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  • अभिनेत्री सोमी अली का दावा, अभिनेता सलमान खान को प्राइवेट मैसेज भेजकर बिश्नोई समाज से माफी मांगने की दी सलाह।

    अभिनेत्री सोमी अली का दावा, अभिनेता सलमान खान को प्राइवेट मैसेज भेजकर बिश्नोई समाज से माफी मांगने की दी सलाह।


    नई दिल्ली । 
    बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को लगातार मिल रही सुरक्षा संबंधी धमकियों और विवादों के बीच उनकी पूर्व परिचित एवं अभिनेत्री सोमी अली का एक नया बयान सामने आया है। एक हालिया साक्षात्कार में सोमी अली ने दावा किया है कि उन्होंने अभिनेता को उनके निजी नंबर पर एक संदेश भेजा था, जिसमें उन्हें बिश्नोई समाज के मंदिर में जाकर माफी मांगने की सलाह दी गई थी। इस नए दावे के सामने आने के बाद मनोरंजन जगत और सोशल मीडिया पर एक बार फिर से इस विषय को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    नवब्बे के दशक में सोमी अली और सलमान खान का संबंध मीडिया और सिनेमा जगत में काफी सुर्खियों में रहा था। हालांकि बाद में दोनों के रास्ते अलग हो गए थे। इसके बाद से ही सोमी अली विभिन्न अवसरों पर अभिनेता के खिलाफ कई तरह के गंभीर दावे करती रही हैं। वर्तमान परिस्थितियों में जब अभिनेता को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी हुई हैं, ऐसे समय में सोमी अली द्वारा सार्वजनिक रूप से दिए गए इस बयान ने विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है।

    साक्षात्कार के दौरान सोमी अली से पूछा गया कि यदि उनकी अभिनेता से प्रत्यक्ष रूप से बात होती है तो उनकी क्या प्रतिक्रिया होगी। इसके जवाब में उन्होंने बताया कि वह पूर्व में ही उनसे संपर्क करने का प्रयास कर चुकी हैं। सोमी अली के अनुसार, उन्होंने निजी संदेश के माध्यम से अभिनेता से आग्रह किया था कि उन्हें अपने अहंकार को त्यागकर बिश्नोई समाज के धार्मिक स्थल पर जाकर क्षमा याचना करनी चाहिए।

    बातचीत के दौरान जब साक्षात्कारकर्ता ने सोमी अली से यह सवाल किया कि क्या पुरानी बातों को पीछे छोड़कर सामान्य संवाद या मैत्रीपूर्ण ढंग से आगे नहीं बढ़ा जा सकता, तो सोमी अली ने अपनी पुरानी बात पर ही कायम रहने का संकेत दिया। उनका मानना है कि विवादों का स्थायी समाधान और पुरानी शिकायतों का निवारण केवल सार्वजनिक अथवा निष्पक्ष रूप से क्षमा मांगने के बाद ही संभव हो सकता है।

    उल्लेखनीय है कि सलमान खान पिछले काफी समय से कड़े सुरक्षा घेरे में रह रहे हैं और उन्हें लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की ओर से मिल रही धमकियों के कारण लगातार सतर्कता बरतनी पड़ रही है। इस संवेदनशील माहौल के बीच पूर्व परिचित अभिनेत्री का यह नया दावा मीडिया की सुर्खियों में छाया हुआ है। मध्य प्रदेश सहित देश भर के फिल्म प्रेमियों की नजरें इस पूरे मामले पर बनी हुई हैं।

    सोशल मीडिया पर इस नए घटनाक्रम को लेकर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां कुछ लोग इसे पुरानी व्यक्तिगत रंजिश और पब्लिसिटी स्टंट के रूप में देख रहे हैं, वहीं कुछ अन्य लोग इसे मौजूदा सुरक्षा विवाद से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल इस पूरे मामले पर अभिनेता या उनके आधिकारिक प्रतिनिधियों की तरफ से किसी भी प्रकार की कोई औपचारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।

  • चिल मूड में नजर आए सुपरस्टार सलमान खान फैंस के बीच वायरल हुआ थिरकते हुए अनसीन वीडियो

    चिल मूड में नजर आए सुपरस्टार सलमान खान फैंस के बीच वायरल हुआ थिरकते हुए अनसीन वीडियो


    नई दिल्ली । 
    हिंदी सिनेमा के मशहूर अभिनेता सलमान खान का एक अनसीन वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे इस वीडियो में अभिनेता बेहद चिल मूड में नजर आ रहे हैं और अपने लोकप्रिय गाने ‘जीने के हैं चार दिन’ का मशहूर हुक स्टेप रिक्रिएट करते दिख रहे हैं।

    वीडियो क्लिप में सलमान खान नीले रंग की टी-शर्ट और डेनिम जींस के साथ ब्राउन जैकेट और फ्रेंच स्टाइल हैट पहने हुए दिखाई दे रहे हैं। उनके डांस मूव्स को देखकर वहां मौजूद लोग काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं और तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ा रहे हैं।

    हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह वीडियो कब और किस स्थान पर रिकॉर्ड किया गया है। वीडियो के समय और अवसर को लेकर इंटरनेट पर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। फैंस इस वीडियो पर लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और इसे खूब शेयर कर रहे हैं।

    मध्य प्रदेश सहित देशभर में सलमान खान के चाहने वालों के बीच यह वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर उनके इस अंदाज को काफी पसंद किया जा रहा है और प्रशंसक इसे पुरानी यादों से जोड़कर देख रहे हैं।

    आगामी प्रोजेक्ट्स की बात करें तो सलमान खान जल्द ही बड़े पर्दे पर एक पैन-इंडिया एक्शन फिल्म में नजर आने वाले हैं। इसके अलावा वे टेलीविजन के चर्चित रियलिटी शो के आगामी सीजन की मेजबानी के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं जिसका प्रसारण जल्द शुरू होने वाला है।

  • प्रदीप रावत के बेटे विक्रमादित्य ने पिता के अनसुने सपनों का किया खुलासा, बताया क्यों अभिनेता नहीं बनना चाहते थे

    प्रदीप रावत के बेटे विक्रमादित्य ने पिता के अनसुने सपनों का किया खुलासा, बताया क्यों अभिनेता नहीं बनना चाहते थे

    नई दिल्ली ।अभिनेता प्रदीप रावत के निधन के बाद उनके परिवार और प्रशंसकों के बीच उनकी यादें ताजा हैं। हिंदी सिनेमा, दक्षिण भारतीय फिल्मों और टेलीविजन में अपनी अलग पहचान बनाने वाले प्रदीप रावत का 5 अगस्त 2026 को 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन के बाद अब उनके बेटे विक्रमादित्य रावत ने पिता के जीवन से जुड़े कई ऐसे पहलुओं का खुलासा किया है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते थे।

    विक्रमादित्य ने बताया कि उनके पिता का पहला सपना अभिनेता बनना नहीं था। वह बचपन से सेना में जाने की इच्छा रखते थे। उनके दादा भी सैनिक थे और इसी पारिवारिक पृष्ठभूमि का प्रभाव प्रदीप रावत के मन पर पड़ा था। हालांकि, परिस्थितियों के चलते वह सेना में शामिल नहीं हो सके और आगे चलकर उनका जीवन अभिनय की दुनिया की ओर मुड़ गया।

    विक्रमादित्य के मुताबिक, अभिनय उनके पिता के जीवन में एक ऐसे मोड़ के रूप में आया, जिसने आगे चलकर उन्हें देशभर में पहचान दिलाई। उन्होंने अपने काम के जरिए हिंदी सिनेमा के साथ दक्षिण भारतीय फिल्मों और टेलीविजन में भी मजबूत जगह बनाई। अलग-अलग तरह के किरदारों को प्रभावशाली ढंग से निभाने की उनकी क्षमता दर्शकों के बीच उनकी खास पहचान बनी।

    प्रदीप रावत को बीआर चोपड़ा के लोकप्रिय धारावाहिक महाभारत में अश्वत्थामा के किरदार से घर-घर में पहचान मिली। इस भूमिका ने उनके अभिनय करियर को एक मजबूत आधार दिया। इसके बाद उन्होंने फिल्मों में भी कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली भूमिकाएं निभाईं। आमिर खान की फिल्म गजनी में उनका किरदार विशेष रूप से चर्चित रहा और इस भूमिका ने नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच भी उन्हें पहचान दिलाई।

    विक्रमादित्य ने अपने पिता के व्यक्तित्व की एक और खास बात साझा करते हुए कहा कि वह बेहद आत्मनिर्भर स्वभाव के व्यक्ति थे। वह मुश्किल परिस्थितियों में भी दूसरों से मदद मांगने के बजाय अपनी मेहनत और क्षमता पर भरोसा करते थे। उनके लिए आत्मसम्मान और खुद के दम पर आगे बढ़ना जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा था।

    उन्होंने बताया कि उनके पिता हमेशा मेहनत करने और ईश्वर पर विश्वास रखने की बात कहते थे। उनका मानना था कि इंसान के हाथ में केवल अपना प्रयास होता है, जबकि परिणाम हमेशा उसके नियंत्रण में नहीं होता। इसलिए व्यक्ति को ईमानदारी से अपना काम करते रहना चाहिए और इसके बाद मिलने वाले परिणाम को स्वीकार करना चाहिए। यही सोच उनके जीवन और व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा रही।

    विक्रमादित्य ने यह भी बताया कि उनके पिता की एक बड़ी इच्छा थी कि वह अपने बेटे को फिल्मी दुनिया में एक सफल कलाकार के रूप में देखें। प्रदीप रावत चाहते थे कि उनका बेटा भी अभिनय के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाए और बड़ा नाम हासिल करे। अब विक्रमादित्य ने पिता के इस सपने को पूरा करने का संकल्प जताया है।

    प्रदीप रावत के निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई। वह बीमारी का इलाज करा रहे थे और उनके जीवन के अंतिम दौर में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ गई थीं। उनके निधन के बाद बेटे द्वारा साझा की गई यादों ने उनके प्रशंसकों को उनके अभिनय के साथ-साथ उनके निजी व्यक्तित्व और जीवन मूल्यों को भी करीब से समझने का अवसर दिया है।

  • स्वतंत्रता दिवस पर रिलीज हुई इन बड़ी फिल्मों ने की ताबड़तोड़ कमाई, बदल दिए कलेक्शन के आंकड़े

    स्वतंत्रता दिवस पर रिलीज हुई इन बड़ी फिल्मों ने की ताबड़तोड़ कमाई, बदल दिए कलेक्शन के आंकड़े

    नई दिल्ली ।भारतीय फिल्म उद्योग के लिए 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस का अवसर व्यापारिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। देश भर में राष्ट्रीय पर्व के जश्न और लंबे सप्ताहांत की छुट्टियों का लाभ उठाने के लिए निर्माता इस खास दिन अपनी बड़ी फिल्मों को सिनेमाघरों में प्रदर्शित करना पसंद करते हैं। बीते वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदर्शित हुई कई फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

    स्वतंत्रता दिवस पर प्रदर्शित होकर भारतीय सिनेमा के इतिहास में नया मुकाम हासिल करने वाली फिल्मों में वर्ष 1975 में रिलीज हुई ‘शोले’ सबसे ऊपर है। अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र के मुख्य अभिनय वाली इस बहुचर्चित फिल्म का निर्माण लगभग ढाई करोड़ रुपये की लागत से किया गया था। शुरुआती दिनों में धीमी गति से व्यापार करने के बाद इस फिल्म ने जबरदस्त वापसी की और उस दौर में 15 से 35 करोड़ रुपये तक का रिकॉर्ड कारोबार किया, जिसकी तुलना आज के समय में ढाई सौ से तीन सौ करोड़ रुपये के व्यापार से की जाती है।

    खेल और देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत फिल्म ‘चक दे इंडिया’ भी अगस्त 2007 में प्रदर्शित हुई थी। महिला हॉकी टीम पर आधारित इस कहानी को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। लगभग 22 करोड़ रुपये के सीमित बजट में तैयार हुई इस फिल्म ने दुनिया भर में करीब 91 करोड़ रुपये का शानदार व्यावसायिक संग्रह किया था, जिसने मुख्य अभिनेता शाहरुख खान के अभिनय को एक नई पहचान दी।

    वर्ष 2012 के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदर्शित हुई स्पाई थ्रिलर फिल्म ‘एक था टाइगर’ ने बॉक्स ऑफिस पर कमाई के नए आयाम स्थापित किए। लगभग 75 करोड़ रुपये के खर्च से बनी इस एक्शन फिल्म ने सिनेमाघरों में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करते हुए करीब 350 करोड़ रुपये का विशाल कलेक्शन दर्ज किया। यह फिल्म मुख्य अभिनेता सलमान खान के करियर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुई।

    इसके बाद वर्ष 2014 में 15 अगस्त के अवसर पर एक्शन से भरपूर फिल्म ‘सिंघम रिटर्न्स’ सिनेमाघरों में पहुंची। लगभग 70 करोड़ रुपये के बजट में निर्मित इस फिल्म ने अपने जबरदस्त एक्शन दृश्यों के बल पर दर्शकों को आकर्षित किया और कुल 220 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर व्यावसायिक रूप से बड़ी सफलता दर्ज की।

    हाल के वर्षों में 15 अगस्त के मौके का सबसे बड़ा फायदा फिल्म ‘गदर 2’ को मिला। करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस सीक्वल फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अप्रत्याशित सफलता हासिल की। फिल्म ने दुनिया भर में लगभग 690 करोड़ रुपये का भारी-भरकम व्यापार किया और अभिनेता सनी देओल की सिनेमा में मजबूत वापसी दर्ज कराई। इस तरह स्वतंत्रता दिवस का अवसर हमेशा से फिल्म निर्माताओं के लिए व्यापारिक लाभ का बड़ा जरिया रहा है।

  • मृणाल ठाकुर और यशस्वी जायसवाल के रिश्ते की चर्चा पर एक्ट्रेस ने किया कमेंट, कहा- बिना पुष्टि के खबरों को सच न मानें

    मृणाल ठाकुर और यशस्वी जायसवाल के रिश्ते की चर्चा पर एक्ट्रेस ने किया कमेंट, कहा- बिना पुष्टि के खबरों को सच न मानें


    नई दिल्ली ।
    बॉलीवुड अभिनेत्री मृणाल ठाकुर और क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल के बीच डेटिंग की चर्चाएं पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर चल रही हैं। दोनों के एक ही कैफे से अलग-अलग समय पर बाहर निकलने का एक वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके रिश्ते को लेकर अटकलें लगाई जाने लगीं। इसके बाद मृणाल ठाकुर ने इस चर्चा पर प्रतिक्रिया दी है और लोगों से किसी वीडियो या पोस्ट के आधार पर अफवाहों को सच मानने से बचने की बात कही है।

    मृणाल ठाकुर की प्रतिक्रिया एक सोशल मीडिया पोस्ट के कमेंट सेक्शन में सामने आई। इस पोस्ट में अभिनेत्री और यशस्वी जायसवाल को लेकर डेटिंग से जुड़ी बात कही गई थी। मृणाल ने सवाल किया कि सिर्फ एक ही जगह पर दिखाई देने के आधार पर दो लोगों को एक साथ कैसे माना जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को सोशल मीडिया पर चल रही ऐसी बातों को तुरंत सच नहीं मानना चाहिए।

    अभिनेत्री ने अपनी प्रतिक्रिया में सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों की ओर भी दिलाया। उन्होंने कहा कि देश में कई महत्वपूर्ण विषय चल रहे हैं और लोगों को सही मुद्दों पर वीडियो बनाने पर ध्यान देना चाहिए। इस टिप्पणी के बाद उनकी प्रतिक्रिया भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है।

    मृणाल ठाकुर और यशस्वी जायसवाल की उम्र में करीब 10 साल का अंतर बताया जा रहा है। मृणाल की उम्र 34 वर्ष और यशस्वी की उम्र 24 वर्ष है। इसी वजह से दोनों के कथित रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की चर्चाएं हुईं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोनों की ओर से किसी रिश्ते की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मृणाल की प्रतिक्रिया भी डेटिंग की पुष्टि नहीं करती, बल्कि वह ऐसी अटकलों पर सवाल उठाती है।

    यह पूरा मामला एक वायरल वीडियो के बाद शुरू हुआ। वीडियो में दोनों को मुंबई के बांद्रा इलाके में स्थित एक ही कैफे से बाहर निकलते हुए देखा गया था। इसके बाद कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दोनों के बीच रिश्ते की संभावना जताई गई। इसी आधार पर डेटिंग की खबरें फैलने लगीं। मृणाल की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद अब चर्चा का केंद्र उनके कथित रिश्ते की पुष्टि के बजाय अफवाहों पर अभिनेत्री का रुख बन गया है।

    मृणाल ठाकुर इससे पहले भी अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चाओं में रही हैं। उनका नाम अभिनेता धनुष के साथ भी जोड़ा गया था। उस समय भी अभिनेत्री ने ऐसी खबरों को गलत बताया था। इस बार यशस्वी जायसवाल के साथ नाम जुड़ने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर ही अपनी बात रखी है।

    मृणाल ठाकुर और यशस्वी जायसवाल दोनों अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय हैं। मृणाल फिल्मों में काम करती हैं, जबकि यशस्वी भारतीय क्रिकेट में अपनी जगह बना चुके हैं। दोनों के बीच किसी व्यक्तिगत रिश्ते की पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है। ऐसे में एक साथ किसी स्थान पर नजर आने या सोशल मीडिया पर सामने आई पोस्ट के आधार पर उनके रिश्ते के बारे में निश्चित निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। अभी तक इस मामले में मृणाल की प्रतिक्रिया ही सामने आई है, जिसमें उन्होंने डेटिंग की अटकलों को लेकर लोगों से सवाल किया है।

  • स्वरा भास्कर को डेंगू के बाद अस्पताल में कराया गया भर्ती, सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए खुद दी बीमारी की जानकारी

    स्वरा भास्कर को डेंगू के बाद अस्पताल में कराया गया भर्ती, सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए खुद दी बीमारी की जानकारी

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभिनेत्री ने खुद सोशल मीडिया के जरिए अपनी हेल्थ अपडेट साझा करते हुए बताया कि वह डेंगू से संक्रमित हो गई हैं। अस्पताल के बेड से तस्वीर सामने आने के बाद उनके प्रशंसकों में चिंता बढ़ गई और सोशल मीडिया पर लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। हालांकि अभिनेत्री ने अपनी तबीयत को लेकर अभी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।

    स्वरा भास्कर ने अस्पताल से अपनी एक तस्वीर इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट की। इस तस्वीर के साथ उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में अपनी स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डेंगू होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है। उनकी पोस्ट सामने आने के बाद प्रशंसकों और चाहने वालों ने सोशल मीडिया पर उनके जल्द ठीक होने की कामना की। फिलहाल वह डॉक्टरों की निगरानी में इलाज करा रही हैं।

    बारिश के मौसम में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के मामले बढ़ने के बीच स्वरा भास्कर के अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आई है। इस मौसम में मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है और कई इलाकों में लोग इससे प्रभावित होते हैं। स्वरा के साथ ही टीवी अभिनेत्री अविका गौर की तबीयत खराब होने की खबर भी हाल में सामने आई है, जिसके बाद उनके प्रशंसक भी चिंतित हैं।

    स्वरा भास्कर के वर्कफ्रंट की बात करें तो वह हाल ही में टेलीविजन शो ‘पति पत्नी और पंगा’ में नजर आई थीं। इस कार्यक्रम में उन्होंने अपने पति फहाद अहमद के साथ हिस्सा लिया था। अभिनेत्री सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहती हैं और अपनी निजी जिंदगी के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय साझा करती रही हैं। फिलहाल उनके किसी नए फिल्म प्रोजेक्ट को लेकर आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।

    इसी बीच अभिनेत्री अविका गौर की तबीयत खराब होने की जानकारी भी सामने आई है। उनके पति मिलिंद चांदवानी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर बताया था कि अविका को पिछले कुछ दिनों से तेज बुखार था। उनका तापमान 103 से 104 डिग्री फॉरेनहाइट तक पहुंच गया था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानकारी के मुताबिक, तबीयत खराब होने के बावजूद अविका ने अपने काम को जारी रखा और जिस प्रोजेक्ट की शूटिंग शुरू की थी, उसका बचा हुआ काम भी पूरा किया।

    स्वरा भास्कर की ओर से अस्पताल से साझा की गई तस्वीर के बाद उनके प्रशंसक उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। अभिनेत्री ने फिलहाल अपनी स्थिति से जुड़ी सीमित जानकारी ही साझा की है। ऐसे में उनके स्वास्थ्य को लेकर आगे की जानकारी उनके या परिवार की ओर से मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल सोशल मीडिया पर फैंस उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं।

  • स्पाइडर-मैन की आंधी में फीकी पड़ी राघव जुयाल की फिल्म, छह दिनों में सिर्फ 1 करोड़ का आंकड़ा पार कर पाई

    स्पाइडर-मैन की आंधी में फीकी पड़ी राघव जुयाल की फिल्म, छह दिनों में सिर्फ 1 करोड़ का आंकड़ा पार कर पाई


    नई दिल्ली ।
    बॉलीवुड अभिनेता राघव जुयाल की फिल्म ‘भाई तेरा स्टार है’ बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों को आकर्षित करने में संघर्ष करती नजर आ रही है। फिल्म की शुरुआत बेहद कमजोर रही और रिलीज के पहले दिन ही यह महज 25 लाख रुपये की कमाई कर सकी। इसके बाद भी फिल्म के कलेक्शन में कोई बड़ा सुधार देखने को नहीं मिला। छह दिनों के भीतर फिल्म की कुल कमाई करीब 1.02 करोड़ रुपये तक ही पहुंच पाई है। दूसरी ओर हॉलीवुड फिल्म ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है, जिसका असर भारतीय फिल्म के प्रदर्शन पर भी दिखाई दे रहा है।

    राघव जुयाल की यह पहली सोलो लीड फिल्म बताई जा रही है, जिससे काफी उम्मीदें जुड़ी थीं। हालांकि, रिलीज के बाद मिले कमजोर रिव्यू और दर्शकों की कम प्रतिक्रिया के कारण फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। फिल्म के कलेक्शन में शुरुआती दिनों से ही गिरावट दर्ज की गई। पहले दिन जहां फिल्म ने 25 लाख रुपये कमाए, वहीं दूसरे दिन भी कमाई लगभग इतनी ही रही। तीसरे दिन कलेक्शन घटकर 20 लाख रुपये और चौथे दिन करीब 21 लाख रुपये रहा।

    वीकेंड के बाद फिल्म की कमाई में भारी गिरावट देखने को मिली। पांचवें दिन फिल्म सिर्फ 6 लाख रुपये का कारोबार कर सकी, जबकि छठे दिन यह आंकड़ा और गिरकर करीब 5 लाख रुपये रह गया। लगातार कम होते कलेक्शन के कारण फिल्म की स्क्रीन संख्या भी घटकर लगभग 300 के आसपास रह गई है। इससे आने वाले दिनों में फिल्म की कमाई बढ़ने की संभावनाएं और कम हो गई हैं।

    ‘भाई तेरा स्टार है’ का बजट करीब 20 से 25 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। मौजूदा रफ्तार को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि फिल्म का पहला हफ्ता भी 1.2 करोड़ रुपये से कम के कलेक्शन पर खत्म हो सकता है। अगर यही स्थिति आगे भी बनी रही तो फिल्म की कुल कमाई 1.5 करोड़ रुपये के आसपास ही सीमित रह सकती है। ऐसे में फिल्म के लिए अपनी लागत निकालना बेहद मुश्किल दिखाई दे रहा है।

    फिल्म की कमजोर कमाई के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। सबसे बड़ा कारण दर्शकों की ओर से मिली सीमित प्रतिक्रिया और बड़े स्तर पर रिलीज हुई हॉलीवुड फिल्म से मिली चुनौती है। ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ के प्रति दर्शकों में उत्साह देखने को मिल रहा है, जिसके कारण कई सिनेमाघरों में शो की प्राथमिकता भी बदल गई है। इसका सीधा असर छोटे बजट और सीमित प्रचार वाली फिल्मों पर पड़ता है।

    ‘भाई तेरा स्टार है’ का निर्देशन और निर्माण विवेक बी अग्रवाल ने किया है। फिल्म में राघव जुयाल के अलावा निकी वालिया, संजय कपूर, निहारिका एनएम, विवान भटेना और टीना देसाई जैसे कलाकार नजर आए हैं। फिल्म की कहानी और कलाकारों की मौजूदगी के बावजूद बॉक्स ऑफिस पर इसे मजबूत शुरुआत नहीं मिल सकी।

    फिल्म इंडस्ट्री में किसी भी फिल्म की सफलता के लिए शुरुआती दिनों की कमाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। राघव जुयाल की फिल्म के मामले में शुरुआती प्रदर्शन कमजोर रहने के बाद अब दूसरे सप्ताह में स्क्रीन संख्या बनाए रखना भी चुनौती बन सकता है। आने वाले दिनों में फिल्म की कमाई में कितना सुधार होता है, यह दर्शकों की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।

  • मोहम्मद रफी की आवाज का ऐसा जादू, बिना इंटरनेट के 26 भाषाओं में गूंजे गीत और बनी विश्व पहचान

    मोहम्मद रफी की आवाज का ऐसा जादू, बिना इंटरनेट के 26 भाषाओं में गूंजे गीत और बनी विश्व पहचान

    नई दिल्ली । भारतीय संगीत जगत के महानतम पार्श्वगायकों में शामिल मोहम्मद रफी की आवाज का जादू आज भी करोड़ों लोगों के दिलों में कायम है। जिस दौर में न इंटरनेट था, न सोशल मीडिया और न ही डिजिटल प्लेटफॉर्म, उस समय रफी साहब की आवाज सीमाओं को पार करते हुए दुनिया के कई हिस्सों तक पहुंच चुकी थी। 1940 के दशक में अपने गायन सफर की शुरुआत करने वाले मोहम्मद रफी ने कई दशकों तक भारतीय सिनेमा को अपनी सुरीली आवाज से समृद्ध किया और हर तरह के गीतों को अपनी गायकी से यादगार बना दिया।

    मोहम्मद रफी की खासियत यह थी कि वह हर भावना को अपनी आवाज में पूरी गहराई के साथ उतार देते थे। रोमांटिक गीतों से लेकर दर्द भरे नगमों, भजनों, कव्वालियों और देशभक्ति गीतों तक उन्होंने अपनी गायकी की अलग पहचान बनाई। उनकी आवाज में ऐसी मिठास और भावनात्मक प्रभाव था कि हर उम्र के श्रोता उनसे जुड़ जाते थे। यही वजह है कि कई दशक गुजर जाने के बाद भी उनके गीतों की लोकप्रियता कम नहीं हुई है।

    रफी साहब की गायकी केवल हिंदी फिल्मों तक सीमित नहीं रही। उन्होंने अपने करियर में करीब 26 भाषाओं में गीत रिकॉर्ड किए। इनमें हिंदी, उर्दू, पंजाबी, बंगाली, मराठी, गुजराती, भोजपुरी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और ओड़िया जैसी भारतीय भाषाओं के अलावा अंग्रेजी, फारसी, स्पेनिश, डच और क्रियोल जैसी विदेशी भाषाएं भी शामिल थीं। यह उपलब्धि उस समय और भी बड़ी मानी जाती है, जब तकनीक और संचार के साधन आज की तरह विकसित नहीं थे।

    उनकी विदेशी भाषाओं में रिकॉर्ड की गई कुछ प्रस्तुतियां हिंदी फिल्मों के लोकप्रिय गीतों की धुनों पर आधारित थीं। फिल्म ‘गुमनाम’ के चर्चित गीत ‘हम काले हैं तो क्या हुआ दिलवाले हैं’ की धुन पर उन्होंने अंग्रेजी गीत भी रिकॉर्ड किया था। इसी तरह फिल्म ‘सूरज’ के सदाबहार गीत ‘बहारों फूल बरसाओ’ की धुन पर भी उन्होंने अंग्रेजी में गीत गाया था। यह दिखाता है कि उनकी आवाज की पहुंच केवल भारतीय श्रोताओं तक नहीं थी।

    मोहम्मद रफी से जुड़ा एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि उन्होंने फिल्मों के अलावा विज्ञापनों के लिए भी अपनी आवाज दी थी। 1950 के दशक में उन्होंने बर्मा शेल ऑयल कंपनी के लिए एक जिंगल रिकॉर्ड किया था, जिसका इस्तेमाल रेडियो विज्ञापन के रूप में किया जाता था। उस समय रेडियो ही लोगों तक पहुंचने का सबसे बड़ा माध्यम था और रफी साहब की आवाज ने उस विज्ञापन को भी खास बना दिया था।

    इसके अलावा उन्होंने कुछ सरकारी अभियानों और अन्य विशेष परियोजनाओं के लिए भी अपनी आवाज का योगदान दिया। हालांकि, उनकी सबसे बड़ी पहचान हमेशा भारतीय फिल्मों के उन हजारों गीतों से रही, जो आज भी संगीत प्रेमियों के बीच लोकप्रिय हैं।

    मोहम्मद रफी केवल एक गायक नहीं थे, बल्कि भारतीय संगीत की ऐसी विरासत हैं, जिसने भाषा और भौगोलिक सीमाओं को पार किया। उनकी आवाज में मौजूद भावनाओं और सुरों की गहराई ने उन्हें दुनिया भर में सम्मान दिलाया। आज भी उनकी गायकी नई पीढ़ी को प्रेरित करती है और उनके गीत भारतीय संगीत इतिहास की अमूल्य धरोहर बने हुए हैं।

  • कोयला माफिया और अपराध की कहानी ने रचा इतिहास, गैंग्स ऑफ वासेपुर 2 के कलाकारों को मिली नई पहचान

    कोयला माफिया और अपराध की कहानी ने रचा इतिहास, गैंग्स ऑफ वासेपुर 2 के कलाकारों को मिली नई पहचान

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो रिलीज के लंबे समय बाद भी दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाए रखती हैं। अनुराग कश्यप की फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर 2 भी ऐसी ही फिल्मों में शामिल है, जिसने अपराध, राजनीति और कोयला माफिया की पृष्ठभूमि पर बनी कहानी से हिंदी सिनेमा में एक अलग पहचान बनाई। करीब 14 साल बाद भी यह फिल्म अपने किरदारों, संवादों और अनोखे अंदाज के कारण दर्शकों के बीच चर्चा में बनी हुई है।

    फिल्म का सबसे चर्चित किरदार फैजल खान रहा, जिसे अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने निभाया था। यह किरदार उनके करियर का ऐसा मोड़ साबित हुआ जिसने उन्हें एक प्रतिभाशाली कलाकार से आगे बढ़ाकर देश के सबसे भरोसेमंद अभिनेताओं में शामिल कर दिया। फैजल खान की शांत लेकिन प्रभावशाली शैली, उनकी नजरों का आत्मविश्वास और संवाद बोलने का अलग अंदाज दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ।

    गैंग्स ऑफ वासेपुर 2 की खासियत यह थी कि फिल्म ने अपराध की दुनिया को केवल हिंसा के रूप में नहीं दिखाया, बल्कि उसके पीछे की सामाजिक परिस्थितियों, पारिवारिक संघर्षों और सत्ता की राजनीति को भी सामने रखा। कोयला खदानों, स्थानीय वर्चस्व और पीढ़ियों से चले आ रहे संघर्षों की कहानी ने फिल्म को आम अपराध आधारित फिल्मों से अलग पहचान दी।

    नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने फैजल खान के किरदार में जिस तरह की सहजता दिखाई, उसने अभिनय की नई मिसाल पेश की। उनके चेहरे के भाव, संवादों के बीच ठहराव और छोटे-छोटे हावभाव ने किरदार को बेहद वास्तविक बना दिया। फिल्म में उनका अभिनय इतना प्रभावशाली रहा कि फैजल खान आज भी हिंदी सिनेमा के यादगार किरदारों में गिना जाता है।

    इस फिल्म ने न सिर्फ नवाजुद्दीन सिद्दीकी को नई पहचान दी, बल्कि इसमें काम करने वाले कई कलाकारों के करियर को भी मजबूती मिली। फिल्म की कहानी, निर्देशन, अभिनय और प्रस्तुति की खूब प्रशंसा हुई। गैंग्स ऑफ वासेपुर 2 ने फिल्मफेयर समेत कई पुरस्कारों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और इसे आधुनिक भारतीय सिनेमा की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल किया गया।

    फिल्म की सफलता के बाद नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर अपनी अभिनय क्षमता साबित की। उन्होंने द लंचबॉक्स, बदलापुर, मंटो, सीरियस मेन जैसी फिल्मों और कई वेब सीरीज में अपनी अलग छाप छोड़ी। उनकी सबसे बड़ी ताकत यह रही कि उन्होंने खुद को किसी एक तरह के किरदार तक सीमित नहीं रखा और हर भूमिका में नई ऊर्जा दिखाई।

    एक ऐसे दौर में जब हिंदी सिनेमा में बड़े सितारों और भव्य प्रस्तुतियों का दबदबा था, गैंग्स ऑफ वासेपुर 2 ने साबित किया कि मजबूत कहानी और दमदार अभिनय भी दर्शकों को आकर्षित कर सकते हैं। फिल्म ने छोटे शहरों की कहानियों और स्थानीय किरदारों को मुख्यधारा में जगह दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    14 साल बाद भी गैंग्स ऑफ वासेपुर 2 का प्रभाव कम नहीं हुआ है। फैजल खान का किरदार आज भी सोशल मीडिया और दर्शकों के बीच चर्चा में रहता है। नवाजुद्दीन सिद्दीकी की यह भूमिका उनके अभिनय सफर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जाती है।

    भारतीय सिनेमा में ऐसी फिल्में कम बनती हैं जो समय बीतने के बाद भी अपनी प्रासंगिकता बनाए रखें। गैंग्स ऑफ वासेपुर 2 ने न केवल अपराध और समाज की जटिलताओं को दिखाया, बल्कि यह भी साबित किया कि एक मजबूत किरदार किसी कलाकार के पूरे करियर की दिशा बदल सकता है।

  • प्रदीप रावत ने बताया था क्यों छोड़ा सलमान खान का साथ, वर्षों बाद मुलाकात में गले लगाकर जताया अपनापन

    प्रदीप रावत ने बताया था क्यों छोड़ा सलमान खान का साथ, वर्षों बाद मुलाकात में गले लगाकर जताया अपनापन


    नई दिल्ली ।
    दिवंगत अभिनेता प्रदीप रावत के निधन के बाद उनके जीवन से जुड़े कई पुराने किस्से एक बार फिर चर्चा में हैं। इन्हीं में से एक किस्सा अभिनेता सलमान खान के साथ उनकी गहरी दोस्ती का है। प्रदीप रावत ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि संघर्ष के दिनों में वह करीब छह महीने तक सलमान खान के घर रहे थे। उस दौरान दोनों के बीच बेहद मजबूत दोस्ती थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपने करियर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए खुद ही सलमान से दूरी बना ली थी।

    प्रदीप रावत ने बताया था कि उनकी और सलमान खान की दोस्ती फिल्म ‘बागी’ के दौरान शुरू हुई थी। शुरुआती मुलाकातों के बाद दोनों के बीच अच्छा तालमेल बन गया। दोनों को फिटनेस का शौक था और अक्सर साथ समय बिताते थे। धीरे-धीरे स्थिति ऐसी हो गई कि सलमान खान उन्हें अपने घर से वापस जाने ही नहीं देते थे। वह वहीं रहते, खाना खाते, व्यायाम करते और कई बार साथ में सामाजिक कार्यक्रमों में भी शामिल होते थे।

    उन्होंने बताया था कि उस दौर में सलमान खान ने उनका हर तरह से साथ दिया। बड़े आयोजनों में जाने के लिए यदि उनके पास उपयुक्त कपड़े नहीं होते थे तो उनकी भी व्यवस्था कराई जाती थी। प्रदीप रावत के अनुसार, सलमान खान हमेशा अपने दोस्तों का पूरा ध्यान रखते थे और जरूरत के समय बिना किसी संकोच के मदद करते थे। उन्होंने सलमान को बड़े दिल वाला और अपने लोगों का ख्याल रखने वाला इंसान बताया था।

    हालांकि कुछ समय बाद प्रदीप रावत ने महसूस किया कि वह इस आरामदायक जीवनशैली के अभ्यस्त होते जा रहे हैं। उन्हें लगा कि यदि वह इसी माहौल में लंबे समय तक रहे तो अपने व्यक्तिगत संघर्ष और करियर की दिशा से भटक सकते हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने खुद को सलमान के करीब रहने वाले दायरे से अलग करने का फैसला किया और अपने अभिनय करियर पर पूरा ध्यान देना शुरू किया।

    कई वर्षों तक दोनों के बीच मुलाकात नहीं हुई। बाद में एक दिन सड़क पर अचानक दोनों आमने-सामने आ गए। प्रदीप रावत ने बताया था कि सलमान खान ने उन्हें देखते ही अपनी गाड़ी रोक दी और उनसे गले मिलकर पूछा कि वह इतने वर्षों से कहां थे। इस मुलाकात ने दोनों की पुरानी दोस्ती की यादें फिर ताजा कर दीं। प्रदीप के अनुसार, सलमान उनसे नाराज जरूर थे कि उन्होंने बिना बताए दूरी बना ली थी, लेकिन उनके व्यवहार में अपनापन पहले जैसा ही था।

    प्रदीप रावत ने अपने संघर्ष के दिनों का एक और प्रसंग साझा करते हुए बताया था कि जब वह बैंक में नौकरी करते थे, तब सलमान खान उनसे मिलने वहां भी पहुंच जाते थे और उनके काम खत्म होने तक बैठकर इंतजार करते थे। उन्होंने यह भी बताया था कि बाद में एक फिल्म के हिंदी संस्करण के लिए उन्होंने निर्देशक को सलमान खान के बजाय आमिर खान का नाम सुझाया था। उनके अनुसार, यह फैसला पूरी तरह पेशेवर सोच के आधार पर लिया गया था और इसका उनकी निजी दोस्ती से कोई संबंध नहीं था। आज प्रदीप रावत के निधन के बाद उनकी और सलमान खान की यह दोस्ती तथा उससे जुड़ी यादें एक बार फिर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं।