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  • Bihar: पूर्व सीएम लालू यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा में बड़ा बदलाव….., Z+ सुरक्षा हटी

    Bihar: पूर्व सीएम लालू यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा में बड़ा बदलाव….., Z+ सुरक्षा हटी


    पटना।
    बिहार (Bihar) के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav ) और राबड़ी देवी (Rabri Devi) की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है. दोनों नेताओं को पहले Z+ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त थी, लेकिन अब उनकी सुरक्षा में कटौती कर दी गई है. वहीं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) की Y+ कैटेगरी की सुरक्षा पहले की तरह जारी रहेगी. जानकारी के अनुसार, लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी दोनों बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं. पहले उन्हें सुरक्षा खतरों को देखते हुए Z+ श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी, हाउस गार्ड और एस्कॉर्ट वाहन शामिल होते थे।

    हालांकि वर्तमान सुरक्षा मानकों के अनुसार किसी शख्स की सुरक्षा उसके मौजूदा संवैधानिक पद और उपलब्ध खुफिया इनपुट के आधार पर तय की जाती है. चूंकि दोनों नेता लंबे समय से किसी सक्रिय प्रशासनिक या संवैधानिक पद पर नहीं हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया है।

    दूसरी तरफ, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की Y+ श्रेणी की सुरक्षा को बरकरार रखा गया है. सुरक्षा समिति का मानना है कि नेता प्रतिपक्ष का पद कैबिनेट मंत्री के समकक्ष होता है. इसके अलावा उनकी लगातार राजनीतिक गतिविधियों, जनसभाओं और दौरों को देखते हुए मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था जारी रखने का फैसला लिया गया है.

    पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक तेज प्रताप यादव की सुरक्षा में भी कटौती की गई है. पहले उन्हें Y कैटेगरी की सुरक्षा मिलती थी, लेकिन अब उन्हें केवल एक व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी यानी अंगरक्षक उपलब्ध कराया जाएगा. सुरक्षा में यह बदलाव मंत्री पद छोड़ने के बाद लागू होने वाले नियमों के तहत किया गया है।


    राजश्री यादव की सुरक्षा के लिए एक बॉडीगार्ड की तैनाती

    लालू यादव की बड़ी बेटी और सांसद मीसा भारती को अब तीन सुरक्षाकर्मियों का सुरक्षा कवर मिलेगा. यह व्यवस्था सांसदों के लिए निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत तय की गई है. वहीं तेजस्वी यादव की पत्नी राजश्री यादव को एक सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराया जाएगा. राजश्री का कोई राजनीतिक या संवैधानिक पद नहीं है, लेकिन परिवार की सार्वजनिक गतिविधियों और व्यक्तिगत सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें एक अंगरक्षक दिया गया है. इस तरह लालू परिवार के विभिन्न सदस्यों की सुरक्षा व्यवस्था को उनके वर्तमान पद और सुरक्षा मानकों के अनुरूप पुनर्गठित किया गया है।

  • शिक्षा और संस्कृति के संगम की ओर बड़ा कदम, सीबीएसई में मैथिली भाषा शामिल होने से बढ़ा भाषाई गौरव

    शिक्षा और संस्कृति के संगम की ओर बड़ा कदम, सीबीएसई में मैथिली भाषा शामिल होने से बढ़ा भाषाई गौरव

    नई दिल्ली । भारतीय भाषाओं और सांस्कृतिक विरासत को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा मैथिली भाषा को मातृभाषा विषय के रूप में मान्यता दिए जाने के बाद शिक्षा और सांस्कृतिक जगत में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। इस फैसले को न केवल एक भाषाई उपलब्धि माना जा रहा है, बल्कि इसे क्षेत्रीय भाषाओं को नई पहचान और मजबूती देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में भी देखा जा रहा है।

    इस निर्णय के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 से माध्यमिक स्तर तक मैथिली भाषा को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाए जाने की तैयारी की गई है। इसके बाद कक्षा एक से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों को मातृभाषा के रूप में मैथिली पढ़ने का अवसर मिलेगा। लंबे समय से क्षेत्रीय भाषाओं को शिक्षा व्यवस्था में बेहतर स्थान देने की मांग उठती रही है और इस फैसले को उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

    मैथिली भाषा भारतीय संस्कृति और साहित्य की समृद्ध परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। मिथिला क्षेत्र की पहचान केवल उसकी सांस्कृतिक विरासत तक सीमित नहीं रही, बल्कि भाषा और साहित्य के क्षेत्र में भी उसका विशेष योगदान रहा है। ऐसे में शिक्षा के शुरुआती स्तर पर बच्चों को अपनी मातृभाषा से जोड़ने का प्रयास भाषा संरक्षण के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

    इस फैसले को लेकर बिहार में खुशी का माहौल देखा जा रहा है। इसे मिथिला की सांस्कृतिक पहचान और भाषाई गौरव के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रारंभिक शिक्षा यदि बच्चों की मातृभाषा में दी जाए तो उनकी समझने और सीखने की क्षमता अधिक प्रभावी होती है। यही वजह है कि नई शिक्षा व्यवस्था में मातृभाषा आधारित शिक्षा को लगातार प्राथमिकता दी जा रही है।

    शिक्षा नीति में भी प्रारंभिक कक्षाओं में मातृभाषा के प्रयोग पर विशेष जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों को उनकी जड़ों, संस्कृति और स्थानीय पहचान से जोड़ना है। माना जाता है कि जब बच्चे अपनी परिचित भाषा में शिक्षा प्राप्त करते हैं तो उनका बौद्धिक और भावनात्मक विकास अधिक सहज तरीके से होता है।

    मैथिली भाषा को मिला यह स्थान केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे आने वाली पीढ़ियां अपनी मातृभाषा और परंपराओं के अधिक करीब आ सकेंगी। साथ ही यह कदम अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के लिए भी प्रेरणा बन सकता है, जिससे भारत की भाषाई विविधता और अधिक मजबूत हो सकती है।

    भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं होती बल्कि समाज की पहचान, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा भी होती है। ऐसे में मैथिली को शिक्षा व्यवस्था में मिला यह नया स्थान आने वाले समय में भाषाई संरक्षण और सांस्कृतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकता है।

  • बिहार में मिड-डे मील खाने से 60 से ज्यादा बच्चे बीमार, स्कूल में मची अफरा-तफरी

    बिहार में मिड-डे मील खाने से 60 से ज्यादा बच्चे बीमार, स्कूल में मची अफरा-तफरी



    नालंदा । Bihar के नालंदा जिले में मिड-डे मील खाने के बाद 60 से ज्यादा स्कूली बच्चों की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। यह मामला नगरनौसा प्रखंड के मध्य विद्यालय कैला का है, जहां बुधवार को बच्चों को दोपहर के भोजन में चावल और छोले परोसे गए थे। खाना खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों को तेज पेट दर्द, उल्टी, दस्त और चक्कर आने लगे। कई बच्चे स्कूल परिसर में ही बेहोश होकर गिर पड़े, जिससे स्कूल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    स्थिति गंभीर होते ही स्कूल प्रशासन ने आनन-फानन में सभी बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगरनौसा और चंडी रेफरल अस्पताल पहुंचाया। एक छात्रा की हालत ज्यादा खराब होने पर उसे बिहारशरीफ सदर अस्पताल रेफर किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक अस्पताल पहुंच गए। बच्चों की हालत देखकर कई परिजन रोते-बिलखते नजर आए।

    बीमार बच्चों में अमृता कुमारी, अंकुश कुमार, अनुराधा कुमारी, तमन्ना, निशु, मुस्कान, कृति, ऋषि, आरती, सिमरन, खुशी, आदित्य, प्रियांशु, प्रिय, दीपक, प्रीति, डॉली, सौरभ और किरण समेत कई छात्र-छात्राएं शामिल हैं।

    छात्राओं ने आरोप लगाया कि मिड-डे मील में परोसी गई सब्जी में दवा जैसी संदिग्ध गोली दिखाई दी थी। बच्चों का कहना है कि रोज की तरह इस बार भोजन परोसने से पहले शिक्षकों ने टेस्टिंग भी नहीं की थी। हालांकि, बच्चों की हालत बिगड़ने के बाद एक शिक्षक अमरेश ने खुद खाना चखकर जांच करने की कोशिश की, लेकिन कुछ देर बाद उनकी भी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें भी अस्पताल ले जाना पड़ा।

    घटना के बाद मिड-डे मील सप्लाई करने वाली संस्था Ekta Foundation पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों और अभिभावकों ने संस्था पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया गया है।

    स्कूल की प्रधानाध्यापिका रजनी कुमारी ने बताया कि भोजन शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही बच्चों की तबीयत खराब होने लगी थी। हालात बिगड़ते देख तुरंत स्वास्थ्य विभाग और अधिकारियों को सूचना दी गई।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी आनंद विजय ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • MP: देवास ब्लास्ट में गई 5 की जान, धूल का काम बताकर बिहार से बुलाए गए थे मजदूर

    MP: देवास ब्लास्ट में गई 5 की जान, धूल का काम बताकर बिहार से बुलाए गए थे मजदूर


    देवास।
    आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे (Agra-Mumbai National Highway) पर स्थित टोंककला इलाके की एक पटाखा फैक्ट्री (Firecracker factory) गुरुवार सुबह 11 बजे खंडहर में तब्दील हो गई. एक जोरदार धमाके के साथ उठी आग की लपटों ने वहाँ काम कर रहे दर्जनों मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया. हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फैक्ट्री की छत उड़ गई और घटनास्थल पर मानव अंग बिखरे पड़े मिले।

    शुरुआत में तीन मजदूरों की मौत की खबर आई थी, लेकिन देर रात अमलतास हॉस्पिटल में भर्ती दो और मजदूरों अमर और गुड्डू ने दम तोड़ दिया. दोनों 99% तक झुलस चुके थे. अस्पताल में भर्ती 25 अन्य घायलों का उपचार जारी है, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है।


    आरोपी पर NSA और 4 के खिलाफ FIR

    जिलाधिकारी ऋतुराज सिंह ने फैक्ट्री संचालक अनिल मालवीय के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए ‘राष्ट्रीय सुरक्षा कानून’ (NSA) लगाया है. पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार, लाइसेंस की शर्तों का घोर उल्लंघन किया गया था. टोंकखुर्द थाना पुलिस ने मामले में कुल 4 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है।


    ‘धूल का काम’ बताकर बिहार से लाए गए थे मजदूर

    हादसे में जीवित बचे बिहार के मजदूर नवीन कुमार ने रोंगटे खड़े कर देने वाली आपबीती सुनाई. नवीन ने एक न्यूज एजेंसी को बताया, ”मजदूरों को 14000 रुपये महीने की तनख्वाह पर यह कहकर लाया गया था कि उन्हें केवल धूल से जुड़ा काम करना होगा, लेकिन उन्हें बारूद के साथ 25×25 के छोटे कमरे में झोंक दिया गया।

    नवीन ने धुएं और मलबे के बीच से अपने भाई निरंजन को जलते हुए बाहर निकाला. उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्ट्री में आग बुझाने का कोई इंतजाम नहीं था.


    भीषण गर्मी बनी धमाके की वजह?

    मजदूरों का आरोप है कि भीषण गर्मी के बावजूद बारूद वाले कमरे में पानी का छिड़काव नहीं किया गया. गौरतलब है कि देवास समेत पश्चिमी मध्य प्रदेश इस समय ‘हीट ज़ोन’ में है. केंद्रीय संगठन (PESO) और फोरेंसिक टीमें अब इस बात की तकनीकी जांच कर रही हैं कि क्या अत्यधिक तापमान के कारण बारूद में स्वतः स्फोट हुआ।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की सहायता और घायलों के मुफ्त इलाज का ऐलान किया है. उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना.


    विपक्ष का हमला

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने घटनास्थल का दौरा कर सरकार पर ‘बारूद माफिया’ को संरक्षण देने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि कृषि गोदामों में अवैध रूप से पटाखे जमा थे और कलेक्टर को निलंबित करने की मांग की।


    लाइसेंस पर सवाल

    जांच में सामने आया कि अनिल मालवीय को दिसंबर 2025 तक के लिए दो लाइसेंस जारी किए गए थे, जिनका हाल ही में 6 मई को नवीनीकरण हुआ था. प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि रिहायशी इलाके के पास इतनी खतरनाक यूनिट को अनुमति कैसे मिली.


    दिल्ली से सीधे इंदौर पहुंचे मुख्यमंत्री

    CM मोहन यादव ने नई दिल्ली से इंदौर पहुंचकर अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती घायलों से भेंट की. मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम एयरपोर्ट से चोइथराम हॉस्पिटल पहुंचकर देवास के हादसे के कारण घायल हुए नागरिकों से मुलाकात की और उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों को जरूरी निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने एमवाय अस्पताल में दाखिल घायलों से भी मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना. CM यादव ने सभी घायलों के समुचित उपचार के निर्देश चिकित्सा अधिकारियों को दिए. इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।

    बता दें कि गुरुवार दोपहर इस हादसे की जानकारी मिलते होते ही सीएम यादव ने देवास जिला प्रशासन को हादसे से प्रभावित नागरिकों की हर संभव सहायता के निर्देश दिए थे. इसके साथ ही CM ने दिवंगत नागरिकों के परिजन को मध्यप्रदेश शासन की ओर से 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने और घायलों का निःशुल्क इलाज करने का ऐलान किया।

  • Bihar: CM सम्राट चौधरी आज बिहारवासियों को दे सकते हैं बड़ी सौगात…. बुलाई कैबिनेट बैठक

    Bihar: CM सम्राट चौधरी आज बिहारवासियों को दे सकते हैं बड़ी सौगात…. बुलाई कैबिनेट बैठक


    पटना।
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Chief Minister Samrat Chaudhary) ने छह मई यानी आज शाम पांच बजे मुख्य सचिवालय में कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) बुलाई है। मंत्रिमंडल विस्तार से एक दिन पहले की यह बैठक खास होने वाली है। वह राज्यवासियों को बड़ी सौगात दे सकते हैं। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार को लेकर कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मुहर लगा सकते हैं। उनके साथ दोनों उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव, मुख्य सचिव और सभी विभागों के सचिव मौजूद रहेंगे।


    दूसरी कैबिनेट में क्या हुआ था?

    इससे पहले वाली कैबिनेट की बैठक 29 अप्रैल को हुई थी। इसमें सीएम सम्राट चौधरी ने 63 प्रस्तावों पर मुहर लगाई थी। इसमें उन्होंने पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर पटना जू करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई थी। गृह विभाग के आरक्षी शाखा की ओर से जानकारी दी गई कि सीएम सम्राट चौधरी ने भागलपुर, मुजफ्फरपुर, नालंदा एवं गयाजी में यातायात पुलिस के विभिन्न कोटियों में 485 पदों के सृजन एवं पूर्व से सृजित 1606 पदों को कर्णांकित करने की स्वीकृति प्रदान की थी। वही बिहार पुलिस अवर निरीक्षक एवं इसके समकक्ष सृजित 20937 पदों में से 50% पद प्रोन्नति के लिए चिन्हित करने की भी स्वीकृति प्रदान की गई थी।

  • पीएम मोदी का पुराना बयान फिर बना चर्चा का केंद्र, बंगाल चुनाव रुझानों ने बढ़ाया सियासी तनाव

    पीएम मोदी का पुराना बयान फिर बना चर्चा का केंद्र, बंगाल चुनाव रुझानों ने बढ़ाया सियासी तनाव

    नई दिल्ली।पश्चिम बंगाल में जारी विधानसभा चुनाव की मतगणना के बीच राजनीतिक माहौल लगातार बदलता हुआ दिखाई दे रहा है। जैसे-जैसे शुरुआती रुझान सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं और नए विश्लेषणों का दौर शुरू हो गया है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पुराना बयान अचानक फिर से सुर्खियों में आ गया है, जिसने पूरे राजनीतिक वातावरण को और अधिक गर्म कर दिया है।

    यह बयान उस समय दिया गया था जब बिहार में भाजपा को बड़ी जीत मिली थी। उस अवसर पर प्रधानमंत्री ने राजनीतिक संकेतों के तौर पर कहा था कि बिहार की जीत का असर केवल उसी राज्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका प्रभाव आगे चलकर पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी दिखाई दे सकता है। उस समय इसे एक राजनीतिक टिप्पणी के रूप में देखा गया था, लेकिन अब जब बंगाल में मतगणना के शुरुआती रुझान सामने आ रहे हैं, तो वही बयान फिर से चर्चा का विषय बन गया है।

    वर्तमान रुझानों में कई सीटों पर मुकाबला बेहद दिलचस्प स्थिति में पहुंच गया है। कुछ क्षेत्रों में एक दल मजबूत बढ़त बनाए हुए है, तो कुछ जगहों पर कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। इस स्थिति ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को और अधिक जटिल बना दिया है। हर राउंड की गिनती के साथ तस्वीर बदलती जा रही है, जिससे किसी भी नतीजे पर अभी अंतिम राय बनाना मुश्किल हो गया है।

    राज्य के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उम्मीदवारों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। मतदाताओं का रुझान अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग दिशा में जाता हुआ नजर आ रहा है, जिससे यह चुनाव और भी रोमांचक बन गया है। राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि क्या यह चुनाव वास्तव में किसी बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है या फिर अंतिम परिणाम कुछ और ही तस्वीर पेश करेंगे।

    इसी बीच पीएम मोदी का पुराना बयान फिर से वायरल होने के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। समर्थक और विरोधी दोनों ही इसे अपने-अपने नजरिए से समझाने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ लोग इसे पहले से दी गई राजनीतिक रणनीति का संकेत मान रहे हैं, तो कुछ इसे केवल एक सामान्य राजनीतिक टिप्पणी के रूप में देख रहे हैं। लेकिन मौजूदा माहौल ने इस बयान को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।

    प्रशासन की ओर से भी मतगणना प्रक्रिया के दौरान पूरी सतर्कता बरती जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है और सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि परिणाम घोषित होने तक पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो।

    फिलहाल पूरे राज्य की निगाहें अंतिम परिणामों पर टिकी हुई हैं। जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ेगी, राजनीतिक तस्वीर और अधिक स्पष्ट होती जाएगी। लेकिन इतना तय है कि इस चुनाव ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है, जहां हर बयान और हर रुझान का अपना अलग राजनीतिक महत्व बन गया है।

  • Bihar: भागलपुर में विक्रमशिला ब्रिज का हिस्सा टूटकर गंगा नदी में गिरा… बड़ा हादसा टला

    Bihar: भागलपुर में विक्रमशिला ब्रिज का हिस्सा टूटकर गंगा नदी में गिरा… बड़ा हादसा टला


    नई दिल्ली।
    बिहार (Bihar) के भागलपुर (Bhagalpur) में रात को एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बचा. गंगा नदी (River Ganges) पर बना विक्रमशिला ब्रिज (Vikramshila Bridge) का एक हिस्सा अचानक टूटकर नदी में गिर (Broken fell River) गया. लेकिन वहां मौजूद अधिकारियों की तेजी की वजह से पहले ही लोगों को हटा लिया गया था, इसलिए कोई नहीं मरा, कोई नहीं घायल हुआ।

    जिला अधिकारी नवल किशोर चौधरी के अनुसार, मौके पर मौजूद स्थानीय अधिकारी और SHO की सतर्कता की वजह से तुरंत लोगों को उस हिस्से से हटा लिया गया. लोगों को हटाने के करीब 15 मिनट बाद ही पुल का स्लैब गंगा नदी में गिर गया।

    घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए विक्रमशिला ब्रिज को भागलपुर और नवगछिया दोनों तरफ से पूरी तरह सील कर दिया है. फिलहाल पुल पर सभी तरह का ट्रैफिक बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने बताया कि रात के समय वैकल्पिक रास्ता शुरू करना संभव नहीं था. जो लोग भागलपुर आना चाहते हैं, उन्हें फिलहाल मुंगेर के रास्ते आने की सलाह दी गई है।


    25 साल पुराना पुल, अब इस्तेमाल के लायक नहीं

    यह पुल साल 2001 में लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था. करीब 4.5 किलोमीटर लंबा यह सेतु हजारों वाहनों और लाखों लोगों की रोजमर्रा की यात्रा का प्रमुख साधन था. लेकिन महज 25 साल के भीतर ही इसका एक बड़ा हिस्सा गंगा में समा गया, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत इस पर आवाजाही रोक दी.


    प्रशासन ने वैकल्पिक रास्ते को लेकर क्या कहा?

    अब प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था बनाने और स्थिति को सामान्य करने के लिए काम कर रहा है. प्रशासन ने फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर मुंगेर ब्रिज का सुझाव दिया है, जो लगभग 60 किलोमीटर दूर है. अब यात्रियों को लंबा रास्ता तय करना होगा. परिवहन में समय और लागत दोनों बढ़ेंगे.

  • बिहार में एक और एनकाउंटर…. पूर्व बीजेपी MLC के भांजे की हत्या के मुख्य आरोपी को किया ढेर

    बिहार में एक और एनकाउंटर…. पूर्व बीजेपी MLC के भांजे की हत्या के मुख्य आरोपी को किया ढेर


    सीवान
    । बिहार पुलिस (Bihar Police) अपराधियों पर लगातार कहर बनकर टूट रही है। अब पुलिस ने रविवार की सुबह-सुबह एक और एनकाउंटर (Another Encounter) कर दिया है। सीवान जिले (Siwan district) में हाल ही में पूर्व बीजेपी एमएलसी मनोज सिंह (Former BJP MLC Manoj Singh) के भांजे की हुई हत्या के मामले के मुख्य आरोपी को अब पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है।भाजपा नेता व पूर्व एमएलसी मनोज सिंह के भांजे हर्ष सिंह की गत 29 अप्रैल को गोली मारकर हत्या करनेवाले मुख्य आरोपित सोनू यादव को पुलिस के साथ मुठभेड़ में रविवार की अहले सुबह ढेर कर दिया गया है। वह हुसैनगंज थाना क्षेत्र के सरेया का रहनेवाला है। गाड़ी सटने के विवाद में पूर्व एमएलसी के भांजा व बहनोई को गोली मार दी गई थी।

    इस गोलीबारी में बीजेपी नेता मनोज सिंह के भांजे हर्ष सिंह की मौत हो गई थी। भाजपा नेता के बहनोई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और इस गोलीबारी का एक वीडियो भी सामने आया था। इस वीडियो में आरोपी गोली चलाता नजर आ रहा था। पुलिस ने इस मामले के एक अन्य आरोपी छोटू यादव का भी कुछ दिनों पहले हाफ एनकाउंटर किया था। पुलिस ने छोटू यादव के पैर में गोली मारी थी।


    हर्ष के आरोपितों की कार बरामद, चालक गिरफ्तार

    बहरहाल आपको बता दें कि सीवान जिले के चर्चित हर्ष हत्याकांड में नगर थाना पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वाहन कार और उसके चालक को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार चालक की पहचान हुसैनगंज थाना क्षेत्र के खरसंडा गांव निवासी दिलीप यादव के पुत्र सुनील यादव के रूप में हुई है। बता दें कि बीते 29 अप्रैल को कार से धक्का लगने के बाद पिता-पुत्र को गोली मार दी गई थी। इस हमले में पुत्र हर्ष सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि पिता गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

    घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले भर में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इसी क्रम में गुप्त सूचना मिली कि वारदात में इस्तेमाल गाड़ी जामो थाना क्षेत्र के मझौलिया गांव में देखी गई है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और वाहन सहित चालक को गिरफ्तार कर लिया था।

    नगर थाना पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार चालक को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में शामिल अन्य अपराधियों को भी पकड़ लिया जाएगा।

  • Bihar में बदला मौसम…. कोसी-सीमांचल में मूसलाधार बारिश, बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत

    Bihar में बदला मौसम…. कोसी-सीमांचल में मूसलाधार बारिश, बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत


    पटना।
    बिहार (Bihar) में मौसम (Weather) का मिजाज बदल चुका है। रविवार देर रात कोसी-सीमांचल (Kosi Seemanchal) के जिलों में मूसलाधार बारिश हुई। पूर्णिया समेत कुछ जिलों में तो ओले भी गिरे। सहरसा, सुपौल, कटिहार, पूर्णिया और अररिया में तेज आंधी कई कच्चे मकानों को गिरा दिया। कई पेड़ गिर गए। इन जिलों में वज्रपात (Thunderstorm) के कारण पांच लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में कटिहार के तीन लोग, पूर्णिया और अररिया एक-एक महिला की मौत हो गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Chief Minister Samrat Chaudhary) ने इन घटना पर शोक जताया जताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में वे प्रभावित परिवारों के साथ हैं। उन्होंने सभी मृतक के आश्रितों को तत्काल चार-चार लाख रूपये अनुग्रह अनुदान देने के निर्देश दिये हैं।

    मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार को उत्तर और उत्तर पूर्वी बिहार के जिलों में तेज हवा के साथ बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार में आंधी और बारिश के आसार हैं। इन जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 40 से 50 किमी की रफ्तार से हवा चलने के भी आसार हैं।


    28 अप्रैल को पूरे बिहार में बारिश के आसार

    इधर, दक्षिण बिहार, दक्षिण-पश्चिम बिहार के लिए कोई भी चेतावनी जारी नहीं की गई है। पटना समेत कुछ जिलों में रविवार रात को हवा चलने से गर्मी से राहत जरूर मिली। सोमवार सुबह धूप निकली है लेकिन उतनी तपिश नहीं है। मौसम विभाग ने रोहतास, बक्सर, भोजपुर, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, गया समेत कुछ जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने 28 अप्रैल को पूरे बिहार में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3-4 दिनों में अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री तक की गिरावट हो सकती है। अगले दो से तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में भी एक से तीन डिग्री तक कमी आने की संभावना है।


    कहां कितनी बारिश हुई?

    बारिश के प्रमुख आंकड़ों पर नजर डालें तो ठाकुरगंज में 75.4 मिमी, पलासी में 52.4 मिमी, कुर्साकांटा में 38.4 मिमी, बैसा में 32.4 मिमी और कोचाधामन में 30.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा किशनगंज (28.4 मिमी), सिकटी (26.4 मिमी), फॉरबिसगंज (25.4 मिमी) और अररिया (25.2 मिमी) समेत कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई।


    कहां कितनी गर्मी पड़ी?

    राज्य में गर्मी का असर अब भी बना हुआ है। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस रोहतास के डेहरी में दर्ज किया गया। पूरे राज्य में अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस से 44.4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। हालांकि, बीते 24 घंटों में तापमान में कोई खास बदलाव नहीं देखा गया। वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो सबसे कम 21.0 डिग्री सेल्सियस अररिया के फॉरबिसगंज में दर्ज किया गया। राज्य का न्यूनतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस से 30.3 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा और इसमें भी कोई विशेष परिवर्तन नहीं हुआ।

  • तेज प्रताप के बयान से बिहार के सियासी गलियारों में हलचल…. बोले- कभी भी बिखर सकती है RJD

    तेज प्रताप के बयान से बिहार के सियासी गलियारों में हलचल…. बोले- कभी भी बिखर सकती है RJD


    पटना।
    लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने एक बार फिर अपने बेबाक बयानों से बिहार के सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। एक मीडिया चैनल पर खास बात-चीत करते हुए तेज प्रताप ने न केवल पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Former Chief Minister Nitish Kumar.) के कामकाज की जमकर सराहना की, बल्कि अपने छोटे भाई और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के नेतृत्व वाली राजद (RJD) के भविष्य पर भी बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया।


    “मेरे अलग होने से कमजोर हुई राजद”

    तेज प्रताप यादव ने राजद की वर्तमान स्थिति पर कड़ा प्रहार करते हुए दावा किया कि पार्टी अब बिखरने की कगार पर है। उन्होंने साफ लहजे में कहा, “जब से हम राजद से अलग हुए हैं, पार्टी कमजोर हुई है।” उन्होंने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वह जनता से दूरी बनाए हुए हैं। तेज प्रताप ने यहाँ तक चेतावनी दे डाली कि राजद की स्थिति फिलहाल ऐसी है कि उसके विधायकों पर अन्य दलों की नजर बनी हुई है और पार्टी कभी भी टूट सकती है। उनके बचे हुए 25 विधायकों को कोई भी कभी भी तोड़ सकता है।

    नीतीश कुमार को 10 में से 9 नंबर
    जब तेज प्रताप से पूछा गया कि वह नीतीश कुमार के कार्यकाल को कैसे देखते हैं, तो उन्होंने बेहद बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार हमारे पिता लालू प्रसाद यादव के पुराने साथी रहे हैं। वह हमारे चाचा के समान हैं और राजनीति में बहुत सीनियर हैं। हम लोग तो अभी उनके सामने बच्चे हैं।” दिलचस्प बात यह रही कि जब उन्हें याद दिलाया गया कि उनकी माता राबड़ी देवी को हटाकर ही नीतीश सीएम बने थे, तो तेज प्रताप ने कहा कि राजनीति में उलटफेर चलते रहते हैं, लेकिन व्यक्तिगत संबंध अपनी जगह हैं। उन्होंने मजाकिया लहजे में नीतीश कुमार की एक खूबी भी गिनाई और कहाँ कि “चाचा काम के दौरान न्यूट्रल रहते थे और जिस तरह वह अपना पेट सहलाते हैं, वह मुझे बहुत अच्छा लगता है।”


    बदलते सियासी समीकरण के संकेत?

    बता दें कि नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल को राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा था। इसके बाद 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। तेज प्रताप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार की राजनीति एक नए दौर से गुजर रही है। भाई तेजस्वी यादव पर तंज और चाचा नीतीश की इतनी बड़ी रेटिंग, कहीं न कहीं बिहार में एक नए सियासी समीकरण की आहट दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेज प्रताप का यह ‘नंबर गेम’ आने वाले दिनों में राजद के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है।