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  • 83 की उम्र में भी नहीं थम रहा अमिताभ बच्चन का जुनून, एक ही दिन में शूट कर डालीं 12 शॉर्ट फिल्में

    83 की उम्र में भी नहीं थम रहा अमिताभ बच्चन का जुनून, एक ही दिन में शूट कर डालीं 12 शॉर्ट फिल्में


    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के महानायक Amitabh Bachchan आज भी अपनी ऊर्जा, अनुशासन और काम के प्रति समर्पण से नई पीढ़ी को प्रेरित कर रहे हैं। 83 वर्ष की उम्र में जहां अधिकांश लोग आरामदायक जीवन की ओर बढ़ते हैं, वहीं अमिताभ बच्चन लगातार काम में व्यस्त हैं और अपने प्रोफेशनल कमिटमेंट्स को पूरी गंभीरता से निभा रहे हैं। हाल ही में उन्होंने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसने उनके प्रशंसकों को हैरान और प्रभावित दोनों कर दिया है।

    अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग के जरिए जानकारी दी कि उन्होंने एक ही दिन में 12 शॉर्ट फिल्मों की शूटिंग पूरी की है। उन्होंने देर रात अपने ब्लॉग में लिखा कि काम तो काम है और उसे पूरी ईमानदारी के साथ करना ही उनकी प्राथमिकता है। बिग बी ने बताया कि 12 शॉर्ट फिल्मों की शूटिंग पूरी हो चुकी है और अभी दो और शूट बाकी हैं। इसके बाद भी वह अपने प्रशंसकों से जुड़ने के लिए ब्लॉग लिख रहे थे।

    उन्होंने लिखा कि कई दिनों की तैयारी, लगातार पढ़ाई और कठिन परिश्रम के बाद भी वह अपने इरादों और काम करने के तरीके से कभी समझौता नहीं करते। उनके अनुसार, किसी भी काम को पूरी लगन और समर्पण के साथ करना ही सफलता की कुंजी है। ब्लॉग के अंत में उन्होंने यह भी लिखा कि अब वह आराम करने जा रहे हैं क्योंकि लंबे दिन के बाद शरीर को विश्राम की भी जरूरत होती है।

    बिग बी ने अपने प्रशंसकों के साथ अपने खास रिश्ते का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फैंस के साथ उनका जुड़ाव कभी नहीं टूटना चाहिए। बाकी चीजें समय के साथ बदल सकती हैं, लेकिन दर्शकों का प्यार और संवाद उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है।

    अमिताभ बच्चन की इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रशंसकों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई लोगों ने उन्हें प्रेरणा का स्रोत बताया। एक यूजर ने लिखा कि अमिताभ बच्चन की कार्यशैली और अनुशासन युवाओं के लिए सीख है। वहीं दूसरे प्रशंसक ने लिखा कि इतनी उम्र में भी जिस तरह वह लगातार काम कर रहे हैं, वह अविश्वसनीय है। हालांकि कुछ प्रशंसकों ने उनकी सेहत को लेकर चिंता भी जताई और उन्हें पर्याप्त आराम करने की सलाह दी।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो अमिताभ बच्चन आखिरी बार Vettaiyan में नजर आए थे, जिसमें उनके साथ Rajinikanth मुख्य भूमिका में थे। फिल्म में दोनों दिग्गज कलाकारों की जोड़ी को दर्शकों ने काफी पसंद किया था।

    आने वाले समय में अमिताभ बच्चन Kalki 2898 AD Part 2 में दिखाई देंगे। इस फिल्म में उनके साथ Prabhas और Kamal Haasan भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में होंगे। फिल्म का पहला भाग Kalki 2898 AD बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता साबित हुआ था और दुनियाभर में 1000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करने में सफल रहा था।

    फिलहाल अमिताभ बच्चन की यह उपलब्धि एक बार फिर साबित करती है कि समर्पण, अनुशासन और मेहनत के सामने उम्र कोई मायने नहीं रखती।

  • ‘गदर और गदर 2 धुरंधर से भी बड़ी ब्लॉकबस्टर’, 25 साल पूरे होने पर अमीषा पटेल का बड़ा दावा

    ‘गदर और गदर 2 धुरंधर से भी बड़ी ब्लॉकबस्टर’, 25 साल पूरे होने पर अमीषा पटेल का बड़ा दावा


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री Ameesha Patel इन दिनों एक बार फिर अपनी सुपरहिट फिल्म Gadar: Ek Prem Katha को लेकर चर्चा में हैं। 15 जून को इस ऐतिहासिक फिल्म की रिलीज के 25 साल पूरे होने जा रहे हैं। इस खास मौके पर अमीषा ने फिल्म से जुड़ी यादों को साझा करते हुए इसकी सफलता और लोकप्रियता पर खुलकर बात की। उन्होंने दावा किया कि गदर और गदर 2 की सफलता किसी भी अन्य फ्रेंचाइजी से कहीं अधिक रही है।

    एक इंटरव्यू में अमीषा पटेल ने बताया कि गदर ने उन्हें सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पाकिस्तान में भी बड़ी पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि फिल्म रिलीज होने के बाद पाकिस्तान से लगातार फोन कॉल्स आते थे। कई महिलाओं ने उनसे संपर्क कर बताया कि फिल्म देखकर वे भावुक हो गई थीं। इतना ही नहीं, कई परिवारों ने अपनी बेटियों का नाम फिल्म में उनके किरदार ‘सकीना’ के नाम पर रख दिया था।

    अमीषा ने एक भावुक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक बुजुर्ग महिला का फोन आया था, जिसने कहा था कि “सकीना ने पूरे पाकिस्तान को रुला दिया।” अभिनेत्री के अनुसार, यह उनके करियर के सबसे यादगार अनुभवों में से एक है।

    फिल्म की सफलता को याद करते हुए अमीषा ने कहा कि गदर को रिलीज के पहले दिन से ही जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। उस दौर में सिंगल स्क्रीन थिएटरों में फिल्म ने रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन किया था। दर्शकों ने फिल्म को इतना प्यार दिया कि यह भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शामिल हो गई।

    हालांकि, अभिनेत्री का कहना है कि उस समय वह अपने करियर में इतनी व्यस्त थीं कि फिल्म की सफलता का भरपूर आनंद नहीं ले सकीं। शुरुआती दौर में वह लगातार कई फिल्मों की शूटिंग कर रही थीं और एक सेट से दूसरे सेट तक भागदौड़ में लगी रहती थीं। इसी वजह से गदर की सफलता का जश्न मनाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला।

    अमीषा पटेल ने आगे दावा किया कि गदर और गदर 2 मिलकर भारतीय सिनेमा की सबसे सफल फ्रेंचाइजी फिल्मों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि 25 साल बाद भी लोग फिल्म के किरदारों और संवादों को याद करते हैं। अभिनेत्री के मुताबिक, गदर की लोकप्रियता समय के साथ और बढ़ी है और इसका दूसरा भाग भी बॉक्स ऑफिस पर सुनामी साबित हुआ था।

    बॉक्स ऑफिस आंकड़ों की बात करें तो 2001 में रिलीज हुई Gadar: Ek Prem Katha ने दुनियाभर में लगभग 132 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया था। वहीं 2023 में रिलीज हुई Gadar 2 ने करीब 686 करोड़ रुपये का वैश्विक कलेक्शन कर कई रिकॉर्ड अपने नाम किए थे।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो अमीषा पटेल आखिरी बार Tauba Tera Jalwa में नजर आई थीं। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी। फिलहाल उनके प्रशंसक गदर फ्रेंचाइजी के अगले भाग और अभिनेत्री की नई परियोजनाओं का इंतजार कर रहे हैं।

  • पति-बच्चों को छोड़ डॉगी के नाम करेंगी संपत्ति! सुनीता आहूजा का मजाकिया बयान वायरल, कृष्णा अभिषेक को बताया बेटा

    पति-बच्चों को छोड़ डॉगी के नाम करेंगी संपत्ति! सुनीता आहूजा का मजाकिया बयान वायरल, कृष्णा अभिषेक को बताया बेटा


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के लोकप्रिय अभिनेता Govinda की पत्नी Sunita Ahuja अक्सर अपने स्पष्ट, बेबाक और मजाकिया अंदाज के कारण सुर्खियों में बनी रहती हैं। हाल ही में मुंबई एयरपोर्ट पर उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपनी संपत्ति को लेकर ऐसा बयान दिया कि सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई।

    दरअसल, शनिवार को सुनीता आहूजा मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट हुईं। इस दौरान उनके साथ उनका पालतू डॉगी भी मौजूद था। पैपराजी से बातचीत करते हुए सुनीता ने हमेशा की तरह हंसी-मजाक का माहौल बना दिया। जब वह अपने डॉगी को कार की आगे वाली सीट पर प्यार से बैठा रही थीं, तभी उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह अपनी सारी प्रॉपर्टी इसी के नाम करने वाली हैं। उनका यह बयान सुनकर वहां मौजूद लोग भी हंस पड़े और वीडियो तेजी से वायरल होने लगा।

    दिलचस्प बात यह रही कि सुनीता ने अपनी संपत्ति के लिए न तो अपने पति गोविंदा का नाम लिया और न ही अपने बच्चों यशवर्धन और टीना का। हालांकि उनका यह बयान पूरी तरह मजाक के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर खूब प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

    बातचीत के दौरान पैपराजी ने उनसे Krushna Abhishek को लेकर भी सवाल किया। इस पर सुनीता ने कहा कि कृष्णा उनके बेटे जैसे हैं। उन्होंने प्यार जताते हुए कहा कि कृष्णा के पास पहले से ही बहुत कुछ है और भगवान उन्हें और सफलता दें। सुनीता ने यह भी कहा कि जब तक वह जीवित हैं, तब तक कृष्णा हमेशा उनके परिवार का हिस्सा रहेंगे।

    गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों से सुनीता आहूजा और कृष्णा अभिषेक के परिवार के बीच रिश्तों में खटास की खबरें सामने आती रही थीं। हालांकि हाल ही में दोनों परिवारों के बीच सुलह हो गई है। टीवी शो में हुई मुलाकात के दौरान सुनीता, कृष्णा और Kashmera Shah एक साथ नजर आए थे। लंबे समय बाद हुई इस मुलाकात के दौरान भावुक पल भी देखने को मिले थे।

    सुनीता ने पहले भी कहा था कि कृष्णा उनके बेटे जैसे हैं और उन्होंने उन्हें दिल से माफ कर दिया है। वहीं कश्मीरा शाह ने भी मजाकिया अंदाज में कहा था कि उनका वनवास खत्म हो गया है।

    दूसरी ओर, सुनीता और गोविंदा के रिश्तों को लेकर भी पिछले कुछ समय से कई तरह की चर्चाएं होती रही हैं। सुनीता ने कुछ इंटरव्यू में गोविंदा पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के आरोप लगाए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि गोविंदा ने अपने बेटे के करियर को लेकर पर्याप्त सहयोग नहीं किया। हालांकि गोविंदा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था।

    दोनों के तलाक की खबरें भी कई बार मीडिया में सामने आईं, लेकिन अभिनेता के वकील ने इन अटकलों को गलत बताया था। फिलहाल दोनों के रिश्तों को लेकर चर्चाएं जारी हैं, लेकिन सुनीता का ताजा वीडियो उनके हल्के-फुल्के और मजाकिया अंदाज के कारण सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है।

  • दीपिका पादुकोण की तारीफ में बोलीं कंगना रनौत: ‘बॉलीवुड में बढ़ रही है नेगेटिविटी और इनसिक्योरिटी’

    दीपिका पादुकोण की तारीफ में बोलीं कंगना रनौत: ‘बॉलीवुड में बढ़ रही है नेगेटिविटी और इनसिक्योरिटी’


    नई दिल्ली। बॉलीवुड में अपने बेबाक बयानों के लिए पहचानी जाने वाली अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत एक बार फिर चर्चा में हैं। हालांकि इस बार उन्होंने किसी विवादित मुद्दे पर टिप्पणी नहीं की, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री में बढ़ती असुरक्षा, जलन और कलाकारों के बीच कम होते भाईचारे को लेकर अपनी राय साझा की है। खास बात यह रही कि बातचीत के दौरान कंगना ने अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की खुलकर तारीफ की और बताया कि उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर में उनसे कई सकारात्मक बातें सीखीं।

    एक इंटरव्यू में कंगना ने कहा कि उन्हें अक्सर यह देखकर आश्चर्य होता है कि कई लोग कितनी असुरक्षा की भावना के साथ जीवन जीते हैं। उनके अनुसार किसी व्यक्ति के पास क्या है और क्या नहीं है, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण उसकी मानसिकता होती है। उन्होंने कहा कि इंसान के भीतर जलन, असुरक्षा या दूसरों से खुद की तुलना करने जैसी भावनाएं होना सामान्य बात है, लेकिन इन भावनाओं को अपने ऊपर हावी होने देना या उन पर नियंत्रण रखना व्यक्ति की अपनी पसंद होती है।

    कंगना का मानना है कि नकारात्मक भावनाएं किसी भी व्यक्ति की प्रतिभा, आकर्षण और निर्णय क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कई ऐसे लोगों को देखा है जो बेहद प्रतिभाशाली, आकर्षक और सफल हैं, लेकिन असुरक्षा की भावना उन्हें भीतर से कमजोर बना देती है। यही कारण है कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में ही यह तय कर लिया था कि वे ऐसी भावनाओं को अपने व्यक्तित्व पर हावी नहीं होने देंगी।

    अभिनेत्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति उनसे कम अनुभवी या कम प्रतिभाशाली है तो वे उसकी मदद करने और उसे आगे बढ़ाने की कोशिश करती हैं। वहीं यदि कोई उनसे अधिक प्रतिभाशाली है तो वे उससे सीखने में विश्वास रखती हैं। उनके अनुसार सीखने और आगे बढ़ने की यह प्रक्रिया ही व्यक्ति को बेहतर बनाती है, जबकि असुरक्षा केवल विकास की राह में बाधा बनती है।

    बातचीत के दौरान कंगना ने अपने शुरुआती संघर्षों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि जब वे बहुत कम उम्र में अपने घर से निकलकर फिल्म इंडस्ट्री में आई थीं, तब उन्हें इस दुनिया के बारे में बहुत कम जानकारी थी। गांव से आने और सीमित अनुभव होने के कारण कई चीजें उनके लिए चुनौतीपूर्ण थीं। ऐसे समय में उन्होंने अपने आसपास के लोगों को देखकर और उनसे सीखकर खुद को विकसित किया।

    इसी संदर्भ में उन्होंने दीपिका पादुकोण का उदाहरण दिया। कंगना ने कहा कि दीपिका का खेलों से जुड़ा बैकग्राउंड रहा है और उन्होंने हमेशा उनकी फिटनेस, अनुशासन और समर्पण की भावना को करीब से देखा। उन्होंने बताया कि एक विज्ञान पृष्ठभूमि से आने वाली लड़की होने के बावजूद उन्होंने अपने समकालीन कलाकारों से बहुत कुछ सीखा और दीपिका उनमें से एक हैं। कंगना के अनुसार किसी व्यक्ति की अच्छी बातों को स्वीकार करना और उसकी प्रशंसा करना सीखने की पहली सीढ़ी है।

    उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई किसी की खूबसूरती, प्रतिभा या विशेष गुणों को स्वीकार ही नहीं करेगा, तो उनसे सीखने का अवसर भी खो देगा। कंगना का मानना है कि प्रशंसा करने से व्यक्ति छोटा नहीं होता, बल्कि उसका दृष्टिकोण व्यापक होता है।

    अंत में कंगना ने वर्तमान पीढ़ी के कलाकारों के बीच बढ़ती दूरी पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि पहले के दशकों में कलाकारों के बीच दोस्ती और अपनापन अधिक दिखाई देता था, जबकि आज बातचीत और आपसी सराहना का माहौल कम होता जा रहा है। विशेष रूप से उन्होंने कहा कि आजकल लोग एक-दूसरे की खुलकर तारीफ करने से भी बचते हैं, जबकि सकारात्मकता और सहयोग किसी भी रचनात्मक क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत होती है।

  • ‘वेलकम टू द जंगल’ की फीस पर बोले अक्षय कुमार: 1.8 करोड़ तो दूर, उतना भी नहीं मिला

    ‘वेलकम टू द जंगल’ की फीस पर बोले अक्षय कुमार: 1.8 करोड़ तो दूर, उतना भी नहीं मिला


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार यानी अक्षय कुमार एक बार फिर अपनी बहुप्रतीक्षित कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के बाद जहां दर्शकों के बीच उत्साह देखने को मिल रहा है, वहीं अक्षय कुमार की फीस को लेकर भी कई तरह की खबरें सामने आ रही थीं। दावा किया जा रहा था कि अभिनेता ने इस फिल्म के लिए करीब 1.7 से 1.8 करोड़ रुपये की फीस ली है। अब खुद अक्षय कुमार ने इन चर्चाओं पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है।

    ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान जब मीडिया ने उनसे उनकी फीस को लेकर सवाल किया तो अक्षय कुमार ने मुस्कुराते हुए इन खबरों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “किसने कहा है ये? आपने कहा 1.7 करोड़? मैंने इतने नहीं लिए, ना ही मुझे इतने मिले हैं।” अक्षय के इस जवाब के बाद सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है।

    अक्षय कुमार ने इस मौके पर फिल्म से जुड़े अपने भावनात्मक संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ‘वेलकम’ फ्रेंचाइजी उनके लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि यादों से जुड़ा एक खास अध्याय है। अभिनेता ने दिवंगत लेखक और निर्देशक नीरज वोहरा को याद करते हुए कहा कि उनकी कॉमेडी की समझ को निखारने में नीरज का सबसे बड़ा योगदान रहा है।

    अक्षय ने कहा कि उन्होंने अपने करियर में कॉमेडी की बारीकियां तीन दिग्गजों से सीखी हैं प्रियदर्शन, राजकुमार संतोषी और नीरज वोहरा। उन्होंने कहा, “मैंने कई बार कहा है कि मेरी कॉमेडी की समझ इन तीन लोगों की वजह से बनी है। इनमें नीरज वोहरा का योगदान सबसे ज्यादा रहा है। इस फिल्म से मेरा एक भावनात्मक जुड़ाव भी है क्योंकि इसी सफर में मैं उनके साथ जुड़ा था।”

    कार्यक्रम के दौरान अक्षय कुमार ने निर्माता फिरोज नाडियाडवाला के साथ अपने लंबे रिश्ते का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह उन्हें पिछले 36 वर्षों से जानते हैं। अभिनेता ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि वह उस समय अक्सर फिरोज नाडियाडवाला के ऑफिस जाया करते थे। दिलचस्प अंदाज में अक्षय ने कहा, “मैं तब भी स्ट्रगल कर रहा था और आज भी स्ट्रगल कर रहा हूं।” उनके इस बयान ने दर्शकों और मीडिया का ध्यान खींचा।

    ‘वेलकम टू द जंगल’ मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्म है, जिसमें अक्षय कुमार के अलावा कई बड़े कलाकार नजर आने वाले हैं। फिल्म में सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, रवीना टंडन, लारा दत्ता, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस, जैकी श्रॉफ, परेश रावल, जॉनी लीवर, राजपाल यादव, कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा और दलेर मेहंदी जैसे कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे।

    गौरतलब है कि यह साल 2007 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म ‘वेलकम’ का तीसरा भाग है। पहली फिल्म में अक्षय कुमार, कटरीना कैफ, अनिल कपूर, नाना पाटेकर और परेश रावल ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया था। इसके बाद 2015 में ‘वेलकम बैक’ रिलीज हुई थी। अब लगभग एक दशक बाद ‘वेलकम टू द जंगल’ के जरिए यह लोकप्रिय फ्रेंचाइजी बड़े पर्दे पर वापसी करने जा रही है। फिल्म 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी और दर्शकों को एक बार फिर हंसी और मनोरंजन का भरपूर डोज देने का वादा करती है।

  • समस्याओं को सुलझाने का आसान तरीका बताया, अमिताभ बच्चन का अनुभव आया सामने

    समस्याओं को सुलझाने का आसान तरीका बताया, अमिताभ बच्चन का अनुभव आया सामने


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन एक बार फिर अपने अनुशासन और कार्यशैली को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने अपने हालिया ब्लॉग में बताया कि वह देर रात तक काम करते हैं और कई बार सुबह 4 बजे तक अपने प्रोजेक्ट्स में व्यस्त रहते हैं। 83 साल की उम्र में भी उनका काम के प्रति समर्पण पहले जैसा ही मजबूत है। ब्लॉग में उन्होंने फैंस को भी स्वास्थ्य का ध्यान रखने और गर्मी में हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी।

    ‘प्रॉब्लम हमेशा प्रॉब्लम रहती है’  बिग बी का जीवन मंत्र
    अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में समस्याओं को लेकर एक गहरी सोच साझा की। उनके अनुसार,
    “प्रॉब्लम की अच्छी बात यह है कि वे बाद में भी प्रॉब्लम ही रहती हैं, इसलिए उन्हें तुरंत हल करने का दबाव नहीं होना चाहिए।” उनका कहना है कि हर समस्या हमें कुछ नया सिखाती है और समय के साथ हम उनसे निपटना सीखते हैं। यह अनुभव इंसान को अधिक समझदार बनाता है।

    पॉजिटिविटी और कॉन्फिडेंस पर जोर
    उन्होंने आगे लिखा कि जीवन में केवल समस्याओं को हल करना ही जरूरी नहीं, बल्कि अनिश्चितताओं को स्वीकार करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
     बिग बी के अनुसार, कॉन्फिडेंस और पॉजिटिविटी ही वह आधार हैं, जिनसे व्यक्ति कठिन परिस्थितियों का सामना बेहतर तरीके से कर सकता है। उनका मानना है कि अनिश्चितताएं ही जीवन को दिलचस्प और जीने योग्य बनाती हैं।

    लगातार सक्रिय है करियर
    वर्क फ्रंट की बात करें तो अमिताभ बच्चन जल्द ही फिल्म सेक्शन 84 में नजर आ सकते हैं। इसके अलावा वह बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट कल्कि 2898 एडी -पार्ट 2 का भी हिस्सा हैं, जिसमें उन्होंने अश्वत्थामा का किरदार निभाया है। पहले भाग में उनके अभिनय की काफी सराहना हुई थी, और दूसरे पार्ट से भी दर्शकों को बड़ी उम्मीदें हैं।

    एक प्रेरणा बने हुए हैं बिग बी
    समय बदल गया है, उम्र बढ़ गई है, लेकिन अमिताभ बच्चन का काम करने का जुनून और जीवन को देखने का नजरिया आज भी उतना ही मजबूत है। उनका यह संदेश कि “समस्याएं जीवन का हिस्सा हैं” हर उम्र के लोगों के लिए एक सीख की तरह है।

  • पत्नी के प्रति वफादारी पर बोले आर माधवन, दिया मजेदार और ईमानदार जवाब

    पत्नी के प्रति वफादारी पर बोले आर माधवन, दिया मजेदार और ईमानदार जवाब

    नई दिल्ली। अभिनेता आर. माधवन ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर एक दिलचस्प और बेहद साफगोई भरा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि पत्नी सरिता के साथ उनकी 27 साल लंबी शादी की मजबूत नींव भरोसे, ईमानदारी और आपसी समझ पर टिकी है। माधवन ने कहा कि उनके लिए लॉयल्टी कोई रणनीति नहीं, बल्कि परिवार से मिली हुई एक सीख है। उनके अनुसार, “मुझे लगता है लॉयल रहना हमारे परिवार की परंपरा में है। मेरा पूरा खानदान हमेशा अपनी जिम्मेदारियों के प्रति वफादार रहा है।”

    ‘डरपोक मद्रासी मिडल क्लास हूं’ -खुद को लेकर खुलकर बोले माधवन
    अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए आर. माधवन ने हल्के-फुल्के अंदाज में खुद को “डरपोक मद्रासी मिडल क्लास आदमी” बताया। उन्होंने कहा कि वह भले ही आकर्षण महसूस करते हों, लेकिन अंत में उनके लिए परिवार और पत्नी ही सबसे अहम हैं। उन्होंने यह भी साझा किया कि उनकी पत्नी सरिता उनकी जिंदगी के कई अहम पहलुओं को संभालती हैं, यहां तक कि फाइनेंस और अकाउंट्स तक का जिम्मा भी उनके पास है।

    मणिरत्नम की सीख और रिश्तों की समझ
    माधवन ने फिल्मकार मणिरत्नम से मिली एक सलाह का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मणिरत्नम ने उन्हें कहा था कि जब रिश्ता अच्छा चल रहा हो, तो उसे बार-बार “टेस्ट” नहीं करना चाहिए। माधवन के मुताबिक, “कभी-कभी रिश्तों को परखने की कोशिश ही उन्हें खराब कर देती है। बेहतर है कि चीजों को स्वाभाविक रूप से चलने दिया जाए।

    शादी के वक्त भी रखा सच का रास्ता
    अभिनेता ने यह भी बताया कि जब उन्होंने सरिता से शादी की थी, तब वह अपने करियर के शुरुआती और सफल दौर में थे। उस समय उन्हें सलाह दी गई थी कि शादी को छिपाकर रखें, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उनका मानना है कि रिश्तों में पारदर्शिता ही असली ताकत होती है। इसलिए उन्होंने कभी भी अपनी शादी को छिपाने की कोशिश नहीं की।

    प्रोफेशनल लाइफ में भी लगातार सक्रिय
    वर्क फ्रंट की बात करें तो आर. माधवन हाल ही में अपनी फिल्मों को लेकर चर्चा में रहे हैं। उनकी परफॉर्मेंस को लगातार सराहा जाता रहा है। आने वाले समय में वह कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं, जिनमें मल्टीस्टार कास्ट भी शामिल है।

  • सलमान के देर रात पोस्ट ने मचाया हलचल, वरुण धवन ने दिया मजेदार जवाब

    सलमान के देर रात पोस्ट ने मचाया हलचल, वरुण धवन ने दिया मजेदार जवाब


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन ने हाल ही में एक इंटरव्यू में फिल्मी दुनिया की चमक-दमक के पीछे की सच्चाई पर बात की। उन्होंने कहा कि बाहर से एक्टर्स की जिंदगी जितनी ग्लैमरस दिखती है, अंदर से उतनी ही अकेली और दबाव से भरी होती है। वरुण के मुताबिक, “अक्सर 90 प्रतिशत एक्टर्स अकेलेपन का सामना करते हैं। स्टारडम का प्रेशर इतना होता है कि लोग मानसिक रूप से भी संघर्ष करते हैं, लेकिन यह सब बाहर नजर नहीं आता। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें करियर की शुरुआत में ही इस हकीकत का एहसास हो गया था, इसलिए उन्होंने फैसला किया कि वह ऑनस्क्रीन और ऑफस्क्रीन एक जैसी ही पर्सनैलिटी रखेंगे।

    ‘मैं वही हूं जो मैं हूं’ -वरुण की सोच
    वरुण धवन ने कहा कि उन्होंने कभी भी अलग-अलग पर्सनैलिटी बनाने की कोशिश नहीं की। उनके अनुसार, यह दिखावा मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। उन्होंने कहा, “मैं वही हूं जो मैं यहां और वहां हूं। अगर आप अलग-अलग चेहरे बनाएंगे तो एक समय के बाद वह बबल फट जाता है और आप खुद को खो देते हैं।” वरुण ने यह भी माना कि सोशल मीडिया के दौर में लोग अब बहुत सोच-समझकर बोलते हैं, लेकिन वह खुद पहले की तरह बेझिझक बात करना पसंद करते हैं।

    सलमान खान के वायरल पोस्ट पर प्रतिक्रिया
    इंटरव्यू के दौरान वरुण धवन से सलमान खान के हाल ही में वायरल हुए देर रात के इंस्टाग्राम पोस्ट के बारे में भी सवाल किया गया। इस पर उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि,“जब मैंने सलमान भाई के रात वाले पोस्ट देखे, तो वह अलग ही जोन में चले गए थे। उनका इशारा इस बात की ओर था कि कभी-कभी बड़े सितारे भी अपने निजी मूड या भावनात्मक स्थिति में सोशल मीडिया पर अलग तरह से प्रतिक्रिया दे देते हैं।

    सोशल मीडिया और सीमाओं की बात
    वरुण ने यह भी कहा कि आज के समय में हर चीज सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से फैलती है। ऐसे में कलाकारों को हर कदम सोचकर उठाना पड़ता है, क्योंकि एक छोटी सी बात भी बड़े विवाद में बदल सकती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि चाहे लोग आपको पसंद करें या आलोचना करें, सबसे जरूरी है कि इंसान अपनी असल पहचान बनाए रखे।

    फिल्मी करियर की बात
    वर्क फ्रंट की बात करें तो वरुण धवन की हालिया फिल्म “है जवानी तो इश्क होना है” रिलीज हो चुकी है, जिसमें उनके साथ पूजा हेगड़े और मृणाल ठाकुर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से मिश्रित प्रतिक्रिया मिली है।

  • विक्रम भट्ट ने रिलेशनशिप और करियर पर की खुलकर बात, कहा- दोनों साथ नहीं चले

    विक्रम भट्ट ने रिलेशनशिप और करियर पर की खुलकर बात, कहा- दोनों साथ नहीं चले


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर और हॉरर फिल्मों के लिए जाने जाने वाले विक्रम भट्ट एक बार फिर अपने निजी जीवन को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने पुराने रिश्तों, खासकर सुष्मिता सेन और अमीषा पटेल के साथ डेटिंग को लेकर खुलकर बातचीत की।

    विक्रम भट्ट ने बताया कि उनके जीवन का एक दौर ऐसा भी था जब पेशेवर सफलता और निजी जीवन दोनों ही एक साथ उलझे हुए थे। उन्होंने कहा कि उनकी फिल्मों ने तो सफलता हासिल की, लेकिन उनकी रिलेशनशिप्स लंबे समय तक नहीं टिक सकीं। इसी बात को मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा, “मेरी फिल्में तो चलीं, लेकिन रिलेशनशिप नहीं।”

    विक्रम भट्ट और सुष्मिता सेन की मुलाकात 1996 में फिल्म ‘दस्तक’ के सेट पर हुई थी। उस समय विक्रम, महेश भट्ट को असिस्ट कर रहे थे और सुष्मिता अपने करियर की शुरुआत कर रही थीं। वहीं से दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और डेटिंग शुरू हुई, लेकिन कुछ समय बाद यह रिश्ता खत्म हो गया।

    इसी तरह विक्रम भट्ट का नाम एक्ट्रेस अमीषा पटेल के साथ भी जुड़ा। दोनों ने साल 2002 से 2007 के बीच एक-दूसरे को डेट किया। हालांकि यह रिश्ता भी ज्यादा समय तक नहीं चल सका।

    इंटरव्यू के दौरान विक्रम भट्ट ने अपने संघर्ष के दिनों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब वह आर्थिक रूप से बेहद कमजोर थे। उनके पास साधारण जरूरतों के लिए भी पैसे नहीं होते थे। उन्होंने कहा, “मैं स्ट्रगलिंग डायरेक्टर था, कई बार हालात ऐसे थे कि मेरे पास सीडी खरीदने तक के पैसे नहीं होते थे।”

    उन्होंने यह भी कहा कि जब लोग उन्हें सफल समझ रहे थे, तब भी उनकी जिंदगी आसान नहीं थी। उन्होंने कहा कि उसी दौर में वह सुष्मिता सेन जैसी बड़ी हस्ती को डेट कर रहे थे, लेकिन अंदर से वह संघर्ष कर रहे थे।

    विक्रम ने आगे कहा कि उनके जीवन में जो भी लोग आए, उन्होंने कुछ न कुछ अच्छा ही दिया। उनके मुताबिक, हर रिश्ता एक सीख लेकर आया। चाहे वह प्यार हो, समय हो या जीवन का अनुभव—हर किसी ने उन्हें कुछ न कुछ सिखाया है।

    उन्होंने अपने पुराने रिश्तों को लेकर किसी तरह की नाराजगी नहीं जताई, बल्कि उन्हें सकारात्मक अनुभव बताया। विक्रम भट्ट ने कहा कि पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें केवल प्यार और सीख ही नजर आती है।

    अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि असली जीत फिल्मों और मेहनत की होती है, क्योंकि वही समय के साथ लोगों को याद रहती है, जबकि निजी जीवन की कहानियां धीरे-धीरे धुंधली पड़ जाती हैं।

  • शूटिंग के दौरान राजेश खन्ना की हालत हुई खराब, लगातार काम करने से हुए परेशान

    शूटिंग के दौरान राजेश खन्ना की हालत हुई खराब, लगातार काम करने से हुए परेशान

    नई दिल्ली। बॉलीवुड में कई कलाकार अपने किरदार को जीवंत बनाने के लिए कठिन मेहनत करते हैं, लेकिन राजेश खन्ना की पहली फिल्म ‘आखिरी खत’ के दौरान जो हुआ, वह आज भी फिल्मी गलियारों में चर्चा का विषय है। साल 1966 में रिलीज हुई इस फिल्म से राजेश खन्ना ने बड़े पर्दे पर कदम रखा था। फिल्म का निर्देशन चेतन आनंद ने किया था, जो अपने यथार्थवादी और संवेदनशील सिनेमा के लिए जाने जाते थे।

    किरदार में असली थकान दिखाने के लिए नहीं सोने दिया

    फिल्म में राजेश खन्ना का किरदार मानसिक तनाव और भावनात्मक संघर्ष से गुजरता है। निर्देशक चाहते थे कि उनके चेहरे पर थकान बनावटी न लगे, बल्कि वास्तविक दिखाई दे। बताया जाता है कि चेतन आनंद आधी रात को फोन कर-करके राजेश खन्ना को जगा देते थे, जिससे उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती थी। यह सिलसिला कई दिनों तक चला और करीब तीन दिन बाद जब अभिनेता सेट पर पहुंचे तो उनके चेहरे पर वास्तविक थकान और बेचैनी साफ नजर आ रही थी। निर्देशक की यह तकनीक फिल्म के उस दृश्य के लिए कारगर साबित हुई, जहां किरदार को बेहद परेशान और टूटे हुए मनोभाव में दिखाना था।

    ऑस्कर तक पहुंची थी ‘आखिरी खत’

    ‘आखिरी खत’ केवल राजेश खन्ना की पहली फिल्म ही नहीं थी, बल्कि भारतीय सिनेमा के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हुई। यह फिल्म भारत की ओर से अकादमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर) में सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्म श्रेणी के लिए भेजी गई थी। अग्रेजी में ‘द लास्ट लेटर’ नाम से पहचानी जाने वाली इस फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना हासिल की थी।

    एक बच्चे की कहानी ने जीता दिल

    फिल्म में राजेश खन्ना के साथ मास्टर बंटी बहल भी नजर आए थे। कहानी गोविंद नाम के युवक और उसकी पत्नी लज्जो के इर्द-गिर्द घूमती है। परिस्थितियों के कारण दोनों अलग हो जाते हैं और एक छोटा बच्चा मुंबई की भीड़ में खो जाता है इसके बाद पिता अपने बेटे की तलाश में भटकता है और कहानी भावनात्मक मोड़ लेती है। फिल्म की सबसे बड़ी चुनौती एक छोटे बच्चे के साथ वास्तविक लोकेशंस पर शूटिंग करना था।

    15 महीने के बच्चे के साथ हुई थी मुश्किल शूटिंगनिर्देशक चेतन आनंद के बेटे Ketan Anand ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके पिता ने 15 महीने के बच्चे के साथ फिल्म की शूटिंग की थी। बच्चे को मुंबई की सड़कों पर स्वाभाविक रूप से चलते हुए कैमरे में कैद करना उस दौर में बेहद कठिन काम था। यही वजह है कि ‘आखिरी खत’ को भारतीय सिनेमा की क्लासिक फिल्मों में गिना जाता है और यह राजेश खन्ना के शानदार फिल्मी सफर की शुरुआत भी बनी।