का बड़ा तालाब आज अचानक हड़कंप का केंद्र बन गया जब एक महिला ने तालाब में छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला ने अचानक और चुपचाप तालाब के किनारे से कूद लगाई, जिससे वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। मौके पर मौजूद निगम के गोताखोरों ने तुरंत अपनी मुस्तैदी दिखाई और समय रहते महिला को बचाया।

    तालाब के किनारे मौजूद लोग स्थिति को देख सकते ही रह गए थे। जैसे ही महिला पानी में डूबने लगी, नगर निगम की रेस्क्यू टीम सक्रिय हो गई। गोताखोर मोहम्मद मदर फेस खान और शेख आसिफ खान ने अपनी जान जोखिम में डालकर पानी में छलांग लगाई और बेहद कम समय में महिला तक पहुंच बनाई। उन्होंने महिला को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार दिलाया। इस बहादुरी और तत्परता के लिए वहां मौजूद जनता ने उनका जमकर अभिनंदन किया।

    बड़ा तालाब और वीआईपी रोड सुरक्षा के लिए मशहूर हैं। बावजूद इसके ऐसी घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। आज की यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि नगर निगम के कर्मचारी न केवल प्रशिक्षित हैं बल्कि किसी भी स्थिति में अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित और निस्वार्थ हैं। यह रेस्क्यू ऑपरेशन इस बात का प्रमाण है कि संकट के समय ये कर्मचारी किसी देवदूत से कम नहीं।

    महिला ने आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसका कारण फिलहाल सामने नहीं आया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और महिला के परिजनों से संपर्क साधने का प्रयास किया जा रहा है। इस घटना ने वीआईपी रोड पर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने की मांग को भी हवा दे दी है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की आवश्यकता स्पष्ट हो गई है।

    बड़ा तालाब सिर्फ भोपाल के ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लिए भी एक प्रमुख पर्यटन स्थल और मनोरंजन केंद्र है। यहां हमेशा सैलानियों की भीड़ रहती है। इसके बावजूद कुछ लोग यहां आत्मघाती कदम उठाने का जोखिम लेते हैं। ऐसे समय में गोताखोरों और निगम कर्मचारियों की तत्परता ही किसी की जान बचा सकती है।

    इस घटना ने यह संदेश दिया कि चाहे कितनी भी सुरक्षा व्यवस्था क्यों न हो, मानव जीवन की रक्षा के लिए बहादुरी और तत्परता अपरिहार्य है। बड़े तालाब में पूर्व में भी ऐसी घटनाएं घट चुकी हैं, लेकिन हर बार गोताखोरों की तत्परता ही लोगों की जान बचा पाती है।

    नगर निगम के इस बहादुर प्रयास ने लोगों को यह याद दिलाया कि संकट के समय प्रशिक्षित और समर्पित कर्मचारी किसी देवदूत से कम नहीं होते। महिला को सुरक्षित बाहर निकालने के तुरंत बाद प्राथमिक उपचार और पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और महिला के मानसिक और पारिवारिक हालात को समझने का प्रयास कर रही है।

    भोपाल का बड़ा तालाब, वीआईपी रोड और आसपास के इलाके में सुरक्षा उपायों को और मजबूत करना अब प्राथमिकता बन गई है। यह घटना न केवल नगर निगम कर्मचारियों की बहादुरी का प्रमाण है बल्कि शहरवासियों और सैलानियों के लिए चेतावनी भी है कि सुरक्षा और सतर्कता हमेशा आवश्यक है।

  • भोपाल का हड़कंप: पूर्व रेलकर्मी राजेश तिवारी का हिडन कैमरा वीडियो वायरल, मंत्री विश्वास सारंग और RSS पर लगाए गंभीर आरोप

    भोपाल का हड़कंप: पूर्व रेलकर्मी राजेश तिवारी का हिडन कैमरा वीडियो वायरल, मंत्री विश्वास सारंग और RSS पर लगाए गंभीर आरोप


    भोपाल। भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र में गिरफ्तार बर्खास्त रेलकर्मी राजेश तिवारी का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। गिरफ्तारी के बाद सामने आए हिडन कैमरा वीडियो में राजेश कथित तौर पर कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग के खिलाफ बोलते नजर आ रहे हैं। वीडियो में वह यह कहता दिख रहा है कि किसी भी धरना-प्रदर्शन में असलम का नाम न आए, बल्कि मामला सीधे सारंग की तरफ डायवर्ट किया जाए। इसके अलावा वह बताता है कि अगर मंत्री पद से हटाया गया तो उसका नाम बदल देना। जब उससे पूछा गया कि क्या मंत्री से व्यक्तिगत दुश्मनी है, तो उसने जवाब दिया, “नहीं, पूरे RSS की है। वीडियो में यह भी दावा किया गया कि मंत्री पद से हटाने की तैयारी है और विस्तार के दौरान बदलाव होंगे।

    पुलिस ने राजेश का मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया है। जांच का नया एंगल अब वायरल वीडियो और मोबाइल डेटा की पुष्टि पर केंद्रित है, यह पता लगाने के लिए कि वीडियो कब रिकॉर्ड हुआ, किसने रिकॉर्ड किया और क्या इसे एडिट किया गया।

    राजेश तिवारी पहले ही ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार है। उसके पास से एमडी ड्रग और अवैध हथियार भी जब्त किए गए हैं। इसके अलावा उसके खिलाफ रेप और हत्या के प्रयास के मामले भी दर्ज हैं। 27 फरवरी को निशातपुरा पुलिस ने उसे 3 लाख रुपए की गैरकानूनी मांग के आरोप में पकड़ा था।

    राजनीतिक और साइबर जांच दोनों ही एंगल से यह मामला अब अहम बन गया है। वायरल हिडन कैमरा वीडियो और फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट भविष्य में इसकी गुत्थी सुलझाने में निर्णायक साबित हो सकती है।

  • मंत्रालय में मार्च माह के प्रथम कार्य दिवस पर हुआ सामूहिक राष्ट्र-गीत एवं राष्ट्र-गान गायन

    मंत्रालय में मार्च माह के प्रथम कार्य दिवस पर हुआ सामूहिक राष्ट्र-गीत एवं राष्ट्र-गान गायन


    भोपाल। मार्च माह के प्रथम शासकीय कार्य दिवस पर मंत्रालय में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों ने राष्ट्र गीत वंदे मातरम और राष्ट्र गान जन गण मन का सामूहिक गायन किया। यह कार्यक्रम मंत्रालय के सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में आयोजित किया गया।

    सामूहिक गान के दौरान पुलिस बैंड ने मधुर धुनों के माध्यम से कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव सचिव एम. रघुराज मंत्रालय वल्लभ भवन सतपुड़ा विंध्याचल भवन के अधिकारी कर्मचारी और पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

    इस आयोजन का उद्देश्य कर्मचारियों में राष्ट्रीय भावना को जागृत करना और शासकीय कार्यों के प्रति प्रतिबद्धता को बढ़ावा देना बताया गया। अधिकारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्र गीत और राष्ट्र गान गाकर देशभक्ति की अनुभूति साझा की।

  • भोपाल में कलियासोत डैम किनारे से अवैध डेयरियों पर बड़ी कार्रवाई: 9 हटाए गए, बाकी पर भी होगी सख्ती

    भोपाल में कलियासोत डैम किनारे से अवैध डेयरियों पर बड़ी कार्रवाई: 9 हटाए गए, बाकी पर भी होगी सख्ती


    भोपाल । भोपाल के कलियासोत डैम के किनारे अवैध रूप से स्थापित डेयरियों के खिलाफ शनिवार को प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के तहत टीटी नगर तहसीलदार कुणाल राउत की मौजूदगी में राजस्व, नगर निगम और पुलिस की टीम ने जेसीबी की मदद से 9 अवैध डेयरियों को तोड़कर हटाया। यह कार्रवाई डैम के सुरक्षा और पर्यावरणीय नियमों की उल्लंघना के चलते की गई।

    सिरपुर गांव के कलियासोत डैम किनारे कुल 18 अवैध डेयरियां बनी हुई थीं, जिनमें पशु पालन और दुग्ध उत्पादन भी किया जा रहा था। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान डेयरियों के मालिकों और स्थानीय लोगों ने विरोध जताया, लेकिन अधिकारियों ने एनजीटी के निर्देशों के मुताबिक कार्रवाई जारी रखी। जेसीबी मशीनों की मदद से एक-एक करके डेयरियां हटाई गईं, जिससे आसपास का क्षेत्र सुरक्षित और नियमों के अनुरूप हो गया।

    तहसीलदार कुणाल राउत ने बताया कि एनजीटी के आदेश के अनुसार सिरपुर गांव में कुल 18 अवैध डेयरियों में से 9 को हटाया गया है और बाकी 9 डेयरियों को भी जल्द ही हटाया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भोपाल के बड़े तालाब के फुल टैंक लेवल (एफटीएल) से 50 मीटर के दायरे में 16 मार्च 2022 के बाद बने सभी निर्माण अवैध माने जाएंगे। इस क्षेत्र में अब तक के सर्वे में कुल 153 झुग्गियां और पक्के निर्माण सामने आए हैं, जिनमें कुछ रसूखदारों के आलीशान मकान भी शामिल हैं।

    इस कार्रवाई से यह संदेश गया कि भोपाल प्रशासन और एनजीटी किसी भी अवैध निर्माण या अतिक्रमण के प्रति सख्ती से कदम उठा रहे हैं। स्थानीय लोगों और डेयरियों के मालिकों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि कानून के उल्लंघन पर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। प्रशासन का कहना है कि डैम के आसपास पर्यावरण और जल सुरक्षा को बनाए रखना प्राथमिकता है, इसलिए आने वाले समय में भी ऐसे किसी निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी।

    सारांश यह है कि भोपाल में कलियासोत डैम के किनारे अवैध डेयरियों के खिलाफ एनजीटी के निर्देश पर प्रशासन ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए 9 डेयरियों को हटाया, और बाकी पर भी जल्द ही सख्ती की जाएगी। इस कदम से डैम के आसपास पर्यावरणीय सुरक्षा और कानून की नीतियों का पालन सुनिश्चित होगा।