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म्राट पृथ्वीराज के लुक को लेकर उठे सवाल, अभिनेता ने दर्शकों से मांगी माफी…
नई दिल्ली ।अभिनेता अक्षय कुमार ने अपनी फिल्म सम्राट पृथ्वीराज में अपने लुक को लेकर हुई आलोचना पर चार साल बाद पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। फिल्म में उनके नकली मूंछ वाले रूप को लेकर उस समय दर्शकों के बीच काफी चर्चा हुई थी और सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा था। अब लंबे अंतराल के बाद उन्होंने इस विषय पर अपनी बात रखते हुए स्थिति को स्पष्ट किया है और दर्शकों से खेद भी व्यक्त किया है।अक्षय कुमार ने बताया कि फिल्म के किरदार की मांग के अनुसार एक विशेष प्रकार के लुक की आवश्यकता थी, जिसे उनके प्राकृतिक रूप में हासिल करना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि जिस तरह की मूंछ किरदार के लिए जरूरी थी, वह वास्तविक रूप से उनके चेहरे पर नहीं आ सकती थी, इसलिए मेकअप और कृत्रिम साधनों का सहारा लिया गया। उनके अनुसार फिल्म निर्माण में कई बार किरदार की प्रामाणिकता और व्यावहारिक सीमाओं के बीच संतुलन बनाना पड़ता है।उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यदि दर्शकों को उनका लुक पसंद नहीं आया तो वह इसके लिए खेद प्रकट करते हैं। उनके अनुसार अभिनय का उद्देश्य किरदार और कहानी को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना होता है, लेकिन यदि किसी पहलू को लेकर असंतोष उत्पन्न हुआ है तो उसे समझा जाना चाहिए। इस बयान में उन्होंने पहली बार सीधे तौर पर माफी का भाव व्यक्त किया है, जो इस विवाद पर उनकी पहले की प्रतिक्रिया से अलग माना जा रहा है।अक्षय कुमार ने यह भी कहा कि वह एक साथ कई फिल्मों में काम करते हैं, जिससे हर किरदार के लिए लंबे समय तक शारीरिक परिवर्तन करना हमेशा संभव नहीं हो पाता। कई बार शूटिंग शेड्यूल और अन्य परियोजनाओं के कारण सीमित समय में ही किरदार को तैयार करना पड़ता है, ऐसे में मेकअप और अन्य तकनीकी साधनों का उपयोग आवश्यक हो जाता है। उन्होंने इसे फिल्म निर्माण की व्यावहारिक चुनौती बताया।सम्राट पृथ्वीराज फिल्म अपने समय में एक बड़े बजट की परियोजना थी, लेकिन यह बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी। फिल्म को लेकर दर्शकों और समीक्षकों की अलग अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं, जिसमें कहानी, प्रस्तुति और अभिनय को लेकर मिश्रित राय देखने को मिली थी। विशेष रूप से लुक से जुड़ा विवाद चर्चा का प्रमुख विषय बना रहा था, जिसने फिल्म की सार्वजनिक छवि को भी प्रभावित किया।वर्तमान में अक्षय कुमार लगातार नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं और कई फिल्मों की शूटिंग में व्यस्त हैं। उनके आगामी प्रोजेक्ट्स को लेकर दर्शकों में भी रुचि बनी हुई है। अपने लंबे करियर में उन्होंने विभिन्न प्रकार के किरदार निभाए हैं और लगातार सक्रियता बनाए रखी है।यह पूरा मामला इस बात को भी दर्शाता है कि आज के समय में फिल्मी किरदारों और कलाकारों की प्रस्तुति पर दर्शकों की प्रतिक्रिया तेजी से सामने आती है और उसका प्रभाव भी व्यापक होता है। ऐसे में कलाकारों के लिए यह आवश्यक हो जाता है कि वे दर्शकों की राय को समझें और उसके अनुसार संतुलित दृष्टिकोण अपनाएं। -

रणबीर कपूर की यह उपलब्धि भारतीय सिनेमा के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और उनकी व्यक्तिगत कलात्मक सफलता का प्रतीक मानी जा रही है।
नई दिल्ली: भारतीय फिल्म जगत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण तब सामने आया जब विश्व की प्रतिष्ठित टाइम पत्रिका ने साल 2026 के लिए दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची जारी की। इस प्रतिष्ठित सूची में बॉलीवुड सुपरस्टार रणबीर कपूर ने अपनी जगह बनाकर न केवल अपने प्रशंसकों को गौरवान्वित किया है, बल्कि वह इस वर्ष इस सूची में शामिल होने वाले एकमात्र भारतीय अभिनेता बन गए हैं। मनोरंजन की दुनिया से वैश्विक स्तर पर गिने-चुने नामों को ही यह सम्मान प्राप्त होता है, और रणबीर का चयन उनकी कलात्मक प्रतिभा और भारतीय सिनेमा के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।रणबीर कपूर का इस सूची में शामिल होना उनकी हालिया फिल्मों की अभूतपूर्व सफलता और उनके अभिनय की विविधता का परिणाम माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने जिस तरह की चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं चुनी हैं, उसने वैश्विक दर्शकों और आलोचकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। टाइम पत्रिका ने उन्हें एक ऐसे कलाकार के रूप में परिभाषित किया है जो न केवल अपनी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं, बल्कि अपनी अदाकारी से सिनेमा के मानदंडों को भी बदल रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि भारतीय कहानियों और कलाकारों की गूंज अब सात समंदर पार भी मजबूती से सुनाई दे रही है।
इस सूची में स्थान पाने के पीछे उनकी फिल्म एनिमल की वैश्विक सफलता का बड़ा हाथ माना जा रहा है, जिसने कमाई के नए कीर्तिमान स्थापित किए और दुनिया भर में चर्चा बटोरी। इसके अलावा उनकी आगामी फिल्म रामायण को लेकर बना माहौल भी उनकी प्रभावशाली छवि को मजबूती दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि रणबीर ने जिस तरह से व्यावसायिक सफलता और गंभीर अभिनय के बीच संतुलन बनाया है, वह उन्हें अपने समकालीन अभिनेताओं से अलग खड़ा करता है। वह अब केवल एक फिल्म स्टार नहीं, बल्कि एक वैश्विक सांस्कृतिक आइकन के रूप में उभर रहे हैं।
प्रतिष्ठित सूची में रणबीर कपूर के साथ विश्व के कई बड़े राजनेता, खिलाड़ी और वैज्ञानिक शामिल हैं, जो उनके बढ़ते कद की पुष्टि करता है। इससे पहले भी कई भारतीय हस्तियों को यह सम्मान मिल चुका है, लेकिन इस वर्ष मनोरंजन श्रेणी में एकमात्र भारतीय नाम होना रणबीर के करियर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम का फल है, बल्कि यह हिंदी फिल्म उद्योग की उस ताकत को भी दर्शाती है जो भाषा की सीमाओं को तोड़कर दुनिया के कोने-कोने तक पहुंच रही है।
रणबीर कपूर की इस वैश्विक पहचान पर पूरे फिल्म जगत से उन्हें बधाई संदेश मिल रहे हैं। उनके सहयोगियों और वरिष्ठ कलाकारों का कहना है कि रणबीर ने अपनी मेहनत से यह साबित कर दिया है कि यदि कंटेंट में दम हो और अभिनय में ईमानदारी, तो विश्व मंच पर पहचान मिलना निश्चित है। आने वाले समय में उनकी कई बड़ी फिल्में कतार में हैं, जिनसे उम्मीद की जा रही है कि वे भारतीय सिनेमा को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। यह सम्मान निश्चित रूप से उनके भविष्य के प्रोजेक्ट्स के लिए एक नई ऊर्जा का संचार करेगा।
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अभिनेता प्रशांत तमांग के निधन और गलवान संघर्ष से जुड़े संदर्भों को हटाने के कारण फिल्म के 40 प्रतिशत हिस्से की दोबारा शूटिंग की गई है।
नई दिल्ली : बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म मातृभूमि इन दिनों फिल्म गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। फिल्म की रिलीज को लेकर दर्शकों में भारी उत्साह था, लेकिन हालिया घटनाक्रमों ने इसके प्रदर्शन पर अनिश्चितता के बादल मंडरा दिए हैं। जानकारी के अनुसार फिल्म की रिलीज डेट को आगे बढ़ा दिया गया है और इसके पीछे कई गंभीर कारण बताए जा रहे हैं। मूल रूप से अप्रैल के महीने में रिलीज होने वाली यह फिल्म अब तकनीकी और रचनात्मक बदलावों के दौर से गुजर रही है, जिसके चलते निर्माता फिलहाल किसी नई तारीख की घोषणा करने की स्थिति में नहीं हैं।महत्वपूर्ण कलाकार का निधन और प्रोडक्शन की चुनौतियां
फिल्म की देरी का एक सबसे बड़ा और दुखद कारण फिल्म के मुख्य खलनायक की भूमिका निभा रहे अभिनेता और गायक प्रशांत तमांग का असामयिक निधन बताया जा रहा है। प्रशांत ने फिल्म के एक बड़े हिस्से की शूटिंग पूरी कर ली थी, लेकिन क्लाइमेक्स और कुछ महत्वपूर्ण एक्शन दृश्यों की शूटिंग अभी बाकी थी। उनके जाने से फिल्म की कहानी में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है जिसे भरना निर्माताओं के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। प्रोडक्शन टीम अब इस उलझन में है कि उन दृश्यों को किसी अन्य कलाकार के साथ दोबारा फिल्माया जाए या फिर आधुनिक तकनीक और एआई की मदद से उन्हें पूरा किया जाए। इस पूरी प्रक्रिया में न केवल अतिरिक्त समय लग रहा है, बल्कि बजट पर भी भारी दबाव पड़ रहा है।कहानी में बदलाव और रक्षा मंत्रालय के सुझाव
प्रशांत तमांग के निधन के अलावा फिल्म की विषयवस्तु में किए जा रहे बदलाव भी इसकी देरी का एक मुख्य कारण हैं। शुरुआत में यह फिल्म 2020 के गलवान घाटी संघर्ष पर आधारित थी और इसका शीर्षक बैटल ऑफ गलवान रखा गया था। हालांकि अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक संबंधों और संवेदनशीलता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों ने फिल्म से चीन और गलवान के सीधे संदर्भों को हटाने का सुझाव दिया था। इसके बाद निर्माताओं ने न केवल फिल्म का नाम बदलकर मातृभूमि किया, बल्कि इसकी कहानी को भी युद्ध के बजाय मानवीय संवेदनाओं और शांति की ओर मोड़ दिया। फिल्म के लगभग 40 प्रतिशत हिस्से को दोबारा फिल्माया गया है ताकि इसे एक काल्पनिक और भावनात्मक ड्रामा के रूप में पेश किया जा सके।सेंसर बोर्ड और आधिकारिक मंजूरी का इंतजार
फिल्म में किए गए इन व्यापक बदलावों के कारण इसे अभी तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के पास भी नहीं भेजा गया है। रक्षा मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया अभी जारी है। जब तक फिल्म को आधिकारिक तौर पर हरी झंडी नहीं मिल जाती, तब तक इसका सिनेमाघरों तक पहुंचना नामुमकिन है। सलमान खान और निर्देशक अपूर्व लाखिया फिल्म की गुणवत्ता और संवेदनशीलता के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहते, इसलिए वे हर पहलू पर बारीकी से काम कर रहे हैं। इस प्रशासनिक देरी ने वितरकों और प्रशंसकों की चिंता को और बढ़ा दिया है।बड़े पर्दे पर रिलीज की प्रतिबद्धता
तमाम अड़चनों के बावजूद सलमान खान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मातृभूमि को सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज नहीं किया जाएगा। वह इस फिल्म को बड़े पर्दे के अनुभव के लिए ही उपयुक्त मानते हैं और सिनेमाघरों में ही इसे रिलीज करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। फिल्म में चित्रांगदा सिंह भी एक अहम भूमिका में नजर आएंगी। ताजा रिपोर्टों की मानें तो अब इस फिल्म को अगस्त के महीने या स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रिलीज करने की योजना बनाई जा रही है। तब तक निर्माताओं को उम्मीद है कि वे सभी तकनीकी और विनियामक बाधाओं को पार कर लेंगे और दर्शकों को एक बेहतरीन सिनेमाई अनुभव प्रदान करेंगे। -

आध्यात्मिक अनुभव या चमत्कार? Akshay Kumar ने बताया वैष्णो देवी का खास किस्सा
नई दिल्ली। बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार ने एक इंटरव्यू में अपने बचपन से जुड़ा एक ऐसा किस्सा साझा किया, जिसे वह आज भी एक आध्यात्मिक अनुभव मानते हैं। यह घटना उनके जन्म और माता-पिता की वैष्णो देवी यात्रा से जुड़ी है, जिसे वे एक तरह का “चमत्कार” बताते हैं।माता-पिता की मन्नत से हुआ था अक्षय का जन्म
अक्षय कुमार के मुताबिक, उनके माता-पिता ने माता वैष्णो देवी के दरबार में संतान की मन्नत मांगी थी। उन्होंने प्रार्थना की थी कि उन्हें एक बच्चा मिले और कहा था कि वह बच्चा थोड़ा शरारती स्वभाव का हो। इस मन्नत के कुछ समय बाद ही अक्षय कुमार का जन्म हुआ।एक साल बाद फिर वैष्णो देवी पहुंचे थे माता-पिता
अक्षय ने बताया कि जब वह लगभग एक साल के थे, तो उनके माता-पिता माता वैष्णो देवी का आभार व्यक्त करने के लिए दोबारा कटरा यात्रा पर गए। लेकिन इसी यात्रा के दौरान एक ऐसी घटना घटी, जिसने परिवार को गहरे संकट में डाल दिया।बुखार और बेहोशी की हालत में पहुंचा बच्चा
कटरा पहुंचते ही अक्षय कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तेज बुखार हो गया, जो 103 से बढ़कर 104 डिग्री तक पहुंच गया। उस समय क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाएं भी सीमित थीं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। डॉक्टरों ने तक सलाह दी कि बच्चे को तुरंत दिल्ली ले जाया जाए।मां के विश्वास ने बदली कहानी
हालात बेहद चिंताजनक होने के बावजूद अक्षय की मां ने यात्रा रोकने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर माता रानी ने यह बच्चा दिया है, तो वही उसे संभालेंगी। परिवार ने यात्रा जारी रखी और मंदिर तक पहुंचा।मंदिर में हुआ बदलाव, जिसे बताया चमत्कार
अक्षय के अनुसार, मंदिर में पूजा और दर्शन के दौरान ही उनकी तबीयत में अचानक सुधार होने लगा। जब एक व्यक्ति ने उनके पिता से कहा कि बच्चा मुस्कुरा रहा है, तो परिवार ने देखा कि सच में उनके चेहरे पर मुस्कान आ गई थी। बुखार भी अचानक सामान्य हो गया। -

रणवीर सिंह ने अभिनय में जान फूंकने के लिए सहा शारीरिक दर्द और पेट पर लगाए स्टेपलर..
नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा में कलाकारों के समर्पण और उनके अभिनय के प्रति जुनून के कई किस्से मशहूर हैं, लेकिन हाल ही में सामने आई एक घटना ने कला के प्रति समर्पण की परिभाषा को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। मनोरंजन जगत के एक जाने-माने फिल्म निर्माता ने एक विशेष फिल्म के निर्माण के दौरान हुई एक ऐसी घटना का स्मरण किया है जो किसी भी साधारण व्यक्ति को झकझोर कर रख सकती है। यह वाकया उस समय का है जब अभिनेता रणवीर सिंह अपनी एक बेहद गंभीर और भावनात्मक फिल्म के चरमोत्कर्ष दृश्य की शूटिंग कर रहे थे। उस दृश्य में वास्तविक दर्द और छटपटाहट दिखाने के लिए अभिनेता ने जो रास्ता चुना, वह न केवल जोखिम भरा था बल्कि उनके अटूट संकल्प का प्रमाण भी था।चरित्र में डूबने की अद्भुत कला
फिल्म के अंतिम दृश्यों में किरदार की शारीरिक पीड़ा को पर्दे पर सजीव करने के लिए रणवीर सिंह ने अपने पेट पर स्टेपलर पिन का उपयोग किया था। पर्दे पर दिखने वाला वह दर्द कोई बनावटी अभिनय नहीं था, बल्कि एक वास्तविक शारीरिक कष्ट था जिसे अभिनेता ने स्वयं चुना था। फिल्म निर्माण की प्रक्रिया में अक्सर कलाकार तकनीक और हाव-भाव का सहारा लेते हैं, लेकिन रणवीर ने महसूस किया कि जब तक वह स्वयं उस पीड़ा को महसूस नहीं करेंगे, तब तक वह दर्शकों के दिलों तक उस संवेदना को नहीं पहुंचा पाएंगे। यह निर्णय उनके पेशेवर रवैये और चरित्र में पूरी तरह डूब जाने की उनकी प्रवृत्ति को दर्शाता है।सेट पर मौजूद लोग रह गए दंग
इस घटना का जिक्र करते हुए फिल्म जगत के दिग्गजों ने बताया कि शूटिंग के दौरान रणवीर की इस स्थिति को देखकर सेट पर मौजूद लोग भी दंग रह गए थे। उस समय अभिनेता के चेहरे पर जो भाव थे, वे किसी कृत्रिम मेकअप या तकनीकी प्रभाव का परिणाम नहीं थे, बल्कि वह वास्तविक शारीरिक प्रतिक्रिया थी जो उस स्टेपलर पिन के चुभने से उत्पन्न हो रही थी। अभिनय के प्रति ऐसा पागलपन ही एक साधारण कलाकार को महानता की श्रेणी में ले जाता है। सिनेमा के इतिहास में ऐसी कई फिल्में रही हैं जहां अभिनेताओं ने अपना वजन घटाया या बढ़ाया है, लेकिन स्वयं को शारीरिक रूप से इस तरह घायल करना एक अलग ही स्तर की प्रतिबद्धता है।
तकनीक बनाम वास्तविक संवेदनावर्तमान समय में जब सिनेमा में तकनीकी प्रभाव और ग्राफिक्स का बोलबाला है, तब ऐसी कहानियां याद दिलाती हैं कि मानवीय भावना और वास्तविक परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। रणवीर के इस कदम ने न केवल उस विशेष फिल्म के दृश्य को यादगार बना दिया, बल्कि आने वाली पीढ़ी के कलाकारों के लिए भी एक मानक स्थापित कर दिया है। कला के प्रति इस तरह का निष्ठावान भाव ही है जो एक फिल्म को समय की सीमाओं से परे ले जाकर कालजयी बनाता है। हालांकि इस तरह के खतरनाक तरीकों को अपनाने पर सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं भी व्यक्त की जाती हैं, लेकिन एक कलाकार की दृष्टि में उस समय केवल उसका काम और उसकी भूमिका ही सर्वोपरि होती है।
संघर्ष और सफलता का गहरा नाता
रणवीर सिंह के इस साहसिक प्रयास की चर्चा आज भी फिल्म गलियारों में बहुत सम्मान के साथ की जाती है। यह घटना यह भी स्पष्ट करती है कि पर्दे पर दिखने वाली कुछ मिनटों की सफलता के पीछे कितनी रातों की मेहनत और कितना असहनीय त्याग छिपा होता है। दर्शकों के लिए जो केवल मनोरंजन का एक हिस्सा होता है, वह एक समर्पित अभिनेता के लिए उसकी आत्मा का एक अंश होता है जिसे वह पूरी ईमानदारी के साथ प्रस्तुत करता है। इस तरह के किस्से फिल्म निर्माण की उस कठिन प्रक्रिया का हिस्सा हैं जिसे आम जनता कभी सीधे तौर पर नहीं देख पाती, लेकिन जब यह बातें सामने आती हैं तो कलाकार के प्रति सम्मान और अधिक बढ़ जाता है।
भविष्य के लिए प्रेरणा
रणवीर सिंह के अभिनय के प्रति इस बेमिसाल जुनून ने यह साबित कर दिया है कि वे केवल एक स्टार नहीं, बल्कि एक सच्चे कलाकार हैं। उनकी यह कहानी आने वाले समय में उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी जो कला के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। यह घटना सिखाती है कि पूर्णता प्राप्त करने के लिए कभी-कभी अपने आराम और सुरक्षा की सीमाओं से बाहर निकलना अनिवार्य हो जाता है। उनके इस समर्पण ने फिल्म के उस विशेष सीन को भारतीय सिनेमा के सबसे प्रभावशाली दृश्यों में से एक बना दिया है।
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Allu Arjun की फिल्म Raaka के पोस्टर पर Shah Rukh Khan ने किया रिएक्ट, जानें उनकी प्रतिक्रिया!
नई दिल्ली। अल्लू अर्जुन (Allu Arjun) के जन्मदिन पर मेकर्स ने उनकी फिल्म के नाम की अनाउंसमेंट करने के साथ-साथ उनका पहला लुक भी पोस्ट के जरिए रिलीज कर दिया है। जिसे देखकर उनके फैंस काफी खुश हो गए हैं। आपको बता दें कि, उनकी फिल्म का नाम Raaka रखा गया है। फिल्म कैसे नाम के सामने आने के बाद हर कोई फिल्म के लिए अपनी उत्सुकता दिख रहा है वहीं शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) ने भी इस पर रिएक्ट किया है।फिल्म Raaka का पोस्टर
अल्लू अर्जुन के 44वें जन्मदिन पर निर्देशक एटली (Atlee) ने उनकी मोस्ट अवेटेड फिल्म का नाम और फर्स्ट लुक रिवील किया था। उन्होंने बताया था कि टीम ने इस फिल्म का नाम ‘राका’ रखा है। ‘राका’ के पोस्टर ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। इसके साथ थी उनका पहला लुक भी धमाल मचा रहा है वह काफी अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं ऐसा पहली बार होगा कि अल्लू अर्जुन को एक अलग अंदाज में दिखाई देंगे। पोस्ट देखने के बाद उनके पास उनकी बधाई करते हुए नजर आ रहे हैं साथ ही कई लोग फिल्म पर अपना अपना रिएक्शन दे रहे हैं।शाहरुख खान ने भी किया रिएक्ट
शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) ने अल्लू अर्जुन की फिल्म ‘राका’ का पोस्टर शेयर करते हुए लिखा, ‘पोस्टर बहुत ही मजेदार और दिलचस्प है, बिल्कुल तुम्हारी तरह। मैं यह देखने के लिए एक्साइटेड हूं कि आप लोगों ने क्या तैयार किया है। अगर एटली के शब्दों में कहें तो ये मोस्टर मास माससस माससस!! होगा। ‘राका’ बहुत मजेदार फिल्म लग रही है, ढेर सारी शुभकामनाएं!’निर्देशक एटली ने फिल्म के बारे में कहा
एटली (Atlee) ने इस प्रोजेक्ट को लेकर एक इमोशनल नोट शेयर किया है। उन्होंने बताया कि ‘राका’ का आइडिया उन्हें 18 साल पहले आया था और वह तब से इस फिल्म पर काम कर रहे हैं। उन्होंने लिखा, ‘राका सिर्फ एक फिल्म नहीं है… ये मेरा ही एक हिस्सा है जिसे मैं सालों से अपने साथ लिए घूम रहा हूं। 18 सालों तक, मैंने इस आइडिया को संभालकर रखा और उसे कभी भी धुंधला नहीं पड़ने दिया। इसने मेरी परीक्षा ली, मुझे तराशा, और हर मुश्किल में मेरे साथ रहा। और सच कहूं तो… यह तो बस शुरुआत है।’फिल्म की कास्ट रिलीज डेट
रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म लगभग 800 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट में बन रही है। इस फिल्म के जरिए पहली बार पर्दे पर अल्लू अर्जुन और दीपिका पादुकोण की जोड़ी साथ नजर आएगी। वहीं रिलीज डेट की बात करें तो यह सट्टा 2027 में रिलीज हो सकती है। -

Allu Arjun के जन्मदिन पर रिलीज हुआ ‘Raaka’ का पोस्टर, नए अवतार में दिखे एक्टर
नई दिल्ली।अल्लू अर्जुन (Allu Arjun) ने अपने जन्मदिन पर फैंस को खास तोहफा दिया। उनकी नई फिल्म का नाम Raaka घोषित किया गया और साथ ही फिल्म का पहला लुक पोस्टर भी जारी किया गया। इससे पहले इस फिल्म को ‘AA22xA6’ के नाम से जाना जा रहा था।फिल्म को मिला नया नाम और पोस्टर
पोस्टर में अल्लू अर्जुन का अवतार बेहद चौंकाने वाला और अलग है। इस किरदार में उनके हाथ भेड़िए जैसी फर से ढके हुए हैं और बड़े नुकीले पंजे नजर आ रहे हैं। उनके चेहरे पर तीखी, काजल वाली आंखें, आधे गंजे और रफ हेयरस्टाइल ने इस लुक को और भी रहस्यमयी बना दिया है।दीपिका पादुकोण का सोशल मीडिया अपडेट
फिल्म का पोस्टर दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) ने भी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया। इससे साफ हो गया कि इस फिल्म में अल्लू अर्जुन के साथ दीपिका पादुकोण भी नजर आएंगी।फिल्म का बजट 700-800 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है और इसे सन पिक्चर्स प्रोड्यूस कर रही है। टीम जल्द ही मुंबई के स्टूडियो में नया शूटिंग शेड्यूल शुरू करेगी और प्रोडक्शन पूरे साल जारी रहने की उम्मीद है।
आलू अर्जुन का करियर और नई फिल्म की उम्मीद
अल्लू अर्जुन ने 2003 में फिल्म गंगोत्री से करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने कई हिट फिल्मों में काम किया, जैसे आर्या, बनी, देशमुदुरु, सरैनोडु और अला वैकुंठपुरमुलु।पुष्पा: द राइज फिल्म में उनके किरदार और स्टाइल को दर्शकों ने खूब सराहा। इस फिल्म ने उन्हें पूरे भारत में सुपरस्टार बना दिया। अब उनकी नई फिल्म Raaka भी लोगों का ध्यान खींच रही है और उनके अनोखे अवतार ने फैंस के उत्साह को और बढ़ा दिया है।
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एक्ट्रेस Zareen Khan की मां का हुआ निधन, लंबे समय से बीमार थीं Parveen Khan
नई दिल्ली। एक्ट्रेस जरीन खान (Zareen Khan) की मां Parveen Khan का निधन हो गया है। वह काफी लंबे समय से बीमार थीं और आज बुधवार, 8 अप्रैल को ही उन्होंने आखिरी सांस ली। जरीन खान की टीम ने उनकी मां के निधन की खबर की पुष्टि की। जरीन खान की मां पिछले कुछ साल में कई बार गंभीर रूप में बीमार हुईं और अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था। वहीं इस बार उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कहा दिया और एक्ट्रेस को अकेला छोड़ गईं।टीम ने जारी किया ऐसा स्टेटमेंट
इस खबर की पुष्टि तब हुई जब एक्ट्रेस की टीम ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करके इसके बारे में सबको जानकारी दी। जरीन खान के मैनेजर पीयूष जैन ने स्टेटमेंट जारी किया, जिसमें कहा, ‘सूचित किया जाता है कि हमारी प्रिय श्रीमती परवीन खान, जरीन खान और सना खान की मां का 8 अप्रैल को निधन हो गया। वह शांतिपूर्वक स्वर्ग सिधार गईं।’ जैसे ही ये खबर सामने आई फैंस और बॉलीवुड के गलियारों में मातम छा गया है।मुंबई के वर्सोवा में हो गया अंतिम संस्कार
बता दें सुबह 10 बजे मुंबई के वर्सोवा में जरीन खान की मां का अंतिम संस्कार कर दिया गया। एक्ट्रेस जरीन कई बार सोशल मीडिया पर अपनी मां के बारे में बात करती नजर आईं। वह फैंस से उनके लिए दुआएं करने को कहती थीं और हाल बताती थीं। जरीन ने मां की देखभाल के लिए कई बार सोशल मीडिया से ब्रेक लिया था।पहले ही छोड़ कर चले गए थे पिता
जरीन खान ने एक एक इंटरव्यू में बताया था कि, उन्होंने और उनके परिवार ने काफी कुछ देखा हैं। उन्होंने इस बात का भी खुलासा किया था कि, मां और छोटी बहन का ख्याल रखने के लिए उन्हें स्कूल के बाद सीधे नौकरी करनी पड़ी थी। एक्ट्रेस ने पिंकविला’ से बात करते हुए कहा था कि, वो एक शाम थी, जिसने हमारी जिंदगी पूरी तरह बदल दी। पापा हमें छोड़कर चले गए। हमारे पास कोई पैसे नहीं थे। एक रात हम सब परिवार के साथ थे, और अचानक मेरी मां फूट-फूट कर रोने लगीं। मैंने उन्हें शांत करने की कोशिश की और समझाया कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है, मैं सब संभाल लूंगी।

