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  • Bihar: पटना समेत 13 जिलों में आंधी-पानी ने मचाई तबाही… 4 लोगों की मौत, आज यहां अलर्ट

    Bihar: पटना समेत 13 जिलों में आंधी-पानी ने मचाई तबाही… 4 लोगों की मौत, आज यहां अलर्ट


    पटना।
    बिहार (Bihar) में शुक्रवार को पटना (Patna ) समेत 13 जिलों में आंधी- बारिश से भारी तबाही (Heavy Destruction Storm and Rain) हुई। इस दौरान ठनका और दीवार गिरने से चार लोगों की मौत हो गई। वहीं, मोकामा में 12 मजदूर झुलस गए। तेज आंधी-बारिश से जगह-जगह पेड़ और बिजली के पोल भी धराशायी हो गए। फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। दूसरी ओर,राज्यभर में शनिवार को गरज-चमक के साथ धूल भरी तेज आंधी और 16 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    शुक्रवार को ज्यादातर जिलों में दोपहर बाद मौसम में बदला और तेज गति से हवा चलने लगी। मोतिहारी में 10, वाल्मीकिनगर व राजगीर में 8, पूसा में 7 मिलीमीटर बारिश हुई। गया जी, रोहतास सहित 11 जिलों में बूंदाबांदी और हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को कटिहार, किशनगंज और अररिया के एक-दो स्थानों पर 50 से 60 किमी की रफ्तार से हवा चलने का ऑरेंज अलर्ट है। अन्य जगहों पर 40 से 50 किमी की रफ्तार से हवा चलेगी। पटना, गयाजी, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय, जहानाबाद, बांका, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार में बारिश के आसार हैं।


    ओएचई पर गिरा पेड़, तीन घंटे तक रेल परिचालन बाधित

    तेज आंधी और बारिश के कारण शुक्रवार की शाम करीब सात बजे मोकामा के शिवनार हॉल्ट के समीप ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर (ओएचई) पर पेड़ गिर गया। इस कारण मोकामा-दानापुर रेलखंड की अप लाइन पर करीब तीन घंटे तक ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा। वंदे भारत एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर रुक गई। कई यात्रियों की गंगा दामोदर, साउथ बिहार सहित कई कनेक्टिंग ट्रेनें भी छूट गईं। इस कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।


    एक दर्जन से अधिक ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर रुकी रहीं

    शुक्रवार की शाम सात बजे मोकामा-दानापुर रेलखंड के शिवनार हॉल्ट के निकट ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर (ओएचई) के ऊपर एक पेड़ गिर गया। इसकी वजह से लगभग सात से 10 बजे तक अपलाइन पर ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा। इस दौरान औटा हॉल्ट पर टाटा-बक्सर एक्सप्रेस, सहरसा इंटरसिटी एक्सप्रेस, किऊल जंक्शन पर जनशताब्दी एक्सप्रेस, जमुई जंक्शन पर वंदे भारत एक्सप्रेस सहित लगभग एक दर्जन से अधिक ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर रुकी रहीं। मोकामा के टीआरडी टेक्निशन ने करीब तीन घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद पेड़ को काटकर हटाया। इसके बाद ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर को सीधा कर रात 10:05 बजे ट्रेनों का परिचालन शुरू किया गया।

    सहरसा-पटना इंटरसिटी में सवार सुप्रिया सुमन ने बताया कि वह सहरसा से पटना जा रही थीं। औंटा हॉल्ट के आगे लगभग चार घंटे से ट्रेन रुकी रही। इस दौरान एसी को बंद कर ब्लोअर चला दिया गया, जिस कारण कोच में घुटन होने लगी। खाना और पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। पानी के लिए लोग इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन अंधेरा होने के कारण कहीं भी कुछ नहीं मिला। शनिवार को ईद की छुट्टी और रविवार के अवकाश के कारण ज्यादातर नौकरी करने वाले लोग अपने-अपने घर जा रहे थे। इस दौरान कई लोगों को कनेक्टिंग ट्रेन से झारखंड भी जाना था, लेकिन उनकी ट्रेन छूट गई। ट्रेन में पानी खत्म हो गया था। इस कारण शौचालय जाने में भी लोगों को समस्या हो रही थी। पुरुष तो ट्रेन से उतरकर इधर-उधर चले जा रहे थे, लेकिन महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

    मोकामा रेलवे स्टेशन के प्रभारी प्रबंधक चंदन कुमार ने बताया कि शिवनार हॉल्ट के पास तेज आंधी और पानी के कारण ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर के ऊपर एक पेड़ गिर गया। टीआरडी टेक्नीशियन ने लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद पेड़ काटकर हटाया। इसके बाद रात करीब 10:05 बजे ट्रेनों का परिचालन शुरू हुआ।

  • तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ीं, कांग्रेस ने राजद का गणित बिगाड़ा

    तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ीं, कांग्रेस ने राजद का गणित बिगाड़ा



    नई दिल्ली।  बिहार में राज्यसभा चुनाव के दौरान महागठबंधन के लिए बड़ा झटका आया है। RJD के उम्मीदवार एडी सिंह के लिए वोट देने के लिए कांग्रेस के तीन और RJD के एक विधायक मतदान में शामिल नहीं हुए। यह स्थिति RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव के लिए चिंता का विषय बन गई है।

    तेजस्वी ने असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM और मायावती की BSP से समर्थन जुटाकर छह अतिरिक्त वोट जोड़ने की कोशिश की थी। लेकिन महागठबंधन के अपने चार विधायकों के अनुपस्थित रहने से यह रणनीति कमजोर पड़ गई।

    कांग्रेस के वाल्मीकि नगर विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा, फारबिसगंज के मनोज विश्वास, मनिहारी के मनोहर प्रसाद सिंह और RJD के ढाका के फैसल रहमान वोटिंग में शामिल नहीं हुए। कुल 243 में से 239 विधायकों ने वोट डाला।

    महागठबंधन की योजना थी कि ओवैसी और मायावती के समर्थन से संख्या 35 से बढ़ाकर 41 हो जाएगी। लेकिन चार विधायकों की अनुपस्थिति से यह घटकर 37 रह गई। इससे एनडीए के पांचवें उम्मीदवार शिवेश राम की जीत की संभावना मजबूत हो गई है।

    तेजस्वी यादव ने विधानसभा में मौजूद रहकर भी इस पर कोई टिप्पणी नहीं दी। उन्होंने कहा कि मतदान शाम 4 बजे तक है और परिणाम आने के बाद ही वह इस पर कुछ कहेंगे।

    विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना महागठबंधन के भीतर तालमेल की कमी और कांग्रेस के अंदर मतभेदों को उजागर करती है। विधानसभा चुनाव के दौरान भी महागठबंधन के सीट बंटवारे में देरी और किचकिच को पराजय के कारणों में गिना गया था, और यही माहौल अब राज्यसभा चुनाव में भी देखने को मिला।

    एनडीए के अन्य चार उम्मीदवार हैं: नीतीश कुमार (JDU अध्यक्ष और CM), नितिन नवीन (BJP अध्यक्ष), रामनाथ ठाकुर (JDU केंद्रीय मंत्री) और उपेंद्र कुशवाहा (RLM अध्यक्ष)। चार विधायकों के वोट न डालने से एनडीए की स्थिति मजबूत हुई है और उनके सभी उम्मीदवार दिल्ली पहुंच सकते हैं।

    राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह घटना महागठबंधन के लिए गंभीर चेतावनी है। कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक कमजोरी और मतभेद गठबंधन की सफलता पर असर डाल सकते हैं। तेजस्वी यादव और RJD को अब संगठन मजबूत करने, सहयोग सुनिश्चित करने और वोटिंग रणनीति पर नजर रखने की जरूरत है।

  • विहारः एनडीए को राज्यसभा की पांचवी सीट पर जीत के लिए संख्या बल के साथ जातीय समीकरण की भी परीक्षा

    विहारः एनडीए को राज्यसभा की पांचवी सीट पर जीत के लिए संख्या बल के साथ जातीय समीकरण की भी परीक्षा


    पटना।
    बिहार में पांच सीटों पर हो रहे राज्यसभा का चुनाव 16 मार्च यानि साेमवार काे है। ऐसे में यहां का सियासी पारा रविवार काे काफी चढ़ा रहा। यह चुनाव अब सिर्फ एक संसदीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच प्रतिष्ठा की जंग बन चुकी है। सियासी गलियारों में आज देर शाम तक लगातार बैठकों, रणनीतियों और जोड़-तोड़ की खबरें आ रही हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलाें के बीच बैठकाें का दाैर आज चलता रहा। भाजपा की काेर कमिटी की बैठके हुई।वहीं राजद के वरिष्ठ नेता लगातार अन्य पाटियाें के विधायकाें से मिलते रहे।

    राजग नेताओं काे वाेट देने कब आना है,कैसे और किसकाे किसके लिए वाेट करना है सहित अन्य बाताें काे समझाया गया। वहीं राष्ट्रीय जनता (राजद) ने अपने समर्थन के विधायकाें काे हाेटल पनाश में ठहराया है। रविवार देर शाम तेजस्वी यादव एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल इमान के आवास पर आयोजित दावत-ए-इफ्तार में शामिल हुए।

    राजग जहां अपने संख्या बल के आधार पर चार सीटों पर जीत सुनिश्चित मान रहा है। वहीं पांचवीं सीट को लेकर राजद और राजग दोनों खेमों में रणनीतिक गणित और सियासी जोड़-तोड़ तेज हो गई है।

    बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं और राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए कम से कम 41 विधायकों के वोट की जरूरत होती है। 202 विधायक होने से राजग खेमे की स्थिति मजबूत है और 4 सीट आसानी से जीत सकते हैं। पांचवीं सीट के लिए 38 विधायकों का समर्थन है ऐसे ओं उन्हें 3 अतिरिक्त विधायकों की जरूरत होगी।

    जबकि विपक्षी खेमे की स्थिति काे देखा जाये ताे राजद के 25 विधायक, कांग्रेस के 6 विधायक, वाम दल के 3 विधायक, आईपीपी के 1 विधायक है। राजद काे 6 विधायकाें की आवश्यकता है। इसके लिए राजद की ओवैसी की पार्टी का समर्थन के लिए सकारात्मक बातचीत हुई है। बसपा के भी एक विधायक का समर्थन पाने की उम्मीद में है।

    एआईएमआईएम के निमंत्रण पर तेजस्वी यादव रविवार की शाम पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल इमान के आवास पर आयोजित दावत-ए-इफ्तार में शामिल हुए, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। ऐसी उम्मीद जतायी जा रही है कि ओवैसी के पांचों विधायक कल महागठबंधन के उम्मीदवार के पक्ष में वोट कर सकते हैं। अब देखना है कि कौन सियासी बाजी मारता है? इस प्रकार पांचवीं सीट के लिए मुकाबला दिलचस्प हो गया है।

    बिहार विधानसभा में संख्या बल के साथ साथ यदि राजद और राजग दोनों खेमों में जातीय समीकरण काे देखा जाये ताे एनडीए काे इसके लिए भी खास तैयारी करनी हाेगी। जदयू से उम्मीदवार नीतीश कुमार कुर्मी जाति से आते हैं, जबकि रामनाथ ठाकुर नाई समुदाय से हैं। भाजपा के उम्मीदवार नितिन नवीन कायस्थ जाति से हैं और शिवेश कुमार दलित समाज से आते हैं। वहीं राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता उपेंद्र कुशवाहा कुशवाहा समुदाय से हैं। ऐसे में राजग के पांच उम्मीदवारों में कोई भी सवर्ण चेहरा नहीं है।

    जबकि राष्ट्रीय जनता (राजद) ने राज्यसभा के लिए एडी सिंह को उम्मीदवार बनाया है, जो जाति से भूमिहार हैं। बिहार विधानसभा में एनडीए के भीतर भी बड़ी संख्या में भूमिहार विधायक हैं। ऐसे में क्रॉस वोटिंगकी आशंका काे राजनीति में पूरी तरह गलत नहीं ठहराया जा सकता। सत्तारूढ़ गठबंधन में यह आशंका जताई जा रही है कि कुछ विधायक स्वजातीय उम्मीदवार होने के कारण राजद उम्मीदवार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं।

    जदयू भाजपा दलों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक राजग ने अंदरूनी स्तर पर एक रणनीति बनाई है। इसके तहत जदयू के भूमिहार विधायकों से कहा गया है कि वे नीतीश कुमार को वोट दें, जबकि भाजपा के भूमिहार विधायक नितिन नवीन को वोट करेंगे। माना जा रहा है कि इस रणनीति के जरिए एनडीए क्रॉस वोटिंग की आशंका को कम करना चाहता है।

    पूर्व मंत्री और भाजपा नेता जीवेश मिश्रा ने कहा कि हम लोग बिहार को रफ्तार दे रहे हैं और तेजस्वी यादव इफ्तार में लगे हुए है, यही अंतर हैं हममें और तेजस्वी यादव में। कल राज्यसभा का चुनाव होने वाला है। कल के इलेक्शन में राजग की जीत तय है।

    समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने कहा कि राजग के सभी उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित है। वोट खराब ना हो इसे लेकर विधायकों को बताया गया है कि कैसे वोटिंग करना है। राजद के होटल पनाश में विधायकाें काे रहने के लिए 40 कमरा बुक कराये जाने पर मदन सहनी ने कहा कि वैसे ही वोट कम रहा है उनका 40 कमरा के बजाय 41 कमरा बुक करते तो कुछ कहा भी जा सकता है।

    तेजस्वी का कहना था कि अख्तरूल इमान के निमंत्रण के बाद आज हम इफ्तार में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। कल होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए ओवैसी की पार्टी से हमलोगों ने समर्थन मांगा है। कल के चुनाव में हम सभी सेक्यूलर दल मिलकर भाजपा के लोगों को परास्त करेंगे और चुनाव जीतेंगे।

  • Weather Update: दिल्ली में मार्च की गर्मी 35.7°C पार, 50 साल का रिकॉर्ड टूटा, इन राज्यों में बारिश की संभावना

    Weather Update: दिल्ली में मार्च की गर्मी 35.7°C पार, 50 साल का रिकॉर्ड टूटा, इन राज्यों में बारिश की संभावना



    नई दिल्ली । मार्च की शुरुआत होते ही देश के कई हिस्सों में गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। कई राज्यों में तापमान तेजी से बढ़ते हुए 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। राजस्थान के अकोला में अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी तेज गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है।

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी मार्च की गर्मी ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले करीब 50 वर्षों में मार्च के पहले ही सप्ताह में दर्ज सबसे अधिक तापमान है। दिन के समय तेज धूप के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश में हीटवेव को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार, मैदानी इलाकों में जब तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक पहुंच जाता है और सामान्य से 4-6 डिग्री अधिक होता है, तब हीटवेव की स्थिति मानी जाती है। ऐसे समय लोगों को लू लगने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

    हालांकि, आने वाले कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के प्रभाव से पहाड़ी क्षेत्रों में राहत मिल सकती है। 8 से 12 मार्च के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। कश्मीर घाटी के कुपवाड़ा, गांदरबल, बांदीपोरा और अनंतनाग में भी हल्की बर्फबारी हो सकती है।

    इसके अलावा सिक्किम, ओडिशा और केरल में बारिश के आसार हैं। पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में मौसम बदलने से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

    मौसम विभाग ने लोगों से आगाह किया है कि तेज धूप में घर से बाहर निकलते समय सुरक्षा उपाय अपनाएं, पर्याप्त पानी पीएं और बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें। इस मार्च की गर्मी ने देशभर में गर्मी की शुरुआती चेतावनी दे दी है और आने वाले दिनों में मौसम पर नजर रखना जरूरी है।

  • बिहार में होने जा रहा है बड़ा बदलाव…. निशांत कुमार आज जदयू में होंगे शामिल

    बिहार में होने जा रहा है बड़ा बदलाव…. निशांत कुमार आज जदयू में होंगे शामिल


    पटना।
    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) के राज्यसभा (Rajya Sabha) में जाने के फैसले के बाद बिहार (Bihar) में कई मोर्चों पर जल्द ही बड़ा बदलाव नजर आएगा। मुख्यमंत्री कौन होगा, यह तय होना अभी बाकी है। इस बीच सम्राट चौधरी को केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने बागडोगरा बुलाया है। उधर, निशांत कुमार जदयू में सक्रिय हो गये हैं। वे रविवार को पार्टी दफ्तर में आयोजित समारोह में विधिवत दल की सदस्यता लेंगे। निशांत अपनी सियासी यात्रा चम्पारण से शुरू करेंगे।

    याद रहे नीतीश कुमार ने भी अपनी सभी यात्राएं यहीं से शुरू की हैं। आने वाले दिनों में जदयू के सांगठनिक मोर्चे पर निशांत की बड़ी भूमिका होगी। सरकार में वे उपमुख्यमंत्री होंगे। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। वर्तमान में सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा राज्य के उपमुख्यमंत्री हैं।शनिवार को जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर निशांत कुमार ने पहले पार्टी के करीब डेढ़ दर्जन युवा विधायकों संग बैठक की। इसमें कई वरीय नेता भी शामिल हुए। फिर जिलाध्यक्षों के साथ उन्होंने लम्बी मंत्रणा की।

    पार्टी में शामिल होने के पूर्व ही वे पूरी तरह एक्टिव मोड में दिखे। निशांत ने पार्टी नेताओं से कहा कि वे अपने पिता नीतीश कुमार के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। बिहार के लिए उन्होंने जो कुछ किया है, उसे हर हाल में आगे बढ़ाएंगे। वे पार्टी संगठन को और मजबूत करेंगे और जो भी जिम्मेवारी पार्टी उन्हें सौंपेगी, उसे पूरा करेंगे। उन्होंने बेहद सामान्य माहौल में विधायकों व नेताओं से बातचीत की।


    महावीर मंदिर में पूजा के बाद जाएंगे पार्टी दफ्तर

    शुक्रवार को नीतीश कुमार की अध्यक्षता में पार्टी सांसदों, विधायकों व विधान पार्षदों की बैठक में निशांत के जदयू में शामिल होने के प्रस्ताव पर मुहर लगी। संजय झा ने बैठक में उनके जदयू में शामिल होने का प्रस्ताव रखा, जिसे सबने हाथ उठाकर समर्थन दिया। अब उन्हें रविवार को श्री झा समेत तमाम वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता दिलाई जाएगी। इसके साथ ही निशांत का सक्रिय राजनीति में प्रवेश होगा। इसके पहले वे महावीर मंदिर जाकर पूजा-अर्चना करेंगे।

  • नीतीश कुमार का राज्यसभा नामांकन: अमित शाह ने स्वागत किया, JDU कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा

    नीतीश कुमार का राज्यसभा नामांकन: अमित शाह ने स्वागत किया, JDU कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा


    नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा सदस्य के लिए नामांकन दाखिल किया। उनके साथ बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, उपेन्द्र कुशवाहा और शिवेश कुमार भी मौजूद रहे। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कार्यक्रम में शिरकत की और नीतीश कुमार के लंबे और भ्रष्टाचार-मुक्त राजनीतिक सफर की सराहना की। शाह ने कहा कि नीतीश का कार्यकाल बिहार के इतिहास में स्वर्णिम पृष्ठ के रूप में लिखा जाएगा और उन्होंने बिहार को जंगलराज से मुक्त करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने बिहार की सड़कों और ग्रामीण विकास में भी योगदान दिया और अपनी राजनीतिक यात्रा में किसी तरह के भ्रष्टाचार का आरोप कभी नहीं लगा।

    नामांकन के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि राज्यसभा में जाने के बावजूद वे बिहार की नई सरकार को हर तरह से सहयोग देंगे। उन्होंने अपने संसदीय जीवन के महत्व और जनता के प्रति जिम्मेदारी पर जोर दिया। नीतीश के इस ऐलान के बाद तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में महाराष्ट्र मॉडल लागू किया गया है और बीजेपी ने नीतीश को हाईजैक कर दिया। उनका कहना था कि सहयोगी पार्टी को ताकत से दबाकर नीतीश को राज्यसभा भेजा गया।

    नीतीश के राज्यसभा नामांकन की खबर मिलते ही सुबह से ही JDU कार्यकर्ता उनके मुख्यमंत्री आवास पर इकट्ठा होने लगे। कार्यकर्ताओं ने अपने नेता के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि वे नीतीश कुमार को कहीं नहीं जाने देंगे। इस दौरान CM हाउस के बाहर भावुक दृश्य देखने को मिले और कई कार्यकर्ता रोते हुए नजर आए। कार्यकर्ताओं ने बीजेपी कोटे के मंत्रियों सुरेंद्र मेहता, JDU MLC संजय गांधी और JDU विधायक प्रेम मुखिया को भी CM हाउस से बाहर निकाल दिया।

    JDU कार्यालय में भी नाराज कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की और हंगामा किया। कई जिलों जैसे बेगूसराय और नालंदा में नीतीश के राज्यसभा जाने का विरोध हुआ। कार्यकर्ताओं ने ललन सिंह, विजय चौधरी, संजय झा मुर्दाबाद के नारे लगाए, जिसके कारण JDU ऑफिस का गेट बंद कर दिया गया। जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि नीतीश कुमार के योगदान की चर्चा दशकों तक होती रहेगी और कार्यकर्ताओं के लिए यह फैसला सहज रूप से अपनाना मुश्किल है, लेकिन वे इसे स्वीकार करेंगे।

    अमित शाह ने इस अवसर पर कहा कि नीतीश कुमार 2005 से बिहार के मुख्यमंत्री रहे और अब लंबे अरसे के बाद राज्यसभा सांसद के रूप में राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश कर रहे हैं। शाह ने उनके प्रशासनिक कौशल, सादगी और बिहार में विकास कार्यों के लिए किए गए योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार के हर गांव और घर में बिजली पहुंचाई और पीएम मोदी के नेतृत्व में सभी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाया।

    नीतीश कुमार ने भी अपने पोस्ट में कहा कि संसदीय जीवन के लिए उनका सपना है कि वे दोनों सदनों का अनुभव लें और बिहार के विकास के लिए काम करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं और जनता से अपील की कि वे बिहार की नई सरकार को सहयोग दें और पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखें।

    राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राज्यसभा के लिए नीतीश का नामांकन और JDU कार्यकर्ताओं का गुस्सा बिहार में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। यह घटना न केवल राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है, बल्कि आगामी दिनों में बिहार की सियासत में हलचल और बढ़ सकती है।

    नीतीश कुमार का यह कदम उनके समर्थकों और आलोचकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। राज्यसभा में जाने के साथ ही वे राष्ट्रीय स्तर पर फिर से सक्रिय भूमिका निभाएंगे, वहीं कार्यकर्ताओं का विरोध और नाराजगी बीजेपी और JDU के बीच संबंधों की जटिलता को भी दर्शाता है।

  • Bihar: सीमांचल में अबैध घुसपैठ, जाली नोट, नशा-तस्करी के खिलाफ चलेगा बड़ा ऑपरेशन…

    Bihar: सीमांचल में अबैध घुसपैठ, जाली नोट, नशा-तस्करी के खिलाफ चलेगा बड़ा ऑपरेशन…


    पटना।
    बिहार (Bihar) के सीमांचल में अवैध घुसपैठ (Illegal Intrusion) के साथ ही भारतीय जाली नोट, मानव व्यापार और नशे के खिलाफ बड़ा ऑपरेशन चलेगा। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) के तीन दिवसीय दौरे के बाद केन्द्रीय एजेंसियां समेकित रूप से इसकी विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने में जुट गयी हैं। अभियान में एसएसबी, बीएसएफ, आईटीबीपी, एनआईए, ईडी, आईबी सहित स्थानीय प्रशासन और बिहार पुलिस का आपसी सहयोग रहेगा।

    दरअसल, केन्द्रीय खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली है कि नेपाल से जुड़े बिहार के सीमाई इलाकों में अवैध घुसपैठ के साथ ही जाली भारतीय नोट, मानव व्यापार और नशीली दवाओं की तस्करी का बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय है। यह नेटवर्क भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के साथ ही क्षेत्रीय संतुलन भी बिगाड़ रहा है। इसके लिए केन्द्रीय एजेंसियों को समन्वय के साथ काम करने का निर्देश मिला है। सूत्रों के मुताबिक एसएसबी, आईबी, बीएसएफ और आईटीबीपी को इंटेलिजेंस शेयरिंग कर तस्करी रूटों के लाइव मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी मिली है।

    एनआईए और ईडी जाली नोट, नारकोटिक्स और मानव व्यापार के नेटवर्कों की बड़े स्तर पर जांच करेंगे। इसमें बिहार पुलिस का भी सहयोग मिलेगा। बैठक के बाद केन्द्रीय एजेंसियां इन नेटवर्क के अहम कड़ियों की पहचान और इसके फंडिंग पैटर्न को समझने में जुटी है।


    मदरसों की फंडिंग और चीनी भाषियों पर नजर

    केन्द्रीय बल और जांच एजेंसियों की सीमाई क्षेत्रों के मदरसों की विदेशी फंडिंग पर भी नजर है। संदिग्ध मदरसों के फंडिंग की जांच कराने का निर्देश है। खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली है कि सीमाई क्षेत्र में चीनी भाषा सीखने-सिखाने वाले कई संस्थान खुल गए हैं। पहले इन संस्थानों को सिर्फ शैक्षिक इकाई के रूप में देखा जाता था, लेकिन, अब चीनी इंफ्लुएंसर्स की पहचान करते हुए उनके बैकग्राउंड को खंगाला जा सकता है। आशंका है कि जासूसी या सॉफ्ट वारफेयर के लिए चीनी भाषा प्रभावित लोगों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

    सूत्रों के मुताबिक बैठक में सीमा से सटे इलाके में सुनियोजित रूप से कई अवैध बस्तियां बसाये जाने की सूचना मिली है। केन्द्रीय गृह मंत्री के निर्देश पर अब सीमा क्षेत्र के अंदर 10 किमी तक ऐसी अवैध बस्तियों को हटाया जाएगा। बॉर्डर इलाके में रोहिंग्याओं की बढ़ी हुई सक्रियता को देखते हुए किशनगंज इलाके में सैन्य संगठनों की तैनाती बढ़ाने पर भी विचार हो रहा है।

  • होली 2026: राजस्थान से बिहार तक, मालपुआ से मिठास का त्योहार

    होली 2026: राजस्थान से बिहार तक, मालपुआ से मिठास का त्योहार


    नई दिल्ली । होली का त्योहार रंगों और मस्ती के साथ साथ स्वाद और पारंपरिक व्यंजनों का भी अवसर है। फाल्गुन के महीने में घरों में गुजिया ठंडाई दही भल्ले और तरह तरह के पकवान बनने लगते हैं लेकिन होली पर एक खास मिठाई है जो पूरे भारत में लोकप्रिय है मालपुआ। यह पारंपरिक मिठाई हर राज्य में अलग अंदाज में बनाई जाती है लेकिन स्वाद में हर जगह लाजवाब होती है। कहीं इसे दूध और खोये से बनाया जाता है तो कहीं गुड़ से। भारत में कई राज्यों में होली और मालपुआ का रिश्ता बहुत पुराना है और बिना मालपुआ के होली अधूरी मानी जाती है।

    राजस्थान रबड़ी वाला शाही मालपुआ

    राजस्थान में मालपुआ को खासतौर पर रबड़ी के साथ तैयार किया जाता है। इसके लिए मैदा खोया और दूध मिलाकर गाढ़ा बैटर तैयार किया जाता है फिर इसमें इलायची और सौंफ डालकर स्वाद बढ़ाया जाता है। बैटर को घी में गोल आकार में तलकर चीनी की चाशनी में डुबोया जाता है और ऊपर से ठंडी रबड़ी डालकर मेहमानों को परोसा जाता है। यह शाही अंदाज इसे खास बनाता है।

    बिहार केला मालपुआ

    बिहार में मालपुआ का स्वाद थोड़ी अलग दिशा में जाता है। यहाँ केले का इस्तेमाल किया जाता है और यह अक्सर बिना चाशनी के ही खाया जाता है। पके केले मैदा खोया और दूध का बैटर बनाकर घी में तलने पर यह नरम और खुशबूदार मालपुआ तैयार होता है।

    मथुरा पारंपरिक मालपुआ

    मथुरा में होली का रंग और स्वाद दोनों खास होते हैं। यहाँ मालपुआ मैदा और सूजी से बनाया जाता है। बैटर तैयार करने के लिए मैदा सूजी और दूध मिलाकर घी में तला जाता है और हल्की चाशनी में डुबोकर परोसा जाता है। इसका स्वाद ज्यादा मीठा नहीं होता लेकिन पारंपरिक लुत्फ देता है।

    ओडिशा अंपुआ

    ओडिशा में मालपुआ को अंपुआ कहा जाता है। यहाँ चावल के आटे और नारियल के साथ गुड़ मिलाकर बैटर तैयार किया जाता है। तेल में तलकर बनाई गई अंपुआ हल्की मीठी और बेहद स्वादिष्ट होती है।

    झारखंड होली पर घर घर में मालपुआ

    झारखंड में भी होली पर मालपुआ बनती है और इसकी रेसिपी बिहार से काफी मिलती जुलती है। घर घर में इसे बनाया जाता है और त्योहार की मिठास को बढ़ाता है।इस तरह होली 2026 पर राजस्थान बिहार मथुरा ओडिशा और झारखंड में मालपुआ का अपना अलग महत्व है। यह सिर्फ मिठाई नहीं बल्कि त्योहार की रंगीन यादों और पारंपरिक स्वाद का प्रतीक है। चाहे आप शाही रबड़ी वाला मालपुआ पसंद करें या केले वाला हर प्रकार में इसका स्वाद लाजवाब और होली के जश्न को और खास बना देता है।

  • महाराष्ट्र, बंगाल, बिहार और हरियाणा समेत 10 राज्यों के लिए राज्यसभा चुनाव की घोषणा, 16 मार्च को होगा मतदान

    महाराष्ट्र, बंगाल, बिहार और हरियाणा समेत 10 राज्यों के लिए राज्यसभा चुनाव की घोषणा, 16 मार्च को होगा मतदान


    नई दिल्ली । चुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। यह चुनाव उन सदस्यों की जगह भरे जाने के लिए कराया जा रहा है, जिनका कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है। कुल 10 राज्यों की 37 सीटों पर चुनाव होंगे। आयोग के अनुसार 26 फरवरी 2026 को अधिसूचना जारी होगी। नामांकन दाखिल करने, जांच और नाम वापस लेने की प्रक्रिया तय समय सीमा के अनुसार पूरी की जाएगी। सभी सीटों के लिए मतदान और मतगणना 16 मार्च 2026 को ही होंगे।

    मतदान और मतगणना का कार्यक्रम

    26 फरवरी 2026 को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 5 मार्च 2026 है, जबकि 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी। नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 9 मार्च 2026 तय की गई है। मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और मतगणना उसी दिन शाम 5 बजे से शुरू होगी। चुनाव प्रक्रिया 20 मार्च तक पूरी कर ली जाएगी।

    कौन से राज्यों की सीटों पर चुनाव
    इस चुनाव में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, असम, छत्तीसगढ़, हरियाणा, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश की सीटों के लिए चुनाव होगा। राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवार तय करने की प्रक्रिया तेज कर दी है और राज्यों में चुनावी हलचल बढ़ गई है।

    रिटायर हो रहे सदस्य

    महाराष्ट्र: डॉ. भगवत किशनराव कराड, डॉ. फौजिया तहसीन अहमद खान, प्रियंका विक्रम चतुर्वेदी, शरदचंद्र गोविंदराव पवार, धैर्यशील मोहन पाटिल, रजनी अशोकराव पाटिल, रामदास बंदू अठावले।

    ओडिशा: ममता मोहंता, मुजीबुल्ला खान, सुजीत कुमार, निरंजन बिशी।

    तमिलनाडु: एन आर एलंगो, पी सेल्वारासु, एम थम्बिदुरई, तिरुची सिवा, डॉ. कनिमोझी एन वी एन सोमू, जी के वासन।

    पश्चिम बंगाल: साकेत गोखले, ऋतब्रत बनर्जी, बिकाश रंजन भट्टाचार्य, मौसम नूर, सुब्रत बक्शी।

    असम: रामेश्वर तेली, भुवनेश्वर कलिता, अजीत कुमार भुइयां।

    बिहार: अमरेंद्र धारी सिंह, प्रेम चंद गुप्ता, रामनाथ ठाकुर, उपेन्द्र कुशवाहा, हरिवंश नारायण सिंह।

    छत्तीसगढ़: कवि तेजपाल सिंह तुलसी, फूलो देवी नेताम।

    हरियाणा: किरण चौधरी, राम चंदर जांगड़ा।

    हिमाचल प्रदेश: इंदु बाला गोस्वामी।

    तेलंगाना: डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी, के आर सुरेश रेड्डी।

    राजनीतिक दल अब अपने उम्मीदवार तय कर रहे हैं और 16 मार्च 2026 को इन सभी सीटों के लिए मतदान होगा।

  • Bihar: केन्द्रीय बजट में बड़ी सौगात… पटना में गंगा तट पर 300 करोड़ की लागत से बनेगा शिप रिपेयर सेंटर

    Bihar: केन्द्रीय बजट में बड़ी सौगात… पटना में गंगा तट पर 300 करोड़ की लागत से बनेगा शिप रिपेयर सेंटर


    पटना।
    पटना (Patna) में गंगा नदी (River Ganges) के किनारे दीघा क्षेत्र (Digha area) में 300 करोड़ रुपये की लागत से एक जहाज मरम्मत केंद्र (Ship Repair Center) स्थापित किया जाएगा। केंद्रीय बजट (Union Budget) में इसकी घोषणा के बाद इसका मार्ग प्रशस्त हो गया है। राज्य सरकार ने इसके लिए दीघा में कुर्जी के सामने गंगा किनारे पांच एकड़ जमीन भी आवंटित कर दी है। केंद्र बनने के बाद जलमार्ग से माल ढुलाई और पर्यटन उद्देश्यों के लिए चलने वाले जहाजों की संख्या बढ़ेगी और परिवहन लागत में कमी आएगी।


    दूर-दराज से भी जहाज पहुंचेंगे

    वर्तमान में जहाजों की मरम्मत के लिए उन्हें कोलकाता या वाराणसी ले जाना पड़ता है। पटना में सुविधा उपलब्ध होने के बाद अब स्थानीय जहाजों के साथ-साथ दूरदराज से आने वाले जहाजों की मरम्मत भी यहीं की जाएगी। इससे कोलकाता या वाराणसी तक जहाज भेजने और वापस लाने में होने वाले हजारों रुपये के परिवहन खर्च में बचत होगी। साथ ही, केंद्र के खुलने से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।


    एक बार में चार जहाज की मरम्मत

    इस नए केंद्र में एक बार में चार जहाजों की मरम्मत की सुविधा होगी। इसके लिए लिफ्ट सिस्टम लगाया जाएगा। जहाज को लिफ्ट से गंगा नदी से उठाकर खुले स्थान पर रखा जाएगा, फिर मरम्मत की जाएगी और कार्य पूरा होने के बाद उसे पुनः पानी में स्थापित किया जाएगा।

    रोजगार और परिचालन के नए अवसर

    वर्तमान में गंगा में लगभग 50-60 छोटे और बड़े जहाज चलते हैं, जिनका परिचालन बिहार के साथ उत्तर प्रदेश और बंगाल तक होता है। पटना में मरम्मत केंद्र की कमी के कारण सरकारी विभाग और निजी लोग जहाज संचालन में कम रुचि दिखाते थे। केंद्र खुलने के बाद परिवहन और पर्यटन विभाग जहाज परिचालन बढ़ा सकते हैं और निजी कंपनियां भी माल ढुलाई और पर्यटन के लिए जहाज संचालन कर सकती हैं।