Tag: Bollywood news

  • पतियों के लिए अमिताभ बच्चन की खास सलाह! शादी की तारीख भूलने की गलती न करें, वरना पड़ सकती है डांट

    पतियों के लिए अमिताभ बच्चन की खास सलाह! शादी की तारीख भूलने की गलती न करें, वरना पड़ सकती है डांट


    नई दिल्ली। अमिताभ बच्चन इन दिनों कौन बनेगा करोड़पति 18 को लेकर लगातार सुर्खियों में हैं। शो में हर बार की तरह इस सीजन में भी महानायक का अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है। कभी वह कंटेस्टेंट्स के साथ अपनी जिंदगी से जुड़े किस्से साझा करते हैं तो कभी अपने मजाकिया अंदाज से माहौल को हल्का कर देते हैं। हाल ही में शो के एक एपिसोड में अमिताभ बच्चन ने शादीशुदा पुरुषों को ऐसी मजेदार सलाह दी जिसे सुनकर वहां मौजूद लोग भी हंस पड़े। बिग बी ने खास तौर पर पतियों को चेतावनी देते हुए कहा कि दुनिया की बाकी सभी तारीखें भले ही भूल जाएं लेकिन अपनी शादी की तारीख को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने मजाकिया अंदाज में यहां तक कह दिया कि अगर कोई पति अपनी शादी की तारीख भूल गया तो उसे अपनी तरफ आते जूते चप्पल और बेलन के लिए तैयार रहना चाहिए।

    अमिताभ बच्चन ने कहा कि जिस दिन उनकी शादी हुई वह तारीख बेहद महत्वपूर्ण होती है और पतियों को इसे हमेशा याद रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि अक्सर पत्नियां अपने पति से पूछती रहती हैं कि क्या उन्हें अपनी शादी की तारीख याद है। बिग बी की इस मजेदार बात पर शो का माहौल काफी खुशनुमा हो गया। उनका यह अंदाज एक बार फिर दर्शकों को खूब पसंद आ सकता है क्योंकि अमिताभ अक्सर अपने निजी अनुभवों और हास्य के जरिए बातचीत को दिलचस्प बना देते हैं।

    इसी एपिसोड में अमिताभ बच्चन ने अपनी पारिवारिक जिंदगी और व्यस्त कामकाजी शेड्यूल को लेकर भी एक दिलचस्प बात साझा की। जब एक कंटेस्टेंट ने उनसे पूछा कि क्या उनकी पत्नी जया बच्चन उनके काम से लौटने का इंतजार करती हैं ताकि दोनों साथ में डिनर कर सकें तो बिग बी ने बताया कि वह अपने परिवार को पहले ही अपने कार्यक्रम की जानकारी दे देते हैं। अमिताभ के मुताबिक परिवार के सभी सदस्यों का एक व्हाट्सऐप ग्रुप है और वह अपने शूटिंग शेड्यूल या देर से घर पहुंचने की जानकारी उसमें साझा करते रहते हैं।

    अमिताभ ने बताया कि सुबह उठने के बाद वह परिवार के ग्रुप में नमस्कार का संदेश भेजते हैं और फिर बताते हैं कि उस दिन उनका शूट कहां है और उन्हें घर पहुंचने में कितनी देर हो सकती है। अगर उन्हें देर होने वाली होती है तो वह परिवार से कहते हैं कि उनका डिनर के लिए इंतजार न किया जाए। इस तरह घरवालों को पहले से पता रहता है कि वह कब तक वापस आएंगे। बिग बी ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि इस जानकारी से वह कई तरह की परेशानी से बच जाते हैं।

    उन्होंने आगे बताया कि अगर वह परिवार को अपने देर से आने की जानकारी न दें तो घर पहुंचने पर उन्हें सवालों का सामना करना पड़ सकता है। उनसे पूछा जा सकता है कि वह कहां थे और इतनी देर से घर क्यों आए। इसलिए अमिताभ पहले ही अपने शेड्यूल की जानकारी परिवार को दे देते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अगर वह बहुत देर से घर पहुंचते हैं तो जया बच्चन अपना खाना खाकर सो जाती हैं।

    बिग बी ने घरेलू जिम्मेदारियों को लेकर भी अपनी दिनचर्या की एक झलक साझा की। उन्होंने बताया कि अगर वह काम से देर रात घर पहुंचते हैं और उस समय कोई घरेलू मदद उपलब्ध नहीं होती तो वह खुद खाना परोसते हैं। खाना खाने के बाद वह सफाई भी करते हैं। इस तरह KBC 18 का यह एपिसोड अमिताभ बच्चन के मजाकिया अंदाज के साथ उनकी पारिवारिक जिंदगी की कुछ दिलचस्प झलकियां भी सामने लेकर आया।

  • मजहर खान संग शादी पर पहली बार इतनी खुलकर बोलीं जीनत अमान! बताया क्यों सालों तक रिश्ते में बनी रहीं और क्या सीखा

    मजहर खान संग शादी पर पहली बार इतनी खुलकर बोलीं जीनत अमान! बताया क्यों सालों तक रिश्ते में बनी रहीं और क्या सीखा


    नई दिल्ली। 70 और 80 के दशक में अपनी खूबसूरती एक्टिंग और बेबाक अंदाज से हिंदी सिनेमा में अलग पहचान बनाने वाली जीनत अमान एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। अभिनेत्री ने हाल ही में एक बातचीत में अपनी शादी रिश्तों और जिंदगी में लिए गए फैसलों पर खुलकर बात की है। मजहर खान के साथ अपनी शादी को याद करते हुए जीनत अमान ने बताया कि उस समय उनके मन में परिवार बसाने की स्पष्ट इच्छा थी और वह मां बनने के लिए पूरी तरह तैयार थीं। लेकिन शादी के बाद परिस्थितियां उनकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहीं और उन्हें रिश्ते के कई कठिन दौर से गुजरना पड़ा।

    जीनत अमान ने कहा कि जब वह युवा थीं तो उन्होंने अपनी सोच अपनी इच्छाओं और उस समय की समझ के आधार पर जीवन के फैसले लिए थे। इनमें से कुछ फैसलों ने उन्हें खुशी दी जबकि कुछ का उन्हें फायदा नहीं मिला। हालांकि उम्र बढ़ने के साथ उन्होंने अपने अतीत को एक अलग नजरिए से देखना सीखा। उनके मुताबिक समय इंसान को यह आजादी देता है कि वह पीछे मुड़कर अपने फैसलों को बिना खुद को दोष दिए और बिना अपने बचाव में उतरे समझ सके।

    मजहर खान के साथ अपनी शादी के बारे में बात करते हुए जीनत ने कहा कि उन्होंने यह रिश्ता परिवार बसाने की उम्मीद के साथ चुना था। दोनों ने 1985 में शादी की थी और उनके दो बेटे अजान और जहान हैं। जीनत के मुताबिक उस समय उनका मानना था कि शादी परिवार बनाने का माध्यम है और उन्होंने इसी सोच के साथ अपना फैसला लिया था। लेकिन समय के साथ उन्हें एहसास हुआ कि किसी रिश्ते में प्यार और खुद को पूरी तरह भुला देने के बीच एक बड़ा अंतर होता है।

    अभिनेत्री ने बताया कि वह कई वजहों से इस रिश्ते में बनी रहीं। बच्चों की जिम्मेदारी वादा और यह उम्मीद कि परिस्थितियां एक दिन बदल जाएंगी उन्हें लंबे समय तक रिश्ते को निभाने के लिए प्रेरित करती रही। उन्होंने अपने पति की कई लड़ाइयों में उनका साथ दिया लेकिन आखिरकार उन्हें यह समझ आया कि कोई व्यक्ति दूसरे इंसान को तब तक नहीं बचा सकता जब तक वह खुद अपनी मदद करने के लिए तैयार न हो।

    जीनत ने मजहर खान के बारे में किसी तरह की नकारात्मक टिप्पणी करने से भी इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह उनके बच्चों के पिता हैं और इसी वजह से वह उनके बारे में बुरा नहीं कहना चाहतीं। दोनों की शादी करीब 12 साल चली थी और इस रिश्ते ने जीनत को जिंदगी की कई अहम सीख दीं।

    बॉलीवुड में बेवफाई के सवाल पर भी जीनत अमान ने बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा कि बेवफाई को केवल फिल्म इंडस्ट्री से जोड़कर देखना सही नहीं है क्योंकि यह इंसानी कमजोरी है। हालांकि उन्होंने माना कि बॉलीवुड में निजी रिश्ते अक्सर लोगों के मनोरंजन और गपशप का विषय बन जाते हैं। उनका कहना है कि किसी के टूटे हुए दिल और निजी दर्द को चर्चा या मनोरंजन का हिस्सा बनाना किसी के लिए अच्छा नहीं है।

    जीनत अमान का फिल्मी करियर भी उतना ही शानदार रहा है। हरे रामा हरे कृष्णा यादों की बारात सत्यम शिवम सुंदरम और डॉन जैसी फिल्मों ने उन्हें हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया। अपनी फिल्मों में आधुनिक और बोल्ड महिला किरदारों को नई पहचान देने वाली जीनत आज भी अपनी बेबाक सोच और जिंदगी के अनुभवों को लेकर दर्शकों का ध्यान खींचती हैं।

  • दिल चाहता है की रीयूनियन पार्टी में नहीं दिखे अक्षय खन्ना और प्रीति जिंटा! अब सामने आई दोनों के न पहुंचने की वजह

    दिल चाहता है की रीयूनियन पार्टी में नहीं दिखे अक्षय खन्ना और प्रीति जिंटा! अब सामने आई दोनों के न पहुंचने की वजह


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की यादगार फिल्मों में शामिल दिल चाहता है को रिलीज हुए 25 साल पूरे हो चुके हैं और इस खास मौके पर फिल्म से जुड़े सितारों और मेकर्स ने एक शानदार रीयूनियन पार्टी का आयोजन किया। इस सेलिब्रेशन में फिल्म की यादें फिर से ताजा हुईं और कई पुराने चेहरे एक साथ नजर आए। आमिर खान सैफ अली खान डिंपल कपाड़िया सोनाली कुलकर्णी के साथ फिल्म के डायरेक्टर फरहान अख्तर और प्रोड्यूसर रितेश सिधवानी भी इस खास मौके का हिस्सा बने। हालांकि इस पार्टी में एक ऐसे कलाकार की गैरमौजूदगी ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा जिसने फिल्म में अपनी खास छाप छोड़ी थी। यह नाम था अक्षय खन्ना का।

    रीयूनियन पार्टी के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस लगातार यह सवाल पूछने लगे कि आखिर अक्षय खन्ना इस खास मौके पर क्यों नहीं पहुंचे। दिल चाहता है की कहानी और किरदारों से जुड़ी यादों के बीच अक्षय की गैरमौजूदगी ने फैंस की उत्सुकता बढ़ा दी। खास बात यह भी थी कि कार्यक्रम के होस्ट निखिल तनेजा ने पहले अक्षय खन्ना के इस समारोह में शामिल होने की जानकारी दी थी। ऐसे में जब वह पार्टी में नजर नहीं आए तो फैंस के बीच तरह तरह के सवाल उठने लगे।

    अक्षय खन्ना के फैंस ने सोशल मीडिया पर उनके कमेंट सेक्शन में भी उनकी गैरमौजूदगी को लेकर सवाल किए। आखिरकार इन सवालों का जवाब खुद इवेंट के होस्ट निखिल तनेजा की ओर से सामने आया। एक फैन के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि दुर्भाग्य से अक्षय खन्ना बीमार पड़ गए थे और इसी वजह से वह रीयूनियन पार्टी में शामिल नहीं हो सके। इस जवाब के सामने आने के बाद अक्षय के फैंस को उनकी गैरमौजूदगी की असली वजह पता चली और लंबे समय से चल रहा सवाल भी खत्म हो गया।

    इसी रीयूनियन में प्रीति जिंटा की गैरमौजूदगी भी चर्चा में रही। निखिल तनेजा ने बताया कि प्रीति को समारोह में लाने की कई कोशिशें की गईं लेकिन वह भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकीं। इस तरह फिल्म की लगभग पूरी टीम के एक साथ आने के बावजूद दो अहम चेहरों की कमी साफ नजर आई।

    दिल चाहता है के बाद अक्षय खन्ना ने अपने करियर में कई अलग और यादगार किरदार निभाए हैं। हाल के वर्षों में उनकी एक्टिंग को लेकर एक बार फिर जबरदस्त चर्चा देखने को मिली है। धुरंधर में रहमान डकैत के किरदार ने उन्हें दर्शकों के बीच नई चर्चा दिलाई और अब वह एक और बेहद अलग भूमिका में नजर आने वाले हैं।

    अक्षय खन्ना जल्द ही महाकाली फिल्म में शुक्राचार्य का किरदार निभाते दिखाई देंगे। पूजा अपर्णा कोल्लुरू के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में भूमि शेट्टी महाकाली की भूमिका निभा रही हैं। पौराणिक मान्यताओं में शुक्राचार्य को असुरों का गुरु और बेहद विद्वान बताया गया है। फिल्म से अक्षय का लुक सामने आने के बाद उनके नए अवतार को लेकर भी दर्शकों में उत्सुकता बढ़ गई है। ऐसे में दिल चाहता है के रीयूनियन से उनकी गैरमौजूदगी भले ही चर्चा में रही हो लेकिन आने वाले समय में अक्षय खन्ना के पास दर्शकों को चौंकाने के लिए कई दिलचस्प प्रोजेक्ट मौजूद हैं।

  • जब शूटिंग के दौरान सच में पिटने लगे थे अक्षय कुमार, चौकीदार का हमला भी कैमरे में कैद; फिल्म में दिखा दिया पूरा सीन

    जब शूटिंग के दौरान सच में पिटने लगे थे अक्षय कुमार, चौकीदार का हमला भी कैमरे में कैद; फिल्म में दिखा दिया पूरा सीन


    नई दिल्ली। बॉलीवुड में फिल्मों की शूटिंग आज बेहद योजनाबद्ध तरीके से होती है। बड़े बजट की फिल्मों में हर सीन की तैयारी पहले से की जाती है और कलाकारों की सुरक्षा से लेकर लोकेशन की अनुमति तक हर चीज का खास ध्यान रखा जाता है। लेकिन 90 के दशक में फिल्मों की शूटिंग का अंदाज काफी अलग हुआ करता था। कई बार सीमित संसाधनों के बीच ऐसे सीन शूट कर लिए जाते थे जिनकी कल्पना आज के दौर में करना भी मुश्किल लगता है। अभिनेता अक्षय कुमार ने खुद एक इंटरव्यू में अपने शुरुआती दौर की शूटिंग से जुड़ा ऐसा ही मजेदार और हैरान करने वाला किस्सा साझा किया था।

    यह किस्सा साल 1997 में रिलीज हुई फिल्म अफलातून की शूटिंग से जुड़ा है। अक्षय कुमार ने बताया था कि उस दौर में शूटिंग के दौरान कई बार टीम बिना ज्यादा औपचारिकता के लोकेशन तलाश लेती थी और वहीं कैमरा लगाकर काम शुरू कर देती थी। फिल्म के टाइटल ट्रैक की शूटिंग के दौरान भी कुछ ऐसा ही हुआ। गाने में दिखाई गई एक कार शूटिंग के लिए खास तौर पर मंगाई गई कोई फिल्मी गाड़ी नहीं थी बल्कि वह वहां से गुजर रही थी।

    अक्षय कुमार के मुताबिक जब उन्हें पता चला कि कार का मालिक उनका फैन है तो उन्होंने उससे मजाकिया अंदाज में पूछा कि क्या वह कुछ मिनट के लिए उसकी गाड़ी पर डांस कर सकते हैं। फैन ने खुशी से इसकी अनुमति दे दी। इसके बाद अक्षय कुमार और फिल्म की टीम ने उसी कार को शूटिंग का हिस्सा बना लिया। गाड़ी के ऊपर डांस करने के साथ उसके आसपास कई दूसरे शॉट भी रिकॉर्ड किए गए। उस समय फिल्म निर्माण में मौजूद यह जुगाड़ वाला अंदाज आज की हाईटेक शूटिंग से बिल्कुल अलग नजर आता है।

    लेकिन इस शूटिंग का सबसे दिलचस्प हिस्सा तब सामने आया जब अक्षय कुमार ने बताया कि कई जगहों पर टीम बिना अनुमति के बिल्डिंग के अंदर जाकर शूटिंग कर लिया करती थी। ऐसी ही एक जगह पर शूटिंग करते समय चौकीदार ने टीम को देख लिया। चौकीदार को जब पता चला कि बिना अनुमति वहां शूटिंग की जा रही है तो वह उन्हें रोकने के लिए दौड़ पड़ा। मामला सिर्फ रोकने तक सीमित नहीं रहा बल्कि अक्षय कुमार ने बताया कि वे पिटते-पिटते बच गए।

    सबसे खास बात यह रही कि चौकीदार के पीछे भागने और उन्हें मारने की कोशिश का पूरा घटनाक्रम कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। अक्षय कुमार के मुताबिक चौकीदार ने उन्हें मारा भी था और टीम ने उस वास्तविक घटना को बेकार जाने देने के बजाय शूट किए गए विजुअल का हिस्सा बना दिया। यानी फिल्म में दिखाई देने वाला वह सीन किसी स्टंट या पहले से तय किए गए एक्शन का हिस्सा नहीं बल्कि शूटिंग के दौरान घटा वास्तविक घटनाक्रम था।

    अक्षय कुमार ने इस पूरे किस्से को याद करते हुए बताया था कि उस दौर में इस तरह की घटनाओं के बावजूद शूटिंग करने में काफी मजा आता था। आज जहां किसी फिल्म के एक छोटे से सीन के लिए भी लोकेशन परमिशन सुरक्षा टीम और कई स्तर की तैयारी की जाती है वहीं 90 के दशक में कई बार मौके की परिस्थितियों को ही शूटिंग का हिस्सा बना लिया जाता था।

    फिल्म अफलातून में अक्षय कुमार ने डबल रोल निभाया था। कहानी एक छोटे मोटे चोर के इर्द गिर्द घूमती है जिसकी जिंदगी एक लड़की से प्यार के बाद बदलती है। कहानी में उसका हमशक्ल सामने आता है जो एक किलर होता है और इसके बाद घटनाएं तेजी से बदलती हैं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल नहीं कर सकी लेकिन इसके गाने और कुछ सीन दर्शकों के बीच चर्चा में रहे। अक्षय कुमार से जुड़ा शूटिंग का यह किस्सा आज भी उनके शुरुआती फिल्मी दौर की अलग और बेफिक्र कार्यशैली की याद दिलाता है।

  • कुकू कोहली संग रिश्ते पर लगे थे घर तोड़ने के आरोप, अरुणा ईरानी ने क्यों चुनी बिना बच्चों की जिंदगी?

    कुकू कोहली संग रिश्ते पर लगे थे घर तोड़ने के आरोप, अरुणा ईरानी ने क्यों चुनी बिना बच्चों की जिंदगी?


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर कुकू कोहली अब इस दुनिया में नहीं हैं। 25 अगस्त को मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में 77 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। बताया गया कि हार्ट अटैक के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। कुकू कोहली ने अपने करियर में कई यादगार फिल्में दीं और अजय देवगन को फूल और कांटे के जरिए बतौर अभिनेता लॉन्च किया। उनके निधन के बाद जहां फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है वहीं उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी पुरानी बातें भी एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा उनकी और दिग्गज अभिनेत्री अरुणा ईरानी की प्रेम कहानी की हो रही है।

    कुकू कोहली की पहली शादी रीता कोहली से हुई थी। इस शादी से उनकी दो बेटियां करिश्मा और पूजा कोहली हुईं। इसके बाद उनकी जिंदगी में अभिनेत्री अरुणा ईरानी की एंट्री हुई। दोनों की मुलाकात एक फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई थी। शुरुआती दौर में दोनों के बीच ज्यादा अच्छी बॉन्डिंग नहीं थी। बताया जाता है कि कुकू कोहली के सेट पर देर से पहुंचने की वजह से अरुणा उनसे नाराज रहती थीं। बाद में कुकू उन्हें मनाने लगे और इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती चली गईं।

    अरुणा ईरानी ने अपने पुराने इंटरव्यू में बताया था कि जब उनकी मुलाकात कुकू कोहली से हुई थी तब उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि वह शादीशुदा हैं और उनके बच्चे भी हैं। जब दोनों के रिश्ते की खबर सामने आई तो अरुणा को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। उन्हें घर तोड़ने वाली दूसरी औरत तक कहा गया। हालांकि अरुणा ईरानी ने हमेशा इन आरोपों को खारिज किया। उनका कहना था कि उन्होंने किसी का घर तोड़ने के इरादे से यह रिश्ता नहीं बनाया था। उनके मुताबिक रिश्तों में परिस्थितियां कई बार ऐसी बन जाती हैं जिन्हें बाहर से देखने वाला व्यक्ति पूरी तरह नहीं समझ सकता।

    कुकू कोहली की पहली पत्नी के निधन के बाद अरुणा ईरानी ने अपने रिश्ते के बारे में खुलकर बात करनी शुरू की। इसके बाद दोनों ने शादी कर ली। लेकिन इस रिश्ते में एक ऐसा फैसला भी था जिसने अरुणा ईरानी की जिंदगी को हमेशा के लिए अलग दिशा दे दी। शादी के बाद उन्होंने मां न बनने का फैसला किया।

    अरुणा ईरानी ने खुद इसके पीछे दो बड़ी वजहें बताई थीं। पहली वजह दोनों के बीच उम्र का अंतर था। उन्हें लगता था कि अगर इस उम्र में वह मां बनती हैं तो बच्चे और उनके बीच उम्र का फासला काफी ज्यादा होगा। उन्हें डर था कि भविष्य में यह अंतर बच्चे और उनके लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

    दूसरी वजह इससे भी ज्यादा भावनात्मक थी। अरुणा नहीं चाहती थीं कि उनका बच्चा बड़ा होकर अपने पिता को लेकर उनसे ऐसे सवाल पूछे जिनका वह स्पष्ट जवाब न दे पाएं। उन्हें यह चिंता भी थी कि अगर कभी बच्चे को रात के समय पिता की जरूरत हुई तो वह उसकी मदद के लिए उन्हें बुलाने की स्थिति में नहीं होंगी। इसलिए उन्होंने फैसला किया कि जिस उलझन और परेशानी का सामना उन्हें खुद करना पड़ा है उसका असर वह अपने बच्चे की जिंदगी पर नहीं पड़ने देंगी।

    इस तरह अरुणा ईरानी और कुकू कोहली की प्रेम कहानी भले ही विवादों में रही लेकिन अरुणा ने अपनी जिंदगी का यह बेहद निजी फैसला सोच समझकर लिया। कुकू कोहली के निधन के बाद उनकी यह कहानी एक बार फिर सुर्खियों में है और यह बताती है कि बॉलीवुड की चमकती दुनिया के पीछे सितारों की निजी जिंदगी में कितने मुश्किल और भावनात्मक फैसले छिपे होते हैं।

  • अजय देवगन के धमाकेदार डेब्यू के पीछे थे कुकू कोहली, ‘फूल और कांटे’ से मिली पहचान; हार्ट अटैक ने ली जान

    अजय देवगन के धमाकेदार डेब्यू के पीछे थे कुकू कोहली, ‘फूल और कांटे’ से मिली पहचान; हार्ट अटैक ने ली जान


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के मशहूर फिल्म निर्देशक कुकू कोहली का निधन हो गया है। 1991 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म फूल और कांटे से अजय देवगन को बॉलीवुड में शानदार लॉन्च देने वाले कुकू कोहली ने मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में आखिरी सांस ली। वह लंबे समय से इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती थे। जानकारी के मुताबिक स्टेंट प्रक्रिया के एक दिन बाद उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया जिसके बाद उनकी मौत हो गई। उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई और कई कलाकारों तथा फिल्म जगत से जुड़े लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

    कुकू कोहली को हिंदी सिनेमा में अजय देवगन के शुरुआती करियर को मजबूत आधार देने वाले फिल्ममेकर के तौर पर याद किया जाता है। फूल और कांटे अजय देवगन की डेब्यू फिल्म थी और इसी फिल्म ने उन्हें रातोंरात दर्शकों के बीच पहचान दिला दी थी। फिल्म में अजय देवगन की एंट्री का वह दृश्य आज भी बॉलीवुड की सबसे चर्चित एंट्री में गिना जाता है जिसमें वह दो चलती मोटरसाइकिलों पर पैर रखकर अनोखे अंदाज में नजर आए थे। फिल्म की सफलता ने अजय देवगन को एक नए एक्शन स्टार के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई थी।

    कुकू कोहली ने अपने करियर में कई लोकप्रिय फिल्मों का निर्देशन किया। फूल और कांटे के अलावा उन्होंने कोहराम सुहाग हकीकत और अनाड़ी नंबर वन जैसी फिल्मों के जरिए दर्शकों का मनोरंजन किया। उनकी फिल्मों में एक्शन ड्रामा और मनोरंजन का ऐसा मेल देखने को मिलता था जो उस दौर के दर्शकों के बीच खासा लोकप्रिय रहा। साल 2004 में उन्होंने वो तेरा नाम था फिल्म का निर्देशन किया था और यही उनके निर्देशन करियर की आखिरी फिल्म साबित हुई। इसके बाद उन्होंने फिल्म निर्माण से दूरी बना ली थी।

    फिल्ममेकर अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कुकू कोहली के निधन की जानकारी साझा की। उनके निधन को भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी क्षति बताया जा रहा है। फिल्म इंडस्ट्री में कुकू कोहली का योगदान खास तौर पर इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि उन्होंने अजय देवगन जैसे कलाकार को शुरुआती दौर में ऐसा मंच दिया जिसने उनके लंबे और सफल फिल्मी करियर की नींव रखी।

    कुकू कोहली का असली नाम अवतार कोहली था। उनका जन्म 4 जून 1949 को पेशावर में हुआ था। बाद में वह मुंबई पहुंचे और फिल्मी दुनिया में अपना करियर शुरू किया। निर्देशन की दुनिया में आने से पहले उन्होंने दिग्गज फिल्ममेकर राज कपूर के साथ बतौर असिस्टेंट काम किया। राज कपूर के साथ काम करने के दौरान उन्होंने बॉबी सत्यम शिवम सुंदरम और प्रेम रोग जैसी चर्चित फिल्मों की मेकिंग को करीब से समझा। इस अनुभव ने उनकी फिल्म निर्माण की समझ को मजबूत किया और आगे चलकर उन्होंने खुद निर्देशन की कमान संभाली।

    कुकू कोहली की निजी जिंदगी भी कई वजहों से चर्चा में रही। उन्होंने 1990 में अभिनेत्री अरुणा ईरानी से शादी की थी। यह उनकी दूसरी शादी थी। उनकी पहली पत्नी रीटा कोहली थीं और पहली शादी से उनकी दो बेटियां पूजा कोहली और करिश्मा कोहली हैं। पूजा कोहली फिल्म निर्माण से जुड़ी रही हैं। कुकू कोहली और अरुणा ईरानी का रिश्ता लंबे समय तक फिल्मी दुनिया में चर्चा का विषय रहा।

    कुकू कोहली भले ही पिछले कई वर्षों से फिल्मों से दूर थे लेकिन उनका काम और खास तौर पर फूल और कांटे के जरिए अजय देवगन को दिया गया लॉन्च आज भी याद किया जाता है। एक ऐसी फिल्म जिसने एक नए अभिनेता को पहचान दिलाई और निर्देशक को भी हिंदी सिनेमा में अलग मुकाम दिया। उनके निधन से बॉलीवुड ने एक ऐसे फिल्ममेकर को खो दिया जिसने अपने दौर में मसाला और एक्शन फिल्मों को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई। कुकू कोहली का नाम आने वाले समय में भी फूल और कांटे और अजय देवगन के यादगार डेब्यू के साथ हमेशा जुड़ा रहेगा।

  • तापसी पन्नू की ‘गांधारी’ पर कहानी चुराने का आरोप, 40 लाख के मुआवजे से ज्यादा राइटर को चाहिए अपना नाम और पहचान

    तापसी पन्नू की ‘गांधारी’ पर कहानी चुराने का आरोप, 40 लाख के मुआवजे से ज्यादा राइटर को चाहिए अपना नाम और पहचान

    नई दिल्ली । तापसी पन्नू की बहुप्रतीक्षित फिल्म गांधारी रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। फिल्म की कहानी को लेकर लेखक कल्याण बांदी ने कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि गांधारी नाम से उन्होंने 2019 में एक कहानी लिखी थी और उसे बाकायदा रजिस्टर भी कराया था। अब उन्हें लगता है कि तापसी पन्नू की आने वाली फिल्म का कॉन्सेप्ट उनकी लिखी कहानी से काफी मिलता जुलता है। फिल्म की लेखिका और निर्माता कनिका ढिल्लों के प्रोडक्शन हाउस कत्था पिक्चर्स ने हालांकि इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए गांधारी को ओरिजिनल फिल्म बताया है।

    कल्याण बांदी के मुताबिक उन्होंने साल 2019 में गांधारी नाम से एक कहानी तैयार की थी। उनकी कहानी में एक मां की जिंदगी के इर्द गिर्द घटनाएं घूमती हैं और बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह से जुड़ने के बाद वह बेहद खतरनाक रूप धारण कर लेती है। इसी कहानी को लेकर उन्होंने उस समय की Voot अधिकारी मोनिका शेरगिल से संपर्क किया था। कल्याण का कहना है कि उन्होंने उन्हें करीब आठ पन्नों की कहानी और दो पन्नों का सार भेजा था। कहानी देखने के बाद उन्हें बताया गया कि यह उस समय कंपनी की योजनाओं के मुताबिक उपयुक्त नहीं है।

    कल्याण का दावा है कि उन्होंने अपनी कहानी और उसके सार को स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन में भी रजिस्टर कराया था। इसके बाद उन्होंने कई वर्षों तक अपनी कहानी पर काम जारी रखा। साल 2023 में उन्होंने हरमन बावेजा के स्टूडियो से भी संपर्क किया और कहानी तथा स्क्रीनप्ले को लेकर कई महीनों तक बातचीत चली। उन्होंने अपनी कहानी जियो हॉटस्टार को भी भेजी थी।

    मामला तब गंभीर हुआ जब साल 2025 में नेटफ्लिक्स पर तापसी पन्नू की गांधारी का ऐलान हुआ। कल्याण के मुताबिक फिल्म का नाम सामने आते ही उन्हें अपनी पुरानी कहानी याद आई। उन्होंने फिल्म से जुड़ी जानकारी जुटानी शुरू की और जब दोनों कहानियों की तुलना की तो उन्हें कई समानताएं नजर आईं। इसके बाद उन्होंने इस मामले को उठाने का फैसला किया।

    कल्याण का कहना है कि उन्होंने सितंबर 2025 में कानूनी नोटिस भी भेजा था। नोटिस में उन्होंने कथित तौर पर कहानी के इस्तेमाल को लेकर मुआवजे और क्रेडिट की मांग की थी। करीब 40 लाख रुपये के मुआवजे की मांग किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि लेखक का कहना है कि उनका असली उद्देश्य पैसा हासिल करना नहीं है। वह चाहते हैं कि अगर उनकी कहानी का इस्तेमाल हुआ है तो उन्हें उसका उचित क्रेडिट दिया जाए।

    कल्याण के अनुसार नोटिस के बाद भी उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। उनका दावा है कि लंबे समय तक चलने वाली कानूनी लड़ाई का खर्च उठाना उनके लिए मुश्किल था इसलिए उन्होंने आगे कार्रवाई नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए अपनी रचना की पहचान और उसका श्रेय पैसे से ज्यादा महत्वपूर्ण है।

    वहीं कनिका ढिल्लों के प्रोडक्शन हाउस कत्था पिक्चर्स ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। प्रोडक्शन हाउस का कहना है कि गांधारी पूरी तरह ओरिजिनल फिल्म है और इसकी कहानी तथा स्क्रीनप्ले कनिका ढिल्लों की अपनी रचना है। कंपनी ने अपुष्ट आरोपों को सच मानकर प्रकाशित या साझा नहीं करने की अपील भी की है। इस पूरे विवाद पर नेटफ्लिक्स और मोनिका शेरगिल की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

    फिलहाल तापसी पन्नू की गांधारी की रिलीज से पहले सामने आया यह विवाद फिल्म को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ा सकता है। एक तरफ लेखक अपनी कहानी के लिए पहचान और क्रेडिट की मांग कर रहे हैं तो दूसरी तरफ फिल्म की टीम कहानी चोरी के आरोपों को पूरी तरह गलत बता रही है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में इस विवाद को लेकर कोई कानूनी या आधिकारिक कदम उठाया जाता है या नहीं।

  • ‘धुरंधर’ के बाद अब असुरों के गुरु बनेंगे अक्षय खन्ना, ‘महाकाली’ का टीजर देखकर फैंस हुए हैरान; 2027 में होगा बड़ा मुकाबला

    ‘धुरंधर’ के बाद अब असुरों के गुरु बनेंगे अक्षय खन्ना, ‘महाकाली’ का टीजर देखकर फैंस हुए हैरान; 2027 में होगा बड़ा मुकाबला


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता अक्षय खन्ना एक बार फिर अपने दमदार अभिनय और अलग अंदाज से दर्शकों को चौंकाने की तैयारी में हैं। फिल्म धुरंधर में रहमान डकैत के किरदार से चर्चा बटोरने के बाद अब अक्षय खन्ना पौराणिक फिल्म महाकाली में असुरों के गुरु शुक्राचार्य की भूमिका निभाते नजर आएंगे। फिल्म की पहली झलक सामने आते ही सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा तेज हो गई है। टीजर में अक्षय खन्ना का अंदाज इतना प्रभावशाली नजर आ रहा है कि फैंस उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। कई दर्शकों ने टीजर देखने के बाद इसे रोंगटे खड़े कर देने वाला बताया है।

    महाकाली का निर्देशन पूजा अपर्णा कोल्लुरू कर रही हैं। फिल्म की कहानी पौराणिक कथाओं से प्रेरित है और इसमें देवताओं तथा असुरों के बीच संघर्ष को एक बड़े सिनेमाई अंदाज में पेश किया जाएगा। अक्षय खन्ना फिल्म में शुक्राचार्य का किरदार निभा रहे हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शुक्राचार्य असुरों के गुरु और बेहद विद्वान तथा शक्तिशाली आचार्य माने जाते हैं। टीजर में उनके किरदार को रहस्यमय और प्रभावशाली रूप में दिखाया गया है।

    टीजर की शुरुआत एक बच्चे के रोने की आवाज से होती है। इसके बाद अक्षय खन्ना की दमदार आवाज सुनाई देती है। शुक्राचार्य के रूप में वह देवताओं और असुरों के बीच हुए समुद्र मंथन और अमृत वितरण पर सवाल उठाते नजर आते हैं। उनके संवादों में असुरों के साथ हुए कथित अन्याय और उनके अधिकारों को लेकर आक्रोश दिखाई देता है। जैसे जैसे टीजर आगे बढ़ता है अक्षय खन्ना का लुक सामने आता है और उनके किरदार की ताकत की झलक दर्शकों को दिखाई जाती है। उनका गेटअप और संवाद अदायगी फिल्म को लेकर उत्सुकता और बढ़ा देती है।

    फिल्म में महाकाली की भूमिका अभिनेत्री भूमि शेट्टी निभा रही हैं। टीजर के आखिर में उनके किरदार की भी झलक देखने को मिलती है। भूमि इससे पहले कन्नड़ और तेलुगू टेलीविजन प्रोजेक्ट्स में काम कर चुकी हैं और बिग बॉस कन्नड़ का भी हिस्सा रह चुकी हैं। अब महाकाली के जरिए वह बड़े पर्दे पर एक अलग तरह की भूमिका में नजर आने वाली हैं।

    टीजर रिलीज होने के बाद दर्शकों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अक्षय खन्ना के लुक और उनकी आवाज की तारीफ की है। कुछ दर्शकों ने कहा कि अक्षय खन्ना लगातार अलग अलग किरदारों में खुद को साबित कर रहे हैं। वहीं भूमि शेट्टी की झलक ने भी लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है। फिल्म के भव्य विजुअल्स और पौराणिक विषय ने दर्शकों के बीच अभी से माहौल बना दिया है।

    मेकर्स के मुताबिक महाकाली को 8 जनवरी 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। फिल्म हिंदी के साथ तमिल तेलुगू मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में रिलीज होगी। खास बात यह है कि बॉक्स ऑफिस पर इसका मुकाबला गोविंदा के बेटे यशवर्धन की डेब्यू फिल्म हीरो की हिरोइन से होने वाला है। ऐसे में जनवरी 2027 में दर्शकों को एक तरफ पौराणिक और भव्य कहानी देखने को मिलेगी तो दूसरी तरफ बॉलीवुड में एक नए चेहरे की शुरुआत भी होगी। अभी फिल्म की रिलीज में समय है लेकिन अक्षय खन्ना के शुक्राचार्य अवतार ने इसकी चर्चा जरूर तेज कर दी है।

  • शाहरुख-ऐश्वर्या की दोस्ती के बीच क्यों आया वो फैसला? करीब 5 फिल्मों से बाहर हुईं ऐश्वर्या, ‘चलते चलते’ से जुड़ा था पूरा मामला

    शाहरुख-ऐश्वर्या की दोस्ती के बीच क्यों आया वो फैसला? करीब 5 फिल्मों से बाहर हुईं ऐश्वर्या, ‘चलते चलते’ से जुड़ा था पूरा मामला

    नई दिल्ली । शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय बॉलीवुड की उन जोड़ियों में शामिल हैं जिन्हें दर्शकों ने पर्दे पर खूब पसंद किया। दोनों ने मोहब्बतें, देवदास और जोश जैसी फिल्मों में साथ काम किया और उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री ने खूब सुर्खियां बटोरीं। लेकिन एक समय ऐसा भी आया जब दोनों के बीच फिल्मों को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया जिसने पूरी इंडस्ट्री का ध्यान खींचा। हैरानी की बात यह थी कि ऐश्वर्या राय को शाहरुख खान की करीब पांच फिल्मों से बाहर कर दिया गया था। बाद में खुद शाहरुख खान ने इस फैसले को लेकर माना था कि उन्हें इसका अफसोस है।

    इस कहानी का सबसे चर्चित हिस्सा साल 2003 में रिलीज हुई फिल्म चलते चलते से जुड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फिल्म के लिए ऐश्वर्या राय को पहली पसंद माना जा रहा था और वह फिल्म में शाहरुख खान के साथ नजर आने वाली थीं। लेकिन शूटिंग के दौरान परिस्थितियां बदल गईं और ऐश्वर्या की जगह रानी मुखर्जी को फिल्म में शामिल किया गया। फिल्म में शाहरुख और रानी की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया और चलते चलते बॉक्स ऑफिस पर सफल रही।

    ऐश्वर्या को फिल्म से हटाए जाने की वजह के तौर पर उस समय सलमान खान से जुड़े विवाद का जिक्र सामने आया था। रिपोर्ट्स के अनुसार सलमान और ऐश्वर्या के रिश्ते में चल रहे तनाव का असर शूटिंग के माहौल पर भी पड़ा था। बताया गया कि सलमान के सेट पर आने और वहां पैदा हुए विवाद के कारण शूटिंग प्रभावित हुई। ऐसे में फिल्म के निर्माताओं के सामने प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने की चुनौती थी। बाद में ऐश्वर्या और सलमान दोनों ने शाहरुख से माफी भी मांगी थी लेकिन फिल्म की स्थिति को देखते हुए फैसला बदलना संभव नहीं हुआ।

    हालांकि यह मामला सिर्फ चलते चलते तक सीमित नहीं रहा। ऐश्वर्या राय ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि ऐसी कई फिल्में थीं जिनमें वह शाहरुख खान के साथ काम करने वाली थीं लेकिन अचानक उन्हें उन प्रोजेक्ट्स से हटा दिया गया। इनमें वीर जारा और कल हो ना हो जैसी फिल्मों के नाम भी सामने आए। ऐश्वर्या ने माना था कि जब बिना किसी स्पष्ट वजह के कोई फिल्म हाथ से निकल जाए तो कलाकार के लिए यह स्वाभाविक रूप से दुख पहुंचाने वाला होता है। उनके मुताबिक ऐसी परिस्थितियों में इंसान खुद से सवाल करने लगता है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ।

    दिलचस्प बात यह है कि कुछ समय बाद शाहरुख खान ने भी इस फैसले को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने स्वीकार किया था कि ऐश्वर्या को फिल्मों से हटाना उनके लिए आसान फैसला नहीं था और उन्हें लगता है कि उन्होंने गलत किया। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एक निर्माता के तौर पर कई बार फैसले अकेले नहीं लिए जाते। उनके साथ पूरी टीम और दूसरे प्रोडक्शन पार्टनर्स भी जुड़े होते हैं और फिल्म को तय समय में पूरा करने की जिम्मेदारी होती है।

    शाहरुख ने ऐश्वर्या की प्रोफेशनलिज्म की भी तारीफ की थी। उन्होंने माना कि वह उनकी पसंदीदा को-स्टार्स में से एक रही हैं और उनके साथ काम करने का अनुभव अच्छा रहा है। उनके मुताबिक उस समय लिया गया फैसला व्यक्तिगत से ज्यादा पेशेवर परिस्थितियों से जुड़ा था।

    बाद के वर्षों में शाहरुख और ऐश्वर्या ने एक-दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखा। दोनों की दोस्ती और फिल्मों में साथ काम करने की यादें आज भी बॉलीवुड के चर्चित किस्सों में शामिल हैं। यह कहानी यह भी दिखाती है कि फिल्म इंडस्ट्री में कई बार बड़े सितारों के बावजूद किसी प्रोजेक्ट से जुड़ा अंतिम फैसला सिर्फ एक व्यक्ति के हाथ में नहीं होता। परिस्थिति, निर्माता, समय और फिल्म की जरूरतें भी अहम भूमिका निभाती हैं। वहीं शाहरुख का बाद में अपनी गलती स्वीकार करना इस पुराने विवाद का सबसे दिलचस्प पहलू माना जाता है।

    Tags

    Shah Rukh Khan, Aishwarya Rai, Bollywood News, Chalte Chalte, Bollywood Controversy

  • 32 साल पहले सलमान की फिल्म से हटे थे ये 2 गाने, फिर जनता के प्यार ने मेकर्स को झुकाया; आज भी हैं सदाबहार हिट

    32 साल पहले सलमान की फिल्म से हटे थे ये 2 गाने, फिर जनता के प्यार ने मेकर्स को झुकाया; आज भी हैं सदाबहार हिट


    नई दिल्ली । 
    सलमान खान बॉलीवुड के उन सितारों में गिने जाते हैं जिनकी फिल्मों को लेकर दर्शकों के बीच अलग ही क्रेज देखने को मिलता है। सलमान की फिल्मों में कहानी के साथ उनके गाने भी लंबे समय तक लोगों की जुबान पर रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक समय उनकी एक बेहद लोकप्रिय फिल्म से उनके ऊपर फिल्माए गए दो गाने हटा दिए गए थे। खास बात यह रही कि फिल्म रिलीज होने के बाद दर्शकों ने इसे इतना पसंद किया कि मेकर्स को अपना फैसला बदलना पड़ा और दोनों गानों को दोबारा फिल्म में शामिल करना पड़ा। यह फिल्म थी साल 1994 में रिलीज हुई सूरज बड़जात्या की ब्लॉकबस्टर फिल्म हम आपके हैं कौन।

    इस फिल्म में सलमान खान के साथ माधुरी दीक्षित मुख्य भूमिका में नजर आई थीं। फिल्म की कहानी पारिवारिक रिश्तों और भावनाओं के इर्द गिर्द बुनी गई थी और रिलीज के बाद इसे दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिला। हालांकि सिनेमाघरों तक पहुंचने से पहले फिल्म को लेकर एक बड़ी चिंता सामने आई थी। फिल्म की लंबाई काफी ज्यादा थी और इसमें कई गाने भी शामिल थे। ऐसे में इंडस्ट्री और क्रिटिक्स की ओर से यह सुझाव दिया गया कि फिल्म को थोड़ा छोटा किया जाना चाहिए, ताकि दर्शकों को यह लंबी न लगे।

    बताया जाता है कि इसी फीडबैक को ध्यान में रखते हुए निर्देशक सूरज बड़जात्या ने फिल्म से दो गाने हटा दिए थे। दोनों गाने सलमान खान के किरदार से जुड़े हुए थे। उस समय मेकर्स को लगा कि गानों को हटाने से फिल्म की लंबाई कम होगी और इसकी गति बेहतर हो जाएगी। लेकिन फिल्म जब 5 अगस्त 1994 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई तो कहानी ही बदल गई।

    दर्शकों ने फिल्म को इतना पसंद किया कि इसकी लोकप्रियता ने मेकर्स को अपना फैसला बदलने पर मजबूर कर दिया। फिल्म के गानों को लेकर भी जबरदस्त क्रेज देखने को मिला। इसके बाद हटाए गए दोनों गानों को दोबारा फिल्म में शामिल कर दिया गया। दिलचस्प बात यह है कि दोनों गानों को लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी।

    पहला गाना था चॉकलेट लाइम जूस। यह गाना फिल्म के सबसे यादगार गीतों में शामिल हो गया। इसे देव कोहली ने लिखा था और लता मंगेशकर की आवाज ने इस गाने को खास पहचान दी। बच्चों और परिवार के बीच लोकप्रिय इस गीत ने फिल्म के हल्के फुल्के और पारिवारिक माहौल को और खूबसूरत बना दिया।

    दूसरा गाना था मुझसे जुदा होकर। इस गीत को भी लता मंगेशकर ने गाया था जबकि पुरुष आवाज एसपी बालासुब्रह्मण्यम की थी। फिल्म की भावनात्मक कहानी के साथ इस गीत ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। यही वजह रही कि दोनों गानों को हटाने का फैसला ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सका।

    हम आपके हैं कौन की सफलता ने यह भी साबित किया कि कई बार दर्शकों की पसंद किसी फिल्म के अंतिम रूप को बदलने की ताकत रखती है। फिल्म के गाने इसकी पहचान का अहम हिस्सा बन चुके थे और उन्हें हटाना मेकर्स के लिए भारी पड़ सकता था। रिलीज के बाद मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स ने इस बात को साबित कर दिया।

    आज भी हम आपके हैं कौन को सलमान खान और माधुरी दीक्षित के करियर की सबसे यादगार फिल्मों में गिना जाता है। फिल्म के संवाद, किरदार और खास तौर पर इसके गाने कई दशक बाद भी लोगों की यादों में बसे हुए हैं। चॉकलेट लाइम जूस और मुझसे जुदा होकर भी ऐसे ही गीत हैं जिन्हें सुनते ही लोगों को 90 के दशक की इस सुपरहिट फिल्म की याद आ जाती है।