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  • भोपाल: प्रोस्टेट बीमारी में इमामत नहीं कर सकते, फतवे में कहा – पेशाब टपकने जैसी बीमारी हो तो खुद पढ़े, लोगों को पढ़ाएं नहीं

    भोपाल: प्रोस्टेट बीमारी में इमामत नहीं कर सकते, फतवे में कहा – पेशाब टपकने जैसी बीमारी हो तो खुद पढ़े, लोगों को पढ़ाएं नहीं



    भोपाल। राजधानी भोपाल में जामे एहतमाम मसाजिद कमेटी के दारुल इफ्ता द्वारा जारी फतवा सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद का विषय बन गया है। फतवा प्रोस्टेट की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति की इमामत (नमाज पढ़ाने) क्षमता पर केंद्रित है।दस्तावेज में कहा गया है कि जिस व्यक्ति को लगातार पेशाब टपकने जैसी बीमारी हो, उसे शरियत में ‘माजूर’ माना जाता है।

    ऐसी स्थिति में वह व्यक्ति खुद नमाज पढ़ सकता है, लेकिन इमाम बनकर लोगों को नमाज नहीं पढ़ा सकता।यदि कोई व्यक्ति ऐसे इमाम के पीछे फर्ज़ नमाज पढ़ ले, तो उसे दोबारा पढ़ने की जरूरत नहीं।

    जरूरी जानकारी

    फतवा 9 मार्च 2026 को नायब मुफ़्ती सैयद अहमद खान कासमी की ओर से जारी किया गया।मुफ़्ती-ए-शहर भोपाल की मुहर भी लगी है।सवाल भोपाल के पीरगेट निवासी सहेल अली ने पूछा था।पूरे दस्तावेज में भोपाल के वर्तमान शहर काज़ी का नाम नहीं है।बावजूद इसके, सोशल मीडिया पर इसे सीधे शहर काजी से जोड़कर वायरल किया गया, जिससे भ्रम फैल गया।

    धार्मिक जानकारों की राय:

    इस तरह के फतवे आमतौर पर शरई नियम स्पष्ट करने के लिए दिए जाते हैं।यह जरूरी नहीं कि फतवा किसी खास व्यक्ति के खिलाफ हो।

    आगामी कदम:

    ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने फतवे को लेकर अहम बैठक बुलाई है।बैठक में मुस्लिम धर्म गुरु और संगठनों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।समिति के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि बैठक में शहर काजी की बीमारी और नमाज को लेकर फतवा पर चर्चा होगी।

    विशेष टिप्पणी:

    यह फतवा केवल धार्मिक नियम स्पष्ट करने के लिए जारी किया गया है।

    सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले दावे भ्रम पैदा कर सकते हैं, इसलिए सटीक दस्तावेज देखें।

  • डॉक्टर भी रह गए दंग: शादी के 2 साल बाद पत्नी में पाया गया XY क्रोमोसोम, पति ने दिखाई मिसाल!

    डॉक्टर भी रह गए दंग: शादी के 2 साल बाद पत्नी में पाया गया XY क्रोमोसोम, पति ने दिखाई मिसाल!



    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी में रहने वाले एक डिफेंस अधिकारी और उनकी पत्नी की साल 2023 में हुई अरेंज मैरिज सामान्य और खुशहाल चल रही थी। दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य और खुशहाल था, लेकिन शादी के दो साल बाद भी संतान न होने पर जब दंपती ने इलाज शुरू कराया, तो एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई।

    जांच में पता चला कि महिला के शरीर में सामान्य महिलाओं की तरह XX क्रोमोसोम नहीं, बल्कि पुरुषों वाले XY क्रोमोसोम मौजूद थे। बाहरी रूप से महिला पूरी तरह सामान्य दिखाई देती थीं, लेकिन शरीर के अंदर ओवरी की जगह अविकसित अंडकोष पाए गए। यह जानकारी सुनकर दंपती गहरे सदमे में आ गए।

    इस स्थिति का समाधान कराने के लिए दंपती ने एम्स भोपाल का रुख किया। यहां विशेषज्ञों की मल्टीडिसिप्लिनरी टीम ने दो चरणों में सर्जरी कर समस्या का समाधान किया। पहले चरण में माइक्रो प्लास्टिक सर्जरी तकनीक का उपयोग करके विकसित छोटे पुरुष अंग को हटाया गया। दूसरे चरण में पेट के अंदर अविकसित अंडकोष को निकाल दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया में पति ने पत्नी का पूरा सहयोग किया और हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया।

    एम्स के डॉक्टरों ने बताया कि इस स्थिति में दंपती के लिए प्राकृतिक रूप से संतान होना संभव नहीं है। पति ने अपने निर्णय में स्पष्टता दिखाई और कहा कि वे पत्नी के साथ जीवनभर निभाएंगे। भविष्य में दंपती ने बच्चा गोद लेने का विकल्प चुना है।

    एम्स भोपाल के बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग में इस तरह के मामले हर महीने 10 से 12 मरीजों की सर्जरी होती है। यहां ट्रांसजेंडर क्लीनिक में रोगियों की विस्तृत जांच, सर्जरी और काउंसलिंग की जाती है। डॉक्टरों के अनुसार सही समय पर जांच और सामाजिक समर्थन मिलने से मरीज सम्मानजनक और सामान्य जीवन जी सकते हैं।

    यह घटना न केवल चिकित्सा जगत के लिए अनोखी है, बल्कि यह रिश्तों, समझदारी और संवेदनशीलता का भी प्रेरणादायक उदाहरण है। डिफेंस अधिकारी द्वारा पत्नी का हर परिस्थिति में साथ निभाना दर्शाता है कि सच्चा साथी वही है जो हर कठिन समय में मजबूती और प्रेम के साथ खड़ा रहे।

  • MP में LPG का बड़ा संकट: होटलों के चूल्हे ठंडे, घरों में 8 घंटे की कतार, प्रशासन अलर्ट पर

    MP में LPG का बड़ा संकट: होटलों के चूल्हे ठंडे, घरों में 8 घंटे की कतार, प्रशासन अलर्ट पर



    भोपाल। मध्य प्रदेश में रसोई गैस (LPG) संकट ने आम नागरिक और व्यवसाय दोनों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से मिली रिपोर्टों के मुताबिक, घरेलू गैस की कमी ने लोगों को धूप में घंटों कतार में खड़ा कर दिया है, वहीं कॉमर्शियल सिलेंडर न मिलने से होटलों और रेस्तरां के चूल्हे ठंडे पड़े हैं। राजधानी भोपाल के जहांगीराबाद और बोगदा पुल इलाकों में स्थिति गंभीर है। स्थानीय निवासी शीबा खान के अनुसार, उनके पास 13 मार्च को डिलीवरी का मैसेज तो आया, लेकिन सिलेंडर घर नहीं पहुंचा, जिससे उन्हें अब रिश्तेदारों के यहां खाना बनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं मोहम्मद रियाज ने तीन दिन गैस न मिलने के बाद नया इंडक्शन चूल्हा खरीदा, ताकि परिवार भूखा न रहे।

    कॉमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत ने प्रदेश के होटल और रेस्तरां उद्योग को भी प्रभावित किया है। पिछले छह दिनों में 50,000 से ज्यादा होटलों और छोटे रेस्टॉरेंट्स को सिलेंडर नहीं मिले हैं। भोपाल और इंदौर के कई होटलों ने मेन्यू छोटा कर दिया है, जबकि कई रेहड़ियां और स्ट्रीट फूड ठेले पूरी तरह बंद हो गए हैं। इससे दैनिक मजदूरी पर निर्भर दुकानदारों की आमदनी भी प्रभावित हो रही है।

    हालांकि ग्वालियर और उज्जैन में प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए हैं। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने दावा किया कि जिले में स्टॉक की कोई कमी नहीं है और खाद्य विभाग की टीमें लगातार चेकिंग कर रही हैं। अफवाहों को रोकने के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। उज्जैन में रविवार की छुट्टी के बावजूद महाकाल गैस एजेंसी खोलकर घरेलू गैस की सप्लाई जारी रखी गई। एजेंसी संचालक भगवान दास एरन ने बताया कि घरेलू सिलेंडर की निरंतर सप्लाई की जा रही है, हालांकि कॉमर्शियल सिलेंडरों के लिए नए आदेशों का इंतजार किया जा रहा है।

    इंदौर में स्थिति थोड़ी मिश्रित रही। प्रशासन के निर्देश पर रविवार को खुली एजेंसियों में उपभोक्ताओं ने बुकिंग कराने में कोई परेशानी नहीं बताई, लेकिन सप्लाई में देरी के कारण डिलीवरी 7-8 दिन में मिलने का आश्वासन दिया गया। वहीं कुछ उपभोक्ताओं ने KYC प्रक्रिया और गैस पाइप (नली) खरीदने का दबाव भी अनुभव किया।

    इस संकट ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में LPG की आपूर्ति और वितरण में प्रशासनिक और लॉजिस्टिक चुनौतियां हैं। घरों में खाना बनाने वाले आम नागरिक और व्यवसायिक स्तर पर रेस्तरां चलाने वाले दोनों ही इस संकट से प्रभावित हैं। ग्वालियर, उज्जैन और इंदौर में प्रशासन की सक्रियता के बावजूद राजधानी भोपाल सहित कई इलाकों में जनता को गैस के लिए लंबी कतारों और देरी का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं की मांग है कि राज्य सरकार और गैस एजेंसियां जल्द से जल्द सप्लाई और वितरण सुचारू करें ताकि रोजमर्रा के काम और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित न हों।

  • भोपाल में निगम की सख्ती: कल्पना नगर कम्यूनिटी हॉल से हटाया अवैध कब्जा, मदरसा संचालिका के खिलाफ कार्रवाई

    भोपाल में निगम की सख्ती: कल्पना नगर कम्यूनिटी हॉल से हटाया अवैध कब्जा, मदरसा संचालिका के खिलाफ कार्रवाई



    नई दिल्ली। भोपाल नगर निगम ने कल्पना नगर स्थित कम्यूनिटी हॉल को लंबे समय से चल रहे अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। निगम को कॉलोनीवासियों द्वारा सूचना मिली थी कि इस भवन में अवैध रूप से मदरसा संचालित किया जा रहा है। शिकायत के बाद नगर निगम के जोन 15 के अमले और अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए वार्ड 64 में स्थित कम्यूनिटी हॉल को खाली कराया।

    निगम अधिकारियों के अनुसार, कम्यूनिटी हॉल में मदरसा संचालित होने की जानकारी मिलने पर जोनल अधिकारी ठाकुर सिंह ने संचालिका रूशदा सुल्तान को पहले नोटिस जारी किया था। नोटिस के बावजूद मदरसा संचालिका ने भवन खाली नहीं किया, जिसके बाद बुधवार को निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाया और कम्यूनिटी हॉल को कब्जे से मुक्त करवा दिया।

    नगर निगम की इस कार्रवाई से कॉलोनीवासियों ने राहत की सांस ली है। अधिकारियों का कहना है कि निगम ऐसे मामलों में किसी प्रकार की ढील नहीं देगा और शहर में किसी भी सरकारी या सार्वजनिक भवन पर अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    निगम की यह कार्रवाई न केवल अवैध कब्जों को समाप्त करने के लिए बल्कि सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण और कानूनी नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भविष्य में भी निगम ऐसे मामलों पर सतर्कता बनाए रखेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।

    इस कार्रवाई से यह संदेश गया कि भोपाल नगर निगम शहर में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।

  • भोपाल में निगम की सख्त कार्रवाई: कल्पना नगर कम्यूनिटी हॉल से हटाया अवैध कब्जा, मदरसा संचालन की शिकायत पर भवन कराया खाली

    भोपाल में निगम की सख्त कार्रवाई: कल्पना नगर कम्यूनिटी हॉल से हटाया अवैध कब्जा, मदरसा संचालन की शिकायत पर भवन कराया खाली


    भोपाल। भोपाल नगर निगम ने शहर में अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कल्पना नगर स्थित एक कम्यूनिटी हॉल को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई कॉलोनीवासियों की शिकायत के बाद की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि सामुदायिक उपयोग के लिए बने इस भवन पर कब्जा कर वहां मदरसे का संचालन किया जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार यह मामला वार्ड क्रमांक 64 के कल्पना नगर इलाके का है, जहां लंबे समय से कम्यूनिटी हॉल में निजी गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें सामने आ रही थीं। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम को लिखित शिकायत देकर बताया था कि जिस भवन का उपयोग क्षेत्र के सामाजिक कार्यक्रमों और सामुदायिक गतिविधियों के लिए होना चाहिए, वहां अवैध रूप से मदरसा चलाया जा रहा है, जिससे कॉलोनीवासियों को असुविधा हो रही है।

    शिकायत मिलने के बाद नगर निगम के जोन क्रमांक 15 के अधिकारियों ने मामले की जांच कराई। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद संबंधित संचालिका को भवन खाली करने के लिए नोटिस जारी किया गया था। जोनल अधिकारी ठाकुर सिंह की ओर से संचालिका रूशदा सुल्तान को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि कम्यूनिटी हॉल से तत्काल सामान हटाकर भवन खाली कर दिया जाए।

    हालांकि तय समय सीमा बीतने के बाद भी जब भवन खाली नहीं किया गया तो निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। बुधवार को अतिक्रमण निरोधक दस्ते और जोन क्रमांक 15 के अमले ने संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। टीम ने कम्यूनिटी हॉल में रखा सामान हटवाया और भवन को पूरी तरह खाली कराकर नगर निगम के कब्जे में ले लिया।

    कार्रवाई के दौरान निगम अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि शहर में किसी भी सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सामुदायिक भवनों का उपयोग केवल सार्वजनिक और सामाजिक कार्यों के लिए ही किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति या संस्था इन भवनों का निजी उपयोग करती पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर में सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जों की लगातार निगरानी की जा रही है और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। निगम ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ऐसे अन्य मामलों की भी जांच कर सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि सामुदायिक भवनों का उपयोग उनके वास्तविक उद्देश्य के अनुसार ही हो सके।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्रपति संभाजी महाराज के बलिदान दिवस पर किया पुण्य स्मरण

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्रपति संभाजी महाराज के बलिदान दिवस पर किया पुण्य स्मरण


    भोपाल । भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्रपति संभाजी महाराज के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनका पुण्य स्मरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज ने धर्म और देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी और उनका शौर्य एवं पराक्रम आज भी सभी देशवासियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।

    डॉ. यादव ने जोर देते हुए कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज की गौरव गाथा सदैव भारतीय इतिहास और मराठा गौरव का प्रतीक बनी रहेगी। उन्होंने युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि वे महाराज के साहस, बलिदान और निस्वार्थ सेवा के आदर्शों को अपनाएं और देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करें।

    मुख्यमंत्री के इस स्मरण कार्यक्रम में अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया और महाराज के सम्मान में पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर प्रदेश में शौर्य और वीरता की भावना को जागरूक रखने पर जोर दिया गया।

  • भोपाल में माइनिंग कारोबारी दिलीप गुप्ता के ठिकानों पर आयकर विभाग का छापा

    भोपाल में माइनिंग कारोबारी दिलीप गुप्ता के ठिकानों पर आयकर विभाग का छापा


    भोपाल। राजधानी भोपाल में माइनिंग कारोबारी दिलीप गुप्ता के ठिकानों पर बुधवार सुबह आयकर विभाग (IT Department) की दिल्ली टीम ने छापेमारी की। टीम ने शहर के कई स्थानों पर एक साथ कार्रवाई करते हुए दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच शुरू की।

    कार्रवाई का विवरण
    आयकर अधिकारी कारोबारी से जुड़े कागजात, बैंक लेनदेन और वित्तीय दस्तावेज की पड़ताल कर रहे हैं।टीम आय और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है।मामले में जांच अभी जारी है, और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।इससे पहले आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) भी दिलीप गुप्ता के भोपाल स्थित दो ठिकानों पर छापा मार चुका है।उस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में नकदी, दस्तावेज और महत्वपूर्ण फाइलें जब्त की गई थीं।

    अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई वित्तीय और संपत्ति से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है, और मामले की पूरी जानकारी दस्तावेजों की समीक्षा के बाद सार्वजनिक की जाएगी।

  • भोपाल में कमर्शियल गैस संकट: 2000 होटल-रेस्टोरेंट प्रभावित, घरेलू सिलेंडर अब 25 दिन में एक बार ही बुक होंगे

    भोपाल में कमर्शियल गैस संकट: 2000 होटल-रेस्टोरेंट प्रभावित, घरेलू सिलेंडर अब 25 दिन में एक बार ही बुक होंगे



    भोपाल। मध्य प्रदेश में ईरान-इजराइल युद्ध के असर के चलते एलपीजी सप्लाई संकट गहराने लगा है। मंगलवार को भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने तीनों तेल कंपनियों, फूड अफसर और गैस एजेंसियों के साथ मीटिंग बुलाई, जिसमें कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई रोकने के बाद शहर के 2000 से अधिक होटल और रेस्टोरेंट में संकट की गंभीर स्थिति सामने आई।

    जानकारी के अनुसार, सोमवार से ऑयल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडरों की डिलीवरी रोक दी है। इससे बड़े और छोटे होटल, रेस्टोरेंट और बार में भोजन बनाने और शादियों के आयोजन में परेशानी बढ़ गई है। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स (बीसीसीआई) के अध्यक्ष गोविंद गोयल और मंत्री अजय देवनानी ने कलेक्टर से अपील की कि कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति तुरंत बहाल की जाए, अन्यथा मार्च में होने वाली हजारों शादियों में खाना बनाने में दिक्कतें आएंगी।

    इधर, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग नियमों में बदलाव किया गया है। पहले 15 दिन में बुकिंग होती थी, अब एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही मिलेगा। इसके अलावा, बुकिंग केवल उसी रजिस्टर्ड नंबर पर ही OTP के जरिए हो पाएगी।

    मध्यप्रदेश में कुल सवा करोड़ से ज्यादा एलपीजी उपभोक्ता हैं। राजधानी भोपाल में प्रतिदिन लगभग 15 हजार सिलेंडर सप्लाई होते हैं, वहीं इंदौर में 25 हजार, जबलपुर में 20-25 हजार और ग्वालियर में 20 हजार सिलेंडर रोजाना वितरित किए जाते हैं। छोटे जिलों में भी 2 हजार सिलेंडर प्रतिदिन सप्लाई होते हैं।

    केंद्र सरकार ने गैस की सप्लाई और जमाखोरी रोकने के लिए ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ लागू किया है और एलपीजी को चार कैटेगरी में बांटा गया है:

    पूरी सप्लाई: घरेलू रसोई गैस (PNG) और CNG।

    खाद कारखाने: फैक्ट्रियों को 70% गैस उपलब्ध।

    बड़े उद्योग: आवश्यकतानुसार लगभग 80% गैस।

    छोटे बिजनेस और होटल: पुरानी खपत के हिसाब से 80% गैस।

    सरकार ने संकट से निपटने के लिए पांच अहम कदम उठाए हैं: हाई-लेवल कमेटी गठन, आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू, घरेलू सिलेंडर बुकिंग में बदलाव, OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य, तथा एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश।

    सप्लाई संकट के दो प्रमुख कारण हैं: पहला, फारस की खाड़ी और अरब सागर को जोड़ने वाले 167 किलोमीटर लंबे ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का लगभग बंद होना, जिससे भारत की 50% कच्चा तेल और 54% LNG सप्लाई प्रभावित हुई। दूसरा, कतर के LNG प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद उत्पादन रोक दिया गया। भारत अपनी कुल LNG जरूरत का करीब 40% कतर से आयात करता है।

    इंडियन ऑयल के मुख्य महाप्रबंधक (LPG) के.एम. ठाकुर ने उपभोक्ताओं को पैनिक बुकिंग से बचने की सलाह दी और बताया कि सरकार वैकल्पिक सप्लाई विकल्प तलाश रही है। वहीं, G7 देश और रूस-अल्जीरिया से अतिरिक्त कच्चा तेल आने की उम्मीद है।

    साथ ही सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी की है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर अब ₹913 में मिलेगा, जबकि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम ₹1883 हो गए हैं।

    मध्यप्रदेश के होटल-रेस्टोरेंट संचालक और छोटे व्यवसायों में तनाव बढ़ गया है, क्योंकि कमर्शियल गैस की सप्लाई रोकने से खाना बनाने और व्यापार चलाने में गंभीर दिक्कतें आ रही हैं। सरकार की हाई-लेवल कमेटी और आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू होने के बाद ही हालात में सुधार की उम्मीद है।

  • कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप: होटल रेस्टोरेंट बंद, आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू

    कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप: होटल रेस्टोरेंट बंद, आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू


    नई दिल्ली । देश भर में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप हो गई है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर की गई स्ट्राइक के बाद हॉर्मुज जलमार्ग बंद हो गया है जिससे भारत को गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। कतर जो भारत की LNG की सबसे बड़ी सप्लाई करता है ने प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद उत्पादन रोक दिया है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 40% LNG कतर से ही आयात करता है इसलिए देश में घरेलू और कॉमर्शियल गैस की किल्लत बढ़ गई है।

    दिल्ली मध्य प्रदेश महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे कई राज्यों ने कॉमर्शियल गैस की सप्लाई रोक दी है। इससे कई शहरों में होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की नौबत आ गई है। मुंबई में 20% होटल रेस्टोरेंट पहले ही बंद हो चुके हैं और होटल एसोसिएशन ‘आहार’ ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई बहाल नहीं हुई तो अगले दो दिनों में आधे से अधिक होटल बंद हो सकते हैं। भोपाल में शादी और सीजन के बीच 2 000 से अधिक होटल रेस्टोरेंट संचालन प्रभावित हैं।

    केंद्र सरकार ने जमाखोरी रोकने और आपूर्ति नियंत्रण के लिए देशभर में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू कर दिया है। इसके तहत गैस की सप्लाई चार कैटेगरी में बांटी जाएगी घरेलू रसोई और CNG को पूरी आपूर्ति मिलेगी खाद कारखानों को लगभग 70% बड़े उद्योगों और चाय फैक्ट्रियों को लगभग 80% और छोटे होटल रेस्टोरेंट और कारखानों को भी पुरानी खपत के हिसाब से लगभग 80% गैस मिलेगी।

    उत्तर प्रदेश में बुकिंग के 4 5 दिन बाद भी सिलेंडर डिलीवर नहीं हो रहे हैं। मुंबई पुणे और नागपुर में सप्लाई कटौती के कारण रेस्टोरेंट और शवदाह गृह बंद हुए हैं। राजस्थान में होटल मैरिज गार्डन और रेस्टोरेंट संचालक परेशान हैं। कर्नाटक में भी होटल बंद होने की आशंका के कारण बुजुर्ग छात्र और मरीज प्रभावित हो रहे हैं।

    सरकार ने संकट से निपटने के लिए पांच कदम उठाए हैं हाई लेवल कमेटी बनाना आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू करना LPG बुकिंग नियम बदलना 25 दिन बाद दूसरा सिलेंडर OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य करना और LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश देना। इंडियन ऑयल के के.एम. ठाकुर ने कहा है कि ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है और पैनिक बुकिंग न करें। सरकार वैकल्पिक सप्लाई का भी इंतजाम कर रही है रूस और अल्जीरिया से अतिरिक्त कच्चा तेल आने की संभावना है।

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की बंदी और कतर में LNG उत्पादन ठप होना मुख्य कारण हैं। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। भारत अपनी जरूरत का आधा कच्चा तेल और 54% LNG इसी मार्ग से मंगाता है। सप्लाई संकट के बीच घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत ₹60 बढ़ाकर 913 रुपए कर दी गई है। कॉमर्शियल सिलेंडर 19 किग्रा का 1883 रुपए में मिल रहा है। इससे होटल रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसाय संचालकों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

  • भोपाल में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष राहटकर करेंगी महिलाओं की जनसुनवाई

    भोपाल में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष राहटकर करेंगी महिलाओं की जनसुनवाई


    भोपाल। महिलाओं से जुड़ी शिकायतों और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग सक्रिय हो गया है। इसके तहत आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया राहटकर 11 मार्च 2026 को भोपाल में महिलाओं के साथ जनसुनवाई करेंगी। यह जनसुनवाई दोपहर 1.30 बजे शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई महाविद्यालय पॉलिटेक्निक चौराहा भोपाल में आयोजित की जाएगी।

    इस मौके पर महिलाएं सीधे राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष के समक्ष अपनी समस्याओं और शिकायतों को रख सकेंगी। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं के मामलों का शीघ्र और प्रभावी समाधान हो सके। जिन मुद्दों को सामने रखा जाएगा उनकी जांच और समाधान की कार्रवाई तुरंत शुरू की जाएगी।

    श्रीमती राहटकर ने कहा है कि यह जनसुनवाई महिलाओं के लिए अपने अधिकारों और समस्याओं को सीधे सुनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इसमें घरेलू हिंसा उत्पीड़न नौकरी या शिक्षा से जुड़ी समस्याएँ सुरक्षा और समाज में महिला सम्मान से संबंधित मामले शामिल हो सकते हैं।

    आयोग के अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे और महिलाओं की शिकायतों को दर्ज करेंगे। आयोग का प्रयास रहेगा कि प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और उसकी त्वरित कार्रवाई की जाए।

    इस जनसुनवाई का आयोजन महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उनकी समस्याओं को सीधे शासन और आयोग तक पहुँचाने के लिए किया गया है। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उनके कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    स्थानीय मीडिया और सामाजिक कार्यकर्ता भी इस जनसुनवाई में शामिल होंगे ताकि इसे व्यापक जनजागरूकता के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। आयोग की अध्यक्ष श्रीमती राहटकर का मानना है कि महिलाओं की समस्याओं का समाधान केवल सरकारी प्रयास से ही नहीं बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है।

    जनसुनवाई में उपस्थित महिलाएं सीधे अपने मुद्दे प्रस्तुत कर सकती हैं और आयोग अधिकारियों से मार्गदर्शन भी प्राप्त कर सकती हैं। इससे न केवल तत्काल समस्या का समाधान होगा बल्कि महिलाओं में अपने अधिकारों को समझने और उनका प्रयोग करने की क्षमता भी बढ़ेगी।

    इस तरह की पहल महिलाओं के लिए अपने जीवन और समाज में सम्मानजनक स्थान बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। भोपाल में होने वाली यह जनसुनवाई महिलाओं को अपने मुद्दों को सामने रखने और राष्ट्रीय महिला आयोग से सहायता प्राप्त करने का अवसर देगी।