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  • स्मृति मंधाना से ब्रेकअप के बाद पलाश मुच्छल का कमबैक, ‘पुष्पा’ फेम श्रेयस तलपड़े के साथ नई फिल्म का ऐलान

    स्मृति मंधाना से ब्रेकअप के बाद पलाश मुच्छल का कमबैक, ‘पुष्पा’ फेम श्रेयस तलपड़े के साथ नई फिल्म का ऐलान


    नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी स्मृति मंधाना और संगीतकार–निर्देशक पलाश मुच्छल के रिश्ते को लेकर बीते कुछ महीनों से सोशल मीडिया पर लगातार चर्चाएं हो रही थीं। नवंबर में प्रस्तावित शादी के ऐन वक्त पर रद्द होने और इसके बाद दोनों के अलग होने की पुष्टि ने इस मामले को सुर्खियों में ला दिया था। अब इस पूरे विवाद के बीच पलाश मुच्छल ने अपने करियर को नई दिशा देने का संकेत देते हुए एक बड़े फिल्म प्रोजेक्ट का ऐलान किया है। पलाश मुच्छल ने व्यक्तिगत जीवन में आए उतार-चढ़ाव को पीछे छोड़ते हुए पूरी तरह से प्रोफेशनल फ्रंट पर फोकस करने का फैसला किया है। उन्होंने हाल ही में अपने सोशल मीडिया अकाउंट से स्मृति मंधाना को क्रिकेट ग्राउंड पर किए गए प्रपोजल से जुड़ी सभी यादें हटा दी हैं जिसे उनके मूव ऑन करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इसी क्रम में उन्होंने अपने अगले निर्देशन प्रोजेक्ट की आधिकारिक घोषणा कर दी है।

    मशहूर ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श के अनुसार, पलाश की यह अनटाइटल्ड फिल्म अभिनेता श्रेयस तलपड़े के साथ होगी। श्रेयस तलपड़े वही अभिनेता हैं जिन्होंने ब्लॉकबस्टर फिल्म पुष्पा: द राइज के हिंदी वर्जन में अल्लू अर्जुन के किरदार को अपनी आवाज दी थी। अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग और गंभीर अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले श्रेयस इस फिल्म में एक आम आदमी की भूमिका निभाते नजर आएंगे।फिल्म की कहानी मुंबई की पृष्ठभूमि पर आधारित होगी, जहां एक साधारण व्यक्ति के संघर्ष, सपनों और जिंदगी की सच्चाइयों को पर्दे पर उतारा जाएगा। बताया जा रहा है कि फिल्म का प्री-प्रोडक्शन पूरा हो चुका है और जल्द ही शूटिंग शुरू होने वाली है। यह प्रोजेक्ट पलाश मुच्छल के लिए बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि यह विवादों के बाद उनका पहला बड़ा क्रिएटिव कमबैक है।

    गौरतलब है कि पलाश मुच्छल और स्मृति मंधाना की शादी 23 नवंबर 2025 को तय थी लेकिन फैमिली इमरजेंसी और मीडिया में पलाश पर लगे धोखाधड़ी के आरोपों के बाद शादी रद्द कर दी गई। 7 दिसंबर को दोनों ने आधिकारिक तौर पर अलग होने की पुष्टि की थी। इसके बाद से ही यह माना जा रहा था कि पलाश अपने करियर को दोबारा संवारने में जुट जाएंगे। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पलाश अब निजी विवादों से दूर रहकर अपने काम के जरिए पहचान बनाना चाहते हैं। श्रेयस तलपड़े जैसे अनुभवी अभिनेता के साथ उनकी यह फिल्म दर्शकों के लिए एक अलग और सशक्त कहानी लेकर आ सकती है। कुल मिलाकर, यह प्रोजेक्ट पलाश मुच्छल के लिए एक नई शुरुआत और इंडस्ट्री में मजबूती से वापसी का संकेत माना जा रहा है।

  • कांतारा 1 में निगेटिव रोल ने घबराहट में डाला था रुक्मिणी वसंत कोअब यश संग टॉक्सिक

    कांतारा 1 में निगेटिव रोल ने घबराहट में डाला था रुक्मिणी वसंत कोअब यश संग टॉक्सिक


    नई दिल्ली । कांतारा चैप्टर 1 में रानी कनकवती के खलनायिका किरदार से दर्शकों का दिल जीतने वाली रुक्मिणी वसंत इन दिनों खूब चर्चा में हैं। शुरुआती करियर में निगेटिव रोल चुनना उनके लिए एक बड़ा और साहसिक फैसला थाजो अब उनके अभिनय के लिए लाभदायक साबित हुआ। फिल्म की सफलता और उनके किरदार की तारीफ ने यह साबित कर दिया कि समय पर लिया गया जोखिम कलाकार के करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है रुक्मिणी ने बताया कि कांतारा जैसी बड़ी फिल्म का ऑफर मिलना उनके लिए रोमांचक अनुभव था। जब ऋषभ शेट्टी ने उन्हें फोन कर फिल्म का प्रस्ताव दियातो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। लेकिन जैसे ही पता चला कि उन्हें खलनायिका रानी कनकवती का रोल निभाना हैथोड़ी घबराहट भी हुई। शुरुआती वर्षों में नकारात्मक भूमिका निभाना आसान नहीं होताखासकर तब जब इंडस्ट्री में कलाकारों को खास तरह के रोल करने की सलाह या दबाव महसूस होता है।

    इंडस्ट्री की धारणाओं पर बात करते हुए रुक्मिणी ने कहा कि पहले से बनी धारणाएं कलाकारों को प्रभावित करती हैं। कोई सीधे तौर पर यह नहीं कहता कि आपको निगेटिव रोल नहीं करना चाहिएलेकिन माहौल ऐसा बन जाता है कि कलाकार खुद ही तनाव महसूस करने लगता है। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत दिखाई और कनकवती के किरदार को निभायाजो दर्शकों और समीक्षकों दोनों से सराहा गया। उनका अभिनय इतनी प्रभावशाली रहा कि किरदार लंबे समय तक लोगों की यादों में बना रहेगा। कांतारा में निभाए गए इस चुनौतीपूर्ण रोल के बाद रुक्मिणी अब अपने अगले प्रोजेक्ट्स को लेकर भी सुर्खियों में हैं। वह जल्द ही सुपरस्टार यश के साथ फिल्म टॉक्सिकमें नजर आएंगी। फिल्म का टीजर रिलीज होते ही दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर चुका है। टॉक्सिक19 मार्च 2026 को रिलीज होने वाली है और बॉक्स ऑफिस पर इसका मुकाबला धुरंधर 2से होगा।

    रुक्मिणी वसंत लगातार चुनौतीपूर्ण और दमदार किरदारों के लिए जानी जा रही हैं। उनके अभिनय का यह सफर यह दिखाता है कि जोखिम उठाना और अपनी क्षमता पर भरोसा रखना ही किसी कलाकार के करियर की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है। कांतारा में निगेटिव रोल निभाने की उनकी हिम्मत और टॉक्सिकजैसी बड़ी फिल्मों में दिखने की तैयारी उन्हें इंडस्ट्री की अलग पहचान देती है। कुल मिलाकररुक्मिणी वसंत का सफर यह साबित करता है कि शुरुआती घबराहट और चुनौतियों के बावजूद सही रोल चुनना और उसमें खुद को साबित करना ही सफलता की कुंजी है। दर्शक उनके आगामी प्रोजेक्ट्स और दमदार प्रदर्शन के लिए बेताब हैं।

  • धर्मेंद्र के निधन के बाद जुहू वाला बंगला होगा और बड़ा, देओल परिवार के लिए जोड़ा जा रहा है नया फ्लोर

    धर्मेंद्र के निधन के बाद जुहू वाला बंगला होगा और बड़ा, देओल परिवार के लिए जोड़ा जा रहा है नया फ्लोर


    नई दिल्ली।बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र अब इस दुनिया में नहीं रहे। 24 नवंबर को उन्होंने अपने मुंबई स्थित जुहू वाले घर में अंतिम सांस ली। यह वही घर है जहां उन्होंने अपने परिवार के साथ जिंदगी के कई यादगार पल बिताए। धर्मेंद्र के जाने के बाद अब इसी घर को और    बड़ा  करने का फैसला लिया गया है। जानकारी के मुताबिक उनके जुहू स्थित बंगले में एक नया फ्लोर जोड़ा जा रहा है जिसके लिए पिछले कुछ समय से रेनोवेशन का काम जारी है।धर्मेंद्र का यह बंगला हमेशा से देओल परिवार का केंद्र रहा है। इसी घर में उनके बेटे सनी देओल और बॉबी देओल अपने-अपने परिवारों के साथ रहते हैं। अब परिवार के बढ़ते आकार और जरूरतों को देखते हुए घर को और विस्तार देने का निर्णय लिया गया है। बताया जा रहा है कि यह फैसला धर्मेंद्र के निधन के बाद लिया गया ताकि पूरा परिवार एक साथ आराम से रह सके।

    घर में जोड़ा जा रहा है नया फ्लोर
    सेलेब्रिटी जर्नलिस्ट विक्की लालवानी की रिपोर्ट के अनुसार धर्मेंद्र के जुहू वाले बंगले में एक अतिरिक्त फ्लोर जोड़ा जा रहा है। हाल ही में घर के बाहर क्रेन देखी गई जिससे साफ हो गया कि निर्माण कार्य जोरों पर है। बंगले के कंपाउंड एरिया में भी लगातार काम होता नजर आ रहा है।   ईटाइम्स ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया कि परिवार के बच्चे अब बड़े हो रहे हैं और उन्हें ज्यादा स्पेस की जरूरत है। इसी वजह से घर के विस्तार का फैसला लिया गया है।रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यहरेनोवेशन और कंस्ट्रक्शन का काम अगले चार से पांच महीनों तक चल सकता है। इस दौरान परिवार घर में रहते हुए ही काम पूरा कराएगा।

    मॉडर्न डिजाइन वाला देओल परिवार का आशियाना
    धर्मेंद्र का जुहू वाला बंगला मॉडर्न डिजाइन और सादगी का खूबसूरत मेल है। इस घर में सनी देओल अपनी पत्नी पूजा देओल दोनों बेटे और बहू के साथ रहते हैं। वहीं बॉबी देओल की पत्नी तान्या देओल और उनके दोनों बेटे भी इसी बंगले में रहते हैं। इसके अलावा धर्मेंद्र की पत्नी प्रकाश कौर उनकी बहन और बहन के बच्चे भी इसी घर का हिस्सा हैं।इतने बड़े परिवार के लिए अब यह बंगला छोटा पड़ने लगा था। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए एक और फ्लोर जोड़ने का फैसला लिया गया। खास बात यह है कि इस घर के इंटीरियर को डिजाइन करने की जिम्मेदारी बॉबी देओल की पत्नी तान्या देओल ने निभाई है जिन्होंने इसे एक मॉडर्न लेकिन फैमिली-फ्रेंडली लुक दिया है।

    धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म और आगे का सफर

    गौरतलब है कि धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर 2025 को हुआ था। उनके जाने के बाद उन्हें आखिरी बार फिल्म इक्कीस में देखा गया जो बॉक्स ऑफिस पर भले ही खास कमाल न दिखा पाई लेकिन उनकी परफॉर्मेंस को दर्शकों और समीक्षकों से खूब सराहना मिली। वहीं अब उनके बेटे सनी देओल जल्द ही अपनी अपकमिंग फिल्म बॉर्डर 2 के जरिए दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार हैं।धर्मेंद्र भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनका जुहू वाला यह बंगला आज भी देओल परिवार की यादों और विरासत का सबसे बड़ा प्रतीक बना हुआ है।

  • 16 साल की उम्र में सलमान को काम देने का दावा? हिमेश रेशमिया ने खुद बताई पूरी सच्चाई

    16 साल की उम्र में सलमान को काम देने का दावा? हिमेश रेशमिया ने खुद बताई पूरी सच्चाई


    नई दिल्ली ।बॉलीवुड में कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो वक्त के साथ किंवदंती बन जाते हैं और सलमान खान और हिमेश रेशमिया का रिश्ता भी उन्हीं में से एक है। लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि सलमान खान ने ही हिमेश रेशमिया को फिल्म इंडस्ट्री में ब्रेक दिया था। खुद हिमेश भी कई बार इस बात को स्वीकार कर चुके हैं। लेकिन इसके साथ-साथ एक दिलचस्प अफवाह यह भी उड़ती रही कि हिमेश रेशमिया ने महज 16 साल की उम्र में सलमान खान को अपनी एक फिल्म में बतौर लीड एक्टर साइन कर लिया था। आखिर इस दावे में कितनी सच्चाई हैइसका जवाब खुद हिमेश ने एक लोकप्रिय चैट शो में दिया।

    कॉमेडी किंग कपिल शर्मा के शो पर जब हिमेश रेशमिया से यह सीधा सवाल किया गया कि क्या उन्होंने 16 साल की उम्र में सलमान खान को अपनी फिल्म में साइन किया थातो हिमेश ने मुस्कुराते हुए उस दौर की कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि तकनीकी रूप से साइनिंग उनके पिता ने की थी। हिमेश ने कहा कि उस फिल्म का नाम युवा थाजो कभी बन नहीं पाई। उस वक्त वह बेहद कम उम्र के थेलेकिन म्यूजिक के लिए उनका जुनून साफ नजर आता था। उन्होंने बताया कि उस समय तक वह 200-300 गाने कंपोज कर चुके थे।

    हिमेश के मुताबिकसलमान खान ने वे गाने सुने थे और उन्हें पसंद भी किया था। हालांकि फिल्म आगे नहीं बढ़ पाईलेकिन सलमान के मन में हिमेश की मेहनत और टैलेंट की छाप रह गई। इसके बाद हिमेश टीवी इंडस्ट्री में चले गए और सीरियल प्रोडक्शन से जुड़ गए। म्यूजिक उनका पैशन थालेकिन उन्होंने तय किया था कि वह तभी फिल्मों में म्यूजिक देंगे जब उनका गाना किसी फिल्म का हिस्सा बनेगा।यहीं से कहानी एक अहम मोड़ लेती है। हिमेश ने बताया कि सलमान खान को वह शुरुआती मुलाकातें और गाने आज भी याद थे। इसी भरोसे के चलते सलमान ने उन्हें फिल्म प्यार किया तो डरना क्या का टाइटल सॉन्ग ऑफर किया। यह जिम्मेदारी आसान नहीं थीक्योंकि इसी नाम से मुगल-ए-आजम का ऐतिहासिक हिट गाना पहले से मौजूद था। हिमेश के लिए यह करियर का पहला बड़ा मौका था और असफलता का मतलब सब कुछ खत्म हो सकता था।

    लेकिन किस्मत और मेहनत दोनों ने साथ दिया। जब यह गाना सलमान खान और सलीम खान को सुनाया गयातो सलीम साहब ने खड़े होकर तालियां बजाईं। यही पल हिमेश रेशमिया के करियर का टर्निंग पॉइंट बन गया। पहला गाना सुपरहिट हुआ और इसके बाद हिमेश ने एक के बाद एक ब्लॉकबस्टर गाने दिए। एक समय ऐसा भी आया जब बॉलीवुड में शायद ही कोई फिल्म होती थी जिसमें हिमेश का म्यूजिक न हो।

    हालांकियह चमक ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सकी। जब हिमेश ने यह शर्त रखी कि वह सिर्फ उन्हीं फिल्मों में गाने गाएंगे जिनमें वह खुद अभिनय करेंगेतब उनके करियर का ग्राफ नीचे आने लगा। मेकर्स ने दूसरे विकल्प तलाशने शुरू कर दिए और धीरे-धीरे उनके गाने कम होते चले गए।इसके बावजूदयह कहना गलत नहीं होगा कि सलमान खान और हिमेश रेशमिया की यह कहानी बॉलीवुड में संघर्षमौके और कृतज्ञता की एक मिसाल बन चुकी है।

  • सना खान ने तोड़ी चुप्पी: पति ने नहीं किया ब्रेनवॉश, मैंने खुद लिया बॉलीवुड छोड़ने का फैसला

    सना खान ने तोड़ी चुप्पी: पति ने नहीं किया ब्रेनवॉश, मैंने खुद लिया बॉलीवुड छोड़ने का फैसला



    नई दिल्ली। टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेस सना खान ने 2020 में अचानक फिल्म और टीवी इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया था। उस वक्त चर्चा तेज थी कि उनके पति ने उनका ब्रेनवॉश किया है, इसलिए उन्होंने बॉलीवुड छोड़ा। लेकिन अब सना ने रश्मि देसाई के पॉडकास्ट में खुलकर कहा है कि यह सच नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद ही अपने जीवन में बदलाव और शांति की चाहत के चलते इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला लिया था।
    सना ने कहा कि उनकी शादी अरेंज थी और वह इसे पूरी तरह गोपनीय रखना चाहती थीं। उनकी शादी का नाम उनकी मां-पिता के अलावा किसी को नहीं पता था। उन्होंने बताया कि मेहंदी के समय तक उन्होंने दूल्हे का नाम किसी से साझा नहीं किया था। सना ने कहा कि वे एक नई जिंदगी की ओर जा रही थीं और उनके पति ने उन्हें इस बदलाव में गाइड किया।

    लोगों ने उन्हें ब्रेनवॉश का शिकार मान लिया क्योंकि वे पहले बिना हिजाब के दिखती थीं और फिर अचानक बुर्का पहनने लगीं। सना ने साफ कहा कि कोई भी आपको ब्रेनवॉश नहीं कर सकता जब तक आप खुद नहीं चाहते।

    उन्होंने कहा कि उन्हें शांति चाहिए थी और फेम, पैसा या स्टेटस के बाद भी हर इंसान की चाहत यही होती है।

    सना ने यह भी बताया कि उन्होंने इंडस्ट्री इसलिए छोड़ी क्योंकि उन्हें अपने आसपास का माहौल सही नहीं लग रहा था और उनके कुछ फैसले गलत दिशा में जा रहे थे। उन्होंने अपने पति अनस सैयद के साथ रिश्ते को बहुत अहमियत दी और कहा कि अनस और उनके परिवार ने शादी के सभी खर्चे भी संभाले थे। अब सना और अनस के दो बच्चे हैं और वे अपनी नई जिंदगी में खुश हैं।

  • मुनमुन दत्ता, ने प्यार और ब्रेकअप पर खोले दिल के राज, बोलीं ‘मैं तुरंत किसी से रिश्ता खत्म नहीं करती’

    मुनमुन दत्ता, ने प्यार और ब्रेकअप पर खोले दिल के राज, बोलीं ‘मैं तुरंत किसी से रिश्ता खत्म नहीं करती’

    नई दिल्ली । टीवी जगत की मशहूर अभिनेत्री मुनमुन दत्ता जिन्हें लोकप्रिय कॉमेडी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा में बबीता अय्यर के किरदार से घर-घर में पहचान मिली हाल ही में अपने निजी जीवन को लेकर खुलकर सामने आई हैं। मुनमुन हाल ही में यूट्यूबर और पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में नजर आईं जहां उन्होंने करियर के साथ-साथ प्यार रिश्तों और ब्रेकअप जैसे संवेदनशील विषयों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। पॉडकास्ट के दौरान मुनमुन दत्ता ने कहा कि प्यार को लेकर लोगों की सोच अक्सर एकतरफा होती है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि रिश्तों में प्यार खत्म होना केवल लड़कों के साथ नहीं बल्कि लड़कियों के साथ भी हो सकता है। मुनमुन ने स्वीकार किया कि उनके जीवन में भी ऐसे मौके आए हैं जब उन्हें महसूस हुआ कि शायद अब रिश्ते में पहले जैसी भावना नहीं रही।

    ब्रेकअप को लेकर अपनी सोच साझा करते हुए उन्होंने कहा मैं तुरंत किसी के साथ ब्रेकअप नहीं कर सकती। मैं हमेशा रिश्ते को बचाने की कोशिश करती हूं। मैं बहुत कुछ देती हूं भावनाएं समय और समझ। लेकिन एक वक्त ऐसा आता है जब मुझे लगता है कि अब पाने का समय है। जब लगातार देने वाला ही बनकर रह जाओ और बदले में कुछ न मिले तो वह बहुत बुरा लगता है। मुनमुन ने आगे कहा कि जब किसी रिश्ते में देने और पाने का संतुलन बिगड़ जाता है तो धीरे-धीरे नीरसता आने लगती है। यही नीरसता रिश्ते को कमजोर कर देती है और इंसान को यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि क्या वाकई यह रिश्ता आगे चल पाएगा। उनका मानना है कि प्यार हमेशा स्थायी नहीं होता और इसे स्वीकार करना भी जिंदगी का एक हिस्सा है।

    अगर मुनमुन दत्ता के करियर की बात करें तो उन्होंने साल 2004 में टीवी शो हम सब बाराती से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह मुंबई एक्सप्रेस 2005 और हॉलीडे 2006 जैसी फिल्मों में भी नजर आ चुकी हैं। हालांकि उन्हें असली पहचान तारक मेहता का उल्टा चश्मा से ही मिली जिसने उन्हें टीवी की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया। पॉडकास्ट में मुनमुन की यह ईमानदार बातचीत सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है। फैंस उनकी साफगोई और रिश्तों को लेकर परिपक्व सोच की तारीफ कर रहे हैं।

  • अमिताभ बच्चन ने नई तकनीक न सीख पाने का जताया अफसोस: ब्लॉग में कहा काश पहले सीख लेता

    अमिताभ बच्चन ने नई तकनीक न सीख पाने का जताया अफसोस: ब्लॉग में कहा काश पहले सीख लेता


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने हालिया ब्लॉग पोस्ट में नई तकनीक सीखने और उम्र के साथ आने वाली चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की है। ब्लॉग में बिग बी ने स्वीकार किया कि उन्हें अफसोस है कि कई चीजें उन्होंने समय रहते नहीं सीखीं खासकर वो तकनीक और प्रणालियाँ जो उनके दौर में मौजूद नहीं थीं।

    ब्लॉग में अमिताभ ने लिख
    हर दिन कुछ नया सीखने को मिलता है लेकिन अफसोस इस बात का है कि जो सीखना जरूरी था वह सालों पहले सीख लिया जाना चाहिए था। आज आविष्कारों और नई प्रणालियों की रफ्तार इतनी तेज है कि जब तक कोई उसे सीखना शुरू करता तब तक वक्त आगे निकल चुका होता है।

    उम्र और सीखने की चुनौती
    अमिताभ ने बताया कि उम्र के साथ सीखने की इच्छा ऊर्जा और प्रयास धीरे-धीरे कम हो जाते हैं। उन्होंने हालिया अनुभव साझा करते हुए कहा कि किसी भी काम की बुनियादी समझ होना जरूरी है लेकिन उसके बाद काम को योग्य और विशेषज्ञ लोगों को सौंप देना चाहिए। बिग बी ने स्पष्ट किया कि अगर कोई व्यक्ति पूरी तरह सक्षम न हो तो इसमें कोई समस्या नहीं है विशेषज्ञों की मदद लेना सही और समय बचाने वाला विकल्प है।

    आउटसोर्सिंग और विशेषज्ञों की भूमिका
    ब्लॉग में अमिताभ ने पुराने और नए दौर की तुलना करते हुए बताया कि पहले अगर किसी को कोई काम नहीं आता था तो या तो वह काम नहीं कर पाता था या पछतावा होता था।आज के समय में आउटसोर्सिंग के जरिए काम आसानी से पूरा किया जा सकता है जो मेरे लिए राहत की बात है।

    साधारण दिनचर्या में बदलाव
    अमिताभ ने साधारण दिनचर्या के कामों में उम्र के असर का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पहले वे सामान्य गतिविधियों को सहजता से कर लेते थे लेकिन अब कुछ कामों के लिए सोचने की जरूरत होती है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पैंट पहनने जैसे साधारण काम में भी संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार उन्हें बैठकर ही काम करना चाहिए।

    वर्क फ्रंट अपडेट
    वर्क फ्रंट पर बिग बी हाल ही में कौन बनेगा करोड़पति सीजन 17 को खत्म कर चुके हैं। इसके अलावा वे तमिल एक्शन ड्रामा वेट्टैयन में नजर आए जिसमें रजनीकांत फहाद फासिल राणा दग्गुबाती और मंजू वारियर जैसे सितारे भी शामिल हैं।

    विशेषज्ञों की राय
    विशेषज्ञों के अनुसार अमिताभ का ब्लॉग नई और पुरानी तकनीकी दुनिया में सीखने की चुनौतियों को समझने और स्वीकार करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि उम्र बढ़ने के साथ काम को सही तरीके से संभालने के लिए विशेषज्ञों और आउटसोर्सिंग का सहारा लेना स्मार्ट और समय बचाने वाला तरीका है।अमिताभ बच्चन की यह ब्लॉग पोस्ट न केवल उनके प्रशंसकों को व्यक्तिगत अनुभव से जोड़ती है बल्कि नई तकनीक सीखने उम्र के साथ बदलती जरूरतों और विशेषज्ञ मदद लेने का महत्वपूर्ण संदेश भी देती है।

  • Ek Din Teaser: जुनैद खान के साथ रोमांस करती दिखीं साई पल्लवी, बॉलीवुड डेब्यू से मचाया धमाल

    Ek Din Teaser: जुनैद खान के साथ रोमांस करती दिखीं साई पल्लवी, बॉलीवुड डेब्यू से मचाया धमाल


    नई दिल्ली । बॉलीवुड में एक नई और दिल छू लेने वाली प्रेम कहानी दस्तक देने को तैयार है। आमिर खान के बेटे जुनैद खान जल्द ही साउथ सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री साई पल्लवी के साथ फिल्म एक दिनमें नजर आने वाले हैं। हाल ही में इस फिल्म का टीजर रिलीज किया गया है जिसने आते ही सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। टीजर में जुनैद और साई पल्लवी की मासूमियत भरी केमिस्ट्री दर्शकों का दिल जीत रही है।फिल्म एक दिनको आमिर खान प्रोड्यूस कर रहे हैं और इसका टीजर आमिर खान टॉकीज के यूट्यूब चैनल पर जारी किया गया है। टीजर की शुरुआत बेहद सादगी और भावनात्मक अंदाज में होती है जहां जुनैद और साई पल्लवी आईने में एक-दूसरे को देखते नजर आते हैं। इसी दौरान जुनैद कहते हैं “तुम्हारी मुस्कुराहट मुझे बहुत अच्छी लगती है मीरा। तुम्हारा दिल जीतूंगा या नहीं ये नहीं पता।” यह डायलॉग सीधे दिल को छू जाता है।

    इसके जवाब में साई पल्लवी कहती हैं “फिल्मों में कितना जादू होता है न कितना मैजिकल है। मगर असल जिंदगी में कभी ऐसा नहीं होता।” इस पर जुनैद का जवाब आता है “कभी-कभी होता है जादू।” इन संवादों के साथ दोनों के बीच पनपता रोमांस और भावनात्मक जुड़ाव साफ नजर आता है। टीजर में दिख रही यह प्रेम कहानी थाई फिल्म वन डेका हिंदी रीमेक बताई जा रही है। फिल्म का निर्देशन सुनील पांडे ने किया है जिन्होंने इसे एक सॉफ्ट इमोशनल और रियल लव स्टोरी के रूप में पेश करने की कोशिश की है। टीजर से साफ है कि फिल्म में ज्यादा ड्रामा नहीं बल्कि भावनाओं और रिश्तों की गहराई को दिखाया जाएगा।

    इस फिल्म के जरिए साई पल्लवी बॉलीवुड में अपना डेब्यू कर रही हैं। साउथ सिनेमा में अपनी सादगी दमदार अभिनय और नेचुरल एक्सप्रेशंस के लिए पहचानी जाने वाली साई पल्लवी टीजर में भी उसी अंदाज में नजर आईं। उनके संवाद बोलने के लहजे में साउथ की हल्की झलक जरूर महसूस होती है, लेकिन यही उनकी खूबसूरती और अलग पहचान बनती दिख रही है। नेटिजन्स की बात करें तो टीजर को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया बेहद सकारात्मक है। फैंस जुनैद खान और साई पल्लवी की जोड़ी को फ्रेश और रिफ्रेशिंग बता रहे हैं। आमिर खान के प्रोडक्शन में बन रही यह फिल्म 1 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। अब दर्शकों को इस “जादुई” प्रेम कहानी का बेसब्री से इंतजार है।

  • एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट से आमिर खान ने घटाया 18 किलो वजन, माइग्रेन में भी हुआ बड़ा सुधार, ‘हैप्पी पटेल’ में दिखेंगे कैमियो में

    एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट से आमिर खान ने घटाया 18 किलो वजन, माइग्रेन में भी हुआ बड़ा सुधार, ‘हैप्पी पटेल’ में दिखेंगे कैमियो में


    नई दिल्ली।बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान एक बार फिर चर्चा में हैं लेकिन इस बार वजह उनकी कोई फिल्म नहीं बल्कि उनकी सेहत से जुड़ा बड़ा खुलासा है। आमिर खान ने हाल ही में बताया कि उन्होंने बिना किसी हैवी वर्कआउट के सिर्फ एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट को अपनाकर करीब 18 किलो वजन घटाया है। खास बात यह है कि यह बदलाव उन्होंने किसी अपकमिंग फिल्म के लुक के लिए नहीं बल्कि पूरी तरह से हेल्थ रीजन की वजह से किया है।

    आमिर खान ने बॉलीवुड हंगामा को दिए इंटरव्यू में अपने वेट लॉस को लेकर खुलकर बात की। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने कितना वजन कम किया है तो आमिर ने जवाब दियाअठारह किलो असल में। उन्होंने बताया कि यह बदलाव किसी प्लान के तहत नहीं बल्कि अपने आप हुआ। आमिर के मुताबिक स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने जो नई डाइट फॉलो करना शुरू की उसने किसी करिश्मे की तरह काम किया।इस डाइट का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि आमिर खान की लंबे समय से चली आ रही माइग्रेन की समस्या में भी काफी सुधार देखने को मिला। उन्होंने कहा कि वजन घटने के साथ-साथ उनकी माइग्रेन की परेशानी काफी हद तक कम हो गई है जिससे उनकी लाइफ क्वालिटी बेहतर हुई है। आमिर का मानना है कि सही खानपान न सिर्फ शरीर बल्कि दिमागी सेहत के लिए भी बेहद जरूरी है।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो आमिर खान जल्द ही अपकमिंग फिल्म हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस में नजर आने वाले हैं। हालांकि इसमें उनका लीड रोल नहीं बल्कि एक कैमियो अपीयरेंस होगा। इस फिल्म के जरिए आमिर खान के भांजे इमरान खान भी एक बार फिर बड़े पर्दे पर दिखाई देंगे। हालांकि आमिर ने साफ किया कि इसे इमरान का प्रॉपर कमबैक कहना सही नहीं होगा क्योंकि दोनों का ही फिल्म में कैमियो रोल है।इमरान खान के कमबैक को लेकर चल रही अटकलों पर आमिर ने कहायह इमरान के लिए फुल कमबैक नहीं है। मेरा और इमरान दोनों का कैमियो है। आमिर ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने करियर में बहुत कम कॉमेडी रोल किए हैं लेकिन आज भी लोग उन्हें अंदाज अपना अपना के लिए याद करते हैं।फिल्म में स्टैंडअप कॉमेडियन वीर दास लीड रोल निभा रहे हैं। ट्रेलर पहले ही रिलीज हो चुका है जिसमें वीर दास एक ऐसे लड़के की भूमिका में नजर आ रहे हैं जो लंदन में पला-बढ़ा है और एक खास मिशन के तहत भारत आता है। वीर दास ने फिल्म के लिरिक्स भी खुद लिखे हैं।

    वीर दास ने इंडिया टुडे से बातचीत में फिल्म की थीम पर कहा था कि यह फिल्म हर एनआरआई की सोच पर सवाल उठाती है। उनके मुताबिक कई एनआरआई भारत को जिस नजरिए से देखते हैं वह पूरी तरह गलत है और यह फिल्म उसी सोच को चुनौती देती है।कुल मिलाकर आमिर खान का यह ट्रांसफॉर्मेशन न सिर्फ उनके फैंस के लिए प्रेरणादायक है बल्कि यह भी साबित करता है कि सही डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल से बड़े बदलाव संभव हैं।

  • जब अक्षय कुमार बने सहारा: डिप्रेशन के अंधेरे से विवेक ओबेरॉय को बाहर खींच लाए खिलाड़ी कुमार

    जब अक्षय कुमार बने सहारा: डिप्रेशन के अंधेरे से विवेक ओबेरॉय को बाहर खींच लाए खिलाड़ी कुमार


    नई दिल्ली। अक्षय कुमार को यूं ही बॉलीवुड का खिलाड़ी नहीं कहा जाता। पर्दे पर एक्शन, कॉमेडी और देशभक्ति से दर्शकों का दिल जीतने वाले अक्षय, असल ज़िंदगी में भी उतने ही संवेदनशील और नेकदिल इंसान हैं। इंडस्ट्री में कई ऐसे किस्से हैं, जो उनके बड़े दिल की गवाही देते हैंऔर उन्हीं में से एक कहानी जुड़ी है अभिनेता विवेक ओबेरॉय से।

    विवेक ओबेरॉय, जिन्होंने कभी बॉलीवुड में दमदार एंट्री की थी, समय के साथ करियर के उतार-चढ़ाव से गुजरते रहे। एक दौर ऐसा भी आया जब काम की कमी, मानसिक दबाव और निजी संघर्षों ने उन्हें गहरे डिप्रेशन में धकेल दिया। इसी मुश्किल वक्त में अक्षय कुमार उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आए।

    एक फोन कॉल… और आधे घंटे में घर पहुंच गए अक्षय
    इस किस्से का खुलासा खुद विवेक ओबेरॉय ने एक इंटरव्यू में किया था। विवेक के मुताबिक, उनका करियर उस वक्त बुरी तरह लड़खड़ा रहा था और मानसिक हालत बेहद खराब थी। तभी एक दिन अक्षय कुमार का फोन आया। अक्षय ने पूछाकहां है?
    विवेक ने जवाब दिया“घर पर हूं, बहुत तनाव में हूं।”

    इतना सुनते ही अक्षय ने कहा“ठीक है।”
    और हैरानी की बात ये कि सिर्फ आधे घंटे के भीतर अक्षय कुमार खुद विवेक के घर पहुंच गए। बिना किसी औपचारिकता के, बिना किसी दिखावे केबस एक इंसान दूसरे इंसान की मदद करने चला आया।

    सुपरस्टार नहीं, एक दोस्त की तरह सुनी पूरी बात
    विवेक बताते हैं कि अक्षय ने उनके साथ बैठकर पूरी शांति से उनकी बातें सुनीं। करियर, पैसे, मानसिक तनावजो भी दर्द था, विवेक ने सब खुलकर कह दिया।

    अक्षय ने न कोई सलाह थोपने की कोशिश की, न उपदेश दिया। बस धैर्य के साथ सब सुना।
    फिर अक्षय ने कहा, देख यार, मैं तेरी हर समस्या तो हल नहीं कर सकता, लेकिन तुझे दोबारा पॉजिटिव सोच में लाने में मदद ज़रूर कर सकता हूं।
    काम देकर बदली किस्मत
    अक्षय कुमार ने विवेक को बताया कि उनके पास कई शोज और इवेंट्स की इनक्वायरी आती रहती है, जिन्हें वह अपनी शूटिंग के चलते नहीं कर पाते। अक्षय ने साफ कहा, अब से मेरे पास जो भी शोज आएंगे, वो मैं तुझे डाइवर्ट कर दूंगा। तू वो काम करना शुरू कर दे।यह कोई छोटी मदद नहीं थी। उस दौर में, जब इंडस्ट्री में लोग अपने मौके खुद तक सीमित रखते हैं, अक्षय कुमार ने खुले दिल से अपना काम किसी और को सौंप दिया।

    डिप्रेशन से निकलकर दोबारा खड़े हुए विवेक
    इस मदद का असर सिर्फ विवेक की आर्थिक स्थिति पर ही नहीं पड़ा, बल्कि इससे उनका आत्मविश्वास भी लौटा।

    काम मिलने लगा, व्यस्तता बढ़ी और सबसे बड़ी बातवो धीरे-धीरे डिप्रेशन से बाहर आने लगे।विवेक खुद कहते हैं कि आज के दौर में ऐसा करना बहुत कम लोग करते हैं। अक्षय कुमार ने न सिर्फ एक एक्टर की मदद की, बल्कि एक इंसान को टूटने से बचा लिया।

    खिलाड़ी सिर्फ नाम नहीं
    यह कहानी साबित करती है कि अक्षय कुमार सिर्फ स्क्रीन पर हीरो नहीं हैं, बल्कि असल ज़िंदगी में भी वो उन लोगों में से हैं, जो बुरे वक्त में साथ खड़े रहना जानते हैं। बॉलीवुड की चकाचौंध के पीछे छुपी यह इंसानियत ही उन्हें दूसरों से अलग बनाती है।कभी-कभी एक कॉल, एक मुलाकात और थोड़ी-सी समझदारीकिसी की ज़िंदगी बदल सकती है। और इस कहानी में, वो किरदार निभाया था खिलाड़ी कुमार ने।