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  • Bihar: RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक 25 जनवरी को, तेजस्वी को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

    Bihar: RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक 25 जनवरी को, तेजस्वी को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी


    पटना।
    राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) (Rashtriya Janata Dal – RJD) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक (National Executive Important meeting) 25 जनवरी को पटना (Patna) में बुलाई गई है. यह बैठक पटना के एक बड़े होटल में आयोजित होगी, जिसमें पार्टी के भविष्य और संगठनात्मक बदलावों को लेकर अहम फैसले लिए जा सकते हैं।

    आरजेडी सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर विचार हो सकता है. अगर यह फैसला होता है तो तेजस्वी यादव को पार्टी के सभी बड़े और अहम निर्णय लेने का अधिकार मिल जाएगा।


    लालू यादव की उम्र और स्वास्थ्य बना वजह

    बताया जा रहा है कि पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बढ़ती उम्र और खराब स्वास्थ्य को देखते हुए यह फैसला लिया जा सकता है, ताकि संगठन की जिम्मेदारी युवा नेतृत्व के हाथों में सौंपी जा सके।


    चुनावी हार के बाद संगठन में बदलाव की तैयारी

    विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तेजस्वी यादव और उनकी टीम के फैसलों पर सवाल उठे थे. इसी पृष्ठभूमि में उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव सामने आया है, ताकि संगठन को नए सिरे से मजबूत किया जा सके।


    तेज प्रताप की वापसी की संभावना होगी खत्म

    अगर तेजस्वी यादव राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनते हैं, तो पार्टी में तेज प्रताप यादव की वापसी की अटकलों पर भी विराम लग सकता है.


    सितंबर 2025 के बाद पहली बैठक

    सितंबर 2025 में आरजेडी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन के बाद यह पहली बैठक होगी. बैठक की अध्यक्षता खुद लालू प्रसाद यादव करेंगे।


    करीब 200 नेता होंगे शामिल

    इस बैठक में 85 स्थायी सदस्यों को बुलाया गया है. इसके अलावा विशेष आमंत्रित सदस्यों को मिलाकर करीब 200 नेता राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल होंगे. बिहार के अलावा दूसरे राज्यों से भी डेलीगेट्स के आने की संभावना है।

  • Bihar:हिजाब हटाने के विवाद में 23 दिन बाद डॉ. नुसरत परवीन ने ज्वाइन की नौकरी..

    Bihar:हिजाब हटाने के विवाद में 23 दिन बाद डॉ. नुसरत परवीन ने ज्वाइन की नौकरी..


    पटना।
    बिहार ( Bihar) की आयुष चिकित्सक डॉ. नुसरत परवीन (Ayush physician Dr. Nusrat Parveen) ने आखिरकार 23 दिनों के बाद नौकरी ज्वाइन कर ली है। गर्दनीबाग स्थित सिविल सर्जन कार्यालय में उन्होंने मंगलवार को योगदान दे दिया। इस बाबत सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार ने बताया कि उनकी तैनाती सदर पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) में की गई है। उन्होंने योगदान के लिए आवेदन दिया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया।

    डॉ. नुसरत परवीन को संविदा पर यह नौकरी मिली है। पहले उन्हें 31 दिसंबर तक ही योगदान करना था। डॉ. नुसरत परवीन उस समय चर्चा में आई थी, जब 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री सचिवालय में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान हिजाब हटाए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। डॉ. नुसरत परवीन पटना स्थित राजकीय तिब्बी कॉलेज से एमडी पीजी की पढ़ाई कर रही हैं।

    राजकीय तिब्बी कॉलेज एवं अस्पताल के प्राचार्य महफूज-उर-रहमान ने बताया कि डॉक्टर नुसरत परवीन ने अंतिम तिथि पर ड्यूटी ‘ज्वाइन’ कर ली। उन्होंने कहा, “आज सेवा में शामिल होने की अंतिम तिथि थी और नुसरत ने पटना सिविल सर्जन कार्यालय में ड्यूटी के लिए रिपोर्ट कर दिया। सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा उन्हें उपयुक्त स्थान पर पदस्थापित किया जाएगा।”

    प्राचार्य ने बताया कि सेवा में शामिल होने की अंतिम तिथि पहले 31 दिसंबर तक बढ़ाई गई थी और फिर इसे सात जनवरी तक विस्तार दिया गया था। नुसरत परवीन उसी कॉलेज की छात्रा रह चुकी हैं, जिसके रहमान प्राचार्य हैं। इससे पहले कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि नुसरत ने शुरुआत में “नाराजगी” के चलते सेवा में शामिल होने से इनकार कर दिया था। हालांकि कॉलेज प्रशासन ने इस दावे को खारिज किया था।

    पिछले महीने, जब नुसरत तय समय सीमा के भीतर ड्यूटी के लिए रिपोर्ट नहीं कर पाई थीं, तब प्राचार्य ने कहा था, “उनके परिवार ने बताया था कि वे मीडिया कवरेज से बचना चाहती हैं और वह दोबारा विचार करेंगी कि उन्हें सेवा में शामिल होना है या नहीं।”

  • Bihar: समस्तीपुर के पास डिरेल हुआ मालगाड़ी का टैंक वैगन…

    Bihar: समस्तीपुर के पास डिरेल हुआ मालगाड़ी का टैंक वैगन…


    समस्तीपुर।
    बिहार (Bihar) में मालगाड़ी (Freight Train) एक बार फिर बेपटरी हो गई। समस्तीपुर-खगड़िया रेलखंड (Samastipur-Khagaria railway section) पर रुसेराघाट रेलवे स्टेशन के समीप सोमवार की शाम मालगाड़ी का टैंक वैगन डिरेल (Tank Wagon Derailed) हो गया। घटना के बाद कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई, हालांकि किसी तरह की जान-माल की क्षति नहीं हुई। जानकारी के अनुसार मालगाड़ी समस्तीपुर से खगड़िया की ओर जा रही थी। घटना की सूचना मिलते ही रुसेराघाट स्टेशन के अधिकारियों ने समस्तीपुर रेल मंडल को अवगत कराया। इसके बाद समस्तीपुर से पहुंचे रेल अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।

    रेलवे अधिकारियों ने बताया कि टैंक वैगन के पहिये में तकनीकी खराबी आने के कारण यह हादसा हुआ। वैगन को दुरुस्त करने का कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया है, ताकि रेल परिचालन जल्द सामान्य किया जा सके। गड़बड़ी के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। मंडल के पीआरओ आरके सिंह ने बताया कि रुसेराघाट स्टेशन के समीप मालगाड़ी का टैंक वैगन डिरेल हुआ था।

    आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले बिहार के जमुई जिले के सिमुलतला में एक मालगाड़ी के आठ डिब्बों के पटरी से उतरने के कारण हावड़ा-पटना मार्ग पर रेल सेवाएं बाधित रहीं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। यहां मालगाड़ी के आठ डिब्बों के पटरी से उतरने के कारण कई एक्सप्रेस और अन्य ट्रेन का समय पुनर्निर्धारित किया गया था। पूर्वी रेलवे के आसनसोल डिवीजन के अंतर्गत लाहाबोन और सिमुलतला रेलवे स्टेशन के बीच हुई दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।

  • यूपी-एमपी के बाद बिहार में सिरप माफिया का नेटवर्क नेपाल से जुड़ा, सीतामढ़ी में 1500 बोतल प्रतिबंधित सिरप जब्त

    यूपी-एमपी के बाद बिहार में सिरप माफिया का नेटवर्क नेपाल से जुड़ा, सीतामढ़ी में 1500 बोतल प्रतिबंधित सिरप जब्त




    नई दिल्ली।
    यूपी और एमपी के बाद अब बिहार में प्रतिबंधित कोरेक्स सिरप का अवैध नेटवर्क तेजी से पैर पसार रहा है। सोमवार को सीतामढ़ी जिले में एक ही दिन में 1500 बोतल सिरप बरामद की गई, जिसमें सोनबरसा से 700 और चकमहिला से 800 बोतल जब्त हुई। इस कार्रवाई ने प्रशासन और समाज दोनों को चौंका दिया है।

    पुलिस ने दो छोटे धंधेबाजों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य सरगना अभी फरार है। पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क नेपाल से संचालित हो रहा है और शराबबंदी के बाद युवा वर्ग सिरप, टैबलेट और इंजेक्शन के जरिए नशे की ओर बढ़ रहा है।

    एसएसबी और एसटीएफ की सूचना पर छापेमारी में 8800 रुपये नकद, मोबाइल, बड़ी मात्रा में टैबलेट, इंजेक्शन और सैकड़ों बोतल सिरप बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें हर महीने 15 हजार रुपये वेतन मिलता था और यह नेटवर्क लंबे समय से चल रहा है।

    स्थानीय लोगों और पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, नगर थाना क्षेत्र में यह अवैध कारोबार कई दिनों से संचालित था, लेकिन पुलिस की निगरानी कमजोर रही। एक ही दिन में 1500 बोतल की बरामदगी ने पुलिस की सतर्कता और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    शराबबंदी के बाद नशे के इस नए रूप से युवा पीढ़ी बर्बादी की ओर बढ़ रही है, जबकि असली सरगना कानून की पकड़ से दूर है। फिलहाल पुलिस छोटे धंधेबाजों पर कार्रवाई कर रही है, लेकिन मुख्य सरगना फरार होने के कारण नेटवर्क सक्रिय बना हुआ है।

    एसएसबी और एसटीएफ की छापेमारी में 8800 रुपये नकद, मोबाइल फोन, टैबलेट, इंजेक्शन और सैकड़ों बोतल प्रतिबंधित सिरप बरामद किए गए। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने स्वीकार किया कि वह दवाओं की बिक्री करता था और हर महीने उसे 15 हजार रुपये वेतन मिलता था।

  • पश्चाताप कर लें हिजाब विवाद पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने CM नीतीश कुमार को दी सलाह

    पश्चाताप कर लें हिजाब विवाद पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने CM नीतीश कुमार को दी सलाह


    नई दिल्ली । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक कार्यक्रम के मुस्लिम महिला के चेहरे से नकाब हटा दिया इसे लेकर विपक्ष के साथ कई मुस्लिमों संगठनों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की अब इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने एक्स हैंडल पर लंबी चौड़ी पोस्ट लिखते हुए सीएम नीतीश कुमार को सलाह दी है

    बसपा चीफ मायावती ने कहा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरण के सार्वजनिक कार्यक्रम में एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब चेहरे का नकाब हटाने का मामला सुलझने की बजाय खासकर मंत्रियों आदि की बयानबाजी के कारण विवाद का रूप लेकर यह लगातार तूल पकड़ता ही जा रहा है जो दुखद व दुभाग्यपूर्ण है

    ‘पश्चाताप कर यहीं विवाद को यहीं खत्म करने का करें प्रयास’

    मायावती ने कहा यह मामला पहली नजर में ही महिला सुरक्षा व सम्मान से जुड़ा होने के कारण मुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप से अब तक सुलझ जाना चाहिये था खासकर तब जब कई जगहों पर ऐसी अन्य वारदातें भी सुनने को मिल रही हैं अच्छा होगा कि मुख्यमंत्री इस घटना को सही परिप्रेक्ष्य में देखते हुये इसके लिये पश्चाताप कर लें और कड़वा होते जा रहे इस विवाद को यहीं पर खत्म करने का प्रयास करें

    कथावाचक को गार्ड ऑफ ऑनर देने पर दी प्रतिक्रिया
    इसके अलावा मायावती ने कहा बहराइच जिला पुलिस द्वारा पुलिस परेड में स्थापित परम्परा नियमों से हटकर एक कथावाचक को सलामी देने का मामला भी काफी बड़े विवाद में है और इसको लेकर सरकार कठघरे में है पुलिस परेड व सलामी की अपनी परम्परा नियम मर्यादा अनुशासन व पवित्रता है जिसको लेकर खिलवाड़ कतई नहीं किया जाना चाहिये

    मायावती ने कहा यह अच्छी बात है कि यूपी के पुलिस प्रमुख ने इस घटना का संज्ञान लेकर जिला पुलिस कप्तान से जवाब तलब किया है कार्रवाई का लोगों को इंतजार है वैसे राज्य सरकार भी इसको गंभीरता से लेकर ऐसी घटनाओं की पुनरावृति पर रोक लगाये तो यह पुलिस प्रशासन अनुशासन एवं कानून का राज के हक में उचित होगा

    पूर्व सीएम ने कहा जहाँ तक कल दिनांक 19 दिसम्बर से शुरू हुए उत्तर प्रदेश विधान सभा के संक्षिप्त शीतकालीन सत्र का सवाल है तो यह सत्र भी पिछले सत्रों की तरह ही जनहित व जनकल्याण के मुद्दों से दूर रहने के कारण सत्ता व विपक्ष के बीच वाद-विवाद में घिर गया है बेहतर होता कि सरकार किसानों के खाद की समस्या के साथ-साथ जनहित की अन्य समस्याओं तथा जनकल्याण के प्रति गंभीर होकर संदन में इन पर जवाबदेह होती

    उन्होंने आगे कहा इसके साथ ही संसद का शीतकालीन सत्र भी राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की भीषण समस्या सहित देश व जनहित की विकराल रूप धारण कर रही समस्याओं पर विचार किये बिना ही कल समाप्त हो गया जबकि पूरे देश की निगाहें लगी थीं कि सरकार व विपक्ष दोनों देश के ज्वलन्त समस्याओं पर विचार करेंगे और इससे कुछ उम्मीद की नई किरण पैदा होगी लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं होना दुभाग्यपूर्ण देश की चिन्तायें लगातार बरकरार हैं

    बांग्लादेश में बिगड़ते हालातों पर जताई चिंता

    इसके अलावा मायावती ने कहा इसके साथ-साथ पड़ोसी देश बांग्लादेश में जो हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं तथा वहाँ भी नेपाल की तरह भारत विरोधी गतिविधियाँ बढ़ रही हैं वे भी चिन्तनीय स्थिति है जिसपर भी केन्द्र सरकार समुचित संज्ञान लेकर दीर्घकालीन नीति के तहत कार्य करे तो यह उचित होगा

  • हिजाब हटाने को लेकर विवाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से माफी की मांग इमारत-ए-शरिया के सचिव भड़के

    हिजाब हटाने को लेकर विवाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से माफी की मांग इमारत-ए-शरिया के सचिव भड़के


    पटना । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला आयुष चिकित्सक के चेहरे से हिजाब हटाने का विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना पर अब इमारत-ए-शरिया के सचिव मौलाना मुफ्ती मोहम्मद सईदउर रहमान कासमी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री को ऐसा नहीं करना चाहिए था और इस कदम की सख्त निंदा करते हुए उन्होंने नीतीश कुमार से माफी की मांग की है।

    घटना उस समय की है जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक कार्यक्रम में नवनियुक्त आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र दे रहे थे। कार्यक्रम के दौरान जब नुसरत परवीन नामक महिला चिकित्सक की बारी आई तो वह हिजाब पहने हुए थीं। मुख्यमंत्री ने यह देखकर कहा यह क्या है और फिर महिला के चेहरे से हिजाब हटा दिया। इससे महिला असहज हो गई और एक अधिकारी ने जल्दी से उन्हें एक और कर दिया। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिस पर इमारत-ए-शरिया के सचिव ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

    मौलाना रहमान कासमी ने कहा कि पर्दा महिलाओं और समाज की इज्जत है और हिजाब को हटाना महिला का अपमान है। मुख्यमंत्री को ऐसा नहीं करना चाहिए था क्योंकि यह महिलाओं की इज्जत और गरिमा की तौहीन है। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार को माफी मांगनी चाहिए क्योंकि उन्होंने महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाई है।

    मुख्यमंत्री कार्यालय ने हालांकि इस घटना पर कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन यह मामला अब राजनीति में भी गहरे विवाद का कारण बन गया है। विपक्षी दलों खासकर राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस ने इस वीडियो को साझा करते हुए इसे मुख्यमंत्री की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाया है। राजद ने एक्स पर पोस्ट किया नीतीश जी का क्या हो गया है अब उनकी मानसिक स्थिति पूरी तरह से अस्थिर हो गई है।

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार ने हाल ही में 685 आयुर्वेद 393 होम्योपैथी और 205 यूनानी पद्धति के चिकित्सकों को नियुक्त किया था जिनमें से कुछ को मंच से नियुक्ति पत्र सौंपे गए थे। हालांकि यह घटना और इसके बाद की प्रतिक्रिया राज्य की राजनीति में नई बहस का कारण बन गई है। विपक्षी नेताओं ने इसे नीतीश कुमार के विचारधारा परिवर्तन के रूप में भी देखा है और इसपर तीखे हमले किए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह विवाद आने वाले समय में बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है।

  • नवादा में मॉब लिंचिंग की दर्दनाक घटना: अतहर हुसैन की पत्नी ने सुनाई दिल दहला देने वाली कहानी

    नवादा में मॉब लिंचिंग की दर्दनाक घटना: अतहर हुसैन की पत्नी ने सुनाई दिल दहला देने वाली कहानी

    नवादा । बिहार के नवादा जिले के रोह थाना क्षेत्र में 5 दिसंबर की रात को एक दिल दहला देने वाली घटना घटी जब 35 वर्षीय मोहम्मद अतहर हुसैन को धर्म के नाम पर बेरहमी से मार डाला गया। यह घटना उस वक्त हुई जब अतहर डुमरी गांव से लौट रहे थे और भट्टा गांव के पास छह-सात नशे में धुत युवकों ने उन्हें रोक लिया। बाद में नाम और धर्म का पता चलने के बाद अतहर पर हमला किया गया। उनकी हत्या के बाद परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए इसे सिर्फ एक हत्या नहीं बल्कि एक सांप्रदायिक हत्या करार दिया है।

    घटना का विवरण

    अतहर हुसैन जब घर लौट रहे थे तब कुछ युवकों ने उन्हें घेर लिया। उन्हें साइकिल से उतारकर हाथ-पैर बांधकर एक कमरे में घसीटा गया। वहां पर अतहर के साथ बर्बरता की सारी सीमाएं पार की गईं। पैंट खोलकर उनके धर्म की पहचान की गई फिर करंट लगाया गया उंगलियां तोड़ी गईं कान काटे गए और शरीर पर गर्म लोहे की रॉड से चोटें दी गईं। इस पूरी घटना को सहते हुए भी अतहर ने पुलिस को अपनी जान बचाने के लिए मदद मांगी।

    इलाज के दौरान अतहर की मौत

    अतहर हुसैन को गंभीर अवस्था में नवादा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां 7 दिसंबर को उन्होंने कांपती आवाज में इस दिल दहला देने वाली घटना की पूरी कहानी सुनाई थी। हालांकि उनके शरीर पर लगी गहरी चोटों ने उनका साथ नहीं दिया और 12 दिसंबर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस दौरान उन्होंने एबीपी संवाददाता को अस्पताल में अपनी आपबीती सुनाई और पूरी घटना के बारे में जानकारी दी।

    पोस्टमॉर्टम और पुलिस कार्रवाई

    अतहर की मौत के बाद उनका पोस्टमॉर्टम नालंदा सदर अस्पताल में फॉरेंसिक टीम और मजिस्ट्रेट की निगरानी में किया गया। इस घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों—सोनू कुमार रंजन कुमार सचिन कुमार और श्री कुमार को गिरफ्तार किया है। हालांकि अन्य आरोपी अभी फरार हैं।

    रोह थाना प्रभारी रंजन कुमार ने इस मामले में गिरफ्तारी की पुष्टि की है लेकिन परिजनों का कहना है कि उन्हें सिर्फ गिरफ्तारी से संतुष्टि नहीं है। वे चाहते हैं कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई हो और अतहर हुसैन के हत्यारों को सजा मिले। उनके बेटे इस्तेखार हुसैन ने प्रशासन से सिर्फ एक बात कही हमारे पिता के हत्यारों को सजा मिलनी चाहिए।”

    मॉब लिंचिंग पर बढ़ते सवाल

    इस दर्दनाक घटना ने बिहार और खासकर नवादा जिले में बढ़ती मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। धर्म के नाम पर हिंसा और इस तरह के अपराधों का बढ़ता चलन समाज के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। यह घटना केवल एक हत्या नहीं है बल्कि यह हमारे समाज के उन गंभीर मुद्दों को उजागर करती है जिनमें धार्मिक सहिष्णुता की कमी और सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियां दिखाई देती हैं।

    अतहर के परिजनों का दर्द इस बात को साफ तौर पर दर्शाता है कि समाज और प्रशासन को सिर्फ अपराधियों को गिरफ्तार करने से अधिक कुछ करना होगा। समाज में धार्मिक सहिष्णुता और समानता की आवश्यकता को बल देने के साथ साथ हमें ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है ताकि भविष्य में कोई और अतहर हुसैन जैसे व्यक्ति की हत्या न हो।

    मॉब लिंचिंग की घटनाएं एक बहुत बड़ा सामाजिक और प्रशासनिक मुद्दा बन चुकी हैं। अतहर हुसैन की दर्दनाक मौत ने यह सवाल खड़ा किया है कि हमें समाज में आपसी सम्मान और धार्मिक सहिष्णुता की आवश्यकता को समझना होगा। केवल गिरफ्तारी से इन घटनाओं का समाधान नहीं होगा बल्कि इसके लिए समाज के सभी हिस्सों को एकजुट होकर काम करना होगा।

  • नवादा मॉब लिंचिंग: 'मुस्लिम होने के कारण' युवक की पीट-पीटकर हत्या; दर्दनाक आपबीती

    नवादा मॉब लिंचिंग: 'मुस्लिम होने के कारण' युवक की पीट-पीटकर हत्या; दर्दनाक आपबीती


    नवादा। बिहार: नवादा ज़िले में 5 दिसंबर को मॉब लिंचिंग की एक भयावह घटना में गंभीर रूप से घायल हुए 40 वर्षीय मोहम्मद अतहर हुसैन की शुक्रवार देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। नालंदा निवासी अतहर, जो पिछले 20 सालों से घूम-घूमकर कपड़े बेचते थे, की मृत्यु से पहले की गई गवाही ने इस बर्बरतापूर्ण कृत्य की गहराई को उजागर किया है।

    मौत से पहले अतहर हुसैन का दर्दनाक बयान
    मृतक मोहम्मद अतहर हुसैन ने 7 दिसंबर को रिकॉर्ड कराए अपने बयान में बताया कि उन्हें सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वे मुस्लिम थे। उनकी आपबीती के कुछ अंश:

    धर्म की पहचान: “4-5 लोगों ने घेरकर मारपीट की और मुझे एक कमरे में ले गए। वहाँ पैंट उतारकर चेक किया गया कि मैं मुस्लिम हूँ या नहीं।”

    असहनीय यातना: धर्म की पुष्टि होने के बाद, हमलावरों ने उन्हें गर्म रॉड, स्टील के रॉड, लाठी-डंडे और ईंटों से बुरी तरह पीटा।

    अमानवीय कृत्य: “किसी ने प्लायर से मेरे कान काटे, उंगलियां तोड़ीं, और नाखून तक उखाड़ लिए। मुझ पर चढ़कर गला दबाया गया, जिससे मेरे मुँह से खून आने लगा।”

    प्राइवेट पार्ट पर हमला: उन्होंने बताया कि हमलावरों ने उनके प्राइवेट पार्ट की जाँच की, वहाँ रॉड डाला गया और पेट्रोल डाला गया। गर्म लोहे की रॉड से शरीर के कई हिस्सों को दागा गया, जिससे चमड़ी निकल गई।

    लूटपाट: रोह थाना क्षेत्र के भट्ठापर गाँव से लौटते समय, नशे में धुत 6-7 युवकों ने नाम पूछने के बाद उनसे 8,000 रुपये लूट लिए। बाद में हमलावरों की संख्या 15-20 तक हो गई थी।

    पुलिस कार्रवाई और एफआईआर
    अतहर हुसैन की मौत के बाद उनकी पत्नी शबनम परवीन ने 10 नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है, जिसमें अब हत्या की धाराएँ भी जोड़ी गई हैं।

    नामजद आरोपी: सत्यनारायण कुमार, मंटू यादव, सोनू कुमार, सतीश कुमार, सिकंदर यादव, रामस्वरूप यादव, रंजन कुमार, विपुल कुमार, सचिन कुमार, और सुगन यादव।

    गिरफ्तारी: रोह थाना पुलिस ने अब तक चार आरोपियों – सोनू कुमार, रंजन कुमार, और श्री कुमार सहित – को गिरफ्तार कर लिया है। शेष आरोपियों की तलाश जारी है।

    पोस्टमॉर्टम: मृतक का पोस्टमॉर्टम मजिस्ट्रेट और फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में कराया गया।

    चोरी का आरोप: यह भी सामने आया है कि 5 दिसंबर को ही सिकंदर यादव ने मो. अतहर पर घर में घुसकर सोने के कंगन, मंगलसूत्र और अन्य सामान चोरी करने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के चलते डायल 112 अतहर की तलाश में थी, और पुलिस ने उन्हें देर रात कमरे से घायल अवस्था में बरामद कर अस्पताल पहुँचाया था।

    मृतक का परिचय
    मोहम्मद अतहर हुसैन मूल रूप से बिहारशरीफ के गगनदीवान के रहने वाले थे, लेकिन नवादा जिले के रोह थाना क्षेत्र के बरुई गाँव में अपने ससुराल में रहकर कपड़े फेरी का काम करते थे। उनकी मौत के बाद उनकी साइकिल और कपड़े का कोई पता नहीं चल पाया है।

    क्या आप इस मामले से संबंधित कोई और जानकारी जानना चाहेंगे, या मैं आपके लिए नवादा क्षेत्र की अन्य खबरें देख सकता हूँ?