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  • ‘आवारापन 3’ पर आया बड़ा अपडेट, क्या फिर लौटेंगे इमरान हाशमी के शिवम पंडित? बिलाल सिद्दीकी ने खोला राज

    ‘आवारापन 3’ पर आया बड़ा अपडेट, क्या फिर लौटेंगे इमरान हाशमी के शिवम पंडित? बिलाल सिद्दीकी ने खोला राज


    नई दिल्ली।इमरान हाशमी की फिल्म आवारापन 2 सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद से लगातार चर्चा में बनी हुई है। साल 2007 में आई आवारापन में शिवम पंडित के किरदार ने दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाई थी और अब करीब दो दशक बाद इस किरदार की कहानी को आगे बढ़ाया गया है। आवारापन 2 को मिल रही प्रतिक्रिया के बीच दर्शकों के मन में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या शिवम पंडित की कहानी का तीसरा अध्याय भी देखने को मिलेगा। इस सवाल पर फिल्म के राइटर बिलाल सिद्दीकी ने अपनी बात रखी है।

    बिलाल सिद्दीकी के मुताबिक आवारापन 2 का अंत इस तरह रखा गया है कि भविष्य में शिवम की कहानी को आगे बढ़ाने की पूरी गुंजाइश मौजूद है। फिल्म के क्लाइमेक्स में शिवम के सामने एक नई दुनिया और नई चुनौती का रास्ता खुलता है। ऐसे में कहानी को अगले पार्ट में आगे ले जाना संभव माना जा रहा है। हालांकि अभी इसे लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

    राइटर ने यह भी बताया कि उनकी नजर में शिवम ऐसा किरदार है जिसे दर्शक एक और फिल्म में देखना चाहेंगे। उनके मुताबिक खुद उनके दिमाग में भी कभी न कभी यह सवाल आया है कि अगर आवारापन 3 बनाई जाए तो शिवम की कहानी किस दिशा में ले जाई जा सकती है। लेकिन फिलहाल यह केवल एक संभावना है। तीसरे पार्ट की कोई पक्की कहानी तैयार नहीं हुई है और न ही इसकी स्क्रिप्ट पर काम शुरू हुआ है।

    बिलाल ने साफ किया कि फिल्म रिलीज होने के बाद उनकी और निर्माता विशाल भट्ट की आवारापन 3 को लेकर अभी ज्यादा बातचीत नहीं हुई है। कुछ संदेशों के स्तर पर चर्चा जरूर हुई है लेकिन निर्माता की ओर से उन्हें अब तक यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है कि आगे क्या योजना है। इसका मतलब यह है कि फिलहाल आवारापन 3 को लेकर फैंस की उम्मीदें तो बनी हुई हैं लेकिन फिल्म को हरी झंडी मिलना अभी बाकी है।

    दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले इमरान हाशमी भी आवारापन 3 को लेकर संकेत दे चुके हैं। 15 अगस्त को एक थिएटर विजिट के दौरान अभिनेता ने फैंस से बातचीत करते हुए उम्मीद जताई थी कि आवारापन 3 जल्द देखने को मिल सकती है। उनके इस संकेत के बाद से ही तीसरे पार्ट को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। अब बिलाल सिद्दीकी के बयान ने इस संभावना को और हवा दे दी है।

    आवारापन 2 में इमरान हाशमी ने एक बार फिर शिवम पंडित की भूमिका निभाई है जबकि दिशा पाटनी फिल्म में अहम किरदार में नजर आई हैं। शबाना आजमी भी फिल्म का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। कहानी में शिवम एक खतरनाक मिशन के जरिए बच्चों को मानव तस्करी के गिरोह से बचाने की कोशिश करता है। फिल्म के अंत ने आगे की कहानी के लिए रास्ता खुला छोड़ा है।

    फिलहाल सबसे बड़ी बात यही है कि आवारापन 3 की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है लेकिन इसकी कहानी अभी तय नहीं है। यानी फैंस को शिवम पंडित की वापसी की उम्मीद जरूर रखनी चाहिए लेकिन फिल्म की आधिकारिक घोषणा और निर्माण शुरू होने का इंतजार करना होगा। आवारापन 2 की सफलता अगर आगे भी मजबूत बनी रहती है तो यह फ्रेंचाइजी मेकर्स को तीसरे पार्ट पर गंभीरता से काम करने का मौका दे सकती है।

  • बंटवारा 1947 के फ्लॉप होने पर बोले राजकुमार संतोषी, सनी देओल को मुस्लिम किरदार देने के पीछे थी खास वजह

    बंटवारा 1947 के फ्लॉप होने पर बोले राजकुमार संतोषी, सनी देओल को मुस्लिम किरदार देने के पीछे थी खास वजह

    नई दिल्ली । सनी देओल और राजकुमार संतोषी की जोड़ी ने बॉलीवुड को कई यादगार फिल्में दी हैं और इसी वजह से जब दोनों लंबे समय बाद एक साथ फिल्म बंटवारा 1947 लेकर आए तो दर्शकों की उम्मीदें भी काफी बढ़ गई थीं। फिल्म में सनी देओल पहली बार एक अलग तरह के किरदार में नजर आए हैं। उन्होंने मुस्लिम शख्स सिकंदर मिर्जा की भूमिका निभाई है जो कहानी के दौरान कट्टरपंथ के खिलाफ खड़ा होता है। हालांकि फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर उस स्तर की सफलता नहीं मिल पाई जिसकी उम्मीद की जा रही थी। इसके बाद यह सवाल भी उठने लगा कि क्या सनी देओल को मुस्लिम किरदार में पेश करना फिल्म की दर्शक अपील पर भारी पड़ा। अब निर्देशक राजकुमार संतोषी ने इस सवाल पर खुलकर अपनी बात रखी है।

    राजकुमार संतोषी के मुताबिक फिल्म की कास्टिंग करते समय इस पहलू पर विचार जरूर किया गया था लेकिन सनी देओल को मुस्लिम किरदार में लेने का फैसला किसी मजबूरी के तहत नहीं बल्कि पूरी तरह रचनात्मक सोच के साथ किया गया था। उनका मानना था कि सनी इस भूमिका को बेहद प्रभावी तरीके से निभा सकते हैं। निर्देशक ने बताया कि सिकंदर मिर्जा का किरदार सिर्फ एक धर्म विशेष की पहचान तक सीमित नहीं है बल्कि वह कहानी में एक महत्वपूर्ण विचार और संघर्ष को सामने रखता है। किरदार कट्टरपंथ का विरोध करता है और दुश्मन के इलाके में जाकर लड़ाई लड़ने वाला व्यक्ति है। यही वजह थी कि संतोषी इस भूमिका में सनी देओल की छवि और उनकी अभिनय क्षमता का अलग इस्तेमाल करना चाहते थे।

    निर्देशक ने यह भी बताया कि सनी देओल के साथ उनकी पुरानी दोस्ती और पेशेवर रिश्ते ने इस कास्टिंग को आसान बनाया। दोनों की जोड़ी पहले घायल दामिनी और घातक जैसी सफल फिल्मों में दर्शकों का मनोरंजन कर चुकी है। संतोषी का कहना है कि सनी एक बेहद प्रभावशाली अभिनेता हैं और वह किसी भी किरदार को अपनी शैली में विश्वसनीय बनाने की क्षमता रखते हैं। इसलिए सिकंदर मिर्जा की भूमिका के लिए उन्हें चुनना एक सोचा समझा फैसला था।

    राजकुमार संतोषी ने यह भी खुलासा किया कि वह और सनी देओल काफी समय से दोबारा साथ काम करने की योजना बना रहे थे। करीब 2008 में भी दोनों ने एक फिल्म पर साथ काम करने की योजना बनाई थी। संतोषी ने बताया कि जब उन्होंने उस समय अपनी कहानी सनी को सुनाई थी तो अभिनेता को भी विषय पसंद आया था। निर्देशक उस प्रोजेक्ट को बड़े स्तर की मुख्यधारा की फिल्म बनाना चाहते थे और उनका मानना था कि सनी देओल की लोकप्रियता के जरिए कहानी ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंच सकती है। इसी सोच का असर बाद में बंटवारा 1947 की कास्टिंग में भी दिखाई दिया।

    फिल्म की कहानी बंटवारे के दौर की पृष्ठभूमि से जुड़ी है और इसमें उस समय के सामाजिक तथा मानवीय संघर्षों को सामने लाने की कोशिश की गई है। सनी देओल का किरदार इसी माहौल में अलग नजरिया पेश करता है। हालांकि सिनेमाघरों में फिल्म का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म ने भारत में करीब 33.60 करोड़ रुपये और दुनियाभर में लगभग 47.62 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। इसके बाद फिल्म की कमाई और इसकी कास्टिंग को लेकर चर्चा तेज हुई।

    हालांकि राजकुमार संतोषी ने साफ कर दिया है कि सनी देओल को मुस्लिम किरदार देना फिल्म की कमजोरी नहीं बल्कि उनकी रचनात्मक पसंद थी। उनके अनुसार सनी के लिए भी यह भूमिका एक अलग अभिनय चुनौती थी और अभिनेता इस किरदार को लेकर काफी उत्साहित थे। ऐसे में फिल्म की कमाई कम रहने के बावजूद निर्देशक अपनी कास्टिंग के फैसले को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं।

  • प्रभास और ओम राउत की नई फिल्म की खबर कितनी सच? जानिए क्यों फिर चर्चा में आई ‘आदिपुरुष’ वाली जोड़ी

    प्रभास और ओम राउत की नई फिल्म की खबर कितनी सच? जानिए क्यों फिर चर्चा में आई ‘आदिपुरुष’ वाली जोड़ी


    नई दिल्ली। साउथ सिनेमा के सुपरस्टार प्रभास और फिल्ममेकर ओम राउत की जोड़ी एक बार फिर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें तेजी से वायरल हुईं कि दोनों साल 2023 में रिलीज हुई फिल्म आदिपुरुष के बाद एक नए प्रोजेक्ट के लिए दोबारा साथ आ सकते हैं। इस खबर ने प्रभास के फैंस के बीच उत्सुकता बढ़ा दी क्योंकि आदिपुरुष को लेकर रिलीज से पहले काफी उम्मीदें थीं। हालांकि फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों की ओर से मिली प्रतिक्रिया बेहद मिश्रित रही थी। अब सामने आई ताजा जानकारी इन अटकलों को अलग दिशा देती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रभास और ओम राउत की किसी नई फिल्म को लेकर फिलहाल कोई प्रोजेक्ट तय नहीं है। Times Now Navbharat ने भी अपनी रिपोर्ट में इन दोनों के दोबारा साथ काम करने की खबरों को अफवाह बताया है।

    प्रभास और ओम राउत ने पहली बार आदिपुरुष के लिए साथ काम किया था। यह फिल्म रामायण से प्रेरित कहानी पर आधारित थी और इसमें प्रभास ने राघव की भूमिका निभाई थी। कृति सैनन जानकी और सैफ अली खान लंकेश के किरदार में नजर आए थे। फिल्म को बड़े बजट और भव्य विजुअल्स के साथ तैयार किया गया था। रिलीज से पहले इसके टीजर और प्रमोशनल सामग्री को लेकर जबरदस्त चर्चा थी लेकिन बाद में इसके विजुअल इफेक्ट्स किरदारों के लुक और संवादों को लेकर सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हुई। फिल्म के संवादों और कुछ दृश्यों को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ।

    आदिपुरुष के शुरुआती दौर में फिल्म को लेकर उम्मीदें इसलिए भी काफी ज्यादा थीं क्योंकि प्रभास बाहुबली के बाद देशभर में अपनी पहचान बना चुके थे। ओम राउत इससे पहले तान्हाजी जैसी सफल ऐतिहासिक फिल्म का निर्देशन कर चुके थे। ऐसे में दोनों के साथ आने को लेकर दर्शकों को एक बड़े सिनेमाई अनुभव की उम्मीद थी। लेकिन आदिपुरुष की रिलीज के बाद फिल्म को लेकर उम्मीदों और दर्शकों की प्रतिक्रिया के बीच बड़ा अंतर दिखाई दिया। इसके बाद प्रभास और ओम राउत के दोबारा साथ आने की संभावना को लेकर समय समय पर सोशल मीडिया पर अटकलें लगती रही हैं।

    अब वायरल हो रही नई खबर ने एक बार फिर इसी चर्चा को हवा दी है। हालांकि उपलब्ध ताजा रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से साफ किया गया है कि प्रभास और ओम राउत के बीच फिलहाल किसी नए प्रोजेक्ट की योजना नहीं है। इसलिए इस समय दोनों के री-यूनियन की खबर को आधिकारिक घोषणा के तौर पर देखना सही नहीं होगा। जब तक अभिनेता या निर्देशक की टीम की तरफ से कोई पुष्टि नहीं आती तब तक यह केवल सोशल मीडिया और मनोरंजन रिपोर्ट्स से जुड़ी अटकल ही रहेगी।

    वहीं प्रभास इस समय कई बड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर व्यस्त हैं। उनकी फिल्मों की लाइनअप लगातार चर्चा में बनी हुई है। इनमें स्पिरिट खास तौर पर सुर्खियों में है जिसे संदीप रेड्डी वांगा निर्देशित कर रहे हैं। फिल्म को लेकर रिलीज डेट से जुड़ी अटकलों के बीच निर्माताओं ने 5 मार्च 2027 की रिलीज डेट पर कायम रहने की पुष्टि की है। इससे यह भी साफ होता है कि प्रभास के पास फिलहाल बड़े प्रोजेक्ट्स की लंबी सूची है।

    ऐसे में प्रभास और ओम राउत की जोड़ी की वापसी की खबर भले ही फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गई हो लेकिन अभी इसे सच मानने की कोई आधिकारिक वजह नहीं है। आदिपुरुष के बाद दोनों के करियर अलग दिशा में आगे बढ़ चुके हैं और फिलहाल किसी नए प्रोजेक्ट में साथ आने की पुष्टि नहीं हुई है। आने वाले समय में अगर दोनों किसी फिल्म की घोषणा करते हैं तो निश्चित तौर पर यह खबर फिल्म इंडस्ट्री और प्रभास के फैंस के लिए बड़ी चर्चा बन सकती है।

  • सैफ-सोहा और सबा की धार्मिक परवरिश पर खुलासा, शर्मिला टैगोर ने सिखाया इस्लाम; बोलीं- अल्लाह का नाम लूंगी

    सैफ-सोहा और सबा की धार्मिक परवरिश पर खुलासा, शर्मिला टैगोर ने सिखाया इस्लाम; बोलीं- अल्लाह का नाम लूंगी


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर और पूर्व भारतीय क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी की शादी हमेशा से ही लोगों के बीच चर्चा का विषय रही है। दोनों ने साल 1969 में शादी की थी। शर्मिला टैगोर हिंदू परिवार से आती थीं जबकि मंसूर अली खान पटौदी मुस्लिम परिवार से थे। शादी के बाद शर्मिला ने इस्लाम अपनाया और अपने तीनों बच्चों सैफ अली खान सोहा अली खान और सबा अली खान को भी इस्लाम की शिक्षा दी। अब उनकी बेटी सबा अली खान ने अपने परिवार की धार्मिक परवरिश को लेकर खुलकर बात की है।

    बिग बॉलीवुड बफ के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान सबा अली खान ने बताया कि उनके बचपन में घर का माहौल इस्लामिक परंपराओं से जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि उनकी मां शर्मिला टैगोर ने उन्हें और उनके भाई-बहनों को इस्लाम के बारे में समझाया और रमजान समेत धार्मिक परंपराओं की जानकारी दी। सबा के मुताबिक उनके घर में हिंदू धर्म की पूजा के लिए कोई मंदिर नहीं था और बचपन में उन्होंने घर पर हिंदू धार्मिक परंपराओं का पालन नहीं किया।

    सबा ने अपनी आस्था के बारे में बताते हुए कहा कि जब वह भगवान के बारे में सोचती हैं तो उनके मन में अल्लाह का नाम आता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपनी आस्था को लेकर उनका नजरिया दूसरे धर्मों के प्रति सम्मान से अलग नहीं है। उनका कहना था कि किसी एक धर्म को मानने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति दूसरे धर्मों का सम्मान करना छोड़ दे।

    सबा ने बताया कि उनके माता-पिता ने उन्हें किसी धार्मिक पहचान को जबरन अपनाने के लिए मजबूर नहीं किया था। उनके अनुसार शर्मिला टैगोर ने बच्चों को इस्लाम से परिचित कराया ताकि उनकी धार्मिक समझ और बुनियाद स्पष्ट रहे। इसके साथ ही बच्चों को अपनी आस्था को समझने और अपने तरीके से आगे बढ़ने की आजादी भी मिली।

    दिलचस्प बात यह है कि भले ही उनके घर में इस्लामिक परंपराओं का पालन होता था लेकिन परिवार में दूसरे धर्मों के त्योहारों को भी मनाया जाता था। सबा ने बताया कि वह होली दिवाली और क्रिसमस जैसे त्योहार मनाते हुए बड़ी हुई हैं। उनके मुताबिक उनके भाई और बहन ने अलग-अलग धर्मों में शादी की और परिवार में अलग-अलग धार्मिक मान्यताओं के लिए जगह रही। यही वजह है कि उनके परिवार में धार्मिक विविधता हमेशा दिखाई देती रही है।

    सबा के बयान से यह भी साफ होता है कि उनके परिवार में धर्म को लेकर व्यक्तिगत आस्था को महत्व दिया गया। उन्होंने कहा कि आस्था बेहद निजी विषय है और इसे किसी व्यक्ति पर थोपा नहीं जाना चाहिए। उनके मुताबिक उनकी मां ने उन्हें इस्लाम के बारे में बताया लेकिन आगे चलकर अपनी आस्था को लेकर चुनाव करने की स्वतंत्रता भी दी।

    शर्मिला टैगोर ने अपने फिल्मी करियर के दौरान हिंदी सिनेमा में खास पहचान बनाई थी। 1960 और 1970 के दशक में उन्होंने कई सफल फिल्मों में काम किया। इसी दौरान उनकी मुलाकात तत्कालीन भारतीय क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी से हुई। दोनों ने 1969 में शादी की। इस शादी के बाद शर्मिला टैगोर ने इस्लाम अपनाया और उनके परिवार की धार्मिक परवरिश भी उसी पृष्ठभूमि में हुई।

    आज सैफ अली खान और सोहा अली खान फिल्म इंडस्ट्री के जाने-पहचाने नाम हैं जबकि सबा अली खान अपने परिवार और उससे जुड़ी यादों को सोशल मीडिया पर साझा करती रहती हैं। सबा का ताजा बयान एक बार फिर बताता है कि पटौदी परिवार में अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का किस तरह मेल रहा है।

  • दीपिका पादुकोण की डिलीवरी डेट करीब! बेंगलुरु के लिए हुईं रवाना, रणवीर सिंह भी आए छोड़ने

    दीपिका पादुकोण की डिलीवरी डेट करीब! बेंगलुरु के लिए हुईं रवाना, रणवीर सिंह भी आए छोड़ने


    नई दिल्ली । दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह के घर एक बार फिर खुशियों की दस्तक होने वाली है। बॉलीवुड का यह चर्चित कपल अपने दूसरे बच्चे के स्वागत की तैयारी कर रहा है। इसी बीच 15 अगस्त की शाम दीपिका पादुकोण को मुंबई एयरपोर्ट पर देखा गया जहां से वह बेंगलुरु के लिए रवाना हुईं। एयरपोर्ट पर उनका लुक काफी सिंपल और आरामदायक नजर आया। इस दौरान उनका बेबी बंप भी दिखाई दिया। दीपिका की बेंगलुरु रवानगी को लेकर उनके फैंस के बीच भी काफी उत्सुकता देखने को मिल रही है।

    दीपिका और रणवीर ने 19 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया के जरिए अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी की खुशखबरी साझा की थी। दोनों ने अपनी बेटी दुआ पादुकोण सिंह की एक प्यारी तस्वीर के जरिए यह जानकारी फैंस तक पहुंचाई थी। तस्वीर में दुआ के हाथ में पॉजिटिव प्रेग्नेंसी टेस्ट दिखाई दिया था। इस घोषणा के बाद से ही फैंस लगातार कपल को बधाइयां दे रहे हैं।

    अब प्रेग्नेंसी के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ दीपिका अपने परिवार के करीब रहना चाहती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक वह मुंबई से बेंगलुरु के लिए रवाना हुई हैं जहां उनका परिवार रहता है। एयरपोर्ट पर उन्हें नीले रंग की ओवरसाइज्ड शर्ट और बैगी जींस में देखा गया। उन्होंने सनग्लासेस लगाए हुए थे और हाथ में टोट बैग के साथ व्हाइट स्नीकर्स पहने थे। उनका पूरा लुक बेहद कंफर्टेबल और कैजुअल दिखाई दिया।

    इस दौरान रणवीर सिंह भी दीपिका को एयरपोर्ट छोड़ने पहुंचे। दीपिका जब कार से बाहर निकलीं तो रणवीर कार के भीतर ही बैठे रहे। दोनों की यह झलक फैंस के लिए खास रही क्योंकि अब कपल अपने परिवार को और बड़ा करने की तैयारी में है। दीपिका और रणवीर की बेटी दुआ का जन्म सितंबर 2024 में हुआ था और अब वह जल्द ही बड़ी बहन बनने वाली हैं।

    दीपिका ने अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी के दौरान काम से पूरी तरह दूरी नहीं बनाई। उन्होंने शाहरुख खान की फिल्म किंग की शूटिंग में भी हिस्सा लिया। प्रेग्नेंसी की घोषणा के बाद वह दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में फिल्म के शूटिंग शेड्यूल में शामिल हुई थीं। उस दौरान उनकी तस्वीरें भी सामने आई थीं जिनमें उनका बेबी बंप नजर आया था।

    किंग दीपिका के लिए खास प्रोजेक्ट माना जा रहा है क्योंकि यह उनकी बेटी दुआ के जन्म के बाद बड़े पर्दे पर महत्वपूर्ण वापसी होगी। फिल्म में वह शाहरुख खान के साथ नजर आएंगी। इसके अलावा रिपोर्ट्स में दीपिका के अल्लू अर्जुन की फिल्म राका से जुड़े होने की भी जानकारी सामने आई है।

    फिलहाल दीपिका के बेंगलुरु पहुंचने के बाद फैंस की नजर इस बात पर है कि कपल अपने दूसरे बच्चे के स्वागत से जुड़ी कोई नई जानकारी कब साझा करता है। हालांकि डिलीवरी की सटीक तारीख या अस्पताल से जुड़ी जानकारी को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अटकल को पक्की खबर मानने के बजाय आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना बेहतर होगा।

  • ‘मैंने सब कुछ गंवा दिया था…’ ऋतिक ने सुनाया पिता राकेश रोशन के मुश्किल दौर का किस्सा, ऐसे मिला था एक्टिंग का पहला मौका

    ‘मैंने सब कुछ गंवा दिया था…’ ऋतिक ने सुनाया पिता राकेश रोशन के मुश्किल दौर का किस्सा, ऐसे मिला था एक्टिंग का पहला मौका


    नई दिल्ली। साल 1997 में रिलीज हुई शाहरुख खान और माधुरी दीक्षित की फिल्म कोयला भले ही आज अपने गानों और दमदार अंदाज के लिए याद की जाती हो लेकिन इस फिल्म की असफलता ने फिल्ममेकर राकेश रोशन को बेहद मुश्किल दौर में पहुंचा दिया था। फिल्म की कहानी लिखने से लेकर निर्देशन और निर्माण तक की जिम्मेदारी राकेश रोशन ने खुद संभाली थी और उन्हें इस प्रोजेक्ट से काफी उम्मीदें थीं। हालांकि बॉक्स ऑफिस पर फिल्म उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी और इसके बाद राकेश रोशन को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई साल बाद ऋतिक रोशन ने उस दौर को याद करते हुए बताया कि उनके पिता ने अपनी मेहनत से कमाई गई लगभग पूरी संपत्ति गंवा दी थी और परिवार के लिए वह समय बेहद कठिन था।

    ऋतिक रोशन के मुताबिक एक सुबह उन्होंने अपने पिता को बेहद परेशान देखा। राकेश रोशन ने उनसे कहा था कि उन्होंने जो कुछ कमाया था वह सब खत्म हो चुका है और अब मुश्किलें चारों तरफ से सामने आ रही हैं। ऋतिक ने बताया कि यह पहली बार था जब उन्होंने अपने पिता की आंखों में आंसू देखे थे। एक मजबूत और सफल फिल्ममेकर के रूप में पिता को देखने वाले ऋतिक के लिए यह पल बेहद भावुक करने वाला था। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यही दौर आगे चलकर रोशन परिवार के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत बनेगा।

    कोयला से ऋतिक रोशन की भी खास यादें जुड़ी हुई हैं। अभिनेता बनने से पहले वह अपने पिता के साथ फिल्म के निर्माण में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें कैमरे के सामने आने का मौका भी मिला। ऋतिक को एक्टिंग में लाने के पीछे उनके नाना और अभिनेता ओम प्रकाश की भी अहम भूमिका बताई जाती है। राकेश रोशन ने बाद में बताया था कि उनके ससुर चाहते थे कि ऋतिक को फिल्म में एक भूमिका दी जाए। शुरुआत में राकेश रोशन को संदेह था कि ऋतिक कैमरे के सामने कैसे काम करेंगे क्योंकि वह ज्यादा बोलते नहीं थे। लेकिन जब ऋतिक ने सेट पर अपना पहला शॉट दिया तो राकेश रोशन खुद हैरान रह गए। उन्हें महसूस हुआ कि उनके बेटे के भीतर अभिनय की प्रतिभा मौजूद है।

    इसके बाद ऋतिक रोशन ने फिल्मी दुनिया में अपना अलग मुकाम बनाया। साल 2000 में कहो ना प्यार है से उन्होंने बतौर लीड अभिनेता शानदार शुरुआत की और देखते ही देखते बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय सितारों में शामिल हो गए। पिता और बेटे की जोड़ी ने आगे कोई मिल गया, कृष और कृष 3 जैसी फिल्मों में भी साथ काम किया और इन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर मजबूत सफलता हासिल की। इस तरह जिस परिवार ने एक समय आर्थिक संकट और असफलता का सामना किया था, उसी परिवार ने आगे चलकर हिंदी सिनेमा में अपनी मजबूत पहचान बनाई। ऋतिक की कहानी यह भी दिखाती है कि मुश्किल दौर कई बार जिंदगी की सबसे बड़ी शुरुआत का कारण बन सकता है।

  • द ट्रेटर्स 2 में मल्लिका शेरावत का चौंकाने वाला खुलासा, टॉम क्रूज को लेकर कही ये बात

    द ट्रेटर्स 2 में मल्लिका शेरावत का चौंकाने वाला खुलासा, टॉम क्रूज को लेकर कही ये बात


    नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस मल्लिका शेरावत इन दिनों रियलिटी शो द ट्रेटर्स 2 को लेकर लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। शो से सामने आए एक वीडियो में मल्लिका शेरावत ने हॉलीवुड के मशहूर अभिनेता टॉम क्रूज को लेकर ऐसा दावा किया है जिसने वहां मौजूद बाकी कंटेस्टेंट्स को भी हैरान कर दिया। मल्लिका ने बातचीत के दौरान कहा कि टॉम क्रूज को उन पर क्रश है। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी दावा किया कि हॉलीवुड स्टार उन्हें वीडियोज भेजते हैं। मल्लिका की यह बात सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर खूब चर्चा हो रही है।

    दरअसल शो में कंटेस्टेंट्स के बीच बातचीत चल रही थी। इसी दौरान आदित्य कुलश्रेष्ठ ने मल्लिका से पूछा कि क्या उन्हें कभी किसी पर क्रश हुआ है। इस सवाल पर मल्लिका ने कहा कि नहीं। इसके बाद आदित्य ने मजाकिया अंदाज में पूछा कि क्या सिर्फ दूसरे लोगों को ही उन पर क्रश होता है। इस पर मल्लिका ने जवाब देते हुए कहा कि सभी को उन पर क्रश होता है। इसके बाद उन्होंने टॉम क्रूज का जिक्र करते हुए कहा कि हाल ही में टॉम क्रूज को भी उन पर क्रश हुआ है।

    मल्लिका के इस जवाब के बाद वहां बैठे दूसरे कंटेस्टेंट्स चौंक जाते हैं। हालांकि मल्लिका अपनी बात पर कायम रहती हैं और कहती हैं कि वह झूठ नहीं बोल रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि अगर उनके पास फोन होता तो वह सभी को टॉम क्रूज के भेजे हुए वीडियोज दिखा सकती थीं। मल्लिका के इस दावे ने बातचीत को और दिलचस्प बना दिया।

    जब उनसे पूछा गया कि टॉम क्रूज किस तरह के वीडियोज भेजते हैं तो मल्लिका ने बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि ऐसा कुछ खास नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्होंने और टॉम क्रूज ने साथ में पार्टी की थी और उसी से जुड़े वीडियोज की बात हो रही है। मल्लिका ने टॉम क्रूज की तारीफ करते हुए उन्हें काफी अच्छा इंसान भी बताया।

    मल्लिका शेरावत के इस बयान का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद यूजर्स अलग अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग मल्लिका की बात को मजाकिया अंदाज में ले रहे हैं तो कुछ लोग उनके दावे पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि मल्लिका ने बातचीत के दौरान जिस आत्मविश्वास के साथ यह बात कही उससे शो का यह हिस्सा काफी चर्चा में आ गया है।

    मल्लिका शेरावत की बात करें तो वह द ट्रेटर्स 2 के जरिए लंबे समय बाद एक अलग तरह के रियलिटी फॉर्मेट में नजर आने वाली हैं। शो में उनके साथ रिया चक्रवर्ती अभिषेक मल्हान शालिनी पस्सी श्वेता तिवारी दलीप ताहिल इक्का सिंह क्रिस्टल डिसूजा मुनव्वर फारूकी पारुल गुलाटी रणवीर बरार और आदित्य कुलश्रेष्ठ समेत कई चर्चित चेहरे शामिल हैं। शो में सभी कंटेस्टेंट्स के बीच रणनीति विश्वास और धोखे का खेल देखने को मिलेगा।

    द ट्रेटर्स 2 का प्रीमियर 13 अगस्त 2026 से प्राइम वीडियो पर होने जा रहा है। शो का नया एपिसोड हर गुरुवार रिलीज किया जाएगा। वहीं शो शुरू होने से पहले श्वेता तिवारी की तबीयत खराब होने की खबर भी सामने आई है। उन्हें डेंगू के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है। फैंस उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

  • 83 की उम्र में भी अमिताभ बच्चन का जुनून कायम, KBC डायरेक्टर ने बताया हर एपिसोड की तैयारी का राज

    83 की उम्र में भी अमिताभ बच्चन का जुनून कायम, KBC डायरेक्टर ने बताया हर एपिसोड की तैयारी का राज


    नई दिल्ली । कौन बनेगा करोड़पति अपने 18वें सीजन के साथ एक बार फिर दर्शकों के बीच लौटने की तैयारी में है और इस बार भी शो की सबसे बड़ी पहचान अमिताभ बच्चन ही हैं। शो की शुरुआत से ही बिग बी इसके चेहरे रहे हैं। तीसरे सीजन को छोड़ दिया जाए तो पिछले 26 वर्षों से अमिताभ बच्चन और KBC का रिश्ता लगातार कायम है। दर्शकों को हर एपिसोड में उनका सवाल पूछने का अंदाज और कंटेस्टेंट्स के साथ उनकी बातचीत दिखाई देती है लेकिन कैमरे के पीछे बिग बी जिस तरह हर एपिसोड की तैयारी करते हैं उसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। KBC के डायरेक्टर अरुण शेषकुमार ने एक खास बातचीत में अमिताभ बच्चन की कार्यशैली और उनकी ऊर्जा से जुड़े कई दिलचस्प पहलुओं का खुलासा किया है।

    अरुण शेषकुमार के मुताबिक 26 साल बीत जाने के बावजूद अमिताभ बच्चन के काम करने का तरीका आज भी पहले जैसा ही है। वह शूटिंग के दिन सुबह सेट पर पहुंचते हैं और सबसे पहले स्क्रिप्ट देखते हैं। शो की शुरुआत और अंत का हिस्सा स्क्रिप्टेड होता है जबकि बाकी पूरा एपिसोड कंटेस्टेंट के साथ मौके पर होने वाली बातचीत के आधार पर आगे बढ़ता है। यही वजह है कि हर कंटेस्टेंट को समझना उनके लिए बेहद जरूरी हो जाता है।

    डायरेक्टर ने बताया कि टीम को पहले से यह पता नहीं होता कि हॉट सीट पर आखिर कौन पहुंचेगा। ऐसे में हर एपिसोड से पहले करीब 10 संभावित कंटेस्टेंट्स की प्रोफाइल और उनकी जिंदगी से जुड़ी कहानियां तैयार रखी जाती हैं। अमिताभ बच्चन इन सभी प्रोफाइल को ध्यान से पढ़ते हैं और कंटेस्टेंट्स की जिंदगी को समझने की कोशिश करते हैं। जब कोई व्यक्ति हॉट सीट पर पहुंचता है तो बिग बी उसकी कहानी और संघर्ष के मुताबिक बातचीत का अंदाज तय करते हैं। यही खूबी उन्हें सिर्फ एक टीवी होस्ट नहीं बल्कि कंटेस्टेंट्स के साथ जुड़ने वाला कलाकार बनाती है।

    अरुण शेषकुमार के मुताबिक अमिताभ बच्चन की एक और बड़ी खासियत यह है कि वह सामने बैठे व्यक्ति की बॉडी लैंग्वेज और घबराहट को तुरंत समझ लेते हैं। अगर कोई कंटेस्टेंट तनाव में होता है या अपनी बात खुलकर नहीं रख पाता तो बिग बी पहले उसे सहज करने की कोशिश करते हैं। वह बातचीत के जरिए उसका आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और फिर उसे अपनी कहानी साझा करने के लिए प्रेरित करते हैं। यही कारण है कि KBC में कंटेस्टेंट और होस्ट के बीच होने वाली बातचीत कई बार बेहद व्यक्तिगत और भावनात्मक नजर आती है।

    अमिताभ बच्चन की भूमिका केवल शो की मेजबानी तक सीमित नहीं है। डायरेक्टर के अनुसार हर सीजन में बिग बी के सुझाव मिलते हैं और उनका योगदान शो को बेहतर बनाने में अहम रहता है। वह सिर्फ गेम से जुड़े बदलावों पर सुझाव नहीं देते बल्कि पूरे कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के लिए अपनी राय साझा करते हैं। इतने लंबे समय से शो का हिस्सा होने के बावजूद उनका उत्साह और नएपन को लेकर नजरिया आज भी बरकरार है।

    सबसे ज्यादा चर्चा अमिताभ बच्चन की उम्र और उनकी ऊर्जा को लेकर होती है। अरुण शेषकुमार बताते हैं कि 83 साल की उम्र में भी सेट पर कई बार सबसे ज्यादा ऊर्जा अमिताभ बच्चन में ही दिखाई देती है। वह कहते हैं कि टीम के कई सदस्य उनसे उम्र में काफी छोटे होने के बावजूद उनकी ऊर्जा की बराबरी नहीं कर पाते। बिग बी का काम के प्रति जुनून और समर्पण पूरी टीम के लिए प्रेरणा है।

    हालांकि उनकी उम्र को देखते हुए KBC की टीम शूटिंग के दौरान उनकी सेहत और आराम का विशेष ध्यान रखती है। कोशिश की जाती है कि काम के घंटे बहुत लंबे न हों और उन्हें पर्याप्त ब्रेक मिलता रहे। सेट पर उनकी सुविधा और आराम का पूरा ध्यान रखा जाता है। इसके बावजूद कैमरा ऑन होते ही उनकी ऊर्जा और पेशेवर अंदाज ऐसा दिखाई देता है कि उनकी उम्र का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि 26 साल बाद भी अमिताभ बच्चन KBC की सबसे बड़ी ताकत बने हुए हैं।

  • यश के ‘टॉक्सिक’ लुक ने मचाई सनसनी, रणबीर के ‘एनिमल’ से तुलना पर छिड़ी जंग

    यश के ‘टॉक्सिक’ लुक ने मचाई सनसनी, रणबीर के ‘एनिमल’ से तुलना पर छिड़ी जंग


    नई दिल्ली । यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म टॉक्सिक का ट्रेलर सामने आने के बाद से ही फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्सुकता देखने को मिल रही है। फिल्म के एक खास सीन ने सोशल मीडिया पर चर्चा को और तेज कर दिया है। ट्रेलर में यश शर्टलेस अंदाज में नजर आते हैं और उनके इस लुक की तुलना रणबीर कपूर की फिल्म एनिमल के चर्चित अवतार से की जा रही है। दोनों फिल्मों के सीन में अभिनेता का दमदार और आक्रामक अंदाज नजर आने के कारण सोशल मीडिया यूजर्स ने दोनों की तस्वीरों को साथ रखकर अपनी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दी हैं।

    टॉक्सिक के ट्रेलर में यश का किरदार बेहद रहस्यमयी और खतरनाक अंदाज में दिखाई देता है। एक सीन में वह बिना शर्ट के नजर आते हैं और उनके हाथ में बोतल दिखाई देती है। ट्रेलर में इस दृश्य को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ यूजर्स ने यश के लुक को रणबीर कपूर के एनिमल अवतार से मिलता जुलता बताया है। कुछ लोगों ने इसे प्रेरणा या नकल से जोड़कर सवाल उठाए हैं। वहीं दूसरी ओर यश के प्रशंसकों ने इस तुलना को खारिज करते हुए अभिनेता के अंदाज की तारीफ की है।

    सोशल मीडिया पर एक वर्ग का कहना है कि यश के इस लुक को देखकर उन्हें एनिमल की याद आ गई। वहीं कुछ प्रशंसकों ने मजाकिया अंदाज में कहा कि यश अपने अंदाज से यह दिखाने वाले हैं कि असली एनिमल कैसा होता है। इस तरह ट्रेलर के एक सीन ने फिल्म की कहानी से ज्यादा सोशल मीडिया पर चर्चा बटोर ली है। हालांकि केवल एक लुक के आधार पर दोनों फिल्मों की तुलना करना कितना सही है यह फिल्म रिलीज होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

    टॉक्सिक को एक पीरियड एक्शन थ्रिलर फिल्म बताया जा रहा है जिसकी कहानी गोवा के क्राइम अंडरवर्ल्ड की पृष्ठभूमि में आगे बढ़ती है। फिल्म में यश राया नाम के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है जबकि इसकी कहानी और लेखन में भी यश और गीतू मोहनदास की भूमिका है। फिल्म में यश के साथ नयनतारा कियारा आडवाणी हुमा कुरैशी रुक्मिणी वसंत और तारा सुतारिया जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे।

    फिल्म की तकनीकी टीम भी काफी मजबूत है। सिनेमैटोग्राफी की जिम्मेदारी राजीव रवि ने संभाली है जबकि संगीत रवि बसरूर ने तैयार किया है। फिल्म के संपादन का काम उज्ज्वल कुलकर्णी ने किया है। एक्शन कोरियोग्राफी के लिए भी कई अनुभवी कलाकारों को जोड़ा गया है। ऐसे में टॉक्सिक से दर्शकों को बड़े स्तर के एक्शन और दमदार विजुअल्स की उम्मीद है।

    यश के प्रशंसकों के लिए फिल्म इसलिए भी खास है क्योंकि केजीएफ सीरीज के बाद अभिनेता एक बार फिर बड़े पर्दे पर एक अलग और चुनौतीपूर्ण किरदार के साथ वापसी कर रहे हैं। टॉक्सिक का ट्रेलर पहले ही फिल्म को लेकर माहौल बना चुका है और अब यश के लुक पर शुरू हुई बहस ने इसकी चर्चा को और बढ़ा दिया है। कई बार टलने के बाद टॉक्सिक अब 26 अगस्त 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। फिल्म कन्नड़ हिंदी तमिल तेलुगु मलयालम और अंग्रेजी भाषाओं में रिलीज होगी।

    फिल्म रिलीज के साथ यह देखना दिलचस्प होगा कि यश का यह अंदाज दर्शकों को कितना पसंद आता है और क्या टॉक्सिक अपने एक्शन थ्रिलर अवतार के जरिए बॉक्स ऑफिस पर नया असर छोड़ पाती है।

  • 41 साल की उम्र में कांस्टेबल गणेश का निधन, ड्यूटी पर हुई मौत से पुलिस महकमे में पसरा मातम

    41 साल की उम्र में कांस्टेबल गणेश का निधन, ड्यूटी पर हुई मौत से पुलिस महकमे में पसरा मातम


    नई दिल्ली। मुंबई से एक दुखद घटना सामने आई है। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर सुरक्षा ड्यूटी में तैनात 41 वर्षीय पुलिस कांस्टेबल की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मी का नाम गणेश था और वह अभिनेता के घर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था में तैनात था। ड्यूटी के दौरान अचानक उसकी तबीयत खराब हुई और वह जमीन पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसे संभाला और इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

    शुरुआती जानकारी के मुताबिक पुलिसकर्मी की मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह की पुष्टि संबंधित मेडिकल और आधिकारिक जांच के बाद ही पूरी तरह हो सकेगी। अचानक हुई इस घटना से वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य सुरक्षाकर्मियों में शोक का माहौल बन गया। महज 41 वर्ष की उम्र में ड्यूटी के दौरान एक जवान की जान चले जाने की खबर ने हर किसी को झकझोर दिया।

    सलमान खान के घर के बाहर लंबे समय से सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रहती है। इसकी प्रमुख वजह अभिनेता को पिछले कुछ समय से मिल रही धमकियां हैं। सुरक्षा एजेंसियां और मुंबई पुलिस लगातार उनकी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहती हैं। ऐसे में गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती भी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। गणेश भी इसी सुरक्षा व्यवस्था के तहत अपनी ड्यूटी निभा रहे थे।

    सलमान खान को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की ओर से कई बार धमकियां मिलने की खबरें सामने आ चुकी हैं। इसी वजह से अभिनेता की सुरक्षा बढ़ाई गई है। वर्ष 2024 में भी उनके बांद्रा स्थित घर के बाहर गोलीबारी की घटना हुई थी। मोटरसाइकिल पर आए हमलावरों ने गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर कई राउंड फायरिंग की थी। इस घटना के बाद सलमान खान की सुरक्षा को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने और ज्यादा सतर्कता बरतनी शुरू कर दी थी।

    सलमान खान खुद भी कई मौकों पर अपनी सुरक्षा को लेकर बात कर चुके हैं। उनका कहना रहा है कि लगातार सुरक्षा घेरे में रहना सामान्य जिंदगी को प्रभावित करता है। कई सुरक्षाकर्मियों के साथ चलना और हर जगह सुरक्षा इंतजाम के बीच रहना उनके लिए आसान नहीं है। इसके बावजूद मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा को नजरअंदाज करना संभव नहीं है।

    सलमान ने एक बातचीत में यह भी कहा था कि जिंदगी और मौत का फैसला ऊपर वाले के हाथ में है। हालांकि सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतना भी जरूरी है। अभिनेता की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी गणेश की अचानक हुई मौत ने एक बार फिर ड्यूटी पर तैनात जवानों की जिम्मेदारियों और उनके सामने आने वाली चुनौतियों की ओर ध्यान खींचा है।

    फिलहाल इस घटना से जुड़े आधिकारिक विवरण और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिसकर्मी की अचानक मौत से उनके साथी जवानों में शोक है और घटना के बाद गैलेक्सी अपार्टमेंट के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के बीच भी माहौल बेहद गंभीर नजर आया।