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  • आशा भोसले जयंती पर याद आए उनके अनसुने किस्से, गायिकी के साथ खाना बनाने में भी माहिर थीं ताई, लता दीदी पर भी चिल्लाई थीं

    आशा भोसले जयंती पर याद आए उनके अनसुने किस्से, गायिकी के साथ खाना बनाने में भी माहिर थीं ताई, लता दीदी पर भी चिल्लाई थीं

    नई दिल्ली । ‘अभी न जाओ छोड़कर कि दिल अभी भरा नहीं’ जैसे सदाबहार गीतों से लोगों के दिलों में अपनी खास जगह बनाने वालीं आशा भोसले की आज 93वीं जयंती है। इस साल यह पहला जन्मदिन है जब आशा ताई हमारे बीच मौजूद नहीं हैं। उन्होंने अपने जन्मदिन से करीब पांच महीने पहले 12 अप्रैल 2026 को दुनिया को अलविदा कह दिया था। अपनी मखमली आवाज से सिनेमाई दुनिया में हजारों गाने देने वाली आशा भोसले की जिंदगी में संघर्ष से लेकर सफलता तक कई दिलचस्प पड़ाव आए।

    आशा भोसले का जन्म संगीत से जुड़े परिवार में हुआ था। उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर मशहूर थिएटर कलाकार और शास्त्रीय गायक थे। आशा का बचपन सुरों और संगीत के माहौल में बीता। जब वह महज 9 साल की थीं, तब उनके पिता का निधन हो गया। इसके बाद परिवार आर्थिक संकट में घिर गया और जीवनयापन के लिए पुणे और कोल्हापुर से होते हुए परिवार मुंबई आ गया।

    कम उम्र में ही परिवार की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाने के लिए आशा भोसले ने गायकी की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने महज 10 साल की उम्र में मराठी फिल्म ‘मझा बल’ के लिए ‘चला चला नव बाला’ गाना गाया था। साल 1943 में रिकॉर्ड किया गया यह गीत उनके शुरुआती फिल्मी सफर का अहम पड़ाव बना। आगे चलकर उन्होंने हिंदी सहित कई भाषाओं में हजारों गीत गाए और लोकगीत, गजल, शास्त्रीय संगीत, कव्वाली और बॉलीवुड गीतों में अपनी अलग पहचान बनाई।

    करियर के शुरुआती दौर में आशा भोसले को काफी संघर्ष करना पड़ा। उस समय गीता दत्त, शमशाद बेगम और लता मंगेशकर का दबदबा था। कई बार जब दूसरी गायिकाएं किसी गाने को छोड़ देती थीं, तब वह आशा को मिलता था। इसी वजह से 1950 के दशक में उन्होंने वैम्प्स और बैड गर्ल्स के किरदारों के लिए कई गाने गाए। इस दौर में यह अफवाह भी रही कि आशा अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर को प्रतिद्वंद्वी मानती थीं।

    हालांकि दोनों बहनों के बीच रिश्ता बेहद खास था। एक इंटरव्यू में आशा ने बताया था कि फिल्म ‘बसंत बहार’ के गीत ‘कर गया रे मुझपे जादू’ की रिकॉर्डिंग के दौरान वह लता दीदी पर चिल्ला पड़ी थीं। दोनों इस राग भैरवी आधारित गीत की कई बार रिहर्सल कर चुकी थीं। रिकॉर्डिंग के दिन आशा को एक और गाना रिकॉर्ड करने जाना था। करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बाद उन्होंने रिहर्सल रूम में जाकर लता से कहा कि अब चलिए, वह और इंतजार नहीं कर सकतीं। इसके बाद लता ने मुस्कुराकर उनका गुस्सा शांत किया और दोनों रिकॉर्डिंग के लिए चली गईं।

    आशा भोसले की जिंदगी में निजी उतार-चढ़ाव भी रहे। 16 साल की उम्र में उन्होंने गणपत राव भोसले से शादी की। शादी के बाद उन्हें परिवार से दूरियां भी झेलनी पड़ीं। बाद में 1960 में वह अपने बच्चों के साथ मां के घर लौट आईं। इसके बाद उन्होंने फिर से गायकी शुरू की। आगे चलकर उनकी मुलाकात राहुल देव बर्मन यानी आरडी बर्मन से हुई और दोनों ने 1980 में शादी कर ली। आरडी बर्मन ने 4 जनवरी 1994 को कार्डियक अरेस्ट के कारण अंतिम सांस ली।

    गायकी के अलावा आशा भोसले को खाना बनाने का भी बेहद शौक था। वह स्वादिष्ट व्यंजन बनाने में माहिर थीं और उनके हाथ का कढ़ाई गोश्त और बिरयानी बेहद पसंद किए जाते थे। उन्होंने खुद बताया था कि अगर वह गायिका नहीं बनतीं तो अच्छी कुक बनकर पैसे कमातीं। उन्होंने विदेश में अपने नाम से रेस्तरां भी खोले थे। यही वजह है कि आशा ताई की पहचान केवल सुरों की महारानी के रूप में नहीं, बल्कि बेहतरीन पाक कला के लिए भी रही।

    आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हुआ। उनका आखिरी गाना ‘द शैडोई लाइट’ था, जिसे उन्होंने गोरिल्लाज के साथ रिकॉर्ड किया था और यह 27 फरवरी 2026 को रिलीज हुआ था। उनकी आवाज, संघर्ष और जिंदगी से जुड़े किस्से आज भी उन्हें संगीत प्रेमियों के बीच हमेशा खास बनाए रखते हैं।

  • ‘हनुमान अंश’ की कमाई ने 31वें दिन पकड़ी रफ्तार, 22.75 करोड़ कलेक्शन के साथ फिल्म ने बनाए कई बड़े रिकॉर्ड

    ‘हनुमान अंश’ की कमाई ने 31वें दिन पकड़ी रफ्तार, 22.75 करोड़ कलेक्शन के साथ फिल्म ने बनाए कई बड़े रिकॉर्ड


    नई दिल्ली । ‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। फिल्म की कमाई में हर गुजरते दिन के साथ तेजी देखने को मिल रही है। रिलीज के 31वें दिन फिल्म ने ऐसा कलेक्शन किया, जिसने कई बड़ी फिल्मों के 31वें दिन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। फिल्म अब तक 120 करोड़ रुपये से ज्यादा का नेट कलेक्शन कर चुकी है और बॉक्स ऑफिस पर इसकी पकड़ मजबूत बनी हुई है।

    31वें दिन फिल्म ने 22.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इस दौरान फिल्म को 7077 शोज मिले और इसकी ऑक्यूपेंसी 73 प्रतिशत रही। 31वें दिन की कमाई के मामले में फिल्म ने ‘धुरंधर’, ‘छावा’, ‘उरी’, ‘स्त्री 2’, ‘धुरंधर 2’, ‘महावतार नरसिम्हा’, ‘पुष्पा 2’, ‘तान्हाजी’ और ‘बाहुबली 2’ जैसी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया।

    इन फिल्मों की 31वें दिन की कमाई की बात करें तो ‘धुरंधर’ ने 12.75 करोड़ रुपये, ‘छावा’ ने 8 करोड़ रुपये, ‘उरी’ ने 5.66 करोड़ रुपये और ‘स्त्री 2’ ने 5.40 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था। वहीं ‘धुरंधर 2’ ने 4.65 करोड़ रुपये, ‘महावतार नरसिम्हा’ ने 6.15 करोड़ रुपये, ‘पुष्पा 2’ ने 5.50 करोड़ रुपये, ‘तान्हाजी’ ने 3.45 करोड़ रुपये और ‘बाहुबली 2’ ने 3.16 करोड़ रुपये की कमाई की थी।

    ‘हनुमान अंश’ के अब तक के कुल कारोबार पर नजर डालें तो फिल्म ने 122.13 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया है। वहीं इसका ग्रॉस कलेक्शन 144.40 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। हालांकि फिल्म की शुरुआत बेहद धीमी रही थी। रिलीज के पहले दिन फिल्म ने केवल 10 लाख रुपये कमाए थे। पहले सप्ताह में भी फिल्म का कारोबार सिर्फ 1.08 करोड़ रुपये रहा था। उस समय फिल्म को लगभग 300 से 400 शोज ही मिले थे।

    दूसरे सप्ताह में फिल्म के शोज की संख्या और घट गई थी। उस दौरान इसे सिर्फ 25 से 30 शोज मिले और फिल्म ने महज 40 लाख रुपये का कारोबार किया। इसके बाद तीसरे सप्ताह में फिल्म की स्थिति पूरी तरह बदल गई। दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया का असर बॉक्स ऑफिस पर दिखाई दिया और फिल्म ने तीसरे सप्ताह में 10.40 करोड़ रुपये की कमाई कर ली।

    चौथे सप्ताह में फिल्म ने उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन करते हुए 61 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसके बाद फिल्म की कमाई लगातार बढ़ती गई। 29वें दिन फिल्म ने 10 करोड़ रुपये, 30वें दिन 16.50 करोड़ रुपये और 31वें दिन 22.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया।

    फिल्म के शोज की संख्या भी अब बढ़कर करीब सात हजार तक पहुंच गई है। धीमी शुरुआत के बाद ‘हनुमान अंश’ का इस तरह तेजी से आगे बढ़ना बॉक्स ऑफिस पर इसकी मजबूत होती पकड़ को दिखाता है। 31वें दिन की कमाई ने फिल्म के खाते में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी है।

  • ‘अब 25 साल का नहीं हूं’, सैफ अली खान ने बताया क्यों बदलना चाहते हैं फिल्मों का चुनाव, हैवान हादसे का भी किया खुलासा

    ‘अब 25 साल का नहीं हूं’, सैफ अली खान ने बताया क्यों बदलना चाहते हैं फिल्मों का चुनाव, हैवान हादसे का भी किया खुलासा

    नई दिल्ली । अभिनेता सैफ अली खान अपने करियर के इस दौर में ऐसी फिल्मों और किरदारों की ओर बढ़ना चाहते हैं, जिनमें कहानी के साथ अभिनय की चुनौती भी हो। आगामी फिल्म हैवान में वह एक नेत्रहीन व्यक्ति की भूमिका निभा रहे हैं, जो परिस्थितियों से हारने के बजाय अपनी समझ और क्षमताओं के सहारे मुश्किलों का सामना करता है। सैफ ने बताया कि इस तरह का किरदार स्वीकार करने की सबसे बड़ी वजह फिल्म की कहानी और निर्देशक प्रियदर्शन का उन पर भरोसा था।

    सैफ के मुताबिक, अब वह अपने करियर में थोड़ा बदलाव करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उम्र और अनुभव के साथ फिल्में चुनने का नजरिया भी बदलता है। वह ऐसी कहानियां करना चाहते हैं, जिनमें सस्पेंस, थ्रिल और मजबूत किरदार हों। उन्होंने अजय देवगन की दृश्यम जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए कहा कि अब वह उसी तरह के परिपक्व विषयों वाली फिल्मों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उनके लिए हैवान का किरदार इसलिए खास है क्योंकि वह केवल सहानुभूति पाने वाला व्यक्ति नहीं है, बल्कि उसमें अपनी परिस्थितियों से लड़ने की क्षमता भी है।

    फिल्म में सैफ का किरदार नेत्रहीन है, लेकिन उसकी सुनने की क्षमता असाधारण है। वह हवा में उछली गेंद तक पकड़ सकता है। उसकी मां ने उसे संगीत और वायलिन की शिक्षा दी है, जबकि उसके पिता ने उसे मार्शल आर्ट सिखाया है। यही खूबियां उसके किरदार को सामान्य कमजोर या असहाय व्यक्ति से अलग बनाती हैं। सैफ ने माना कि ऐसे किरदार उन्हें कम ही मिले हैं और इस भूमिका को निभाने में उन्हें काफी आनंद आया।

    हैवान में सैफ के सामने अक्षय कुमार एक अलग और नकारात्मक अंदाज में नजर आएंगे। दोनों कलाकार इससे पहले साथ काम कर चुके हैं, लेकिन इस बार उनकी भूमिकाओं का समीकरण बिल्कुल अलग है। सैफ ने बताया कि अक्षय का फिल्म में शामिल होना उनके लिए किसी तोहफे से कम नहीं था। दूसरे प्रमुख किरदार के लिए कलाकार की तलाश चल रही थी, तभी अक्षय ने स्वयं इस भूमिका को निभाने की इच्छा जताई। नकारात्मक किरदार होने के बावजूद उन्होंने इसे चुनौती के रूप में स्वीकार किया।

    फिल्म के एक्शन दृश्यों की शूटिंग के दौरान सैफ को एक हादसे का सामना भी करना पड़ा। एक दृश्य में पुलिसकर्मी को उन्हें कांच के सामने धक्का देना था। निर्देश के मुताबिक धक्का ज्यादा तेज नहीं होना था, लेकिन शूटिंग के दौरान जोर कुछ अधिक लग गया। इसके बाद पूरा कांच टूट गया और सैफ उसके सामने गिर पड़े। उन्होंने बताया कि उस समय उन्हें गंभीर चोट का एहसास नहीं हुआ, लेकिन बाद में शरीर पर पड़े असर का पता चला और उन्हें करीब दो दिन आराम करना पड़ा।

    सैफ ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ एक्शन करना पहले की तुलना में अधिक मेहनत वाला काम हो गया है। कलाकारों से अब भी युवा उम्र जैसी ऊर्जा और स्टंट की उम्मीद की जाती है, लेकिन शरीर पर उसका असर पड़ता है। इसके बावजूद सैफ को एक्शन करना पसंद है। उन्होंने फिल्म में पुलिस स्टेशन के अंदर फिल्माए गए एक्शन दृश्य को अपने पसंदीदा दृश्यों में बताया। अक्षय के साथ फाइट भी फिल्म का अहम हिस्सा है।

    ओटीटी के अनुभव को लेकर सैफ ने कहा कि लंबे फॉर्मेट में कलाकार को किरदार को गहराई से समझने और उसे लंबे समय तक जीने का अवसर मिलता है। सेक्रेड गेम्स जैसे प्रोजेक्ट में लंबे समय तक एक ही भूमिका निभाने से उन्हें अपने अभिनय में बदलाव और गहराई महसूस हुई। उनका मानना है कि ओटीटी और बड़े पर्दे दोनों के अपने फायदे हैं और कलाकार को दोनों माध्यमों में अच्छे अवसर मिलने चाहिए।

    आने वाले प्रोजेक्ट को लेकर सैफ ने कियारा आडवाणी के साथ संभावित फिल्म पर भी बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी बातचीत चल रही है और फिल्म साइन होने के बाद ही वह इसके बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

  • हनुमान अंश की सफलता के बीच निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने बॉलीवुड से समर्थन न मिलने पर खुलकर नाराजगी जताई

    हनुमान अंश की सफलता के बीच निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने बॉलीवुड से समर्थन न मिलने पर खुलकर नाराजगी जताई


    नई दिल्ली । हनुमान अंश इन दिनों दर्शकों के बीच चर्चा में बनी हुई है। फिल्म को सिनेमाघरों में दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और बॉक्स ऑफिस पर भी इसके प्रदर्शन में लगातार सुधार देखने को मिला है। इसी बीच फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने रिलीज से पहले सामने आई चुनौतियों और बॉलीवुड से मिले समर्थन को लेकर अपनी बात रखी है।

    विशाल चतुर्वेदी के अनुसार फिल्म को रिलीज के शुरुआती दौर में पर्याप्त स्क्रीन और शो नहीं मिल पाए थे। उन्होंने बताया कि बड़ी फिल्मों को प्राथमिकता दिए जाने के कारण हनुमान अंश के शो की संख्या में काफी कटौती हुई थी। उनके मुताबिक फिल्म के शो करीब 250 से घटकर केवल 25 रह गए थे।

    निर्देशक ने कहा कि फिल्म रिलीज से पहले उन्होंने इंडस्ट्री के कुछ लोगों से मदद की उम्मीद की थी, लेकिन उन्हें वह समर्थन नहीं मिला। हालांकि फिल्म के चलने के बाद कई लोगों ने उन्हें फोन करके बधाई दी। उन्होंने ऐसे लोगों के नाम सार्वजनिक करने से इनकार किया, जिनसे उन्होंने पहले मदद मांगी थी।

    विशाल ने इस दौरान फिल्म इंडस्ट्री की कार्यशैली पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि कई बार लोग किसी फिल्म को लेकर बिना पूरी जानकारी के अपनी राय बना लेते हैं और फिल्म के सफल होने की संभावना पर सवाल उठाते हैं। उनके मुताबिक कुछ लोग फिल्म निर्माण को लेकर वास्तविक जुनून के साथ काम करते हैं, जबकि कुछ लोग इसे केवल एक विकल्प या प्रयोग के तौर पर देखते हैं।

    निर्देशक ने हालांकि मधुर भंडारकर का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मधुर भंडारकर ने फिल्म की रिलीज से पहले उनसे किसी तरह का समर्थन मांगे जाने के बावजूद फिल्म देखने के बाद उनकी तारीफ की। उनके अनुसार मधुर भंडारकर उन लोगों में शामिल थे, जिन्होंने फिल्म देखने के बाद उन्हें शुभकामनाएं दीं।

    मधुर भंडारकर ने फिल्म देखने के बाद इसके निर्देशन और कलाकारों के अभिनय की सराहना की थी। उन्होंने फिल्म को सिनेमाई अनुभव बताया और विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन की तारीफ की। फिल्म में शोभिनव सत्य ने नीम करौली बाबा की भूमिका निभाई है, जिसे लेकर भी दर्शकों की प्रतिक्रिया सामने आई है।

    फिल्म को अभिनेत्री कंगना रनौत की ओर से भी समर्थन मिला है। उन्होंने दर्शकों से सिनेमाघरों में जाकर फिल्म देखने की अपील की थी और इसे आध्यात्मिक अनुभव से जोड़ते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी थी।

    हनुमान अंश की कहानी नीम करौली बाबा के जीवन से प्रेरित है। फिल्म को विशाल चतुर्वेदी ने लिखा और निर्देशित किया है। रिलीज के शुरुआती दिन फिल्म की कमाई करीब 10 लाख रुपये रही थी, लेकिन दर्शकों के बीच चर्चा बढ़ने के साथ इसके कारोबार में तेजी आई।

    उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार फिल्म ने अब तक करीब 72.88 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। शुरुआती सीमित शो के बावजूद फिल्म का प्रदर्शन बेहतर होने को इसके लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। निर्देशक की ताजा टिप्पणी ऐसे समय आई है जब फिल्म को दर्शकों से मिल रही प्रतिक्रिया के कारण इसकी चर्चा लगातार बढ़ रही है।

    फिल्म की सफलता के बीच विशाल चतुर्वेदी की टिप्पणियों ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में नए और अलग विषयों पर काम करने वाले फिल्मकारों को मिलने वाले समर्थन को लेकर एक नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है।

  • ऋषि कपूर जयंती: बॉबी से अग्निपथ तक उनके ये यादगार किरदार आज भी दर्शकों के बीच खास पहचान रखते हैं

    ऋषि कपूर जयंती: बॉबी से अग्निपथ तक उनके ये यादगार किरदार आज भी दर्शकों के बीच खास पहचान रखते हैं

    नई दिल्ली ।हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर की जयंती पर उनके शानदार फिल्मी सफर और यादगार किरदार एक बार फिर चर्चा में हैं। 4 सितंबर 1952 को मुंबई के चेंबूर में जन्मे ऋषि कपूर ने बेहद कम उम्र में कैमरे का सामना किया था। 1970 में आई फिल्म मेरा नाम जोकर में उन्होंने अपने पिता राज कपूर के बचपन की भूमिका निभाई थी।

    बतौर मुख्य अभिनेता ऋषि कपूर ने 1973 में फिल्म बॉबी से शुरुआत की। इस फिल्म में उन्होंने राजनाथ का किरदार निभाया था और डिंपल कपाड़िया उनके साथ मुख्य भूमिका में थीं। फिल्म की सफलता ने ऋषि कपूर को युवा दर्शकों के बीच लोकप्रिय बना दिया। उनकी मासूम प्रेमी वाली छवि लंबे समय तक हिंदी सिनेमा में उनकी पहचान बनी रही।

    इसके बाद 1976 में आई लैला मजनू में उन्होंने मजनू की भूमिका निभाकर रोमांटिक अभिनय का एक और प्रभावशाली उदाहरण पेश किया। प्रेम और विरह से जुड़े इस किरदार में उनकी भावनात्मक प्रस्तुति दर्शकों को पसंद आई और उनके करियर को मजबूती मिली।

    1977 की अमर अकबर एंथनी में ऋषि कपूर ने अकबर इलाहाबादी का किरदार निभाया। अमिताभ बच्चन और विनोद खन्ना के साथ वाली इस फिल्म में उनका अंदाज अलग था। नीतू सिंह के साथ उनकी जोड़ी को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया।

    1982 में आई प्रेम रोग ऋषि कपूर के करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल रही। फिल्म में उन्होंने देवधर की भूमिका निभाई। सामाजिक विषय से जुड़ी इस कहानी में उनके अभिनय ने यह दिखाया कि वह केवल रोमांटिक भूमिकाओं तक सीमित अभिनेता नहीं थे।

    समय के साथ ऋषि कपूर ने अपनी छवि बदलने की कोशिश की। 2009 की लव आज कल में उन्होंने वीर सिंह का किरदार निभाया। फिल्म में उनका सरदार वाला रूप और उम्रदराज प्रेम कहानी का हिस्सा दर्शकों के सामने उनके अभिनय का अलग पक्ष लेकर आया।

    2012 की अग्निपथ में ऋषि कपूर ने राउफ लाला का नकारात्मक किरदार निभाया। यह उनके करियर के सबसे चर्चित बदलावों में से एक था। पर्दे पर पहली बार खलनायक की भूमिका में उनका अंदाज काफी प्रभावशाली रहा और उन्होंने साबित किया कि उम्र के साथ अभिनेता अपनी स्क्रीन पहचान को पूरी तरह बदल सकता है।

    2013 में डी-डे में उन्होंने इकबाल नामक माफिया डॉन का किरदार निभाया। इस भूमिका में उनका गंभीर और कठोर रूप देखने को मिला। इसके बाद 2016 की कपूर एंड संस में उन्होंने 90 वर्षीय दादा अमरजीत की भूमिका निभाई और अपने मेकअप तथा अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया।

    2018 में 102 नॉट आउट में उन्होंने 75 वर्षीय बेटे बाबूलाल की भूमिका निभाई, जबकि अमिताभ बच्चन उनके 102 वर्षीय पिता बने। इसी वर्ष मुल्क में मुराद अली मोहम्मद के रूप में ऋषि कपूर ने एक संवेदनशील और गंभीर किरदार निभाया।

    ऋषि कपूर का निधन 30 अप्रैल 2020 को हुआ, लेकिन उनके अभिनय की विविधता आज भी उन्हें हिंदी सिनेमा के यादगार कलाकारों में बनाए हुए है। उनकी जयंती पर उनके किरदार यह याद दिलाते हैं कि उन्होंने अपने करियर में लगातार अलग-अलग भूमिकाओं को अपनाकर अभिनय की व्यापक क्षमता दिखाई।

  • अरहान खान की पहली फिल्म की स्क्रिप्ट अंतिम चरण में, अनिरुद्ध अय्यर के निर्देशन में एक्शन हीरो के रूप में दिखेंगे

    अरहान खान की पहली फिल्म की स्क्रिप्ट अंतिम चरण में, अनिरुद्ध अय्यर के निर्देशन में एक्शन हीरो के रूप में दिखेंगे

    नई दिल्ली ।अरबाज खान और मलाइका अरोड़ा के बेटे अरहान खान जल्द ही बॉलीवुड में बतौर अभिनेता अपनी नई पारी शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। लंबे समय से उनके फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने को लेकर चर्चा होती रही है, लेकिन अब उनके संभावित डेब्यू प्रोजेक्ट को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि अरहान को एक बड़ी एक्शन फिल्म के जरिए बतौर हीरो लॉन्च किया जाएगा।

    अरहान खान को इससे पहले परिवार और दोस्तों के साथ कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में देखा गया है। हालांकि, अभिनय के क्षेत्र में उनकी औपचारिक शुरुआत अब तक नहीं हुई थी। नई जानकारी के अनुसार उनकी पहली फिल्म एक्शन आधारित होगी और इसमें वह मुख्य भूमिका निभाते नजर आ सकते हैं। फिल्म के निर्देशन की जिम्मेदारी अनिरुद्ध अय्यर के पास बताई जा रही है।

    अनिरुद्ध अय्यर इससे पहले एक्शन शैली की फिल्म का निर्देशन कर चुके हैं। अरहान की डेब्यू फिल्म की कहानी और पटकथा फिलहाल अंतिम चरण में होने की जानकारी है। ऐसे में फिल्म से जुड़े अन्य कलाकारों, शूटिंग शेड्यूल और रिलीज डेट को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।

    अरहान के फिल्मी करियर को लेकर उनके पिता अरबाज खान भी पहले अपनी बात रख चुके हैं। अरबाज का कहना रहा है कि अरहान के लिए उनके पास फिल्म की स्क्रिप्ट आ सकती है, लेकिन वह यह भी मानते हैं कि देश में कई फिल्म निर्माता नए चेहरों और प्रतिभाओं की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया था कि अगर किसी अन्य फिल्म निर्माता के पास अरहान के लिए उपयुक्त प्रस्ताव आता है तो वह उस पर भी विचार कर सकते हैं।

    अरबाज ने यह भी स्पष्ट किया था कि अगर उनके पास अरहान के लिए कोई उपयुक्त प्रोजेक्ट आता है तो वह उसे जरूर प्रस्तावित करेंगे, लेकिन अंतिम फैसला अरहान को खुद लेने देंगे। इससे यह संकेत मिलता है कि उनके करियर को लेकर परिवार की ओर से अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनकी अपनी पसंद को भी महत्व दिया जाएगा।

    अभिनय में कदम रखने से पहले अरहान डिजिटल माध्यम पर भी अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर चुके हैं। उन्होंने अपने दोस्तों देव और आरुष के साथ पॉडकास्ट शुरू किया था, जिसका नाम दम बिरयानी रखा गया। इस पॉडकास्ट में परिवार से जुड़े लोगों की मौजूदगी भी देखने को मिली थी। इसके जरिए अरहान को कैमरे के सामने बातचीत और प्रस्तुति का अनुभव मिला।

    अरहान का फिल्मी बैकग्राउंड भी उनके डेब्यू को चर्चा में बनाए हुए है। उनके पिता अरबाज खान अभिनेता होने के साथ निर्माता और निर्देशक के रूप में भी काम कर चुके हैं। उन्होंने 1996 में फिल्म दरार से अभिनय की शुरुआत की थी और कई फिल्मों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। इसके अलावा उन्होंने दबंग 2 का निर्देशन भी किया था।

    वहीं मलाइका अरोड़ा मनोरंजन जगत में अभिनेत्री, मॉडल और डांसर के रूप में लंबे समय से सक्रिय हैं। उनके कई लोकप्रिय डांस नंबर दर्शकों के बीच खास पहचान बना चुके हैं। ऐसे में अरहान के बॉलीवुड डेब्यू को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी स्वाभाविक रूप से बढ़ी हुई है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि उनकी पहली फिल्म की आधिकारिक घोषणा कब होती है और एक्शन भूमिका में उनका प्रदर्शन कैसा रहता है।

  • करीना कपूर की वजह से अमिताभ बच्चन के रिश्तेदार बने सैफ अली खान, KBC में बिग बी के सवाल पर कन्फ्यूज हुए एक्टर

    करीना कपूर की वजह से अमिताभ बच्चन के रिश्तेदार बने सैफ अली खान, KBC में बिग बी के सवाल पर कन्फ्यूज हुए एक्टर


    नई दिल्ली। अमिताभ बच्चन इन दिनों कौन बनेगा करोड़पति के नए सीजन को लेकर चर्चा में हैं। शो में हर बार की तरह इस बार भी मनोरंजन के साथ सितारों की निजी जिंदगी से जुड़े दिलचस्प किस्से सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में शो के एक प्रोमो ने दर्शकों का ध्यान खींचा है जिसमें अक्षय कुमार और सैफ अली खान हॉटसीट पर बैठे नजर आ रहे हैं। दोनों अपनी आने वाली फिल्म हैवान के प्रमोशन के लिए शो में पहुंचे थे। बातचीत के दौरान अमिताभ बच्चन ने सैफ के साथ अपने रिश्ते का ऐसा कनेक्शन बताया जिसे सुनकर खुद सैफ भी हैरान रह गए।

    दरअसल अमिताभ बच्चन ने बातचीत के बीच सैफ से कहा कि बहुत कम लोग उनके और सैफ के रिश्ते के बारे में जानते हैं। यह सुनते ही सैफ ने हैरानी से पूछा कि कौन मैं। इसके बाद बिग बी ने कपूर परिवार के जरिए इस रिश्ते की पूरी कड़ी समझाई। अमिताभ ने बताया कि राज कपूर की बेटी रीतू नंदा के बेटे निखिल नंदा हैं। निखिल नंदा ने अमिताभ बच्चन की बेटी श्वेता बच्चन से शादी की है। इस तरह बच्चन और कपूर परिवार के बीच पहले से ही पारिवारिक रिश्ता जुड़ा हुआ है।

    यहीं से सैफ अली खान का कनेक्शन भी सामने आता है। राज कपूर करीना कपूर के दादा थे और निखिल नंदा तथा करीना कपूर आपस में कजिन भाई बहन हैं। सैफ अली खान ने करीना कपूर से शादी की है। ऐसे में करीना के जरिए सैफ का रिश्ता बच्चन परिवार से भी जुड़ जाता है। अमिताभ बच्चन ने इसी पारिवारिक कनेक्शन को मजाकिया अंदाज में सैफ के सामने रखा।

    इसके बाद बिग बी ने सैफ से पूछा कि आखिर उनका और सैफ का क्या रिश्ता हुआ और करीना उन्हें क्या कहेंगी। अचानक सामने आए इस सवाल ने सैफ को थोड़ा उलझा दिया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अच्छा हुआ यह सवाल KBC का हिस्सा नहीं था। सैफ का जवाब सुनकर अमिताभ बच्चन और अक्षय कुमार अपनी हंसी नहीं रोक पाए। अक्षय ने भी मस्ती करते हुए सैफ को छेड़ा।

    अमिताभ बच्चन और सैफ अली खान की ऑनस्क्रीन जोड़ी भी दर्शकों के लिए नई नहीं है। दोनों कलाकार इससे पहले एकलव्य द रॉयल गार्ड और आरक्षण जैसी फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं। दोनों की फिल्मों में अलग अलग तरह की भूमिकाएं देखने को मिली हैं और उनकी स्क्रीन प्रेजेंस को भी पसंद किया गया है।

    वहीं सैफ अली खान और अक्षय कुमार अब लंबे समय बाद फिल्म हैवान में एक साथ नजर आने वाले हैं। फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन कर रहे हैं। इसमें सैफ एक दृष्टिबाधित व्यक्ति की भूमिका में दिखाई देंगे जबकि अक्षय कुमार नकारात्मक किरदार में नजर आएंगे। दोनों की पुरानी दोस्ती और साथ काम करने का इतिहास इस फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ा रहा है। हैवान 11 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

    इस तरह KBC का यह प्रोमो सिर्फ फिल्म प्रमोशन तक सीमित नहीं रहा बल्कि अमिताभ और सैफ के परिवारों के बीच जुड़े रिश्ते की दिलचस्प कड़ी भी सामने ले आया। सबसे खास बात यह रही कि जिस रिश्ते को जानकर दर्शक हैरान हुए उसी कनेक्शन को लेकर सैफ खुद भी कुछ पल के लिए कन्फ्यूज नजर आए।

  • बड़े स्टार नहीं बड़ा बजट नहीं फिर भी बॉक्स ऑफिस पर छाई हनुमान अंश, 26वें दिन 50 करोड़ पार

    बड़े स्टार नहीं बड़ा बजट नहीं फिर भी बॉक्स ऑफिस पर छाई हनुमान अंश, 26वें दिन 50 करोड़ पार


    नई दिल्ली। बॉक्स ऑफिस पर इस समय फिल्म हनुमान अंश की सफलता ने सभी को हैरान कर दिया है. अगस्त में रिलीज हुई इस फिल्म ने शुरुआत में बेहद धीमी रफ्तार पकड़ी लेकिन बाद में इसकी कमाई ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि बड़े बजट की फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया. करीब 2 करोड़ रुपये की लागत में तैयार हुई हनुमान अंश ने 26 दिनों में 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का नेट कलेक्शन कर लिया है. कम बजट और बिना बड़े सितारों वाली इस फिल्म की कमाई को इंडस्ट्री में एक बड़ी मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है.

    हनुमान अंश 7 अगस्त को देशभर में 355 स्क्रीन्स पर रिलीज हुई थी. रिलीज के पहले दिन फिल्म ने केवल 10 लाख रुपये की कमाई की थी. शुरुआती आंकड़ों को देखकर ऐसा नहीं लग रहा था कि फिल्म आगे चलकर इतना बड़ा कारोबार कर पाएगी. पहले 15 दिनों तक भी फिल्म की रफ्तार काफी सुस्त रही. कई दिनों में इसकी कमाई महज कुछ लाख रुपये तक सीमित रही.

    इसके बाद फिल्म की कहानी पूरी तरह बदल गई. तीसरे शनिवार को हनुमान अंश की कमाई में बड़ा उछाल देखने को मिला और फिल्म ने करीब 85 लाख रुपये जुटाए. अगले दिन रविवार को इसकी कमाई सीधे 2.20 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. शुरुआती दो हफ्तों में जहां फिल्म करीब 40 लाख रुपये ही कमा पाई थी वहीं तीसरे हफ्ते में इसने लगभग 10 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया. इसके साथ ही फिल्म की कुल कमाई करीब 10.40 करोड़ रुपये तक पहुंच गई.

    फिल्म की असली रफ्तार तीसरे हफ्ते के बाद देखने को मिली. उस समय सिनेमाघरों में कई दूसरी बड़ी फिल्में भी मौजूद थीं और उन्हें ज्यादा स्क्रीन मिली हुई थीं. इसके बावजूद हनुमान अंश ने दर्शकों के बीच अपनी पकड़ मजबूत कर ली. 21वें दिन के बाद फिल्म की कमाई में लगातार तेजी देखने को मिली.

    चौथे हफ्ते में फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसा प्रदर्शन किया जिसकी शायद किसी ने उम्मीद नहीं की थी. कई दिनों में फिल्म ने 6 से 7 करोड़ रुपये तक की कमाई की. चौथे रविवार को तो फिल्म ने करीब 12 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन किया. अकेले चौथे हफ्ते में हनुमान अंश ने लगभग 43.23 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया.

    26वें दिन फिल्म ने 50 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया. इसके बाद चौथे मंगलवार को भी फिल्म ने करीब 8 करोड़ रुपये की कमाई की और इसकी कुल नेट कमाई 53.63 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. महज 2 करोड़ रुपये के बजट से बनी इस फिल्म का यह कारोबार करीब 25 गुना से ज्यादा बैठता है.

    हनुमान अंश की सफलता इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि फिल्म को शुरुआत में दर्शकों का बहुत बड़ा समर्थन नहीं मिला था. लेकिन धीरे धीरे माउथ पब्लिसिटी ने माहौल बदल दिया. फिल्म की कहानी और विषय ने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचना शुरू किया और कम स्क्रीन के बावजूद इसकी कमाई बढ़ती चली गई.

    फिल्म की यह सफलता बताती है कि बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ बड़ा बजट या बड़े सितारे ही सफलता की गारंटी नहीं होते. मजबूत कहानी और दर्शकों से जुड़ाव भी किसी फिल्म को लंबी रेस का खिलाड़ी बना सकता है. अगर हनुमान अंश की रफ्तार आने वाले दिनों में भी बनी रहती है तो इसके 100 करोड़ रुपये के आंकड़े की ओर बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है.

  • इला अरुण ने फेमिनिज्म और महिलाओं की बदलती स्थिति पर कहा, बराबरी के साथ जिम्मेदारी और शोषण के खिलाफ आवाज जरूरी

    इला अरुण ने फेमिनिज्म और महिलाओं की बदलती स्थिति पर कहा, बराबरी के साथ जिम्मेदारी और शोषण के खिलाफ आवाज जरूरी

    नई दिल्ली ।महिला समानता दिवस के मौके पर अभिनेत्री और गायिका इला अरुण ने सिनेमा में महिलाओं की स्थिति, अपने करियर और फेमिनिज्म को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने अपने चर्चित गीत चोली के पीछे क्या है से जुड़ी पहचान का जिक्र करते हुए कहा कि इस गीत ने उन्हें लोकप्रियता तो दी, लेकिन इसके साथ उनके ऊपर एक ऐसा ठप्पा भी लगा, जिसके कारण उनके दूसरे कामों पर पर्याप्त ध्यान नहीं गया।

    इला अरुण ने कहा कि लोगों ने उनके कई अन्य गीतों और एल्बमों को उस तरह नहीं सुना, जिस तरह एक चर्चित फिल्मी गीत को सुना गया। उनका मानना है कि सिनेमा का प्रभाव बहुत व्यापक होता है और किसी एक लोकप्रिय गीत या किरदार के आधार पर कलाकार की पूरी पहचान तय कर देना उचित नहीं है।

    उन्होंने अपने अभिनय करियर के अलग-अलग किरदारों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक कलाकार को लगातार नई भूमिकाएं निभानी पड़ती हैं। उन्होंने स्क्रीन पर मां, सौतेली मां, मजबूत महिला और वेश्या जैसे अलग-अलग किरदार निभाए हैं, लेकिन इनमें से कोई भी भूमिका उनकी वास्तविक व्यक्तिगत पहचान को परिभाषित नहीं करती। उनके अनुसार कलाकार के किरदार और उसके निजी व्यक्तित्व के बीच अंतर समझना जरूरी है।

    समाज और महिलाओं के रिश्ते पर इला अरुण ने कहा कि वह न तो समाज के दबाव में रहती हैं और न ही समाज को पूरी तरह नजरअंदाज करती हैं। उनका मानना है कि व्यक्ति और समाज साथ-साथ चलते हैं। उन्होंने खास तौर पर महिलाओं द्वारा मिले समर्थन और प्यार को महत्वपूर्ण बताया।

    फिल्म उद्योग में महिलाओं के साथ भेदभाव के सवाल पर इला ने अपने अनुभव को अलग तरीके से रखा। उन्होंने कहा कि बतौर चरित्र कलाकार उन्हें व्यक्तिगत तौर पर ऐसा भेदभाव बहुत अधिक महसूस नहीं हुआ, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि उनके दौर में महिलाओं को लेकर सोच में अंतर नहीं था। उन्होंने कहा कि पहले महिलाओं के लिए केंद्रित और मजबूत भूमिकाओं वाली कहानियां अपेक्षाकृत कम लिखी जाती थीं।

    इला के अनुसार, समय के साथ इस स्थिति में बदलाव आया है। अब महिलाओं को केंद्र में रखकर कहानियां लिखी जा रही हैं और महिला प्रधान भूमिकाओं के लिए पहले की तुलना में अधिक अवसर दिखाई देते हैं। उनका मानना है कि दर्शकों की पसंद भी इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि दर्शक महिलाओं की मजबूत कहानियों वाली फिल्में देखते हैं तो फिल्म उद्योग भी ऐसी परियोजनाओं में निवेश करने के लिए आगे आता है।

    देश में महिलाओं की स्थिति पर इला अरुण ने कहा कि पूरे भारत को एक ही नजरिए से देखना संभव नहीं है। अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों में परिस्थितियां अलग हैं। उन्होंने माना कि कई जगहों पर आज भी लड़कियों को शिक्षा नहीं मिलती और कम उम्र में विवाह जैसी समस्याएं मौजूद हैं, लेकिन इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि देश धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है।

    उन्होंने पुरुषों के नजरिए में भी बदलाव की बात कही। उनके अनुसार आज कई पुरुष अधिक संवेदनशील हो रहे हैं, परिवार में जिम्मेदारियां साझा कर रहे हैं और अपनी पत्नियों तथा बच्चों के प्रति सहयोगी भूमिका निभा रहे हैं।

    फेमिनिज्म पर इला अरुण ने संतुलित दृष्टिकोण रखने की बात कही। उन्होंने महिलाओं के अधिकार और बराबरी की जरूरत को स्वीकार किया, लेकिन कहा कि किसी भी विचार का गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार बराबरी का अर्थ किसी के साथ अनुचित व्यवहार करना या जिम्मेदारी से मुक्त हो जाना नहीं है।

    उन्होंने महिलाओं के शोषण के मामलों में आवाज उठाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि पेशेवर जीवन में गलत व्यवहार का सामना करने वाली कई महिलाएं डर या दबाव के कारण बोल नहीं पातीं। ऐसी महिलाओं के लिए समाज और अन्य लोगों को आगे आकर समर्थन देना चाहिए। इला के विचारों में महिला समानता का अर्थ अधिकारों के साथ जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और एक दूसरे के समर्थन से जुड़ा हुआ है।

  • श्रद्धा कपूर के आइकॉनिक एक्शन सीन के पीछे थीं नादिन थेरॉन, ‘स्त्री 2’ के बीटीएस वीडियो ने खोला बड़ा राज

    श्रद्धा कपूर के आइकॉनिक एक्शन सीन के पीछे थीं नादिन थेरॉन, ‘स्त्री 2’ के बीटीएस वीडियो ने खोला बड़ा राज

    नई दिल्ली । राजकुमार राव और श्रद्धा कपूर स्टारर हॉरर कॉमेडी फिल्म ‘स्त्री 2’ ने रिलीज के बाद दर्शकों के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की थी। फिल्म में कहानी, कॉमेडी और हॉरर के साथ कई ऐसे एक्शन सीक्वेंस भी देखने को मिले थे, जिनमें श्रद्धा कपूर का किरदार काफी प्रभावशाली नजर आया। अब फिल्म की रिलीज के करीब दो साल बाद इससे जुड़ा एक ऐसा खुलासा सामने आया है, जिसने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। फिल्म में श्रद्धा कपूर के लिए कई मुश्किल स्टंट करने वाली प्रोफेशनल स्टंट आर्टिस्ट नादिन थेरॉन ने पर्दे के पीछे की झलकियां साझा की हैं।

    नादिन थेरॉन दक्षिण अफ्रीकी अभिनेत्री और प्रोफेशनल स्टंट परफॉर्मर हैं। उन्होंने बॉलीवुड की कई फिल्मों में मुख्य कलाकारों के बॉडी डबल के तौर पर काम किया है। ‘स्त्री 2’ में भी उन्होंने श्रद्धा कपूर के किरदार से जुड़े कई रोमांचक एक्शन दृश्यों को परफॉर्म किया था। नादिन ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर फिल्म के सेट से जुड़े बिहाइंड द सीन वीडियो और तस्वीरें साझा कीं। इन दृश्यों में वह श्रद्धा कपूर के किरदार के लिए स्टंट करती हुई दिखाई दे रही हैं।

    नादिन द्वारा साझा किए गए वीडियो में फिल्म के कुछ ऐसे एक्शन सीक्वेंस नजर आते हैं, जिन्हें दर्शकों ने सिनेमाघरों में श्रद्धा कपूर के किरदार के हिस्से के रूप में देखा था। खास तौर पर श्रद्धा के किरदार से जुड़ा चोटी लहराने वाला चर्चित स्टंट भी नादिन करती दिखाई देती हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स को यह जानकर हैरानी हुई कि पर्दे पर दिखाई देने वाले सभी मुश्किल एक्शन मूवमेंट श्रद्धा कपूर ने खुद नहीं किए थे।

    नादिन ने ‘स्त्री 2’ से जुड़े अपने अनुभव को याद करते हुए बताया कि यह उनके लिए बेहद मजेदार प्रोजेक्ट था। उन्होंने भारत में काम करने, अलग-अलग तरह के स्टंट और कैमरे के सामने प्रदर्शन करने के अनुभव को खास बताया। उन्होंने श्रद्धा कपूर के साथ काम करने का मौका मिलने पर भी खुशी जताई। उनके पोस्ट से यह स्पष्ट हुआ कि फिल्म के एक्शन दृश्यों को तैयार करने में पर्दे के पीछे स्टंट टीम की भी अहम भूमिका थी।

    नादिन थेरॉन का फिल्मी काम सिर्फ ‘स्त्री 2’ तक सीमित नहीं है। वह हालिया समय में आलिया भट्ट की फिल्म ‘अल्फा’ से भी जुड़ी रही हैं। उन्होंने इस फिल्म में आलिया भट्ट के बॉडी डबल के तौर पर एक्शन सीक्वेंस परफॉर्म किए हैं। नादिन ने ‘अल्फा’ के सेट से जुड़े बिहाइंड द सीन वीडियो भी साझा किए हैं, जिनमें उनके स्टंट काम की झलक दिखाई देती है।

    बॉलीवुड फिल्मों में बड़े एक्शन दृश्यों को पर्दे पर प्रभावशाली बनाने के लिए प्रोफेशनल स्टंट कलाकारों और बॉडी डबल्स की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। कलाकार कैमरे के सामने किरदार और भावनाओं को जीवंत करते हैं, जबकि बेहद जोखिम वाले या तकनीकी रूप से कठिन दृश्यों में प्रशिक्षित स्टंट कलाकार उनकी मदद करते हैं। ‘स्त्री 2’ से सामने आया नादिन का वीडियो इसी पर्दे के पीछे की मेहनत को सामने लाता है।

    फिल्म की रिलीज के लंबे समय बाद नादिन थेरॉन का यह खुलासा अब प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। श्रद्धा कपूर के प्रशंसकों के लिए यह वीडियो फिल्म के चर्चित दृश्यों को एक नए नजरिए से देखने का मौका भी देता है। पर्दे पर कुछ सेकंड के लिए दिखाई देने वाले खतरनाक स्टंट के पीछे कितनी तैयारी और विशेषज्ञता होती है, नादिन के साझा किए गए बीटीएस वीडियो उसकी झलक दिखाते हैं।