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  • Bihar: CM सम्राट चौधरी आज बिहारवासियों को दे सकते हैं बड़ी सौगात…. बुलाई कैबिनेट बैठक

    Bihar: CM सम्राट चौधरी आज बिहारवासियों को दे सकते हैं बड़ी सौगात…. बुलाई कैबिनेट बैठक


    पटना।
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Chief Minister Samrat Chaudhary) ने छह मई यानी आज शाम पांच बजे मुख्य सचिवालय में कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) बुलाई है। मंत्रिमंडल विस्तार से एक दिन पहले की यह बैठक खास होने वाली है। वह राज्यवासियों को बड़ी सौगात दे सकते हैं। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार को लेकर कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मुहर लगा सकते हैं। उनके साथ दोनों उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव, मुख्य सचिव और सभी विभागों के सचिव मौजूद रहेंगे।


    दूसरी कैबिनेट में क्या हुआ था?

    इससे पहले वाली कैबिनेट की बैठक 29 अप्रैल को हुई थी। इसमें सीएम सम्राट चौधरी ने 63 प्रस्तावों पर मुहर लगाई थी। इसमें उन्होंने पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर पटना जू करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई थी। गृह विभाग के आरक्षी शाखा की ओर से जानकारी दी गई कि सीएम सम्राट चौधरी ने भागलपुर, मुजफ्फरपुर, नालंदा एवं गयाजी में यातायात पुलिस के विभिन्न कोटियों में 485 पदों के सृजन एवं पूर्व से सृजित 1606 पदों को कर्णांकित करने की स्वीकृति प्रदान की थी। वही बिहार पुलिस अवर निरीक्षक एवं इसके समकक्ष सृजित 20937 पदों में से 50% पद प्रोन्नति के लिए चिन्हित करने की भी स्वीकृति प्रदान की गई थी।

  • पीएम मोदी का पुराना बयान फिर बना चर्चा का केंद्र, बंगाल चुनाव रुझानों ने बढ़ाया सियासी तनाव

    पीएम मोदी का पुराना बयान फिर बना चर्चा का केंद्र, बंगाल चुनाव रुझानों ने बढ़ाया सियासी तनाव

    नई दिल्ली।पश्चिम बंगाल में जारी विधानसभा चुनाव की मतगणना के बीच राजनीतिक माहौल लगातार बदलता हुआ दिखाई दे रहा है। जैसे-जैसे शुरुआती रुझान सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं और नए विश्लेषणों का दौर शुरू हो गया है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पुराना बयान अचानक फिर से सुर्खियों में आ गया है, जिसने पूरे राजनीतिक वातावरण को और अधिक गर्म कर दिया है।

    यह बयान उस समय दिया गया था जब बिहार में भाजपा को बड़ी जीत मिली थी। उस अवसर पर प्रधानमंत्री ने राजनीतिक संकेतों के तौर पर कहा था कि बिहार की जीत का असर केवल उसी राज्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका प्रभाव आगे चलकर पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी दिखाई दे सकता है। उस समय इसे एक राजनीतिक टिप्पणी के रूप में देखा गया था, लेकिन अब जब बंगाल में मतगणना के शुरुआती रुझान सामने आ रहे हैं, तो वही बयान फिर से चर्चा का विषय बन गया है।

    वर्तमान रुझानों में कई सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प स्थिति में पहुंच गया है। कुछ क्षेत्रों में एक दल मजबूत बढ़त बनाए हुए है, तो कुछ जगहों पर कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। इस स्थिति ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को और अधिक जटिल बना दिया है। हर राउंड की गिनती के साथ तस्वीर बदलती जा रही है, जिससे किसी भी नतीजे पर अभी अंतिम राय बनाना मुश्किल हो गया है।

    राज्य के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उम्मीदवारों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। मतदाताओं का रुझान अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग दिशा में जाता हुआ नजर आ रहा है, जिससे यह चुनाव और भी रोमांचक बन गया है। राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि क्या यह चुनाव वास्तव में किसी बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है या फिर अंतिम परिणाम कुछ और ही तस्वीर पेश करेंगे।

    इसी बीच पीएम मोदी का पुराना बयान फिर से वायरल होने के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। समर्थक और विरोधी दोनों ही इसे अपने-अपने नजरिए से समझाने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ लोग इसे पहले से दी गई राजनीतिक रणनीति का संकेत मान रहे हैं, तो कुछ इसे केवल एक सामान्य राजनीतिक टिप्पणी के रूप में देख रहे हैं। लेकिन मौजूदा माहौल ने इस बयान को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।

    प्रशासन की ओर से भी मतगणना प्रक्रिया के दौरान पूरी सतर्कता बरती जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है और सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि परिणाम घोषित होने तक पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो।

    फिलहाल पूरे राज्य की निगाहें अंतिम परिणामों पर टिकी हुई हैं। जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ेगी, राजनीतिक तस्वीर और अधिक स्पष्ट होती जाएगी। लेकिन इतना तय है कि इस चुनाव ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है, जहां हर बयान और हर रुझान का अपना अलग राजनीतिक महत्व बन गया है।

  • Bihar: भागलपुर में विक्रमशिला ब्रिज का हिस्सा टूटकर गंगा नदी में गिरा… बड़ा हादसा टला

    Bihar: भागलपुर में विक्रमशिला ब्रिज का हिस्सा टूटकर गंगा नदी में गिरा… बड़ा हादसा टला


    नई दिल्ली।
    बिहार (Bihar) के भागलपुर (Bhagalpur) में रात को एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बचा. गंगा नदी (River Ganges) पर बना विक्रमशिला ब्रिज (Vikramshila Bridge) का एक हिस्सा अचानक टूटकर नदी में गिर (Broken fell River) गया. लेकिन वहां मौजूद अधिकारियों की तेजी की वजह से पहले ही लोगों को हटा लिया गया था, इसलिए कोई नहीं मरा, कोई नहीं घायल हुआ।

    जिला अधिकारी नवल किशोर चौधरी के अनुसार, मौके पर मौजूद स्थानीय अधिकारी और SHO की सतर्कता की वजह से तुरंत लोगों को उस हिस्से से हटा लिया गया. लोगों को हटाने के करीब 15 मिनट बाद ही पुल का स्लैब गंगा नदी में गिर गया।

    घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए विक्रमशिला ब्रिज को भागलपुर और नवगछिया दोनों तरफ से पूरी तरह सील कर दिया है. फिलहाल पुल पर सभी तरह का ट्रैफिक बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने बताया कि रात के समय वैकल्पिक रास्ता शुरू करना संभव नहीं था. जो लोग भागलपुर आना चाहते हैं, उन्हें फिलहाल मुंगेर के रास्ते आने की सलाह दी गई है।


    25 साल पुराना पुल, अब इस्तेमाल के लायक नहीं

    यह पुल साल 2001 में लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था. करीब 4.5 किलोमीटर लंबा यह सेतु हजारों वाहनों और लाखों लोगों की रोजमर्रा की यात्रा का प्रमुख साधन था. लेकिन महज 25 साल के भीतर ही इसका एक बड़ा हिस्सा गंगा में समा गया, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत इस पर आवाजाही रोक दी.


    प्रशासन ने वैकल्पिक रास्ते को लेकर क्या कहा?

    अब प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था बनाने और स्थिति को सामान्य करने के लिए काम कर रहा है. प्रशासन ने फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर मुंगेर ब्रिज का सुझाव दिया है, जो लगभग 60 किलोमीटर दूर है. अब यात्रियों को लंबा रास्ता तय करना होगा. परिवहन में समय और लागत दोनों बढ़ेंगे.

  • बिहार में एक और एनकाउंटर…. पूर्व बीजेपी MLC के भांजे की हत्या के मुख्य आरोपी को किया ढेर

    बिहार में एक और एनकाउंटर…. पूर्व बीजेपी MLC के भांजे की हत्या के मुख्य आरोपी को किया ढेर


    सीवान
    । बिहार पुलिस (Bihar Police) अपराधियों पर लगातार कहर बनकर टूट रही है। अब पुलिस ने रविवार की सुबह-सुबह एक और एनकाउंटर (Another Encounter) कर दिया है। सीवान जिले (Siwan district) में हाल ही में पूर्व बीजेपी एमएलसी मनोज सिंह (Former BJP MLC Manoj Singh) के भांजे की हुई हत्या के मामले के मुख्य आरोपी को अब पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है।भाजपा नेता व पूर्व एमएलसी मनोज सिंह के भांजे हर्ष सिंह की गत 29 अप्रैल को गोली मारकर हत्या करनेवाले मुख्य आरोपित सोनू यादव को पुलिस के साथ मुठभेड़ में रविवार की अहले सुबह ढेर कर दिया गया है। वह हुसैनगंज थाना क्षेत्र के सरेया का रहनेवाला है। गाड़ी सटने के विवाद में पूर्व एमएलसी के भांजा व बहनोई को गोली मार दी गई थी।

    इस गोलीबारी में बीजेपी नेता मनोज सिंह के भांजे हर्ष सिंह की मौत हो गई थी। भाजपा नेता के बहनोई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और इस गोलीबारी का एक वीडियो भी सामने आया था। इस वीडियो में आरोपी गोली चलाता नजर आ रहा था। पुलिस ने इस मामले के एक अन्य आरोपी छोटू यादव का भी कुछ दिनों पहले हाफ एनकाउंटर किया था। पुलिस ने छोटू यादव के पैर में गोली मारी थी।


    हर्ष के आरोपितों की कार बरामद, चालक गिरफ्तार

    बहरहाल आपको बता दें कि सीवान जिले के चर्चित हर्ष हत्याकांड में नगर थाना पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वाहन कार और उसके चालक को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार चालक की पहचान हुसैनगंज थाना क्षेत्र के खरसंडा गांव निवासी दिलीप यादव के पुत्र सुनील यादव के रूप में हुई है। बता दें कि बीते 29 अप्रैल को कार से धक्का लगने के बाद पिता-पुत्र को गोली मार दी गई थी। इस हमले में पुत्र हर्ष सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि पिता गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

    घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले भर में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इसी क्रम में गुप्त सूचना मिली कि वारदात में इस्तेमाल गाड़ी जामो थाना क्षेत्र के मझौलिया गांव में देखी गई है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और वाहन सहित चालक को गिरफ्तार कर लिया था।

    नगर थाना पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार चालक को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में शामिल अन्य अपराधियों को भी पकड़ लिया जाएगा।

  • Bihar में बदला मौसम…. कोसी-सीमांचल में मूसलाधार बारिश, बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत

    Bihar में बदला मौसम…. कोसी-सीमांचल में मूसलाधार बारिश, बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत


    पटना।
    बिहार (Bihar) में मौसम (Weather) का मिजाज बदल चुका है। रविवार देर रात कोसी-सीमांचल (Kosi Seemanchal) के जिलों में मूसलाधार बारिश हुई। पूर्णिया समेत कुछ जिलों में तो ओले भी गिरे। सहरसा, सुपौल, कटिहार, पूर्णिया और अररिया में तेज आंधी कई कच्चे मकानों को गिरा दिया। कई पेड़ गिर गए। इन जिलों में वज्रपात (Thunderstorm) के कारण पांच लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में कटिहार के तीन लोग, पूर्णिया और अररिया एक-एक महिला की मौत हो गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Chief Minister Samrat Chaudhary) ने इन घटना पर शोक जताया जताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में वे प्रभावित परिवारों के साथ हैं। उन्होंने सभी मृतक के आश्रितों को तत्काल चार-चार लाख रूपये अनुग्रह अनुदान देने के निर्देश दिये हैं।

    मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार को उत्तर और उत्तर पूर्वी बिहार के जिलों में तेज हवा के साथ बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार में आंधी और बारिश के आसार हैं। इन जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 40 से 50 किमी की रफ्तार से हवा चलने के भी आसार हैं।


    28 अप्रैल को पूरे बिहार में बारिश के आसार

    इधर, दक्षिण बिहार, दक्षिण-पश्चिम बिहार के लिए कोई भी चेतावनी जारी नहीं की गई है। पटना समेत कुछ जिलों में रविवार रात को हवा चलने से गर्मी से राहत जरूर मिली। सोमवार सुबह धूप निकली है लेकिन उतनी तपिश नहीं है। मौसम विभाग ने रोहतास, बक्सर, भोजपुर, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, गया समेत कुछ जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने 28 अप्रैल को पूरे बिहार में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3-4 दिनों में अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री तक की गिरावट हो सकती है। अगले दो से तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में भी एक से तीन डिग्री तक कमी आने की संभावना है।


    कहां कितनी बारिश हुई?

    बारिश के प्रमुख आंकड़ों पर नजर डालें तो ठाकुरगंज में 75.4 मिमी, पलासी में 52.4 मिमी, कुर्साकांटा में 38.4 मिमी, बैसा में 32.4 मिमी और कोचाधामन में 30.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा किशनगंज (28.4 मिमी), सिकटी (26.4 मिमी), फॉरबिसगंज (25.4 मिमी) और अररिया (25.2 मिमी) समेत कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई।


    कहां कितनी गर्मी पड़ी?

    राज्य में गर्मी का असर अब भी बना हुआ है। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस रोहतास के डेहरी में दर्ज किया गया। पूरे राज्य में अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस से 44.4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। हालांकि, बीते 24 घंटों में तापमान में कोई खास बदलाव नहीं देखा गया। वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो सबसे कम 21.0 डिग्री सेल्सियस अररिया के फॉरबिसगंज में दर्ज किया गया। राज्य का न्यूनतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस से 30.3 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा और इसमें भी कोई विशेष परिवर्तन नहीं हुआ।

  • तेज प्रताप के बयान से बिहार के सियासी गलियारों में हलचल…. बोले- कभी भी बिखर सकती है RJD

    तेज प्रताप के बयान से बिहार के सियासी गलियारों में हलचल…. बोले- कभी भी बिखर सकती है RJD


    पटना।
    लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने एक बार फिर अपने बेबाक बयानों से बिहार के सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। एक मीडिया चैनल पर खास बात-चीत करते हुए तेज प्रताप ने न केवल पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Former Chief Minister Nitish Kumar.) के कामकाज की जमकर सराहना की, बल्कि अपने छोटे भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के नेतृत्व वाली राजद (RJD) के भविष्य पर भी बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया।


    “मेरे अलग होने से कमजोर हुई राजद”

    तेज प्रताप यादव ने राजद की वर्तमान स्थिति पर कड़ा प्रहार करते हुए दावा किया कि पार्टी अब बिखरने की कगार पर है। उन्होंने साफ लहजे में कहा, “जब से हम राजद से अलग हुए हैं, पार्टी कमजोर हुई है।” उन्होंने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वह जनता से दूरी बनाए हुए हैं। तेज प्रताप ने यहाँ तक चेतावनी दे डाली कि राजद की स्थिति फिलहाल ऐसी है कि उसके विधायकों पर अन्य दलों की नजर बनी हुई है और पार्टी कभी भी टूट सकती है। उनके बचे हुए 25 विधायकों को कोई भी कभी भी तोड़ सकता है।

    नीतीश कुमार को 10 में से 9 नंबर
    जब तेज प्रताप से पूछा गया कि वह नीतीश कुमार के कार्यकाल को कैसे देखते हैं, तो उन्होंने बेहद बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार हमारे पिता लालू प्रसाद यादव के पुराने साथी रहे हैं। वह हमारे चाचा के समान हैं और राजनीति में बहुत सीनियर हैं। हम लोग तो अभी उनके सामने बच्चे हैं।” दिलचस्प बात यह रही कि जब उन्हें याद दिलाया गया कि उनकी माता राबड़ी देवी को हटाकर ही नीतीश सीएम बने थे, तो तेज प्रताप ने कहा कि राजनीति में उलटफेर चलते रहते हैं, लेकिन व्यक्तिगत संबंध अपनी जगह हैं। उन्होंने मजाकिया लहजे में नीतीश कुमार की एक खूबी भी गिनाई और कहाँ कि “चाचा काम के दौरान न्यूट्रल रहते थे और जिस तरह वह अपना पेट सहलाते हैं, वह मुझे बहुत अच्छा लगता है।”


    बदलते सियासी समीकरण के संकेत?

    बता दें कि नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल को राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा था। इसके बाद 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। तेज प्रताप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार की राजनीति एक नए दौर से गुजर रही है। भाई तेजस्वी यादव पर तंज और चाचा नीतीश की इतनी बड़ी रेटिंग, कहीं न कहीं बिहार में एक नए सियासी समीकरण की आहट दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेज प्रताप का यह ‘नंबर गेम’ आने वाले दिनों में राजद के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है।

  • बिहार की कमान संभालते ही बड़ी परीक्षा: सम्राट चौधरी के सामने विकास की रफ्तार बढ़ाने की चुनौती

    बिहार की कमान संभालते ही बड़ी परीक्षा: सम्राट चौधरी के सामने विकास की रफ्तार बढ़ाने की चुनौती


    पटना। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही बिहार की राजनीति में नया अध्याय शुरू हो गया है। लंबे समय तक राज्य की कमान संभालने वाले नीतीश कुमार ने विकास की मजबूत नींव रखी, अब उस पर “विकसित बिहार” की इमारत खड़ी करने की जिम्मेदारी नई सरकार पर आ गई है।

    नई सरकार ने “न्याय के साथ विकास” की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए “बदलता बिहार, बढ़ता बिहार” का नारा दिया है। लेकिन असली चुनौती अब इस बदलाव की गति को तेज करने की है।

    विकास की रफ्तार बढ़ाना सबसे बड़ी चुनौती
    नीतीश कुमार के कार्यकाल में बिहार की औसत विकास दर 10% से अधिक रही। हालांकि अर्थशास्त्रियों का मानना है कि विकसित राज्यों की श्रेणी में आने के लिए यह रफ्तार 20% के आसपास होनी चाहिए। ऐसे में सम्राट चौधरी के सामने कम समय में दोगुनी गति से विकास करने की बड़ी चुनौती है।

    शपथ लेने के तुरंत बाद ही उन्होंने अधिकारियों को साफ संकेत दे दिया कि काम की रफ्तार बढ़ानी होगी और लटकाने की प्रवृत्ति खत्म करनी होगी।

    डबल इंजन सरकार—ताकत या उम्मीद?
    राज्य में नई सरकार की एक बड़ी ताकत केंद्र में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन है। “डबल इंजन” मॉडल के चलते केंद्र से सहयोग और संसाधनों की उम्मीद बढ़ जाती है।

    हालांकि, विशेष राज्य का दर्जा अभी तक नहीं मिल पाया है, लेकिन विशेष पैकेज के जरिए कुछ आर्थिक मदद जरूर मिली है।

    आर्थिक संसाधन बढ़ाना बड़ी चुनौती
    बिहार की सबसे बड़ी कमजोरी सीमित आंतरिक आय है। राज्य का आंतरिक राजस्व करीब 75 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचा है, जिसे तेजी से बढ़ाने की जरूरत है।

    केंद्र से करों और अनुदान में बड़ी हिस्सेदारी मिलती है
    बजट में कर्ज का भी प्रावधान है
    लेकिन अपनी आय अभी भी जरूरत के मुकाबले कम है

    ऐसे में सरकार को नए राजस्व स्रोत तलाशने और कठोर आर्थिक फैसले लेने पड़ सकते हैं।

    रोजगार, पलायन और गरीबी—तीन बड़ी चिंताएं
    बिहार की जमीनी चुनौतियां अब भी गंभीर हैं:

    बेरोजगारी
    कम प्रति व्यक्ति आय
    बड़े पैमाने पर पलायन

    जातीय सर्वेक्षण में लाखों परिवार गरीब पाए गए हैं। सरकार ने उन्हें आर्थिक सहायता देने और महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की योजनाएं शुरू की हैं, लेकिन इन पर भारी खर्च भी आएगा।

    अवसर भी कम नहीं
    नई सरकार के पास चुनौतियों के साथ अवसर भी हैं:

    प्रशासनिक ढांचा पहले से व्यवस्थित
    सुशासन की छवि
    केंद्र का समर्थन
    और नेतृत्व में नई ऊर्जा

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सम्राट चौधरी की कार्यक्षमता और जमीनी अनुभव पर भरोसा जताया है।

    बिहार आज एक अहम मोड़ पर खड़ा है। मजबूत नींव तैयार है, लेकिन ऊंची उड़ान के लिए तेज फैसले, बेहतर संसाधन प्रबंधन और रोजगार सृजन पर फोकस जरूरी होगा।

    अब देखना यह है कि सम्राट चौधरी इन चुनौतियों को अवसर में बदलकर “विकसित बिहार” के लक्ष्य को कितनी तेजी से हासिल कर पाते हैं।

  • बिहार: नए CM सम्राट चौधरी आज डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी के साथ लेंगे शपथ

    बिहार: नए CM सम्राट चौधरी आज डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी के साथ लेंगे शपथ


    पटना।
    बिहार (Bihar) में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) (Bharatiya Janata Party (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) (National Democratic Alliance (NDA)) के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (New Chief Minister Samrat Chaudhary) के साथ आज 15 अप्रैल को सिर्फ दो नेता ही शपथ लेंगे। सूत्रों के मुताबिक आज सुबह लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन सीएम सम्राट चौधरी के साथ जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव (Bijendra Prasad Yadav) और विजय कुमार चौधरी (Vijay Kumar Chaudhary) को डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाएंगे। सम्राट चौधरी सरकार के कैबिनेट विस्तार में भाजपा, जदयू और चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास (एलजेपी-आर), जीतनराम मांझी की हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के नेताओं को मंत्री बनाया जाएगा।

    सूत्रों के मुताबिक सम्राट चौधरी विधानसभा में बहुमत साबित करने के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं, जिसमें भाजपा, जदयू, लोजपा-आर, हम और रालोमो के ज्यादातर पुराने मंत्रियों को फिर से मौका मिल सकता है। भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पार्टी 4 मई को पश्चिम बंगाल, असम और दूसरे राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कैबिनेट विस्तार की योजना बना रही है। तब तक सम्राट चौधरी विधानसभा का सत्र बुलाकर अपना बहुमत साबित कर लेंगे।

    एनडीए के दोनों प्रमुख दल भाजपा और जदयू के बीच मंत्रियों की संख्या और विभागों के बंटवारे पर शुरुआती सहमति बन जाएगी, तभी दोनों दल बचे हुए सहयोगी दल लोजपा-आर, हम और रालोमो से बातचीत करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष का पद भी भाजपा और जदयू के बीच लेन-देन की चर्चा का विषय हो सकता है, जिस पद पर अभी भाजपा के प्रेम कुमार हैं।

  • बिहार में सत्ता परिवर्तन की आहट: 14 अप्रैल को नए सीएम का ऐलान, 15 को शपथ ग्रहण संभव

    बिहार में सत्ता परिवर्तन की आहट: 14 अप्रैल को नए सीएम का ऐलान, 15 को शपथ ग्रहण संभव

    पटना। बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पहली बार राज्य में अपना मुख्यमंत्री बनाने की दिशा में सक्रिय नजर आ रही है। इसी कड़ी में पार्टी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को विधायक दल के नेता के चयन के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

    14 अप्रैल को होगा नेता का चयन

    शिवराज सिंह चौहान 14 अप्रैल को पटना पहुंचेंगे। उनकी मौजूदगी में भाजपा विधायक दल की बैठक में नए नेता के नाम पर मुहर लगेगी। इसके बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दल—जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा—की बैठकों के बाद संयुक्त बैठक में मुख्यमंत्री के नाम का औपचारिक ऐलान किया जाएगा।

    15 अप्रैल को शपथ ग्रहण की तैयारी

    सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार का शपथ ग्रहण 15 अप्रैल को संभावित है। कार्यक्रम के लिए लोकभवन के साथ-साथ बापू सभागार को भी तैयार रखा गया है। पहले चरण में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और कुछ वरिष्ठ मंत्री शपथ लेंगे, जबकि बाद में मंत्रिमंडल विस्तार किया जाएगा। समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है।

    राज्यपाल को सौंपा जाएगा दावा

    एनडीए विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद 14 अप्रैल की शाम को ही राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा।

    नीतीश सरकार की आखिरी कैबिनेट

    वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 अप्रैल को सुबह 11 बजे कैबिनेट की अंतिम बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक उनके लंबे कार्यकाल की आखिरी कैबिनेट मानी जा रही है। बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। इसके बाद वे डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित कर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंपेंगे।

    ‘हर जिम्मेदारी निभाऊंगा’—शिवराज

    पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह पार्टी के एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे।

    सीएम आवास पर बढ़ी हलचल

    इधर, पटना में मुख्यमंत्री आवास पर नेताओं की आवाजाही भी तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई नेताओं ने नीतीश कुमार से मुलाकात कर आगे की रणनीति पर चर्चा की।

    बिहार की राजनीति अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है, जहां 14 और 15 अप्रैल की तारीखें सत्ता परिवर्तन की दिशा तय करेंगी।

  • 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य की शपथ लेंगे नीतीश कुमार…. बिहार में नई सरकार गठन की कवायद तेज

    10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य की शपथ लेंगे नीतीश कुमार…. बिहार में नई सरकार गठन की कवायद तेज


    पटना।
    बिहार (Bihar) के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। जदयू के विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री तीन दिवसीय दौरे पर 9 अप्रैल की दोपहर दिल्ली रवाना होंगे। शुक्रवार को शपथ लेने के बाद शनिवार 11 अप्रैल को पटना वापस आएंगे। दिल्ली में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री (Prime Minister and Home Minister) से भी उनकी मुलाकात हो सकती है।

    नीतीश कुमार के पटना वापसी के साथ ही बिहार में भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार के गठन की कवायद तेज हो जाएगी। इसके बाद किसी भी दिन नीतीश मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ सकते हैं। एनडीए के दलों में यह आपसी साझेदारी बन चुकी है कि अगला मुख्यमंत्री भाजपा का होगा। सरकार में जदयू की मौजूदगी भी दमदार रहेगी तथा इस पार्टी से राज्य को उप मुख्यमंत्री मिलेगा। यह दोनों बातें पहली बार होगी।

    नीतीश कुमार बतौर राज्यसभा सदस्य शपथ लेकर पटना वापसी पर किसी दिन एनडीए विधानमंडल दल की बैठक बुला सकते हैं और इस बैठक में वह सीएम पद छोड़ने की जानकारी आधिकारिक तौर पर विधायकों को देंगे। फिर राज्यपाल को इस्तीफा सौंपेंगे। नई सरकार के गठन को पहले एनडीए के सभी घटक दलों के विधायक दल की अलग-अलग बैठकों में नेता चुने जाएंगे।

    फिर एनडीए विधानमंडल दल के नेता की घोषणा संयुक्त बैठक में होगी। नए नेता सरकार गठन का प्रस्ताव राज्यपाल को सौंपेंगे। एनडीए के दलों में हो रही चर्चा के मुताबिक 15 अप्रैल के बाद ही नई सरकार अस्तित्व में आएगी। पद छोड़ने के पहले सीएम की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक होने के भी आसार हैं, जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।


    कौन बनेगा बिहार का सीएम?

    अब भले ही बिहार में नई सरकार बनने का प्रोग्राम सेट हो गया हो लेकर राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा इसपर अभी सस्पेंस बरकरार है। सीएम की रेस में सम्राट चौधरी का नाम अभी सबसे आगे चल रहा है। मौजूदा डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने हाल ही में यह कर सम्राट चौधरी की राह और भी आसान कर दी थी कि वो सीएम की रेस में नहीं हैं बल्कि वो सेवक की रेस में हैं। हालांकि, बिहार के नए मुख्यमंत्री को लेकर अभी बीजेपी ने चुप्पी साध रखी है। पार्टी नेता लगातार यह कह रहे हैं कि एनडीए की बैठक में बिहार के नए सीएम का नाम तय किया जाएगा। इधऱ डिप्टी सीएम की रेस में नीतीश कुमार के बेटे निशांत का नाम है। हालांकि, सीएम और डिप्टी सीएम के नामों को लेकर यह सिर्फ कयासबाजी है अभी इसपर आधिकारिक तौर से कुछ भी साफ नहीं किया गया है।