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  • रोहिणी आचार्य ने दिया बिहार में भाजपा और एनडीए को हराने का फॉर्मूला, सोशल मीडिया पर किया पोस्‍ट

    रोहिणी आचार्य ने दिया बिहार में भाजपा और एनडीए को हराने का फॉर्मूला, सोशल मीडिया पर किया पोस्‍ट


    पटना। बिहार (Bihar) में हाल ही में हुए विधान परिषद (MLC) चुनावों के नतीजों के बाद नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) की बेटी रोहिणी आचार्य (Rohini Acharya) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए भाजपा (BJP) और एनडीए (NDA) को हराने का नया फॉर्मूला पेश किया है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर तेजस्वी यादव और जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर एक साथ आ जाएं, तो बिहार में भाजपा और एनडीए को शून्य पर समेटा जा सकता है।

    रोहिणी ने पोस्ट में लिखा- TJ + PK = BJP/NDA ZERO
    रोहिणी आचार्य ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “बिहार में हुए एमएलसी चुनावों ने बीजेपी/एनडीए को हराने का फॉर्मूला दे दिया है। TJ + PK = BJP/NDA ZERO. राजद और जन सुराज को मिले वोट को अगर जोड़ दिया जाए तो बीजेपी/एनडीए सभी आठ सीटों पर प्रथम चरण में ही हार जाएगी। आगे-आगे देखिए होता है क्या!”

    इस पोस्ट के जरिए रोहिणी ने तेजस्वी यादव (TJ) और प्रशांत किशोर (PK) के बीच संभावित राजनीतिक तालमेल की ओर इशारा किया है। उनके संदेश का मुख्य संकेत विपक्षी वोटों का बंटवारा रोकने और उन्हें एकजुट करने की रणनीति पर है।

    MLC चुनाव के नतीजों से निकाला सियासी गणित
    हाल ही में हुए विधान परिषद चुनावों में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने एक सीट पर जीत दर्ज की, जबकि लालू प्रसाद यादव की राजद को दो सीटें मिलीं। रोहिणी आचार्य का तर्क है कि दोनों दलों को मिले वोटों को जोड़ दिया जाए तो एनडीए के लिए सभी आठ सीटों पर जीत हासिल करना मुश्किल हो सकता है।

    हालांकि, अलग-अलग उम्मीदवारों, क्षेत्रों और चुनावी परिस्थितियों में मिले वोटों को जोड़कर संभावित नतीजों का अनुमान लगाना एक राजनीतिक गणित है। इससे वास्तविक चुनाव में नतीजे की पुष्टि नहीं होती।

    तेजस्वी और प्रशांत किशोर की प्रतिक्रिया का इंतजार
    रोहिणी आचार्य की इस टिप्पणी के बाद बिहार की राजनीति में राजद और जन सुराज के संभावित गठजोड़ को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। उनके बयान को विपक्षी वोटों को एकजुट करने की जरूरत के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

    अब निगाहें तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर पर हैं कि वे रोहिणी आचार्य के इस सुझाव पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। फिलहाल दोनों दलों के बीच किसी संभावित राजनीतिक गठबंधन को लेकर कोई औपचारिक घोषणा सामने नहीं आई है।

  • चक्रवात अर्नब का बिहार के मौसम पर दिखेगा असर, 28 अक्टूबर से बारिश और तेज हवाओं का अनुमान, ऑरेंज अलर्ट जारी

    चक्रवात अर्नब का बिहार के मौसम पर दिखेगा असर, 28 अक्टूबर से बारिश और तेज हवाओं का अनुमान, ऑरेंज अलर्ट जारी


    नई दिल्ली । 
    बंगाल की खाड़ी के ऊपर विकसित हो रहा चक्रवाती तूफान अर्नब बिहार के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इसके असर से 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच राज्य के कई हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान तेज हवाएं चलने, आंधी-तूफान आने और कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। मौसम में बदलाव को देखते हुए 28 और 29 अक्टूबर के लिए अलग-अलग स्तर के अलर्ट जारी किए गए हैं।

    मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात अर्नब के 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि, बिहार में इस तूफान के सीधे पहुंचने या लैंडफॉल होने का अनुमान नहीं है, लेकिन इससे जुड़ी मौसमी गतिविधियां राज्य के कई जिलों में असर डाल सकती हैं। इसके कारण बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।

    बिहार में पूर्वी हवाओं की गति बढ़ने और वातावरण में नमी का स्तर ऊपर जाने के संकेत मिले हैं। इसी बदलाव के कारण आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। उत्तर बिहार के जिलों में मौसम का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक रहने का अनुमान है।

    मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर को कुछ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अगले दिन यानी 29 अक्टूबर को पूरे बिहार के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका भी है। ऐसे मौसम में लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय स्तर पर जारी चेतावनियों पर ध्यान देने की जरूरत होगी।

    हालांकि, 26 और 27 अक्टूबर को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य और शुष्क रहने की संभावना है। पटना, मुजफ्फरपुर सहित कई क्षेत्रों में धूप निकल सकती है। सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक महसूस होने का अनुमान है। इन दो दिनों के दौरान फिलहाल बारिश की संभावना नहीं जताई गई है।

    तापमान की बात करें तो अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। वातावरण में नमी का स्तर 55 से 75 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। मौसम प्रणाली के आगे विकसित होने के साथ नमी में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं।

    संभावित बारिश और तेज हवाओं का असर खेती और आम जनजीवन पर भी पड़ सकता है। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। फलों के पेड़ों पर भी तेज हवाओं का असर हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम से जुड़ी सूचनाओं पर नजर रखें और अपनी फसलों के साथ कृषि उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाएं।

    आंधी-तूफान के दौरान बिजली गिरने से लोगों, पशुओं और संपत्ति को खतरा हो सकता है। अस्थायी ढांचे, टीन की छत वाले घरों और कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। लोगों को पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने तथा बिजली कड़कने पर किसी मजबूत इमारत के भीतर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है।

    बारिश और तेज हवाओं के कारण कुछ जिलों में सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। लोगों और किसानों को मौसम संबंधी आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

  • बिहार में वोटिंग से पहले हाई वोल्टेज ड्रामा…. RJD उम्मीदवार के घर पहुंची पुलिस

    बिहार में वोटिंग से पहले हाई वोल्टेज ड्रामा…. RJD उम्मीदवार के घर पहुंची पुलिस


    पटना।
    बिहार विधान परिषद (Bihar Legislative Council) की 8 सीटों के लिए आज (शुक्रवार 23 अक्टूबर) मतदान (Voting) हो रहा है. इससे पहले पटना में देर रात हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. पटना शिक्षक निर्वाचन सीट (Patna Teachers’ Constituency Seat) से RJD उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार (RJD candidate Dr. Sanjeev Kumar) के घर पुलिस पहुंची. बताया जा रहा है कि पुलिस और प्रशासन को जानकारी मिली थी कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए कुछ लोग RJD उम्मीदवार के घर पहुंचे हैं।

    हालांकि, RJD उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार ने अपने घर का गेट पुलिस के लिए नहीं खोला. इसके बाद देर रात उन्होंने मीडिया से बात की और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।

    इस घटनाक्रम को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी सरकार पर निशाना साधा. तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि आखिर बिना सर्च वारंट के पुलिस RJD उम्मीदवार के घर क्यों पहुंची थी? तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि लालू प्रसाद यादव हों, तेजस्वी यादव हों या RJD के दूसरे नेता, वे डरने वाले नहीं हैं।


    8 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग

    बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए आज सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान हो रहा है. इन सीटों के लिए कुल 933 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. चुनाव में 5,32,847 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. इनमें 3,86,199 पुरुष, 1,46,611 महिला और 37 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं।

    स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की इन 8 सीटों पर कुल 150 प्रत्याशी मैदान में हैं. इनमें स्नातक सीटों पर 90 और शिक्षक सीटों पर 60 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है. पटना में सभी मतदान केंद्रों पर मतदान की तैयारी पूरी कर ली गई थी।

  • बिहार के भोजपुर में सुबह-सुबह सनसनीखेज वारदात, टहलने निकले 72 वर्षीय पूर्व कस्टम सुपरिंटेंडेंट की गोली मारकर हत्या, नकाबपोश हमलावर फरार

    बिहार के भोजपुर में सुबह-सुबह सनसनीखेज वारदात, टहलने निकले 72 वर्षीय पूर्व कस्टम सुपरिंटेंडेंट की गोली मारकर हत्या, नकाबपोश हमलावर फरार

    नई दिल्ली । बिहार के भोजपुर जिले के आरा में गुरुवार सुबह गोलीबारी की घटना से सनसनी फैल गई। जैन कॉलेज के पास कनकपुरी मोहल्ले में बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने 72 वर्षीय पूर्व कस्टम सुपरिंटेंडेंट रामकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
    मृतक रामकुमार सिंह मूल रूप से भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव के निवासी थे। वह लंबे समय से आरा के नवादा थाना क्षेत्र स्थित कनकपुरी मोहल्ले में मकान बनाकर रह रहे थे। सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद वह सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय थे। उनकी हत्या की खबर सामने आने के बाद इलाके में घटना को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
    जानकारी के अनुसार, रामकुमार सिंह गुरुवार सुबह रोजाना की तरह टहलने के लिए अपने घर से निकले थे। वह घर से लगभग डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर पहुंचे ही थे कि पहले से घात लगाए बैठे बाइक सवार नकाबपोश हथियारबंद बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्हें करीब आठ गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल होने के कारण उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
    वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर बाइक से फरार हो गए। सुबह के समय गोलीबारी होने से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों के बीच हलचल बढ़ गई। इसके बाद नवादा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए हत्या से जुड़े तथ्यों का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
    फिलहाल रामकुमार सिंह की हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि हमलावरों ने उन्हें किस कारण निशाना बनाया। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वारदात में शामिल लोग कौन थे और उन्होंने हत्या की योजना कैसे बनाई। आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के संबंध में जांच जारी है।
    इस घटना में सबसे अहम सवाल हत्या की वजह और हमलावरों की पहचान को लेकर है। रामकुमार सिंह सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय थे। ऐसे में पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। हालांकि, अभी तक हत्या के कारण को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
    सुबह टहलने के दौरान हुई इस वारदात ने आरा के कनकपुरी मोहल्ले में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों द्वारा दिन की शुरुआत में ही गोलीबारी कर फरार हो जाना घटना की गंभीरता को दर्शाता है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। फिलहाल यह स्पष्ट होना बाकी है कि रामकुमार सिंह की हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश थी या कोई अन्य कारण। जांच पूरी होने और आरोपियों की पहचान होने के बाद ही वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा हो सकेगा।
  • CEC विवाद पर NDA नेताओं का विपक्ष पर हमला, बोले आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन अराजकता फैलाने की अनुमति किसी को नहीं

    CEC विवाद पर NDA नेताओं का विपक्ष पर हमला, बोले आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन अराजकता फैलाने की अनुमति किसी को नहीं

    नई दिल्ली ।मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) से जुड़े विवाद और विपक्षी गठबंधन इंडिया तथा CJP के विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन करना सभी का अधिकार है, लेकिन इसके नाम पर अराजकता फैलाना उचित नहीं है। नेताओं ने चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने की जरूरत पर भी जोर दिया। इस मुद्दे पर भाजपा, जनता दल यूनाइटेड और बिहार सरकार के नेताओं ने अलग-अलग बयान देते हुए विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाए।

    भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि भारतीय संविधान सभी को आंदोलन करने का अधिकार देता है, लेकिन किसी को भी अराजक स्थिति पैदा करने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि आंदोलन का अर्थ अराजकता नहीं हो सकता। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे किसी के दबाव में न आएं और न ही किसी के बहकावे में आकर कदम उठाएं। तिवारी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं के बाद दो से तीन महीने के भीतर उसने नया राजनीतिक एजेंडा सामने रख दिया और अब चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है। उनके अनुसार, इस तरह के आरोप लोकतंत्र और संविधान को बदनाम करने का प्रयास हैं।

    मृत्युंजय तिवारी ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को लेकर यह आरोप भी लगाया कि कुछ राजनीतिक समूह विदेशी शक्तियों के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष की गतिविधियों और उसके राजनीतिक उद्देश्यों पर सवाल उठाए। उनके बयान में आंदोलन के अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के बीच अंतर पर जोर दिया गया। NDA नेताओं का कहना है कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए और उसके जरिए अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए।

    जनता दल यूनाइटेड के नेता श्याम रजक ने कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन करना गलत नहीं है। यदि किसी व्यक्ति या संगठन को विरोध दर्ज कराना है, तो वह लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी आंदोलन के अधिकार का समर्थन करती है, लेकिन प्रशासन की भी जिम्मेदारी है कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे। रजक के मुताबिक, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को कई तरह के फैसले लेने पड़ते हैं और दिल्ली में उठाए गए कदमों को इसी प्रशासनिक दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।

    राष्ट्रपति के समक्ष इंडिया गठबंधन की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग के बारे में रजक ने कहा कि राष्ट्रपति ने साक्ष्य मांगे हैं और सुप्रीम कोर्ट भी प्रमाणों की अपेक्षा कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास अपने दावों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं और वह बिना प्रमाण के बातें कर रहा है। रजक ने कहा कि केवल आरोप लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें साबित करने के लिए साक्ष्य प्रस्तुत करना जरूरी है। उन्होंने विपक्ष पर जनता को भ्रमित करके सत्ता हासिल करने और परिवारवाद तथा भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। उनके अनुसार, जनता ऐसे राजनीतिक प्रयासों को पहले ही खारिज कर चुकी है।

    बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने राहुल गांधी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने वोट चोरी से जुड़े सबूत जमा करने की बात कही थी। श्रवण कुमार ने कहा कि राहुल गांधी कोई कागज जमा नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी चुनाव से पहले बिहार सहित देश के विभिन्न हिस्सों में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक अभियान चलाते हैं। मंत्री ने कहा कि जहां विपक्ष की सरकार बनती है, वहां वह वोट चोरी का आरोप नहीं लगाता, जबकि बिहार में NDA की सरकार बनने पर ऐसे आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने विपक्ष के इस रुख पर सवाल उठाते हुए चुनाव संबंधी दावों के समर्थन में प्रमाण पेश करने की जरूरत दोहराई। इस तरह CEC विवाद को लेकर NDA और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।

  • बिहार दरोगा मेंस परीक्षा रद्द होने पर पटना में छात्रों का प्रदर्शन, बैरिकेड तोड़े तो पुलिस ने किया लाठीचार्ज

    बिहार दरोगा मेंस परीक्षा रद्द होने पर पटना में छात्रों का प्रदर्शन, बैरिकेड तोड़े तो पुलिस ने किया लाठीचार्ज

    नई दिल्ली ।बिहार में 1799 पदों के लिए होने वाली दरोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा रद्द किए जाने के खिलाफ सोमवार को पटना में अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। अलग-अलग जिलों से पहुंचे अभ्यर्थी गांधी मैदान में एकत्र हुए और वहां से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी जब जेपी गोलंबर के पास पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। छात्रों ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया।

    प्रदर्शन सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे गांधी मैदान से शुरू हुआ। बड़ी संख्या में दरोगा भर्ती के अभ्यर्थी वहां जुटे और जेपी गोलंबर की तरफ मार्च करने लगे। जेपी गोलंबर के पास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ने लगे। इसके बाद पुलिस ने लाठियां भांजकर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, जिससे मौके पर भगदड़ की स्थिति बन गई। प्रशासन की ओर से कहा गया कि इस तरह के प्रदर्शन से आम लोगों और यातायात व्यवस्था पर असर पड़ रहा था।

    अभ्यर्थियों का मुख्य विरोध 1799 पदों के लिए आयोजित मुख्य परीक्षा को रद्द किए जाने को लेकर है। करीब 10 हजार अभ्यर्थियों ने यह मेंस परीक्षा पास की थी। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि कुछ लोगों की शिकायतों के आधार पर बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने पूरी परीक्षा रद्द कर दी। उनका कहना है कि यदि परीक्षा में किसी स्तर पर गड़बड़ी या भ्रष्टाचार हुआ था तो उसकी जांच कर दोषी अभ्यर्थियों या संबंधित परीक्षा केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए थी। छात्रों का तर्क है कि पूरी परीक्षा रद्द करने से उन अभ्यर्थियों को भी नुकसान हो रहा है, जिन्होंने मेहनत से परीक्षा पास की थी।

    अभ्यर्थियों ने अपनी चार महीने की तैयारी और भविष्य को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि मुख्य परीक्षा पास करने के बाद वे पिछले करीब चार महीने से शारीरिक दक्षता परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। कई अभ्यर्थियों के अनुसार उनकी उम्र सीमा समाप्त हो चुकी है या समाप्त होने के करीब है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले छात्रों के लिए पटना में रहकर लगातार तैयारी करना और परिवार से बार-बार आर्थिक मदद लेना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया के अंतिम चरण में पहुंचने के बाद मुख्य परीक्षा रद्द होने से उनके सामने भविष्य को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है।

    प्रदर्शनकारी छात्रों ने अपनी मांग के समर्थन में चुनाव प्रक्रिया का उदाहरण भी दिया। उनका कहना है कि यदि किसी एक या दो मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी मिलती है तो पूरे राज्य का चुनाव रद्द नहीं किया जाता, बल्कि संबंधित बूथ पर दोबारा मतदान कराया जाता है। इसी आधार पर छात्रों ने सवाल उठाया कि परीक्षा में गड़बड़ी की स्थिति में पूरी परीक्षा रद्द करने के बजाय संबंधित स्तर पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। अभ्यर्थियों ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि जब तक मुख्य परीक्षा रद्द करने का आदेश वापस लेकर शारीरिक परीक्षा की नई तारीख घोषित नहीं की जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

  • बिहार में बाढ़ राहत बनी आफत: हेलीकॉप्टर से गिरा राशन का पैकेट सिर पर लगा, सारण में बुजुर्ग की मौत

    बिहार में बाढ़ राहत बनी आफत: हेलीकॉप्टर से गिरा राशन का पैकेट सिर पर लगा, सारण में बुजुर्ग की मौत


    सारण। बिहार के सारण जिले में बाढ़ पीड़ितों तक राहत पहुंचाने की कोशिश के दौरान बड़ा हादसा हो गया। अमनौर थाना क्षेत्र के परशुरामपुर गांव में वायुसेना के हेलीकॉप्टर से गिराए जा रहे सूखे राशन के पैकेट 60 वर्षीय अनिल कुमार सिंह उर्फ अप्पू सिंह पर जा गिरे। गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसी गांव में हेलीकॉप्टर की तेज हवा के कारण एक महिला और उसके दो बच्चे भी घायल हो गए।

    हादसे के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने अनिल सिंह का शव सड़क पर रखकर आवागमन रोक दिया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के समझाने के बाद जाम हटाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेज दिया।

    खाना खाने के बाद बैठे थे, तभी गिरा राशन का पैकेट

    मृतक के बेटे अभिनव प्रताप सिंह के मुताबिक, उनके पिता खाना खाने के बाद बैठे हुए थे। इसी दौरान बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री के पैकेट गिराए जा रहे थे। एक पैकेट उनके पिता के सिर पर आकर लगा, जिससे वह जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद कई और पैकेट उनकी छाती पर भी जा गिरे।

    अनिल कुमार सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह अखबार हॉकर थे। अमनौर थानाध्यक्ष विमलेश कुमार ने भी घटना की पुष्टि की है। उनके मुताबिक, गंभीर चोट लगने के कारण बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हुई।

    नेपाल से आई बाढ़ से कई प्रखंड प्रभावित

    नेपाल से आई बाढ़ के कारण सारण जिले के कई प्रखंड प्रभावित हैं। इनमें मकेर, अमनौर और परसा सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। बाढ़ के कारण कई गांवों का संपर्क सड़क मार्ग से टूट गया है और वे टापू जैसे हालात में पहुंच गए हैं।

    ऐसे गांवों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हवाई मार्ग का इस्तेमाल किया जा रहा है। वायुसेना के हेलीकॉप्टर से प्रभावित लोगों के बीच सूखा राशन और अन्य राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। इसी दौरान परशुरामपुर गांव में राशन के पैकेट गिराने के दौरान यह हादसा हुआ।

    छत पर खड़ी महिला और दो बच्चे भी घायल

    इसी गांव में राहत सामग्री पहुंचाने के दौरान दूसरा हादसा भी हुआ। रंभा देवी अपने दो बच्चों के साथ घर की छत पर खड़ी होकर हेलीकॉप्टर से गिराई जा रही राहत सामग्री का इंतजार कर रही थीं।

    हेलीकॉप्टर के नीचे से उड़ने के कारण पैदा हुई तेज हवा की वजह से रंभा देवी छत से बगल के मकान पर जा गिरीं। उनके कमर में गंभीर चोट आई है। वहीं, उनके दोनों बच्चों के पैरों में फ्रैक्चर होने की जानकारी सामने आई है। तीनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।

    एक ही गांव में दो हादसों से ग्रामीणों में दहशत

    राहत सामग्री पहुंचाने के दौरान एक ही गांव में दो हादसे होने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। एक ओर बाढ़ से लोग परेशान हैं, वहीं राहत सामग्री पहुंचाने के दौरान हुए हादसे ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। प्रशासन की ओर से घटना की जानकारी जुटाई जा रही है और घायल महिला व उसके बच्चों का इलाज कराया जा रहा है।

  • विधान परिषद चुनाव 2026: बीजेपी ने बिहार और यूपी की 10 सीटों पर घोषित किए उम्मीदवार, दरभंगा से सर्वेश कुमार और आगरा से हरि किशोर तिवारी को टिकट

    विधान परिषद चुनाव 2026: बीजेपी ने बिहार और यूपी की 10 सीटों पर घोषित किए उम्मीदवार, दरभंगा से सर्वेश कुमार और आगरा से हरि किशोर तिवारी को टिकट


    नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने बिहार और उत्तर प्रदेश में होने वाले विधान परिषद चुनाव 2026 के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने दोनों राज्यों की कुल 10 सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की है। इनमें बिहार की चार और उत्तर प्रदेश की छह सीटें शामिल हैं। बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के नामों को स्वीकृति प्रदान की है। घोषित सूची में दरभंगा स्नातक सीट से सर्वेश कुमार, आगरा शिक्षक सीट से इंजीनियर हरि किशोर तिवारी, पटना शिक्षक सीट से नवल किशोर यादव और वाराणसी स्नातक सीट से केदार नाथ सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी ने अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों के लिए स्नातक और शिक्षक वर्ग से जुड़े प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा है।

    बिहार में विधान परिषद की चार सीटों पर चुनाव होना है। बीजेपी ने कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. एन.के. यादव को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। दरभंगा स्नातक सीट से सर्वेश कुमार को टिकट दिया गया है। वहीं, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नवल किशोर यादव और तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नरेंद्र प्रसाद सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। इस तरह बिहार की चारों सीटों के लिए पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। सूची में दो स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए बीजेपी ने अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतार दिया है।

    उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की छह सीटों के लिए बीजेपी ने उम्मीदवार घोषित किए हैं। पार्टी ने वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. प्रमोद मिश्रा को टिकट दिया है, जबकि आगरा शिक्षक सीट से इंजीनियर हरि किशोर तिवारी चुनाव लड़ेंगे। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से ध्रुव त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाया गया है। इसके अलावा वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से केदार नाथ सिंह, मेरठ स्नातक सीट से दिनेश गोयल और इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अशोक कुमार राठौर को उम्मीदवार घोषित किया गया है। उत्तर प्रदेश की छह सीटों में तीन शिक्षक और तीन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। बीजेपी ने सभी सीटों के लिए प्रत्याशियों के नामों को अंतिम रूप देते हुए सूची जारी कर दी है।

    बिहार और उत्तर प्रदेश में होने वाले इन चुनावों में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें शामिल हैं। विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही दोनों राज्यों में इन सीटों पर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव भी होने हैं। ऐसे में राज्य में हो रहे विधान परिषद चुनाव को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बीजेपी ने अपनी सूची में दोनों राज्यों की सभी 10 सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। बिहार में कोशी, दरभंगा, पटना और तिरहुत निर्वाचन क्षेत्रों से उम्मीदवार उतारे गए हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में वाराणसी, आगरा, गोरखपुर-फैजाबाद, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी के स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा की गई है।

  • जमुई नाबालिग की तस्वीर विवाद पर तेजस्वी ने CM सम्राट चौधरी के खिलाफ सजा की मांग की, जानिए POCSO के कड़े प्रावधान

    जमुई नाबालिग की तस्वीर विवाद पर तेजस्वी ने CM सम्राट चौधरी के खिलाफ सजा की मांग की, जानिए POCSO के कड़े प्रावधान

    नई दिल्ली ।बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से जुड़े एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि जमुई की एक नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार से मुलाकात के दौरान ली गई तस्वीर को इस तरह सार्वजनिक किया गया, जिससे बच्ची की पहचान उजागर होने की स्थिति बनी। विवाद सामने आने के बाद पोस्ट को हटा दिया गया। इस मामले को लेकर विपक्ष की ओर से मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई और सजा की मांग की गई है।

    नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मामले में पॉक्सो यानी बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण देने वाले कानून का हवाला दिया है। उनका कहना है कि नाबालिग पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करना कानून के प्रावधानों के दायरे में आता है और इसके लिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी दोष सिद्ध होना जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करता है।

    दरअसल, जमुई जिले में 19 सितंबर को दसवीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा और उसके दोस्त के साथ युवकों द्वारा कथित तौर पर छेड़खानी और बदसलूकी की घटना सामने आई थी। घटना से जुड़ा वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था। मामले ने कानून-व्यवस्था और नाबालिग पीड़िता की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए।

    इसी मामले के बाद मुख्यमंत्री ने पीड़िता और उसके परिवार से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद जारी किए गए पोस्ट में बच्ची और उसके परिवार को न्याय का भरोसा दिलाने की बात कही गई थी। पोस्ट में यह भी कहा गया था कि मामले में दोषियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल के जरिए एक महीने के भीतर कठोर सजा सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी। विवाद इस बात को लेकर हुआ कि पोस्ट में पीड़िता की पहचान छिपाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे।

    POCSO कानून वर्ष 2012 में बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने के उद्देश्य से लागू किया गया था। इसके तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को संरक्षण दिया जाता है। कानून में बच्चों के खिलाफ होने वाले विभिन्न यौन अपराधों की पहचान, जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उनके हितों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

    इस कानून में नाबालिग पीड़ित या पीड़िता की पहचान और निजता को लेकर भी विशेष सुरक्षा दी गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी बच्चे को कानूनी कार्रवाई के दौरान ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े, जिससे उसकी पहचान सार्वजनिक हो या उसकी गरिमा प्रभावित हो।

    POCSO की धारा 23 इसी विषय से संबंधित है। इसके तहत बच्चे से जुड़े मामले की रिपोर्टिंग या टिप्पणी करते समय उसकी निजता और सम्मान का ध्यान रखना जरूरी है। ऐसी जानकारी सार्वजनिक करने पर रोक है, जिससे बच्चे की पहचान सामने आ सकती है।

    पहचान के दायरे में बच्चे का नाम, पता, तस्वीर, परिवार से जुड़ी जानकारी, स्कूल, पड़ोस या ऐसी कोई अन्य जानकारी शामिल हो सकती है, जिससे उसकी पहचान का पता लगाया जा सके। कानून का उद्देश्य विशेष रूप से यह है कि यौन अपराध से प्रभावित बच्चे की पहचान सार्वजनिक न हो और उसकी निजता सुरक्षित रहे।

    धारा 23 के प्रावधानों के उल्लंघन पर छह महीने से एक वर्ष तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान बताया गया है। हालांकि किसी विशेष मामले में यह धारा लागू होती है या नहीं, यह संबंधित तथ्यों, जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय किया जाता है।

    जमुई मामले में तस्वीर को लेकर उठे विवाद के बाद अब मुख्य मुद्दा यही है कि नाबालिग की पहचान सार्वजनिक होने के आरोप की कानूनी जांच किस तरह आगे बढ़ती है। राजनीतिक स्तर पर इस मामले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, जबकि कानूनी जिम्मेदारी का निर्धारण संबंधित प्रक्रिया के बाद ही किया जा सकता है।

  • समस्तीपुर में लड़की से बदसलूकी का वीडियो वायरल, बांध बाइपास रोड पर घटना के बाद युवकों की पहचान में जुटी पुलिस

    समस्तीपुर में लड़की से बदसलूकी का वीडियो वायरल, बांध बाइपास रोड पर घटना के बाद युवकों की पहचान में जुटी पुलिस

    नई दिल्ली /बिहार के समस्तीपुर में लड़की के साथ कथित बदसलूकी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में कुछ युवक एक लड़की के साथ गाली-गलौज और कथित तौर पर गलत व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं। लड़की से छेड़खानी और बैड टच करने का आरोप भी लगाया गया है।

    बताया गया है कि बुधवार शाम लड़की एक परिचित लड़के के साथ बांध बाइपास रोड से गुजर रही थी। रास्ते में वह कुछ देर के लिए रुकी और वहां फोटो लेने लगी। इसी दौरान कुछ युवक वहां पहुंच गए। आरोप है कि युवकों ने लड़की के साथ बदसलूकी और छेड़खानी शुरू कर दी।

    घटना के दौरान किसी व्यक्ति ने मोबाइल फोन से वीडियो बना लिया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची और पुलिस ने इसकी जांच शुरू कर दी।

    जानकारी के मुताबिक, लड़की अपने एक परिचित युवक के साथ रास्ते से गुजर रही थी और कुछ समय के लिए वहां रुककर फोटो खींच रही थी। इसी दौरान कुछ युवक उसके पास पहुंचे और कथित तौर पर उसके साथ गाली-गलौज करने लगे। वीडियो में युवकों का व्यवहार भी दिखाई दे रहा है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है।

    वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इसमें दिखाई दे रहे युवकों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस घटना से जुड़े वीडियो की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसमें दिखाई दे रहे लोग कौन हैं।

    स्थानीय लोगों की ओर से यह बात सामने आई है कि वीडियो में नजर आ रहे युवक इसी गांव के रहने वाले हो सकते हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी इस जानकारी की पुष्टि नहीं की है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही युवकों की पहचान और घटना से जुड़ी अन्य जानकारी स्पष्ट हो सकेगी।

    पुलिस घटना वाली जगह के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना किस परिस्थिति में हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

    समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने मामले को गंभीर बताया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और उसमें दिखाई दे रहे युवकों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।

    पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस वीडियो और घटना से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। युवकों की पहचान और मामले में उनकी भूमिका जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।