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  • भोपाल में IPS अधिकारी की बेटी ने की आत्महत्या , घर में फांसी लगाकर दी जान

    भोपाल में IPS अधिकारी की बेटी ने की आत्महत्या , घर में फांसी लगाकर दी जान


    भोपाल । भोपाल में एक दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है, जहां एक IPS अधिकारी की नाबालिग बेटी ने आत्महत्या कर ली। यह घटना हबीबगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत पॉश इलाके चार इमली की बताई जा रही है, जहां छात्रा ने अपने घर पर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी।

    जानकारी के अनुसार मृतिका 12वीं कक्षा की छात्रा थी और अपने परिवार के साथ रहती थी। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और तत्काल हबीबगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    मृतिका की पहचान IPS अधिकारी संजीव कंचन की बेटी के रूप में हुई है, जो वर्तमान में पुलिस मुख्यालय PHQ में AIG के पद पर पदस्थ हैं। इस घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों में गहरा शोक फैल गया है।

    पुलिस को शुरुआती जांच में मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और हर एंगल से मामले की पड़ताल की जा रही है।

    जांच के तहत पुलिस मृतिका के मोबाइल फोन को खंगाल रही है, साथ ही उसके संपर्कों और हाल की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ जारी है ताकि घटना के पीछे की वजहों का पता लगाया जा सके।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही इस पूरे मामले में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। फिलहाल इस घटना ने पूरे शहर में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।

  • MP Police Bharti 2026: प्रधान आरक्षक और ASI भर्ती की फिजिकल परीक्षा 7 से 9 जून तक, आधार e-KYC अनिवार्य

    MP Police Bharti 2026: प्रधान आरक्षक और ASI भर्ती की फिजिकल परीक्षा 7 से 9 जून तक, आधार e-KYC अनिवार्य

    भोपाल । भोपाल में मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती 2026 के तहत प्रधान आरक्षक कंप्यूटर और सहायक उप निरीक्षक कंप्यूटर के कुल 89 पदों पर भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण की घोषणा कर दी गई है। चयनित उम्मीदवारों की शारीरिक दक्षता परीक्षा 7 से 9 जून तक आयोजित की जाएगी।

    यह फिजिकल टेस्ट भोपाल के लाल परेड ग्राउंड और जबलपुर के परेड ग्राउंड तथा 6वीं वाहिनी विसबल रांझी में संपन्न होगा। इस चरण में अभ्यर्थियों की 800 मीटर दौड़ सहित शारीरिक दक्षता से जुड़े अन्य परीक्षण किए जाएंगे। इसके साथ ही दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।

    सहायक पुलिस महानिरीक्षक चयन एवं भर्ती गोपाल सिंह धाकड़ ने जानकारी दी कि ऑनलाइन परीक्षा के बाद अगले चरण के लिए सूचना पत्र जारी कर दिए गए हैं। उम्मीदवार मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट से अपना सूचना पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी अभ्यर्थियों को तय तारीख और स्थान पर ही उपस्थित होना अनिवार्य होगा और इसमें किसी प्रकार का बदलाव संभव नहीं है।

    भर्ती प्रक्रिया के दौरान आधार e-KYC का सत्यापन भी अनिवार्य किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सभी उम्मीदवारों को अपना आधार कार्ड साथ लाना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका आधार नंबर लॉक न हो। इसके बिना सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा दस्तावेज परीक्षण के लिए अभ्यर्थियों को अपने सभी मूल प्रमाण पत्र और उनकी स्वयं प्रमाणित छायाप्रति साथ लाना जरूरी होगा।

    गौरतलब है कि इस भर्ती के लिए परीक्षा 24 और 25 मार्च 2026 को आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम 8 मई 2026 को मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट www.esb.mp.gov.in पर जारी किया जा चुका है। अब चयनित उम्मीदवार शारीरिक दक्षता परीक्षा के अगले चरण में शामिल होंगे, जो अंतिम चयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • MP: भोपाल में IPS अधिकारी की नाबालिग बेटी की लगाई फांसी…. जांच में जुटी पुलिस

    MP: भोपाल में IPS अधिकारी की नाबालिग बेटी की लगाई फांसी…. जांच में जुटी पुलिस


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) के पॉश और हाई-प्रोफाइल इलाके ‘चार इमली (High-profile area ‘Char Imli’)’ में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक वरिष्ठ IPS अधिकारी की नाबालिग बेटी (Minor Daughter) ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतका की उम्र 17 वर्ष थी और वह 11वीं कक्षा की पढ़ाई पूरी कर इस साल 12वीं में पहुंची थी।

    जानकारी के मुताबिक मृतका अपने परिवार के साथ चार इमली स्थित सरकारी आवास में रहती थी. घटना के समय परिवार के सदस्य घर में ही मौजूद थे. इसी दौरान छात्रा अपने कमरे में गई और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

    हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे ने बताया कि फिलहाल मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है. हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है. छात्रा के मोबाइल फोन की जांच की जा रही है. इसके अलावा उसके दोस्तों, परिचितों और संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है. यह पता लगाया जा सके कि छात्रा किसी मानसिक तनाव या अन्य परेशानी से गुजर रही थी या नहीं।

    पुलिस क पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
    पुलिस ने बताया कि घटना के बाद से ही परिवार गहरे सदमे में है. इसके बावजूद, पुलिस हर पहलू को स्पष्ट करने के लिए परिवार के सदस्यों, घरेलू सहायकों और मृतका के करीबी दोस्तों से पूछताछ कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही समय और स्थिति को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी. फिलहाल जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • भोपाल से स्विट्जरलैंड तक पहुंची फ्लेवर्ड आइस्ड टी, एमएसएमई की वैश्विक पहचान पर सरकार ने जताई खुशी

    भोपाल से स्विट्जरलैंड तक पहुंची फ्लेवर्ड आइस्ड टी, एमएसएमई की वैश्विक पहचान पर सरकार ने जताई खुशी

    मध्य प्रदेश /भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जहां मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal से तैयार की गई फ्लेवर्ड आइस्ड टी प्रीमिक्स की पहली खेप यूरोप के प्रमुख देश Switzerland के लिए निर्यात की गई है। यह कदम न केवल भारतीय उत्पादों की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है, बल्कि देश के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की गुणवत्ता और नवाचार क्षमता को भी मजबूत करता है। इस उपलब्धि को लेकर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा है कि भारतीय एमएसएमई अब वैश्विक मानकों पर अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं और लगातार नए बाजारों में अपनी जगह बना रहे हैं।

    सरकारी सूत्रों के अनुसार यह निर्यात कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के सहयोग से संभव हुआ है, जिसने मध्य प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है। इस पहल को भारत के निर्यात आधारित विकास मॉडल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो न केवल उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाता है बल्कि छोटे और मध्यम उद्योगों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने में भी मदद करता है।

    इस अवसर पर यह भी बताया गया कि पिछले एक दशक में भारत के चाय निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे देश के पारंपरिक उत्पादों की वैश्विक मांग और स्वीकार्यता में लगातार बढ़ोतरी हुई है। सरकार का मानना है कि भारतीय चाय और उससे जुड़े उत्पादों ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी अलग पहचान बनाई है, जिसका श्रेय बेहतर गुणवत्ता, विविधता और निरंतर सुधार को जाता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार फ्लेवर्ड आइस्ड टी जैसे मूल्य संवर्धित उत्पाद भारत के निर्यात क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोल रहे हैं। इससे न केवल किसानों और छोटे उत्पादकों को लाभ मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यह कदम “मेक इन इंडिया” और “वोकल फॉर लोकल” जैसे अभियानों को भी मजबूती देता है, जिनका उद्देश्य घरेलू उत्पादन को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।

    आने वाले समय में ऐसे और उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जिससे भारत की खाद्य प्रसंस्करण क्षमता और निर्यात हिस्सेदारी दोनों में बढ़ोतरी हो सकती है। यह उपलब्धि देश के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है, जो यह दर्शाती है कि भारतीय उत्पाद अब केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वैश्विक उपभोक्ताओं की पसंद भी बन रहे हैं।

  • सुरक्षा के कड़े इंतजाम: भोपाल की प्रमुख मस्जिदों पर पुलिस की विशेष निगरानी

    सुरक्षा के कड़े इंतजाम: भोपाल की प्रमुख मस्जिदों पर पुलिस की विशेष निगरानी


    नई दिल्ली । भोपाल में आज जुमे की नमाज को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शहर के संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों में सुबह से ही अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। प्रमुख मस्जिदों के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस लगातार निगरानी रख रही है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

    यह कदम हाल ही में सामने आए कुछ घटनाक्रमों और बढ़े हुए तनाव को देखते हुए उठाया गया है। प्रशासन के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस ने साफ किया है कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    शहर के विभिन्न समुदायों के धार्मिक नेताओं ने भी शांति बनाए रखने की अपील की है। शहर काजी ने लोगों से संयम रखने और किसी के बहकावे में न आने की बात कही है, जबकि पुलिस कमिश्नर ने भी नागरिकों से शहर में अमन-चैन बनाए रखने का आग्रह किया है।

    प्रमुख मस्जिदों जैसे ताजुल मसाजिद, मोती मस्जिद, जामा मस्जिद, पीरगेट और पुराने भोपाल की अन्य मस्जिदों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने बैरिकेडिंग भी की है और भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त बल लगाया गया है।

    नमाज का समय दोपहर के आसपास निर्धारित है, जिसके दौरान पुलिस विशेष रूप से सतर्क रहेगी। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शहर में शांति बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

  • छात्रा और अस्पताल अटेंडर ने की आत्महत्या, कारणों की तलाश में जुटी पुलिस

    छात्रा और अस्पताल अटेंडर ने की आत्महत्या, कारणों की तलाश में जुटी पुलिस


    नई दिल्ली । अशोका गार्डन थाना क्षेत्र की ग्रीन पार्क कॉलोनी में 19 वर्षीय ख्याति जैन, जो बीए की छात्रा थी, ने आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि जब उसकी मां किसी काम से बाहर गई हुई थी, उसी दौरान उसने यह कदम उठाया।
    ब्लेड से काटी नस
    छात्रा ने ब्लेड से अपने हाथ की नस काट ली, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
    पुलिस जांच शुरू
    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। कमरे की तलाशी में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर जांच शुरू कर दी है।

    खजूरी सड़क में अस्पताल अटेंडर ने लगाई फांसी
    23 वर्षीय युवक ने दी जान
    खजूरी सड़क थाना क्षेत्र के भैंसाखेड़ी में 23 वर्षीय राकेश मेहरा, जो एक अस्पताल में अटेंडर के रूप में कार्यरत था, ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

    घर में मिला शव
    पुलिस के अनुसार, राकेश ने सोमवार सुबह अपने घर में फांसी लगाई। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
    कारण अज्ञात
    मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।

    पुलिस की जांच जारी, कारणों की तलाश
    दोनों ही मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। परिजनों के बयान और मोबाइल डेटा की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

    भोपाल में सामने आई ये दोनों घटनाएं मानसिक तनाव और सामाजिक परिस्थितियों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक कारण सामने आ सकेंगे।

  • MP: भोपाल में पुलिस ने अपने ही विभाग के कांस्टेबल और एक FRV ड्राइवर को रिश्वत लेते दबोचा

    MP: भोपाल में पुलिस ने अपने ही विभाग के कांस्टेबल और एक FRV ड्राइवर को रिश्वत लेते दबोचा


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक दुर्लभ मामला सामने आया है, जिसमें आरोपी और कार्रवाई करने वाली टीम, दोनों एक ही विभाग के हैं. पुलिस विभाग (Police Department.) के भीतर ही चले इस ‘क्लीनअप ऑपरेशन’ (‘Cleanup Operation’) में एक कांस्टेबल और एक FRV ड्राइवर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

    पूरा मामला एक मकान मालिक और किरायेदार के बीच चल रहे आपसी विवाद से शुरू हुआ था. आरोप है कि जब फरियादी किरायेदार मदद के लिए पुलिस के पास पहुंचा, तो कोहेफिजा थाने में तैनात कांस्टेबल यशपाल तोमर ने उसके पक्ष में कार्रवाई करने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की।


    कमिश्नर तक पहुंची बात

    किरायेदार ने इस भ्रष्टाचार की शिकायत सीधे पुलिस कमिश्नर से कर दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर ने तत्काल जांच और कार्रवाई के आदेश दिए. कमिश्नर के निर्देश पर एसीपी अनिल वाजपेयी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया: जैसे ही कांस्टेबल और एफआरवी ड्राइवर ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, एसीपी की टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।


    कोहेफिजा थाना अब जांच के दायरे में

    इस घटना ने पूरे थाने की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. कमिश्नर के सख्त रुख के बाद अब कोहेफिजा थाने के अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. यह देखा जा रहा है कि क्या इस वसूली रैकेट में अन्य सीनियर या जूनियर अधिकारी भी शामिल थे।

  • MP: भोपाल के होटल में हिंदू युवती के साथ पकड़ाया मुस्लिम युवक, हिंदू संगठनों ने जमकर पीटा, गोबर पोता

    MP: भोपाल के होटल में हिंदू युवती के साथ पकड़ाया मुस्लिम युवक, हिंदू संगठनों ने जमकर पीटा, गोबर पोता


    भोपाल।
    भोपाल (Bhopal) में एक बार फिर हिंदू युवती (Hindu girl) और मुस्लिम युवक (Muslim youth) को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. मामला गोविंदपुरा थाना क्षेत्र (Govindpura police station area.) के गौतम नगर (Gautam Nagar) स्थित प्राईड इन होटल का है, जहां हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने एक हिंदू युवती और मुस्लिम युवक को होटल के कमरे में पकड़ लिया. इसके बाद मौके पर जमकर हंगामा हुआ और युवक के साथ मारपीट की गई. घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


    युवक की पिटाई के बाद लगाया गोबर और पोती स्याही

    जानकारी के मुताबिक हिंदू संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि होटल में एक हिंदू युवती और मुस्लिम युवक ठहरे हुए हैं. इसके बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता होटल पहुंच गए. आरोप है कि कार्यकर्ता सीधे युवक-युवती के कमरे तक पहुंचे और दोनों को बाहर निकालकर सड़क पर ले आए. इस दौरान युवक के साथ लात-घूंसों से मारपीट की गई. इतना ही नहीं, युवक को अर्धनग्न कर उसके चेहरे पर गोबर और स्याही भी पोती गई. मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा.

    घटना की सूचना मिलते ही गोविंदपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस युवक और युवती को थाने लेकर पहुंची, जहां दोनों से पूछताछ की गई. हालांकि काफी देर तक चले घटनाक्रम के बाद भी किसी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।


    एक दूसरे को पहले से जानते थे युवक-युवती

    पुलिस के अनुसार युवक की पहचान आरिफ खान के रूप में हुई है. पुलिस का कहना है कि आरिफ के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज रह चुके हैं. उस पर अड़ीबाजी, ब्लैकमेलिंग और मोबाइल चोरी जैसे आरोप लग चुके हैं. वहीं युवती भोपाल के अयोध्या नगर इलाके की रहने वाली बताई जा रही है. पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे और पहले भी रिलेशनशिप में रह चुके हैं।

    मामले को लेकर थाना प्रभारी अवधेश सिंह तोमर ने बताया कि पुलिस ने सभी पक्षों को समझाइश देकर छोड़ दिया है. किसी भी पक्ष ने कोई मामला दर्ज नहीं कराया है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने सभी लोगों को चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसा कोई कार्य न करें, जिससे सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था प्रभावित हो।

  • MP: कोचिंग संचालिका को दिल्ली से भोपाल बुलाया…. बंधक बनाकर लूटे 1.89 करोड़, मास्टरमाइंड समेत 6 गिरफ्तार

    MP: कोचिंग संचालिका को दिल्ली से भोपाल बुलाया…. बंधक बनाकर लूटे 1.89 करोड़, मास्टरमाइंड समेत 6 गिरफ्तार


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में क्राइम ब्रांच (Crime Branch) ने IAS अकैडमी की डायरेक्टर (Director of IAS Academy) से 1.89 करोड़ रुपए की संगठित लूट के मामले का खुलासा करते हुए मास्टरमाइंड (Mastermind.) समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने सेमिनार और नए सेंटर खोलने का झांसा देकर डायरेक्टर को दिल्ली से भोपाल बुलाया और फिर हथियारों के दम पर बंधक बनाकर रकम ट्रांसफर कराई।

    क्राइम ब्रांच के मुताबिक, मुख्य आरोपी प्रियांक शर्मा जो कि अकैडमी का पूर्व छात्र है, उसने पूरी साजिश रची. उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़िता शुभ्रा रंजन को एक अज्ञात स्थान पर ले जाकर पिस्टल और कट्टे की नोक पर डराया-धमकाया और 1.89 करोड़ रुपए अपनी सोसायटी ‘जनकशिला’ और ‘आरएस इंटरप्राइजेस’ के खातों में ट्रांसफर करवा ली।


    फाइव स्टार होटल में ठहरी थीं शुभ्रा

    घटना सामने आते ही क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की और चंद घंटों के भीतर पूरी राशि को बैंक खातों में होल्ड करा दिया. पुलिस का कहना है कि रिफंड की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही पूरी रकम पीड़िता को वापस मिल जाएगी. शुभ्रा दिल्ली से आकर भदभदा के पास बने एक फाइव स्टार होटल में ठहरी थीं. वहीं से आरोपी प्रियांक शर्मा उन्हें अपने साथ फ्रेंचायसी के लिए जगह दिखाने के नाम पर बागसेवनिया ले गया और यहां स्थित एक फ्लैट में दो दिन तक बंधक बनाकर रखा. इस दौरान उनके खाते से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए गए।


    बंधक बनाकर बनाया फर्जी वीडियो

    आरोपियों ने पीड़िता को डराने के लिए अपने ही एक साथी के अपहरण का फर्जी वीडियो बनाया, ताकि वह पुलिस में शिकायत न करे और भविष्य में भी पैसे देती रहे. चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपियों ने वारदात से एक दिन पहले ही किराए का मकान लिया और उसी दिन सुंदरकांड का आयोजन कराया, ताकि शोर-शराबे में पीड़ितों की चीख-पुकार बाहर न जा सके.


    बाहर से बुलाए गए हथियारबंद बदमाश

    वारदात को अंजाम देने के लिए दतिया और रीवा से बदमाश बुलाए गए थे, जिन्होंने हथियारों के दम पर पूरी घटना को अंजाम दिया. घटना के बाद आरोपी प्रियांक शर्मा ने बीमारी का झूठा बहाना बनाकर खुद को एम्स अस्पताल के ICU में भर्ती करा लिया, ताकि पुलिस से बच सके. हालांकि पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान आरोपी की मां और पत्नी ने अस्पताल में हंगामा भी किया।


    विदेश भागने की थी तैयारी

    जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपी विदेश फरार होने की तैयारी में था. फिलहाल उसकी पत्नी की भूमिका की भी जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस ने मास्टरमाइंड प्रियांक शर्मा समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

  • भोपाल में ठेका और आउटसोर्स कर्मचारियों का प्रदर्शन, न्यूनतम वेतन बढ़ाने की उठाई मांग, निकाली रैली

    भोपाल में ठेका और आउटसोर्स कर्मचारियों का प्रदर्शन, न्यूनतम वेतन बढ़ाने की उठाई मांग, निकाली रैली


    भोपाल । राजधानी भोपाल में ठेका, अस्थायी और आउटसोर्स कर्मचारियों ने गुरुवार को अपने वेतन और नौकरी की स्थिति को लेकर जोरदार आंदोलन किया। बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने नीलम पार्क क्षेत्र में रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और पार्क में धरना देते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग के साथ सांकेतिक सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी भी दी है।

    कर्मचारियों का कहना है कि राज्य सरकार ने न्यूनतम मजदूरी 12,425 रुपए से बढ़ाकर 16,769 रुपए प्रतिमाह तय की है, लेकिन यह उनके लिए पर्याप्त नहीं है। उनका तर्क है कि न्यूनतम वेतन कम से कम 26,000 रुपए प्रतिमाह होना चाहिए। साथ ही उनका आरोप है कि केंद्र सरकार के मानकों के बावजूद राज्य के कई विभागों में मजदूरों से 3 से 5 हजार रुपए प्रतिमाह पर काम कराया जा रहा है, जिससे असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

    कई विभागों में बेहद कम वेतन देने का आरोप

    प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि अलग-अलग विभागों में कार्यरत श्रमिकों को निर्धारित न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्रों, पावर प्लांट और सीमेंट उद्योगों में भी ठेका श्रमिकों को पूरी मजदूरी नहीं मिलने की बात कही गई है।

    कर्मचारियों के अनुसार स्कूलों, छात्रावासों और आयुष विभाग के अंशकालीन कर्मियों को 4 से 5 हजार रुपए मिलते हैं। ग्राम पंचायतों में चौकीदार, पंप ऑपरेटर और सफाईकर्मियों को 3 से 4 हजार रुपए, स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्स कर्मियों को 7 से 8 हजार रुपए, राजस्व विभाग के लोक यूथ सर्वेयरों को करीब 1 हजार रुपए, मध्यान्ह भोजन कार्यकर्ताओं को लगभग 4 हजार रुपए और मनरेगा मेट श्रमिकों को 2 हजार रुपए से भी कम भुगतान किया जाता है।

    सरकार से स्थायी समाधान और वेतन गारंटी की मांग

    अस्थायी और आउटसोर्स कर्मचारी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने बताया कि अब तक 50 हजार से अधिक आवेदन सरकार को दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी सरकार की योजनाओं को जमीन पर लागू करने में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन खुद ही न्यूनतम वेतन और स्थायी नौकरी से वंचित हैं। कर्मचारियों ने सरकार से न्यूनतम वेतन की गारंटी देने, इसे बढ़ाकर 26 हजार रुपए करने और आउटसोर्स व्यवस्था की समीक्षा कर स्थायी रोजगार देने की मांग की है।